नई दिल्ली:अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बनाए थे। जवाब में चेन्नई की शुरुआत शानदार रही। मैच के दौरान सबसे भावुक पल तब आया जब 16वें ओवर के स्ट्रेटेजिक ब्रेक के दौरान संजू सैमसन 84 रन पर खेल रहे थे और उन्हें अपना शतक पूरा करने के लिए केवल 16 रनों की दरकार थी, जबकि टीम को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे। ब्रेक के दौरान संजू को युवा बल्लेबाज कार्तिक शर्मा से लंबी बात करते देखा गया। संजू ने वहां साफ कर दिया कि उनके लिए शतक से ज्यादा टीम की जीत की अहमियत है और उन्होंने कार्तिक को अपना नेचुरल गेम खेलने की छूट दी।संजू का बड़ा दिल और टीम फर्स्ट अप्रोचसंजू सैमसन के पास आईपीएल का एक और शतक जड़ने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने स्वार्थ को परे रखकर टीम के नेट रन रेट और जीत को प्राथमिकता दी। उन्होंने शायद कार्तिक शर्मा को समझाया कि उन्हें शतक की चिंता करने की जरूरत नहीं है, ऐसे मौके भविष्य में और भी आएंगे। संजू के इस व्यवहार ने मैदान पर मौजूद दर्शकों और सोशल मीडिया पर फैंस को उनका मुरीद बना दिया। अंत में संजू 87 रनों पर नाबाद रहे और चेन्नई ने महज 17.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।कार्तिक शर्मा और संजू की मैच जिताऊ साझेदारीमैच में चेन्नई की जीत की नींव संजू सैमसन और कार्तिक शर्मा के बीच हुई साझेदारी ने रखी। जहां संजू ने 50 गेंदों में 87 रनों की आक्रामक पारी खेली, वहीं कार्तिक शर्मा ने भी 31 गेंदों में 41 रनों का संयमित साथ निभाया। संजू की इस पारी में बेहतरीन टाइमिंग और क्लास देखने को मिली, उन्होंने दिल्ली के स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए। कार्तिक के साथ उनकी बातचीत और तालमेल ने दिखाया कि चेन्नई की टीम में सीनियर्स किस तरह युवाओं का हौसला बढ़ा रहे हैं।प्लेऑफ की रेस में चेन्नई की मजबूत छलांगइस जीत के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति और भी मजबूत कर ली है। 156 रनों के लक्ष्य को मात्र 17.3 ओवर में 8 विकेट शेष रहते हासिल करना चेन्नई के नेट रन रेट के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। सीएसके की टीम अंक तालिका में 10 मैचों में 5 जीत के साथ छठे स्थान पर मौजूद है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार एक बड़ा झटका है, क्योंकि उनके गेंदबाज संजू सैमसन के तूफान को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे। संजू की इस पारी और उनकी खेल भावना ने यह साबित कर दिया कि वह न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, बल्कि एक महान टीम मैन भी हैं।
संजू सैमसन का निस्वार्थ कार्यः व्यक्तिगत गौरव पर टीम की जीत को प्राथमिकता देना
Navbharat Times•
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