मार्च 2025 से सितंबर 2026 के बीच एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 61,824 एफआईआर दर्ज कीं। इस दौरान 81,433 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 3918 किलोग्राम हेरोइन, 991 किलोग्राम अफीम और 65 लाख टैबलेट सहित बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। अभियान के तहत 79,293 जनसभाएं भी आयोजित की गईं। शिक्षक 3,600 स्कूलों में 7.5 लाख विद्यार्थियों को 14 सप्ताह का नशा-विरोधी पाठ्यक्रम पढ़ा रहे हैं। 13 जिलों के 25,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है। इनमें से 7,000 शिक्षक पहले ही प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में खेल व सांस्कृतिक गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं।विज्ञापनअभियान ने जमीनी स्तर पर मजबूत निगरानी नेटवर्क तैयार किया है। सितंबर 2026 तक, करीब 1.25 लाख सदस्य 15,000 ग्राम और वार्ड रक्षा समितियों से जुड़े हैं। 50,000 से अधिक सदस्यों को 'नशा मुक्ति एप' के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया है। सेफ पंजाब व्हाट्सऐप हेल्पलाइन पर 51,000 से अधिक सूचनाएं मिली हैं, जिनसे 25,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं।विज्ञापनपंजाब ने नशे के उपचार के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया है। राज्य में 547 ओओएटी केंद्र, 219 नशामुक्ति केंद्र और 91 पुनर्वास केंद्र हैं। सरकारी नशामुक्ति केंद्रों में दाखिल होने वाले लोगों की संख्या 2024 में 12,200 से बढ़कर 2025 में करीब 34,000 हो गई। यह 170 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
पंजाब की एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स ने नशीली दवाओं के उपयोग का मुकाबला करने में सफलता हासिल की
Amar Ujala•

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