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Feb 4, 2026, 12:29 AM
वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के बीच भारत की विदेश व्यापार नीति में आमूलचूल बदलाव देखा जा रहा है

वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के बीच भारत की विदेश व्यापार नीति में आमूलचूल बदलाव देखा जा रहा है

भारत की विदेश व्यापार नीति में पिछले एक साल के भीतर एक क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े मुक्त व्यापार समझौते (FTA) अब न केवल धरातल पर उतर रहे हैं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति के समीकरणों को भी बदल रहे हैं। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) के साथ वर्षों से जारी बातचीत को हाल ही में नई गति मिली। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों की नींव काफी मजबूत है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। हालांकि, हाल के समय में व्यापार से इतर कुछ मुद्दों जैसे रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी दबाव और 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़े दावों के कारण रिश्तों में कुछ तल्खी जरूर आई थी। रूस पर निर्भरता के कारण भारत को 25% सेकेंडरी टैरिफ का सामना करना पड़ा, जिससे एक समय ऐसा लगा कि व्यापारिक समझौता टल सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कूटनीतिक गलियारों में बातचीत कभी बंद नहीं हुई। जहां एक ओर पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप सीधे संपर्क में रहे, वहीं दूसरी ओर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वाशिंगटन के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्जियो गोर की भूमिका ने दोनों देशों के बीच उपजे गतिरोध को दूर करने और व्यापारिक संबंधों को सामान्य करने में बड़ी मदद की। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के साथ भारत की नजदीकी ने यूरोपीय संघ (EU) को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया। ब्रुसेल्स के नौकरशाह जो अब तक व्यापारिक शर्तों पर काफी सख्त थे, अमेरिका की सक्रियता देख लचीले रुख पर आ गए। इसी का परिणाम रहा कि 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ के बीच उस समझौते की घोषणा हुई जो पिछले 18 वर्षों से लटका हुआ था। इससे पहले मई की शुरुआत में भारत और ब्रिटेन भी अपने व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप दे चुके थे। वर्तमान में विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थिति काफी कमजोर बनी हुई है। बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था में सुधार की कोई उम्मीद न देखते हुए, भारत ने अब द्विपक्षीय समझौतों को ही प्राथमिकता दी है। भारत के व्यापार वार्ताकार पिछले 12 महीनों से दुनिया के विभिन्न देशों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। इस रणनीति के तहत अब केवल बड़े देश ही नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड, इजराइल और मर्कोसुर जैसे व्यापारिक ब्लॉक भी भारत की प्राथमिकता सूची में आ गए हैं। इन समझौतों के केंद्र में केवल वस्तुएं ही नहीं, बल्कि सेवाओं, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), छोटे व्यवसाय, श्रम मानक और सस्टेनेबिलिटी जैसे आधुनिक विषय भी शामिल हैं। व्यापारिक समझौतों का दायरा बढ़ने से अब भारत का दो-तिहाई निर्यात प्रमुख मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) के दायरे में आ गया है। देश के कुल आयात का लगभग आधा हिस्सा भी इन्हीं समझौतों के तहत कवर हो रहा है। कृषि उत्पाद, ऑटोमोबाइल, वाइन और स्पिरिट जैसे क्षेत्रों में आयात-निर्यात के नए रास्ते खुले हैं। वाशिंगटन में भारतीय दूतावास और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने उतार-चढ़ाव के बावजूद जिस तरह से बातचीत को जीवित रखा वह भारत की बढ़ती कूटनीतिक शक्ति का परिचायक है। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों जैसे कि रूसी कच्चा तेल, पर समझौता किए बिना भी वैश्विक शक्तियों के साथ बराबरी के स्तर पर व्यापार कर सकता है। आने वाले समय में ये समझौते न केवल भारतीय विनिर्माण को वैश्विक पहचान दिलाएंगे, बल्कि 'मेक इन इंडिया' अभियान को भी नई उड़ान देंगे।
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Feb 4, 2026, 12:08 AM
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बजट प्राथमिकताओं और व्यापार सौदे की संभावनाओं को रेखांकित किया

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बजट प्राथमिकताओं और व्यापार सौदे की संभावनाओं को रेखांकित किया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत के लक्ष्य पर केंद्रित है। आम आदमी, किसानों, कारोबारियों, निवेशकों का ध्यान रखा गया है। आर्थिक सुधारों पर जोर दिया गया है। वित्त मंत्री मानती हैं कि अमेरिका से ट्रेड डील होने से निवेश में भी तेजी आएगी। बजट, व्यापार समझौते और मौजूदा वैश्विक माहौल से जुड़े मुद्दों पर हिन्दुस्तान के राजनीतिक संपादकमदन जैड़ाऔर विशेष संवाददाताअरुण चट्ठाने उनसे विस्तृत बातचीत की है। पेश हैं उसके प्रमुख अंश... ● अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने जा रहा है। आप इस समझौते को किस रूप में देखती हैं? यह बहुत ही अच्छी खबर है। अब आयात शुल्क घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों, उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे बजट को बहुत बल मिलेगा। खास तौर पर भारत के निर्यातक सस्ती दरों पर अपने सामान अमेरिकी बाजार में बेच पाएंगे, जिससे उन्हें वहां प्रतिस्पर्धा कर अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी। हम लगातार मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ (ईयू), न्यूजीलैंड, कतर समेत अन्य देशों के साथ एफटीए किए हैं। आयात शुल्क में भी कटौती हुई है, जिसका लाभ भारत को निर्यात में भी मिल रहा है। ● आप वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट को किस तरह से देखती हैं? अब हमारा ध्यान आर्थिक विकास को गति देने पर केंद्रित है। हम वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसी लक्ष्य के तहत हमने कोरोना के बाद के बजटों में उन सभी प्रावधानों को हटाने पर जोर दिया है, जो गैर-जरूरी हैं और निर्यात व कारोबार करने में बाधा उत्पन्न करते हैं। इसलिए आप देख रहे हैं कि हम लगातार हर बजट में कोई न कोई सुधार कर रहे हैं। हम खोज-खोज कर गैर-जरूरी प्रावधानों को खत्म कर रहे हैं। अब हमारा बजट विनिर्माण, निर्यात, रोजगार और करदाताओं को सुविधा प्रदान करने पर केंद्रित है, जिससे भारत दुनिया में सबसे पसंदीदा निवेश स्थल बनेगा। कारोबार करने में सुगमता लाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर इस बार के बजट में भी कई सुधार से जुड़े एलान किए गए हैं। ● बजट में बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के लिए कमेटी गठित करने का एलान हुआ है। हम किन सुधारों की उम्मीद कर सकते हैं? भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है, तो उसके लिए देश के पास मजबूत और पारदर्शी बैंकिंग सिस्टम होना चाहिए। ऐसा सिस्टम, जो हर क्षेत्र की मदद करने में सक्षम हो। इसके लिए हमने फैसला लिया है कि पूरे बैंकिंग क्षेत्र का अध्ययन किया जाए और फिर सुधार को लेकर एक गहन रिपोर्ट तैयार हो, जिसके आधार पर विकसित भारत का एक मजबूत और पारदर्शी बैंकिंग सिस्टम तैयार हो। इसलिए कमेटी हर नजरिए से बैंकिंग क्षेत्र का अध्ययन करेगी, जिसमें एनबीएफसी भी शामिल हैं। कमेटी बैंकिंग क्षेत्र में सुधार को लेकर अपनी रिपोर्ट देगी, उसी रिपोर्ट के आधार पर बदलाव किए जाएंगे। ● आयकर विभाग में भी फेस-लेस सिस्टम लाया गया। सुधार तय उद्देश्य के अनुरूप लागू हों, यह कैसे किया जाएगा? हर विभाग के काम की समीक्षा की जाती है, जो हर महीने होती है। जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर के कार्य की समीक्षा करने के लिए पूरा सिस्टम है। अगर कोई सुधार किया गया है, तो उसका अनुपालन अनिवार्य तौर पर हो, यह हर विभाग केंद्रीय स्तर पर सुनिश्चित करता है। सुधार का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए समीक्षाओं के माध्यम से देखा जाता है कि जो सुधार किए गए हैं, वह लागू हो रहे हैं या नहीं। इसी तरह से बाकी सुधारों पर भी नियमित नजर रखी जाती है। ● बजट में आम आदमी के लिए क्या कुछ शामिल है? विपक्ष कह रहा है कि बजट में आम आदमी शामिल नहीं है? बजट में आम आदमी का पूरा ख्याल रखा गया है। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आम आदमी को लाभ होगा। हमने सीमा शुल्क से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं, जिसका लाभ एमएसएमई और अन्य उद्योग संचालित करने वाले आम व्यक्ति को ही मिलेगा। हमने सीमा शुल्क को कम किया है। उससे जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसके साथ ही, पहले नियम था कि अगर कोई उद्योग विदेश से कच्चा माल आयात करता है, तो उसे छह महीने के अंदर तैयार करके निर्यात कर कागजी कार्रवाई पूरी करनी होती थी। अब हमने यह अवधि बढ़ाकर एक वर्ष कर दी है, जिससे आम निर्यातक एवं कारोबारी को लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए शी-मार्ट का एलान किया गया है, जो उनके लिए बाजार उपलब्ध कराएगा। हर जिले में एक महिला हॉस्टल बनाया जाएगा, जो कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा के साथ बेहतर माहौल देगा। लड़के-लड़कियां उद्यमी बनें, इसके लिए एआई ट्रेनिंग से जुड़ी सुविधा दी जाएगी। इसके लिए हर जिले में एक आईटीआई में एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी। हर तीन से पांच जिलों में एक हब बनाया जाएगा, जहां खेती-किसानी, प्रसंस्करण, इलेक्ट्रिक उपकरण बनाने व अन्य तरह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन सभी का लाभ आम आदमी, युवा और महिलाओं को ही मिलेगा। ● रोजगार के लिहाज से नए बजट में क्या खास प्रावधान हैं? देश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का 40 प्रतिशत योगदान है, जो रोजगार और निर्यात क्षेत्र के लिहाज से काफी अहम है। हमने बीते तीन बजट में लगातार एमएसएमई क्षेत्रों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने का काम किया है। इस बार हमने तय किया है, जो मध्यम आकार की एमएसएमई है, उन्हें आगे बढ़ने के लिए ज्यादा मदद दी जाए। पहले से प्रोजेक्ट लिंक्ड स्कीम (पीएलआई) भी चल रही है, जिससे देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक क्षेत्र के विनिर्माण में तेजी आई है। इन सभी क्षेत्रों के तेजी से बढ़ने की वजह से रोजगार के अवसर भी तेजी से पैदा हो रहे हैं। इस बजट में भारत की क्रिएटिव इंडस्ट्री को ऑरेंज इकोनॉमी के तौर पर विकसित करने का भी एलान किया गया है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसी तरह बजट में नए जलमार्ग बनाने का एलान किया गया है। साथ ही, इन जलमार्गों के किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिसमें पोत-नाव की मरम्मत से प्रशिक्षण देने तक का काम किया जाएगा। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ● बजट में उच्च मूल्य कृषि उत्पादों के लिए बड़ा एलान किया गया है। क्या इसके पीछे कोई विशेष कारण है? एक समय था कि जब भारत नारियल का निर्यात करता था, लेकिन अब हम आयात के कगार पर खड़े हैं। जबकि हमारे पास इतना बड़ा समुद्र तटीय क्षेत्र है, पर धीरे-धीरे नारियल का क्षेत्र कम हो रहा है। नारियल के पेड़ पुराने हो गए हैं और नए पेड़ लगाए नहीं जा रहे हैं। समुद्री तूफान में पेड़ टूट गए हैं या खराब हो गए हैं, तो किसान उनकी जगह नए पेड़ नहीं लगा रहे हैं। इसी तरह से कोको, काजू और चंदन जैसे उच्च मूल्य के कृषि उत्पादों की पैदावार भी भारत में तेजी घट रही है, क्योंकि कुछ कृषि उत्पादों की उत्पादन प्रक्रिया काफी खराब व जटिल है। उनके प्रसंस्करण में समय अधिक लगता है और श्रमिकों के हाथ खराब हो जाते हैं। ऐसे में, बजट के माध्यम से हमने उच्च मूल्य वाले कृषि उत्पादों की पैदावार बढ़ाने और प्रसंस्करण को प्रोत्साहन देने का एलान किया है, ताकि किसानों को उत्पादन बढ़ाने व नए पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। ● ऐसा माना जा रहा है कि एआई के आने से नौकरियां घटेंगी। वित्त मंत्री के तौर पर आप इसे कैसे देखती हैं? मेरा मानना है कि एआई के जरिए नए अवसर पैदा होंगे। निजी क्षेत्र से जुड़े कुछ मामलों को छोड़ दिया जाए, तो अब एआई रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद कर रही है। एआई की मदद से कारोबारियों को कच्चा माल और बाजार खोजने में मदद मिल रही है। इसी तरह से एआई के चलते कृषि, पर्यटन, तकनीक, विनिर्माण, उद्योग और कारोबार में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसलिए सरकार ने बजट में एआई प्रशिक्षण को लेकर बड़ा प्रावधान किया है, जिससे भारत के युवा एआई का प्रशिक्षण लेकर जीवन में आगे बढ़ सकें। एआई भारत में तेजी से अवसर पैदा कर रहा है। ● सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव है? रुपया कमजोर है। बाजार में गिरावट आ रही है। आप इसे कैसे देखती हैं? वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव है, जिसका असर भारत में भी कीमतों पर दिख रहा है। बाकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतों को देखा जाए, तो अब समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। मौजूदा समय में भारत के पास विदेश मुद्रा का भंडार 700 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। बाजार की बात करें, तो अनेक निवेशक लाभ लेकर बाहर निकले हैं, वापस नहीं आए हैं। अब समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे बड़े फंड मैनेजरों से बात करेंगे कि वह भारतीय बाजार में निवेश करें। मुझे लगता है कि अमेरिका के साथ भारत की व्यापार वार्ता आगे बढ़ने से भी अब निवेशक लौटेंगे। ● रक्षा बजट में रिकार्ड एक लाख करोड़ से भी अधिक की वृद्धि हुई है, जो ऑपरेशन सिंदूर के आलोक में स्वाभाविक है, पर बजट भाषण में इसका जिक्र नहीं है? जहां तक बजट भाषण की बात है, तो हर राज्य, हर क्षेत्र और हर वर्ग चाहता है कि उसका जिक्र हो। जिसका जिक्र नहीं होता है, तो वह नाराज हो जाता है। दूसरी ओर, जब हम बजट में सबको समाहित करते हैं, तो आप लोग कहते हैं कि बजट भाषण लंबा हो गया। हर आवंटन को बजट में शामिल नहीं किया जा सकता। ● चाबहार पोर्ट के लिए आवंटन नहीं हुआ है, इस पर कई अटकलें चल रही हैं? चाबहार जैसी परियोजना के लिए जरूरत के हिसाब से आवंटन किया जाता है। पहले भी ऐसा कई बार हुआ है, जब इसमें आवंटन नहीं हुआ। अन्य कोई कारण नहीं है। ● आपने मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (निम्हंस) की स्थापना का एलान किया है। क्या यह उत्तर प्रदेश में खुल सकता है? जगह अभी तय नहीं है। इसे हम चैलेंज मोड में स्थापित करेंगे। राज्यों से प्रस्ताव लिए जाएंगे और सबसे अच्छे प्रस्ताव को मंजूरी देंगे। तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भी इसी तरह चैलेंज मोड में खोले जाएंगे।
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Feb 4, 2026, 12:07 AM
भाजपा विधायक ने मंत्री के काफिले को रोका, दावा किया कि यह कोई बड़ी बात नहीं है

भाजपा विधायक ने मंत्री के काफिले को रोका, दावा किया कि यह कोई बड़ी बात नहीं है

जल जीवन मिशन के कामों में गड़बड़ी का आरोप लगा जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोक सुर्खियों में आए चरखारी विधायक अपने बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि मंत्री क्या चीज है आपका आशीर्वाद मिला तो मुख्यमंत्री को भी रोकेंगे। इस कार्यक्रम के दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इन वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने हाल ही में 40 गाड़ियों के लाव लश्कर के साथ महोबा में ही मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोक लिया था। मामला अभी ठंडा पड़ा ही था कि विधायक बृजभूषण राजपूत के दिए गए बयान से राजनीतिक गलियारे में एक बार फिर वह सुर्खियों में हैं। बृजभूषण राजपूत के दो मिनट तीन सेकेंड और दो मिनट 38 सेकेंड के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियों में वह कह रहे हैं कि मंत्री का काफिला रोकना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है जब वह विधायक नहीं थे तब उन्होंने झांसी जाकर तत्कालीन मंत्री प्रदीप जैन को बंधक बना लिया था। उन्होंने कहा कि वह कमरे में बात क्यों करें? जब जनता की बात है तो सड़क पर ही होगी। लोग अनुशासन को लेकर भी बात कर रहे हैं अगर जनता की बात उठाना अनुशासनहीनता है तो वह इसके लिए तैयार हैं। वह जनता की बात रख रहे हैं कोई ठेका या पदोन्नति नहीं मांग रहे हैं। विधायक ने आगे कहा कि सभी ने उनका विधायक वाला रूप देखा है जब वह विधायक नहीं थे तो लापरवाह अधिकारियों को चूड़ियां पहना देते थे। कुल मिलाकर भाजपा एमएलए के वीडियो इन दिनों जमकर वायरल हो रहे हैं। हर रोज किसी न किसी मामले को लेकर विधायक बयान दे रहे हैं। विधायक ने कहा कि यह मेरा विधायक वाला रूप है। विधायक बनने से पहले मैं बुंदेलखंड अधिकार सेना चलाता था और बाद में भाजपा का सदस्य बना। जब से भाजपा का सदस्य बना हूं, मैं पार्टी के अनुशासन में रहता हूं। बृजभूषण राजपूत ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी जमकर तंज कसा कहा कि वह विधायक व मंत्री को डिब्बा न समझें। भारतीय जनता पार्टी में हर विधायक व सांसद इंजन होता है। डब्बा उनकी पार्टी में होते होंगे।
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Feb 3, 2026, 10:05 PM
पटना की अदालत ने लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के लिए सांसद और दो अन्य के खिलाफ संलग्नक आदेश जारी किया

पटना की अदालत ने लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के लिए सांसद और दो अन्य के खिलाफ संलग्नक आदेश जारी किया

पटना की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का सख्त आदेश जारी किया है. विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने यह फैसला आरोपियों के लंबे समय से अदालत में पेश न होने के कारण लिया है. इस मामले में सांसद के अलावा शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद को भी नामजद किया गया है, जिन्हें कोर्ट की कार्रवाई में शामिल न होने का दोषी माना गया है. यह कानूनी कार्रवाई करीब 31 साल पुराने एक विवाद से जुड़ी है, जो साल 1995 में शुरू हुआ था. 1995 में पटना के गर्दनीबाग थाने में (प्राथमिकी संख्या 552/1995) मामला दर्ज कराया गया था. शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल का आरोप था कि उनका मकान धोखाधड़ी के जरिए किराए पर लिया गया था. मकान मालिक को बाद में पता चला कि उनके घर का इस्तेमाल सांसद का कार्यालय चलाने के लिए किया जा रहा था, जबकि किराए पर लेते समय तथ्यों को छुपाया गया था. 1990 का दशक बिहार में बाहुबली राजनीति का चरम दौर था, खासकर कोसी-सीमांचल क्षेत्र में. पप्पू यादव (राजेश रंजन) भी इस दौर में एक बड़ा नाम बना. 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान पप्पू यादव ने अपने चुनावी हलफनामे में 41 आपराधिक मामले (criminal cases) दर्ज होने की जानकारी दी थी. इनमें हत्या, अपहरण, धमकी, दंगा, रंगदारी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. कुछ मामलों में सजा हो चुकी है (जैसे आजीवन कारावास, बाद में अपील में राहत), लेकिन अधिकांश लंबित हैं. 1990 बिहार विधानसभा चुनाव में वे सिंहेश्वर (मधेपुरा जिला) सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधायक चुने गए. इसके बाद से उनका बिहार की राजनीति में भी कद बढ़ता गया और आज वह पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं.
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Feb 3, 2026, 08:52 PM
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्याः लीबिया के मीडिया ने पूर्व शासन के व्यक्ति की मौत की सूचना दी

सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्याः लीबिया के मीडिया ने पूर्व शासन के व्यक्ति की मौत की सूचना दी

लीबिया के पूर्व शासक मुआम्मर गद्दाफी के बेटे और देश की राजनीति में एक प्रभावशाली शख्सियत रहे सईफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्या कर दी गई है. मंगलवार (3 फरवरी) को लीबिया के स्थानीय मीडिया ने उनकी मौत की खबर दी. टीवी चैनल अल-अहरार के मुताबिक उनके करीबियों ने मौत की पुष्टि की है, लेकिन हालात साफ नहीं हैं. उनके सलाहकार अब्दुल्ला ओथमान और वकील खालिद अल-ज़ायदी ने भी मौत की जानकारी दी है. लीबियाई मीडिया ने बताया कि यह हत्या उनके घर पर हुई और इसे चार अज्ञात लोगों ने अंजाम दिया. मीडिया ने यह भी बताया कि हमले से पहले घटनास्थल पर लगे सर्विलांस कैमरों को बंद कर दिया गया था. सईफ अल-इस्लाम लंबे समय तक लीबिया में सबसे प्रभावशाली और दबदबा रखने वाले व्यक्ति माने जाते थे. 2000 से लेकर 2011 में गद्दाफी शासन के पतन तक, उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सुधारने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि, 2011 की क्रांति के दौरान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाने के आरोप में, 2015 में एक लीबियाई अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने भी मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए उन पर आरोप तय किए थे. 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन भी कराया था, जिसे अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था. पिता के पतन के बाद सईफ अल-इस्लाम को जिंटान शहर में एक विरोधी मिलिशिया ने गिरफ्तार कर लिया था, जहां वे लगभग छह साल तक जेल में रहे. इसके बाद से उनका ठिकाना लंबे समय तक अज्ञात बना रहा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 53 साल सईफ की मौत उत्तर-पश्चिमी लीबिया के जिंटान शहर में हुई. उनके चचेरे भाई हामिद गद्दाफी ने कहा कि सईफ अल-इस्लाम शहीद हो गए हैं. उनके सलाहकार अब्दुल्ला ओथमान ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी मौत की पुष्टि की है. फिलहाल हमले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है.
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Feb 3, 2026, 04:16 PM
ट्रंप पर पद संभालने से पहले यूएई के निवेशक से भारी रिश्वत लेने का आरोप

ट्रंप पर पद संभालने से पहले यूएई के निवेशक से भारी रिश्वत लेने का आरोप

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर क्रिस मर्फी ने अमेरिकी राष्ट्रपि डोनाल्ड ट्रंप पर बड़ा आरोप लगाया है. मर्फी के मुताबिक, यूएई के एक निवेशक ने ट्रंप को करीब 187 मिलियन डॉलर (1,686 करोड़ रुपए) और उनके मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ को 31 मिलियन डॉलर दिए. आरोप है कि इसके बाद ट्रंप ने उस निवेशक को बेहद संवेदनशील रक्षा तकनीक तक पहुंच दे दी. ट्रंप ने अपने फायदे के लिए सीक्रेट डील की. सीनेटर ने इसे खुला भ्रष्टाचार बताया और कहा कि इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि अगर यूएई निवेशक से ट्रंप को मिले सीक्रेट पैसे में कोई शामिल पाया गया, तो उन्हें जेल भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की संवेदनशील रक्षा तकनीक भी शेयर की गई. दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2025 में शपथ लेने से ठीक चार दिन पहले 500 मिलियन डॉलर की सीक्रेट क्रिप्टोकरेंसी डील हुई थी. इसमें लगभग 187 मिलियन डॉलर ट्रंप के परिवार को और 31 मिलियन डॉलर विशेष दूत स्टीव विटकोफ से जुड़े लोगों को दिए गए गए थे. A UAE investor secretly gave Trump $187 million and his top Middle East envoy $31 million. And then Trump gave that investor access to sensitive defense technology that broke decades of national security precedent. Brazen, open corruption. And we shouldn’t pretend it’s normal.pic.twitter.com/h3vvdQZ0yM — Chris Murphy 🟧 (@ChrisMurphyCT)February 3, 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, अबू धाबी केशाही परिवारसे जुड़े और स्पाई शेख कहे जाने वाले शेख तहनून बिन जायद अल नहयान से जुड़ी कंपनी ने ट्रंप परिवार से जुड़ी क्रिप्टो कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल में 49% हिस्सेदारी खरीदी थी. डील की कीमत 500 मिलियन डॉलर थी. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने यूएई को एडवांस AI चिप्स तक पहुंच दी, जो पहले बाइडेन प्रशासन में रोक थी. विटकॉफ और ट्रंप फर्म के सह-संस्थापक एमेरिटस हैं. फर्म कहती है कि ट्रंप और उनके परिवार के लोग फर्म में कोई आधिकारिक पद नहीं रखते. शेख तहनून बिन जायद अल नहयान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति के भाई हैं और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं. इसके अलावा वह UAE के सबसे बड़े वेल्थ फंड के प्रमुख हैं. उन्हें स्पाई शेख कहा जाता है, क्योंकि वे सुरक्षा और खुफिया मामलों में बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं. तहन्नून करीब 1.3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की संपत्ति और निवेश साम्राज्य की निगरानी करते हैं, जिसमें सरकारी और निजी फंड शामिल हैं. वह दुनिया के सबसे ताकतवर निवेशकों में से एक हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, वह अमेरिका से हाइटेक AI चिप्स हासिल करने की कोशिश में थे. HUGE welcome by President Donald J. Trump 🇺🇸 for HH Sheikh Tahnoon bin Zayed Al Nahyan 🇦🇪 and his team at the White House. Thank you@realDonaldTrumpfor having us 🙏🏼pic.twitter.com/sWDSHfhdLJ — حسن سجواني 🇦🇪 Hassan Sajwani (@Sajwani)March 20, 2025 जो बाइडेन के कार्यकाल में तहनून को AI चिप्स तक पहुंच नहीं मिली थी. लेकिन ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद हालात बदल गए. चुनाव के बाद तहनून ने ट्रंप और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ कई मीटिंग्स कीं और व्हाइट हाउस का दौरा भी किया. वहां उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरे क्षेत्रों में अमेरिका के साथ काम करने की इच्छा जताई. मार्च में हुई एक अहम बैठक के करीब दो महीने बाद, ट्रंप प्रशासन ने UAE को हर साल करीब 5 लाख मॉडर्न AI चिप्स देने पर सहमति दी. इससे दुनिया के सबसे बड़े AI डेटा सेंटर नेटवर्क में से एक बनाया जा सकता है. इनमें से करीब एक-पांचवां हिस्सा कंपनी G42 को दिया जाना था.
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Feb 3, 2026, 04:10 PM
एपस्टीन जांच के बीच ब्रिटिश राजनेता पीटर मंडेलसन ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स से इस्तीफा दे दिया

एपस्टीन जांच के बीच ब्रिटिश राजनेता पीटर मंडेलसन ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स से इस्तीफा दे दिया

ब्रिटिश राजनेता पीटर मैंडेलसन जेफरी एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर उठ रहे नए सवालों और संभावित पुलिस जांच के मद्देनजर हाउस ऑफ लॉर्ड्स से इस्तीफा दे रहे हैं. हाउस ऑफ लॉर्ड्स के अध्यक्ष माइकल फोर्सिथ ने कहा कि मैंडेलसन ने अधिकारियों को सूचित किया है कि वह बुधवार से संसद के उच्च सदन से रिटायर हो जाएंगे. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब ब्रिटिश सरकार मैंडेलसन को हाउस ऑफ लॉर्ड्स से निष्कासित करने और सदन में उनकी सीट के साथ मिलने वाली उपाधि, लॉर्ड मैंडेलसन, को वापस लेने के लिए कानून तैयार कर रही है. रिटायरमेंट के बाद भी मैंडेलसन के पास यह उपाधि बनी रहेगी, जब तक कि सांसद इसे उनसे छीनने के लिए कानून पारित नहीं कर देते - ऐसा एक सदी से अधिक समय से नहीं हुआ है.ब्रिटेन के राजदूत थेब्रिटिश सरकार ने यह भी कहा कि उसने उन आरोपों की जांच कर रही पुलिस को दस्तावेजों की एक फाइल भेजी है, जिनमें कहा गया है कि मैंडेलसन ने बदनाम वित्तीय सलाहकार को संवेदनशील सरकारी जानकारी दी थी. अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए एपस्टीन से संबंधित 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेजों के भंडार से 72 वर्षीय मैंडेलसन के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. मैंडेलसन ने पिछली लेबर सरकारों के तहत वरिष्ठ सरकारी पदों पर कार्य किया था और एपस्टीन से संबंधों के कारण प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा सितंबर में बर्खास्त किए जाने तक वे वाशिंगटन में ब्रिटेन के राजदूत थे.लगे हैं गंभीर आरोपस्टारमर ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल को बताया कि हाल ही में जारी एपस्टीन फाइलों में हुए खुलासों से वे "स्तब्ध" हैं और उन्हें चिंता है कि अभी और भी खुलासे होने बाकी हैं. उन्होंने सिविल सेवा को आदेश दिया है कि सरकार में रहते हुए मैंडेलसन के एपस्टीन के साथ हुए सभी संपर्कों की "तत्काल" समीक्षा की जाए. स्टारमर के प्रवक्ता टॉम वेल्स ने कहा कि सरकार ने पुलिस को अपना आकलन भेजा है कि मैंडेलसन-एपस्टीन दस्तावेजों में 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट और उसके बाद की घटनाओं के बारे में "बाजार के लिए संवेदनशील जानकारी" मौजूद है, जिसे सरकार के बाहर साझा नहीं किया जाना चाहिए था.अमेरिका के पूर्व राजदूत केनेथ जस्टर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को क्यों ऐतिहासिक बताया?अमेरिका में भी माहौल बदलापूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के प्रवक्ता ने कहा कि बिल और हिलेरी क्लिंटन यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की जांच में गवाही देंगे, जिससे दंपत्ति को अवमानना ​​के लिए संभावित मतदान को टाला जा सकेगा. एपस्टीन कांड का गहरा असर वाशिंगटन पर आज भी बना हुआ है, जिससे अमेरिकी राजनीति के कुछ प्रमुख नाम भी प्रभावित हुए हैं और इस घोटाले को आकार देने वाली तीखी राजनीतिक खींचतान उजागर हुई है.India US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक बड़ी कूटनीतिक जीत कैसे है?इस बीच, बुधवार को अदालत एपस्टीन से संबंधित जांच फाइलों तक पहुंच को रोकने के अनुरोध पर सुनवाई करने वाली है, क्योंकि पीड़ितों ने कहा है कि उनके नाम गुप्त नहीं रखे गए हैं. कथित पीड़ितों के नाम - जिन्हें गुमनाम रखा जाना था - संपादित न किए जाने के बाद विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.क्लिंटन गवाही देंगेहाउस रूल्स कमेटी ने क्लिंटन दंपत्ति पर एपस्टीन से अपने संबंधों के बारे में व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण देने के लिए जारी किए गए समन का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए प्रस्ताव पारित किए थे. दंपति ने पहले उन सांसदों के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था जो इस बात की जांच कर रहे थे कि अधिकारियों ने इस बदनाम फाइनेंसर के खिलाफ पहले की जांच कैसे की थी, जिसके दुनिया के व्यापारिक और राजनीतिक अभिजात वर्ग से संबंध और पत्राचार थे, लेकिन क्लिंटन के प्रवक्ता एंजेल उरेना ने X पर कहा कि "पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व विदेश मंत्री वहां मौजूद रहेंगे. वे एक ऐसा उदाहरण स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं जो सभी पर लागू होगा. वे गवाही देंगे"एलन मस्क का 'ब्रह्मांड' प्लान: SpaceX और xAI मर्जर दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्णरूस को ट्रंप की बात पर यकीन नहीं,बोला- भारत ने तेल की खरीद रोकने की बात नहीं कही
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Feb 3, 2026, 04:04 PM
सोनीपत में कांग्रेस से नई भर्तियों के साथ भाजपा ने गति पकड़ी

सोनीपत में कांग्रेस से नई भर्तियों के साथ भाजपा ने गति पकड़ी

सोनीपत। गांव रेवली निवासी दलेल डागर ने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। वह वर्ष 2021 में नगर निगम पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं हालांकि वह हार गए थे। उनके साथ राहुल सैनी, रूपचंद, जयपाल, नारायण, जगबीर, सतीश ठेकेदार, दीपक, सुनील, सौरभ दुरेजा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जिला भाजपा कार्यालय में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पार्टी का पटका पहनाकर उन्हें पार्टी में शामिल किया। इस दौरान विधायक निखिल मैदान, जवाहर सैनी, माईराम कौशिक, सतीश नांदल, पूर्व मंत्री कविता जैन, निवर्तमान मेयर राजीव जैन, जिलाध्यक्ष अशोक भारद्वाज, बिजेंद्र मलिक भी मौजूद रहे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Feb 3, 2026, 04:00 PM
रूस ने जारी संघर्ष के बीच यूक्रेन पर इस साल का सबसे बड़ा हमला किया

रूस ने जारी संघर्ष के बीच यूक्रेन पर इस साल का सबसे बड़ा हमला किया

रूस ने यूक्रेन पर इस साल का सबसे बड़ा हमला किया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने एक ही रात में लगभग 450 लंबी दूरी के ड्रोन और 70 अलग-अलग तरह की मिसाइलें दागीं. इनमें 32 बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं, जो अब तक की सबसे ज्यादा संख्या बताई जा रही है. यह हमला यूक्रेन के कम से कम पांच इलाकों पर किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 10 लोग घायल हुए हैं. यह हमला उस समय हुआ जब नाटो के महासचिव मार्क रुटे यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे थे. इसके अलावा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर अमेरिका की मध्यस्थता में अबू धाबी में बातचीत होने वाली थी. जेलेंस्की ने बताया कि कुछ ही घंटे पहले 28 क्रूज और 43 बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी हैं. It is important that the@SecGenNATOis with us in Ukraine at such a brutal moment of this war, when the Russians have once again disregarded the efforts of the American side. Today, Russia carried out a record strike in terms of the use of ballistic missiles. There were 28pic.twitter.com/cT34kYUf2R — Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa)February 3, 2026 जेलेंस्की ने कहा किरूसजानबूझकर यूक्रेन के बिजली सिस्टम को निशाना बना रहा है ताकि ठंड के मौसम में लोगों को परेशानी हो. उनका कहना है कि रूस चाहता है कि लोगों को रोशनी, हीटिंग और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं न मिल सकें. यूक्रेन की निजी बिजली कंपनी DTEK ने बताया कि इस साल बिजली व्यवस्था पर यह सबसे बड़ा हमला था. हमले के समय कीव में तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और अगले दिन भी तापमान माइनस 16 डिग्री बना रहा. हमले के कारण कीव के कई रिहायशी इलाकों में आग लग गई. एक किंडरगार्टन और एक गैस स्टेशन भी क्षतिग्रस्त हो गया. राजधानी में कम से कम पांच लोग घायल हुए. कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को ने बताया कि सुबह तक शहर की 1,170 अपार्टमेंट इमारतों में हीटिंग की सुविधा बंद हो गई थी. इससे बिजली और हीटिंग ठीक करने का काम भी प्रभावित हुआ. रूस ने यूक्रेन के खारकीव और ओडेसा इलाके पर भी हमला किया. इसके अलावा कीव में द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़े राष्ट्रीय संग्रहालय के हॉल ऑफ फेम को भी नुकसान पहुंचा. नाटो महासचिव मार्क रुटे ने यूक्रेन की संसद में कहा कि नाटो देश लगातार यूक्रेन की मदद करते रहेंगे. उन्होंने बताया कि पिछले साल से नाटो देशों ने यूक्रेन को मिलने वाली 75% मिसाइलें और 90% एयर डिफेंस सिस्टम दिए हैं. वहीं जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से और एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की अपील की है.
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Feb 3, 2026, 03:56 PM
प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल रेलवे के लिए 2911 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने पर ठाकुर ने आभार व्यक्त किया

प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल रेलवे के लिए 2911 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने पर ठाकुर ने आभार व्यक्त किया

विस्तारFollow Usपूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में रेलवे के विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 2911 करोड़ रुपए का बजट जारी करने पर प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि साल दर साल हिमाचल के लिए रेलवे बजट में बढ़ोतरी हिमाचल में रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गत वर्ष के मुकाबले यह बजट लगभग 200 करोड़ रुपए अधिक है। इस बार हिमाचल को दिया गया रेलवे बजट यूपीए सरकार के मुकाबले 27 गुना अधिक है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमंगलवार को जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के भरपूर सहयोग के बाद भी हिमाचल में रेलवे के कामों में कांग्रेस सरकार अड़ंगा डाल रही है। सरकार की लापरवाही की वजह से हिमाचल प्रदेश में रेलवे की परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। सरकार हिमाचल के रेल नेटवर्क विस्तारीकरण में अपने हिस्से के काम में सहयोग नहीं कर रही है। जिससे हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी और रेल मार्ग संपर्क को नए आयाम देने वाली रेल परियोजनाएं लटकी हुई हैं और समय बढ़ने के साथ ही उन परियोजनाओं की लागत में भी वृद्धि होती जा रही है।विज्ञापनविज्ञापनउन्होंने पंचायत चुनाव पर सरकार की तैयारी में देरी को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी अभी तक 12 में से 10 जिलों में मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं हो पाया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकार भले ही पंचायत चुनाव करने को राजी हो गई है लेकिन सरकार द्वारा जानबूझकर चुनाव की प्रक्रिया में देरी की जा रही है।
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Feb 3, 2026, 03:42 PM
बिहार कांग्रेस नेता ने राज्य के बजट को'झूठ का पुलिंदा'बताया, सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया

बिहार कांग्रेस नेता ने राज्य के बजट को'झूठ का पुलिंदा'बताया, सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया

विस्तारFollow Usबिहार विधानमंडल में पेश किए गए वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने राज्य सरकार के बजट पर करारा प्रहार करते हुए इसे केंद्र सरकार की तर्ज पर झूठ का पुलिंदा और झूठा सपना करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल हवा-हवाई आंकड़ों की बाजीगरी कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंयह खबर भी पढ़ें-Anant Singh MLA: बाहुबली अनंत सिंह जेल से सीधे आए विधानसभा, CM नीतीश कुमार से लिया आशीर्वाद; देखें तस्वीरेंविज्ञापनविज्ञापनआंकड़ों के खेल में उलझी सरकारकांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कड़े शब्दों में कहा कि साल-दर-साल बजट की रकम तो बढ़ाई जा रही है, लेकिन इसका सार्थक लाभ धरातल पर नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार बजट का सही इस्तेमाल करने में पूरी तरह फिसड्डी साबित हुई है। एनडीए सरकार 200 से अधिक सीटें जीतने के अहंकार में बिहार की मूल जरूरतों को दरकिनार कर रही है। यह बजट आम नागरिकों को छलावे के सिवा कुछ नहीं देता।यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : बीच शहर में कचरा निस्तारण केंद्र बनने पर विरोध, कहा- सरकार लोगों की जान के साथ न करे खिलवाड़महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार पर उठाए सवालराजेश राम ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए पटना की कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जो सरकार राजधानी में महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा नहीं दे सकती, वह महिलाओं और किसानों की बेहतरी की बात केवल मार्केटिंग के लिए कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं के रोजगार और उद्योगों के विकास पर केवल घोषणाएं हुईं, लेकिन धरातल पर एक भी योजना नहीं उतरी। साथ ही शिक्षा और रोजगार के आंकड़ों को चमकदार बनाकर पेश किया गया, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है।एनडीए ने बताया ऐतिहासिक, मुख्यमंत्री का जताया आभारदूसरी ओर, सत्तापक्ष यानी एनडीए के नेताओं ने बजट का पुरजोर स्वागत किया है। भाजपा और जदयू के नेताओं ने इसे बिहार के विकास को नई गति देने वाला संतुलित और दूरदर्शी बजट बताया। सत्तापक्ष के नेताओं का कहना है कि यह बजट समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचितों और पिछड़ों के उत्थान को समर्पित है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
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Feb 3, 2026, 03:37 PM
तमिलनाडु चुनाव से पहले सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू करेगी द्रमुक

तमिलनाडु चुनाव से पहले सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू करेगी द्रमुक

विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंतमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने मंगलवार को कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अपने सहयोगी दलों के साथ जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू करेगी। इसके लिए द्रमुक की ओर से एक समिति का गठन किया जाएगा।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमुख्यमंत्री स्टालिन ने यह बात चेन्नई के कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कही। सीट बंटवारे की प्रक्रिया को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'हम जल्द ही बातचीत के लिए समिति का गठन करेंगे।' गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को एलान किया कि चुनावी राज्य बंगाल में टीएमसी अकेले ही चुनाव लड़ेगी।विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें:Bengaluru: नाबालिग ने पब में पी शराब, फिर सातवीं मंजिल से गिरकर मौत; मालिक और स्टाफ पर केस, जानें पूरा मामला?राजनीतिक विरोधियों से लेकर केंद्रीय बजट पर क्या बोले स्टालिन?राजनीतिक विरोधियों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि वह किसी को भी राजनीतिक दुश्मन नहीं मानते। उन्होंने कहा, 'मैं किसी को शत्रु नहीं मानता, मैं सभी को दोस्त के तौर पर देखता हूं।'केंद्र सरकार के 2026-27 के केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने इसे निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि पहले भी इस बारे में अपनी बात रख चुके हैं और इस बजट से किसी बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट से लोगों को कोई राहत नहीं मिली।ये भी पढ़ें:पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: ममता बनर्जी ने दिखाया कांग्रेस को 'ठेंगा', कहा- किसी से भी गठबंधन नहीं करेगी TMCभाजपा को सबक सिखाएगी जनता :सीएम स्टालिनचुनावी वर्ष में अपने मुख्य संदेश को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता इसका जवाब देगी और भारतीय जनता पार्टी को सबक सिखाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में चेन्नई महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा 11.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहुमंजिला भवन का उद्घाटन किया। इस भवन में रक्त शुद्धिकरण इकाई के साथ फिजियोथेरेपी केंद्र, कृत्रिम अंग केंद्र, डायलिसिस केंद्र और मरीजों के लिए अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।मुख्यमंत्री ने इसी परिसर में छह राशन दुकानों का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा कोलाथुर झील के पास विकसित एक पार्क का उद्घाटन किया गया, जिसमें स्थानीय निवासियों के लिए मनोरंजन की सुविधाएं हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को लैपटॉप और पुस्तकें भी वितरित कीं।अन्य वीडियोविज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News apps, iOSHindi News appsऔरAmarujala Hindi News appsअपने मोबाइल पे|Get allIndia Newsin Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and morenews in Hindi.
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Feb 3, 2026, 03:31 PM
लोकसभा में हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस

लोकसभा में हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस

संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। बजट सत्र के पांचवें दिन भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान जमकर हंगामा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। अनुशासनहीनता मानते हुए स्पीकर ने कांग्रेस के आठ सांसदों को मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। इस घटनाक्रम पर राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कड़ा विरोध दर्ज जताया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने चिट्ठी में लिखाी है, "आज मुझे लोकसभा में बोलने से रोकना न सिर्फ इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह गंभीर चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर बोलने से रोकने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है।" चिट्ठी में राहुल ने आगे लिखा है, "यह दोहराना जरूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक अहम हिस्सा था, जिस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों से इनकार करने से एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है। संसदीय इतिहास में पहली बार, सरकार के कहने पर स्पीकर को विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोकना पड़ा है। यह हमारे लोकतंत्र पर एक धब्बा है, जिसके खिलाफ मैं अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं।" दरअसल, विवाद की मुख्य वजह पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के कुछ अंश बने, जिसे राहुल गांधी सदन में उठाना चाहते थे। ये अंश मुख्य रूप से 2020 के लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध (गलवान संघर्ष) से जुड़े हैं, जिसमें जनरल नरवणे ने कथित तौर पर राजनीतिक नेतृत्व से स्पष्ट आदेशों की कमी और चीनी सेना की हरकतों पर चिंता जताई है। राहुल गांधी ने एक मैगजीन (द कारवां) में छपे इन अंशों का हवाला देते हुए सदन में कागज दिखाए और पढ़ने की कोशिश की, ताकि वे सत्ता पक्ष के 'देशभक्ति' पर सवाल उठाने वाले बयानों का जवाब दे सकें। विपक्षी सांसदों ने इस पर विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
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Feb 3, 2026, 03:28 PM
भाजपा ने सोनीपत में नगर निगम चुनावों की तैयारी तेज की

भाजपा ने सोनीपत में नगर निगम चुनावों की तैयारी तेज की

सोनीपत। नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से तैयारियों तेज कर दी गई हैं। इसको लेकर कैबिनेट मंत्री एवं निकाय चुनाव के सोनीपत प्रभारी कृष्णलाल पंवार और सह प्रभारी जवाहर सैनी ने मंगलवार को सेक्टर-8 स्थित भाजपा जिला कार्यालय में संगठनात्मक बैठक ली।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंबैठक में चुनावी रणनीति, बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई। आवेदन प्रक्रिया बुधवार से शुरू किए जाएंगे। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने स्पष्ट किया कि भाजपा टिकट वितरण में योग्यता, ईमानदारी और जनता की स्वीकार्यता को ही प्राथमिकता देगी।विज्ञापनविज्ञापनहर वार्ड और हर निकाय सीट पर ऐसे उम्मीदवार उतारे जाएंगे जो जमीन से जुड़े हों और जनता के बीच भरोसेमंद छवि रखते हों। पंवार ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वह घर-घर जाकर भाजपा सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाएं।जिम्मेदारियां तय की जाएंगीबैठक में तय किया गया कि आने वाले दिनों में वार्ड और मंडल स्तर पर लगातार बैठकों का दौर चलेगा। जनसंपर्क अभियान को तेज करते हुए मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। संगठन को चुनावी मोड में लाने के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएंगी और हर कार्यकर्ता को सक्रिय भूमिका दी जाएगी।बैठक के दौरान कुछ आवेदकों ने अपने आवेदन जमा करवाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें इनकार कर दिया गया और बताया कि वह प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी। सह प्रभारी जवाहर सैनी ने भी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही जीत की सबसे बड़ी कुंजी है।इस दौरान विधायक निखिल मदान, जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, जिला प्रभारी सतीश नांदल, पूर्व मंत्री कविता जैन, निवर्तमान मेयर राजीव जैन, पूर्व सीपीएस अनिल ठक्कर, देवेंद्र कौशिक, माईराम कौशिक, निवर्तमान पार्षद पुनीत त्यागी, अतुल जैन, नरेंद्र भारतीय, भूपेंद्र गहलावत, सुनीता लोहचब भी मौजूद रहीं।
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Feb 3, 2026, 03:27 PM
नेपाल का चुनाव मौसम से संबंधित आकस्मिकताओं के लिए तैयार

नेपाल का चुनाव मौसम से संबंधित आकस्मिकताओं के लिए तैयार

विस्तारFollow Usनेपाल में आम चुनाव की तैयारी के बीच मौसम एक बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है। अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने संकेत दिया है कि अगर पहाड़ी और हिमालयी जिलों में मौसम खराब रहा तो वहां मतदान दूसरे चरण में कराया जा सकता है। सरकार ने साफ किया है कि चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार कराने की पूरी कोशिश है, लेकिन मौसम को देखते हुए वैकल्पिक योजना भी तैयार रखी गई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंक्या कहा अंतरिम प्रधानमंत्री ने चुनाव को लेकर?अंतरिम प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार चुनाव समय पर कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि खास तौर पर हिमालयी जिलों में मौसम अक्सर बाधा बनता है। अगर वहां मौसम अनुकूल नहीं रहा तो उन इलाकों में दूसरे चरण में मतदान कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से 5 मार्च को होने वाले मतदान में भरोसे के साथ हिस्सा लेने की अपील भी की।विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें-Rahul Gandhi: 'बोलने से रोकना लोकतंत्र पर कलंक'; राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र; जानिए क्या कहाकहां दिया बयान और क्या रहा संदर्भ?अंतरिम प्रधानमंत्री कार्की ने यह बयान गंडकी प्रांत के कावासोती नगर पालिका में आयोजित नेशनल कैडेट कोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल होने के बाद दिया। यह प्रशिक्षण नेपाली सेना के एनसीसी मिड-रीजन ट्रेनिंग स्कूल में हुआ था। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने चुनाव तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी समर्थन पर विस्तार से बात की।सरकार की तैयारी कितनी मजबूत?उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के लिए सरकार ने “सौ प्रतिशत प्रयास” किए हैं। प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और चुनाव से जुड़े विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोशिश है कि मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो। सरकार का लक्ष्य है कि हर मतदाता बिना डर और दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके।ये भी पढ़ें-भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: 'फरेब के जरिये देश को गुमराह कर रहे', पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर किया पलटवारमौसम क्यों बनता है बड़ी चुनौती?नेपाल के कई पहाड़ी और हिमालयी जिलों में मार्च के महीने में भी मौसम तेजी से बदलता है। बर्फबारी, बारिश और तेज हवाएं कई बार सड़क और हवाई संपर्क को प्रभावित करती हैं। ऐसे में मतदान दलों की आवाजाही और मतदान केंद्रों तक पहुंच मुश्किल हो सकती है। इसी वजह से सरकार ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर इन इलाकों के लिए अलग चरण में मतदान कराया जा सकता है।चुनाव के बाद क्या उम्मीद जता रही सरकार?अंतरिम प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि समय पर चुनाव पूरा होने के बाद नई जनप्रतिनिधि व्यवस्था बनेगी। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि सरकार की कमान संभालेंगे और देश को नई दिशा देने का काम करेंगे। उनके मुताबिक चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और इसे भयमुक्त माहौल में पूरा कराना सरकार की प्राथमिकता है।अन्य वीडियो-विज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News App, iOSHindi News AppऔरAmarujala Hindi News APPअपने मोबाइल पे|Get latestWorld Newsheadlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latestHindi news.
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Feb 3, 2026, 03:24 PM
सोनीपतः आप कार्यकर्ताओं ने जिला नगर योजना कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया

सोनीपतः आप कार्यकर्ताओं ने जिला नगर योजना कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया

सोनीपत। सेक्टर-15 स्थित डीटीपी कार्यालय के बाहर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से धरना दिया गया। उन्होंने सरकार से विभाग की ओर से जारी की जा चुकी एनओसी की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंनगर निगम प्रत्याशी चयन समिति के संयोजक विमल किशोर व लोकसभा सचिव एडवोकेट राजेश सरोहा ने बताया कि सभी तहसीलों में (नगर निगम को छोड़कर) रजिस्ट्री करने से पहले जिला टाउन प्लानिंग से एनओसी लेनी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक भी एनओसी बिना रिश्वत नहीं मिल पाती।विज्ञापनविज्ञापनकहा कि जहां पर 7 ए लागू होता है या अवैध कॉलोनी की भी रिश्वत लेकर एनओसी जारी कर दी जाती है। आरोप है कि प्रत्येक दिन कार्यालय में एक करोड़ से ज्यादा रिश्वत उगाही की जाती है। धरने का नेतृत्व ओबीसी जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ रोहिल्ला ने किया और अध्यक्षता आप के जिला सचिव विकास दहिया ने की।इस दौरान सतीश कुमार, दीपक चुघ, योगेशपाल, यादवेंद्र, शेर मोहम्मद, सरोज, बाला राठी, गगन शर्मा भी मौजूद रहे।
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Feb 3, 2026, 03:23 PM
राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला पर लोकसभा में उन्हें चुप कराने का आरोप लगाया

राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला पर लोकसभा में उन्हें चुप कराने का आरोप लगाया

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार (3 फरवरी) को स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के इशारे पर खुद को सदन में बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र पर काला धब्बा है। उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष और प्रत्येक सदस्य का बोलने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न अंग है, लेकिन इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों को दरकिनार किए जाने के कारण एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है। सदन में गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार की तरह मंगलवार को भी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देकर चीन का विषय उठाने का प्रयास किया, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। हालांकि उन्होंने इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा। पत्र में राहुल गांधी ने कहा, ''सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आपने मुझे उस पत्रिका के लेख को सत्यापित करने का निर्देश दिया था, जिसका मैं उल्लेख करना चाहता था। आज जब मैंने अपना भाषण फिर से शुरू किया, तो मैंने उस दस्तावेज को सत्यापित कर दिया।''उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा और पूर्व अध्यक्षों के बार-बार दिए गए निर्णयों के अनुसार, यदि कोई सदस्य सदन में किसी दस्तावेज का उल्लेख करना चाहता है, तो उसे पहले उसे सत्यापित करना होता है और सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होती है। राहुल गांधी का कहना है, ''एक बार यह शर्त पूरी हो जाए, तो अध्यक्ष सदस्य को उस दस्तावेज को उद्धृत करने या उसका संदर्भ देने की अनुमति देते हैं। इसके बाद उस पर उत्तर देना सरकार की जिम्मेदारी होती है और अध्यक्ष की भूमिका वहीं समाप्त हो जाती है।'' उन्होंने कहा, ''आज लोकसभा में मुझे बोलने से रोकना न केवल इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह गंभीर आशंका भी पैदा होती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर, नेता प्रतिपक्ष होने के नाते, मुझे जानबूझकर बोलने से रोका जा रहा है। यह दोहराना आवश्यक है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिस पर संसद में चर्चा होना अनिवार्य है।'' कांग्रेस नेता ने कहा कि सदन के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में यह लोकसभा अध्यक्ष की संवैधानिक और संसदीय जिम्मेदारी है कि वह हर सदस्य, विशेष रूप से विपक्ष के अधिकारों की रक्षा करें। राहुल गांधी ने कहा, ''नेता प्रतिपक्ष और प्रत्येक सदस्य का बोलने का अधिकार हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न अंग है। इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों से इनकार किए जाने के कारण एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है।''उन्होंने आरोप लगाया कि संसदीय इतिहास में पहली बार सरकार के इशारे पर अध्यक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोकना पड़ा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ''यह हमारे लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है, जिसके विरुद्ध मैं अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं।''
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Feb 3, 2026, 03:12 PM
एपस्टीन फाइल घोटाले में मोदी का नाम जुड़ने से भारतीय राजनीति गरमाई

एपस्टीन फाइल घोटाले में मोदी का नाम जुड़ने से भारतीय राजनीति गरमाई

गोहाना। एपस्टीन फाइल्स मामले के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम जुड़ने से देश में सियासत तेज हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर गोहाना में नेशनल यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया व प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंयूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निश्चित कटारिया ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में कई बड़े नेताओं और मशहूर लोगों के नाम सामने आने की बातें कही जा रही हैं। इन फाइल्स में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और द्वीप पर पार्टियों के आरोप हैं।विज्ञापनविज्ञापनअब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी इन चर्चाओं में लिया जा रहा है। ऐसे में देश जानना चाहता है कि मोदी और एपस्टीन के बीच क्या संबंध थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय बजट को लेकर भी सवाल उठाए।उनका कहना था कि बजट में हरियाणा को न तो कोई नई यूनिवर्सिटी दी गई और न ही मेडिकल कॉलेज। हरियाणा पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। काम के लिए पैसे नहीं हैं तो फिर मनरेगा में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी कैसे दी जाएगी।
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Feb 3, 2026, 03:06 PM
सपा प्रमुख ने भाजपा पर चुनाव से पहले अल्पसंख्यक वोटों में धांधली का आरोप लगाया

सपा प्रमुख ने भाजपा पर चुनाव से पहले अल्पसंख्यक वोटों में धांधली का आरोप लगाया

विस्तारFollow Usसपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा फॉर्म 7 के माध्यम से पीडीए विशेष रूप से अल्पसंख्यकों का वोट कटवाने की साजिश कर रही है। यह मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली की तैयारी है। कहा, पार्टी ने चुनाव आयोग को लिखित शिकायतें दी हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपार्टी मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि शासन में तैनात एक आईएएस अधिकारी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों को फोन कर सपा समर्थक पीडीए खासकर अल्पसंख्यकों का वोट काटने का दबाव बना रहे हैं। अगर चुनाव आयोग धांधली नहीं रोक सकता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर सकता है तो उसे अपनी बिल्डिंग पर भाजपा का झंडा लगा लेना चाहिए।विज्ञापनविज्ञापनउन्होंने आयोग से धांधली रोकने की मांग करते हुए डाउन लोडेड फॉर्म के सत्यापन की व्यवस्था की मांग उठाई। कहा, हर फॉर्म पर नंबरिंग हो और कागजी फॉर्म 7 पर भारत निर्वाचन आयोग का होलोग्राम हो। अब तक जमा फॉर्म 7 के हस्ताक्षरों की न्यायिक जांच की भी उन्होंने मांग उठाई। कहा, फॉर्म 7 जमा करते समय की सीसीटीवी फुटेज निकाली जाए और जो भी आरोपी हो उस पर एफआईआर दर्ज कर राज्य के खिलाफ साजिश करने और 420 का मुकदमा चलाया जाए। कहा, पेन ड्राइव के जरिये टारगेट कर विधान सभाओं में वोट काटने की सूची भेजी जा रही है।अमेरिका के लिए दरवाजे खोलना किसानों के साथ धोखाअखिलेश ने कहा कि भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों व खाद्यान्नों के लिए खोलना किसानों के साथ धोखा है। भाजपाई और उनके संगी-साथी आजादी से पहले भी विदेशियों के एजेंट और आज भी हैं। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करने वाले भाजपाई जनता को बताएं कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ धोखा करने के लिए कितना कमीशन खाया है। कहा, इससे धीरे-धीरे हमारे किसानों की खेतीबाड़ी और आय कम होगी और वो मजबूर होकर अपनी जमीन अमीरों व कॉर्पोरेट घरानों को बेचने को मजबूर हो जाएंगे।
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Feb 3, 2026, 03:02 PM
अमेरिका-भारत व्यापार समझौताः भारत-रूस संबंधों में एक नया अध्याय?

अमेरिका-भारत व्यापार समझौताः भारत-रूस संबंधों में एक नया अध्याय?

विस्तारFollow Usअमेरिका के साथ तमाम उतार चढ़ाव के बाद आखिरकार व्यापार समझौते पर सहमति बन जाने की घोषणा हो गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फोन पर बातचीत के साथ इसने दस्तक दी है। ट्रंप ने घोषणा की है कि भारत अब रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा। बड़ा सवाल उठ रहा है कि इससे भारत-रूस का रिश्ता प्रभावित होगा?और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपश्चिमी देश अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की सहमति को भारत-रूस के रिश्तों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि विदेश मंत्रालय के सूत्र कहते हैं कि भारत और रूस के रिश्ते की बुनियाद मजबूत है। दोनों एक दूसरे के परखे हैं और विश्वसनीय साझीदार हैं। मास्को में भारत के राजदूत रह चुके पूर्व राजनयिक का कहना है कि अमेरिका के साथ हमारा रिश्ता अपने राष्ट्रीय हित के आधार पर है। रूस और भारत का रिश्ता दोनों देशों के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हितों के आधार पर हैं। सूत्र का कहना है कि राज्यसभा में पूर्व विदेश सचिव हर्षवधर्न श्रृंगला ने समझौता पर पक्ष रखा है। इसमें उन्होंने भारत की तेल खरीद नीति और ग्लोबल भू-राजनीतिक संतुलन पर जोर दिया है। इसे समझने की जरूरत है।विज्ञापनविज्ञापनब्रिक्स फोरम बना रहेगा, चलता रहेगाविदेश मामलों के जानकार वरिष्ठ पत्रकार रंजीत कुमार के मुताबिक भारत और रूस के संबंध बने रहेंगे। वायुसेना के पूर्व एयर वाइस मार्शल एनबी सिंह कहते हैं कि भारत की रक्षा क्षेत्र में रूस पर निर्भरता बनी हुई है। हमें रक्षा तकनीक रूस से मिलती है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद उसके कठिन समय भारत ने साथ दिया है। दोनों देशों के बीच में रिश्तों की गहराई बताने के लिए यह काफी है। इसके लिए पश्चिम के देशों द्वारा फैलाए जा रहे प्रोपौगैंडा में फंसने की जरूरत नहीं है। रंजीत कुमार और एन बी सिंह दोनों का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत-रूस-चीन-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देशों के फोरम ब्रिक्स को लेकर चाहे जो दावा करें, लेकिन यह संगठन चलता रहेगा। इतना ही नहीं भारत एससीओ में भी बना रहेगा।क्या कह रहे हैं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल?वाणिज्य मंत्री पीयुष गोयल भारत अमेरिका व्यापार समझौता के शुरू से सबसे प्रबल वकील रहे हैं। पीयूष गोयल ने इसे शानदार बताया हैं। इसे भारत के पास भविष्य में तकनीक और समृद्धि के तमाम अवसर खुलेंगे। इसे गेम चेंजर पहल कहा जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव का कहना है कि अभी इस समझौत का पूरा स्वरूप आने दीजिए। यह समझौता उपलब्धियों के तमाम रास्ते खोलेगा। अभी इस बारे में इससे अधिक कुछ नहीं कहा जा सकता। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका के साथ भारत का रिश्ता माने रखता है। उच्च प्रौद्योगिकी से लेकर तमाम क्षेत्रों के लिए इसका आकार लेना जरूरी था।
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Feb 3, 2026, 02:57 PM
व्यापार समझौते के बीच भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगाः ट्रम्प

व्यापार समझौते के बीच भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगाः ट्रम्प

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वॉशिंगटन के साथ ट्रेड डील की घोषणा के बाद भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा। वहीं अब ट्रंप के इस दावे पर क्रेमलिन की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। क्रेमलिन ने कहा है कि उसे अब तक नई दिल्ली से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है। बता दें कि रूसी तेल खरीदना बंद करने की बात ट्रंप के वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच ट्रेड डील की घोषणा के बाद आई है। दरअसल, ट्रंप ने दावा किया था कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। हालांकि भारत ने अभी तक तेल व्यापार वाले हिस्से पर कुछ नहीं कहा है। एएफपी के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मॉस्को में मीडियाकर्मियों से कहा, "अब तक, हमें इस मामले पर नई दिल्ली से कोई बयान नहीं मिला है।" पेस्कोव ने कहा कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और अपनी रणनीतिक साझेदारी को विकसित करना जारी रखेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने आगे कहा, "हम अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय संबंधों का सम्मान करते हैं। लेकिन हम रूस और भारत के बीच एक उन्नत रणनीतिक साझेदारी के विकास को भी उतना ही महत्व देते हैं। यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है, और हम नई दिल्ली के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करने का इरादा रखते हैं।" दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बात की। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत वॉशिंगटन भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को मौजूदा घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट्स पर अब 18 प्रतिशत कम टैरिफ लगेगा। ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी के साथ बातचीत में व्यापार, और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई, और अब भारत अमेरिका से बहुत अधिक तेल खरीदने पर भी विचार करेगा, साथ ही वेनेज़ुएला से भी तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई। हालांकि भारत ने इस डील के टैरिफ में कमी वाले हिस्से की पुष्टि की है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के बाद इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन मॉस्को से तेल आयात रोकने पर नई दिल्ली की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह भी पढ़ें- EXCLUSIVE: ट्रंप के साथ 'फादर ऑफ ऑल डील' की इनसाइड स्टोरी! जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट ने समझाईं टैरिफ और व्यापार समझौते की पेचीदा बातें America-Iran Tensions: ईरान के राष्ट्रपति ने दिया बातचीत का संकेत, अमेरिकी रुख पर सस्पेंस बरकरार Latest World News
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Feb 3, 2026, 02:51 PM
लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया

लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी। राहुल ने लेटर में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने की अनुमति न दिए जाने पर अपना 'कड़ा विरोध"' जताया। नेता प्रतिपक्ष ने इसे 'हमारे लोकतंत्र पर एक धब्बा' बताया। सोमवार को सत्ता पक्ष के सांसदों ने कांग्रेस सांसद के पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) की एक अप्रकाशित किताब से जून 2020 में लद्दाख में भारत-चीन झड़पों से जुड़ा एक अंश पढ़ने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने तर्क दिया कि सदन के नियम किसी सदस्य को ऐसी किताब का हवाला देने से रोकते हैं जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।राहुल गांधी ने लेटर में क्या लिखा?राहुल गांधी ने लेटर में लिखा कि आज मुझे लोकसभा में बोलने से रोकना न सिर्फ इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह गंभीर चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर बोलने से रोकने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दोहराना जरूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक अहम हिस्सा था, जिस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।राहुल गांधी ने कहा कि इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों से इनकार करने से एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है। संसदीय इतिहास में पहली बार, सरकार के कहने पर स्पीकर को विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोकना पड़ा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र पर एक धब्बा है, जिसके खिलाफ मैं अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं।राहुल ने किस परंपरा का दिया हवालागांधी ने बिरला को लिखे अपने पत्र में कहा कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार, सदन में किसी दस्तावेज का जिक्र करने की इच्छा रखने वाले सदस्य को उसे प्रमाणित करना होता है और उसकी सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होती है। उन्होंने कहा कि एक बार यह शर्त पूरी हो जाने के बाद, स्पीकर सदस्य को दस्तावेज से उद्धरण देने या उसका ज़िक्र करने की अनुमति देते हैं।इसके बाद, जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी हो जाती है, और अध्यक्ष की भूमिका समाप्त हो जाती है। गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार किताब में लिखी बातों से 'डरी हुई' है। उन्होंने मंगलवार को भी इस मुद्दे पर बोलने की कोशिश की थी, लेकिन वे फिर ऐसा नहीं कर पाए।
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Feb 3, 2026, 02:44 PM
मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्रीः युमनाम खेमचंद सिंह भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए

मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्रीः युमनाम खेमचंद सिंह भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए

Manipur New CM:हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे मणिपुर को आखिरकार नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है. राजधानी इंफाल में हुई बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से नेता चुना गया. इसके साथ ही राज्य में नेतृत्व को लेकर चल रहा लंबा इंतजार खत्म हो गया है. पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि खेमचंद सिंह के अनुभव और शांत नेतृत्व से मणिपुर में हालात सामान्य होंगे और प्रशासन को नई दिशा मिलेगी. मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी ने नए नेतृत्व के रूप में युमनाम खेमचंद सिंह पर भरोसा जताया है. इंफाल में करीब डेढ़ घंटे तक चली बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी. बैठक में पार्टी के नॉर्थ ईस्ट समन्वयक संबित पात्रा, राज्य प्रभारी अजीत गोपछड़े और केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार, खेमचंद सिंह जल्द ही राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. दरअसल, युमनाम खेमचंद सिंह को एक अनुभवी और संतुलित नेता के तौर पर जाना जाता है. वे सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और इससे पहले मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) रह चुके हैं. स्पीकर के रूप में उनकी पहचान निष्पक्ष फैसलों और शांत कार्यशैली के लिए रही है. मौजूदा सरकार में वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे अहम विभागों को संभाल चुके हैं, जिससे उन्हें जमीनी प्रशासन का अच्छा अनुभव है. राजनीति में आने से पहले खेमचंद सिंह खेल जगत से भी जुड़े रहे हैं. वे ताइक्वांडो के अनुभवी खिलाड़ी रहे हैं और इस खेल को मणिपुर में आगे बढ़ाने में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई. इसी वजह से युवाओं के बीच भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. उनकी छवि ऐसे नेता की है जो स्थानीय समस्याओं को समझता है और अलग-अलग समुदायों के साथ संवाद बना सकता है. गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था. यह अवधि 12 फरवरी को समाप्त होने वाली है. यह भी पढ़ें:भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्र सरकार का बड़ा बयान, टैरिफ कटौती को बताया भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, फिलहाल निलंबित अवस्था में है. विधानसभा में बीजेपी के 37 विधायक हैं, जबकि एनडीए के सहयोगी दल एनपीपी और एनपीएफ के पास क्रमशः छह और पांच विधायक हैं. तीन निर्दलीय विधायक भी एनडीए को समर्थन दे रहे हैं. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि खेमचंद सिंह के नेतृत्व में राज्य को स्थिर सरकार मिलेगी और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में भरोसा बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे. आने वाले दिनों में उनके मंत्रिमंडल की तस्वीर भी साफ होने की संभावना है. अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारेगूगल,फेसबुक,x,इंस्टाग्राम,यूट्यूबऔरवॉट्सऐपकम्युनिटी से
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Feb 3, 2026, 02:41 PM
अमेरिका-भारत व्यापार समझौताः ठोस प्रावधानों के साथ एक ऐतिहासिक समझौता

अमेरिका-भारत व्यापार समझौताः ठोस प्रावधानों के साथ एक ऐतिहासिक समझौता

भारत में पूर्व अमेरिकी राजदूत केनेथ आई. जस्टर ने मंगलवार को भारत-अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते को "ऐतिहासिक" बताया. उन्होंने कहा कि यह नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच इस स्तर का पहला समझौता है और भविष्य के मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) की नींव रखता है. एनडीटीवी से विशेष बातचीत में जस्टर ने कहा, "यह वास्तव में उस समझौते का पहला फेज है, जिसके बारे में दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई है कि यह एक मुक्त व्यापार समझौता बनेगा." उन्होंने आगे कहा कि हालांकि समझौते को अभी लिखित रूप देना बाकी है और कुछ बारीकियां सुलझानी हैं, लेकिन दोनों नेताओं द्वारा आगे बढ़ने का राजनीतिक निर्णय ही सबसे महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन की अन्य साझेदारों के साथ की गई कई पिछली ट्रेड डिल्स के विपरीत, इस समझौते में "दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद तय किए गए ठोस प्रावधान" शामिल हैं और इसलिए इसमें "वास्तविक सार और सार्थकता" है.रूस से तेल खरीद परजस्टर ने भारत द्वारारूसी तेल की खरीदके संवेदनशील मुद्दे पर भी बात की, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल आयात को "शून्य" करने पर सहमति जताई है. पूर्व राजदूत ने कहा कि उन्हें ऑपरेशन संबंधी विवरणों की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने बताया कि बाजार की स्थितियों के कारण भारत ने हाल के महीनों में रूसी तेल की खरीद कम कर दी है. उन्होंने इसे एक "सकारात्मक कदम" बताया, जो रूस-यूक्रेन संघर्ष में शांति समझौते की दिशा में गति प्रदान कर सकता है.कैसे मजबूत हुए संबंधव्यापार के मोर्चे पर, 25% पनिशमेंट टैरिफ को हटाना और रेसिप्रोकल शुल्क को 25% से घटाकर 18% करना, उनके विचार में, विश्वास बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कदम हैं. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने तर्क दिया कि यह समझौता दोनों देशों के संबंधों में लंबे समय से चली आ रही एक समस्या का समाधान करता है. उन्होंने कहा, “रणनीतिक साझेदारी रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कई अन्य क्षेत्रों तक फैली हुई है. व्यापार हमेशा से पिछड़ा रहा है और एक विवादास्पद मुद्दा रहा है. इससे अब इस मुद्दे पर तनाव कम करने में मदद मिलेगी और रणनीतिक साझेदारी को और भी गति मिलेगी.”जस्टर ने इस सफलता को व्यापक भू-राजनीतिक समन्वय से जोड़ा, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के क्वाड समूह को और अधिक सक्रिय करने की क्षमता भी शामिल है, खासकर तब जब भारत इस वर्ष के अंत में नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है और राष्ट्रपति ट्रंप नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं.चीन इफेक्टचीन के संदर्भ में, जस्टर ने बताया कि इस घोषणा के बाद भारत में एशिया के सबसे कम टैरिफ स्तरों में से एक, 18% टैरिफ लागू है. उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में वार्ता आगे बढ़ने पर टैरिफ में और कमी की जा सकती है. उन्होंने कहा, "वास्तव में मुझे लगता है कि भारत के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को खोलना उनके हित में है. यहां विश्व स्तरीय कंपनियां हैं और यह ग्लोबल सप्लाई चेन में और अधिक मजबूती देगा. यह दोनों देशों के लिए लाभकारी स्थिति है." उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को भविष्य के दौर में सावधानीपूर्वक संभालने की आवश्यकता होगी.एक अंत से एक शुरुआतनई दिल्ली में हाल ही में हुई राजनयिक गतिविधियों के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें अमेरिकी राजदूत की उपस्थिति और उच्च स्तरीय बैठकों की रिपोर्ट शामिल हैं, जस्टर ने कहा कि हालांकि उन्हें विशिष्ट विवरणों की जानकारी नहीं है, लेकिन "राष्ट्रपति से सीधे संपर्क रखने वाले अमेरिकी राजदूत की उपस्थिति इस तरह की जटिल वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए केवल सकारात्मक ही हो सकती है." जस्टर के लिए, यह घोषणा एक अंत से अधिक एक शुरुआत है - एक व्यापक भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में पहला ठोस कदम, जिसे अन्यथा गहरी रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता था.India US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक बड़ी कूटनीतिक जीत कैसे है?
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Feb 3, 2026, 02:41 PM
दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार का भाजपा ने किया स्वागत

दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार का भाजपा ने किया स्वागत

अमर उजाला ब्यूरोऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंनई दिल्ली।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने सर्वोच्च न्यायालय के दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 पर किसी भी प्रकार की रोक लगाने से इनकार का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून आने वाले कई दशकों तक दिल्ली के स्कूल छात्रों के अभिभावकों के हितों की रक्षा करेगा और यह भाजपा की दिल्ली सरकार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सचदेवा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के हलफनामे को स्वीकार और स्पष्ट किया कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 वर्ष 2026-27 से लागू होकर अभिभावकों के हितों की रक्षा करने में सक्षम है। न्यायालय ने निजी स्कूलों की याचिका पर आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं समझी, जिससे यह साफ हो गया कि यह कानून पूरी तरह जनहित में है।उन्होंने आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और आप की सरकारों ने निजी स्कूल प्रबंधन से सांठगांठ कर हर साल फीस, एडमिशन चार्ज और डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर अभिभावकों की लूट को खुली छूट दी। 2025 में जैसे ही भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार बनी और निजी स्कूलों ने फिर फीस बढ़ाने की कोशिश की, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 लाकर अभिभावकों को राहत दी।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 02:39 PM
मणिपुर में भाजपा की नई सरकार बनने के बाद राजनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है।

मणिपुर में भाजपा की नई सरकार बनने के बाद राजनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है।

YumnamKhemchandCaste:मणिपुरकीराजनीतिमेंएकबारफिरबड़ाबदलावदेखनेकोमिलरहाहै।राष्ट्रपतिशासनखत्महोनेकीतैयारीकेबीचभारतीयजनतापार्टीनेराज्यमेंनईसरकारबनानेकीप्रक्रियातेजकरदीहै।3फरवरी2026कोBJPविधायकदलकीबैठकमेंयुमनामखेमचंदसिंहकोसर्वसम्मतिसेविधायकदलकानेताचुनागया।इसकेसाथहीसाफहोगयाकिवेमणिपुरकेअगलेमुख्यमंत्रीबननेजारहेहैं। यहफैसलादिल्लीमेंपार्टीहाईकमानकेसाथहुईअहमबैठककेबादलियागया,जिसमें20सेज्यादाविधायकशामिलरहे।आइएजानतेहैंयुमनामखेमचंदसिंहकौनहैंऔरक्योंइन्हेंहीमुख्यमंत्रीबनायागया?क्याहैखेमचंदसिंहकीजाति? युमनामखेमचंदसिंहमणिपुरकीराजनीतिकाजाना-पहचानानामहैं।उनकीउम्रकरीब62सालहैऔरवेइंफालवेस्टजिलेकीसिंगजामेईविधानसभासीटसेविधायकहैं।उन्होंनेअपनीपढ़ाईमणिपुरसेहीकीऔर1978में10वींपासकी।राजनीतिकेसाथ-साथवेखेलजगतमेंभीखासपहचानरखतेहैं,जोउन्हेंअन्यनेताओंसेअलगबनातीहै। युमनामखेमचंदसिंहने2017मेंपहलीबारBJPकेटिकटपरविधानसभाचुनावजीतकरराजनीतिमेंमजबूतएंट्रीकीथी।इसकेबाद2022मेंवेदोबारासिंगजामेईसीटसेविधायकबने।2017से2022तकउन्होंनेमणिपुरविधानसभाकेस्पीकरकेरूपमेंजिम्मेदारीनिभाई।इसकेबाद2022मेंN.बिरेनसिंहसरकारमेंउन्हेंकैबिनेटमंत्रीबनायागया,जहांउन्होंनेम्यूनिसिपलएडमिनिस्ट्रेशनएंडहाउसिंगडेवलपमेंट,रूरलडेवलपमेंटएंडपंचायतीराजऔरएजुकेशनजैसेअहमविभागसंभाले।राष्ट्रपतिशासनलागूहोनेतक,यानीफरवरी2025तकवेमंत्रीपदपररहे।
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Feb 3, 2026, 02:36 PM
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एस. आई. आर. की चिंताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएंगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एस. आई. आर. की चिंताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाएंगी

नई दिल्ली:पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं. सूत्रों के अनुसार इसके लिए तमाम विपक्षी दलों से भी संपर्क में हैं. वह कोशिश कर रही है कि जल्द ही सभी विपक्षी पार्टियों के बीच इस मसले पर एक राय बन जाए.यह घोषणा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के तीन टॉप अधिकारियों के बीच चुनाव आयोग के दिल्ली ऑफिस में हुई कहा-सुनी के एक दिन बाद हुई है. आज (मंगलवार को) इस बात की पुष्टि करते हुए, तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा कि ज्ञानेश कुमार का वोटर लिस्ट साफ करने का तरीका "गलत" था. हम चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर महाभियोग चलाने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि जिस तरह से वह SIR को कंडक्ट कर रहे हैं, वह गलत है और देश के हर नागरिक के वोटिंग अधिकारों पर असर डालता है.कल्याण बनर्जी की ये टिप्पणी सोमवार को नई दिल्ली में ECI मुख्यालय में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और CEC ज्ञानेश कुमार के बीच हुई बैठक के बाद आई हैं. मुख्यमंत्री ने चर्चा से बाहर निकलते हुए CEC पर अहंकार, अपमान और केंद्र में सत्ताधारी BJP के प्रति पक्षपात का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने CEC के व्यवहार को "अपमानजनक, अनादरपूर्ण और शर्मनाक" बताया, और दावा किया कि बैठक में धमकियां दी गईं और असहयोगी रवैया अपनाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के कारण लाखों नाम गलत तरीके से हटा दिए गए हैं - संभावित रूप से 58 लाख मतदाताओं तक - बिना किसी उचित समाधान के अवसर के, और इसे बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLO) और मतदाताओं के बीच तनाव से संबंधित मौतों से जोड़ा.मंगलवार सुबहममता बनर्जीने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग तृणमूल विधायकों वाली विधानसभा सीटों से वोटरों के नाम हटाने के लिए सेलेक्टिव तरीके से SIR का इस्तेमाल कर रहा है. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन चुनाव आयोग की इस एक्ससाइज पर सवाल उठाए. दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉफ्रेंस में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR पर कहा, "पहले फेज में उन्होंने (ECI) 58 लाख नाम हटा दिए, वे पीड़ितों को फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना बचाव करने का कोई मौका भी नहीं दे रहे हैं. सिर्फ 58 लाख नाम एकतरफा हटा दिए गए, हर साल चुनाव आयोग सर्वे करता है और स्पेशल रिवीजन करता है, वह एक अलग सवाल है. ऐसे बहुत से लोग हैं जो ज़िंदा हैं लेकिन उन्हें मरा हुआ दिखाया गया है."ममता बनर्जी बोलीं- 24 साल बाद चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों?पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मेरा पहला प्वाइंट यह है कि साल 2002 में बंगाल में SIR केस रजिस्टर और प्रोसेस किए गए थे. उसके 24 साल बाद, उसका कोई नामोनिशान नहीं है. चुनाव से ठीक पहले क्यों, क्योंकि यह फरवरी का महीना है, हो सकता है वे नोटिफिकेशन जारी कर दें. 2-3 महीनों के अंदर क्या बिना प्लानिंग, बिना मैपिंग, बिना सही ट्रेनिंग, बिना सही इंफ्रास्ट्रक्चर के SIR करना मुमकिन है?मैंने चुनाव आयोग को 6 चिट्ठियां लिखीं, कोई जवाब नहीं आयाः ममता बनर्जीममता बनर्जी ने कहा कि आप देख सकते हैं कि जो लोग हमारे पीछे बैठे हैं, वे सभी SIR प्रोसेस के शिकार हैं. मैं लाखों लोगों को ला सकती थी, लेकिन वे यहां 6-7 दिनों से रुके हुए हैं, क्योंकि दिल्ली प्रेस को इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं है कि बंगाल में क्या हो रहा है? यह आपकी गलती नहीं है, यह आजकल सिस्टम की गलती है कि कभी-कभी असली बातें सही तरीके से सामने नहीं आतीं... सभी SIR के शिकार हैं. मैंने चुनाव आयोग को 6 चिट्ठियां लिखीं, फिर भी कोई जवाब नहीं आया.यह भी पढ़ें:'CEC का हाल धनखड़ जैसा होगा, आप BJP के इशारे पर काम कर रहे हैं', SIR पर ममता बनर्जी का बड़ा हमलायह भी पढ़ें:IPAC रेड मामला: बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, ED की याचिका खारिज करने की मांग
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Feb 3, 2026, 02:34 PM
राहुल गांधी की आलोचना के बीच मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के व्यापार समझौते का बचाव किया

राहुल गांधी की आलोचना के बीच मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के व्यापार समझौते का बचाव किया

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार का पक्ष रखते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस डील को लेकर देश को गुमराह करने या भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने 2012 में चीन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करने का पा किया था. पीएम मोदी ने इसे सुधारा है. राहुल गांधी नकारात्मक सोच के व्यक्ति हैं और दोहरा रवैया दिखाते हैं.' राहुल गांधी का पीएम मोदी पर आरोप लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भयंकर दबाव में हैं, इसलिए उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया है. कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने आरोप लगाया, 'हिंदुस्तान के किसानों को यह समझना चाहिए कि इस समझौते में आपकी मेहनत और खून-पसीने को प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदीने बेच दिया है.' देश को गुमराह कर रहे राहुल गांधी: पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'राहुल गांधी का अमेरिकी व्यापार समझौते पर देश को गुमराह करने की कोशिश अफसोस की बात, उनका भारत की प्रगति से कोई लेना-देना नहीं है. भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में कृषि और डेयरी के संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते में पशुपालन, कृषि और डेयरी क्षेत्रों के हितों का ध्यान रखा है.' 'भारत ने अमेरिका के साथ किया अच्छा डील' पीयूष गोयल ने कहा कि वह संसद में इस समझौते के बारे में बोलना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे के कारण ऐसा नहीं कर सके. मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता पूरा कर लिया है और देश उन्हें बधाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत संबंधों के कारण भारत को अमेरिका के साथ एक अच्छा समझौता हासिल हुआ है. ये भी पढ़ें :'मीलॉर्ड सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है', ये दलील सुनकर भी SC ने क्यों दे दी शराब घोटाले के आरोपी को अंतरिम जमानत
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Feb 3, 2026, 02:34 PM
सैफ अली खान ने'हम हिंदुस्तानी'का नेतृत्व किया, जो भारत के पहले लोकतांत्रिक चुनावों पर आधारित एक पीरियड ड्रामा है।

सैफ अली खान ने'हम हिंदुस्तानी'का नेतृत्व किया, जो भारत के पहले लोकतांत्रिक चुनावों पर आधारित एक पीरियड ड्रामा है।

सैफ अली खान 'हम हिंदुस्तानी' के साथ भारत के इतिहास के एक अहम पड़ाव में कदम रखने जा रहे हैं। यह एक पीरियड ड्रामा है जो देश के पहले लोकतांत्रिक चुनाव कराने के बड़े काम की कहानी बताता है। यह घोषणा मंगलवार को नेटफ्लिक्स की 2026 की फिल्मों की लिस्ट के बीच की गई। इस नई फिल्म में इतिहास, भावना और राजनीतिक साजिश का एक दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलेगा, जो उन गुमनाम नायकों पर रोशनी डालेगी, जिन्होंने आधुनिक भारत की लोकतांत्रिक नींव रखने में मदद की। आजादी के शुरुआती सालों पर आधारित हम हिंदुस्तानी उन सरकारी अधिकारियों के एक ग्रुप की कहानी है, जिन्हें भारत का पहला देशव्यापी चुनाव करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। औपनिवेशिक शासन के बाद के झटके, बंटवारे और बड़े पैमाने पर सामाजिक अशांति के मुश्किल माहौल में इस मिशन को एक नामुमकिन काम माना जा रहा था। यह फिल्म उन लोगों के हौसले, हिम्मत और पक्के इरादे की कहानी बताती है, जिन्होंने यह पक्का करने के लिए दिन-रात काम किया कि हर नागरिक को वोट देने का अधिकार मिले। सैफ अली खान एक उसूलों वाले अफसर का रोल निभा रहे हैं, जिन्हें देश के लोकतांत्रिक भविष्य में अटूट विश्वास है। प्रतीक गांधी उनके साथ एक साथी अफसर के रूप में हैं, जो इतनी बड़ी जिम्मेदारी के साथ आने वाले भावनात्मक और निजी दबावों का सामना करते हैं। साथ मिलकर, उनके किरदार भारत की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धियों में से एक के पीछे की प्रशासनिक लीडरशिप और इंसानी कुर्बानियों को दिखाते हैं। यह फिल्म भारत की विशाल सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को भी दिखाती है और जाति, वर्ग और क्षेत्रीय सीमाओं से परे सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों पर जोर देती है। नेटफ्लिक्स ये फिल्म रिलीज होने वाली है। ये भी पढे़ं- 'धुरंधर 2' नेटफ्लिक्स पर नहीं होगी रिलीज, जानें किस OTT प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे ये फिल्म Ikka: 'धुरंधर' की सक्सेस के बाद अक्षय खन्ना को मिला नया प्रोजेक्ट, 29 साल बाद सनी देओल संग मचाएंगे तहलका
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Feb 3, 2026, 02:30 PM
कांग्रेस मुद्दों की तलाश में प्रचार को हथियार बना रही हैः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

कांग्रेस मुद्दों की तलाश में प्रचार को हथियार बना रही हैः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

-मुद्दों की तलाश में दुष्प्रचार को हथियार बनाने वाली कांग्रेस को संयम की जरूरतऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअमर उजाला ब्यूरोदेहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि सीबीआई जांच के निर्णय पर सवाल उठाने और भ्रम फैलाने वाली कांग्रेस जांच शुरू होने के बाद बेनकाब हो गई है। जनता उसके चरित्र को बखूबी पहचान गई है।भट्ट ने कहा कि अब कांग्रेस को जवाब देना चाहिए क्योंकि वह सीएम की संस्तुति के बाद अक्सर यह कहती रही कि जांच का ब्योरा पब्लिक डोमेन में नहीं है और सरकार ने मामले को शांत करने के लिए ही ऐसा किया। अब जांच शुरू हो गई है तो कांग्रेस ने चुप्पी साध ली है, लेकिन उसकी हकीकत जनता के बीच सार्वजनिक हो गई है। कांग्रेस का उद्देश्य अंकिता को न्याय दिलाना नहीं बल्कि इसे राजनैतिक मुद्दा बनाकर अवसर तलाशना है। भाजपा ने देवभूमि की इस बेटी को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एसआईटी की जांच के बाद आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई। आरोपी जमानत नहीं ले पाए। विवेचना के दौरान भी कांग्रेस जांच को लेकर सवाल उठाती रही और निर्णय सबने देखा। जांच एजेंसियों ने कड़ी मेहनत से आरोपियों को सजा तक पहुंचाया।विज्ञापनविज्ञापनभट्ट ने कहा कि अब तक हर मामले में कांग्रेस बेनकाब हुई। भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच शुरू होने से पहले कांग्रेस इसी तरह दुष्प्रचार करती रही। रूद्रपुर में विधायक पुत्र का प्रकरण हाल ही में सामने आया और कांग्रेस कानून व्यवस्था पर हो हल्ला मचा रही थी। तब भी कांग्रेस बेनकाब हुई। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस की असलियत को समझ चुकी है और उसके द्वारा किसी भी प्रोपेगेंडा में अब उसे भरोसा नहीं है।
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Feb 3, 2026, 02:27 PM
भारत-अमेरिका व्यापार समझौताः भारतीय उद्योगों के लिए लाभ, हानि और अवसर

भारत-अमेरिका व्यापार समझौताः भारतीय उद्योगों के लिए लाभ, हानि और अवसर

India US Trade Deal:अमेरिका फर्स्ट' की पॉलिसी पर चलने वाले डोनाल्ड ट्रंप और 'हार्ड नेगोशिएटर' PM मोदी के बीच आखिरकार ट्रेड डील कैसे अंजाम तक पहुंची? अमेरिका के साथ ट्रेड डील ने भारत के टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी और लेदर सेक्टर के लिए उम्मीद के नए दरवाजे खोले हैं, लेकिन भारत ने इस समझौते को फाइनल करने के लिए क्या खोया और क्या पाया? क्या भारत अब विश्व का नया मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के रास्ते पर आगे बढ़ेगा? क्या सच में अब 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट्स का डंका अमेरिका में बजने वाला है? INDIA TV ने अमेरिका और भारत की इस ट्रेड डील के नफे-नुकसान का गणित समझने के लिए जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट सुशांत सरीन से एक्सक्लूसिव बातचीत की। जवाब-जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट सुशांत सरीन ने कहा कि यह बहुत अहम पड़ाव है क्योंकि अमेरिका आज भी दुनिया की सबसे बड़ी मंडी है। भारत और अमेरिका का व्यापार दोनों देशों के फायदे के लिए है, न कि पुराने औपनिवेशिक तरीके से जहां सिर्फ एक पक्ष का फायदा होता था। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ समय में टैरिफ के मुद्दे के कारण हालात मुश्किल हो गए थे। भारत के कई निर्यात आधारित उद्योग जैसे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वैलरी और मशीन टूल्स को भारी नुकसान हो रहा था। लाखों नौकरियां और कंपनियों का भविष्य दांव पर था। एक्सपोर्ट के आंकड़े गिरने लगे थे। इस डील से अब एक 'लेवल प्लेइंग फील्ड' मिल जाएगा।' जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट ने आगे कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि यूरोप को अमेरिका ने 10-15% टैरिफ की छूट दी है, जबकि हम पर 18% लग रहा था। लेकिन हमें यह देखना है कि हमारा मुकाबला यूरोप या ब्रिटेन से नहीं है, क्योंकि हम उन चीजों का व्यापार नहीं करते जो यूरोप, अमेरिका से करता है। हमारा मुकाबला बांग्लादेश, श्रीलंका, वियतनाम, इंडोनेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों से है। इस डील के बाद हमारा टैरिफ उन देशों से कम हो जाएगा, जिससे हमें फायदा मिलेगा। इसके अलावा, पाकिस्तान और बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा के मुद्दों के कारण वहां से व्यापार भारत की ओर शिफ्ट हो सकता है, जिससे हमारे उद्योग चमकेंगे। जवाब-सुशांत सरीन ने कहा कि जो चीजें हम अमेरिका से आयात करेंगे, उनमें से कई हमारी जरूरत हैं, विशेषकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में। यह हमारे उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। अगर मशीनरी और प्लांट 'जीरो ड्यूटी' पर भारत आते हैं, तो इससे हमारे उद्योगों का Modernization होगा। उन्होंने कहा, 'अगर लोग भारत में निवेश करना चाहते हैं, तो वे अपनी मशीनरी ला सकते हैं जिससे यहां मैन्युफैक्चरिंग शुरू होगी। उदाहरण के लिए, जब से एप्पल ने भारत में फोन बनाना शुरू किया है, उसने अरबों डॉलर का निर्यात किया है और एक ही फैक्ट्री में एक लाख से ज्यादा नौकरियां दी हैं।' जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट ने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में हमने उन चीजों को खोला है जो हमारे किसानों को नुकसान नहीं पहुंचातीं। जैसे हेजलनट और ब्लूबेरी, जो पंजाब या हरियाणा में नहीं उगते। मक्का और सोयाबीन पर कुछ रियायत दी गई हैं, लेकिन उसका उपयोग खाने के बजाय औद्योगिक क्षेत्र जैसे- इथेनॉल ब्लेंडिंग या पशु चारे के लिए हो सकता है। समझौता हमेशा 'बीच का रास्ता' होता है, जिसमें दोनों पक्षों के हित सुरक्षित रहें। जवाब-सुशांत सरीन ने कहा कि इस समझौते पर कई महीनों से बातचीत चल रही थी। नवंबर-दिसंबर के आसपास सब कुछ तय हो गया था। यह डील पहले भी नेगोशिएट हुई थी जिसे ट्रंप ने रिजेक्ट कर दिया था, फिर दोबारा मेज पर आई। ट्रंप की 'हां' का इंतजार था, जो अब मिल गई है। उन्होंने कहा, 'नेगोशिएशन बहुत पेचीदा और सख्त थी। भारत ने भी माना कि अगर हम बहुत बड़ी मार्केट हैं, तो उसे बंद रखकर हम बड़े नहीं रह सकते, इसलिए हमने भी थोड़ी नरमी दिखाई। दूसरा बड़ा कारण Geopolitical भी था। भारत धीरे-धीरे अन्य देशों जैसे- ऑस्ट्रेलिया और EU के साथ ट्रेड डील कर रहा था। अमेरिका को लगा कि अगर भारत उनकी सप्लाई चेन से अलग हो गया, तो वे कहां जाएंगे? चीन से अलग होने के बाद उन्हें भारत जैसे विकल्प की जरूरत है।' जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट ने आगे कहा, 'साथ ही, भारत सरकार ने घुटने नहीं टेके। अगर टेकने होते तो 6 महीने पहले यूरोप की तरह टेक दिए होते। भारत ने सम्मानजनक शर्तों पर, थोड़ी लचक दिखाते हुए यह सौदा किया है। यह 'परफेक्ट डील' भले न हो, लेकिन एक 'अच्छी डील' जरूर है।' जवाब-सुशांत सरीन ने कहा कि इस डील से कई नए रास्ते खुलेंगे। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स बन रहे हैं। इसमें आउटसोर्सिंग के जरिए पढ़े-लिखे तबके को नौकरियां मिलेंगी। भारतीय ऑटो पार्ट्स उद्योग को अमेरिकी बाजार का एक्सेस मिलेगा। टेक्नोलॉजी और डिफेंस के क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश और साझेदारी बढ़ सकती है। इंजीनियरिंग में भी अच्छे अवसर हैं। उन्होंने आगे कहा, 'लेबर इंटेंसिव उद्योग जैसे- वियतनाम में नाइकी और एडिडास के जूते बनते हैं, अब वे भारत में बन सकते हैं क्योंकि हमारे पास लेबर उपलब्ध है। ट्रंप के रहते अनिश्चितता बनी रहेगी, लेकिन इस डील से उस अनिश्चितता में कुछ चीजें निश्चित हो गई हैं, जिसका स्वागत होना चाहिए।' जवाब-सुशांत सरीन ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स सभी के लिए जरूरी हैं, लेकिन सवाल यह है कि सप्लाई चेन और प्रोसेसिंग में भारत का क्या हिस्सा होगा। यह अभी बातचीत के चरण में है। जहां तक सेमीकंडक्टर्स की बात है, भारत सरकार मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दे रही है। चिप बनाना आसान नहीं है, इसमें समय लगेगा। लेकिन शुरुआत में अगर हम आईफोन जैसे उत्पादों के 'कंपोनेंट पार्ट्स', जो अभी चीन से आते हैं, भारत में बनाना शुरू कर दें, तो यह भी बड़ी जीत होगी। इससे निवेश आएगा और निर्यात बढ़ेगा। जवाब-सुशांत सरीन ने कहा कि पिछले साल तक लग रहा था कि संबंध बहुत गहरे हो गए हैं, लेकिन पिछले एक साल में विश्वास को थोड़ा झटका लगा है। अब कोशिश यह होगी कि धीरे-धीरे उस विश्वास को फिर से बनाया जाए। हमें अब थोड़ा संभलकर, स्ट्रैटेजिक और अन्य क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल की घटनाओं से भारत में 'स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी' की बात फिर से शुरू होगी। लेकिन यह सिर्फ नारा नहीं होना चाहिए। असली ऑटोनॉमी तब आएगी जब हम रक्षा और आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होंगे और बिना किसी दबाव के अपने फैसले ले सकेंगे। इसके लिए हमें अपनी कमजोरियों को दूर करना होगा, बातें कम और काम ज्यादा करना होगा।
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Feb 3, 2026, 02:25 PM
भाजपा ने यमनम खेमचंद सिंह को मणिपुर में विधायक दल का नेता चुना

भाजपा ने यमनम खेमचंद सिंह को मणिपुर में विधायक दल का नेता चुना

इंफाल/नई दिल्ली:मणिपुर के नए मुख्यमंत्री बीजेपी के युमनाम खेमचंद सिंह होंगे। बीजेपी ने उन्हें विधायक दल का नेता चुना है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का मौजूदा वक्त 12 फरवरी को खत्म होने वाला है। खेमचंद मैतेई समुदाय से आते हैं। वैसे अगर मणिपुर की राजनीति और वहां बीजेपी को देखें तो खेमचंद को पूर्व सीएम एन बीरेंद्र सिंह का प्रतिद्वंदी माना जाता है। जिस वक्त बीरेंद्र सिंह सीएम थे उस वक्त राज्य ने दो समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष देखा है। बीजेपी के सहयोगी भी तत्कालीन सीएम का विरोध करने लगे थे। जिसके बाद बीरेंद्र सिंह को इस्तीफा देना पड़ा और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।युमनाथ खेमचंद सिंह काफी सरल जीवन जीते हैं।कौन हैं खेमचंद सिंह?वाई खेमचंद सिंह2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं। 2022 में एन. बीरेन सिंह की कैबिनेट में भी उन्हें शामिल किया गया। तब उन्होंने नगर प्रशासन और आवास विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग संभाला। खेमचंद सिंह इंफाल पश्चिम की सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं। ये दो बार से लगातार यहीं से जीते। इस वक्त राज्य में कुकी और मैतई समुदाय के बीच विश्वास बहाली जरूरी है। युमनाथ खेमचंद सिंह की उम्र 62 साल है।युमनाथ खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं लेकिन उनकी कुकी के बीच अच्छी छवि है।कुकी समुदाय में स्वीकार्यताहाल ही में खेमचंद सिंह ने कुकी बहुल इलाकों जैसे उखरुल और कामजोंग का दौरा किया था और शांति और बातचीत की वकालत की थी। वे खुद मैतेई समुदाय से हैं लेकिन कुकी समुदाय में भी उनकी स्वीकार्यता दिखती है। मणिपुर में जातीय हिंसा के बाद फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। राज्य विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। मणिपुर में दो समुदाय के बीच के संघर्ष में अब तक 250 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं और 60 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। 3 मई 2023 को राज्य में जातीय हिंसा भड़की थी।
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Feb 3, 2026, 02:23 PM
हरियाणा नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत होगीः विकास मंत्री

हरियाणा नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत होगीः विकास मंत्री

सोनीपत। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सोनीपत सहित प्रदेश के सभी निकाय चुनावों में भाजपा का कमल खिलेगा। जनता का भरोसा भाजपा की नीतियों और कार्यशैली पर बना हुआ है। भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि मजबूत शहरी निकाय बनाकर आमजन को बेहतर सुविधाएं देना है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंयह बात विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने मंगलवार को सोनीपत में कही। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने शहरी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि निकाय चुनावों में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिलेगी।विज्ञापनविज्ञापनकेंद्रीय बजट को लेकर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में कारगर साबित होगी। इस बजट से हरियाणा को भी करोड़ों रुपये की विकासात्मक सौगात मिली है। इससे प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।विपक्ष पर हमला बोलते हुए कृष्णलाल पंवार ने कहा कि विपक्ष का काम केवल जनता को झूठ बोलकर गुमराह करना रह गया है। उनके पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही कोई स्पष्ट नीति। अमेरिकन टैरिफ में कटौती के सवाल पर उन्हाेंने कहा कि इससे देश के व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
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Feb 3, 2026, 02:22 PM
युम्नम खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद मणिपुर में राजनीतिक उथल-पुथल खत्म हो गई है।

युम्नम खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद मणिपुर में राजनीतिक उथल-पुथल खत्म हो गई है।

मणिपुर में महीनों से चल रही सियासी उठापठक अब खत्म हो गई है। यहां युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में विधायक दल का नेता चुना गया है। युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वहीं सूत्रों के मुताबिक, कुकी समुदाय की महिला नेता नेमचा किपगेन के नई सरकार बनने पर मणिपुर की उप-मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में मणिपुर के बीजेपी विधायकों की बैठक हुई। बीजेपी महामंत्री तरुण चुग और संबित पात्रा ने यह बैठक की। बैठक में कुल 35 विधायक मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक दो विधायक अस्वस्थ होने के चलते बैठक में मौजूद नहीं हो सके। मणिपुर से बीजेपी विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह ने कहा, "यह अच्छी बात है कि हमारी एक चुनी हुई सरकार, एक लोकप्रिय सरकार बनने जा रही है। इसकी बहुत पहले से ज़रूरत थी। इसलिए हम इस कदम को उठाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देते हैं। हर समस्या का समाधान होता है। मुझे लगता है कि केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और युमनाम खेमचंद के नेतृत्व में नई मिनिस्ट्री के साथ, हम समाधान ढूंढ लेंगे।" बता दें कि मणिपुर में बीजेपी के पास बहुमत है, लेकिन मैतेयी और कुकी समुदाय के बीच हिंसक झड़प के चलते मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही यहां मणिपुर में सरकार गिर गई थी। एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद से ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। अब यहां के हालात ठीक हो रहे हैं। ऐसे में बीजेपी ने दोबारा सरकार बनाने की पहल शुरू की। दरअसल, मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक चली जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। मणिपुर के जो नेता दिल्ली आए, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, मौजूदा समय में स्थगित विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और वाई खेमचंद सिंह भी शामिल थे। भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौजूद हैं। बता दें कि 60 सीटों वाली मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जनता दल (यूनाइटेड) ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। अन्य विधायकों में से छह नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से, पांच नागा पीपुल्स फ्रंट से, पांच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक जद (यू) से और तीन निर्दलीय हैं। एक मौजूदा विधायक का निधन हो जाने के कारण वर्तमान में एक सीट रिक्त है। यह भी पढ़ें- पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका डील को भारत के भविष्य को चार चांद लगाने वाला डील बताया, जानें और क्या कहा? कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह जो होंगे मणिपुर के सीएम, बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए Latest India News
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Feb 3, 2026, 02:17 PM
बिहार विधानसभा ने बहस और बजट प्रस्तुत करने के लिए समय सीमा निर्धारित की

बिहार विधानसभा ने बहस और बजट प्रस्तुत करने के लिए समय सीमा निर्धारित की

बिहार में बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बहस के लिए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने दो दिन 3 फरवरी और 5 फरवरी को 4 घंटे की अवधि निर्धारित की है। इस समय को स्पीकर ने प्रति विधायक एक मिनट के हिसाब से सदन में सदस्यों की संख्या के आधार पर राजनीतिक दलों को आवंटित किया है। 243 विधायकों की बिहार विधानसभा में बहस के लिए तय 240 मिनट में 3 मिनट की कमी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास (एलजेपी-आर) के हिस्से से 1-1 मिनट समय की कटौती से पूरी हुई है। हालांकि स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि अगर जरूरत हुई तो बहस की अवधि बढ़ाई जा सकती है। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन दोपहर में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पहले लगभग 3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया। उसके बाद स्पीकर ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बहस की शुरुआत से पहले राजनीतिक दलों को उनकी विधायक संख्या के आधार पर समय आवंटित किया। इसी में सरकार का जवाब देना भी शामिल है। बिहार में 3.47 लाख करोड़ का बजट, इन 5 तत्वों पर नीतीश सरकार का फोकस स्पीकर ने भाजपा को 88 मिनट, जदयू को 84 मिनट और लोजपा-आर को 18 मिनट समय दिया है, जो उनकी सदस्य संख्या से 1-1 कम है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को 25 मिनट, कांग्रेस को 6 मिनट, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को 5 मिनट, एआईएमआईएम को 5 मिनट, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को 4 मिनट, भाकपा माले (सीपीआई-एमएल) को 2 मिनट, सीपीएम, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और आईआईपी को 1-1 मिनट समय मिला है। अनंत सिंह ने नीतीश के पांव छूए, शपथ के लिए जेल से विधानसभा पहुंचे थे दबंग विधायक इसके बाद बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने पार्टी की तरफ से धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण शुरू किया। उनके बाद आज जेडीयू के नेता भगवान सिंह कुशवाहा, कांग्रेस के मनोहर प्रसाद सिंह, लोजपा-आर के राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता, एआईएमआईएम के तौसीफ आलम, सीपीआई-माले के अरुण सिंह, जेडीयू के बबलू कुमार, सीपीएम के अजय कुमार, बसपा के सतीश सिंह यादव, आईआईपी के आईपी गुप्ता, हम की ज्योति मांझी, लोजपा-आर की बेबी कुमारी और भाजपा के सचींद्र प्रसाद सिंह ने अपनी-अपनी पार्टी का पक्ष रखा। यह बहस आगे 5 फरवरी को होगी।
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Feb 3, 2026, 02:17 PM
मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्रीः भाजपा विधायक दल ने युमनाम खेमचंद सिंह को चुना

मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्रीः भाजपा विधायक दल ने युमनाम खेमचंद सिंह को चुना

इंफाल:पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में खेमचंद सिंह नए सीएम होंगे। मंगलवार को मणिपुर में बीजेपी विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को नेता चुना गया। इस बैठक में पूर्व सीएम एन बीरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। बीजेपी प्रभारियों की मौजूदगी में नेता का चुनाव किया गया। गौरतलब हो कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में मैतेई-कुकी जातीय संघर्ष के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। अब करीब एक साल बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। युमनाथ खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं।बीरेन सिंह ने खिलाई मिठाईमणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दिया। उसके बाद से राज्य में लगातार बीजेपी की तरफ से नए मुख्यमंत्री की तलाश जारी थी। बीजेपी विधायक दल की बैठक में बीजेपी नेता संबित पात्रा और तरुण चुग भी मौजूद रहे। संबित पात्रा मणिपुर के प्रभारी हैं। पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह ने विधायक दल के नेता चुने गए खेमचंद सिंह को मिठाई खिलाकर बधाई दी। युमनाम खेमचंद सिंह की उम्र 62 साल है। उनका जन्म 1 मार्च, 1963 को हुआ था।कौन हैं वाई खेमचंद सिंह?युमनाम खेमचंद सिंहमणिपुर में एक अनुभवी और कद्दावर नेता माने जाते हैं। वे राज्य की सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं। खेमचंद सिंह पूर्व में मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) के रूप में काम कर चुके हैं। उनकी छवि साफ सुथरी है। वह राज्य के लोगों के बीच अपनी निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। पिछली एन बीरेन सिंह सरकार में उनके पास ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। मंगलवार को इंफाल में हुई विधायकों की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। वह मणिपुर के 13वें सीएम होंगे।
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Feb 3, 2026, 02:16 PM
युम्नम खेमचंद सिंह के भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद मणिपुर नई सरकार के कगार पर है।

युम्नम खेमचंद सिंह के भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद मणिपुर नई सरकार के कगार पर है।

मणिपुर में सरकार बनाने की हलचल तेज हो गई है. युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. युमनाम खेमचंद 2 बार के विधायक हैं और अभी की बिरेन सिंह सरकार में मंत्री भी थे. खेमचंद मैतेई समुदाय से आते हैं. उनके नाम का प्रस्ताव खुद पूर्व मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने रखा था. मणिपुर में 2 उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे. शपथ ग्रहण समारोह बुधवार (3 फरवरी 2026) को हो सकता है. जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था राष्ट्रपति शासन मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था. बीजेपी संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था. राष्ट्रपति शासन इस साल 12 फरवरी को समाप्त होने वाला है. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया है. दिल्ली में पार्टी हाई कमान के साथ हुई बैठक पूर्वोत्तर के इस राज्य में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक चली जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था. हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, मौजूदा समय में स्थगित विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और युमनाम खेमचंद सिंह बीजेपी के आलाकमान के साथ मीटिंग के लिए दिल्ली आए थे. इस बैठक में मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष ए शारदा देवी भी मौजूद थीं. मेइती और कुकी विधायकों के साथ बीजेपी नेता की बैठक बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में अपने मेइती और कुकी विधायकों, सहयोगी दलों एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ अलग-अलग कई बैठकें कीं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या लोकप्रिय सरकार के गठन के लिए राजनीतिक स्थिति अनुकूल है. 14 दिसंबर, 2025 को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के पूर्वोत्तर मामलों के समन्वयक संबित पात्रा ने दिल्ली में एक ही छत के नीचे मेइती और कुकी समुदायों से आने वाले बीजेपी विधायकों से मुलाकात की थी. मणिपुर में किस पार्टी के पास कितनी सीटें बीजेपी ने 2022 के चुनाव में 32 सीट हासिल की थी, लेकिन बाद में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के छह विधायकों में से पांच ने उसका दामन थाम लिया. इसी के साथ सदन में बीजेपी विधायकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई. इसके अलावा सदन में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस (केपीए) के दो, जेडीयू का एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं. एक सीट निवर्तमान विधायक के निधन से खाली है. मीडिया में करियर की शुरुआत CNFC मीडिया के साथ की. उसके बाद साढ़े तीन वर्ष ANI और उसके बाद तकरीबन 8 वर्ष न्यूज 18 नेटवर्क के साथ काम किया. और अब एबीपी न्यूज ज्वाइन किया है. मीडिया में तकरीबन 13 वर्ष का अनुभव है जिसमें राजनीतिक खबरों खासकर बीजेपी से संबंधित खबरों को कवर करता रहा हूं.
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Feb 3, 2026, 02:15 PM
विपक्ष की चिंताओं के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने पर विचार कर रही है टी. एम. सी.

विपक्ष की चिंताओं के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने पर विचार कर रही है टी. एम. सी.

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने संकेत दिए हैं कि वह अन्य विपक्षी दलों से बातचीत कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की संभावना पर विचार कर रही है। यह घटनाक्रम उस दिन सामने आया है, जब एक दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों के बीच दिल्ली में तीखी बहस हुई थी। दोनों के बीच विवाद की मुख्य जड़ Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। महाभियोग के लिए चल रही कोशिशों की पुष्टि करते हुए, तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा कि ज्ञानेश कुमार का वोटर लिस्ट साफ करने का तरीका गलत है। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "हम चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर महाभियोग चलाने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि जिस तरह से वह SIR कर रहे हैं, वह गलत है और देश के हर नागरिक के वोटिंग अधिकारों को प्रभावित करता है।" इससे पहले दिन में ममता बनर्जी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर चुनिंदा तरीके से मतदाता नाम हटाने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि BJP विधायकों वाले क्षेत्रों में 3,000 से 4,000 नाम हटाए जा रहे हैं जबकि TMC विधायकों वाले क्षेत्रों में 40,000 से 1 लाख तक नाम काटे जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, “मेरे अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में अब तक 40,000 वोटरों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटा दिए गए हैं। उनका लक्ष्य एक लाख नाम हटाने का है।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने 58 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से एकतरफा तरीके से हटाए, वह भी बिना निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों से परामर्श किए। उन्होंने यह भी कहा कि “तार्किक विसंगति” के नाम पर अंधाधुंध नोटिस भेजे जा रहे हैं, यहां तक कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया। SIR की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए बनर्जी ने मंगलवार को सवाल किया कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह प्रक्रिया क्यों की जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यह प्रक्रिया केवल विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में ही क्यों की जा रही है, भाजपा शासित असम में क्यों नहीं, जहां चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा, "चुनाव वाले चार राज्यों में से तीन राज्यों में वे एसआईआर कर रहे हैं, लेकिन भाजपा शासित असम में नहीं।" बनर्जी ने पूछा, “चुनाव से ठीक पहले एसआईआर क्यों किया जा रहा है? क्या बिना किसी योजना के इसे 2-3 महीनों के भीतर करना संभव है?” इस पूरे विवाद ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। जहां तृणमूल इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं चुनाव आयोग अब तक अपने फैसलों को नियमों के तहत लिया गया कदम बताता रहा है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने इससे पहले चाणक्यपुरी के 'बंग भवन' में एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित लोगों से मुलाकात की और दावा किया कि वे पात्र मतदाता हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। बनर्जी ने उन्हें हर तरह के सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि उनके अधिकारों, गरिमा और लोकतांत्रिक आवाज के लिए यह लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक न्याय नहीं मिल जाता। तृणमूल कांग्रेस अब विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश करेगी। यदि महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो यह देश के चुनावी इतिहास में एक बड़ा और दुर्लभ राजनीतिक टकराव बन सकता है। फिलहाल, बंगाल की सियासत में चुनाव से पहले ही चुनावी मैदान गरमा चुका है, और मतदाता सूची का मुद्दा इस लड़ाई का केंद्र बनता जा रहा है। बता दें कि पिछले साल इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाया गया था, जो अभी जांच प्रक्रिया में है। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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Feb 3, 2026, 02:15 PM
बिहार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 347,589 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया

बिहार ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 347,589 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया

बिहार विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट में बिहार सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग के लोगों के लिए पिटारा खोला है। मगर किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। विधानसभा में इस बार 3,47,589.76 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। जिसमें शिक्षा का बजट 68,216.95 करोड़ रुपये का है। जो इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है। जानिए किसानों को सरकार ने क्या बड़ा तोहफा दिया है? बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया। यह बिहार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये अधिक है। नीतीश सरकार ने इस बजट में अपने 'सात निश्चय-3' योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रखा गया है। वहीं, राज्य के किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। बिहार बजट में किसानों के हित में सबसे महत्वपूर्ण ऐलान 'जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि' योजना का है। इस नई योजना के तहत अब प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसाना सम्मान निधि (PM-KISAN) के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिलेगा। इसके तहत बिहार के किसानों को सालाना अतिरिक्त 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। नई योजना के तहत अब राज्य के पात्र किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली सालाना 6,000 रुपये (तीन किस्तों में 2,000-2,000 रुपये) के अलावा बिहार सरकार की ओर से अतिरिक्त 3,000 रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे। यानि की राज्य सरकार की नई पहल के बाद अब किसानों की राशि 6,000 से बढ़कर 9,000 रुपये प्रतिवर्ष हो जाएगी। यह अतिरिक्त राशि भी तीन किस्तों में (प्रति किस्त 1,000 रुपये) सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार बजट 2026-27 पर कहा, "आज का बजट बहुत अच्छा है। यह विकसित बिहार के सपने को पूरा करने वाला बजट है... बजट में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है कि महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों... इसमें 1 करोड़ युवाओं का लक्ष्य रखा गया है कि हम आने वाले 5 सालों में उन्हें स्किल्ड करें... इसमें MSME की भी चर्चा की गई है।" बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "हमें याद है 2005 में 23 हजार करोड़ के आस-पास बजट का प्रावधान होता था। पिछली बार करीब 3 लाख 17 हजार करोड़ हुआ और इस बार करीब 3 लाख 40 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान हुआ है। बिहार लगातार प्रगति की ओर बढ़ रहा है। बिहार देश के विकसित प्रदेशों की ओर अग्रसर हो रहा है। मैं इस बजट की प्रशंसा करता हूं।"
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Feb 3, 2026, 02:14 PM
भारत का हाई-स्पीड रेल गलियाराः देश भर के शहरों को जोड़ रहा है

भारत का हाई-स्पीड रेल गलियाराः देश भर के शहरों को जोड़ रहा है

Bengaluru-HyderabadHighSpeedRail:वित्तमंत्रीनिर्मलासीतारमणने1फरवरी2026कोअपनेबजटमेंदेशकेकईशहरोंकोबुलेटट्रेनकीसौगातदेनेकाऐलानकियाहै।वित्तमंत्रीनिर्मलासीतारमणनेभारतकेप्रमुखशहरोंकोजोड़नेवालेसातहाई-स्पीडरेलकॉरिडोरकीघोषणाकीहै।जिसकेबादभारतकेप्रमुखशहरोंकोजोड़नेवालेसातहाई-स्पीडरेलकॉरिडोरपरकामशुरूहोगा। यहपरियोजनाभारतीयरेलकीक्षमताऔरयात्राकीसुविधामेंएकबड़ाबदलावलानेवालीहै।सरकारकालक्ष्यहैकिइननईपरियोजनाओंकेमाध्यमसेलंबीदूरीकीयात्राकोनकेवलतेज़,बल्किअधिकआरामदायकऔरकुशलबनायाजाए। देशकेप्रमुखशहरोंकोजोड़नेवालेसातहाई-स्पीडरेलकॉरिडोरबनजानेकेबेंगलुरु-हैदराबाद,चेन्नई-हैदराबादऔरमुंबईसेपुणेकेलिएयेबुलेटट्रेनशुरूहोजाएगी।जानिएइनबुलेटट्रेनोंसेसफरकासमयकितनाहोजाएगा? बेंगलुरुसेहैदराबादपहुंचनेमेंजहांअभीघंटोंलगततेहैवहींबुटेटट्रेनशुरूहोनेजानेकेबादमहज2घंटेमेंबेंगलुरूसेहैदराबादयात्रीपहुंचजाएंगे।बेंगलुरु-हैदराबादहाई-स्पीडरेलकॉरिडोरकेबननेसेयहयात्रादिल्ली-जयपुरयामुंबई-पुणेजितनीसुविधाजनकहोजाएगी,जिसमेंगतिऔरकमसमयमुख्यआकर्षणहोंगे।
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Feb 3, 2026, 02:13 PM
बिहार सरकार ने 2025-26 के लिए 3.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत किया

बिहार सरकार ने 2025-26 के लिए 3.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत किया

Bihar Budget Highlights:बिहार विधानसभा में मंगलवार को नीतीश कुमार की सरकार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.47 लाख करोड़ से अधिक का बड़ा बजट पेश किया। चालू वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 3.17 लाख करोड़ का था। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य है। वित्त मंत्री ने कहा कि 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार का फोकस 5 तत्वों पर हैं- ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान। वित्त मंत्री ने बताया है कि बिहार में चालू वित्त वर्ष 2025--26 का बजट 3.17 लाख करोड़ का था। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य है। वित्त मंत्री ने कहा कि 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने का लक्ष्य है। पिछले साल 3.17 लाख करोड़ का वार्षिक बजट पेश करने के बाद नीतीश सरकार ने जुलाई में 57941 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट और दिसंबर में 91717 करोड़ दूसरा अनुपूरक बजट भी पेश किया था। Bihar Budget LIVE: 15.29 PM-नीतीश सरकार ने इन पांच तत्वों पर फोकस करने का लक्ष्य रखा है- ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान। वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि बिहार को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए इन चीजों को ध्यान में रखते हुए काम किया जाएगा। Bihar Budget LIVE: 14.21 PM-लघु उद्योग के जरिए बिहार आगे बढ़ेगा। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में शामिल है। Bihar Budget LIVE: 14.17 PM-पिछले साल 3.17 लाख करोड़ का वार्षिक बजट पेश करने के बाद नीतीश सरकार ने जुलाई में 57941 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट और दिसंबर में 91717 करोड़ दूसरा अनुपूरक बजट भी पेश किया था। Bihar Budget LIVE: 14.14 PM-वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए कुल 3 करोड़ 47 लाख 589 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया। मंगलवार को भोजनावकाश के बाद उन्होंने सदन में इसे पेश किया। इसके पूर्व उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सात निश्चय -3 के माध्यम से बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में ले जाने का प्रयास कर रही है। Bihar Budget LIVE: 14.12 PM-बिहार में चालू वित्त वर्ष 2025--26 का बजट 3.17 लाख करोड़ का था Bihar Budget LIVE: 14.10 PM-वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ 76 लाख रुपये का है। Bihar Budget LIVE: 14.10 PM-वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य है। Bihar Budget LIVE: 14.09 PM-वित्त मंत्री ने कहा कि 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाने का लक्ष्य है। Bihar Budget LIVE: 14.08 PM-वित्त मंत्री ने कहा कि इन पांच तत्वों को ध्यान में रखते हुए बिहार विकास करेगा- ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान Bihar Budget LIVE: 14.07 PM-बिजेंद्र यादव ने कहा कि 1.56 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार मिल चुका है Bihar Budget LIVE: 14.04 PM-बिहार विधानसभा में बजट भाषण शुरू हो चुका हैं। बिजेंद्र यादव बिहार विधानसभा में बजट भाषण पढ़ रहे हैं। Bihar Budget LIVE: 14.00 PM-बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है। Bihar Budget LIVE: 13.50 PM-वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव आज बिहार विधानसभा में बजट पेश करेंगे। विधानसभा के बाहर वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का स्वागत किया गया है। सत्ताधारी दल के लगभग सभी विधायक वित्त मंत्री के स्वागत के लिए खड़े नजर आए। वित्त मंत्री ने लाल बैंग दिखाया। यह बजट वाला बैग था। Bihar Budget LIVE: 13.42 PM-पटना मेंNEETछात्रा मौत मामले को लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार इस प्रकरण को गंभीरता से ले रही है और मामले की जांच CBI को सौंपी गई है। Bihar Budget LIVE: 13.32 PM-सदन में विधायक कोमल सिंह ने गायघाट विधानसभा क्षेत्र में खेल स्टेडियम के निर्माण का मुद्दा उठाया। सरकार की ओर से जब जवाब दिया गया कि स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है या प्रगति पर है, तो विधायक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि धरातल पर स्थिति इसके उलट है। Bihar Budget LIVE: 13.15 PM-बिहार के चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकत्सकों का वेतन बढ़ेगा। रिमोट इलाकों में काम करने वाले चिक्तिसकों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। मंगलवार को एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने विधान परिषद में यह घोषणा की। मंत्री ने कहा कि सात निश्चय 3 के तहत इसकी कार्ययोजना बनाई गई है। Bihar Budget LIVE: 13.03 PM-उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा है कि अगले सत्र के पहले एक हजार उद्योग बिहार में लग जाएंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सदन में नहीं आएंगे। मंगलवार को विधान परिषद में एक सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि 693 एकड़ जमीन विभाग को मिल चुका है। Bihar Budget LIVE: 12.50 PM-बिहार में बच्चों पर खर्च 17.5 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ी है। यह बढ़ोतरी वर्ष 2017-18 से 2023-24 तक दर्ज की गई है। इस अवधि में प्रति व्यक्ति व्यय भी काफी बढ़ा है, जो 2.7 गुना बढ़कर 2017-18 के 3,437 रुपये से बढ़कर 2023-24 में 9,271 रुपये हो गया।राज्य में आंगनबाड़ी सेवा पर निवेश में लगातार वृद्धि की गई है। इसका बजट 2019-20 के 1,735.7 करोड़ रुपये से 2024-25 में 2,648.47 करोड़ रुपये हो गया। Bihar Budget LIVE: 12.40 PM-बिहार विधानसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। आज विधानसभ में बिहार का बजट पेश किया जाएगा। Bihar Budget LIVE: 12.21 PM-बिहार विधान परिषद की कार्यवाही जारी है। सदन में प्रश्नोत्तरकाल चल रहा है। Bihar Budget LIVE: 12.10 PM-बिहार विधानसभा में नीट छात्रा की मौत का मामला उठा है। विपक्ष के विधायक ने पटना में नीट छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच की है। इसपर विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार ने इस विषय पर संज्ञान लिया है। Bihar Budget LIVE: 12.00 PM-बिहार विधानसभा में विपक्ष का कार्यस्थन प्रस्ताव खारिज हो गया। Bihar Budget LIVE: 11.50 AM-बिहार सरकार का अपने स्रोतों से राजस्व लगातार बढ़ रहा है। पांच वर्षों में इसकी वार्षिक औसत वृद्धि दर 12.9 फीसदी रही। 2020-21 में बिहार को अपने स्रोतों से कुल 36,543 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। यह 2024-25 में 59,360 करोड़ हो गया है। इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान कर राजस्व (टैक्स कलेक्शन) का रहा। यह 30,342 करोड़ से बढ़ कर 53,578 करोड़ हो गया है। बिहार सरकार की कुल राजस्व प्राप्ति छह साल में दोगुनी से अधिक हो गयी है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक 2020-21 में कुल राजस्व प्राप्ति 1.28 लाख करोड़ रुपये थी, जिसके 2025-26 में लगभग 2.60 लाख करोड़ होने का अनुमान है। इसमें कर राजस्व मुख्य स्रोत के रूप में उभरा है। कुल राजस्व में कर प्राप्ति का हिस्सा 70% से बढ़ कर 84% हो गया है। कर से अलग राजस्व का हिस्सा 5% से घटकर 2% व सहायता अनुदान का हिस्सा 25% से घट 14% रह गया है। कोविड 19 के कारण 2021-22 में राजस्व प्राप्ति में 3.2% की ही वृद्धि हुई थी, जो 2021-22 में 23.9% हो गयी थी। 2022-23 में यह घट कर 8.7% रह गयी, लेकिन 2023-24 में 12% और 2024-25 में 13.1% बढ़ गयी, जो कि राजकोषीय सुदृढ़ीकरण को दर्शाती है। Bihar Budget LIVE: 11.26 AM-अवैध उत्खनन को लेकर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अवैध उत्खनन में शामिल ट्रैक्टर का वीडियो बना कर भेजेंगे तो सरकार उसपर कार्रवाई कर रही है। साथ ही फोटो भेजने वालों को दस हजार का इनाम भी दिया जा रहा है। Bihar Budget LIVE: 11.16 AM-मोकामा विधायक अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल में बंद हैं। जेल में रहने की वजह से ही वो शपथ नहीं ले सके थे। अब अनंत सिंह ने अदालत से इजाजत लेकर शपथ ली है। विधानसभा में अनंत सिंह अपने अंदाज में नजर आए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस उन्हें लेकर विधानसभा पहुंची थी। विधानसभा में अनंत सिंह ने हाथ जोड़कर सभी सदस्यों का अभिनंदन किया। अनंत सिंह सीएम नीतीश कुमार के सामने हाथ जोड़े खड़े नजर आए। अनंत सिंह ने सीएम नीतीश के पैर छूकर आशीर्वाद लिए हैं। Bihar Budget LIVE: 11.10 AM-मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में शपथ ली है। अनंत सिंह बेऊर जेल से सीधे बिहार विधानसभा पहुंचे थे। सदन के अंदर अनंत सिंह ने शपथ ली है। Bihar Budget LIVE: 11.00 AM-बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया है। तेजस्वी यादव सदन में मौजूद नहीं हैं। Bihar Budget LIVE: 10.50 AM-बिहार विधानसभा के बाहर विपक्ष के नेताओं ने प्रदर्शन किया है। राजद विधायकों ने विधानसभा पोर्टिको में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है। मंगलवार को बजट सत्र के दूसरे दिन इन्होंने जमकर नारे लगाए और राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। Bihar Budget LIVE: 10.40 AM-विधानमंडल में सोमवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार चावल के उत्पादन में 4.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं, गेहूं उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर 7.1 और मक्का की 12.6 फीसदी रही। पिछले वर्ष की तुलना में बागवानी क्षेत्र का उत्पादन भी बढ़ा है। फल, सब्जियों, फूल, मसाले, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, मखाना, शहद और मशरूम के उत्पादन में वृद्धि हुई है। कुल बागवानी क्षेत्र में एक चौथाई पर फल और करीब 60 फीसदी पर सब्जियों की खेती हो रही है। लीची, मखाना और मशरूम का उत्पादन बढ़ा है। आगे भी इनका उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य है। Bihar Budget LIVE: 10.34 AM-बिहार में उच्च शिक्षा में नामांकन दर में वृद्धि हुई है। पांच वर्षों में उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन दर में 5 प्रतिशत की अधिक वृद्धि दर्ज हुई है। सोमवार को विधानमंडल में पेश आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 में बिहार में उच्च शिक्षण संस्थानों में 15 लाख 15 हजार छात्र-छात्रा नामांकित थे। यानी कुल नामांकन अनुपात 11.4% थी। 2021-22 में कुल नामांकन 26 लाख 23 हो गया। यानी कुल नामांकन अनुपात (जीईआर) 17.01 प्रतिशत हो गया। बिहार में 2020-21 में कुल 37 विवि थे, जो 2024-25 में 39 हो चुके हैं। इसमें राज्य विवि की संख्या 19 है। अभी राज्य में सरकारी या अंगीभूत कॉलेजों की संख्या 288 है। Bihar Budget LIVE: 10.21 AM-औद्योगिक प्रक्षेत्र को प्रोत्साहन देने की नीति के बाद राज्य में बीते 10 वर्षों में 956 नए कारखाने चालू हुए हैं। लगातार झटके खाने वाले उद्योग सेक्टर को राज्य सरकार की नयी नीतियों से काफी राहत मिली है। सोमवार को राज्य सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सूबे का उद्योग सेक्टर पटरी पर लौटता दिख रहा है। पूरे प्रदेश में निवेश के लिए देश-दुनिया से बड़े-बड़े प्रस्ताव आ रहे हैं। औद्योगिक प्रोत्साहन नीति आने के बाद बीते 10 वर्षो में बिहार को 4353 निवेश प्रस्ताव मिले। इस दौरान 1.11 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है। इस राशि से राज्य में 3539 नई औद्योगिक इकाइयां लगेंगी। इन सबके बीच सूबे में कारखानों की संख्या लगातार घट रही है। इनमें मूल कारखानों के साथ चालू कारखाने भी शामिल हैं। Bihar Budget LIVE: 10.06 AM-बिहार में ग्रामीण विकास पर खर्च का बजट आकार पांच वर्षों में डेढ़ गुना बढ़ा है। राज्य सरकार द्वारा किये जाने वाले कुल खर्च का दस प्रतिशत इस मद में खर्च होता है। वर्ष 2025-26 में ग्रामीण विकास पर 30 हजार 150 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। वहीं, वर्ष 2021-22 में इस पर 19 हजार 94 करोड़ खर्च हुए थे। विस में सोमवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर कुल खर्च का करीब चार प्रतिशत खर्च ग्रामीण विकास पर होता है। यह आंकड़ा बताता है कि बिहार में इस मद में खर्च का प्रतिशत राष्ट्रीय स्तर से अधिक है। बताया गया है कि वर्ष 2024-25 मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने वाले परिवारों की संख्या 51 लाख थी, जबकि इस दौरान 40 हजार श्रमिकों को ही 100 दिनों का काम मिला। Bihar Budget LIVE: 9.50 AM-बिहार में आबादी के अनुपात में सड़क की भागीदारी कम है। देश के कुल सड़क नेटवर्क में बिहार की भागीदारी मात्र 5.5% है। राष्ट्रीय राजमार्ग के मामले में बिहार की भागीदारी मात्र 4.2 फीसदी ही है। सितम्बर 2025 तक बिहार के कुल 57 एनएच की लंबाई 6389 किमी थी। सबसे लंबा एनएच 27 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर है, जिसकी बिहार में लंबाई 483 किमी है। सड़कों के नेटवर्क का विस्तार करने के लिए वर्ष 2025-26 में ग्रामीण पथों पर 70560 करोड़ सहित 1.80 लाख करोड़ का निवेश किया गया है। सोमवार को विधानमंडल में पेश बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार कुल 6389 किमी एनएच में 1817 किमी सड़क दो लेन से अधिक, 3216 किमी दो लेन तो 407 किमी एक लेन सड़क है। वहीं 950 किमी सड़क का निर्माण अभी बाकी है। Bihar Budget LIVE: 9.40 AM-सोमवार को बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में राज्य का वर्ष 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पेश किया। इसके बाद विधानसभा के वाचनालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री ने बताया कि बड़े राज्यों की तुलना में बिहार आर्थिक विकास दर मामले में दूसरे स्थान पर है।तमिलनाडु पहले स्थान पर है। बिहार में साख-जमा (सीडी) अनुपात में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। वहीं, अनिष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में कमी दर्ज की गई है। 31 मार्च 2025 को राज्य का सीडी अनुपात 53.50% था, जो सितंबर 2025 में बढ़कर 56.54% हो गया। इस प्रकार छह महीनों के भीतर इसमें 3% से अधिक की वृद्धि हुई है। राज्य की आर्थिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है। सितंबर 2025 में बिहार के लिए बैंक समूह-वार आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं । सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल जमा राशि में सर्वाधिक 4,42,376 करोड़ रुपये तथा ऋण में 2,03,923 करोड़ का हिस्सा रहा। हालांकि, इनका साख-जमा अनुपात 46.10 प्रतिशत रहा। उद्योग एवं निर्माण क्षेत्र में तेजी से बिहार में आर्थिक विकास दर की रफ्तार बरकरार है। आर्थिक विकास दर में बढ़ोतरी का मुख्य कारण द्वितीय क्षेत्र है। यह 2021-22 की तुलना में 2024-25 में 21.1% से बढ़कर 26.8 प्रतिशत हो गया है। यह राज्य में उद्योग एवं निर्माण की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। 2024-25 में इस क्षेत्र में निर्माण का हिस्सा 9.1% से 15.1%, विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य जन उपयोगी सेवाओं का 2.1% से 2.7% हिस्सा हो गया। Bihar Budget LIVE: 9.15 AM-वर्ष 2024-25 के लिए सबसे हाल के त्वरित अनुमान के अनुसार, बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 8.6 प्रतिशत बढ़ा है और यह 5,31,372 करोड़ रुपये है। यह वर्तमान मूल्य पर 13.1% बढ़कर 9,91,997 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, बिहार में प्रति व्यक्ति आय 2021-22 के 46,412 से बढ़कर 2024-25 में 76,490 रुपये हो गई है। यह पिछले साल 68,624 रुपये थी। प्रति व्यक्ति आय में करीब 8000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है जो कि 10% से भी अधिक है।
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Feb 3, 2026, 02:11 PM
किसानों के आर्थिक शोषण के लिए भाजपा सरकारों की आलोचना

किसानों के आर्थिक शोषण के लिए भाजपा सरकारों की आलोचना

चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों के साथ हो रही लगातार आर्थिक लूट पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें किसानों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रही हैं। अब यूरिया के बैग का वजन घटाकर किसानों की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंहुड्डा ने कहा कि पहले यूरिया का बैग 50 किलो का होता था फिर उसे घटाकर 45 किलो किया गया और अब मात्र 40 किलो कर दिया गया है। नए बैग में 37 प्रतिशत नाइट्रोजन और 17 प्रतिशत सल्फर होने का दावा किया जा रहा है लेकिन कीमत वही 254 रुपये रखी गई है। यानी नाम वही, दाम वही पर मात्रा लगातार घटती जा रही है। यह सीधे तौर पर किसानों के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई और खेती की लागत बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ने में लगी हुई है।विज्ञापनविज्ञापनउन्होंने कहा कि हालिया केंद्रीय बजट में भी भाजपा की किसान विरोधी सोच साफ नजर आई। देश के इतिहास में शायद यह पहला बजट था जिसमें किसानों का जिक्र तक नहीं किया गया। न कर्जमाफी की बात हुई, न मुआवजे की और न ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोई ठोस घोषणा की गई। हुड्डा ने कहा कि खाद, बीज और फसल बीमा के नाम पर भी किसानों से करोड़ों रुपये वसूले जा रहे हैं।
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Feb 3, 2026, 02:08 PM
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त, युमनाम खेमचंद सिंह बने नए मुख्यमंत्री

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त, युमनाम खेमचंद सिंह बने नए मुख्यमंत्री

नई दिल्ली:Manipur New CM:मणिपुर में हिंसा के बाद एक साल से चल रहा राष्ट्रपति शासन अब खत्म होने जा रहा है. पिछले साल फरवरी में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद हिंसाग्रस्त मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. अब मणिपुर में नई सरकार बनने जा रही है. युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) मणिपुर के अगले सीएम होंगे. मंगलवार को युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है. युमनाम खेमचंद सिंह एन बीरेन सिंह की सरकार में मंत्री भी थे. वो 2017 और 2022 में मणिपुर के सिंगजामेई सीट से विधायक बने थे. बता दें कि युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.युमनाम खेमचंद सिंह की गिनती मणिपुर के एक अनुभवी और कद्दावर नेता के रूप में होती है. एन बीरेन सिंह की सरकार में उनके पास ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी थी. विधानसभा स्पीकर के रूप में उनके निष्पक्ष कार्यशैली की चर्चा रही है.इसी महीने 12 फरवरी को खत्म हो रहा राष्ट्रपति शासनमणिपुर में इस महीने 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा था. इससे पहले राज्य में भाजपा ने नए मुख्यमंत्री चुनने की कवायद तेज कर दी थी.केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पटका पहनाकर युमनाम खेमचंद का स्वागत किया. इस मौके पर मणिपुर स्टेट प्रेसिडेंट और नॉर्थ ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा मौके पर मौजूद थे. मणिपुर में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे.Heartiest congratulations to Hon'ble Shri@YKhemchandSinghon being elected as the BJP Legislature Party Leader of Manipur.On behalf of BJP Manipur Pradesh, we wish you great success. Your experience, dedication, and leadership will further strengthen the party and serve the…pic.twitter.com/qkLoxyKVtO— BJP Manipur (@BJP4Manipur)February 3, 2026हिंसा के बाद सीएम का इस्तीफा, फिर लगा था राष्ट्रपति शासनमणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था. बीरेन सिंह के राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के चार दिन बाद, पिछले साल 13 फरवरी को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था.बता दें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया था. इस बीच नई सरकार के गठन की कवायद में भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया.दिसंबर से शुरू हुई थी सरकार गठन की सुगबुगाहटइससे पहले, पिछले साल 14 दिसंबर को, मणिपुर भाजपा विधायक दल ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में शांति प्रक्रिया और हिंसाग्रस्त राज्य से संबंधित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और राज्य विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रता सिंह सहित 34 से अधिक भाजपा विधायकों के साथ-साथ बीएल संतोष, संबित पात्रा और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी उपस्थित थीं.यह भी पढ़ें -मणिपुर में सरकार गठन की तैयारी शुरू, BJP ने तरुण चुग को नियुक्त किया पर्यवेक्षक
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Feb 3, 2026, 02:04 PM
यमनम खेमचंद सिंह बने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री

यमनम खेमचंद सिंह बने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री

युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए सीएम होंगे. उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है. वो बुधवार शाममणिपुर राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इसके साथ हीगोविंद दास को राज्य का गृह मंत्री बनाया जाएगा. दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे. बात करें खेमचंद की तो वो मेतई सुमदाय से आते हैं. सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक चुने जाने के साथ ही वो इंजीनियर रहे हैं. 62 साल से खेमचंद सिंह बीरेन सरकार में नगर प्रशासन और आवास विभाग के मंत्री थे. उनका सियासी रसूख इस बात से समझा जा सकता है कि वो 2022 में सीएम पद के दावेदार थे. खेमचंद संघ के करीबी माने जाते हैं. #WATCH| BJP leader Yumnam Khemchand Singh elected as the legislature party leader, in the Manipur Legislative Party meeting in Delhi.pic.twitter.com/TV4AHACZpW — ANI (@ANI)February 3, 2026 मणिपुर में नई सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है. राष्ट्रपति शासन को हटाया जा रहा है. इसी कड़ी में बीजेपी ने मणिपुर विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को आब्जर्वर नियुक्त किया था. इसके लिएबीजेपी विधायक दल की आज दिल्ली में बैठक हुई. बीजेपी मुख्यालय में हुई इस बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया. इस मौके पर तरुण चुग और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका मुंह मीठा कराया और शुभकामनाएं दीं.बताया जा रहा है कि खेमचंद के चुनाव के बाद अब 4 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण कराया जा सकता है. इस तरह से मणिपुर में नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने के साथ ही सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. उधर, खेमचंद को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि मणिपुर के सभी विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन जा सकते हैं. मुख्यमंत्री की रेस में गोविंद दास और टी विश्वजीत सिंह सबसे आगे थे. गोविंद दास 7 बार के विधायक हैं. उन्हें बिरेन सिंह का समर्थन भी है. बता दें कि पहले विधायकों की बैठक इंफाल में होनी थी लेकिन कुकी समुदाय के पार्टी से जुड़े विधायक दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक करना चाहते थे. मई 2023 में मैतेई और कुकी जातियों के बीच जातीय हिंसा हुई. इसमें अब तक 260 से अधिक लोग मारे गए. हजारों लोग बेघर हो गए. पिछले साल 13 फरवरी को बीरेन सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दिया. फिर केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. 60 सदस्यीय विधानसभा वाले मणिपुर में बीजेपी के पास कुल 37 विधायक हैं. एनडीए के सहयोगी दल में एनपीपी के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट (एपीएफ) के भी 5 विधायक हैं. मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. फिर अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था.
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Feb 3, 2026, 02:04 PM
चौटाला ने राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा के लिए यादव से मुलाकात की

चौटाला ने राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा के लिए यादव से मुलाकात की

चंडीगढ़। जजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने दिल्ली में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं में देश व राज्यों के मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। दिग्विजय चौटाला ने बताया कि बैठक के दौरान लोकतंत्र, युवाओं से जुड़े मुद्दों, सामाजिक न्याय और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों जैसे कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की मुलाकातें आपसी संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। ब्यूरोऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Feb 3, 2026, 02:03 PM
यमनम खेमचंद बने मणिपुर विधायक दल के नेता, बनेंगे नए मुख्यमंत्री

यमनम खेमचंद बने मणिपुर विधायक दल के नेता, बनेंगे नए मुख्यमंत्री

विस्तारFollow Usमणिपुर में आगामी 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म होना वाला था। इससे पहले ही एनडीए में सरकार बनाने को लेकर कवायद तेज हो गई थी। इस बीच भाजपा विधायक दल की बैठक में मंगलवार को युमनाम खेमचंद को विधायक दल का नेता चुना गया। इसी के साथ युमनाम खेमचंद के मणिपुर के नए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंआइये जानते हैं युमनाम खेमचंद के बारे में...कौन हैं युमनाम खेमचंद?1. मणिपुर की राजनीति में अनुभवी नेतायुमनाम खेमचंद मणिपुर भाजपा के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। 62 वर्षीय युमनाम मौजूदा समय में मणिपुर की राजधानी इंफाल की सिंगजामेई सीट से विधायक हैं। खेमचंद 2012 से ही इस सीट से जीतते आ रहे हैं। हालांकि, उनकी शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से हुई। 2012 में वे इसी पार्टी के टिकट पर पहली बार चुनाव जीते थे।बाद में युमनाम भाजपा में शामिल हो गए और 2017 और 2022 में लगातार इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की। 2017 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें मणिपुर विधानसभा का स्पीकर भी नियुक्त किया और वे राज्य में भाजपा की सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले नेता बने।युमनाम बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी बने। बताया जाता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव, जिसमें भाजपा ने 32 सीटें जीती थीं, उसके नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में होड़ मच गई थी। दरअसल, एन बीरेन सिंह को तब भाजपा के दूसरे नेता थोंगम बिस्वजीत सिंह से चुनौती मिली थी। इस दौरान खबरें आई थीं कि भाजपा ने युमनाम खेमचंद सिंह को भी दिल्ली बुलाया है और मुख्यमंत्री के तौर पर उनके नाम की भी चर्चा चल रही है। हालांकि, बाद में एन. बीरेन सिंह ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और सीएम पद अपने पास रखने में कामयाब हुए। बीरेन सिंह सरकार में खेमचंद को शिक्षा, आवास विकास, निकाय प्रशासन समेत कई मंत्रालय सौंपे गए।ये भी पढ़ें:Manipur New CM: युमनाम खेमचंद बनेंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल की बैठक में लिया गया फैसलाविज्ञापनविज्ञापन2. ताइक्वांडो में खास उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीययुमनाम खेमचंद सिंह एक 5वीं डैन (5th Dan) ब्लैक बेल्ट ताइक्वांडो मास्टर हैं और उन्हें भारत में इस मार्शल आर्ट को लोकप्रिय बनाने वाले प्रमुख लोगों से एक माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 1978 में 16 वर्ष की आयु में ताइक्वांडो सीखना शुरू किया था। वह 1990 में ताइक्वांडो की बारीकियां सीखने के लिए सियोल, दक्षिण कोरिया गए, जिसे वह इस खेल का 'पावन स्थान' मानते हैं। उन्होंने सियोल की वर्ल्ड ताइक्वांडो एकेडमी, कुक्कीवोन से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।उन्हें ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन (GTTF) की ओर से पारंपरिक ताइक्वांडो शैली में 5वीं डैन ब्लैक बेल्ट से सम्मानित किया गया है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 1982 में ऑल-असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना की और इसके संस्थापक अध्यक्ष रहे। वह भारत में ताइक्वांडो को लोकप्रिय बनाने और 'ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया' के गठन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति रहे हैं, जहां उन्होंने उपाध्यक्ष के तौर पर कार्य किया।उन्हें मणिपुर में इस मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने वाले शुरुआती लोगों में गिना जाता है। बताया जाता है कि 1980 के दशक में उन्होंने खुद ताइक्वांडो में ट्रेनिंग हासिल करने के बाद असम पुलिस के जवानों को प्रशिक्षण दिया था।3. मणिपुर हिंसा के बाद हुआ उभारमणिपुर हिंसा के दौरान और उसके बाद युमनाम खेमचंद सिंह ने राहत कार्यों, शांति प्रयासों और राजनीतिक स्थिरता बहाल करने में अहम भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री के तौर पर खेमचंद ने केंद्र सरकार से आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) के लिए 7,000 घर बनाने का एक विशेष पैकेज हासिल किया। इसके अलावा उन्होंने राजधानी इंफाल के एक कॉलेज में सात महीनों से अधिक समय तक मैतेई समुदाय के विस्थापितों के लिए एक राहत शिविर का भी संचालन किया। खेमचंद को मैतेई-कुकी के बीच टकराव से फैली हिंसा से प्रभावित सेरौ और सुगनु जैसे क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित रूप से उनके गांवों में वापस लौटने में मदद करने का श्रेय दिया जाता है।मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के दो साल बाद जब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा तो वे पहले ऐसे प्रमुख मैतेई विधायक रहे जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों (उखरुल और कामजोंग) में स्थित कुकी राहत शिविरों का दौरा किया। उन्होंने इसे शांति की ओर एक छोटा लेकिन अहम कदम बताया। इस दौरान उन्होंने मैतेई समुदाय से आग्रह किया कि वे वर्तमान संकट को सुलझाने के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाएं और कुकी समुदाय के साथ विश्वास की कमी को दूर करें।अन्य वीडियो
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Feb 3, 2026, 01:52 PM
भाजपा ने यमनम खेमचंद सिंह को मणिपुर विधायक दल का नेता चुना, जिससे नई सरकार का मार्ग प्रशस्त हुआ

भाजपा ने यमनम खेमचंद सिंह को मणिपुर विधायक दल का नेता चुना, जिससे नई सरकार का मार्ग प्रशस्त हुआ

इंफाल:मणिपुर में नई सरकार बनने की अटकलों के बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में विधायक दल का नेता चुना है, जिससे सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। BJP विधायक युमनाम खेमचंद सिंह, जो सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, पहले मणिपुर विधानसभा के स्पीकर (2017-2022) और एन बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। कैबिनेट मंत्री के तौर पर उनके पास नगर प्रशासन, आवास विकास, ग्रामीण विकास और शिक्षा जैसे मंत्रालय थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युमनाम खेमचंद सिंह का चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में पिछले साल 13 फरवरी को मेइतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा के बाद लगाया गया राष्ट्रपति शासन खत्म होने वाला है। BJP ने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
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Feb 3, 2026, 01:52 PM
कांग्रेस ने इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का विरोध किया, मुआवजे और नौकरियों की मांग की

कांग्रेस ने इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का विरोध किया, मुआवजे और नौकरियों की मांग की

विस्तारFollow Usइंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा शहर के राजबाड़ा क्षेत्र में विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंएक करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांगधरने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा जैसे दिग्गज नेता रहे जिन्होंने अपनी उपस्थिति से आंदोलन को मजबूती प्रदान की। कांग्रेस पार्टी की ओर से स्पष्ट मांग रखी गई है कि इस त्रासदी में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।विज्ञापनविज्ञापनकई महिलाओं के आंसू छलक उठेराजबाड़ा पर आयोजित इस धरने के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के विरुद्ध तीखी नारेबाजी की और नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय काफी भावुक हो गया जब आंदोलन में शामिल कुछ महिलाओं की आंखों में आंसू छलक आए। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के कारण जगह की कमी देखी गई जिसके बाद पार्षद चिंटू चौकसे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य स्थल के सामने ही जमीन पर बैठ गए। इस प्रदर्शन ने शहर की जल वितरण व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जीतू पटवारी ने कहा कांग्रेस अब शांत नहीं बैठेगीप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने संबोधन में सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस गंभीर मुद्दे पर शांत बैठने वाली नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पटवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भागीरथपुरा में जान गंवाने वाले नागरिकों की कीमत सरकार ने महज दो लाख रुपए आंकी है जो कि उनके साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर एक करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांगें पूरी नहीं की गईं तो पूरी इंदौर नगरी को बंद किया जाएगा।सरकार पीने का पानी तक नहीं दे सकीआंदोलन को और गति देने के लिए कांग्रेस ने एक अनोखी पहल की घोषणा की है। आठ दिनों की समय सीमा समाप्त होने के बाद कांग्रेस पार्टी शहर के प्रत्येक वार्ड में जल परीक्षण के लिए दो विशेष वाहन भेजेगी। ये गाड़ियां घर-घर जाकर पानी की शुद्धता की जांच करेंगी और यदि कहीं भी पानी दूषित पाया जाता है तो जनता को जागरूक किया जाएगा। जीतू पटवारी ने कहा कि यह अभियान लंबे समय तक चलेगा ताकि जनता को बताया जा सके कि वर्तमान सरकार एक गिलास शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में भी असमर्थ है।
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Feb 3, 2026, 01:51 PM
संसद में चुप रहने पर राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

संसद में चुप रहने पर राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

नई दिल्ली:Rahul Gandhi Letter to Om Birla:संसद के बजट सत्र में नेता विपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर लोकसभा में बीते दो दिनों से हंगामा हो रहा है. आज इस हंगामे के दौरान स्पीकर की ओर पेपर उछालने वाले 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. हंगामे के कारण कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपना भाषण नहीं दे सके. अब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में बोलने से रोकने को परंपरा का उल्लंघन बताया है. कांग्रेस ने राहुल गांधी के लिखे इस पत्र को शेयर किया है. राहुल गांधी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से उन्हें रोकना लोकतंत्र के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा को रोकने का प्रयास है.'विपक्ष के नेता को अधिकार से वंचित करना'कांग्रेस ने 'एक्स' पर राहुल गांधी के पत्र को शेयर करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा के एक अहम मामले को उठाने के विपक्ष के नेता के अधिकार से वंचित करने के संबंध में लिखा है. राहुल गांधी ने पत्र के जरिए ओम बिरला से कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर बोलते हुए आपने सोमवार को मुझे एक मैगजीन को सत्यापित करने का निर्देश दिया था, जिसका मैं जिक्र करना चाहता था. मैंने आज अपना भाषण फिर से शुरू करते हुए उस दस्तावेज को सत्यापित किया.चिट्ठी में राहुल ने सदन में दस्तावेज के जिक्र की प्रक्रिया का भी किया उल्लेखपत्र में कहा गया कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार, जिसमें पिछले स्पीकरों के फैसले भी शामिल हैं, सदन में किसी दस्तावेज का ज़िक्र करने वाले सदस्य को उसे सत्यापित करना होता है और उसकी सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होती है. एक बार जब यह शर्त पूरी हो जाती है तो स्पीकर सदस्य को दस्तावेज से कोट करने या उसका जिक्र करने की अनुमति देते हैं. इसके बाद जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है और चेयर की भूमिका समाप्त हो जाती है.LoP Shri@RahulGandhiwrites to the Lok Sabha Speaker Om Birla regarding the denial of the Leader of Opposition's right to raise a crucial matter of national security in Parliament.pic.twitter.com/SzXVX3jc4M— Congress (@INCIndia)February 3, 2026पत्र में आगे कहा गया कि मुझे आज लोकसभा में बोलने से रोकना न केवल इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह गंभीर चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर बोलने से रोकने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है. यह दोहराना जरूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक मुख्य हिस्सा था, जिस पर संसद में चर्चा की जरूरत है.राहुल गांधी ने पत्र में यह भी कहा कि स्पीकर, सदन के निष्पक्ष संरक्षक के तौर पर हर सदस्य के अधिकारों की रक्षा करना आपकी संवैधानिक और संसदीय जिम्मेदारी है, जिसमें विपक्ष के सदस्य भी शामिल हैं. विपक्ष के नेता और हर सदस्य को बोलने का अधिकार हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग है.उन्होंने आगे कहा कि इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों से इनकार करने से एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है. संसदीय इतिहास में पहली बार सरकार के कहने पर स्पीकर को विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोकने के लिए मजबूर किया गया है. यह हमारे लोकतंत्र पर एक धब्बा है, जिसके खिलाफ मैं अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं.यह भी पढ़ें -लोकसभा में लगातार दूसरे दिन हंगामा, स्पीकर पर पेपर उछालने वाले 8 सांसद निलंबित, राहुल ने किया प्रदर्शन
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Feb 3, 2026, 01:50 PM
बिहार सरकार ने वित्त वर्ष का बजट प्रस्तुत किया 2026-27: विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करें

बिहार सरकार ने वित्त वर्ष का बजट प्रस्तुत किया 2026-27: विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करें

विस्तारFollow Usबिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर दो बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। यह विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार सरकार का पहला पूर्ण बजट है, जिस पर राज्य के विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर खास उम्मीदें टिकी हुई हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख घोषणाएंराज्य की महिला सरकारी सेवकों को पदस्थापन स्थल के निकट आवासन सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में स्वीकृति प्रदान की गई है। सचिवालय के विभागों एवं अधिकारियों के कार्यों को स्पष्ट और सुव्यवस्थित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है। बिहार राज्य की सभी सरकारी सेवाओं, संवर्गों एवं सभी प्रकार के पदों पर सीधी नियुक्तियों में राज्य की मूल निवासी महिला अभ्यर्थियों को 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था लागू है। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के माध्यम से भारतीय प्रबंधन संस्थान, बोधगया के साथ समझौता ज्ञापन कर क्रियान्वयन किया गया है। साथ ही बिहार युवा आयोग का गठन किया गया है।विज्ञापनविज्ञापननियुक्तियों और रोजगार सृजन का ब्यौरामाह अप्रैल 2025 से अब तक राज्याधीन विभिन्न पदों एवं सेवाओं में नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को 19,213, बिहार कर्मचारी चयन आयोग को 37,076, बिहार तकनीकी सेवा आयोग को 47,098, बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद को 2,718, बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग को 2,212, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को 2,843 तथा केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) को 30,815 पदों की अधियाचना भेजी गई है। इस प्रकार कुल 1,41,975 पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी अवधि में सरकारी क्षेत्र में 16,086 पुरुष और 22,627 महिला, कुल 38,713 नियमित नियुक्तियां तथा 5,375 संविदा नियोजन किए गए हैं। इस तरह इन आयोगों और संस्थानों के माध्यम से अब तक कुल 44,088 लोगों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार मिला है।आपातकालीन सेवाएं और महिलाओं की सुरक्षाआपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के तहत अब तक 51 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन सेवाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। प्रतिदिन करीब 6,000 लोगों को सेवा दी जा रही है। इस वर्ष 15 दिसंबर 2025 तक 20,59,196 से अधिक लोगों को सेवाएं दी गई हैं, जिनमें मुख्य रूप से महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, आपराधिक घटनाएं, अग्निकांड, सड़क दुर्घटनाएं, यातायात समस्याएं और मद्य निषेध से जुड़े मामले शामिल हैं।राज्य की महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से सितंबर 2024 से “सुरक्षित सफर सुविधा” शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाना है। यह सुविधा शुरू करने वाला बिहार देश का तीसरा राज्य है। इस व्यवस्था के तहत महिलाएं अपनी जानकारी डायल 112 पर साझा कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुंच सकती हैं। उनकी गतिविधियों पर तकनीकी रूप से नजर रखी जाती है और आपात स्थिति या आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन भेजकर सहायता उपलब्ध कराई जाती है।मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजनामुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के अंतर्गत राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह मंडप का निर्माण कराया जा रहा है। कुल 1,000 विवाह मंडप का कार्य आरंभ किया गया है। इन विवाह मंडपों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सामाजिक और सांस्कृतिक जरूरतों की पूर्ति होगी और आर्थिक रूप से भी सहयोग मिलेगा।बजट में महिला सशक्तिकरण विभाग की पिछली बार की स्थिति- फोटो : अमर उजालापिछले बजट में महिला सशक्तिकरण विभाग के लिए सरकार ने कई बड़े एलान किए थे। इनमें बिहार के मुख्य शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बस का परिचालन, पिंक बस सेवा में सवारी, चालक और कंडक्टर सभी महिलाएं, परिवहन निगम में के तीन पदों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था और महिला स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ई-रिक्शा परिचालन करने पर नकद अनुदान का प्रावधान आदि शामिल हैं।
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