सोनीपत। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिप्ती ने संपत्ति हड़पने की नीयत से जाली वसीयत तैयार करने के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को तीन-तीन साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंआर्य नगर निवासी कुसुमलता ने सिटी थाना सोनीपत में 18 जुलाई 2013 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ससुर गांव हरसाना कलां निवासी सिंह राम उनके साथ रहते थे। उन्होंने जीवित रहते हुए वसीयत बनाई थी। उनका निधन 25 जुलाई 2012 को हो चुका है।विज्ञापनविज्ञापनउनकी कृषि भूमि को हड़पने की कोशिश के तहत साजिश रचते हुए जाली वसीयत तैयार की गई। यह साजिश मृतक के वैध उत्तराधिकारियों को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित करना था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने चार आरोपियों को दोषी माना।अदालत ने काठ मंडी निवासी भगत सिंह, गांव हरसाना कलां के रामधारी तथा मूलचंद नंबरदार और बिंदरौली के प्रेम सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 467 और 120-बी के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने चोरों को तीन-तीन साल कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
सोनीपत में वसीयत बनाने के आरोप में चार को दोषी ठहराया गया
Amar Ujala•

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