हेड कॉन्स्टेबल नितिन हत्याकांड में चंडीगढ़ पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। नितिन की हत्या करने वाले उनके बेटे अरमान के दोस्त करण से देसी कट्टा बरामद होने के बावजूद उसे छोड़ दिया गया। करण भी अरमान के साथ हरिद्वार से दो देसी कट्टे लेकर चंडीगढ़ आया था। इनमें से एक कट्टा अरमान के पास था, जिससे उसने अपने पिता नितिन की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि दूसरा कट्टा करण के पास था। हत्याकांड की जांच के दौरान अरमान से पूछताछ में करण के पास दूसरे कट्टे की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेक्टर-31 थाने में तैनात एक मुलाजिम ने करण को पकड़कर उसके पास से देसी कट्टा बरामद किया, लेकिन आरोप है कि कथित सेटिंग के बाद उसे छोड़ दिया गया। अब उसी करण को ऑपरेशन सेल ने 29 अक्टूबर को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 ब्लिंकिट के बाहर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद नितिन हत्याकांड में उसे पहले छोड़ने और संबंधित पुलिस मुलाजिम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अरमान ने पूछताछ में करण के साथ हरिद्वार से दो कट्टे लाने की बात बताई थी और करण के पास से एक कट्टा बरामद भी हुआ था तो उसे उस समय क्यों छोड़ दिया गया? अगर करण को अरमान के इरादों की जानकारी थी तो हत्याकांड में उसकी भूमिका की जांच क्यों नहीं हुई? अगर हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं थी तो अवैध हथियार बरामद होने पर अलग से कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अब पुलिस के सामने करण की भूमिका के साथ-साथ उस समय कट्टा बरामद करने वाले मुलाजिम और चौकी इंचार्ज की भूमिका की भी जांच करने का सवाल है। इस पूरे घटनाक्रम में सेक्टर-31 थाने के मुलाजिम के साथ एक चौकी इंचार्ज की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सूत्रों की मानें तो चौकी इंचार्ज ने ही संबंधित मुलाजिम से बात की थी। इसके बाद मामला रफा-दफा कर दिया गया। अब सवाल है कि करण से बरामद देसी कट्टा कहां है? उसकी रिकवरी किस केस में दिखाई गई? अगर कट्टा बरामद हुआ था तो करण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या हवलदार नितिन हत्याकांड में उसके साथ आने और हथियार रखने की भूमिका की जांच की गई थी? सूत्रों का यह भी कहना है कि मौजूदा एसएचओ हरिओम शर्मा को उस समय हुई कथित कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में ब्लिंकिट के बाहर 29 अक्टूबर को देर रात नाबालिग सुंदरम पर हुई फायरिंग के मामले में ऑपरेशन सेल ने रामदरबार फेज 2 निवासी करण और बनूड़ के रहने वाले अंश शर्मा उर्फ पंडित को गिरफ्तार किया है। नितिन हत्याकांड में करण की गिरफ्तारी हो जाती तो ब्लिंकिट के बाहर फायरिंग की घटना भी टल जाती।
हेड कांस्टेबल की हत्या करने वाले बेटे के दोस्त को रिहा करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस जांच के दायरे में
Dainik Jagran•

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