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Feb 3, 2026, 11:16 PM
वैश्विक मामलेः अमेरिका-सऊदी सौदा, भारतीय गैंगस्टर की हत्या, और लीबिया के नेता के बेटे की हत्या

वैश्विक मामलेः अमेरिका-सऊदी सौदा, भारतीय गैंगस्टर की हत्या, और लीबिया के नेता के बेटे की हत्या

पेंटागन ने सऊदी अरब को F-15 फाइटर जेट के स्पेयर पार्ट्स बेचने की मंज़ूरी दे दी है. UP STF के साथ मुठभेड़ में 1 लाख का इनामी बदमाश बनारसी यादव मारा गया है. वाशिंगटन में ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ बैठक से पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री सेक्रेटरी जेम्स रुबियो से महत्वपूर्ण मुलाकात की. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी लेविट ने दावा किया कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए प्रतिबद्ध है और ट्रेड डील के तहत अमेरिका से तेल खरीदेगा. लीबिया के जिंटान शहर में पूर्व शासक मुआम्मर गद्दाफी के बेटे सईफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्या कर दी गई है. लीबियाई मीडिया के अनुसार, यह हमला उनके निवास स्थान पर चार अज्ञात हमलावरों द्वारा किया गया. रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि हमले से पहले घर पर लगे सुरक्षा कैमरों को निष्क्रिय कर दिया गया था. सईफ अल-इस्लाम 2011 में अपने पिता के शासन के पतन के बाद से ही राजनीतिक रूप से सक्रिय थे और देश की सत्ता के लिए संघर्ष में एक प्रमुख व्यक्ति माने जाते थे. स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने UAE में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि स्पेन में 16 साल से कम आयु के नाबालिगों की सोशल मीडिया तक पहुंच पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. इंग्लैंड की युवा क्रिकेट टीम ने आज एक शानदार जीत हासिल करते हुए मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया. युमनाम खेमचंद सिंह आज मणिपुर राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वहीं दो उपमुख्यमंत्री भी बनाएं जाएंगे. गोविंद दास को राज्य का गृहमंत्री बनाया जाएगा. युमनाम खेमचंद सिंह आज मणिपुर राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वहीं दो उपमुख्यमंत्री भी बनाएं जाएंगे. गोविंद दास को राज्य का गृहमंत्री बनाया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट आज पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करेगा. इस अहम सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के खुद अदालत में मौजूद रहने की भी संभावना जताई जा रही है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छह दिन के ओडिशा दौरे पर हैं. आज उनके दौरे का तीसरा दिन है. राष्ट्रपति आज रायरांगपुर के महुलडीहा स्थित सरकारी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भंजबीर सुनाराम सोरेन की प्रतिमा का अनावरण करेंगी. आज दिल्ली में घने कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है. वहीं यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत पूरे उत्तर भारत में शीतलहर का असर देखने को मिलेगा. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. .देश-दुनिया से जुड़ी ब्रेकिंग खबरों के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहें… Published On- Feb 04,2026 12:00 AM IST
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Feb 3, 2026, 08:17 PM
इटावा पुलिस-जी. एस. टी. विभाग ने नकली जी. एस. टी. फर्म गिरोह का भंडाफोड़ किया, इनपुट टैक्स क्रेडिट में ₹7.3 करोड़ जब्त किए

इटावा पुलिस-जी. एस. टी. विभाग ने नकली जी. एस. टी. फर्म गिरोह का भंडाफोड़ किया, इनपुट टैक्स क्रेडिट में ₹7.3 करोड़ जब्त किए

इटावा में पुलिस और जीएसटी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है. इस मामले में करीब 7 करोड़ 3 लाख रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. आरोपियों के पास से लैपटॉप, फर्जी जीएसटी इनवॉइस, ई बिल से जुड़े दस्तावेज और बिना नंबर प्लेट की कार बरामद की गई है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सहायक आयुक्त राज्य कर खंड 1 इटावा की लिखित तहरीर पर इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई थी. जांच में सामने आया कि आरोपी बिना किसी वास्तविक माल की खरीद बिक्री किए कागजी जीएसटी फर्में बनाकर फर्जी टैक्स इनवॉइस जारी करते थे. इन फर्मों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट तैयार कर सरकार को जीएसटी जमा किए बिना आगे पास ऑन कर दिया जाता था. इससे सरकारी राजस्व को करीब 7 करोड़ 3 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है. एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह गिरोह कोतवाली, फ्रेंड्स कॉलोनी और जसवंतनगर थाना क्षेत्रों में सक्रिय था. फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में एम एल बिल्डर्स और भारत बिल्डिंग मटेरियल नाम की फर्मों के जरिए बिना माल आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस जारी की जाती थी. जसवंतनगर क्षेत्र में भोले भाले लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराया गया और करोड़ों रुपये का फर्जी टर्नओवर दिखाया गया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान पहले नितिन गुप्ता पुत्र हरिओम गुप्ता निवासी दबग्रान थाना कोतवाली, जीशान पुत्र हारून निवासी मोहल्ला शाहकमर थाना कोतवाली और तरुण अग्रवाल पुत्र राकेश अग्रवाल निवासी कटरा सेवाकली थाना कोतवाली को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. इन तीनों की भूमिका फर्जी फर्मों के संचालन और आईटीसी पास ऑन करने में अहम पाई गई. आगे की कार्रवाई में कोतवाली पुलिस ने अंकित जौहरी पुत्र संजय जौहरी और शिवा जौहरी पुत्र नरेश जौहरी को गिरफ्तार किया. फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस ने अभिषेक कुमार शाक्य पुत्र विमलेश कुमार शाक्य और देवेश चन्द्र शाक्य पुत्र राजेश कुमार शाक्य को गिरफ्तार किया. वहीं जसवंतनगर पुलिस ने मोहम्मद आसिफ खान पुत्र अनीस खान को गिरफ्तार किया. एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपी GSTR 1 में अधिक बिक्री दिखाकर अवैध रूप से आईटीसी बनाते थे और इसे अलग अलग ठेकेदारों और व्यापारियों को पास ऑन करते थे. इसके बदले उन्हें करीब ढाई प्रतिशत कमीशन मिलता था. आरोपियों ने इसके लिए बैंक खाते, मोबाइल फोन, लैपटॉप और व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया. जांच में 50 से 60 फर्जी जीएसटी पंजीकृत फर्मों का पता चला है, जिनमें से कई का पंजीकरण रद्द किया जा चुका है. अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है और जल्द और गिरफ्तारियां की जाएंगी.
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Feb 3, 2026, 07:54 PM
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और विधायक निधि की हेराफेरी के मामले में बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार किया

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और विधायक निधि की हेराफेरी के मामले में बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार किया

राजस्थान में मनी लॉन्ड्रिंग और MLA फंड दुरुपयोग से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त कार्रवाई करते हुए बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की जयपुर क्षेत्रीय इकाई ने यह कार्रवाई स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से जुड़े करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक के गबन और दुरुपयोग के मामले में की है। ईडी सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधायक बलजीत यादव को मंगलवार रात अलवर जिले के शाहजहांपुर टोल प्लाजा से हिरासत में लिया गया। यह स्थान दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर NHAI कार्यालय के पास स्थित है। हिरासत में लेने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए जयपुर स्थित ईडी कार्यालय लाया गया, जहां विस्तृत पूछताछ के बाद आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी की जांच के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों में बैडमिंटन और क्रिकेट किट उपलब्ध कराने के नाम पर MLA LAD फंड से 3.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जांच में सामने आया है कि इस राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। ईडी का आरोप है कि खेल सामग्री की खरीद में फर्जी बिलिंग, ठेकेदारों से साठगांठ, घटिया गुणवत्ता की सामग्री की आपूर्ति या फिर बिना आपूर्ति के भुगतान जैसे गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। इन गड़बड़ियों से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। इस मामले में ईडी ने इससे पहले 24 जनवरी 2025 को पूर्व विधायक बलजीत यादव से जुड़े जयपुर, दौसा और बहरोड़ में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया था। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई थी। तलाशी के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और आपत्तिजनक सबूत हाथ लगे थे। सूत्रों का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर ईडी ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की है। जनवरी में हुई तलाशी में जयपुर में 8 और दौसा-बहरोड़ में एक-एक ठिकाने शामिल थे। इस पूरे मामले की शुरुआत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच से हुई थी। ACB ने MLA फंड से जुड़े इस कथित घोटाले में PMLA एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की और वित्तीय लेन-देन की परतें खंगालनी शुरू कीं। ईडी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। गिरफ्तार किए गए पूर्व विधायक से ईडी कार्यालय जयपुर में आगे की पूछताछ की जाएगी और उनकी रिमांड की मांग भी की जा सकती है। गौरतलब है कि निर्दलीय विधायक रहते हुए बलजीत यादव ने खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाला नेता बताया था। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्होंने भ्रष्टाचार के विरोध में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर सुबह से शाम तक दौड़ लगाई थी, जिसे काफी प्रचार मिला था। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में पोस्टर लगवाकर भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को 51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की थी। अब उन्हीं पर MLA फंड के दुरुपयोग और करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई बता रहा है, वहीं समर्थकों की ओर से इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कहे जाने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल, ईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े नाम सामने आने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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Feb 3, 2026, 07:14 PM
इंदौर के व्यवसायी की हत्या के मामले में अप्रत्याशित मोड़, पुलिस ने संदिग्धों को किया बरी

इंदौर के व्यवसायी की हत्या के मामले में अप्रत्याशित मोड़, पुलिस ने संदिग्धों को किया बरी

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। मामले में पहले गिरफ्तार किए दो आरोपियों को पुलिस ने क्लीन चिट देते हुए उनके नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किए हैं। इससे पहले पुलिस ने दोनों को साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। हालांकि जांच में उनके खिलाफ न तो हत्या से जुड़ा कोई सबूत मिला और न ही सबूत नष्ट करने के आरोपों की पुष्टि हो सकी। ऐसे पुलिस ने उन्हें दोषमुक्त करते हुए छोड़ दिया। जिसके बाद इससे चर्चित केस में शिलांग पुलिस की जांच पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पुलिस से क्लीन चिट पाने वाले दोनों आरोपियों की पहचान बलवीर अहिरवार (गार्ड) और लोकेंद्र सिंह तोमर (बिल्डिंग मालिक) के रूप में हुई है। शिलांग पुलिस द्वारा इन दोनों आरोपियों को शुरुआत में इस शक में हिरासत में लिया गया था कि उन्होंने मामले से जुड़े अहम सबूत छिपाए या उनके साथ छेड़छाड़ की। राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मृतक की पत्नी सोनम, लोकेंद्र की हीरा नगर स्थित बिल्डिंग में ही रुकी थी। ब्रोकर शिलोम जेम्स ने उसको रूम किराए पर दिलवाया था। जिसका रेंट एग्रीमेंट विशाल के नाम से हुआ था । विस्तृत और गहन जांच के बाद पुलिस ने उनकी संलिप्तता से इनकार कर दिया। जबकि शुरुआत में शिलांग पुलिस ने शिलोम जेम्स के साथ साथ बलवीर और लोकेंद्र को भी गिरफ्तार किया था। शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि शुरुआती दौर में उपलब्ध परिस्थितियों और सूचनाओं के आधार पर दोनों की गिरफ्तारी की गई थी। लेकिन बाद की जांच और सत्यापन में इस मामले में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई। इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सबूत नष्ट करने के आरोप में शुरू में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में से अब सिर्फ एक आरोपी शिलोम के खिलाफ ही कार्रवाई जारी है। उधर हत्या के मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह सहित अन्य आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसकी जमानत याचिका पहले ही अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी है और उसके खिलाफ जांच जारी है। रिपोर्ट- हेमंत
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Feb 3, 2026, 04:31 PM
मानहानि मामले में दिल्ली की अदालत ने तीन कांग्रेस नेताओं को तलब किया

मानहानि मामले में दिल्ली की अदालत ने तीन कांग्रेस नेताओं को तलब किया

नई दिल्ली:दिल्ली की साकेत कोर्ट ने कांग्रेस के तीन नेताओं जयराम रमेश, पवन खेड़ा और रागिनी नायक को आपराधिक मानहानि के एक मामले में 27 जुलाई 2026 को तलब किया है। यह मामला इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने दायर किया है। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 465 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग), 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत लगाए गए आरोपों पर यह समन जारी किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्टों से स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान बदलाव किए गए थे। इन वीडियो में शीर्षक और कैप्शन बाद में जोड़े गए थे, जो मूल वीडियो में मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि लाइव प्रसारण के दौरान मौजूद गवाहों ने अपने बयान में कहा कि शिकायतकर्ता ने कोई अपशब्द नहीं कहा था और न ही किसी प्रकार की आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। अदालत ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने एक संबंधित सिविल मुकदमे में पहले ही यह निष्कर्ष निकाला था कि प्रथमदृष्टया कोई अपशब्द या गाली-गलौज नहीं की गई थी। उसी मामले में कोर्ट ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट्स को हटाने का भी निर्देश दिया था। साकेत कोर्ट की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास देवांशी जन्मेजा ने मानहानि केस पर आज दिए गए अपने आदेश में कहा, 'आरोपित व्यक्तियों रागिनी नायक, पवन खेड़ा और जयराम रमेश को 27 जुलाई 2026 को तलब करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड पर रखी गई सभी सामग्री को ध्यान में रखते हुए, प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि आरोपित व्यक्तियों ने मिलकर काम किया है ताकि शिकायतकर्ता (रजत शर्मा) की छवि को खराब किया जाए। उन्होंने ऐसा दिखाया कि शिकायतकर्ता ने आरोपित नंबर 1 (रागिनी नायक) के खिलाफ अपशब्द कहे थे।' ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में आगे कहा, 'आरोपित व्यक्तियों ने X पर बोले गए और प्रकाशित किए गए बयानों से, जो पढ़े जाने के लिए थे, शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानिकारक आरोप लगाए हैं। वे जानते थे कि इससे शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। कहने की जरूरत नहीं कि इस आदेश में कुछ भी इस मामले के अंतिम फैसले पर असर नहीं डालेगा, क्योंकि यह ट्रायल का विषय है। जैसा कि 3 आरोपित व्यक्तियों को कुछ घंटों के अंदर शिकायतकर्ता द्वारा कहे गए अपशब्दों के बारे में ट्वीट पोस्ट करते हुए देखा जा सकता है, जिसमें शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए गए थे, तो उनकी शिकायतकर्ता की छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने की साझा मंशा प्रथमदृष्टया समझी जा सकती है।' अदालत के आदेश में कहा गया है, 'जालसाजी के अपराध की जांच के लिए, सीआरपीसी की धारा 202 के तहत एसएचओ पीएस जीके से रिपोर्ट मांगी गई थी, ताकि आरोपितों द्वारा पोस्ट किए गए कथित जाली दस्तावेजों (वीडियो) को एफएसएल द्वारा जांचा जाए और तय किया जाए कि आरोपितों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार हैं या नहीं। एफएसएल की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपितों द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में दृश्य परिवर्तन दिखाई देते हैं, क्योंकि उनमें टाइटल और कैप्शन मौजूद हैं, जो दर्शाते हैं कि वीडियो पोस्ट-प्रोडक्शन वीडियो फाइल है।' यह मामला 4 जून 2024 का है, जब लोकसभा चुनाव के नतीजों की गिनती के दिन रजत शर्मा इंडिया टीवी पर एक शो होस्ट कर रहे थे। शो के दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तारीफ करते हुए कहा, 'अगर कांग्रेस को 90 सीटें मिलती हैं, तो इसे उनकी जीत माना जाएगा और अगर बीजेपी को 290 सीटें मिलती हैं, तो इसे उनकी हार माना जा सकता है।' इस पर कांग्रेस की प्रवक्ता रागिनी नायक ने रजत शर्मा के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। इसके जवाब में रजत शर्मा ने शो पर कहा कि वह उनके साथ बहस नहीं करना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ कांग्रेस पार्टी की जीत की बात कर रहे थे। रजत शर्मा ने कहा कि इस शो की लाइव प्रसारण को लगभग 6.7 करोड़ लोगों ने देखा था और किसी ने भी शो पर उनके द्वारा इस्तेमाल की गई किसी अपशब्द की शिकायत नहीं की। शो के छह दिन बाद, 10 जून 2024 को रात 11:06 बजे, रागिनी नायक ने एक्स पर एक ट्वीट पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि रजत शर्मा ने उन्हें गाली दी थी। अपने ट्वीट के साथ रजत शर्मा ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एंकर की आवाज पर अपशब्द जोड़ दिया गया था, ताकि ऐसा लगे कि यह मूल लाइव प्रसारण का हिस्सा था। आरोपित नंबर 2 पवन खेड़ा ने उसी रात लगभग 11:17 बजे रागिनी नायक के ट्वीट को रीट्वीट किया और इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि रजत शर्मा ने एक महिला राजनेता के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। अगली सुबह, 11 जून 2024 को लगभग 8 बजे, आरोपित नंबर 3 जयराम रमेश ने रागिनी नायक के झूठे ट्वीट को रीट्वीट किया और कहा कि शिकायतकर्ता का अपना राजनीतिक झुकाव हो सकती है, लेकिन उन्हें कांग्रेस की महिला प्रवक्ता को गाली नहीं देनी चाहिए थी और उन्हें बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। कोर्ट में रजत शर्मा ने कहा कि यह चौंकाने वाला था क्योंकि उन्होंने कभी शो पर अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था। वे रागिनी नायक के झूठ को साफ देख सकते थे क्योंकि उन्होंने ट्विटर पर कहा था कि उन्होंने इंडिया टीवी से रॉ फुटेज प्राप्त करके वीडियो पोस्ट किया है, जबकि लाइव शो के लिए कोई रॉ फुटेज नहीं होती। रजत शर्माने कोर्ट में कहा कि रागिनी नायक ने इंडिया टीवी द्वारा प्रसारित फुटेज पर टेक्स्ट जोड़कर एक झूठा दस्तावेज बनाया था। बाद में रजत शर्मा को पता चला कि आरोपित रागिनी नायक और पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर 11 जून को दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस तय की थी। जब रजत शर्मा की कानूनी टीम ने सभी आरोपित व्यक्तियों को एक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं, तो आरोपितों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करने की घोषणा कर दी। इसके बाद, 11 जून 2024 को शाम 5 बजे रागिनी नायक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां उन्होंने वही झूठे आरोप दोहराए। रागिनी नायक ने फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस का फुटेज ट्विटर पर पोस्ट किया, साथ में अपनी शिकायत की कॉपी भी, जिसमें आरोप दोहराए गए और कहा गया कि रजत शर्मा ने अब उन्हें धमकी दी है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कमेंट करना शुरू कर दिया और रजत शर्मा के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। Latest India News
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Feb 3, 2026, 04:13 PM
इंदौर के सांसद ने अपमानजनक टिप्पणी के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

इंदौर के सांसद ने अपमानजनक टिप्पणी के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

Jatin Shukla FIR Indore:सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी अब कानून के दायरे में आ गई है. इंदौर सांसद को लेकर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद जैसे ही FIR दर्ज हुई, वैसे ही सोशल मीडिया इनफ्लुएंसरजतिन शुक्लाका नया वीडियो सामने आ गया. इस वीडियो में उन्होंने न सिर्फ अपनी सफाई दी, बल्कि इंदौर आने को लेकर बयान भी दे दिया. मामला अब सोशल मीडिया से निकलकर पुलिस जांच तक पहुंच चुका है.क्या है पूरा मामला?दरअसल, पूरा विवाद इंदौर केसांसद शंकर लालवानीको लेकर इंस्टाग्राम पर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ. आरोप है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने सांसद के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा.क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई शिकायतमामले की जानकारी मिलते ही सांसद प्रतिनिधि विशाल गिदवानी इंदौर क्राइम ब्रांच पहुंचे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि सांसद की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणी जानबूझकर की गई है. शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो और स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे गए.किन धाराओं में दर्ज हुआ केसपुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद जतिन शुक्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और 352 के तहत प्रकरण दर्ज किया है. क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.FIR के बाद जतिन शुक्ला की प्रतिक्रियाFIR दर्ज होने के बाद जतिन शुक्ला ने एक नया वीडियो जारी किया. इसमें उन्होंने कहा कि अगर कोई सवाल पूछेगा, तो उसके खिलाफ एकतरफा मामला दर्ज कर दिया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह शिकायत सांसद प्रतिनिधि के दबाव में करवाई गई है.दूषित पानी के मामले को बताया वजहअपने वीडियो में जतिन शुक्ला ने कहा कि इंदौर में कुछ दिन पहले दूषित पानी पीने से बीमारियों के मामले सामने आए थे. इसी मुद्दे पर उन्होंने सांसद पर “व्यंग्यात्मक और हास्यात्मक” वीडियो बनाया था. उनका कहना है कि उनकी मंशा किसी का अपमान करने की नहीं थी.इंदौर आने को लेकर बयानजतिन शुक्ला ने वीडियो में कहा, “आप लोगों का प्यार और आशीर्वाद बना रहा तो सब ठीक होगा. इंदौर के दोस्तों, अब तो आना ही पड़ेगा. फूल बरसाना है या जूता मारना, ये आपके हाथ में है.” इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर फिर से बहस तेज हो गई.पुलिस का आधिकारिक बयानक्राइम ब्रांच इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. जांच के दौरान सभी पहलुओं को देखा जाएगा और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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Feb 3, 2026, 04:05 PM
मुनव्वर राणा की बेटी ने पति और ससुर के खिलाफ दर्ज कराया तीन तलाक का मामला

मुनव्वर राणा की बेटी ने पति और ससुर के खिलाफ दर्ज कराया तीन तलाक का मामला

लखनऊ:दिवंगत शायर मुनव्वर राणा की बेटी हिबा राणा ने तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कराया हैं. हिबा ने अपनी पति और ससुर पर नामजद FIR दर्ज कराई हैं. आरोप है कि शादी के बाद से ही इनकी डिमांड बढ़ती जा रही थी, जिसे हिबा के घरवालों ने पूरा भी किया है. लेकिन हर बार मांग पूरी होने पर नई डिमांड ससुराल पक्ष के द्वारा की जाती रही. विरोध करने पर कई बार मारपीट भी की गई है. हिबा का आरोप है कि उसके पति ने उसे तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया. हिबा की तरफ से लखनऊ के सहादतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. SHO का कहना है कि BNS की गंभीर धाराओंमें मुकदमा दर्ज है जांच की जा रही है.मुनव्वर राणा की बेटी ने दर्ज कराया केसदरअसल मुनव्वर राणा की बेटी यूपी की राजधानी लखनऊ के करीमगंज इलाके की रहती है. उन्होंने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और तीन तलाक देने का आरोप लगाया है. मुनव्वर राणा की बेटी ने सआदतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराया है. पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है.2013 में हुई थी शादी, बताया- जेवरात और 10 लाख रुपए दहेज भी दिएपीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 19 दिसंबर 2013 को सैय्यद मोहम्मद साकिब पुत्र सैय्यद हसीब अहमद निवासी सकीरये हाउस, करीमगंज से सुन्नी रीति-रिवाज से हुआ था. शादी के समय पीड़िता के पिता व परिजनों ने सोने-हीरे के आभूषण और करीब 10 लाख रुपये नकद दहेज में दिए थे.पीड़िता ने कहा- 20 लाख रुपए और फ्लैट की मांगआरोप है कि शादी के बाद ससुराल पहुंचते ही पति और ससुर द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी गई. पीड़िता से 20 लाख रुपये और फ्लैट की मांग की जाती थी. वैवाहिक जीवन बचाने के लिए कई बार मायके पक्ष ने मांग पूरी भी की. इस दंपति से दो संतानें हैं—एक बेटा सैय्यद फवाज और एक बेटी हय्याम फातिमा.पीड़िता का आरोप है कि पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और कई बार जान से मारने का प्रयास भी किया गया. ससुर द्वारा भी लगातार दहेज की मांग कर मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी.बच्चों को कमरे में बंद कर मुझे धक्के मारकर घर से निकाल दियाः पीड़ितापीड़िता ने बताया कि 9 अप्रैल 2025 को पति सैय्यद मोहम्मद साकिब ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से मारपीट की. इसी दौरान जब उसकी बहन आर्शिया राना उर्फ टीना मिलने ससुराल पहुंची तो पति और अधिक उग्र हो गया. आरोप है कि पति ने तीन बार तलाक कहते हुए पीड़िता को घर से धक्के मारकर निकाल दिया और दोनों बच्चों को कमरे में बंद कर दिया.पीड़िता ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से शिकायत की है. पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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Feb 3, 2026, 03:53 PM
दिल्ली के द्वारका दक्षिण क्षेत्र में बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने वाले छात्र ने बाइक सवार की हत्या कर दी और कार चालक को घायल कर दिया।

दिल्ली के द्वारका दक्षिण क्षेत्र में बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने वाले छात्र ने बाइक सवार की हत्या कर दी और कार चालक को घायल कर दिया।

द्वारका साउथ इलाके की घटना, बहन को सहेली के घर लेकर जा रहा था छात्रऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं-पुलिस ने आरोपी छात्र पर केस कर किया गिरफ्तार, पुलिस कर रही छानबीनअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली।द्वारका साउथ इलाके में मंगलवार की सुबह लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास बिना ड्राइविंग लाइसेंस की स्कॉर्पियो चला रहे दसवीं के छात्र ने एक बाइक और डिजायर कार में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार ट्रांसपोर्टर की मौत हो गई, जबकि कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को पुलिस ने पास के अस्पताल में लेकर गई। जहां बाइक सवार 23 साल के साहिल को मृत घोषित कर दिया, जबकि कार चालक अजीत सिंह का इलाज चल रहा है। पुलिस ने स्कॉर्पियो चला रहे 19 साल के अक्षत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह 11.57 बजे द्वारका साउथ थाना पुलिस को लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास सड़क हादसे की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस घायल बाइक सवार और डिजायर कार चालक को पास के इंदिरा गांधी अस्पताल में लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने बाइक चालक बगडोला गांव निवासी 23 साल के साहिल को मृत घोषित कर दिया, अजीत सिंह का इलाज चल रहा है। छानबीन में पता चला कि कार चला रहा द्वारका निवासी अक्षत सिंह के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। वह निजी स्कूल की दसवीं कक्षा में पढ़ता है। उसके पिता कारोबारी हैं।विज्ञापनविज्ञापनआरोपी छात्र अपनी बहन को स्कॉर्पियो से लेकर उसकी सहेली के घर जा रहा था। उसकी गाड़ी गुरुद्वारे की तरफ से जा रही थी और मोटरसाइकिल दूसरी तरफ से आ रही थी। उसके सामने से एक बस आ रही थी। बस के पीछे से बाइक सवार निकला। अचानक उसके निकलने से उसने नियंत्रण खो दिया और कार और बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर लगने से गाड़ी का एयरबैग खुल गया और उसकी कार सड़क किनारे पार्क डिजायर कार से टकरा गई। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी है। पुलिस आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की छानबीन कर रही है।
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Feb 3, 2026, 03:48 PM
कल्याणपुर पुलिस ने कथित निवेश धोखाधड़ी को लेकर कंपनी के निदेशकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की

कल्याणपुर पुलिस ने कथित निवेश धोखाधड़ी को लेकर कंपनी के निदेशकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की

कल्याणपुर में निवेशकों से करीब एक करोड़ की ठगी में कोर्ट के आदेश पर कल्याणपुर पुलिस ने कंपनी के तीन निदेशकों और एक शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। कल्याणपुर में एक अस्पताल में शातिरों ने ऑफिस खोला था। कल्याणपुर निवासी सुभाष चंद्र दुबे ने न्यायालय में दायर वाद में बताया कि वह निखिल इंडिया इन्वेस्टर सर्विसेस लिमिटेड में एजेंट के रूप में कार्यरत थे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंउन्होंने विभिन्न योजनाओं में धन जमा कराया था। आरोप है कि कंपनी के निदेशक राजेश पांडे, विजय लक्ष्मी और रामशुभ मिश्रा तथा शाखा प्रबंधक विशंभर नाथ उपाध्याय ने निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भुगतान नहीं किया। रुपये की मांग करने पर निदेशक राजेश पांडे ने व्हाट्सएप कॉल कर धमकी दी। सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस से शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय के आदेश के बाद कल्याणपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 03:47 PM
रायबरेलीः अनधिकृत मिट्टी खनन की शिकायत के बाद खनन विभाग ने उपकरण जब्त किए

रायबरेलीः अनधिकृत मिट्टी खनन की शिकायत के बाद खनन विभाग ने उपकरण जब्त किए

रायबरेली। घुरवारा गांव के निकट सोमवार रात को बिना अनुमति के मिट्टी का खनन किया जा रहा था। स्थानीय लोगों की शिकायत पर खनन विभाग ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान खनन में लगे एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज कर लिया गया है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के कारण ही रात के अंधेरे में अवैध मिट्टी खनन का काम बेखौफ चल रहा था।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंशिकायत मिलने के बाद खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो मिट्टी खनन कर रहे लोग वाहनों को वहीं छोड़कर भाग निकले। इसके बाद खनन विभाग ने एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों को जब्त कर लिया और उन्हें चौकी पर खड़ा कराया। खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा ने बताया कि घुरवारा चौकी से करीब एक किमी. दूर परमीशन बिना मिट्टी खनन किया जा रहा था। शिकायत पर मौके पर पहुंचा गया तो मिट्टी खनन करा रहे लोग वाहनों को छोडक़र भाग निकले। एक जेसीबी, तीन टै्रक्टर-ट्राली को चौकी पर खड़ा कराते हुए सीज किया गया। जुर्माना भी लगाया जाएगा। बिना परमीशन के मिट्टी खनन किसी कीमत पर नहीं होगा।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 03:44 PM
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाया

विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, वैश्विक निवेशक सम्मेलन में एमओयू किए गए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए विभागों में नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। जो ग्राउंडिंग की नियमित रूप से निगरानी करेंगे। सीएम ने अधिकारियों को निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग में तेजी लाने के लिए सख्त निर्देश दिए।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसचिवालय में मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए एमओयू निवेश प्रस्तावों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रहे अवरोधों का शीघ्र निपटारा किया जाए। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण या शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी करें। उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद व संपर्क बढ़ाया जाए। राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण, सरलीकरण प्रक्रिया के साथ उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से संबंधित सुधारों की जानकारी दी जाए।विज्ञापनविज्ञापनमुख्यमंत्री ने आध्यमिक जोन, आयुर्वेद एम्स व भराड़ीसैंण में मंदिर निर्माण को प्राथमिकता में लेने को कहा है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह से अनावश्यक देरी न की जाए।Uttarakhand: मदरसा बोर्ड होगा खत्म, सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का किया गठनअब तक 1.07 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंगदिसंबर 2023 में हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 3.57 लाख करोड़ रुपये के 1779 प्रस्तावों पर एमओयू किए गए। इसमें अब तक 1.07 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्य हित में लिया जाना चाहिए।पर्यटन, उद्योग व निवेश के नए अवसरों पर विशेष फोकसमुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि आतिथ्य क्षेत्र में में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं है। पिथौरागढ़, कैंची धाम समेत अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। पर्यटन विभाग ने अवगत कराया कि विशेष पर्यटन क्षेत्र के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एरिया आधारित फोकस पॉलिसी तैयार की जा रही है।संस्कृति, अध्यात्म और संतुलित विकास को प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए आवश्यक होमवर्क करने, हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र स्थापित करने पर काम किया जाए।
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Feb 3, 2026, 03:36 PM
बलौदा पुलिस ने पुरानी दुश्मनी को लेकर घातक छुरा घोंपने के आरोप में लड़के को पुणे से गिरफ्तार किया

बलौदा पुलिस ने पुरानी दुश्मनी को लेकर घातक छुरा घोंपने के आरोप में लड़के को पुणे से गिरफ्तार किया

विस्तारFollow Usऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपुरानी रंजिश के चलते युवक पर चाकू से प्राणघातक हमला कर फरार हुए बालक को बलौदा पुलिस ने महाराष्ट्र के पूर्णे जिले से हिरासत में लिया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।यह घटना 29 जनवरी की रात करीब 8:30 बजे बलौदा थाना क्षेत्र में हुई। शिकायतकर्ता संदीप दास मानिकपुरी ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त के साथ तालाब के पास बैठा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते एक विधि से संघर्षरत बालक वहां आया। आरोपी ने गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी और चाकू से जानलेवा हमला कर मौके से फरार हो गया।विज्ञापनविज्ञापनसूचना मिलते ही थाना बलौदा स्तर पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर सक्रियता से तलाश की। इसके बाद टीम ने आरोपी बालक को महाराष्ट्र के पूर्णे जिले से दबोच लिया। विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध बीएनएस की धारा 109(1), 296, 351(3), तथा 115(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
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Feb 3, 2026, 03:27 PM
रतिया शहर में युवाओं ने दुकान संचालक से सोने की अंगूठियां छीन लीं

रतिया शहर में युवाओं ने दुकान संचालक से सोने की अंगूठियां छीन लीं

रतिया। शहर में सोमवार दोपहर बाद इलेक्ट्रॉनिक दुकान संचालक बृजमोहन को नशीला पदार्थ सुंघाकर चार युवक सोने की तीन अंगुठियां छीन ले गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंदुकानदार बृजमोहन ने बताया कि वह अपनी राम इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर बैठा था, तभी दो बाइक पर सवार चार युवक आए और उसे दुकान से बाहर बुलाया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सामान लेने का बहाना बनाकर बृजमोहन को नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे बाइक पर बैठाकर टोहाना रोड की तरफ ले जाया। रास्ते में उनके हाथों से करीब 24 ग्राम की सोने की तीन अंगुठियां छीन ले गए। जब बृजमोहन को होश आया तो वह टोहाना रोड पर जीवन डेयरी के पास पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। शहर थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 03:22 PM
सोनीपत में वसीयत बनाने के आरोप में चार को दोषी ठहराया गया

सोनीपत में वसीयत बनाने के आरोप में चार को दोषी ठहराया गया

सोनीपत। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिप्ती ने संपत्ति हड़पने की नीयत से जाली वसीयत तैयार करने के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को तीन-तीन साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंआर्य नगर निवासी कुसुमलता ने सिटी थाना सोनीपत में 18 जुलाई 2013 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ससुर गांव हरसाना कलां निवासी सिंह राम उनके साथ रहते थे। उन्होंने जीवित रहते हुए वसीयत बनाई थी। उनका निधन 25 जुलाई 2012 को हो चुका है।विज्ञापनविज्ञापनउनकी कृषि भूमि को हड़पने की कोशिश के तहत साजिश रचते हुए जाली वसीयत तैयार की गई। यह साजिश मृतक के वैध उत्तराधिकारियों को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित करना था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने चार आरोपियों को दोषी माना।अदालत ने काठ मंडी निवासी भगत सिंह, गांव हरसाना कलां के रामधारी तथा मूलचंद नंबरदार और बिंदरौली के प्रेम सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 467 और 120-बी के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने चोरों को तीन-तीन साल कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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Feb 3, 2026, 03:22 PM
पटना में दिन में व्यापक गोलीबारी के प्रयास में अपराधी लक्ष्य को नुकसान पहुँचाने में विफल रहा

पटना में दिन में व्यापक गोलीबारी के प्रयास में अपराधी लक्ष्य को नुकसान पहुँचाने में विफल रहा

विस्तारFollow Usपटना की दीघा थाना क्षेत्र में मंगलवार को दिनदहाड़े अपराधियों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। कुर्जी मोड़ के नजदीक लोयला स्कूल के सामने एक अपराधी ने घर में घुसकर युवक शंभू कुमार पर गोली चला दी। हालांकि फायरिंग में युवक बाल-बाल बच गया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंगोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और भाग रहे अपराधी को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।विज्ञापनविज्ञापनरंगदारी से जुड़ा बताया जा रहा मामलाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आया था और उसका चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। उसने घर में घुसकर शंभू कुमार पर हत्या की नीयत से गोली चलाई। स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।ये भी पढ़ें-Bihar Budget 2026: बिहार सरकार ने पेश किया 3.47 लाख करोड़ का बजट, एक करोड़ नौकरी; किसानों-कलाकारों को अलग मददआसपास के लोगों ने बताया कि शंभू कुमार से पिछले वर्ष अपराधियों द्वारा रंगदारी की मांग की गई थी। आशंका जताई जा रही है कि रंगदारी नहीं देने के कारण ही इस घटना को अंजाम दिया गया।हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तारघटना की सूचना मिलते ही दीघा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक लोडेड पिस्टल और एक कट्टा बरामद किया गया है। दीघा थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।पटना के दीघा थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक युवक पर घर में घुसकर गोली चलाने का प्रयास किया गया। फायरिंग में युवक बाल-बाल बच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना को रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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Feb 3, 2026, 03:12 PM
उत्तर प्रदेशः 92 शिक्षकों पर नौकरियों के लिए जाली दस्तावेज बनाने का आरोप, 28 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेशः 92 शिक्षकों पर नौकरियों के लिए जाली दस्तावेज बनाने का आरोप, 28 गिरफ्तार

विस्तारFollow Usबलरामपुर जिले के परिषदीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्ति पाने में अब तक 92 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। इनमें 28 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि शेष 64 की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगी है। हाईकोर्ट से फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने वालों की एक बार फिर पड़ताल शुरू होगी।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंतत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. रामचंद्र ने 31 मार्च 2021 को एफआईआर के आदेश दिए थे। जिसमें कुछ फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने वालों के 75 खिलाफ नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वहीं 17 के खिलाफ पचपेड़वा में भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि अभ्यर्थियों ने कूटरचित शैक्षिक व अन्य दस्तावेजों के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल कर ली। अभिलेखों के सत्यापन के दौरान ही फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया था। इससे वेतन नहीं जारी हुआ था। फिर भी विभाग आकलन कराने में लगा है कि किसी का वेतन जारी हुआ हो तो उससे वूसली की कार्रवाई की जाए। अब विभाग भर्तियों में सतर्कता बरत रहा है।विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें -यूपी पुलिस भर्ती 2025: आरक्षी नागरिक पुलिस परीक्षा की तारीखें घोषित...दो-दो पालियों में होगी; जानें अपडेटये भी पढ़ें -दुबई में मिली महिला ने युवक को रायबरेली बुलाकर तीन साल रखा बंधक, धर्मांतरण कराया, फिर किया जबरन निकाहपचपेड़वा में भी दर्ज हुई थी एफआईआर-- इसी क्रम में अप्रैल 2021 के बाद कार्रवाई तेज करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने बीएसए के निर्देश पर पचपेड़वा थाने में 17 शिक्षकों के खिलाफ तहरीर दी। इन पर फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी प्राप्त करने का आरोप है। जिन शिक्षकों के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है, उनमें कौशल किशोर त्रिपाठी, इरशाद अहमद, मोहम्मद इकबाल खान, अजीमुद्दीन, मोहम्मद इकबाल, रामपाल सिंह, मनोज कुमार यादव, शिव कुमार यादव, विजय प्रकाश, नीरज कुमार, दिनेश कुमार, विपिन कुमार, अर्पित मिश्र, गोविंद राम, अभिषेक कुमार, मनोज कुमार दूबे व मनीष कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, पात्र अभ्यर्थी चयन का नहीं हो सका चयनफर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने से बेसिक शिक्षा विभाग को दोहरा नुकसान हुआ। एक तो पिछड़े जिले में शिक्षकों की कमी बनी रही। कुछ दिनों में ही फर्जी अभिलेख से नौकरी करने वाले पकड़ गए और सेवा समाप्त कर दी गई। इससे विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हुई। शिक्षक नेता विनय तिवारी कहते हैं कि पात्र अभ्यर्थियों का चयन भी नहीं हो सका। 92 वास्तविक अभ्यर्थी बेरोजगार ही रह गए। उन्होंने मांग किया कि भर्तियों में पारदर्शिता होनी चाहिए।नियमित की जा रही है जांच, अभिलेखों का होता है सत्यापनबीएसए शुभम शुक्ल का कहना है कि शिक्षक भर्ती से जुड़े अभिलेखों की नियिमित जांच हो रही है। जिलों में फर्जीवाड़ा करके नौकरी पाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। अभिलेखों का सत्यापन कराने के बाद ही अब वेतन निर्गत किया जाता है। अभी भी जांच की जा रही है। जिन शिक्षकों के वेतन जारी हुए होंगे, उनसे रिकवरी कराई जाएगी।
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Feb 3, 2026, 03:10 PM
सी. बी. आई. ने अंकिता भंडारी हत्या मामले की जांच अपने हाथ में ली, नई एफ़. आई. आर. दर्ज की

सी. बी. आई. ने अंकिता भंडारी हत्या मामले की जांच अपने हाथ में ली, नई एफ़. आई. आर. दर्ज की

उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में CBI ने FIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है. CBI ने यह FIR उत्तराखंड पुलिस द्वारा पहले दर्ज की गई FIR को लेते हुए री-रजिस्टर्ड की है. यह FIR पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर दर्ज की गई थी. डॉ. जोशी ने अपनी शिकायत में कहा था कि सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप्स वायरल हो रही हैं, जिनमें VVIPs का ज़िक्र किया गया है. हालांकि, अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल आरोपियों को सजा हो चुकी है, लेकिन आरोप है कि इस मामले से जुड़े कुछ सबूतों को नष्ट किया जा रहा है.इसी वजह से मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी, जिसके बाद अब CBI ने केस दर्ज कर लिया है. आपको बता दें कि CBI द्वारा दर्ज की गई FIR में फिलहाल किसी को भी नामज़द आरोपी नहीं बनाया गया है. CBI की यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं के तहत दर्ज की गई है. धारा 238,धारा 249, धारा 45 के तहत मामला दर्ज किया गया है.आपको बता दें कि पिछले महीनेअंकिताके माता-पिता ने सीएम धामी से मुलाकात कर कुछ अहम बातों पर उनका ध्यान आकर्षित किया था. उस मुलाकात के दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीएम धामी से मांग की थी कि इस मामले में वीवीआईपी कौन था, इसका पता चलना चाहिए. साथ ही उन्होंने मांग की थी कि इस मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो. उत्तराखंड में उस दौरान बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लोग सड़कों पर थे.विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ आंदोलनकारी संगठन और आम लोग यह मांग कर रहे थे कि इस हत्याकांड में वीवीआईपी कौन था इसकी जांच सीबीआई से की जाए.दरअसल, यह मांग इसलिए उठ रही है क्योंकि उर्मिला सनावर जो कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी होने का दावा करती है ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक वीडियो और ऑडियो पोस्ट किया था. ऑडियो और वीडियो पोस्ट में यह बात सामने आई थी कि बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीवीआईपी बीजेपी का एक बड़ा नेता शामिल था. अब इसको लेकर उत्तराखंड में सियासत गरमा गई है. सोशल मीडिया के अलावा लोग सड़कों पर है और लगातार सीबीआई की जांच की मांग कर रहे हैं. वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में सफाई देते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले की जो भी उचित जांच होगी वो करवाएगी.अंकिता के पिता ने क्या कहा था?इस दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया था कि देर शाम मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात हुई थी. इस दौरान मुख्यमंत्री से उन्होंने वीवीआईपी के नाम का खुलासा और इस मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में करने की मांग की थी.यह भी पढ़ें:'स्पेशल सर्विस' वाला VVIP कौन? अंकिता भंडारी केस में धामी सरकार ने की CBI जांच की सिफारिशयह भी पढ़ें:मरते दम तक लड़ाई लड़ेंगे... अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीएम धामी से SC के जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की
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Feb 3, 2026, 03:02 PM
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को एक आदेश दिया कि उन्हें 4 फरवरी, 2026 तक संबंधित जेल सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करना होगा। कोर्ट ने यह आदेश 54 साल के इस स्टार के चेक बाउंस केस में कोर्ट की कार्यवाही का उल्लंघन करने के बाद दिया। यह मामला दिल्ली की कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने राजपाल की कंपनी को फिल्म बनाने के लिए पैसे दिए थे। कोर्ट ने अभिनेता के व्यवहार को निंदनीय करार देते हुए कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद भुगतान न करना न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में राजपाल के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता, मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से किए गए पेमेंट के वादे पूरे नहीं किए, जबकि उन्हें कई मौके दिए गए और बहुत ज्यादा सहनशीलता दिखाई गई। कोर्ट ने कहा कि उनका व्यवहार निंदनीय है। यह आदेश तब आया जब कोर्ट राजपाल और उनकी पत्नी की नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत सजा के खिलाफ अपीलों के एक ग्रुप की सुनवाई कर रहा था। उन्हें छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई गई थी। एक कोऑर्डिनेट बेंच ने 28 जून, 2024 को पहले ही सजा पर रोक लगा दी थी। यह कहते हुए कि यह जोड़ा पक्के अपराधी नहीं हैं और शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए तैयार हैं। इसके बाद मामला मीडिएशन में चला गया। मीडिएशन सेशन के बाद कोर्ट ने कहा कि जून 2024 से राजपाल ने कई बार मोहलत मांगी और हर बार पेमेंट करने का वादा किया, लेकिन कभी नहीं किया। राजपाल ने पहले कोर्ट से वादा किया था कि वह 2.5 करोड़ रुपये 40 लाख रुपये और 2.10 करोड़ रुपये की किश्तों में चुकाएंगे। हालांकि, वह नई तय तारीखों तक पैसे जमा करने में विफल रहे। जस्टिस शर्मा ने कहा कि एक्टर ने रजिस्ट्रार जनरल के पास डिमांड ड्राफ्ट जमा करने या ड्राफ्ट में बताई गई गलतियों को ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अनुमति या स्पष्टीकरण मांगने के लिए भी कोई आवेदन नहीं किया गया था। राजपाल यादव को 4 फरवरी, 2026 तक जेल सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करने को कहा गया, लेकिन क्योंकि यादव के वकील ने इसके लिए अनुरोध किया था क्योंकि एक्टर को मुंबई में काम करना था, इसलिए कोर्ट ने उन्हें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा काटने के लिए 4 फरवरी, 2026 को शाम 4:00 बजे तक जेल सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करने को कहा। जेल अधिकारियों से नियमों का पालन करवाने के लिए इस मामले को 5 फरवरी, 2026 के लिए तय किया गया है। ये भी पढे़ं- Hum Hindustani: सैफ अली खान और प्रतीक गांधी पहली बार साथ आएंगे नजर, सुनाएंगे भारत की अनसुनी कहानी Ikka: 'धुरंधर' की सक्सेस के बाद अक्षय खन्ना को मिला नया प्रोजेक्ट, 29 साल बाद सनी देओल संग मचाएंगे तहलका Latest Bollywood News
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Feb 3, 2026, 03:01 PM
पूर्णिया पुलिस ने हत्या के संदिग्धों को पकड़ने के प्रयास तेज किए

पूर्णिया पुलिस ने हत्या के संदिग्धों को पकड़ने के प्रयास तेज किए

विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंपूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी में हुए सूरज कुमार हत्याकांड में पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। लगातार छापेमारी के बावजूद अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अब पुलिस ने उनके घरों की कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। मंगलवार को पुलिस ने माननीय न्यायालय से सभी सात फरार अभियुक्तों के खिलाफ कुर्की का आदेश प्राप्त कर लिया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंविशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया थागौरतलब है कि सदर थाना क्षेत्र के चौहन टोला (वार्ड संख्या-38) निवासी जवाहर यादव के पुत्र सूरज कुमार की बसंत विहार कॉलोनी में अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।विज्ञापनविज्ञापनतीन मोटरसाइकिलें बरामद की गई थींतकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर SIT ने 29 जनवरी को एसटीएफ के सहयोग से एक आरोपी विशाल कुमार, निवासी बंगाली टोला, को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से एक देशी कट्टा और घटना में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गई थीं। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।ये भी पढ़ें-Bihar Budget 2026: बिहार सरकार ने पेश किया 3.47 लाख करोड़ का बजट, एक करोड़ नौकरी; किसानों-कलाकारों को अलग मददफरार चल रहे जिन अभियुक्तों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी, उनमें ब्रजेश सिंह और राज सिंह उर्फ नंदू सिंह (दोनों पिता स्वर्गीय पुरुषोत्तम सिंह), स्नेहिल झा उर्फ स्नेहिल ठाकुर और आदित्य ठाकुर (दोनों पिता अभिनंदन ठाकुर), अमन सिंह (पिता स्वर्गीय युगल किशोर सिंह), रजनीश सिंह (पिता पुष्कर सिंह) तथा एयशु उर्फ अंशु सिंह (पिता संजीव कुमार सिंह) शामिल हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन वे अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस प्रशासन जल्द ही कुर्की-जब्ती की कार्रवाई पूरी कर माननीय न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करेगा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से फरार आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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Feb 3, 2026, 03:01 PM
उत्तर प्रदेश में पति, प्रेमिका और मां ने महिला की बेरहमी से हत्या कर दी

उत्तर प्रदेश में पति, प्रेमिका और मां ने महिला की बेरहमी से हत्या कर दी

विस्तारFollow Usयूपी के गढ़मुक्तेश्वर स्थित बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर रुस्तमपुर में मंगलवार को दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां 40 वर्षीय महिला रीता की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि रीता की हत्या उसके पति राहुल शर्मा ने अपनी प्रेमिका नेहा और मां गायत्री के साथ मिलकर की है। आरोपियों ने वारदात को लूट का रूप देने के लिए घर में सामान बिखेर दिया और गले की चेन भी तोड़ दी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंगले पर था धारदार हथियार का निशानमृतका के भाई देवकांत निवासी गांव बहांपुर, थाना बीबी नगर जनपद बुलंदशहर ने बहादुरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें उल्लेख किया है कि रविवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि उनकी बहन रीता का शव ससुराल में खून से लथपथ हालत में पड़ा है। महिला के गले पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे, जिससे साफ है कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई। बताया गया कि रीता का पति राहुल शर्मा बिजनौर के चांदपुर में प्लास्टिक टब और बाल्टी का थोक व्यापार करता है। उसने पुलिस को बताया कि वह सोमवार रात को व्यापार के सिलसिले में चांदपुर गया था, लेकिन जांच में सामने आया कि वह घटना से पहले ही गांव लौट आया था। पुलिस को गुमराह करने के लिए राहुल ने स्वयं डायल 112 पर फोन कर सूचना दी और लूट की कहानी गढ़ी।विज्ञापनविज्ञापनफोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्यघटना की सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। एसपी ज्ञानंजय सिंह, सीओ स्तुति सिंह और इंस्पेक्टर धीरज मलिक भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने करीब दो घंटे तक घटनास्थल पर रहकर जांच की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। घर में सैफ और संदूक का सामान बिखरा मिला, लेकिन जांच अधिकारियों को यह पूरी तरह से साजिशन किया गया प्रतीत हुआ।राहुल का लंबे समय समय से नेहा के साथ संबंधमहिला की मौत की खबर फैलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और रोते-बिलखते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि राहुल शर्मा का अपनी प्रेमिका नेहा से लंबे समय से संबंध था, जिसका रीता विरोध करती थी। इसी कारण राहुल ने अपनी मां गायत्री और प्रेमिका के साथ मिलकर रीता की हत्या की साजिश रची। परिजनों का कहना है कि पहले भी रीता के साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर पति राहुल शर्मा, सास गायत्री, ससुरल विनोद शर्मा और प्रेमिका नेहा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।लूट की कहानी में फंसा आरोपीघर में बिखरा सामान, टूटी चेन और अलमारी से निकला हुआ माल, सब कुछ लूट जैसा दिखाने की कोशिश थी। लेकिन फोरेंसिक जांच और अन्य चीजों ने आरोपी पति की कहानी को झूठा साबित कर दिया।बोले अधिकारीसभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, आरोपी राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ कराई जा रही है।- स्तुति सिंह, सीओ
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Feb 3, 2026, 02:42 PM
गैंगस्टर की सरप्राइज रिलीज से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में जांच शुरू

गैंगस्टर की सरप्राइज रिलीज से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में जांच शुरू

अनिल सिंह, बांदा:गैंगस्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना की बिना आदेश के यूपी के बांदा जेल से रिहाई को लेकर जेल प्रशासन हड़कंप मचा हुआ है। जेल प्रशासन की हुई चूक के कारण जहां जेलर को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जेल अधीक्षक के खिलाफ भी जांच की जा रही है। डीजी जेल ने इस मामले में जांच डीआईजी प्रयागराज जोन राजेश श्रीवास्तव को सौंपी है। उन्होंने जेल पहुंचकर करीब साढ़े चार घंटे तक जांच पड़ताल की और जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम समेत 10 जेलकर्मियों और नौ बंदियों के बयान दर्ज किए। साथ ही उन्होंने रवि काना की बैरक का बारीकी से निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं।बताते चलें कि ग्रेटर नोएडा निवासी स्क्रैप माफिया व कुख्यात गैंगस्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना को अगस्त 2024 में बांदा की मंडल कारागार जेल में लाया गया था। यहां की जेल में गुरुवार शाम 6.39 बजे जेल प्रशासन द्वारा उसकी रिहाई कर दी गई थी। यह जानकारी मिलते ही गौतम नगर सीजेएम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा। इस लापरवाही के लिए जेलर विक्रम सिंह यादव को डीजी जेल के आदेश पर निलंबित कर दिया गया और जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए। साथ ही पूरे मामले की जांच डीआईजी प्रयागराज जोन राजेश श्रीवास्तव को सौंपी गई।डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव रविवार को शाम 5.30 बजे बांदा के मंडल कारागार पहुंचे और उन्होंने गैंगस्टर रवि काना व उसकी रिहाई से संबंधित दस्तावेजों की फोटो कॉपी व सीसीटीवी फुटेज आदि के साक्ष्य संकलित किया। इसके बाद उन्होंने जेल अधीक्षक के लिखित बयान लिए हैं।सूत्रों के मुताबिक, डीआईजी ने जेल अधीक्षक से जब सवाल जवाब किया तो जेल अधीक्षक ने जवाब में बताया कि रंगदारी मांगने व धमकाने में रवि काना के विरुद्ध कोई कस्टडी वारंट पूर्व में नहीं रहा है। उनके विरुद्ध दर्ज अन्य मुकदमों में रिहाई के आदेश पूर्व में हो चुके थे। गैंगस्टर के आखिरी मामले में भी 28 जनवरी की सुबह रिहाई के आदेश हो चुके थे। रंगदारी मांगने के मामले में भी वारंट जारी किया गया था। जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से काना की पेशी कराई दी गई थी। रिहाई के समय तक कस्टडी वारंट न होने व अन्य कोई आदेश न्यायालय से प्राप्त न होने पर सामान्य तौर पर उसकी अन्य बंदियों की तरह रिहाई कर दी गई थी। डीआईजी जेल में डिप्टी जेलर बंदी की रक्षकों के बयान भी दर्ज किया।सूत्रों के मुताबिक, जेल अधीक्षक के बयान दर्ज करने के बाद डीआईजी जेल ने जेल से बाहर जाने वाले रास्ते का निरीक्षण किया और रवि काना की बैरक का निरीक्षण किया। साथ ही उसके साथ जेल में बंद रहे नो बंदियों के लिखित बयान लिए गए। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। इस दौरान सर्किल वाल का सीसीटीवी कैमरा बंद पाया गया। पूछने पर जेल के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बताया कि कैमरा खराब होने से उसे बनने के लिए लखनऊ भेजा गया है।जेल में लगे अन्य 77 सीसीटीवी कैमरे सही पाए गए। इसी तरह माफिया मुख्तार अंसारी के समय बांदा जेल में तैनात 8 बॉडी वार्न कैमरों में सिर्फ चार पाए गए। इनमें से चार बॉडी वार्न कैमरे गैर जनपद भेज दिए गए हैं। जांच के दौरान डीआईजी जेल ने कारागार परिसर के भीतर और बाहर की भौगोलिक स्थिति का भी निरीक्षण किया। जांच के बाद रात 10 बजे वह प्रयागराज वापस लौट गए।वहीं इस संबंध में जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने कहा बताया कि जांच में जो अभिलेख मांगे गए वह डीआईजी को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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Feb 3, 2026, 02:37 PM
दुबग्गा पुलिस ने अपहरण की साजिश रचने के आरोप में तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

दुबग्गा पुलिस ने अपहरण की साजिश रचने के आरोप में तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

विस्तारFollow Usदुबग्गा इलाके में किसान नेता के भतीजे को जान से मारने और स्कूल के बाहर से अगवा करने की धमकी दी गई। इससे डरे आठवीं के छात्र ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। मामले की शिकायत पर दुबग्गा पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। छदुईय्या खेड़ा निवासी किसान नेता मो. कैफ ने बताया कि 24 जनवरी की रात सीतापुर रोड बाईपास स्थित ग्लोब कैफे पर उनके भाई सूफियान अहमद पर जान से मारने की नीयत से हमला हुआ था। उसे गंभीर चोटें आईं, जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई जा चुकी है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंकैफ का आरोप है कि रिहान गाजी साथी कमला गाजी और प्रधान व अन्य के साथ मिलकर उनके नाबालिग भतीजे को अगवा कर बंधक बनाने की धमकियां दे रहे हैं। इसकी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी गई है।विज्ञापनविज्ञापनइसमें आरोपी थाने के पास खड़े दिखाई दे रहे हैं। कैफ का कहना है कि धमकियों से उनका भतीजा डरा हुआ है। वह खाना-पीना तक छोड़ चुका है। परिवार भी दहशत में है। इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
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Feb 3, 2026, 02:31 PM
ग्वालियर का व्यक्ति डेढ़ करोड़ रुपये के 15 लक्जरी वाहनों की चोरी के आरोप में गिरफ्तार

ग्वालियर का व्यक्ति डेढ़ करोड़ रुपये के 15 लक्जरी वाहनों की चोरी के आरोप में गिरफ्तार

विस्तारFollow Usग्वालियर में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) में किराए पर लग्जरी कार लगाने का झांसा देकर शातिर ठग ने 3 करोड़ से अधिक की 50 वाहन मालिकों से गाड़ियां हड़प लीं। शुरुआत में कुछ महीनों तक किराया देने के बाद आरोपी सभी गाड़ियां लेकर फरार हो गया और बाद में इन्हें गिरवी रखकर लाखों रुपये हजम कर गया। जब वाहन मालिकों को न किराया मिला और न ही गाड़ियां लौटी तब उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर डेढ़ करोड़ की 15 गाड़ियां बरामद कर ली हैं। वहीं पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुट गई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंदरअसल ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि ठगी का मास्टरमाइंड अभय सिंह भदौरिया, निवासी मानहड़, जिला भिंड है जो वर्तमान में ग्वालियर में रह रहा था। उसने करीब पांच महीने पहले इस ठगी की योजना बनाई। आरोपी अभय ने लग्जरी कार मालिकों को यह कहकर अपने जाल में फंसाया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया में गाड़ियों की जरूरत है और भोपाल की एक बड़ी कंपनी को ठेका मिला हुआ है। इसमें उसकी सीधी पहुंच है। उसने सात सीटर गाड़ियों के लिए 50 हजार रुपए और पांच सीटर गाड़ियों के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह किराया दिलाने का लालच दिया। उसकी बातों में आकर वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियां सौंप दीं।विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें-विदेशी महिला के जाल में फंसा 75 साल का व्यापारी, 1.41 करोड़ ठगे, 12 राज्यों के खातों में भिजवाया पैसाआरोपी ने भरोसा बढ़ाने के लिए एफिडेविट भी बनवाए और शुरुआत में दो-तीन महीने तक किराया भी देता रहा। इसके बाद वह करीब 50 गाड़ियां लेकर फरार हो गया। जब वाहन मालिकों को किराया और गाड़ी वापस नहीं मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत क्राइम ब्रांच थाने में की। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की तो पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ठगी गई गाड़ियों को बेचने की कोशिश की। उसने चाल बदल दी। अभय सिंह ने इन गाड़ियों को गिरवी रखकर रकम हासिल कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अभय को तलाश कर गिरफ्तार कर लिया।पुलिस पूछताछ में खुलासा करते हुए 39 गाड़ियों की हेरफेर करने की बात कबूल की है। पुलिस ने आरोपी के पास से डेढ़ करोड़ की 15 गाड़ियां बरामद कर ली हैं। वहीं शेष गाड़ियों को लेकर आरोपी से पुलिस लगातार पूछताछ में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस मामले में दो आरोपियों के नाम सामने आए हैं और यहां एक बड़ा गैंग भी हो सकता है। जिसे लेकर जल्द ही खुलासा करेंगे।ग्वालियर पुलिस ने बरामद की गाड़ियांग्वालियर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
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Feb 3, 2026, 02:26 PM
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बैंक ऋण धोखाधड़ी का पता चला

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बैंक ऋण धोखाधड़ी का पता चला

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से बैंक लोन में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां जिले में एक ही जमीन को बंधक रखकर अलग-अलग बैंकों से लोन लेने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। मामला खेजुरी थाना क्षेत्र के हथौज गांव का है। एसबीआई खड़सरा शाखा के प्रबंधक अभिषेक सिंह ने न्यायालय में वाद दायर कर शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, हथौज निवासी अभिमन्यु राय और दीपक राय ने वर्ष 2013 में बैंक से 1.36 लाख रुपये का ऋण लिया था। इस दौरान उन्होंने शपथ पत्र देकर यह भरोसा दिलाया था कि ऋण अवधि के दौरान बंधक रखी गई जमीन को किसी अन्य बैंक के पक्ष में गिरवी या विक्रय नहीं करेंगे। बाद में जब ऋण खाता खराब हुआ तो वर्ष 2022 में जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि बिना भूमि को भारमुक्त कराए ही दोनों भाइयों ने यूनियन बैंक बांसडीह शाखा से उसी जमीन पर दोबारा ऋण ले लिया। इसी तरह, हथौज निवासी अनिल राय ने वर्ष 2015 में एसबीआई खड़सरा शाखा से 2.78 लाख रुपये का ऋण लिया था। जब उन्होंने ऋण की अदायगी नहीं की तो बैंक ने जांच कराई। इसमें खुलासा हुआ कि अनिल राय ने भी उसी जमीन को गिरवी रखकर पूर्वांचल बैंक, खेजुरी शाखा से दोबारा लोन ले लिया है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Feb 3, 2026, 02:23 PM
भारत के प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन के मामलों में उच्च दोषसिद्धि दर देखी

भारत के प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन के मामलों में उच्च दोषसिद्धि दर देखी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज किए गए मामलों और उनमें हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में अहम जानकारी दी है. वित्त मंत्रालय ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने कुल 5,158 मामले दर्ज किए हैं. हालांकि, राज्यवार आंकड़े ED के पास उपलब्ध नहीं हैं. सरकार के मुताबिक, साल-दर-साल ED द्वारा दर्ज मामलों की संख्या इस प्रकार रही:- 31 दिसंबर 2025 तक ED ने कुल 8,391 ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की हैं. इनमें से 1,960 मामलों में कोर्ट में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की गई. अब तक विशेष PMLA अदालतों ने 58 मामलों में फैसले सुनाए, जिनमें से 55 मामलों में दोष सिद्ध हुआ. इन मामलों में 123 आरोपियों को सजा दी गई.सरकार के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में सजा की दर 94.82% है, जिसे काफी ऊंचा बताया गया है. 2019 में PMLA में संशोधन के बाद, जिन मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध नहीं बनता, उनमें क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया. संशोधन के बाद अब तक 93 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई. 2005 से 2019 के बीच (संशोधन से पहले) 1,185 मामले बंद किए गए थे. सरकार ने बताया कि 2020-21 से अब तक ED ने 43 मामलों में सजा दिलाई, जिनमें 104 आरोपियों को दोषी ठहराया गया. हर साल का ब्योरा— सरकार ने बताया कि ED कई स्तरों पर जांच करती है. मामले दर्ज करने से पहले अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी, मनी लॉन्ड्रिंग के खतरे और जोखिम का आकलन किया जाता है. जांच को तेज करने के लिए अब ED आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जैसे— सरकार का दावा है कि इन उपायों से जांच और मुकदमों को जल्दी निपटाने में मदद मिल रही है. कुल मिलाकर, सरकार ने संसद को बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ ED की कार्रवाई लगातार तेज हुई है और सजा की दर भी काफी ऊंची बनी हुई है.
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Feb 3, 2026, 02:13 PM
चतराः ए. सी. बी. ने रिश्वत लेते हुए जिला अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा

चतराः ए. सी. बी. ने रिश्वत लेते हुए जिला अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा

चतराःझारखंड में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंगलवार को चतरा के जिला आयुष पदाधिकारी राम प्रकाश वर्मा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।20 हजार रुपए की रिश्वत की मांगएसीबी के अनुसार, राम प्रकाश वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने टंडवा प्रखंड में पदस्थापित आयुष चिकित्सक डॉ. प्रिया कुमारी से विभागीय कार्यों के निष्पादन के एवज में 20 हजार रुपए कीरिश्वत की मांगकी थी। डॉ. प्रिया कुमारी ने हजारीबाग स्थित एसीबी कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।एसीबी ने मौके से ही गिरफ्तार कियाइसके बादएसीबी एसपी आरिफ एकरामके नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही जिला आयुष पदाधिकारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीबी ने मौके पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई चतरा सदर अस्पताल परिसर स्थित आयुष भवन में की गई।आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामदएसीबी अधिकारियों ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम राम प्रकाश वर्मा को अपने साथ हजारीबाग ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।बताया गया है कि राम प्रकाश वर्मा मूलरूप से रांची के तुपुदाना इलाके के निवासी हैं। हाल के दिनों में राज्य मेंभ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियोंने लगातार कार्रवाई की है। इससे पहले सोमवार को एसीबी ने रांची जिले के बुंडू प्रखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्यरत ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।वहीं, सीबीआई ने 1 फरवरी को रांची में जमीन के बदले रिश्वत लेने के आरोप में एक सेना हवलदार और एक निजी व्यक्ति को कथित तौर पर 50 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया था।इनपुट-आईएएनएस
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Feb 3, 2026, 02:11 PM
बहन के इनकार के बाद दिल्ली के तिलक नगर में नाबालिग लड़के पर 20 वर्षीय लड़की की हत्या का आरोप

बहन के इनकार के बाद दिल्ली के तिलक नगर में नाबालिग लड़के पर 20 वर्षीय लड़की की हत्या का आरोप

-तिलक नगर इलाके की घटना, आरोपी भागा, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कियाऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं-आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दे रही है दबिशअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली।तिलक नगर इलाके में बहन से दूरी न बनाने से नाराज लड़की के नाबालिग भाई ने एक युवक पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। शिनाख्त 20 साल के शिवम के रूप में हुई है। घटना को अंजाम देने के बाद नाबालिग भाग गया। पुलिस ने हत्या का केस किया है। पुलिस नाबालिग को पकड़ने के लिए उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त दरादे शरद भास्कर ने बताया कि सोमवार रात करीब 9.30 बजे पुलिस को तिलक नगर के 80 गज इलाके में चाकूबाजी की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को युवक घायल अवस्था में मिला। पुलिस ने उसे तुरंत पास के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके शरीर पर कई जगहों चाकू के घाव थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पर क्राइम और फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने वहां छानबीन करने के बाद कई साक्ष्य हासिल किए। मृतक शिवम पेशे से नाई था। वह अपने पिता भोपाल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ तिलक नगर के 80 गज इलाके में रहता था। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने के साथ साथ आरोपी के संभावित ठिकाने पर दबिश दे रही है।
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Feb 3, 2026, 02:10 PM
भारतीय पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, नोएडा में दो आरोपी गिरफ्तार

भारतीय पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, नोएडा में दो आरोपी गिरफ्तार

मंडला पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी के नाम पर लाखों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को नोएडा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला से करीब 10 लाख 95 हजार 840 रुपए की ठगी की थी।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपीड़िता प्रमिला तेकाम ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की एक पॉलिसी ली थी, जिसमें केवल पहली किस्त ही जमा हो पाई थी।बीते 12 दिसंबर से उन्हें अनजान नंबरों से कॉल आने लगे। कॉल करने वालों ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का मैनेजर बताते हुए पॉलिसी दोबारा चालू कराने और मैच्योरिटी की बड़ी रकम दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने भरोसे में लेकर महिला से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 11 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें-खबर पर एक्शन... मंत्री ने ली अधिकारियों की क्लास, केमिकल वेस्ट बहा रहे उद्योगों पर कसी नकेलनोएडा से गिरफ्तारीमामले की शिकायत मिलते ही मंडला साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की लोकेशन नोएडा में ट्रेस की। महाराजपुर थाना पुलिस ने नोएडा पुलिस के सहयोग से गौरव प्रजापति और सचिन वाल्मीकि को गिरफ्तार किया।60 लाख के संदिग्ध लेन-देनपुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुसार आरोपियों के खातों में करीब 60 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि गिरोह ने अन्य जिलों में भी कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।मंडला पुलिस ने दो आरोपियों को यूपी के नोएडा से गिरफ्तार किया है।
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Feb 3, 2026, 02:03 PM
भारतीय पुलिस अधिकारी पर फर्जी पासपोर्ट जारी करने का आरोप

भारतीय पुलिस अधिकारी पर फर्जी पासपोर्ट जारी करने का आरोप

विभु मिश्रा, गाजियाबाद:फर्जी पासपोर्ट मामले में गाजियाबाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। भोजपुर थाने में तैनात मुंशी दीपक कुमार को मुकदमे में नामजद आरोपी बनाया गया है। जबकि थाना प्रभारी सचिन बालियान समेत आठ दरोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच में मुंशी के पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरते जाने के साक्ष्य मिले हैं।डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन में लापरवाही बताने वाले आठ उप निरीक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आरोप है कि मुंशी दीपक कुमार ने इन दरोगाओं की आईडी का इस्तेमाल करते हुए थाने में ही बैठे-बैठे पासपोर्ट वेरिफिकेशन निपटा दिए थे। इसी प्रकरण में भोजपुर थाना प्रभारी सचिन कुमार को भी लाइन भेज दिया गया है।डीसीपी ने बताया कि पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी पासपोर्ट बनाने वाला ये रैकेट कई राज्यों में सक्रिय था। यह अपराधियों, वांछितों और पैरोल जंप करने वाले के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें विदेश भेजने में मदद करता था। उसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज भी ये लोग जाली तैयार करते थे।डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी के मुताबिक, एक फर्जी पासपोर्ट के बदले ये गिरोह एक से दो लाख रुपये तक वसूलता था। वेरिफिकेशन के नाम पर पुलिसकर्मियों को करीब 15 हजार रुपये और डाक विभाग के कर्मचारियों को दो से पांच हजार रुपये प्रति पासपोर्ट दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच अब एसीपी मसूरी लिपि नगायच को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस 30 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। इसके चार टीमों को 22 फरार फर्जी पासपोर्ट धारकों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। गिरफ्तारी के बाद ही साफ हो पाएगा कि फर्जी पासपोर्ट किस मकसद से बनवाए गए थे।
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Feb 3, 2026, 02:00 PM
भारतीय पुलिस ने पन्नी के हीरे के शोरूम में चोरी की, 3 करोड़ रुपये की चोरी की वस्तुएं बरामद कीं

भारतीय पुलिस ने पन्नी के हीरे के शोरूम में चोरी की, 3 करोड़ रुपये की चोरी की वस्तुएं बरामद कीं

विस्तारFollow Usथाना सदर बाजार, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने दिल्ली रोड पर टाटा कंपनी के डायमंड शोरूम में हुई चोरी का खुलासा कर दिया है। घटना को अंजाम देने के लिए चोर ने दिन-रात छत पर बिताई। मुख्य आरोपी ने अपनी मां, भाई और भाभी के साथ ही गिरोह बना रखा था। पुलिस ने तीन करोड़ के हीरे-सोने के आभूषण व 45 हजार रुपये बरामद किए हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंये मास्क लगाए आए थे चोर।- फोटो : अमर उजालापुलिस लाइन में एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि 22 जनवरी की रात दिल्ली रोड पर टाटा कंपनी के कैरटलेन डायमंड शोरूम में चोरी हुई थी। शोरूम के स्टोर मैनेजर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। चोर शोरूम की दीवार काटकर अंदर घुसा था और कीमती आभूषण व नकदी चोरी कर ली थी। मंगलवार को पुलिस ने रेलवे की छोटी लाइन के पास से इरशाद उर्फ काला, भाई दिलशाद, मां काली, भाभी सीमा व सलमा को गिरफ्तार किया है।विज्ञापनविज्ञापनयह सभी सैतान चौक कलियर व बंजारों का मोहल्ला भगवानपुर जिला हरिद्वार के रहने वाले हैं। इनके पास से नौ नेकलेस, 67 ब्रेसलेट, 17 मंगलसूत्र, 32 जोड़े ईयर रिंग, दो गले के सेट, 18 पेंडेंट, 90 अंगूठी, 32 चेन, 11 चूड़ी, 40 पीस सोने के आभूषण और 45 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है। इनकी कीमत करीब तीन करोड़ बताई जा रही है।एक महीने तक की शोरूम की रैकीपूछताछ में मुख्य आरोपी इरशाद उर्फ काला ने बताया कि करीब एक माह तक शोरूम की रेकी की थी। मौसम खराब होने का इंतजार किया गया, ताकि आवाज और हलचल दब जाए। घटना से एक दिन पहले वह पास की बिल्डिंग की छत के रास्ते शोरूम की छत पर पहुंच गया और वहीं छिपा रहा था। छत पर शराब पी, खाना खाया और रात में सो गया था। बारिश होने पर आंख खुली। इसके बाद गैस कटर से दीवार काटकर शोरूम में घुसा और सोने-हीरे के आभूषण व नकदी चोरी कर भाग गया था। भागते समय लंगड़ाकर चलने की एक्टिंग की, ताकि पहचान न हो सके। इरशाद उर्फ काला और काली के खिलाफ सहारनपुर के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित 27 प्राथमिकी दर्ज हैं।मां, भाई और भाभी भी गैंग में शामिलमुख्य आरोपी ने अपने पूरे परिवार का गैंग बना रखा है। उसकी मां काली पर 12 प्राथमिकी दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी बताया कि दुकान से कुछ सोने की तरह दिखने वाले आर्टिफिशियल आभूषण खरीदे थे। चोरी का सामान बेचने में भाई दिलशाद, मां काली, भाभी सीमा व सलमा सहयोग करते थे। सामान को उत्तराखंड के हरिद्वार, रुड़की में बेचते थे, जिससे किसी को भनक नहीं लगे।10 महीने पहले ही जेल से आया था इरशादएएसपी मनोज कुमार यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी इरशाद मूलरूप से थाना नकुड़ के अंबेहटा पीर का रहने वाला है। अंबेहटा पीर से मकान बेचकर परिवार के साथ हसमत कॉलोनी कोतवाली मंडी में किराये के मकान में रहता था। यहां भी चोरी करता था। मंडी पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी थी। जेल चला गया था। करीब 10 महीने पहले जेल से आया था। इसके बाद शैतान चौक कलियर में किराए के मकान में रहने लगा था। उसे खुद का मकान बनाने के लिए रुपये की जरूरत थी।
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Feb 3, 2026, 01:52 PM
एन. आई. ए., ए. टी. एस. और एस. टी. एफ. ने बाराबंकी जिले में अचानक छापेमारी की

एन. आई. ए., ए. टी. एस. और एस. टी. एफ. ने बाराबंकी जिले में अचानक छापेमारी की

बाराबंकी जिले में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब NIA, ATS और STF की संयुक्त टीमों ने बदोसराय थाना क्षेत्र के खोर एत्महादपुर गांव में छापा मारा. यह कार्रवाई आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच के तहत की गई. टीमों ने गांव निवासी राम लखन के घर पर सघन तलाशी ली. जानकारी के अनुसार, सुबह करीब आठ बजे तीन वाहनों से पहुंची केंद्रीय एजेंसियों की टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर राम लखन के घर में आधुनिक मशीनों की मदद से तलाशी अभियान चलाया. हालांकि तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं होने की बात सामने आई. इसके बावजूद इस कार्रवाई से पूरे गांव में दहशत और चर्चाओं का माहौल बन गया. सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले राम लखन को सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल से हिरासत में लिया गया था. बताया जा रहा है कि उसकी मां का वहीं ऑपरेशन हुआ है और वह अस्पताल में भर्ती हैं. टीम ने अस्पताल पहुंचकर राम लखन से पूछताछ की और इसके बाद उसे हिरासत में लेकर उसके घर पर छापा मारा गया. इस कार्रवाई के बाद गांव में उसके कथित आतंकवादी संपर्कों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. ये भी पढ़ें-4 IPS, 50 जवान, 2000 CCTV 3 करोड़ की चोरी में पूरी फैमिली अरेस्ट, टाटा के डायमंड शोरूम में डाला था डाका मामले को लेकर पुलिस-प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है. पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि संबंधित स्थान पर रेड की गई है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई का ठोस कारण क्या है और राम लखन की भूमिका किस स्तर तक है. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी जांच कराई जा रही है और केंद्रीय एजेंसियों का पूरा सहयोग किया जा रहा है. फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है. एजेंसियां हर पहलू को खंगाल रही हैं और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है. रामलखन के छोटे भाई शिवम ने छापेमारी का आखों देखा हाल साझा किया है. शिवम के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे वह और उसकी बहन घर पर ही थे, तभी अचानक 15 से 20 पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए. उन्होंने हमसे कुछ भी नहीं कहा और सीधे घर में तलाशी लेनी शुरू कर दी. करीब एक घंटे तक घर का कोना-कोना खंगाला गया और फिर टीमें वहां से चली गईं. ये भी पढ़ें-गाजियाबाद में इंस्पेक्टर 50000 रिश्वत लेते गिरफ्तार, निवाड़ी थाने के SHO थे; केस खत्म करने के लिए मांगी थी घूस जांच एजेंसियों की रडार पर आए राम लखन रावत की प्रोफाइल एक सामान्य ग्रामीण युवक जैसी दिखती है, जिससे ग्रामीण और भी हैरान हैं. राम लखन ने सुंदरलाल डिग्री कॉलेज से स्नातक (BA) की पढ़ाई पूरी की है. वह वर्तमान में दिल्ली की एक बाइक बनाने वाली कंपनी में काम करता था. चार भाइयों और दो बहनों के भरे-पूरे परिवार में वह दूसरे नंबर का बेटा है. उसकी मां फिलहाल सफेदाबाद के हिंद अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका ऑपरेशन हुआ है, पिता अस्पताल में मां के साथ हैं. बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों ने राम लखन को उस वक्त हिरासत में लिया, जब वह अस्पताल में अपनी मां की देखभाल कर रहा था. वहां से टीम उसे सीधे खोर एत्महादपुर स्थित उसके घर ले गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टीम अपने साथ आधुनिक ‘मेटल डिटेक्टर’ और ‘सर्चिंग मशीनें’ लेकर आई थी. हालांकि घंटों चली इस मशक्कत के बाद घर से कोई आपत्तिजनक सामान मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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Feb 3, 2026, 01:46 PM
पुलिस स्टेशन में नशीली दवाओं के इंजेक्शन की तस्करी के आरोप में आरोपी गिरफ्तार

पुलिस स्टेशन में नशीली दवाओं के इंजेक्शन की तस्करी के आरोप में आरोपी गिरफ्तार

बहादराबाद। थाना क्षेत्र में नशीले इंजेक्शनों की तस्करी करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गौरव कुमार निवासी शेखपुरा कुम्हारगढ़ा थाना कनखल के कब्जे से 23 इंजेक्शन बरामद किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब पांच लाख बताई जा रही है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के जेल भेज दिया गया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंथानाध्यक्ष अंकुर शर्मा ने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार रात पुलिस चेकिंग कर रही थी। इस बीच सूचना मिली कि बहादराबाद नहर पटरी मार्ग की तरफ से स्कूटी पर नशीले इंजेक्शन लाए जा रहे हैं। पुलिस ने स्कूटी पर सवार युवक को रोकना चाहा तो वह मुड़कर भागने लगा। घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।विज्ञापनविज्ञापनस्कूटी की डिग्गी से मिली पेटी से 23 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। आरोपी ने गौरव कुमार निवासी कनखल ने पूछताछ में बताया कि वह इंजेक्शन बेचने के लिए ले जा रहा था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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Feb 3, 2026, 01:44 PM
उधमपुर पुलिस ने अवैध रूप से संशोधित कार पर रिकॉर्ड जुर्माना लगाया

उधमपुर पुलिस ने अवैध रूप से संशोधित कार पर रिकॉर्ड जुर्माना लगाया

विस्तारFollow Usहमीरपुर शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती करते हुए सदर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। अवैध रूप से मॉडिफाई की गई ऑल्टो कार पर पुलिस ने एक लाख रुपये का चालान काटा है। यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। सदर थाना क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गांधी चौक पर एक ऑल्टो कार को रोका।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंजांच में पाया गया कि वाहन चालक ने नियमों के विपरीत अपनी ऑल्टो गाड़ी के टायरों समेत कुछ अन्य अवैध मोडिफिकेशन करवाई थी। यह सभी बदलाव मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन पाए गए। वाहन मॉडिफिकेशन से न केवल सड़क सुरक्षा को खतरा होता है, बल्कि इससे ध्वनि और प्रदूषण भी बढ़ता है। एसपी बलवीर सिंह ने बताया कि आगे भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 01:42 PM
शहरीकरण और अपराध परिवर्तन के बीच गुरुग्राम साइबर स्टेशनों सहित छह नए पुलिस स्टेशन स्थापित करेगा

शहरीकरण और अपराध परिवर्तन के बीच गुरुग्राम साइबर स्टेशनों सहित छह नए पुलिस स्टेशन स्थापित करेगा

गुरुग्राम। बढ़ते शहरीकरण और अपराध की बदलती प्रकृति को देखते हुए गुरुग्राम में दो नए साइबर थानों सहित छह नए थाने बनाए जाएंगे। दो फरवरी को पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा की अध्यक्षता में सी-लेवल कमेटी की बैठक आयोजित हुई। पुलिस लाइन में आयोजित हुई बैठक में जिले के सभी जोन के पुलिस उपायुक्तों सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने बैठक में कहा कि पूर्व व पश्चिम जोन में एक-एक साइबर थाना के अलावा सेक्टर-93, सेक्टर-46, ग्वाल पहाड़ी व हेलीमंडी में नए थाने खोलने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसके लिए उच्च अधिकारियों व संबंधित विभागों के साथ पत्राचार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अतिशीघ्र इन थानों के लिए जमीन सहित अन्य संसाधन आवंटित कराए जा सकें। ब्यूरोविज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 01:39 PM
गाजियाबाद सतर्कता दल ने रिश्वत लेते हुए पुलिस अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा

गाजियाबाद सतर्कता दल ने रिश्वत लेते हुए पुलिस अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा

विभु मिश्रा, गाजियाबाद:दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी का सिलसिला लगातार जारी है। तीन महीने के भीतर आज विजिलेंस की टीम ने गाजियाबाद में छापेमारी कर निवाड़ी थाने के एसएचओ जयपाल सिंह रावत को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इससे पहले भी दो महिला दरोगाओं को बीते दो महीने में रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा चुका है।दरअसल, निवाड़ी थाना क्षेत्र के अबूपुर गांव के पूर्व प्रधान राकेश कुमार उर्फ बिट्टू ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को उनके खिलाफ पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी का फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि उन्होंने ना तो कोई पोस्ट की थी और ना ही किसी ग्रुप में कुछ लिखा था। यह पूरा मामला गांव की पुरानी चुनावी रंजिश का नतीजा था।पूर्व प्रधान के मुताबिक, इंस्पेक्टर जयपाल रावत ने धमकी देकर कहा था कि अगर 50 हजार रुपये नहीं दिए तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इसकी शिकायत लेकर वो एक महीने तक एसीपी मोदीनगर, डीसीपी देहात समेत आला अधिकारियों के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान इंस्पेक्टर ने उनके घर पर दबिश देकर उनका और पूरे परिवार का मानसिक उत्पीड़न भी किया।उन्होंने बताया कि लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर उन्होंने मेरठ की विजिलेंस इकाई में शिकायत की। जिसके बाद योजना के तहत आज इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत को थाने में उनके दफ्तर में पैसे दिए गए। जैसे ही उन्होंने ये रकम इंस्पेक्टर को दी, विजिलेंस की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
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Feb 3, 2026, 01:38 PM
सीबीआई ने सरकार की सिफारिश के बाद अंकिता भंडारी हत्या मामले में वीआईपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

सीबीआई ने सरकार की सिफारिश के बाद अंकिता भंडारी हत्या मामले में वीआईपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

Ankita Bhandari Murder Case:उत्तराखंड के ऋषिकेश की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। सीबीआई ने इस मामले में अज्ञात वीआईपी (VIP) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच CBI कर रही है। दिल्ली स्थित सीबीआई की क्राइम ब्रांच शाखा संख्या-2 में एफआईआर (FIR) दर्ज की कर ली है। मामला दर्ज करने के बाद जांच के लिए विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है और मामले की गहन विवेचना शुरू कर दी गई है। बता दें कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीबीआई जांच की मांग की थी। गौरतलब है कि CM पुष्कर सिंह धामी ने इसी साल 9 जनवरी को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। यह मामला सितंबर 2022 का है, जब पौड़ी जिले की निवासी और वनांतरा रिसोर्ट में काम करने वाली अंकिता की हत्या कर दी गई थी। अंकिता भंडारी का शव 24 सितंबर 2022 को ऋषिकेश में चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में 30 मई 2024 को जिला न्यायालय ने रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में तब मोड़ आया जब जांच में यह समाने आया कि उसे वीआईपी को 'विशेष सेवा' देने का दबाव बनाया गया था। हालांकि, एसआईटी (SIT) जांच में उस वीआईपी की पहचान और नाम उजागर नहीं हुआ था। इस बीच मामले में एक और मोड़ आया जब बीते दिनों पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के वायरल ऑडियो के बाद विवाद गहराया और राज्य में प्रदर्शन हुए। इसके बाद अंकिता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से सीबीआई जांच की अपील की। अंकिता भंडारी हत्याकांड में पहले ही न्यायिक प्रक्रिया के तहत बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। इस मामले में एसआईटी की विस्तृत जांच के बाद करीब 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसके बाद अदालती कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनतारा रिजॉर्ट का मालिक था, समेत तीनों आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। सीबीआई द्वारा मामला दर्ज करने और जांच में लगने के बाद अब पूरे प्रदेश की निगाहें सीबीआई की जांच पर टिकी हैं कि क्या अज्ञात वीआईपी की पहचान सामने आएगी और क्या अंकिता को न्याय की पूरी तस्वीर मिलेगी। अब यह आने वाले दिनों में मालूम चल ही जाएगा।
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Feb 3, 2026, 01:34 PM
वैशाली जिले में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से एक की मौत, दूसरा घायल

वैशाली जिले में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से एक की मौत, दूसरा घायल

विस्तारFollow Usवैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ-हाजीपुर मुख्य मार्ग पर रानी पोखर के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमृतक की पहचान जंदाहा थाना क्षेत्र के धधूआ गांव निवासी फुलन ठाकुर के रूप में की गई है। वहीं घायल व्यक्ति गोपाल ठाकुर, जो जंदाहा का ही रहने वाला बताया जा रहा है, का इलाज सदर अस्पताल हाजीपुर में चल रहा है।विज्ञापनविज्ञापनप्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक सोनपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक पूजा के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रानी पोखर के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में फुलन ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गोपाल ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गया।सूचना मिलते ही महुआ थानाध्यक्ष राजेश रंजन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है। वहीं, घायल को भी तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।ये भी पढ़ें-Bihar Budget 2026: बिहार सरकार ने पेश किया 3.47 लाख करोड़ का बजट, एक करोड़ नौकरी; किसानों-कलाकारों को अलग मददघटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कुछ देर के लिए सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।इस संबंध में महुआ थानाध्यक्ष राजेश रंजन ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और एक के घायल होने की सूचना मिली थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों से लिखित आवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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Feb 3, 2026, 01:33 PM
टाटा ज्वैलरी शोरूम डकैतीः हाई-टेक जांच के बाद पांच आरोपी गिरफ्तार

टाटा ज्वैलरी शोरूम डकैतीः हाई-टेक जांच के बाद पांच आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली रोड स्थित टाटा ग्रुप के CARATLANE ज्वेलरी शोरूम में हुई करीब तीन करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का आखिरकार थाना सदर बाजार पुलिस और सर्विलांस टीम ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में तीन महिला समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में हीरे-सोने के आभूषण और नकदी बरामद की है. इस खुलासे के लिए महिला IPS सहित 3 IPS अधिकारी लगाए गए थे. यूपी-उत्तराखंड के 2000 हजार से जायदा CCTV कैमरे खंगालने के बाद चोरों की पूरी फैमिली पुलिस के हत्थे चढ़ गई है. 23 जनवरी को चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिस स्थान पर चोरी हुई, वह इलाका जिले का हाई-प्रोफाइल और हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है. शोरूम के ठीक सामने पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) का आवास व कार्यालय स्थित है, जबकि महज कुछ दूरी पर पुलिस चौकी भी है. इसके बावजूद चोरों द्वारा दीवार काटकर शोरूम में घुसकर करोड़ों की चोरी कर लेना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर गया था. पुलिस के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को CARATLANE शोरूम के स्टोर मैनेजर अंकित मुखर्जी ने थाना सदर बाजार पर तहरीर देकर बताया था कि रात के समय अज्ञात चोर शोरूम की दीवार तोड़कर सोने, हीरे के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए. हाई प्रोफाइल और हाई सिक्योरिटी इलाके में हुई इस घटना ने पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए थे. घटना के बाद थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके अलावा लापरवाही पर सिविल लाइन चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था. इस घटना के खुलासे के लिए सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह और DIG/SSP आशीष तिवारी ने IPS स्तर के अधिकारियों को लगाया था. इसके अलावा थाना सदर पुलिस SOG सर्विलांस टीम को भी खुलासे के लिए लगाया गया था. शुरुआत में ही पुलिस को कई सुराग हाथ लगे थे जिसके बाद पुलिस की टीम यूपी- उत्तराखंड तक चोरों की तलाश में जुट गई थी. इलेक्ट्रॉनिक और मैन्युअल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने इस मामले में इरशाद उर्फ काला और उसके भाई दिलशाद के साथ-साथ उसकी मां काली, भाभी सीमा और भाभी सलमा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, यह पूरा गिरोह चोरी के आभूषणों को दूसरे राज्यों में खपाने का काम करता था. पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी इरशाद उर्फ काला ने खुलासा किया कि वह पहले भी करोड़ों रूपये की चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और जेल से छूटने के बाद उसने कबाड़ी का भेष बनाकर करीब एक माह तक CARATLANE शोरूम की रेकी की थी. उसने जानबूझकर खराब मौसम वाली रात को वारदात के लिए चुना ताकि बारिश के बीच सड़क पर गतिविधियां कम रहे और वो आसानी से अपना काम करके निकल जाए. आरोपी ने बताया कि वह अकेला ही घटना से एक दिन पहले ही बगल की इमारत की छत के रास्ते शोरूम की छत पर पहुंच गया था, जहां उसने शराब पी, खाना खाया और वहीं रात गुजार दी. अगले दिन रात में उसने बिजली की केबल काटकर इलेक्ट्रिक कटर से छत और दरवाजे काटे, फिर दीवार काटकर शोरूम में घुसा और हीरे-सोने के आभूषण तथा नकदी चोरी कर ली. सीसीटीवी से बचने के लिए उसने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और बाहर निकलते समय पहचान छिपाने के लिए लंगड़ाकर चलने की एक्टिंग की. रास्ते में उसने अपने कपड़े भी बदल लिए थे. पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने पहले से आर्टिफिशियल जेवरात भी खरीद रखे थे, ताकि असली चोरी के माल की जगह नकली जेवर दिखाए जा सकें. पुलिस टीम ने सहारनपुर, हरिद्वार, रुड़की और देहरादून क्षेत्र के करीब दो हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई. आरोपी इरशाद पर पहले से 27 मुकदमे दर्ज हैं. इरशाद के परिजन चोरी का माल दूसरे राज्यों में खपाने के लिए उसकी मदद करते थे. आज भी वो जब चोरी के माल को खपाने के लिए जा रहे थे तो सबको दबोच लिया गया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 100 परसेंट रिकवरी करते हुए 67 ब्रेसलेट, 17 मंगलसूत्र, 32 जोड़ी बाली, दो गले के सेट, 18 पेंडेंट, तीन चार्म्स, 90 अंगूठियां, 32 चैन, 11 चूड़ियां, 45,100 रुपये नकद और 40 पीस आर्टिफिशियल आभूषण बरामद किए हैं. बरामद माल की कुल कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. घटना के खुलासे के लिए DIG/SSP आशीष तिवारी ने IPS सिमरन IPS मनोज यादव IPS व्योम बिंदल SOG टीम ओर सर्विलांस टीम के साथ साथ सदर पुलिस की पीठ थपथपाई है. घटना के खुलासे के लिए बनी टीम में शामिल IPS सिमरन सिंह ने बताया उनके ट्रेनिंग पीरियड में ये पहली बड़ी घटना थी क्योंकि वारदात DIG के घर और दफ्तर के पास हुई थी. इस घटना के खुलासे के लिए हमने हर पहलू को ध्यान में रखा था. सभी ने एक टीम वर्क कर इस घटना का खुलासा किया. IPS मनोज कुमार ने भी बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए हरिद्वार रुड़की देहरादून के करीब 2000 हजार से ज्यादा सीसीटीवी ट्रैक करने के बाद हम इस घटना के खुलासे में कामयाब रहे हैं.
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Feb 3, 2026, 01:22 PM
सुप्रीम कोर्ट ने Shaadi.com संस्थापक के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने Shaadi.com संस्थापक के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (3 फरवरी) को ‘शादी डॉट कॉम’ के संस्थापक अनुपम मित्तल और दो अन्य की गिरफ्तारी पर दो हफ्ते की रोक लगा दी. हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अंतरिम जमानत के लिए उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट जाना होगा. यह मामलाइस वैवाहिक वेबसाइट के एक उपयोगकर्ता द्वारा कथित धोखाधड़ी किए जाने से संबंधित है. इस मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारी की बेंच ने की.सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मित्तल के खिलाफ कार्यवाही को निरस्त करने से इनकार कर दिया गया था और मामले को नए सिरे से विचार के लिए हाईकोर्ट को वापस भेज दिया है. हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि यह अंतरिम जमानत का मामला है, इसके लिए आपको हाईकोर्ट जाना चाहिए. दरअसल यह मामला हैदराबाद की एक महिला की शिकायत से जुड़ा है. महिला का आरोप है कि उसने शादी डॉट कॉम पर एक प्रोफाइल के जरिए संपर्क किया.संबंधित व्यक्ति ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया और उससे करीब 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई. महिला का आरोप है कि वेबसाइट ने यूजर के विवरण का सही तरीके से वैरिफिकेशन नहीं किया, जिसकी वजह से यह धोखाधड़ी संभव हो सकी. इस शिकायत के आधार पर दर्ज केस में शादी डॉट कॉम के संस्थापक अनुपम मित्तल और अन्य के खिलाफ भी कार्यवाही शुरू हुई. मित्तल ने तर्क दिया कि प्लेटफॉर्म केवल एक जरिया है. उन्होंने कहा कि किसी एक यूजर की आपराधिक हरकत के लिए कंपनी या फाउंडर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है. इसी के खिलाफ उन्होंने पहले तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया था. हालांकि हाईकोर्ट ने मित्तल के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद मित्तल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि निर्णय विवाद के मूल कानूनी तथ्यों के आधार पर नहीं लिया गया, इसलिए हम उक्त आदेश को निरस्त करते हैं और मामले को इसके मूल तथ्यों के आधार पर विचार करने के लिए हाई कोर्ट को वापस भेजते हैं. आपराधिक मामलों को उनकी मूल फाइल में बहाल किया जाता है. हाई कोर्ट इनके मूल कानूनी तथ्यों के आधार पर विचार करेगा. यह कोर्ट इस संबंध में कोई राय नहीं दे रहा. बेंच ने कहा कि इस बीच, याचिकाकर्ता अंतरिम राहत के लिए हाई कोर्ट के समक्ष अनुरोध कर सकता है. अनुपम मित्तल की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील आत्माराम नाडकर्णी ने दलील दी कि वह एक वैवाहिक वेबसाइट संचालित कर रहे हैं, जो जीवनसाथी ढूंढने में मदद करता है. उन्होंने कहा कि वह तो सिर्फ जीवनसाथी ढूंढने में मदद कर रहे हैं. उन्होंने सवाल किया, हम जांच में सहयोग कर रहे हैं. लेकिन फिर मुझे आरोपी क्यों बनाया गया है? सुप्रीम कोर्ट ने ने 26 जून को तेलंगाना सरकार को नोटिस जारी कर सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी.पिछले साल तेलंगाना हाई कोर्ट ने मित्तल और दो अन्य आरोपियों, विग्नेश और सतीश के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया था.
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Feb 3, 2026, 01:19 PM
गाजियाबाद में किराए पर हत्या का मामला सामने आयाः पति ने पत्नी को खत्म करने के लिए हत्यारों को काम पर रखा

गाजियाबाद में किराए पर हत्या का मामला सामने आयाः पति ने पत्नी को खत्म करने के लिए हत्यारों को काम पर रखा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद कमिश्नरी कॉलोनी इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने पत्नी का परिवार के ही एक अन्य लड़के अवैध संबंध होने की जानकारी होने पर फुलप्रूफ प्लान बनाया. दरअसल, महिला के पति ने परिवार के लड़कों को फंसाने का प्लान बनाया. उसने ₹50000 में तीन भाड़े के हत्यारों को हत्या की सुपारी. पत्नी को गोली लगने के बाद पति थाने पहुंचा और जिससे अवैध संबंध थे उसी पर गोली मारने की रिपोर्ट दर्ज कर दी थी. पुलिस ने सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए जानकारी देते हुए बताया पति द्वारा दिए गए नामजद आरोपी से पूछताछ की गई. घटनास्थल के पास से तीन संदिग्ध लोग जाते नजर आए जिस पर एक को हिरासत में लिया गया और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने सारी कहानी बयां कर दी. शूटर ने बताया कि आरोपी पति अंकित ने ही अपनी पत्नी की हत्या की सुपारी दी थी. उन्होंने एक हफ्ते पहले भी उसकी पत्नी को निशाना बनाने का प्रयास किया था, लेकिन दोनों ही प्रयास में वह असफल रहे थे. तीसरे प्रयास में आरोपी की पत्नी को शूटर ने गोली मार दी थी और फरार हो गए थे. पुलिस ने यह भी बताया की घायल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है जहां वह खतरे से बाहर है. घटना के खुलासे के बाद इलाके में चर्चा है कि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास की डोर पर बना होता है लेकिन आए दिन दिल्ली एनसीआर में यह रिश्ते तार-तार हो रहे हैं. अधिकांश मामलों में पति या पत्नी के अवैध संबंध होने का शक होना ही अपराध की वजह बन रहा है. लोगों को सोचना चाहिए पति-पत्नी का रिश्ता साथ जन्मों का रिश्ता होता है. ऐसे में अगर कोई भी धोखा देता है तो उसका समाज पर कितना गहरा असर पड़ता है.
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Feb 3, 2026, 01:17 PM
गाजियाबाद इंस्पेक्टर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया

गाजियाबाद इंस्पेक्टर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया

गाजियाबाद जिले के निवाड़ी थाने के इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत (SHO) को ₹50000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया. इंस्पेक्टर ने एक पूर्व ग्राम प्रधान को जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की थी. इसकी शिकायत पूर्व प्रधान ने मेरठ विजिलेंस से की थी. विजिलेंस टीम ने इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. मंगलवार को जिस समय इंस्पेक्टर अपने ऑफिस में बैठे थे, इसी दौरान पूर्व प्रधान उनके ऑफिस में पहुंचा और रिश्वत के ₹50000 इंस्पेक्टर के हाथ में थमा दिए. जैसे ही इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत ने रुपए जेब में डाले, तभी विजिलेंस टीम उनके ऑफिस में दाखिल हुई और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया. विजिलेंस टीम इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत को अपने साथ ले गई. आरोपी इंस्पेक्टर 2013 बैच का दारोगा है. एक साल पहले ही प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बना था. इस समय गाजियाबाद के निवाड़ी थाने का SHO है. इससे पहले जयपाल सिंह रावत की तैनाती हापुड़ में सर्विलेंस ऑफिस में थी. पूर्व प्रधान ने बताया कि 2 जनवरी 2026 में निवाड़ी थाना पुलिस ने उनके खिलाफ एक केस दर्ज किया था. यह केस उनके ऊपर विजय सिंह नाम के व्यक्ति ने लिखाया था. आरोप लगाए थे कि उन्होंने CM और PM के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. यह घटना दो तारीख शाम करीब 4:00 बजे बताई गई, लेकिन उस समय मैं SBI बैंक में था. केस दर्ज होने के बाद मुझे निवाड़ी थाने बुलाया गया. निवाड़ी थाने में मैंने SHO जयपाल सिंह रावत से कहा कि मेरी लोकेशन चेक कर लीजिए, CCTV देख लीजिए, मैंने किसी भी ग्रुप में कुछ नहीं लिखा. पूर्व ग्राम प्रधान ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि उसकी विजय सिंह से चुनावी रंजिश चल रही है. इसी रंजिश के चलते उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया. सारी जानकारी सुनने के बाद इंस्पेक्टर ने मुझसे कहा कि यह मामला मैं यहीं खत्म दूंगा. अगर मुझे ₹50000 दो तो. पूर्व प्रधान ने बताया कि निवाड़ी थाने में जो केस उसके खिलाफ दर्ज किया गया था, उसके कोई साक्ष्य और सबूत नहीं थे. इसको लेकर मैं ACP मोदीनगर से मिला, DCP सुरेंद्रनाथ तिवारी से मिला. मेरी पत्नी बबीता ने अपने नाम से शिकायत पत्र भी दिया. पुलिस अधिकारी मुझे आश्वासन देते रहे कि जांच कराएंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ. पूर्व प्रधान ने बताया कि मेरे शिकायत करने के बाद निवाड़ी थाने के इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत खुद मेरे घर दबिश देने पहुंच गए. मुझे जेल भेजने की धमकी देने लगे. मुझको मानसिक रूप से टॉर्चर किया गया. इंस्पेक्टर ने कहा कि तेरी कोई सुनवाई नहीं होगी. तुझे जेल भेज दिया जाएगा. पूर्व प्रधान ने कहा कि मैंने थक-हारकर मेरठ विजिलेंस से रिश्वतखोर इंस्पेक्टर की शिकायत की, जिसके बाद आज विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर इंस्पेक्टर को पकड़ लिया.
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Feb 3, 2026, 01:10 PM
हिमाचल प्रदेश क्लर्क आपराधिक मामले में संलिप्तता के लिए निलंबित

हिमाचल प्रदेश क्लर्क आपराधिक मामले में संलिप्तता के लिए निलंबित

विस्तारFollow Usएसडीएम कार्यालय झंडूता में तैनात क्लर्क गौरव भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गौरव पर दिल्ली में एक आपराधिक मामला दर्ज होने और लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहने के चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। गौरव बिलासपुर आरएलए में हुए वाहन पंजीकरण के फर्जीवाड़े में फरार चल रहा है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंजानकारी के अनुसार निदेशक (भूमि अभिलेख) हिमाचल प्रदेश ने यह आदेश जारी किए हैं। क्लर्क गौरव के खिलाफ नई दिल्ली के क्राइम ब्रांच थाने में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच और पूछताछ कर रही है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित कर्मचारी 21 जनवरी 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है।विज्ञापनविज्ञापनआधिकारिक निर्देशों की अवहेलना और आपराधिक मामले में संलिप्तता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशक भूमि अभिलेख ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम 10(1) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए गौरव को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित नियमों के अनुसार तय किया जाएगा। बताते चलें कि गौरव को दिल्ली क्राइम ब्रांच की पुलिस तलाश कर रही है। लेकिन वह अब तक फरार चला है।
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Feb 3, 2026, 01:05 PM
पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान से तस्करी किए गए सात आधुनिक पिस्तौल जब्त किए

पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान से तस्करी किए गए सात आधुनिक पिस्तौल जब्त किए

चंडीगढ़:पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं। राज्य के अमृतसर में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में सात पिस्टल को बरामद किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को भी पकड़ा है। शुरुआती में जांच में सामने आया है कि ये पिस्टल सीमापार पाकिस्तान से भारत में भेजी गई थीं। पुलिस ने जिस पिस्टल को तस्करों के पास से बरामद किया हैं। उनमें ग्लॉक, बेरेटा, जिगाना और .30 बोर सहित सात आधुनिक पिस्टल शामिल हैं। पंजाब पुलिस ने हाल ही में हेराेइन की एक बड़ी खेप भी पकड़ी थी। जिसके सीमापार से भारत में भेजने जाने की जानकारी शामिल आई थी।गोपनीय सूचना पर पुलिस का एक्शनपंजाब पुलिस के अनुसार एक इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और ग्लॉक, बेरेटा, जिगाना और .30 बोर सहित सात आधुनिक पिस्तौलें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी #पाकिस्तान-स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे, जो अवैध हथियारों की सीमा पार सप्लाई में मदद कर रहे थे। पुलिस के अनुसार आर्म्स एक्ट के तहत कैंटोनमेंट पुलिस थाना अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई है।कनेक्शन की तलाश में जुटी पुलिसपुलिस के अनुसार इस बरामदगी के बाद आगे और पीछे के कनेक्शन की सक्रिय रूप से जांच की जा रही है। पंजाब के अमृतसर में संवेदनशील और हाईटेक पिस्टल की बरामदगी से हड़कंप मच गया है। पंजाब पुलिस ने एक बयान में कहा है कि वह अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति पर कायम है। गौरतलब हो कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पहले यह ऐलान किया था कि राज्य में गैंगस्टर को खत्म किया जाएगा। भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ भी अभियान चला रही है।
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Feb 3, 2026, 12:58 PM
दल्लावाला में गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे किसान पर हमला

दल्लावाला में गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे किसान पर हमला

दल्लावाला के किसान ने एक नामजद और दो लोगों पर गेहूं की फसल की रखवाली करने जाते समय लाठी-डंडों व बंदूक से हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंखानपुर थाना क्षेत्र के दल्लावाला गांव निवासी बाबूराम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि जोगावाला गांव के पास अपने खेत में गेहूं की फसल उगाई हुई है। सोमवार रात आठ बजे गेहूं की रखवाली के लिए वह घर से खेत पर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में संजय और दो अज्ञात लोग पहले से घात लगाकर खड़े थे।विज्ञापनविज्ञापनउन्होंने लाठी-डंडों और बंदूक से उसके ऊपर हमला कर दिया। हमले में उसके दाएं पैर की हड्डी और कुछ पसली टूट गई। इसके बाद हमलावर भाग निकले। वहां से गुजर रहे बरफान सिंह व अन्य लोगों ने बाबूराम के घर सूचना दी। परिजन उसे लक्सर सीएचसी ले गए। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। खानपुर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र राठी ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर एक नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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Feb 3, 2026, 12:54 PM
भारतीय पुलिस ने सशस्त्र डकैती मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया

भारतीय पुलिस ने सशस्त्र डकैती मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया

परचून कारोबारी के कर्मचारी से हुई दो लाख की लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कारोबारी के यहां पूर्व में काम करने वाले गुलशेर निवासी खड़ंजा कुतुबपुर ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपुलिस ने आरोपी गुलशेर के साथ उसके दो साथियों फरमान और साहिल निवासी खड़ंजा कुतुबपुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से लूटी गई रकम से 1.85 लाख की नकदी और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की गई है। वारदात में शामिल चौथे आरोपी की तलाश में पुलिस उसके ठिकानों पर दबिश दे रही है।विज्ञापनविज्ञापनलक्सर कोतवाली में प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि एक फरवरी को सुल्तानपुर में दुकानदारों से पैसों का क्लेक्शन कर लौट रहे लक्सर गांव निवासी व्यापारी भूषण लाल के कर्मचारी रवि राठौर को हरिद्वार मार्ग पर रोककर चार बाइक सवार लोगों ने उसकी पिटाई कर उसके पास मौजूद पैसों का बैग लूट लिया था।बैग में दो लाख की नकदी थी। कर्मचारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। आरोपियों के हुलिए और उनके संबंध में मिली जानकारी की मदद से पुलिस टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापे मारे। छापे के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपी गुलशेर से 95 हजार और फरमान व साहिल से 45 - 45 हजार की नकदी बरामद की गई। आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली गई। वारदात में शामिल एक आरोपी सलमान अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है। शीघ्र ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।नौकरी छोड़ने के बाद रची लूट की साजिशलक्सर। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपी गुलशेर ने बताया कि वह सात साल से कारोबारी की दुकान पर काम करता था। वह ई-रिक्शा से परचून का सामान दूसरे दुकानदारों तक पहुंचाता था। कारोबारी से अनबन होने पर पिछले दिनों उसने काम छोड़ दिया था। उसे जानकारी थी कि रवि दुकानों पर सप्लाई होने वाली सामान की पेमेंट एकत्रित करके दुकान पर लाता है। उसने गांव के ही अपने साथियों सलमान, साहिल और फरमान के साथ मिलकर रवि को लूटने की योजना बनाई। वारदात के दिन उन्होंने रवि को डंडों से पीटा और उसके पास मौजूद बैग लूटकर फरार हो गए। रकम का उन्होंने आपस में बंटवारा कर लिया था।
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Feb 3, 2026, 12:52 PM
प्रेम विवाह ने मचाई हिंसाः युवक के पिता के पैर टूटे

प्रेम विवाह ने मचाई हिंसाः युवक के पिता के पैर टूटे

पथरी। थाना क्षेत्र के बुक्कनपुर गांव में प्रेम विवाह करने से नाराज युवती के परिजनों ने युवक के पिता की पिटाई कर दी। हमले में उनके दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपुलिस के अनुसार, गांव बुक्कनपुर निवासी अंकुश पुत्र स्वराज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके भाई अंशु ने गांव की ही युवती से प्रेम विवाह किया है। इस विवाह से निकिता के परिजन नाराज चल रहे हैं और लगातार परिवार को धमकाने के साथ झगड़ा कर रहे हैं। हालात ऐसे बन गए कि परिवार को अपना घर छोड़कर इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। 27 जनवरी की शाम करीब चार बजे उसके पिता स्वराज अपने खेत में फसल देखने गए थे।विज्ञापनविज्ञापनआरोप है कि युवती के पिता रतन सिंह, भाई आशीष समेत कई लोग वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी ने पिता को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा। आरोप है कि बलकटी की मूठ से दोनों पैरों पर वार किया, जिससे हड्डियां टूट गईं। शोर मचाने पर सभी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। परिजन घायल स्वराज को सरकारी अस्पताल हरिद्वार ले गए, जहां उनका उपचार चल रहा है।
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Feb 3, 2026, 12:34 PM
बर्नाला पुलिस ने नकली वीजा जारी करने और लाखों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया

बर्नाला पुलिस ने नकली वीजा जारी करने और लाखों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया

विस्तारFollow Usपाकिस्तान और दुबई में बैठे लोगों के इशारे पर विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों के नाम पर नकली वीजा जारी कर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का बरनाला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी व्हाट्सऐप नंबरों और म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपये की ठगी करता था।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंडीएसपी बरनाला सतवीर सिंह ने बताया कि एसएसपी बरनाला मोहम्मद सरफराज आलम के निर्देशों के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए यह सफलता मिली है। इस संबंध में साइबर क्राइम पुलिस बरनाला में आत्मा सिंह निवासी लोहगढ़, जिला बरनाला के बयान पर 31 जनवरी 2026 को मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता से विदेश में रहने वाले रिश्तेदार बनकर 10 लाख 19 हजार रुपये की ठगी की गई थी। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।विज्ञापनविज्ञापनपुलिस ने इस मामले में जिला फिरोजपुर निवासी लवदीप सिंह उर्फ लवली, मलकीत सिंह, सुखप्रीत सिंह और लखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह आम लोगों को मामूली लालच देकर उनके नाम पर म्यूल बैंक अकाउंट खुलवाता था। इसके बाद विदेश में रहने वाले रिश्तेदार या वीजा एजेंट बनकर फर्जी नंबरों (+1-506-406-8565 और +6016-403-2354) से कॉल कर लोगों को गुमराह करता और उन्हीं खातों में रुपये डलवाता था।पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पंजाब के अलावा अन्य राज्यों में भी ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। मामले की तकनीकी जांच की जा रही है और आरोपियों के बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी मलकीत सिंह को मैक्सिको से डिपोर्ट किया गया था, जहां उसके पाकिस्तान और दुबई में बैठे लोगों से संपर्क थे। इन्हीं संपर्कों के आधार पर उसने यह ठगी गिरोह तैयार किया और गतिविधियां शुरू कीं।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, फर्जी वीजा ऑफर या बैंक अकाउंट से जुड़ी मांगों से सावधान रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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Feb 3, 2026, 12:33 PM
सनी देओल और अक्षय खन्ना अभिनीत नेटफ्लिक्स की'इक्का': 29 साल बाद एक शक्तिशाली कानूनी ड्रामा

सनी देओल और अक्षय खन्ना अभिनीत नेटफ्लिक्स की'इक्का': 29 साल बाद एक शक्तिशाली कानूनी ड्रामा

'धुरंधर' की शानदार सफलता के बाद बॉलीवुड एक्टर अक्षय खन्ना अपने बॉर्डर को-स्टार सनी देओल के साथ नजर आएंगे। अक्षय खन्ना और सनी देओल 29 साल बाद नेटफ्लिक्स की दमदार लीगल ड्रामा 'इक्का' में साथ दिखाई देने वाले हैं। इसमें दोनों बिल्कुल अलग-अलग भूमिकाओं में दिखेंगे। नेटफ्लिक्स, जो 3 फरवरी, 2026 को अपनी 2026 की फिल्मों की लिस्ट जारी कर रहा है। उसने एक्शन थ्रिलर 'इक्का' का पहला भी लुक जारी कर दिया है, जो जल्द ही इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने को तैयार है। नेटफ्लिक्स की लीगल ड्रामा 'इक्का' में सनी देओल, अक्षय खन्ना, तिलोत्तमा शोम और दीया मिर्जा मुख्य भूमिका में हैं। इक्का में देखने को मिलेगा कि एक मशहूर, ईमानदार वकील को एक हत्या के आरोपी का बचाव करने के लिए मजबूर किया जाता है। एक ऐसा आदमी, जिसका करियर उसने ही खत्म किया था। उसे केस जीतने के लिए हर तरह की चाल चलनी पड़ती है, चाहे वह सही हो या गलत क्योंकि अगर वह फेल होता है तो वह अपनी हर प्यारी चीज खो देगा। जहां अक्षय खन्ना आखिरी बार 'धुरंधर' में दिखे थे, जो अब तक की सबसे सफल हिंदी फिल्म बन गई है। वहीं सनी देओल, जो 'गदर 2' के बाद से अच्छा समय बिता रहे हैं। उन्हें आखिरी बार 'बॉर्डर 2' में देखा गया। यह फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में चल रही है और इस वॉर-ड्रामा का पहला भाग 1997 में आया था, जिसमें अक्षय खन्ना और सनी देओल साथ में जर आए थे। इक्का की टीम ने बताया, 'हम इक्का को पेश करने के लिए उत्साहित हैं, यह महाराज के बाद नेटफ्लिक्स के लिए हमारा दूसरा ओरिजिनल है, जिसे दर्शकों का बहुत प्यार मिला था। यह बहुत ही पर्सनल स्क्रिप्ट, जिसे सालों से संवारा गया है। दो कट्टर दुश्मनों के बीच एक रोमांचक मुकाबले के रूप में सामने आती है: एक टॉप वकील जिसे उस आदमी का बचाव करने के लिए मजबूर किया जाता है, जिसके साथ उसके और उसकी पत्नी के अतीत में कई दर्दनाक यादें जुड़ी हैं। हमें उम्मीद है कि दर्शक इसके हर किरदार को पसंद करेंगें।' ये भी पढे़ं- Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: 8 साल का लीप आते ही इन किरदारों की हुई छुट्टी, नाम जान रह जाएंगे हैरान 'धुरंधर 2' नेटफ्लिक्स पर नहीं होगी रिलीज, जानें किस OTT प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे ये फिल्म
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Feb 3, 2026, 12:19 PM
घातक टकरावः गलत हस्तक्षेप के दौरान चमगादड़ के हमले में पिता की मौत

घातक टकरावः गलत हस्तक्षेप के दौरान चमगादड़ के हमले में पिता की मौत

दीनानगर (हरजिंदर सिंह गोराया):बटाला में 27 जनवरी की शाम को एक कपल कार में बैठकर कुछ गलत हरकत कर रहा था, तभी उस इलाके में रहने वाले एक बाप-बेटे ने उन्हें रोका और उस बाप-बेटे पर हमला कर दिया और बेसबॉल बैट से मारकर पिता की हत्या कर दी। उस घटना में बेटा घायल हो गया और घटना को अंजाम देने के बाद कपल मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन उस समय उनके हाथ खाली थे और इस मर्डर केस में पुलिस ने देर रात अमृतसर के गुज्जरपुर इलाके से घटना को अंजाम देने वाले कपल को गिरफ्तार कर लिया।DSP सिटी संजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 तारीख की रात को यह कपल बटाला की एक कॉलोनी में गलत काम कर रहा था। जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने एक व्यक्ति की हत्या कर दी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारा भी लड़की के साथ उसके घर पर रह रहा था। रिमांड लेकर आगे की जांच की जाएगी ताकि यह पक्का हो सके कि उन्होंने उस इलाके में कोई समाज विरोधी काम या क्राइम तो नहीं किया जहां ये लोग रह रहे थे। रिमांड लेने के बाद इसका भी खुलासा होगा।अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिएClick Here
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Feb 3, 2026, 12:11 PM
भारतीय पुलिस ने लोहिया नगर में अवैध पिस्तौल कारखाने का भंडाफोड़ किया

भारतीय पुलिस ने लोहिया नगर में अवैध पिस्तौल कारखाने का भंडाफोड़ किया

विस्तारFollow Usलोहियानगर थाना क्षेत्र में पुलिस व स्वाट टीम ने फतेउल्लापुर रोड पर मोहल्ला ताज गार्डन के इरफान मलिक के गोदाम में छापा मारकर अवैध पिस्टल फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से दो आरोपी लिसाड़ीगेट निवासी आमिर व रिहान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में पिस्टल व हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस गोदाम मालिक इरफान, आमिर पुत्र रहीमुद्दीन, अमजद उर्फ बॉबी व साजिद अंसारी की तलाश में जुट गई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंएसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि पुलिस को काफी समय से सूचना मिल थी की मोहल्ला ताज गार्डन में इरफान मलिक के गोदाम में आरोपी आमिर व रिहान अवैध रूप से पिस्टल बना रहे हैं। सोमवार रात स्वाट व थाना पुलिस ने गोदाम पर छापा मारा। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। मगर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया।विज्ञापनविज्ञापनपुलिस को मौके से 5 पिस्टल 32 बोर, 2 मैगजीन, 99 अधबनी मैगजीन, 8 स्प्रिंग स्लाइड, 14 अधबनी स्प्रिंग, 4 अधबनी अरबल, 4 अधबनी प्लेट बॉडी, 28 अधबने हैमर, 51 स्लाइड रॉड, खराद मशीन समेत अन्य उपकरण और 6500 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि आरोपी 40 हजार से 60 हजार रुपये में पिस्टल को सप्लायर आमिर पुत्र रहीमुद्दीन, अमजद उर्फ बॉबी व साजिद अंसारी को बेचते हैं। तीनों आरोपी आसपास के जिले में हथियारों की सप्लाई करते हैं।वहीं गोदाम मालिक को भी किराए के अलावा अवैध हथियार की बिक्री में से मुनाफा दिया जाता है। पुलिस की दो टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं। एसएसपी का कहना है कि दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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