- घंटों स्क्रीन देखने, मैदान में खेलने से दूरी और जंक फूड का बढ़ता शौक बच्चों की सेहत के लिए चिंता का विषयअमर उजाला ब्यूरोपूर्वी दिल्ली। बच्चों की थाली में पौष्टिक भोजन की जगह पिज्जा-बर्गर और खिलौनों की जगह मोबाइल ने ले ली है। बदलती जीवनशैली बच्चों की सेहत को प्रभावित कर रही है। घंटों मोबाइल की स्क्रीन देखने, मैदान में खेलने से दूरी और जंक फूड का बढ़ता शौक मोटापे और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। इसका असर भविष्य में दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। डॉक्टरों ने अभिभावकों को बच्चों के खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देने की सलाह दी है।कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवि प्रकाश के अनुसार, बच्चों में खेलकूद और दौड़भाग के कारण शारीरिक निष्क्रियता का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है, लेकिन खानपान में गड़बड़ी चिंता का विषय है। जरूरत से ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ खाने से मोटापा बढ़ सकता है। मोटापे के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है, जो आगे चलकर दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाती है।विज्ञापनछोटे बच्चों में हार्ट अटैक के मामले बेहद दुर्लभ-बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती सिन्हा बताती हैं कि एक से तीन साल के टॉडलर और तीन से पांच साल के प्री-स्कूलर बच्चों में हार्ट अटैक होना बेहद दुर्लभ है। हालांकि, जन्मजात हृदय रोग, दिल की बनावट में खराबी, आनुवंशिक बीमारियां और कावासाकी रोग जैसी समस्याएं गंभीर परेशानी पैदा कर सकती हैं।विज्ञापनमोबाइल और टीवी के सामने बीत रहा ज्यादा समय-विशेषज्ञों के मुताबिक, मोबाइल और टीवी पर ज्यादा समय बिताने से बच्चों का खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों का समय घट रहा है। इससे वजन बढ़ने और मोटापे का खतरा रहता है। आगे चलकर यह दिल की सेहत को प्रभावित कर सकता है।
बच्चों का स्वास्थ्य खतरे मेंः अत्यधिक स्क्रीन समय, जंक फूड का सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी
Amar Ujala•

Full News
Share:
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Amar Ujala
Want to join the conversation?
Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.