हिमालयन सीरो बेहद शर्मीला और एकांतप्रिय वन्यजीव माना जाता है। यह सामान्यतः घने जंगलों और खड़ी पहाड़ी ढलानों में रहता है, इसलिए इसका खुले में दिखाई देना काफी दुर्लभ होता है। वन विभाग का मानना है कि इस रिकॉर्डिंग से रूपी भावा वन्यजीव अभयारण्य में समृद्ध जैव विविधता की एक बार फिर पुष्टि हुई है।विज्ञापनवन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, रूपी भावा वन्यजीव अभयारण्य में हिमालयन सीरो की मौजूदगी वर्ष 2019 में दर्ज की गई थी। इसके बाद वर्ष 2021-22 में रक्छम-चितकुल वन्यजीव अभयारण्य के रक्छम बीट क्षेत्र में भी इस दुर्लभ प्रजाति की रिकॉर्डिंग हुई थी। अब छोटा कम्बा क्षेत्र से मिली नई रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रुपी बावा वन्यजीव अभयारण्य में तीसरी बार हिमालयी सेरो देखा गया
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