Banka School Negligence Student Locked :सरकारी विद्यालयों में बच्चों की हिफाजत और शिक्षकों की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने वाली एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बौंसी प्रखंड अंतर्गत नवसृजित प्राथमिक विद्यालय घोरेला कैरी में बुधवार को शिक्षकों की घोर लापरवाही उजागर हुई। स्कूल की छुट्टी होने के बाद शिक्षक कमरों की तलाशी लिए बिना ही मुख्य गेट और क्लासरूम पर ताला जड़कर अपने-अपने घर चले गए, जबकि तीसरी कक्षा का छह वर्षीय मासूम छात्र करण कुमार अंदर ही छूट गया। बच्चा लगभग दो घंटे तक बंद स्कूल में भय के साए में बिलखता रहा। मिली जानकारी के अनुसार, पीलुआ गांव निवासी निरंजन महतो का पुत्र करण कुमार घोरेला कैरी में अपने फूफा विकास चौधरी के घर रहकर पढ़ाई करता है। बुधवार को पढ़ाई के दौरान वह कक्षा के बेंच पर ही सो गया था। छुट्टी की घंटी बजते ही बाकी बच्चे निकल गए और शिक्षकों ने कक्षाओं की समुचित जांच किए बिना बाहर से ताला लगा दिया। छुट्टी का समय बीत जाने के बाद भी जब करण घर नहीं पहुंचा, तो परिजन अनहोनी की आशंका से कांप उठे और उसकी तलाश में जुट गए। बिहार में शिक्षकों के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी, अनुमति लेकर खास मौकों पर ही बना सकेंगे रील्स बिहार में शिक्षकों के तबादले के लिए 30 से खुलेगा पोर्टल, सात दिसंबर तक आवेदन बिहार के सरकारी स्कूलों में अब रील नहीं बना सकेंगे शिक्षक, बाहरी लोगों की एंट्री पर भी बैन मुजफ्फरपुर के MIT में मारपीट मामले की सुनवाई, बुआ और भाभी को साथ लेकर पहुंचे छात्र बिहार के शिक्षकों और कर्मियों को छठ से पहले मिलेगी पेंडिंग सैलरी, शिक्षा मंत्री का निर्देश डिजिटल हाजिरी : ई-शिक्षाकोष पर हाजिरी नहीं बनाने वाले 48 हजार शिक्षक रडार पर; भागलपुर में 1038 और बांका में 629 गायब 40 मिनट के निरीक्षण में ढहा 'गुरुकुल' का तिलस्म; सिमुलतला स्कूल में शिक्षकों की कमी पर भड़के ACS, 5 नवंबर को इंटरव्यू बिहार की धनकुबेर DPO: 3 करोड़ के 10 प्लॉट, 5 मंजिला मकान और लाखों के गहने-कैश बरामद, रेलवे में हैं पति परिजनों की खोजबीन के दौरान ही स्कूल की दिशा से एक बच्चे की सिसकियों और चीखने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करते हुए ग्रामीण जब विद्यालय पहुंचे और खिड़की से अंदर झांका, तो करण रोता हुआ दिखाई दिया। यह देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ स्कूल परिसर में जुट गई। स्थानीय ग्रामीण विकास कुमार, शंकर कापरी, पवन चौधरी, रजनीश कुमार और मित्तल मंडल सहित अन्य लोगों ने विद्यालय प्रशासन पर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ का खुला आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना फोन पर तत्काल एक शिक्षिका को दी गई थी, लेकिन त्वरित स्तर पर कोई पहल नहीं हुई। इसके उपरांत जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) गौरव कुमार को पूरे वाकये से अवगत कराया गया, तब जाकर सहायक शिक्षक श्रवण सिन्हा विद्यालय पहुंचे। घटना के करीब दो घंटे बाद ताला खोलकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का दोटूक कहना था कि यदि समय पर बच्चे की आवाज बाहर न आती, तो भीषण गर्मी और घुटन में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। बांका SP का कड़ा एक्शन! शराब पीने और अनुशासनहीनता में हवलदार व महिला सिपाही बर्खास्त, स्पष्टीकरण मिला असंतोषजनक "मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। विद्यालय प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों की इस लापरवाही की उच्चस्तरीय पड़ताल कराई जा रही है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।" "प्रधानाध्यापक अवकाश पर थे। विद्यालय में छुट्टी होने के बाद कमरा बंद कर घर चला गया था। मासूम छात्र बेंच पर सोया हुआ था, जिस कारण उस पर नजर नहीं पड़ सकी। यह अनजाने में हुई चूक है।"
बांका स्कूल में कक्षा में बंद छात्रः बाल सुरक्षा और शिक्षक जवाबदेही पर चिंता
Dainik Jagran•

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