Achira News Logo
Achira News
A
ABP News✓
Nov 5, 2026, 05:36 PM
योगी आदित्यनाथ सरकार ने भारत में न्यायिक प्रक्रिया का आधुनिकीकरण किया

योगी आदित्यनाथ सरकार ने भारत में न्यायिक प्रक्रिया का आधुनिकीकरण किया

योगी आदित्यनाथ सरकार का दावा है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और समयबद्ध करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पुलिस व्यवस्था के तकनीकी आधुनिकीकरण, फॉरेंसिक जांच की क्षमता बढ़ाने और न्याय प्रणाली के विभिन्न अंगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में प्रदेश में इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस 2.0) और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएमएस) को प्रभावी बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है. इसका उद्देश्य पुलिस, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं, अभियोजन, कारागार और न्यायालयों को एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि अपराध की जांच से लेकर न्यायिक निर्णय तक की प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी हो सके. नए आपराधिक कानूनों (एनसीएल) के क्रियान्वयन में प्रदेश ने लगातार प्रगति दर्ज की है. 12 सितंबर-26 के एनसीएल रैंकिंग डैशबोर्ड के अनुसार प्रदेश का कुल स्कोर 85.99 अंक पहुंच गया है, जबकि 25 जून-26 को यह 78.13 अंक था. इस तरह लगभग ढाई महीने में प्रदेश के स्कोर में 7.86 अंकों का सुधार हुआ है. 20 जुलाई को यह स्कोर 82.05, 19 अगस्त को 84.92 और 1 सितंबर को 85.47 अंक दर्ज किया गया था. डैशबोर्ड के अनुसार नोटिफिकेशन जारी करने और मॉडल रूल्स लागू करने के मामले में प्रदेश को 10-10 अंक मिले हैं. वहीं, आईसीजेएस इंटीग्रेशन और MedLEaPR पोर्टल के क्रियान्वयन में भी 10-10 अंक हासिल हुए हैं. नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) के इस्तेमाल में भी प्रदेश ने पांच में से पांच अंक प्राप्त किए हैं. ई-साक्ष्य के इस्तेमाल में 10 में से 6.57 अंक, ई-समन में 10 में से 6.74 अंक और न्याय श्रुति में पांच में से पांच अंक मिले हैं. इसे प्रत्येक माह क्राइम मीटिंग में समीक्षा के जरिये प्राप्त किया गया है. इसके साथ ही ई-साक्ष्य मॉनिटरिंग और 60 व 90 दिनों में जांच पूरी करने की अनुपालना के लिए अलग डैशबोर्ड विकसित किया गया है. न्यायालयों से संबंधित मानकों में सुधार के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को एनसीएल डैशबोर्ड का एक्सेस भी उपलब्ध कराया गया है. प्रदेश में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधों की जांच को मजबूत बनाने के लिए ई-फॉरेंसिक 2.0 लागू किया गया है. जुलाई-26 से शुरू इस व्यवस्था के तहत अब तक 6,334 केस प्राप्त हुए हैं और 535 मामलों की रिपोर्टिंग की जा चुकी है. इसके माध्यम से केस रजिस्ट्रेशन, आवंटन, रिपोर्ट तैयार करने और केस डिस्पैच जैसे कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं. इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश की विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी है. सभी प्रयोगशालाओं के प्रत्येक अनुभाग में कम से कम दो हाई-एंड डेस्कटॉप की आवश्यकता बताई गई है. इसके तहत 12 प्रयोगशालाओं के आठ-आठ अनुभागों के लिए कुल 192 हाई-एंड डेस्कटॉप की मांग प्रस्तावित की गई है. इसके अतिरिक्त केस से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल डाटा को सुरक्षित रखने के लिए नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज (एनएएस) या क्लाउड स्टोरेज की व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई है. फॉरेंसिक जांच को थानों से जोड़ने के लिए सीसीटीएनएस के माध्यम से डाटा एंट्री और क्यूआर कोड जनरेशन की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है. इससे थानों से फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं तक केस से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक व्यवस्थित हो सकेगा. आईसीजेएस 2.0 के तहत प्रदेश के 1,982 पुलिस थानों और 18 फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में नेटवर्क कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना पर काम चल रहा है. इसके लिए एसडी-वैन आधारित नेटवर्क व्यवस्था और अन्य जरूरी तकनीकी संसाधनों की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. पुलिस विभाग के लिए डेस्कटॉप, यूपीएस, टैबलेट, मल्टीफंक्शन प्रिंटर, वेबकैम, क्यूआर कोड रीडर और अन्य उपकरणों की खरीद की जा रही है. वहीं, कारागार विभाग में भी तकनीकी सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं. जेलों में डेस्कटॉप, बायोमेट्रिक अटेंडेंस डिवाइस, स्कैनर और वेबकैम जैसे उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है. इसके साथ ही 535 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट की खरीद के बाद उनकी आपूर्ति और स्थापना की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. इससे जेलों और न्यायालयों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा को और मजबूत किया जा सकेगा.
25 shares
😐
A
Aaj Tak
Nov 5, 2026, 04:53 PM
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की जमानत याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की जमानत याचिका खारिज की

एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्या मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को बड़ा झटका लगा है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को NIA की अपील मंजूर कर ली और विशेष अदालत का 29 सितंबर 2026 का जमानत आदेश रद्द कर दिया. अब वाजे जेल से बाहर नहीं आ पाएगा. वह 2021 से जेल में है. हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को ही जमानत पर रोक लगा दी थी. जस्टिस जी एस कुलकर्णी और डॉ नीला गोखले की बेंच ने कहा कि निचली अदालत का आदेश रद्द किया जाता है और अपील मंजूर की जाती है. यह मामला NIA की FIR नंबर RC-01/2021/NIA/MUM का है. अपील का नंबर क्रिमिनल अपील 850/2026 है (NIA बनाम सचिन वाजे एवं अन्य). सितंबर में विशेष अदालत ने वाजे को जमानत दी थी. वह ठाणे सेंट्रल जेल से रिहा हो पाता, इससे पहले ही NIA ने उसी दिन हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दी और अंतरिम राहत मांगी. NIA ने याचिका में कहा कि विशेष अदालत ने केस के तथ्यों और हालात को देखे बिना गलत और गैरकानूनी आदेश दिया, जो तथ्यों और कानून दोनों पर गलत है. एजेंसी के मुताबिक अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून 1967 की धारा 43D की सख्ती को नजरअंदाज किया. NIA ने वाजे को मुख्य आरोपी बताया, जिसकी भूमिका आतंकी अपराध में केंद्रीय है. यह भी कहा कि अदालत ने जमानत के समय न्यायिक जांच का दायरा गलत समझा. 20 जिलेटिन की छड़ों से भरी महिंद्रा स्कॉर्पियो और उद्योगपति मुकेश अंबानी व उनके परिवार के नाम धमकी भरी चिट्ठी उनके घर एंटीलिया के पास खड़ी मिली थी. NIA की जांच के मुताबिक वाजे ने साजिश रची और गाड़ी वहां खड़ी की, ताकि बड़ा संकट खड़ा हो, अपनी जांच क्षमता दिखाकर करियर बचा सके और पैसे वसूल सके. स्कॉर्पियो ठाणे के ऑटो पार्ट्स कारोबारी मनसुख हिरेन की थी, जिन्होंने गाड़ी गुम होने की शिकायत पहले की थी. बाद में वे मृत मिले. विशेष अदालत ने कहा था कि रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं है जिससे लगे कि अंबानी या परिवार वाकई डरे थे. अदालत ने NIA की आलोचना की कि उसने अंबानी या परिवार के बयान दर्ज नहीं किए.
30 shares
😢
A
Aaj Tak
Nov 5, 2026, 04:52 PM
बिहारः दरभंगा जिले में गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी को गोली मारी गई

बिहारः दरभंगा जिले में गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी को गोली मारी गई

बिहार के दरभंगा में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि सकतपुर थाना में तैनात ASI को गश्त के दौरान गोली मार दी गई. फायरिंग में रणधीर कुमार के पैर में घुटने के नीचे गोली लगी है. घायल पुलिस अधिकारी को इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत खतरे से बाहर है. दरअसल, घटना उस वक्त हुई, जब सकतपुर थाना की पुलिस टीम नियमित गश्त पर निकली थी. इस दल में ASI रणधीर कुमार के अलावा चार से पांच अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे. पुलिस की गश्ती जीप इलाके में एक गाछी के पास रुकी थी. वाहन से उतरकर पुलिसकर्मी सड़क पर आए ही थे कि गाछी की तरफ से अचानक गोली चल गई. फायरिंग में गोली सीधे रणधीर कुमार के पैर में लगी. अचानक हुई इस घटना से बाकी पुलिसकर्मी भी कुछ समझ नहीं पाए. उन्हें शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गोली किस दिशा से और किसने चलाई. इसके बाद घायल ASI को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. दरभंगा के SSP जगुनाथ रेड्डी खुद घटनास्थल पर पहुंचे और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल हमलावर की पहचान और गोली चलाने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. ​ SSP जगुनाथ रेड्डी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ASI रणधीर कुमार सिपाहियों के साथ नियमित गश्त पर निकले थे. गश्ती वाहन एक गाछी के पास रुका था और पुलिसकर्मी सड़क पर उतरे ही थे, तभी वहां से गोली चली, जो रणधीर कुमार के घुटने के नीचे लगी. उनका DMCH में इलाज कराया जा रहा है. SSP ने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम किसी सूचना पर छापेमारी करने नहीं गई थी, बल्कि नियमित गश्त पर निकली थी. उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता लगा रही है कि गोली किस दिशा से चली, किसने फायरिंग की और घटना के पीछे क्या कारण है. फिलहाल, पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है. घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच की जा रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, गाछी की ओर से अचानक हुई फायरिंग में ASI घायल हुए हैं. हमलावर कौन था और उसने पुलिस टीम को निशाना क्यों बनाया, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा.
55 shares
😢
A
ABP News✓
Nov 5, 2026, 03:37 PM
ईडी ने असलम अब्दुल रहमान पटनी और अन्य के खिलाफ मामले में 4 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

ईडी ने असलम अब्दुल रहमान पटनी और अन्य के खिलाफ मामले में 4 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने असलम अब्दुल रहमान पटनी और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है. अटैच की गई संपत्तियों में बैंक खातों में जमा रकम और एक बिल्डिंग भी शामिल है. ED की जांच मुंबई के दादर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी. इस मामले की जांच बाद में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंपी गई थी. FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं. ED की जांच में सामने आया है कि शब्बीर अहमद हसन करोलीया और यूसुफ अहमद हसन करोलीया समेत अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर साजिश रचकर ‘लैम्बट बिल्डिंग’ नाम की एक संपत्ति को अवैध तरीके से हासिल किया. इसके लिए मूल मालिक की पहचान बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे, इनमें कन्वेयंस डीड (Deed of Conveyance) भी शामिल थी. जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि असलम अब्दुल रहमान पटनी ने साल 2019 में यास्मीन मोहम्मद अहमद और दिवंगत शेरजादा जंगरेज खान को धमकाकर लैम्बट बिल्डिंग में उनकी 50 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली थी. ED के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर D-कंपनी, दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के साले सलीम इकबाल कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट का नाम लेकर मूल मालिकों को धमकाया और उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि इसके लिए मूल मालिकों को कोई रकम भी नहीं दी गई. जांच के अनुसार, असलम पटनी ने बाद में इस संपत्ति को सलीम फ्रूट की पत्नी शाजिया सलीम इकबाल कुरैशी के नाम ट्रांसफर कर दिया. ED का कहना है कि कथित तौर पर जबरन हासिल की गई संपत्ति को वैध लेन-देन दिखाने के लिए अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए गए, ताकि आखिरकार बिल्डिंग सलीम फ्रूट के परिवार के नाम पर आ जाए. ईडी ने अब सलीम फ्रूट की पत्नी शाजिया सलीम इकबाल कुरैशी के नाम पर मौजूद लैम्बट बिल्डिंग को अटैच कर लिया है. इसके अलावा, असलम अब्दुल रहमान पटनी और अन्य आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद रकम भी अटैच की गई है. अटैच की गई सभी संपत्तियों की कुल कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई गई है. मामले में ईडी की आगे की जांच जारी है. सूरज ओझा 2021 से एबीपी न्यूज से जुड़े हैं. अंडरवर्ल्ड, साइबर जगत से जुड़े मामलों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने वाले संवेदनशील केसों पर बारीकी से नजर रखते हैं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग, आतंकी संगठन आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ी खबरें भी कवर करते रहे हैं. पत्रकारिता करियर के दौरान तीन क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों और दो राष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों में काम किया है. इसके अलावा टैब्लॉयड और ब्रॉडशीट अख़बारों में भी काम करने का अनुभव रहा है.
6 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:35 PM
नोएडा में भूमि विवाद को लेकर चार लोगों ने कार में सवार व्यक्ति पर लोहे की छड़ से किया हमला

नोएडा में भूमि विवाद को लेकर चार लोगों ने कार में सवार व्यक्ति पर लोहे की छड़ से किया हमला

नोएडा। जमीन विवाद में दादरी रोड पर कार सवार व्यक्ति पर चार लोगों ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोपियों ने मारपीट के दौरान एक मामले से पीछे हटने की धमकी भी दी। किसी तरह जान बचाकर भागे पीड़ित ने फेज-2 थाने में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इलाहाबांस गांव निवासी आजाद खारी बुधवार शाम करीब पौने 7 बजे कार से घर लौट रहे थे। दादरी रोड पर सीएनजी पंप के पास सामने से आई फॉर्च्यूनर कार से बचने के प्रयास में उनकी कार का साइड मिरर टूट गया। वह नुकसान देखने के लिए नीचे उतरे तो फॉर्च्यूनर से चार युवक बाहर आए और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोपियों ने रवि प्रधान से जुड़े मामले से हटने की चेतावनी देते हुए जान से मारने की धमकी दी। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। ब्यूरो
53 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:30 PM
सेक्टर-39 में बिना लाइसेंस के पटाखे बेचने के आरोप में दंपति गिरफ्तार

सेक्टर-39 में बिना लाइसेंस के पटाखे बेचने के आरोप में दंपति गिरफ्तार

सप्लाई करने वालों की तलाश में पुलिसमाई सिटी रिपोर्टरनोएडा। सदरपुर गांव में जनरल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से पटाखों का कारोबार किया जा रहा था। दुकानदार दंपती ने दुकान की छत पर बने कमरे को पटाखों का गोदाम बना रखा था। यहां से चोरी-छिपे पटाखों की बिक्री की जा रही थी। सूचना मिलने पर सेक्टर-39 थाना पुलिस ने बुधवार रात छापा मारकर दंपती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से दो लाख रुपये से अधिक कीमत के पटाखे बरामद किए हैं। आरोपियों के पास पटाखे बेचने का लाइसेंस भी नहीं था।पुलिस के अनुसार, बुधवार रात टीम सदरपुर गांव में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पंडित वाली गली स्थित कृष्णा जनरल स्टोर पर बिना अनुमति पटाखे बेचे जा रहे हैं। दुकान से लोग कट्टों में भरकर पटाखे ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने दुकान पहुंचकर जांच की। तलाशी के दौरान छत पर बने कमरे में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे मिले। दुकानदार से इनके भंडारण और बिक्री का लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस ने मौके से दुकानदार योगेश कुमार और उसकी पत्नी मोनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दंपती ने इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे कहां से खरीदे थे। एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
81 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:29 PM
मवाना पुलिस ने गोलीबारी की घटना की झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया

मवाना पुलिस ने गोलीबारी की घटना की झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया

मवाना। पुलिस ने झूठी रंजिश रचकर पुलिस को गुमराह करने और मुकदमा पंजीकृत कराने वाले मुकदमा वादी को घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचे व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि पुलिस ने आमिर निवासी मोहल्ला मुन्नालाल (भैंसा रोड) को ब्लॉक वाले रास्ते के मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। दो नवंबर को आमिर ने एक लिखित तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि रात के समय मोनू पंडित और 2-3 अज्ञात व्यक्तियों ने उसके भाई फिरोज पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जिससे उसके पैर में गोली लग गई है। इस सूचना पर तत्काल थाना मवाना पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। पूछताछ के दौरान आमिर ने स्वयं द्वारा अपराध किए जाने का जुर्म कबूल किया और उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा व कारतूस बरामद किया। आरोपी का चालान कर दिया गया।
27 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:26 PM
ग्रेटर नोएडा के हसनपुर गांव के पास मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

ग्रेटर नोएडा के हसनपुर गांव के पास मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि सात अक्तूबर को जहांगीरपुर स्थित मोहल्ला व्यापारियन इलाके में देर रात करीब 10:15 बजे हिस्ट्रीशीटर इमरान (36) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजन के तहरीर पर कुल छह लोगों अनीस, नफीस, शेरू, चांद मोहम्मद, यूनुस और जान मोहम्मद के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद एसीपी ग्रेटर नोएडा राजीव सिसोदिया और जेवर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और जांच शुरू की। टीम लगातार आरोपियों की तलाश में निगरानी कर रही थी। तभी 5 नवंबर को पुलिस को मृतक इमरान पर गोली चलाने वाले आरोपी के बारे में गुप्त सूचना मिली।विज्ञापनइसके बाद तुरंत जेवर थाना प्रभारी के साथ उपनिरीक्षक सोनवीर सिंह, धीरेंद्र सिंह, योगेंद्र चौधरी, ओमप्रकाश निषाद और धीरज जहांगीरपुर पहुंची, जहां गांव हसनपुर की तरफ जाने वाली सड़क के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। लेकिन पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया। वहीं, पुलिस ने इमरान हत्याकांड में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साजिश में शामिल होने वाले अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।विज्ञापनसूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि इमरान की हत्या की साजिश लंबे समय की जा रही थी। उनकी हत्या को लेकर कई बार अलीगढ़ में शेरू और उनके सहयोगियों के साथ बैठकें भी हुईं। बैठक में इमरान से जुड़ी हर जरूरी जानकारी जुटाने पर चर्चा की गई। जैसे इमरान कब और कहां जाता है। खाली समय में वो क्या करता है और किससे मिलता है। इन तमाम चीजों को लेकर बैठक में बातचीत होती थी।सूत्रों ने बताया कि शेरू अपने पिता युसूफ की हत्या के बाद पूरी तरह से टूट गया था। उन्हें हर वक्त अपने पिता की मौत का बदला लेने की फिक्र सताती रहती थी। फिर एक दिन उसे सात अक्तूबर की रात वह मौका मिला। अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया।सूत्रों ने बताया कि इमरान हत्याकांड में इस्तेमाल की गई पिस्टल अलीगढ़ से खरीदी गई थी। इमरान पर फायरिंग करने वाला आरोपी सालु पर जनपद अलीगढ़ में अलग-अलग थाने में करीब पांच से अधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि शेरू और उनके सहयोगियों ने कई बार अलीगढ़ गए और सालु के संपर्क में आए। उस दौरान उन्होंने हथियार भी देखे।
39 shares
😐
I
India TV
Nov 5, 2026, 03:20 PM
उत्तर प्रदेशः पुलिस-एटीएस के संयुक्त अभियान में 60 लाख रुपये मूल्य का 122 किलोग्राम गांजा बरामद

उत्तर प्रदेशः पुलिस-एटीएस के संयुक्त अभियान में 60 लाख रुपये मूल्य का 122 किलोग्राम गांजा बरामद

के महराजगंज जिले में बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है। पुलिस और आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) की संयुक्त टीम ने करीब 60 लाख रुपये मूल्य का 122.975 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। एटीएस की टीम ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। एटीएस की टीम इस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। कहीं यूपी के अन्य जिलों में तो गांजा सप्लाई नहीं किया गया है। मामले की अधिक जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने गुरुवार को बताया कि ठूठीबारी पुलिस और एटीएस की सिद्धार्थनगर तथा गोरखपुर इकाइयों ने सूचना के आधार पर नौबारी गांव के पास संयुक्त कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक कार से गांजे की खेप बरामद की गई। उसमें सवार 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुशीनगर जिले के चैनपट्टी गांव निवासी नईमुन निशा उर्फ जहांतारा (49) और आजाद नगर निवासी राजेंद्र गौड़ उर्फ रविंद्र (50) के रूप में हुई है। अवस्थी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 122.975 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार जब्त कर ली गई। उन्होंने बताया कि बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में ठूठीबारी थाने में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र गौड़ के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज हैं, इनमें से एक मामला साल 2020 में कुशीनगर और दूसरा साल 2023 में बस्ती जिले में दर्ज किया गया था। (भाषा के इनपुट के साथ)
88 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:19 PM
उर्मिला सनावर को जमानत मिलने के बाद जेल से मिली छुट्टी

उर्मिला सनावर को जमानत मिलने के बाद जेल से मिली छुट्टी

रानीपुर कोतवाली पुलिस ने 25 अक्तूबर को पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में उर्मिला सनावर को सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका ने ये प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 25 तारीख को ही हरिद्वार कोर्ट में पुलिस ने उन्हें पेश किया था, जहां से जेल भेज दिया था। इस मामले में दो नवंबर को न्यायालय ने उर्मिला की जमानत मंजूर कर ली थी, लेकिन जमानती उपलब्ध नहीं होने के कारण रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी।विज्ञापनइसके चलते उन्हें जेल में ही रहना पड़ा। बृहस्पतिवार को उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान की ओर से दोनों जमानती न्यायालय में पेश किए गए। कोर्ट ने जमानतियों के दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद उन्हें स्वीकार कर लिया। इससे उर्मिला की रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ गई। इसी दौरान करीब दो साल पुरानी एक अन्य प्राथमिकी में बी वारंट के तहत उन्हें जेल से न्यायालय लाया गया।विज्ञापन
47 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:04 PM
बुलंदशहर हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

बुलंदशहर हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

नोट-बुलंदशहर और अलीगढ़ के लिए भी उपयोगी---- एक पिस्टल, एक खोखा, दो कारतूस बरामद, 7 अक्तूबर को दिया था वारदात को अंजाम, जेवर थाने का मामलामाई सिटी रिपोर्टरयमुना सिटी।जेवर कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान हिस्ट्रीशीटर इमरान हत्याकांड में फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, एक खोखा और दो कारतूस बरामद किया है। बदमाश की पहचान मोहल्ला पठान टोला, कस्बा पहासू, बुलंदशहर निवासी शालू के रूप में हुई है। इस पर पहले से दस आपराधिक मामले दर्ज हैं।एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि सात अक्तूबर को जहांगीरपुर स्थित मोहल्ला व्यापारियन इलाके में देर रात करीब 10ः15 बजे हिस्ट्रीशीटर इमरान (36) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजन के तहरीर पर कुल छह लोगों अनीस, नफीस, शेरू, चांद मोहम्मद, युनूस और जान मोहम्मद के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद एसीपी ग्रेटर नोएडा राजीव सिसोदिया और जेवर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम लगातार आरोपियों की तलाश में निगरानी कर रही थी। तभी 5 नवंबर को पुलिस को मृतक इमरान पर गोली चलाने वाले आरोपी के बारे में गुप्त सूचना मिली और गांव हसनपुर की तरफ जाने वाली सड़क के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर कर लिया। वहीं, पुलिस ने इमरान हत्याकांड में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।विज्ञापनअलीगढ़ में रची थी इमरान की हत्या की साजिश :सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि इमरान की हत्या की साजिश लंबे समय से की जा रही थी। उनकी हत्या को लेकर कई बार अलीगढ़ में शेरू और उनके सहयोगियों के साथ बैठकें भी हुईं। बैठक में इमरान से जुड़ी हर जरूरी जानकारी जुटाने पर चर्चा की गई।विज्ञापनबदले का कर रहा था इंतजार :सूत्रों ने बताया कि शेरू अपने पिता युसूफ की हत्या के बाद पूरी तरह से टूट गया था। उन्हें हर वक्त अपने पिता की मौत का बदला लेने की फिक्र सताती रहती थी। फिर एक दिन उसे सात अक्तूबर की रात वह मौका मिला। अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया।अलीगढ़ से खरीदी थी पिस्टल :सूत्रों ने बताया कि इमरान हत्याकांड में इस्तेमाल की गई पिस्टल अलीगढ़ से खरीदी गई थी। इमरान पर फायरिंग करने वाला आरोपी सालु पर जनपद अलीगढ़ में अलग-अलग थाने में करीब पांच से अधिक मामले दर्ज हैं।
54 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:03 PM
बाइक चोरी मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को किया गिरफ्तार

बाइक चोरी मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को किया गिरफ्तार

कस्बे के मोहल्ला छावनी निवासी डोमनिक सावियों ने तीन नवंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। डोमनिक ने बताया कि उनकी अपाचे बाइक दो नवंबर को चोरी हुई थी। यह चर्च रोड स्थित पुराने अस्पताल के सामने से चुराई गई थी। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की। बृहस्पतिवार को पुलिस ने महादेव गांव निवासी विजय और सार्थक उर्फ कालू को गिरफ्तार किया। सार्थक उर्फ कालू के खिलाफ सरधना थाने में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज है। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
24 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:02 PM
कोच्चि में युवा डॉक्टर पर हमले के आरोप में अभिनेत्री और अभिनेता सहित तीन गिरफ्तार

कोच्चि में युवा डॉक्टर पर हमले के आरोप में अभिनेत्री और अभिनेता सहित तीन गिरफ्तार

केरल के कोच्चि में एक युवा डॉक्टर के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने अभिनेत्री अतुल्या चंद्रा और अभिनेता बिबिन पेरुमपिल्ली समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुल 12 आरोपी बताए जा रहे हैं। घटना 2 नवंबर की है। गिरफ्तार आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।विज्ञापनकडवंतरा पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक, बिबिन पेरुमपिल्ली इस मामले में पहले और अतुल्या चंद्रा तीसरे आरोपी हैं। इनके अलावा 10 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
81 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:56 PM
दिल्ली पुलिस ने मेटा पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के लिए व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

दिल्ली पुलिस ने मेटा पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के लिए व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

दिल्ली पुलिस के अनुसार, मेटा के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार का आरोप लगाने वाली एक शिकायत के बाद स्पेशल सेल (विशेष प्रकोष्ठ) ने आठ अक्तूबर 2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 और 67बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में लगभग 10 संदिग्ध लिंक को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने आरोपों की सत्यता की जांच और मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करने के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ब्यूरो
79 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:49 PM
झारखंड में लड़की का अपहरण, सिर कटा मिला शव, जांच शुरू

झारखंड में लड़की का अपहरण, सिर कटा मिला शव, जांच शुरू

पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की बुधवार रात अपने माता-पिता के साथ सो रही थी। तभी कुछ अज्ञात व्यक्ति घर में घुसकर उसे कथित तौर पर उठा ले गए। लालमटिया पुलिस स्टेशन के प्रभारी रोशन कुमार ने बताया कि माता-पिता और ग्रामीणों को सुबह घर के बाहर उसका सिर कटा शव मिला। बाद में तलाशी अभियान के बाद गांव के एक खेत से उसका सिर बरामद हुआ। अपराधियों ने तेज धार वाले हथियार से उसके शरीर से सिर अलग किया था।विज्ञापनकुमार ने कहा कि हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि माता-पिता की मौजूदगी में लड़की को कैसे अगवा किया गया।विज्ञापनझारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को 'दिल दहला देने वाली' बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की भयावह तस्वीर पेश करती है। मरांडी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 12 साल की मासूम लड़की की नृशंस हत्या अत्यंत हृदय विदारक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।ये भी पढ़ें-मुजफ्फरपुर पीएनजी हादसा: 11 लोगों पर लापरवाही का आरोप, अधिवक्ता ने अदालत में दायर किया परिवादबाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का डर पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की जवाबदेही कहीं नजर नहीं आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड पुलिस से हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच करने की मांग की। उन्होंने अपराधियों की तत्काल पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की भी मांग की।
76 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:48 PM
अदालत ने एन. आई. एम. एस. अस्पताल में गलत उपचार के आरोपों की जांच के आदेश दिए

अदालत ने एन. आई. एम. एस. अस्पताल में गलत उपचार के आरोपों की जांच के आदेश दिए

- परिजन का आरोप-दो दिन तक अस्पताल में रोक कर रखा- डिस्चार्ज फाइल भी नहीं दी, मोबाइल से डाटा भी डिलीट करवा दीफिरदौस आलम/दीपक सिंघलयमुना सिटी/रबूपुरा।गलत उपचार और फर्जी बिल के मामले में न्यायालय तृतीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निम्स अस्पताल और मेडिकल स्टोर के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने दनकौर थाना के जांच अधिकारी को दो सप्ताह के भीतर अपनी जांच आख्या अदालत में प्रस्तुत करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय की गई है।न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र के अनुसार, गौरव भाटी ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को 10 सितंबर 2026 को पथरी के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि डॉक्टरों ने गलत निदान करते हुए बताया कि बच्चेदानी में गांठ है और सर्जरी की आवश्यकता है, जिसे बाद में एमआरआई रिपोर्ट ने गलत साबित कर दिया। मामले को लेकर गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं, मामले को लेकर दनकौर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है।विज्ञापनमोबाइल से डाटा डिलीट कराने का आरोप :गौरव भाटी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनको अस्पताल प्रबंधन ने जबरन दो दिन तक रोक कर रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने इस दौरान उन्हें, उनकी पत्नी और दो साल के बच्चों को परेशान किया। साथ ही, उनके मोबाइल फोन से जबरन संबंधित जरूरी डाटा भी डिलीट करा दिया, ताकि वे पुलिस के पास न जा सके और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई सबूत इकट्टा न कर सके।विज्ञापन51, 293 रुपये का बनाया बिल :गौरव का आरोप है कि अस्पताल ने उन दवाओं के 51,293 रुपये के फर्जी बिल बनाए जो मरीज को दी ही नहीं गईं। विरोध करने पर उनसे पुरानी मेडिकल रिपोर्ट छीन ली गईं। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें न ही एडमिशन की पर्ची दी गई और न ही डिस्चार्ज की फाइल दी गई। फिलहाल न्यायालय ने इसे गंभीर प्रवृत्ति का मामला मानते हुए प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं।कोर्ट का आदेश देखने के बाद मामले की जांच कराकर कोर्ट के सामने रिपोर्ट पेश की जाएगी।--संतोष कुमार, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा।
28 shares
😢
D
Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 02:26 PM
भारतीय पुलिस ने संक्षिप्त गोलीबारी के बाद कुख्यात डकैत को गिरफ्तार किया

भारतीय पुलिस ने संक्षिप्त गोलीबारी के बाद कुख्यात डकैत को गिरफ्तार किया

ग्वालियर और मुरैना पुलिस के लिए सिरदर्द बना 80 हजार रुपये का इनामी डकैत कल्ली उर्फ किलेदार गुर्जर को गुरुवार की सुबह शार्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुरैना के बानमोर थाना क्षेत्र स्थित ललितपुरा के जंगल में डकैतों और पुलिस का आमना-सामना हुआ। पुलिस की ओर से चली गोली डकैत कल्ली के पांव में जा धंसी। उसका एक साथी भी घायल हालत में पकड़ा गया है। एसपी धर्मराज मीना ने बताया कि गुरुवार सुबह पुलिस टीमों ने जंगल के एक टापूनुमा क्षेत्र में डकैतों को घेर लिया। डकैतों ने पुलिस पर 20 से अधिक फायर किए, एक गोली पुलिस के वाहन में लगी। पुलिस की ओर से छह फायर किए गए। इसके बाद की गई सर्चिंग में एक जगह कल्ली गुर्जर मिला। उसके पैर में गोली लगी थी। गिरने से हाथ भी चोटिल हो गया। उसका साथी अजय गुर्जर भी जख्मी पाया गया। पुलिस के अनुसार, कल्ली के दो साथी- हरिओम और कल्ला गुर्जर भागने में सफल हो गए। कल्ली गुर्जर के पास एके-47 रायफल होने का दावा किया जा रहा था। इस रायफल को वह इंटरनेट मीडिया पर प्रदर्शित करता था। पुलिस अधिकारी एके-47 की बात को पुष्ट नहीं मान रहे। हालांकि 306 बोर की रायफल, 32 बोर की पिस्टल के अलावा 49 कारतूस मिले हैं। 12 बोर की बंदूक और 12 कारतूस अजय से जब्त किए गए हैं। मुरैना में कार्तिक स्नान के दौरान हादसा: क्वारी नदी में डूबने से दो सगी बहनों सहित तीन बालिकाओं की मौत डकैत कल्ली पर मुरैना, ग्वालियर और श्योपुर जिलों में 20 अपराध दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, डकैती, लूट, चोरी आदि के संगीन अपराध हैं। उस पर कुल 80 हजार रुपये का इनाम घोषित था। साल 2015 से अब तक इतना इनाम किसी बदमाश-डकैत पर नहीं रहा है। वह फरार घोषित था और नशे के इंजेक्शन लगाने का भी आदी है।
94 shares
😢
D
Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 02:17 PM
हेड कांस्टेबल की हत्या करने वाले बेटे के दोस्त को रिहा करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस जांच के दायरे में

हेड कांस्टेबल की हत्या करने वाले बेटे के दोस्त को रिहा करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस जांच के दायरे में

हेड कॉन्स्टेबल नितिन हत्याकांड में चंडीगढ़ पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। नितिन की हत्या करने वाले उनके बेटे अरमान के दोस्त करण से देसी कट्टा बरामद होने के बावजूद उसे छोड़ दिया गया। करण भी अरमान के साथ हरिद्वार से दो देसी कट्टे लेकर चंडीगढ़ आया था। इनमें से एक कट्टा अरमान के पास था, जिससे उसने अपने पिता नितिन की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि दूसरा कट्टा करण के पास था। हत्याकांड की जांच के दौरान अरमान से पूछताछ में करण के पास दूसरे कट्टे की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेक्टर-31 थाने में तैनात एक मुलाजिम ने करण को पकड़कर उसके पास से देसी कट्टा बरामद किया, लेकिन आरोप है कि कथित सेटिंग के बाद उसे छोड़ दिया गया। अब उसी करण को ऑपरेशन सेल ने 29 अक्टूबर को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 ब्लिंकिट के बाहर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद नितिन हत्याकांड में उसे पहले छोड़ने और संबंधित पुलिस मुलाजिम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अरमान ने पूछताछ में करण के साथ हरिद्वार से दो कट्टे लाने की बात बताई थी और करण के पास से एक कट्टा बरामद भी हुआ था तो उसे उस समय क्यों छोड़ दिया गया? अगर करण को अरमान के इरादों की जानकारी थी तो हत्याकांड में उसकी भूमिका की जांच क्यों नहीं हुई? अगर हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं थी तो अवैध हथियार बरामद होने पर अलग से कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अब पुलिस के सामने करण की भूमिका के साथ-साथ उस समय कट्टा बरामद करने वाले मुलाजिम और चौकी इंचार्ज की भूमिका की भी जांच करने का सवाल है। इस पूरे घटनाक्रम में सेक्टर-31 थाने के मुलाजिम के साथ एक चौकी इंचार्ज की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सूत्रों की मानें तो चौकी इंचार्ज ने ही संबंधित मुलाजिम से बात की थी। इसके बाद मामला रफा-दफा कर दिया गया। अब सवाल है कि करण से बरामद देसी कट्टा कहां है? उसकी रिकवरी किस केस में दिखाई गई? अगर कट्टा बरामद हुआ था तो करण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या हवलदार नितिन हत्याकांड में उसके साथ आने और हथियार रखने की भूमिका की जांच की गई थी? सूत्रों का यह भी कहना है कि मौजूदा एसएचओ हरिओम शर्मा को उस समय हुई कथित कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में ब्लिंकिट के बाहर 29 अक्टूबर को देर रात नाबालिग सुंदरम पर हुई फायरिंग के मामले में ऑपरेशन सेल ने रामदरबार फेज 2 निवासी करण और बनूड़ के रहने वाले अंश शर्मा उर्फ पंडित को गिरफ्तार किया है। नितिन हत्याकांड में करण की गिरफ्तारी हो जाती तो ब्लिंकिट के बाहर फायरिंग की घटना भी टल जाती।
5 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:13 PM
जे. सी. बी. ने जल निकासी निर्माण के दौरान पी. एन. जी. गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया

जे. सी. बी. ने जल निकासी निर्माण के दौरान पी. एन. जी. गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया

गौरतलब है कि बीते दिनों सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही-डुमरी रोड के पास नाला निर्माण के दौरान जेसीबी से पीएनजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में एक कोचिंग संचालक की दर्दनाक मौत हो गई थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इतना ही नहीं, इस घटना में दर्जनों मकानों को भी नुकसान पहुंचा था। मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता सह परिवादी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि पीएनजी गैस पाइपलाइन विस्फोट के मामले में गुरुवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में परिवाद दायर किया गया है। इसमें घटना के लिए जिम्मेदार इंडियन ऑयल के अधिकारियों, आरसीडी के अधिकारियों और नाला निर्माण कर रही कंपनी नर्सिंग कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार समेत अन्य लोगों को जिम्मेदार माना गया है। परिवाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1), 125, 287 और 288 के तहत दायर किया गया है। परिवाद में मृतक के आश्रितों और घायलों को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा एवं पुनर्वास दिलाने की भी मांग की गई है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरने वाली भूमिगत पीएनजी पाइपलाइनों का तकनीकी सुरक्षा ऑडिट कराने और निर्माण कार्य के दौरान अनिवार्य सुरक्षा प्रक्रिया लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा, पाइपलाइन की सुरक्षा और नाला निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस जांच की स्थिति रिपोर्ट तलब करने की मांग भी की गई है। अधिवक्ता का आरोप है कि करीब 45 मिनट तक गैस रिसाव होता रहा, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की ओर से समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। इसके बाद गैस में आग लगने से भीषण विस्फोट हुआ। पीएनजी गैस पाइपलाइन मामला कोर्ट में पहुंचा पीएनजी गैस पाइपलाइन मामला कोर्ट में पहुंचा
85 shares
😢
A
ABP News✓
Nov 5, 2026, 02:13 PM
बंबई उच्च न्यायालय ने 2011 के अंबोली दोहरे हत्या मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखा

बंबई उच्च न्यायालय ने 2011 के अंबोली दोहरे हत्या मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई में साल 2011 में हुए कीनन सैंटोस और रूबेन फर्नांडीस हत्याकांड में मुख्य आरोपी जितेंद्र राणा की हत्या के अपराध में दोषसिद्धि बरकरार रखी है. हालांकि कोर्ट ने उसकी उम्र को ध्यान में रखते हुए उम्रकैद की सजा घटाकर बिना किसी छूट के 20 साल की कैद कर दी है. न्यायमूर्ति एम. एस. कार्णिक और न्यायमूर्ति संदेश पाटिल की खंडपीठ ने गुरुवार को वर्ष 2016 में विशेष अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले के खिलाफ दाखिल अपीलों पर यह निर्णय दिया. वहीं इस मामले में आरोपी सुनील बोध और दीपक तिवाल को ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है. जबकि अपील लंबित रहने के दौरान पिछले साल चौथे आरोपी सतीश दुल्हाज की मौत हो गई थी. मुंबई के बहुचर्चित अंबोली दोहरे हत्याकांड में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों की अपीलों को आंशिक रूप से मंजूर कर लिया. अक्टूबर 2011 में हुए इस हत्याकांड में कीनन सैंटोस (24) और रूबेन फर्नांडिस (29) की हत्या कर दी गई थी. दोनों ने अपनी महिला मित्रों के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया था. 20 अक्टूबर 2011 को कीनन, रूबेन और उनकी तीन महिला मित्र अंधेरी पश्चिम के अंबोली इलाके में एक रेस्टोरेंट गए थे. वहां कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी. इसका विरोध करने पर विवाद हुआ और पान की दुकान के पास कीनन और रूबेन पर चाकुओं से हमला किया गया. घटना के कुछ समय बाद 20 अक्टूबर को कीनन की मौत हो गई, जबकि रूबेन ने 30 अक्टूबर 2011 को अस्पताल में दम तोड़ दिया. जस्टिस मकरंद कर्णिक और जस्टिस संदीप पाटिल की खंडपीठ ने 6 मई 2016 को ट्रायल कोर्ट द्वारा जितेंद्र राणा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा. हालांकि, उसकी उम्र को ध्यान में रखते हुए आजीवन कारावास की सजा घटाकर बिना किसी वैधानिक छूट के 20 साल के सश्रम कारावास में बदल दी. वहीं, सुनील भोट और दीपक तिवाल को हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया. हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 302 के तहत उनकी सजा बरकरार रखने के लिए उनके खिलाफ कोई ठोस सामग्री उपलब्ध नहीं है. हालांकि, उनकी अन्य सजाएं बरकरार रखी गई हैं. दोषियों की ओर से पेश वकील सुदीप पासबोला और युग चौधरी ने दलील दी कि कथित छेड़छाड़ की घटना हुई ही नहीं थी और अभियोजन पक्ष हमले के पीछे की वजह और मकसद साबित करने में विफल रहा है. बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि यह गंभीर और अचानक उकसावे के बाद हुआ आपसी संघर्ष था, इसलिए इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 300 के अपवाद के तहत माना जाना चाहिए, न कि हत्या का मामला. वहीं, विशेष सरकारी वकील आबाद पोंडा ने अभियोजन पक्ष की ओर से दलील देते हुए कहा कि गवाहों के बयान, फॉरेंसिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही से साबित होता है कि हमला पूर्व नियोजित था. उन्होंने बचाव पक्ष की दलील को खारिज करते हुए कहा कि आरोपियों में से एक को थप्पड़ मारे जाने के बाद वह जान से मारने की धमकी देकर मौके से चला गया था और बाद में चाकू, क्रिकेट स्टंप और बांस का बड़ा डंडा लेकर वापस लौटा था. पोंडा ने अदालत को बताया कि कीनन के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए गहरे घाव थे और चाकू से हुए हमले के कारण अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी मौत हुई थी. इस मामले में चार दोषियों ने उम्रकैद की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. अपील लंबित रहने के दौरान चौथे आरोपी सतीश दुल्हाज की पिछले साल मौत हो गई थी. सूरज ओझा 2021 से एबीपी न्यूज से जुड़े हैं. अंडरवर्ल्ड, साइबर जगत से जुड़े मामलों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने वाले संवेदनशील केसों पर बारीकी से नजर रखते हैं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग, आतंकी संगठन आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी संगठनों से जुड़ी खबरें भी कवर करते रहे हैं. पत्रकारिता करियर के दौरान तीन क्षेत्रीय न्यूज़ चैनलों और दो राष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों में काम किया है. इसके अलावा टैब्लॉयड और ब्रॉडशीट अख़बारों में भी काम करने का अनुभव रहा है.
68 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:08 PM
बेटे ने मोटरसाइकिल चुराईः पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

बेटे ने मोटरसाइकिल चुराईः पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

सेक्टर-13-17 थाना पुलिस के प्रभारी दीपक ने बताया कि भूदेवी की पांच सितंबर को उनकी मोटरसाइकिल ताऊ देवीलाल पार्क से चोरी कर ली। मोटरसाइकिल उनका बेटा लेकर गया था। यह उनके पति तुलसी के नाम पंजीकृत है। पुलिस ने इसमें प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
36 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:08 PM
पानीपत पुलिस ने अवैध जुआघर का भंडाफोड़ किया, आठ को गिरफ्तार किया और 3.2 लाख रुपये जब्त किए

पानीपत पुलिस ने अवैध जुआघर का भंडाफोड़ किया, आठ को गिरफ्तार किया और 3.2 लाख रुपये जब्त किए

माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। दिवाली पर सेक्टर-11 में करीब 3.20 लाख का जुआ चल रहा था। जिला पुलिस की एवीटी टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी कर आठ लोगों को जुआ खेलते पकड़ा है। उनसे जुआ में प्रयुक्त 3.20 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। थाना चांदनी बाग पुलिस ने आठों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।डीएसपी मुख्यालय विकास कुमार ने बताया कि पुलिस की एवीटी टीम गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि सेक्टर-11 निवासी मनोज उर्फ मोनू अपने साथियों के साथ अपने ही मकान की पहली मंजिल पर स्थित कमरे में रकम दांव पर लगाकर ताश से जुआ खेल रहा है। एवीटी टीम ने मकान पर दबिश दी। पुलिस टीम ने मौके से आठ लोगों को काबू किया। उन्होंने अपनी पहचान मनोज उर्फ मोनू निवासी सेक्टर-11, कशिश और दीपक निवासी गीता कॉलोनी, नितेश निवासी नेताजी कॉलोनी, विनोद निवासी गांव डाहर, अशोक कुमार निवासी वार्ड-11 और जयप्रकाश निवासी घरौंडा व संजीव निवासी रेलवे रोड घरौंडा करनाल के रूप में बताई।विज्ञापनपुलिस ने मौके पर फड़ पर रखे रुपयों की गिनती की। इनमें 500-500 के 628 नोट, 200-200 के 23 नोट और 100-100 के 14 नोट शामिल हैं। इनकी कुल 3.20 लाख रुपये थे। इसके अलावा 52 ताश के पत्ते जब्त किए गए। थाना चांदनी बाग पुलिस में सभी के खिलाफ हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
63 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:07 PM
ईडी ने अमेरिकी नागरिकों को धोखा देने में शामिल अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के चार और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

ईडी ने अमेरिकी नागरिकों को धोखा देने में शामिल अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के चार और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

अमर उजाला ब्यूरोपटियाला। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिका के नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कॉल सेंटरों के माध्यम से ठगी करता था। इन गिरफ्तारियों के साथ मामले में कुल सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं।ईडी ने पटियाला के दो ठिकानों पर छापे मारे और हर्षिल नयनभाई रावल, जसवंत सिंह, चेतन मुंजाल और प्रणव पीठाडिया को गिरफ्तार किया। स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद चारों को हैदराबाद ले जाया गया है। जांच में सामने आया कि गिरोह पहले हैदराबाद के माधापुर में फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपियों ने अपना नेटवर्क पटियाला में स्थानांतरित कर लिया। ईडी ने आरोपियों को प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया है। इससे पहले विकास निमार को 27 जुलाई, ताराचंद निमार को पांच अगस्त और इमरान असगरी को 10 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था।विज्ञापनतलाशी और बरामदगीईडी ने 15 सितंबर को पीएमएलए की धारा 17 के तहत पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में चार ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान पटियाला में दो और पुणे में एक कॉल सेंटर संचालित पाया गया। इन केंद्रों में करीब 220 लोग काम कर रहे थे। दबिश में 79 डिजिटल उपकरण, 66 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, फर्जी सरकारी पहचान पत्र और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए।विज्ञापनठगी की रकम का वित्तीय नेटवर्कअमेरिकी नागरिकों से वसूली गई रकम पहले दुबई और हांगकांग के खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद इसे यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला नेटवर्क के जरिये भारत वापस लाया जाता था। इस अवैध कमाई का इस्तेमाल पंजाब और चंडीगढ़ के आसपास अचल संपत्तियां खरीदने, सोना, महंगी गाड़ियां और अन्य कारोबारी गतिविधियों में निवेश करने के लिए किया गया। ईडी अब इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क, हवाला कारोबार, क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की जांच कर रही है। पटियाला से हुई ताजा गिरफ्तारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं था।
79 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:04 PM
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को दो लोगों को धोखा देने के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई है।

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को दो लोगों को धोखा देने के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई है।

मामले के अनुसार, धर्मशाला के लोअर बड़ोल निवासी राहुल धीमान ने रणवीर सिंह के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी ने उन्हें और उनके रिश्तेदार को इंग्लैंड में नौकरी दिलाने और विदेश भेजने का झांसा देकर कुल 3.43 लाख रुपये लिए थे। वादा पूरा नहीं होने पर दोनों ने रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद 17 अक्तूबर 2013 को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसमें आरोपी ने रकम लौटाने की जिम्मेदारी स्वीकार की।विज्ञापनजनवरी 2014 में आरोपी ने 3.43 लाख रुपये का चेक दिया, जो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण 11 जनवरी को बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं करने पर शिकायतकर्ता ने अदालत में मामला दायर किया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने पांच दिसंबर 2025 को आरोपी को एक साल के साधारण कारावास और पांच लाख रुपये मुआवजे की सजा सुनाई थी। इस फैसले को रणवीर सिंह ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।विज्ञापनसत्र न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि आरोपी चेक पर अपने हस्ताक्षर और देनदारी से जुड़े वैधानिक अनुमान को गलत साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाया। अदालत ने चार नवंबर 2026 को अपील खारिज करते हुए निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा। संवाद
62 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:55 PM
भारतीय उच्च न्यायालय ने हत्या की सजा बरकरार रखी, सजा कम की

भारतीय उच्च न्यायालय ने हत्या की सजा बरकरार रखी, सजा कम की

न्यायमूर्ति एमएस कार्णिक और न्यायमूर्ति संदीप पाटिल की खंडपीठ ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने वर्ष 2016 में विशेष अदालत की ओर से दिए गए फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई की। विशेष अदालत ने जितेंद्र राणा समेत चार आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने जितेंद्र राणा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी मानने का फैसला बरकरार रखा। हालांकि, उसकी उम्र को देखते हुए सजा में बदलाव किया। अब उसे बिना वैधानिक छूट के 20 साल जेल में रहना होगा। अपील लंबित रहने के दौरान चौथे आरोपी सतीश दुल्हाज की पिछले साल मौत हो गई थी।विज्ञापनयह घटना अक्टूबर 2011 की है। 24 वर्षीय कीनन सैंटोस और 29 वर्षीय रूबेन फर्नांडिस अपनी तीन महिला मित्रों के साथ अंधेरी पश्चिम के अंबोली इलाके में एक रेस्तरां गए थे। आरोप था कि वहां कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। बाद में पान की दुकान के पास कीनन और रूबेन पर चाकू से हमला किया गया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। कीनन की 20 अक्टूबर 2011 को मौत हो गई, जबकि रूबेन ने 30 अक्टूबर 2011 को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।विज्ञापनहाई कोर्ट ने सह-आरोपी सुनील भोट और दीपक तिवाल के खिलाफ हत्या के आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं पाए। इसी आधार पर दोनों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया। हालांकि, उनकी अन्य सजाएं बरकरार रखी गई हैं। इसका मतलब है कि अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से पूरी तरह बरी नहीं किया है। मामले में दोषी ठहराए गए चारों आरोपियों ने विशेष अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि कथित छेड़छाड़ की घटना साबित नहीं हुई और अभियोजन पक्ष हत्या के पीछे का मकसद भी साबित नहीं कर पाया।बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना अचानक हुए विवाद और उकसावे का नतीजा थी। इसलिए इसे हत्या नहीं माना जाना चाहिए। दूसरी ओर, विशेष सरकारी वकील आबाद पोंडा ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फॉरेंसिक जांच और दूसरे सबूत हमले की गंभीरता साबित करते हैं। उन्होंने बताया कि विवाद के बाद आरोपियों में से एक ने जान से मारने की धमकी दी और फिर हथियारों के साथ लौटकर हमला किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कीनन के शरीर पर धारदार हथियार से कई गंभीर घाव थे। अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हुई। हाई कोर्ट ने जितेंद्र राणा की दोषसिद्धि बरकरार रखी, लेकिन उसकी सजा को 20 साल के सश्रम कारावास में बदल दिया।
82 shares
😢
A
ABP News✓
Nov 5, 2026, 01:55 PM
भारत के गोरखपुर में अवैध रक्त तस्करी के आरोप में दो गिरफ्तार

भारत के गोरखपुर में अवैध रक्त तस्करी के आरोप में दो गिरफ्तार

गोरखपुर में अवैध रूप से खून की तस्करी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इनके पास से एक कार से 100 यूनिट ब्लड बरामद हुआ है. इनके पास से बरामद ब्लड मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से लाया जा रहा था. इसे गोरखपुर के आरोग्य ब्लड बैंक में सप्लाई किया जाना था. आरोपियों की पहचान मुरादाबाद के सिविल लाइंस निवासी फहीम अहमद और भोजपुर के सिरशवागौड़ के ताज गुड्डू के रूप में हुई. इस कार्रवाई में रामगढ़ताल पुलिस और औषधि विभाग की टीम शामिल थी. पुलिस के मुताबिक, जिले में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गाड़ियों में छिपाकर खून लाने और ऊंचे दामों पर बेचने वाले गिरोह की सूचना मिल रही थी. गोरखपुर में खून का अवैध धंधा चलाने में लिप्त और भी लोगों के नाम सामने आए हैं. इनके बारे में पुलिस साक्ष्य जुटा रही है. पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली कि मुरादाबाद से अवैध रूप से ब्लड की खेप गोरखपुर पहुंचने वाली है. पुलिस ने औषधि निरीक्षक श्रीध्वजेश्वर शुक्ला को सूचना देकर संयुक्त टीम बनाई. टीम ने 4 नवंबर (बुधवार) की रात रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के भगत चौराहा एलआईसी कार्यालय के पास घेराबंदी करके यूके नंबर की सफेद ऑल्टो कार को रोका. तलाशी लेने पर पिछली सीट पर रखे दफ्ती के डिब्बे से 40 और डिक्की में रखे थर्माकोल के डिब्बे से 60 ब्लड बैग मिले. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से सस्ते दाम पर खून लेकर मांग के अनुसार अलग-अलग ब्लड बैंकों में ऊंचे दाम पर बेचते थे. औषधि निरीक्षक ने दोनों डिब्बों से एक-एक यूनिट नमूने के तौर पर लेकर जांच के लिए सुरक्षित किया. सीओ कैंट ने बताया कि रामगढ़ताल थाने की पुलिस और औषधि निरीक्षक की संयुक्‍त टीम द्वारा प्राप्‍त सूचना के आधार पर 100 यूनिट प्‍लेटलेट्स सेल्‍स पैकेट बरामद किया गया है. इस प्रकरण में दो आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया गया है. बरामद रक्‍त के स्रोत, वैधता एवं परिवहन संबंधी अभिलेखों की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में थाना रामगढ़ताल पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(2) और औषधि और प्रसाधन अधिनियम की धारा 18/27 के तहत कार्रवाई की है. कार को भी सीज कर दिया गया है. पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई में जुटी है. बता दें उत्तर प्रदेश में चैरिटेबल ब्लड सेंटरों के खिलाफ FSDA ने बड़ी कार्रवाई की है. प्रदेश के 62 जिलों में 158 ब्लड सेंटरों की जांच की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं. 24 चैरिटेबल ब्लड सेंटरों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है, जबकि 10 अन्य सेंटरों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया है. जांच में बिना ELISA टेस्ट के रक्त जारी करने, दूषित प्लाज्मा और एक्सपायर्ड दवाइयां मिलने के साथ कोल्ड चेन में भी खामियां पाई गईं.
75 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:40 PM
हत्या के आरोपी आफताब पूनावाला को धमकी देने पर तिहाड़ जेल अधीक्षक को तलब किया गया

हत्या के आरोपी आफताब पूनावाला को धमकी देने पर तिहाड़ जेल अधीक्षक को तलब किया गया

साकेत कोर्ट ने श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को जेल में मिल रही धमकियों के मामले में तिहाड़ जेल के अधीक्षक को तलब किया है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक से पूछा है कि आफताब की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। उन्हें छह नवंबर को कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है।
46 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:39 PM
भारतीय पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी पर नकेल कसी, हिमाचल प्रदेश में हेरोइन के साथ दो युवाओं को गिरफ्तार किया

भारतीय पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी पर नकेल कसी, हिमाचल प्रदेश में हेरोइन के साथ दो युवाओं को गिरफ्तार किया

गगरेट (ऊना)। नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ कांगड़ा की टीम ने अंबोटा के शिवबाड़ी चौक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को 49.21 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों युवक बाइक पर सवार थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 10,200 रुपये की नकदी भी बरामद की है। पकड़े गए दोनों युवक पंजाब के लुधियाना जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। एसपी ऊना सचिन हिरेमठ के अनुसार वीरवार सुबह करीब 4:30 बजे शिवबाड़ी चौक पर नाकाबंदी के दौरान बाइक सवार दो युवकों को जांच के लिए रोका। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से चिट्टा और नकदी बरामद हुई। आरोपितों की पहचान राजन सिंह निवासी बस्ती मनी सिंह बाजरा तथा हर्षदीप सिंह निवासी गांव मानक बाल, जिला लुधियाना (पंजाब) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
16 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:38 PM
ऋषिकेश पुलिस ने शांति भंग करने वाले युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की

ऋषिकेश पुलिस ने शांति भंग करने वाले युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की

ऋषिकेश। शहर में अलग-अलग स्थानों पर मारपीट, गाली-गलौच और हंगामा कर शांति व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में तीन युवकों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने तीनों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर चालान किया। इनमें एक युवक के कब्जे से खिलौना पिस्तौल भी मिली, जिसका इस्तेमाल वह लोगों को डराने और मौके पर तनाव पैदा करने के लिए कर रहा था।बीते बुधवार की रात पुलिसकर्मी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि अंकुर गैस एजेंसी के पास एक युवक स्थानीय ठेली संचालक के साथ विवाद कर हंगामा कर रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि हरियाणा के बहादुरगढ़ निवासी जतिन का बीड़ी मांगने को लेकर एक व्यक्ति से विवाद हो गया था। इसके बाद वह स्थानीय ठेली संचालक के साथ भी मारपीट पर उतारू हो गया। आरोप है कि युवक ने नकली पिस्तौल दिखाकर मौके पर दहशत फैलाने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके उग्र व्यवहार को देखते हुए रात करीब 11 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस गश्त के दौरान दून तिराहे से आगे हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास दो युवक नशे की हालत में आपस में झगड़ते मिले। दोनों सड़क पर गाली-गलौज और मारपीट कर हंगामा कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे पुलिस से भी उलझने लगे। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा के फतेहाबाद निवासी यश और तपोवन निवासी उत्तम को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि तीनों युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
20 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:32 PM
गुप्त रूप से अवैध वस्तुओं का परिवहन; लोकायुक्ता के छापे में उज्ज्वला योजना में धोखाधड़ी का पता चला

गुप्त रूप से अवैध वस्तुओं का परिवहन; लोकायुक्ता के छापे में उज्ज्वला योजना में धोखाधड़ी का पता चला

पिकअप में तिरपाल से ढंककर गुटखा और पान मसाला ले जाया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ चार पहिया गाड़ियां पिकअप के आगे-आगे चलकर रास्ते की निगरानी कर रही थीं। आशंका है कि यह अवैध सामग्री मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में खपाने के लिए भेजी जा रही थी। पुलिस जांच के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई उजागर हो पाएगी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर में किराए के मकानों तथा गोदामों को ठिकाना बनाकर यह अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है। इस मामले में जीएसटी चोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात भी सामने आ रही है।विज्ञापनउज्जैन कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का छापा: उज्ज्वला योजना में फर्जीवाड़ा, 20 हजार की घूस लेते बाबू गिरफ्तारविज्ञापनकार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके तिवारी की भूमिका और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। घटना के समय कारोबारी नवल साहू खुद दस्तावेज लेकर अधिकारी के सामने खड़ा था। सामने आए वीडियो में भी कागजात अधिकारी के हाथों में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक मौजूदगी के बीच मुख्य आरोपी का चकमा देकर भाग निकलना अधिकारियों की सतर्कता पर सवाल उठाता है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर पूर्व में भी जब्त किए गए गुटखे की जांच रिपोर्ट दबाने के आरोप लग चुके हैं। किराए के मकानों और गोदामों से चल रहे इस काले कारोबार में कई अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
12 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:29 PM
बहादुराबाद में चोरों ने ट्रांसफॉर्मर से तेल और तांबा चुराया, 110 घरों की बिजली काट दी

बहादुराबाद में चोरों ने ट्रांसफॉर्मर से तेल और तांबा चुराया, 110 घरों की बिजली काट दी

संवाद न्यूज एजेंसीबहादराबाद। ग्राम पंचायत अहमदपुर ग्रांट की एक कॉलोनी में चलती हाईटेंशन लाइन के ट्रांसफार्मर को क्षतिग्रस्त कर उसका तेल और कॉपर चोरी कर लिया गया। इसके बाद काॅलोनी की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लगभग 110 घरों में अंधेरा छा गया।जानकारी के अनुसार अहमदपुर ग्रांट गांव के पास वेब सिटी कॉलोनी में ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। बुधवार देर रात चोरों ने चलती लाइन से ट्रांसफार्मर को नीचे गिरा दिया और उसमें से लगभग 250 से 300 लीटर बिजली का तेल, तीन कॉपर की पत्तियां चोरी कर ली। इसके बाद आपूर्ति ठप होने से पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई।विज्ञापनघटना की जानकारी मिलते ही ऊर्जा निगम बहादराबाद से संबंधित अवर अभियंता ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इसके बाद अज्ञात चोरों के खिलाफ कोतवाली बहादराबाद में शिकायत दी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि ऊर्जा निगम की तरफ से शिकायत मिली है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से चोरों की तलाश की जा रही है।विज्ञापन---बोले जिम्मेदारचोरी की सूचना विभाग को दे दी गई है। क्षतिग्रस्त किए गए ट्रांसफार्मर की जगह नए ट्रांसफार्मर को रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - अक्षय कपिल, एसडीओ, बहादराबाद
96 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:24 PM
तरन तारन में पटाखों की खेप चोरी

तरन तारन में पटाखों की खेप चोरी

तरनतारन। जिले में अज्ञात लुटेरों ने पटाखों की दो अलग-अलग खेपों को निशाना बनाया। एक घटना में करीब दो लाख रुपये के पटाखों से भरा महिंद्रा पिकअप ट्रक लूट लिया गया।यह वारदात अमृतसर-तरनतारन मुख्य मार्ग पर गांव गोहलवार के पास हुई। देर रात मोटरसाइकिल सवार लुटेरों ने बंदूक दिखाकर पिकअप चालक को धमकाया। वे पटाखों से भरा ट्रक छीनकर फरार हो गए। इसी तरह सोमवार को भी एक मोटरसाइकिल विक्रेता को निशाना बनाया गया। लुटेरे उसके पटाखे और मोटरसाइकिल भी छीनकर भाग गए। हालांकि, दूसरी घटना की पुलिस में औपचारिक शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है। थाना सिटी तरनतारन के इंस्पेक्टर परमजीत सिंह विरदी ने बताया कि पिकअप लूट का केस दर्ज हो गया है। पुलिस आरोपियों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।
45 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:16 PM
भारतीय जिले में ग्रामीणों ने गायों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को पकड़ा, एक को गिरफ्तार किया

भारतीय जिले में ग्रामीणों ने गायों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को पकड़ा, एक को गिरफ्तार किया

गोवंश को गोसदन में छोड़ा, भागे आरोपियों की धरपकड़ में जुटी पुलिससंवाद न्यूज एजेंसीधर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर उपमंडल की लौंगणी पंचायत में बुधवार रात गोवंश को लावारिस छोड़ने पहुंचे तीन लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ा। इनमें से दो व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गए। ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।पकड़े गए व्यक्ति पर नशे की हालत में गाली-गलौज करने का आरोप है। उस पर ग्रामीणों को पत्थर मारने की धमकी देने के आरोप भी लगे हैं। घटना की सूचना पर एएसआई प्रदीप ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि तीनों लोग मढ़ी क्षेत्र से गोवंश लाए थे। वे इसे गाड़ी में लौंगणी पंचायत क्षेत्र में छोड़ रहे थे।विज्ञापनग्रामीणों ने मुनीष गुलेरिया निवासी डगवाली को पकड़ा था। उस पर नशे में गाली-गलौज और पत्थर मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तहसीलदार न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 10 हजार रुपये की जमानत पर रिहा किया गया। मौके पर मिले गोवंश को गौसदन लौंगणी-त्रेम्बला में सुरक्षित पहुंचाया गया। लौंगणी पंचायत प्रधान पृथी सिंह ने ऐसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि भागे दोनों व्यक्तियों की पहचान हो गई है और उनकी तलाश जारी है।
46 shares
😢
A
ABP News✓
Nov 5, 2026, 01:01 PM
रामपुर हत्या मामला सुलझाः त्वरित पुलिस जांच के बाद दो दोस्त गिरफ्तार

रामपुर हत्या मामला सुलझाः त्वरित पुलिस जांच के बाद दो दोस्त गिरफ्तार

रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है. पुलिस ने बताया कि हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के दो दोस्तों ने ही की थी. बताया गया कि मामूली कहासुनी के बाद दोनों आरोपियों ने विष्णु की हत्या कर दी और शव को कचहरी के पास छोड़ दिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों श्रीकांत और किशन सैनी को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गंगापुर निवासी विष्णु का शव कचहरी के पास पड़ा मिला. युवक का शव मिलने की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने पुलिस टीमों को जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा करने के निर्देश दिए. इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस ने जांच और सुरागकशी करते हुए चंद घंटों में ही हत्या की गुत्थी सुलझा दी. पुलिस ने मृतक के ही दो दोस्तों श्रीकांत और किशन सैनी को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में मामूली कहासुनी को हत्या की वजह बताया जा रहा है. हत्या की वास्तविक वजह पूछताछ के बाद ही सामने आएगी. सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव के मुताबिक, पुलिस ने हत्या की घटना का चंद घंटों में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी मृतक के साथ ही रहते थे और उन्हीं पर हत्या को अंजाम देने का आरोप है. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है. इस घटनाकांड ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अपराधी भले ही कितना शातिर क्यों न हो लेकिन वह कानून की नजर से बच नहीं सकता है. बाबर खान उत्तर प्रदेश के रामपुर की खबरों पर नजर रखते हैं. राजनीतिक, सामाजिक और क्राइम की खबरों पर खास पकड़ है.
27 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:53 PM
ऋषिकेश पुलिस ने चोरी की दो स्कूटी बरामद की, चोरी के मामलों में शामिल तीन युवाओं को गिरफ्तार किया

ऋषिकेश पुलिस ने चोरी की दो स्कूटी बरामद की, चोरी के मामलों में शामिल तीन युवाओं को गिरफ्तार किया

संवाद न्यूज एजेंसीऋषिकेश। स्मैक के नशे की लत पूरी करने के लिए स्कूटी चोरी करने वाले तीन युवकों को काेतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो स्कूटी बरामद की हैं। इनमें एक स्कूटी आवास विकास कॉलोनी और दूसरी देहरादून रोड स्थित गुरुद्वारा वाली गली से चोरी की गई थी। तीनों आरोपी पूर्व में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं।पुलिस के अनुसार, बीते 10 अक्तूबर को देहरादून रोड स्थित गुरुद्वारा वाली गली निवासी हर्षित अग्रवाल ने अपनी स्कूटी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, तीन नवंबर को आवास विकास निवासी हर्षित सनाढ्य ने भी अपनी स्कूटी चोरी होने की तहरीर दी थी। दोनों मामलों में कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। चार नवंबर की रात पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की दो स्कूटी लेकर तीन युवक आईडीपीएल फायर स्टेशन के पास खड़े हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को स्कूटी समेत पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान आयुष छेत्री निवासी आईडीपीएल गेस्ट हाउस के पास, कृष और रवि निवासी सुभाष नगर, बनखंडी के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे करीब छह वर्षों से स्मैक के नशे के आदी हैं। नशे की लत के चलते परिजनों ने भी उन्हें घर से अलग कर दिया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि दोनों मामलों में बरामदगी के आधार पर संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। आयुष छेत्री के खिलाफ पहले भी चोरी के तीन मामले दर्ज हैं, जबकि कृष और रवि के खिलाफ पूर्व में चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।
97 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:45 PM
फाटा पुलिस ने धनत्रयोदशी और दिवाली त्योहारों के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ बैठक की

फाटा पुलिस ने धनत्रयोदशी और दिवाली त्योहारों के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ बैठक की

फाटा।धनतेरस और दीपावली पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोनप्रयाग पुलिस ने त्रियुगीनारायण में व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ बैठक ली। एसएचओ सुरेश चंद्र बलूनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाजार में सुरक्षा बनाए रखने और आगजनी की घटनाओं से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस ने व्यापारियों को निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही पटाखों की दुकानें लगाने, अग्निशमन उपकरण रखने और ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित दूरी पर रखने के निर्देश दिए। पुलिस ने आपात स्थिति में शीघ्र पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने की अपील की। बैठक में एसआई महेश रावत आदि थे। संवाद
75 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:42 PM
भारतीय पुलिस ने राजपुर में मादक पदार्थों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया

भारतीय पुलिस ने राजपुर में मादक पदार्थों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त अभियान चलाया

राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि चार नवंबर की रात राजपुर पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम जोहड़ी रोड क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पुरानी मजार के पास मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक युवक को रोककर तलाशी ली। उसके कब्जे से एक किलो 110 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान अशद उर्फ शुभान खान (19) निवासी मोथरोवाला, दून यूनिवर्सिटी रोड, नेहरू कॉलोनी के रूप में हुई।विज्ञापनपूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ओपन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहा है। जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने रिस्पना पुल निवासी एक नशा तस्कर से चरस खरीदी थी। इसे स्थानीय स्तर पर नशे के आदी लोगों को महंगे दामों में बेचने की तैयारी थी। हालांकि, बिक्री से पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब चरस उपलब्ध कराने वाले तस्कर के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
49 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:40 PM
गाँव की दुश्मनी हिंसक हो गईः निरंजनपुर में पुरुषों के समूह ने एक व्यक्ति को बेरहमी से पीटा

गाँव की दुश्मनी हिंसक हो गईः निरंजनपुर में पुरुषों के समूह ने एक व्यक्ति को बेरहमी से पीटा

सुमित निवासी निरंजनपुर ने बताया कि गांव के कुछ लोग उनसे पुरानी रंजिश रखते हैं। 10 अक्तूबर की सुबह के समय वह अपने घर के बाहर खड़े थे। तभी आरोपी दीपक, श्रमपाल, सतीश कुमार, अंकित कुमार, रवि कुमार और यशवर्धन निवासी ग्राम निरंजनपुर कोतवाली लक्सर हाथ में लाठी - डंडे और धारदार हथियार लेकर वहां आए और उन्हें नीचे गिराकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान आरोपी दीपक ने उनके सिर पर बलकटी से वार कर दिया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर गए। आसपास के लोगों के आने पर जान से मारने की धमकी देकर आरोपी वहां से चले गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
64 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:39 PM
ईडी ने दो प्राथमिकियों के आधार पर साइबर अपराध मामले की जांच शुरू की

ईडी ने दो प्राथमिकियों के आधार पर साइबर अपराध मामले की जांच शुरू की

ईडी ने दो एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की थी। इनमें से एक एफआईआर तमिलनाडु पुलिस के 'स्टेट साइबर क्राइम कमांड सेंटर' ने दर्ज की थी, जबकि दूसरी एफआईआर तेलंगाना के साइबराबाद स्थित 'साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन' में दर्ज की गई थी। ये मामले 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) 2023/IPC और 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम' (IT Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे।विज्ञापनधोखाधड़ी के तरीके की बात करें तो, जालसाज पीड़ितों को निवेश योजनाओं, नौकरियों, शेयर बाजार में निवेश या अन्य ऑनलाइन तरीकों का झांसा देकर सोशल मीडिया या फोन के जरिए संपर्क करते थे। इसके बाद, पीड़ित जालसाजों द्वारा बताए गए 'म्यूल बैंक अकाउंट्स' में पैसे ट्रांसफर कर देते थे। फिर, इस रकम को कई अन्य 'म्यूल अकाउंट्स' में छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया जाता था। अंत में, इस रकम का कुछ हिस्सा नकद निकाल लिया जाता था, जबकि बाकी हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर किया गया।विज्ञापनईडी की जांच के दौरान, तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में दर्ज 10 और एफआईआर का संबंध इसी नेटवर्क से पाया गया। इसके अलावा, इसी नेटवर्क से जुड़ी साइबर अपराध की 600 से अधिक शिकायतें सामने आई हैं। सैकड़ों साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से हासिल की गई 400 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम को आरोपियों ने 'म्यूल' बैंक खातों के नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर के जरिए इधर-उधर घुमाया और छिपाया गया।जांच में पता चला कि रोशन फियाज और अम्मार ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ऐसा तरीका तैयार किया, जिससे अवैध रकम को 'म्यूल' खातों के जाल के जरिए इधर-उधर घुमाया जा सके और उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदला जा सके। जांच से पता चला है कि रोशन फियाज इस नेटवर्क का मुख्य व्यक्ति था। उसने अपने नाम, अपनी पत्नी के नाम और अपने नियंत्रण वाली कई प्रोप्राइटरशिप या अन्य इकाइयों के नाम पर 'म्यूल' बैंक खातों की एक बड़ी श्रृंखला चला रखी थी। ऐसे 31 खातों में 300 करोड़ रुपये से अधिक के डेबिट और क्रेडिट ट्रांजेक्शन पाए गए। पीड़ितों से ठगी गई रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया और क्रिप्टो वॉलेट्स का इस्तेमाल करके उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया गया।अम्मार भी इस नेटवर्क का एक अहम व्यक्ति था। वह रोशन फियाज को अलग-अलग लोगों और इकाइयों के 'म्यूल' बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इसके साथ ही वह अकाउंट किट, नेट-बैंकिंग क्रेडेंशियल्स, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और ईमेल भी देता था, ताकि क्रिप्टोकरेंसी खरीदने वालों से भारतीय रुपये प्राप्त किए जा सकें। इससे पहले, ईडी ने रोशन फियाज, अम्मार और उनसे जुड़ी इकाइयों के विभिन्न ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान 14.50 लाख रुपये नकद और 3.26 करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की गई, साथ ही कई बैंक खातों में मौजूद लगभग 88.28 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया। दोनों आरोपियों को चेन्नई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
3 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:38 PM
अकबरपुर में चोरों ने सरकारी ट्यूबवेल को निशाना बनाया, तांबे के केबल और कीमती सामान चुरा लिए

अकबरपुर में चोरों ने सरकारी ट्यूबवेल को निशाना बनाया, तांबे के केबल और कीमती सामान चुरा लिए

ग्राम अकबरपुर में चोरों ने सरकारी ट्यूबवेल को निशाना बनाकर कॉपर केबल और अन्य कीमती उपकरण चोरी कर लिए। मामले में ट्यूबवेल चालक की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नलकूप चालक प्रमोद कुमार की पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार राजकीय ट्यूबवेल संख्या-16 आरजीओ में पांच सितंबर की रात अज्ञात चोरों ने स्टार्टर तोड़कर करीब पांच मीटर कॉपर केबल, तीन फ्यूज यूनिट और स्टार्टर का अन्य सामान चोरी कर लिया। घटना का पता चलने पर ट्यूबवेल चालक प्रमोद कुमार ने आसपास सामान की तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने कोतवाली मंगलौर पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
96 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:32 PM
कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों के मामले में जमानत से इनकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों के मामले में जमानत से इनकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

उमर खालिद और शरजील इमाम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के सितंबर 30, 2026 के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने 2020 दिल्ली दंगा मामले में उनकी जमानत याचिकाओं को तीसरी बार खारिज किया था।
86 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:28 PM
ईडी ने कथित धोखाधड़ी वाले निविदा घोटाले के लिए त्रिपुरा सरकार के अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

ईडी ने कथित धोखाधड़ी वाले निविदा घोटाले के लिए त्रिपुरा सरकार के अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

यह एफआईआर नागपुर की फर्म एसके सेल्स कॉर्पोरेशन' की शिकायत पर दर्ज की गई थी। इसमें अभिषेक चंद्र, आईएएस (त्रिपुरा कैडर) और उनके साथियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने धोखाधड़ी करके इस फर्म से लगभग 14.55 करोड़ रुपये की 'अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट' जमा करवाई। यह रकम सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच त्रिपुरा सरकार के मिड-डे मील और बिजली क्षेत्र से जुड़े कथित टेंडरों के नाम पर ली गई थी, जबकि असल में ऐसे कोई टेंडर कभी जारी ही नहीं किए गए थे।विज्ञापनभारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 61(2), 316, 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 341(2) के तहत दर्ज ये अपराध—जिनमें आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, किसी और का रूप धरकर धोखा देना और जालसाजी शामिल हैं, पीएमएलए 2002 के तहत 'अनुसूचित अपराध' माने जाते हैं। इसके आधार पर, ईडी ने एक ईसीआईआर दर्ज की और पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू कर दी। जांच से पता चला है कि अभिषेक चंद्र, आईएएस (जो फिलहाल सस्पेंड चल रहे हैं) ने खुद को त्रिपुरा सरकार में टेंडर प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले अधिकारी के रूप में पेश किया। उन्होंने शिकायतकर्ता का परिचय उत्पल कुमार चौधरी से कराया और कहा कि भुगतान की प्रक्रिया देखने की जिम्मेदारी उसी की है।विज्ञापनईएमडी का भुगतान 'डायरेक्टोरेट ऑफ हायर एजुकेशन' के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट के जरिए किया गया था। असल में, यह उत्पल कुमार चौधरी का एक निजी उपक्रम था, जिसका नाम किसी असली सरकारी विभाग से मिलता-जुलता रखा गया था ताकि लोगों को धोखा दिया जा सके। आरोप है कि इसके लिए फर्जी टेंडर नोटिस और वर्क ऑर्डर का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, फंड इकट्ठा करने के लिए कृष्णा चक्रवर्ती (जिनका प्रतिनिधित्व उनके पति सुदीप पॉल कर रहे थे) के साथ एक जॉइंट वेंचर बनाया गया। पीड़ितों का भरोसा बनाए रखने और उनसे और पैसे निकलवाने के लिए, कुछ खास मौकों पर उन्हें आंशिक 'रिफंड' भी दिए गए।फर्जी संस्थाओं के खातों में जमा की गई रकम को कथित तौर पर कुछ ही दिनों के भीतर और कुछ मामलों में तो 24 घंटे के भीतर ही कई शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) के नेटवर्क के जरिए इधर-उधर घुमा दिया गया (लेयरिंग की गई)। इनमें से कई कंपनियां उत्पल कुमार चौधरी के घरेलू सहायकों और सहयोगियों के नाम पर रजिस्टर्ड थीं। अपराध से हासिल इस रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया। इनमें एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के फ्लैट और मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रिहायशी संपत्ति शामिल है, जिन्हें अभिषेक चंद्र के परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदा गया था। इसके अलावा, इस पैसे का इस्तेमाल विदेश यात्राओं और महंगी विलासिता की वस्तुओं को खरीदने में भी किया गया। साथ ही, कोलकाता स्थित एक कथित हवाला नेटवर्क के जरिए भी पैसों का लेन-देन किया गया।ईडी पहले से ही उत्पल कुमार चौधरी और अन्य लोगों के खिलाफ ECIR/AGSZO/03/2025 के तहत जांच कर रही है। यह मामला पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में दर्ज पांच एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें इसी तरह की फर्जी संस्थाओं और तौर-तरीकों का इस्तेमाल करके कई लोगों को ठगा गया था। इस मामले में कुल 44 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी हुई है। इस केस में, 22.01.2026 को 'प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर' (अस्थायी संपत्ति कुर्की आदेश) नंबर 01/2026 और 31.07.2026 को नंबर 05/2026 जारी किए जा चुके हैं।आईएएस अधिकारी अभिषेक चंद्र और हवाला ऑपरेटरों के घरों के साथ-साथ, मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन के रास्ते) से जुड़ी कई कंपनियों/संस्थाओं के दफ्तरों में भी तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान, हवाला लेन-देन से जुड़े ढेरों दस्तावेज, महंगी संपत्तियों के विवरण और ऐसे अन्य सबूत मिले हैं, जो कॉरपोरेट संस्थाओं पर संदिग्ध नियंत्रण की ओर इशारा करते हैं। इन सबूतों को जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा, मौजूदा जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले कई आरोपियों के डिजिटल डिवाइस और रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।
40 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:21 PM
ईडी ने पीएमएलए के तहत दो अलग-अलग मामलों में 4 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

ईडी ने पीएमएलए के तहत दो अलग-अलग मामलों में 4 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

ईडी की दोनों कार्रवाइयां धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई हैं। हालांकि, ये दोनों अलग-अलग मामले हैं। पटनी से जुड़े मामले में एजेंसी ने कथित जबरन वसूली और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति हासिल करने की जांच के आधार पर संपत्ति जब्त की है। वहीं, राठौड़ के मामले में फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से पैसा जुटाने, उसे अलग-अलग बैंक खातों में भेजने और कथित तौर पर उसका इस्तेमाल करने की जांच चल रही है।विज्ञापनईडी के मुंबई जोनल कार्यालय ने असलम अब्दुल रहमान पटनी और अन्य लोगों के मामले में करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है। इसमें बैंक खातों में मौजूद रकम जैसी चल संपत्तियां और एक अचल संपत्ति शामिल है। यह कार्रवाई दादर पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद की गई। इस मामले की जांच मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल, क्राइम ब्रांच ने भी की थी। प्राथमिकी में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल जैसे आरोप शामिल हैं।विज्ञापन
97 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:19 PM
पठानकोट में नौजवानों ने निवासी को झूठ बोलकर लूटा

पठानकोट में नौजवानों ने निवासी को झूठ बोलकर लूटा

संवाद न्यूज एजेंसीपठानकोट। बहलोलपुर रोड पर वीरवार तड़के कार सवार युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। सब्जी मंडी जा रहे गांव भोआ निवासी राजेश कुमार को मदद के बहाने रोककर उसका मोबाइल और सोने की चेन छीन ली। थाना सदर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।पीड़ित ने बताया कि वह तड़के करीब 2:30 बजे मूली की फसल लेकर ऑटो के पीछे मोटरसाइकिल पर पठानकोट सब्जी मंडी जा रहा था। बहलोलपुर मोड़ के पास लघुशंका के लिए रुका तो काले रंग की कार उसके पास आकर रुकी। चालक ने रास्ता पूछने के बहाने बात शुरू की। इसी दौरान दूसरे युवक ने उसकी जेब से मोबाइल और गले से सोने की चेन झपट ली। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।विज्ञापनजांच अधिकारी एएसआई सुरिंदर सिंह के अनुसार पुलिस घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
12 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:09 PM
दिल्ली पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़ी जबरन वसूली की मांग की जांच कर रही है

दिल्ली पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़ी जबरन वसूली की मांग की जांच कर रही है

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल के मालिक शिकायतकर्ता शकील सैफी को तीन नवंबर को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से सोशल मीडिया के जरिए रंगदारी की मांग की गई थी। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान अनिल पंडित के रूप में बताई और दावा किया कि उसने अस्पताल मालिक की रेकी की है। पुलिस के अनुसार, उसने रकम का इंतजाम करने के लिए 24 घंटे का समय दिया और मांग पूरी नहीं होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उसने खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़ा हुआ बताया।विज्ञापनसैफी ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें एक दिन पहले यानी दो नवंबर को उसी नंबर से धमकी भरा वॉयस मैसेज मिला था। निहाल विहार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस फोन करने वाले की पहचान, कथित गिरोह से उसके संबंध और रंगदारी मांगने के पीछे के मकसद सहित विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। मामले की जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व अपराध शाखा को भी लगाया गया है।
66 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:08 PM
गुरुग्राम पुलिस ने सुरक्षित दिवाली समारोहों के लिए 4300 से अधिक कर्मियों को तैनात किया

गुरुग्राम पुलिस ने सुरक्षित दिवाली समारोहों के लिए 4300 से अधिक कर्मियों को तैनात किया

नंबर गेम - 4300 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनातअमर उजाला ब्यूरोगुरुग्राम। दिवाली पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। पुलिस आयुक्त शिवास कविराज के निर्देश पर शहर में 4300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सभी पुलिस उपायुक्तों और थाना प्रभारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।पुलिस बल बाजारों, शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखेगा। जिला प्रशासन के आदेशानुसार, सात व आठ नवंबर को केवल ग्रीन पटाखे सुबह 06:00 से 07:00 बजे तक और रात 08:00 से 10:00 बजे तक जलाए जा सकेंगे। पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित स्थानों पर होगी, तथा अवैध और प्रतिबंधित पटाखों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम पुलिस ने आमजन से सुरक्षित दिवाली मनाने और नियमों का पालन करने की अपील की है।विज्ञापननिर्धारित पटाखा बिक्री स्थानों पर गश्ती दल लाइसेंस और ग्रीन पटाखों की जांच करेंगे। बेरियम युक्त व प्रतिबंधित पटाखों पर रोक रहेगी, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के 300 मीटर दायरे में पटाखे प्रतिबंधित हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त, मोटरसाइकिल व पीसीआर से निगरानी होगी, तथा आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। यातायात सुचारु रखने के लिए विशेष ड्यूटी लगाई गई है, और बिना हेलमेट या शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई होगी।
34 shares
😐
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:02 PM
उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथ से बनी पिस्तौल जब्त की, गुप्त सूचना के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथ से बनी पिस्तौल जब्त की, गुप्त सूचना के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया

पुलिस के अनुसार 4 नवंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम घुघरियाखेड़ी बस स्टॉप के पास एक व्यक्ति बैग लेकर खड़ा है, जिसके पास अवैध पिस्टल होने की आशंका है। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कश्यप के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर संदिग्ध ने भागने का प्रयास किया लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।विज्ञापनपूछताछ में आरोपी ने अपना नाम हरेन्द्र कुमार पाण्डेय (35) निवासी ग्राम बसोली, जिला अलीगढ़, उत्तर प्रदेश बताया। उसके बैग की तलाशी लेने पर 10 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल मिलीं। हथियारों के संबंध में वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने सभी पिस्टल जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।विज्ञापनभोपाल में शॉपिंग ट्रेंड: हल्की ज्वेलरी से लेकर डिजाइनर लाइटिंग तक इस बार क्या खरीद रहे लोग? जानिए बाजार का हालपुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना गोगांवा में अपराध क्रमांक 365/26 के तहत धारा 25(1) आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने सिगनूर के किसी व्यक्ति से अवैध हथियार खरीदने की बात बताई है। पुलिस अब हथियार बेचने वाले व्यक्ति की पहचान और अवैध हथियारों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी है।इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच का दायरा सिगनूर तक पहुंच गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अलीगढ़ से खरगोन हथियार खरीदने क्यों आया था और उसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। कार्रवाई एसडीओपी भीकनगांव केतन अडलक के मार्गदर्शन में की गई। इसमें गोगांवा पुलिस और साइबर सेल की टीम का योगदान रहा।
48 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:02 PM
भारतीय व्यक्ति को भूमि घोटाले में 1 लाख रुपये से अधिक का नुकसान

भारतीय व्यक्ति को भूमि घोटाले में 1 लाख रुपये से अधिक का नुकसान

शिकायत के अनुसार, फुरकान अली को जमीन की आवश्यकता थी, जिस पर उनके रिश्तेदार साबिर अली ने उन्हें पिपलैड़ा, धौलाना, हापुड़ निवासी शेरू उर्फ शेर मौहम्मद व अन्य से मिलवाया। आरोपियों ने थाना मसूरी के ग्राम इन्द्रगढ़ी निवासी फुरकान अली को गाटा संख्या 543 व 747 रकबा 0.4730 की फर्जी खसरा खतौनी दिखाकर खुद को उस जमीन का मालिक बताया। विश्वास में आकर पीड़ित ने आरोपियों से जमीन का सौदा तय किया और कुल 59.10 लाख रुपये अलग-अलग तारीखों में बयाने व आरटीजीएस के माध्यम से शेरू और उसके साथियों को दे दिए। कुछ समय पश्चात जब पीड़ित को सच्चाई का पता चला, तो जानकारी मिली कि उक्त जमीन के असली मालिक और काबिज कोई और मोहम्मद तारिक, मिस्वाउर्हमान व अफजाल अहमद हैं। आरोपियों ने फर्जी कागजात तैयार कर जमीन पर अपना नाजायज कब्जा दिखाकर फुरकान अली के साथ धोखाधड़ी की है।विज्ञापनजब पीड़ित ने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और दोबारा पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि 3 सितंबर को आरोपी पक्ष शेरू, अकरम, इस्तेकार, जुल्फेलकार, इसरार, जुबैर और अनस उसके घर पहुंचे और गाली-गलौज व धमकी दी कि यदि पैसे मांगे या पुलिस में शिकायत की, तो तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी और लाश का भी पता नहीं चलेगा। पीड़ित ने यह भी बताया कि आरोपियों का मुख्य पेशा फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करके लोगों को अपनी जमीन बताकर ठगी करना है। पूर्व में भी इनके खिलाफ मसूरी थाने में मुकदमे दर्ज हैं।विज्ञापनपीड़ित फुरकान ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। एसीपी मसूरी सुनील कुमार भारद्वाज ने बताया कि पीड़ित फुरकान अली की शिकायत पर आरोपी शेरु उर्फ शेर मौहम्मद, अकरम व इस्तकार पुत्रगण शेर मौहम्मद, जुल्फिकार व इसरार पुत्रगण आस मौहम्मद, जुबैर पुत्र जुल्फिकार तथा अनस पुत्र इस्तकार निवासीगण ग्राम पिपलैड़ा धौलाना हापुड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल करके कानूनी कार्यवाही करेगी।
90 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:01 PM
आगरा में कई मौतें और चोटेंः परिवार की हत्या, बाइक सवार की मौत, और चोर गिरफ्तार

आगरा में कई मौतें और चोटेंः परिवार की हत्या, बाइक सवार की मौत, और चोर गिरफ्तार

हाईवे पर तेज रफ्तार कार का कहर एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों को लील गया। खेत में काम कर रहे दादा, बेटे और पोते को बेकाबू कार ने कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई...विज्ञापनआगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में हाथरस मार्ग स्थित मिलिंद बुद्ध विहार से चोर भगवान गौतम बुद्ध की करीब 25 किलो वजनी पीतल की प्रतिमा चोरी कर ले गए। चोरों ने दीवार फांदकर प्रतिमा गृह का ताला तोड़ा और वारदात को अंजाम दिया...विज्ञापनआगरा के कमला नगर थाना क्षेत्र में वाटर बॉक्स फ्लाईओवर पर अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे इलाज के लिए एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया...एटा के अवागढ़ क्षेत्र के गांव नगला भूरा में लाइसेंसी बंदूक चोरी करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया...आगरा के थाना मलपुरा पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बाजरे की पुलियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब की 201 पेटियां बरामद की हैं। पुलिस ने करीब 30 लाख रुपये कीमत की शराब और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है...
2 shares
😢
A
Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:59 AM
हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक चेक बाउंस मामले में दोषी को राहत देने से इनकार

हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक चेक बाउंस मामले में दोषी को राहत देने से इनकार

सुरक्षा के लिए दिया था चेक, अदालत में नहीं टिक सकी दोषी की दलीलसंवाद न्यूज एजेंसीधर्मशाला। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के चेक बाउंस मामले में दोषी को जिला एवं सत्र न्यायालय, पालमपुर से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरू ठाकुर की अदालत ने दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी।अदालत ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई तीन माह के साधारण कारावास और बैंक को 1.20 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा बरकरार रखी है। साथ ही दोषी को 30 दिन के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं।विज्ञापनमामला हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक की सारी मोलग शाखा से जुड़ा है। बैंक की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, रविंद्र कुमार ने ऋण चुकाने के लिए चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जयसिंहपुर की अदालत ने 17 जून 2023 को उसे परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए तीन माह के साधारण कारावास और 1.20 लाख रुपये मुआवजे की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ रविंद्र कुमार ने अपील दायर की थी।विज्ञापनअपील में रविंद्र कुमार ने दलील दी कि बैंक ने उससे हस्ताक्षर करवाकर चेक सुरक्षा के तौर पर लिया था और उसने इसे भुगतान के लिए जारी नहीं किया था। उसने यह भी कहा कि वह बैंक का बकाया चुकाने के लिए तैयार था, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने मामले के तथ्यों पर उचित विचार किए बिना फैसला सुनाया।अपीलीय अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि रविंद्र कुमार ने चेक पर अपने हस्ताक्षर होने और बैंक से ऋण लेने से इनकार नहीं किया था। वह वैधानिक अनुमान को खारिज करने के लिए कोई ठोस बचाव भी पेश नहीं कर पाया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने उसकी अपील खारिज कर दी।
44 shares
😢