आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अब लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। अपनी राशन की दुकान से भी उनके आयुष्मान कार्ड बनाए जा सकेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कोटेदारों को बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) ऑपरेटर आईडी जारी कर रहा है। इस पर अमल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे कार्डधारकों को सहूलियत मिलेगी। आयुष्मान योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को पांच लाख रुपये का इलाज मुफ्त प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत परिवार का एक सदस्य या सभी परिवार मिलकर पांच लाख रुपये तक इलाज मुफ्त कर सकता है। इस योजना का लाभ सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसके लिए शासन द्वारा अभियान चलाया रहा है। जनपद में 1,364 कोटेदार हैं। उनकी पहुंच प्रत्येक गांव और मुहल्लों तक है। आपूर्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से द्वारा सभी तहसीलों के कोटेदारों को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ समन्वयक बनाकर पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाना है। जनपद में ढाई लाख से अधिक पात्र कार्डधारकों का गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसमें 74 हजार 190 अंत्योदय कार्डधारकों के साथ ही छह यूनिट वाले सदस्यों का कार्ड बनना है। इनकी भी संख्या डेढ़ लाख से अधिक की है। खास बात यह है कि इसमें एक आईडी से आठ-10 दुकानदारों को जोड़कर एक क्लस्टर बनाया गया है। अब इन दुकानदारों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑपरेटर आईडी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि इस आईडी के जरिये वे पात्रों का आयुष्मान कार्ड बना सकें। तीन माह में कार्ड बनाया जाना है। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि पात्रों का आयुष्मान कार्ड बनाने की कवायद चल रही है। एक आईडी से आठ से 10 दुकानदारों को जोड़कर एक क्लस्टर बनाया गया है। पात्रों के कार्ड बनाने के लिए कोटेदार गांवों में जा रहे हैं। LPG उपभोक्ता ध्यान दें! 30 सितंबर तक नहीं किया ये काम, तो डबल कीमत पर खरीदना पड़ेगा सिलिंडर
पात्र प्राप्तकर्ताओं के लिए आयुष्मान कार्ड प्रक्रिया सरल की गई
Dainik Jagran•

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