- शिक्षा विभाग ने कार्मिक, सतर्कता और वित्त विभाग से मांगा सुझावऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअमर उजाला ब्यूरोदेहरादून। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को शिक्षक संघ के चुनाव में सीधे मतदान के अधिकार के लिए शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। शिक्षा सचिव रविनाथ रामन के मुताबिक संगठन के संविधान में संशोधन के लिए कार्मिक, सतर्कता विभाग एवं वित्त विभाग से परामर्श प्राप्त किया जा रहा है।राजकीय शिक्षक संघ के चुनाव में शिक्षकों को सीधे मतदान का अधिकार नही है। वर्तमान में एक से 10 शिक्षक वाले स्कूल से एक डेलीगेट, 11 से 20 शिक्षकों वाले स्कूल से दो एवं 21 से 30 शिक्षकों वाले स्कूल से तीन डेलीगेट के माध्यम से मतदान किया जाता है। शिक्षा विभाग में प्रवक्ता डॉ अंकित जोशी ने डेलीगेट व्यवस्था को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था ठीक नहीं है। विभिन्न स्तरों के चुनाव में सभी शिक्षकों को सीधे मतदान का अधिकार दिया जाना चाहिए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ मुकुल कुमार सती ने इस मामले में हाईकोर्ट के अंतरिम निर्णय का हवाला देते हुए शासन को पत्र लिखा था। जिस पर शिक्षा सचिव रविनाथ रामन का कहना है कि प्रकरण में कार्मिक, सतर्कता और वित्त विभाग से परामर्श लिया जा रहा है। उधर इस मामले में सचिव कार्मिक शैलेश बगोली से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हुआ।विज्ञापनविज्ञापन----राजकीय शिक्षक संघ के सभी शिक्षकों को मतदान का अधिकार दिलाने की दिशा में यह अहम कदम है। शासन स्तर से यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीद है कि जल्द सभी शिक्षकों को सीधे मतदान का अधिकार मिलेगा। - डॉ. अंकित जोशी, प्रवक्ता
भारतीय शिक्षा विभाग ने प्रतिनिधि प्रणाली को चुनौती दी, शिक्षकों के लिए प्रत्यक्ष मतदान अधिकार की मांग की
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