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पिया दांडिया का जयपुर से संबंधः पारिवारिक संबंधों और शिक्षा की कहानी

Amar Ujala•
पिया दांडिया का जयपुर से संबंधः पारिवारिक संबंधों और शिक्षा की कहानी
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पिया डांडिया का परिवार मूल रूप से जयपुर का रहने वाला है। उनके माता-पिता वर्ष 1980 के दशक में जयपुर से अमेरिका जाकर बस गए थे। पिया का जन्म अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित पाम बीच काउंटी में हुआ। हालांकि, अमेरिका में पली-बढ़ी पिया का जयपुर से जुड़ाव हमेशा बना रहा। वह बचपन से ही छुट्टियों के दौरान अपने रिश्तेदारों से मिलने जयपुर आती रही हैं। उनके पिता डॉ. रोहित डांडिया पेशे से चिकित्सक हैं। उन्होंने जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। पिया का परिवार लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देता रहा है। उनके दादा तेजकरण डांडिया को लोग मास्टरजी के नाम से जानते थे। वह राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव रहे थे। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान बोर्ड की गणित की पुस्तकों के लेखन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी लिखी किताबों से राज्य के हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद मिली। पिया की मां ने भी शिक्षा के क्षेत्र में काम किया और फ्लोरिडा के जुपीटर शहर में एक मोंटेसरी स्कूल की स्थापना की। पिया ने अपनी शुरुआती शिक्षा इसी स्कूल से हासिल की। पिया ने अपनी उच्च शिक्षा अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की है। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से गवर्नमेंट विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद बोस्टन यूनिवर्सिटी से शिक्षा के क्षेत्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े पारिवारिक माहौल ने भी उनके व्यक्तित्व और करियर को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीति में आने से पहले पिया ने प्रशासनिक और कॉरपोरेट क्षेत्र में काम किया। वह प्रतिष्ठित व्हाइट हाउस फेलो के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने तकनीक कंपनी एप्पल में पब्लिक सेक्टर इनिशिएटिव्स का नेतृत्व भी किया। स्कूल का संचालन करने के दौरान ही उनका जुड़ाव डेमोक्रेटिक पार्टी से हुआ और उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। अपने चुनाव अभियान के दौरान पिया ने आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने महंगाई कम करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का वादा किया। इन मुद्दों के साथ उन्होंने मतदाताओं के बीच अपनी जगह बनाई और चुनाव में जीत हासिल की। उनकी इस सफलता ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी नई पहचान दी है।

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Publisher: Amar Ujala

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