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यूरोपीय नौकरी नियम भारतीय छात्रों को अंशकालिक काम के साथ पढ़ाई को संतुलित करने की अनुमति देते हैं

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यूरोपीय नौकरी नियम भारतीय छात्रों को अंशकालिक काम के साथ पढ़ाई को संतुलित करने की अनुमति देते हैं
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Job Rules in Europe:यूरोप के देश पिछले कुछ सालों के दौरान भारतीय छात्रों के बीच काफी पॉपुलर हुए हैं। जर्मनी, नीदरलैंड, स्पेन जैसे देशों में हजारों भारतीय पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, विदेश में पढ़ाई का खर्च काफी ज्यादा होता है, जिस वजह से स्टूडेंट्स पार्ट-टाइम जॉब करते हैं, ताकि उनका रोजमर्रा का खर्चा निकल पाए। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यूरोप के देशों में भी पढ़ाई के दौरान जॉब करना संभव है? अच्छी बात ये है कि यूरोपीय देशों में विदेशी छात्र पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर सकते हैं।कोई स्टूडेंट कितने घंटे काम करेगा, ये पहले से ही तय होता है। पढ़ाई के साथ-साथपार्ट-टाइम जॉबकरने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि छात्रों की अतिरिक्त कमाई हो जाती है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि उन्हें वर्क कल्चर और स्किल हासिल करने का भी मौका मिलता है। पार्ट-टाइम जॉब के दौरान हासिल की गई स्किल ग्रेजुएशन के बाद खूब काम आती हैं, जब स्टूडेंट्स नौकरी के लिए अप्लाई करते हैं या फिर नौकरी करने जाते हैं। हालांकि, पार्ट-टाइम जॉब के दौरान उस देश के नियमों के दायरे में रहना जरूरी है, ताकि कोई दिक्कत नहीं आए।किन यूरोपीय देशों विदेशी छात्र में काम कर सकते हैं?यूरोप के ज्यादातर देशों में विदेशी छात्रों को पार्ट-टाइम जॉब की इजाजत मिलती है। बस हर देश के काम के घंटे अलग-अलग हैं। ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि अकेडमिक टर्म कौन सा चल रहा है। भारतीयों के बीचजर्मनीएक पॉपुलर देश है, जहां ट्यूशन फीस काफी कम है और जॉब मार्केट भी काफी बेहतरीन है। यहां पर विदेशी छात्रों को एक साल में 140 दिन या 280 दिन हाफ-डे काम करने की इजाजत है। इस तरह यहां पर विदेशी छात्र हर हफ्ते 20 घंटे जॉब कर सकते हैं। सेमेस्टर ब्रेक में तो फुल-टाइम काम किया जा सकता है।फ्रांस में विदेशी छात्र हर साल 964 घंटे पार्ट-टाइम जॉब कर सकते हैं। इस तरह यहां पर भी विदेशी छात्रों को हर हफ्ते 20 घंटे काम करने की इजाजत मिली हुई है।नीदरलैंडमें विदेशी छात्र हर हफ्ते 16 घंटे जॉब कर सकते हैं। अगर गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं, तो फिर स्टूडेंट फुल-टाइम भी जॉब कर सकते हैं। यहां पर कंपनियां छात्र की तरफ से वर्क परमिट के लिए अप्लाई करती हैं। स्पेन में पढ़ने गए स्टूडेंट्स भी हर हफ्ते 20 घंटे जॉब कर सकते हैं। मगर कंपनी को साबित करना पड़ता है कि पार्ट-टाइम जॉब की वजह से छात्र की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।क्या वर्क परमिट की जरूरत होती है?यूरोप के ज्यादातर देशों में स्टूडेंट वीजा के साथ ही पार्ट-टाइम जॉब की इजाजत मिल जाती है, इसलिए विदेशी छात्रों को अलग से वर्क वीजा नहीं लेना पड़ता। मगर कुछ देशों में छात्रों को वर्क परमिट की जरूरत पड़ती है। जैसे नीदरलैंड में पार्ट-टाइम जॉब के लिए कंपनी को छात्र की तरफ से वर्क परमिट अप्लाई करना पड़ता है। स्पेन में भी छात्रों को काम शुरू करने से पहले अपने रेजिडेंस परमिट से जुड़ी अनुमति लेनी पड़ सकती है। छात्रों को इस बात का भी ख्याल रखना है कि वे पार्ट-टाइम जॉब के दौरान टैक्स से जुड़े नियमों का पालन भी करें।

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Publisher: Navbharat Times

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