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भारतीय आयकर विभाग ने बिंदल के पेपर्स मिल्स लिमिटेड पर छापे मारे

Amar Ujala
भारतीय आयकर विभाग ने बिंदल के पेपर्स मिल्स लिमिटेड पर छापे मारे
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विस्तारAdd as a preferredsource on googleमुजफ्फरनगर में आयकर विभाग की ओर से मेसर्स बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड, उसके निदेशकों और समूह से संबद्ध अन्य संस्थाओं के परिसरों की तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। अब तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और पंद्रह करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण बरामद किए गए। गन्ने की खोई और अन्य कच्चे माल की बड़ी मात्रा में अघोषित खरीद की गईऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंबृहस्पतिवार को भी आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। ग्रुप के कागज उत्पादन से जुड़े कारोबार में 50 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध खरीद का भी पता चला है। विभाग को संकेत मिले हैं कि समूह ने चीनी और कागज दोनों क्षेत्रों में वास्तविक लाभ छिपाने का प्रयास किया। कागज की अघोषित बिक्री से संबंधित तथ्य भी सामने आए हैं।विज्ञापनविज्ञापनसमूह ने आयकर अधिनियम के अंतर्गत लगभग 171.3 करोड़ रुपये की कटौती का दावा किया गया है, जिसे विभाग की प्रारंभिक जांच में नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया है। जांच जारी रहने के बावजूद फैक्टरी के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और समूह की सभी इकाइयां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं।यह भी पढ़ें:Saharanpur: शादी में लिया एक रुपया व नारियल, मेजर ने कैप्टन दुल्हन संग रचाई शादी, दहेज के खिलाफ दिया संदेशरडार पर कर्मचारी...लेखा-पुस्तकों में अनियमितताआयकर विभाग की टीम ने दूसरे दिन समूह के प्रमुख कर्मचारियों के बयान दर्ज करने का सिलसिला शुरू किया। बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड (बीपीएमएल) के आंतरिक लेखाकार और विद्युत संयंत्र के महाप्रबंधक के बयान लिए गए।जांच में पता चला कि कागज इकाई, विद्युत संयंत्र और चीनी इकाई के लिए अलग-अलग लेखा-पुस्तकें नहीं रखी जा रही थीं। तलाशी के दौरान भी बीपीएमएल के कार्यालयों अथवा निदेशकों के आवास से इन इकाइयों से संबंधित अलग-अलग लेखा-पुस्तकें प्राप्त नहीं हुईं।उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, केवल समेकित लेखा-पुस्तकें और ट्रायल बैलेंस ही कार्यालय में पाए गए हैं। इस स्थिति में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80आईए के अंतर्गत दावा की गई 171.3 करोड़ रुपये की कटौती भी संदिग्ध हो गई है।लेखा-पुस्तकों में अनियमितताबिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड (बीपीएमएल) के आंतरिक लेखाकार और विद्युत संयंत्र के महाप्रबंधक ने अपने बयानों में स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि कागज इकाई, विद्युत संयंत्र और चीनी इकाई के लिए अलग-अलग लेखा-पुस्तकें नहीं रखी जा रही थीं।तलाशी के दौरान भी बीपीएमएल के कार्यालयों अथवा निदेशकों के आवास से इन इकाइयों से संबंधित अलग-अलग लेखा-पुस्तकें प्राप्त नहीं हुईं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, केवल समेकित लेखा-पुस्तकें और ट्रायल बैलेंस ही कार्यालय में पाए गए हैं। इस स्थिति में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80आईए के अंतर्गत दावा की गई 171.3 करोड़ रुपये की कटौती को अस्वीकार किए जाने की संभावना है।अघोषित खरीद और बिक्री के खुलासेजांच में गन्ने की खोई और अन्य कच्चे माल की अघोषित खरीद का खुलासा हुआ है। कागज उत्पादन से संबंधित पचास करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध या फर्जी खरीद का भी पता चला है।विभाग का मानना है कि समूह ने चीनी और कागज दोनों क्षेत्रों में अपने वास्तविक लाभ को छिपाने की कोशिश की। इसके अतिरिक्त, कागज की अघोषित बिक्री से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। आयकर विभाग द्वारा आवश्यक जांच और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया अभी जारी है तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।कच्चे माल की खरीद का हिसाब नहीं, लाभ भी छिपाया गयाजांच में गन्ने की खोई और अन्य कच्चे माल की अघोषित खरीद का खुलासा हुआ है। कागज उत्पादन से संबंधित पचास करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध या फर्जी खरीद का भी पता चला है। आयकर विभाग का मानना है कि समूह ने चीनी और कागज दोनों क्षेत्रों में अपने वास्तविक लाभ को छिपाने की कोशिश की। कागज की अघोषित बिक्री से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। आयकर विभाग द्वारा आवश्यक जांच और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया अभी जारी है।

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