राजस्थान के बालोतरा जिले के धोरीमन्ना कस्बे में हुए ट्रक चालक की सनसनीखेज हत्या मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा कर दिया। इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में जहां पुलिस के लिए शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं था, वहीं आखिरकार एक मामूली दिखने वाला ऑनलाइन पेमेंट ही जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। यह मामला बुधवार रात का है, जब सांचौर रोड पर ट्रक चालक विशनाराम प्रजापत (45) की पत्थर मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में यह मामला रोड रेज का लग रहा था, लेकिन घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और पुलिस के पास केवल बाइक सवार दो युवकों के धुंधले सीसीटीवी फुटेज ही थे। पुलिस जांच के मुताबिक, धोरीमन्ना चौराहे पर सड़क के बीच खड़ी बाइक हटाने को लेकर ट्रक चालक और दो युवकों के बीच कहासुनी हुई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मामला शांत करवा दिया, लेकिन यही मामूली विवाद बाद में जानलेवा साबित हुआ। दोनों युवक ट्रक का पीछा करते हुए सांचौर रोड तक पहुंचे। वहां उन्होंने ट्रक को जबरन रुकवाया और एक बड़े पत्थर से चालक के सीने पर वार कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और परिजन मुआवजे व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पुलिस पर भी जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ता जा रहा था। ऐसे में पुलिस ने 10 टीमों का गठन किया और तकनीकी जांच के साथ-साथ आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। हालांकि फुटेज में केवल दो संदिग्ध युवक बाइक पर नजर आए, लेकिन उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। यहीं से जांच में एक अहम मोड़ आया। पुलिस को पता चला कि आरोपी घटना से पहले एक शराब ठेके पर गए थे। वहां उन्होंने शराब खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट किया था। पुलिस ने संबंधित शराब ठेके से पेमेंट डिटेल खंगाली। डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों की पहचान की गई और उनके मूवमेंट को ट्रैक किया गया। इसके बाद पुलिस टीमों ने सांचौर क्षेत्र में दबिश दी और लगातार पीछा करते हुए दोनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार (26) और विशनाराम (23) हैं, जो पेशे से डिलीवरी बॉय हैं और एक ऑनलाइन कोरियर कंपनी में काम करते हैं। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी घटना वाले दिन फलसूंड में एक मीटिंग में गए थे और लौटते समय बाड़मेर होते हुए धोरीमन्ना पहुंचे। यहां उन्होंने गुड़ामालानी रोड स्थित शराब ठेके पर शराब पी, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वारदात के समय दोनों आरोपी नशे में थे, जिससे उनका गुस्सा बेकाबू हो गया और मामूली विवाद हत्या में बदल गया। हत्या के बाद परिजन और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया था। गुरुवार को भी दिनभर धरना जारी रहा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कई दौर की वार्ता के बाद परिजनों को समझाया और मुआवजे पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ। यह केस पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि शुरुआत में कोई स्पष्ट सुराग नहीं था। लेकिन तकनीकी जांच, सीसीटीवी एनालिसिस और डिजिटल पेमेंट ट्रैकिंग के संयोजन ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
राजस्थान हत्या मामला 24 घंटे में ऑनलाइन भुगतान सुराग के माध्यम से सुलझा
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