अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) रोहित कुमार सिंह की ओर से जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जुलाई 2025 से अब तक एसएमपी-एसएमएलएडी फंड से जारी राशि, स्वीकृत कार्यों, व्यय की स्थिति और शेष कार्यों का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाए।विज्ञापनयह कार्रवाई स्कूल भवनों की बदहाल स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के बीच की जा रही है। अदालत में सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी है, जिसके लिए सभी जिलों से तथ्य जुटाए जा रहे हैं।विज्ञापनयह भी पढें-Rajasthan Politics: दिल्ली में सीएम भजनलाल शर्मा की अमित शाह से मुलाकात, मानसून सत्र से पहले रणनीति पर मंथनपिछले दिनों झालावाड़ के पिपलोदी में स्कूल भवन हादसे के बाद राज्य सरकार ने जर्जर विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए एसएमपी-एसएमएलएडी फंड से 20 प्रतिशत राशि जारी करने के निर्देश दिए थे। अब हाईकोर्ट ने इस राशि के उपयोग और जमीनी स्तर पर हुए कार्यों का पूरा हिसाब तलब किया है।शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी जिला परिषदों को निर्धारित प्रारूप में सात दिन के भीतर रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि उसे संकलित कर हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जा सके। सरकार की इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों पर अब तक कितना काम हुआ और कितनी राशि खर्च की गई है।
भारत सरकार ने जुलाई 2025 से जारी किए गए शैक्षिक कोष पर पारदर्शिता की मांग की
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