अवमामना मामले में सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया गया कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ अदालत की अवमानना करने वाले इंटरनेट मीडिया पोस्ट अभी तक डिलीट नहीं किए हैं। याचिकाकर्ता अशोक चैतन्य ने यह जानकारी न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्ति अरुण भारद्वाज की पीठ को दी। इस पर अदालत ने चैतन्य को हलफनामा दाखिल करने और संबंधित सामग्री को रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश दिया। साथ ही पीठ ने केजरीवाल सहित अन्य को अपना जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया। मामले पर अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। अदालत इंटरनेट मीडिया पर न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ अवमाननापूर्ण सामग्री पोस्ट करने वाले लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है। यह स्वतः संज्ञान आपराधिक अवमानना की कार्यवाही तब शुरू की गई थी जब जस्टिस शर्मा ने आबकारी घोटाला मामले में खुद को मामले से अलग करने की कार्यवाही के संबंध में प्रतिवादियों द्वारा शेयर की गई विभिन्न इंटरनेट मीडिया पोस्ट और वीडियो पर ध्यान दिया था। केजरीवाल सहित अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए उन्होंने आबकारी घोटाला मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। चैतन्य ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि आबकारी घोटाला मामले की सुनवाई के दाैरान न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ एक सुनियोजित और संगठित अभियान शुरू गंभीर, निराधार और अपमानजनक आरोप लगाने वाली सामग्री प्रसारित की गई थी। केजरीवाल-सिसोदिया समेत AAP नेताओं को दिल्ली HC का नोटिस, जस्टिस स्वर्णकांता के खिलाफ चले कैंपेन पर मांगा जवाब
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मानहानिकारक ऑनलाइन पोस्ट को लेकर आप नेताओं के खिलाफ अवमानना का मामला जारी रखा
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