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Jun 19, 2026, 09:40 AM
मोरक्को की अदालत ने बलात्कार मामले में पीएसजी के अशरफ हकीमी के खिलाफ सजा बरकरार रखी

मोरक्को की अदालत ने बलात्कार मामले में पीएसजी के अशरफ हकीमी के खिलाफ सजा बरकरार रखी

मोरक्को के स्टार फुटबॉलर और पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के डिफेंडर अशरफ हकीमी के खिलाफ रेप के आरोपों से जुड़े मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के फैसले को बरकरार रखा है और उनकी अपील खारिज कर दी है। अब इस मामले की सुनवाई आने वाले महीनों में ट्रायल के रूप में होगी।
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Jun 19, 2026, 09:25 AM
कालका में डकैती की बड़ी साजिश को पुलिस ने विफल किया, पांच हथियारबंद लुटेरों को किया गिरफ्तार

कालका में डकैती की बड़ी साजिश को पुलिस ने विफल किया, पांच हथियारबंद लुटेरों को किया गिरफ्तार

कालका में डकैती की बड़ी साजिश नाकाम हुई है। कालका थाना पुलिस ने हथियारों से लैस पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध विदेशी पिस्टल, छह कारतूस, लोहे की राड, गंडासी और सुआ जैसे हथियार बरामद किए हैं। ये शातिर बिना नंबर प्लेट की होंडा सिटी कार में सवार थे, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। एसीपी कालका आशीष कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली की रेस्ट हाउस और गोशाला के नजदीक सुनसान जगह पर होंडा सिटी कार में कुछ युवक सवार हैं और उनके पास हथियार भी हैं। सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो कार के पास खड़े तीन लड़के पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर पांच आरोपितों को दबोच लिया। पकड़े गए सभी आरोपित मूल रूप से पंजाब के मलोट (मुक्तसर साहिब) के रहने वाले हैं और वहां गैंगवार में फायरिंग करने के बाद से फरार चल रहे थे। वहां से फरार होने के बाद इनके पास रुपये खत्म हो गए थे। इसलिए ये कालका में डकैती डालने की साजिश रच रहे थे। आरोपितों की पहचान बबलू ऋतिक उर्फ मंगू, नवीश कुमार उर्फ ननु, दीपक कुमार और खुशदीप सिंह उर्फ निर्मल के रूप में हुई है, जो सभी मलोट, जिला मुक्तसर, पंजाब के निवासी हैं। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार आरोपित बबलू अवैध विदेशी पिस्टल और मैगजीन में लोड छह कारतूस बरामद हुए। आरोपितों की गाड़ी से लोहे की राड और सुआ जैसे हथियार मिले हैं। पूछताछ में आरोपितों ने कुबूल किया कि मलोट में उनकी कुछ लड़कों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते 13 जून को उनका वहां झगड़ा हुआ था और बबलू ने वहां सरेआम फायरिंग की थी। इस संबंध में थाना सदर मलोट में इनके खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 310(4) और आर्म्स एक्ट के तहत कालका थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, आरोपित रितिक उर्फ मंगू एक आदतन और शातिर अपराधी है, जिस पर पंजाब में पहले से ही नशा तस्करी, चोरी और लड़ाई-झगड़े के कई मामले दर्ज हैं। सभी आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपित दीपक और खुशदीप को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपित बबलू, रितिक और नवीश का चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
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Jun 19, 2026, 08:30 AM
बिहार के बेगुसराय में महिला से सामूहिक बलात्कार और क्रूरता से हमला

बिहार के बेगुसराय में महिला से सामूहिक बलात्कार और क्रूरता से हमला

बिहार के बेगूसराय में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां दरिंदो नें गैंगरेप के बाद एक महिला के प्राइवेट पार्ट में बुलेट और लकड़ी का टुकड़ा डालने जैसे घृणित अपराध को अंजाम दिया है. गुरुवार (11 जून) को चकिया थाना क्षेत्र में घटी इस घटना से जहां लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. वहीं घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है. लोगों के अनुसार चकिया थाना पुलिस पर शिकायत करने पहुंची पीड़िता को डांट डपट कर भगा देने का आरोप है. इतना ही नहीं आरोपी द्वारा तीन महीने पहले भी महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस समय भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया. इस मामले में पुलिस के वरीय अधिकारियों ने जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है. वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. बता दें कि इस घटना पर पुलिस तब एक्शन में आई जब महिला के मेडिकल जांच में प्राइवेट पार्ट से बुलेट और लकड़ी निकली. जिसकी पुष्टि पुलिस के वारिय अधिकारियों ने की. जिसके बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. बीती 11 जून की रात पीड़ित महिला जब शौच के लिए खेत में गई थी, तभी घात लगाए अपराधियों ने मिलकर पहले महिला के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. इतना ही नहीं दरिंदो ने महिला के प्राइवेट पार्ट में बुलेट और लकड़ी का टुकड़ा डाल दिया. घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना देने जब पीड़िता अपने परिवार के साथ चकिया थाना पहुंची तो आरोप है कि पहली बार पीड़िता को डांट डपट कर भगा दिया गया. मामले के सामने आने के बाद महिला की मेडिकल जांच कराई गई. घटना के बाद दोबारा जब महिला को दर्द की शिकायत हुई तो उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसके प्राइवेट पार्ट से कुछ बुलेट और लकड़ी निकली. जिसके बाद से ही पुलिस में खलबली मची हुई है. घटना के संबंध में पुलिस के वरीय अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है. इतना ही नहीं प्राइवेट पार्ट से सामान निकलने की पुष्टि करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी रहने की बात कही है. सदर डीएसपी ने बताया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने का साक्ष्य मिलने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में बेगूसराय के सिविल सर्जन अशोक कुमार ने बताया कि मीडिया के द्वारा महिला के प्राइवेट पार्ट में कुछ समान मिलने की बात सामने आई है. इसके लिए सदर अस्पताल के डीएस के नेतृत्व में महिला डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही जानकारी दी जाएगी. फिलहाल इस मामले में जहां सभी आरोपी घटना के कई दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं. वहीं पीड़ित महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय में भर्ती कराया गया है. बेगूसराय गैंगरेप मामले पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "महिला के साथ जो दरिंदगी हुई है, बिहार में कानून व्यवस्था कहां है. सरकार में बैठे लोग और महिला सम्मान की बात करने वाले लोग कहां थे. मामले में अब तक FIR भी नहीं ली गई है. ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए." उन्होंने आगे कहा, "शासन प्रशासन को सबक लेना चाहिए कि अगर ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ा है तो हमारी माताएं बहने कैसे सुरक्षित रहेंगी. बेगूसराय गैंग रेप मामले पर जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा, "बेगूसराय की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है. प्रशासन ने इसको चुनौती के तौर पर लिया है. मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन भी किया गया है. इसमें तीन नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है. बिहार में कानून का राज था, है और रहेगा. जो अपराधी हैं उनको उनके मंजिल तक पहुंचा दिया जाएगा."
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Jun 19, 2026, 08:13 AM
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपये के इनाम वाला अपराधी मारा गया

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपये के इनाम वाला अपराधी मारा गया

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी श्याम मारा गया. वह इसी महीने एक कारोबारी के घर हुई बड़ी डकैती और परिवार को बंधक बनाने की वारदात में वांछित था. पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. हापुड़ पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात बुलंदशहर रोड पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार युवक पुलिस को देखकर भागने लगा. पुलिस को उस पर शक हुआ और उसका पीछा किया गया. बाद में गोदी गांव के पास नाकाबंदी कर उसे घेरने की कोशिश की गई. इसी दौरान आरोपी ने खुद को घिरा हुआ देखकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि बदमाश ने ट्यूबवेल के पीछे छिपकर पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की. मुठभेड़ में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मारे गए बदमाश की पहचान 25 वर्षीय श्याम के रूप में हुई है, जो रामपुर जिले का रहने वाला था. पुलिस के मुताबिक, श्याम एक जून को हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के गिरधारीनगर में एक कारोबारी के घर हुई डकैती की वारदात में शामिल था. वारदात के दौरान बदमाशों ने कारोबारी के परिवार और एक चौकीदार को बंधक बना लिया था. इसके बाद आरोपी घर से बड़ी मात्रा में सामान लेकर फरार हो गए थे. इस मामले में श्याम की तलाश लगातार की जा रही थी. डकैतों ने कारोबारी के घर से करीब 1.25 किलो सोने के जेवरात, नकदी, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लूट लिए थे. घटना के बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन किया था और आरोपियों की तलाश शुरू की थी. श्याम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से फरार चल रहा था. जांच में सामने आया कि श्याम का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा था. उसके खिलाफ मुरादाबाद में डकैती और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मामले दर्ज थे. पुलिस के अनुसार, वह संगठित अपराध से जुड़ा हुआ था और कई गंभीर वारदातों में उसका नाम सामने आया था. इसी वजह से वह पुलिस की निगरानी सूची में शामिल था. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई. पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है. पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है. हापुड़ पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. कारोबारी के घर हुई डकैती की घटना को लेकर पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव था. इनामी बदमाश के मारे जाने के बाद पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है. साथ ही इस मामले में बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए भी छापेमारी जारी है.
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Jun 19, 2026, 07:58 AM
पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर से 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की

पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर से 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर नारायण शर्मा उर्फ शुन्ना की 2.08 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली है. जांच में सामने आया कि यह संपत्ति अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित की गई थी. आरोपी शुन्ना पहले से ही जम्मू की केंद्रीय जेल में बंद है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सांबा जिले में नशा मुक्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की. पुलिस ने एक कथित ड्रग तस्कर की 2.08 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच कर दी. अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई. पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्ति को कानून के तहत जब्त किया गया है. जिस आरोपी के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है उसकी पहचान नारायण शर्मा उर्फ शुन्ना के रूप में हुई है. वह सांबा जिले के विजयपुर इलाके का रहने वाला है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था. इसी आधार पर उसके खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की गई है. जांच एजेंसियों ने पाया कि आरोपी द्वारा अर्जित संपत्तियां अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से प्राप्त रकम से खरीदी गई थीं. इसके बाद संबंधित प्रावधानों के तहत इन संपत्तियों को जब्त और अटैच करने का फैसला लिया गया. जब्त की गई संपत्तियों में लगभग 48.50 लाख रुपये कीमत का एक मकान शामिल है. इसके अलावा करीब 10 लाख रुपये मूल्य की एक कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है. अधिकारियों के अनुसार आरोपी के नाम पर लगभग 1.50 करोड़ रुपये कीमत की जमीन भी मिली, जिसे भी अटैच कर दिया गया है. कुल मिलाकर इन सभी संपत्तियों की कीमत लगभग 2.08 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच और पूछताछ के दौरान ऐसे प्राथमिक साक्ष्य मिले, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि संपत्तियां अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई थीं. इसके बाद NDPS कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की गई. अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार की मंशा राज्य को नशा मुक्त बनाने की है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नारायण शर्मा उर्फ शुन्ना फिलहाल जम्मू के सेंट्रल जेल कोट भलवाल में बंद है. उसे अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकथाम अधिनियम (NDPS Act) के तहत हिरासत में रखा गया है. अधिकारियों ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कानून के मुताबिक आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और नशा तस्करी के जरिए अर्जित संपत्तियों को चिन्हित करने का अभियान जारी रहेगा.
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Jun 19, 2026, 06:57 AM
कोयला तस्करी मामले में ईडी की पूछताछ का सामना करेंगे भारतीय पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल

कोयला तस्करी मामले में ईडी की पूछताछ का सामना करेंगे भारतीय पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल

पीएम मोदी को अभिजीत दीपके का पत्र: कहा- जान गंवाने वाले छात्रों को मुआवजा मिले, प्रधान के इस्तीफे की भी मांग अब मंडल को कोलकाता में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा और सेंट्रल एजेंसी के वकील इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए उनकी ईडी कस्टडी की मांग करेंगे। पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ब्रांच से जुड़े मंडल, कोयला तस्करी मामले में ईडी की नजर में लंबे समय से थे। वे इसी जिले के बाराबानी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रह चुके थे और उस दौरान उनकी भूमिका की वजह से उन पर शक था। इस मामले में ईडी की ओर से कई समन भेजे जाने के बावजूद मंडल पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे। असल में वे लंबे समय तक फरार भी रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, कोयला तस्करी मामले के अलावा मंडल अवैध रेत खनन मामले में भी ईडी की जांच के दायरे में थे। इस साल मार्च में ईडी के अधिकारियों ने पश्चिम बर्धमान जिले के स्टील सिटी दुर्गापुर में मंडल के घर पर लंबी छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था। पावागढ़ में कुदरत का कहर: बारिश के बीच पहाड़ से गिरी चट्टान, दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, आठ घायल मंडल का अतीत और करियर का रिकॉर्ड विवादों से भरा रहा है। 2024 में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कोयला तस्करी के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद तत्कालीन बाराबानी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मंडल को सस्पेंड कर दिया गया था और उनके खिलाफ न्यायिक जांच भी शुरू की गई। वहीं, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर पुलिस ने जिले के एक प्रभावशाली पूर्व अधिकारी मिथुन कुमार डे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तीन बार लोकसभा सांसद रहे अभिषेक बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता है। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों के अनुसार, डायमंड हार्बर नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस पार्षद डॉ. तमाल कुमार हलदर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद डे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में, डे पर हलदर को निर्वस्त्र करने और फिर उसकी बेरहमी से पिटाई करने के साथ-साथ बिजली के झटके देकर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में, हलदर ने यह भी दावा किया है कि डे ने उस घटना को कवर करने की कोशिश कर रहे एक मीडियाकर्मी को भी बुरी तरह प्रताड़ित किया।
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Jun 19, 2026, 06:27 AM
मुंबई पॉक्सो अदालत ने बलात्कार के आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने के लिए अस्थायी जमानत दी

मुंबई पॉक्सो अदालत ने बलात्कार के आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने के लिए अस्थायी जमानत दी

मुंबई की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में जेल में बंद 18 साल के आरोपी को बड़ी राहत देते हुए चार दिन की अस्थायी जमानत दे दी है. अदालत ने यह फैसला आरोपी को 21 जून को होने वाली NEET री-टेस्ट परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने के लिए सुनाया. आरोपी फिलहाल नवी मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल में बंद है. अदालत ने उसे 18 जून से 21 जून तक के लिए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर अस्थायी राहत प्रदान की है. साथ ही उसे निर्देश दिया गया है कि वह परीक्षा के बाद 22 जून को दोपहर दो बजे से पहले संबंधित अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करे. मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एस.आर. शर्मा ने यह आदेश तब पारित किया जब पीड़िता की ओर से आरोपी को परीक्षा देने के लिए अस्थायी जमानत दिए जाने पर अनुमति दी गई. हालांकि पीड़िता की ओर से यह शर्त रखी गई कि जमानत के दौरान आरोपी उसके परिवार को किसी भी प्रकार से धमकाएगा नहीं और न ही उनकी छवि खराब करने की कोशिश करेगा. सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश वकील कपिल विश्वास जोधगे ने अदालत को बताया कि आपराधिक न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि सुधार और पुनर्वास का अवसर देना भी है. उन्होंने दलील दी कि आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए ताकि वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सके. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस सुरक्षा में परीक्षा देना उसके मानसिक संतुलन और तैयारी पर असर डाल सकता है. वहीं विशेष लोक अभियोजक चैत्राली पानशीकर ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपों की गंभीरता का हवाला दिया. अभियोजन पक्ष का सुझाव था कि आरोपी को केवल एक दिन के लिए पुलिस सुरक्षा में परीक्षा देने की अनुमति दी जाए. अदालत ने बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत उच्च माध्यमिक परीक्षा प्रमाणपत्र और अस्थायी NEET प्रवेश पत्र का अवलोकन करने के बाद कहा कि आरोपी को सीमित अवधि की जमानत देने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष की आशंकाओं को सख्त शर्तों के जरिए दूर किया जा सकता है. कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह पीड़िता या उससे जुड़े किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेगा, किसी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही किसी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास करेगा. साथ ही परीक्षा में शामिल होने और उसके प्रमाण प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है.
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Jun 19, 2026, 06:04 AM
साली के साथ अवैध संबंध रखने पर भाई ने भाई की हत्या कर दी

साली के साथ अवैध संबंध रखने पर भाई ने भाई की हत्या कर दी

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। यहां के थाना सदर के सुल्तानपुरा में एक भाई ने ने अपनी भाभी खुशी से अवैध संबंध के चलते भाई अमित की हत्या कबूल की है। तीन दिन पहले भाई ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद भाभी खुशी ने ही भाई को रास्ते से हटाने के लिए कहा था। चार माह पूर्व 19 फरवरी को अमित की शादी प्रेमनगर निवासी खुशी से हुई थी।
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Jun 19, 2026, 05:49 AM
एसटीएफ ने दो साल की खोज के बाद प्रश्न पत्र लीक करने वाले आरोपी एलेक मिश्रा को गिरफ्तार किया

एसटीएफ ने दो साल की खोज के बाद प्रश्न पत्र लीक करने वाले आरोपी एलेक मिश्रा को गिरफ्तार किया

उप्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लीक करने के मामले में गुरुवार को एसटीएफ ने आरोपित आलाेक मिश्रा को उसके घर से गिरफ्तार किया है। आरोपित गाजीपुर जनपद जंगीपुर थाना के बाबूरायपुर मानपुर का रहने वाला है। वह वर्तमान में शहर कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा स्थित हयात सेंटर के पास रहता है। स्पेशल टास्क फोर्स के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह ने बताया कि 11 फरवरी 2024 को समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी का पेपर लीक हुआ था। इस मामले में आलोक पिछले दो वर्ष से फरार चल रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपित आलोक मिश्रा व उसके बहनोई गाजीपुर जनपद के सैदपुर थाना के पिपार कनेरी गांव निवासी कृष्णा पांडेय परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दोनों की मुलाकात वाराणसी रेलवे स्टेशन पर सरगना अमरजीत शर्मा से हुई। परीक्षा में पास कराने के लिए 12-12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इस पर दोनों ने तीन-तीन लाख रुपये एडवांस और कागजात दिया गया। इसके बाद दोनों को भोपाल बुलाया गया। ट्रेन पकड़कर दोनों भोपाल पहुंचे और होटल लेकर रूके। इसके बाद दोनों को परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्रों को पढ़ने के लिए दिया गया। इसके तीन घंटे बाद प्रश्नपत्रों को वापस ले लिया। नीट पेपर लीक मामला: टेलीग्राम को नया 'डार्क वेब' बताया, केंद्र सरकार ने अदालत में क्या दिया जवाब? इसके बाद दोनों वापस लौट लाए। इसमें शामिल तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के दौरान आलोक का नाम प्रकाश में आया था। इसकी तलाश पिछले दो वर्ष से की जा रही थी। हर बार पेपर लीक से जुड़ रहा है भोपाल, कई प्रदेशों ने यहां से पकड़े हैं आरोपित RO ARO Exam : आरओ-एआरओ परीक्षा में पेपर लीक कराने वाले जाएंगे जेल, परिवार भी भुगतेगा खामियाजा, प्रयागराज के डीएम सख्त
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Jun 19, 2026, 05:40 AM
निशानेबाजों को विशेष चश्मे के लक्ष्य के साथ भाड़े के हत्यारे होने का पता चला

निशानेबाजों को विशेष चश्मे के लक्ष्य के साथ भाड़े के हत्यारे होने का पता चला

सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में जम्मू से गिरफ्तार दो शूटरों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू से चंडीगढ़ लेकर आ रही पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि शूटरों को कुमार केमिस्ट पर चश्मा लगाकर बैठे विशेष हुलिए वाले व्यक्ति के लिए सुपारी मिली थी। उन्हें एक चश्मा लगाने वाले भारी-भरकम व्यक्ति की पहचान बताई गई थी और उसी के आधार पर उन्हें टारगेट की पहचान करनी थी। सबसे खास बात यह थी कि शूटरों को स्पॉट से फोन करने की सख्त मनाही थी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पकड़े जाने का डर था। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वारदात से पहले आरोपी सेक्टर-11 में कुमार नाम से चल रही कई मेडिकल शॉप पर पहुंचे लेकिन उन्हें कोई चश्मा लगाए काउंटर पर बैठा टारगेट नहीं दिखा। इसके बाद वे श्री कुमार केमिस्ट पर पहुंचे और सामने मौजूद व्यक्ति उनके बताए गए हुलिए से मेल खाता मिला तो उन्होंने तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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Jun 19, 2026, 05:39 AM
पंजाब पुलिस ने मलेशिया से लाए गए केजेडएफ आतंकी के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

पंजाब पुलिस ने मलेशिया से लाए गए केजेडएफ आतंकी के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

पंजाब पुलिस ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और मलेशिया पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है. संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के 2 मोस्ट वांटेड आरोपियों को गुरुवार (18 जून) की सुबह मलेशिया से भारत लाया गया. जैसे ही ये दोनों आरोपी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) पर उतरे, पंजाब पुलिस ने तुरंत इन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया. जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए पंजाब लाया गया है. बता दें कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी गुरविंदर सिंह और पटियाला निवासी मनजीत सिंह के रूप में हुई है. दोनों पंजाब में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल लाइनों सहित महत्वपूर्ण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले आतंकी मॉड्यूल में शामिल थे. पंजाब पुलिस ने 23 जनवरी 2026 को सरहिंद फतेहगढ़ साहिब के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए IED ब्लास्ट और 27 अप्रैल 2026 को शंभू जिला पटियाला के पास उसी कॉरिडोर पर विस्फोट की कोशिश के लिए जिम्मेदार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि ये दोनों सिर्फ साजिश ही नहीं रच रहे थे, बल्कि मलेशिया से अपना एक पूरा आतंकी फंडिंग नेटवर्क ही चला रहे थे. गुरविंदर और मनजीत विदेशों में मौजूद अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल करके पंजाब में छिपे खालिस्तानी आतंकियों तक रुपये पहुंचाते थे, ताकि आतंकी गतिविधियों को बखूबी अंजाम दिया जा सके. पंजाब पुलिस ने 23 जनवरी 2026 को फतेहगढ़ साहिब के सिरहिंद और 27 अप्रैल 2026 को पटियाला के शंभू इलाके में रेलवे लाइन पर हुए IED हमलों के मॉड्यूल का पहले ही भंडाफोड़ कर दिया था. बता दें कि पहले की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जब इन चारों से पूछताछ हुई और तलाशी ली गई तो उनके पास से RPG लॉन्चर, IED, RDX, हैंड ग्रेनेड और बेहद हाईटेक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ था. इसी जांच के तार बाद में मलेशिया तक पहुंचे.
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Jun 19, 2026, 05:34 AM
सार्वजनिक सुनवाई के दौरान पीड़ित ने पुलिस अधिकारी से संपर्क किया

सार्वजनिक सुनवाई के दौरान पीड़ित ने पुलिस अधिकारी से संपर्क किया

पीड़िता ने पिछले दिनों जनसुनवाई के दौरान पुलिस लाइन में सीओ सिटी रणधीर मिश्रा से गुहार लगाई थी। बताया था कि वह जीएनएम कोर्स कर वाराणसी के एक हॉस्पिटल में नर्सिंग करती थी। वहां भदोही के कसियापुर-सुरियांवा निवासी सुजीत बिंद भी नर्स का काम करता था। इसी दौरान दोनों में अच्छी जान-पहचान हो गई। इसका फायदा उठाकर उसने उससे 80 हजार रुपये मांगे। कहा कि दो-तीन महीने में वापस कर देंगे।विज्ञापनरुपये देने के बाद दो अप्रैल को जब उसने तगादा किया तो उसकी अश्लील फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाने लगी। चार अप्रैल को आरोपी ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी अश्लील फोटो वायरल कर दी। जब उसने फोन कर फोटो हटाने के लिए कहा तो एक लाख रुपये मांगे। राबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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Jun 19, 2026, 05:27 AM
अधिकारियों ने भारत में गिरफ्तार अभियुक्त से हथियारों का जखीरा जब्त किया

अधिकारियों ने भारत में गिरफ्तार अभियुक्त से हथियारों का जखीरा जब्त किया

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक एके-47 राइफल, 25 पिस्तौल, 47 मैगजीन, एक बुलेटप्रूफ जैकेट और 368 कारतूस बरामद किए गए हैं। बीएसएफ ओर अन्य सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह खेप पाकिस्तान स्थित आतंकवादियो की ओर से सीमा पार भेजी गई थी।विज्ञापनबीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से गहन पूछताछ कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश है कि हथियारों की खेप किस नेटवर्क के माध्यम से सीमा पार पहुंची और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका क्या रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों की संख्या को देखते हुए मामला बेहद संवेदनशील है।विज्ञापनसुरक्षा एजेंसियां सतर्कप्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आतंकी गतिविधि में किया जा सकता था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि स्वतंत्रता दिवस से पहले राज्य में अस्थिरता फैलाने के उद्देश्य से हथियारों की खेप विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना तो नहीं थी। हाल के समय में सीमा पार से ड्रोन और अन्य माध्यमों के जरिए हथियारों तथा नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं। इसी को देखते हुए बीएसएफ, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और अभियान तेज कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Jun 19, 2026, 05:16 AM
अपने प्रेम संबंध में बाधा डालने के लिए पत्नी और बहनोई ने भारतीय व्यक्ति की हत्या कर दी

अपने प्रेम संबंध में बाधा डालने के लिए पत्नी और बहनोई ने भारतीय व्यक्ति की हत्या कर दी

हरियाणा के पानीपत के थाना सेक्टर-13-17 क्षेत्र के गढ़सरनाई में बैंक के सिक्योरिटी गार्ड मदन की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंधों में बाधक बनने पर मदन की पत्नी पिंकी और जेठ के लड़के विशाल ने मदन की हत्या की थी। दोनों ने मदन को पहले खीर में नशीली दवा दी। इसके बाद मदन के मुंह में कीटनाशक डालने का प्रयास किया।
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Jun 19, 2026, 05:14 AM
यूपी पुलिस का बंदर व्यवसायः विचित्र मामले में बंद करने की रिपोर्ट दर्ज की गई

यूपी पुलिस का बंदर व्यवसायः विचित्र मामले में बंद करने की रिपोर्ट दर्ज की गई

यूपी के लखीमपुर एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां पहले पुलिस ने अदलात में दावा किया कि बंदरों ने पुलिस स्टेशन के स्टोर रूम में रखे सोने के गहनों को बिखेर दिया और फिर उन्हें लेकर भाग गए. पुलिस ने अब इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है और दावा किया है कि उस वक्त के मालखाना इंचार्ज की मौत हो चुकी है और मामले की जांच संभव नहीं है. दिलचस्प बात ये है कि घटना के वक्त मालखाना इंचार्ज का नाम (जैसा कि कोर्ट के आदेश में बताया गया है) और 17 जून को लखीमपुर पुलिस द्वारा जारी क्लोजर रिपोर्ट को लेकर प्रेस को दिए बयान में जो बताया गया है. वो दोनों नाम अलग-अलग हैं. दरअसल, ये पूरा मामला साल 2007 के एक दहेज हत्या के मुकदमे से जुड़ा है, जिसके आभूषण (अंगूठी, नथुनी, चूड़ियां और हार) कोतवाली सदर के मालखाने में जमा थे. फरवरी 2024 में जब अदालत ने पति को इस मामले में बरी कर दिया, तो उसने अपने पारिवारिक आभूषणों को वापस पाने के लिए कोर्ट में अर्जी दी. इसके जवाब में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 2013 में बारिश की वजह से गहनों वाली कपड़े की पोटली भीग गई थी, जिसे सुखाने के लिए मालखाने की छत पर रखा गया था, जहां बंदरों ने पैकेट को फाड़कर सारे गहने बिखेर दिए और गहने लापता हो गए. वहीं, जुलाई 2024 में पुलिस की इन बातों को सुनने के बाद जिला जज ने पुलिस जांच का आदेश दिया था. आदेश में साफ़ तौर पर कहा गया कि बंदरों द्वारा गहने चुराने और बिखेरने का दावा अविश्वसनीय है और सोने के गहनों को बारिश के बाद सूखने के लिए बाहर रखने का कोई औचित्य नहीं था. कोर्ट ने 17 सितंबर 2013 की थाना केस डायरी एंट्री पर भी ध्यान दिया, जिसमें लिखा था कि जोनल IG के निरीक्षण के बाद 2013 तक के पोस्टमार्टम पैकेट छत पर रखे गए थे और फिर बंदरों ने उन्हें नुकसान पहुंचाया और बिखेर दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में खास तौर पर कहा कि पैकेट को सूखने के लिए बाहर रखने का दावा स्वीकार्य नहीं लगता, क्योंकि पैकेट में सोना था जो पानी से खराब नहीं हो सकता और वहां दूसरी पोटलियां भी थीं, जिनमें गंभीर अपराधों के अहम सबूत थे. कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को जांच करने का निर्देश दिया, क्योंकि स्पष्टीकरण से ऐसा लग रहा था कि गहने गायब मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों ने मालखाने से कीमती सामान निकाल लिया था और सच छिपाने के लिए झूठी डायरी रिपोर्ट बनाई थीं. इस मामले को और दिलचस्प बनाने वाली बात ये है कि जुलाई 2024 के कोर्ट आदेश में उस वक्त के मालखाना इंचार्ज द्वारा दाखिल रिपोर्ट का जिक्र है. उन्होंने परिवार की अर्जी का जवाब देते हुए दावा किया कि गहनों वाला संबंधित पोस्टमार्टम पैकेट रिकॉर्ड में आगे नहीं सौंपा गया था. इस रिपोर्ट में चार पूर्व मालखाना इंचार्ज- मोल्हेराम, रमाकांत तिवारी, मेवाराम और ईश्वर दयाल के नाम हैं, जिनमें से आखिरी व्यक्ति की मौत हो चुकी है. इनमें से ईश्वर दयाल मृत्यु दर्ज है. इसके विपरीत पुलिस के हालिया बयान में 2007-2009 के बीच के दो अलग नाम चंद्रिका प्रसाद और रामबख्श पाल बताए गए हैं और दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है. वहीं, पीड़ित परिवार के वकील शैलेंद्र गौड़ ने इंडिया टुडे/ आजतक से बातचीत में कहा कि जब कथित तौर पर बंदर ों का हमला हुआ, तब मालखाने का इंचार्ज असल में कौन था, इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं दिखती. गौड़ ने बताया, 'नाम अलग-अलग हैं, कहानी बदलती रहती है और अब वो (पुलिस) दावा कर रहे हैं कि मालखाना इंचार्ज मर चुका है... ये साफ है कि पुलिस उस व्यक्ति को छिपाने या बचाने की कोशिश कर रही है, जिसने मालखाने से गहने और दूसरी चीजे चुराई थीं.' गौड़ ने ये भी कहा कि हालांकि पुलिस के प्रेस बयान में दावा किया गया है कि क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है, लेकिन कोर्ट के रिकॉर्ड में अभी तक ऐसा कुछ नहीं है. गौड़ ने कहा, '2024 के आदेश में खोए हुए गहनों के लिए मुआवजे और घटना की जांच की मांग की गई थी. हमें न तो मुआवजा मिला और न ही न्याय.' सीनियर वकील और पूर्व ASG सिद्धार्थ लूथरा ने भी इंडिया टुडे/आजताक को बताया कि ऐसे मामलों में जब पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध हो तो स्वतंत्र जांच, यहां तक कि CBI जांच की भी जरूरत होती है. लूथरा ने कहा, 'कोर्ट ने पुलिस को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से जांच करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस ने ऐसी रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें विसंगतियां हैं. भले ही वक्त बीत चुका है, लेकिन मामले को जांच के लिए CBI को भेजना ही सही रहेगा.' उन्होंने याद दिलाया कि पुलिस नियमों के अनुसार, मालखाने में किसी भी चीज के आने-जाने का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए, लूथरा ने ये भी टिप्पणी की कि साफ तौर पर ये रिकॉर्ड रखने वाले की गलती या लापरवाही का मामला है- मुहर्रिर (मालखाना र्क्लक) या तो खुद इसमें शामिल था या इतना लापरवाह था कि उसने दूसरों को चोरी करने या विश्वासघात करने दिया. भले ही अगर कोर्ट के दस्तावेजों और पुलिस के बयान में विसंगतियां हैं तो अपराध को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने अंत में कहा कि भले ही मालखाना मुहर्रिर असल में जीवित न हो, लेकिन इस बात की जांच जरूर होनी चाहिए कि किसने उसके साथ साज़िश रची या उसे उकसाया और इस काम में मदद की और अपराध से उसके साथ-साथ किसे फायदा हुआ.
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Jun 19, 2026, 05:11 AM
दहेज की मांग के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में भारतीय महिला की मौत

दहेज की मांग के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में भारतीय महिला की मौत

इटावा के लोधी मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय मोना शंखवार की 16 जून की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतका के भाई शिवम और मां राधा देवी ने पति सचिन, सास हंसमुखी और अन्य ससुरालियों पर दहेज के लिए गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है. घटना के बाद से आरोपी ससुराल पक्ष के लोग फरार हैं. कोतवाली पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और ससुर बलराम शंखवार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया है और मामले की गहन जांच कर रही है. आगरा के जैतपुर की रहने वाली मोना की शादी 12 मार्च 2026 को सचिन शंखवार के साथ हुई थी. मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर मोना को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. पति सचिन बेरोजगार था, जिसके कारण सास अक्सर मोना के साथ बुरा व्यवहार करती थी. मायके वालों का दावा है कि उन्होंने शादी बहुत धूमधाम से की थी, लेकिन लालची ससुराल वालों ने उनकी बेटी की जान ले ली. घटना के दिन ससुराल वाले मोना को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इमरजेंसी में तैनात डॉ. राहुल बाबू ने बताया कि महिला के गले पर फांसी लगाने जैसे निशान मौजूद थे. मृतका के भाई शिवम ने आरोप लगाया है कि उन्हें मौत की सूचना तक नहीं दी गई और सीधे अस्पताल बुलाकर शव के पास ले जाया गया. अस्पताल में दोनों पक्षों के बीच काफी हंगामा भी हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी. सीओ सिटी रामगोपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है. ससुर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस सास हंसमुखी शंखवार- जो 2014 में कांग्रेस से लोकसभा प्रत्याशी रह चुकी हैं- और अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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Jun 19, 2026, 05:09 AM
भारतीय फिल्म निर्देशक को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी

भारतीय फिल्म निर्देशक को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी

जोधपुर के साल 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार प्रकरण पर आधारित फिल्म काला हिरण एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि इसके निर्देशक अमित जानी को मिली कथित जान से मारने की धमकियां हैं. निर्देशक ने जोधपुर के रातानाडा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें पाकिस्तान से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए लगातार धमकियां दी जा रही हैं. शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. रातानाडा थाना अधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि अमित जानी की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल प्राप्त हुआ. कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम शहजाद भट्टी बताया और फिल्म काला हिरण के निर्माण कार्य से दूर रहने की चेतावनी दी. शिकायत के अनुसार कॉलर ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि कॉल की सत्यता, कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान, कॉल की लोकेशन और धमकी के पीछे की मंशा की जांच की जा रही है. साइबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है. अमित ने अपनी शिकायत में सुरक्षा की मांग भी की है. उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले उनकी फिल्म उदयपुर फाइल्स के दौरान भी उन्हें धमकी भरे कॉल और संदेश मिले थे. अब काला हिरण फिल्म के निर्माण के दौरान फिर से ऐसे कॉल आने लगे हैं. निर्देशक के अनुसार फिल्म काला हिरण साल 1998 के चर्चित शिकार प्रकरण, बिश्नोई समाज के संघर्ष और लंबे समय तक चले कानूनी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर आधारित है. उनका दावा है कि फिल्म में मामले से जुड़े सामाजिक, कानूनी और न्यायिक पहलुओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म को लेकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. फिल्म पहले से ही कानूनी विवादों के कारण चर्चा में है. अमित जानी के अनुसार फिल्म का टीजर रिलीज होने से पहले ही मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया था. फिल्म की रिलीज और प्रदर्शन को लेकर अंतिम स्थिति न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी. 19 जून को न्यायालय में इस मामले की सुनवाई होनी है. इधर जोधपुर में दर्ज एफआईआर के बाद फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकियों के पीछे कौन है और इनके पीछे की वास्तविक वजह क्या है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है. बाइट: दिनेश लखावत, SHO रातानाडा बाइट: अमित जानी, निर्देशक एवं शिकायतकर्ता.
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Jun 19, 2026, 05:08 AM
यात्रा जांच के बीच एस. वी. यू. ने अभिलाषा शर्मा के घर पर छापा मारा

यात्रा जांच के बीच एस. वी. यू. ने अभिलाषा शर्मा के घर पर छापा मारा

स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बेली रोड से सटे अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास पर धावा बोला है। एसवीयू ने अभिलाषा शर्मा से उनकी यात्राओं से संबंधित कागजात भी मांगे हैं, क्योंकि मीडिया में लंबे समय से यही जानकारी आ रही थी कि वह विदेश यात्रा पर गई थीं। बताया जा रहा है कि एसवीयू को अभिलाषा शर्मा के विदेश जाने का प्रमाण अब तक नहीं मिला है। उनका पासपोर्ट भी देखा जा रहा है। इसके अलावा उनकी पर्यटन यात्रा के खर्च और उसके लिए भुगतान का विवरण भी मांगा गया है, क्योंकि आरोप है कि रिशुश्री ने यह प्रायोजित किया था। एसवीयू की टीम यह भी देख रही है कि अभिलाषा शर्मा रिशुश्री को लाभ देने वाले पदों पर रही हैं या नहीं और रिशुश्री की डायरी में दर्ज उपहार आदि वास्तव में उनके पास हैं या नहीं?विज्ञापनविज्ञापनबिहार सरकार के टेंडरों में कमीशनखोरी का सिंडिकेट चला रहे रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद ही अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर को निलंबित कर दिया गया था। बताया गया था कि रिशुश्री के मोबाइल चैट और डायरियों में इन्हें भइया-दीदी की तरह संबोधित किए जाने के बाद फौरी तौर पर यह कार्रवाई की गई। निलंबन से पहले इनसे शोकॉज भी नहीं किया गया था और न इस मामले में प्राथमिकी ही दर्ज हुई थी। अब करीब 20 दिन बाद जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए इनके घरों पर धावा बोला है। आईएएस योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी के मकान नंबर E-2/10 पर कागजातों की पड़ताल करते हुए देखा जा रहा है कि यह जहां पदस्थापित रहे हैं, वहां रिशुश्री का नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और किस तरह का फायदा उठाया गया? रिशुश्री और योगेश सागर के जुड़ाव को साबित करने के लिए तकरीबन दो दर्जन सवालों के साथ जांच एजेंसी ने धावा बोला है।रिशुश्री की गिरफ्तारी के साथ ही यह सामने आ गया था कि इससे जुड़े दस्तावेज बेउर के एसके विहार कॉलोनी स्थित मातृस्वा इंफ्रा के कार्यालय और इससे जुड़े लोगों के पास मिलेंगे। ऐसे में 28 मई को गिरफ्तार रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के घर पर अब जाकर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम पहुंची है। यहां कंपनी के सरकारी टेंडरों से जुड़े दस्तावेजों की जांच और उसी से संबंधित पूछताछ चल रही है।
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Jun 19, 2026, 04:43 AM
गोली चलाने के बाद पुलिस के पीछा में डकैत की मौत

गोली चलाने के बाद पुलिस के पीछा में डकैत की मौत

हापुड़ नगर और देहात पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात बुलंदशहर रोड और ग्राम गोदी के पास चेकिंग के दौरान घेराबंदी कर 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश श्याम को मुठभेड़ में ढेर कर दिया. आरोपी ने 1 जून की रात उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल के परिवार को बंधक बनाकर करोड़ों की डकैती को अंजाम दिया था और तब से फरार चल रहा था. पुलिस की रोकने की कोशिश पर बदमाश ने मोटरसाइकिल से भागते हुए ट्यूबवेल की आड़ लेकर जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल बदमाश की अस्पताल में मौत हो गई. हापुड़ नगर पुलिस टीम बुलंदशहर रोड पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी बीच एक मोटरसाइकिल सवार आता हुआ दिखाई दिया, जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया. पुलिस टीम ने तुरंत उसका पीछा किया और वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया. संदेश मिलते ही हापुड़ देहात पुलिस टीम ने घेराबंदी की और बदमाश को ग्राम गोदी की तरफ से घेर लिया. खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. बदमाश की तरफ से हुई इस फायरिंग में हेड कांस्टेबल मनोज कुमार घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें इनामी बदमाश श्याम गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस उसे तुरंत उपचार के लिए सरकारी अस्पताल सीएचसी लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मारे गए बदमाश श्याम की गिरफ्तारी पर डीआईजी की तरफ से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह के अनुसार, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से गहनता से साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस को मौके से एक अवैध पिस्टल, जिंदा व खोखा कारतूस और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है।.इस मुठभेड़ के बाद पुलिस आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई में जुट गई है. उद्योगपति के घर करोड़ों की डकैती के बाद से जिले में इस शातिर अपराधी की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी.
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Jun 19, 2026, 04:31 AM
गुस्से और वित्तीय मांगों को लेकर आदमी ने चाचा और दूसरे की हत्या कर दी

गुस्से और वित्तीय मांगों को लेकर आदमी ने चाचा और दूसरे की हत्या कर दी

पुलिस ने आरोपी की पहचान पानीपत निवासी साहिल मलिक के रूप में की है। मृतकों की पहचान राहुल मलिक (45) और अंकुश अग्रवाल (25) के तौर पर हुई है। राहुल मलिक डेराबस्सी में रहता था। वह प्रॉपर्टी का कारोबार चलाता था। वह सोसाइटी के निवासी कल्याण संघ के अध्यक्ष भी था।विज्ञापनअंकुश अग्रवाल सीमेंट एजेंसी में अकाउंटेंट था। उसकी तीन माह पहले ही शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार, साहिल के पिता ने करीब 20 साल पहले होम लोन लिया था। लोन न चुका पाने पर राहुल मलिक ने उसे चुकाया और साहिल के परिवार को घर से बेदखल कर दिया। उस समय साहिल की उम्र चार वर्ष थी। तभी से उसके मन में चाचा के प्रति नफरत पनप गई थी। इसी रंजिश के चलते साहिल ने चाचा की हत्या की।विज्ञापनदोस्त अंकुश की हत्या का कारण कार ऋण की किश्तें चुकाने के लिए बार-बार टोकना था।क्या है पूरा मामलाबुधवार रात करीब पौने आठ बजे साहिल घोलूमाजरा में राहुल मलिक के दफ्तर पहुंचा। उसने वहां बैठे तीन ग्राहकों को बाहर जाने को कहा और हवाई फायर किया। इसके बाद साहिल ने चाचा राहुल को दो गोलियां मारीं। शव को घसीटकर अपनी गाड़ी में डाला और करीब 150 किलोमीटर चलाकर पानीपत ले गया।इसके बाद रात करीब दस बजे उसने अपने दोस्त अंकुश अग्रवाल को फोन कर बुलाया। अंकुश को कार में बैठाकर साहिल ने गोली मारकर उसकी भी हत्या कर दी। दोहरी हत्या के बाद साहिल मलिक ने दोनों शवों को पानीपत में सिवाह नहर के पास फेंक दिया। इसके बाद वह गाड़ी लेकर दिल्ली की तरफ भाग गया। वारदात के कुछ ही घंटों बाद सोनीपत पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लालड़ू और समालखा थानों में साहिल के खिलाफ हत्या के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। शव को सोसाइटी में लाने पर माहौल शोकग्रस्त हो गया। बाद में शव का रामबाग डेराबस्सी में अंतिम संस्कार किया गया।साहिल की गाड़ी अंबाला की ओर बढ़ी तो हरियाणा पुलिस को मैसेज फ्लैश कर लालड़ू पुलिस पीछे लग गई। बाद में समालखा थाने एरिया में दो शव मिलने का पता चलने पर मामले का खुलासा हुआ। उधर, पानीपत में ही शव का पोस्टमार्टम हुआ। राहुल के शरीर पर तीन गोलियां गर्दन, कमर व पेट पर लगी थीं। - इंस्पेक्टर योगेश कुमार, थाना प्रभारी, लालड़ू
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Jun 19, 2026, 04:30 AM
शादी की पार्टी में अपहरण के बाद डांसर ने खुद को मारी गोली

शादी की पार्टी में अपहरण के बाद डांसर ने खुद को मारी गोली

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटेया थाना क्षेत्र के जमुनाहा के पास स्थित पटोहवा गाँव निवासी महेंद्र कुशवाहा के घर बेटी की शादी थी। शादी में उत्तर प्रदेश से बारात आई थी। बारातियों और मेहमानों के मनोरंजन के लिए रामायण यादव की 'नाच ड्रामा पार्टी' का आयोजन किया गया था। इस पार्टी में यूपी के देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र का रहने वाला 32 वर्षीय सोनू गोंड बतौर डांसर परफॉर्म कर रहा था।विज्ञापनड्रामा पार्टी के संचालक रामायण यादव के मुताबिक, सोनू पिछले दो-तीन प्रोग्राम देकर स्टेज के पास बने राउटी में आकर बैठा था। इसी दौरान कार्यक्रम देख रहे कुछ मनचले और बेखौफ बदमाशों की नजर उस पर पड़ी। बदमाश बुरी नीयत से सोनू को जबरन खींचकर किसी सुनसान जगह पर ले जाने का प्रयास करने लगे। जब सोनू ने बदमाशों की इस हरकत का कड़ा विरोध किया और खुद को उनके चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, तो बौखलाए बदमाशों ने पिस्तौल निकाल ली और सीधे उसके पेट में गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई।विज्ञापनये भी पढ़ें-सोनू पिछले सात साल से अलग-अलग नाच पार्टियों में डांसर के रूप में काम कर अपनी आजीविका चला रहा था। माता-पिता की मौत के बाद वह अपने घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे तीन मासूम बच्चों और एक छोटे भाई को छोड़ गया है, जिनकी परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। इस खौफनाक वारदात के बाद से स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।घटना की सूचना मिलते ही कटेया थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने के लिए चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
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Jun 19, 2026, 04:14 AM
पुणे पुलिस ने मानसिक नियंत्रण और हेरफेर के लिए स्व-घोषित'भगवान'और सहयोगियों का भंडाफोड़ किया

पुणे पुलिस ने मानसिक नियंत्रण और हेरफेर के लिए स्व-घोषित'भगवान'और सहयोगियों का भंडाफोड़ किया

पुणे पुलिस ने एक गंभीर मामले में एक स्वयंभू “भोंदू बाबा” राधामोहन मिश्रा सहित 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को “ईश्वर” और “दैवी शक्तियों वाला” बताकर लोगों को प्रभावित करता था और उनसे “कन्फेशन” देने के नाम पर नियंत्रण स्थापित करता था। पुलिस के अनुसार, यह मामला अपराध रजिस्टर नंबर 210/2026 के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता तथा महाराष्ट्र की अंधविश्वास विरोधी कानून की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। शिकायत एक पीड़ित महिला द्वारा दी गई, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी। आरोप है कि 2001 से 2026 के बीच आरोपी ने पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से प्रभावित किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगियों ने “मॉडर्न गुरुकुल” नाम से एक आश्रम संचालित किया, जहां लोगों को धार्मिक आस्था और डर के जरिए नियंत्रित किया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने अनुयायियों को यह कहकर प्रभावित करता था कि वह सब कुछ जानता है और लोगों को उसके सामने अपने कन्फेशन देने होंगे। इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल कथित रूप से लोगों को मानसिक रूप से नियंत्रित करने और परिवार से अलग करने के लिए किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि 2009 से 2026 के बीच आरोपी और उसके सहयोगियों द्वारा पीड़िता के साथ कई बार मारपीट, गाली-गलौज और अमानवीय व्यवहार किया गया। साथ ही यौन शोषण के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। रेड के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई, जिसमें 8 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड डिस्क, 29 कैसेट, 23 पेन ड्राइव, और 10 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मेडिकल दवाइयां भी मिली हैं, जिनके उपयोग को लेकर जांच जारी है। पुलिस को बाबा के आश्रम में एक सुरंग भी मिली है। सूत्रों के अनुसार, आश्रम परिसर में 25 से 30 लोग कार्यरत थे और वहां निगरानी के लिए CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जाता था। पीड़िता ने कथित रूप से लंबे समय तक चले शोषण से तंग आकर सीसीटीवी तोड़कर वहां से भागकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तेजस्वी सातपुते ने बताया कि शिकायत मिलते ही FIR दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की गई। अब तक दो पुरुष और 6 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के ठिकानों से डिजिटल साक्ष्य, नकदी और आभूषण भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला लंबे समय से चल रहा था और “मॉडर्न गुरुकुल” के नाम पर एक सुनियोजित ढांचे के जरिए लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि अन्य पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने आश्रम परिसर के बड़े हिस्से को सील कर दिया है और जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। ( ) दैवी विधि के नाम पर बाबा ने किया महिला का यौन शोषण, आपत्तिजनक फोटो भी ली, अब शुरू हुई जांच जिम ट्रेनर से बना फर्जी बाबा, इलाज के बदले में भक्तों से मांगता था मोटी रकम के साथ महंगी शराब और 'कबाब'
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Jun 19, 2026, 04:05 AM
पन्नी विवाद हिंसक हो गयाः पड़ोसियों ने दंपति पर हमला किया

पन्नी विवाद हिंसक हो गयाः पड़ोसियों ने दंपति पर हमला किया

केदारपाल ने पन्नी फटने का विरोध किया, तो प्रमोद और मुकेश ने केदारपाल के साथ मारपीट कर दी। मारपीट का बाद में सुलह समझौता हो गया। गुरुवार रात में केदारपाल अपनी पत्नी चमेली देवी के साथ मक्का बोरियों में भर रहे थे। सभी मुकेश पाल अन्य साथियों के साथ आकर गाली गलौज करने लगा। साथ ही, चमेली के साथ मारपीट कर दी।
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Jun 19, 2026, 03:55 AM
पुरानी रंजिश के चलते व्यक्ति की बेरहमी से हत्याः पुलिस

पुरानी रंजिश के चलते व्यक्ति की बेरहमी से हत्याः पुलिस

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान शक्ति नगर निवासी यशवंत सारथी उर्फ टिंगू (26 वर्ष) के रूप में पहचान हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यशवंत और आरोपियों के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से युवक पर हमला कर दिया।आरोपियों ने पहले हमला पर धारदार हथियार से हमला किए फिर गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसके सिर पर पत्थर से वार किया गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।विज्ञापनहत्या के बाद आरोपियों ने शव को पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए शव को सुनसान इलाके में स्थित एक गहरे कुएं में फेंक दिया और फरार हो गए। पुलिस को मृतक के लापता होने की सूचना मिलने की सूचना पर विवेचना शुरू कर दी थी। युवक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने जांच शुरू की। इसी बीच पुलिस को सूचना मिलने की एक गहरे कुएं में गुरुवार अज्ञात युवक का शव मिला है जिसके बाद शव को एसडीआरएफ की टीम को मदद से बाहर निकलकर परिजनों को सूचित कारण पर युवक को पहचान कराई गई। पुलिस इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में जुट गई है पुलिस संदिग्धों और परिजनों से पूछताछ कर रही है।
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Jun 19, 2026, 03:45 AM
डकैती का प्रयास विफल; मुंगेर में तीन घायल

डकैती का प्रयास विफल; मुंगेर में तीन घायल

जानकारी के अनुसार, श्री गणेश सप्लायर कार्यालय में बालू बिक्री की राशि लेकर चालक सत्तू यादव पहुंचे थे। इसी दौरान चार हथियारबंद अपराधी कार्यालय में घुस आए और नकदी लूटने का प्रयास करने लगे। कार्यालय कर्मियों द्वारा विरोध किए जाने पर बदमाशों ने लाठी-डंडों और हथियारों के बल पर हमला कर दिया। हमले में नीरज यादव, रामानंद यादव समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल, मुंगेर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।विज्ञापनघटना के दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। भागने की जल्दबाजी में अपराधी अपनी एक बाइक घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बदमाशों द्वारा छोड़ी गई बाइक को जब्त कर जांच शुरू कर दी।विज्ञापनबताया जा रहा है कि लूटपाट की घटना के बाद अपराधियों ने कंपनी मालिक के कासिम बाजार थाना क्षेत्र स्थित हेरूदियारा इलाके के घर के पास फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश भी की। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।ये भी पढ़ें-गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार, सन्नी कुमार, सौरबी कुमार और अनमोल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Jun 19, 2026, 03:35 AM
कॉलोनी विवाद में नाबालिग लड़के पर झूठा आरोपः ए. सी. बी. ने की जांच

कॉलोनी विवाद में नाबालिग लड़के पर झूठा आरोपः ए. सी. बी. ने की जांच

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी ने एसीबी में आकर शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि परिवादी के नाबालिग बेटे का किसी से कॉलोनी में झगड़ा हो गया था और उसके बेटे के खिलाफ थाने में झूठी शिकायत दे दी गई। इस मामले में आरोपी कांस्टेबल हरिओम जो की चेतक ड्राइवर है उसने मामले को रफा दफा करने की एवज में 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिसमें से वह 5 हजार रुपए पहले ले चुका था और बाकी रकम के लिए परिवादी लगातार दबाव बना रहा था।विज्ञापनशिकायत का सत्यापन करवा कर देर रात को एसीबी की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई का आयोजन किया। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। वहीं आरोपी कांस्टेबल हरिओम परिवादी से 8 हजार रुपए रिश्वत लेने को राजी हो गया। देर रात को कांस्टेबल हरिओम ने थाने के बाहर परिवादी से 7 हजार रुपए की रिश्वत ली। इशारा मिलते ही एसीबी ने आरोपी कांस्टेबल को रंगे हाथों पकड़ लिया। आपको बता दें की कोटा एसीबी ने 15 दिन में यह तीसरी रिश्वत प्रकरण मामले में कार्रवाई की है।विज्ञापनये भी पढ़ें-
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Jun 19, 2026, 03:33 AM
पॉक्सो मामले में आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए अस्थायी जमानत दी गई

पॉक्सो मामले में आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए अस्थायी जमानत दी गई

अदालत ने आरोपी को 18 जून से 21 जून तक चार दिन की अस्थायी जमानत 50,000 रुपये के निजी मुचलके और समान राशि की जमानतदार शर्त पर प्रदान की। कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पुनर्परीक्षा के अगले दिन यानी 22 जून को दोपहर 2 बजे से पहले संबंधित अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा।विज्ञापन18 वर्षीय आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की रेप संबंधी धाराओं के अलावा, बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के तहत मामला दर्ज है। आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता कपिल विश्वास जोडगे ने दलील दी कि आपराधिक न्याय प्रणाली का उद्देश्य दोषियों और जेल में बंद व्यक्तियों के पुनर्वास को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि युवक को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होकर अपनी गलतियों को सुधारने का अवसर मिलना चाहिए।विज्ञापनबचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस सुरक्षा में परीक्षा देने से आरोपी की मानसिक स्थिति प्रभावित होगी और उसे परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता है। वहीं, विशेष लोक अभियोजक चैत्राली पांशीकर ने आरोपी की अस्थायी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उस पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं।अभियोजन पक्ष ने सुझाव दिया कि आरोपी को केवल एक दिन के लिए पुलिस एस्कॉर्ट के साथ परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए। बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत उच्च माध्यमिक परीक्षा प्रमाणपत्र और नीट का अस्थायी प्रवेश पत्र देखने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी को अस्थायी जमानत देने के लिए 'स्पष्ट और वैध आधार' मौजूद हैं। न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं को आवश्यक शर्तें लगाकर दूर किया जा सकता है।ये भी पढ़ें:नासिक धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को नहीं मिली राहत, कोर्ट का अग्रिम जमानत देने से इनकारअदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए निर्देश दिया कि वह किसी भी प्रकार से पीड़िता से संपर्क नहीं करेगा, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा और मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति को प्रभावित करने या धमकाने की कोशिश नहीं करेगा। न्यायाधीश ने आरोपी को यह भी निर्देश दिया कि वह परीक्षा में शामिल होने संबंधी एक लिखित आश्वासन प्रस्तुत करे और आत्मसमर्पण के समय परीक्षा में शामिल होने के दस्तावेज भी जमा करे।
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Jun 19, 2026, 03:12 AM
उत्तर प्रदेशः छेड़छाड़ के प्रयास का विरोध करने पर युवक की हत्या

उत्तर प्रदेशः छेड़छाड़ के प्रयास का विरोध करने पर युवक की हत्या

यूपी के संतकबीरनगर में छेड़खानी के विरोध करने पर गुरुवार रात एक युवक की धारदार हथियारों से गला रेत कर हत्या कर दी गई। मामला बखिरा थाना क्षेत्र के बभनी चौराहे का है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया। घटना के बाद परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया। जानकारी मिली है कि ग्रामीणों ने एक गुमटी और आरोपी के घर में आग लगा दी। आरोपी समुदाय विशेष का बताया जा रहा है। इलाके में तनाव को देखते हुए तीन जनपदों की भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। सूचना मिलते ही एडीजी, अशोक मुथा जैन, डीईजी संजीव त्यागी, एसपी संदीप कुमार मीणा और डीएम आलोक कुमार भी मौके पर पहुंचे। परिजन आरोपी के इनकाउंटर की मांग पर अड़े रहें। कड़ी कार्रवाई का आश्वाशन देकर अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने देर रात शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है। जानकारी मिली है कि कुछ दिन पहले एक शादी समारोह में मृतक की भांजी से आरोपी नासीर छेड़खानी कर रहा था। इसका आनंद ने विरोध किया था। इसी रंजिश में धारदार हथियार से हत्या कर दी। हालांकि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। वहीं मृतक के परिजनों की मांग है कि आरोपी का घर बुलडोजर से गिराया जाए। पता चला है कि मृतक आनंद (30) वर्ष पुत्र इंद्रेश कोलकी चमरसन गांव का रहने वाला था। प्रत्यक्षदर्शी और मृतक के चचेरे भाई रोहित ने बताया कि आनंद टाइल्स लगाने का काम करता था। वह मशीन देने के लिए बभनी चौराहे पर आया था। उसके बाद कुछ सामान खरीदकर वह घर वापस लौट रहा था। इसी दौरान पास के गांव का रहने वाला नासिर अली वहां पहुंचा और नासिर ने आनंद की गर्दन पर धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना में कुछ और लोग भी शामिल थे। मृतक की पत्नी मीना ने कहा कि हमको जान के बदले जान चाहिए और कुछ नहीं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। रोहित ने बताया कि मुख्य आरोपी नासिर अली है। परिजनों ने हत्यारोपी के एनकाउंटर की मांग की है। हत्या की वजह दोनों के बीच पुराना विवाद बताया जा रहा है। तनाव को देखते हुए मौके पर पहुचे पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों ने घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वसन दिया। पूरे मामले में एसपी संदीप कुमार मीणा ने बताया कि बखिरा थाना क्षेत्र के बभनी चौराहे पर आनंद का नासिर ने गला रेत कर बेरहमी से हत्या कर दिया। यह भी पढ़ें हापुड़ में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया इनामी बदमाश, फायरिंग में हेड कांस्टेबल को भी लगी गोली VIDEO: चलते डंपर से हाईवे पर गिरी बजरी और पत्थर, यूपी पुलिस ने खुद फावड़े से साफ किया रास्ता
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Jun 19, 2026, 03:07 AM
भारतीय गिरोह के परिष्कृत फोन हैकिंग घोटाले ने लाखों की चोरी की

भारतीय गिरोह के परिष्कृत फोन हैकिंग घोटाले ने लाखों की चोरी की

- गिरोह के सदस्य उज्जैन के प्रतिष्ठित सराफा शोरूम पर जाकर गोल्ड क्वाइन का सौदा करते थे। - भुगतान के लिए शोरूम का क्यूआर कोड स्कैन कर उसकी जानकारी दिल्ली टीम को भेज देते थे। - दिल्ली टीम देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को 'मोबाइल अपडेट' का लिंक भेजकर उसका फोन हैक कर लेती थी। - फोन रीस्टार्ट होते ही पीड़ित के खाते से पैसे सीधे उज्जैन के ज्वेलर के क्यूआर कोड वाले खाते में ट्रांसफर हो जाते थे। - आरोपी शोरूम से सोना लेकर दूसरी दुकान पर बेच देते थे और नकदी को बायनेन्स पर यूएसडीटी ट्रेडिंग में लगा देते थे। इस पूरी ठगी का जाल तीन राज्यों में फैला हुआ था। इसका खुलासा उस समय हुआ जब ठगी के शिकार अन्य लोग भी सामने आए। राजस्थान के नागौर निवासी मोहम्मद नासिर से 2,88,630 रुपये की ठगी की गई, जिनमें से 91,100 रुपये महावीर ज्वैलर्स के खाते में भेजे गए। पंजाब के एसएएस नगर निवासी सुरिंदर सिंह से 95,000 रुपये ठगे गए और पूरी राशि डीपीके ज्वैलर्स के खाते में ट्रांसफर की गई। वहीं उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी मनोज कुमार से 99,000 रुपये की ठगी कर यह राशि माहेश्वरी ज्वैलर्स के खाते में भेजी गई। एसपी ने कहा कि आरोपी तीन साल से सक्रिय हैं, इसलिए देशभर में कई और वारदातों की आशंका है। मुख्य सरगनाओं को पकड़ने के लिए उज्जैन पुलिस की विशेष टीम जल्द दिल्ली रवाना होगी। नर्मदापुरम के तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। इनके पास से मोबाइल फोन, फर्जी आईडी कार्ड, गोल्ड खरीदने के बिल और अन्य अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। मामले में बीएनएस की धारा 338, 336(3), 340(2), 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66 जोड़ी गई है। एसपी ने स्पष्ट किया कि दिल्ली गैंग और स्थानीय मददगारों समेत पूरी चेन को आरोपी बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में कई बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कशिश बढ़ानी (29 वर्ष), राहुल उर्फ शानू (26 वर्ष) और अनिमेष उर्फ अनुराग उर्फ अन्नी (21 वर्ष) सभी नर्मदापुरम के रहने वाले हैं। ये बीटेक पास और उच्च शिक्षित हैं। इनका मकसद क्रिप्टो ट्रेडिंग के लिए जल्द पैसा कमाना था। दिल्ली की तकनीकी टीम फर्जी लिंक भेजकर लोगों के खाते खाली करती थी। किस अकाउंट में कितनी लिमिट उपलब्ध है, इसकी पूरी जानकारी इनके पास रहती थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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Jun 19, 2026, 02:49 AM
डकैती के प्रयास के बाद हापुड़ पुलिस के साथ मुठभेड़ में गैंगस्टर मारा गया

डकैती के प्रयास के बाद हापुड़ पुलिस के साथ मुठभेड़ में गैंगस्टर मारा गया

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में हापुड़ पुलिस ने मुठभेड़ में एक 50 हजार के इनामी बदमाश को देर कर दिया है। हाल ही में हुई एक व्यापारी के यहां डकैती की घटना में आरोपी बदमाश वांछित चल रहा था जिससे देर रात पुलिस का आमना सामना हो गया ओर बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए एक पुलिस कर्मी को घायल कर दिया जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में हापुड़ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद इस बदमाश को ढेर कर दिया है । जानकारी के अनुसार, रात्रि करीब 12:30 बजे थाना हापुड़ नगर की पुलिस टीम बुलंदशहर रोड पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार संदिग्ध व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने मोटरसाइकिल घुमाकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तुरंत उसका पीछा किया और वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया। संदेश मिलते ही थाना हापुड़ देहात की पुलिस टीम भी सक्रिय हो गई और बदमाश को गांव गोंदी की तरफ से घेर लिया। खुद को दोनों ओर से पुलिस से घिरा देख बदमाश ने गोदी के जंगलों में एक ट्यूबवेल की आड़ लेकर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने भी अपनी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत उपचार के लिए सीएचसी नगर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए हेड कांस्टेबल मनोज कुमार का भी फिलहाल सीएचसी नगर में उपचार चल रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से एक अवैध पिस्टल, जिंदा व खोखा कारतूस और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। मृतक बदमाश की पहचान श्याम, पुत्र वीरेंद्र, निवासी सूरजपुर, थाना पटवाई, जनपद रामपुर , के रूप में हुई है। हापुड़ SP ने बताया कि यह बदमाश बीते 1 जून 2026 को थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के मोहल्ला गिरधारीनगर में एक व्यापारी के परिवार और चौकीदार को बंधक बनाकर बेरहमी से की गई डकैती व लूटपाट की घटना में वांछित था। इस संबंध में थाना हापुड़ देहात पर BNS की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत था और उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था। इसके अतिरिक्त, मृतक अपराधी के खिलाफ जनपद मुरादाबाद में भी डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे संगीन मामलों के कई अभियोग पहले से दर्ज थे। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ये भी पढ़ेंः
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ABP News
Jun 19, 2026, 02:42 AM
ठाणे पुलिस ने स्टोन क्रशर कॉम्प्लेक्स पर छापेमारी में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की

ठाणे पुलिस ने स्टोन क्रशर कॉम्प्लेक्स पर छापेमारी में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की

ठाणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) और पडघा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भिवंडी तालुका के जानवल गांव स्थित आर.आर. स्टोन क्रशर परिसर में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है. पुलिस को सूचना मिली थी कि खदान क्षेत्र में आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के बिना जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर का उपयोग कर ब्लास्टिंग की जा रही है. स्थानीय अपराध शाखा, पडघा पुलिस और बम खोज एवं नाशक दस्ता (बीडीडीएस) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान मजदूरों के आवासीय परिसर में बने एक कमरे की तलाशी ली. वहां से 86 जिलेटिन स्टिक, 16 डेटोनेटर और विस्फोटकों के उपयोग एवं खरीद से संबंधित रजिस्टर बरामद किए गए. जांच में पाया गया कि विस्फोटक सामग्री का भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था. साथ ही उपयोग और खरीद के रजिस्टर कई महीनों से अपडेट नहीं किए गए थे, जिससे विस्फोटकों के इस्तेमाल को लेकर संदेह पैदा हुआ. आगे की जांच में खदान के पास एक सक्रिय ब्लास्टिंग स्थल से 175 जिलेटिन स्टिक और 69 डेटोनेटर बरामद किए गए. इसके अलावा एक अन्य स्थान से 45 जिलेटिन स्टिक और 25 डेटोनेटर जब्त किए गए. इस प्रकार पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 306 जिलेटिन स्टिक और 110 डेटोनेटर बरामद किए गए. बीडीडीएस टीम ने मौके पर सभी विस्फोटक सामग्री की जांच की. पुलिस के अनुसार, बरामद विस्फोटकों का इस्तेमाल कथित तौर पर पत्थर खदान में खुदाई और ब्लास्टिंग कार्य के लिए किया जा रहा था. हालांकि गिरफ्तार आरोपियों के पास विस्फोटक सामग्री के भंडारण, उपयोग या परिवहन के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी. जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित अधिकारियों की मंजूरी के बिना विस्फोटकों का उपयोग किया जा रहा था. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में किसी भी प्रकार की आतंकी साजिश या आतंकवाद से जुड़े एंगल का कोई संकेत नहीं मिला है. फिलहाल जांच अवैध रूप से विस्फोटकों के भंडारण और उपयोग पर केंद्रित है. मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें सुपरवाइजर, खदान संचालक और ब्लास्टिंग कार्य से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं. पडघा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 288 और 3(5) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर आरोपियों तक कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई अवैध सप्लाई नेटवर्क या अनधिकृत विस्फोटक आपूर्तिकर्ता तो सक्रिय नहीं था. मामले की जांच जारी है और पुलिस ने आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है. सूरज ओझा 2021 से एबीपी न्यूज से जुड़े हैं. अंडरवर्ल्ड, साइबर जगत से जुड़े मामलों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने वाले संवेदनशील केसों पर बारीकी से नजर रखते हैं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग, आतंकी संगठन आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ी खबरें भी कवर करते रहे हैं. पत्रकारिता करियर के दौरान तीन क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों और दो राष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों में काम किया है. इसके अलावा टैब्लॉयड और ब्रॉडशीट अख़बारों में भी काम करने का अनुभव रहा है.
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Jun 19, 2026, 02:41 AM
घरेलू सहायक की हत्या की चल रही जांच के बीच डॉक्टर की मां कैंसर से पीड़ित

घरेलू सहायक की हत्या की चल रही जांच के बीच डॉक्टर की मां कैंसर से पीड़ित

दक्षिण-पूर्वी जिले के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के माउंट कैलाश इलाके में घरेलू सहायिका मीना हलदर की हत्या करने वाला आरोपी डॉक्टर मनीष गुप्ता की मां कैंसर से पीड़ित थीं। मीना ने डॉक्टर की मां की परिवार के सदस्य की तरह सेवा की थी। इसके बावजूद आरोपी डॉक्टर मीना को काम से हटाना चहाता था मगर उसकी पत्नी मना करती थी। पत्नी कहती थी कि मीना कई वर्षों से घर में काम कर रही है और मां की कैंसर जैसी बीमारी में भी सेवा की थी। ऐसे में उसे काम से नहीं हटाया जा सका।
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Jun 19, 2026, 02:12 AM
जयपुर पूर्वी पुलिस ने अवैध हुक्का बारों पर नकेल कसी

जयपुर पूर्वी पुलिस ने अवैध हुक्का बारों पर नकेल कसी

पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजिता शर्मा (आईपीएस) ने बताया कि जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार सिंघल और सहायक पुलिस आयुक्त विनोद कुमार शर्मा के निर्देशन में बजाज नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। थानाधिकारी रामधन डोभाल के नेतृत्व में गठित टीम ने दुर्गापुरा स्थित एसएल मार्ग पर संचालित मर्करी हुक्का बार कैफे में दबिश दी। जांच के दौरान पुलिस ने वहां से 3 हुक्के, 3 फ्लेवर से भरी चिलम, 6 पाइप, एक चिमटा और कोयला जलाने में प्रयुक्त सामग्री जब्त की। कार्रवाई के दौरान हुक्का बार में मौजूद युवक-युवतियों के खिलाफ भी नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई। वहीं कैफे के मैनेजर विनय अधिकारी (36) निवासी अशोक नगर, जयपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोटपा अधिनियम की धारा 4A और 21A के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर में अवैध हुक्का बारों पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
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Jun 19, 2026, 02:05 AM
ट्रस्ट के अधिकारियों पर मंदिर में चोरी के मामले को दबाने का आरोप

ट्रस्ट के अधिकारियों पर मंदिर में चोरी के मामले को दबाने का आरोप

छह जून को चोरी का मामला उजागर हुआ था। ट्रस्ट के पदाधिकारी मामला दबाने में जुट गए थे। गोपनीय तरीके से संदिग्धों को चिह्नित किया गया। फिर उनको पकड़कर बैठा लिया गया। उनसे पूछताछ शुरू की गई और फिर उनकी निशानदेही पर रकम की बरामदगी होने लगी। यह सब इसलिए किया जाता रहा, जिससे असल जिम्मेदार अपनी भूमिका से पल्ला झाड़ सकें। बाद में मामले में एसआईटी गठित की गई, जो जांच कर रही है।विज्ञापनमामले में अब तक केस दर्ज नहीं हुआ। इसको लेकर पूर्व पुलिस अधिकारियों से लेकर कानून के जानकार भी हैरान हैं। वहीं बिना एफआईआर के संदिग्धों को इतने दिनों तक बैठाए रखना भी कानून के इतर है। जिन संदिग्धों को पकड़ा गया, उनमें लवकुश भी शामिल है। उसके दादा ने बताया कि कभी-कभार लवकुश घर आता था, बाकी समय वहीं रहता था। जब से मंदिर में चोरी का प्रकरण हुआ है, तब से ट्रस्ट वाले उसको लेकर आए थे, फिर अपने साथ ले गए। तब से उससे कोई संपर्क नहीं है। इसी तरह अन्य पकड़े गए संदिग्धों की स्थिति है। परिवार वाले भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं।
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Jun 19, 2026, 01:57 AM
बिहार पुलिस अधिकारी निलंबित, पांच अन्य दुर्व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार

बिहार पुलिस अधिकारी निलंबित, पांच अन्य दुर्व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार

मामले की गुप्त शिकायत डीजीपी से होने के बाद सुपौल एसपी द्वारा गठित विशेष त्रि-सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में यह गड़बड़झाला उजागर हुआ। इसके बाद तत्काल प्रभाव से प्रतापगंज थानाध्यक्ष पुअनि धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, सोमवार रात मामले में संलिप्त चार अन्य पुलिसकर्मियों — चौकीदार राहुल कुमार, अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल 112 के चालक अखिलेश कुमार को गिरफ्तार कर मंगलवार सुबह न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है। हालांकि, पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने काफी गोपनीयता बरती।विज्ञापनप्रतापगंज थाने में जारी अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सुपौल की अध्यक्षता में एक त्रि-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। इसमें वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार और पुलिस उपाधीक्षक (साइबर), सुपौल गौरव गुप्ता शामिल थे। 11 जून को सौंपी गई संयुक्त जांच रिपोर्ट में कई गंभीर खुलासे हुए हैं।विज्ञापनकांड संख्या-216/25 में कुल 7560 बोतल कोडीन कफ सिरप जब्त किया गया था। अनुसंधानकर्ता द्वारा आठ बोतल एफएसएल जांच के लिए भेजने के बाद मालखाने में 7552 बोतलें होनी चाहिए थीं, लेकिन मौके पर मात्र 1390 बोतलें ही पाई गईं। यानी 6162 बोतल कफ सिरप गायब कर बेच दिया गया।गायब स्टॉक को छिपाने के लिए मालखाने में 2842 बोतलें ऐसी रखी मिलीं, जो वर्ष 2026 में निर्मित थीं। यह स्टॉक जब्ती सूची में दर्ज ब्रांड और बैच नंबर से पूरी तरह अलग था। इससे साफ है कि हेरफेर छिपाने के लिए नया माल रखा गया था।जांच में यह भी पाया गया कि थानाध्यक्ष द्वारा पूर्व में जब्त किए गए ट्रैक्टर का डायनमो, टायर और बैटरी तथा एक टोटो की बैटरी बेच दी गई। पूछने पर थानाध्यक्ष ने इस संबंध में पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर की। 6 मई को लूट कांड से जुड़ी एक अपाचे बाइक थाना लाने के बावजूद थानाध्यक्ष द्वारा उसे छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष पर कांड के शमन का आरोप सत्य पाया गया है और उनके अभिलेख संधारण में गंभीर त्रुटियां मिली हैं।जब जांच समिति ने थाने के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की तो पता चला कि थाना परिसर के मुख्य कैमरे का 28 मई से पहले का पूरा फुटेज डिलीट कर दिया गया है, ताकि कोई सबूत हाथ न लगे। जांच समिति ने थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के इस कृत्य को घोर लापरवाही, कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण का परिचायक मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, सुपौल निर्धारित किया गया है।इधर, सोमवार रात गिरफ्तार किए गए चारों कर्मियों को पहले करजाईन थाने में रखा गया और फिर जेल भेज दिया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में स्थानीय थानाध्यक्ष के साथ प्रतापगंज थाने के एएसआई और एसआई स्तर के पुलिसकर्मियों पर भी मामला दर्ज करने का आदेश था। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर मामले की गहराई से कार्रवाई करने के बजाय इसे दबाने और लीपापोती करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।ये भी पढ़ें-दिसंबर 2023 में अनुकंपा पर नियुक्त चौकीदार राहुल ने प्रतापगंज अपर थानाध्यक्ष पूनम कुमारी के समक्ष दर्ज स्वीकारोक्ति में बताया कि ड्यूटी के दौरान उसका परिचय त्रिवेणीगंज निवासी आशीष से हुआ था, जिसने कफ सिरप और देसी शराब बेचने का प्रस्ताव दिया था। 13 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने एक पिकअप से कफ सिरप जब्त किया था। राहुल ने अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल 112 के चालक अखिलेश कुमार को आशीष के हाथों माल बेचने के लिए तैयार किया। थानाध्यक्ष अपनी बहन की शादी में छुट्टी पर गए तो नियमित रूप से रात करीब 12 बजे कफ सिरप निकालकर आशीष को सप्लाई शुरू कर दी गई।थानाध्यक्ष के लौटने पर बात खुली तो राहुल ने आशीष से बेचा हुआ माल वापस मांगा। लेकिन उसने 2026 में निर्मित अलग कंपनी और बैच का 2842 बोतल कफ सिरप देते हुए कहा कि असली माल सप्लाई हो चुका है। नौकरी बचाने के लिए चौकीदार ने मौका मिलते ही अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वह सिरप उसी पिकअप पर रख दिया। लेकिन जांच में इसका भी खुलासा हो गया। इसके अलावा चौकीदार ने माना है कि वह पहले भी थाने में जब्त देसी शराब और कफ सिरप के अलावा जब्त बाइक और टोटो की बैटरी व पार्ट्स चुराकर बेचता था। इसका पैसा चारों आपस में बांट लेते थे।एसपी शरथ आरएस ने बताया कि शिकायत सामने आते ही त्रि-सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया है। साथ ही एनडीपीएस और चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की गई है। आगे केस के अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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Jun 19, 2026, 01:56 AM
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में हत्या की सूचना मिली है।

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में हत्या की सूचना मिली है।

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले से एक हत्या की वारदात सामने आई है. यहां बखिरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक युवक की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया कि मामला आपसी विवाद से जुड़ा है. वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल हो गया, जिसको लेकर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है. बखिरा थाना क्षेत्र के रहने वाले आनंद कुमार का एक अन्य युवक नासिर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई. आरोप है कि इसी दौरान नासिर ने धारदार हथियार से आनंद कुमार पर हमला कर दिया. हमला इतना गंभीर था कि आनंद कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया. हत्या की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए. सूचना मिलने के बाद बखिरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के सीनियर पुलिस अफसर और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है. संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई. इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है. फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर इसे आपसी विवाद का मामला माना जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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Jun 19, 2026, 01:54 AM
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस एनकाउंटर में संदिग्ध की हत्या, 50,000 रुपये का इनाम

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस एनकाउंटर में संदिग्ध की हत्या, 50,000 रुपये का इनाम

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर हो गया। थाना हापुड़ नगर पुलिस टीम द्वारा बुलंदशहर रोड पर चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस को देखकर उसने भागने का प्रयास किया तो पुलिस टीम ने पीछा करते हुए घेर लिया तो दोनों ने खुद को घिरता देख पुलिस कर्मियों पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए सीएससी नगर भेजा गया, जहां पर चिकित्सों द्वारा बदमाश को मृत घोषित कर दिया। मौके से एक अवैध पिस्टल, खोखा, कारतूस व एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
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Jun 19, 2026, 01:54 AM
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस मुठभेड़ में संदिग्ध की मौत

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस मुठभेड़ में संदिग्ध की मौत

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर हो गया। थाना हापुड़ नगर पुलिस टीम द्वारा बुलंदशहर रोड पर चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस को देखकर उसने भागने का प्रयास किया तो पुलिस टीम ने पीछा करते हुए घेर लिया तो दोनों ने खुद को घिरता देख पुलिस कर्मियों पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए सीएससी नगर भेजा गया, जहां पर चिकित्सों द्वारा बदमाश को मृत घोषित कर दिया। मौके से एक अवैध पिस्टल, खोखा, कारतूस व एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
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Jun 19, 2026, 01:31 AM
सांबा पुलिस ने जबरन वसूली और अन्य अपराधों में शामिल बड़े आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया

सांबा पुलिस ने जबरन वसूली और अन्य अपराधों में शामिल बड़े आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया

जम्मू कश्मीर की सांबा पुलिस ने एक्शन लेते हुए एक बड़े अपराधी गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस ने चंडीगढ़ फायरिंग मामले के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद मिला है. एक बड़ी कामयाबी में, सांबा पुलिस ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सक्रिय खतरनाक अपराधियों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. जेल में बंद गैंगस्टर रोहित कुमार उर्फ माखन के नेतृत्व में काम करने वाला यह गिरोह दोनों राज्यों में जबरन वसूली कर रहा था. पुलिस के मुताबिक चंडीगढ़ में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना में भी इस गिरोह की भूमिका सामने आई थी, जिसमें दिन-दहाड़े एक दुकान में एक फार्मेसी कर्मचारी की हत्या कर दी गई थी. गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों में मुख्य आरोपियों में से एक, अमित कुमार उर्फ शराबी भी शामिल है. गिरोह का सरगना माखन, पंजाब के कई गैंगस्टरों के साथ मिलकर काम कर रहा था और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के लिए इस गिरोह को संगठित करने में उसकी अहम भूमिका पाई गई. सांबा पुलिस द्वारा गिरफ्तार अन्य अपराधियों में गिरोह का मुख्य सरगना अमित कुमार उर्फ शराबी, पुत्र ओंकार नाथ, निवासी सांबा, अजय कुमार, पुत्र रमेश कुमार, निवासी सांबा, माणिक संहोत्रा, पुत्र दीवान चंद, निवासी तहसील रामगढ़ जिला सांबा को गिरफ्तार किया गया है. इनके अलावा पुलिस ने विवेक मेहरा, पुत्र विजय कुमार, निवासी चक मांगा रकवाल, सांबा, सनी मेहरा, पुत्र कुलदीप राज, निवासी बड़होरी, बारी ब्राह्मणा, जिला सांबा और आर्यन शर्मा, पुत्र अमरजीत शर्मा, निवासी बाईपास कुंजवानी, जिला जम्मू का नाम भी शामिल है. आरोपी सनी मेहरा और आर्यन शर्मा, जिन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था, उन्हें चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया है. गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर कई हथियार भी बरामद किए गए हैं जिसमें AK-47, 01 मैगजीन, AK-47 38 राउंड, 100 पिस्टल राउंड्स, 2 देसी पिस्टल, 1 देसी कट्टा, 1 टोका और 18 हजार रुपए शामिल है. अन्य मुख्य सहयोगियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं.
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Jun 19, 2026, 01:28 AM
पाकिस्तानी पुलिस ने गुरुद्वारे के अंदर सिख जोड़े की हत्या के मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया

पाकिस्तानी पुलिस ने गुरुद्वारे के अंदर सिख जोड़े की हत्या के मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गुरुद्वारे के अंदर सिख कपल की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुजुर्ग सिख दंपति गुरुद्वारे में रहते थे और दोनों सेवादार थे। सेवादार गुरुद्वारे की देखरेख का काम करते हैं। बुधवार के दिन बुजुर्ग दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भारत के कई नेताओं ने पाकिस्तान के प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया था। अब पुलिस ने मुख्य संदिग्ध आरोपी को पकड़ा है। पीड़ितों की पहचान जगन्नाथ और उनकी पत्नी अस्मा वंती के तौर पर हुई है। वे पेशावर से करीब 60 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में मर्दन जिले के बाबू मोहल्ला में गुरुद्वारे के सेवादार थे। बुधवार को गुरुद्वारे के अंदर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्दन डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर मसूद अहमद बंगश ने कहा कि मामले के मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। संदिग्ध की पहचान अमजुगरी के रहने वाले शेर शाह के तौर पर हुई है। बंगश ने कहा कि पुलिस अधिकारियों, काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट के लोगों और दूसरे सीनियर अधिकारियों वाली जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच में अब तक संदिग्ध के किसी बैन किए गए संगठन, आतंकवादी संगठन या ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हत्याओं के पीछे का मकसद अभी साफ नहीं है, और अधिकारी संदिग्ध के बयानों और अब तक इकट्ठा किए गए दूसरे सबूतों के आधार पर सभी मुमकिन एंगल से जांच कर रहे हैं। बीजेपी नेता चरुण चुघ और अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हत्क्षेप करने की मांग की है। जत्थेदार गड़गज ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल खान अफरीदी से मामले का कड़ा संज्ञान लेने, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने और कठोर सजा दिलाने का आग्रह किया। दोनों नेताओं ने अल्पसंख्यकों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने को लेकर पाकिस्तान सरकार की आलोचना की। यह भी पढ़ें- पाकिस्तान: गुरुद्वारे के अंदर सेवादार दंपति की हत्या, BJP नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की मांग की '1971 की जंग में शहीद हुए थे मेरे पिता', 1981 में जन्मे बांग्लादेशी सांसद के दावे पर बवाल
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Jun 19, 2026, 12:38 AM
व्यवसायी के दामाद द्वारा पत्नी की कथित रूप से हत्या करने के बाद पुलिस कार्रवाई करने में धीमी रही

व्यवसायी के दामाद द्वारा पत्नी की कथित रूप से हत्या करने के बाद पुलिस कार्रवाई करने में धीमी रही

इससे पुरुष मित्र से की गई चैट कैसे निकलेगी। व्यापारी के पिता का कहना है कि युवक को पकड़ने में पुलिस सक्रियता नहीं दिखा रही है। बता दें कि पांच जून को बालाजी अपार्टमेंट में रहने वाली निहारिका ने पति मनीष गुप्ता को चाकू से गोद दिया था। 16 जून की सुबह मनीष ने हैलट में दम तोड़ दिया था।
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Amar Ujala
Jun 19, 2026, 12:32 AM
ऊना जिले में मादक पदार्थ तस्करों के साथ पुलिस मुठभेड़ में पांच आरोपी गिरफ्तार

ऊना जिले में मादक पदार्थ तस्करों के साथ पुलिस मुठभेड़ में पांच आरोपी गिरफ्तार

पांच आरोपियों को दबोचा, 150 ग्राम चिट्टा, देसी पिस्तौल और कार बरामदसंवाद न्यूज एजेंसीनंगल (ऊना)। क्षेत्र में पुलिस और कथित नशा तस्करी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया, जबकि कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 150 ग्राम चिट्टा, एक देसी पिस्तौल और एक कार बरामद करने का दावा किया है।जिला पुलिस प्रमुख मनिंद्र सिंह ने बताया कि नशा तस्करी के आरोपियों और असामाजिक तत्वों के संबंध में सूचनाएं एक विशेष पुलिस नेटवर्क के माध्यम से प्राप्त की जा रही हैं। इसी दौरान सूचना मिली थी कि एक कार में सवार कुछ लोग नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे हैं। सूचना के आधार पर नया नंगल पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई यादविंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाका लगाया। पुलिस के अनुसार जब संदिग्ध कार को रुकने का संकेत दिया गया तो उसमें सवार एक व्यक्ति ने पुलिस पर दो फायर किए और वाहन लेकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने कार का पीछा किया। नंगल-श्री आनंदपुर साहिब मुख्य मार्ग पर गांव ब्रह्मपुर के निकट दोबारा वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने फिर से गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से चलाई गई गोली एक आरोपी को लग गई, जिसके बाद सभी पांच आरोपियों को काबू कर लिया गया।विज्ञापनगिरफ्तार आरोपियों की पहचान लवप्रीत निवासी जिला मोहाली, रोहित निवासी हिसार, शुभम निवासी जींद, परीक्षित निवासी सोनीपत तथा लेह मस्तक प्रताप निवासी चंडीगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार लवप्रीत गोली लगने से घायल हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 150 ग्राम चिट्टा, एक देसी पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है। जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा। पूछताछ के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था, इसे किसे सप्लाई किया जाना था और आरोपी कब से इस अवैध धंधे में संलिप्त थे।
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Jun 19, 2026, 12:04 AM
चुनाव के बाद हुई हिंसा मामले में सीबीआई ने आरोपी श्यामला बर्मन को किया गिरफ्तार

चुनाव के बाद हुई हिंसा मामले में सीबीआई ने आरोपी श्यामला बर्मन को किया गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार (18 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल में साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा और माणिक मैत्रा की हत्या से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. सीबीआई ने इस मामले में राज्य के सिलीगुड़ी जिले से लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी श्यामला बर्मन नाम के एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल, आरोपी श्यामला बर्मन इस मामले में 2021 में FIR दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा था और उसने कभी भी जांच या ट्रायल में हिस्सा नहीं लिया. CBI ने उसे पकड़ने के लिए 50,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा भी की थी. सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 27 अगस्त, 2021 को दिए आदेश का पालन करते हुए 27 अगस्त, 2021 को मामला दर्ज किया था. इसके लिए सीबीआई की ओर से राज्य के कूच बिहार जिले के शीतलकुची पुलिस स्टेशन की FIR नंबर 104/2021 दिनांक 5 मई, 2021 को अपने हाथ में लिया गया था, जो चुनाव-बाद हिंसा और माणिक मैत्रा की हत्या के आरोपों से संबंधित था. जांच के बाद सीबीआई ने 27 सितंबर, 2021 को मामले में छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. इसके अधिक जांच के बाद 26 अप्रैल, 2022 और 11 अगस्त, 2022 को 18 और अन्य आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की गईं. चूंकि मामले का एक प्रमुख आरोपी श्यामला बर्मन लगातार छिप रहा था और ट्रायल की प्रक्रिया से बच रहा था, इसलिए कूच बिहार जिले के माथाभांगा के ACJM ने 08 फरवरी, 2022 के आदेश के जरिए उक्त आरोपी को घोषित अपराधी करार दिया. हालांकि, गिरफ्तारी के बाद आज गुरुवार (18 जून, 2026) को आरोपी श्यामला बर्मन को सिलीगुड़ी की सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जबकि इस मामले में सीबीआई की जांच अभी भी जारी है.
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Jun 19, 2026, 12:00 AM
बिना टिकट यात्रा करते यात्री पाए जाने पर एच. आर. टी. सी. बस संचालक निलंबित

बिना टिकट यात्रा करते यात्री पाए जाने पर एच. आर. टी. सी. बस संचालक निलंबित

संवाद न्यूज एजेंसीऊना। हिमाचल पथ परिवहन निगम की हिमधारा बस के परिचालक को टांका लगाने के मामले में निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। एचआरटीसी के ऊना डिपो प्रबंधन ने वीरवार को रिपोर्ट आने के बाद परिचालक को निलंबित करने निर्देश जारी किए। निलंबित करने के बाद उसे ऊना डिपो के मुख्यालय में तलब किया गया है। जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होगी, उसे कार्यालय में ही हाजिरी लगानी होगी। वहीं निगम प्रबंधन भी आरोपी परिचालक के पूरे रिकाॅर्ड को खंगाले में जुट गया है। रिकाॅर्ड की जांच पूरी होने के बाद एचआरटीसी प्रबंधन आगे की कार्रवाई अमल में लाएगा। बीते सोमवार एचआरटीसी की ऊना डिपो की हिमधारा एसी बस चंडीगढ़ से हमीरपुर जा रही थी। करीब रात नौ बजे जैसे ही डिडवीं टिक्कर के पास पहुंची तो डीएम हमीरपुर राजकुमार पाठक और उनकी टीम में शामिल चीफ इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बस को चेकिंग के लिए रोक लिया। बस में 18 यात्रियों में से नौ बिना टिकट के सफर कर रह थे। ये यात्री ऊना से हमीरपुर के लिए जा रहे थे। यात्रियों ने निरीक्षण टीम को बताया कि परिचालक को टिकट के पैसे दे दिए हैं लेकिन परिचालक ने उनकी टिकट नहीं बनाई। इसको लेकर परिचालक से पूछताछ की गई और टीम ने पीओएस मशीन का रिकाॅर्ड भी का खंगाला। इस पर परिचालक की ओर से की गई 1971 रुपये की हेराफेरी पकड़ में आई। टीम ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट बनाकर ऊना डिपो को भेज दी। आगामी कार्रवाई के लिए डीएम हमीरपुर ने रिपोर्ट को ऊना डिपो प्रबंधन को भेज दिया है।किराये में गड़बड़ी करने मामले में आरोपी परिचालक को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी ऊना
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Jun 18, 2026, 11:53 PM
चाची को पैसे देने जा रहे युवक का अपहरण, पिटाई और 53,000 रुपये की लूटपाट

चाची को पैसे देने जा रहे युवक का अपहरण, पिटाई और 53,000 रुपये की लूटपाट

खरखौदा। मौसी को रुपये देने जा रहे युवक का गांव सोहटी के पास से अपहरण कर पिटाई करने और 53 हजार रुपये गायब करने का मामला सामना आया है। पुलिस ने घायल की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। घायल युवक का इलाज बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।झज्जर के बहादुरगढ़ निवासी दीपक मलिक ने प्राथमिकी दर्ज कराई कि वह 16 जून की रात 9 बजे अपनी बाइक से दिल्ली के गांव कुतुबगढ़ में अपनी मौसी के घर रुपये देने जा रहे थे। जब वह गांव सोहटी के पास एक दुकान पर बीड़ी लेने के लिए रुके तो वहां पर बिना नंबर प्लेट की काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी पहुंची।विज्ञापनशिकायतकर्ता के अनुसार गाड़ी से उतरे रोहणा गांव के हरीश और उसके 5-6 साथियों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि एक युवक ने हेलमेट से उन पर हमला किया जबकि दूसरे ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया।विज्ञापनशिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी उन्हें गांव गोपालपुर में एक खेत में ले गए और उनकी डंडे से पिटाई करने के साथ लात-घूंसे मारे। इससे उनके शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं। बाद में आरोपी उन्हें वापस बाइक के पास छोड़कर चले गए।पीड़ित ने बताया कि राहगीर की मदद से घटना की सूचना परिजनों को दी। जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें पहले खरखौदा के सरकारी अस्पताल लेकर गए। उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल लेकर गए। पिटाई में दीपक मलिक को आठ जगह चोटें आई हैं।
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Jun 18, 2026, 09:52 PM
भारतीय व्यक्ति को जीजा और दोस्त ने पीटा और जान से मारने की धमकी दी

भारतीय व्यक्ति को जीजा और दोस्त ने पीटा और जान से मारने की धमकी दी

पीड़ित अमरजीत सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी अपने मायके गई थी। 15 जून को जब वह मोटरसाइकिल से गुरुद्वारा मंजी साहिब जा रहा था, तो रास्ते में साले लवजोत ने साथी के साथ मिलकर उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने न केवल उसे बुरी तरह पीटा, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। संवाद
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Jun 18, 2026, 09:47 PM
भारतीय पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

भारतीय पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद महेशनगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र सिंह शेरगिल, उसकी पत्नी जसविंद्र कौर, बेटे राजवीर व रणवीर और कमल गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी व विश्वासघात की धारा 316(2), 318(4) व साजिश रचने की धारा 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।विज्ञापनशिकायतकर्ता जनक दास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी जितेंद्र सिंह शेरगिल एक प्रॉपर्टी डीलर है। 21 जनवरी 2026 को आरोपी उनके कार्यालय आया और कहा कि उसे एक प्लॉट सस्ता मिल रहा है। उसने झांसा दिया कि उसके पास ऐसे ग्राहक हैं जो इस प्लॉट को ऊंचे दाम पर खरीद लेंगे। पीड़ित ने आरोपी की बातों में आकर पहले टोकन मनी के तौर पर पैसे दिए।विज्ञापनआरोपी ने पीड़ित को एक व्यक्ति कमल गुप्ता से मिलवाया और दावा किया कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दामाद है। आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी रसीदें दिखाईं और समय-समय पर बैंक ट्रांजेक्शन व नकद के जरिए 53.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर आरोपियों को रुपये दिए। जब पीड़ित ने सौदा पूरा करने का दबाव बनाया तो आरोपी बहाने बनाने लगे और बाद में पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, उसका बाजार भाव बहुत कम है। संवाद
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Jun 18, 2026, 09:18 PM
पारिवारिक विवाद को लेकर भतीजे ने प्रॉपर्टी डेवलपर राहुल मलिक पर किया हमला

पारिवारिक विवाद को लेकर भतीजे ने प्रॉपर्टी डेवलपर राहुल मलिक पर किया हमला

राहुल के चचेरे भाई आलम ने बताया कि राहुल और मांगे करीब 15 साल पहले गांव का मकान बेच कर यहां से चले गए थे। इसके बाद दोनों भाइयों में विवाद हुआ तो राहुल ने मांगे को अलग कर दिया था। राहुल का परिवार पानीपत की विद्यानंद कॉलोनी और मांगे का परिवार मॉडल टाउन थाना के शांतिनगर में आकर बस गया था। करीब पांच साल मांगे का परिवार बागपत में जाकर बस गया। वहीं राहुल मलिक ने डेरा बस्सी की एक युवती से प्रेम विवाह कर लिया और वहीं बस गए। उन्होंने प्रॉपर्टी का काम शुरू किया। साहिल अपने चाचा से प्रॉपर्टी और पैसे की मांग करता था।विज्ञापनबहन की मौत पर चर्चा से भाई पर किया था हमलापानीपत। चचेरे भाई आलम ने बताया कि साहिल आपराधिक किस्म का है। वर्ष 2021 में साहिल की बहन की मौत हो गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही साहिल ने उस पर बहन की मौत के बारे में चर्चा करने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया था। इसकी प्राथमिकी थाना शहर में दर्ज कराई थी। बाद में साहिल ने मुकदमा उठाने का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में भी सनौली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ब्यूरोविज्ञापन
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Jun 18, 2026, 09:18 PM
जी. टी. रोड पर तेज गति से पीछा करने के बाद हत्या का संदिग्ध पकड़ा गया

जी. टी. रोड पर तेज गति से पीछा करने के बाद हत्या का संदिग्ध पकड़ा गया

आखिर में वह सोनीपत के जीटी सड़क स्थित भिगान टोल टैक्स पर पकड़ा गया। अंकुश के परिजन का कहना है कि यदि पुलिस उसे पानीपत पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लेती तो शायद उनके बेटे की जान बच जाती। साहिल ने बुधवार शाम को करीब पौने आठ बजे डेराबस्सी के पास लालडू थाना क्षेत्र के घोलूमाजरा में अपने चाचा राहुल मलिक के कार्यालय में घुसकर हत्या करने के बाद उन्हीं की जीपीएस लगी टाटा सफारी गाड़ी में डालकर वहां से भाग निकला। इस हमले में उनके कार्यालय पर बैठा एक अन्य व्यक्ति सतपाल भी गोली के छर्रे लगने से घायल हो गए थे। उन्होंने ही पुलिस को वारदात की सूचना दी थी। पंजाब के डेराबस्सी और लालडू थाने की पुलिस पीछे लग गई। जीपीएस को ट्रैक करते हुए पुलिस ने उसका पीछा किया तो पता चला कि वह अंबाला में दाखिल हो गया और जीटी सड़क से होकर भाग रहा है।विज्ञापनपुलिस ने जीटी बेल्ट के हरियाणा पुलिस को इसकी सूचना दी। पंजाब पुलिस ने हाईवे पुलिस को भी गाड़ी का नंबर देकर पकड़ने में सहायता की मांग की। साहिल ने पहले अंबाला पुलिस को गच्चा दिया और फिर कुरुक्षेत्र और करनाल और पानीपत पहुंचा। पानीपत पुलिस भी उसे पकड़ने में कामयाब नहीं हुई। पीछे से लालडू थाने की पुलिस उसका लगातार पीछा करती रही। पानीपत में दोस्त अंकुश की भी हत्या करने के बाद उसने दोनों शव गाड़ी में डालकर दिल्ली नहर बाईपास पर पहुंचा। यहां बुड़शाम गांव के क्षेत्र में सुनसान जगह पर दोनों शव फेंक भाग गया। यहां से समालखा होते हुए फिर जीटी सड़क से होकर सोनीपत के भिगान टोल तक पहुंच गया।विज्ञापनसोनीपत पुलिस ने किया गिरफ्तार : जब सोनीपत पुलिस को सूचना लगी तो एंटी गैंगस्टर टीम ने साहिल को पकड़ने के लिए भिगान टोल प्लाजा के आसपास वाहन खड़े करवा दिए, जब साहिल टोल पर पहुंचा तो उसकी कार जाम में फंस गई। जाम में फंसने के बाद वह कार छोड़ कर पैदल भागने लगा। लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे काबू कर लिया।पहले पकड़ा जाता तो शायद जिंदा बच जाता बेटा : सुरजीतपानीपत। अंकुश के चाचा सुरजीत का कहना है कि साहिल ने पानीपत पहुंचते ही अपने बचपन के दोस्त अंकुश को फोन कर बुलाया और कहा कि वह सेक्टर-13-17 की ओर आ रहा है और मिलना चाहता है। अंकुश उससे मिलने के लिए चला गया। इसी बीच उसने उसे गाड़ी में बैठा लिया। यदि उसे पहले ही अंबाला, कुरुक्षेत्र या करनाल में गिरफ्तार कर लिया जाता तो शायद अंकुश की जान बच जाती। ब्यूरो
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Jun 18, 2026, 09:18 PM
पंजाब हत्याः संपत्ति विवाद में भतीजे ने चाचा की हत्या की

पंजाब हत्याः संपत्ति विवाद में भतीजे ने चाचा की हत्या की

पानीपत/सोनीपत। पंजाब के डेराबस्सी की एसबीपी कॉलोनी में रहने वाले चाचा राहुल मलिक (45) की हत्या साहिल ने प्रॉपर्टी और पैसे के लिए की थी। वह अपने चाचा से उनके पिता द्वारा होम लोन न भर पाने पर मकान बेचने से रंजिश पाले हुए था और इस संपत्ति से हिस्सा मांग रहा था। चाचा की हत्या के बाद उसने अपने बचपन के दोस्त अंकुश (25) से मदद मांगी परंतु इनकार करने पर उसकी भी गोली मारकर जान ले ली।बुधवार देर रात दोनों के शव टाटा सफारी में रखकर समालखा थाना क्षेत्र के बुड़शाम के पास दिल्ली नहर बाईपास पर सड़क किनारे फेंक कर दिल्ली की तरफ भागने लगा। वाहन में जीपीएस लगा होने के कारण पुलिस उसका पीछा कर रही थी। जीटी सड़क के भिगान टोल प्लाजा के पास सोनीपत पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पानीपत सीआईए-1 पुलिस टीम ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है।विज्ञापनसीआईए-1 प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया साहिल ने अपने चाचा राहुल व दोस्त अंकुश की हत्या की वारदात को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि साहिल का फाइनेंस का काम बहुत अच्छा नहीं था जबकि उसके चाचा राहुल का पंजाब के डेराबस्सी स्थित सुरक्षा एंक्लेव में मलिक प्रॉपर्टी के नाम से ठीक-ठाक काम चल रहा था। साहिल इसे लेकर अपने चाचा राहुल से रंजिश रखे हुए था। वह उनसे प्रॉपर्टी में लगातार हिस्सा मांग रहा था। बुधवार को वह पिता की लाइसेंसी डोगा बंदूक लेकर डेराबस्सी स्थित चाचा के ऑफिस पहुंचा और अंदर बैठे चाचा की तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी। शव को चाचा की टाटा सफारी गाड़ी में डालकर रात करीब नौ बजे पानीपत आ गया। वहां उसने अपने दोस्त अंकुश को फोन कर सेक्टर 13/17 कट पर मिलने के लिए बुलाया और अपने साथ बैठा लिया। कुछ देर बात करने के बाद उसने अंकुश से बात की और करीब पांच किलोमीटर दूर सब्जी मंडी कट पर पहुंचकर अंकुश को भी दो गोली मार दी। इसके बाद दोनों के शव बुड़शाम के पास फेंककर सोनीपत की तरफ भाग गया।विज्ञापन---------------पंजाब पुलिस डेरा बस्सी से कर रही थी पीछापंजाब पुलिस जीपीएस लगे उसके वाहन का लगातार पीछा कर रही थी। पानीपत में हत्या के बाद सीआईए-1 की टीम भी पीछे लग गई। रात को जैसे ही वह गाड़ी लेकर सोनीपत के भिगान टोल के पास पहुंचा। वहां सोनीपत सीपी ममता सिंह और एसटीएफ डीएसपी इंदीवर सोनीपत स्पेशल यूनिट फॉर एंटी-गैंगस्टर (एसयूएजी) व एसटीएफ की संयुक्त टीम के साथ मौजूद थे। इंस्पेक्टर अजय धनखड़ ने आरोपी को पकड़ने के लिए टोल संचालन को कुछ समय के लिए धीमा कर वाहनों की लंबी कतार लगवा दी। इसी दौरान आरोपी की कार भी भीड़ में फंस गई और रात करीब 11 बजे पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर पानीपत सीआईए-1 को सौंप दिया। फिलहाल साहिल से पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार को उसे अदालत के सामने पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। सोनीपत पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास दो हथियार थे। साहिल ने हथियार भी नहर के पास फेंकने की बात कबूली है।------------अंकुश के पिता बोले- बचपन के दोस्त थे साहिल और अंकुशअंकुश के पिता रामजुआरी ने बताया कि अंकुश और साहिल बचपन के दोस्त थे। दोनों एक साथ ही स्कूल में पढ़ाई करते थे। 2024 में साहिल का एक शादी समारोह में झगड़ा हुआ था। इसके बाद उसने अपने दोस्त अंकुश के साथ मिलकर दूसरे पक्ष पर स्काईलार्क होटल के पास हमला किया था। इसमें साहिल और अंकुश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। साहिल अंकुश से इस मामले में भी पैरवी करने को कहता था। इस कारण उनकी डेढ़ साल से बोलचाल बंद थी। साहिल ने बुधवार रात को अपने चाचा का शव ठिकाने लगाने के लिए अंकुश को बुलाया था। अंकुश ने ऐसा करने से मना कर दिया। उसने हत्या की पोल खुलने के डर से अंकुश की दो गोली मारकर हत्या कर दी।-----------------परिवार का इकलौता बेटा था अंकुश, फरवरी में हुई थी शादी, पत्नी दो माह की गर्भवतीरामजुआरी ने बताया कि अंकुश उनका इकलौता बेटा था। सात फरवरी को गन्नौर को की भतेरी के साथ उनकी शादी हुई थी। अंकुश की पत्नी दो माह की गर्भवती है। अंकुश समालखा के एक सीमेंट स्टोर पर काम करते थे।------------------होम लोन न चुकाने पर बेच दिया था घरआरोपी साहिल ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उनके पिता ने करीब 20 साल पहले नवादा गांव में मकान पर होम लोन लिया था। वे इस लोन को चुका नहीं पाए थे। उनके चाचा ने घर बेचकर लोन चुका दिया था। साहिल ने इसी रंजिश में अपने चाचा राहुल मलिक (45) से बदला लेने के लिए हत्या कर दी। डेराबस्सी जाकर चाचा को गोली मार हत्या कर दी।
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