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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 02:47 PM
अमेरिका की आलोचनाओं के बीच भारत एफ. सी. आर. ए. संशोधनों पर अडिग

अमेरिका की आलोचनाओं के बीच भारत एफ. सी. आर. ए. संशोधनों पर अडिग

भारत के विदेशी फंडिंग कानून (FCRA) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर अमेरिका के एक सांसद की तीखी टिप्पणी के बाद भारत सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और इस पर फैसला देश की संसद ही लेगी। बता दें कि अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद रिले मूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर भारत के फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि ये बदलाव ईसाइयों और धार्मिक संस्थाओं पर हमला हैं और इससे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है। ट्रंप के सांसद के इस पोस्ट पर विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार का रुख साफ किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में अमेरिकी सांसद की आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि घरेलू कानून से जुड़े मामले पूरी तरह से आंतरिक हैं। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका समेत दुनिया के कई अन्य देश भी विदेशी फंड और फंडिंग को अपने यहां कड़ाई से विनियमित करते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इस नए संशोधन विधेयक में कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। इसमें प्रमुख तौर पर डेजिग्नेटेड अथॉरिटी के गठन पर खासा जोर दिया गया है। इस बात को ऐसे समझिए कि यदि किसी संगठन का एफसीआरए (FCRA) रजिस्ट्रेशन रद्द होता है, सरेंडर किया जाता है या समय समाप्त होने पर नवीनीकरण नहीं होता है, तो उसके विदेशी फंड और उनसे बनाई गई संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक 'डेजिग्नेटेड अथॉरिटी' बनाई जाएगी। बिल में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि ऐसी संपत्तियों में कोई पूजा स्थल शामिल है, तो उस प्राधिकारी को उसकी धार्मिक विशेषता को बनाए रखना होगा। इसके साथ ही इस नए संशोधन के तहत कानून के उल्लंघन पर अधिकतम सजा को 5 साल की कैद से घटाकर 1 साल करने का प्रस्ताव है। आंकड़ों का आधार देखे तो गृह मंत्रालय के अनुसार, साल 2019 से 2022 के बीच देश के 13,520 संगठनों को कुल 55,741 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली थी।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 01:52 PM
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी के छात्र केंद्रित अभियान पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया की कमी पर सवाल उठाए

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी के छात्र केंद्रित अभियान पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया की कमी पर सवाल उठाए

देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। थरूर ने माना कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा छात्रों के हक में उठाए गए तमाम मुद्दे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान में पहले ही उठाए जा चुके थे। हालांकि, पार्टी को उस समय जनता से वैसा समर्थन और प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी, जैसा CJP के आंदोलन को मिला। थरूर ने कहा, 'यह बेहद दिलचस्प है कि CJP ने जिन मांगों को लेकर आंदोलन खड़ा किया, उन्हें मेरी पार्टी और राहुल गांधी ने अपने अभियान के जरिए कई महीने पहले ही उठाया था। लेकिन हमें इस बात पर गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर कांग्रेस के प्रयासों को वैसी जन-प्रतिक्रिया क्यों नहीं मिली? हमें लोगों की नब्ज को और बेहतर तरीके से समझने की आवश्यकता है।' गौरतलब है कि CJP ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से अपना प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने CJP के आंदोलन से पहले, 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी, जिसे बाद में देश के कई अन्य शहरों में ले जाया गया। राहुल का कहा क था कि देश का शिक्षा तंत्र एक शोषणकारी ढांचे में तब्दील हो चुका है, जो सरकारी शह पर पनप रहा है। तमाम समानताओं के बावजूद, कांग्रेस का यह अभियान वह व्यापक जन-समर्थन हासिल करने में नाकाम रहा, जो बाद में CJP के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन में देखने को मिला। थरूर के इस बयान ने पार्टी के भीतर जन-संपर्क की रणनीतियों पर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है। कांग्रेस सांसद ने भारत की युवा आबादी के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि दक्षिण एशिया की राजनीतिक पार्टियां अब यह नहीं मान सकतीं कि राजनीति के पुराने तरीके काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा, '2029 में 'जेन जेड' (Gen Z) सबसे बड़ा वोटिंग ग्रुप होगा। भारत के ज्यादातर हिस्सों को जागना होगा और इस बात को समझना होगा कि युवा बदलाव चाहते हैं। अब सब कुछ पहले जैसा नहीं चल सकता है।' थरूर ने विपक्ष की राजनीति कैसे होनी चाहिए, इस पर अपनी पुरानी बात फिर से दोहराई। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी पार्टी में यही बात कहता रहा हूं कि सड़क का काम सड़क पर और सदन का काम सदन में होना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'मैं अपनी पार्टी के प्रति बेवफा नहीं हूं, लेकिन मैं अपनी आजाद राय रखता हूं। कभी-कभी मेरे विरोधी मेरी राय का इस्तेमाल कर सकते हैं। कांग्रेस सबसे कम अलोकतांत्रिक पार्टी है। क्या आपने कभी सुना है कि बीजेपी में किसी ने असहमति जताई हो और पार्टी में बना रहा हो? मैं उस पार्टी में हूं जो मेरी सोच के सबसे करीब है।' उन्होंने उस आलोचना का भी जवाब दिया जो एक ऐसे मंच पर जाने के बाद हुई थी, जहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे। भागवत ने गुरुवार को मुंबई में 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं सालगिरह के मौके पर लगभग 2,000 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' प्रतिभागियों को संबोधित किया था। उन्होंने कहा, 'जो लोग चाहते हैं कि मुझे पार्टी से निकाल दिया जाए क्योंकि मैं उस मंच पर गया था जहां मोहन भागवत भी मौजूद थे, वे यह नहीं समझते कि अलग सोच रखने वालों के साथ भी बातचीत की जा सकती है।'
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Aug 7, 2026, 01:27 PM
राहुल गांधी ने ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना की, इसे'काला दाल'का मुद्दा बताया

राहुल गांधी ने ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना की, इसे'काला दाल'का मुद्दा बताया

देश की राजनीति में एक बार फिर पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के सरकारी फैसले यानी E20 पेट्रोल पॉलिसी को लेकर घमासान मच गया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. इस वीडियो में राहुल गांधी न सिर्फ सरकार की इस नीति पर तीखे सवाल खड़े कर रहे हैं, बल्कि वे एक कार का पेट्रोल टैंक खोलकर आम जनता को इसके दुष्प्रभावों के बारे में समझाते हुए भी नजर आ रहे हैं. उन्होंने इस पूरे मामले पर कड़ा कटाक्ष करते हुए कहा कि इस पॉलिसी के मामले में दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है. दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें वे कार का टैंक खोलकर जनता से ई 20 पेट्रोल पॉलिसी पर बातचीत की. राहुल गांधी ने वीडियो के जरिए साफ किया कि E20 पेट्रोल का यह मुद्दा कोई साधारण या छोटा-मोटी नीतिगत बहस नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों वाहन चालकों से जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा और गंभीर मुद्दा है. उन्होंने कहा कि इससे देश का हर वो नागरिक प्रभावित हो रहा है जो वाहन का इस्तेमाल करता है. E20 - दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है। pic.twitter.com/Unw7UfNt9k कांग्रेस नेता ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि इस एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की वजह से लोगों की कारें और स्कूटर तेजी से खराब हो रहे हैं. इंजनों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है और गाड़ियों का माइलेज भी कम हो रहा है. राहुल गांधी के अनुसार, इससे आम आदमी के जीवन पर सीधा बुरा असर पड़ रहा है. यह एक तरह से जनता की गाढ़ी कमाई पर सीधे तौर पर डाका डालने जैसा है. वीडियो में राहुल ने देश के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि देश में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के इतने सारे मुद्दे हैं कि यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि किस बात को पहले उठाया जाए और किस क्रम (सीक्वेंस) में सरकार को घेरा जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान में प्राथमिकताओं का चयन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है क्योंकि हर तरफ समस्याएं खड़ी हैं. विपक्ष के नेता ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर चिंता करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी और विपक्ष इस मामले को चुपचाप नहीं बैठने देगा, बल्कि इसे एक बड़े पैमाने पर उठाया जाएगा. सरकार को इस नीति के पॉलिसी के लिए कटघरे में खड़ा किया जाएगा. वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में चल रहे एथेनॉल ब्लेंडिंग विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ कहा है कि भारत का बायोफ्यूल ब्लेंडिंग प्रोग्राम बेहद शानदार तरीके से आगे बढ़ रहा है. और कुछ लोग इस पर बेवजह का विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी और विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि देश के पेट्रोल पंपों पर रोज लगभग 6 से 7 करोड़ ग्राहक ईंधन भराने आते हैं. अगर किसी चीज में मिलावट या समस्या की बात की जाती है, तो मिलावट तो किसी भी चीज में हो सकती है, वह खाने का सामान हो, सांस लेने वाली हवा हो, केरोसिन हो या डीजल हो. हरदीप सिंह पुरी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सरकार ने इस मामले की गहन जांच कराई है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान रोजाना करीब 2,000 पेट्रोल पंपों से सैंपल लिए गए. देश भर के 107,000 से अधिक पेट्रोल पंपों में से जांच के दौरान केवल चार जगहों पर समस्या पाई गई. #WATCH | Delhi: Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Hardeep Singh Puri, says, "Our biofuel blending programme is doing exceptionally well. Some of you may have heard about E20 and some people trying to create controversy around it. Every day, something like 6 to 7 crore… pic.twitter.com/QKQKvQlQUR मंत्री ने सवाल उठाया कि जहां रोज करोड़ों लोग पेट्रोल पंप आ रहे हैं, वहां कुछ एक मामलों को आधार बनाकर हवा खड़ा करना पूरी तरह गलत है. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए या बिना पूरी जानकारी के इस मामले को तूल दे रहे हैं और चीजों को उनके संदर्भ से बाहर पेश कर रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि सरकार पर्यावरण की रक्षा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इस नीति पर पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है. दरअसल, सरकार देश में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला रही है, जिसे E20 पेट्रोल कहा जाता है. हालांकि, विपक्ष और वाहन चालकों का आरोप है कि इससे पुरानी गाड़ियों के इंजन जल्दी खराब हो रहे हैं. गाड़ियों का माइलेज भी कम हो रहा है.इसी मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 01:25 PM
भारत ने शेख हसीना की मीडिया बातचीत में शामिल होने से इनकार किया

भारत ने शेख हसीना की मीडिया बातचीत में शामिल होने से इनकार किया

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हालिया मीडिया बातचीत पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि 'इसमें भारत की कोई भूमिका नहीं थी।' हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, 'एक निजी मीडिया संस्था के कार्यक्रम में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती है, खासकर बांग्लादेश की विधिवत गठित सरकार के संबंध में।' शेख हसीना ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की थी कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ हैं, ताकि लोकतंत्र बहाल करके देश को सही रास्ते पर लाया जा सके, भले ही उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करना पड़े। हसीना ने कहा, 'मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार सकते हैं। मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी। चाहे मेरी किस्मत में कुछ भी हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी। मैं तब तक दूर नहीं रह सकती जब तक मेरे प्यारे देशवासी पीड़ित हैं।' शेख हसीना की मीडिया बातचीत पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई थी, जिसमें कहा गया कि वह इस बात से नाराज है कि भारत-बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में चिंता जताने के बावजूद इस कार्यक्रम की अनुमति दी गई। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि भगोड़ी शेख हसीना को आज शाम नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने और उनके सहयोगियों ने बांग्लादेश राज्य और उसके लोगों के खिलाफ बातें कहीं।' बांग्लादेश के इन आरोपों का भारत ने खंडन किया है। भारत ने साफ तौर पर कहा कि हमारी इस मीडिया बातचीत में कोई भूमिका नहीं है।
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Dainik Bhaskar
Aug 7, 2026, 01:15 PM
माफिया नेता के पैरोल पर भेजे गए बेटे छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल हुए

माफिया नेता के पैरोल पर भेजे गए बेटे छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल हुए

माफिया अतीक अहमद के जेल में बंद दोनों बेटे अली और उमर छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार दोपहर साढ़े 3 बजे दोनों भाइयों को पैरोल दे दी। उमर लखनऊ और अली झांसी जेल में बंद है। कोर्ट का आदेश जेल पहुंचने के बाद दोनों को प्रयागराज पहुंचने में 6-7 घंटे लग सकते हैं। ऐसे में अबान को प्रयागराज में देर रात या कल सुपुर्द-ए-खाक किया जा सकता है। परिवार ने अबान के शव को डीप फ्रीजर में रख दिया है। इधर, भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अबान की मौत पर कहा- इससे पहले, प्रयागराज पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य से अबान की मौत पर पत्रकारों ने सवाल किया तो भड़क गए। बोले- मां शाइस्ता परवीन जनाजे में शामिल होगी या नहीं। सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं। वह 2023 से फरार है। पति अतीक और बेटे असद के जनाजे में भी शामिल नहीं हुई थी। अबान (21) को कसारी-मसारी के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। यहां उसकी कब्र खोद दी गई है। यहां उसके पिता अतीक, दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की भी कब्रें हैं। अबान की गुरुवार सुबह झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। वह चार दोस्तों के साथ क्रेटा कार से जेल में बंद भाई अली से मिलने प्रयागराज से जा रहा था। हाईवे पर जानवर को बचाने के चक्कर में कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन दोस्त घायल हो गए। अबान-सोनू के शव शुक्रवार तड़के 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। यहां अबान की बुआ का घर है। अतीक का घर टूटने के बाद अबान वही रहता था। अबान का शव लेने झांसी पहुंचे अहजम ने कहा था- 2023 में असद के एनकाउंटर के बाद अतीक के भाई अशरफ ने भी यही बात कही थी। भाई की मौत की खबर मिलने के बाद जेल में बंद अली रातभर सोया नहीं। वह रोता रहा और खाना भी नहीं खाया।
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Aug 7, 2026, 12:47 PM
क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए

क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को 'मक्का संयुक्त डिफेंस डील' पर हस्ताक्षर किए. यह कदम इस इलाके में युद्ध और सैन्य तनाव बढ़ने के बीच उठाया गया है. इन तीनों देशों के रक्षा सहयोग पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस पर नजर बनाए हुए है. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये एक ऐसी घटना है जिस पर हम बारीकी से नजर रखे हुए हैं. सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच संयुक्त डिफेंस पैक्ट का मकसद अमेरिका-ईरान की लड़ाई के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना है. पाकिस्तान ने कहा कि भले ही यह डिफेंस डील खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है, लेकिन इसकी अहमियत इससे कहीं ज्यादा है. इन तीनों देशों के बीच संभावित स्ट्रेटेजिक अलायंस को लेकर महीनों से अटकलें लगाई जा रही थीं. PAK विदेश मंत्रालय ने कहा कि डील के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होने पर उसे उन सभी पर हमला माना जाएगा. सोमालिया और पाकिस्तान ने अगस्त 2026 में इस्लामाबाद में एक महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत आतंकवाद-रोधी अभियानों, सैन्य प्रशिक्षण रक्षा उपकरण निर्माण और समुद्री सुरक्षा (मैरीटाइम सिक्योरिटी) के क्षेत्रों में आपसी संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी. इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम सोमालिया और पाकिस्तान के बीच हो रही गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं.' इस गठबंधन में तीनों देशों की अलग-अलग ताकत शामिल है. पाकिस्तान अपनी सेना और हथियार उत्पादन क्षमता दे रहा है. तुर्की के पास नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना है जबकि सऊदी अरब अपने वित्तीय संसाधनों और रणनीतिक प्रभाव के साथ इसमें शामिल है. पाकिस्तान ने हाल के महीनों में सऊदी अरब में अपनी सैन्य मौजूदगी भी काफी बढ़ा दी है. पाकिस्तान ने वहां हजारों सैनिक, कई लड़ाकू विमान, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं. पाकिस्तान अन्य खाड़ी देशों के साथ भी अपने सुरक्षा संबंध मजबूत कर रहा है. इसी सिलसिले में पाकिस्तान की कुवैत के साथ ऊर्जा सहयोग और निवेश से जुड़े एक बड़े रक्षा समझौते पर बातचीत चल रही है. पिछले साल सितंबर 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब ने एक अहम रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते की सबसे बड़ी बात ये है कि इसके तहत दोनों में से किसी भी एक देश पर होने वाले हमले को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा. इस कदम ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सालों से चले आ रहे अनौपचारिक सुरक्षा संबंधों को एक औपचारिक और मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान किया है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और गहरा होने का रास्ता साफ हुआ.
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Aug 7, 2026, 12:46 PM
पी. डी. पी. नेता इल्तिजा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को बहाल करने पर रुख स्पष्ट किया

पी. डी. पी. नेता इल्तिजा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को बहाल करने पर रुख स्पष्ट किया

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) नेता इल्तिजा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग को लेकर अपना रुख साफ किया है। पुलिस पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग उठाना उनका कानूनी अधिकार है।
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Aug 7, 2026, 12:39 PM
कांग्रेस ने उमंग सिंघर को हरियाणा के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया

कांग्रेस ने उमंग सिंघर को हरियाणा के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया

कांग्रेस का मानना है कि उमंग सिंघार के लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठन चलाने की क्षमता और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में हरियाणा कांग्रेस संगठन को नई मजबूती मिलेगी और संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आएगी।विज्ञापनकांग्रेस का संगठन सृजन अभियान राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हरियाणा के पर्यवेक्षक के रूप में उमंग सिंघार संगठन की गतिविधियों की निगरानी करेंगे, कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करेंगे और संगठन विस्तार की रणनीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।विज्ञापनमोती मस्जिद के बैरिकेड्स पर भड़के व्यापारी, बाजार बंद कर सड़क पर बैठे, कहा- रास्ता खोलो, कारोबार बचाओनियुक्ति की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों ने उमंग सिंघार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और इसे प्रदेश कांग्रेस के लिए भी गौरव का विषय बताया। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि वे इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।प्रदेश कांग्रेस सचिव विनोद सेन की ओर से जारी बयान में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। कांग्रेसजनों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह फैसला उमंग सिंघार की कार्यशैली और नेतृत्व पर पार्टी के विश्वास को दर्शाता है।
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Aug 7, 2026, 12:30 PM
विधायक ने सभागार की आधारशिला रखी, बाढ़ से हुए नुकसान का निरीक्षण किया

विधायक ने सभागार की आधारशिला रखी, बाढ़ से हुए नुकसान का निरीक्षण किया

डोईवाला। विधायक बृजभूषण गैरोला ने विधानसभा क्षेत्र के केशवपुरी स्थित दशहरा मैदान में विधायक निधि से 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सभागार कक्ष का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह सभागार सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करेगा। इसके बाद विधायक ने सौंग नदी की बाढ़ से क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का निरीक्षण कर अधिकारियों को शीघ्र मरम्मत और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, भाजपा मंडल महामंत्री पंकज शर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, सभासद अमित कुमार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख नगीना रानी, राजेंद्र वर्मा, विनीत मनवाल, अंकित शर्मा, अवतार सिंह सुंदर लोधी ,राम प्रवेश सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 12:22 PM
भारतीय पार्षद ने दुर्व्यवहार के आरोपों को नकारा, वायरल वीडियो को राजनीतिक साजिश बताया

भारतीय पार्षद ने दुर्व्यवहार के आरोपों को नकारा, वायरल वीडियो को राजनीतिक साजिश बताया

वीडियो वायरल होने के बाद शुक्रवार को पार्षद मनोज यादव मीडिया के सामने आए और पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से विरोधियों ने इस वीडियो को वायरल कराया है। उनका दावा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला से उनके पारिवारिक संबंध हैं और वह उन्हें बहन तथा देवर-भाभी जैसे रिश्ते के रूप में मानते हैं।
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ABP News
Aug 7, 2026, 12:18 PM
शिंदे ने महाराष्ट्र के विकास और एनडीए सांसदों के चाय के निमंत्रण पर चर्चा करने के लिए मोदी से मुलाकात की

शिंदे ने महाराष्ट्र के विकास और एनडीए सांसदों के चाय के निमंत्रण पर चर्चा करने के लिए मोदी से मुलाकात की

महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि जब भी संसद का सत्र होता है, वह अपने सांसदों से मिलने दिल्ली आते हैं. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मिलने का समय दिया. एकनाथ शिंदे ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ महाराष्ट्र के विकास और उससे जुड़े दूसरे मुद्दों पर बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि NDA के 6 नए चुने गए शिवसेना सांसदों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चाय पर बुलाया. शिंदे ने कहा कि सभी सांसद प्रधानमंत्री की ओर से मिले इस निमंत्रण से खुश हैं. प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात के दौरान इस बात का भी जिक्र हुआ. एकनाथ शिंदे के मुताबिक, बैठक में नए सांसदों के चुनाव क्षेत्रों के विकास पर भी चर्चा हुई. इसके साथ ही इन इलाकों में विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए राज्य और केंद्र, दोनों सरकारों की ओर से मिलने वाले सहयोग पर भी बात हुई. शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात में महाराष्ट्र के विकास और सांसदों के क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई. VIDEO | On meeting PM Narendra Modi, Maharashtra Deputy CM Eknath Shinde says, “I met the Prime Minister today. Whenever Parliament is in session, I come here to meet our MPs. The Prime Minister gave me time to meet him, and we discussed Maharashtra’s development and other… pic.twitter.com/p5p7r5OMJS 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने. एकनाथ शिंदे ने 5 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 2026 में भी एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं. वर्तमान में एकनाथ शिंदे के पास शहरी विकास मंत्री का पद भी है. इसके अलावा वह मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) के चेयरमैन भी हैं. 4 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. साल 2022 से एबीपी न्यूज़ से जुड़े हुए हैं. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय डेस्क की भी जिम्मेदारी संभालते हैं. सेंट्रल यूनिर्वसिटी ऑफ साउथ बिहार से 2022 में पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल की. राजनीति, चुनाव, सामाजिक विषयों और साहित्य में रुचि है. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर जोर देते हैं. राजनीति से जुड़ी खबरों पर लगातार लिख रहे हैं
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Aug 7, 2026, 12:16 PM
नेता ने भाजपा सरकार की आलोचना की, ऐतिहासिक रैली का आह्वान किया

नेता ने भाजपा सरकार की आलोचना की, ऐतिहासिक रैली का आह्वान किया

दावा किया कि प्रदेश की जनता का विश्वास इनेलो और चौधरी अभय सिंह चौटाला में बढ़ रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर युवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार युवाओं का विश्वास खो चुकी है। 27 सितंबर को नूंह में होने वाली जननायक देवीलाल सम्मान दिवस रैली को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।विज्ञापनउन्होंने अगस्त में बूथ स्तर तक संगठन पूरा करने और बीएलए नियुक्त करने पर भी जोर दिया। रोहतास दहिया, आनंद खत्री, प्रीतम खोखर, राजू धानक, करतार, राजेंद्र गौड़, नितिन, प्रवीण भी मौजूद रहे। संवाद
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ABP News
Aug 7, 2026, 12:15 PM
बांग्लादेश के साथ तनाव के बीच भारत ने शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने से इनकार किया

बांग्लादेश के साथ तनाव के बीच भारत ने शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने से इनकार किया

भारत की जमीन से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर ढाका में सियासी हलचल तेज हो गई. शेख हसीना के बयान के बाद बांग्लादेश और भारत के बीच तनाव बढ़ता नजर आया. बांग्लादेश ने इस पूरे मामले को लेकर भारत पर सवाल उठाए और अपनी नाराजगी जाहिर की. बांग्लादेश की आपत्तियों पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी साफ जवाब दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि शेख हसीना के इस कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं था. Bi-Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (August 07, 2026) https://t.co/rT0CbgPosI विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक निजी कार्यक्रम था. इसके आयोजन में भारत सरकार की किसी भी तरह की भूमिका नहीं थी. MEA ने यह भी साफ कर दिया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने जो भी बयान दिए, भारत सरकार उनका समर्थन नहीं करती है. यानी भारत ने शेख हसीना के बयानों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है. भारत का कहना है कि यह कार्यक्रम निजी था और इसे लेकर भारत सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी. FCRA यानी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट बिल को लेकर एक अमेरिकी सांसद की ओर से सवाल उठाए जाने पर भी भारत ने अपना रुख साफ किया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि FCRA बिल पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है. भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के कानून और विधायी मामलों पर अंतिम फैसला भारत की संसद करती है. ऐसे मामलों में किसी बाहरी हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है. भारत ने यह भी कहा कि विदेशी फंड को नियंत्रित करने के नियम सिर्फ भारत में ही नहीं हैं. अमेरिका समेत दुनिया के कई देश अपने यहां आने वाले विदेशी फंड को नियंत्रित करते हैं. ऐसे में भारत का विदेशी फंड को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाना एक सामान्य प्रक्रिया है. 4 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. साल 2022 से एबीपी न्यूज़ से जुड़े हुए हैं. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय डेस्क की भी जिम्मेदारी संभालते हैं. सेंट्रल यूनिर्वसिटी ऑफ साउथ बिहार से 2022 में पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल की. राजनीति, चुनाव, सामाजिक विषयों और साहित्य में रुचि है. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर जोर देते हैं. राजनीति से जुड़ी खबरों पर लगातार लिख रहे हैं
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Aug 7, 2026, 12:15 PM
साकोटीः युवा बजरंग दल के अध्यक्ष ने पवित्र पानी का बर्तन ले जाने वाली महिलाओं का स्वागत किया

साकोटीः युवा बजरंग दल के अध्यक्ष ने पवित्र पानी का बर्तन ले जाने वाली महिलाओं का स्वागत किया

सकौती में युवा बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष आदेश चौधरी ने अलीशाबानो और उनके साथ कांवड़ ला रहीं तमन्ना मलिक का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें भगवान राम परिवार और वीर हनुमान की प्रतिमा भेंट की गई। साथ ही यात्रा के दौरान हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया गया।विज्ञापनKanwar Yatra: दोस्ती और सौहार्द की मिसाल बने सालिम, मोहित के साथ ला रहे थे कांवड़; हादसे में घायल
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Aug 7, 2026, 12:14 PM
प्रदर्शन की चिंताओं के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैठक से बाहर कर दिया गया

प्रदर्शन की चिंताओं के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैठक से बाहर कर दिया गया

वहीं, बरिंदर ढिल्लों ने कहा कि उन्हें और उनके विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नंगल में आयोजित बैठक का कोई निमंत्रण नहीं दिया गया। गौरतलब है कि कांग्रेस की बैठक पहले रोपड़ में प्रस्तावित थी, लेकिन चरणजीत चन्नी और बरिंदर ढिल्लों के क्षेत्र से जुड़े संभावित विरोध को देखते हुए इसे नंगल में आयोजित किया गया।विज्ञापनइस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजा वड़िंग के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि चरणजीत चन्नी के समर्थन में नारे लगाने वाले पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आरएसएस या आम आदमी पार्टी का समर्थक कहना गलत है। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस हाईकमान से जल्द इस विवाद को सुलझाने की अपील करते हुए कहा कि संगठन में चल रही गुटबाजी से पार्टी को भारी नुकसान हो रहा है।विज्ञापन
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Aug 7, 2026, 12:12 PM
झारखंड में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया क्योंकि एबीवीपी कार्यकर्ता ने आइसा नेता पर स्याही फेंकी

झारखंड में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया क्योंकि एबीवीपी कार्यकर्ता ने आइसा नेता पर स्याही फेंकी

झारखंड में 14वीं JPSC रद्द करने की मांग को लेकर छात्र 14 दिनों से धरने पर हैं। छात्रों के समर्थन में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISA) के कार्यकर्ता विधानसभा घेरने निकले। इस दौरान AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंकी। उसे हिरासत में ले लिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ा है। छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड CM हेमंत सोरेन ने कहा, 'हमने छात्रों को अपनी बात रखने के लिए पहले ही सभी जरूरी मंच उपलब्ध करा दिए हैं। सरकार छात्रों की समस्याओं को समझना चाहती है।' हालांकि, सरकार को छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता के होने पर आपत्ति है। सरकार ने साफ किया है कि वो केवल छात्रों से बात करेगी। सरकार से वार्ता के लिए स्टूडेंट्स ने प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल हैं। इधर, 4 दिन से अनशन पर बैठे आंदोलनकारी राहुल क्रांति की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया है। देवेंद्र नाथ समेत 6 आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर हैं। वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर कहा कि 13 अगस्त तक छात्रों की मांगों पर फैसला नहीं हुआ, तो वह अपनी पार्टी से अनुमति लेकर आंदोलन में शामिल होंगे। जरूरत पड़ी तो वह छात्रों के समर्थन में अनशन भी करेंगे। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर AISA ने पहले ही विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इसी दौरान AISA ने छात्रों के समर्थन में झारखंड विधानसभा तक मार्च निकाला। नेहा बोरा ने इससे पहले स्टेडियम पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। नेहा बोरा ने कहा- झारखंड और पूरे देश में होने वाली हर परीक्षा सरकारी संस्थाओं द्वारा पारदर्शी और तरीके से होनी चाहिए। जब ​​भी कोई पेपर लीक होता है, तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती। संबंधित सरकारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- हम मांग करते हैं कि सिस्टम में शामिल और जिन पर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन सभी प्राइवेट एजेंसियों को हटाया जाना चाहिए। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के साथ बातचीत के लिए एक कमेठी बनाई थी, लेकिन दोनों पक्षों में बातचीत नहीं हो सकी। गुरुवार देर रात करीब 10:45 एसडीओ और एसडीम लॉ-एंड-ऑर्डर छात्रों के पास पहुंचे। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि सरकार सिर्फ छात्रों से बात करना चाहती है, लेकिन छात्र अपनी बात पर अड़े रहे। उनके प्रतिनिधिमंडल में दो पत्रकार और एक पूर्व महाधिवक्ता भी हैं। करीब 45 मिनट तक चली बैठक आखिरकार बेनतीजा रही और अधिकारी वापस लौट गए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने की बात की। इससे पहले उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से छात्रों का सपोर्ट करने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'देश में जो स्टूडेंट प्रोटेस्ट हो रहे हैं, वह एजुकेशन सिस्टम के खिलाफ हो रहे हैं। हमारा एजुकेशन सिस्टम खत्म हो गया है। हर सरकार को छात्रों की बात सुनाई चाहिए। एजुकेशन सिस्टम को बदलना चाहिए। चाहे वह कांग्रेस की सरकार हो या झारखंड सरकार हो। JPSC परीक्षा में गंभीर और अनियमितता की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। CID के सामने फर्जीवाड़े के बड़े सिंडिकेट की परतें खुलती जा रही हैं। मामले में CID अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान मास्टरमाइंड अभय तिवारी से लगातार 10 दिनों तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी ने बताया कि परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर हर अभ्यर्थी से 40 से 60 लाख रुपए तक की डील होती थी। इस रकम में ऊपर से नीचे तक जुड़े लोगों का हिस्सा पहले से तय रहता था। जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को खत्म कराने को लेकर सरकार और छात्रों के बीच बातचीत हो सकती है। इसे लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों की कमेटी बनाई है।
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Aug 7, 2026, 12:07 PM
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं की रैली की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं की रैली की

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सभी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं और अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। हल्द्वानी में आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली होगी। वह पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे। पिथौरागढ़ से भी 150 से अधिक कार्यकर्ता रैली में शामिल होने गए हैं। यह रैली उन कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए खास होगी जो आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट पाने की उम्मीद लगाए हैं। ऐसे में ये नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष की नजरों में आने की पूरी जोर-आजमाइश करेंगे ताकि टिकट पाने के अपने लक्ष्य को साध सकें। सीमांत जिले की चारों विधानसभा सीटों में कांग्रेस के 15 से अधिक नेता और कार्यकर्ता टिकट मिलने की उम्मीद लगाए हैं। बीते दिनों इसी उम्मीद से कार्यकर्ता लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की नजरों में आने के लिए अल्मोड़ा में आयोजित होने वाली उनकी रैली में शामिल होने पहुंचे। राहुल गांधी अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके और कार्यकर्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। अब शनिवार को होने वाली इस रैली को कांग्रेस के लिए संजीवनी के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन कई नेता इसे विधानसभा चुनाव में टिकट पाने के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। यह तय है कि जो नेता और कार्यकर्ता आलाकमान की कसौटी पर खरा उतरेगा और शीर्ष नेतृत्व की नजरों में आएगा उसे मैदान में उतरने का मौका मिलेगा। ऐसे में सीमांत जिले पिथौरागढ़ की चारों विधानसभाओं के अधिकतर नेताओं की निगाह टिकट पर है। ऐसे में तय है कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष की नजरों में आने की पूरी जोर-आजमाइश करेंगे। निकाय चुनाव में अपनी उम्मीदवार को टिकट न मिलने से नाराज होकर पार्टी से किनारा करने वाले विधायक मयूख महर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली में शामिल होने जाएंगे। वहीं बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में हुए परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में हुए बवाल के बाद निष्कासित कार्यकर्ताओं में मायूसी है। लंबे अर्से बाद पार्टी से नाराज विधायक के इस सम्मेलन में पहुंचने पर कुछ कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने बवाल कर दिया था। ऐसे में पार्टी ने संबंधित कार्यकर्ताओं को छह साल के निष्कासित किया है। इनमें टिकट की खुलकर दावेदारी करने वाले कार्यकर्ता भी शामिल हैं। अब विधायक खुलकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली में शामिल होने जाएंगे और निष्कासित कार्यकर्ताओं को मायूस होना पड़ेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगी। जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रैली में शामिल होंगे। विधायक महर भी रैली में शामिल रहेंगे। कांग्रेस एकजुट होकर इस बार जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी।
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Aug 7, 2026, 12:06 PM
चेतन डूडी के बयान में आरएलपी के हनुमान बेनीवाल और एआईएमआईएम के असदुद्दीन औवैसी का नाम लिया गया है।

चेतन डूडी के बयान में आरएलपी के हनुमान बेनीवाल और एआईएमआईएम के असदुद्दीन औवैसी का नाम लिया गया है।

चेतन डूडी के बयान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिया गया है। बयान को लेकर क्षेत्र में इसके राजनीतिक मायनों पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, डूडी ने अपने बयान में किसी व्यक्ति या खेमे को लेकर अलग से कोई विस्तृत राजनीतिक व्याख्या नहीं की है।विज्ञापनचेतन डूडी अब तक तीन विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें उन्हें एक चुनाव में जीत मिली, जबकि दो चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। उनके जीत वाले चुनाव में हनुमान बेनीवाल की पार्टी का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं था। ऐसे में मौजूदा बयान के बाद क्षेत्र की राजनीति में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।विज्ञापनचेतन डूडी के पिता स्वर्गीय रूपाराम डूडी और हनुमान बेनीवाल के बीच कभी राजनीतिक नजदीकी रही थी। दोनों ने ज्योति मिर्धा का विरोध किया था। वर्ष 2014 में रूपाराम डूडी ने हनुमान बेनीवाल के निर्दलीय चुनाव लड़ने का समर्थन किया था। उस चुनाव में बेनीवाल को करीब 50 हजार वोट मिले थे। हालांकि, ज्योति मिर्धा चुनाव हार गई थीं।बताया जाता है कि उस चुनाव के अंतिम दौर में रूपाराम डूडी की ओर से कार्यकर्ताओं को भाजपा के पक्ष में मतदान का संकेत दिया गया था। इसके बाद डूडी परिवार और ज्योति मिर्धा के बीच राजनीतिक टकराव की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में चेतन डूडी का मौजूदा बयान पुराने राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।यह भी पढ़ें:देवराज पलाड़ा मामले पर समाज और सरकार में बनी सहमति, पीड़ित परिवार को मिली त्वरित सहायताचेतन डूडी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग राजनीतिक खेमों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। पंचायत चुनाव में आरएलपी के कार्यकर्ताओं के सक्रिय होने की संभावना है। वहीं, यूनुस खान के समर्थकों के भी चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। अब सभी की नजरें हनुमान बेनीवाल की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
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Aug 7, 2026, 12:02 PM
प्रस्तावित विदेशी वित्तपोषण कानूनों को लेकर अमेरिका की आलोचना का भारत ने दिया जवाब

प्रस्तावित विदेशी वित्तपोषण कानूनों को लेकर अमेरिका की आलोचना का भारत ने दिया जवाब

विदेश मंत्रालय MEA ने अमेरिकी सांसद रिले मूर की आलोचना पर कड़ा रुख अपनाया है. मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश में कानून बनाना भारत का पूरी तरह से आंतरिक मामला है. भारत ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका समेत दुनिया के कई अन्य देशों में भी विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने के लिए अपने खुद के कड़े कानून मौजूद हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले पश्चिम वर्जीनिया से रिपब्लिकन सांसद रिले मूर ने प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनिमय) संशोधन विधेयक, 2026 की आलोचना की थी. सांसद मूर ने आरोप लगाया था कि ये प्रस्तावित बदलाव ईसाइयों पर सीधा हमला हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि इससे भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत में कानून बनाने की एक बेहद मजबूत और पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि किसी भी देश के घरेलू कानूनों को उसके सही संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए. दुनिया भर के देश अपनी व्यवस्था और सुरक्षा के तहत विदेशी चंदे को नियंत्रित करते हैं. दरअसल, अमेरिकी सांसद मूर ने दावा किया था कि अगर किसी चर्च या धार्मिक संस्था का एफसीआरए (FCRA) रजिस्ट्रेशन रद्द होता है, तो सरकार उन पर कब्जा कर सकती है. इसके जवाब में सरकार ने साफ किया है कि इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता लाना है. सरकार का कहना है कि इनका मकसद विदेशी चंदे से बने सार्वजनिक और चैरिटेबल संपत्तियों की सुरक्षा करना है, ताकि उनका सही इस्तेमाल जारी रह सके. VIDEO | Delhi: On several international voices opposing the FCRA (amendment) Bill, MEA spokesperson Randhir Jaiswal ( @MEAIndia ) says, “Regarding the issue you are referring to, we have seen it, and several comments have been made on it. As far as legislative matters are… pic.twitter.com/Gi8kY5HFOV प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनिमय) संशोधन विधेयक, 2026 मौजूदा विदेशी अंशदान अधिनियम, 2010 में संशोधन करने की कोशिश करता है. यह पुराना कानून भारत में व्यक्तियों, संघों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा विदेशी योगदान की स्वीकृति और उसके उपयोग को नियंत्रित करता है. एफसीआरए का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में आने वाली विदेशी फंडिंग से भारत की संप्रभुता, अखंडता, आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक हित या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव न पड़े. नए संशोधनों के तहत, अगर किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिया जाता है, उसे सरेंडर कर दिया जाता है या उसका नवीनीकरण नहीं किया जाता है, तो सरकार द्वारा नामित एक विशेष प्राधिकरण को उसके विदेशी योगदान और उससे जुड़ी संपत्तियों का अस्थायी रूप से प्रबंधन करने का अधिकार मिल जाएगा. इस विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर मामला किसी पूजा स्थल या धार्मिक संस्थान का है, तो नामित प्राधिकरण को ऐसी संपत्तियों का प्रबंधन करते समय उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक प्रकृति को पूरी तरह से सुरक्षित रखना होगा.
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Aaj Tak
Aug 7, 2026, 11:58 AM
तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए

तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए

तुर्किए, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक 'जॉइंट डिफेंस डील' पर हस्ताक्षर किया है. मक्का में शुक्रवार को साइन हुई इस डील को अमेरिका और ईरान बीच बेहद अहम माना जा रहा है. ये त्रिपक्षीय रक्षा समझौता अमेरिका के सहयोगी प्रमुख सुन्नी मुस्लिम देशों के बीच उभरते रणनीतिक गठबंधन को और मजबूती देगा. हालांकि, इस समझौते के तहत हर देश की क्या जिम्मेदारियां होंगी और इसका मिडिल-ईस्ट में जारी संकट पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है. इस गठबंधन की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तुर्किए के पास नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना है. सऊदी अरब खाड़ी का सबसे प्रभावशाली देश, इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों का संरक्षक और दुनिया का शीर्ष तेल निर्यातक है. वहीं पाकिस्तान एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न मुस्लिम देश है. इस ऐतिहासिक समझौते के लिए नेताओं का सऊदी अरब पहुंचने का सिलसिला जारी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और देश के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर गुरुवार को ही जेद्दा पहुंचे और मक्का में उमराह किया. वहीं तुर्किए के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन भी शुक्रवार को जेद्दा के लिए रवाना हो गए हैं. ये नेता सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात करेंगे. तुर्किए, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच ये समझौता लगभग एक साल से चल रही लंबी वार्ताओं के बाद हो रहा है. तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने पहले ही बताया था कि तुर्किए क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े सुरक्षा मंच का समर्थन करता है. इससे पहले सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रक्षा समझौता मौजूद है, जिसके तहत किसी एक पर हमले को दोनों पर हमला माना जाता है. अब इस डील के तहत पाकिस्तान विदेश मंत्रालय का कहना है कि तीनों राज्यों (सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान) में से किसी एक भी देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा.
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Aug 7, 2026, 11:57 AM
भारतीय अधिकारियों ने नगर निगम समारोह में पदभार संभाला

भारतीय अधिकारियों ने नगर निगम समारोह में पदभार संभाला

विधायक ब्रम शंकर जिंपा की मौजूदगी में मेयर प्रवीण सैनी, सीनियर डिप्टी मेयर सुरिंदर कुमार और डिप्टी मेयर संदीप चेची ने पद संभालते हुए कहा कि वे होशियारपुर के विकास और लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि शहरवासियों के सहयोग से विकास कार्यों को नई रफ्तार दी जाए, ताकि आने वाले पांच साल के दौरान सूबे में होशियारपुर विकास के लिहाज से नई मिसाल बनकर उभरे।विज्ञापनउन्होंने कहा सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की ओर से होशियारपुर के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मेयर और बाकी दो पदों के चुनाव के दौरान सबकी सहमति के बाद महिला वर्ग और नौजवान वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर पदधारी को बनती जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि वे होशियारपुर के समूचे विकास में अपना योगदान दे सकें।
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 11:52 AM
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नागरिकों के साथ सीधे संवाद के लिए जनता दरबार पहल की शुरुआत की

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नागरिकों के साथ सीधे संवाद के लिए जनता दरबार पहल की शुरुआत की

ये भ्ज्ञी पढ़ें-MP News: जनविश्वास या परफॉर्मेंस टेस्ट? आज से अफसरों की फील्ड में हाजिरी, हर जिले का बनेगा रिपोर्ट कार्डविज्ञापनसीएम डॉ. यादव ने कहा कि हर शुक्रवार जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक जनता दरबार लगाए जाएंगे। इनमें मंत्री, विधायक, कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। जनता से सीधे संवाद के जरिए उनकी समस्याओं को समझा जाएगा और मौके पर ही समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनविश्वास अभियान के चार प्रमुख आधार संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी हैं। जनता से मिलने वाले सुझावों और समस्याओं के आधार पर भविष्य की योजनाएं और नीतियां तैयार की जाएंगी।विज्ञापनये भी पढ़ें-मध्य प्रदेश: सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से राहत, 18 माह बाद मिली जमानत; हर सुनवाई में रहना होगा मौजूदमुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद कर जिले के विकास, औद्योगिक संभावनाओं और स्थानीय जरूरतों पर चर्चा की।ये भी पढ़ें-MP News: मध्य प्रदेश भाजपा के लिए मुश्किल होते जा रहे उपचुनाव, दो सीटें हारी, दो पर जीत का अंतर भी घटामुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जरूरतों और कार्य संस्कृति के अनुरूप विकास की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। प्राकृतिक खेती, पशुपालन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे जैसी पहलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।
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Aug 7, 2026, 11:51 AM
जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन में आई. एस. आई. से गलत तरीके से जुड़े होने पर पंजाब आयुक्त को हटाया गया

जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन में आई. एस. आई. से गलत तरीके से जुड़े होने पर पंजाब आयुक्त को हटाया गया

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर को ISI का जंतर-मंतर प्रदर्शन से कनेक्शन बताना महंगा पड़ गया. पंजाब सरकार ने आईपीएस गुरप्रीत भुल्लर को कमिश्नर के पद से हटा दिया. ये मामला अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. चलिए आपको विस्तार से बताते हैं, कैसे एक बयान दो दिनों में कमिश्नर भुल्लर के हटाए जाने की वजह बन गया. पंजाब पुलिस ने पहले दावा किया था कि कथित ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल के सदस्य जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन स्थल की रेकी कर चुके थे. लेकिन अगले ही दिन पुलिस ने इस बयान पर सफाई जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने पुलिस कमिश्नर के बयान के चुनिंदा हिस्से काटकर और भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर दिए, जिससे पूरे बयान का गलत मतलब निकाला गया. पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी प्रदर्शन में शामिल नहीं थे और उनका जंतर-मंतर आंदोलन से कोई संबंध नहीं था. पुलिस के मुताबिक, उनकी कथित साजिश प्रदर्शनकारियों को पेट्रोल बम से निशाना बनाने की थी. पंजाब पुलिस ने यह भी कहा कि पुलिस कमिश्नर के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है. इस मामले में भ्रामक वीडियो और पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई. इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब अमृतसर के पुलिस कमिश्नर (CP) का तबादला कर दिया गया है, जिसके बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. पंजाब पुलिस ने 4 अगस्त को बड़ा दावा करते हुए बताया था कि अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहे दो सीमा पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में चार नाबालिगों समेत कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनके कब्जे से तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस, चार पेट्रोल बम और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई. गिरफ्तार आरोपियों में वंश कुमार, अनमोल सिंह उर्फ साहिल, हरमन सिंह उर्फ हम्मू, सुखदेव सिंह, सुखमन सिंह और चार किशोर शामिल हैं. डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे ISI हैंडलर्स के निर्देश पर युवाओं की भर्ती, अवैध हथियार जुटाने, सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने और पंजाब में शांति भंग करने की साजिश रच रहे थे. जांच में यह भी पता चला कि रेलवे ट्रैक के पास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और उनकी फुटेज विदेशी हैंडलर्स तक भेजी जा रही थी. पुलिस के मुताबिक इन कैमरों की फंडिंग अमृतसर सेंट्रल जेल में बंद सुखदेव सिंह ने, जेल में बंद हरमन सिंह उर्फ हम्मू के कहने पर, पेटीएम के जरिए की थी. दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. मुख्य आरोपी अनमोल सिंह, उसके साथियों और रेलवे ट्रैक के पास लगाए गए कैमरों से जुड़ी जांच अब सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) को सौंप दी गई है. पुलिस इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों, वित्तीय लेन-देन और अन्य आतंकी गतिविधियों से जुड़े संबंधों की भी जांच कर रही है. हरमन और सुखदेव पहले भी राजासांसी थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में चार ग्लॉक पिस्तौल बरामद होने के केस में आरोपी हैं. पुलिस ने एक अन्य खुफिया सूचना के आधार पर अलग अभियान चलाकर दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से एक देसी पिस्तौल, दो पेट्रोल बम और एक लाइटर मिला. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे अपने दो अन्य साथियों सुखमन सिंह और एक अन्य किशोर के साथ मिलकर कई बार साजिश को अंजाम देने की कोशिश कर चुके थे. इसके बाद पुलिस ने दोनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. इस पूरे मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर आगे की जांच जारी है. इसके बाद फिर से पंजाब पुलिस ने 6 अगस्त को नया बयान जारी किया और बताया कि उनके 4 अगस्त के खुलासे को गलत तरीके से बताया गया है. पुलिस के मुताबिक कहानी कुछ यूं थी. पंजाब पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि 4 अगस्त को अमृतसर पुलिस कमिश्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने एडिट करके भ्रामक तरीके से पेश किया है. पुलिस के मुताबिक, वीडियो के कुछ हिस्सों को काटकर और उनके साथ ऐसे कैप्शन जोड़कर यह गलत संदेश देने की कोशिश की गई कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन से संबंध था. पुलिस ने साफ कहा कि ऐसा कोई दावा उसकी ओर से नहीं किया गया था. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 4 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल यह कहा गया था कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी जंतर-मंतर गए थे, वहां रेकी की थी और पेट्रोल बम के जरिए प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे. पुलिस ने कभी यह नहीं कहा कि आरोपी प्रदर्शन में शामिल थे या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का इस आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध था. यानी प्रदर्शनकारी और गिरफ्तार आरोपी दोनों को जोड़कर देखना पूरी तरह गलत है. पंजाब पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो की बैकग्राउंड फुटेज बदलकर, चुनिंदा हिस्से दिखाकर और भ्रामक कैप्शन लगाकर लोगों के बीच गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई. हालांकि वीडियो की ऑडियो या मूल बयान से छेड़छाड़ नहीं की गई, लेकिन उसकी प्रस्तुति इस तरह की गई कि लोग वास्तविक बयान का गलत मतलब निकालें. पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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Aug 7, 2026, 11:45 AM
बिहार में पेपर लीक के विरोध में छात्रों का प्रदर्शनः राजद नेता ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की

बिहार में पेपर लीक के विरोध में छात्रों का प्रदर्शनः राजद नेता ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की

बिहार में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासत गरमा गई है. आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को ज्ञापन सौंपने की जानकारी दी. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर गोलीबारी और बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया. तेजस्वी यादव के मुताबिक, पेपरलीक के विरोध में छात्र लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान बिहार पुलिस की ओर से AK-47 जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए फायरिंग की गई. उन्होंने इस कार्रवाई को गंभीर, दुखद और अलोकतांत्रिक करार दिया. आरजेडी नेता ने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की मांग की. तेजस्वी ने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर उन्होंने DGP को ज्ञापन दिया है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई और भीड़ नियंत्रण के तरीके पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है. तेजस्वी यादव ने ज्ञापन के जरिए बिहार पुलिस से सवाल किया कि छात्रों के खिलाफ AK-47 से गोलियां चलाने की जरूरत क्यों पड़ी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधकर फायरिंग की. आरजेडी नेता ने इस कथित कार्रवाई को 'Shoot to Kill' जैसी सोच का उदाहरण बताया और कहा कि बच्चों पर इस तरह गोली चलाना बेहद दुखद और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है. उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए निर्धारित 'Graded Response Action Plan' के प्रोटोकॉल के पालन पर भी सवाल खड़ा किया. तेजस्वी ने पूछा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इस व्यवस्था के तहत तय मानकों और SPO का पालन क्यों नहीं किया. उनका कहना है कि अगर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है तो उसका पालन किया जाना चाहिए था. तेजस्वी ने फायरिंग के आदेश से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई. पेपरलीक के विरुद्ध छात्रों के लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर बिहार पुलिस द्वारा AK-47 जैसे घातक हथियारों से की गयी गोलीबारी एवं बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरुद्ध आज पुलिस महानिदेशक से मिलकर संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करते हुए… pic.twitter.com/xhOXSuz9Ng तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि फायरिंग और लाठीचार्ज की परिस्थितियां क्या थीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार था. आरजेडी नेता ने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक समेत दूसरे उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी रखी है. उनका कहना है कि यदि पुलिस अधिकारियों की ओर से नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा. तेजस्वी ने कहा कि प्रदेश की बदहाल विधि व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है और पुलिस प्रशासन की मनमानी पर अंकुश लगाया जाना चाहिए. तेजस्वी यादव ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की. उन्होंने कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान हुई कथित कार्रवाई को लेकर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए. आरजेडी नेता ने चेतावनी दी कि अगर बिहार सरकार छात्रों पर गोलियां चलाने वाले बताए जा रहे मनबढ़ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो विपक्ष की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने सरकार से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
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Aug 7, 2026, 11:43 AM
भारत ने एफ. सी. आर. ए. पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को खारिज किया, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र को बहाल करने के लिए लौटने की योजना बनाई

भारत ने एफ. सी. आर. ए. पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को खारिज किया, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र को बहाल करने के लिए लौटने की योजना बनाई

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक निजी मीडिया संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम था। इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और न ही सरकार इस मंच से दिए गए किसी बयान का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के खिलाफ दिए गए विचार भारत सरकार के नहीं हैं।विज्ञापनMEA: एफसीआरए पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह हमारा आंतरिक मामलाविज्ञापनअपने वर्चुअल संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि जेल या मौत का डर उन्हें अपने देश वापस जाने से नहीं रोक सकता। उन्होंने 2024 के आंदोलन को सुनियोजित साजिश बताया और लोकतंत्र की बहाली का दावा किया।वे इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटकर लोकतंत्र बहाल करना चाहती हैं।2024 के विरोध प्रदर्शनों को उन्होंने प्रायोजित और सुनियोजित साजिश बताया।उन्होंने अपनी पार्टी पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग की।उन्होंने झूठे मुकदमे वापस लेने और मीडिया की आजादी की बात की।हसीना ने भारत को मुश्किल समय का सच्चा और बड़ा दोस्त बताया।उनके बेटे जॉय ने बांग्लादेश को 'विफल राज्य' और 'दूसरा पाकिस्तान' करार दिया।उन्होंने कहा कि देश में शांति और सुलह के लिए निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया जरूरी है।बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की धरती का इस्तेमाल उनके देश के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी के लिए नहीं होना चाहिए। ढाका ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया और शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई। इस पर अब भारत ने दो टूक जवाब दे दिया है।
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Aug 7, 2026, 11:39 AM
एबीवीपी ने राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग की, आंदोलन की धमकी दी

एबीवीपी ने राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग की, आंदोलन की धमकी दी

ABVP की महानगर मंत्री दिव्यांशी मुरादिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में पिछले 10 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे थे, लेकिन अब वहां चुनाव कराने की घोषणा हो गई है। ऐसे में हमारी मांग है कि राजस्थान में भी जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव करवाए जाएं, ताकि छात्रों को अपना अधिकार मिल सके। छात्रसंघ चुनाव होने से विद्यार्थियों को नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। साथ ही कॉलेज प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने में भी मदद मिलती है।विज्ञापनछात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी होते हैं और यहीं से प्रभावी नेता चुने जाते हैं। ऐसे में हर साल छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। राजस्थान में कई साल से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगी हुई है, जिसकी वजह से छात्रों की बात प्रशासन और सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है। छात्रों की मांग है कि छात्रसंघ चुनाव की तारीखों की जल्द घोषणा की जाए।विज्ञापनABVP ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगा। एबीवीपी ने कहा कि आंदोलन के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।यूं तो राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव हर साल होते रहे हैं, लेकिन आखिरी बार वर्ष 2022-23 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। इसके बाद से अब तक चुनाव पर रोक लगी हुई है। उस समय गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज से एबीवीपी के छात्रसंघ अध्यक्ष बने मनीष सामरिया ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव हमेशा नियमों के तहत हुए हैं। इन चुनावों में चुने जाने वाले प्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी के साथ छात्रों के साथ खड़े रहते हैं और उनकी आवाज को बुलंद करते हैं।यह भी पढ़ें:देवराज पलाड़ा मामले पर समाज और सरकार में बनी सहमति, पीड़ित परिवार को मिली त्वरित सहायतामनीष सामरिया ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने की वजह से छात्रों का एक तरह का नेतृत्व खत्म हो गया है। उन्होंने मांग की कि राजस्थान में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने और अपनी आवाज मजबूती से उठाने का अवसर मिल सके।
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Aug 7, 2026, 11:38 AM
गोहाना नगर परिषद ने चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन प्रक्रिया शुरू की

गोहाना नगर परिषद ने चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन प्रक्रिया शुरू की

गोहाना। नगर परिषद गोहाना में आगामी चुनावों से पहले वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस बार वार्डों की नई सीमाएं तय करने के लिए फैमिली आईडी के डेटा को आधार बनाया गया है। इसका उद्देश्य शहर की वास्तविक आबादी और परिवारों की संख्या के अनुरूप निष्पक्ष एवं संतुलित वार्डों का गठन करना है। बढ़ती आबादी के कारण नगर परिषद क्षेत्र में दो से तीन नए वार्ड बन सकते हैं।नगर परिषद प्रशासन ने वार्डबंदी प्रक्रिया को गति देने के लिए एक स्थानीय समिति गठित की है। समिति के सदस्य प्रत्येक बूथ के अनुसार फैमिली आईडी का सत्यापन कर रहे हैं। वे परिवारों और आबादी का विस्तृत विवरण एकत्र कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी क्षेत्र की जनसंख्या का सही आकलन हो। वार्डों का परिसीमन वास्तविक आंकड़ों के आधार पर किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में शहर का तेजी से विस्तार हुआ है। कई नई आवासीय कॉलोनियां विकसित हुई हैं। पुराने वार्डों में भी आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे कई वार्डों में मतदाताओं और परिवारों की संख्या असंतुलित हो गई है। नई वार्डबंदी से जनसंख्या और मतदाताओं का संतुलन स्थापित करने का प्रयास होगा।विज्ञापनइंसेटपरिसीमन का आधार और उद्देश्यवार्डों के परिसीमन के लिए फैमिली आईडी के डेटा को मुख्य आधार बनाया गया है। यह शहर की वास्तविक आबादी और परिवारों की संख्या को सटीक रूप से दर्शाएगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य निष्पक्ष और संतुलित वार्डों का गठन करना है। इससे प्रत्येक क्षेत्र को समान प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। विकास कार्यों का उचित लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंच पाएगा।विज्ञापनइंसेटआबादी में वृद्धि और वार्डों का विस्तारवर्तमान में नगर परिषद क्षेत्र में 23 वार्ड हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गोहाना की आबादी करीब 65 हजार थी। इसके बाद शहर का तेजी से विस्तार हुआ है। नगर परिषद ने अवैध रूप से विकसित 18 कॉलोनियों में से सात को नियमित कराया है। पांच अन्य कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया जारी है। इन क्षेत्रों के शामिल होने से शहर की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।इंसेटनए वार्डों की संभावना और प्रक्रियानए परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 25 या 26 तक पहुंच सकती है। नगर परिषद अधिकारी पहले प्रत्येक बूथ का डेटा तैयार करेंगे। इसके बाद पूरे शहर की कुल आबादी का आकलन किया जाएगा। इसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि किन वार्डों की सीमाओं में बदलाव आवश्यक है। यह भी तय होगा कि किन क्षेत्रों को नए वार्ड के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।वर्जन-शहर में वार्डबंदी शुरू कर दी गई है। इसके लिए फैमिली आईडी के डाटा को आधार बनाया गया है। वार्डबंदी का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। शहर की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए दो से तीन नए वार्ड बनने की संभावना है।-दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, गोहाना
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Aug 7, 2026, 11:36 AM
भारत ने एफ. सी. आर. ए. संशोधन विधेयक पर अमेरिकी टिप्पणियों का जवाब दियाः'विधायी मामले भारत के लिए चिंता का विषय'

भारत ने एफ. सी. आर. ए. संशोधन विधेयक पर अमेरिकी टिप्पणियों का जवाब दियाः'विधायी मामले भारत के लिए चिंता का विषय'

अमेरिकी सांसद राइली मूर की ओऱ से FCRA संशोधन विधेयक पर की गई टिप्पणी का भारत ने जवाब दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये भारत का आंतरिक मामला है, जो विदेशी फंड को रेगुलेट करता है. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नसीहत दी कि खुद अमेरिका भी अपने देश में बाहर से आने वाले पैसों पर कड़ी नजर रखता है, इसलिए भारत के ऐसा करने पर सवाल उठाना सही नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने FCRA पर की गई टिप्पणियां देखी हैं. भारत से जुड़े विधायी मामले हमारे आंतरिक मामले हैं, जिन पर देश की संसद निर्णय लेती है. मैं यह भी बताना चाहूंगा कि अमेरिका सहित कई देश विदेशी फंड को रेगुलेट करते हैं.' #WATCH | Delhi: Responding to comments by a US lawmaker on the proposed Foreign Contribution (Regulation) Act (FCRA) Amendment Bill, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "We have seen the comments on FCRA. Legislative matters concerning India are our internal affairs on which… pic.twitter.com/l3i52nrEuS अमेरिकी सांसद राइली मूर ने भारतीय संसद में पेश होने वाले FCRA संशोधन बिल 2026 पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल ईसाई समुदाय पर सीधा हमला है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसे पारित किया गया तो यह मुद्दा भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी चिंता का विषय बन सकता है. राइली मूर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भारत में ईसाई तब से हैं, जब हमारे ईसा मसीह के पुनरुत्थान के कुछ ही दशकों बाद सेंट थॉमस द एपोसल मालाबार तट पर आए थे, लेकिन ईसाइयों के इतने लंबे इतिहास के बावजूद भारत की संसद FCRA नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, ताकि सरकार चर्चों और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं का नियंत्रण अपने हाथ में ले सके. कैथोलिक एरीना ने भी भारत सरकार के प्रस्तावित FCRA संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया दी. कैथोलिक एरीना ने इस मुद्दे पर राइली मूर को धन्यवाद देते हुए पोस्ट किया, 'भारत में ईसाई दुनिया में सबसे अधिक वंचित समुदायों में से एक हैं. यूरोपीय यूनियन (EU) और अन्य लोगों को ट्रेड डील करने के बजाय इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए.' भारत सरकार मानसून सत्र के दौरान एफसीआरए संशोधन विधेयक-2026 संसद से पारित कराने की तैयारी में है. इस संशोधन विधेयक में यह प्रस्ताव किया गया है कि किसी रजिस्ट्रेशन की समय सीमा समाप्त होने या उसके निरस्त होने की स्थिति में विदेशी फंड की सुरक्षा के लिए एक नामित प्राधिकरण की व्यवस्था की जाए. अधिसूचित एफसीआरए (संशोधन) नियम, 2026 के अनुसार अब विदेशी चंदे के लिए पंजीकरण को तय उद्देश्यों और अनुमोदित राज्यों से जोड़ा गया है. साथ ही अनुमत धार्मिक गतिविधियों में से धर्म परिवर्तन के मकसद से किए जाने वाले प्रचार-प्रसार को बाहर रखा गया है. इस कानून की शुरुआत साल 1976 में हुई थी और समय-समय पर इसमें संशोधन कर इसे और मजबूत बनाया गया. साल 2010 में नया कानून लागू किया गया, जिसमें बाद में 2016, 2018, 2020 और अब 2026 में संशोधन किए गए. FCRA किसी फॉरेन सोर्स से प्राप्त विदेशी चंदा को स्वीकार करने और उसके उपयोग को रेगुलेट करता है.
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Aug 7, 2026, 11:31 AM
सिख नेता ने पंजाब के उज्ज्वल भविष्य के लिए पंथी ताकतों के बीच एकता का आह्वान किया

सिख नेता ने पंजाब के उज्ज्वल भविष्य के लिए पंथी ताकतों के बीच एकता का आह्वान किया

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंथक हित और पंजाब के उज्ज्वल भविष्य के लिए दोनों राजनीतिक धाराओं का एक मंच पर आना बेहद जरूरी है।ढींडसा ने बताया कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही सभी पंथक ताकतों को एकजुट करने की पक्षधर रही है। इस दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए पार्टी द्वारा चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था ताकि तालमेल की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।विज्ञापनढींडसा ने कहा कि पार्टी की आंतरिक चर्चाओं में सांसद अमृतपाल सिंह को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में स्वीकारने पर विचार हुआ था। इस विषय पर पार्टी के अधिकांश नेताओं (एक दो को छोड़कर) ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपनी सहमति दी थी, जो इस बात का प्रमाण है कि दल व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर उठकर पंथक एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।विज्ञापनउन्होंने कहा कि भले ही अतीत में कुछ वजहों से प्रक्रिया गति पकड़ने से रह गई थी, लेकिन वर्तमान में भी पर्दे के पीछे से (बैकडोर) सकारात्मक बातचीत का दौर निरंतर जारी है। ढींडसा ने उम्मीद व्यक्त की कि यह गठबंधन जल्द ही एक मजबूत आकार लेगा, क्योंकि आज पंजाब की जनता और पंथ हितैषी भी यही चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह एकजुटता पंथक शक्ति को नया बल देगी और राज्य के विकास एवं राजनीतिक स्थिरता के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
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Aug 7, 2026, 11:28 AM
मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने सांसदों को तीन पंक्ति का व्हिप जारी किया

मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने सांसदों को तीन पंक्ति का व्हिप जारी किया

देश की मुख्य विपक्षी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस मानसून सत्र के दौरान संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में अपनी पूरी ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया है. जिसके तहत पार्टी ने अपने सभी सांसदों को सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) के मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप कोडिकुन्निल सुरेश ने शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया. इसमें उन्होंने सभी सांसदों को निर्देश दिया है कि वे सोमवार से बुधवार तक यानी 10, 11 और 12 अगस्त को सुबह 11 बजे से सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें. इस दौरान सदन में बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि किसी भी स्थिति में उनकी अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं किया जाएगा. Congress has issued a three-line whip for all its Lok Sabha MPs, asking them to remain present in the House from 11 am onwards on Monday, Tuesday, and Wednesday, August 10, 11, and 12, without fail pic.twitter.com/nGOg48asFG नोटिस में कहा गया, ‘लोकसभा में सोमवार, मंगलवार और बुधवार यानी 10, 11 और 12 अगस्त, 2026 को बहुत ही महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी. लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे तीनों दिन सुबह 11 बजे से लेकर सदन की कार्यवाही के स्थगित होने तक अनिवार्य रूप से सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और पार्टी के रुख का समर्थन करेंगे. इसे बहुत ही महत्वपूर्ण निर्देश माना जाए.’ वहीं, दूसरी तरफ केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सांसदों को भी सोमवार (10 अगस्त, 2026) से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हीं रहने का निर्देश दिया गया है. हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई व्हिप जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी FCRA अमेंडमेंट बिल को संसद में पेश करने, उसपर चर्चा करने और उसे संसद से पारित करवाने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले करीब पांच सालों से भारतीय मीडिया का हिस्सा हैं. अक्टूबर, 2024 से एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर हिंदी कंसल्टेंट राइटर के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं. प्रिंट मीडिया के साथ अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत की है और आज डिजिटल मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर लेखन कार्य कर रहे हैं. साल 2020 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, चुनाव और सामाजिक विषयों पर खबरें लिखते रहे हैं. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर हमेशा बेहतर करने की कोशिश है. स्केचिंग, पेटिंग, फिल्में देखना, शायरी-कविताएं लिखना और घूमना बहुत ज्यादा पसंद है. हां, एनडीए के सभी सांसदों को भी 10 अगस्त से दिल्ली में रहने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई व्हिप जारी नहीं किया गया है।
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Aug 7, 2026, 11:26 AM
संसदीय कार्य मंत्री ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति के विपक्ष के आरोपों को खारिज किया

संसदीय कार्य मंत्री ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति के विपक्ष के आरोपों को खारिज किया

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा मंत्री कब सदन में आएगा। उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्री रोजाना संसद परिसर में मौजूद रहते हैं। रिजिजू ने कहा, 'संसद शुरू होने से लेकर खत्म होने तक गृह मंत्री परिसर में ही रहते हैं। जिस मंत्री से जुड़ा कामकाज होता है, वही जवाब देता है।'विज्ञापनकांग्रेस सांसद ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर सरकार को घेरा।संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री रोजाना संसद परिसर में मौजूद रहते हैं।राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम 8 अगस्त को प्रयागराज में तय।केपी कॉलेज ग्राउंड की रद्द हुई अनुमति को प्रशासन ने बहाल कर दिया है।कांग्रेस ने कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद छात्रों की आवाज उठाई जाएगी।संसद में घमासान के आसार: कांग्रेस ने पार्टी सांसदों को जारी किया व्हिप, क्या है 10 से 12 अगस्त का प्लान?विज्ञापनकांग्रेस नेता राहुल गांधी के आठ अगस्त को होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई थी। केपी कॉलेज प्रबंधन ने पहले उच्च न्यायालय के आदेश और शैक्षणिक गतिविधियों का हवाला देकर मैदान की अनुमति रद्द कर दी थी। हालांकि, प्रशासन से अब इस कार्यक्रम के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। वेणुगोपाल ने कहा, 'प्रोग्राम कल हो रहा है। अगर कोई इसे रोकना चाहता है, तो रोककर दिखाए। हम इसे हर हाल में करेंगे।'संसद में गृह मंत्री की मौजूदगी को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। वहीं दूसरी ओर, प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र सम्मेलन को लेकर भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
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Aug 7, 2026, 11:24 AM
राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा भाजपा नेता नामित किया

राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा भाजपा नेता नामित किया

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को बीजेपी में अपना सबसे फेवरेट नेता बताया है. सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनिथिंग कैंपेन के दौरान राहुल से पूछा गया था कि बीजेपी में उनका सबसे पसंदीदा नेता कौन है? इसके जवाब में राहुल ने कैप्टन का नाम लिया था. Gen Z के साथ ऑनलाइन संवाद में जब राहुल गांधी से पूछा गया कि बीजेपी में उनका पसंदीदा नेता कौन है तो उन्होंने कहा पक्के तौर पर, कैप्टन अमरिंदर सिंह. वो शानदार हैं.मेरी उनसे अच्छी बातचीत है. वो सैन्य इतिहास के अच्छे जानकार हैं. वीडियो के अंत में उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को कहा हेलो अमरिंदर अंकल. राहुल गांधी का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब पंजाब में कांग्रेस, गुटबाजी और अंतर्द्वंद से जूझ रही है. राहुल गांधी के इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने जहां दावा किया है कि कैप्टन कांग्रेस में वासी कर सकते हैं तो वहीं कांग्रेसियों ने भी अपने नेता के बयान का समर्थन किया है. गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस में इसके बड़े सियासी मायने निकाले जा रहे है कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी होगी जिससे पंजाब कांग्रेस के. एक बड़ा नेता मिले जिसके साथ बाकी तमाम नेता चलें. खुद अमरिंदर सिंह भी कई बार बीजेपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने पंजाब की बीजेपी इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को अयोग्य बताया था और कहा था कि कोई और भी योग्य व्यक्ति पंजाब बीजेपी का अध्यक् बन सकता था. उन्होंने कहा कि बीजेपी उन्हें निर्णय लेने से पहले पूछती नहीं हैं. आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कांग ने कहा कि मुझे लगता है कि राहुल गांधी को यह एहसास हो गया है कि पंजाब कांग्रेस की मौजूदा लीडरशिप के बीच चल रही आपसी कलह के खत्म होने की संभावना कम है, और उन्हें ऐसे नेता की ज़रूरत है जिनका कद उन सभी से बड़ा हो. कांग ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कभी-कभी राहुल गांधी और गांधी परिवार की तारीफ़ करते हैं, राहुल गांधी की तरफ से भी मिली तारीफ को देखते हुए ऐसा लगता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जल्द ही कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं. राहुल के बयान पर पंजाब कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी और उनके बयान का समर्थन किया. सिंह ने कहा कि इसमें क्या गलत है? वह मेरे भी पसंदीदा हैं. मैं भी कैप्टन अमरिंदर सिंह का बहुत सम्मान और आदर करता हूं. जहां तक ​​राहुल गांधी की बात है, तो वही एकमात्र नेता थे जिन्होंने तब उनका हाल-चाल पूछा था जब वह बीमार थे और सर्जरी के बाद लौटे थे. बीजेपी ने तो उनका हाल-चाल तक नहीं पूछा. 'यूज एंड थ्रो' वाली स्थिति है.
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Aug 7, 2026, 11:22 AM
भाजपा मंत्री ने पिछली सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, वर्तमान सरकार की उपलब्धियों पर साधा निशाना

भाजपा मंत्री ने पिछली सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, वर्तमान सरकार की उपलब्धियों पर साधा निशाना

ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान पार्टी के नेता गांव-गांव घूमकर नौकरियां बेचने का काम करते थे। आज वही लोग भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वर्तमान में सरकार की भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए दावा किया कि बिना रिश्वत लिए करीब 09 लाख सरकारी नौकरियां देने का काम किया गया है। प्रभारी मंत्री ने सपा को परिवारवादी पार्टी बताते हुए कहा कि वह पिछड़ों के अधिकार की बात तो करती हैं, लेकिन सपा पिछड़ों का हक प्रभावित करती रही है। भाजपा सरकार में विकास के साथ रोजगार और कानून व्यवस्था पर भी काम हुआ है। यही नहीं राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोविंद साहब पहुंचने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। कहा कि अब तक कोई मुख्यमंत्री यहां नहीं आया था। योगी आदित्यनाथ के आगमन से गोविंद साहब के इतिहास में नया अध्याय जुड़ा है।
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Aug 7, 2026, 11:21 AM
विवाद के बीच भाजपा ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा नेता के बेटे को एमएलसी के रूप में नामित किया

विवाद के बीच भाजपा ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा नेता के बेटे को एमएलसी के रूप में नामित किया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं। कोर्ट में फजीहत से बचने के लिए 31 जुलाई को BJP ने अपने MLC देवेश कुमार से इस्तीफा दिलवाया। उसके बाद 5 अगस्त को राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दीपक प्रकाश को MLC मनोनीत कर दिया। अगर ऐसा नहीं होता तो उनकी मंत्री पद से बर्खास्तगी तय मानी जा रही थी। …तो क्या MLC बन जाने से अब दीपक प्रकाश की कुर्सी बच गई, सुप्रीम कोर्ट अब क्या करेगा, समझेंगे; बूझे की नाही में...। सीनियर BJP लीडर राकेश कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर कर संविधान के ऑर्टिकल 164(4) के तहत बिहार सरकार के पंयाचती राज मंत्री दीपक प्रकाश की पुनर्नियुक्ति को अवैध बताया है। उनका तर्क है कि एक ही विधानसभा के कार्यकाल के भीतर सिर्फ सरकार या मुख्यमंत्री बदलने का बहाना बनाकर किसी गैर-विधायक को दोबारा 6 महीने की छूट देकर मंत्री नहीं बनाया जा सकता। याचिका में कहा गया है कि पहली बार मंत्री बनने के बाद से बिना चुनाव जीते मंत्री रहने की जो 6 महीने की तय अवधि है, वह 20 मई 2026 को ही समाप्त हो चुकी है। याचिका के मुताबिक, सरकार बदलने, इस्तीफा देने या मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का सहारा लेकर 6 महीने की समय-सीमा को 'रीसेट' (शुरू से शुरू) नहीं किया जा सकता। याचिका में दीपक प्रकाश को बर्खास्त करने और 20 मई के बाद लिए गए फैसलों को रद्द करने की मांग की गई है। 15 जून 2026 को पहली बार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें याचिकाकर्ता राकेश सिंह की तरफ से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने अपनी बात रखी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने बिहार सरकार, दीपक प्रकाश और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा। हमने यही सवाल कानून मामलों के 3 जानकारों से पूछा। सिलसिलेवार तरीके से जानिए… कानून मामलों के जानकार प्रो. राजीव रंजन कहते हैं... याचिका दायर करने वाले BJP लीडर राकेश सिंह कहते हैं... 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे ही एक केस में ऐतिहासिक फैसला दिया था। याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह ने उस फैसले का जिक्र इस केस में भी किया है। अगर सुप्रीम कोर्ट 2001 वाले अपने एसआर चौधरी फैसले की कड़ाई से व्याख्या करता है तो दीपक प्रकाश की पुनर्नियुक्ति को 'असंवैधानिक और शून्य' घोषित किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में लंबी सुनवाई चली और 17 अगस्त 2001 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पंजाब सरकार के इस कदम को असंवैधानिक ठहराया और फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ (तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डॉ. ए.एस. आनंद, जस्टिस आर.सी. लाहोटी और जस्टिस के.जी. बालकृष्णन) ने कहा…
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Aug 7, 2026, 11:20 AM
कांग्रेस स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए बड़े पैमाने पर अभियान की योजना बना रही है

कांग्रेस स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए बड़े पैमाने पर अभियान की योजना बना रही है

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में यह सहमति बनी कि प्रदेश में जनता से सीधे जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाए। जिला और विधानसभा स्तर पर संगठन को स्थानीय समस्याएं चिन्हित कर उन्हें लगातार उठाने के निर्देश दिए जाएंगे। भोपाल में होने वाली पीएसी बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।विज्ञापनसूत्रों का कहना है कि जीतू पटवारी और उनके परिवार के खिलाफ कथित सरकारी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। इसके विरोध में इंदौर में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जा सकता है। पार्टी के भीतर राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में शामिल होने की भी चर्चा है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।विज्ञापनमानसून की बेरुखी से खेती पर संकट, 48 जिलों में बारिश का बड़ा घाटा, अगले 3 दिन राहत की उम्मीदकांग्रेस ने जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों से कहा है कि वे अपने क्षेत्रों की प्रमुख जनसमस्याओं की पहचान कर उन्हें संगठन के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाएं। पार्टी का मानना है कि स्थानीय मुद्दों पर लगातार संघर्ष से ही जनता के बीच मजबूत राजनीतिक माहौल बनाया जा सकता है।
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Aug 7, 2026, 11:16 AM
पंजाब सरकार ने अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर को हटा दिया है।

पंजाब सरकार ने अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर को हटा दिया है।

पंजाब सरकार ने शुक्रवार को अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को उनके पद से हटा दिया है। इस फैसले के बाद, अमृतसर में बॉर्डर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) के तौर पर काम कर रहे हरमनबीर सिंह को अगले आदेश तक अमृतसर पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक गुरप्रीत सिंह भुल्लर को हटाए जाने की वजह नहीं बताई है। अधिकारियों ने यह भी संकेत नहीं दिया है कि यह कदम बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है या किसी खास घटना से जुड़ा है। भुल्लर की अगली पोस्टिंग या अमृतसर पुलिस कमिश्नर के तौर पर स्थायी नियुक्ति के बारे में और जानकारी का इंतजार है। यह प्रशासनिक फेरबदल अमृतसर के पुलिस कमिश्नर के एक कथित बयान पर विवाद छिड़ने के कुछ दिनों बाद हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई सोशल मीडिया हैंडल ने एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी - इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) - द्वारा समर्थित एक नेटवर्क से जुड़ा था। इस दावे ने जल्द ही राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया। हालांकि, अमृतसर पुलिस ने इन आरोपों को साफ तौर पर खारिज कर दिया था। पुलिस का कहना था कि ऑनलाइन शेयर की जा रही वीडियो क्लिप को संदर्भ से हटकर दिखाने के लिए काटा-छांटा (ट्रिम और एडिट) गया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कभी यह नहीं कहा था कि गिरफ्तार आरोपी जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में शामिल थे। पुलिस के अनुसार, प्रेस ब्रीफिंग एक आतंकी और आपराधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के बारे में थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपियों ने केवल जंतर-मंतर इलाके की रेकी (निगरानी) की थी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं था कि वे उस जगह पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल थे। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना गुमराह करने वाला है और घोषणा की कि एडिटेड कंटेंट को फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ABP News
Aug 7, 2026, 11:14 AM
विपक्ष के नारों के बीच संसद की कार्यवाही बाधित; मंत्री ने बहस कम होने की चेतावनी दी

विपक्ष के नारों के बीच संसद की कार्यवाही बाधित; मंत्री ने बहस कम होने की चेतावनी दी

मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों की तरफ से दोनों सदनों में जारी हंगामे और नारेबाजी के बीच संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है. विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति और उनसे दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई समेत अन्य मुद्दों पर जवाब की मांग करते हुए हंगामा और नारेबाजी कर रही है. इस बीच केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्हें सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि जद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे, तो इन्हें (विपक्ष) चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को राज्यसभा में बोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधते हुए बड़ी चेतावनी दी. उन्होंने संसद में चर्चा कम होने को लेकर विपक्ष से कहा, ‘संसद में चर्चा इसलिए कम हो रही है क्योंकि विपक्ष और कांग्रेस पार्टी ने हंगामा करके नारेबाजी की. इसकी वजह से चर्चा कर हो रही है.’ उन्होंने कहा, ‘इसमें किसी तरह का कोई कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए कि सदन की कार्यवाही नहीं चल रही है. सदन की कार्यवाही चल रही है, बिल भी पारित हुए हैं, सिर्फ चर्चा कम हुई है, क्योंकि हंगामा हो रहा है.’ Raising slogans and creating ruckus has become a habit for the Opposition. Even extremists & terrorists tremble at the mere mention of the Home Minister, Shri @AmitShah Ji. The day Home Minister delivers his statement in the House, the Opposition will have a tough time! pic.twitter.com/G7YI4FBvYW वहीं, सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति की विपक्ष की मांग पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह से लेकर देर रात तक सदन में ही रहते हैं. इनका (विपक्ष) नाटक नहीं होना चाहिए. कौन सा मंत्री कितने समय तक सदन में बोलेगा, ये अध्यक्ष जी के अनुमोदन से सदन तय करता है. ये विपक्ष की तरफ से तय नहीं किया जा सकता है कि कौन सा मंत्री कब तक बोलेगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे तो इन्हें (विपक्ष) चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा. जब ये लोग सुन नहीं पाएंगे और सदन से भागेंगे, तो इन्हें माफी मांगनी पड़ेगी कि इतने दिनों तक जो हंगामा हुआ, उस पर माफी मांगनी पड़ेगी.’ पिछले करीब पांच सालों से भारतीय मीडिया का हिस्सा हैं. अक्टूबर, 2024 से एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर हिंदी कंसल्टेंट राइटर के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं. प्रिंट मीडिया के साथ अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत की है और आज डिजिटल मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर लेखन कार्य कर रहे हैं. साल 2020 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, चुनाव और सामाजिक विषयों पर खबरें लिखते रहे हैं. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर हमेशा बेहतर करने की कोशिश है. स्केचिंग, पेटिंग, फिल्में देखना, शायरी-कविताएं लिखना और घूमना बहुत ज्यादा पसंद है. रीजीजू ने चेतावनी दी कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे, तो विपक्ष को चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा। यदि वे सदन से भागेंगे, तो उन्हें इतने दिनों के हंगामे के लिए माफी मांगनी पड़ेगी।
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Aug 7, 2026, 11:10 AM
भारत सरकार संसद में एफ. सी. आर. ए. विधेयक पेश करने के लिए तैयार, नियामकीय परिवर्तनों पर नजर

भारत सरकार संसद में एफ. सी. आर. ए. विधेयक पेश करने के लिए तैयार, नियामकीय परिवर्तनों पर नजर

सरकार संसद में एफसीआरए बिल (फारेन कांट्रीब्यूशन रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल) लाना चाहती है। इस विधेयक के 12 अगस्त को सदन में पेश किए जाने का प्रस्ताव है। किरण रिजिजू के संकेत से लग रहा है कि सरकार इस बिल पर चर्चा के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा सदन में बयान देने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि इसके बाद सत्ता पक्ष फ्रंट फुट पर खेलना शुरू कर देगा।विज्ञापनशिक्षा मंत्रालय में माहौल थोड़ा बदला-बदला है। कानून मंत्रालय में फिजां थोड़ी बदली है। भाजपा के बड़े नेताओं को पता नहीं है कि आगे क्या होगा? मंत्रालय के अधिकारी रुटीन में अपना काम कर रहे हैं। शीर्ष स्तर के एक अधिकारी का कहना है कि अगले दो-तीन महीने में आपको सरकार जनता के बीच में दिखाई देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयानों में भी जेन-जी की स्वीकार्यता काफी बढ़ी है।विज्ञापनभाजपा के संगठन से जुड़े सूत्र का कहना है कि चुनी हुई सरकार की विशेषता है। वह जनता से जुड़े विषय को उच्च प्राथमिकता देती है। इसमें प्रधानमंत्री का कोई जवाब नहीं है। सूत्र का कहना है कि आप किसान आंदोलन को देख लीजिए। केन्द्र सरकार ने कानून वापस लेने का निर्णय लिया था। मोदी सरकार किसी भी विषय को नाक का सवाल नहीं बनाती। उसकी पहली प्राथमिकता जनहित का आदर है।
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DNA Hindi
Aug 7, 2026, 11:05 AM
आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दिया इस्तीफा

आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दिया इस्तीफा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी को बड़ा झटका लगा है. राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने पद से इस्तीफा देते हुए पार्टी को भी अलविदा कह दिया है. उन्होंने जयंत चौधरी को लिखी चिट्ठी में कहा कि संविधान, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हो रहे प्रहार से लोकतंत्र आज खतरे में है. व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश, इन्हीं वैचारिक एवं नैतिक कारणों से मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं. आरएलडी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए रामाशीष राय ने जयंत चौधरी का आभार जताया. उन्होंने कहा, 'मैं राजनीति में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के 1974-75 के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रेरित होकर जुड़ा था. उस समय भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, लोकतांत्रिक संस्थाओं का क्षरण तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही जैसे सवाल राष्ट्रीय चिंता के विषय थे. लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने "संपूर्ण क्रांति" का आह्वान करते हुए व्यवस्था परिवर्तन का जो सपना देश के सामने रखा था, वह आज भी अधूरा प्रतीत होता है.' रामाशीष राय ने आरोप लगाया कि कि समाज को जाति, उपजाति और संप्रदाय के आधार पर विभाजित करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है. किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए संघर्षरत है, जबकि नौजवान बेरोजगारी और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहा है. शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बढ़ती निराशा जनमानस में असंतोष को जन्म दे रही है. दुर्भाग्यवश आज सार्वजनिक जीवन में ऐसे लोग भी उच्च स्थानों पर हैं जो सामाजिक विभाजन और जातीय उन्माद को बढ़ावा दे रहे हैं. यह प्रवृत्ति लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित—तीनों के लिए घातक है. -रामाशीष राय जेपी आंदोलन से जुड़े हुए थे. उनका राजनीतिक अनुभव दशकों का है. -वो पूर्वी यूपी से आते थे और इस लिहाज से आरएलडी को पूर्वांचल में मजबूत करने में अहम भू्मिका निभा सकते थे. -यूपी में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का ही इस्तीफा हो जाने से कार्यकारिणी ही भंग हो जाएगी. इसे दोबारा तैयार करने में समय बर्बाद होगा. -रामाशीष राय के अलग-अलग दलों के सीनियर लोगों से अच्छे संबंध थे, जो गठबंधन के समय बारगेन पावर को बढ़ाते हैं. - उनके पास संसदीय परंपरा का भी अनुभव है क्योंकि वह BJYM के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए यूपी विधान परिषद के सदस्य यानी MLC भी रह चुके हैं. रामाशीष राय पूर्वी यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र जीवन से की थी और बीएचयू छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रहे. रामाशीष लंबे समय तक बीजेपी युवा मोर्चा से भी जुड़ा रहे और युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने. बीजेपी के अलावा वो कांग्रेस की टिकट पर 2004 में लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें उन्हें एक लाख से ज्यादा वोट मिले थे. रामाशीष राय को अटल-आडवाणी-जोशी गुट का माना जाता रहा है. वह यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह के भी करीबियों में गिने जाते थे. बीजेपी में रहते हुए वो 2019 के लोकसभा चुनाव में देवरिया सीट से टिकट चाहते थे. जब टिकट नहीं मिली तो उन्होंने बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़ा. हालांकि उन्हें सिर्फ सात हजार वोट ही मिले थे. बाद में वो आरएलडी में शामिल हुए और 2022 में जयंत चौधरी ने उन्हें आरएलडी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था.
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Aaj Tak
Aug 7, 2026, 11:00 AM
पीएम मोदी ने राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की, विकास परियोजनाओं के लिए समर्थन का आश्वासन दिया

पीएम मोदी ने राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की, विकास परियोजनाओं के लिए समर्थन का आश्वासन दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह ममता बर्नजी, उद्धव ठाकरे और आम आदमी पार्टी से बागी हुए सासंदों के साथ पीएम आवास में ब्रेकफास्ट किया. (फोटो-ANI) पीएम ने इस दौरान मौजूद सभी लोगों को संसद की डिबेट में सक्रिय रूप से शामिल होने की सलाह दी. (फोटो-ANI) प्रधानमंत्री ने सांसदों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ हूं. NDA एक परिवार है. (फोटो-ANI) पीएम मोदी ने पीएम आवास में शिवसेना में हाल ही में शामिल 6 सांसदों के साथ अलग बैठक की. (फोटो-ANI) पीएम ने बीजेपी में शामिल हुए पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह से भी बात की. उन्होंने संसदीय क्षेत्र और वहां चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली. (फोटो-ANI) पीएम ने सांसदों से संसदीय इतिहास को पढ़ने, जानने और समझने के लिए कहा. उन्होंने बताया कि संसद में इतिहास से जुड़ा बहुत सारा मैटेरियल उपलब्ध है, डिबेट में तैयारी के लिए इस्तेमाल कीजिए. (फोटो-ANI) पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि अगर विकास परियोजनाओं से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो वे सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क करें. (फोटो-ANI)
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ABP News
Aug 7, 2026, 10:56 AM
भारत ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विधेयक पारित किया

भारत ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विधेयक पारित किया

भारत सरकार ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लोकसभा में एक बिल पास किया है. जिसके बाद अब विदेशी निवेशकों को खूब फायदा होगा और वो भारत में ज्यादा से ज्यादा निवेश करेंगे. टैक्सेशन एंड अदर लॉ (अमेंडमेंड) बिल, 2026 को पास करने का मकसद विदेशी निवेशकों को भारत के सरकारी बॉन्ड में निवेश के लिए आकर्षित करना और देश में फॉरेन रिटर्न एक्सचेंज को बढ़ाना है. इस बिल को लेकर विपक्ष का विरोध भी देखा गया, जिसके बाद लोकसभा में इसे वॉइस वोट के आधार पर पास किया गया. ये बिल 5 जून को जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेगा. इस बिल के तहत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट (BIS) को सरकारी बॉन्ड में निवेश से होने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर टैक्स से छूट दी जाएगी. इससे भारत के सरकारी बॉन्ड विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनेंगे. सरकार का मानना है कि इस कदम से भारत में ज्यादा विदेशी निवेश आएगा. इससे सरकार को कम लागत पर उधार लेने में मदद मिलेगी, रुपये पर दबाव कम होगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. हाल ही के वैश्विक आर्थिक हालात और बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार ने ये कदम उठाया है. बिल में सिर्फ सरकारी बॉन्ड ही नहीं, बल्कि विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कुछ और बदलाव भी किए गए हैं. ऑफशोर निवेश फंड से जुड़े टैक्स नियम आसान किए गए हैं, ताकि भारत वैश्विक फंड मैनेजमेंट का बड़ा केंद्र बन सके. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डाटा सेंटर और डायमंड सेक्टर से जुड़े कुछ टैक्स नियमों में भी राहत दी गई है. सरकार का कहना है कि इन बदलावों से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, कारोबार करना आसान होगा और भारत में लंबे समय के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी. प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc - Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस और यूटिलिटी विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके अलावा इन्होंने लंबे समय तक एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी लिखा है. लिखने के साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 10:53 AM
विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता नेहा बोरा पर स्याही से हमला

विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता नेहा बोरा पर स्याही से हमला

नेहा बोरा ने बताया कि वह अन्य साथियों के साथ मार्च के दौरान खड़ी थीं, तभी अमरनाथ पांडेय नाम के युवक ने उन पर स्याही फेंक दी। नेहा बोरा ने दावा किया कि आरोपी RSS से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्याही फेंकने की घटना के बाद आरोपी ने अपने कृत्य को सही ठहराने की कोशिश करते हुए ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया। नेहा बोरा के अनुसार, प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने युवक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, आरोपी के RSS से जुड़े होने और घटना के पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि का उल्लेख उनके बयान में नहीं है। घटना के बाद नेहा बोरा ने इसे छात्रों के आंदोलन और विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि वह JPSC परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर छात्रों के बीच अपनी बात रख रही थीं। स्याही फेंके जाने के बावजूद उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा। नेहा बोरा के साथ स्नेहा माथुर और भाकपा (माले) विधायक अरूप चटर्जी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने और विरोध की आवाज दबाने की कोशिश है। नेताओं ने झारखंड में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा और स्याही फेंकने की घटना के लिए बीजेपी समर्थकों पर आरोप लगाए। नेहा बोरा ने कहा कि छात्रों की मांग केवल 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी JPSC परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है, ताकि भविष्य में परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आयोजित की जा सकें। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के साथ छात्रों की अन्य मांगों पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। नेहा बोरा ने छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई। AISA अध्यक्ष ने उन राजनीतिक दलों से भी छात्रों की मांगों का समर्थन करने की अपील की, जिन्होंने पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए छात्रों के आंदोलन के दौरान एकजुटता दिखाई थी। नेहा बोरा ने कहा कि जो राजनीतिक दल उस समय छात्रों के साथ खड़े हुए थे, उन्हें अब जैपल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को भी स्वीकार करना चाहिए और उनके समर्थन में आवाज उठानी चाहिए।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 10:51 AM
संसद में हंगामाः विपक्ष ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया की मांग की

संसद में हंगामाः विपक्ष ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया की मांग की

संसद में मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष काफी दिनों से लगातार छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग कर रहा है। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि अमित शाह सदन में आकर जवाब दें। इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'जब अमित शाह सदन में बोलते हैं, तो आप लोग सुन नहीं पाते।' किरेन रिजिजू के इस बयान पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। वहीं कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस बात का मजाक बनाया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के बयान की अपनी मांग दोहराई। खरगे ने दावा किया कि चेयरपर्सन सीपी राधाकृष्णन ने अमित शाह को निर्देश जारी किया था। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस दावे का खंडन किया। कांग्रेस नेता ने कहा, 'चेयरपर्सन सीपी राधाकृष्णन ने गृह मंत्री से सदन में आकर बयान देने को कहा था। लेकिन वे (सत्ता पक्ष) आपकी बात का सम्मान नहीं कर रहे हैं और सदन का अपमान कर रहे हैं।' संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने खरगे के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, 'विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा मंत्री कब सदन में आएगा।' किरेन रिजिजू ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह रोजाना संसद परिसर आते हैं। किरेन रिजिजू ने कहा, 'किसी भी मंत्री के सदन में आने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। आप सब नारे लगाते हैं और तुरंत संसद से चले जाते हैं, जबकि गृह मंत्री सुबह से देर रात तक वहां मौजूद रहते हैं। फिर भी, जब वे जवाब देने के लिए खड़े होते हैं, तो आप लोग सुन नहीं पाते। आप लोगों में हिम्मत नहीं है। आप सिर्फ नारेबाजी करते हैं और कामकाज में बाधा डालते हैं।' वेणुगोपाल को जब किरेन रिजिजू के बयान के बारे में बताया गया, तब उन्होंने कहा, 'आज मैंने जो सबसे बड़ा मजाक सुना, वह यही है और खुशी से ताली बजाई। इस संसद में सबसे बड़ा मजाक किरेन रिजिजू का बयान था।' कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने आज कहा, 'मुझे लगता है कि अमित शाह संसद आने से डरते हैं। वे किसी वजह से नहीं आ रहे हैं। उन्हें आना चाहिए, जवाब देना चाहिए और बयान देना चाहिए। इसमें बड़ी बात क्या है? अगर कुछ गलत हुआ है, तो जिम्मेदारी लें।'
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 10:51 AM
सरकार ने हरमनबीर सिंह को अमृतसर में नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया

सरकार ने हरमनबीर सिंह को अमृतसर में नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक हरमनबीर सिंह डीआईजी बॉर्डर रेंज, अमृतसर के पद पर बने रहेंगे और इसके साथ ही उन्हें अमृतसर के पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वह गुरप्रीत सिंह भुल्लर की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे।विज्ञापनआदेश में कहा गया है कि गुरप्रीत सिंह भुल्लर को फिलहाल डीजीपी कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी अगली तैनाती के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।विज्ञापनसरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है।
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Dainik Jagran
Aug 7, 2026, 10:51 AM
महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल, उप मुख्यमंत्री ने रणनीतिकार प्रशांत किशोर से की मुलाकात

महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल, उप मुख्यमंत्री ने रणनीतिकार प्रशांत किशोर से की मुलाकात

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इसकी वजह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात है। इस मुलाकात के बाद राज्य की सत्तारूढ़ महायुति सरकार में शामिल मुख्य पार्टी भाजपा ने एनसीपी को सचेत किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सुनेत्रा पवार को सलाह दी है कि गठबंधन में कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया जाना जिससे अविश्वास पैदा हो या गठबंधन की नाव डगमगाए। बता दें कि प्रशांत किशोर ने हाल ही में बिहार में एक उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार को हराया है। इसके तुरंत बाद उनका मुंबई स्थित सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास 'देवगिरि' पर पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एनसीपी के पार्टी पदाधिकारियों ने इस मुलाकात की पुष्टि की है, हालांकि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसका कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। दूसरी तरफ गौर करने वाली बात यह है कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद से प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार से यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले पहली मुलाकात के बाद उनके बेटे पार्थ पवार ने कहा था कि प्रशांत किशोर उनके परिवार के पुराने परिचित हैं। ये मुलाकात महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय इसलिए भी बन गया है, क्योंकि भाजपा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यह भले ही किसी भी दल का अंदरूनी मामला हो, लेकिन महायुति गठबंधन में रहते हुए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे सहयोगियों के मन में शक पैदा हो। पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन के सभी दलों को 'महायुति' के आचार संहिता का सख्ती से पालन करना चाहिए। गठबंधन के भीतर किसी भी प्रकार की आपसी फूट या अविश्वास की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। फिलहाल, इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों और महायुति के भीतर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 10:50 AM
अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राष्ट्रीय सुरक्षा और शासन पर चर्चा के लिए मुलाकात की

अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राष्ट्रीय सुरक्षा और शासन पर चर्चा के लिए मुलाकात की

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करीब एक घंटे तक बैठक की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष की मांग है कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री सदन में जवाब दें। संसद में गतिरोध खत्म करने की संभावनाओं के बीच इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी रहीं।विज्ञापनविज्ञापनविपक्ष का कहना है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग कर रहा है। इसी के साथ राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले पर भी चर्चा कराने की मांग की जा रही है। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार लोकसभा की कार्यवाही बाधित कर रहा है।संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने से सदन का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। सरकार विधायी कार्य आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि विपक्ष पहले अपनी मांगों पर चर्चा चाहता है। ऐसे में संसद के दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने से गतिरोध लगातार बना हुआ है।अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष की मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि संसद का गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार विकल्प तलाश रही है। हालांकि बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं और क्या सदन की कार्यवाही सामान्य हो पाएगी।
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ABP News
Aug 7, 2026, 10:49 AM
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष ने आरएसएस के बयान की आलोचना की, अखिलेश यादव के आरोपों पर उठाए सवाल

आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष ने आरएसएस के बयान की आलोचना की, अखिलेश यादव के आरोपों पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश स्थित नगीना से लोकसभा सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक के आरक्षण वाले बयान पर तीखा हमला बोला है. आजाद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि आखिर जातिगत जनगणना कब करवा रहे? पुराने सीएम की कुर्सी को गंगा जल से क्यों धुलवाया था? क्या वो सक्षम नहीं थे? नगीना सांसद ने कहा कि अभी लड़ाई लम्बी है. बता दें अखिलेश यादव, अक्सर यह आरोप लगाते हैं कि साल 2017 की मार्च में यूपी में सत्ता परिवर्तन के बाद जब योगी आदित्यनाथ राज्य के सीएम बने तो उससे पहले पांच कालीदास मार्ग, यानी राज्य के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास को गंगा जल से धुलवााया गया था. हालांकि इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कभी कोई अधिकृत जवाब नहीं आया. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि 1990 में एक तरफ मंडल आयोग की सिफारिशें लागू हुईं तो दूसरी तरफ कमंडल की राजनीति शुरू कर दी गई. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कमंडल की यात्रा किसने शुरू की. उनका कहना था कि जब लोगों ने अपने अधिकारों की बात की, तब उनके सामने धर्म का मुद्दा खड़ा कर दिया गया. चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि अब तक मंडल आयोग की एक प्रतिशत सिफारिश भी पूरी तरह लागू नहीं हुई और लोग इसी पर संतुष्ट हो गए. उन्होंने मांग की कि सरकार मंडल आयोग की सभी सिफारिशें लागू करे, अन्यथा सत्ता छोड़ दे. उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग आरक्षण को गलत बताते हैं, वे खुद इसका लाभ क्यों ले रहे हैं और फिर आरक्षण को गाली क्यों देते हैं.
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I
India TV
Aug 7, 2026, 10:43 AM
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की पत्नी ने तलाक की याचिका वापस ली, हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद समाप्त हुआ

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की पत्नी ने तलाक की याचिका वापस ली, हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद समाप्त हुआ

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद में एक नया और राहत भरा मोड़ आया है। संगीता ने स्थानीय चेन्गलपट्टू फैमिली कोर्ट में दायर अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली है। पिछले कई महीनों से मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि हालिया घटनाक्रम से दोनों के बीच सुलह के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। 27 साल के इस रिश्ते को बचाने और कोर्ट केस खत्म होने की खबर से समर्थकों और फैंस के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। माना जा रहा है कि अदालत ने मामले के निपटारे और सुलह के बाद दोनों के रिश्ते में खट्टास अब कम हो जाएगी। संगीता द्वारा फरवरी में दायर की गई याचिका में आरोप लगाया गया था कि विजय का एक अन्य अभिनेत्री के साथ अवैध संबंध था, जिसकी जानकारी उन्हें साल 2021 में मिली थी। याचिका के अनुसार, विजय ने इस रिश्ते को समाप्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसे जारी रखा और उन्हें इसका कोई पछतावा भी नहीं था। दस्तावेज में यह भी कहा गया था कि विजय ने संगीता को अपने सामाजिक और व्यावसायिक जीवन से पूरी तरह अलग कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में लगातार शामिल होते रहे। इसके अलावा याचिका में उल्लेख किया गया था कि संबंधित अभिनेत्री सोशल मीडिया पर इन दौरों की तस्वीरें बार-बार साझा करती थी, जिस पर विजय ने कभी कोई आपत्ति नहीं जताई। संगीता का दावा था कि इन पोस्ट्स से उन्हें और उनके दोनों बच्चों जेसन संजय और दिव्या साशा को समाज में काफी अपमान सहना पड़ा। याचिका में विजय पर संगीता को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती करने, वित्तीय पाबंदियां लगाने और उनकी आवाजाही को सीमित करने के आरोप भी लगाए गए थे। संगीता ने आरोप लगाया था कि 2024 के दौरान सोशल मीडिया पर चली विवादित खबरों और विजय के व्यवहार से उन्हें गहरा मानसिक तनाव झेलना पड़ा। उनका कहना था कि उनका यह रिश्ता अब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया था और इसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बची थी, जिससे उन्हें केवल मानसिक पीड़ा, अपमान और कष्ट ही मिला। तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राजनेता थलपति विजय की पत्नी संगीता सोरनालिंगम अपनी सादगी और निजी जीवन को मीडिया की नजरों से दूर रखने के लिए जानी जाती हैं। मूल रूप से श्रीलंकाई तमिल पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली संगीता का जन्म और पालन-पोषण यूके में हुआ। विजय और संगीता 25 अगस्त 1999 को विवाह बंधन में बंधे थे। दोनों के दो बच्चे हैं बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा। फिल्मी दुनिया का बड़ा चेहरा होने के बावजूद संगीता हमेशा चकाचौंध से दूर परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देती आई हैं। वह बेहद चुनिंदा सार्वजनिक कार्यक्रमों में ही नजर आती हैं। संगीता का संबंध यूनाइटेड किंगडम के एक संपन्न और स्थापित कारोबारी परिवार से है। उनके पिता एक जाने-माने बिजनेसमैन रहे हैं। स्टार-वाइफ के रूप में दिखावे से दूर रहने की इसी आदत की वजह से उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे प्राइवेट हस्तियों में गिना जाता है। विजय और संगीता की मुलाकात की कहानी किसी दिलचस्प किस्से जैसी है। शुरुआत में संगीता, विजय के अभिनय की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। वह सिर्फ खत भेजने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि विजय से मिलने की इच्छा के साथ लंदन से सीधे चेन्नई आ पहुंचीं। उन्होंने शूटिंग स्थल का पता लगाया और सेट पर पहुंचकर विजय से मुलाकात की। यहीं से दोनों के बीच जान-पहचान और बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो बाद में जीवनभर के साथ में बदल गया। Input PTI ये भी पढ़ें: कौन थे प्रेम अदीब? 9 बार पर्दे पर दिखाई राम की मर्यादा, महात्मा गांधी थे फैन, रणबीर कपूर और अरुण गोविल से भी तगड़ी थी फॉलोइंग Latest Bollywood News
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 10:42 AM
द्रमुक नेता ने विज्ञापन परिसीमन विधेयक पर सावधानी बरतने का आह्वान किया

द्रमुक नेता ने विज्ञापन परिसीमन विधेयक पर सावधानी बरतने का आह्वान किया

भारती ने कहा कि विधेयक के अंतिम मसौदे को देखे बिना कोई भी निर्णय लेना जल्दबाजी होगी। उनका मानना है कि जब तक आधिकारिक बिल सामने नहीं आ जाता, तब तक किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं है।विज्ञापनपरिसीमन विधेयक 2026 को लेकर हाल ही में लोकसभा में तीखी बहस हो चुकी है। इस विधेयक में दक्षिण भारत के राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर राजनीतिक विवाद गहराया हुआ है।विज्ञापनआरएस भारती ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में अपनी बात रखी। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार जब परिसीमन का मुद्दा उठा था, तब पार्टी ने इसका विरोध किया था। उस समय डीएमके ने केंद्र सरकार को अपने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सौंपे थे।भारती ने कहा, 'अगर सरकार हमारे उन सुझावों को नए बिल में शामिल करती है, तो हम इस पर विचार करेंगे। हम बिल के हर एक पहलू, उसके फायदे और नुकसान का लाइन दर लाइन गहराई से अध्ययन करेंगे।' उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी पूरा ड्राफ्ट देखने के बाद ही अपने कदम तय करेगी।संसद में घमासान के आसार: कांग्रेस ने पार्टी सांसदों को जारी किया व्हिप, क्या है 10 से 12 अगस्त का प्लान?संसद के पटल पर आधिकारिक रूप से ड्राफ्ट आने के बाद ही डीएमके अंतिम फैसला लेगी।पार्टी विधेयक के प्रत्येक प्रावधान और बिंदु का बारीकी से अध्ययन करेगी।डीएमके देखेगी कि उनके द्वारा दिए गए पुराने सुझावों को बिल में जगह मिली है या नहीं।अप्रैल 2026 के विधायी पैकेज में लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है।सरकार के अनुसार तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी और सदन में हिस्सेदारी 7.2% बनी रहेगी।परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के नेताओं में एक बड़ा डर बना हुआ है। उन्हें लगता है कि आबादी के आधार पर परिसीमन होने से दक्षिण के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज किया है। सरकार का दावा है कि इस नए मॉडल से दक्षिणी राज्यों की आनुपातिक हिस्सेदारी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।अप्रैल 2026 में सामने आए विधायी प्रस्तावों के मुताबिक, लोकसभा में कुल सीटों की संख्या लगभग 50 फीसदी बढ़ाने की योजना है। इससे कुल सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी, इसमें केंद्र शासित प्रदेशों की भी 35 सीटें शामिल होंगी। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़ोतरी में तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 हो जाएंगी। इस तरह विस्तारित संसद में भी तमिलनाडु का हिस्सा 7.2 फीसदी पर सुरक्षित रहेगा।
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Amar Ujala
Aug 7, 2026, 10:40 AM
महबूबा मुफ्ती ने पी. डी. पी. कार्यकर्ताओं से जम्मू-कश्मीर के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया

महबूबा मुफ्ती ने पी. डी. पी. कार्यकर्ताओं से जम्मू-कश्मीर के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि अगर उन्हें या उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती को जेल भी जाना पड़े, तब भी पार्टी कार्यकर्ता जम्मू-कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखें।
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