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मानसून की वजह से उत्तर भारत में भारी बारिश, दिल्ली-एन. सी. आर. में यातायात बाधित

Aaj Tak
मानसून की वजह से उत्तर भारत में भारी बारिश, दिल्ली-एन. सी. आर. में यातायात बाधित
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देश के कई हिस्सों में मॉनसून अपने पूरे शबाब पर है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार की सुबह भी फुहारों के साथ हुई. आसमान में काले बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई. ऑफिस आवर्स के दौरान बारिश तेज हो गई. कई इलाकों और सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार थम गई. जाम के कारण दफ्तर जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला अगले दो-तीन दिन तक जारी रहने का पूर्वानुमान है. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जबकि गुरुवार सुबह से भी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने 5 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है. इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहेंगी. हालांकि, आईएमडी ने दिल्ली के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने देश के 17 राज्यों में अगले कुछ दिन तक मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ राज्यों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान मौसम विभाग ने जताया है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारी बारिश से पेड़ गिरने, जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है. मौसम विभाग ने उत्तराखंड, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार, ओडिशा, झारखंड, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. ​ उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच 5 जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कल भारी वर्षा दर्ज की गई और 6 अगस्त को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी यूपी के 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी है. प्रयागराज में लगातार बारिश के चलते कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल आज बंद कर दिए गए. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया. बिहार में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 से 8 अगस्त के बीच कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूर्वी हवाओं और ऊपरी वायुमंडल में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण लगातार बादल बन रहे हैं. उत्तराखंड में लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, नदियों और नालों के जलस्तर पर नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा. बिजली गिरने, तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों और पर्यटकों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है. भारी बारिश के मद्देनजर चमोली और बागेश्वर में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है. जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. उरी के बोनियार इलाके के लाचीपुरा में तेज बारिश के बाद स्थानीय नालों में अचानक पानी बढ़ गया, जिससे फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन गई और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है. वहीं कुलगाम के नंदीमार्ग इलाके में क्लाउडबर्स्ट के बाद नामलान नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया. कई जल स्रोत उफान पर आ गए और तेज बहाव गांवों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. गुजरात के नवसारी जिले में इस मॉनसून सीजन में अब तक करीब 2200 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 115 प्रतिशत अधिक है. अत्यधिक बारिश से किसानों, पोहा उद्योग और डायमंड इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है. जलालपुर तालुका के तवडी गांव में 23 और 24 जुलाई को 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी. दस दिन बाद भी खेतों में पानी भरा है और धान व गन्ने की फसल लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है. किसानों का कहना है कि प्रति बीघा 8 से 10 हजार रुपये खर्च करने के बावजूद पूरी मेहनत बर्बाद हो गई. अब वे सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं. बारिश का असर नवसारी के पोहा उद्योग पर भी पड़ा है. जिले की करीब 50 पोहा मिलों में रोजाना 500 टन उत्पादन होता है, लेकिन धान की फसल बर्बाद होने से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. उद्योग से जुड़े करीब दो हजार मजदूरों के रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा है. पोहा कारोबारियों का कहना है कि सप्लाई में देरी के कारण उत्पादन प्रभावित होगा और पोहे की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं. डायमंड उद्योग को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है. कई फैक्ट्रियों में पांच से सात फीट तक पानी भरने से लेजर मशीन, माइक्रो मशीन और अन्य महंगी मशीनरी खराब हो गई. उद्योग से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक लाखों रुपये की मशीनों की मरम्मत पर भी भारी खर्च आ रहा है और हजारों कारीगरों के सामने काम का संकट पैदा हो गया है. केरल में भी मॉनसून का असर गंभीर बना हुआ है. राज्य सरकार के मुताबिक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोग घायल और चार अब भी लापता हैं. राज्यभर में 462 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 27,048 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है. सबसे अधिक राहत शिविर पथानामथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों में बनाए गए हैं. सरकार के अनुसार 1,882 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है और 23,537 किसानों को नुकसान पहुंचा है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक कृषि क्षेत्र को 67.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को कुल 8 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है. इसमें राज्य आपदा मोचन कोष, मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से राशि दी जाएगी. पूर्वोत्तर में भी बाढ़ का संकट गहराया हुआ है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित असम का दौरा किया और कहा कि तबाही का पैमाना इतना बड़ा है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लगेगा. नड्डा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ असम-नागालैंड सीमा पर स्थित नेपालीखुटी इलाके का दौरा किया, जो 19 जुलाई को आई बाढ़ के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है. प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद नड्डा ने कहा कि उन्होंने इलाके में बाढ़ से हुई भारी तबाही को करीब से देखा है. उन्होंने कहा कि नुकसान इतना व्यापक है कि हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी. उनके मुताबिक वित्तीय मदद, पुनर्वास, मुआवजा और संपत्ति के नुकसान की भरपाई समेत हर स्तर पर प्रभावित लोगों को सहयोग दिया जाएगा. असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. लगातार बारिश के बीच राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है, जबकि पांच जिलों में अब भी 1.22 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. रातभर हुई बारिश के बाद कई इलाकों में फिर से जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

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