गोसाईगंज। प्रदेश में 10 प्रतिशत आबादी होने के बाद भी निषाद समाज के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया जा रहा है। सपा ने निषाद समाज को मान-सम्मान, पहचान व अधिकार दिया जिसे भाजपा ने छीन लिया है। निषाद आरक्षण मुद्दे पर भाजपा ने वादाखिलाफी की है। निषाद पार्टी ने सिर्फ लूटपाट किया है।और पढ़ेंTrending Videosयह आरोप निषाद जनजागृति सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटन राम निषाद ने लगाए हैं। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में लौटनराम निषाद ने कहा कि निषाद समाज को राजपाट दिलाने का झूठा सपना दिखाकर एक नेता अपने परिवार के हित के लिए ही जुटा हुआ है। यह कार्यक्रम आलापुर केवटहिया में विश्राम निषाद के संयोजकत्व में आयोजित किया गया था। मंच से मुख्य अतिथि चौ. लौटनराम ने कहा कि याचक नहीं शासन-सत्ता का हिस्सेदार बनकर समाज की भलाई के लिए काम करने के लिए निषाद समाज को अपने वोट की ताकत को पहचानना होगा। कहा कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली, ओडिशा में निषाद जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण मिलता है, तो उत्तर प्रदेश, बिहार झारखंड के निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, गोंडिया आदि को क्यों नहीं। उन्होंने मझवार, तुरैहा, गोंड, बेल्दार, खैरहा, खोरोट की तरह निषाद मछुआरा जातियों के आरक्षण व परंपरागत पुश्तैनी पेशों की बहाली की मांग की। सम्मेलन को श्रीनाथ निषाद, वेदप्रकाश निषाद, राम अवध निषाद, राजकुमार निषाद महाराज, शारदा प्रसाद निषाद आदि ने संबोधित किया।विज्ञापनविज्ञापन
निषाद समुदाय ने उचित व्यवहार की मांग की, भाजपा और निषाद पार्टी पर विश्वासघात का आरोप लगाया
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