मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है. कड़ाके की ठंड के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है. बीते दो दिनों से कई जिलों में लगातार ओले गिरने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे खासतौर पर किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में यह मौसमीय हलचल बनी हुई है. इसी कारण 28 जिलों में बारिश और लगभग 24 जिलों में तेज तूफान जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है. बीते सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक शिवपुरी, ग्वालियर, मंदसौर, भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, गुना और आगर-मालवा समेत कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई. शिवपुरी में बिजली गिरने की एक दुखद घटना भी सामने आई, जिसमें एक किसान की जान चली गई. ग्वालियर और मंदसौर में ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं. वहीं रायसेन में सुबह ओस जमने से ठंड का असर साफ नजर आया. प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा. भोपाल और सीहोर में विजिबिलिटी घटकर महज 50 मीटर रह गई, जिससे सड़क, रेल यातायात ओर हवाई यात्रा भी प्रभावित हुई. दतिया, उज्जैन, रायसेन, मुरैना, देवास, धार, इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, रतलाम, नर्मदापुरम, शिवपुरी और श्योपुर समेत कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया. दिल्ली से भोपाल और इंदौर आने वाली कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से पहुंचीं. फिलहाल एमपी में रात के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है. अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि जैसे ही बारिश और बादल छंटेंगे, ठंड का असर और बढ़ सकता है. राजगढ़ में मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. खजुराहो, पचमढ़ी, अमरकंटक, रीवा और मंडला में तापमान 11 से 12 डिग्री के बीच रहा. वहीं देवास के कन्नोद में न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 5 फरवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है. इसके असर से फरवरी के पहले सप्ताह के अंत में प्रदेश में ठंड का एक नया दौर शुरू हो सकता है. दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. भोपाल- भोपाल में फरवरी के महीने में मौसम का मिजाज दो रंगों में नजर आता है. रात के समय यहां ठंड का असर बना रहता है, जबकि दिन चढ़ते ही तापमान बढ़ने लगता है और गर्मी महसूस होने लगती है. वर्ष 2014 से 2024 के बीच चार बार ऐसा हुआ, जब फरवरी में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया. वहीं रातों की ठंड भी कम नहीं रही. इसी अवधि में सात साल ऐसे रहे, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया. मध्य प्रदेश के कई जिलों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया है. ऐसा महसूस हो रहा है जैसे सर्दी ने एक बार फिर जोरदार वापसी कर ली हो. इसकी बड़ी वजह उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी और बारिश है. इन क्षेत्रों से चलने वाली ठंडी हवाएं अब मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं. इसी कारण मौसम में अस्थिरता बनी हुई है और कई जगहों पर रुक-रुक कर बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थिति बन रही है. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव अस्थायी नहीं है. विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड का एक और दौर सक्रिय हो सकता है. इसके असर से प्रदेश में दिन और रात दोनों समय के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है.
मध्य प्रदेश में अचानक मौसम में बदलावः व्यवधान और नुकसान की सूचना
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