अंदरूनी चोट को जल्दी ठीक करना हो या अच्छी नींद की हो ख्वाहिश, हल्दी वाला दूध, जिसे गोल्डन मिल्क भी कहा जाता है, पीढ़ियों से कई भारतीय घरों में सोने से पहले पीने की परंपरा बनी हुई है। गले की खराश से राहत देने से लेकर बेहतर नींद में मदद करने तक के लिए, इस पेय को लोग अक्सर घरेलू रामबाण उपाय की तरह देखते हैं। सेहत के लिए हल्दी वाले दूध के अनगिनत फायदों के बावजूद कई बार अनजाने में इसे बनाते समय की गई एक छोटी सी गलती सेहत को फायदों की जगह नुकसान पहुंचाने लगती है। ऐसे में 'गोल्डन मिल्क' के सेहत से जुड़े फायदों का पूरा लाभ उठाने के लिए हमने फोर्टिस हॉस्पिटल (गुड़गांव) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. रिंकेश कुमार बंसल से जानने की कोशिश की आखिर क्या है हल्दी वाला दूध बनाने का सही तरीका और इसे बनाते समय लोग अक्सर क्या गलती करते हैं। KHETIKAKhetika Turmeric Powder 400g | Toxin Free Haldi | Traditional Stone Ground | High Curcumin & Natural Oils | No Artificial Colours | Authentic Taste & Aroma IAgriFarmIagrifarm Black Kali Haldi Root - 450 g/Karumanjal/Black Turmeric/Kali Haldi Root Eagerfit OrganicEagerfit Organic Black Pepper Powder (Kali Mirch Powder) - 100 Gram SANBAG NATURE FARMSANBAG NATURE FARM | Organic Black Pepper Powder | 100g, Pure Ground Black Pepper, Product of India | Sourced from certified organic farms bringing 100% our extraordinary Organic Black Pepper, Grown with utmost care and dedication, this exquisite spice carries flavour and health benefits within its tiny grains. ORGUREOrgure Turmeric Super Blend | Lakadong Turmeric with Black Pepper & A2 Ghee | Helps Curcumin Absorption | Immunity & Wellness Support | Pet Jar | 1Kg Pack GenericRoots & Spices Lakadong Turmeric Powder 250g from Meghlaya |Lab-Tested High Curcumin powder(7-12%) | Pure, Natural Haldi | from Jaintia Hills Meghalaya | Immunity & Anti-Inflammatory Properties Vegan & Gluten-Free | Best For Golden Milk जब हल्दी को अत्यधिक गर्म दूध में डाला जाता है, तो उसके कुछ पोषक तत्व, खासकर कर्क्यूमिन (Curcumin), ज्यादा तापमान की वजह से प्रभावित हो सकते हैं। कर्क्यूमिन हल्दी का मुख्य सक्रिय घटक है, जो सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जिम्मेदार होता है। अधिक गर्मी इसके प्रभाव को घटा सकती है, जिससे आपको वह पूरा स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता जिसकी आप उम्मीद करते हैं। हल्दी वाला दूध बनाते समय की जाने वाली दूसरी बड़ी गलती यह है कि इसमें काली मिर्च या हेल्दी फैट को न मिलाना। कर्क्यूमिन शरीर में अपने आप अच्छी तरह अवशोषित नहीं होता। यदि हल्दी वाले दूध में चुटकीभर काली मिर्च (जिसमें पाइपरीन होता है) या घी, नारियल तेल, या फुल-फैट दूध जैसी वसा न हो, तो हल्दी का बड़ा हिस्सा शरीर से बिना ठीक से अवशोषित हुए निकल जाता है। कुछ परिवार यह सोचकर ज्यादा हल्दी डाल देते हैं कि ज्यादा मात्रा का मतलब ज्यादा फायदा होगा। जबकि सच्चाई यह है कि अधिक हल्दी पेट में जलन, गैस या मितली का कारण बन सकती है। खासकर तब अगर आप इसे रोजाना लेते हैं। हल्दी वाला दूध बनाने के लिए दूध को सिर्फ गर्म करें, उबालें नहीं। इसके बाद इसमें ¼ से ½ चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं। इसके बाद एक चुटकी काली मिर्च दूध में जरूर डालें। फिर कुछ बूंदें घी या फुल-फैट दूध का उपयोग करें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर 2 मिनट रखने के बाद फिर पिएं। स्वाद और फायदे बढ़ाने के लिए अदरक, दालचीनी या शहद (दूध थोड़ा ठंडा होने के बाद) भी मिलाया जा सकता है।
हल्दी का दूध बनाने का सही तरीका-इष्टतम स्वास्थ्य लाभों के लिए सामान्य गलतियों से बचना
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