मेरठ।2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब वेस्ट यूपी में साफ सुनाई देने लगी है। मौसम भले बदल रहा हो, लेकिन सियासी पारा तेजी से चढ़ चुका है। इसकी शुरुआत नरेंद्र मोदी की 22 फरवरी की मेरठ जनसभा से मानी जा रही है, जहां नमो भारत ट्रेन और मेट्रो के लोकार्पण ने चुनावी माहौल को नई दिशा दी है। इसके बाद अब सभी दल रैली,सभा सम्मेलन करने में तेजी दिखाने में जुट गए हैं। सियासी जानकारों के मुताबिक, आने वाले समय में यह सियासी गतिविधियां और तेज होने के संकेत हैं।विकास के एजेंडे पर बीजेपीमेरठ के बाद अब वेस्ट यूपी के मेगा प्रोजेक्टजेवर एयरपोर्ट का उद्घाटनकरने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां 28 मार्च को बड़ी जनसभा करेंगे। वहीं, मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण को भी बड़े राजनीतिक आयोजन से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा इन परियोजनाओं के जरिए विकास का संदेश देने में जुटी है।अखिलेश यादव की 29 मार्च को दादरी में दस्तकपीएम मोदी की 28 मार्च को रैली के अगले ही दिन, वेस्ट यूपी के दादरी में 29 मार्च को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की जनसभा प्रस्तावित है। सपा नेता राजकुमार भाटी यहां गुर्जर सम्मेलन करने जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यूपी की 140 विधानसभा सीटों पर गुर्जर समाज का असर है। वह इन 140 सीटों से दादरी रैली में गुर्जरों की भागीदारी का दावा कर रहे हैं। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिनेश गुर्जर का कहना है कि दादरी सम्मेलन यूपी में 2027 की सरकार बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह आयोजन सूबे की सियासत की दशा और दिशा तय करेगा।चौधरी जयंत ने भी सियासी हलचल बढ़ाईइसी सियासी हलचल के बीच राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया जयंत चौधरी भी बीते 14 मार्च को दादरी (ग्रेटर नोएडा) में स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक की जयंती पर आयोजित समारोह में भाग लेकर गुर्जर समाज को साधने की कोशिश कर चुके हैं। इसी कड़ी में अब जेडीयू छोड़ने वाले पूर्व सांसद केसी त्यागी को 22 मार्च को पार्टी में शामिल कर जयंत चौधरी आरएलडी को वेस्ट यूपी में नई सियासी ताकत की तरफ मोड़ेंगे और कुनबा बढ़ाओ अभियान को रफ्तार देंगेदलितों के दिल में उतरने की तैयारी में बसपा और आसपाबीएसपी प्रमुख मायावतीने नोएडा और चंद्रशेखर आजाद की आसपा ने भी कांशीराम की जयंती पर अलग अलग जनसभाएं कर अपने समर्थकों को सक्रिय किया है। आगे भी मायावती के भतीजे आकाश आनंद अप्रैल से वेस्ट यूपी में कई आयोजन करने जा रहे हैं। खुद मायावती का भी मंडलीय सम्मेलन करना प्रस्तावित हैं। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर अगले महीने से चुनावी सभाएं शुरू करेंगे।वेस्ट यूपी में जाट राजनीति भी सक्रियदूसरी तरफ जाट राजनीति भी वेस्ट यूपी में सक्रिय हो रही है। मेरठ में मुजफ्फरनगर सीमा से सटे सकौती गांव में इंटरनेशनल जाट पार्लियामेंट ने महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण के लिए 29 मार्च को जनसभा रखी है। इसमें बड़ा सैलाब जुटाने की कोशिश है। कार्यक्रम के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान जुटे हुए हैं। इसके पीछे जाट समाज के दिग्गजों का जुड़ाव कर 2027 से पहले सियासी दलों को ताकत दिखाने का मकसद माना जा रहा हैं। हालांकि वेस्ट यूपी में जाट समाज के सियासी दल के तौर पर पहचान रखने वाले रालोद के नेता चौधरी जयंत सिंह संसद में रहने के कारण शामिल नहीं होगे।सुरक्षित सियासी ठौर को दल बदल भी शुरू2027 की आहट के चलते सुरक्षित सियासी ठौर हासिल करने के लिए दलबदल का दौर भी वेस्ट यूपी में शुरू हो गया है। जेडीयू छोड़कर आए पूर्व सांसद केसी त्यागी 22 मार्च को दिल्ली के मावलंकर हॉल में जयंत चौधरी की मौजूदगी में आरएलडी जॉइन करने जा रहे हैं। 'खुशहाल किसान-मजबूत भारत' के नाम से हो रहे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चौधरी जयंत सिंह होंगे। उनकी उपस्थिति में केसी त्यागी की जॉइनिंग रालोद के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाली कोशिश मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केसी त्यागी के आने से रालोद को वैचारिक मजबूती मिलेगी। किसान राजनीति में नई ऊर्जा का संचार होगा।दिलचस्प मानी जा रही 2027 की जंगदरअसल, वेस्ट यूपी में जिस तरह से जनसभाएं, सामाजिक समीकरण और दलबदल एक साथ आगे बढ़ रहे हैं, उससे साफ है कि 2027 की लड़ाई अभी से दिलचस्प और बहुकोणीय होती जा रही है। इसके लिए हर दल जिताऊ, जनाधार वाले, जनता के बीच लोकप्रिय और उनकी पसंद के कैंडिडेट की तलाश में जुट गए हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान में वृद्धि देखी जा रही है
Navbharat Times•
Full News
Share:
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Navbharat Times
Want to join the conversation?
Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.