विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक निजी मीडिया संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम था। इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और न ही सरकार इस मंच से दिए गए किसी बयान का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के खिलाफ दिए गए विचार भारत सरकार के नहीं हैं।विज्ञापनMEA: एफसीआरए पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह हमारा आंतरिक मामलाविज्ञापनअपने वर्चुअल संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि जेल या मौत का डर उन्हें अपने देश वापस जाने से नहीं रोक सकता। उन्होंने 2024 के आंदोलन को सुनियोजित साजिश बताया और लोकतंत्र की बहाली का दावा किया।वे इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटकर लोकतंत्र बहाल करना चाहती हैं।2024 के विरोध प्रदर्शनों को उन्होंने प्रायोजित और सुनियोजित साजिश बताया।उन्होंने अपनी पार्टी पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग की।उन्होंने झूठे मुकदमे वापस लेने और मीडिया की आजादी की बात की।हसीना ने भारत को मुश्किल समय का सच्चा और बड़ा दोस्त बताया।उनके बेटे जॉय ने बांग्लादेश को 'विफल राज्य' और 'दूसरा पाकिस्तान' करार दिया।उन्होंने कहा कि देश में शांति और सुलह के लिए निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया जरूरी है।बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की धरती का इस्तेमाल उनके देश के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी के लिए नहीं होना चाहिए। ढाका ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया और शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई। इस पर अब भारत ने दो टूक जवाब दे दिया है।
भारत ने एफ. सी. आर. ए. पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को खारिज किया, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र को बहाल करने के लिए लौटने की योजना बनाई
Amar Ujala•

Full News
Share:
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: Amar Ujala
Want to join the conversation?
Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.