मुख्यमंत्री ने संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एजेंसियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी का निर्देश दिया। नदी-नालों के जलस्तर पर सतत दृष्टि रखने को भी कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में भूस्खलन के चलते 85 मार्ग बंद है। इसमें अल्मोड़ा दो, बागेश्वर 10, चमोली 20, देहरादून सात, नैनीताल में आठ मार्ग बंद है। पौड़ी पांच, पिथौरागढ़ 13, रुद्रप्रयाग छह, टिहरी आठ और उत्तरकाशी में छह मार्ग बंद है। हरिद्वार में गुरुवार सुबह से हो रही तेज बारिश के कारण शहर के मध्य क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। लगातार बारिश के चलते लोग सावधानी के साथ आवागमन करने को मजबूर हैं।
भारी बारिश के कारण व्यापक व्यवधान के कारण उत्तराखंड आपदा के लिए तैयार
Amar Ujala•

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