नई दिल्ली:Rahul Gandhi Letter to Om Birla:संसद के बजट सत्र में नेता विपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर लोकसभा में बीते दो दिनों से हंगामा हो रहा है. आज इस हंगामे के दौरान स्पीकर की ओर पेपर उछालने वाले 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. हंगामे के कारण कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपना भाषण नहीं दे सके. अब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में बोलने से रोकने को परंपरा का उल्लंघन बताया है. कांग्रेस ने राहुल गांधी के लिखे इस पत्र को शेयर किया है. राहुल गांधी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से उन्हें रोकना लोकतंत्र के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा को रोकने का प्रयास है.'विपक्ष के नेता को अधिकार से वंचित करना'कांग्रेस ने 'एक्स' पर राहुल गांधी के पत्र को शेयर करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा के एक अहम मामले को उठाने के विपक्ष के नेता के अधिकार से वंचित करने के संबंध में लिखा है. राहुल गांधी ने पत्र के जरिए ओम बिरला से कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर बोलते हुए आपने सोमवार को मुझे एक मैगजीन को सत्यापित करने का निर्देश दिया था, जिसका मैं जिक्र करना चाहता था. मैंने आज अपना भाषण फिर से शुरू करते हुए उस दस्तावेज को सत्यापित किया.चिट्ठी में राहुल ने सदन में दस्तावेज के जिक्र की प्रक्रिया का भी किया उल्लेखपत्र में कहा गया कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार, जिसमें पिछले स्पीकरों के फैसले भी शामिल हैं, सदन में किसी दस्तावेज का ज़िक्र करने वाले सदस्य को उसे सत्यापित करना होता है और उसकी सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होती है. एक बार जब यह शर्त पूरी हो जाती है तो स्पीकर सदस्य को दस्तावेज से कोट करने या उसका जिक्र करने की अनुमति देते हैं. इसके बाद जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है और चेयर की भूमिका समाप्त हो जाती है.LoP Shri@RahulGandhiwrites to the Lok Sabha Speaker Om Birla regarding the denial of the Leader of Opposition's right to raise a crucial matter of national security in Parliament.pic.twitter.com/SzXVX3jc4M— Congress (@INCIndia)February 3, 2026पत्र में आगे कहा गया कि मुझे आज लोकसभा में बोलने से रोकना न केवल इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह गंभीर चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर बोलने से रोकने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है. यह दोहराना जरूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक मुख्य हिस्सा था, जिस पर संसद में चर्चा की जरूरत है.राहुल गांधी ने पत्र में यह भी कहा कि स्पीकर, सदन के निष्पक्ष संरक्षक के तौर पर हर सदस्य के अधिकारों की रक्षा करना आपकी संवैधानिक और संसदीय जिम्मेदारी है, जिसमें विपक्ष के सदस्य भी शामिल हैं. विपक्ष के नेता और हर सदस्य को बोलने का अधिकार हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग है.उन्होंने आगे कहा कि इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों से इनकार करने से एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है. संसदीय इतिहास में पहली बार सरकार के कहने पर स्पीकर को विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोकने के लिए मजबूर किया गया है. यह हमारे लोकतंत्र पर एक धब्बा है, जिसके खिलाफ मैं अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं.यह भी पढ़ें -लोकसभा में लगातार दूसरे दिन हंगामा, स्पीकर पर पेपर उछालने वाले 8 सांसद निलंबित, राहुल ने किया प्रदर्शन
संसद में चुप रहने पर राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
NDTV India•

Full News
Share:
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Achira News.
Publisher: NDTV India
Want to join the conversation?
Download our mobile app to comment, share your thoughts, and interact with other readers.