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Jun 19, 2026, 09:52 AM
धुरली तितेमपारा में बेटे ने महिला की हत्या कर दी

धुरली तितेमपारा में बेटे ने महिला की हत्या कर दी

मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतिका बुधरी तेलाम 60 वर्ष की हत्या उसके पुत्र सामु उर्फ श्याम तेलाम 32 वर्ष निवासी धुरली टिटेमपारा द्वारा की गई है। आसपास के लोगों ने बताया कि आरोपी ने शराब के नशे में अपनी मां से खाना मांगा। खाना नहीं मिलने पर आरोपी आक्रोशित हो गया और पास में रखे बांस के डंडे से मृतिका के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मामले में थाना भांसी में धारा 103(1) बीएनएस दर्ज कर जांच में लिया गया। पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या करने की बात स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर 19 जून को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
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Jun 19, 2026, 09:47 AM
भारतीय गाँव में किसान नेता और दो अन्य की हत्या के लिए नौ लोगों को सजा

भारतीय गाँव में किसान नेता और दो अन्य की हत्या के लिए नौ लोगों को सजा

कोर्ट ने गांव के तीन भाई क्रमश: शरीफ सेठ, रईस, शफीक, मोईन, नेहाल, रईश, सगीर, इसराइल, अशोक, तीन भाई क्रमश: साबिर, सादिक, वाजिद, संजय, हथगाम अखरी गांव के मुन्नू सिंह (अखरी गांव के किसान नेता समेत तीन की हत्या का मुख्य आरोपी) को सजा सुनाई है।
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Jun 19, 2026, 09:40 AM
मोरक्को की अदालत ने बलात्कार मामले में पीएसजी के अशरफ हकीमी के खिलाफ सजा बरकरार रखी

मोरक्को की अदालत ने बलात्कार मामले में पीएसजी के अशरफ हकीमी के खिलाफ सजा बरकरार रखी

मोरक्को के स्टार फुटबॉलर और पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के डिफेंडर अशरफ हकीमी के खिलाफ रेप के आरोपों से जुड़े मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के फैसले को बरकरार रखा है और उनकी अपील खारिज कर दी है। अब इस मामले की सुनवाई आने वाले महीनों में ट्रायल के रूप में होगी।
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Jun 19, 2026, 09:28 AM
विदेश में हैंडलर को हथियारों की आपूर्ति करने के आरोप में भारतीय व्यक्ति गिरफ्तार

विदेश में हैंडलर को हथियारों की आपूर्ति करने के आरोप में भारतीय व्यक्ति गिरफ्तार

एसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि महम सीआईए को सूचना मिली कि जनता कॉलोनी निवासी कृत हथियार सप्लाई का काम करता है। फिलहाल झज्जर रोड परद कन्हेली फ्लाईओवर के पास मौजूद है। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को पीठू बैग सहित काबू किया। तलाशी के दौरान बैग से पिस्तौल व 8 कारतूस बरामद किए। एक पिस्तौल मेड इन चाइना व दूसरी मेड इन कंट्री है।विज्ञापनपूछताछ में आरोपी कृत ने पुलिस को बताया कि उसने ऑनलाइन गेम खेलने की आदत है। इसमें वह काफी पैसा हार गया विदेश में बैठे हैंडलर ने कहा कि उसका सारा कर्ज वह उतार देगा। उसे केवल बताई गई जगह से हथियार उठाकर दूसरी जगह रखकर आना है। उसे केवल उससे बात करनी है और किसी से नहीं। कभी मिलना तक नहीं है। आरोपी पिछले डेढ़ माह में 20 के करीब हथियार डिलीवर कर चुका था। अबकी बार पुलिस की गिरफ्त में आ गया।विज्ञापनपुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे से हैरान हो गई। उसके माता-पिता से पूछताछ की। सरकारी विभाग में नौकरी कर रही मां ने बताया कि उनका बेटा बीकॉम प्रथम वर्ष में पढ़ता है। नहीं पता था कि वह हथियार भी सप्लाई करता है।अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। पिछले साल जून माह तक 66 केस आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर 76 हथियार व 106 कारतूस बरामद किए गए थे। अब 2026 में जब तक 68 एफआईआर दर्ज कर 125 हथियार व 154 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस उन लोगों पर भी कड़ी निगाह रख रही है तो आरोपियों की जमानत लेते हैं। जमानती तो आरोपियों के साथ गिरोह में शामिल तो नहीं हैं।
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Jun 19, 2026, 09:25 AM
कालका में डकैती की बड़ी साजिश को पुलिस ने विफल किया, पांच हथियारबंद लुटेरों को किया गिरफ्तार

कालका में डकैती की बड़ी साजिश को पुलिस ने विफल किया, पांच हथियारबंद लुटेरों को किया गिरफ्तार

कालका में डकैती की बड़ी साजिश नाकाम हुई है। कालका थाना पुलिस ने हथियारों से लैस पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध विदेशी पिस्टल, छह कारतूस, लोहे की राड, गंडासी और सुआ जैसे हथियार बरामद किए हैं। ये शातिर बिना नंबर प्लेट की होंडा सिटी कार में सवार थे, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। एसीपी कालका आशीष कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली की रेस्ट हाउस और गोशाला के नजदीक सुनसान जगह पर होंडा सिटी कार में कुछ युवक सवार हैं और उनके पास हथियार भी हैं। सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो कार के पास खड़े तीन लड़के पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर पांच आरोपितों को दबोच लिया। पकड़े गए सभी आरोपित मूल रूप से पंजाब के मलोट (मुक्तसर साहिब) के रहने वाले हैं और वहां गैंगवार में फायरिंग करने के बाद से फरार चल रहे थे। वहां से फरार होने के बाद इनके पास रुपये खत्म हो गए थे। इसलिए ये कालका में डकैती डालने की साजिश रच रहे थे। आरोपितों की पहचान बबलू ऋतिक उर्फ मंगू, नवीश कुमार उर्फ ननु, दीपक कुमार और खुशदीप सिंह उर्फ निर्मल के रूप में हुई है, जो सभी मलोट, जिला मुक्तसर, पंजाब के निवासी हैं। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार आरोपित बबलू अवैध विदेशी पिस्टल और मैगजीन में लोड छह कारतूस बरामद हुए। आरोपितों की गाड़ी से लोहे की राड और सुआ जैसे हथियार मिले हैं। पूछताछ में आरोपितों ने कुबूल किया कि मलोट में उनकी कुछ लड़कों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते 13 जून को उनका वहां झगड़ा हुआ था और बबलू ने वहां सरेआम फायरिंग की थी। इस संबंध में थाना सदर मलोट में इनके खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 310(4) और आर्म्स एक्ट के तहत कालका थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, आरोपित रितिक उर्फ मंगू एक आदतन और शातिर अपराधी है, जिस पर पंजाब में पहले से ही नशा तस्करी, चोरी और लड़ाई-झगड़े के कई मामले दर्ज हैं। सभी आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपित दीपक और खुशदीप को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपित बबलू, रितिक और नवीश का चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
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Jun 19, 2026, 09:23 AM
अलवर जिले में चोरों ने ए. टी. एम. मशीन को उखाड़ फेंका

अलवर जिले में चोरों ने ए. टी. एम. मशीन को उखाड़ फेंका

अलवर जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां उद्योग नगर थाना क्षेत्र में देर रात बदमाश एक निजी बैंक की एटीएम मशीन को ही उखाड़कर फरार हो गए. सुबह जब घटना की जानकारी मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस मौके पर पहुंच गई. जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात की है, जब बदमाश एटीएम बूथ पर पहुंचे. कुछ ही समय में उन्होंने पूरी मशीन को उखाड़ लिया और अपने साथ ले गए. बताया गया कि एटीएम मशीन में चार लाख रुपये से अधिक की नकदी मौजूद थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी केवल एटीएम मशीन ही नहीं बल्कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डिंग सिस्टम भी अपने साथ ले गए. माना जा रहा है कि यह सब इसलिए किया गया ताकि उनकी पहचान न हो सके. सुबह स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. रामगढ़ के डिप्टी पिंटू कुमार ने बताया कि बदमाश रात के समय एटीएम पर पहुंचे और पूरी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. पुलिस का मानना है कि इस वारदात को किसी संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है. जिस तरह से पूरी एटीएम मशीन को उखाड़कर ले जाया गया, उससे साफ है कि आरोपियों ने पहले से रेकी की थी और योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने एटीएम मशीन कंपनी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है. अब पुलिस आसपास के मार्गों, टोल नाकों और संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. हालांकि इस घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना से साफ है कि बदमाशों में पुलिस का खौफ कम होता जा रहा है. पुलिस फिलहाल हर एंगल से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा.
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Jun 19, 2026, 09:17 AM
गबन मामले में सीबीआई ने पंचकूला के पूर्व आयुक्त को किया गिरफ्तार

गबन मामले में सीबीआई ने पंचकूला के पूर्व आयुक्त को किया गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त एवं आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को नगर निगम पंचकूला के सरकारी धन के कथित गबन मामले में वीरवार को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को आरोपी को पंचकूला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया है। यह मामला सेक्टर-32, चंडीगढ़ स्थित IDFC First Bank की शाखा में नगर निगम पंचकूला के खाते से सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़ा हुआ है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि नगर निगम पंचकूला का बैंक खाता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के प्रचलित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खोला गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, खाते के उद्घाटन फॉर्म में जानबूझकर ऐसी जानकारियां दर्ज की गईं, जिनसे बाद में किए जाने वाले फर्जी वित्तीय लेन-देन को छिपाया जा सके। जांच के दौरान यह भी पता चला कि तत्कालीन आयुक्त आर.के. सिंह ने IDFC First Bank के आरोपी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाने के नाम पर कई हस्ताक्षरित चेक बिचौलियों के माध्यम से बैंक अधिकारियों को सौंपे थे। इन चेकों के जरिए नगर निगम के खाते से धनराशि निकाल ली गई, लेकिन कोई भी फिक्स्ड डिपॉजिट नहीं बनाया गया। निकाली गई राशि को बैंक अधिकारियों द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई के अनुसार, इस पूरे घोटाले को नगर निगम पंचकूला के तत्कालीन आयुक्त और वरिष्ठ लेखाकार (Senior Accountant) की जानकारी और सक्रिय भागीदारी से अंजाम दिया गया। वरिष्ठ लेखाकार को पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में आर.के. सिंह की सक्रिय भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीबीआई ने चंडीगढ़ और करनाल स्थित उनके आवासों पर तलाशी भी ली, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Vigilance and Anti-Corruption Bureau) से अपने हाथ में ली थी। पंचकूला नगर निगम में लगभग 79.46 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था, जो सेक्टर-32 स्थित IDFC First Bank शाखा में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा बताया जा रहा है। हरियाणा में IAS आरके सिंह गिरफ्तार, पंचकूला निगम फंड घोटाले में पहली बड़ी गिरफ्तारी, CBI के रडार और भी बड़े अफसर हरियाणा की अधिकतर निगमों में खाली हैं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी, कब होंगे चुनाव? करोड़ों के घोटाले में हरियाणा सरकार का एक्शन, सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर सुरेंद्र जैन निलंबित; CBI कर चुकी गिरफ्तार पंचकूला को मिली 'छोटी सरकार'; CM की मौजूदगी में शपथ ग्रहण, मेयर और पार्षद अब संभालेंगे कामकाज अंबाला, पंचकूला और सांपला में भाजपा ने निकाय चुनाव में लिया हार का बदला, कांग्रेस के गढ़ में लगाई सेंध जांच के अनुसार, हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी अथवा अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट्स के माध्यम से निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए। इस मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा सीबीआई ने चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े दो अन्य मामलों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL)/नगर निगम चंडीगढ़ तथा CREST की जांच भी अपने हाथ में ली है। इन दोनों मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। CREST मामले में एक वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। सीबीआई ने कहा है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल सभी दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने और गबन की गई राशि की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए जांच जारी रहेगी।
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Jun 19, 2026, 09:07 AM
बिहार गैंगरेप मामलाः कार्रवाई में देरी को लेकर आलोचनाओं के बीच पुलिस अधिकारी निलंबित

बिहार गैंगरेप मामलाः कार्रवाई में देरी को लेकर आलोचनाओं के बीच पुलिस अधिकारी निलंबित

बिहार के बेगूसराय में महिला से गैंगरेप और हैवानियत के बाद आज तक की खबर का असर हुआ और डीआईजी शैलेश कुमार ने चकिया थाना अध्यक्ष राजीव रंजन को तत्काल निलंबित कर दिया है। दरअसल,आरोप है कि 11 जून की रात पांच लोगों ने एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था. पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई. बाद में तबीयत बिगड़ने और दर्द बढ़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के दौरान उसके गुप्तांग में कारतूस, पत्थर, लकडी डालने की पुष्टि हुई थी. हालांकि 13 जून को इस मामले में एफआईआप दर्ज कर ली गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस की ओर से समय पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई.इसी को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी शैलेश कुमार ने चकिया थानाध्यक्ष की भूमिका की समीक्षा की और प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया. इसके अलावा डीआईजी खुद सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़िता से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली.उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो लगातार कार्रवाई कर रहा है. महिला के आवेदन पर रामू महतो , सूरज कुमार और नीतीश कुमार समेत दो अज्ञात पर FIR हुई है. आरोप है कि इन्हीं पांचों ने पीड़िता के पति के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर पीड़िता को शौचालय के पास से खींचकर बरामदे में गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था. बदमाशों की हैवानियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महिला के प्राइवेट पार्ट में कारतूस पत्थर और लकड़ी तक डाल दिया गया था. आरोपियों के बारे में बताया जाता है कि राजू महतो कुग्यात बदमाश है. उस पर रेलवे में तीन से चार मामले जबकि लोकल चकिया थाना में भी एक मामला दर्ज है, वहीं नीतीश कुमार पर एक आर्मस एक्ट का मामला दर्ज है जबकि सूरज कुमार पर किसी तरह का कोई आपराधिक मामला थाने में दर्ज नहीं है. इधर, महिला के साथ गैंग रेप और हैवानियत की रात की पूरी कहानी जानकर तो रोंगेट ही खड़े हो जाते हैं. 11 जून की रात की खौफनाक वारदात के दिन पीड़िता के पति के कमरे का दरवाजा खोलने वाली उसकी देवरानी ने पूरी दास्तान आज तक संवाददाता सौरभ कुमार से बताई है . देवरानी ने बताया कि 11 जून की रात करीब 12:00 बजे उसके जेठ दरवाजा पीट रहे थे. हल्ला होने पर वह पहुंची और दरवाजा खोला. उसके बाद उनके जेठ अपनी पत्नी को खोजने लगे तो बाथरूम में महिला को नग्न अवस्था में देखा गया जिसके बाद दोनों ने मिलकर उसे बाहर निकाला. देवरानी ने बताया कि जेठानी के शरीर पर कई जगह ब्लेड से काटने का जख्म दिखा और उसका हाथ पीछे कर बांधा हुआ था. इसके अलावा उसका मुंह भी कपड़ा से बंधा हुआ था. उसके बाद हम लोग उसको बेहोशी की हालत में थाने ले गए जहां पुलिस ने गाली गलौज करते हुए डांट फटकार कर हमें भगा दिया और कहा पहले जाकर इलाज कराओ .उसके बाद हम लोग बरौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए. यहां दो सुई देकर हमें सदर अस्पताल भेज दिया गया. सदर अस्पताल में इलाज हुआ और सुबह 7:00 बजे करीब जेठानी को होश आया. उसके बाद उन्होंने अपने साथ हुई इस खौफनाक वारदात की जानकारी परिवार वालों को दी. देवरानी ने अनुसार उसकी जेठानी ने बताया कि रामू महतो, संजय कुमार और नीतीश कुमार के साथ दो अन्य बदमाश उसे बाथरूम से खींच कर बाहर ले गए और उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया.परिवार ने बताया कि इससे पहले भी मार्च महीने में इन्हीं बदमाशों के द्वारा घर में घुसकर पीड़िता को नग्न कर पिटाई की गई थी और दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया था जिसमें मामला दर्ज करवाने के बावजूद चकिया थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और तीनों आरोपियों को थाना से ही जमानत दे दी.
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Jun 19, 2026, 09:05 AM
छत्तीसगढ़ के सरकारी वाहन चालक पर पत्नी के खिलाफ क्रूरता का आरोप

छत्तीसगढ़ के सरकारी वाहन चालक पर पत्नी के खिलाफ क्रूरता का आरोप

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता के रिश्तों को कलंकित कर दिया है. कोरिया जिले के पंडोपारा स्थित काटकोना गांव में एक सरकारी वाहन चालक ने अपनी पत्नी के साथ जो क्रूरता की है, वह न केवल अमानवीय है बल्कि कानून की नजर में एक जघन्य अपराध भी है. वर्ष 2006 में प्रेम विवाह के बंधन में बंधे इस दंपत्ति के बीच का विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करते हुए हैवानियत की सारी सीमाएं लांघ दीं. इस बर्बर घटना की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर हर कोई स्तब्ध है. आरोप है कि पति ने अपनी पत्नी को बेरहमी से पीटने के बाद उसके सिर के बाल काटकर मुंडन कर दिया. दरिंदगी की हद तो तब हो गई जब उसने पीड़िता के चेहरे पर कालिख पोती साथ ही शारीरिक प्रताड़ना के दौरान उसने पत्नी को अपने बच्चों और स्वयं का पेशाब पिलाने जैसा घिनौना कृत्य किया. पत्नी को पूरे गांव में अपमानित करने की कोशिश की. चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी अमानवीय घटना के समय उनके चारों बच्चे (दो बेटे और दो बेटियां) भी वहीं मौजूद थे. पीड़िता ने अपनी शिकायत में पति पर लंबे समय से प्रताड़ित करने और जानलेवा हमले का आरोप लगाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पति सरकारी मंत्रालय में ड्राइवर के पद पर कार्यरत है. साल 2006 में लव मैरिज करने वाले इस जोड़े के बीच पिछले एक साल से तनाव चल रहा था, जिसके चलते पत्नी अलग रह रही थी. पति ने अपने बचाव में आरोप लगाया है कि पत्नी के संबंध अन्य रिश्तेदारों के साथ थे, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया. हालांकि, पीड़िता ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए पति पर ही उसे प्रताड़ित करने और अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पटना थाना में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
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Jun 19, 2026, 08:43 AM
पंजाब पुलिस ने मलेशिया से दो वांछित के. जेड. एफ. कार्यकर्ताओं को सफलतापूर्वक निर्वासित किया

पंजाब पुलिस ने मलेशिया से दो वांछित के. जेड. एफ. कार्यकर्ताओं को सफलतापूर्वक निर्वासित किया

In a major intelligence-led operation, Punjab Police, with the cooperation of Central Agencies successfully secured the deportation of two wanted operatives linked to the banned Khalistan Zindabad Force (KZF) from #Malaysia . The accused were apprehended by Punjab Police at IGI…
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Jun 19, 2026, 08:41 AM
J & K पुलिस ने कथित आतंकवादी समर्थन के लिए वन कर्मचारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया

J & K पुलिस ने कथित आतंकवादी समर्थन के लिए वन कर्मचारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किश्तवाड़ जिले में आतंकियों को कथित रूप से सहयोग देने के आरोप में वन विभाग के एक कर्मचारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना किश्तवाड़ में दर्ज मामले की जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता, यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और शस्त्र अधिनियम के तहत की गई।
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Jun 19, 2026, 08:34 AM
लुधियाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश से 13 लाख रुपये की चोरी के आरोप में दो चोरों को गिरफ्तार किया है।

लुधियाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश से 13 लाख रुपये की चोरी के आरोप में दो चोरों को गिरफ्तार किया है।

थाना डिवीजन नंबर-6 की पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले दो चोरों को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी नशे के आदी हैं और इनके पास से चोरी की गई रकम में से 13 लाख 75 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।विज्ञापनडीसीपी जसकिरनजीत सिंह तेजा ने बताया कि आरोपियों की उम्र 24 और 19 साल है, जो फिलहाल लुधियाना में ही किराए के मकानों में रह रहे थे। इनमें से एक आरोपी की पहचान कपूरथला के आलोवाल निवासी सुधांशु महाजन के रूप में हुई है, जो इन दिनों ढोलेवाल के एसएएस नगर में रह रहा था। वहीं दूसरे आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के गौरीगंज निवासी वसीम खान उर्फ मोटू के रूप में हुई है, जो ढोलेवाल के ही राम नगर इलाके में रह रहा था।विज्ञापनदोनों ने 12 और 13 जून की दरमियानी रात को इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी सुधांशु अक्सर रात में इसी एटीएम के भीतर सो जाता था, जिसके कारण उसे वहां के सुरक्षा तंत्र की हर कमजोरी का पता था। सुधांशु को जब दिहाड़ी मिलना बंद हो गई, तो उसने वसीम के साथ मिलकर साजिश रच डाली।आरोपियों ने बिना किसी गैस कटर या आधुनिक औजार के ही एटीएम का लॉक खोल दिया और भीतर रखी 17 लाख 98 हजार रुपये की नकदी साफ कर दी। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म की जो वजह बताई। वसीम खान को अपनी बहन की शादी की चिंता सता रही थी, जबकि सुधांशु अपने लिए एक घर खरीदना चाहता था।इसी जरूरत को पूरा करने के लिए दोनों ने मिलकर बैंक को चूना लगाया। चोरी के बाद रकम को आपस में बांटकर दोनों लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन पकड़कर लखनऊ फरार हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने बैंक सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। व्यस्त इलाके में स्थित होने के बावजूद इस एटीएम पर बैंक प्रबंधकों ने किसी भी सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं की थी।
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Jun 19, 2026, 08:30 AM
बिहार के बेगुसराय में महिला से सामूहिक बलात्कार और क्रूरता से हमला

बिहार के बेगुसराय में महिला से सामूहिक बलात्कार और क्रूरता से हमला

बिहार के बेगूसराय में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां दरिंदो नें गैंगरेप के बाद एक महिला के प्राइवेट पार्ट में बुलेट और लकड़ी का टुकड़ा डालने जैसे घृणित अपराध को अंजाम दिया है. गुरुवार (11 जून) को चकिया थाना क्षेत्र में घटी इस घटना से जहां लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. वहीं घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है. लोगों के अनुसार चकिया थाना पुलिस पर शिकायत करने पहुंची पीड़िता को डांट डपट कर भगा देने का आरोप है. इतना ही नहीं आरोपी द्वारा तीन महीने पहले भी महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस समय भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया. इस मामले में पुलिस के वरीय अधिकारियों ने जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है. वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. बता दें कि इस घटना पर पुलिस तब एक्शन में आई जब महिला के मेडिकल जांच में प्राइवेट पार्ट से बुलेट और लकड़ी निकली. जिसकी पुष्टि पुलिस के वारिय अधिकारियों ने की. जिसके बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. बीती 11 जून की रात पीड़ित महिला जब शौच के लिए खेत में गई थी, तभी घात लगाए अपराधियों ने मिलकर पहले महिला के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. इतना ही नहीं दरिंदो ने महिला के प्राइवेट पार्ट में बुलेट और लकड़ी का टुकड़ा डाल दिया. घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना देने जब पीड़िता अपने परिवार के साथ चकिया थाना पहुंची तो आरोप है कि पहली बार पीड़िता को डांट डपट कर भगा दिया गया. मामले के सामने आने के बाद महिला की मेडिकल जांच कराई गई. घटना के बाद दोबारा जब महिला को दर्द की शिकायत हुई तो उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसके प्राइवेट पार्ट से कुछ बुलेट और लकड़ी निकली. जिसके बाद से ही पुलिस में खलबली मची हुई है. घटना के संबंध में पुलिस के वरीय अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है. इतना ही नहीं प्राइवेट पार्ट से सामान निकलने की पुष्टि करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी रहने की बात कही है. सदर डीएसपी ने बताया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने का साक्ष्य मिलने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में बेगूसराय के सिविल सर्जन अशोक कुमार ने बताया कि मीडिया के द्वारा महिला के प्राइवेट पार्ट में कुछ समान मिलने की बात सामने आई है. इसके लिए सदर अस्पताल के डीएस के नेतृत्व में महिला डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही जानकारी दी जाएगी. फिलहाल इस मामले में जहां सभी आरोपी घटना के कई दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं. वहीं पीड़ित महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय में भर्ती कराया गया है. बेगूसराय गैंगरेप मामले पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "महिला के साथ जो दरिंदगी हुई है, बिहार में कानून व्यवस्था कहां है. सरकार में बैठे लोग और महिला सम्मान की बात करने वाले लोग कहां थे. मामले में अब तक FIR भी नहीं ली गई है. ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए." उन्होंने आगे कहा, "शासन प्रशासन को सबक लेना चाहिए कि अगर ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ा है तो हमारी माताएं बहने कैसे सुरक्षित रहेंगी. बेगूसराय गैंग रेप मामले पर जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा, "बेगूसराय की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है. प्रशासन ने इसको चुनौती के तौर पर लिया है. मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन भी किया गया है. इसमें तीन नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है. बिहार में कानून का राज था, है और रहेगा. जो अपराधी हैं उनको उनके मंजिल तक पहुंचा दिया जाएगा."
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Jun 19, 2026, 08:13 AM
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपये के इनाम वाला अपराधी मारा गया

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपये के इनाम वाला अपराधी मारा गया

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी श्याम मारा गया. वह इसी महीने एक कारोबारी के घर हुई बड़ी डकैती और परिवार को बंधक बनाने की वारदात में वांछित था. पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. हापुड़ पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात बुलंदशहर रोड पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार युवक पुलिस को देखकर भागने लगा. पुलिस को उस पर शक हुआ और उसका पीछा किया गया. बाद में गोदी गांव के पास नाकाबंदी कर उसे घेरने की कोशिश की गई. इसी दौरान आरोपी ने खुद को घिरा हुआ देखकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि बदमाश ने ट्यूबवेल के पीछे छिपकर पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की. मुठभेड़ में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मारे गए बदमाश की पहचान 25 वर्षीय श्याम के रूप में हुई है, जो रामपुर जिले का रहने वाला था. पुलिस के मुताबिक, श्याम एक जून को हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के गिरधारीनगर में एक कारोबारी के घर हुई डकैती की वारदात में शामिल था. वारदात के दौरान बदमाशों ने कारोबारी के परिवार और एक चौकीदार को बंधक बना लिया था. इसके बाद आरोपी घर से बड़ी मात्रा में सामान लेकर फरार हो गए थे. इस मामले में श्याम की तलाश लगातार की जा रही थी. डकैतों ने कारोबारी के घर से करीब 1.25 किलो सोने के जेवरात, नकदी, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लूट लिए थे. घटना के बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन किया था और आरोपियों की तलाश शुरू की थी. श्याम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से फरार चल रहा था. जांच में सामने आया कि श्याम का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा था. उसके खिलाफ मुरादाबाद में डकैती और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मामले दर्ज थे. पुलिस के अनुसार, वह संगठित अपराध से जुड़ा हुआ था और कई गंभीर वारदातों में उसका नाम सामने आया था. इसी वजह से वह पुलिस की निगरानी सूची में शामिल था. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई. पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है. पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है. हापुड़ पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. कारोबारी के घर हुई डकैती की घटना को लेकर पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव था. इनामी बदमाश के मारे जाने के बाद पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है. साथ ही इस मामले में बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए भी छापेमारी जारी है.
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Jun 19, 2026, 08:09 AM
बहु-करोड़ घोटाले में रिश्वत मांगने का भारतीय अधिकारी पर आरोप

बहु-करोड़ घोटाले में रिश्वत मांगने का भारतीय अधिकारी पर आरोप

एसीबी के मुताबिक, भागीरथ वर्मा वर्ष 2019 से 2023 के बीच नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों को काम आवंटित करने और निविदाओं से संबंधित आपत्तियां दूर करने के बदले रिश्वत की मांग की। शिकायत के आधार पर 15 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 11 के तहत अपराध दर्ज किया गया।विज्ञापनजांच के दौरान एसीबी ने रायपुर और बिलासपुर में छह तथा मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में करोड़ों रुपये की कथित अवैध संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और कई महत्वपूर्ण प्रमाण जब्त किए गए। अब एजेंसी आरोपी की वैध आय और अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर की भी जांच कर रही है।विज्ञापनएफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार दुर्ग के ठेकेदार राघवेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया है कि 2019 से 2023 के बीच उनसे लगातार रकम वसूली गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने अलग-अलग माध्यमों से 1.68 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया। जांच में यह भी सामने आया कि नकद लेन-देन के अलावा घर के लिए एसी, टाइल्स, ग्रेनाइट, एलईडी लाइटें, स्मार्ट फोन और सोने-हीरे की अंगूठियों जैसी वस्तुएं भी ठेकेदार से खरीदवाई गईं।एसीबी के दस्तावेजों के अनुसार शिकायतकर्ता ने बैंक ट्रांजेक्शन, बिल और व्हाट्सएप चैट भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए हैं। इनमें एक परिचित के खाते में दो लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का भी उल्लेख है। प्रारंभिक जांच के बाद दर्ज एफआईआर के आधार पर अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ जारी है और एजेंसी को मामले में और बड़े खुलासों की उम्मीद है।
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Jun 19, 2026, 08:08 AM
हिमाचल विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारी की घर में हत्या

हिमाचल विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारी की घर में हत्या

प्रारंभिक जांच में सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर हत्या किए जाने की आशंका है। घर का सामान बिखरा मिला और दो एलपीजी सिलेंडर गायब बताए जा रहे हैं, जिससे लूटपाट का एंगल भी सामने आया है। जगदीश बंसल हिमाचल इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से सेवानिवृत्त थे और पत्नी के निधन के बाद गांव में अकेले रहते थे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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Jun 19, 2026, 07:58 AM
पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर से 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की

पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर से 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर नारायण शर्मा उर्फ शुन्ना की 2.08 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली है. जांच में सामने आया कि यह संपत्ति अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित की गई थी. आरोपी शुन्ना पहले से ही जम्मू की केंद्रीय जेल में बंद है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सांबा जिले में नशा मुक्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की. पुलिस ने एक कथित ड्रग तस्कर की 2.08 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच कर दी. अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई. पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्ति को कानून के तहत जब्त किया गया है. जिस आरोपी के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है उसकी पहचान नारायण शर्मा उर्फ शुन्ना के रूप में हुई है. वह सांबा जिले के विजयपुर इलाके का रहने वाला है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था. इसी आधार पर उसके खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की गई है. जांच एजेंसियों ने पाया कि आरोपी द्वारा अर्जित संपत्तियां अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से प्राप्त रकम से खरीदी गई थीं. इसके बाद संबंधित प्रावधानों के तहत इन संपत्तियों को जब्त और अटैच करने का फैसला लिया गया. जब्त की गई संपत्तियों में लगभग 48.50 लाख रुपये कीमत का एक मकान शामिल है. इसके अलावा करीब 10 लाख रुपये मूल्य की एक कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है. अधिकारियों के अनुसार आरोपी के नाम पर लगभग 1.50 करोड़ रुपये कीमत की जमीन भी मिली, जिसे भी अटैच कर दिया गया है. कुल मिलाकर इन सभी संपत्तियों की कीमत लगभग 2.08 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच और पूछताछ के दौरान ऐसे प्राथमिक साक्ष्य मिले, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि संपत्तियां अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई थीं. इसके बाद NDPS कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की गई. अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार की मंशा राज्य को नशा मुक्त बनाने की है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नारायण शर्मा उर्फ शुन्ना फिलहाल जम्मू के सेंट्रल जेल कोट भलवाल में बंद है. उसे अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकथाम अधिनियम (NDPS Act) के तहत हिरासत में रखा गया है. अधिकारियों ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कानून के मुताबिक आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और नशा तस्करी के जरिए अर्जित संपत्तियों को चिन्हित करने का अभियान जारी रहेगा.
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Jun 19, 2026, 07:38 AM
भारत के सागर में शिक्षक से रिश्वत की मांग कर रहे क्लर्क को लोकायुक्ता पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा

भारत के सागर में शिक्षक से रिश्वत की मांग कर रहे क्लर्क को लोकायुक्ता पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सांदीपनि विद्यालय के शिक्षक गेंदाराम अहिरवार की शिकायत पर की गई। शिक्षक का एरियर लंबित था, जिसे जारी कराने के बदले क्लर्क गांधाली कदम द्वारा 3000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिक्षक द्वारा असमर्थता जताने और काफी बातचीत के बाद सौदा 2500 रुपये में तय हुआ। रिश्वत की मांग से परेशान शिक्षक ने सागर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने ट्रैप की योजना बनाई और शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही शिक्षक ने आरोपी क्लर्क को रिश्वत की राशि सौंपी और उसने पैसे अपने हाथ में लिए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के दौरान जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए तो पानी गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कर्मचारी संगठन की जिला अध्यक्ष के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद विभिन्न विभागों में चर्चा का माहौल है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त सागर के निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोपी क्लर्क को 2500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की जांच जारी है। वहीं, शिकायतकर्ता शिक्षक गेंदाराम अहिरवार ने बताया कि उनका एरियर निकालने के बदले लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त से शिकायत की, जिसके बाद आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
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Jun 19, 2026, 07:12 AM
कार हटाने के विवाद को लेकर बुलंदशहर में हिंसा भड़की

कार हटाने के विवाद को लेकर बुलंदशहर में हिंसा भड़की

बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र में खान प्रॉपर्टी डीलर की दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। कार सवार बदमाश हवाई फायरिंग कर फरार हो गए। रजवाना निवासी अजीम के पेट में गोली लगी है। यह मामला दो समुदाय से जुड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बृहस्पतिवार को कार हटाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने रात में ही दोनों पक्षों से तीन युवकों को हिरासत में लिया है।
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Jun 19, 2026, 07:05 AM
सी. बी. आई. ने कथित वित्तीय धांधली की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया

सी. बी. आई. ने कथित वित्तीय धांधली की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया

सीबीआई मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जानी है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाना है कि कथित गड़बड़ी में अन्य किन-किन लोगों की भूमिका रही है और धन के लेनदेन की पूरी श्रृंखला क्या रही। जांच एजेंसी का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा होगा।विज्ञापनगौरतलब है कि पंचकूला निगम के फंड से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और बैंकिंग अनियमितताओं की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में पहले भी कई दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा चुकी है। सीबीआई अब रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से विस्तृत पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने, कथित लाभार्थियों की पहचान करने और मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल करेगी। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।विज्ञापन
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Jun 19, 2026, 07:01 AM
हैदराबाद टास्क फोर्स ने नकली चीज ऑपरेशन का भंडाफोड़ किया, 825 किलोग्राम मिलावटी उत्पाद जब्त किए

हैदराबाद टास्क फोर्स ने नकली चीज ऑपरेशन का भंडाफोड़ किया, 825 किलोग्राम मिलावटी उत्पाद जब्त किए

अगर आप बाजार से पनीर खरीदने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हैदराबाद कमिश्नर की टास्क फोर्स ने शहर में बड़े पैमाने पर बेचे जा रहे नकली और मिलावटी पनीर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने विशेष छापेमारी के दौरान करीब 825 किलोग्राम संदिग्ध और मिलावटी पनीर जब्त किया है। विशेष पुलिस टीमों ने शहर की करीब 45 रिटेल दुकानों और 8 पनीर बनाने वाली फैक्ट्रियों की जांच की। इस दौरान पता चला कि कई दुकानदार 'चीज एनालॉग' को असली पनीर बताकर ग्राहकों को बेच रहे थे और उन्हें धोखा दे रहे थे। बता दें कि 'चीज एनालॉग' कोई असली डेयरी प्रोडक्ट नहीं है। इसे दूध के बजाय वनस्पति फैट , स्टार्च (अरा रोट), घटिया या सिंथेटिक दूध और बिना दूध वाली चीजों से मिलाकर बनाया जाता है। इस नकली चीज को बाजार में पनीर, मलाई पनीर, मिल्क पनीर और फ्रेश पनीर जैसे बड़े-बड़े लेबलों के साथ बेचा जा रहा था। पकड़े गए ज्यादातर पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग डेट , बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और जरूरी नियम गायब थे। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) वैभव गायकवाड़ रघुनाथ ने बताया कि कुछ कारोबारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के निर्माताओं से यह नकली पनीर सस्ते में खरीदते थे और हैदराबाद में इसे असली पनीर के भाव बेचते थे। इतना ही नहीं, बिना किसी वैध लाइसेंस के इस माल को थोक में खरीदकर "प्रीमियम पनीर" के नाम से दोबारा पैक किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि फैक्ट्रियों में साफ-सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा था। कई फैक्ट्रियां बिना FSSAI (खाद्य सुरक्षा लाइसेंस) के चल रही थीं। पनीर को भारी बनाने के लिए उसमें भारी मात्रा में स्टार्च, जरूरत से ज्यादा पानी और गैर-खाद्य पदार्थ मिलाए जा रहे थे। डीसीपी ने चेतावनी दी कि इससे फूड पॉइजनिंग और गंभीर एलर्जी जैसी बीमारियां हो सकती हैं और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए पनीर के सैंपल लैब टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं और आने वाले दिनों में यह छापेमारी जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों को सलाह दी है कि पनीर हमेशा लाइसेंस वाले दुकानदारों से ही खरीदें। पैकेट पर लिखे लेबल, कंपनी का नाम और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। खुले में मिलने वाले या बिना लेबल वाले पनीर को खरीदने से बचें। अगर कहीं भी मिलावट का शक हो, तो तुरंत इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से करें।
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Jun 19, 2026, 06:58 AM
भारतीय अधिकारियों ने दो मादक पदार्थों के तस्करों से 61.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की

भारतीय अधिकारियों ने दो मादक पदार्थों के तस्करों से 61.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की

एएसपी ने बताया कि थाना भूना में वर्ष 2026 में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार आकाश उर्फ रिंकू निवासी भूना के विरुद्ध वित्तीय जांच के दौरान उसकी आय से अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिले। इसके बाद एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-F(1) के तहत लगभग 60 लाख रुपये मूल्य के उसके आवासीय मकान को फ्रीज किया गया।विज्ञापनउन्होंने बताया कि आरोपी कोई पहली बार अपराध करने वाला व्यक्ति नहीं है। उसके विरुद्ध वर्ष 2019, 2021 और 2022 में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं। लगातार दर्ज मामलों से स्पष्ट है कि आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी में संलिप्त रहा है और आदतन अपराधी है। दूसरा मामला में एएसपी दिव्याशीं सिंगला ने बताया कि थाना शहर फतेहाबाद के बस अड्डा पुलिस चौकी क्षेत्र में गिरफ्तार दीपक कुमार उर्फ दीपू की वित्तीय प्रोफाइलिंग के दौरान उसकी लगभग 1.50 लाख रुपये मूल्य की मारुति सुजुकी रिट्ज कार को फ्रीज किया गया।विज्ञापनउन्होंने बताया कि आरोपी वर्ष 2018 से नशा तस्करी में सक्रिय है तथा उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के एकाधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2018, 2022 तथा 2025 में उसके खिलाफ हेरोइन तस्करी सहित विभिन्न मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। उसका आपराधिक रिकॉर्ड दर्शाता है कि वह लगातार नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त रहा है। तीसरे मामले थाना शहर फतेहाबाद की हुड्डा पुलिस चौकी द्वारा गिरफ्तार अतुल उर्फ आशू के विरुद्ध भी विस्तृत वित्तीय जांच की गई। जांच में उसकी लगभग 70 हजार रुपये मूल्य की टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल को एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2018, 2022 तथा वर्ष 2026 में भी एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हो चुके हैं। लगातार आपराधिक रिकॉर्ड यह दर्शाता है कि वह भी आदतन नशा तस्कर है।
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Jun 19, 2026, 06:57 AM
कोयला तस्करी मामले में ईडी की पूछताछ का सामना करेंगे भारतीय पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल

कोयला तस्करी मामले में ईडी की पूछताछ का सामना करेंगे भारतीय पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल

पीएम मोदी को अभिजीत दीपके का पत्र: कहा- जान गंवाने वाले छात्रों को मुआवजा मिले, प्रधान के इस्तीफे की भी मांग अब मंडल को कोलकाता में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा और सेंट्रल एजेंसी के वकील इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए उनकी ईडी कस्टडी की मांग करेंगे। पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ब्रांच से जुड़े मंडल, कोयला तस्करी मामले में ईडी की नजर में लंबे समय से थे। वे इसी जिले के बाराबानी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रह चुके थे और उस दौरान उनकी भूमिका की वजह से उन पर शक था। इस मामले में ईडी की ओर से कई समन भेजे जाने के बावजूद मंडल पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे। असल में वे लंबे समय तक फरार भी रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, कोयला तस्करी मामले के अलावा मंडल अवैध रेत खनन मामले में भी ईडी की जांच के दायरे में थे। इस साल मार्च में ईडी के अधिकारियों ने पश्चिम बर्धमान जिले के स्टील सिटी दुर्गापुर में मंडल के घर पर लंबी छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था। पावागढ़ में कुदरत का कहर: बारिश के बीच पहाड़ से गिरी चट्टान, दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, आठ घायल मंडल का अतीत और करियर का रिकॉर्ड विवादों से भरा रहा है। 2024 में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कोयला तस्करी के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद तत्कालीन बाराबानी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मंडल को सस्पेंड कर दिया गया था और उनके खिलाफ न्यायिक जांच भी शुरू की गई। वहीं, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर पुलिस ने जिले के एक प्रभावशाली पूर्व अधिकारी मिथुन कुमार डे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तीन बार लोकसभा सांसद रहे अभिषेक बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता है। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों के अनुसार, डायमंड हार्बर नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस पार्षद डॉ. तमाल कुमार हलदर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद डे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में, डे पर हलदर को निर्वस्त्र करने और फिर उसकी बेरहमी से पिटाई करने के साथ-साथ बिजली के झटके देकर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में, हलदर ने यह भी दावा किया है कि डे ने उस घटना को कवर करने की कोशिश कर रहे एक मीडियाकर्मी को भी बुरी तरह प्रताड़ित किया।
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Jun 19, 2026, 06:28 AM
पी. एन. बी. बैंक अधिकारी के फर्जी कॉल घोटाले के परिणामस्वरूप 11 लाख रुपये का हस्तांतरण हुआ

पी. एन. बी. बैंक अधिकारी के फर्जी कॉल घोटाले के परिणामस्वरूप 11 लाख रुपये का हस्तांतरण हुआ

माधवकुंज, प्रतापनगर निवासी किशनपाल खेत्रपाल ने बताया कि 14 जून को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी बैंक का अधिकारी बताया। पेंशन प्लान लेने के बारे में बात की और पेंशन प्लान का ब्राउजर बता पेंशन प्लान नाम की एपीके फाइल भेज दी। फाइल पर क्लिक किया तो उसमें कोई प्लान नहीं था। इसके बाद उनके खाते में जमा फिक्स डिपॉजिट के 11 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि मोबाइल नंबर और रुपये ट्रांसफर होने वाले खातों की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है।विज्ञापनसाइबर अपराधी आजकल एपीके फाइल के जरिये ठगी का एक बहुत आम और खतरनाक तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर समझ लें कि ये कैसे काम करता है, तो इससे बचना काफी आसान हो जाता है। एपीके फाइल (एंड्राइड पैकेज किट) वह फाइल होती है जिससे एंड्राइड फोन में एप इंस्टॉल किया जाता है। ऐसी फाइल सीधे लिंक या मैसेज से भी इंस्टॉल कराई जा सकती है। क्लिक करते ही मोबाइल में हिडन एप इंस्टाॅल हो जाती है। आपके मोबाइल के संदेश, कॉल करने, स्क्रीन रिकॉर्डिंग समेत पूरा मोबाइल कंट्रोल करने की साइबर अपराधी को अनुमति मिल जाती है। वह आपके ओटीपी पढ़ लेता है। बैंकिंग एप की जानकारी लेकर आपके नाम से ट्रांजैक्शन कर लेता है और आपका पैसा साफ हो जाता है।विज्ञापनअनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें, केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से ही एप इंस्टॉल करें। कोई अगर एपीके फाइल भेजे तो चाहे वह जान-पहचान वाला हो तो भी इंस्टॉल न करें। कोई साधारण एप अगर एसएमएस या बैंक एक्सेस मांगे तो तुरंत मना करें। मोबाइल में इंस्टॉल फ्राॅम अननोन सोर्स को बंद रखें। एंटीवायरस और फोन को अपडेट रखें और भरोसेमंद सिक्योरिटी एप इस्तेमाल करें। कोई परेशानी होने पर साइबर क्राइम पोर्टल पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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Jun 19, 2026, 06:27 AM
मुंबई पॉक्सो अदालत ने बलात्कार के आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने के लिए अस्थायी जमानत दी

मुंबई पॉक्सो अदालत ने बलात्कार के आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने के लिए अस्थायी जमानत दी

मुंबई की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में जेल में बंद 18 साल के आरोपी को बड़ी राहत देते हुए चार दिन की अस्थायी जमानत दे दी है. अदालत ने यह फैसला आरोपी को 21 जून को होने वाली NEET री-टेस्ट परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने के लिए सुनाया. आरोपी फिलहाल नवी मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल में बंद है. अदालत ने उसे 18 जून से 21 जून तक के लिए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर अस्थायी राहत प्रदान की है. साथ ही उसे निर्देश दिया गया है कि वह परीक्षा के बाद 22 जून को दोपहर दो बजे से पहले संबंधित अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करे. मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एस.आर. शर्मा ने यह आदेश तब पारित किया जब पीड़िता की ओर से आरोपी को परीक्षा देने के लिए अस्थायी जमानत दिए जाने पर अनुमति दी गई. हालांकि पीड़िता की ओर से यह शर्त रखी गई कि जमानत के दौरान आरोपी उसके परिवार को किसी भी प्रकार से धमकाएगा नहीं और न ही उनकी छवि खराब करने की कोशिश करेगा. सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश वकील कपिल विश्वास जोधगे ने अदालत को बताया कि आपराधिक न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि सुधार और पुनर्वास का अवसर देना भी है. उन्होंने दलील दी कि आरोपी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए ताकि वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सके. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस सुरक्षा में परीक्षा देना उसके मानसिक संतुलन और तैयारी पर असर डाल सकता है. वहीं विशेष लोक अभियोजक चैत्राली पानशीकर ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपों की गंभीरता का हवाला दिया. अभियोजन पक्ष का सुझाव था कि आरोपी को केवल एक दिन के लिए पुलिस सुरक्षा में परीक्षा देने की अनुमति दी जाए. अदालत ने बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत उच्च माध्यमिक परीक्षा प्रमाणपत्र और अस्थायी NEET प्रवेश पत्र का अवलोकन करने के बाद कहा कि आरोपी को सीमित अवधि की जमानत देने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष की आशंकाओं को सख्त शर्तों के जरिए दूर किया जा सकता है. कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह पीड़िता या उससे जुड़े किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेगा, किसी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही किसी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास करेगा. साथ ही परीक्षा में शामिल होने और उसके प्रमाण प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है.
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Jun 19, 2026, 06:24 AM
सिकंदरा क्षेत्र में कारखाने के लिए सुरक्षा गार्ड किराए पर लिया गया

सिकंदरा क्षेत्र में कारखाने के लिए सुरक्षा गार्ड किराए पर लिया गया

सिकंदरा क्षेत्र स्थित थैंक्स एक्सपोर्ट फैक्टरी के मैनेजर मनीष मंडल ने बताया कि उनकी फैक्टरी में जीवनी मंडी स्थित सीएमएक्स सिक्योरिटी सर्विसेज की ओर से कासगंज के कातौर निवासी पंकज कुमार को गार्ड की नौकरी पर रखा गया था। मंगलवार रात पंकज ने अपने दो अन्य साथियों को बुलाया। कार से आए साथियों के साथ मिलकर फैक्टरी से सामान चोरी कर भाग निकले।विज्ञापनघटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि बुधवार रात कासगंज के बदहारी वैश क्षेत्र निवासी अतुल कुमार को गिरफ्तार किया गया। उससे इनवर्टर, दो बैटरी, घटना में इस्तेमाल कार और 450 रुपये बरामद हुए हैं। उसके साथी पंकज और कासगंज के नसरतपुर निवासी विकास की तलाश की जा रही है।
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Jun 19, 2026, 06:22 AM
मथुरा में तेज रफ्तार कार ने रोडवेज की बस को रौंदा, भारी नुकसान

मथुरा में तेज रफ्तार कार ने रोडवेज की बस को रौंदा, भारी नुकसान

मथुरा बलदेव थाना क्षेत्र के बरौली गांव (माइलस्टोन 136) के पास तड़के करीब तीन बजे सुल्तानपुर डिपो की रोडवेज बस के पीछे अनियंत्रित किआ कार इतनी तेजी से टकरा गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। चीख-पुकार सुनकर लोग मदद के लिए दौड़े।
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Jun 19, 2026, 06:16 AM
मादक पदार्थ विरोधी अभियान में कार से पोस्ता हस्क जब्त

मादक पदार्थ विरोधी अभियान में कार से पोस्ता हस्क जब्त

जानकारी के मुुताबिक एसटीएफ नॉर्दर्न रेंज कांगड़ा के एएसआई अंकुश शर्मा अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि बेहड़ाला-बनगढ़ रोड पर आरएंडआर होटल एवं मैरिज पैलेस के समीप खड़ी एक सफेद रंग की कार में दो व्यक्ति भारी मात्रा में चूरा पोस्त लेकर बैठे हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को स्वतंत्र गवाह बनाकर मौके पर दबिश दी। पुलिस ने कार ने कार की तलाशी ली। कार की डिक्की में रखे एक सफेद प्लास्टिक बोरे से 25 किलो 30 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ। मौके पर मौजूद आरोपियों की पहचान रजत कुमार (30) निवासी किरतपुर साहिब, जिला रूपनगर (पंजाब) तथा अरुण (31) निवासी बेहड़ाला, जिला ऊना के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान पता चला कि बरामद चूरा पोस्त आरोपी अरुण की कार से निकालकर दूसरी कार में रखा गया। इसके बाद पुलिस ने अरुण की कार की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 59500 रुपये की नकदी बरामद की गई।विज्ञापनपुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि आरोपियों से रिमांड के दौरान सख्ती के पूछताछ की जा रही। कहा कि आरोपियों के अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है। नशे की खेप की सप्लाई कहां होनी थी, इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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Jun 19, 2026, 06:07 AM
पुलिस ने उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में जांच और गश्त की

पुलिस ने उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में जांच और गश्त की

पुलिस के अनुसार, बुग्गावाला थाना पुलिस यूपी बॉर्डर क्षेत्र में चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई।विज्ञापनघायल आरोपी की पहचान लुकमान पुत्र गुफरान निवासी ग्राम गोकुलवाला, थाना बुग्गावाला के रूप में हुई है। उसके पास से 315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और अमानतगढ़ फैक्ट्री फायरिंग मामले से जुड़ा पीड़ित का मोबाइल फोन बरामद किया गया है।विज्ञापनवहीं, दूसरा आरोपी गुलजार निवासी खेड़ी शिकोहपुर, थाना भगवानपुर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल रुड़की भेजा गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
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Jun 19, 2026, 06:04 AM
साली के साथ अवैध संबंध रखने पर भाई ने भाई की हत्या कर दी

साली के साथ अवैध संबंध रखने पर भाई ने भाई की हत्या कर दी

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। यहां के थाना सदर के सुल्तानपुरा में एक भाई ने ने अपनी भाभी खुशी से अवैध संबंध के चलते भाई अमित की हत्या कबूल की है। तीन दिन पहले भाई ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद भाभी खुशी ने ही भाई को रास्ते से हटाने के लिए कहा था। चार माह पूर्व 19 फरवरी को अमित की शादी प्रेमनगर निवासी खुशी से हुई थी।
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Jun 19, 2026, 05:58 AM
भारतीय पुलिस ने हमले के बाद संदिग्ध को गिरफ्तार किया, हत्या के मामले की जांच जारी

भारतीय पुलिस ने हमले के बाद संदिग्ध को गिरफ्तार किया, हत्या के मामले की जांच जारी

इस मामले में तावडू डीएसपी अभिमन्यु लोहान का कहना है कि पुलिस टीम पर हमला कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई है, एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जल्द अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।विज्ञापनजानकारी के मुताबिक, पुनहाना के गांव खेडला में दो पक्षों के विवाद में बीते साल एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिस मामले में दो दर्जन से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज था। जिसमें मुख्य आरोपी जावेद पुत्र शेरू गांव बेरी में अपने रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ था। इसकी सूचना मिलने पर नूंह सीआईए टीम बृहस्पतिवार को दबिश देने पहुंची थी। लेकिन पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया गया।
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Jun 19, 2026, 05:49 AM
एसटीएफ ने दो साल की खोज के बाद प्रश्न पत्र लीक करने वाले आरोपी एलेक मिश्रा को गिरफ्तार किया

एसटीएफ ने दो साल की खोज के बाद प्रश्न पत्र लीक करने वाले आरोपी एलेक मिश्रा को गिरफ्तार किया

उप्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लीक करने के मामले में गुरुवार को एसटीएफ ने आरोपित आलाेक मिश्रा को उसके घर से गिरफ्तार किया है। आरोपित गाजीपुर जनपद जंगीपुर थाना के बाबूरायपुर मानपुर का रहने वाला है। वह वर्तमान में शहर कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा स्थित हयात सेंटर के पास रहता है। स्पेशल टास्क फोर्स के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह ने बताया कि 11 फरवरी 2024 को समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी का पेपर लीक हुआ था। इस मामले में आलोक पिछले दो वर्ष से फरार चल रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपित आलोक मिश्रा व उसके बहनोई गाजीपुर जनपद के सैदपुर थाना के पिपार कनेरी गांव निवासी कृष्णा पांडेय परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दोनों की मुलाकात वाराणसी रेलवे स्टेशन पर सरगना अमरजीत शर्मा से हुई। परीक्षा में पास कराने के लिए 12-12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इस पर दोनों ने तीन-तीन लाख रुपये एडवांस और कागजात दिया गया। इसके बाद दोनों को भोपाल बुलाया गया। ट्रेन पकड़कर दोनों भोपाल पहुंचे और होटल लेकर रूके। इसके बाद दोनों को परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्रों को पढ़ने के लिए दिया गया। इसके तीन घंटे बाद प्रश्नपत्रों को वापस ले लिया। नीट पेपर लीक मामला: टेलीग्राम को नया 'डार्क वेब' बताया, केंद्र सरकार ने अदालत में क्या दिया जवाब? इसके बाद दोनों वापस लौट लाए। इसमें शामिल तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के दौरान आलोक का नाम प्रकाश में आया था। इसकी तलाश पिछले दो वर्ष से की जा रही थी। हर बार पेपर लीक से जुड़ रहा है भोपाल, कई प्रदेशों ने यहां से पकड़े हैं आरोपित RO ARO Exam : आरओ-एआरओ परीक्षा में पेपर लीक कराने वाले जाएंगे जेल, परिवार भी भुगतेगा खामियाजा, प्रयागराज के डीएम सख्त
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Jun 19, 2026, 05:40 AM
निशानेबाजों को विशेष चश्मे के लक्ष्य के साथ भाड़े के हत्यारे होने का पता चला

निशानेबाजों को विशेष चश्मे के लक्ष्य के साथ भाड़े के हत्यारे होने का पता चला

सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में जम्मू से गिरफ्तार दो शूटरों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू से चंडीगढ़ लेकर आ रही पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि शूटरों को कुमार केमिस्ट पर चश्मा लगाकर बैठे विशेष हुलिए वाले व्यक्ति के लिए सुपारी मिली थी। उन्हें एक चश्मा लगाने वाले भारी-भरकम व्यक्ति की पहचान बताई गई थी और उसी के आधार पर उन्हें टारगेट की पहचान करनी थी। सबसे खास बात यह थी कि शूटरों को स्पॉट से फोन करने की सख्त मनाही थी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पकड़े जाने का डर था। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वारदात से पहले आरोपी सेक्टर-11 में कुमार नाम से चल रही कई मेडिकल शॉप पर पहुंचे लेकिन उन्हें कोई चश्मा लगाए काउंटर पर बैठा टारगेट नहीं दिखा। इसके बाद वे श्री कुमार केमिस्ट पर पहुंचे और सामने मौजूद व्यक्ति उनके बताए गए हुलिए से मेल खाता मिला तो उन्होंने तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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Jun 19, 2026, 05:39 AM
पंजाब पुलिस ने मलेशिया से लाए गए केजेडएफ आतंकी के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

पंजाब पुलिस ने मलेशिया से लाए गए केजेडएफ आतंकी के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

पंजाब पुलिस ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और मलेशिया पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है. संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के 2 मोस्ट वांटेड आरोपियों को गुरुवार (18 जून) की सुबह मलेशिया से भारत लाया गया. जैसे ही ये दोनों आरोपी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) पर उतरे, पंजाब पुलिस ने तुरंत इन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया. जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए पंजाब लाया गया है. बता दें कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी गुरविंदर सिंह और पटियाला निवासी मनजीत सिंह के रूप में हुई है. दोनों पंजाब में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल लाइनों सहित महत्वपूर्ण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले आतंकी मॉड्यूल में शामिल थे. पंजाब पुलिस ने 23 जनवरी 2026 को सरहिंद फतेहगढ़ साहिब के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए IED ब्लास्ट और 27 अप्रैल 2026 को शंभू जिला पटियाला के पास उसी कॉरिडोर पर विस्फोट की कोशिश के लिए जिम्मेदार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि ये दोनों सिर्फ साजिश ही नहीं रच रहे थे, बल्कि मलेशिया से अपना एक पूरा आतंकी फंडिंग नेटवर्क ही चला रहे थे. गुरविंदर और मनजीत विदेशों में मौजूद अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल करके पंजाब में छिपे खालिस्तानी आतंकियों तक रुपये पहुंचाते थे, ताकि आतंकी गतिविधियों को बखूबी अंजाम दिया जा सके. पंजाब पुलिस ने 23 जनवरी 2026 को फतेहगढ़ साहिब के सिरहिंद और 27 अप्रैल 2026 को पटियाला के शंभू इलाके में रेलवे लाइन पर हुए IED हमलों के मॉड्यूल का पहले ही भंडाफोड़ कर दिया था. बता दें कि पहले की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जब इन चारों से पूछताछ हुई और तलाशी ली गई तो उनके पास से RPG लॉन्चर, IED, RDX, हैंड ग्रेनेड और बेहद हाईटेक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ था. इसी जांच के तार बाद में मलेशिया तक पहुंचे.
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Jun 19, 2026, 05:34 AM
सार्वजनिक सुनवाई के दौरान पीड़ित ने पुलिस अधिकारी से संपर्क किया

सार्वजनिक सुनवाई के दौरान पीड़ित ने पुलिस अधिकारी से संपर्क किया

पीड़िता ने पिछले दिनों जनसुनवाई के दौरान पुलिस लाइन में सीओ सिटी रणधीर मिश्रा से गुहार लगाई थी। बताया था कि वह जीएनएम कोर्स कर वाराणसी के एक हॉस्पिटल में नर्सिंग करती थी। वहां भदोही के कसियापुर-सुरियांवा निवासी सुजीत बिंद भी नर्स का काम करता था। इसी दौरान दोनों में अच्छी जान-पहचान हो गई। इसका फायदा उठाकर उसने उससे 80 हजार रुपये मांगे। कहा कि दो-तीन महीने में वापस कर देंगे।विज्ञापनरुपये देने के बाद दो अप्रैल को जब उसने तगादा किया तो उसकी अश्लील फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाने लगी। चार अप्रैल को आरोपी ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी अश्लील फोटो वायरल कर दी। जब उसने फोन कर फोटो हटाने के लिए कहा तो एक लाख रुपये मांगे। राबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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Jun 19, 2026, 05:27 AM
अधिकारियों ने भारत में गिरफ्तार अभियुक्त से हथियारों का जखीरा जब्त किया

अधिकारियों ने भारत में गिरफ्तार अभियुक्त से हथियारों का जखीरा जब्त किया

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक एके-47 राइफल, 25 पिस्तौल, 47 मैगजीन, एक बुलेटप्रूफ जैकेट और 368 कारतूस बरामद किए गए हैं। बीएसएफ ओर अन्य सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह खेप पाकिस्तान स्थित आतंकवादियो की ओर से सीमा पार भेजी गई थी।विज्ञापनबीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से गहन पूछताछ कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश है कि हथियारों की खेप किस नेटवर्क के माध्यम से सीमा पार पहुंची और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका क्या रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों की संख्या को देखते हुए मामला बेहद संवेदनशील है।विज्ञापनसुरक्षा एजेंसियां सतर्कप्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आतंकी गतिविधि में किया जा सकता था। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि स्वतंत्रता दिवस से पहले राज्य में अस्थिरता फैलाने के उद्देश्य से हथियारों की खेप विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना तो नहीं थी। हाल के समय में सीमा पार से ड्रोन और अन्य माध्यमों के जरिए हथियारों तथा नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं। इसी को देखते हुए बीएसएफ, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और अभियान तेज कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Jun 19, 2026, 05:16 AM
अपने प्रेम संबंध में बाधा डालने के लिए पत्नी और बहनोई ने भारतीय व्यक्ति की हत्या कर दी

अपने प्रेम संबंध में बाधा डालने के लिए पत्नी और बहनोई ने भारतीय व्यक्ति की हत्या कर दी

हरियाणा के पानीपत के थाना सेक्टर-13-17 क्षेत्र के गढ़सरनाई में बैंक के सिक्योरिटी गार्ड मदन की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंधों में बाधक बनने पर मदन की पत्नी पिंकी और जेठ के लड़के विशाल ने मदन की हत्या की थी। दोनों ने मदन को पहले खीर में नशीली दवा दी। इसके बाद मदन के मुंह में कीटनाशक डालने का प्रयास किया।
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Jun 19, 2026, 05:14 AM
यूपी पुलिस का बंदर व्यवसायः विचित्र मामले में बंद करने की रिपोर्ट दर्ज की गई

यूपी पुलिस का बंदर व्यवसायः विचित्र मामले में बंद करने की रिपोर्ट दर्ज की गई

यूपी के लखीमपुर एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां पहले पुलिस ने अदलात में दावा किया कि बंदरों ने पुलिस स्टेशन के स्टोर रूम में रखे सोने के गहनों को बिखेर दिया और फिर उन्हें लेकर भाग गए. पुलिस ने अब इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है और दावा किया है कि उस वक्त के मालखाना इंचार्ज की मौत हो चुकी है और मामले की जांच संभव नहीं है. दिलचस्प बात ये है कि घटना के वक्त मालखाना इंचार्ज का नाम (जैसा कि कोर्ट के आदेश में बताया गया है) और 17 जून को लखीमपुर पुलिस द्वारा जारी क्लोजर रिपोर्ट को लेकर प्रेस को दिए बयान में जो बताया गया है. वो दोनों नाम अलग-अलग हैं. दरअसल, ये पूरा मामला साल 2007 के एक दहेज हत्या के मुकदमे से जुड़ा है, जिसके आभूषण (अंगूठी, नथुनी, चूड़ियां और हार) कोतवाली सदर के मालखाने में जमा थे. फरवरी 2024 में जब अदालत ने पति को इस मामले में बरी कर दिया, तो उसने अपने पारिवारिक आभूषणों को वापस पाने के लिए कोर्ट में अर्जी दी. इसके जवाब में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 2013 में बारिश की वजह से गहनों वाली कपड़े की पोटली भीग गई थी, जिसे सुखाने के लिए मालखाने की छत पर रखा गया था, जहां बंदरों ने पैकेट को फाड़कर सारे गहने बिखेर दिए और गहने लापता हो गए. वहीं, जुलाई 2024 में पुलिस की इन बातों को सुनने के बाद जिला जज ने पुलिस जांच का आदेश दिया था. आदेश में साफ़ तौर पर कहा गया कि बंदरों द्वारा गहने चुराने और बिखेरने का दावा अविश्वसनीय है और सोने के गहनों को बारिश के बाद सूखने के लिए बाहर रखने का कोई औचित्य नहीं था. कोर्ट ने 17 सितंबर 2013 की थाना केस डायरी एंट्री पर भी ध्यान दिया, जिसमें लिखा था कि जोनल IG के निरीक्षण के बाद 2013 तक के पोस्टमार्टम पैकेट छत पर रखे गए थे और फिर बंदरों ने उन्हें नुकसान पहुंचाया और बिखेर दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में खास तौर पर कहा कि पैकेट को सूखने के लिए बाहर रखने का दावा स्वीकार्य नहीं लगता, क्योंकि पैकेट में सोना था जो पानी से खराब नहीं हो सकता और वहां दूसरी पोटलियां भी थीं, जिनमें गंभीर अपराधों के अहम सबूत थे. कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को जांच करने का निर्देश दिया, क्योंकि स्पष्टीकरण से ऐसा लग रहा था कि गहने गायब मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों ने मालखाने से कीमती सामान निकाल लिया था और सच छिपाने के लिए झूठी डायरी रिपोर्ट बनाई थीं. इस मामले को और दिलचस्प बनाने वाली बात ये है कि जुलाई 2024 के कोर्ट आदेश में उस वक्त के मालखाना इंचार्ज द्वारा दाखिल रिपोर्ट का जिक्र है. उन्होंने परिवार की अर्जी का जवाब देते हुए दावा किया कि गहनों वाला संबंधित पोस्टमार्टम पैकेट रिकॉर्ड में आगे नहीं सौंपा गया था. इस रिपोर्ट में चार पूर्व मालखाना इंचार्ज- मोल्हेराम, रमाकांत तिवारी, मेवाराम और ईश्वर दयाल के नाम हैं, जिनमें से आखिरी व्यक्ति की मौत हो चुकी है. इनमें से ईश्वर दयाल मृत्यु दर्ज है. इसके विपरीत पुलिस के हालिया बयान में 2007-2009 के बीच के दो अलग नाम चंद्रिका प्रसाद और रामबख्श पाल बताए गए हैं और दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है. वहीं, पीड़ित परिवार के वकील शैलेंद्र गौड़ ने इंडिया टुडे/ आजतक से बातचीत में कहा कि जब कथित तौर पर बंदर ों का हमला हुआ, तब मालखाने का इंचार्ज असल में कौन था, इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं दिखती. गौड़ ने बताया, 'नाम अलग-अलग हैं, कहानी बदलती रहती है और अब वो (पुलिस) दावा कर रहे हैं कि मालखाना इंचार्ज मर चुका है... ये साफ है कि पुलिस उस व्यक्ति को छिपाने या बचाने की कोशिश कर रही है, जिसने मालखाने से गहने और दूसरी चीजे चुराई थीं.' गौड़ ने ये भी कहा कि हालांकि पुलिस के प्रेस बयान में दावा किया गया है कि क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है, लेकिन कोर्ट के रिकॉर्ड में अभी तक ऐसा कुछ नहीं है. गौड़ ने कहा, '2024 के आदेश में खोए हुए गहनों के लिए मुआवजे और घटना की जांच की मांग की गई थी. हमें न तो मुआवजा मिला और न ही न्याय.' सीनियर वकील और पूर्व ASG सिद्धार्थ लूथरा ने भी इंडिया टुडे/आजताक को बताया कि ऐसे मामलों में जब पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध हो तो स्वतंत्र जांच, यहां तक कि CBI जांच की भी जरूरत होती है. लूथरा ने कहा, 'कोर्ट ने पुलिस को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से जांच करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस ने ऐसी रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें विसंगतियां हैं. भले ही वक्त बीत चुका है, लेकिन मामले को जांच के लिए CBI को भेजना ही सही रहेगा.' उन्होंने याद दिलाया कि पुलिस नियमों के अनुसार, मालखाने में किसी भी चीज के आने-जाने का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए, लूथरा ने ये भी टिप्पणी की कि साफ तौर पर ये रिकॉर्ड रखने वाले की गलती या लापरवाही का मामला है- मुहर्रिर (मालखाना र्क्लक) या तो खुद इसमें शामिल था या इतना लापरवाह था कि उसने दूसरों को चोरी करने या विश्वासघात करने दिया. भले ही अगर कोर्ट के दस्तावेजों और पुलिस के बयान में विसंगतियां हैं तो अपराध को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने अंत में कहा कि भले ही मालखाना मुहर्रिर असल में जीवित न हो, लेकिन इस बात की जांच जरूर होनी चाहिए कि किसने उसके साथ साज़िश रची या उसे उकसाया और इस काम में मदद की और अपराध से उसके साथ-साथ किसे फायदा हुआ.
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Jun 19, 2026, 05:11 AM
दहेज की मांग के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में भारतीय महिला की मौत

दहेज की मांग के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में भारतीय महिला की मौत

इटावा के लोधी मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय मोना शंखवार की 16 जून की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतका के भाई शिवम और मां राधा देवी ने पति सचिन, सास हंसमुखी और अन्य ससुरालियों पर दहेज के लिए गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है. घटना के बाद से आरोपी ससुराल पक्ष के लोग फरार हैं. कोतवाली पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और ससुर बलराम शंखवार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया है और मामले की गहन जांच कर रही है. आगरा के जैतपुर की रहने वाली मोना की शादी 12 मार्च 2026 को सचिन शंखवार के साथ हुई थी. मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर मोना को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. पति सचिन बेरोजगार था, जिसके कारण सास अक्सर मोना के साथ बुरा व्यवहार करती थी. मायके वालों का दावा है कि उन्होंने शादी बहुत धूमधाम से की थी, लेकिन लालची ससुराल वालों ने उनकी बेटी की जान ले ली. घटना के दिन ससुराल वाले मोना को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इमरजेंसी में तैनात डॉ. राहुल बाबू ने बताया कि महिला के गले पर फांसी लगाने जैसे निशान मौजूद थे. मृतका के भाई शिवम ने आरोप लगाया है कि उन्हें मौत की सूचना तक नहीं दी गई और सीधे अस्पताल बुलाकर शव के पास ले जाया गया. अस्पताल में दोनों पक्षों के बीच काफी हंगामा भी हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी. सीओ सिटी रामगोपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है. ससुर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस सास हंसमुखी शंखवार- जो 2014 में कांग्रेस से लोकसभा प्रत्याशी रह चुकी हैं- और अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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Jun 19, 2026, 05:09 AM
भारतीय फिल्म निर्देशक को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी

भारतीय फिल्म निर्देशक को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी

जोधपुर के साल 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार प्रकरण पर आधारित फिल्म काला हिरण एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि इसके निर्देशक अमित जानी को मिली कथित जान से मारने की धमकियां हैं. निर्देशक ने जोधपुर के रातानाडा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें पाकिस्तान से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए लगातार धमकियां दी जा रही हैं. शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. रातानाडा थाना अधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि अमित जानी की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल प्राप्त हुआ. कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम शहजाद भट्टी बताया और फिल्म काला हिरण के निर्माण कार्य से दूर रहने की चेतावनी दी. शिकायत के अनुसार कॉलर ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि कॉल की सत्यता, कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान, कॉल की लोकेशन और धमकी के पीछे की मंशा की जांच की जा रही है. साइबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है. अमित ने अपनी शिकायत में सुरक्षा की मांग भी की है. उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले उनकी फिल्म उदयपुर फाइल्स के दौरान भी उन्हें धमकी भरे कॉल और संदेश मिले थे. अब काला हिरण फिल्म के निर्माण के दौरान फिर से ऐसे कॉल आने लगे हैं. निर्देशक के अनुसार फिल्म काला हिरण साल 1998 के चर्चित शिकार प्रकरण, बिश्नोई समाज के संघर्ष और लंबे समय तक चले कानूनी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर आधारित है. उनका दावा है कि फिल्म में मामले से जुड़े सामाजिक, कानूनी और न्यायिक पहलुओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म को लेकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. फिल्म पहले से ही कानूनी विवादों के कारण चर्चा में है. अमित जानी के अनुसार फिल्म का टीजर रिलीज होने से पहले ही मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया था. फिल्म की रिलीज और प्रदर्शन को लेकर अंतिम स्थिति न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी. 19 जून को न्यायालय में इस मामले की सुनवाई होनी है. इधर जोधपुर में दर्ज एफआईआर के बाद फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकियों के पीछे कौन है और इनके पीछे की वास्तविक वजह क्या है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है. बाइट: दिनेश लखावत, SHO रातानाडा बाइट: अमित जानी, निर्देशक एवं शिकायतकर्ता.
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Jun 19, 2026, 05:08 AM
यात्रा जांच के बीच एस. वी. यू. ने अभिलाषा शर्मा के घर पर छापा मारा

यात्रा जांच के बीच एस. वी. यू. ने अभिलाषा शर्मा के घर पर छापा मारा

स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बेली रोड से सटे अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास पर धावा बोला है। एसवीयू ने अभिलाषा शर्मा से उनकी यात्राओं से संबंधित कागजात भी मांगे हैं, क्योंकि मीडिया में लंबे समय से यही जानकारी आ रही थी कि वह विदेश यात्रा पर गई थीं। बताया जा रहा है कि एसवीयू को अभिलाषा शर्मा के विदेश जाने का प्रमाण अब तक नहीं मिला है। उनका पासपोर्ट भी देखा जा रहा है। इसके अलावा उनकी पर्यटन यात्रा के खर्च और उसके लिए भुगतान का विवरण भी मांगा गया है, क्योंकि आरोप है कि रिशुश्री ने यह प्रायोजित किया था। एसवीयू की टीम यह भी देख रही है कि अभिलाषा शर्मा रिशुश्री को लाभ देने वाले पदों पर रही हैं या नहीं और रिशुश्री की डायरी में दर्ज उपहार आदि वास्तव में उनके पास हैं या नहीं?विज्ञापनविज्ञापनबिहार सरकार के टेंडरों में कमीशनखोरी का सिंडिकेट चला रहे रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद ही अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर को निलंबित कर दिया गया था। बताया गया था कि रिशुश्री के मोबाइल चैट और डायरियों में इन्हें भइया-दीदी की तरह संबोधित किए जाने के बाद फौरी तौर पर यह कार्रवाई की गई। निलंबन से पहले इनसे शोकॉज भी नहीं किया गया था और न इस मामले में प्राथमिकी ही दर्ज हुई थी। अब करीब 20 दिन बाद जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए इनके घरों पर धावा बोला है। आईएएस योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी के मकान नंबर E-2/10 पर कागजातों की पड़ताल करते हुए देखा जा रहा है कि यह जहां पदस्थापित रहे हैं, वहां रिशुश्री का नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और किस तरह का फायदा उठाया गया? रिशुश्री और योगेश सागर के जुड़ाव को साबित करने के लिए तकरीबन दो दर्जन सवालों के साथ जांच एजेंसी ने धावा बोला है।रिशुश्री की गिरफ्तारी के साथ ही यह सामने आ गया था कि इससे जुड़े दस्तावेज बेउर के एसके विहार कॉलोनी स्थित मातृस्वा इंफ्रा के कार्यालय और इससे जुड़े लोगों के पास मिलेंगे। ऐसे में 28 मई को गिरफ्तार रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के घर पर अब जाकर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम पहुंची है। यहां कंपनी के सरकारी टेंडरों से जुड़े दस्तावेजों की जांच और उसी से संबंधित पूछताछ चल रही है।
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Jun 19, 2026, 04:43 AM
गोली चलाने के बाद पुलिस के पीछा में डकैत की मौत

गोली चलाने के बाद पुलिस के पीछा में डकैत की मौत

हापुड़ नगर और देहात पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात बुलंदशहर रोड और ग्राम गोदी के पास चेकिंग के दौरान घेराबंदी कर 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश श्याम को मुठभेड़ में ढेर कर दिया. आरोपी ने 1 जून की रात उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल के परिवार को बंधक बनाकर करोड़ों की डकैती को अंजाम दिया था और तब से फरार चल रहा था. पुलिस की रोकने की कोशिश पर बदमाश ने मोटरसाइकिल से भागते हुए ट्यूबवेल की आड़ लेकर जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल बदमाश की अस्पताल में मौत हो गई. हापुड़ नगर पुलिस टीम बुलंदशहर रोड पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी बीच एक मोटरसाइकिल सवार आता हुआ दिखाई दिया, जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया. पुलिस टीम ने तुरंत उसका पीछा किया और वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया. संदेश मिलते ही हापुड़ देहात पुलिस टीम ने घेराबंदी की और बदमाश को ग्राम गोदी की तरफ से घेर लिया. खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. बदमाश की तरफ से हुई इस फायरिंग में हेड कांस्टेबल मनोज कुमार घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें इनामी बदमाश श्याम गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस उसे तुरंत उपचार के लिए सरकारी अस्पताल सीएचसी लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मारे गए बदमाश श्याम की गिरफ्तारी पर डीआईजी की तरफ से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह के अनुसार, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से गहनता से साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस को मौके से एक अवैध पिस्टल, जिंदा व खोखा कारतूस और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है।.इस मुठभेड़ के बाद पुलिस आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई में जुट गई है. उद्योगपति के घर करोड़ों की डकैती के बाद से जिले में इस शातिर अपराधी की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी.
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Jun 19, 2026, 04:31 AM
गुस्से और वित्तीय मांगों को लेकर आदमी ने चाचा और दूसरे की हत्या कर दी

गुस्से और वित्तीय मांगों को लेकर आदमी ने चाचा और दूसरे की हत्या कर दी

पुलिस ने आरोपी की पहचान पानीपत निवासी साहिल मलिक के रूप में की है। मृतकों की पहचान राहुल मलिक (45) और अंकुश अग्रवाल (25) के तौर पर हुई है। राहुल मलिक डेराबस्सी में रहता था। वह प्रॉपर्टी का कारोबार चलाता था। वह सोसाइटी के निवासी कल्याण संघ के अध्यक्ष भी था।विज्ञापनअंकुश अग्रवाल सीमेंट एजेंसी में अकाउंटेंट था। उसकी तीन माह पहले ही शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार, साहिल के पिता ने करीब 20 साल पहले होम लोन लिया था। लोन न चुका पाने पर राहुल मलिक ने उसे चुकाया और साहिल के परिवार को घर से बेदखल कर दिया। उस समय साहिल की उम्र चार वर्ष थी। तभी से उसके मन में चाचा के प्रति नफरत पनप गई थी। इसी रंजिश के चलते साहिल ने चाचा की हत्या की।विज्ञापनदोस्त अंकुश की हत्या का कारण कार ऋण की किश्तें चुकाने के लिए बार-बार टोकना था।क्या है पूरा मामलाबुधवार रात करीब पौने आठ बजे साहिल घोलूमाजरा में राहुल मलिक के दफ्तर पहुंचा। उसने वहां बैठे तीन ग्राहकों को बाहर जाने को कहा और हवाई फायर किया। इसके बाद साहिल ने चाचा राहुल को दो गोलियां मारीं। शव को घसीटकर अपनी गाड़ी में डाला और करीब 150 किलोमीटर चलाकर पानीपत ले गया।इसके बाद रात करीब दस बजे उसने अपने दोस्त अंकुश अग्रवाल को फोन कर बुलाया। अंकुश को कार में बैठाकर साहिल ने गोली मारकर उसकी भी हत्या कर दी। दोहरी हत्या के बाद साहिल मलिक ने दोनों शवों को पानीपत में सिवाह नहर के पास फेंक दिया। इसके बाद वह गाड़ी लेकर दिल्ली की तरफ भाग गया। वारदात के कुछ ही घंटों बाद सोनीपत पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लालड़ू और समालखा थानों में साहिल के खिलाफ हत्या के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। शव को सोसाइटी में लाने पर माहौल शोकग्रस्त हो गया। बाद में शव का रामबाग डेराबस्सी में अंतिम संस्कार किया गया।साहिल की गाड़ी अंबाला की ओर बढ़ी तो हरियाणा पुलिस को मैसेज फ्लैश कर लालड़ू पुलिस पीछे लग गई। बाद में समालखा थाने एरिया में दो शव मिलने का पता चलने पर मामले का खुलासा हुआ। उधर, पानीपत में ही शव का पोस्टमार्टम हुआ। राहुल के शरीर पर तीन गोलियां गर्दन, कमर व पेट पर लगी थीं। - इंस्पेक्टर योगेश कुमार, थाना प्रभारी, लालड़ू
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Jun 19, 2026, 04:31 AM
बदला लेने के लिए हत्याः बकाया ऋण और कार की किश्त के मुद्दे पर व्यक्ति ने चाचा और दूसरे की हत्या कर दी

बदला लेने के लिए हत्याः बकाया ऋण और कार की किश्त के मुद्दे पर व्यक्ति ने चाचा और दूसरे की हत्या कर दी

पुलिस ने आरोपी की पहचान पानीपत निवासी साहिल मलिक के रूप में की है। मृतकों की पहचान राहुल मलिक (45) और अंकुश अग्रवाल (25) के तौर पर हुई है। राहुल मलिक डेराबस्सी में रहता था। वह प्रॉपर्टी का कारोबार चलाता था। वह सोसाइटी के निवासी कल्याण संघ के अध्यक्ष भी था।विज्ञापनअंकुश अग्रवाल सीमेंट एजेंसी में अकाउंटेंट था। उसकी तीन माह पहले ही शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार, साहिल के पिता ने करीब 20 साल पहले होम लोन लिया था। लोन न चुका पाने पर राहुल मलिक ने उसे चुकाया और साहिल के परिवार को घर से बेदखल कर दिया। उस समय साहिल की उम्र चार वर्ष थी। तभी से उसके मन में चाचा के प्रति नफरत पनप गई थी। इसी रंजिश के चलते साहिल ने चाचा की हत्या की।विज्ञापनदोस्त अंकुश की हत्या का कारण कार ऋण की किश्तें चुकाने के लिए बार-बार टोकना था।क्या है पूरा मामलाबुधवार रात करीब पौने आठ बजे साहिल घोलूमाजरा में राहुल मलिक के दफ्तर पहुंचा। उसने वहां बैठे तीन ग्राहकों को बाहर जाने को कहा और हवाई फायर किया। इसके बाद साहिल ने चाचा राहुल को दो गोलियां मारीं। शव को घसीटकर अपनी गाड़ी में डाला और करीब 150 किलोमीटर चलाकर पानीपत ले गया।इसके बाद रात करीब दस बजे उसने अपने दोस्त अंकुश अग्रवाल को फोन कर बुलाया। अंकुश को कार में बैठाकर साहिल ने गोली मारकर उसकी भी हत्या कर दी। दोहरी हत्या के बाद साहिल मलिक ने दोनों शवों को पानीपत में सिवाह नहर के पास फेंक दिया। इसके बाद वह गाड़ी लेकर दिल्ली की तरफ भाग गया। वारदात के कुछ ही घंटों बाद सोनीपत पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लालड़ू और समालखा थानों में साहिल के खिलाफ हत्या के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। शव को सोसाइटी में लाने पर माहौल शोकग्रस्त हो गया। बाद में शव का रामबाग डेराबस्सी में अंतिम संस्कार किया गया।साहिल की गाड़ी अंबाला की ओर बढ़ी तो हरियाणा पुलिस को मैसेज फ्लैश कर लालड़ू पुलिस पीछे लग गई। बाद में समालखा थाने एरिया में दो शव मिलने का पता चलने पर मामले का खुलासा हुआ। उधर, पानीपत में ही शव का पोस्टमार्टम हुआ। राहुल के शरीर पर तीन गोलियां गर्दन, कमर व पेट पर लगी थीं। - इंस्पेक्टर योगेश कुमार, थाना प्रभारी, लालड़ू
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Jun 19, 2026, 04:30 AM
शादी की पार्टी में अपहरण के बाद डांसर ने खुद को मारी गोली

शादी की पार्टी में अपहरण के बाद डांसर ने खुद को मारी गोली

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटेया थाना क्षेत्र के जमुनाहा के पास स्थित पटोहवा गाँव निवासी महेंद्र कुशवाहा के घर बेटी की शादी थी। शादी में उत्तर प्रदेश से बारात आई थी। बारातियों और मेहमानों के मनोरंजन के लिए रामायण यादव की 'नाच ड्रामा पार्टी' का आयोजन किया गया था। इस पार्टी में यूपी के देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र का रहने वाला 32 वर्षीय सोनू गोंड बतौर डांसर परफॉर्म कर रहा था।विज्ञापनड्रामा पार्टी के संचालक रामायण यादव के मुताबिक, सोनू पिछले दो-तीन प्रोग्राम देकर स्टेज के पास बने राउटी में आकर बैठा था। इसी दौरान कार्यक्रम देख रहे कुछ मनचले और बेखौफ बदमाशों की नजर उस पर पड़ी। बदमाश बुरी नीयत से सोनू को जबरन खींचकर किसी सुनसान जगह पर ले जाने का प्रयास करने लगे। जब सोनू ने बदमाशों की इस हरकत का कड़ा विरोध किया और खुद को उनके चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, तो बौखलाए बदमाशों ने पिस्तौल निकाल ली और सीधे उसके पेट में गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई।विज्ञापनये भी पढ़ें-सोनू पिछले सात साल से अलग-अलग नाच पार्टियों में डांसर के रूप में काम कर अपनी आजीविका चला रहा था। माता-पिता की मौत के बाद वह अपने घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे तीन मासूम बच्चों और एक छोटे भाई को छोड़ गया है, जिनकी परवरिश की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। इस खौफनाक वारदात के बाद से स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।घटना की सूचना मिलते ही कटेया थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने के लिए चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
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India TV
Jun 19, 2026, 04:14 AM
पुणे पुलिस ने मानसिक नियंत्रण और हेरफेर के लिए स्व-घोषित'भगवान'और सहयोगियों का भंडाफोड़ किया

पुणे पुलिस ने मानसिक नियंत्रण और हेरफेर के लिए स्व-घोषित'भगवान'और सहयोगियों का भंडाफोड़ किया

पुणे पुलिस ने एक गंभीर मामले में एक स्वयंभू “भोंदू बाबा” राधामोहन मिश्रा सहित 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को “ईश्वर” और “दैवी शक्तियों वाला” बताकर लोगों को प्रभावित करता था और उनसे “कन्फेशन” देने के नाम पर नियंत्रण स्थापित करता था। पुलिस के अनुसार, यह मामला अपराध रजिस्टर नंबर 210/2026 के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता तथा महाराष्ट्र की अंधविश्वास विरोधी कानून की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। शिकायत एक पीड़ित महिला द्वारा दी गई, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी। आरोप है कि 2001 से 2026 के बीच आरोपी ने पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से प्रभावित किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगियों ने “मॉडर्न गुरुकुल” नाम से एक आश्रम संचालित किया, जहां लोगों को धार्मिक आस्था और डर के जरिए नियंत्रित किया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने अनुयायियों को यह कहकर प्रभावित करता था कि वह सब कुछ जानता है और लोगों को उसके सामने अपने कन्फेशन देने होंगे। इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल कथित रूप से लोगों को मानसिक रूप से नियंत्रित करने और परिवार से अलग करने के लिए किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि 2009 से 2026 के बीच आरोपी और उसके सहयोगियों द्वारा पीड़िता के साथ कई बार मारपीट, गाली-गलौज और अमानवीय व्यवहार किया गया। साथ ही यौन शोषण के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। रेड के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई, जिसमें 8 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड डिस्क, 29 कैसेट, 23 पेन ड्राइव, और 10 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मेडिकल दवाइयां भी मिली हैं, जिनके उपयोग को लेकर जांच जारी है। पुलिस को बाबा के आश्रम में एक सुरंग भी मिली है। सूत्रों के अनुसार, आश्रम परिसर में 25 से 30 लोग कार्यरत थे और वहां निगरानी के लिए CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जाता था। पीड़िता ने कथित रूप से लंबे समय तक चले शोषण से तंग आकर सीसीटीवी तोड़कर वहां से भागकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तेजस्वी सातपुते ने बताया कि शिकायत मिलते ही FIR दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की गई। अब तक दो पुरुष और 6 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के ठिकानों से डिजिटल साक्ष्य, नकदी और आभूषण भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला लंबे समय से चल रहा था और “मॉडर्न गुरुकुल” के नाम पर एक सुनियोजित ढांचे के जरिए लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि अन्य पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने आश्रम परिसर के बड़े हिस्से को सील कर दिया है और जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। ( ) दैवी विधि के नाम पर बाबा ने किया महिला का यौन शोषण, आपत्तिजनक फोटो भी ली, अब शुरू हुई जांच जिम ट्रेनर से बना फर्जी बाबा, इलाज के बदले में भक्तों से मांगता था मोटी रकम के साथ महंगी शराब और 'कबाब'
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Jun 19, 2026, 04:05 AM
पन्नी विवाद हिंसक हो गयाः पड़ोसियों ने दंपति पर हमला किया

पन्नी विवाद हिंसक हो गयाः पड़ोसियों ने दंपति पर हमला किया

केदारपाल ने पन्नी फटने का विरोध किया, तो प्रमोद और मुकेश ने केदारपाल के साथ मारपीट कर दी। मारपीट का बाद में सुलह समझौता हो गया। गुरुवार रात में केदारपाल अपनी पत्नी चमेली देवी के साथ मक्का बोरियों में भर रहे थे। सभी मुकेश पाल अन्य साथियों के साथ आकर गाली गलौज करने लगा। साथ ही, चमेली के साथ मारपीट कर दी।
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Jun 19, 2026, 03:55 AM
पुरानी रंजिश के चलते व्यक्ति की बेरहमी से हत्याः पुलिस

पुरानी रंजिश के चलते व्यक्ति की बेरहमी से हत्याः पुलिस

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान शक्ति नगर निवासी यशवंत सारथी उर्फ टिंगू (26 वर्ष) के रूप में पहचान हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यशवंत और आरोपियों के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से युवक पर हमला कर दिया।आरोपियों ने पहले हमला पर धारदार हथियार से हमला किए फिर गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसके सिर पर पत्थर से वार किया गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।विज्ञापनहत्या के बाद आरोपियों ने शव को पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए शव को सुनसान इलाके में स्थित एक गहरे कुएं में फेंक दिया और फरार हो गए। पुलिस को मृतक के लापता होने की सूचना मिलने की सूचना पर विवेचना शुरू कर दी थी। युवक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने जांच शुरू की। इसी बीच पुलिस को सूचना मिलने की एक गहरे कुएं में गुरुवार अज्ञात युवक का शव मिला है जिसके बाद शव को एसडीआरएफ की टीम को मदद से बाहर निकलकर परिजनों को सूचित कारण पर युवक को पहचान कराई गई। पुलिस इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में जुट गई है पुलिस संदिग्धों और परिजनों से पूछताछ कर रही है।
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Jun 19, 2026, 03:45 AM
डकैती का प्रयास विफल; मुंगेर में तीन घायल

डकैती का प्रयास विफल; मुंगेर में तीन घायल

जानकारी के अनुसार, श्री गणेश सप्लायर कार्यालय में बालू बिक्री की राशि लेकर चालक सत्तू यादव पहुंचे थे। इसी दौरान चार हथियारबंद अपराधी कार्यालय में घुस आए और नकदी लूटने का प्रयास करने लगे। कार्यालय कर्मियों द्वारा विरोध किए जाने पर बदमाशों ने लाठी-डंडों और हथियारों के बल पर हमला कर दिया। हमले में नीरज यादव, रामानंद यादव समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल, मुंगेर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।विज्ञापनघटना के दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। भागने की जल्दबाजी में अपराधी अपनी एक बाइक घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बदमाशों द्वारा छोड़ी गई बाइक को जब्त कर जांच शुरू कर दी।विज्ञापनबताया जा रहा है कि लूटपाट की घटना के बाद अपराधियों ने कंपनी मालिक के कासिम बाजार थाना क्षेत्र स्थित हेरूदियारा इलाके के घर के पास फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश भी की। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।ये भी पढ़ें-गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार, सन्नी कुमार, सौरबी कुमार और अनमोल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Jun 19, 2026, 03:35 AM
कॉलोनी विवाद में नाबालिग लड़के पर झूठा आरोपः ए. सी. बी. ने की जांच

कॉलोनी विवाद में नाबालिग लड़के पर झूठा आरोपः ए. सी. बी. ने की जांच

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी ने एसीबी में आकर शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि परिवादी के नाबालिग बेटे का किसी से कॉलोनी में झगड़ा हो गया था और उसके बेटे के खिलाफ थाने में झूठी शिकायत दे दी गई। इस मामले में आरोपी कांस्टेबल हरिओम जो की चेतक ड्राइवर है उसने मामले को रफा दफा करने की एवज में 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिसमें से वह 5 हजार रुपए पहले ले चुका था और बाकी रकम के लिए परिवादी लगातार दबाव बना रहा था।विज्ञापनशिकायत का सत्यापन करवा कर देर रात को एसीबी की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई का आयोजन किया। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। वहीं आरोपी कांस्टेबल हरिओम परिवादी से 8 हजार रुपए रिश्वत लेने को राजी हो गया। देर रात को कांस्टेबल हरिओम ने थाने के बाहर परिवादी से 7 हजार रुपए की रिश्वत ली। इशारा मिलते ही एसीबी ने आरोपी कांस्टेबल को रंगे हाथों पकड़ लिया। आपको बता दें की कोटा एसीबी ने 15 दिन में यह तीसरी रिश्वत प्रकरण मामले में कार्रवाई की है।विज्ञापनये भी पढ़ें-
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