अयोध्या राम मंदिर के ट्रस्टी राजकुमारदास ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयानों को लेकर विवादित टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि किसी शायर ने हामिद अंसारी के लिए एक पंक्ति लिखी थी कि 'हल्दी की गांठ मिल गई, चूहे पंसारी बन बैठे', और दुर्भाग्य से इस देश के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी बन बैठे. राजकुमारदास ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि संवैधानिक पद पर रहने के बाद भी उनके ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, जिनमें सनातन और दक्षिणपंथ से खतरे की बात कही जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि दुनिया में आतंकवाद से जुड़ी कई घटनाओं में मुस्लिम नाम सामने आते हैं और इसी आधार पर उन्होंने मुस्लिम समुदाय को लेकर व्यापक टिप्पणी की. राजकुमारदास ने कहा कि सनातन परंपरा में प्रकृति और धरती के प्रति सम्मान की भावना रही है. उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय हिंसा में विश्वास नहीं करता, लेकिन राष्ट्र, धर्म, स्वाभिमान या अस्मिता पर खतरा होने की स्थिति में जवाब देने के लिए सतर्क रहना जरूरी है. उन्होंने हिंदुओं से सावधान और सतर्क रहने की अपील भी की. राजकुमारदास ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद सनातन और हिंदू समाज में उभार तेजी से आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के निर्माण में बाधा डालने के लिए कुछ लोगों की ओर से लगातार प्रयास किए गए और अदालतों में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर सुनवाई में अड़चन डालने की कोशिश की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय फंडिंग करने वाले कुछ लोग देश में शांति और एकता नहीं चाहते थे तथा उनकी कोशिश थी कि हिंदू और सनातन धर्मावलंबी एकजुट न हों. अब इन लोगों को पीड़ा हो रही है जब लाखों-लाख भक्त राम लला के दर्शन, महाकाल का दर्शन, काशी विश्वनाथ का दर्शन, मां बिंधवासिनी का कॉरिडोर जाकर देखते हैं. वहां की व्यवस्थाओं को देखते हैं तो इनको पीड़ा होती है, इनको पेट में दर्द बना हुआ है. हामिद अंसारी तो अब रिटायर्ड हो गए हैं, लेकिन जो मुस्लिम संगठन है, जो इनके नेटवर्क फैले हुए है, वो वहां से उनके आका यहां पर लगातार कुछ ना कुछ गतिविधि ऐसे करते हैं, जिससे भारत में अशांति फैले और यहां राष्ट्र में ऐसे विद्रोही ताकतें खड़ी हो. ये इनकी साजिश लगातार चल रही है. राजकुमारदास ने कहा कि एक बार विशेष वर्ग को खुश करने के लिए हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भी नमाज पढ़ाने की कोशिश की गई थी. उन्होंने कहा कि उस समय ऐसी सरकारें थीं और ऐसे लोग भी यहां से जुड़े हुए थे, जो हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने की बात नहीं करेंगे, लेकिन परिसर में नमाज पढ़ी गई थी, यह पक्का है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, उनके जरिए आने वाले चुनाव को देखते हुए एक नैरेटिव खड़ा करने के लिए फंडिंग की जा रही है. उन्होंने कहा कि बच्चे इस तरह के नहीं हो सकते, क्योंकि जो भारत का है, वह भारतीयता की सोच रखेगा. राजकुमारदास ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की सोच कहीं न कहीं विदेश में बैठे हुए आकाओं के जरिए संचालित हो रही है और इसी वजह से इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं. कृष्ण कुमार साल 2013 से एबीपी न्यूज़ से जुड़े हैं. गोंडा में जिला संवाददाता के तौर पर काम कर रहे हैं. गोंडा की राजनीति, अपराध और अन्य बड़ी खबरों पर नजर रखते हैं. कृष्ण कुमार ने अवध यूनिवर्सिटी फैजाबाद से पत्रकारिता की पढ़ाई की और गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं. एबीपी से जुड़ने से पहले कृष्ण कुमार ने अन्य चैनलों में भी काम किया है.
पूर्व उपराष्ट्रपति के बयानों पर न्यासी की विवादास्पद टिप्पणी ने आक्रोश पैदा किया
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