अगस्त 2025 में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम युवक के किराए के कमरे पर पहुंची। गहन जांच के दौरान कमरे से दर्द निवारक दवाओं की 2 खाली स्ट्रिप, पाउडर के अवशेष लगा हुआ एक चम्मच, लाइटर और एक इस्तेमाल की गई सिरिंज बरामद की गई। इन भौतिक साक्ष्यों के आधार पर विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि युवक ने दवा का असामान्य रूप से सेवन किया था। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, संबंधित दर्द निवारक दवा का उपयोग बेहद गंभीर स्थितियों में केवल योग्य डॉक्टर की सलाह और चिकित्सकीय निगरानी में ही किया जाता है। बिना किसी डॉक्टर की सलाह के इसका स्वयं इस्तेमाल करना जानलेवा साबित हो सकता है।विज्ञापनमामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस ने मृतक युवक का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी डिजिटल गतिविधियों की जांच की। मोबाइल की यूट्यूब सर्च हिस्ट्री खंगालने पर कई ऐसे वीडियो और सामग्रियां मिलीं, जिनमें टैबलेट को चम्मच पर गर्म कर सिरिंज के माध्यम से शरीर में इंजेक्ट करने का तरीका बताया गया था। इस डिजिटल साक्ष्य ने जांच टीम को एक स्पष्ट दिशा दी। वैज्ञानिक जांच में यह पूरी तरह साबित हो गया कि युवक ने इंटरनेट पर दिखाए गए जानलेवा तरीके को अपनाया और दवा की ओवरडोज के कारण उसकी जान चली गई।विज्ञापनइस दुखद मामले को डॉ. प्रज्ञा सिसोदिया ने अपने शोध अध्ययन का मुख्य विषय बनाया। उनके शोधपत्र का शीर्षक 'Accidental Death Due to Internet Abuse of Therapeutic Drug: The Emerging Threat: A Case Report' रखा गया। इस पत्र में इंटरनेट पर बिना किसी प्रमाणिकता के मौजूद अधूरी या भ्रामक जानकारियों के आधार पर दवाओं के इस्तेमाल से पैदा होने वाले जानलेवा खतरों का गहन फॉरेंसिक और वैज्ञानिक विश्लेषण पेश किया गया। शोध में स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि ऑनलाइन उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारियों का बिना डॉक्टरी समझ के प्रयोग कितना घातक हो सकता है।फॉरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में देशभर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य और पोस्ट ग्रेजुएट छात्र शामिल हुए थे। कॉन्फ्रेंस की पेपर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में डॉ. प्रज्ञा सिसोदिया के शोधपत्र को सर्वश्रेष्ठ घोषित करते हुए पहला स्थान प्रदान किया गया। उन्होंने अपना यह महत्वपूर्ण शोध कार्य फॉरेंसिक विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. बजरंग कुमार सिंह, डॉ. जेएस तोमर तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में पूरा किया।
युवक की मौत की जांचः पुलिस को दर्द निवारक दवा के दुरुपयोग के सबूत मिले
Amar Ujala•

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