Achira News Logo
Achira News

रांची की विशेष अदालत ने पीएमएलए मामले के आरोपों को स्थगित करने के लिए हेमंत सोरेन के आवेदन को खारिज कर दिया

ABP News
रांची की विशेष अदालत ने पीएमएलए मामले के आरोपों को स्थगित करने के लिए हेमंत सोरेन के आवेदन को खारिज कर दिया
Full News
Share:

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को PMLA मामले में सोमवार को रांची की विशेष अदालत से झटका लगा. ECIR 06/2023 में चार्ज फ्रेम करने की कार्यवाही टालने के लिए सोरेन की ओर से दायर अर्जी को विशेष PMLA अदालत ने खारिज कर दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आगे की जांच लंबित होने के आधार पर पहले से दायर अभियोजन शिकायत पर कार्यवाही रोकना जरूरी नहीं है. आरोपी नंबर-2 हेमंत सोरेन की ओर से दायर अर्जी में कहा गया था कि मामले में आगे की जांच जारी है और ED ने अपनी अभियोजन शिकायत में जरूरत पड़ने पर पूरक शिकायत दाखिल करने की अनुमति मांगी है. इसलिए अभी मामला चार्ज फ्रेम करने के लिए तैयार नहीं है. बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के 'वीनू भाई हरि भाई मालवीय' फैसले का हवाला देते हुए कहा कि चार्ज फ्रेम होने के बाद जांच जारी रखने की स्थिति नहीं रहनी चाहिए. ED के विशेष लोक अभियोजक ने अर्जी का विरोध करते हुए इसे कार्यवाही में देरी की कोशिश बताया. ED की ओर से कहा गया कि सोरेन की ओर से पहले भी डिस्चार्ज की मांग की जा चुकी है, जिसे विशेष अदालत ने 8 जून 2026 को खारिज कर दिया था. इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट में दायर रिवीजन में भी आगे की कार्यवाही पर रोक की मांग वाली अर्जी 18 सितंबर को खारिज हो चुकी है. विशेष अदालत ने कहा कि PMLA की धारा 44 के तहत मूल अभियोजन शिकायत दाखिल होने के बाद भी आगे की जांच की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर पूरक शिकायत दाखिल की जा सकती है. बाद में सामने आने वाला अतिरिक्त मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य मूल शिकायत का हिस्सा माना जा सकता है. इसलिए आगे की जांच लंबित होना अपने आप में मौजूदा कार्यवाही रोकने की कानूनी बाधा नहीं है. अदालत ने यह भी कहा कि आगे की जांच के दौरान नया साक्ष्य या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर ED कानून के मुताबिक उसे अदालत के समक्ष रख सकती है, लेकिन इससे पहले से दायर शिकायत या उसके आधार पर चल रही कार्यवाही रुकती नहीं है. सोमवार को हेमंत सोरेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना था, लेकिन सिविल कोर्ट में जियो सर्वर डाउन होने के कारण वीसी से पेशी संभव नहीं हो सकी. दोनों पक्षों की दलील पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को दोपहर 3:30 बजे तय की है. इसी दिन हेमंत सोरेन के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने को लेकर सुनवाई होगी. सुनवाई के दौरान सोरेन के वकील ने आरोप लगाया कि अदालत के 24 जून 2025 के निर्देश के बावजूद ED ने अनरिलाइड दस्तावेजों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है. ED की ओर से कहा गया कि निर्देश का पालन किया जा चुका है और आरोपी पक्ष के वकील ने सूची प्राप्त करने की पुष्टि भी की थी. ED ने जरूरत पड़ने पर सूची दोबारा उपलब्ध कराने की बात कही. “आगे की जांच लंबित होना, बिना किसी विशिष्ट प्रेज्यूडिस के कार्यवाही जारी रखने पर पूर्ण रोक नहीं है.” कोर्ट ने इसी आधार पर सोरेन की स्थगन अर्जी खारिज कर दी.

Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: ABP News

Want to join the conversation?

Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.