बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हालिया मीडिया बातचीत पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि 'इसमें भारत की कोई भूमिका नहीं थी।' हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, 'एक निजी मीडिया संस्था के कार्यक्रम में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती है, खासकर बांग्लादेश की विधिवत गठित सरकार के संबंध में।' शेख हसीना ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की थी कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ हैं, ताकि लोकतंत्र बहाल करके देश को सही रास्ते पर लाया जा सके, भले ही उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करना पड़े। हसीना ने कहा, 'मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार सकते हैं। मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी। चाहे मेरी किस्मत में कुछ भी हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी। मैं तब तक दूर नहीं रह सकती जब तक मेरे प्यारे देशवासी पीड़ित हैं।' शेख हसीना की मीडिया बातचीत पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई थी, जिसमें कहा गया कि वह इस बात से नाराज है कि भारत-बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में चिंता जताने के बावजूद इस कार्यक्रम की अनुमति दी गई। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि भगोड़ी शेख हसीना को आज शाम नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने और उनके सहयोगियों ने बांग्लादेश राज्य और उसके लोगों के खिलाफ बातें कहीं।' बांग्लादेश के इन आरोपों का भारत ने खंडन किया है। भारत ने साफ तौर पर कहा कि हमारी इस मीडिया बातचीत में कोई भूमिका नहीं है।
भारत ने शेख हसीना की मीडिया बातचीत में शामिल होने से इनकार किया
Dainik Jagran•

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