1/5Image Source : India Tvअगर मीठा खाना है तो खाने के बाद खाएं। इससे आप ज्यादा खाने से बचते हैं। खाना भरपेट खाएं और उसके बाद थोड़ा मीठा खा लें। इससे आप कम खाकर भी ज्यादा मीठा खाने का अहसास पाएंगे। मिठाई का एक पीस खाने के साथ प्लेट में रखें। डिब्बे से खाते समय गिनती भूल जाते हैं और ज्यादा खाने लगते हैं।2/5Image Source : Magnificजिन लोगों को गैस एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स की समस्या रहती है उन्हें डिनर जल्दी खत्म कर लेना चाहिए। ऐसे लोगों को देर रात मीठा खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा खाने से हल्की वॉक जरूर करनी चाहिए। ट्रायल्स में पाया गया कि खाना खाने के बाद हल्की वॉक करने से खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज़ थोड़ा कम होता है। एसिडिटी पर इसका असर कम ही पता चला है।3/5Image Source : Magnificत्योहारों पर शरीर को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है। इसलिए मीठा खाएं लेकिन पानी भी पीते रहें। त्योहार के चक्कर में शराब, तेज चाय और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन कम से कम करें। इससे एसिडिटी बढ़ सकती है।4/5Image Source : Magnificदिन में फाइबर वाली चीजें डाइट में शामिल करें। जिसमें फल, दाल, सब्जियां और साबुत अनाज त्योहारों के भारी खाने से होने वाली कब्ज से बचाते हैं। डायबिटीज वाले लोगों को कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए। ध्यान रखें गुड़, शहद और खजूर भी शुगर हैं। शुगर अल्कोहल से बनी मिठाइयां, जिन्हें शुगर-फ्री बताकर बेचा जाता है, आमतौर पर गैस और ढीले स्टूल का कारण बनती हैं।5/5Image Source : Magnificजिन्हें रिफ्लक्स है उन्हें देर शाम तली हुई मिठाइयों को खाने से बचना चाहिए। जिन लोगों को गॉलस्टोन या हाई ट्राइग्लिसराइड्स हैं उन्हें ज़्यादा फैटी खाना खाने से सावधान रहना चाहिए। ऐसे लोगों को दूध और मावा से बनी मिठाई खाने से भी बचना चाहिए।
मीठे व्यंजनः पाचन स्वास्थ्य के लिए समय ही सब कुछ है
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