अब जोड़ों का दर्द सिर्फ बढ़ती उम्र की समस्या नहीं रह गया है। हाल के वर्षों में 30 की उम्र के युवा भारतीयों में घुटनों, कूल्हों और कंधों में जकड़न, सूजन और दर्द के मामले तेजी से बढ़े हैं। इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अविक भट्टाचार्य (सीके बिरला हॉस्पिटल्स, कोलकाता) के अनुसार, इसकी वजह सिर्फ उम्र नहीं बल्कि हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली है। लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी, गलत फुटवियर, बढ़ता वजन और डिहाइड्रेशन - ये सभी आदतें ना सिर्फ जोड़ों पर दबाव डालती हैं बल्कि नसों की सेहत को भी नुकसान पहुंचाती हैं। अगर शुरुआती लक्षणों जैसे पैरों में भारीपन, सूजन या नसों का उभरना नजरअंदाज किया जाए, तो समस्या और गंभीर हो सकती है। अच्छी खबर यह है कि समय रहते छोटी-छोटी लाइफस्टाइल बदलाव अपनाकर जोड़ों और नसों दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। डॉ. भट्टाचार्य के अनुसार, कुछ छोटे लेकिन नियमित बदलाव बड़ा फर्क ला सकते हैं— हेल्थ नोट:30 की उम्र में जॉइंट पेन कोई सामान्य बात नहीं है, लेकिन सही समय पर ध्यान दिया जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव अपनाकर ना सिर्फ दर्द कम किया जा सकता है, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं से भी बचाव संभव है। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह लें।
युवा भारतीयों में जोड़ों का दर्दः एक जीवन शैली महामारी
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