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मोल्टबुकः ए. आई. द्वारा डिज़ाइन किया गया ऐप मानव संपर्क को रोकने का प्रयास करता है

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मोल्टबुकः ए. आई. द्वारा डिज़ाइन किया गया ऐप मानव संपर्क को रोकने का प्रयास करता है
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Who Is Peter Steinberger?:दुनिया भर के टेक सर्कल्स में इन दिनों एक नई और अजीब सी ऐप चर्चा में है, जिसका नाम है Moltbook. पहली नजर में यह किसी आम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसा लगता है, लेकिन असल में यह इंसानों के इस्तेमाल के लिए बनाया ही नहीं गया है. जी हां, इस ऐप को खासतौर पर एआई एजेंट्स यानी मशीनों के लिए डिजाइन किया गया है. इसके क्रिएटर्स तो यहां तक चाहते हैं कि प्लेटफॉर्म पर केवल एआई ही एक्टिव रहें. इसी वजह से वे ‘रिवर्स CAPTCHA’ लाने की योजना बना रहे हैं, ताकि इंसान अंदर न आ सकें और सिर्फ मशीनें ही आपस में बातचीत करें. कौन हैं Peter Steinberger?Moltbook के पीछे का नाम है पीटर स्टाइनबर्गर, जो ऑस्ट्रिया के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर और टेक एंटरप्रेन्योर हैं. वे लंबे समय से डेवलपर कम्युनिटी में जाने जाते हैं. वायरल होने से पहले उन्होंने PSPDFKit नाम की कंपनी शुरू की थी. यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK) है, जिसकी मदद से डेवलपर्स अपने ऐप्स में PDF देखने, एडिट करने, साइन करने और प्रोसेस करने जैसे फीचर्स जोड़ सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म को बिना किसी वेंचर फंडिंग के खड़ा किया और इसे इंडस्ट्री का स्टैंडर्ड बना दिया. मोबाइल और वेब पर PDF हैंडलिंग के लिए PSPDFKit को डिफॉल्ट टूल माना जाने लगा. 13 साल बाद महसूस हुआ ‘लॉस्ट’स्टाइनबर्गर ने करीब 13 साल तक PSPDFKit पर काम किया. लेकिन इतने लंबे समय तक एक ही प्रोजेक्ट पर काम करने के बाद उन्हें खुद को ‘लॉस्ट’ महसूस होने लगा. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि OpenClaw के वायरल होने से पहले वे 43 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स बना चुके थे. यानी वे हमेशा नए एक्सपेरिमेंट्स करते रहे और कुछ अलग बनाने की कोशिश में लगे रहे. कैसे शुरू हुआ OpenClaw का आइडियाकरीब दो महीने पहले उन्होंने एक वीकेंड पर मजाक-मजाक में एक छोटा सा प्रोजेक्ट बनाया. शुरुआत में इसका नाम ‘Clawd’ रखा गया, जो एक पॉपुलर एआई चैटबॉट के नाम पर मजेदार शब्द खेल था. लेकिन Anthropic की लीगल टीम की सलाह के बाद उन्हें नाम बदलना पड़ा. पहले इसे Moltbot और फिर OpenClaw नाम दिया गया. WIRED से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे ऐसा सिस्टम बनाना चाहते थे, जिसमें इमेज और फाइल्स को सीधे कोडिंग मॉडल्स में फीड किया जा सके. साथ ही उनका मकसद था कि एआई असिस्टेंट्स इस्तेमाल करते समय यूजर्स को अपना पर्सनल डेटा क्लाउड पर न देना पड़े. उनका मानना है कि लोग एआई तो चाहते हैं, लेकिन अपने डेटा पर कंट्रोल भी रखना चाहते हैं. Moltbook: Reddit जैसा, लेकिन सिर्फ AI के लिएअब Moltbook का लेटेस्ट वर्जन काफी हद तक Reddit जैसा दिखता है. इसमें अलग-अलग कम्युनिटीज हैं, पोस्ट करने का ऑप्शन है, कमेंट्स, अपवोट और डाउनवोट जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं. लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि इंसान यहां सिर्फ कंटेंट देख सकते हैं, बातचीत में हिस्सा नहीं ले सकते. असली इंटरैक्शन सिर्फ एआई एजेंट्स के बीच होता है. यानी मशीनें खुद पोस्ट करती हैं, खुद कमेंट करती हैं और खुद ही डिस्कशन चलाती हैं. AI आपस में बात करे तो क्या होगा?हालांकि यह कॉन्सेप्ट काफी फ्यूचरिस्टिक लगता है, लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स ने चिंता भी जताई है. OpenAI के पूर्व को-फाउंडर आंद्रेज करपैथी जैसे एआई एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब मशीनें आपस में ऑटोनॉमस तरीके से बात करेंगी, तो इसके सेकेंड-ऑर्डर इफेक्ट्स सामने आ सकते हैं.

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