ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद पश्चिम एशिया में भीषण जंग छिड़ गई है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के धुर विरोधी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने उन पर जबरदस्त तंज कसा है। लूला ने डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की कड़ी आलोचना करते हुए दुनिया के अन्य देशों के प्रति उनके रवैए पर सवाल उठाए हैं। साओ पाउलो में आयोजित एक कार्यक्रम में लूला ने कहा कि दुनिया में किसी को भी यह सोचने की इजाजत नहीं दी जा सकती कि वह पूरी दुनिया का मालिक है। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी अपील की कि वह बढ़ते वैश्विक संघर्षों को रोकने के लिए हस्तक्षेप करे। लूला दा सिल्वा ने अपने बयान में ट्रंप का नाम लिए बिना कहा, “मैं खुद ईरानी शासन से समर्थक नहीं हूं, और ना ही मैंने कभी किसी और से इससे सहमत होने के लिए कहा है। लेकिन हमें देशों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना सीखना चाहिए।” इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे कहा, “हम किसी को भी यह सोचने की इजाजत नहीं दे सकते कि पूरी दुनिया उनकी है।” लूला ने ट्रंप प्रशासन पर कई देशों के साथ अनुचित तरीके से आक्रामक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। लूला ने ग्रीनलैंड, पनामा नहर, वेनेजुएला और क्यूबा जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका इन क्षेत्रों में नियंत्रण और दबाव की नीति अपना रहा है। लूला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों से अपील की कि वे एक साथ बैठकर युद्ध रोकने और शांतिपूर्ण विदेश नीति को बढ़ावा देने के उपाय करें। उन्होंने कहा कि दुनिया में संतुलन बनाए रखने के लिए मजबूत देशों के सामने खड़ा होना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि बीते 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला बोला दिया, जिसके बाद से युद्ध जारी है। ईरान ने जवाब में इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों पर भी मिसाइलें और ड्रोन बरसाई हैं। युद्ध में अब तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी हैं। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो गई है जिससे कई देशों में ईंधन आपूर्ति पर संकट पैदा हो गया है। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद से अमेरिका अब तक कई देशों पर या तो आक्रमण कर चुका है या इसकी धमकियां दी हैं। ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में तेल संपन्न देश वेनेजुएला पर हमला कर वहां से राष्ट्रपति को बंदी बना लिया। बीते दिनों ट्रंप ग्रीनलैंड, क्यूबा और कनाडा जैसे देशों पर कब्जा करने की चेतावनी दे चुके हैं। ग्रीनलैंड को लेकर विवाद तब सामने आया, जब ट्रंप ने जनवरी में कहा था कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इस द्वीप की जरूरत है और अमेरिका किसी भी हाल में इसे लेकर रहेगा। वहीं पनामा नहर को लेकर ट्रंप ने 1977 के समझौते की आलोचना करते हुए इसे गलती बताया और आरोप लगाया कि अमेरिकी जहाजों से ज्यादा शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके अलावा क्यूबा को लेकर भी ट्रंप के बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई। क्यूबा के राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे मुद्दों को गंभीरता और संवेदनशीलता से संभालना चाहिए।
ब्राजील के राष्ट्रपति ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों को लेकर ट्रंप की आलोचना की
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