भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप में कुल 20 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं. दिलचस्प बात ये है कि कई टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ी भी हैं. टी20 वर्ल्ड कप में 36 से ज्यादा भारतीय मूल के खिलाड़ी खेलने वाले हैं. टी20 वर्ल्ड कप में खेलने वाली 20 टीमों में कनाडा में सबसे ज्यादा 11 भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं. यूएसए की टीम में 9, ओमान और यूएई में 7-7 भारतीय मूल के खिलाड़ी खेल रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जो इस टी20 वर्ल्ड कप में बड़ा असर छोड़ सकते हैं. इनमें से एक खिलाड़ी तो कुछ समय पहले तक ड्राइवर था और अब वो अपने देश का नाम रोशन करेगा. इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह की कहानी बड़ी कमाल है. ये खिलाड़ी पंजाब के फगवाड़ा में जन्मा और अब वो इटली के लिए टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले हैं. 32 साल के जसप्रीत 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान के पास बस गए थे. इटली में उन्होंने टेप-बॉल क्रिकेट से अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की और 2016-17 में उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में उन्होंने इंटरनेशनल डेब्यू किया. जसप्रीत सिंह अपने परिवार को पालने के लिए उबर ड्राइवर के तौर पर काम करते थे. मुंबई में क्रिकेट खेलकर बड़े होने वाले अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर अब अपने ही देश के खिलाफ खेलने वाले हैं. नेत्रवलकर के लिए वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलना एक यादगार पल होगा. अमेरिका और भारत का मैच 7 फरवरी को होने वाला है. नेत्रवलकर भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके हैं. वो सूर्यकुमार यादव के दोस्त हैं और अब वो भारतीय कप्तान को हराने के लिए ही दम लगाएंगे. टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में भारत के खिलाफ अमेरिका की कप्तानी गुजरात के आणंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे. इस खिलाड़ी ने पिछले टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक लगाकर अमेरिकी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी. मोनांक और जसप्रीत बुमराह ने अंडर-19 टीम में साथ क्रिकेट खेला है. नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त एक बार फिर भारत में वर्ल्ड कप मैच खेलने वाले हैं. साल 2023 में ये खिलाड़ी वनडे वर्ल्ड कप खेला था. अब ये खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप खेलने उतरेगा. आर्यन दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था. भारत में अभी भी उनके रिश्तेदार रहते हैं. कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा की कहानी भी फिल्मी है. इस खिलाड़ी ने पंजाब में एज क्रिकेट में काफी रन बनाए लेकिन उन्हें कहीं कोई मौका नहीं मिला. साल 2020 में बाजवा कनाडा चले गए और अब 6 साल बाद वो कनाडा के कप्तान के तौर पर भारत लौट रहे हैं. इस खिलाड़ी ने कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में कमाल प्रदर्शन किया था जिसके दम पर उन्होंने कनाडा में नाम कमाया. बाजवा ने कनाडा के लिए 17 टी20 इंटरनेशनल में 28 से ज्यादा की औसत से 397 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 130 से ज्यादा है.
भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कियाः जसप्रित सिंह की प्रेरणादायक कहानी
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