दिवाली से पहले दिन प्रतिदिन देश की हवा खराब होती जा रही है है. पराली और पटाखों की वजह से वातावरण में धुएं का ठहराव बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से हवा की गुणवत्ता और खराब हो हई है. एक्यूआई बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को सबसे ज्यादा खराब एक्यूआई उत्तर प्रदेश का रहा है. उत्तर प्रदेश में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है. गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 987 है. मेरठ देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है. आइए आपको टॉप 10 शहरों के बारे में बताते हैं. देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित 10 शहरों की बात करें तो इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के शहर आते हैं. सबसे ज्यादा एक्यूआई की लिस्ट में दिल्ली किस नंबर पर आती है. सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर की लिस्ट में सबसे ऊपर मेरठ (987) है. दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश का हापुड़ 877 एक्यूआई के साथ है. तीसरे नंबर पर हरियाणा का पानीपत का एक्यूआई 842 है.चौथे नंबर पर उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर है. मुजफ्फरनगर का एक्यूआी 786 है. पांचवें नंबर पर हरियाणा का सोनीपत है. सोनीपत का एक्यूआई 781 है. छठे नंबर पर हरियाणा का रोहतक है. यहां का एक्यूआई 740 है. सातवें नंबर पर हरियाणा का कैथल 702 एक्यूआई के साथ है. आठवें नंबर पर उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद 700 एक्यूआई और नौवें नंबर पर हरियाणा का करनाल 699 के साथ है. दसवें नंबर पर हरियाणा का फरीदाबाद है. फरीदाबाद का एक्यूआई 663 है. दिल्ली की बात करें तो गुरुवार को यहां का एक्यूआई 554 है और नोएडा का 637 है. दोनों ही जगह पर सांस लेने में लोगों को दिक्कत हो रही है. प्रदूषण की वजह से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है. दिवाली के पास आते-आते देशभर में प्रदूषण से बुरा हाल होता जा रहा है. दीक्षा छाबड़ा ABP live.Com में सीनियर कॉपी एडिटर हैं. यहां ये न्यूज डेस्क का हिस्सा हैं. दीक्षा को देश, विदेश और एंटरटेनमेंट की दुनिया में काफी दिलचस्पी है. वो इन सभी के बारे में लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के जगत में 9 साल पूरे हो चुके हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ की थी. इसके बाद से ये इंडिया टीवी, टीवी9 जैसी संस्थाओं में एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर चुकी हैं. दीक्षा ने अपनी पढ़ाई इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट से की है. संपर्क करें- Mail Id- dikshac@abpnetwork.com, X-https://x.com/Diksha29chhabra
दिवाली से पहले पराली जलाने और पटाखों के कारण भारत की वायु गुणवत्ता में गिरावट
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