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भारतीय रेलवे ने बेहतर दक्षता के लिए बेलास्ट रहित पटरियों को मंजूरी दी

Dainik Jagran
भारतीय रेलवे ने बेहतर दक्षता के लिए बेलास्ट रहित पटरियों को मंजूरी दी
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अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित होनेवाले तथा पुनर्विकसित हो रहे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बैलास्टलेस ट्रैक यानी बिना पत्थरों वाली पटरी बिछाई जाएगी। बिना बोल्डर के कंक्रीट के ऊपर बिछने वाले ट्रैक ऐसे तैयार होगा, जिससे ट्रेन की रफ्तार कम नहीं होगी। साथ ही इससे ट्रैक का मेंटेनेंस अधिक आसान होगा। रेलवे ने बैलास्टलेस ट्रैक को मंजूरी दी है। यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ट्रैक मोडिफिकेशन अनुराग कुमार ने सभी जोन को इससे जुड़ा पत्र जारी कर दिया है। कहा गया है कि सभी जोन एक समान नीति के तहत इस पर कार्रवाई शुरू करे। नई तकनीक अपनाने से पहले अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन-आरडीएसओ का मूल्यांकन एवं रेलवे बोर्ड की स्वीकृति आवश्यक होगी। रेलवे ने ट्रैक को लेकर रफ्तार के आधार पर दो गाइडलाइन निर्धारित किया है। 60 किमी प्रति घंटे तक की लाइनः लूप लाइन, टर्मिनेटिंग लाइन और प्लेटफार्म लाइन के लिए आरडीएसओ की गाइडलाइन के आधार पर काम होगा। टेक्निकल एलीजिबिलिटी की आवश्यकता नहीं है। पांच साल की परफार्मेंस वारंटी और अतिरिक्त फिटिंग रखना जरूरी होगा। 60 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पैसेंजर और 100 किमी तक प्रति घंटे की मालगाड़ी के लिए आरडीएसओ की गाइडलाइन आधारित टेक्निकल एलिजिबिलिटी आवश्यक होगा। कतरास 26.90 करोड़ गोमो 32.40 करोड़ चंद्रपुरा 26.50 करोड़ पारसनाथ 30.40 करोड़ हजारीबाग रोड 28.10 करोड़ कोडरमा 30.30 करोड़ बरकाकाना 32.60 करोड़ डालटनगंज 29.20 करोड़ गढ़वा रोड 24.50 करोड़ लातेहार 24.50 करोड़ गढ़वा टाउन 25.50 करोड़ नगर उंटारी 26.30 करोड़ पहाड़पुर 28.10 करोड़ रेणुकूट 60.2 करोड़ चोपन 56.2 करोड़ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बैलास्टलेस तकनीक से बिछेगा रेलवे ट्रैक, निर्माण में आई तेजी मुंबई लोकल की रफ्तार को लगेंगे पंख! पनवेल-कर्जत के बीच बनकर तैयार हुई देश की आधुनिक टनल कहां-कहां बिछेगी बैलास्ट रहित ट्रैक सभी टर्मिनल और जिन स्टेशन को पुनर्विकसित तथा अमृत भारत के रूप में तैयार किया जा रहा है, उनके प्लेटफार्म की लाइनें बैलास्ट रहित बिछाई जाएंगी। निर्माण के दौरान यह ध्यान रख जाएगा कि इससे ट्रेनों की स्पीड कम न होने पाये। ट्रेनों की जहां धुलाई होती है यानी मेंटेनेंस लाइन के लिए भी बैलास्ट रहित ट्रैक बिछेगी। यार्ड की लाइन जहां सामान्य ट्रेन मेंटेनेंस मुश्किल होता है, उन स्थानों पर पत्थर रहित लाइन बिछेगी। हालांकि इसके लिए प्रधान मुख्य अभियंता से स्वीकृति लेनी होगी।

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