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Mar 20, 2026, 10:27 AM
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोटद्वार मामले में'मोहम्मद'दीपक के आचरण पर सवाल उठाए

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोटद्वार मामले में'मोहम्मद'दीपक के आचरण पर सवाल उठाए

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कोटद्वार मामले में दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके व्यवहार और मांगों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने दीपक के खिलाफ दर्फ एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जैसी अपील को दबाव बनाने की रणनीति बताया। कोर्ट ने दीपक को फटकार लगाते हुए पूछा कि एक आरोपी पुलिस सुरक्षा कैसे मांग सकता है। कोर्ट ने कहा, इस तरह की मांगों का मकसद जांच को प्रभावित करना और पूरे मामले को सनसनीखेज बनाना है। कोर्ट ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब याचिकाकर्ता खुद एक संदिग्ध आरोपी है तो पुलिस सुरक्षा मांगने के पीछे उसका क्या मतलब है। 26 जनवरी की एक घटना को लेकर मोहम्मद दीपक के खिलाफ दंगा करने, चोट पहुंचाने और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार, वकील अहमद के अपनी दुकान का नाम 'बाबा' रखे जाने पर बजरंग दल के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी और मोहम्मद दीपक ने इसका विरोध किया था। इस दौरान बजरंग दल के सदस्यों के साथ दीपक का झगड़ा भी हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ। उस दौरान जब दीपक से उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताया था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस राकेश थपलिया ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि दीपक कुमार खुद इस मामले में एक संदिग्ध आरोपी हैं। ऐसे में यह समझ से परे है कि वह पुलिस सुरक्षा की मांग कैसे कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि दीपक सोशल मीडिया के जरिए इस मामले को बेफिजूल में तूल दे रहे हैं। जज ने तीखे लहजे में कहा, आप पर कौन दबाव डाल रहा है? आप सोशल मीडिया पर प्रवचन दे रहे हैं और मामले को सनसनीखेज बना रहे हैं। दीपक ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए जांच अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने कहा कि एक आरोपी का ऐसी मांग करना न केवल गलत है, बल्कि यह जांच एजेंसी के मनोबल पर असर डालने जैसा है। हाई कोर्ट ने दीपक को सोशल मीडिया पर कमेंट करने से भी रोक दिया है। जस्टिस राकेश थपलियाल साफ किया कि सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी पुलिस की जांच में बाधा डाल सकती है। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील पर भी कड़ी नाराजगी जताई जिसमें कहा गया था कि दीपक कुमार जांच में सहयोग करने के बजाय सोशल मीडिया पर व्यस्त हैं। कोर्ट ने दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार करते हुए पुलिस को अपनी जांच जारी रखने का निर्देश दिया। हालांकि, अदालत ने पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि वे 'अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें, क्योंकि इस मामले में सजा सात साल से कम है।
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Mar 20, 2026, 09:49 AM
अहमदाबाद में नकली मुद्रा रैकेट का भंडाफोड़, योग गुरु समेत 7 गिरफ्तार

अहमदाबाद में नकली मुद्रा रैकेट का भंडाफोड़, योग गुरु समेत 7 गिरफ्तार

गुजरात के अहमदाबाद में नकली करेंसी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें सूरत के सत्यम योगाश्रम से जुड़े प्रदीप जोटांगिया नाम के कथित गुरु समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इन आरोपियों के पास से 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकली करेंसी बरामद की है. इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रदीप जोटांगिया सूरत के आश्रम को बड़ा बनाना चाहता था, जिसके लिए उसे भारी रकम की जरूरत थी. पिछले करीब एक साल से वह आश्रम के लिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहा था. इसके लिए उसने सेवा कार्यों से जुड़े पैम्फलेट छपवाए और लोगों से चंदा मांगने के लिए विज्ञापन भी दिए, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद अपेक्षित पैसे नहीं इकट्ठा हो सके. आरोपियों की ओर से ऐसा दावा किया जाता था कि आश्रम में योग सिखाया जाता है. इसको लेकर आश्रम के बाहर एक बोर्ड भी लगाया गया था. आर्थिक तंगी और आश्रम को विस्तार देने की महत्वाकांक्षा पूरी न होने पर प्रदीप और उसके अनुयायियों ने मिलकर एक प्लान बनाया और नकली नोट छापने की योजना बनाई. इसके बाद मुकुल उर्फ मुकेश नाम का एक आरोपी नकली नोट छापने का काम करने लगा. उसने चीन से ऐसे विशेष कागज मंगवाए थे, जो असली नोटों जैसे दिखाई देते थे. इसके बाद उन्हीं कागजों पर प्रिंटिंग कर नकली करेंसी तैयार की जाती थी. पुलिस के अनुसार, इन नकली नोटों को अहमदाबाद के एक व्यक्ति को 33 प्रतिशत की दर से बेचने की डील तय हुई थी. यानी 3 लाख रुपये की नकली करेंसी के बदले 1 लाख रुपये असली लिए जाते. यह उनकी पहली बड़ी डील थी, हालांकि इससे पहले वे करीब 28 लाख रुपये की नकली करेंसी बाजार में खपा चुके थे. बताया जा रहा है कि इस बार 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकली करेंसी का सौदा करने के लिए आरोपी सूरत से अहमदाबाद पहुंचे थे. लेकिन सौदा पूरा होने से पहले ही क्राइम ब्रांच को इसकी सूचना मिल गई और टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी प्रदीप के अनुयायी बताए जा रहे हैं, जो उसके निर्देशों पर पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे. नकली नोटों के इस कारोबार को लेकर कई बैठकें आश्रम और मुकेश के घर पर आयोजित की गई थीं. फिलहाल, क्राइम ब्रांच ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन के रिमांड की मांग की है. पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस रैकेट से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. साथ ही, इस मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर जांच तेज कर दी गई है.
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Mar 20, 2026, 09:32 AM
एल. एस. डी. तस्करी गिरोह में कथित भूमिका के लिए भारतीय पुलिसकर्मी गिरफ्तार

एल. एस. डी. तस्करी गिरोह में कथित भूमिका के लिए भारतीय पुलिसकर्मी गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला में सामने आए एलएसडी ड्रग तस्करी मामले ने पुलिस विभाग के भीतर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब एक करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत वाली एलएसडी की खेप से जुड़े इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार पुलिसकर्मियों को अदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश कर रही हैं। शिमला पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी पुलिसकर्मी स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात थे। इनमें राजेश कुमार (40 वर्ष), निवासी गांव 14 मील, डाकघर बडाग्राम, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, समीर (40 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 7, पारला भुंतर, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू, नितेश (46 वर्ष), निवासी गांव बजौरा, डाकघर व तहसील भुंतर, जिला कुल्लू और अशोक कुमार (42 वर्ष), निवासी गांव वाशिंग, जिला कुल्लू शामिल हैं। इन सभी को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और आज अदालत ने इन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। इस पूरे मामले की शुरुआत 10 मार्च 2026 को हुई, जब पुलिस थाना न्यू शिमला की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए संदीप शर्मा (जिला मोगा, पंजाब) और प्रिया शर्मा (जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 562 स्ट्रिप्स (स्टैम्प साइज) एलएसडी, जिसका कुल वजन 11.570 ग्राम है, बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने इस मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, जिसमें एलएसडी सप्लाई चेन का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि इस खेप का मुख्य सप्लायर नेविल हैरिसन है, जो केरल के कालीकट का रहने वाला है। पुलिस ने उसे 13 मार्च को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार किया। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, संदीप शर्मा और नेविल हैरिसन द्वारा कुल्लू जिले में इस एलएसडी खेप की तस्करी की गई थी। इसी दौरान एसटीएफ के इन चार पुलिसकर्मियों ने इस ट्रैफिकिंग को इंटरसेप्ट किया था। लेकिन आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय ये खुद तस्करों के साथ मिल गए और नशे की इस खेप को आगे बढ़ाने में मदद की। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, आपराधिक साजिश, घोर अनुशासनहीनता और नैतिक कदाचार का है। इन पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आई। इसके बाद शिमला पुलिस की सिफारिश पर विस्तृत जांच कर 16 मार्च को एडीजी सीआईडी ने इन चारों को सस्पेंड कर दिया। अब पुलिस रिमांड के दौरान जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, क्या यह कोई बड़ा अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह है और पुलिसकर्मियों की इसमें क्या-क्या भूमिका रही। एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही आम लोगों, खासकर युवाओं से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ शेयर करें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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Mar 20, 2026, 09:12 AM
बरेली में अवैध खनन के बीच खनन माफिया ने प्रशासन के दल पर किया हमला

बरेली में अवैध खनन के बीच खनन माफिया ने प्रशासन के दल पर किया हमला

उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान खनन माफियाओं ने प्रशासन की टीम पर हमला कर दिया. माफियाओं ने कार्रवाई के बीच न सिर्फ गाड़ियों को छुड़ाने की कोशिश की, बल्कि टीम पर पथराव कर माहौल तनावपूर्ण बना दिया. इस मामले में अब तक तीन ट्रैक्टर ट्रॉली और दो लोडर जब्त किए गए हैं. ख़बर के मुताबिक बरेली के थाना कैंट क्षेत्र के बुखारा मोड़ के पास प्रशासन की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची थी, जहां टीम को 15-20 ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध खनन करते दिखाई दी. अधिकारियों को देखकर मौके पर मौजूद चालक फरार हो गए, जिसके बाद टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसके ड्राइवर को मौके पर ही पकड़ लिया. प्रशासन की टीम जब आगे बभिया गांव के पास से गुजर रही थी तभी वहां खनन माफियाओं ने टीम को घेर लिया और सरकारी वाहन पर पथराव करना शुरू कर दिया और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की. आरोपियों ने इस दौरान टीम के साथ धक्का-मुक्की भी की, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया. पूछताछ में पकड़े गए चालक ने बताया कि वो कृपाल सिंह और महेश के नेतृत्व में रात के समय अवैध खनन करता है. इसके बाद टीम ने दोबारा छापेमारी की, जहां 10-15 ट्रैक्टर-ट्रॉली खनन में लिप्त पाए गए. टीम ने दो वाहनों को कब्जे में लिया, लेकिन आरोपी कृपाल सिंह अपने साथियों के साथ एक ट्रैक्टर छुड़ाकर फरार हो गया. प्रशासन की टीम ने आरोपियों का पीछा करते हुए करीब 5 किलोमीटर दूर एक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया. अब तक खनन माफियाओं पर हुई कार्रवाई में तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो लोडर जब्त किए जा चुके हैं. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बरेली में खनन माफिया काफी सक्रिय हैं और कार्रवाई के दौरान अक्सर विरोध की घटनाएं सामने आती हैं. पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. डीएम बरेली अविनाश सिंह ने कहा कि मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यूपी के सामाजिक समीकरण पर BJP की नजर, कुर्मी बिरादरी के पंकज चौधरी के बाद चला एक और दांव भीम मनोहर 20 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में काम कर रहे हूं. यूपी के बरेली की गतिविधियों पर नजर रखते हैं. राजनीतिक, क्राइम और सामाजित मुद्दों पर लिखते रहे हैं.
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Mar 20, 2026, 09:03 AM
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय चंबल रिजर्व में अवैध रेत खनन का स्वतः संज्ञान लिया

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय चंबल रिजर्व में अवैध रेत खनन का स्वतः संज्ञान लिया

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य में हो रहे अवैध रेत खनन के मामले पर खुद संज्ञान लेकर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने साफ कहा कि संरक्षित क्षेत्र में इस तरह का खनन कानूनन अपराध है. सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट के बाद खुद ही संज्ञान लिया है. कोर्ट ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी किया. सभी विभागों से जवाब मांगा गया है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि चंबल नदी के किनारे बड़े पैमाने पर गैरकानूनी रेत खनन हो रहा है. इससे घड़ियाल और अन्य जलीय जीवों का घर (हैबिटेट) नष्ट हो रहा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि राजस्थान में अभयारण्य की 732 हेक्टेयर जमीन हटाई गई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी अलग-अलग राज्य सरकारों और विभागों से जवाब आने के बाद ही मामले पर विस्तार से फैसला किया जाएगा. लेकिन, फिलहाल कोर्ट ने साफ कर दिया कि संरक्षित क्षेत्रों में जानवरों के घर (हैबिटेट) को नुकसान पहुंचाना अपराध है. ऐसा करने पर कई कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर अवैध रेत खनन जारी है तो इसके लिए सिर्फ खनन करने वाले ही नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारी भी जिम्मेदार हो सकते हैं. इसके साथ ही वन, खनन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश की पुलिस भी जिम्मेदार हैं. अगर ये लोग लापरवाही या चुप्पी बरतते हैं, तो वे भी प्राकृतिक जगहों के नुकसान के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित सरकारों और अधिकारियों से जवाब मांगा है, इसके साथ ही वकीलों की मदद लेकर आगे सख्त फैसला लेने की तैयारी कर रहा है. कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों और इन राज्यों के पुलिस प्रमुखों (DGP) को खनन, वन और जल संसाधन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को के साथ-साथ सभी जिम्मेदारियों से इसका जवाब तलब किया जाए. इसके कोर्ट ने राज्यों और अधिकारियों से सवाल किया है कि खनन को लेकर अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है. अगर नहीं की गई तो क्यों नहीं हुई है.
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Mar 20, 2026, 08:56 AM
पूर्णिया अपराधः 11 मार्च से लापता 18 वर्षीय लड़की मक्का के खेत में मृत पाई गई

पूर्णिया अपराधः 11 मार्च से लापता 18 वर्षीय लड़की मक्का के खेत में मृत पाई गई

Purnea Crime News:पूर्णिया के डगरुआ थाना के विश्वासपुर से 11 मार्च से लापता 18 साल की लड़की का शव मक्का के खेत में मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 31 को चार घंटे जाम रखा। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। लड़की रामपुर पंचायत के चतरा की रहने वाली थी। परिजनों ने बताया था कि मृतका 11 मार्च की रात में शौच करने घर से निकली थी। 12 मार्च को परिजनों ने डगरुआ थाना में तहरीर दी थी। पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने जांच से मिली जानकारी का खुलासा करते हुए कहा है कि लड़की एक लड़के के संपर्क में थी, जो मेला घुमाने पर नाम पर ले गया था। लड़के ने एक दोस्त की दुकान में लड़की से रेप किया और फिर बाकी दोस्तों से संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। लड़की ने मना कर दिया तो संघर्ष के दौरान उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में छुपा दिया। लड़की का शव मिलने के बाद ग्रामीमों के आंदोलन की सूचना पर जिला मुख्यालय से एडिशनल एसपी आलोक रंजन मौके पर पहुंचे। अनुमंडल क्षेत्र के डगरुआ, बायसी, अमौर, रौटा एवं जिला मुख्यालय से भारी मात्रा में पुलिस बल के अधिकारी एवं जवान भी वहां बुला लिए गए। घटना की सूचना मिलने पर बायसी विधायक गुलाम सरवर भी वहां पहुंचे। सबने मिलकर लोगों को समझाया, जिसके बाद एडिशनल एसपी आलोक रंजन ने जाम समाप्त करवाया। एडिशनल एसपी आलोक रंजन ने बताया कि इस मामले में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि केस के एक अभियुक्त को बीती रात गिरफ्तार किया गया था। पुलिस हिरासत में उसकी निशानदेही पर ही शव बरामद की गई है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि एक अभियुक्त की बीती रात गिरफ्तारी हुई थी, जिसकी निशानदेही पर आज सुबह 4 बजे मक्का के खेत से उसका शव बरामद हुआ है। पूर्णिया पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि 12 मार्च को सुखदेव चौधरी द्वारा डगरूआ थाना में 18 वर्ष की पुत्री के अपहरण में अज्ञात के विरुद्ध कांड दर्ज करवाया गया था। तकनीकी अनुसंधान के क्रम में एक अभियुक्त सचिन (20 वर्ष) को हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में बताया कि चार महीने से वह लड़की के संपर्क में था। फोन पर लगातार बातचीत होती थी। 11 मार्च को सचिन अन्य दोस्तों और लड़की के साथ मेला देखने गया था। सचिन ने एक दोस्त की दुकान में बलात्कार किया और अपने बाकी दोस्तों से संबंध बनाने कहा। इसी संघर्ष में लड़की की हत्या कर दी गई और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को खेत में छुपा दिया गया । एसपी स्वीटी सहरावत के मुताबिक अभियुक्त सचिन की निशानदेही पर शव को बरामद किया गया है। एफएसएस की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। एसपी ने बताया कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए रेड चल रहा है।
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Mar 20, 2026, 08:27 AM
विचाराधीन कैदी नाटकीय तरीके से शाजापुर जिला जेल से भागा

विचाराधीन कैदी नाटकीय तरीके से शाजापुर जिला जेल से भागा

डिजिटल डेस्क, इंदौर।शाजापुर जिला जेल से एक विचाराधीन बंदी फिल्मी स्टाइल में दीवार फांदकर फरार हो गया। पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो वह 750 किमी दूर छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा भोयाटोला स्थित अपने ससुराल में मिला। बताया जाता है कि भागने से पहले करीब 10 दिनों तक उसने जेल में प्रहरियों पर कड़ी नजर रखी। इसके साथ ही उसने बाकायदा दीवार पर चढ़ने की तैयारी भी की थी।
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Mar 20, 2026, 08:26 AM
आरोपी शरजील इमाम पारिवारिक समारोह के लिए 10 दिन की जमानत पर लगभग छह साल बाद जेल से बाहर आया

आरोपी शरजील इमाम पारिवारिक समारोह के लिए 10 दिन की जमानत पर लगभग छह साल बाद जेल से बाहर आया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी Sharjeel Imam को दिल्ली की अदालत से 10 दिन की अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह करीब छह साल बाद जेल से बाहर आया। अदालत ने उसे पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए यह राहत दी है।
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Mar 20, 2026, 08:10 AM
मलेशियाई गैंगस्टर ने झारखंड के इस्पात व्यवसायी से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी

मलेशियाई गैंगस्टर ने झारखंड के इस्पात व्यवसायी से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी

मलेशिया में बैठे गैंगस्टर ने फोन पर झारखंड के स्टील कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी है. रितेश सिंह ने रंगदारी देने से इनकार कर दिय. जिसके बाद गैंग उनको अंजाम भुगतने और हत्या की धमकी दी. मामले में झारखंड की बोकारो पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दरअसल कारोबारी रितेश सिंह ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी.झारखंड के स्टील कारोबारी को जान से मारने की धमकीबता दें कि गैंग ने किसी गुर्गे ने कारोबारी को कॉल कर कहा कि तुमने बहुत पैसा कमा लिया है. लोहा स्क्रैप और दारू का भी काम अच्छा चल रहा है. बॉस को तुमसे 5 करोड़ चाहिए और हम ये लेकर ही मानेंगे. चाहे आपका काम झारखंड में चल रहा है या नहीं हमको उससे कोई मतलब नहीं है. अगर काम करना है तो हमसे मैनेज करके ही करना पड़ेगा. साथ ही आगे कहा कि हमारी नजर आपके ऊपर ही है. याद रखना नहीं तो काली गाड़ी लाल कर देंगे.कारोबारी से मांगी 5 करोड़ रुपये की रंगदारीगैंग ने कहा कि बॉस ने बोला है कि अगर तुम पैसा नहीं दोगे तो इसका अंजाम तुम्हारा परिवार भुगतेगा. धनबाद और रांची, रामगढ़ में पता कर लेना कि अमन साहू और राहुल दुबे कौन है. तुम्हारी उल्टी गिनती शुरू हो गई है. गैंगस्टर ने धमकी देते हिुए कहा कि हमें बोकारो में एक बिजनेसमैन को मारना है, अब तुम वही टार्गेट हो. राउरकेला दूर नहीं है. बोकारो से इंतजार करो. तुम्हारे परिवार में कोई कम हो जाएगा तब तुमको अफसोस होगा.विदेश में बैठे गैंगस्टर ने किया धमकी भरा कॉलबता दें कि गैंगस्टर अमन साहू एक एनकउंटर में मारा जा चुका है. लेकिन उसका गैंग अभी भी मलेशिया से ऑपरेट हो रहा है. अमन साहू के बाद इस गैंग को राहुल दुबे विदेश में बैठकर चला रहा है. फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कारोबारी रितेश सिंह को सुरक्षा प्रदान की है और मामले की जांच के लिए टीमों का गठन किया है.
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Mar 20, 2026, 07:29 AM
भारतीय राज्य कार्य बल 1 करोड़ रुपये के एल. एस. डी. मादक पदार्थ मामले में उलझा

भारतीय राज्य कार्य बल 1 करोड़ रुपये के एल. एस. डी. मादक पदार्थ मामले में उलझा

विस्तारAdd as a preferredsource on googleएक करोड़ रुपये के एलएसडी नशे के मामले में एसटीएफ के कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आने से स्टेट टास्क फोर्स की छवि भी दागदार हुई है। आरोपों के मुताबिक जिन लोगों पर नशा तस्करी को रोकने का जिम्मा था, वही नशा तस्करी से जुड़े मामले में संलिप्त पाए जा रहे हैं। पुलिस ने जब मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों, उनकी कॉल डिटेल और आईपीडीआर रिपोर्ट खंगाली तो आठ मार्च को इनकी लोकेशन एक ही जगह पर कुल्लू में पाई गई।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंवहीं, पुलिस को संदीप और नविएल हैरिसन से पूछताछ में भी कई अहम सबूत मिले। इससे एसटीएफ के चारों पुलिस कर्मियों की संलिप्तता को लेकर पुलिस के हाथ कई अहम सबूत लगे। मामला उस समय सामने आया जब न्यू शिमला में 10 मार्च को पुलिस ने एलएसडी नशे के साथ संदीप और प्रिया को पकड़ा था। जांच आगे बढ़ने पर एलएसडी के सप्लायर केरल के रहने वाले नविएल हैरिसन को हरियाणा से पकड़ा गया और अब इस मामले में एसटीएफ के चार कर्मचारी गिरफ्तार किए गए हैं। हालांकि पुलिस विभाग ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले चारों कर्मचारियों को निलंबित किया और अब जांच के बाद बर्खास्त करने की बात कही जा रही है। लेकिन सरकार ने जिस एसटीएफ का गठन प्रदेश में बढ़ रहे नशा तस्करी के फैले जाल से निपटने के लिए किया था, आज उसको लेकर ही कई सवाल खड़े हो गए हैं। इसको देखते हुए सीआईडी ने अब एसटीएफ में तैनाती को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने का फैसला लिया है।विज्ञापनविज्ञापनविभागीय स्तर पर सभी कर्मचारियों के प्रोफाइल को जांचा जा रहा है। विभाग ने कहा है कि अगर इस मामले में और कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, पुलिस विभाग ने सभी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी खोल दी है। वहीं जांच में अगर सभी आरोप सही पाए जाते हैं, तो चारों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। एडीजी सीआईडी ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि नशा तस्करी के मामलों को लेकर विभाग का कड़ा रुख है। इसमें विभाग के संलिप्त कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी विभाग ने जांच के बाद त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अब विभागीय स्तर पर एसटीएफ के कार्यरत लोगों के प्रोफाइल को भी जांचा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में इस तरह के मामले सामने न आएं।कुल्लू पहुंची थी एलएसडी की ज्यादा खेप, कहां गया लाखों का नशाएक करोड़ के एलएसडी मामले में आरोपियों से पूछताछ और प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। नशा तस्करी में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि 8 मार्च को कुल्लू में शिमला में पकड़ी गई एलएसडी की खेप से दो गुना से ज्यादा एलएसडी को तस्करी करके लाया था। बाद में शिमला में आरोपियों से पकड़ी नशे की खेम कम निकली है। इसी बीच आरोपों के घेरे में आए एसटीएफ कुल्लू के कर्मचारियों ने नशे को पकड़ा लेकिन मामला दर्ज करने की जगह खुद इस पूरे मामले में संलिप्त हो गए।हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि जब एसटीएफ के कर्मचारियों ने नशे की खेप पकड़ी तो यह कितनी मात्रा में थी। इससे पहले आरोपियों ने नशे की कुछ मात्रा को ठिकाने तो नहीं लगा दिया था। शिमला पुलिस भी करोड़ों की एलएसडी की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के अधिकारी इस मामले को लेकर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है और जांच जारी होने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी अभिषेक को जांच का जिम्मा सौंपा है और स्पेशल सेल की टीम उनके साथ मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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Mar 20, 2026, 07:18 AM
बिहार के कटिहार जिले में शराबबंदी के दौरान हिंसक झड़प

बिहार के कटिहार जिले में शराबबंदी के दौरान हिंसक झड़प

Bihar Liquor Ban:बिहार के कटिहार जिले में शराबबंदी कानून के तहत चल रही कार्रवाई के दौरान दो सरकारी विभागों के कर्मी भिड़ गए। मद्य निषेध विभाग और रेलवे जीआरपी के बीच विवाद हो गया। मामला उस समय फंसा जब मद्य निषेध विभाग की टीम ट्रेन में शराब जब्त करने पहुंची थी। उत्पाद टीम को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर उत्पाद टीम कार्रवाई करने रेलवे परिसर पहुंची थी। इसी दौरान वहां पहुंची जीआरपी टीम के साथ शुरू हुई कहासुनी जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। आरोप लगाया गया है कि जीआरपी के पुलिस कर्मियों ने मद्य निषेध टीम के साथ मारपीट की। इस घटना में मद्य निषेध विभाग के सिपाही देव शंकर झा घायल हो गए जिनका इलाज सदर अस्पताल में कराया गया। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर शराब की सूचना मिलने पर उत्पाद विभाग की टीम कटिहार रेलवे स्टेशन पर पहूंची थी। तभी जीआरपी टीम आई और हमारे साथ बदसलूकी करने लगी। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से विभाग ट्रेनों में छापेमारी कर रही थी और लगातार सफलता मिल रही थी। इस बात से जीआरपी वाले नाराज थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों विभागों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। जीआरपी कर्मियों के व्यवहार पर उत्पाद दारोगा रवि किशोर ने बताया कि हाटे बाजारे एक्सप्रेस ट्रेन से बंगाल से शराब लाए जाने की गुप्त सूचना मद्यनिषेध विभाग को मिली थी। छापेमारी और तलाशी के लिए टीम प्लेटफॉर्म पर पहुंची थी। वहां जीआरपी की टीम पहुंच गई और कार्रवाई का विरोध करने लगे। उत्पाद की टीम आरपीएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाई जा रही थी। जीआरपी के जवान और अधिकारी जेल भेजने की धमकी देने लगे। परिचय बताने के बाद भी बदसलूकी की। कहा कि यहां जीआरपी के परमिशन के बिना कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। एक्साइज टीम ने जीआरपी के आरोपी सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बारे में उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि उत्पाद विभाग की टीम के कुछ सदस्य वर्दी में थे जबकि कुछ सदस्य सादे लिवास में थे। इसीलिए जीआरपी इस बात को नहीं समझ पाए कि बिना ड्रेस वाले व्यक्ति कौन है जो ट्रेन में तलाशी अभियान चला रहे हैं। उत्पाद पुलिस को आम आदमी समझकर भूल बस उत्पाद विभाग के बिना वर्दी वाले कर्मियों के साथ उलझ पड़े। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि मारपीट की कोई बात सामने आई नहीं है। संबंधित उत्पाद विभाग के कर्मी से जानकारी मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी । फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और वरीय अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने विभागों के बीच समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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Mar 20, 2026, 05:58 AM
गुरुग्राम यौन उत्पीड़न मामले की जांच में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया गंभीर रुख

गुरुग्राम यौन उत्पीड़न मामले की जांच में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया गंभीर रुख

नई दिल्ली:गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची के साथ हुए भीषण यौन हमले की जांच में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता दिखाई है. मामले का उल्लेख वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने किया, जिन्होंने अदालत के सामने पुलिस की कार्यवाही पर कड़ी आपत्ति जताई.'चार हफ्ते हो गए, कुछ नहीं हुआ!'सुप्रीम कोर्टमें मामले का ज़िक्र करते हुए रोहतगी ने कहा, 'चार हफ्ते हो चुके हैं और अब तक कुछ भी नहीं किया गया. कृपया गुरुग्राम पुलिस को हटाइए और या तो CBI को मामला दीजिए या SIT बनाई जाए!' उन्होंने बताया कि पुलिस के पास सभी आरोपियों के नाम मौजूद हैं, लेकिन कार्रवाई का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.यह भी पढ़ें-दिल्ली हाईकोर्ट को उत्तम नगर में क्यों करनी पड़ी शांति की अपील? जानिए HC ने क्या-क्या कहाCJI का सवाल- हाई कोर्ट क्यों नहीं जाते?मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पूछा कि यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में क्यों नहीं ले जाया गया. इसके जवाब में रोहतगी ने कहा, 'एक संदेश जाना चाहिए. पुलिस कुछ नहीं कर रही.' पीड़िता का परिवार गुरुग्राम में रहता है, इसलिए उन्हें चंडीगढ़ जाकर हाई कोर्ट में याचिका दायर करना मुश्किल होगा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि वह इस मामले को अपने पास रखकर ही सुनवाई करे.यह भी पढ़ें-1100 साल पुरानी जैन मूर्ति संग्रहालय में रहेगी, श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदायों में विवाद के बाद HC का आदेशSC ने स्वीकार की सुनवाईगंभीर आरोपों और वरिष्ठ अधिवक्ता की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अहमियत को स्वीकार किया और सोमवार को सुनवाई करने पर सहमति दी.
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Mar 20, 2026, 05:24 AM
राजस्थान हत्या मामला 24 घंटे में ऑनलाइन भुगतान सुराग के माध्यम से सुलझा

राजस्थान हत्या मामला 24 घंटे में ऑनलाइन भुगतान सुराग के माध्यम से सुलझा

राजस्थान के बालोतरा जिले के धोरीमन्ना कस्बे में हुए ट्रक चालक की सनसनीखेज हत्या मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा कर दिया। इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में जहां पुलिस के लिए शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं था, वहीं आखिरकार एक मामूली दिखने वाला ऑनलाइन पेमेंट ही जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। यह मामला बुधवार रात का है, जब सांचौर रोड पर ट्रक चालक विशनाराम प्रजापत (45) की पत्थर मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में यह मामला रोड रेज का लग रहा था, लेकिन घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और पुलिस के पास केवल बाइक सवार दो युवकों के धुंधले सीसीटीवी फुटेज ही थे। पुलिस जांच के मुताबिक, धोरीमन्ना चौराहे पर सड़क के बीच खड़ी बाइक हटाने को लेकर ट्रक चालक और दो युवकों के बीच कहासुनी हुई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मामला शांत करवा दिया, लेकिन यही मामूली विवाद बाद में जानलेवा साबित हुआ। दोनों युवक ट्रक का पीछा करते हुए सांचौर रोड तक पहुंचे। वहां उन्होंने ट्रक को जबरन रुकवाया और एक बड़े पत्थर से चालक के सीने पर वार कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और परिजन मुआवजे व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पुलिस पर भी जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ता जा रहा था। ऐसे में पुलिस ने 10 टीमों का गठन किया और तकनीकी जांच के साथ-साथ आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। हालांकि फुटेज में केवल दो संदिग्ध युवक बाइक पर नजर आए, लेकिन उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। यहीं से जांच में एक अहम मोड़ आया। पुलिस को पता चला कि आरोपी घटना से पहले एक शराब ठेके पर गए थे। वहां उन्होंने शराब खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट किया था। पुलिस ने संबंधित शराब ठेके से पेमेंट डिटेल खंगाली। डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों की पहचान की गई और उनके मूवमेंट को ट्रैक किया गया। इसके बाद पुलिस टीमों ने सांचौर क्षेत्र में दबिश दी और लगातार पीछा करते हुए दोनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार (26) और विशनाराम (23) हैं, जो पेशे से डिलीवरी बॉय हैं और एक ऑनलाइन कोरियर कंपनी में काम करते हैं। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी घटना वाले दिन फलसूंड में एक मीटिंग में गए थे और लौटते समय बाड़मेर होते हुए धोरीमन्ना पहुंचे। यहां उन्होंने गुड़ामालानी रोड स्थित शराब ठेके पर शराब पी, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वारदात के समय दोनों आरोपी नशे में थे, जिससे उनका गुस्सा बेकाबू हो गया और मामूली विवाद हत्या में बदल गया। हत्या के बाद परिजन और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया था। गुरुवार को भी दिनभर धरना जारी रहा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कई दौर की वार्ता के बाद परिजनों को समझाया और मुआवजे पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ। यह केस पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि शुरुआत में कोई स्पष्ट सुराग नहीं था। लेकिन तकनीकी जांच, सीसीटीवी एनालिसिस और डिजिटल पेमेंट ट्रैकिंग के संयोजन ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
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Mar 20, 2026, 05:07 AM
दिल्ली की अदालत ने सबूतों के अभाव में आईएसआईएस-जेके के कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किए गए दो युवाओं को बरी कर दिया

दिल्ली की अदालत ने सबूतों के अभाव में आईएसआईएस-जेके के कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किए गए दो युवाओं को बरी कर दिया

नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दो आरोपियों को बरी कर दिया है. दोनों को साल 2018 मेंISIS-JKसे जुड़े होने का आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि कोर्ट ने यह साफ किया कि गिरफ्तार किए गए युवकों के खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करता हो कि वेISIS-JKसे जुड़े हैं. यही वजह है कि दोनों ही युवको को बरी किया जाता है. कोर्ट ने कहा कि सरकारी पक्ष (प्रॉसिक्यूशन) यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी सच में ISIS से जुड़े थे. इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया है. मतलब साफ है कि गिरफ्तार किए गए युवकों को सिर्फ यह कहकर जेल में नहीं रखा जा सकता है कि वे आईएसआईएस से जुड़े हुए हैं. ऐसा कहने के लिए पर्याप्त सबूत होना जरूरी है. जो कि इन युवको के खिलाफ नहीं हैं. जस्टिस अमित बंसल ने जमशेद ज़हूर पॉल और परवेज़ राशिद लोन को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और 20, और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने और ISIS से जुड़ाव के आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा, “अभियोजन पक्ष यह साबित करने में भी नाकाम रहा कि 06.09.2018 से पहले, दोनों आरोपीISIS-JKके सदस्य थे. ISIS एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है जो आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल है. इसलिए, दोनों आरोपी बरी किए जाने के हकदार हैं. जमशेद ज़हूर पॉल और परवेज राशिद लोन दोनों पर UAPA (आतंकवाद विरोधी कानून) के तहत केस दर्ज किया गया था. आरोप था कि वेISIS-JKके लिए काम कर रहे थे. इसके साथ ही यह भी आरोप था कि हथियार लेकर आतंकी गतिविधियों की तैयारी कर रहे थे. पुलिस ने 2018 में दोनों को गिरफ्तार किया था.उनके बैग से पिस्तौल और कारतूस मिलने का दावा किया गया था. कहा गया कि वे कश्मीर में हमले की योजना बना रहे थे. एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है. एक और आरोपी अभी भी फरार है. कोर्ट के फैसले के बाद फरार आरोपी को राहत मिली है.
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Mar 20, 2026, 04:52 AM
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भीषण दुर्घटना में तीन छात्रों की मौत

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भीषण दुर्घटना में तीन छात्रों की मौत

Mumbai News:महाराष्ट्र में एक भीषण हादसा हुआ, जिसकी चपेट में आने की वजह से तीन छात्रों की मौत हो गई. ये छात्र सनराइज देखने के लिए लोनावला गए थे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के पनवेल एग्जिट से थोड़ा पहले एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश में उनकी कार पीछे से टकरा गई, जिससे उनकी मौत हो गई. हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक लेकर फरार हो गया. वहीं ट्रक ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और मौत का कारण बनने के लिए FIR दर्ज की गई है. कार पूरी तरह से कुचल गई थी. इनके साथ तीन और स्टूडेंट थे लेकिन वो दो अलग-अलग कारों में थे. पुलिस मामले की जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. उन्होंने कहा कि RTO अधिकारियों ने कार की जांच की है और उनकी रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि स्टूडेंट ने सीटबेल्ट पहनी थी या तेज गाड़ी चला रहे थे. पनवेल तालुका पुलिस के इंस्पेक्टर (क्राइम) आनंद कांबले ने कहा कि एक्सप्रेसवे को चलाने और मेंटेन करने वाली IRB इंफ्रास्ट्रक्चर से साइट का CCTV फुटेज मांगा गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि साइट के सबसे पास का कैमरा खराब था. मरने वालों में से दो महाराष्ट्र के थे, जबकि एक जयपुर का रहने वाला था और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौथे साल में था. पुलिस ने आदे कहा कि तीनों मरने वालों ने पूरी रात जागकर सुबह 4 बजे तक फिल्में देखी, इसके बाद सनराइज देखने के लिए तीन कारों में लोनावला जाने का फैसला किया, बोरसे, शर्मा और देशभ्रातार एक कार ले गए, चव्हाण और जेबल दूसरी और मीना तीसरी कार में थे. लौटते समय पनवेल एग्जिट से पहले उनकी कार बाईं लेन में एग्जिट करने की कोशिश कर रही थी तभी टकरा गई. जिसके बाद कार पलट गई, उन्हें आनन फानन में एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
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Mar 20, 2026, 04:33 AM
जालंधर अपराध शाखा ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दो युवाओं को गिरफ्तार किया

जालंधर अपराध शाखा ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दो युवाओं को गिरफ्तार किया

विस्तारAdd as a preferredsource on googleक्राइम ब्रांच कमिश्नरेट जालंधर की टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो युवकों को एक किलो 400 ग्राम अफीम और एक लाख रुपये की ड्रग मनी सहित गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के दिशा-निर्देशों पर की गई।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंजानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीम गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान कैंट से सुभाना रोड की ओर जा रही थी। इसी दौरान सुभाना गांव की तरफ से आ रही ग्रे रंग की बलेनो कार को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार से 1 किलो 400 ग्राम अफीम और 1 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद हुई। इस संबंध में थाना डिवीजन नंबर 7, जालंधर में एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी रिंकू (33) निवासी कैलाश नगर बस्ती जोधेवाल, लुधियाना और जसवंत सिंह उर्फ जस्सा (32) निवासी गांव हरीपुर खालसा जिला जालंधर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।विज्ञापनविज्ञापनपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी शादीशुदा हैं और प्राइवेट काम की आड़ में नशा तस्करी का धंधा कर रहे थे। जसवंत सिंह के खिलाफ राजस्थान में भी अफीम तस्करी का मामला दर्ज है।पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। आगे की जांच जारी है ताकि नशा नेटवर्क के अन्य सदस्यों का भी खुलासा किया जा सके।
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Mar 19, 2026, 04:21 PM
मेडिकल यूनिवर्सिटी में बधिर और मूक महिला से बलात्कार के आरोप में सफाई कर्मचारी गिरफ्तार

मेडिकल यूनिवर्सिटी में बधिर और मूक महिला से बलात्कार के आरोप में सफाई कर्मचारी गिरफ्तार

Etawa News:इटावा जिले के सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। मानसिक रोग विभाग में नौ माह से भर्ती एक मूकबधिर महिला के साथ सफाई कर्मचारी ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे डाला। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान महिला के पांच माह के गर्भवती होने के खुलासे के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है आरोपी काफी समय दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने बताया कि 14 जून 2025 से मानसिक रोग विभाग में भर्ती करीब 38 वर्षीय एक अर्धविक्षिप्त महिला का 17 मार्च को मेडिकल परीक्षण किया गया। जांच में पता चला कि वह लगभग पांच माह की गर्भवती है। इस खुलासे के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल मामले की आंतरिक जांच शुरू की गई। आरोप है कि मानसिक रोग विभाग की पुरानी ओपीडी भवन की दूसरी मंजिल पर तैनात एक आउटसोर्स सफाई कर्मचारी ने इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की पहचान लखना निवासी रविंद्र के रूप में हुई है, जो सन फैसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के अधीन कार्यरत था। आरोपी कई महीनों से महिला के साथ दुष्कर्म कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने थाना पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र राठी ने बताया कि आरोपी रविंद्र को अमरसीपुर बंबा की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर प्रयागराज जिले के कोरांव थानाक्षेत्र में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने आरोपी विंध्यवासिनी को दोषी पाते हुए 11 वर्ष के कठोर कैद की सजा से दंडित किया है। इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक विनय कुमार तिवारी ने की।अदालत ने दोषी को धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत 11 वर्ष का कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 452 भा.दं.सं. के तहत 4 वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पीड़िता को 50 हजार रुपये का मुआवजा राज्य सरकार की ओर से दिया जाए, साथ ही जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़िता को प्रदान किए जाए।
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Mar 19, 2026, 03:55 PM
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी के आरोपी पूर्व आई. पी. एस. अधिकारी की पत्नी को अग्रिम जमानत दी

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी के आरोपी पूर्व आई. पी. एस. अधिकारी की पत्नी को अग्रिम जमानत दी

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में करीब ढाई दशक पुराने भूमि आवंटन मामले को लेकर चल रही कानूनी खींचतान में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के परिवार को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। नूतन ठाकुर पति के साथ ही धोखाधड़ी के मामले में सह अभियुक्त हैं। अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पिछले महीने ही अमिताभ ठाकुर देवरिया जेल से रिहा हुए थे। मामले की जड़ें वर्ष 1999 में छिपी हैं, जब अमिताभ ठाकुर देवरिया जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उस दौरान देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में नूतन ठाकुर के नाम पर एक प्लॉट का आवंटन कराया गया था। इस आवंटन प्रक्रिया में पहचान छिपाने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया। जांच में सामने आया कि दस्तावेजों में 'नूतन ठाकुर' की जगह 'नूतन देवी' और पति के नाम में 'अमिताभ' की जगह 'अभिजात' लिखा गया था। इस पुराने मामले को लेकर सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसे बाद में विवेचना के लिए देवरिया सदर कोतवाली स्थानांतरित कर दिया गया। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने 10 दिसंबर 2025 को पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को चलती ट्रेन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, फरवरी 2026 में उन्हें जिला जज की अदालत से जमानत मिलने पर रिहा किया गया। पति की गिरफ्तारी के बाद नूतन ठाकुर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। उन्होंने पहले देवरिया जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। नूतन ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि हाईकोर्ट में दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने माना कि यह मामला काफी पुराना है और आरोपी का सहयोग जांच में आवश्यक है, लेकिन गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में सक्रिय हस्तक्षेप करते रहे हैं। अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी को उनके समर्थकों ने 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया था। फिलहाल, नूतन ठाकुर को मिली इस राहत से पुलिस के उस ऐक्शन पर लगाम लग गई है, जिसके तहत उनकी गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही थी।
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Mar 19, 2026, 03:55 PM
राज्य के कर विभाग ने नोएडा में 80 फर्जी कंपनियों का भंडाफोड़ किया, पंजीकरण रद्द किया और कानूनी कार्यवाही शुरू की

राज्य के कर विभाग ने नोएडा में 80 फर्जी कंपनियों का भंडाफोड़ किया, पंजीकरण रद्द किया और कानूनी कार्यवाही शुरू की

-राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, नौ आरोपी अबतक गिरफ्तारऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं-1788 करोड़ से अधिक की कर मांग सृजितमाई सिटी रिपोर्टरग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर जोन नोएडा में राज्य कर विभाग ने बड़े स्तर पर कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 80 बोगस और अस्तित्वहीन फर्मों का पर्दाफाश किया है। विभाग द्वारा पंजीकृत फर्मों की रेकी और गहन जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि राज्य क्षेत्राधिकार के तहत पंजीकृत 20 फर्में तथा केंद्रीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत 60 फर्में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संचालित हो रही थीं।जांच में पाया गया कि इन फर्मों ने कपटपूर्ण तरीके से फर्जी प्रपत्रों के जरिए जीएसटी पंजीकरण हासिल किया था। जिनका मुख्य उद्देश्य कर चोरी करना था। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है और आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य कर विभाग के अनुसार इन बोगस फर्मों द्वारा कुल 1027 अन्य फर्मों को लगभग 637 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन की गई। इनमें से 455 फर्में उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं। जबकि 574 फर्में राज्य के बाहर स्थित हैं। यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ पाया गया है, जिससे कर चोरी का बड़ा जाल उजागर हुआ है। कार्रवाई के दौरान विभाग ने 78.27 करोड़ रुपये की आईटीसी को ब्लॉक कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित फर्मों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए अब तक 1788.99 करोड़ रुपये की कर मांग सृजित की गई है। इस प्रक्रिया में अब तक 162.89 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर मांग भी सृजित की गई है।विज्ञापनविज्ञापनशासन की कर चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में बोगस फर्मों के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सभी मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस और कर विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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Mar 19, 2026, 03:50 PM
भारतीय पुलिस ने दो कार चोरों को गिरफ्तार किया, चोरी किए गए पांच लक्जरी वाहन बरामद किए

भारतीय पुलिस ने दो कार चोरों को गिरफ्तार किया, चोरी किए गए पांच लक्जरी वाहन बरामद किए

संवाद न्यूज एजेंसीऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपूर्वी दिल्ली। शाहदरा जिले की पुलिस ने लग्जरी कारें चोरी कर दूसरे राज्यों में बेचने वाले दो चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की पांच कारें बरामद की हैं। आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी सहदेव साहनी (43) और उत्तम नगर निवासी योगेंद्र सैनी उर्फ योगेश (36) के रूप में हुई है।शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 11 मार्च को पुलिस को शाहदरा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कार चोरी की वारदातों में शामिल दो आरोपियों की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में छानबीन शुरू की और दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान सहदेव साहनी ने बताया कि वह योगेंद्र के साथ मिलकर कारें चोरी कर मुरादाबाद निवासी फैजान उर्फ फैज को बेचता है, जो इन्हें गुजरात के वापी भेज देता है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से वाहन चोरी के पांच मामले सुलझाने का दावा किया है।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 19, 2026, 03:41 PM
एन. आई. ए. ने भारत में कथित आतंकवादी गतिविधियों के लिए सात विदेशियों को गिरफ्तार किया

एन. आई. ए. ने भारत में कथित आतंकवादी गतिविधियों के लिए सात विदेशियों को गिरफ्तार किया

विस्तारAdd as a preferredsource on googleराष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को मिजोरम में बिना जरूरी अनुमति के प्रवेश करने और भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये सभी वैध वीजा के साथ भारत आए थे। लेकिन मिजोरम में प्रवेश के लिए जरूरी प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट के बिना जाने की कोशिश कर रहे थे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंयूक्रेन के तीन नागरिकों को लखनऊ और तीन को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। जबकि एक अमेरिकी नागरिक को आव्रजन विभाग ने कोलकाता हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया। इसके बाद सभी दिल्ली लाकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उन्हें पहले तीन दिन की हिरासत में भेज दिया गया। बाद में 16 मार्च को उनकी हिरासत 27 मार्च तक बढ़ा दी गई।विज्ञापनविज्ञापनइन सभी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। यूक्रेन ने गुरुवार को इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग की और जांच में सहयोग करने की इच्छा भी जताई। यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह भारत में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों में अपनी सरकार की भूमिका से जुड़े किसी भी आरोप को पूरी तरह खारिज करता है।रूस की भूमिका के दावों पर क्या कहा?यूक्रेन के दूतावास ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर भी आपत्ति जताई, जिनमें कहा गया था कि इस मामले में रूस से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई शुरू हुई। भारत ने यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने इस हफ्ते विदेश मंत्रालय के अधिकारी सिबी जॉर्ज से मुलाकात की और यूक्रेनी नागरिकों से मिलने की अनुमति मांगी।'राजनीति से प्रेरित मामले के संकेत'दूतावास ने एक बयान में कहा कि इस मामले में कुछ ऐसे संकेत हैं, जो इसे योजनाबद्ध और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला बताते हैं, जिस पर उसे गंभीर चिंता है। यूक्रेन ने दोहराया कि वह किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन नहीं करता और ऐसे आरोपों को सख्ती के साथ खारिज करता है।ये भी पढ़ें:अमेरिकी और यूक्रेनियों की गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय का अहम अपडेट, चाबहार बंदरगाह को लेकर कही यह बातभारत और यूक्रेन के संयुक्त बयान का दिया हवालादूतावास ने अगस्त 2024 में जारी भारत-यूक्रेन के संयुक्त बयान का भी हवाला दिया। इस बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद की सख्त निंदा की थी और कहा था कि इसके लिए कोई भी बहाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। यूक्रेन ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े किसी भी आरोप की जांच केवल पुख्ता तथ्यों, पारदर्शी प्रक्रिया और दोनों देशों के सहयोग के आधार पर होनी चाहिए।यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह इस मामले में भारत के साथ सक्रिय सहयोग करने के लिए तैयार है, खासकर आपराधिक मामलों में आपसी कानूनी सहायता के समझौते के तहत। दूतावास ने कहा कि यूक्रेन का ऐसा कोई इरादा नहीं है, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो। इसके विपरीत, यूक्रेन ने कहा कि वह भारत के साथ सुरक्षा, भरोसे और सहयोग को मजबूत करने का समर्थक है। यूक्रेन ने आरोप लगाया कि रूस एक आक्रामक देश के रूप में भारत और यूक्रेन जैसे मित्र देशों के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश करता है।
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Mar 19, 2026, 03:40 PM
वैवाहिक साइटों और सोशल मीडिया पर महिलाओं को धोखा देने के आरोप में नाइजीरियाई युवक गिरफ्तार

वैवाहिक साइटों और सोशल मीडिया पर महिलाओं को धोखा देने के आरोप में नाइजीरियाई युवक गिरफ्तार

- आरोपी नाइजीरियाई को साइबर थाने की पुलिस ने पकड़ा, मैट्रिमोनियल साइट व सोशल मीडिया पर महिलाओं को देता था झांसाऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमाई सिटी रिपोर्टरनोएडा। प्यार के नाम पर भरोसा और भरोसे के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सरगना को साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी नाइजीरियाई युवक को पुलिस की टीम ने बृहस्पतिवार को फरीदाबाद से पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी मैट्रिमोनियल साइट और सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को झांसा देता था। आरोपी के पास से पांच मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, विदेशी मुद्रा व कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर थाने की टीम ने बृहस्पतिवार को नाइजीरिया निवासी 38 वर्षीय सैमुअल ओगुन उर्फ स्टेपनी डेरिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी मैट्रिमोनियल साइट्स पर शादी का झांसा देकर महिलाओं से दोस्ती करता था। वह अपनी असली पहचान छिपाकर खुद को बड़ा बिजनेसमैन से लेकर अधिकारी बताता था। अलग-अलग देश घूमने का फर्जी प्रोफाइल सोशल मीडिया डालकर व्हाट्सएप पर आकर्षक डीपी लगाता था। आकर्षक प्रोफाइल फोटो लगाकर महिलाओं से दोस्ती करता और धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसा लेता था। इसके बाद वह शादी का झांसा देता और कहता कि वह विदेश से अपना कारोबार समेटकर भारत आ रहा है। महिला को विश्वास दिलाने के लिए उसे फर्जी टिकट व वीजा भेजता था। बाद में एयरपोर्ट पर कस्टम क्लियरेंस के नाम पर करोड़ों की ठगी की वारदात को अंजाम देता था। महिलाएं उसके झांसे में आकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर देती थीं। इसके साथ ही आरोपी फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों से ठगी करता था। आरोपी ने दिल्ली एनसीआर में इस तरह की कई ठगी की घटनाएं की हैं। नोएडा साइबर क्राइम थाने में पहले से इस आरोपी के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। एक मामले में आरोपी ने एक महिला से करीब 56 लाख रुपये और दूसरे मामले में 1 करोड़ 26 लाख रुपये की ठगी की है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी आरोपी के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।विज्ञापनविज्ञापनइस तरह से करता था ठगी:गिरफ्तार नाइजीरियाई गैंग का आरोपी पहले खुद को बैंक अफसर या फिर लॉटरी लगने की बात बताकर महिलाओं को झांसे में लेता था। अब नए पैटर्न में खुद को एक बड़ी कंपनी का मालिक, मल्टीनेशनल कंपनी के अधिकारी, बिजनेसमैन बताकर महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें झांसे में ले रहा था। फिर महंगे विदेशी गिफ्ट भेजने का बहाना बनाकर उनसे कस्टम ड्यूटी के नाम पर लाखों रुपये की वसूली करता था। इसके साथ ही हर्बल उत्पादों, नकली बाल आदि का बिजनेस करने के नाम पर भी साइबर जालसाजी करता था।एक साथ 10 से अधिक महिलाओं से करता था बात :जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक साथ कई अलग-अलग नाम से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। इसी तरह मैट्रिमोनियल साइट पर भी इसी तरह से अपनी उपस्थिति दर्ज कराता था। उसके पास से अलग-अलग नाम और नागरिकता के पासपोर्ट बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, जब एक पासपोर्ट अमान्य हो गया तो उसने दूसरे देश जाकर नई पहचान के साथ नया पासपोर्ट बनवाया और फिर भारत आ गया। आरोपी एक साथ 10 से अधिक महिलाओं के संपर्क में रहता था।ऐसे बरतें सावधानी- अगर वैवाहिक साइट पर किसी से दोस्ती हुई है और उससे बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ है तो चैटिंग के दौरान अपनी सारी जानकारी उसे न दें। खासकर निजी और बैंकिंग जानकारी देने से बचें।- अगर बातचीत में सामने वाला आपसे गैरजरूरी सवाल करे तो आपको अलर्ट रहने की जरूरत है।- वैवाहिक साइट पर मिले रिश्तों से अगर पहली बार मिलने जा रहे हैं तो अकेले जाने से बचना चाहिए।- कभी भी इस तरह के केस में मुलाकात होटल या रेस्टोरेंट में न करके किसी सार्वजनिक स्थान में करें।-अगर रिश्ते के लिए बातचीत के दौरान सामने वाला किसी तरह से कुछ पैसे मांगे तो फौरन उसे मना कर दें।- वीजा या कस्टम जैसे मामलों में फंसे होने की बात कहकर पैसे मांग जाएं तो फौरन मना करें और पुलिस को सूचना दें।
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Mar 19, 2026, 03:29 PM
बलात्कार की जांच में लापरवाही के लिए नोएडा पुलिस अधिकारी निलंबित

बलात्कार की जांच में लापरवाही के लिए नोएडा पुलिस अधिकारी निलंबित

जांच में लापरवाही बरतने पर प्रभारी निरीक्षक समेत दो निलंबितऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं- डीसीपी सेंट्रल नोएडा से स्पष्टïीकरण व एसीपी की प्रारंभिक जांच होगीमाई सिटी रिपोर्टरनोएडा। युवती का धर्म परिवर्तन व दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने के मामले में पुलिस कमिश्नर ने कोतवाली फेज-3 के प्रभारी निरीक्षक पुनीत ङ्क्षसंह और जांच अधिकारी महिला एसआई प्रीति गुप्ता को निलंबित कर दिया है। वहीं डीसीपी सेंट्रल से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। एसीपी की प्रारंभिक जांच होगी। पुलिस कमिश्नर ने यह आदेश बृहस्पतिवार को जारी किया है।कोतवाली फेज-3 पुलिस से कुछ दिन पहले एक युवती ने शिकायत की थी कि युवक ने धर्म छिपाकर उससे दोस्ती की और शादी का झांसा दिया। इसके बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। इसके बाद आरोपी ने युवती का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म किया। आरोप है कि इस मामले की गंभीरता को देखकर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने मंगलवार शाम को थाने का घेराव किया था और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस मामले का संज्ञान लिया और डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही एसीपी सेंट्रल नोएडा उमेश यादव को मामले की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए थे। कोतवाली फेज-3 प्रभारी पुनीत कुमार सिंह और विवेचक उपनिरीक्षक प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस मामले में उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं नहीं लगाई गईं थी।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 19, 2026, 03:23 PM
भारतीय पुलिस ने ट्रेन छापे में एक करोड़ रुपये का सोना और चांदी बरामद की

भारतीय पुलिस ने ट्रेन छापे में एक करोड़ रुपये का सोना और चांदी बरामद की

विस्तारAdd as a preferredsource on googleभागलपुर रेल पुलिस (जीआरपी और आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़े छापेमारी अभियान में लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के तहत की गई।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंहावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस से दो आरोपी गिरफ्तारपुलिस ने डाउन हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस में सवार दो अपराधियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने महेशपुर, बबरगंज थाना क्षेत्र में किराए के मकान की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने वहां छापेमारी कर आधा किलो सोना और डेढ़ किलो चांदी समेत छोटे-बड़े जेवरात जब्त किए।विज्ञापनविज्ञापनसंजय यादव का रहा है आपराधिक इतिहासगिरफ्तार अभियुक्तों में 50 वर्षीय संजय यादव, मुंगेर जिले के बरियारपुर निवासी और 20 वर्षीय पलटू साहनी, नवगछिया के परबत्ता थाना क्षेत्र के राघोपुर निवासी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि संजय यादव का आपराधिक इतिहास काफी गंभीर है और वह हत्या जैसे संगीन मामलों में भी आरोपी रह चुका है।ये भी पढ़ें:बिहार में अल्ट्राटेक सिमेंट करेगी ₹1,200 करोड़ का निवेश, बांका में स्थापित होगी इकाईपुलिस ने क्या बताया?रेल एसआरपी विद्या कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार अपराधियों का बड़ा नेटवर्क है, जो आस-पास के क्षेत्रों में सक्रिय है और पुलिस जल्द ही इसे ध्वस्त करने की योजना बना रही है। उन्होंने टीम की इस बड़ी सफलता की सराहना की और ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को रिवार्ड देने की अनुशंसा भी की। यह छापेमारी यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में रेल पुलिस की सतत कोशिशों का नतीजा है।विज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News App, iOSHindi News AppऔरAmarujala Hindi News APPअपने मोबाइल पे|Get allIndia Newsin Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and morenews in Hindi.
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Mar 19, 2026, 03:13 PM
गैंगस्टर रवि काना ने नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष के खिलाफ धमकी के मामले में अग्रिम जमानत मांगी

गैंगस्टर रवि काना ने नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष के खिलाफ धमकी के मामले में अग्रिम जमानत मांगी

- नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष को धमकी देकर मांगे थे 5 करोड़ रुपयेऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं- मामले में 25 मार्च को जिला अदालत में होगी सुनवाईमाई सिटी रिपोर्टरग्रेटर नोएडा। नोएडा की सड़कों पर एक आम-सी रात अचानक सनसनीखेज वारदात में बदल गई थी, जब मीडिया की आवाज को खामोश करने की कोशिश में बदमाशों ने बंदूक की नोक पर डर का खेल खेला।21 फरवरी को सेक्टर-133 से लौट रहे नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक कुमार द्विवेदी को बीच रास्ते रोककर न सिर्फ जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि 5 करोड़ रुपये की रंगदारी भी मांगी गई।हमलावरों ने खुलेआम कुख्यात गैंगस्टर रवि काना का नाम लेकर चेतावनी दी कि अगर उन्होंने गैंग के खिलाफ खबरें प्रकाशित करना बंद नहीं किया और पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो अंजाम बेहद खतरनाक होगा। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में खुद रवि काना ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है, जिस पर 25 मार्च को सुनवाई होनी है।विज्ञापनविज्ञापनअभियोजन के अनुसार सेक्टर-62 इंडियन ऑयल अपॉर्टमेंट निवासी आलोक कुमार द्विवेदी वर्तमान में नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष हैं। 21 फरवरी की रात वह अपनी कार से सेक्टर-133 में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। सेक्टर-42 के जंगल के पास दो बाइक सवार युवकों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली। दोनों युवकों ने अपने कपड़ों में छिपाए असलहे निकाल लिए और गाली-गलौज करते हुए कहा कि रवि काना जेल से बाहर आ गया है। हमारा साथी पंकज पराशर जेल चला गया है और अब पीड़ित उसके स्थान पर मीडिया क्लब का अध्यक्ष बन गया है। बदमाशों ने कहा अध्यक्ष बनने के बाद से पीड़ित द्वारा उनके गैंग के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित कराई जा रही हैं। यदि पीड़ित ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया और गैंग के खिलाफ खबरें प्रकाशित करना बंद नहीं किया, तो उसे जान से हाथ धोना पड़ेगा।आरोपियों ने कहा कि अगर जान बचानी है तो पिछले एक डेढ़ साल में रवि काना और पंकज पराशर गैंग के धंधे को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए सात दिन के भीतर 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने की भी धमकी दी। रवि काना गैंग पहले भी शहर के पत्रकारों और अन्य लोगों को धमकी देकर अवैध वसूली कर चुका है।सेक्टर-63 कोतवाली में दर्ज मामले में होगी सुनवाईःसेक्टर-63 कोतवाली में दर्ज रंगदारी के मामले में रवि काना को मिली अग्रिम जमानत याचिका खारिज कराने के लिए 25 मार्च को सुनवाई होगी। मामले में आरोपी को पिछले माह फरवरी में अदालत ने अग्रिम जमानत प्रदान कर एक सप्ताह के भीतर पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था। मगर आरोपी की ओर से एनकाउंटर के डर से पुलिस के पास पेश होने का हवाला देकर छूट की मांग की गई है। रवि काना के अधिवक्ता ललित मोहन गुप्ता का कहना है कि दोनों मामले में 25 मार्च को सुनवाई होगी।
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Mar 19, 2026, 03:09 PM
रिलायंस कम्युनिकेशंस के अध्यक्ष अनिल अंबानी से सीबीआई ने 19,694 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में पूछताछ की

रिलायंस कम्युनिकेशंस के अध्यक्ष अनिल अंबानी से सीबीआई ने 19,694 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में पूछताछ की

देश के बड़े बैंक फ्रॉड मामलों में आरोपी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके चेयरमैन अनिल अंबानी पर शिकंजा कसता जा रहा है. सीबीआई ने इस मामले में गुरुवार कोअनिल अंबानी को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में पूछताछके लिए बुलाया, जहां उनसे करीब 8 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई. एजेंसी ने उन्हें शुक्रवार को फिर से पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है. संकेत साफ हैं कि मामले की जांच अभी और गहराई तक जाएगी.पूरा मामला 19 हजार करोड़ से ज्यादा काइस मामले की शुरुआत 21 अगस्त 2025 को हुई थी, जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर सीबीआई ने केस दर्ज किया. एसबीआई की अगुआई में 11 बैंकों के कंसोर्टियम का आरोप है कि 2013 से 2017 के बीच रिलायंस कम्युनिकेशंस ने लोन के पैसों का बड़े स्तर पर गलत इस्तेमाल किया और ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों के बीच घुमा-फिराकर ट्रांजैक्शन किए. इससे सिर्फ SBI को ही करीब 2929.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि कुल एक्सपोजर 19,694 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया गया है.सिर्फ एक बैंक तक सीमित नहीं केससीबीआई की जांच में सामने आया है कि यह सिर्फ एक बैंक तक सीमित मामला नहीं है. SBI के अलावा पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, IDBI बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत कई बैंकों ने भी बाद में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं. इसके बाद 25 फरवरी 2026 और 5 मार्च 2026 को सीबीआई ने दो नए केस दर्ज किए, जिनमें बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक की शिकायतें शामिल हैं.अनिल अंबानी के यहां छापे में मिले थे सबूतजांच के दौरान CBI ने मुंबई में रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो दफ्तरों और अनिल अंबानी के घर पर 23 अगस्त 2025 को छापेमारी की थी. इस दौरान एजेंसी को कई अहम दस्तावेज और सबूत मिलने का दावा किया गया, जो इस पूरे कथित घोटाले की परतें खोलने में मददगार साबित हो रहे हैं.किन लोगों की मिलीभगत, CBI लगा रही पताअब सीबीआई का फोकस यह समझने पर है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर फंड का डायवर्जन कैसे हुआ, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसमें किसी सरकारी अधिकारी की भी मिलीभगत थी? अनिल अंबानी से लगातार हो रही पूछताछ से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.ये भी देखें- अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल तक पहुंची CBI जांच की आंच, 228 करोड़ के फ्रॉड मामले में सुबह से शाम तक हुई पूछताछ
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Mar 19, 2026, 03:05 PM
अलीपुर इलाके में ड्रग्स लेने से मना करने पर महिला पर चाकू से हमला

अलीपुर इलाके में ड्रग्स लेने से मना करने पर महिला पर चाकू से हमला

अलीपुर इलाके की घटना, महिला का अस्पताल में चल रहा इलाजऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं-पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में दे रही है दबिशअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली।अलीपुर इलाके में नशा करने से मना करने पर एक युवक ने सहमति संबंध में रहने वाली महिला पर चाकू से हमला कर दिया। पीड़िता की पहचान नेहा मिश्रा के रूप में हुई है। घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से भाग गया। महिला को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़िता के बयान पर पुलिस ने हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस हमलावर की तलाश कर रही है।जानकारी के मुताबिक नेहा मिश्रा बख्तावरपुर के तिग्गीपुर गांव में अपनी पांच साल की बेटी और संतोष नाम के युवक के साथ सहमति संबंध में रहती हैं। वह कोठियों में सफाई काम करती है। अलीपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में नेहा ने बताया कि उसकी 2018 में ललित नाम युवक से शादी हुई थी। वह बुराड़ी में रहने वाले संतोष की गाड़ी चलाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात संतोष से हुई। संतोष से मिलने जुलने पर उसकी पति से अनबन होने लगी। साढ़े चार साल पहले पति उसे छोड़कर लखनऊ जाकर टैक्सी चलाने लगा। उसके बाद से वह संतोष के साथ सहमति संबंध में रहने लगी। संतोष पहले से शादीशुदा था। संतोष बुराड़ी में पत्नी और दो बेटे के साथ रहता था। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि पिछले सात महीने में संतोष शराब पीने लगा था। होली वाले दिन झगड़ा के दौरान वह अपनी पहली पत्नी के साथ रहने की धमकी देने लगा। नेहा का आरोप है कि 17 मार्च की शाम संतोष ने घर में बैठकर काफी शराब पी जब उसने मना किया तो आरोपी ने हमला कर दिया।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 19, 2026, 03:04 PM
भारतीय आयकर विभाग ने बिंदल के पेपर्स मिल्स लिमिटेड पर छापे मारे

भारतीय आयकर विभाग ने बिंदल के पेपर्स मिल्स लिमिटेड पर छापे मारे

विस्तारAdd as a preferredsource on googleमुजफ्फरनगर में आयकर विभाग की ओर से मेसर्स बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड, उसके निदेशकों और समूह से संबद्ध अन्य संस्थाओं के परिसरों की तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। अब तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और पंद्रह करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण बरामद किए गए। गन्ने की खोई और अन्य कच्चे माल की बड़ी मात्रा में अघोषित खरीद की गईऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंबृहस्पतिवार को भी आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। ग्रुप के कागज उत्पादन से जुड़े कारोबार में 50 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध खरीद का भी पता चला है। विभाग को संकेत मिले हैं कि समूह ने चीनी और कागज दोनों क्षेत्रों में वास्तविक लाभ छिपाने का प्रयास किया। कागज की अघोषित बिक्री से संबंधित तथ्य भी सामने आए हैं।विज्ञापनविज्ञापनसमूह ने आयकर अधिनियम के अंतर्गत लगभग 171.3 करोड़ रुपये की कटौती का दावा किया गया है, जिसे विभाग की प्रारंभिक जांच में नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया है। जांच जारी रहने के बावजूद फैक्टरी के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और समूह की सभी इकाइयां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं।यह भी पढ़ें:Saharanpur: शादी में लिया एक रुपया व नारियल, मेजर ने कैप्टन दुल्हन संग रचाई शादी, दहेज के खिलाफ दिया संदेशरडार पर कर्मचारी...लेखा-पुस्तकों में अनियमितताआयकर विभाग की टीम ने दूसरे दिन समूह के प्रमुख कर्मचारियों के बयान दर्ज करने का सिलसिला शुरू किया। बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड (बीपीएमएल) के आंतरिक लेखाकार और विद्युत संयंत्र के महाप्रबंधक के बयान लिए गए।जांच में पता चला कि कागज इकाई, विद्युत संयंत्र और चीनी इकाई के लिए अलग-अलग लेखा-पुस्तकें नहीं रखी जा रही थीं। तलाशी के दौरान भी बीपीएमएल के कार्यालयों अथवा निदेशकों के आवास से इन इकाइयों से संबंधित अलग-अलग लेखा-पुस्तकें प्राप्त नहीं हुईं।उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, केवल समेकित लेखा-पुस्तकें और ट्रायल बैलेंस ही कार्यालय में पाए गए हैं। इस स्थिति में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80आईए के अंतर्गत दावा की गई 171.3 करोड़ रुपये की कटौती भी संदिग्ध हो गई है।लेखा-पुस्तकों में अनियमितताबिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड (बीपीएमएल) के आंतरिक लेखाकार और विद्युत संयंत्र के महाप्रबंधक ने अपने बयानों में स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि कागज इकाई, विद्युत संयंत्र और चीनी इकाई के लिए अलग-अलग लेखा-पुस्तकें नहीं रखी जा रही थीं।तलाशी के दौरान भी बीपीएमएल के कार्यालयों अथवा निदेशकों के आवास से इन इकाइयों से संबंधित अलग-अलग लेखा-पुस्तकें प्राप्त नहीं हुईं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, केवल समेकित लेखा-पुस्तकें और ट्रायल बैलेंस ही कार्यालय में पाए गए हैं। इस स्थिति में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80आईए के अंतर्गत दावा की गई 171.3 करोड़ रुपये की कटौती को अस्वीकार किए जाने की संभावना है।अघोषित खरीद और बिक्री के खुलासेजांच में गन्ने की खोई और अन्य कच्चे माल की अघोषित खरीद का खुलासा हुआ है। कागज उत्पादन से संबंधित पचास करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध या फर्जी खरीद का भी पता चला है।विभाग का मानना है कि समूह ने चीनी और कागज दोनों क्षेत्रों में अपने वास्तविक लाभ को छिपाने की कोशिश की। इसके अतिरिक्त, कागज की अघोषित बिक्री से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। आयकर विभाग द्वारा आवश्यक जांच और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया अभी जारी है तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।कच्चे माल की खरीद का हिसाब नहीं, लाभ भी छिपाया गयाजांच में गन्ने की खोई और अन्य कच्चे माल की अघोषित खरीद का खुलासा हुआ है। कागज उत्पादन से संबंधित पचास करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध या फर्जी खरीद का भी पता चला है। आयकर विभाग का मानना है कि समूह ने चीनी और कागज दोनों क्षेत्रों में अपने वास्तविक लाभ को छिपाने की कोशिश की। कागज की अघोषित बिक्री से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। आयकर विभाग द्वारा आवश्यक जांच और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया अभी जारी है।
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Amar Ujala
Mar 19, 2026, 03:03 PM
नोएडा बार एसोसिएशन की बैठक में चैंबर निर्माण निधि पर ध्यान केंद्रित किया गया

नोएडा बार एसोसिएशन की बैठक में चैंबर निर्माण निधि पर ध्यान केंद्रित किया गया

फोटोऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंग्रेटर नोएडा। सूरजपुर स्थित बार सभागार में बृहस्पतिवार को हुई जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन की आम सभा की बैठक में चैंबर निर्माण की प्रक्रिया को रफ्तार देने पर चर्चा की गई। बैठक के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी और सचिव शोभाराम चंदीला एडवोकेट ने बताया कि चैंबर निर्माण के लिए वित्तीय व्यवस्था के लिए बार की एफडी को चैंबर निर्माण कमेटी के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके लिए अलग बैंक खाता खुलेगा, जिसका संचालन तीन वरिष्ठ अधिवक्ता करेंगे। ब्यूरो
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Mar 19, 2026, 03:02 PM
नोएडा में धमकी देने के आरोप में व्यवसायी ने पूर्व साथी के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

नोएडा में धमकी देने के आरोप में व्यवसायी ने पूर्व साथी के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

नोएडा। व्यावसायिक रंजिश में एक कारोबारी को धमकी देने का मामला सामने आया है। कारोबारी ने इस मामले में पूर्व साझेदार व बिल्डिंग मालिक पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली फेज-3 में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सेक्टर 88 में रहने वाले मनुवीर त्यागी का हैंडीक्राफ्ट का काम है। उन्होंने सेक्टर 67 में लोकेश चौहान की बिल्डिंग किराये पर ली हुई है और वह साझेदार भी थे। आरोप है कि मनुवीर ने सेक्टर 67 से कार्यालय सेक्टर 88 में शिफ्ट कर लिया। वह वर्तमान में सचिन के साथ मिलकर हैंडक्राफ्ट का कारोबार कर रहे हैं। आरोप है कि लोकेश उनसे रंजिश मानता है। 13 मार्च को लोकेश ने अपने वाट्सअप नंबर से कॉल की और गुंडे से पिटवाने की धमकी दी। एसीपी उमेश यादव का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। ब्यूरोऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Mar 19, 2026, 02:50 PM
अहमदाबाद पुलिस ने योग फाउंडेशन से जुड़े बड़े नकली मुद्रा रैकेट का भंडाफोड़ किया

अहमदाबाद पुलिस ने योग फाउंडेशन से जुड़े बड़े नकली मुद्रा रैकेट का भंडाफोड़ किया

अहमदाबाद:गुजरात की अहमदाबार शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने योगा फाउंडेशन के व्हीकल से नकली नोटों के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 2.38 करोड़ के नकली नोटों की करेंसी के साथ कुल सात लोगों को अरेस्ट किया है। इसमें अध्यात्मिक संत बने प्रदीप गुरुजी और एक महिला के साथ पांच अन्य शामिल हैं। पुलिस सत्यम योग फाउंडेशन के वाहन से नकली करेंसी के साथ साजोसमान जब्त किया है। पुलिस के अनुसार संत बने प्रदीप गुरुजी का असली नाम प्रदीप जोतांगिया है। पुलिस के अनुसार नकली नोटों की गोरखधंधे का वही मुख्य आरोपी है। पुलिस के अनुसार वह कथित तौर पर आध्यात्मिक गतिविधियों की आड़ में यह काम करता था। पुलिस की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि नकली नोट कैसे और किस तरह से बनाए गए?अहमदाबाद में नकली करेंसी मिलीगुरुवार कोअहमदाबाद क्राइम ब्रांचने अमराईवाड़ी इलाके में एक नकली करेंसी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सूरत तक फैला हुआ। स्वयंभू घोषित अध्यात्मिक संत प्रदीप गुरुजी योग फाउंडेशन की आड़ में यह काम करता था। पुलिस ने मौके से एक महिला समेत छह लोगों को पकड़ा। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में नकली करेंसी की एक बड़ी खेप आने की खास खुफिया जानकारी मिलने पर टीमों ने रात भर अमराईवाड़ी पर कड़ी नजर रखी। जब संदिग्ध हरकतें देखी गईं, तो अधिकारी तुरंत अंदर गए और संदिग्धों को पकड़ लिया। अधिकारियों को पता चला कि नकली करेंसी सत्यम योग फाउंडेशन से जुड़ी एक गाड़ी में ले जाई जा रही थी।गाड़ियों पर मंत्रालय के निशानपुलिस की जांच में सामने आया है कि गाड़ी परभारत सरकार और आयुष मंत्रालय के निशानभी थे, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर शक से बचने और जगहों पर आसानी से ले जाने के लिए किया गया था। जैसे-जैसे जांच बढ़ी, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सूरत पुलिस के साथ कोऑर्डिनेट किया, जिससे 80 लाख रुपये के और नकली नोट जब्त किए गए। इससे कुल रिकवरी 2.9 करोड़ रुपये हो गई। पूछताछ में सामने आया कि नकली करेंसी वराछा, सूरत में छापी जा रही थी। इस जानकारी के आधार पर, क्राइम ब्रांच की टीमों ने लोकल पुलिस के साथ मिलकर उस जगह पर छापा मारा और एक प्रिंटिंग सेटअप का पता लगाया। नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, कच्चा माल और डॉक्यूमेंट्स ज़ब्त किए गए, जिससे एक पूरी तरह से काम कर रही गैर-कानूनी यूनिट का पता चला।पराडी गांव में चल रहा था फाउंडेशनपुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गोरखधंधा सूरत के कामरेज में आने वाले पारडी गांव से चल रहा था। यहीं पर श्री सत्यम योग फाउंडेशन आश्रम है। पुलिस को जानकारी मिली हैं कि प्रदीप गुरुजी सत्यम योग एंड हेल्थ सेंटर नाम से राजकोट में योग क्लास चला रहे थे। पुलिस ने वहां भी जांच शुरू की है। क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने कहा कि आरोपियों ने एक स्कीम बनाई थी जिसमें वे असली 500 रुपये के नोट देते थे और बदले में 1,500 रुपये के नकली नोट लेते थे। एक प्लान की गई डील में उनका इरादा 66 लाख रुपये की असली करेंसी को 2 करोड़ रुपये के नकली नोटों से बदलने का था।कैसे बनाएं नकली नोट?क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलीबाबा डिजिटल पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करके चीनी सोर्स से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मार्किंग (RBI और भारत) जैसा सिक्योरिटी थ्रेड पेपर खरीदा था। इसके अलावा यह भी पता चला कि नकली नोटों के डिजाइन, लेआउट और विजुअल फीचर को असली भारतीय करेंसी जैसा बनाने के लिए फोटो-एडिटिंग सॉफ्टवेयर और ChatGPT जैसे AI-बेस्ड प्लेफॉर्म जैसे डिजिटल टूल का इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों में से एक को इसमें महारत हासिल थी
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Mar 19, 2026, 02:47 PM
सोशल मीडिया विवाद पर भड़की हिंसाः सुल्तानपुरी घटना में मोमो की दुकान को निशाना बनाया गया

सोशल मीडिया विवाद पर भड़की हिंसाः सुल्तानपुरी घटना में मोमो की दुकान को निशाना बनाया गया

सुल्तानपुरी की घटना, हमलावरों ने मोमोज सहित अन्य समान भी फेंके, पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान करने में जुटीऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली।सुल्तानपुरी इलाके में बुधवार की रात कुछ बदमाशों ने पुरानी रंजिश में सोशल मीडिया पर पोस्ट हुए विवाद के बाद मोमोज स्टॉल पर फायरिंग की और सामान फेंककर भाग गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और पीड़ित इरफान की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपियों की पहचान करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार रात करीब 10.44 बजे पुलिस को गोलीबारी किए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सुल्तानपुरी थाना पुलिस ए ब्लॉक सुल्तानपुरी पहुंची। जहां सूचना देने वाला इरफान मौजूद था। उसने बताया कि वह ए ब्लॉक इलाके में अपने परिवार के साथ रहता है और ए-4 ब्लॉक रोड पर मोमोज का एक फूड स्टॉल चलाता है। उसने आरोप लगाया कि कुछ लोग अचानक उसके फूड स्टॉल पर आए और उसके खाने का सामान फेंक दिया। एक हमलावर ने भागने से पहले हवा में गोली चलाई। हालांकि गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 19, 2026, 02:41 PM
सी. आई. ए. स्टाफ टीम ने जालंधर में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया, हथियार बरामद किए

सी. आई. ए. स्टाफ टीम ने जालंधर में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया, हथियार बरामद किए

विस्तारAdd as a preferredsource on googleकमिश्नरेट जालंधर की सीआईए स्टाफ टीम ने बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे दो बदमाशों को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से .32 बोर के 2 पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस कमिश्नर जालंधर श्रीमती धन्नप्रीत कौर के दिशा-निर्देशों तथा डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों की निगरानी में सीआईए स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरिंदर कुमार की टीम द्वारा की गई।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसीआई स्टाफ की टीम डीएवी कॉलेज फ्लाईओवर, कबीर नगर, जालंधर के पास गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को काबू किया। गिरफ्तार आरोपी हरप्रीत लाल उर्फ हैप्पी निवासी गांव फोलड़ीवाल जालंधर और साजन गिल उर्फ गब्बर निवासी खांबड़ा कॉलोनी थाना सदर जालंधर पर कई मामले दर्ज हैं।विज्ञापनविज्ञापनदोनों के पास से एक-एक .32 बोर पिस्टल, मैगजीन सहित एक-एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन 1 में आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।गिरफ्तार आरोपी हरप्रीत लाल उर्फ हैप्पी के खिलाफ पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट, हत्या की कोशिश, चोरी और अन्य धाराएं शामिल हैं। उसके खिलाफ कपूरथला, जालंधर और मोहाली में कई केस दर्ज हैं। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने और किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है तथा इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी घटना को टाल दिया गया है।पूछताछ में बड़े खुलासेसाजन गिल उर्फ गब्बर ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह जोगा फोलड़ीवाल के कहने पर फगवाड़ा में 12 जनवरी 2026 को एक दुकान पर फायरिंग कर चुका है।उसने बताया कि जोगा के निर्देश पर हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई तथा भगोड़े अपराधियों की देखभाल का काम करता था, जिसके बदले उसे पैसे भेजे जाते थे। वहीं, हरप्रीत लाल उर्फ हैप्पी ने भी स्वीकार किया कि जोगा (विदेश में बैठा आरोपी) के कहने पर वह हथियार और नशे की सप्लाई से जुड़ा काम करता था।
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Mar 19, 2026, 02:40 PM
हथियारबंद डकैतीः सूरजपुर कोटवाली में बंदूक की नोक पर मर्सिडीज-बेंज कार चोरी

हथियारबंद डकैतीः सूरजपुर कोटवाली में बंदूक की नोक पर मर्सिडीज-बेंज कार चोरी

माई सिटी रिपोर्टरऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट के आदेश पर क्षेत्र में हथियार के बल पर मर्सिडीज कार लूट के मामले में केस दर्ज किया है। बरेली निवासी महेंद्र कुमार ने दी गई शिकायत में बताया कि वह 25 नवंबर 2025 को किसी काम से जिला न्यायालय गौतमबुद्ध नगर सूरजपुर आया था। वह अपनी बहन मिथलेश कुमारी की मर्सिडीज-बेंज कार लेकर आया था। जब वह कलेक्ट्रेट के पीछे खाली जगह में गाड़ी खड़ी कर रहा था। तभी दो अज्ञात युवक उसके पास पहुंचे। दोनों ने मास्क और हुडी पहन रखी थी। दोनों युवकों ने पहले उससे कन्हैया कुमार नाम के व्यक्ति के बारे में पूछताछ की। महेंद्र के मना करने पर उन्होंने उस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। इसके बाद एक युवक ने तमंचा निकालकर उसे धमकाया और जबरन गाड़ी में बैठा लिया। एक आरोपी आगे की सीट पर और दूसरा पीछे बैठ गया। आरोपियों ने उसे गाड़ी चलाने के लिए मजबूर किया और कुछ दूरी तक ले जाने के बाद सुनसान स्थान पर रोक लिया। वहां आरोपियों ने उससे गाड़ी की चाबी छीन ली और जान से मारने की धमकी देकर उसे नीचे उतार दिया। इसके बाद दोनों आरोपी कार लेकर फरार हो गए। जब कई दिनों तक पुलिस से मदद नहीं मिली तो कोर्ट से गुहार लगाई है।
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Mar 19, 2026, 02:32 PM
उत्तराखंड के जिम मालिक ने उत्पीड़न मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर प्राथमिकी रद्द करने की मांग की

उत्तराखंड के जिम मालिक ने उत्पीड़न मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर प्राथमिकी रद्द करने की मांग की

नैनीताल:उत्तराखंड के कोटद्वार के जिम मालिक दीपक कुमार की याचिका पर उत्तराखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के क्रम में हाई कोर्ट ने दीपक पर मामले को सनसनीखेज बनाने की बात कही। दरअसल, कोटद्वार में 28 जनवरी को बजरंग दल के लिए सदस्यों ने कथित तौर पर मुस्लिम दुकानदार को परेशान किया था। इस मामले में दीपक ने दखल दिया। बजरंग दल के सदस्यों के साथ वे भिड़ते दिखे। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताते दिखे थे। इस मामले में बजरंग दल के सदस्य की ओर से दीपक और उनके एक अन्य साथी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने, फोन छीनने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई।दीपक ने इस मामले में उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में उन्होंने एफआईआर रद्द करने, सुरक्षा मांगने और उत्पीड़न के मामले में पुलिस की निष्क्रियता की जांच कराने की बात उठाई। मामले में हाई कोर्ट की ओर से जांच की स्थिति की रिपोर्ट मंगाई गई। साथ ही, वीडियो वायरल होने के बाद दीपक को मिले चंदे का विवरण मांगा गया। याचिका पर सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने टिप्पणी की कि आरोपी सुरक्षा की गुहार लगा रहा है? आप संदिग्ध हैं और मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रहे हैं।कोर्ट में चली सुनवाईउत्तराखंड हाई कोर्ट में दीपक कुमार की याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें उन्होंने खुद के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। सुनवाई क्रम में दीपक के वकील ने कोर्ट में कहा कि मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप जांच के दायरे में हैं। इस पर वकील ने कहा कि वह एक अलग बात है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप स्वीकार करते हैं कि आप जांच का सामना कर रहे हैं।कोर्ट ने कहा कि जांच अवधि के दौरान आपकी जान और स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के लिए सभी कदम उठाना उनका कानूनी दायित्व है। इसलिए, एफआईआर के बाद सुरक्षा की गुहार लगाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। आपको पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए। आप इन गुहारों के जरिए मामले को संवेदनशील (सनसनीखेज) बनाने की कोशिश कर रहे हैं।पुलिस पर बोझ का जिक्रहाई कोर्ट ने जांच प्रक्रिया की धीमी गति मामले में पुलिस पर बोझ का भी जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी 3-4 केसों की जांच कर रही है। उन पर काम का बोझ देखिए। अब याचिका दायर करके आपने उन्हें किस स्थिति में डाल दिया है। कोर्ट ने कहा कि आप जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। जस्टिस राकेश थपलियाल ने इस मामले की सुनवाई करते हुए दीपक कुमार की सुरक्षा की गुहार की मांग पर भी विचार किया।कोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष दर्ज किया गया कि दीपक कुमार की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि कोई ऐसा व्यक्ति, जो किसी एफआईआर में संदिग्ध आरोपी है, वह पर्याप्त सुरक्षा की गुहार कैसे लगा सकता है? कोर्ट ने साफ कहा कि पुलिस उसकी सुरक्षा करने में सक्षम है।विभागीय जांच की मांग पर भी सवालहाई कोर्ट ने दीपक कुमार की ओर से जांच प्रक्रिया में पक्षपात के मामले पर भी कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि कथित पक्षपातपूर्ण जांच के लिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की गुहार लगाना, जांच एजेंसी पर दबाव बनाने की एक चाल है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की गुहार लगाने के लिए कुछ ठोस आधार होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की राहत की गुहार लगाना लंबित एफआईआर में चल रही जांच को किसी भी तरह से प्रभावित करने के अलावा और कुछ नहीं है।दीपक कुमार के वकील ने कोर्ट में कहा कि मेरे मुवक्किल को भी यह नहीं पता कि उनकी शिकायतों पर ये एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि काहे को परेशान हो रहे हो? आप मेरा आदेश समझिए। वे जांच कर रहे हैं। आपने सीधे सेक्रेटरी से जांच करने को कहा है। इस पर वकील ने कहा कि मैं कुछ बातों की पुष्टि करना चाहता हूं।शुक्रवार तक सुनवाई टलीहाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के क्रम में साफ किया कि यह हमारी टिप्पणी है। हो सकता है इस मामले में मैं गलत होऊं। इसके बाद कोर्ट ने मामले को शुक्रवार तक के लिए टाल दिया। वहीं, अगले मामले में एक अलग याचिकाकर्ता से कोर्ट ने पूछा कि भाई, तुम्हारा दर्द क्या है? तुमने किस भरण-पोषण (मेंटनेंस) के आदेश को चुनौती दी है?
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Mar 19, 2026, 02:32 PM
दादरी में संपत्ति विवाद को लेकर महिला को जान से मारने की धमकी

दादरी में संपत्ति विवाद को लेकर महिला को जान से मारने की धमकी

दादरी। बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरौला गांव में एक महिला के घर की चार दीवारी तोड़ कर कब्जा करने का विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि छपरौला गांव निवासी रेखा त्यागी का गांव में मकान बना है। वह हाल में गाजियाबाद के राजनगर स्थित सेक्टर-6 में रहती हैं। वह गांव में अपने पुराने घर पर आती-जाती रहती हैं। पुराने घर की चार दीवारी को कर्मवीर, प्रेम और देवेंद्र तोड़ रहे हैं। जमीन के कुछ हिस्से में नई चार दीवारी का निर्माण शुरू कर दिया है। जब मैंने चार दीवारी तोड़ने का विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कई नीम के पेड़ में बेल पत्थर के पेड़ों के मोटे तनों को काटकर ले गए हैं। इस मामले में बुधवार रात में तीनों भाइयों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। संवादऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Mar 19, 2026, 02:24 PM
पप्पु यादव के आरोपों के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति जांच के दायरे में

पप्पु यादव के आरोपों के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति जांच के दायरे में

संवाद सहयोगी, गायघाट (मुजफ्फरपुर)।Pappu Yadav ने बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि राज्य में हालात पूरी तरह बिगड़ चुके हैं। उनका आरोप है कि अपराधियों के साथ-साथ पुलिस भी बेलगाम हो गई है, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है।
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Mar 19, 2026, 02:23 PM
पटियाला पुलिस ने पनीर तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, नकली चीज जब्त की

पटियाला पुलिस ने पनीर तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, नकली चीज जब्त की

जागरण टीम, पटियाला।पातड़ां पुलिस ने हरियाणा से पंजाब के विभिन्न शहरों में नकली पनीर सप्लाई करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनसे पांच क्विंटल नकली पनीर बरामद किया। पुलिस के अनुसार सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने टीम के साथ बाईपास पुल पर नाकाबंदी की थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हरियाणा से नकली पनीर पंजाब के विभिन्न शहरों में एक वाहन के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा है।
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Mar 19, 2026, 02:16 PM
निट्टे छात्र मामले की जांच के लिए चौथी बार आई सी. बी. आई., खाली हाथ लौटाया

निट्टे छात्र मामले की जांच के लिए चौथी बार आई सी. बी. आई., खाली हाथ लौटाया

विस्तारAdd as a preferredsource on googleनीट छात्रा मामले की जांच के क्रम में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तीन सदस्यीय टीम चौथी बार पीड़िता के गांव पहुंची, लेकिन इस बार भी टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। परिजनों ने स्पष्ट रूप से बातचीत करने और पूछताछ में सहयोग करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण जांच टीम को बिना जानकारी लिए ही वापस लौटना पड़ा।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपरिजनों ने बताया बातचीत से क्यों किया इंकार?बताया जाता है कि इससे पहले भी सीबीआई टीम तीन बार गांव आ चुकी है और हर बार पूछताछ कर वापस लौट गई। हालांकि, अब तक मामले में कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आने से परिजनों में नाराजगी बढ़ गई है। स्वजनों का कहना है कि बार-बार टीम केवल पूछताछ करने आती है, लेकिन जांच में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है। इसी कारण इस बार उन्होंने सीधे तौर पर बातचीत से मना कर दिया।विज्ञापनविज्ञापनमामले को उलझा रही सीबीआई की टीमसूत्रों के अनुसार, टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन परिजनों के सहयोग न मिलने के कारण ज्यादा जानकारी हासिल नहीं हो सकी। छात्रा के परिजन का साफ तौर पर कहना था कि जिस तरह से पूरे मामले की लीपापोती एसआईटी की टीम कर रही थी, उसी तरह से सीबीआई की टीम मामले को उलझा रही है। परिवार लगातार मांग कर रहा है कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज के नेतृत्व में मामले की जांच कराई जाए।ये भी पढ़ें:बिहार में ‘सरकारी गाड़ी’ से टोटो चालक के अपहरण का प्रयास, पुलिस की भूमिका पर उठे सवालजांच की दिशा और गति पर उठ रहे सवालछात्र के परिवार के सदस्य सीबीआई की टीम को देखकर कुछ देर तक मायूस रहे और बाद में बातचीत करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, सीबीआई टीम को सहयोग करने से भी मना कर दिया। पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर मामले की जांच की दिशा और गति पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इसको लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। आपको बताते चलें कि जहानाबाद के पतियावा गांव की रहने वाली नीट छात्रा की मौत पटना में हुई थी। वह पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी।विज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News App, iOSHindi News AppऔरAmarujala Hindi News APPअपने मोबाइल पे|Get allIndia Newsin Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and morenews in Hindi.
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Mar 19, 2026, 02:14 PM
बेमेतारा जिले में मादक पदार्थों पर पुलिस की कार्रवाईः गांजा जब्त करने के बाद ट्रक चालक गिरफ्तार

बेमेतारा जिले में मादक पदार्थों पर पुलिस की कार्रवाईः गांजा जब्त करने के बाद ट्रक चालक गिरफ्तार

विस्तारAdd as a preferredsource on googleबेमेतरा जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की सख्ती दिख रही है। तीन दिसंबर 2025 को ग्राम बैजी शुल्क नाके के पास एक ट्रक पलटा था। इस ट्रक से सरिया के नीचे छिपा गांजा बरामद हुआ था। मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध गांजा परिवहन करते समय तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा था, जिससे ट्रक पलट गया। घटना के बाद से फरार चल रहे ट्रक चालक को पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला ने यह जानकारी दी।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंराष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पलटे ट्रक (सीजी 04 एम 6804) में संदिग्ध सामग्री मिली थी। तलाशी लेने पर प्लास्टिक पैकेट में 83 किलो 950 ग्राम गांजा निकला था। इसकी कीमत करीब 8.39 लाख रुपये आंकी गई। इसके साथ ही 30 लाख रुपये कीमत का ट्रक और सरिया भी जब्त किया गया।विज्ञापनविज्ञापनपुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी लाला चर्मकार (31), रीवा निवासी, कबीरधाम जेल में बंद है। वह एक अन्य गांजा तस्करी मामले में वहां कैद था। पुलिस ने न्यायालय से पेशी वारंट प्राप्त कर उसे 18 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। जांच में सामने आया कि तेज और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण ट्रक पलटा था।
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Mar 19, 2026, 02:13 PM
16 साल पुराने सड़क दुर्घटना मामले में पुलिस हेड कांस्टेबल को शराब पीकर गाड़ी चलाने का दोषी ठहराया गया

16 साल पुराने सड़क दुर्घटना मामले में पुलिस हेड कांस्टेबल को शराब पीकर गाड़ी चलाने का दोषी ठहराया गया

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर।ग्रीष्मकालीन राजधानी में लगभग 16 वर्ष पुराने सड़क दुर्घटना के मामले में एक पुलिस हेडकांस्टेबल को नशे में और लापरवाही से गाड़ी चलाने का दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। दोषी हेडकांस्टेबल को बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने का भी दोषी ठहराया गया है। दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मी का नाम मोहम्मद अस्सदुल्लाह शेख है और वह जिला पुंछ के मंडी इलाके का रहने वाला है। आपकोबता दें किश्रीनगर में डल झील के किनारे बुल्वोर्ड रोड पर 20 जनवरी 2010 को एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी और उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हुई थी। यह वाहन पुलिस हेड कांस्टेबल मोहम्मद अस्सदुल्लाह शेख चला रहा था।
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Mar 19, 2026, 02:13 PM
चौंकाने वाली चोरीः बेटे और दोस्त ने शेयर बाजार के नुकसान को पूरा करने के लिए 20 लाख रुपये की चोरी की

चौंकाने वाली चोरीः बेटे और दोस्त ने शेयर बाजार के नुकसान को पूरा करने के लिए 20 लाख रुपये की चोरी की

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली।शकरपुर इलाके में दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है। मामले में शिकायतकर्ता के बेटे ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची थी। शेयर मार्केट में नुकसान होने पर ग्रेजुएट युवक ने घर में ही 20 लाख की चोरी को अंजाम दे डाला।
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Mar 19, 2026, 02:09 PM
दिल्ली के बवाना इलाके में गैंगवार, 4 की मौत

दिल्ली के बवाना इलाके में गैंगवार, 4 की मौत

दिल्ली के बवाना इलाके में मंगलवार देर शाम गैंगवार की वारदात सामने आई, जिसमें 4 लोगों को गोली मारी गई. इस फायरिंग में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो घायल बताए जा रहे हैं. प्रारंभिक जांच में पुलिस को टिल्लू ताजपुरिया और गोगी गैंग के बीच पुराने गैंग संघर्ष से जुड़े होने का शक है. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है.बदमाशों ने एक घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें चार लोग गोली लगने से घायल हो गए. हमले में बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता की हालत गंभीर बताई जा रही है. फायरिंग में एक 10 साल के बच्चे के पैर में भी गोली लगी, वहीं घर के बाहर खड़े एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगी.शुरुआती जांच में यह मामला गैंगवार का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, बाइक सवार तीन बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए. दिल्ली पुलिस घटनास्थल पर मौजूद है और पूरे मामले की जांच कर रही है. इस हमले के पीछे टिल्लू गैंग का हाथ होने का शक जताया जा रहा है. हालांकि, टिल्लू ताजपुरिया और गोगी दोनों ही पहले की गैंगवॉर में मारे जा चुके हैं, लेकिन उनके गैंग के सदस्य अब भी एक-दूसरे को निशाना बनाते रहते हैं.ये भी पढ़ें :नोरा फतेही के एक गाने को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने जारी किया फतवा
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Mar 19, 2026, 02:03 PM
कड़कड़डूमा अदालत के वकीलों ने पुलिस की क्रूरता और भ्रष्टाचार के खिलाफ हड़ताल की

कड़कड़डूमा अदालत के वकीलों ने पुलिस की क्रूरता और भ्रष्टाचार के खिलाफ हड़ताल की

कड़कड़डूमा कोर्ट की शाहदरा बार एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को हड़ताल की घोषणा की है। इस दौरान वकील न तो भौतिक रूप से और न ही वर्चुअल माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल होंगे। बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास ने बताया कि हाल ही में गाजीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक अधिवक्ता के साथ बेरहमी से मारपीट और लूटपाट की घटना हुई थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद गाजीपुर थानाध्यक्ष द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। एसोसिएशन का आरोप है कि थानाध्यक्ष जानबूझकर असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही मयूर विहार इलाके में एक अन्य वकील पर हुए जानलेवा हमले के मामले में भी अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अधिवक्ताओं ने पुलिस पर थानों में उनके साथ बदसलूकी करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। इस आक्रोश के चलते आज न केवल कामकाज ठप रहेगा, बल्कि विरोध स्वरूप कोर्ट परिसर में पुलिस अधिकारियों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है। बार एसोसिएशन ने कोर्ट के सभी न्यायिक अधिकारियों से भी यह अपील की है कि वे हड़ताल को देखते हुए आज किसी भी मामले में कोई विपरीत आदेश पारित न करें।
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Mar 19, 2026, 01:46 PM
दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तम नगर में सुरक्षित ईद समारोह सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तम नगर में सुरक्षित ईद समारोह सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किया

नई दिल्ली:उत्तम नगर के तरुण हत्याकांड में जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को बड़ा आदेश जारी कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ईद के त्योहारों के दौरान जनजीवन में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।न्यायालय ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि वे ऐसी व्यवस्था करें जिससे सभी को सुरक्षा और संरक्षा का अहसास हो। साथ ही, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समाज के किसी भी वर्ग के किसी भी व्यक्ति को ऐसी कोई भी गतिविधि करने की अनुमति न दी जाए जिससे अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है।मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने अपने आदेश में निम्नलिखित निर्देश दिए:लाइव लॉ वेबसाइट के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ईद खुशी का त्योहार है। यह सभी संबंधित पक्षों का कर्तव्य है कि इस पवित्र अवसर पर किसी भी व्यक्ति या समाज के किसी भी वर्ग द्वारा की गई गुंडागर्दी से जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना से सार्वजनिक जीवन में कोई बाधा न आए। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि राज्य, विशेषकर पुलिस बल का यह कर्तव्य है कि प्रत्येक नागरिक अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सके और त्योहार मना सके।याचिका में व्यक्त आशंकाएं 4 मार्च को हुई घटना पर आधारित प्रतीत होती हैं, इसलिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्क रहना होगा। ईद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसके लिए पुलिस ने कई कार्रवाई की हैं, लेकिन हम इस बात पर जोर देना चाहेंगे कि यदि स्थिति का आकलन करने पर व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो आवश्यक उपाय तुरंत किए जाएंगे।न्यायाधीश ने कहा कि निवारक कार्रवाई के अलावा, पुलिस से यह अपेक्षा की जाती है कि वह पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए समाज के सभी वर्गों से संयम बरतने को सुनिश्चित करे। याचिका में वर्णित स्थिति न केवल अधिकारियों को निरंतर कड़ी निगरानी रखने के लिए बाध्य करती है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के सदस्यों से भी संयम बरतने और शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने वाले तरीके से व्यवहार करने का आह्वान करती है, जिससे कोई भी ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जो विकराल रूप ले ले।जस्टिस ने कहा हम पुलिस और क्षेत्र के नागरिक प्रशासन को सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देते हैं। कानून के तहत अनुमत उपायों से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि स्थिति किसी भी अप्रिय मोड़ न ले और ईद के शांतिपूर्ण माहौल का निर्माण हो। पुलिस व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे सभी को सुरक्षा और संरक्षा का अहसास हो।अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज के किसी भी वर्ग के किसी भी व्यक्ति को ऐसी कोई भी शरारत करने की अनुमति न दी जाए जिससे कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है।अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील की भी दलील सुनीअदालत नेतरुण मर्डर केसमें निर्देश देते हुए कहा कि कि राम नवमी के त्योहार तक पुलिस की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। अपने आदेश में अदालत ने याचिका का संज्ञान लिया है जिसमें याचिकाकर्ता द्वारा कल ईद के दिन सार्वजनिक जीवन में व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। न्यायालय ने दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे स्थायी वकील की दलील पर ध्यान दिया, जिन्होंने स्थानीय पुलिस के निर्देशों पर बताया कि 5 मार्च से ही पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की गई है जो न केवल जेजे कॉलोनी (जहां घटना हुई) बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चौबीसों घंटे तैनात है।
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Mar 19, 2026, 01:32 PM
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने गैस की कमी की चिंताओं को संबोधित किया और सरकारी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने गैस की कमी की चिंताओं को संबोधित किया और सरकारी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि जमाखोरी ने समस्या को बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि ईरान-इजरायल युद्ध के कारण फंसे दो गैस टैंकर प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत आ गए हैं। मंत्री नंदी ने भाजपा की दोहरी इंजन सरकार के नौ साल पूरे होने पर कहा कि उत्तर प्रदेश में चौमुखी विकास हुआ है और कानून व्यवस्था में सुधार आया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअपराध के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति पर चलते हुए माफियाओं की लगभग 4000 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई और 53 संगठित अपराधी गिरोह समाप्त हुए। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं और 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। प्रदेश का लक्ष्य 2030 तक एक खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके लिए बुनियादी ढांचा, उद्योग, कृषि और कौशल विकास पर कार्य जारी है। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत मौजूद रहे।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 19, 2026, 01:26 PM
तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज

तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज

Kolkata:तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता शेख शाहजहां की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. शेख शाहजहां पर ईडी अधिकारियों पर हमला करने का केस दर्ज है, जिसमें वह मुख्य आरोपी हैं. इस मामले में कोलकाता हाई कोर्ट ने गुरुवार (19 मार्च) को शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज कर दी है. बता दें, शेख शाहजहां पर हत्या, अपरहरण, दंगा फैलाने के मामले में भी केस दर्ज है. इन मामलों में CBI ने भी केज दर्ज की है.छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों पर हमलाजनवरी 2024 में राज्य में करोड़ों के पीडीएस वितरण मामले के सिलसिले में शाहजहां के आवास पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाने गए ईडी अधिकारियों और उनके साथ मौजूद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों पर शाहजहां के समर्थकों ने हमला किया और उन्हें बुरी तरह पीटा था. बाद में संदेशखाली में अवैध रूप से भूमि हड़पने, खारे पानी को बहाकर कृषि भूमि को मत्स्यपालन फार्म में बदलने और संदेशखाली की महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न से संबंधित अन्य आरोप भी शाहजहां पर लगाए गए थे. शाहजहां को पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया, जो मामले की जांच कर रही थी.जमानत याचिका पर CBI के वकील ने दी दलीलन्यायमूर्ति सुव्रा घोष की अध्यक्षता वाली कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ के समक्ष शाहजहां की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट के समक्ष सीबीआई के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि यदि शाहजहां को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह निश्चित रूप से अपने खिलाफ दर्ज मामले में गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास करेगा.सीबीआई के वकील ने यह भी दलील दी कि जेल में रहते हुए भी उसने अपने उन अंडरवर्ल्ड साथियों के जरिए मुख्य गवाहों के बेटे को धमकाने और यहां तक ​​कि उसकी हत्या करने की कोशिश की थी, जो अभी तक जेल नहीं गए हैं.फिर से दायर कर सकते हैं जमानत याचिकान्यायमूर्ति घोष ने इस दलील को स्वीकार करते हुए शाहजहां की जमानत याचिका खारिज कर दी. हालांकि, एकल-न्यायाधीश पीठ ने टिप्पणी की कि जांच की प्रगति और सामने आए नए तथ्यों के आधार पर शाहजहां को भविष्य में फिर से जमानत याचिका दायर करने का अधिकार होगा.टीएमसी से निलंबित है शाहजहांईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में शुरुआत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व ने उसका बचाव करने की कोशिश की. हालांकि, 2024 के अधिकांश समय में संदेशखाली की महिलाओं द्वारा किए गए लंबे आंदोलन के बाद अंततः सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व ने शाहजहां को पार्टी से निलंबित कर दिया. तब से शाहजहां ने कई बार विभिन्न अदालतों में जमानत याचिकाएं दायर की हैं, लेकिन जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं.यह भी पढ़ेंःGround Report: क्या नंदीग्राम में कामयाब होगी ममता बनर्जी की 'चाल', सुवेंदु की जीत के लिए क्या कह रहे हैं लोग
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Mar 19, 2026, 01:20 PM
गुरुग्राम में शादीशुदा महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई

गुरुग्राम में शादीशुदा महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई

पुलिस ने घटनास्थल से एक सिरिंज बरामद की, बिसरा जांच के लिए लैब भेजाऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअमर उजाला ब्यूरोगुरुग्राम। जिले के गढ़ी हरसरू गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला के मायके वालों ने पति पर इंजेक्शन लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर सेक्टर-93 चौकी की पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से एक सिरिंज बरामद की है। मृतक महिला के परिवार वालों की शिकायत पर सेक्टर-10 थाने में धारा 80(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।मृतक की पहचान काजल (23) के रूप में हुई है। वह एक निजी अस्पताल में नर्स की नौकरी करती थी। वर्तमान में वह गढ़ी हरसरू गांव में अपने मायके वालों के साथ रह रही थी। उसके साथ ही उसका पति अरूण कुमार भी रह रहा था। बताया जा रहा है कि अरूण कुमार नशा करने का आदी है, ऐसे में काजल उसे नशा करने से रोकती थी तो वह उससे झगड़ा करने लगता था। दो दिन पहले भी नशा करने की बात पर काजल का अपने पति अरूण कुमार के साथ झगड़ा हुआ था। 18 मार्च की सुबह दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई।विज्ञापनविज्ञापनकाजल (मृतका) के भाई गुरदीप ने बताया कि 18 मार्च की सुबह झगड़े के बाद काजल पहली मंजिल पर भाभी व बहन के पास थी। सुबह करीब 9.15 बजे अरुण कुमार ने काजल को बात करने के बहाने नीचे बुलाया था। इसके 10 मिनट बाद ही काजल की हालत बिगड़ने लगी और उसकी नाक से खून बह रहा था। जब काजल की भाभी व बहन को इसका पता चला तो वे उसे पास के निजी अस्पताल लेकर गए। वहां से काजल को सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने काजल को मृत घोषित कर दिया। मृतका के परिजनों का आरोप है कि उन्हें घर के बाथरूम से एक इंजेक्शन बरामद हुआ है। आरोप है कि पति अरूण कुमार ने काजल को कोई जहरीला इंजेक्शन लगाया है, जिसके कारण उसकी जान गई। बृहस्पतिवार को काजल के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का कहना है कि बिसरा को जांच के लिए लैब भेजा गया था। बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि काजल को कौनसा इंजेक्शन लगाया गया था।परिवार वालों की सहमति से हुई थी शादीकाजल की जान-पहचान एक अस्पताल में काम करने के दौरान अरुण कुमार से हुई थी। अरुण कुमार भी निजी अस्पताल में एक्स-रे विभाग में काम करता था। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने के चलते काजल ने इसके बारे में अपने घर पर बताया और घर वालों की सहमति से दोनों की शादी हो गई। शादी के बाद दोनों बसई क्षेत्र में किराये पर रहते थे। नशा के कारण दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था। कुछ समय पहले अरूण कुमार ने नौकरी छोड़ दी थी तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था। होली के त्योहार के चलते काजल पति अरुण के साथ गढ़ी हरसरू स्थित अपने मायके आई हुई थी। उन्होंने बसई क्षेत्र में किराये का कमरा भी छोड़ दिया था। मृतका काजल का परिवार मूल रूप से कानपुर (उत्तर प्रदेश) के बेला गांव का रहने वाला है।शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की छानबीन की जा रही है। अभी मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। मृतका के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। -जगदीश चंद्र, एएसआई, जांच अधिकारी
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Mar 19, 2026, 01:07 PM
झांसी में परिवार कल्याण परियोजना प्रबंधक रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार

झांसी में परिवार कल्याण परियोजना प्रबंधक रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार

सीएचसी पनवाड़ी में तैनात ब्लॉक लेखा प्रबंधक से स्थानांतरण के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते सीएमओ कार्यालय के परिवार कल्याण प्रोजेक्ट मैनेजर को विजिलेंस झांसी टीम ने बृहस्पतिवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। शहर के एक बाइक एजेंसी के बेसमेंट से मैनेजर को गिरफ्तार कर उसे कोतवाली लाकर सौंपा गया। विजिलेंस टीम की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमूल रूप से कस्बा चरखारी निवासी मेराज मोहम्मद वर्तमान में महोबा में रहते हैं। वह वर्ष 2010 से कबरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात थे। जिन्हें वर्ष 2024 में तत्कालीन सीएमओ ने सीएचसी पनवाड़ी में संबद्ध कर दिया गया था। मेराज मोहम्मद संविदा पर ब्लॉक लेखा प्रबंधक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में मेराज मोहम्मद सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे और यह अनुरोध कर रहे थे कि उनकी संबद्धता समाप्त कर मूल तैनाती स्थल पर स्थानांतरण किया जाए। इससे वह सीएचसी कबरई में अपनी सेवाएं दे सकें।विज्ञापनविज्ञापनमेराज मोहम्मद का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय में तैनात परिवार कल्याण प्रोजेक्ट मैनेजर (संविदाकर्मी) जितेश सोनी जो सीएमओ के सारे गोपनीय काम करते हैं, उन्होंने उससे संपर्क किया और कहा कि 3.50 लाख रुपये दे दो तो उसका काम हो जाएगा। मेराज ने इस बातचीत की रिकाॅर्डिंग शुरू की और कहा कि उसके पास फिलहाल दो लाख रुपये की व्यवस्था है। अगर इससे बात बने तो काम करा दो। जितेश सोनी ने इस रकम पर काम होने का दावा किया और बृहस्पतिवार को मेराज मोहम्मद को रुपया लेकर शहर के चरखारी बाईपास स्थित एक बाइक एजेंसी के बेसमेंट में बुलाया। शाम को मेराज रुपया लेकर बेसमेंट में पहुंचा और जैसे ही जितेश सोनी को दो लाख रुपये की रकम सौंपी तो यूपी सतर्कता अधिष्ठान झांसी (विजिलेंस) टीम के प्रभारी निरीक्षक पीयूष पांडेय, नीरज सिंह, शेषमणि त्रिपाठी, उप निरीक्षक सोनू राजपूत, विश्वराम सिंह आदि ने जितेश सोनी को घेरकर रंगे हाथों पकड़ लिया। अपने को गिरफ्तार होता देख जितेश सोनी ने अधिकारियों से छोड़ने की आरजू-मिन्नत की। टीम उन्हें गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले गई। देर शाम टीम की ओर से कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विजिलेंस टीम के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सीएमओ कार्यालय के प्रोजेक्ट मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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Mar 19, 2026, 12:54 PM
भारत ने मध्य पूर्व युद्ध, चाबहार बंदरगाह और राजनयिक वार्ताओं पर अद्यतन जानकारी दी

भारत ने मध्य पूर्व युद्ध, चाबहार बंदरगाह और राजनयिक वार्ताओं पर अद्यतन जानकारी दी

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पश्चिम एशिया युद्ध, चाबहार पोर्ट, प्रधानमंत्री मोदी की ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति और मलेशिया के प्रधानमंत्री से बात व अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के बर्बर हमलों जैसे मुद्दों पर जानकारी दी. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर BRICS में सहमति बनाने में दिक्कत आ रही है, क्योंकि कुछ सदस्य देश सीधे इस संघर्ष का हिस्सा हैं. जो भारतीय नागरिक ईरान-अजरबैजान भूमि सीमा पार करना चाहते हैं, उन्हें पहले तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करना अनिवार्य है. रणधीर जायसवाल ने बताया कि बिना पूर्व समन्वय के कोई आवाजाही नहीं. दूतावास वीजा और सुरक्षित पार कराने में मदद कर रहा है. तनाव के बीच लॉजिस्टिक और सुरक्षा जोखिमों से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. वहीं, NIA द्वारा हिरासत में लिए गए छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक के मामले पर जायसवाल ने कहा, यह एक कानूनी मामला है. भारत सरकार की संबंधित एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं. हमें काउंसुलर एक्सेस का अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसे इस मामले से जुड़े कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए संबोधित किया जाएगा. चाबहार पोर्ट को लेकर उन्होंने कहा, अमेरिका की ओर से चाबहार पोर्ट के लिए सशर्त प्रतिबंध छूट (sanctions waiver) को 26 अप्रैल तक बढ़ाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया है. सरकार इन घटनाक्रमों के प्रभाव को लेकर सभी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क में है. पश्चिम एशिया में जारी संकट पर उन्होंने कहा, हमने कई बार अपनी स्थिति स्पष्ट की है. हम तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति की अपील करते हैं. ताकि इस संघर्ष का जल्द अंत हो सके. पाकिस्तान पर टिप्पणी करते हुए MEA प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का गुप्त रूप से परमाणु प्रसार का इतिहास रहा है. यह बयान तुलसी गैबार्ड की टिप्पणी के संदर्भ में दिया गया. वहीं, पश्चिम एशिया युद्ध के बीच भारत के पड़ोसी देशों की ऊर्जा जरूरतों को लेकर आए अनुरोधों की भी भारत ने पुष्टि की है. एक बार फिर भारत ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की अपील दोहराई. काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों की भारत ने कड़ी निंदा की. MEA प्रवक्ता ने इसे बर्बर हमला बताया. NSA अजीत डोभाल और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बीच हुई बातचीत को सामान्य बताया. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात समेत GCC और पश्चिम एशिया के कई देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत की है. सभी ने मौजूदा हालात पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए. मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, भारत ने एक बार फिर कहा कि इस संघर्ष का जल्द अंत संवाद और कूटनीति के जरिए होना चाहिए. उन्होंने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति और मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी बात की. वैश्विक स्तर पर नेताओं के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है. भारत ने अपने रुख व प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है.
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