विस्तारFollow Usबिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। यह चुनाव के बाद नीतीश कुमार सरकार का पहला पूर्ण बजट है। सरकार ने इस बजट में ऊर्जा विभाग के लिए 18,737.06 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंबिजली की मांग में लगातार बढ़ोतरीराज्य के आर्थिक विकास के साथ-साथ विद्युत की मांग में भी लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में राज्य में 23 से 24 घंटे विद्युत की आपूर्ति की जा रही है। वर्ष 2025-26 में 23 जुलाई 2025 को बिजली की अधिकतम मांग (Peak Demand) बढ़कर 8,752 मेगावाट हो गई थी। वहीं वर्ष 2026-27 में राज्य की अधिकतम मांग 9,600 मेगावाट से अधिक होने का आकलन किया गया है।विज्ञापनविज्ञापनकम हो रही बिलिंग की त्रुटियांअब बिजली का बिल बनाने में होने वाली गलतियां लगातार कम हो रही हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन तकनीक से मीटर की सही रीडिंग लेकर वहीं बिल बनाने से सिस्टम पहले से ज्यादा सटीक और पारदर्शी हो गया है। इससे उपभोक्ताओं को सही बिल समय पर मिल रहा है और परेशानी कम हो गई है।जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य के 12,971 सरकारी भवनों जैसे उच्चतर माध्यमिक स्कूल, ई-किसान भवन, पॉलिटेक्निक और अभियंत्रण महाविद्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र वगैरह की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इन भवनों में कुल 119 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाना था। अब तक 12,131 सरकारी भवनों पर कुल 112 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लग चुके हैं। सरकार ने अगले पांच साल में इन सरकारी भवनों पर कुल 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य तय किया है।अब तक 15,900 निजी भवनों पर सोलर प्लांटप्रधानमंत्री सूर्या घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवासीय भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इस योजना में 1 किलोवाट क्षमता के लिए 30,000 रुपये, 2 किलोवाट के लिए 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के लिए 78,000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। पहले की छत पर सौर ऊर्जा योजना और इस योजना को मिलाकर अब तक 15,900 निजी भवनों पर कुल 57.20 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लग चुके हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 58 लाख उपभोक्ताओं के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र पूरी तरह मुफ्त लगाने की योजना है। इसके पहले चरण में 10 लाख परिवारों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया चल रही है।12 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट का लक्ष्यमुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत सभी पंचायतों में 12 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 8.44 लाख लाइट लग चुकी हैं। भागलपुर के पीरपैंती क्षेत्र में 3x800 मेगावाट क्षमता का नया थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना 2029-30 तक पूरी करने का लक्ष्य है।किसानों को बड़ी राहतमुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के तहत राज्य के 8.55 लाख कृषि पंप सेट को सितंबर 2026 तक बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 7.66 लाख किसानों को कनेक्शन मिल चुका है। वर्तमान में योजना-2 के तहत 4.80 लाख का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 3.91 लाख कनेक्शन दे दिए गए हैं। जुलाई 2025 से मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिल रही है। 125 यूनिट से अधिक खपत पर भी सब्सिडी जारी है।स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बिहार सबसे आगेराज्य में अब तक 83 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। इन उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 25 पैसे की अतिरिक्त छूट भी दी जा रही है। राज्य सरकार की नीतियों के कारण विद्युत वितरण कंपनियों ने 2022-23 में 215 करोड़, 2023-24 में 1,274 करोड़ और 2024-25 में 2,004 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया।ऊर्जा विभाग के लिए भी हुए थे कई बड़े एलान- फोटो : अमर उजालाजानें ऊर्जा विभाग के लिए पिछले बजट में क्या था?बिहार सरकार ने ऊर्जा विभाग के लिए बजट 2025 में कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की थी। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 10,433 सरकारी भवनों पर 94.34 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1–3 किलोवाट तक के सोलर प्लांट पर 30,000 से 78,000 रुपये तक का अनुदान दिया गया और 5,683 निजी भवनों पर 21 मेगावाट क्षमता के सोलर संयंत्र स्थापित किए गए। किसानों को अतिरिक्त अनुदान के साथ बिजली मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई गई।
बिहार सरकार ने 2026-27 के लिए बजट पेश किया, ऊर्जा विभाग को 18,737 करोड़ रुपये आवंटित किए
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