प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक, 2026 भी शामिल हैं. केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक, 2026 को प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इस विधेयक के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर 34 से 38 करने का प्रावधान किया गया है. सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 जज हैं. केंद्रीय कैबिनेट द्वारा सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्ताव को मंजूरी के बाद जजों की संख्या बढ़ जाएगी. अब इस संख्या को बढ़ाकर 38 करने का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्तमान में शीर्ष अदालत में 33 जज और एक सीजेआई हैं. जजों की संख्या में चार की बढ़ोतरी करने के लिए संसद के अगले सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा.’ संसद से मंजूरी मिलते ही सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश समेत कुल 38 जज हो जाएंगे. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का यह निर्णय बढ़ते न्यायिक बोझ को देखते हुए लिया गया है. आंकड़ों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे न्याय मिलने में देरी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. जजों की संख्या में इस बढ़ोतरी से विशेष रूप से ‘संविधान पीठ’के मामलों और महत्वपूर्ण संवैधानिक अपीलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है. जब अधिक जज उपलब्ध होंगे, तो अधिक संख्या में मामलों का निपटारा भी समय पर हो पाएगा. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ानेदेश की न्याय प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में आज मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले संशोधन विधेयक (Amendment Bill) को स्वीकृति दे दी है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों कीpic.twitter.com/ZKezz1MTj7 — Amit Shah (@AmitShah)May 5, 2026 जानकारी के मुताबिक, साल 2009 में दोबारा कानून में संशोधन हुआ। तब जजों की संख्या 25 से बढ़ाकर 30 कर दी गई. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या आखिरी बार साल 2019 में बढ़ाई गई थी. तब मूल अधिनियम में संशोधन कर जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33, मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर की गई थी. अब 2026 में इसे फिर से बढ़ाने की तैयारी है. सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या अधिनियम 1956 के मूल स्वरूप में मुख्य न्यायाधीश के अलावा केवल 10 जजों का प्रावधान था. समय के साथ इसमें कई संशोधन हुए. 1960 में यह संख्या बढ़ाकर 13 की गई। बाद में एक अन्य संशोधन के जरिए इसे 17 कर दिया गया. 1986 में जजों की संख्या 17 से बढ़ाकर 25 की गई थी. प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.
भारत सरकार ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए विधेयक को मंजूरी दी
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