ऑकलैंड में जीत के साथ वनडे सीरीज की शुरुआत करने वाली भारतीय टीम के सामने अब ऐसी चुनौती है, जहां सिर्फ कौशल ही नहीं, मौसम के मिजाज से तालमेल बैठाना भी अहम होगा। शनिवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां तेज हवाएं खेल का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। ऐसे में शुभमन गिल की टीम शनिवार को दूसरे वनडे में उतरते समय सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल करने के साथ परिस्थितियों को साधने की कोशिश भी करेगी। वेलिंगटन की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होने के साथ चुनौतीपूर्ण भी हो सकती हैं। तेज झोंके गेंदबाज के रन-अप, संतुलन और गेंद छोड़ने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। यॉर्कर और धीमी गेंदों पर नियंत्रण रखना भी आसान नहीं होगा। हवा की दिशा के अनुसार गेंदबाजों को अपनी लेंथ और लाइन में बदलाव करना पड़ सकता है। एक छोर से हवा के साथ गेंदबाजी करने का लाभ मिल सकता है, लेकिन दूसरे छोर से हवा के खिलाफ गेंद डालना धैर्य और अतिरिक्त मेहनत की मांग करेगा। वहीं, दूसरी ओर बल्लेबाजों के लिए भी परिस्थितियां सहज नहीं होंगी। तेज हवा में ऊंचे शॉट लगाने का फैसला जोखिम भरा हो सकता है, जबकि क्षेत्ररक्षकों को कैच लेते समय गेंद की दिशा का सही अंदाजा लगाना होगा। भारत के लिए जरूरी होगा कि बल्लेबाज परिस्थितियों को समझकर पारी आगे बढ़ाएं और सिर्फ आक्रामकता के भरोसे न रहें। मौसम पूर्वानुमान ने मुकाबले की चिंता बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मैच के दौरान बारिश की संभावना है। बादल और हवा में नमी तेज गेंदबाजों को स्विंग दिला सकती है, लेकिन बारिश के कारण ओवर घटने की स्थिति में दोनों टीमों की रणनीति बदलनी पड़ सकती है। पहले ओवर में छक्का खाने से गुरनूर बराड़ को मिला सबक, फिर अपने इस हथियार से कीवी बल्लेबाजों की नाक में किया दम IND vs NZ: सिर्फ एक रन बनाते ही विराट कोहली दूसरे वनडे में तोड़ेंगे बड़ा रिकॉर्ड, रिकी पोंटिंग को छोड़ेंगे पीछे
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में भारत की हालत खराब
Dainik Jagran•

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