इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच 22 सितंबर (मंगलवार) से दो मैचों की अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला पुडुचेरी के सीचेम ग्राउंड में खेला जाना है. इस चार दिवसीय फर्स्ट क्लास मुकाबले में साई सुदर्शन के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं की खास नजर रहेगी. फिट होकर वापसी कर रहे सुदर्शन एक बार फिर इंडिया-ए के लिए पारी की शुरुआत करेंगे. उनका लक्ष्य सिर्फ रन बनाना नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में रिजर्व ओपनर के तौरा पर अपनी दावेदारी मजबूत करना है. साई सुदर्शन ने भारत के लिए अब तक सात टेस्ट मुकाबले खेले हैं और इनमें उन्होंने नंबर-3 पर बल्लेबाजी की है. हालांकि, इंडिया-ए के साथ श्रीलंका दौरे पर उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई थी और उन्होंने इस मौके को शानदार अंदाज में भुनाया. श्रीलंका-ए के खिलाफ दो फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 132 और 168 रनों की पारियां खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का मजबूत संकेत दिया था. श्रीलंका दौरे के बाद पैर में फ्रैक्चर के कारण साई सुदर्शन टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए थे. चोट से पूरी तरह उबरने के लिए उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में करीब छह सप्ताह का रिहैबिलिटेशन किया. अब फिटनेस हासिल करने के बाद उनकी इंडिया-ए टीम में वापसी हुई है और ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ वह उसी भूमिका में नजर आएंगे, जिसमें उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ प्रभाव छोड़ा था. वहीं, इंडिया-ए के कप्तान देवदत्त पडिक्कल इस मुकाबले में तीसरे नंबर-पर खेलते नजर आएंगे. टेस्ट टीम में नंबर-3 पोजीशन के लिए रेस में पडिक्कल ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. श्रीलंका में पिछली सीरीज के दौरान उन्होंने दो शतक लगाए थे. इसी वजह से सुदर्शन को अब ओपनिंग विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारत को रिजर्व ओपनर के साथ एक भरोसेमंद अतिरिक्त स्पिनर की भी जरूरत है. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट खेल चुके सारांश जैन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. अब ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ मुंबई के अनुभवी ऑफ स्पिनर तनुष कोटियन पर चयनकर्ताओं की नजर रहेगी. अंतरिम चयन समिति के प्रमुख प्रज्ञान ओझा और उनके साथी चयनकर्ता इस मुकाबले में उन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को करीब से देखेंगे, जो आने वाले समय में टेस्ट टीम का हिस्सा बन सकते हैं. इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए की इस सीरीज का महत्व सिर्फ एक फर्स्ट क्लास मुकाबले तक सीमित नहीं है. भारत की टीम आने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भी बैकअप विकल्प तैयार कर रही है. पांच टेस्ट की लंबी सीरीज में चोट या फिटनेस से जुड़ी समस्या आने पर मजबूत विकल्प मौजूद रहें, यही वजह है कि इंडिया-ए के खिलाड़ियों को इस तरह के मुकाबलों में परखा जा रहा है. इसके अलावा इंडिया-ए के न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है. ऑस्ट्रेलिया-ए की टीम भी कई ऐसे खिलाड़ियों से सजी है, जो टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में हैं. सैम कोंस्टास, नाथन मैकस्वीनी, टॉड मर्फी और झाय रिचर्डसन जैसे खिलाड़ी भारतीय परिस्थितियों में खुद को परखेंगे. पीटर हैंड्सकॉम्ब और एशेज जीत चुके तेज गेंदबाज ब्रेंडन डॉगेट भी टीम का हिस्सा हैं. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और कोच टिम पेन ने भारत में खेलने को इन खिलाड़ियों के लिए अहम अनुभव बताया है. खासकर गर्मी, पिच की परिस्थितियों और रेड बॉल से अलग लेंथ पर गेंदबाजी करने की चुनौती से रूबरू होना उनके लिए उपयोगी होगा. अमन मोखाडे, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल (कप्तान), साई सुदर्शन (उपकप्तान), यश राठौड़, शेख रशीद, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियन, तुषार देशपांडे, अंशुल कम्बोज, प्रफुल्ल हिंगे, नारायण जगदीशन (विकेटकीपर), नचिकेत भुते और त्रिपुराना विजय.
सुदर्शन का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट मैच में फॉर्म हासिल करना है
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