सावन का महीना शुरू होते ही बाबा भोलेनाथ की भक्ति का माहौल बन जाता है. इस दौरान लोग सोमवार का व्रत रखते हैं और मंदिर जाकर पूजा अर्चना करते हैं. सावन के सोमवार का अपना अलग महत्व भी है. इस व्रत में सादा खाना खाया जाता है, जिसमें अनाज नहीं होता. ऐसे में फ्रूट एंड नट खीर एक बहुत अच्छा ऑप्शन है, जो दूध, मखाने, फल और मेवों से बनती है और व्रत के दौरान शरीर को ताकत भी देती है. आमतौर पर खीर चावल और चीनी से बनाई जाती है, लेकिन व्रत वाली इस खीर में चावल की जगह मखाना डाला जाता है और साथ में ताजे फल व मेवे मिलाए जाते हैं. मखाना कमल के बीज से मिलता है और यह हल्का और पचाने में आसान होता है, इसलिए व्रत के खाने में बरसों से इस्तेमाल होता आ रहा है. मखाने की सबसे अच्छी बात यह है कि यह हमारे शरीर को जरूरी पोषण देता है और व्रत में भी शरीर की एनर्जी को बनाए रखता है. दूध और मखाने से शरीर को कैल्शियम मिलता है, जो हड्डियों के लिए अच्छा है. बादाम, काजू और पिस्ता जैसे मेवे दिल और त्वचा के लिए अच्छे माने जाते हैं. इसमें डाले गए ताजे फल भी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. यानी ये खीर सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी अच्छी है. सबसे पहले घी गर्म करके मखाने को हल्का कुरकुरा होने तक भून लें. आधे मखाने को हल्का सा तोड़ लें और बाकी आधे साबुत ही रहने दें. अब दूध को उबालें और थोड़ा गाढ़ा होने तक पकाएं. इसमें टूटा हुआ और साबुत मखाना डाल दें, फिर बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश और इलायची पाउडर मिलाएं. खीर को थोड़ा ठंडा होने दें, उसके बाद कटे हुए फल डालें और सबको हल्के हाथों से मिला लें. अगर ठंडा खाना चाहें तो इसे फ्रिज में रख दें, और परोसने से पहले ऊपर से थोड़े और फल-मेवे डालकर सजा दें. इस खीर में दूध, मखाना, फल और मेवे जैसी व्रत वाली चीजें ही डाली जाती हैं, इसलिए यह सावन सोमवार व्रत के लिए बिल्कुल सही है. इसे बिना चीनी के भी बनाया जा सकता है, क्योंकि पके हुए मीठे फलों से ही यह खीर काफी मीठी लगती है, चाहें तो थोड़ा गुड़ भी डाला जा सकता है. इसमें सेब, अनार, केला, अंगूर और चीकू जैसे फल अच्छे लगते हैं, जो स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ इसे और अच्छा भी बनाते हैं.
फल और नट खीरः सावन के दौरान उपवास करने का एक पौष्टिक विकल्प
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