नई दिल्ली:2025-26 में दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड को करीब 9,000 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया था, लेकिन अब तक 60 प्रतिशत भी खर्च नहीं हो पाया है। रिवाइज्ड बजट भी कुल बजट का करीब 50 से 55 प्रतिशत है। बाकी बजट जल बोर्ड को सरेंडर करना पड़ेगा। इसे देखते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में जल बोर्ड के बजट में कटौती की जा सकती है।पीडब्ल्यूडी के बजट में अगले वित्तीय वर्ष इजाफा किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अगले वित्तीय वर्ष में रोड डिवेलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने वाले हैं।जल बोर्ड अफसरों के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष में कुल 9,000 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया गया था। जिसमें से 250 करोड़ रुपये की लागत से पुराने सीवर लाइनों को बदलने, वॉटर प्लांट से निकलने वाली सप्लाई लाइनों को 250 करोड़ की लागत से चेंज करने, 50 करोड़ रुपये की लागत से मुनक नहर के एक ब्रांच सीएलसी कैनाल को रिपेयर करने पर खर्च करना था।200 करोड़ की लागत से हरियाणा से दिल्ली तक जो पाइपलाइन बिछानी थी, वह काम भी शुरू नहीं हो पाया है। 9,000 करोड़ के बजट में से 10 महीनों में 60 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर पाया है।PWD का कुल बजट 3843 करोड़ रुपयेमौजूदा वित्तीय वर्ष में पीडब्ल्यूडी का कुल बजट 3843 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल की तुलना में कम है। इस बार पीडब्ल्यूडी बजट में बढ़ोतरी हो सकती है। पीडब्ल्यूडी अफसरों के अनुसार बारापूला फेज-3 के बजट जो 1300 करोड़ रुपये से बढ़कर 1635 करोड़ हो गया था, उसे भी इसी बजट में प्रस्तावित किया गया है। मोदी मिल और सावित्री सिनेमा के पास बनने वाले फ्लाईओवर के लिए 371 करोड़, एमबी रोड पर ड्रेनेज सिस्टम के लिए 387 करोड़, द्वारका सेक्टर-10 में मिनी सचिवालय के लिए 212 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। करीब 60 जगहों पर फुट ओवरब्रिज का प्रस्ताव आया है।
दिल्ली के जल बोर्ड को बजट में कटौती का सामना करना पड़ा
Navbharat Times•
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