जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन को शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का नैतिक समर्थन मिला। नेहा बोरा धरना स्थल पहुंचीं और आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं व मांगों की जानकारी ली। विधानसभा मार्च के दौरान AISA अध्यक्ष पर स्याही फेंकने के बाद हंगाम मच गया था। युवक की मौके पर जम कर धुनाई हुई। पुलिस ने मौके से निकाला। वहीं स्याही फेंकने वाले युवक की पहचान हो गई है। उसका नाम अमरनाथ पांडेय है। हजारीबाग का रहनेवाला है। विनोबा भावे विवि से बीए आनर्स की पढ़ाई कर रहा है। बाद में नेहा ने प्रेसवार्ता भी की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए। लंबे समय से छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। नेहा ने स्याही फेंकने वाले छात्र को संघ से जुड़ा हुआ बताया। यह सिर्फ विद्यार्थियों का मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। जंतर-मंतर भी किसी तरह के देशद्रोही नारा लगने से इंकार किया। नेहा ने कहा व्यक्ति विशेष पर नारा लगना देश विरोधी कैसे। JPSC आंदोलन में छलका छात्रों का दर्द, किसी ने लोन लिया तो किसी ने ट्यूशन पढ़ाकर की तैयारी; अब नौकरी का सपना अधूरा 'जंतर-मंतर पर नहीं लगे देश विरोधी नारे', रांची में बोलीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा रांची प्रोटेस्टः तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने अस्पताल चलने को कहा... लेकिन अनशनरत देवेंद्र नाथ महतो ने कर दिया इनकार मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पहुंचे सदर अस्पताल, अनशनकारी छात्र का जाना हालचाल 64 साल की माया देवी बनीं आंदोलनकारी छात्रों की 'मां', आरा से रांची पहुंचकर अपने हाथों से पिला रहीं कॉफी इस दौरान विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा हुई। नेहा बोरा ने छात्रों से समर्थन की अपील की, लेकिन आंदोलनरत छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और वे किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। नेहा ने धरना दे रहे छात्रों, देवेंद्र महतो से भी बात कर उनका हौसला बढ़ाया। छात्रों ने बताया कि उनका अपना विधानसभा घेराव कार्यक्रम 10 अगस्त को निर्धारित है और उसी के तहत वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे। जिसके बाद नेहा अपने संगठन के साथ विधानसभा घेराव के लिए निकल गईं। छात्रों ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराना है, और इस आंदोलन को समाज के विभिन्न वर्गों का लगातार समर्थन मिल रहा है। राजधानी रांची में चल रहे इसी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को उस वक्त माहौल अचानक गरमा गया, जब विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान छात्र नेता नेहा बोरा पर एक छात्र ने स्याही फेंक दी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आंदोलन स्थल पर कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई और भारी हंगामा खड़ा हो गया। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित छात्र को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है कि छात्र ने ऐसा क्यों किया और क्या यह उसका व्यक्तिगत फैसला था या इसके पीछे कोई और वजह थी। परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और पारदर्शिता व निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में इस स्याही फेंकने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिरासत में लिए गए छात्र से पूछताछ के बाद घटना को लेकर और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय छात्र नेता का समर्थन मिला
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