सावन का पूरा महीना हिंदू पंचांग में सबसे पवित्र समय माना जाता है। यह समय विशेष रूप से भगवान शिव की भक्ति के लिए समर्पित होता है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा करने से मन को शांति, घर में सुख-समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और धार्मिक प्रगति मिलती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सावन का पूरा महीना केवल उपवास रखने या पूजा करने का समय नहीं होता है, बल्कि यह अपने विचारों, कर्मों और जीवनशैली को सुधारने का भी समय है। इस दौरान शिव मंत्रों का जाप करना, शिवलिंग पर जल व बेलपत्र चढ़ाना, दान करना और खुद पर संयम रखना बहुत शुभ फल देता है। इस दौरान हर राशि के लोगों के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से जीवन में शुभता आती है। यही नहीं आपको इस दौरान कुछ विशेष काम करने से बचना भी चाहिए। आइए आपको बताते हैं उसके बारे में। मेष राशि के लोग प्रथम भाव के प्रभाव को मजबूत करने के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर लाल चंदन मिला हुआ जल चढ़ाएं। आप सावन के प्रत्येक मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें। अपनी कुंडली के अनुसार जीवन के विभिन्न पहलुओं को बेहतर समझें। पर्सनल ज्योतिषीय मार्गदर्शन और इनसाइट्स — अभी देखें घर के लोगों से बिना वजह बहस न करें, बिना सोचे-समझे पैसों से जुड़े फैसले न लें और किसी को भी कड़वे शब्द बोलने से बचें। सोमवार को भगवान शिव की पूजा करके सफेद मिठाई का भोग लगाएं। द्वितीय भाव के हित में भगवान शिव को दूध और सफेद फूल चढ़ाएं। सोमवार को सफेद मिठाई या चावल का दान करें और परिवार के साथ समय बिताएं। फालतू की चीजों पर पैसे खर्च न करें और अपनों के साथ व्यवहार में ज्यादा जिद्दीपन न दिखाएं। सोमवार को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को थोड़ी सी चीनी का दान करें। सावन के महीने में तृतीय भाव को बेहतर करने के लिए रोज शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। आज के दिन धार्मिक पुस्तकें पढ़ें और पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सहायता करें। इधर-उधर की बातें न करें, किसी से झूठे वादे न करें और किसी बात को लेकर बहुत ज्यादा न सोचें। बुधवार के दिन भगवान गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। इस महीने चतुर्थ भाव की शांति के लिए संभव हो तो रुद्राभिषेक कराएं। शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल और बेलपत्र चढ़ाएं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएं। बहुत ज्यादा भावुक होकर फैसले न लें, मन में कोई पुरानी रंजिश न रखें और बिना वजह तनाव न लें। सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें। पंचम भाव के सुधार के लिए रविवार को गेहूं या गुड़ का दान करें। पूरी श्रद्धा और विनम्रता से भगवान शिव की पूजा करें। अपने अंदर अहंकार न आने दें, दूसरों पर अपनी बातें न थोपें और फालतू के गुस्से से दूर रहें। रविवार को सूर्यदेव को जल अर्पित करें और प्रणाम करें। षष्ठ भाव के लिए रोज महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। हरी सब्जियां दान करें और अपने रुके हुए काम समय पर पूरे करें। हर बात का बहुत ज्यादा हिसाब न लगाएं, दूसरों की बुराई न करें और मन में कोई चिंता न पालें। बुधवार के दिन गायों को हरा चारा खिलाएं। सप्तम भाव की शुभता के लिए भगवान शिव को सफेद फूल और चंदन चढ़ाएं। जरूरतमंदों को कपड़े या भोजन दान करें। बिना वजह पैसे खर्च न करें, जरूरी कामों को टालें नहीं और अपने सहयोगियों से विवाद न करें। सोमवार के दिन किसी मंदिर में जाकर खीर चढ़ाएं। अष्टम भाव के शुभ फलों के लिए शिव अभिषेक के समय शहद चढ़ाएं। ध्यान लगाएं और अपने मन को शांत रखें। धार्मिक कामों में हिस्सा लें। किसी से बदला लेने की बात न सोचें, पैसों में जोखिम न लें और किसी से कोई बात न छिपाएं। मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में दीपक जलाएं। नवम भाव को मजबूत करने के लिए हर सोमवार को शिव मंदिर जाएं। सावन में धार्मिक ग्रंथ पढ़ें और अपने गुरुजनों और बड़ों का आशीर्वाद लें। खुद पर बहुत ज्यादा घमंड न करें, घर की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज न करें और झूठे वादे न करें। सोमवार के दिन किसी मंदिर में सफेद मिठाई चढ़ाएं। दशम भाव जिसे कर्म और प्रतिष्ठा का क्षेत्र माना जाता है उसके लिए भगवान शिव के सामने तिल के तेल का दीपक जलाएं। काले तिल या कंबल का दान करें। अपने मन में नकारात्मक विचार न लाएं, सेहत को नजरअंदाज करके काम न करें और तनाव न लें। शनिवार को शनिदेव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। एकादश भाव जिसे लाभ और सामाजिक काम का क्षेत्र माना जाता है उसके लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। सावन में दान-पुण्य के काम करें और थोड़ा समय खुद के लिए निकालें। अपनों से दूरी न बनाएं, सेहत को अनदेखा न करें और जल्दबाजी में कहीं पैसा न लगाएं। सोमवार को शिवलिंग पर काले तिल मिलाकर जल चढ़ाएं। द्वादश भाव जिसे अध्यात्म और दान का क्षेत्र माना जाता है उसे मजबूत करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। भगवान शिव को पीले फूल और बेलपत्र चढ़ाएं। सावन के महीने में गरीबों की मदद करें। कामों को कल पर न टालें, पैसों के लेन-देन में किसी पर अंधा भरोसा न करें और बिना सोचे-समझे पैसे न खर्च करें। बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करें। सावन 2026: ये 5 पवित्र व्रत रखने से दूर होंगे दुख-दर्द, मिलेगी सुख-समृद्धि सावन सोमवार पूजा 2026: शुभ मुहूर्त, आवश्यक सामग्री और महादेव को प्रसन्न करने के आसान उपाय
सावन माहः हिंदू कैलेंडर में भक्ति और आत्म-प्रतिबिंब का समय
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