एपी, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के साथ युद्ध जारी रहने के दौरान ईरानी नागरिकों को निर्वासित करने के मुद्दे पर ईरान से गुप्त बातचीत की थी। गुरुवार को सार्वजनिक हुए अदालती दस्तावेजों से यह राजफाश हुआ है। दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने अक्टूबर के मध्य तक ईरानियों को किसी तीसरे देश के रास्ते निर्वासित करने की योजना बनाई थी। इस मामले में अदालत ने सरकार को निर्वासन की अंतिम योजना बनने पर 24 घंटे पहले सूचना देने और कार्रवाई से पांच दिन पहले लिखित नोटिस देने का आदेश दिया है। अदालत में न्यायाधीश एना रेयेस ने चिंता जताई कि युद्ध और ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर सरकारी कार्रवाई के बीच लोगों को वापस भेजना उनकी जान के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग के वकील ने कहा कि सरकार कानूनी निर्वासन आदेशों का पालन कर रही है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि अमेरिकी आव्रजन एजेंसियां ईरानी शरणार्थियों की गोपनीय जानकारी ईरानी सरकार के साथ साझा कर रही हैं। वहीं, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने इन आरोपों से इनकार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर और दिसंबर 2025 तथा जनवरी 2026 में 100 से अधिक ईरानियों को निर्वासित करने के लिए उड़ानों की व्यवस्था की गई थी।
युद्ध के दौरान ईरानी नागरिकों को निर्वासित करने पर अमेरिका ने ईरान के साथ गुप्त बातचीत की थी
Dainik Jagran•

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