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Aug 6, 2026, 05:33 PM
जलभराव की चिंताओं के बीच गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त का तबादला

जलभराव की चिंताओं के बीच गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त का तबादला

गुरुग्राम के नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया पर गाज गिरी है. गुरुग्राम में लगातार हो रहे जल भराव के चलते निगम कमिश्नर का ट्रांसफर कर दिया गया है. वो शहर में जल भराव को लेकर सरकार के रडार पर थे. जल भराव की समस्या खत्म नहीं हुई तो हरियाणा सरकार ने नगर निगम कमिश्नर का ट्रांसफर कर दिया. अब हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया को ट्रांसफर कर रोहतक भेज दिया है. बताया जा रहा है कि शहर में लगातार जल भराव से हरियाणा सरकार की किरकिरी हो रही थी. जिसके बाद नायब सिंह सैनी की सरकार ने अपनी साख बचाने के लिए नगर निगम कमिश्नर का तबादला कर दिया. प्रदीप दहिया 2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. गुरुग्राम में बारिश के दौरान जल भराव की समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है. गुरुग्राम में हो रही भारी वर्षा के चलते शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर जलभराव और यातायात जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है. बारिश के बाद जलभराव से आम लोगों की परेशानी बढ़ जाती है और लोगों में प्रशासन और सरकार के प्रति नाराजगी भी दिखती है. गुरुग्राम में गुरुवार (06 अगस्त) सुबह से शुरू हुई लगातार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी. कई मुख्य सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई जगहों तो गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. उधर, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर के हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है, जिसकी वजह से अगले कई दिनों तक बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. बारिश से तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आएंगी.
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Aug 6, 2026, 05:27 PM
जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर विधायक के कार्यालय के बाहर परिवार का विरोध प्रदर्शन

जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर विधायक के कार्यालय के बाहर परिवार का विरोध प्रदर्शन

वारंगल में एक परिवार ने वारंगल वेस्ट के विधायक नैनी राजेंद्र रेड्डी के कैंप ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के करीबी सहयोगी ने उनकी जमीन हड़प ली और परिवार की महिलाओं पर हमला किया. विरोध कर रहे लोगों ने खुद को आग लगाने की कोशिश में अपने ऊपर पेट्रोल भी डाला. प्रदर्शनकारियों ने बोंटा सारंगापानी पर जबरदस्ती उनकी जमीन पर कब्जा करने और परिवार की महिलाओं पर हमला करने का आरोप लगाया. सारंगापानी को विधायक का करीबी समर्थक और 30वें डिवीजन के पार्षद पद का उम्मीदवार बताया जाता है. यह घटना विधायक के कैंप ऑफिस के बाहर हुई, जिससे तनाव फैल गया. पुलिस और स्थानीय लोगों ने दखल देकर खुद को आग लगाने की कोशिश को रोका. परिवार का कहना है कि उन्होंने विधायक से उत्पीड़न और जमीन हड़पने के बारे में कई बार शिकायत की थी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और इसके बजाय सारंगापानी का पक्ष लिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सारंगापानी ने पहले भी शहर की सीमा के भीतर हनुमाकोंडा में यादव नगर और रेड्डी पुरम में प्लॉट पर कब्ज़ा किया था. साथ ही, उन्होंने विधायक पर गरीब निवासियों के घर तोड़ने और उन ज़मीनों पर कब्जा करने का आरोप भी लगाया. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें कोई न्याय नहीं मिला. घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत दखल दिया और परिवार को खुद को आग लगाने से रोका. पीड़ितों ने मांग की कि अधिकारी उनकी शिकायत पर ध्यान दें, जांच करें और उन्हें न्याय दिलाएं. इस घटना के बारे में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किसी मामले या की गई कार्रवाई के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी है. जमीन हड़पने और हमले के आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है. इन आरोपों के बारे में विधायक या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। घटना के कारण की भी पुष्टि नहीं हुई है.
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Aug 6, 2026, 05:20 PM
'रामायण'ने वैश्विक रिलीज रिकॉर्ड बनायाः रणबीर कपूर की महाकाव्य फिल्म दुनिया भर में 50,000 स्क्रीन हिट करेगी

'रामायण'ने वैश्विक रिलीज रिकॉर्ड बनायाः रणबीर कपूर की महाकाव्य फिल्म दुनिया भर में 50,000 स्क्रीन हिट करेगी

रणबीर कपूर की 'रामायण' को लेकर हर दिन कोई न कोई बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. अब फिल्म ने रिलीज से पहले ही ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट कई गुना बढ़ा दी है. मेकर्स ने ऐलान किया है कि 'रामायण' को विदेशों में 50 हजार स्क्रीन पर रिलीज किया जाएगा. इतना ही नहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए ऐसा बयान दिया है, जो अब सुर्खियों में छाया हुआ है. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने जानकारी दी है कि सोनी पिक्चर्स अंतरराष्ट्रीय बाजार में 'रामायण' का वितरण करेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म को दुनियाभर में 50,000 स्क्रीन पर रिलीज करने की तैयारी है. इसे किसी भारतीय फिल्म के लिए अब तक के सबसे बड़े ग्लोबल रिलीज प्लान में से एक माना जा रहा है. मेकर्स ने फिल्म का अंग्रेजी लिप-सिंक्ड ट्रेलर भी जारी कर दिया है, ताकि दुनिया भर के दर्शक इस महाकाव्य से जुड़ सकें. SONY PICTURES TO DISTRIBUTE 'RAMAYANA' ACROSS 50,000 SCREENS IN INTERNATIONAL MARKETS – *ENGLISH* TRAILER UNVEILED... #SonyPictures will distribute #Ramayana internationally across 50,000 screens – marking a landmark global rollout for an #Indian film. A giant leap towards… pic.twitter.com/yfDfL5HSpx मुंबई के फिल्म सिटी में नमित मल्होत्रा की प्राइम वन फैसिलिटी के उद्घाटन के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'रामायण' को लेकर बड़ा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करेगी. फडणवीस ने कहा- अगर 'रामायण' को ऑस्कर नहीं मिला, तो मुझे निराशा होगी. उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हाल ही में रिलीज हुए 'रामायण' के ट्रेलर ने पहले ही इंटरनेट पर धूम मचा दी है.फिल्म के भव्य विजुअल्स, VFX और बड़े स्केल की जमकर तारीफ हो रही है. सबसे ज्यादा चर्चा रणबीर कपूर के भगवान राम वाले लुक और यश के रावण अवतार की हो रही है. दोनों किरदारों को सोशल मीडिया पर शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं. साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे. इस मल्टीस्टारर फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है, जबकि इसे नमित मल्होत्रा प्रोड्यूस कर रहे हैं. 'रामायण' का पहला भाग दिवाली 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा. 6 नवंबर को फिल्म सिल्वर स्क्रीन पर दस्तक देगी. फिल्म को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और महंगे प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है. अब 50 हजार स्क्रीन पर ग्लोबल रिलीज और मुख्यमंत्री के ऑस्कर वाले बयान के बाद यह साफ है कि मेकर्स सिर्फ बॉक्स ऑफिस ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय सिनेमा का परचम लहराने की तैयारी में हैं.
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Aug 6, 2026, 05:17 PM
पारिवारिक विवाद के कारण बिना बेटियों की उपस्थिति के पिता का अंतिम संस्कार किया गया

पारिवारिक विवाद के कारण बिना बेटियों की उपस्थिति के पिता का अंतिम संस्कार किया गया

रिश्तों की बदलती तस्वीर को दिखाने वाली एक भावुक कहानी हरियाणा के सोनीपत से सामने आई है. कभी कपड़े के बड़े कारोबारी रहे शिवचरण रामरतन गुप्ता ने अपनी तीनों बेटियों को पढ़ाया-लिखाया और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया. लेकिन जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर वह वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हो गए. सबसे दर्दनाक बात यह रही कि बीमारी और निधन की सूचना मिलने के बावजूद उनकी कोई भी बेटी अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंची. अंतिम संस्कार भी आश्रम प्रबंधन की देखरेख में हुआ और तीनों बेटियों ने वीडियो कॉल पर पिता की अंतिम विदाई देखी. अपना घर आश्रम की संचालिका सारिका कालरा ने बताया कि शिवचरण रामरतन गुप्ता मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले थे. सोनीपत के ककरोई गांव में उनके कुछ रिश्तेदार रहते थे, इसलिए वह वहां पहुंचे और फिर साल 2024 में अपना घर आश्रम में रहने की इच्छा जताई. उन्होंने बताया था कि कपड़ों के कारोबार में बड़ा नुकसान होने के बाद वह आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रहे थे. इसके बाद आश्रम ने उन्हें रहने की अनुमति दे दी. कुछ समय बाद शिवचरण अपनी पत्नी मीना गुप्ता को भी आश्रम लेकर आए. सारिका कालरा के अनुसार, मीना गुप्ता पारिवारिक कारणों से मानसिक तनाव में थीं और कपड़ों का कारोबार बंद होने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ गई थी. दोनों पति-पत्नी आश्रम में साथ रहने लगे. 12 अक्टूबर 2024 को आश्रम में ही मीना गुप्ता का निधन हो गया. आश्रम प्रबंधन ने तीनों बेटियों को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई भी अंतिम संस्कार में नहीं पहुंची. इसके बाद शिवचरण ने आश्रम के कर्मचारियों के साथ मिलकर पत्नी का अंतिम संस्कार किया और बाद में हरिद्वार जाकर उनकी अस्थियों का विसर्जन भी किया. सारिका कालरा ने बताया कि शिवचरण अपनी तीनों बेटियों से बेहद प्यार करते थे. उनकी तीन बेटियां थीं. एक नेपाल में रहती थी, एक सूरत में और एक उत्तर प्रदेश में. दो बेटियां शिक्षिका थीं, जबकि एक एचडीएफसी बैंक में नौकरी करती थी. शिवचरण दिन में दो से तीन बार बेटियों से वीडियो कॉल पर बात करते थे. वह उनकी हर छोटी-बड़ी बात साझा करते थे और हमेशा चाहते थे कि परिवार फिर से एकजुट हो जाए. शिवचरण का सपना था कि वह एक बार फिर कपड़ों का कारोबार शुरू करें. वह अक्सर आश्रम में कहते थे कि अगर थोड़ा सहारा मिल जाए तो वह एक छोटी कपड़ों की दुकान खोलना चाहते हैं. सारिका कालरा के अनुसार, उन्होंने कारोबार में हुए नुकसान की बात तो बताई थी, लेकिन उसके पीछे की पूरी वजह कभी सार्वजनिक नहीं की. उन्होंने आश्रम से यह अनुरोध भी किया था कि उनकी निजी जिंदगी को सोशल मीडिया पर साझा न किया जाए. आश्रम की संचालिका ने बताया कि बड़ी बेटी नीता अग्रवाल से उनकी समय-समय पर बातचीत होती रहती थी. जब भी जरूरत होती, वह पिता के लिए दवा, कपड़े या अन्य सामान उपलब्ध कराने के लिए कहती थीं. सारिका कालरा के अनुसार, नीता अग्रवाल वर्ष 2025 में आश्रम आई थीं और कुछ समय तक अपने पिता के साथ भी रहीं. इसके बाद वह वापस चली गईं. 12 मार्च 2026 को शिवचरण आश्रम से यह कहकर गए कि उन्हें दिल्ली में किसी से पैसे लेने हैं, अपनी कुछ संपत्तियों का निपटारा करना है और उसके बाद वह वापस लौटकर सोनीपत में छोटी कपड़ों की दुकान शुरू करेंगे. बाद में आश्रम प्रबंधन को जानकारी मिली कि वह किसी दूसरे आश्रम में रहने लगे हैं. सारिका कालरा ने उनसे संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन बात नहीं हो सकी. इस बीच शिवचरण की तबीयत बिगड़ गई. आश्रम प्रबंधन के अनुसार, उनकी बीमारी की जानकारी करीब 20 दिन पहले तीनों बेटियों को दी गई थी. चार दिन पहले भी उन्हें बताया गया कि उनके पिता बीमार हैं और उनसे मिलना चाहते हैं. इसके बावजूद कोई भी बेटी उनसे मिलने नहीं पहुंची. मंगलवार देर रात शिवचरण रामरतन गुप्ता का निधन हो गया. इसके बाद एक बार फिर तीनों बेटियों को सूचना दी गई और अंतिम संस्कार में आने का आग्रह किया गया. लेकिन उन्होंने दूरी और समय का हवाला देते हुए आने में असमर्थता जताई. बड़ी बेटी अनीता, जो नेपाल में शिक्षिका हैं, ने ऑनलाइन 5100 रुपये भेजे और पिता का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने का अनुरोध किया. आश्रम प्रबंधन के अनुसार, तीनों बेटियों ने वीडियो कॉल पर पिता की अंतिम विदाई देखी. बाद में उन्होंने अंतिम संस्कार का वीडियो भी मांगा और अस्थि विसर्जन के बारे में जानकारी ली. बेटियों ने कहा कि वे दूर हैं, इसलिए अस्थियों का विसर्जन भी आश्रम प्रबंधन ही कर दे. हालांकि, आश्रम ने उनके भेजे 5100 रुपये वापस लौटा दिए और अपने स्तर पर अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था की. आश्रम से जुड़े एक समाजसेवी ने कहा कि उनके जीवन में यह पहली घटना थी, जब किसी परिवार को वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार दिखाना पड़ा. उन्होंने कहा कि यह अनुभव बेहद दुखद था. उनके अनुसार, किसी भी संतान के लिए माता-पिता की अंतिम विदाई भावुक पल होता है, लेकिन इस मामले में तीनों बेटियों का अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचना कई सवाल खड़े करता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आनी चाहिए और बिना सभी पक्षों को जाने किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए. यह घटना एक बार फिर रिश्तों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और बदलते सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. हालांकि, इस पूरे मामले में बेटियों की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इसलिए उनके निर्णय के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं.
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Aug 6, 2026, 05:16 PM
गुजरात के वीरपर्दा गांव में रहस्यमय कुएँ का पानी हिंसक रूप से हिल गया

गुजरात के वीरपर्दा गांव में रहस्यमय कुएँ का पानी हिंसक रूप से हिल गया

गुजरात के मोरबी जिले के वीरपरडा गांव से एक अत्यंत अनोखी और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जो पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां गांव के एक किसान के खेत में बने कुएं का पानी अचानक जोर-जोर से हिलने लगा. इस अद्भुत नजारे को अपनी आंखों से देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से लोग बड़ी संख्या में कुएं पर पहुंच रहे हैं. वीरपरडा गांव के किसान प्राणजीवनभाई सादरिया के खेत में बने कुएं में पानी की तेज हलचल सबसे पहले रविवार और सोमवार को देखी गई थी. मंगलवार को अचानक पानी शांत हो गया, लेकिन बुधवार और गुरुवार को एक बार फिर कुएं का पानी इतनी जोर से हिलने लगा मानो अंदर कोई बड़ा उबाल आ रहा हो. पानी में अचानक आई इस असामान्य हलचल के बाद गांव में तरह-तरह की अफवाहें और चर्चाएं शुरू हो गईं. कई लोग इसे कुदरत का अनोखा करिश्मा मान रहे हैं, तो कुछ लोग इसके वैज्ञानिक कारणों को तलाश रहे हैं. घटना की जानकारी मिलते ही मोरबी जिला प्रशासन हरकत में आया. मोरबी के कलेक्टर स्वप्निल खरे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए. इसके बाद मोरबी के भूस्तर शास्त्री (Geologist) जगदीश वाढेर ने विशेषज्ञों की टीम के साथ वीरपरडा गांव पहुंचकर कुएं का निरीक्षण किया और पानी के सैंपल लिए. प्राथमिक जांच के बाद कलेक्टर और भूस्तर शास्त्री ने बताया कि हाल ही में नया कुआं खोदा गया है. भारी बारिश के कारण जब भूजल तेजी से रीचार्ज होता है, तो जमीन के अंदर खाली जगहों में मौजूद हवा पानी के दबाव से बाहर निकलने की कोशिश करती है. जब नीचे फंसी हुई हवा तेजी से ऊपर की ओर आती है, तो कुएं का पानी सतह पर जोर-जोर से हिलता हुआ या उबलता हुआ दिखाई देता है. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
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Aug 6, 2026, 05:16 PM
पीएम मोदी ने 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की अपील की

पीएम मोदी ने 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी को लेकर गुरुवार 6 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण संदेश जारी करते हुए, देशवासियों से खास अपील की है. पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर रील साझा की है. 7 अक्टूबर को देशभर में हैंडलूम डे मनाया जाएगा. ऐसे में उन्होंने ने अपील करते हुए कहा है कि कल 7 अगस्त को नेशनल हैंडलूम डे है. आइए भारत की हैंडलूम विविधता को लोकप्रिय बनाएं. बकायदा प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह मनाए गए फ्रेंडशिप का हवाला देते हुए आग्रह किया है कि 7 अगस्त सभी लोग हैंडलूम डे भी मनाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, '7 अगस्त 1905 हमें भूलना नहीं है. 7 अगस्त 1905 के लिए स्वदेशी आंदोलन का प्रारंभ हुआ था. और आत्म गौरव भारत की नींव डाली गई थी. अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी. जन-जन जुड़ गया था. अभी पिछले सप्ताह आप लोगों ने फ्रेंडशिप डे मनाया. ऐसे में मैं आपसे आग्रह करता हूं, कि 7 अगस्त हैंडलूम डे होता है. हमें इतने ही उत्साह और उमंग के साथ, हेंडलूम डे मनाना है. और हेंडलूम डे मनाने का मतलब है कि हर गरीब परिवार, बुनकर परिवार, अपने हाथों से अपने छोटे छोटे लूम पर कपड़े बनाते हैं, अब नई नई वैराइटी होती है. आप लोग भी इस तरह की वैरायटी के साथ GRWM Video करके जरूर दुनिया के सामने अपनी बात रख सकते हैं. हैंडलूम के लिए लोगों को प्रेरित कर सकते है. हमारा काम है, आत्म निर्भर भारत बनाने के लिए, हमारे इन छोटे-छोटे गरीब परिवारों के लिए भी, आर्थिक रूप से समृद्ध करना. आइए, हम स्वयं हैंडलूम से कुछ न कुछ खऱीदें. उसका एक वीडियो बनाएं और देश और दुनिया में उसे प्रचारित करें.' नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.
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Aug 6, 2026, 05:15 PM
भारत ने अग्नि-IV मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने अग्नि-IV मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने अपनी परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को फिर एक बार मजबूत करते हुए मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया है. 6 अगस्त 2026 को ओडिशा स्थित इंटीग्रेटेड टेस्टिंग रेंज चांदीपुर से यह मिसाइल सफलतापूर्वक दागी गई. रक्षा सूत्रों के अनुसार इस परीक्षण में मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक सत्यापित किया गया. यह परीक्षण रणनीतिक बल कमान यानी स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड में संपन्न हुआ. अग्नि-4 भारत के अग्नि मिसाइल परिवार की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. यह मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है जो लगभग 4000 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम मानी जाती है. चांदीपुर से किए गए इस परीक्षण में मिसाइल ने निर्धारित पथ पर उड़ान भरी और सभी निर्धारित मानकों को पूरा किया. रक्षा वैज्ञानिकों और सैन्य अधिकारियों ने इसे पूरी तरह सफल बताया है. रणनीतिक बल कमान के अधीन किए गए परीक्षण का मतलब है कि यह मिसाइल अब सक्रिय सैन्य इस्तेमाल के लिए तैयार अवस्था में है. इसकी विश्वसनीयता की पुष्टि हो चुकी है. इस तरह के परीक्षण नियमित रूप से किए जाते हैं ताकि मिसाइल प्रणाली की सटीकता, विश्वसनीयता और युद्ध क्षमता बरकरार रहे. अग्नि-4 का यह सफल प्रक्षेपण भारत की परमाणु निवारक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अग्नि मिसाइल सीरीज भारत की टैक्टिकल डिफेंस का आधार स्तंभ है. अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक की मिसाइलें अलग-अलग दूरी के लक्ष्यों को भेदने के लिए विकसित की गई हैं. अग्नि-4 खास तौर पर मध्यम दूरी के लक्ष्यों के लिए बनाई गई है. इसमें ठोस ईंधन तकनीक का इस्तेमाल होता है जिससे मिसाइल को जल्दी तैयार करके दागा जा सकता है. यह सड़क मोबाइल लॉन्चर से भी दागी जा सकती है जिससे इसकी गतिशीलता बढ़ जाती है. दुश्मन के लिए निशाना बनाना मुश्किल हो जाता है. The Strategic Forces Command and @DRDO_India carried out successful launch of MRBM Agni-4 from Integrated Test Range, Odisha on 6th August 2026. I congratulate SFC and DRDO for this textbook mission launch which reaffirmed India’s commitment to defend the Nation with state of… इस परीक्षण से साबित होता है कि भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन - DRDO तथा रणनीतिक बल कमान मिलकर मिसाइल प्रणालियों को लगातार अपग्रेड और मान्य करते रहते हैं. सफल परीक्षण न सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धि है बल्कि सैन्य तैयारियों का भी प्रदर्शन है. वर्तमान क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में ऐसे परीक्षणों का विशेष महत्व होता है. पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवाद और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत रखने पर जोर दे रहा है. अग्नि-4 जैसे परीक्षण से यह संदेश जाता है कि देश की परमाणु निवारक क्षमता सक्रिय और विश्वसनीय है. यह परीक्षण किसी खतरे के जवाब में नहीं बल्कि नियमित सैन्य अभ्यास और क्षमता प्रदर्शन के तहत किया गया है. स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड भारत के परमाणु हथियारों के संचालन के लिए जिम्मेदार है. इसके अधीन किए गए परीक्षण से साफ है कि मिसाइल प्रणाली सैन्य नियंत्रण में पूरी तरह तैयार है. अग्नि-4 का सफल परीक्षण इस बात की पुष्टि करता है कि देश स्वदेशी तकनीक पर आधारित मजबूत रक्षा प्रणाली विकसित करने में सफल हो रहा है.
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Aug 6, 2026, 05:11 PM
भारत ने अग्नि-4 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने अग्नि-4 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने गुरुवार को अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-4' का ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (SFC) की निगरानी में किया गया. परीक्षण के दौरान मिसाइल से जुड़े सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की सफलतापूर्वक पुष्टि हुई. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अग्नि-4 ने निर्धारित उड़ान मार्ग का पालन करते हुए सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्नि-4 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ और स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) को बधाई दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 6 अगस्त को डीआरडीओ और स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड द्वारा अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया गया. इसके लिए उन्होंने डीआरडीओ और एसएफसी की पूरी टीम को बधाई दी. राजनाथ सिंह ने कहा कि अग्नि-4 का सफल परीक्षण भारत की सामरिक क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति देश की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की रक्षा तैयारियों को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. इस सफल परीक्षण ने एक बार फिर मिसाइल की परिचालन विश्वसनीयता और भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को प्रमाणित किया है. अग्नि-4 भारत की स्वदेशी विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. चांदीपुर से किया गया यह परीक्षण भारत के सामरिक मिसाइल कार्यक्रम की निरंतर प्रगति और रक्षा तैयारियों का प्रतीक माना जा रहा है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नियमित उपयोगकर्ता परीक्षणों से मिसाइल प्रणाली की युद्धक तैयारी, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता का आकलन किया जाता है, जिससे सशस्त्र बलों की तैयारियां और मजबूत होती हैं. इससे पहले 22 मई को भारत ने शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-1' का भी ओडिशा के चांदी पुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से सफल परीक्षण किया था. उस परीक्षण में भी मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफल सत्यापन किया गया था. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अग्नि-1 भारत की स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल श्रृंखला का अहम हिस्सा है और कम दूरी तक सटीक मार करने में सक्षम है. वहीं, पिछले महीने जुलाई में भारत ने अपनी लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली 'कुश' का पहला सफल परीक्षण किया था. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ओडिशा तट पर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से परीक्षण के दौरान सफल रही. यह प्रणाली लंबी दूरी तक हवाई खतरों को निष्क्रिय करने में सक्षम है और इसके सफल परीक्षण के साथ भारत की वायु रक्षा क्षमता को नई मजबूती मिली है. ये भी पढ़ें: PM मोदी ने शेयर किया नया रील, 'हैंडलूम से कुछ न कुछ खरीदें, वीडियो बनाएं'
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Aug 6, 2026, 05:07 PM
किशोर की असामान्य आदतः त्वचा की जलन और डरावने बल से राहत के लिए तालाबों में तैरना

किशोर की असामान्य आदतः त्वचा की जलन और डरावने बल से राहत के लिए तालाबों में तैरना

16 साल का इकबाल शेख इन दिनों अपनी अनोखी जिंदगी की वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है. एक-दो दिन नहीं, बल्कि लगातार चार से पांच दिन, कभी-कभी सात दिनों तक भी वह पानी में ही रहकर समय बिताता है. इसलिए स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके लिए 'जल ही जीवन' नहीं, बल्कि 'जल में ही जीवन' है. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का यह मामला है. स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले लगभग पांच वर्षों से इकबाल घर छोड़कर बेलडांगा शहर के तमाम तालाबों में दिन-रात पानी में तैरते हुए रहता है. यह न तो किसी शौक का परिणाम है और न ही किसी रिकॉर्ड बनाने की कोशिश. इकबाल का कहना है कि उसके शरीर में लगातार जलन होती है. उसका दावा है कि उस पर जिन्न, परी या किसी अदृश्य शक्ति का साया है. जैसे ही वह पानी से बाहर निकलता है, शरीर में तेज जलन शुरू हो जाती है, जबकि पानी में उतरते ही उसे राहत मिलती है. लगातार कई दिनों तक पानी में रहने के कारण उसके हाथ-पैर और पूरे शरीर की त्वचा सफेद पड़ गई है. लंबे समय तक पानी में रहने से वह सर्दी-खांसी से भी पीड़ित हो गया है. इकबाल का आरोप है कि इलाज के लिए वह स्थानीय ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया था, लेकिन उसे उचित सहायता नहीं मिली. आर्थिक तंगी के कारण उसका परिवार प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने में भी असमर्थ है. हालांकि, स्थानीय लोग अब उसके इलाज के लिए आगे आ रहे हैं. रोज बड़ी संख्या में स्कूली छात्र और आम लोग तालाब के किनारे उसे देखने के लिए जुटते हैं. कई लोग उसे चिउड़ा, बिस्कुट और अन्य खाद्य सामग्री भी देते हैं. लेकिन कोई भी उसे घर में रोक नहीं पाता. इकबाल की यह असामान्य स्थिति देखकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है. उनका सवाल है कि आखिर इस तरह वह कब तक जीवित रह पाएगा. अब इकबाल की यह रहस्यमयी बीमारी अब पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बन गई है.
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Aug 6, 2026, 05:05 PM
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की आलोचना की, उनकी तुलना मोहम्मद अली जिन्ना से की

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की आलोचना की, उनकी तुलना मोहम्मद अली जिन्ना से की

पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम ममता बनर्जी और TMC पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी का समर्थन करना सीधे तौर पर मोहम्मद अली जिन्ना के उस विभाजनकारी सपने को पूरा करने के समान है, जिसके तहत वे बंगाल को भारत से अलग करना चाहते थे. संबोधन की शुरुआत में शुभेंदु अधिकारी ने 1947 के देश के बंटवारे के ऐतिहासिक पन्नों को पलटा. उन्होंने कहा कि जब देश का विभाजन हो रहा था, तब मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मोहम्मद अली जिन्ना की नजरें 'अखंड बंगाल' और पूर्वी पाकिस्तान पर थीं. जिन्ना चाहते थे कि पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा बने. शुभेंदु अधिकारी ने याद दिलाया कि उस गंभीर समय में देश के कई कांग्रेसी नेता जहां असमंजस में थे. वहीं भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज और महान राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था. उन्होंने बंगाल को बचाने के लिए एक विशाल हस्ताक्षर अभियान शुरू किया. CM शुभेंदु ने आगे कहा कि 20 जून 1947 को बंगाल की तत्कालीन असेंबली में हुए मतदान में हिंदू विधायकों ने भारत के पक्ष में वोट किया, जिसके बाद पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बन सका. उन्होंने कहा कि आज टीमएसी उसी इतिहास और राष्ट्रवाद से दूर जा रही है. CM शुभेंदु ने ममता बनर्जी और टीएमसी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण पश्चिम बंगाल की डेमोग्राफी तेजी से बदली जा रही थी. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा और घुसपैठ रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय बार-बार राज्य सरकार से जमीन और सहयोग मांगता था, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के चलते मदद नहीं की जाती थी. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर समय रहते डेमोग्राफी में आ रहे इस खतरनाक बदलाव को नहीं रोका गया, तो पश्चिम बंगाल को 'ग्रेटर बांग्लादेश' बनने से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "ममता बनर्जी को सपोर्ट करना और मोहम्मद अली जिन्ना का सपना पूरा करना, ये दोनों बातें एक ही हैं. राज्य की पिछली व्यवस्था पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस शासनकाल में लगातार सनातन संस्कृति और पर्वों का अपमान किया गया. उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजनों के समय पिछली सरकार और उसके नुमाइंदों द्वारा दिए गए अमर्यादित बयानों का भी जिक्र किया. CM शुभेंदु ने कहा कि सनातन विरोधी सोच रखने वाली ताकतों को बंगाल की जागरूक जनता ने अब पूरी तरह नकार दिया है. अपने राजनीतिक संघर्ष और भवानीपुर विधानसभा चुनाव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद राष्ट्रवादी जनता और कार्यकर्ताओं ने जो साथ दिया, उसी का परिणाम है कि आज राज्य में डबल इंजन की राष्ट्रवादी सरकार स्थापित हुई है. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्तमान सरकार राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए पश्चिम बंगाल को विकास के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ा रही है. उन्होंने राष्ट्रविरोधी ताकतों का पूरी तरह सफाया करने और बंगाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को दोबारा स्थापित करने का संकल्प दोहराया.
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Aug 6, 2026, 05:04 PM
अहमदाबाद में शादीशुदा महिला ने पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया

अहमदाबाद में शादीशुदा महिला ने पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया

गुजरात के अहमदाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक विवाहिता ने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. 34 वर्षीय महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया. महिला का यह भी आरोप है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की स्पष्ट मनाही के बावजूद पति ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और बाद में उसका गर्भाशय निकलवाना पड़ा. शिकायत मिलने के बाद ग्रामीण महिला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस जांच के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला की शादी वर्ष 2011 में राजकोट के एक युवक से हुई थी. महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर उसे डराते-धमकाते थे. उनका कहना था कि यदि वह शिकायत करेगी तो भी उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा और उसे ही परेशानी उठानी पड़ेगी. महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति अक्सर उससे झगड़ा करता था और मारपीट करता था. शिकायत के अनुसार, एक बार पति ने लाठी से उसकी पिटाई की, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई और उसे लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद पति ने उसे मायके वालों से संबंध रखने से रोक दिया. यहां तक कि उसे अपने भाई की शादी में भी जाने की अनुमति नहीं दी गई. महिला के अनुसार, इस तरह की पाबंदियों और लगातार प्रताड़ना के कारण उसका जीवन बेहद कठिन हो गया था. शिकायत में महिला ने कहा है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ ने स्वास्थ्य कारणों से कुछ समय तक शारीरिक संबंध न बनाने की सलाह दी थी. इसके बावजूद पति ने कथित तौर पर जबरन संबंध बनाए. महिला का आरोप है कि इससे उसके गर्भाशय को गंभीर नुकसान पहुंचा और बाद में उसे गर्भाशय निकलवाने की नौबत आ गई. महिला ने पुलिस को यह भी बताया कि उसका पति उस पर लगातार शक करता था. आरोप है कि वह महिला के सो जाने के बाद उसके मोबाइल से अनजान लोगों को संदेश भेजकर उसके खिलाफ झूठे सबूत तैयार करने की कोशिश करता था. महिला का कहना है कि पति ने उसे चरित्रहीन और मानसिक रूप से अस्थिर साबित करने की धमकी भी दी. शिकायत में यह भी कहा गया है कि पति ने उसकी मां की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में जाने से रोकने के लिए उसके भाई को भी धमकी दी. महिला के अनुसार, पति और ससुराल वालों के व्यवहार से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई थी. महिला का आरोप है कि लगातार झगड़ों और प्रताड़ना के दौरान एक बार पति ने उसे कमरे में बंद कर दिया था. इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया. बाद में जब पति ने उसे घर से निकाल दिया, तब उसने ग्रामीण महिला पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2017 में महिला ससुराल में कथित प्रताड़ना के कारण अपने बच्चों के साथ अडालज रहने चली गई थी. हालांकि इसके बाद भी पति का कथित उत्पीड़न जारी रहा. फिलहाल ग्रामीण महिला पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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Aug 6, 2026, 05:03 PM
रवि किशन के डांस मूव्स वायरल, सोशल मीडिया पर मीम्स और ट्रॉल

रवि किशन के डांस मूव्स वायरल, सोशल मीडिया पर मीम्स और ट्रॉल

भोजपुरी स्टार और बीजेपी नेता रवि किशन अक्सर किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं. कभी वो अपने बयानों की वजह से तो कभी उन पर बने मीम्स की वजह से वो हेडलाइन्स बटोर लेते हैं. आज कल तो उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है. उनके डांस स्टेप्स से लेकर बयान तक को मीम्स के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. रील्स पर तो यूजर्स खुद को रवि किशन एडिक्ट बता कर वीडियोज बना रहे हैं. चलिए बताते हैं उनके वायरल मीम्स के बारे में... रवि किशन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जब वो अपनी सीरीज 'मामला लीगल है' सीजन 2 के ट्रेलर लॉन्च में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने गले में फूल माला डाले जो डांस मूव्स दिखाए थे वो वायरल हो रहा है. उसका लोग सोशल मीडिया पर खूब मजाक बना रहे हैं. इस दौरान एक्टर को सूट-बूट में देखा गया था. A post shared by Danny pandit (@dannyypandit) A post shared by Reelitix (@reelitix) 'मामला लीगल है' के दौरान का रवि किशन का एक और वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. इसमें उन्हें ब्लू कलर के कोट और व्हाइट पैंट में देखा गया था. इस दौरान उनके साथ अपारशक्ति खुराना भी स्टेज पर थे. इस बीच भी रवि किशन ने डांस मूव्स दिखाए थे, जो खूब वायरल हो रहा है. A post shared by Bollywood Paparazzi (@bollywoodpaparazzii) वहीं, रवि किशन का एक और डांस मूव्स सोशल मीडिया पर खूब छाया हुआ है, जिसमें एक्टर माइक थामते हैं और फिर अजीब सा फेस रिएक्शन देकर डांस मूव्स दिखाते हैं. वो कमाल का डांस स्टेप सोशल मीडिया पर इन दिनों छाया हुआ है और इसका हर कोई मजाक बना रहा है. इस दौरान स्टेज पर उनके साथ एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित भी थीं, जो अपनी हंसी को कंट्रोल करती नजर आती हैं. A post shared by Aastha (@editsbyaasthaaaa) इसके साथ ही इस लिस्ट में उनका एक और रिएक्शन शामिल है, जिसमें वो मनोज तिवारी के साथ पोज देते हैं. इसमें वो मनोज के साथ पोज देते हैं तो फेस के कुछ ऐसे रिएक्शन देते हैं, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे भी रील्स यूजर्स खूब कॉपी करके उन्हें रोस्ट कर रहे हैं. रवि किशन का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जिसमें एक्टर चुनाव प्रचार के बाद भोले शंकर का भक्ति गीत गाते हुए नजर आते हैं. इसमें वो 'हर हर भोले ओम नमः शिवाय' गाते दिखाई देते हैं. उनका गाना सुनकर टीम भी हंसती है. इसे रील्स के जरिए सोशल मीडिया पर काफी वायरल किया जा रहा है. लोग रवि किशन को उनके इन सभी वीडियोज को लेकर रोस्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. A post shared by kayyyy <33 (@swaraa_w) A post shared by Nillotpal Mishra (@viralshit.in) इसके अलावा हाल फिलहाल में अब सोशल मीडिया पर उनका एक नया वीडियो भी सामने आ गया है, जिसमें रवि किशन को मौन व्रत में पार्लियामेंट के बाहर देखा गया. इस दौरान एक्टर चुप्पी साधे नजर आते हैं. इस दौरान वो बिना कुछ बोले ही ट्रेंड में आ गए हैं. सोशल मीडिया यूजर्स उनके मौन व्रत वाले वीडियो पर भी रोस्ट करने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं. राहुल यादव ABP Network में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और एंटरटेनमेंट डेस्क के लिए खबरें लिखते हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और मनोरंजन पत्रकारिता में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राहुल की भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड कवरेज में विशेष पकड़ मानी जाती है. उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, जनसत्ता और News18 हिंदी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया है. राहुल ने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से जनसंचार में स्नातकोत्तर (MA in Mass Communication) और University of Delhi से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (BA) किया है.
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Aug 6, 2026, 05:00 PM
ट्रॉफी विवाद के बीच रियलिटी टीवी स्टार ने'लॉक अप'सीजन 2 जीता

ट्रॉफी विवाद के बीच रियलिटी टीवी स्टार ने'लॉक अप'सीजन 2 जीता

कंटेंट क्रिएटर और रियलिटी शो स्टार श्रेया कालरा ने बुधवार को 'लॉक अप' सीजन 2 का खिताब अपने नाम कर लिया. लेकिन इस जश्न के बीच सोशल मीडिया पर श्रेया को मिली चमचमाती ट्रॉफी को लेकर एक अलग ही विवाद छिड़ गया. ट्रॉफी पर लिखे टेक्स्ट को देखकर यूजर्स हैरान रह गए और इंटरनेट पर यह चर्चा तेज हो गई कि विनर के साथ कोई बड़ी गड़बड़ी हुई है. हालांकि, खुद श्रेया कालरा ने इस पूरी बहस पर चुटकी लेते हुए ऐसा जवाब दिया कि सबकी बोलती बंद हो गई. फिनाले नाइट में जब शो के होस्ट रितेश देशमुख और फराह खान ने स्टेज पर श्रेया कालरा को विजेता घोषित करते हुए ट्रॉफी सौंपी, तो दर्शकों का ध्यान ट्रॉफी पर लिखी डिटेलिंग पर गया. लोगों ने गौर किया कि श्रेया को जो ट्रॉफी दी गई है, उस पर 'सीजन 2' के बजाय ' लॉक अप सीजन 1' लिखा हुआ था. सोशल मीडिया पर लोग मेकर्स की इस लापरवाही पर तरह-तरह के सवाल उठाने लगे और कई यूजर्स ने तो यहां तक कह दिया कि श्रेया के साथ धोखा हुआ है. फैंस के बीच बढ़ती इस नाराजगी और कन्फ्यूजन की असली वजह जल्द ही साफ हो गई. दरअसल, 'लॉक अप' का पहला सीजन ओटीटी प्लेटफॉर्म 'एमएक्स प्लेयर' (MX Player) पर स्ट्रीम हुआ था. जबकि इस बार यह नया सीजन 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) पर रिलीज किया गया है. नए प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करने की वजह से मेकर्स इसे नेटफ्लिक्स के हिसाब से अपना पहला सीजन मान रहे हैं और इसी वजह से ट्रॉफी पर 'सीजन 1' प्रिंट किया गया था. Shreya Kalra Breaks Silence On Trolls Saying She Got Munawar’s Trophy! 😳 #shreyakalra #lockupp #filmibeat pic.twitter.com/5uH7o81YTz पैपराजी ने जब श्रेया कालरा को घेरा और सीधे सवाल पूछा कि 'ट्रॉफी पर सीजन 1 क्यों लिखा हुआ है? आप इस पर क्या कहेंगी?', तो श्रेया ने बेहद कूल और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने पहले तो प्लेटफॉर्म के बदलाव वाली बात बताई कि नेटफ्लिक्स पर आने की वजह से इस पर सीजन 1 लिखा है, और फिर हंसते हुए बोलीं, 'लगता है मुझे मुनव्वर (मुनव्वर फारुकी) की ट्रॉफी दे दी गई है!' हालांकि, इस जोक के तुरंत बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए यह भी साफ कर दिया कि मुनव्वर के पास तो उनकी अपनी ओरिजिनल ट्रॉफी ही होगी.
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Aug 6, 2026, 05:00 PM
घानाई लड़की के सोशल मीडिया घोटाले में तीन विदेशी नागरिक जेल में

घानाई लड़की के सोशल मीडिया घोटाले में तीन विदेशी नागरिक जेल में

सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कर साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. राजकोट के जसदन के एक किसान से फेसबुक पर दोस्ती करने वाली घाना की युवती ने गिफ्ट भेजने के बहाने 6.31 लाख रुपये ठग लिए. शिकायत मिलने के बाद राजकोट साइबर क्राइम ने जांच शुरू की और दिल्ली-नोएडा में रहकर कथित तौर पर साइबर फ्रॉड करने वाले तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, किसान ने 'Mary M Samuelf' नाम के फेसबुक अकाउंट से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की थी. अगले ही दिन उसके पास एक युवती का फोन आया. उसने खुद को विधवा और एक बेटे की मां बताया. इसके बाद उसने किसान और उसके परिवार के लिए गिफ्ट भेजने की इच्छा जताई. बाद में जोसेफिन उर्फ एंजेल और किसान के बीच WhatsApp पर बातचीत शुरू हो गई. जोसेफिन ने किसान को बताया कि उसने जर्मनी से गिफ्ट पार्सल भेजा है. इसके बाद एक महिला ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बताते हुए फोन किया और विदेश से आए पार्सल को छुड़ाने के लिए पहले कस्टम ड्यूटी जमा करने को कहा. इसके बाद ठगों ने पार्सल में 30 हजार यूरो, सोने की चेन, लैपटॉप, घड़ी और iPhone होने की बात कही. आरोपियों ने किसान से अलग-अलग बहानों से रकम जमा कराई. कभी करेंसी कन्वर्जन, कभी पार्सल क्लीयरेंस तो कभी कस्टम ड्यूटी के नाम पर भुगतान मांगा गया. किसान आरोपियों के झांसे में आता गया और उसने अपने दोनों बैंक खातों से अलग-अलग किश्तों में कुल 6.31 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. पैसे भेजने के बावजूद किसान को कोई पार्सल नहीं मिला. इसके बाद भी जब आरोपियों की तरफ से लगातार और रकम की मांग की गई तो उसे संदेह हुआ. जब उसे ठगी का एहसास हुआ तो उसने साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की तकनीकी जांच शुरू की. पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, WhatsApp चैट, बैंक ट्रांजैक्शन, IP लॉग समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया. जांच में पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहकर कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे. इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए एक युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोसेफिन उर्फ एंजेल,निवासी घाना, म्गेंजेली इमानी डेनिस, निवासी तंजानिया और फिलिप बतिस्ता जोसेफ वेलेंटाइन, निवासी दक्षिण सूडान के रूप में हुई है. पुलिस को इस साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 15 बैंक खातों के बारे में भी जानकारी मिली है. इन खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों के जरिए कितने लोगों से रकम का लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं. जांच एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल संपर्क और वित्तीय लेनदेन को भी खंगाल रही हैं. ​ पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी भारत आने के बाद कथित तौर पर अपराध में शामिल हुए. पुलिस के मुताबिक, ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई और कोर्ट केस लंबित रहने की वजह से विदेशी नागरिकों के लिए अपने देश लौटना मुश्किल हो जाता है. जांच में यह भी सामने आया कि अपराध के जरिए भारत में रुकने का यह उनका कथित तरीका था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीन आरोपियों में से दो ने स्टूडेंट वीजा के जरिए भारत में प्रवेश किया था. वहीं, एक आरोपी शॉर्ट-टर्म वीजा पर भारत आया था. पुलिस के मुताबिक, फिलहाल तीनों के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है. साइबर क्राइम टीम अब आरोपियों के भारत में रहने की अवधि, उनके संपर्कों, बैंक खातों और दूसरे डिजिटल कनेक्शन की जानकारी जुटा रही है. पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क का दायरा केवल राजकोट के किसान तक सीमित नहीं हो सकता. इसलिए पुराने लेनदेन और संभावित पीड़ितों की भी जानकारी जुटाई जा रही है. इस मामले में सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कर विदेश से गिफ्ट भेजने का झांसा देने और फिर कस्टम या अन्य शुल्क के नाम पर रकम मांगने का तरीका सामने आया है. पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और अन्य संभावित मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
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Aug 6, 2026, 04:58 PM
घर के चारों ओर नाखून पॉलिश को फिर से बनाने के 7 आश्चर्यजनक तरीके

घर के चारों ओर नाखून पॉलिश को फिर से बनाने के 7 आश्चर्यजनक तरीके

लड़कियां हों या महिलाएं, सभी को अपने चेहरे के साथ ही नाखूनों को सजाना भी बहुत पसंद है. ऐसे में वो अक्सर जब भी बाजार जाती हैं, तो नेल पेंट खरीद लाती हैं. हालांकि, जब यही नेल पेंट्स पुरानी हो जाती हैं, रंग पसंद नहीं आता या एक्सपायरी के करीब पहुंच जाती है, तो ज्यादातर लोग उसे फेंक देते हैं. क्या आप भी ऐसा ही करते हैं? अगर हां, तो रुक जाइए क्योंकि यही नेल पेंट आपके घर के कई छोटे-छोटे कामों को आसान कर सकती है. जी हां, क्या आप जानते हैं कि नेल पेंट सिर्फ नाखूनों को खूबसूरत बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि घर के कई कामों में भी बेहद काम आ सकती है? कुछ आसान और स्मार्ट ट्रिक्स अपनाकर आप इससे घर की कई परेशानियों का हल निकाल सकते हैं. आइए जानते हैं नेल पेंट के ऐसे 7 शानदार घरेलू इस्तेमाल, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. अगर आपको किसी लिफाफे, गिफ्ट पैक या जरूरी पैकेट को सील करना है, तो सिर्फ ग्लू ही नहीं नेल पेंट भी आपके बहुत काम आ सकती है. लिफाफे, गिफ्ट पैक या जरूरी पैकेट के किनारों पर हल्की-सी ट्रांसपेरेंट नेल पेंट लगा दें. इससे सील मजबूत हो जाती है और अगर कोई इसे खोलने की कोशिश करेगा, तो निशान साफ दिखाई देंगे. घर में चश्मे, खिलौनों या छोटे फर्नीचर के स्क्रू बार-बार ढीले हो जाते हैं. ऐसे में स्क्रू कसने से पहले उस पर ट्रांसपेरेंट नेल पेंट की एक पतली परत लगा दें. सूखने के बाद यह स्क्रू को ज्यादा मजबूती से पकड़ने में मदद करती है. अगर आपके कपड़े के धागे अक्सर उधड़ जाते हैं, तो परेशान ना हों. जैसे ही किसी कपड़े का किनारा, बटनहोल या रिबन उधड़ने लगे तो उस जगह पर ट्रांसपेरेंट या कपड़े के रंग जैसी मिलती-जुलती नेल पेंट की हल्की परत लगा दें. इससे धागे फैलने से बच जाते हैं और कपड़ा कुछ समय तक सेफ रहता है. अगर घर में कई चाबियां एक जैसी दिखती हैं, तो हर चाबी के ऊपरी हिस्से पर अलग-अलग रंग की नेल पेंट लगा दें. इससे बिना समय गंवाए सही चाबी तुरंत पहचान में आ जाएगी. आर्टिफिशियल जूलरी हवा और नमी के कारण जल्दी काली पड़ जाती है. इसे पहनने से पहले पीछे की तरफ ट्रांसपेरेंट नेल पेंट की पतली कोटिंग कर दें. इससे वो फिर से चमकदार बना सकते हैं और उसकी चमक कुछ समय तक बनी रह सकती है. अगर लकड़ी के फर्नीचर या फोटो फ्रेम पर हल्की खरोंच आ गई है, तो आप नेल पेंट की मदद से उन्हें ठीक कर सकते हैं. उसी रंग से मिलती-जुलती नेल पेंट लगाकर आप उसे काफी हद तक छिपा सकते हैं. ये एक आसान और किफायती टच-अप ट्रिक है. अगर किसी फैशन इयररिंग्स, हेयर क्लिप या डेकोरेटिव आइटम का छोटा स्टोन निकल गया है, तो थोड़ी-सी ट्रांसपेरेंट नेल पेंट की मदद से आप उसे अस्थायी तरह से चिपका सकते हैं. हालांकि, भारी सामान के लिए मजबूत गोंद का इस्तेमाल ही बेहतर रहता है.
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Aug 6, 2026, 04:50 PM
सी. जी. पी. एस. सी. परीक्षा गड़बड़ियाँः असामान्य नाम सामने आए, कांग्रेस ने सरकार पर परिणामों में धांधली का आरोप लगाया

सी. जी. पी. एस. सी. परीक्षा गड़बड़ियाँः असामान्य नाम सामने आए, कांग्रेस ने सरकार पर परिणामों में धांधली का आरोप लगाया

छत्तीसगढ़ में CGPSC सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर की भर्ती परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. प्री-परीक्षा 2024 का परिणाम 12 जुलाई को घोषित हुआ था, जिसमें अनोखे नाम वाले प्रतिभागियों का नाम परीक्षा परिणाम में पाए गए. दरअसल, क्रमांक 467 में स्पेसरानी नाम की प्रतिभागी का नाम है. इसी तरह क्रमांक 6074 में न्यूज़ नाम का प्रतिभागी है. क्रमांक 5769 में तूफान नाम का प्रतिभागी है. क्रमांक 93 में मैन बटन का नाम का प्रतिभागी है. परीक्षा परिणाम की सूची को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर धांधली का आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि यूपीएससी की तर्ज पर CGPSC की परीक्षा कराने के सरकार के दावे फेल हो गए हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर के छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधा है. NEWS और SPACE RANI को CGPSC द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर प्री एग्जाम में सांय-सांय सफलता मिली है. दोनों को सांय-सांय बधाई. सनी लियोनि को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद ये विष्णुदेव जी की अभूतपूर्व उपलब्धि है. एक करोड़ रुपए के प्रतिदिन विज्ञापन देकर जनसम्पर्क विभाग को… pic.twitter.com/QuRRIh2vw5 पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "NEWS और SPACE RANI को CGPSC द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर प्री एग्जाम में सांय-सांय सफलता मिली है. दोनों को सांय-सांय बधाई." उन्होंने आगे लिखा, "सनी लियोनि को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद ये विष्णुदेव जी की अभूतपूर्व उपलब्धि है. एक करोड़ रुपए के प्रतिदिन विज्ञापन देकर जनसम्पर्क विभाग को चौराहों पर इस उपलब्धि को टांगना चाहिए ताकि आने वाले दिनों में 'रेडियो' और SPACE राजा भी किसी परीक्षा में सफल हो सकें."
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Aug 6, 2026, 04:48 PM
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आई. आई. एम. यू. एन. कार्यक्रम में शिकायतों के बीच बातचीत का आग्रह किया

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आई. आई. एम. यू. एन. कार्यक्रम में शिकायतों के बीच बातचीत का आग्रह किया

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार (6 अगस्त) को जेन-जी और जेन अल्फा के करीब 2000 सदस्यों को संबोधित किया. मुंबई में इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स (आईआईएमयूएन) के 15वें वर्षगांठ कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने शिरकत की. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन भी बातचीत का एक तरीका है. आईआईएमयूएन के इस कार्यक्रम का संचालन ऋषभ शाह ने किया. इस कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा, "अगर विभिन्न कारणों से बातचीत के जरिए चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो लोग आंदोलन की ओर जा सकते हैं. लेकिन इन सबका मकसद आम सहमति बनाना है, न कि विभाजन पैदा करना. जेन-जी की शिकायतें जायज़ हैं और मुझे उनकी ईमानदारी पर भरोसा है." ऋषभ शाह 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) के फाउंडर हैं. उन्होंने भारत के कुछ टॉप एजुकेशनल इंस्टिट्यूट जैसे IIM, IIT, HSNC यूनिवर्सिटी वगैरह में एंटरप्रेन्योरशिप, इंटरनेशनल मार्केटिंग, नेटवर्किंग और कम्युनिकेशन पर लेक्चर दिए हैं. वो पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल रिलेशंस और युवाओं के बारे में अपनी अपनी राय शेयर करते हैं. उन्होंने बुद्धिस्ट सोक्का गाकाई (Buddhist Sokka Gakai) जैसे आध्यात्मिक मंचों से लेकर खुद यूनाइटेड नेशंस तक में बात की है. ऋषभ शाह कई किताबों के लेखक भी हैं. उन्होंने तीन बेस्ट-सेलिंग किताबें लिखी हैं, जिनमें- 'एन ओपन माइक' (An Open Mic), 'नथिंग बट द ट्रुथ' (Nothing but the Truth) और उनकी सबसे हालिया किताब है 'यंग, वायर्ड एंड नॉट वोक' (Young, Wired & not Woke) शामिल है. तीसरी किताब में 12 मुद्दों पर बात की गई है. इनमें सोशल मीडिया, मेंटल हेल्थ, क्लाइमेट चेंज समेत अन्य मुद्दे शामिल हैं. इस किताब में इन मुद्दों पर भारतीयों के नजरिये का भी जिक्र किया गया है. इसके साथ ही ऋषभ क्लाइमेट चेंज से निपटने, संयुक्त राष्ट्र में सुधार लाने, लोकतंत्र को बढ़ावा देने और ऐसे ही कई अन्य गैर-विवादास्पद मुद्दों पर काम करने में विश्वास रखते हैं. अजीत कुमार एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. करीब एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अपने दृष्टिकोण के प्रति जागरूक और हमेशा कुछ नया सीखने की जिज्ञासा. राजनीति की खबरों में खास रुचि. तथ्यों पर सवाल उठाने, डेटा विश्लेषण और सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम. खाली वक्त में किताबें पढ़ने और संगीत से जुड़ाव.
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Aug 6, 2026, 04:38 PM
दिल्ली में भारी बारिश के दौरान खुले नाले में गिरे बच्चे, राहगीरों ने बचाया

दिल्ली में भारी बारिश के दौरान खुले नाले में गिरे बच्चे, राहगीरों ने बचाया

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बारिश के बीच प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है. वजीराबाद थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव में स्कूल से घर लौट रहे तीन मासूम बच्चे अचानक सड़क किनारे खुले नाले में गिर गए. पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों और एक ऑटो चालक की सतर्कता से तीनों बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जानकारी के अनुसार, दिल्ली में लगातार हुई बारिश के कारण जगतपुर सहित कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया था. जगतपुर के इंटीग्रेटेड एंट्री गेट के पास स्थित खुला नाला भी पूरी तरह पानी से भर गया था. सड़क और नाले के ऊपर बराबर पानी जमा होने से यह पहचानना मुश्किल हो गया था कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां शुरू हो रहा है. स्कूल की छुट्टी के बाद तीनों बच्चे अपने घर लौट रहे थे. सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि बच्चे सामान्य तरीके से सड़क पर चल रहे थे. तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे एक-एक करके खुले नाले में गिर गए. कुछ ही सेकंड में आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हादसे के समय सड़क पर ट्रैफिक जाम लगा हुआ था. इसी वजह से वहां मौजूद लोगों की नजर तुरंत बच्चों पर पड़ गई. एक ऑटो चालक ने बिना देर किए नाले में छलांग लगा दी और बच्चों को बाहर निकालना शुरू कर दिया. आसपास मौजूद अन्य लोगों ने भी उसकी मदद की. सभी ने मिलकर कुछ ही मिनटों में तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. समय रहते मदद मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया. घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. वीडियो में साफ दिखाई देता है कि बारिश के पानी के कारण नाला पूरी तरह छिप गया था और बच्चों को यह अंदाजा ही नहीं हो सका कि वे सड़क पर नहीं, बल्कि खुले नाले के किनारे चल रहे हैं. यह घटना एक बार फिर राजधानी में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है. हर साल मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि नालों को ढका जाएगा और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन जमीन पर हालात अलग नजर आते हैं. शहर के कई हिस्सों में आज भी छोटे और बड़े खुले नाले लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जब नाले पानी से भर जाते हैं तो सड़क और नाले के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता. ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों, खासकर बच्चों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है. हालांकि इस घटना में किसी बच्चे को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि खुले नालों को सुरक्षित बनाने और जलभराव की समस्या दूर करने की जरूरत अभी भी बनी हुई है.
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Aug 6, 2026, 04:35 PM
किम कार्दशियन रिलायंस ब्रांड्स के साथ साझेदारी के माध्यम से भारत में शेपवियर ब्रांड स्किम्स लॉन्च करेंगी

किम कार्दशियन रिलायंस ब्रांड्स के साथ साझेदारी के माध्यम से भारत में शेपवियर ब्रांड स्किम्स लॉन्च करेंगी

हॉलीवुड की मशहूर बिजनेस वुमन और सोशल पर्सनालिटी किम कार्दशियन के चर्चे भारत में भी रहते हैं. किम कुछ समय पहले अंबानी परिवार के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी में शामिल होने आई थी. तब उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी थीं. वहीं अब उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर भारत में काम करने का मन बना लिया है. दरअसल हॉलीवुड स्टार किम कार्दशियन अपने शेपवियर और इनरवियर ब्रांड SKIMS को भारत में लॉन्च करने जा रही हैं. अपने ब्रांड को वो रिलायंस ब्रांड्स लिमिटेड (RBL) के साथ साझेदारी के जरिए भारत लाएंगी. इस समझौते के तहत रिलायंस ब्रांड्स भारत में SKIMS के सभी रिटेल स्टोर और ऑनलाइन बिक्री का संचालन करेगी. कंपनी सबसे पहले दिल्ली और मुंबई में SKIMS के स्टोर खोलेगी. इसके बाद धीरे-धीरे दूसरे शहरों में भी ब्रांड का विस्तार किया जाएगा. इस बारे में बात करते हुए रिलायंस रिटेल वेंचर्स की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा कि, 'SKIMS ने दुनियाभर में आरामदायक, स्टाइलिश और सभी के लिए उपयुक्त फैशन की नई पहचान बनाई है. भारत के नए दौर के ग्राहक भी ऐसे ही फैशन की तलाश में हैं और रिलायंस इस ब्रांड को लंबे समय तक भारत में मजबूत बनाने के लिए काफी एक्साइटेड है'. वहीं, किम कार्दशियन ने कहा कि, 'SKIMS की शुरुआत इस सोच के साथ की गई थी कि हर व्यक्ति अपने कपड़ों में आरामदायक और आत्मविश्वास महसूस करे. उन्होंने कहा कि भारत से ब्रांड को शानदार प्रतिक्रिया मिली है और अब वे भारतीय ग्राहकों का अपने स्टोर्स में स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं. बता दें कि SKIMS की शुरुआत किम कार्दशियन और जेंस ग्रेडे ने मिलकर की थी. भारत में एंट्री से पहले ये ब्रांड लंदन और दुबई में नए स्टोर खोल चुका है. अब हांगकांग और सियोल में भी इसके स्टोर खुलने वाले हैं. प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc - Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस और यूटिलिटी विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके अलावा इन्होंने लंबे समय तक एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी लिखा है. लिखने के साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है
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Aug 6, 2026, 04:34 PM
राजस्थान के छात्रों ने झड़पों के बीच छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की

राजस्थान के छात्रों ने झड़पों के बीच छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग अब तेज होती जा रही है. राजधानी जयपुर के बाद गुरुवार शाम अजमेर में भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. दोनों शहरों में छात्रों ने चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की, सड़क पर प्रदर्शन किया और पुलिस से झड़प भी हुई. कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया. एबीवीपी का कहना है कि जब तक छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. अजमेर में महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी (MDS) के मुख्य गेट पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुष्कर बाईपास रोड जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया. जाम के कारण पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला, एडिशनल एसपी ग्रामीण लालचंद कायल और कार्यपालक मजिस्ट्रेट की गाड़ियां भी फंस गईं. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने एडिशनल एसपी की गाड़ी को आगे बढ़ने से रोक दिया और सड़क पर धरने पर बैठ गए. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हटाया. इसके बाद एक दर्जन से अधिक छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचाया गया. वहीं जयपुर में राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में भी छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. हिरासत में लिए जाने के बाद भी कार्यकर्ता पुलिस वैन के अंदर नारेबाजी करते रहे. एबीवीपी ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को जबरन रोका गया. एबीवीपी का कहना है कि राजस्थान में पिछले चार वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं. संगठन का दावा है कि छात्रसंघ छात्रों की आवाज उठाने का लोकतांत्रिक मंच है और इस पर रोक लगाना उचित नहीं है. कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव की घोषणा करने की मांग की. उनका कहना है कि जब तक चुनाव बहाल नहीं किए जाते, तब तक पूरे प्रदेश में आंदोलन जारी रहेगा. जयपुर के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं.
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Aug 6, 2026, 04:30 PM
हरियाली तीजः हिंदू धर्म में प्रेम और समृद्धि का उत्सव

हरियाली तीजः हिंदू धर्म में प्रेम और समृद्धि का उत्सव

सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है. द्रिग पंचांग के अनुसार, इस साल हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त को रखा जाएगा. इस दिन सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु और घर की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तीज का त्योहार साल में कई बार मनाया जाता है. हरियाली तीज की तरह हिंदू धर्म के कई पवित्र महीनों अलग-अलग नाम से तीज का त्योहार आता है. आइए जानते हैं कि साल में कुल कितनी तीज होती हैं. हरियाली तीज सावन शुक्ल तृतीया तिथि को मनाई जाती है. सावन की हरियाली और वर्षा ऋतु के कारण इसका नाम हरियाली तीज पड़ा है. इसे भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था, जिसकी पूर्णता इसी दिन हुई थी. कजरी तीज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. इसे कजली तीज और सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार विशेष रूप से राजस्थान में लोकप्रिय है. इस दिन राजस्थान के बूंदी में माता पार्वती की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है. इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और चंद्रदेव की पूजा का विधान माना जाता है. हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इसे तीज के सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह निर्जला रखा जाता है. इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं. आखा तीज, जिसे अक्षय तृतीया भी कहा जाता है, हिंदू धर्म की अत्यंत शुभ तिथियों में गिनी जाती है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं. इसलिए लोग इस अवसर पर सोना खरीदते हैं, विवाह, गृह प्रवेश और नए कार्यों की शुरुआत करते हैं. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और महाभारत काल में पांडवों को अक्षय पात्र की प्राप्ति हुई थी. जलदान और पुण्य कार्यों के लिए भी यह तिथि विशेष मानी जाती है. गणगौर तृतीया चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है. 'गण' भगवान शिव और 'गौर' माता पार्वती का प्रतीक है. विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं योग्य जीवनसाथी की प्रार्थना करती हैं. रंभा तीज ज्येष्ठ माह में मनाई जाती है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अप्सरा रंभा और माता पार्वती की पूजा करती हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से पति की आयु लंबी होती है. महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात्रि में कथा सुनने के बाद ही जल ग्रहण करती हैं. वराह तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. यह पर्व भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान वराह ने हिरण्याक्ष का वध कर पृथ्वी यानी भूदेवी को मुक्त कराया था. इस दिन भगवान वराह और भूदेवी की पूजा की जाती है. विशेष बात यह है कि यह व्रत केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष भी श्रद्धापूर्वक इसे कर सकते हैं.
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Aug 6, 2026, 04:27 PM
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर आर्थिक सशक्तिकरण का आह्वान किया

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर आर्थिक सशक्तिकरण का आह्वान किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त यानी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) के अवसर पर अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक खास वीडियो संदेश जारी किया है. पीएम मोदी ने देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और स्वदेशी आंदोलन की नींव को याद दिलाते हुए भारत के पारंपरिक बुनकर समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का आह्वान किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश की शुरुआत इतिहास के एक बेहद अहम अध्याय को याद दिलाते हुए की. PM ने कहा,"साथियों, 1905 का 7 अगस्त... हमें भूलना नहीं है. 7 अगस्त 1905 को देश की आजादी के लिए स्वदेशी आंदोलन का प्रारंभ हुआ था और आत्मनिर्भर भारत की नींव डाली गई थी. अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी और जन-जन इससे जुड़ गया था." युवाओं और देशवासियों से सीधे जुड़ते हुए PM मोदी ने कहा कि जैसे हाल ही में सभी ने पूरे उत्साह के साथ 'फ्रेंडशिप डे' मनाया है, ठीक उसी तरह 7 अगस्त को 'हैंडलूम डे' भी उमंग के साथ मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हैंडलूम डे मनाने का असली मतलब देश के उन गरीब बुनकर परिवारों के साथ खड़े होना है, जो अपने घरों में लूम (करघे) पर अपने हाथों से खूबसूरत और विविधता से भरे कपड़े तैयार करते हैं. गरीब बुनकर भाइयों-बहनों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को एक खास डिजिटल गतिविधि में भाग लेने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने अपील की कि हर नागरिक खुद हैंडलूम (हथकरघा) से बना कोई न कोई उत्पाद या कपड़ा जरूर खरीदे. उस हैंडलूम वैरायटी के साथ एक छोटा वीडियो या रील बनाएं और उसे दुनिया के सामने सोशल मीडिया पर रखें. इस मुहिम के जरिए भारतीय बुनकरों के हुनर, सामर्थ्य और मेहनत का परिचय पूरी दुनिया को कराया जा सके. पीएम मोदी ने अंत में सभी देशवासियों को 7 अगस्त 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
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Aug 6, 2026, 04:24 PM
मध्य प्रदेश सरकार ने नई पीढ़ी से जुड़ने के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की

मध्य प्रदेश सरकार ने नई पीढ़ी से जुड़ने के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अब भगवान श्रीकृष्ण के जरिए नई पीढ़ी यानी GEN Z से जुड़ने की कोशिश में है. सरकार ने 'भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना' शुरू करने का फैसला किया है. इस योजना के तहत प्रदेश के 102 मेधावी छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी. सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करना नहीं है, बल्कि कला, कौशल, भारतीय ज्ञान परंपरा और बहुआयामी प्रतिभा को भी प्रोत्साहित करना है. योजना के तहत विद्यार्थियों का मूल्यांकन भगवान श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं की अवधारणा से प्रेरित मानकों पर किया जाएगा. स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा. योजना की विस्तृत रूपरेखा श्रीकृष्ण पाथेय न्यास तैयार करेगा, जो पात्रता, चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन के मानदंड तय करेगा. सरकार का दावा है कि इससे नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ेगी. योजना को लेकर मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी का बयान भी चर्चा में है. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को दुनिया का पहला GEN Z बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रयास है. उन्होंने कहा, "अगर GEN Z की भाषा में बात करें तो भगवान श्रीकृष्ण इस दुनिया के पहले GEN Z हैं. कोयले के अंदर छिपे हीरे को तराशकर अनमोल हीरा बनाने की प्रक्रिया ही यह योजना है. भगवान श्रीकृष्ण ने 64 कलाओं और 14 विद्याओं के ज्ञान से भारत की तस्वीर और तकदीर बदल दी थी. हमारा लक्ष्य है कि आज की पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जाने और उससे सीखकर आगे बढ़े." हालांकि, योजना के ऐलान के साथ ही इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस ने सरकार पर भगवान के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा, "अब सरकार को राम के नाम से डर लगने लगा है. चंदा चोरी के नाम से डर लगता है, इसलिए अब भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर बात कर रहे हैं." वहीं कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस को सनातन परंपरा से ही परेशानी है और वह हर सकारात्मक पहल का विरोध करती है. बीजेपी प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, "कांग्रेस को सनातन धर्म से ही दिक्कत है. पहले भगवान राम से दिक्कत थी, अब भगवान श्रीकृष्ण से भी होने लगी है. यह योजना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और भारतीय संस्कृति को सम्मान देने की पहल है." बहरहाल, एक तरफ सरकार इस योजना को नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहा है. ऐसे में छात्रवृत्ति से ज्यादा चर्चा फिलहाल इसके नाम और उससे जुड़ी सियासत की हो रही है.
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Aug 6, 2026, 04:20 PM
सबा अली खान ने खुलासा किया कि वह अब तक अविवाहित क्यों रहीं

सबा अली खान ने खुलासा किया कि वह अब तक अविवाहित क्यों रहीं

बॉलीवुड में सैफ अली खान और सोहा अली खान को हर कोई जानता है, लेकिन उनकी बड़ी बहन सबा अली खान हमेशा लाइमलाइट से दूर रही हैं. शर्मिला टैगोर और दिवंगत क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी की बड़ी बेटी सबा ने अब अपनी निजी जिंदगी को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया. उन्होंने बताया कि आखिर क्यों उन्होंने आज तक शादी नहीं की. नेहा धूपिया और अंगद बेदी के व्लॉग में बातचीत के दौरान 50 साल की सबा अली खान ने बताया कि उन्हें 18-19 साल की उम्र से ही शादी के रिश्ते आने लगे थे. उन्होंने कहा कि परिवार ने कई लड़कों से उनकी मुलाकात करवाई, लेकिन बात किसी से नहीं बनी. सबा ने यह भी खुलासा किया कि 19 साल की उम्र में वह लगभग शादी करने ही वाली थीं. कोलकाता के एक शख्स से उनकी बात काफी आगे बढ़ गई थी, लेकिन आखिरकार रिश्ता नहीं हो पाया. सबा ने हैरान करने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उनका कभी कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं रहा. उन्होंने बताया कि शादी के लिए कई लोगों से मुलाकात हुई, लेकिन उन्हें कभी ऐसा इंसान नहीं मिला जिसके साथ वह पूरी जिंदगी बिताने का फैसला कर पातीं. सबा ने कहा कि उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी एक बेहद शानदार इंसान थे. उन्होंने बताया कि वह अपने होने वाले पति में पिता जैसी ही खूबियां नहीं ढूंढ़ रही थीं, लेकिन पिता ने उनके लिए रिश्तों का एक अलग ही पैमाना तय कर दिया था. उनके मुताबिक, उनके पिता करिश्माई, जिम्मेदार, बेहद विनम्र और महिलाओं की आजादी का सम्मान करने वाले इंसान थे. सबा ने कहा कि एक्ट्रेस तापसी पन्नू की एक बात उनसे पूरी तरह मेल खाती है. उन्होंने कहा- तापसी ने कहा था कि मुझे लड़का नहीं, मर्द चाहिए. यही बात मुझे भी हमेशा सही लगी. सबा का कहना है कि उन्हें कभी ऐसा साथी नहीं मिला, जो उनकी सोच और व्यक्तित्व से पूरी तरह मेल खाता हो. सबा अली खान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. पिछले साल सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी की सालगिरह पर उन्होंने दोनों के लिए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया था. पुरानी और नई तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा था कि समय बदल गया, लेकिन दोनों के बीच का प्यार और केमिस्ट्री आज भी वैसी ही है. सबा अली खान ने फिल्मों में करियर नहीं चुना. वह एक जानी-मानी ज्वेलरी डिजाइनर हैं और लंबे समय से इसी क्षेत्र में काम कर रही हैं. हालांकि वह सोशल मीडिया पर अक्सर पटौदी परिवार की पुरानी और अनदेखी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं, जिन्हें फैंस काफी पसंद करते हैं. Photos: Instagram @sabapataudi
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Aug 6, 2026, 04:20 PM
कृत्रिम दूध घोटालाः नकली दूध को असली दूध के साथ मिलाया जा रहा हैः महाराष्ट्र एफ. डी. ए. आयुक्त

कृत्रिम दूध घोटालाः नकली दूध को असली दूध के साथ मिलाया जा रहा हैः महाराष्ट्र एफ. डी. ए. आयुक्त

दूध लगभग हर घर की जरूरत है और इसका इस्तेमाल सुबह से लेकर रात तक अलग-अलग तरीके से किया जाता है. सुबह चाय बनाने से लेकर दही, पनीर और मिठाइयां बनाने में दूध का इस्तेमाल किया जाता है. कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए बच्चों को मील में दूध शामिल होता है. मगर क्या आप जानते हैं कि रोजाना इस्तेमाल किया जाने वाला यही दूध आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि आपके घर आने वाला दूध सिर्फ दूध नहीं है, बल्कि उसमें कई हानिकारक केमिकल्स मिले हुए हैं. हाल ही में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने एक पॉडकास्ट में सिंथेटिक दूध को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि कुछ लोग कम पैसे में नकली दूध तैयार कर उसे असली दूध में मिलाकर बेच रहे हैं. तुकाराम मुंढे ने बताया कि 25 मई को पदभार संभालने के बाद महाराष्ट्र FDA लगातार कार्रवाई कर रहा है. विभाग हर दिन 20 से ज्यादा जगहों पर जांच कर रहा है. अब तक 1,131 से अधिक निरीक्षण किए जा चुके हैं. इस दौरान करीब 49.57 करोड़ रुपये का खाद्य पदार्थ जब्त किया गया है. इसके अलावा लगभग 1.6 लाख लीटर संदिग्ध मिलावटी दूध भी पकड़ा गया है. पॉडकास्ट में तुकाराम मुंढे ने बताया कि जांच के दौरान अधिकारियों को असली दूध के अलावा, केमिकल और नकली सामान से सिंथेटिक दूध बनाने का एक पूरा समानांतर नेटवर्क चलता हुआ मिला. यह दिखाता है कि मिलावटी दूध किसी छोटी-मोटी गलती से नहीं, बल्कि बड़े पैमाने के अवैध धंधे की तरह तैयार किया जा रहा था. उनके मुताबिक, कुछ लोग स्किम्ड मिल्क पाउडर, केमिकल, इमल्सीफायर कॉस्टिक सोडा और यहां तक कि शैंपू जैसी चीजों का इस्तेमाल कर ऐसा मिक्सर तैयार करते हैं, जो देखने में बिल्कुल दूध जैसा लगता है. इस तरह का दूध असली दूध की तुलना में बहुत कम पैसे में तैयार हो जाता है. उनका कहना है कि, गाय के दूध जैसा दिखने वाला सिंथेटिक दूध लगभग 15 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध जैसा तैयार किया गया दूध करीब 30 रुपये प्रति लीटर में बन सकता है. जबकि मार्केट में गाय का दूध 40 से 50 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है. ऐसे में असली दूध में नकली दूध मिलाकर कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने की कोशिश करते हैं. यह पूरी तरह गैरकानूनी और बेहद शर्मनाक है. उन्होंने यह भी बताया कि यह मिलावट सिर्फ एक जगह पर नहीं हो रही है, बल्कि जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में किसान लेवल, दूध कलेक्शन सेंटर और चिलिंग सेंटर तक अलग-अलग लेवल में मिलावट की जा सकती है. इसके बाद ही यह नकली दूध डेयरियों तक जाता है और फिर इससे दूसरे डेयरी प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं. FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का कहना है कि नकली दूध के धंधे को रोकने का सबसे असरदार तरीका ट्रेसेबिलिटी यानी हर बूंद दूध के सोर्स का रिकॉर्ड रखना है. जब तक यह पता नहीं होगा कि दूध किस किसान और किस पशु से आया है, तब तक मिलावट पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा. उन्होंने बताया कि दूध कलेक्शन सेंटर के पास पहले से ही यह रिकॉर्ड मौजूद होता है कि किस किसान के पास कितनी गाय या भैंस हैं और कुल कितना दूध इकट्ठा हुआ. हालांकि अब महाराष्ट्र में इन रिकॉर्ड्स को और सख्ती से लागू किया जा रहा है. दूध में मिलावट रोकने में डिजिटल टेक्नोलॉजी काफी मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि इसके जरिए गांवों में गाय-भैंस की संख्या कितनी है और उनके औसत दूध उत्पादन का रिकॉर्ड रखना आसान होगा. इससे यह रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी कि एक दिन में कितना दूध इकट्ठा होता है और अगर रिकॉर्ड से ज्यादा दूध निकले तो तुरंत उसकी जांच की जा सकती है. इसके साथ ही उन्होंने उन्होंने नेशनल डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन के तहत पशुओं की डिजिटल टैगिंग का भी जिक्र किया. जिससे काफी हद तक मिलावटी दूध को बाजार में आने से रोका जा सकता है.
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Aug 6, 2026, 04:18 PM
दिल्ली सरकार बिहार के छह प्रमुख शहरों के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करेगी

दिल्ली सरकार बिहार के छह प्रमुख शहरों के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करेगी

दिल्ली सरकार ने छठ महापर्व से पहले पूर्वांचल के लाखों प्रवासियों को राहत देने के लिए बिहार के छह प्रमुख शहरों के लिए नई अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया है. दिल्ली और बिहार सरकार सितंबर महीने में इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेंगी. इसके बाद दिवाली के तुरंत बाद और छठ से पहले यह सेवा विधिवत शुरू कर दी जाएगी. ये अंतरराज्यीय बस सेवा दिल्ली को पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर से सीधे जोड़ेगी. दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह के मुताबिक, सितंबर महीने में बिहार सरकार के परिवहन विभाग के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसके बाद दिवाली के तुरंत बाद और छठ महापर्व से पहले बस सेवा शुरू कर दी जाएगी, ताकि त्योहार के दौरान बिहार जाने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिल सके. उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में करीब 70 नई बसें चलाई जाएंगी. ये बसें दिल्ली से बिहार के छह प्रमुख शहरों- पटना, गया, मुज़फ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर के बीच नियमित रूप से चलेंगी. परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये सेवा केवल छठ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे साल प्रतिदिन संचालित होगी. यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भविष्य में बसों की संख्या में और इजाफा किया जाएगा. परिवहन मंत्री के ये भी बताया कि इन रूटों पर सेमी-स्लीपर डीलक्स बसें चलाई जाएंगी, जो एसी और नॉन-एसी दोनों श्रेणियों में उपलब्ध होंगी. इस पहल का उद्देश्य दिल्ली और बिहार के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना, प्रवासी श्रमिकों और पूर्वांचल के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना तथा त्योहारों के दौरान यात्रा को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और किफायती बनाना है. परिवहन मंत्री ने कहा कि अभी दिल्ली से बिहार जाने वाले अधिकांश लोगों को ट्रेन या निजी बस ऑपरेटरों पर निर्भर रहना पड़ता है. त्योहारों के दौरान निजी बस ऑपरेटर यात्रियों से कई गुना ज्यादा किराया वसूलते हैं. इस सरकारी बस सेवा के शुरू होने से यात्रियों को उचित और किफायती दर पर सुरक्षित यात्रा मिलेगी. इससे निजी ऑपरेटरों की मनमानी पर रोक लगेगी और दिल्ली सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी. इस सेवा के कुशल संचालन के लिए आनंद विहार में 13.5 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक बस टर्मिनल विकसित किया जा रहा है. दिल्ली से बिहार के इन शहरों तक की दूरी तय करने में लगभग 16 घंटे का समय लगेगा. इन रूटों पर एसी और नॉन-एसी दोनों श्रेणियों की सेमी-स्लीपर डीलक्स बसें उपलब्ध कराई जाएंगी.
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Aug 6, 2026, 04:17 PM
भारी बारिश के बीच हरिद्वार में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ा

भारी बारिश के बीच हरिद्वार में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ा

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 293.30 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर से थोड़ा ऊपर है. हालांकि अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है. सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. कांवड़ मेले के दौरान हाई फ्लो के कारण गंगनहर को अस्थायी रूप से बंद किया गया है. जबकि शिवभक्तों के लिए सिंचाई धारा के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. विकास त्यागी ने बताया कि जलस्तर में कभी भी उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसलिए प्रशासन को लगातार अपडेट दिया जा रहा है. उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की कि बंद नहरों को सुरक्षित समझकर उनमें प्रवेश न करें, क्योंकि पानी कभी भी छोड़ा जा सकता है. साथ ही सभी से गंगा नदी के तट से सुरक्षित दूरी बनाए रखने का आग्रह किया गया है. प्रशासन और सिंचाई विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है. यहां बता दें कि हरिद्वार से गंगा जल भरने के लिए कई राज्यों के कांवड़ यात्री पहुंच रहे हैं, जिस कारण भीड़ काफी बढ़ चुकी है गंगा के घाटों पर. सुरक्षा-व्यवस्था के भी पर्याप्त इंतजाम किये गए हैं. कांवर लेने वालों को भी हिदायत है कि गहरे पानी में न जाएँ. बीते कुछ दिनों में गोताखोरों ने कई लोगों को बचाया है. बावजूद इसके कई लोग गहरे पानी में डुबकी लगा रहे हैं. जब से कांवड़ मेला शुरू हुआ है हरिद्वार में गंगा तट पर निगरानी बढ़ा दी गयी है. पुलिस के साथ ही पीएसी बल और पैरा मिलिट्री फ़ोर्स भी तैनात की गयी है. रोहित सिखौला 2004 से एबीपी न्यूज़ से जुड़े हैं. राजनीतिक, क्राइम और धार्मिक खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं.
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Aug 6, 2026, 04:17 PM
भारत सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न सामग्री की निगरानी के लिए नए नियम लागू किए

भारत सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न सामग्री की निगरानी के लिए नए नियम लागू किए

आजकल AI की मदद से किसी की भी नकली फोटो, वीडियो या आवाज तैयार करना आसान हो गया है. ऐसे फर्जी कंटेंट यानी Deepfake का इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने, धोखा देने, अफवाह फैलाने और साइबर अपराध के लिए किया जा रहा है. इसी खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने AI से बने कंटेंट पर निगरानी और सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ा दी है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने बताया है कि 10 फरवरी 2026 से आईटी नियमों में किये बदलाव लागू कर दिए गए हैं. सरकार के नए नियमों के मुताबिक अगर कोई AI से फोटो, वीडियो, ऑडियो या अन्य कंटेंट बनाता है और वह कानूनी रूप से स्वीकार्य है तो उस पर साफ बताया जाना चाहिए कि यह AI से तैयार किया गया कंटेंट है. इसके साथ ऐसा तकनीकी डेटा - Metadata भी रखना होगा, जिससे उसकी पहचान की जा सके. इसका मकसद लोगों को धोखे से बचाना है. सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव कंटेंट हटाने की समय-सीमा में किया है. अगर किसी अदालत या सरकार की ओर से किसी गैरकानूनी कंटेंट को हटाने का आदेश मिलता है तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अब 36 घंटे नहीं बल्कि सिर्फ 3 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी. वहीं शिकायतों के निपटारे की समय-सीमा भी घटा दी गई है. खास मामलों जैसे अश्लीलता, फर्जी पहचान या निजी तस्वीरों के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों पर और तेज़ कार्रवाई करनी होगी. सरकार ने साफ किया है कि इन मामलों में AI से बना कंटेंट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. किसी की फर्जी पहचान बनाना, डीपफेक वीडियो या ऑडियो, बिना अनुमति निजी तस्वीरें या वीडियो फैलाना, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट, भ्रामक या झूठी जानकारी फैलाना, देश की सुरक्षा या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कंटेंट, शामिल है. सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से कहा है कि वे सिर्फ शिकायत का इंतजार न करें. उन्हें AI और दूसरे तकनीकी टूल की मदद से ऐसे कंटेंट की पहचान करने और उसे रोकने की कोशिश करनी होगी. साथ ही यूज़र्स को यह भी बताना होगा कि गैरकानूनी कंटेंट पोस्ट करने पर उनका अकाउंट हटाया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. अगर कोई सोशल मीडिया कंपनी आईटी नियमों का पालन नहीं करती तो उसे आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा -Safe Harbour खोनी पड़ सकती है. इसके बाद कंपनी के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. अगर किसी ने आपकी फर्जी फोटो, वीडियो या आवाज़ बनाकर सोशल मीडिया पर डाली है तो आप संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिकायत करें. प्लेटफॉर्म की शिकायत का समाधान न होने पर Grievance Appellate Committee में अपील कर सकते हैं. National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी संपर्क कर सकते हैं. गंभीर मामलों में पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है. सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य AI के विकास को रोकना नहीं बल्कि उसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल सुनिश्चित करना है. इसी दिशा में India AI Mission के तहत IIT जोधपुर, IIT मद्रास और IIT खड़गपुर जैसे संस्थानों में डीपफेक पहचानने वाली तकनीक पर काम किया जा रहा है. अगर आपको सोशल मीडिया पर कोई ऐसा वीडियो या ऑडियो दिखे जो किसी नेता, अभिनेता या आम व्यक्ति का हो तो उसे तुरंत सच न मानें. आने वाले समय में AI से बने कंटेंट पर लेबल दिखेंगे और फर्जी या गैरकानूनी डीपफेक पर पहले के मुकाबले कहीं तेज कार्रवाई हो सकेगी. सरकार का मानना है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, बदनामी और फर्जी खबरों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी. वरुण भसीन एबीपी न्यूज़ में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. पिछले 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. वे एयरलाइंस, रेलवे और सड़क-परिवहन से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इससे पहले वे कई संस्थानों में काम कर चुके हैं. वरुण न्यूज जगत से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाते आए हैं. वरुण ने MBM यूनिविर्सिटी जोधपुर से पढ़ाई की है. संपर्क करने के लिए मेल आईडी है- varunb@abpnetwork.com
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Aug 6, 2026, 04:15 PM
उत्तर प्रदेश में इमारत गिरने से 3 की मौत, 6 घायल

उत्तर प्रदेश में इमारत गिरने से 3 की मौत, 6 घायल

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में गुरुवार (6 अगस्त) को एक दर्दनाक हादसा हो गया. सैदनगली थाना क्षेत्र के ताजपुर गांव में निर्माणाधीन भवन का लिंटर अचानक भरभराकर गिर गया. हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे. लिंटर गिरते ही मजदूर मलबे के नीचे दब गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी. कुछ ही देर में पुलिस, प्रशासन और राहत टीम भी मौके पर पहुंच गई. सभी घायलों को मलबे से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है. प्रशासन ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण निर्माणाधीन भवन की मजबूती प्रभावित हुई थी. आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से लिंटर अचानक गिर गया. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि हादसे के सही कारणों की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी. मृतक मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उनका कहना है कि परिवार का सहारा छिन गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, अमरोहा के जिलाधिकारी नितिन गौड़ ने बताया कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि घायलों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
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Aug 6, 2026, 04:14 PM
पी. डी. पी. नेता इल्तिजा मुफ्ती पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई करने का आरोप

पी. डी. पी. नेता इल्तिजा मुफ्ती पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई करने का आरोप

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता और महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती की मुश्किलें बढ़ गई हैं. 4 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई और मारपीट करने के मामले में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दरअसल 4 अगस्त की शाम इल्तिजा मुफ्ती आर्टिकल 370 की बहाली की मांग को लेकर PDP के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ श्रीनगर के एमए रोड पर विरोध मार्च निकालने की कोशिश कर रही थीं. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. पुलिस के रोके जाने के बाद दोनों पक्षों में बहस हुई और हाथापाई के आरोप लगे. अब श्रीनगर पुलिस ने पूछताछ के लिए इल्तिजा को 7 अगस्त को कोठीबाग पुलिस स्टेशन में पेश होने का समन जारी किया है. इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसे इल्तिजा ने खुद फेसबुक पर शेयर किया था. घटना के बाद इल्तिजा मुफ्ती को इलाज के लिए पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कर्मियों ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की है. दूसरी ओर, पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए श्रीनगर के कोठीबाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 63/2026 दर्ज की है. ये एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के कई प्रावधानों के तहत दर्ज की गई है. इल्तिजा मुफ्ती पर धारा 132 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 121 (सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और धारा 191(2) (दंगा करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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Aug 6, 2026, 04:14 PM
नेपाल में लगातार बारिश से बिहार के बगहा में बाढ़

नेपाल में लगातार बारिश से बिहार के बगहा में बाढ़

नेपाल के तराई और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार के बगहा में दिखाई देने लगा है. बारिश के चलते गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 2.20 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. बैराज से इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक के निचले इलाकों में बाढ़ का असर दिखने लगा है. झंडू टोला, चाकदहवा और बिन टोली समेत दोन क्षेत्र के कई गांवों में पानी प्रवेश कर चुका है. इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है. स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी हुई है. निचले इलाकों में रहने वाले लोग नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन और संबंधित विभाग भी संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं. जल संसाधन विभाग के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण वाल्मीकिनगर बैराज पर पानी की आवक बढ़ रही है. इसी को देखते हुए परिस्थितियों के अनुसार बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है. विभाग की टीम जलस्तर और पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रख रही है. अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है. नदी में पानी बढ़ने के साथ निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. ​ लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. संभावित बाढ़ को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके. नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है तो गंडक नदी के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है. ऐसे में बगहा के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने की आशंका है. जिन गांवों में पानी पहुंच चुका है, वहां लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. प्रशासन की ओर से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह का जोखिम न लें और नदी के आसपास जाने से बचें. जल संसाधन विभाग भी बैराज से पानी के डिस्चार्ज पर नजर रख रहा है. फिलहाल, गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और नेपाल में जारी बारिश ने बगहा के निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. 2.20 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज के बाद कई गांव प्रभावित हुए हैं. आने वाले समय में बारिश की स्थिति और नदी के जलप्रवाह पर ही बाढ़ के खतरे की गंभीरता निर्भर करेगी.
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Aug 6, 2026, 04:12 PM
शोएब इब्राहिम ने कैंसर की लड़ाई के बीच पत्नी दीपिका कक्कड़ इब्राहिम का जन्मदिन मनाया

शोएब इब्राहिम ने कैंसर की लड़ाई के बीच पत्नी दीपिका कक्कड़ इब्राहिम का जन्मदिन मनाया

दीपिका कक्कड़ इब्राहिम टीवी की टैलेंटेड एक्ट्रेस हैं. इन दिनों वो कैंसर से जंग लड़ रही हैं. दीपिका इस लड़ाई को हिम्मत से लड़ रही हैं. इस जर्नी में उनके पति शोएब भी उनके साथ हैं. 6 अगस्त को दीपिका ने अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया. ये बर्थडे बेहद खास रहा. शोएब ने खुद से दीपिका के लिए केक बनाया. अब दीपिका को शोएब ने खास अंदाज में बर्थडे विश किया है और उन्हें फाइटर कहा. शोएब इब्राहिम ने लिखा, 'हैप्पी बर्थडे फाइटर...दीपिका आपने मुझे सिखाया कि असली हिम्मत कभी हार न मानने में होती है. आज इस खास दिन बस अल्लाह से अब यही दुआ है. अल्लाह तुम्हें लंबी उम्र और सेहतमंद जिंदगी दें. बस बाकी खुश मैं रख लूंगा वो मेरी जिम्मेदारी है.' शोएब की इस पोस्ट पर दीपिका ने जवाब भी दिया. उन्होंने लिखा, 'तुम साथ हो वो मेरी सबसे बड़ी ताकत है. आपका प्यार मुझे ताकतवर बनाता है हर दिन.' शोएब ने दो फोटोज भी शेयर की हैं. इनमें दीपिका बेहद खुश दिख रही हैं. फोटोज दीपिका की केक कटिंग सेरेमनी की हैं. पिक्स में दीपिका-शोएब के बेटे रुहान भी साथ में खड़े नजर आ रहे हैं. ये भी पढ़ें- 83 की उम्र में अमिताभ बच्चन ने की 24 घंटे की शिफ्ट, फिर केबीसी शूटिंग पर भी निकले, बोले- नहीं गया तो नौकरी गई दीपिका और शोएब की लव लाइफ की बात करें तो शो ससुराल सिमर का सेट पर दोनों की मुलाकात हुई थी. इसके बाद दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्यार. दोनों ने 22 फरवरी 2018 को शादी कर ली. कपल की शादी शोएब के होमटाउन मौदहा में हुई. इसके बाद दीपिका-शोएब ने 26 फरवरी को मुंबई में रिसेप्शन दिया. दीपिका और शोएब की शादी काफी चर्चा में रही. दरअसल, शोएब और दीपिका ट्रोल भी हुए. दीपिका और शोएब का धर्म अलग-अलग हैं. शोएब से शादी के लिए दीपिका ने मुस्लिम धर्म अपनाया. इसी वजह से दीपिका को ट्रोलिंग झेलनी पड़ी. अब दोनों एक बेटे रुहान के पेरेंट हैं. दीपिका और शोएब हर मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे की ढाल बनकर खड़े हैं. दरअसल पिछला कुछ समय उनके लिए मुश्किलभरा रहा है. दीपिका को लिवर कैंसर है. उनकी दो बार सर्जरी हो चुकी है और अब उनका इन्फ्यूजन चल रहा है. दीपिका इस मुश्किल जर्नी में बहुत हिम्मत बांधे हुए हैं. शोएब भी उनके साथ पूरे सपोर्ट से हैं. इसी बीच शोएब के पिता की भी तबीयत बिगड़ गई थी. उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था. इसके बाद वो कई दिन हॉस्पिटल में रहे. अब शोएब के पिता घर आ गए हैं और पूरी देख-रेख में हैं. शोएब ने इस मुश्किल वक्त के बारे में अपने यूट्यूब व्लॉग के जरिए फैंस को अपडेट किया. A post shared by Shoaib Ibrahim (@shoaib2087) ये भी पढ़ें- 'कई बार अकेले में रोया', बेटी सुनैना को हुआ था कैंसर, राकेश रोशन याद कर हुए इमोशनल वर्क फ्रंट पर दीपिका ने अब टीवी की दुनिया से दूरी बना ली है और वो अपना क्लोदिंग और जूलरी ब्रांड चला रही हैं. वहीं यूट्यूब पर व्लॉग भी डालती हैं. वहीं शोएब भी यूट्यूब पर व्लॉग डालते हैं. उन्हें यूट्यूब पर 6 साल हो गए हैं. इसके अलावा शोएब अपना प्रोडक्शन हाउस भी चलाते हैं. शोएब फिलहाल टीवी शोज में नजर नहीं आ रहे हैं.
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Aug 6, 2026, 04:10 PM
कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए मुजफ्फरनगर की मस्जिद को पर्दे से ढक दिया गया

कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए मुजफ्फरनगर की मस्जिद को पर्दे से ढक दिया गया

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में इस समय कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है. लाखों शिवभक्त कांवड़िए जिले से होकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की ओर जा रहे हैं. कांवड़ियों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए शहर के मीनाक्षी चौक के पास स्थित मोहल्ला अंसारियान की एक मस्जिद को स्थानीय लोगों ने टेंट के पर्दों से ढक दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से उठाया गया है. उनका कहना है कि मस्जिद में बच्चों को पढ़ाया जाता है और कांवड़ यात्रा के दौरान इलाके में काफी भीड़ रहती है. ऐसे में बच्चों के अचानक बाहर निकलने और कांवड़ियों से टकराने की आशंका रहती है. इसी वजह से हर साल भीड़ के समय मस्जिद को पर्दों से ढक दिया जाता है. जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी चौक के पास स्थित इस मस्जिद में बच्चों की पढ़ाई भी होती है. कांवड़ यात्रा के दौरान आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुजरते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि बच्चों का ध्यान बाहर की गतिविधियों की ओर चला जाता है और वे दौड़ते हुए बाहर आ सकते हैं. इससे किसी कांवड़िए का जल गिरने या किसी तरह की अप्रिय स्थिति बनने की संभावना रहती है. स्थानीय निवासी शहजाद ने बताया कि वह अंसारियान मोहल्ले के रहने वाले हैं और यह फैसला पूरी तरह स्थानीय लोगों का है. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मस्जिद को पर्दों से ढका गया है. शहजाद ने कहा कि बच्चे बाहर का माहौल और कांवड़ यात्रा देखने के लिए उत्साहित हो जाते हैं. वे भागते हुए बाहर निकल सकते हैं. इसी वजह से पर्दे लगाए गए हैं ताकि बच्चे बाहर न आएं और किसी कांवड़िए से टकराने जैसी स्थिति न बने. उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई दबाव नहीं डाला गया. न प्रशासन ने कोई निर्देश दिया और न ही किसी ने ऐसा करने के लिए कहा. यह फैसला मोहल्ले के लोगों ने अपनी इच्छा से लिया है. शहजाद के अनुसार, मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले लोग अंदर ही नमाज अदा कर वापस चले जाते हैं. उन्होंने बताया कि यहां मुख्य रूप से मोहल्ले के लोग ही नमाज पढ़ने आते हैं. बाहर से लोगों का आना-जाना नहीं होता. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ को देखते हुए एहतियात बरतना और किसी भी तरह के विवाद या दुर्घटना से बचना है. उनका मानना है कि इससे बच्चों की सुरक्षा भी बनी रहती है और कांवड़ यात्रा भी बिना किसी बाधा के आगे बढ़ती है. मुजफ्फरनगर से होकर गुजर रही कांवड़ यात्रा के बीच यह व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका मकसद केवल भीड़ के दौरान सावधानी बरतना और सभी के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखना है.
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Aaj Tak
Aug 6, 2026, 04:09 PM
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच भारतीय जहाज खतरे में हैं

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच भारतीय जहाज खतरे में हैं

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही लगातार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से दोबारा खोलने के दावे कर रहे हों, लेकिन असल में इसे लेकर अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है. इस बीच, ईरान और ओमान के बीच एक रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर सहमति बनने की खबरें आई हैं, फिर भी भारत के लिए परेशानी कम होती नहीं दिख रही. दरअसल इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने 'मरीनट्रैफिक' डेटा के आधार पर ट्रैकिंग की. इसके मुताबिक, कम से कम 16 भारतीय ध्वज वाले जहाज फारस की खाड़ी, होर्मुज ओमान की खाड़ी और लाल सागर में मौजूद हैं. 16 में से 9 जनरल कार्गो जहाज (जैसे- CGM Vitoria, Jag Radha, Varada, Vishva Ekta वगैरह), 5 कच्चे तेल के टैंकर (Cangjie, Sanmar Suparna, Compass, Desh Shobha और Lila Jamnagar), 1 एलपीजी टैंकर (Nanda Devi) और 1 विशेष पोत (DP World Indus) शामिल हैं. ये जहाज होर्मुज से लेकर अरब सागर और मिस्र की ओर लाल सागर तक फैले हुए हैं. दुनिया भर में समुद्री नाविकों के दूसरे सबसे बड़े सप्लायर के रूप में भारत के लिए ये संकट दोहरा झटका है. एक तरफ देश की ऊर्जा सुरक्षा दांव पर है, तो दूसरी ओर हजारों भारतीय नाविकों की जान जोखिम में है. आंकड़ों के मुताबिक, 1 मार्च से 6 अगस्त 2026 के बीच भारत से जुड़े कम से कम 19 जहाजों पर मिसाइल, ड्रोन, हथियारबंद हमलों या चेतावनी भरी गोलीबारी की घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन संघर्षों में अब तक 17 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है. मार्च में 'MT Skylight' पर हुए हमले से लेकर जुलाई में ओडेसा पर हुए रूसी हमले तक में भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत हुई है. हाल ही में 4 अगस्त को यमन के अल मुखा से 9 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक पोत 'MSV Faize Noore Oliya' पर एक मानवरहित समुद्री पोत (Uncrewed Surface Vessel) से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के मुताबिक, बाद में भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की और बताया कि क्रू के सभी 13 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है. खतरे का दायरा अब सिर्फ होर्मुज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लाल सागर तक फैल चुका है. 16 जुलाई को ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने पर तेहरान ने यमन के हूती विद्रोहियों को अमेरिकी हमले की स्थिति में लाल सागर का मार्ग बाधित करने का निर्देश दिया था. इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसने ओमान के साथ होर्मुज के भौगोलिक मापदंडों पर एक 'परस्पर समझ' (Understanding) बनाई है. इस नए समझौते से ईरान को खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों पर ज्यादा कंट्रोल मिल सकता है, हालांकि मुख्य शर्तों पर बातचीत जारी है. दूसरी ओर, भारत का बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय लगातार अपने नाविकों की सुरक्षा में जुटा है. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर जानकारी दी कि इस संकट के दौरान 'सीफेयरर फर्स्ट' ढांचे के तहत अब तक 4,052 फंसे हुए भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है. इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के जरिए हजारों कॉल और ईमेल पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है.
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Aug 6, 2026, 04:01 PM
अमीषा पटेल ने प्रशंसक द्वारा प्रीति जिंटा के चरित्र की तुलना'गदर'में उनकी प्रतिष्ठित भूमिका से करने पर प्रतिक्रिया दी

अमीषा पटेल ने प्रशंसक द्वारा प्रीति जिंटा के चरित्र की तुलना'गदर'में उनकी प्रतिष्ठित भूमिका से करने पर प्रतिक्रिया दी

अमीषा पटेल ने हाल ही में X (पहले ट्विटर) पर #AskAmy सेशन किया, जिसमें उन्होंने कई फैंस के सवालों के जवाब दिए. लेकिन एक बातचीत ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान तेजी से खींचा, जब एक फैन ने 'बंटवारा 1947' में प्रीति जिंटा के किरदार की तुलना 'गदर' में अमीषा के मशहूर किरदार सकीना से की. फैन ने 2001 की ब्लॉकबस्टर फिल्म में अमीषा की एक्टिंग की तारीफ की और कहा कि हाल ही में रिलीज हुए 'बंटवारा 1947' के ट्रेलर में प्रीति का रोल उन्हें सकीना की याद दिलाता है. पोस्ट में लिखा था, 'क्या आपने 'बंटवारा' का ट्रेलर देखा है? ऐसा लगता है कि प्रीति जिंटा आपकी मशहूर सकीना की नकल करने की बहुत कोशिश कर रही हैं. लेकिन कुछ किरदार कभी भुलाए नहीं जा सकते और 'गदर' में आपने और सनी सर ने जो जादू दिखाया था, उसे कोई और नहीं दोहरा सकता.' Woh bhi bahut Khoobsurst hai bhai ❤️❤️🙏🏻🙏🏻Sakina wishes her the best . Tara ka dhyaan rakhna till he’s not back to where he belongs 😝😝😝😝😁👌👌 https://t.co/UbTpFnRJQO तुलना पर ध्यान देने के बजाय, अमीषा ने अपनी साथी एक्ट्रेस के लिए प्यार और तारीफ के साथ जवाब दिया. फैन को जवाब देते हुए उन्होंने लिखा, 'वो भी बहुत खूबसूरत हैं भाई. सकीना उन्हें शुभकामनाएं देती हैं. तारा का ध्यान रखना जब तक वह अपनी जगह वापस नहीं आ जाते.' फैन्स ने उनके जवाब की बहुत तारीफ की. कई लोगों ने एक्ट्रेस की तारीफ की कि उन्होंने तुलना करने के बजाय प्रीति को शुभकामनाएं दीं. एक और ट्वीट का जवाब देते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, 'मैं अपनी 'तारा' को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देती हूं और मुझे यकीन है कि वह वही करेगा जिसमें वह माहिर है... बॉक्स ऑफिस पर एक और 'गदर' मचाएगा. I wish my Tara all the best and I’m sure he will do what he does best .. create another gadar at the box office https://t.co/DzJ7XIB1OO यह तुलना इसलिए हो रही है क्योंकि 'गदर' और 'बंटवारा 1947' दोनों ही भारत के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्में हैं. अमीषा पटेल ने 'गदर: एक प्रेम कथा' में सनी देओल के तारा सिंह के साथ सकीना का किरदार निभाया था. यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बनी. दो दशक से ज़्यादा समय के बाद यह जोड़ी 'गदर 2' के लिए फिर से साथ आई, जिसे बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली. 'बंटवारा 1947' में सनी देओल एक बार फिर बंटवारे के दौर की कहानी में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए कुछ दर्शकों ने स्वाभाविक रूप से दोनों फिल्मों के बीच समानताएं देखी हैं. हालांकि, मेकर्स ने 'बंटवारा 1947' को अपने अलग किरदारों और संघर्षों वाली एक बिल्कुल अलग कहानी के तौर पर पेश किया है.
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Aaj Tak
Aug 6, 2026, 04:01 PM
रांची के छात्रों ने सरकार से समाधान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज किया

रांची के छात्रों ने सरकार से समाधान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज किया

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. अपनी मांगों को लेकर पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने गुरुवार शाम रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. गुरुवार शाम को छात्रों ने अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर स्टेडियम परिसर और आसपास के इलाकों में मार्च निकाला. इस दौरान छात्रों के आक्रोश और नारों से पूरा इलाका गूंज उठा. प्रोटेस्टर्स ने साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी दी कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है. लेकिन 13 दिनों से लगातार प्रदर्शन के बावजूद सरकार की तरफ से उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है. छात्रों ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित और संतोषजनक फैसला नहीं लेती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं. बारिश, भूख और आंदोलन... आखिर क्यों नहीं हट रहे छात्र? #JPSC #Ranchi #JharkhandStudentProtest #ATDigital pic.twitter.com/SJ0qL71EAr छात्रों और झारखंड सरकार के बीच प्रस्तावित उच्चस्तरीय वार्ता को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति बनी हुई है. हालांकि सरकार से बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधियों ने अपने सदस्यों के नाम प्रशासन को सौंप दिए हैं, लेकिन गुरुवार देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच कोई औपचारिक बैठक नहीं हो पाई. सूत्रों का कहना है कि अगर आखिरी वक्त में प्रशासनिक स्तर पर कोई सकारात्मक बदलाव होता है, तो रात में बातचीत संभव हो सकती है. वरना पूरी संभावना यही है कि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अब औपचारिक वार्ता शुक्रवार को ही होगी. छात्र अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अड़े हुए हैं, जिससे प्रशासन पर भी जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है.
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Aug 6, 2026, 03:56 PM
विश्वविद्यालय ने विभिन्न समितियों में संकाय सदस्यों की नियुक्ति की

विश्वविद्यालय ने विभिन्न समितियों में संकाय सदस्यों की नियुक्ति की

समन्वय समिति में डॉ. इतेंद्र पाल सिंह, सहायक कुलसचिव को सदस्य बनाया गया है। अनुशासन एवं सुरक्षा समिति में डॉ. अनिल मिश्र को जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया एवं फोटोग्राफी समिति में क्षितिज द्विवेदी को सदस्य बनाया गया है। भोजन समिति (विशिष्ट एवं सामान्य) में प्रो. संग्राम सिंह को सह-संयोजक बनाया गया है। दीक्षांत सप्ताह आयोजन एवं स्वयंसेवक समिति में डॉ. निमिष मिश्र, डॉ. स्नेहा पटेल, डॉ. शिवांश कुमार, डॉ. विमल यादव और डॉ. कुमार मंगलम सिंह को सदस्य बनाया गया है।विज्ञापनविश्वविद्यालय छात्रों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उपहार वितरण समिति में पांच सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, रत्नेश यादव, डॉ. कुमार मंगलम सिंह, डॉ. शिवांश कुमार और निहारिका श्रीवास्तव शामिल हैं। प्रदर्शनी समिति में संयोजक, चार सह-संयोजकों और सदस्यों सहित 18 सदस्य रखे गए हैं। प्रो. अनूप कुमार को संयोजक तथा प्रो. गंगाराम मिश्र, प्रो. सुरेन्द्र कुमार मिश्र, डॉ. विनोद कुमार चौधरी और डॉ. महेन्द्र पाल सिंह को सह-संयोजक बनाया गया है।विज्ञापनमां-बेटी सम्मेलन समिति सबसे बड़ी समितियों में शामिल है, जिसमें संयोजक, सह-संयोजकों और सदस्यों सहित कुल 10 सदस्य रखे गए हैं। इसके संयोजक की जिम्मेदारी डॉ. गीतिका श्रीवास्तव को दी गई है, जबकि डॉ. महिमा चौरसिया, डॉ. दीपशिखा चौधरी और डॉ. दीप्सा दुबे सह-संयोजक बनाई गई हैं। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी समिति संयोजकों को शीघ्र बैठक कर कार्ययोजना तैयार करने और उसकी प्रति कुलसचिव कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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Aug 6, 2026, 03:54 PM
आर. एस. एस. प्रमुख ने भारत में आरक्षण जारी रखने पर जोर दिया

आर. एस. एस. प्रमुख ने भारत में आरक्षण जारी रखने पर जोर दिया

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण को जारी रखने पर जोर दिया है. मुंबई में युवाओं से जुड़े एक संवाद में आरएसएस चीफ ने कहा कि आरक्षण सामाजिक कारणों से आया था, जबतक सामाजिक भेदभाव है, आरक्षण जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि जिन्हें आरक्षण मिल गया, और जिनकी स्थिति ठीक हो गई, उन्हें चाहिए कि वे कोटा का लाभ छोड़ दें. आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जिन लोगों को आरक्षण मिल चुका है, उनमें से कई ऐसे हैं, हालांकि उनकी संख्या कम है, वे कहते हैं कि हमने ले लिया है, हमारी स्थिति ठीक हो गई है अब दूसरों को दे दो. आरक्षण के लिए सब कैटेगरी बनाने का समर्थन करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि कैटेगरी बनाने की मांग कुछ प्रांतों में हो गई है, अभी सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि सबको मिलना चाहिए. तो आरक्षण पा चुके लोगों में एक ऐसी जमात है जो कहते हैं कि ये हमारे उत्थान के लिए है, यह स्थायी समाधान नहीं है, इसका हमें फायदा लेना है, अपनी स्थिति ठीक करनी है और इसे दूसरे लोगों के लिए लाभकारी बनाना है. जिन्हें अबतक इसका लाभ नहीं मिला है. ऐसा लोग सोचते हैं, इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए. इसमें राजनीति नहीं की जानी चाहिए. शिक्षा और रोज़गार में आरक्षण कम करने के समय के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए RSS प्रमुख भागवत ने कहा कि इस मुद्दे को बीआर अंबेडकर के नज़रिए से देखा जाना चाहिए. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जब तक सामाजिक भेदभाव बना रहेगा, तब तक आरक्षण जारी रहेगा. RSS प्रमुख ने कहा कि आरक्षण लागू करने का काम राजनीतिक सोच से अलग होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कल्याणकारी उपाय ईमानदारी और सच्चाई से लागू किए जाएं, तो "आरक्षण की ज़रूरत जल्द ही खत्म हो जाएगी," और उसके बाद ही इसके भविष्य पर चर्चा होनी चाहिए. VIDEO | Mumbai: While addressing Gen Z and Gen Alpha, RSS chief Mohan Bhagwat says, "...Reservation should continue as long as social discrimination exists. But those who have already benefited and whose situation has improved should consider allowing others to access the same… pic.twitter.com/R9cOSAaLAB भागवत ने इस मुद्दे के राजनीतिकरण की भी आलोचना की और कहा कि इससे सामाजिक सद्भाव बढ़ने के बजाय समाज में बंटवारा हुआ है. भागवत ने कहा, "असल में इसे सामाजिक एकता के उपाय के तौर पर शुरू किया गया था. यह उपाय अपने आप में गलत नहीं है. लेकिन जो लोग इसे इस्तेमाल कर रहे हैं, वे जानबूझकर इसे गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, जब तक इसे ठीक नहीं किया जाता, मुझे नहीं लगता कि कुछ भी बदलेगा." भागवत की आरक्षण पर टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब आरक्षण पर बहस फिर से चर्चा के केंद्र में आ गई है. हाल के हफ़्तों में राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश से आरक्षण-विरोधी प्रदर्शनों की खबरें आई हैं. कई समूह जाति-आधारित कोटे और UGC के इक्विटी नियमों (जिन पर अभी रोक लगी हुई है) की समीक्षा या उन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं. मोहन भागवत मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटरमें 2,000 'जेन जी'और 'जेन अल्फा' युवाओं की मौजूदगी में IIMUN के फाउंडर ऋषभ शाह से बातचीत कर रहे थे.
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Aug 6, 2026, 03:54 PM
बुजुर्ग महिलाओं की दुर्दशाः त्याग और दुर्व्यवहार चौंकाने वाली कहानियों में उजागर

बुजुर्ग महिलाओं की दुर्दशाः त्याग और दुर्व्यवहार चौंकाने वाली कहानियों में उजागर

सोनीपत के एक वृद्धाश्रम से सामने आई शिवचरण रतन गुप्ता की कहानी ने पूरे समाज को झकझोर दिया. पिता के निधन के बाद बेटियों के अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंचने की घटना ने कई सवाल खड़े किए. इसी बीच उसी वृद्धाश्रम में रह रहे दूसरे बुजुर्गों का दर्द भी सामने आया. किसी ने बेटों पर मारपीट का आरोप लगाया तो किसी ने कहा कि लाखों रुपये होने के बावजूद बेटा उन्हें अपने साथ नहीं रखना चाहता था. आज तक ने वृद्धाश्रम में रह रहे इन बुजुर्गों से खास बातचीत की. शिवचरण रतन गुप्ता की कहानी सामने आने के बाद गोहाना के गांव बोहला की पूर्व सरपंच ने भी अपनी आपबीती सुनाई. उन्होंने बताया कि एक समय वह गांव की सरपंच थीं और पंचायत के महत्वपूर्ण फैसले लिया करती थीं. लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि उन्हें अपना घर छोड़कर वृद्धाश्रम में रहना पड़ रहा है. पूर्व सरपंच का आरोप है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की. इसके बाद उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि अब उनके बेटे उनसे बात तक नहीं करते. हालांकि उनका भाई और बहन आज भी उनसे मिलने आते हैं और उनका हालचाल पूछते हैं. उन्होंने कहा कि कभी वह पूरे गांव की समस्याओं का समाधान करती थीं, लेकिन आज अपने ही परिवार की बेरुखी का दर्द झेल रही हैं. वृद्धाश्रम में रहने वाली एक अन्य बुजुर्ग महिला की कहानी भी कम भावुक नहीं है. उन्होंने बताया कि उनकी दो शादियां हुई थीं और दोनों पतियों का निधन हो चुका है. उन्होंने कहा कि उनके पास करीब 40 लाख रुपये की जमा पूंजी है. महिला का आरोप है कि बेटा पैसों के लालच में उन्हें अपने साथ नहीं रखना चाहता था. इसी वजह से उन्हें मजबूर होकर वृद्धाश्रम का सहारा लेना पड़ा. हालांकि, अपनों से मिली बेरुखी के बावजूद उनके मन में बेटे के लिए कोई नाराजगी नहीं दिखी. उन्होंने कहा कि उनके निधन के बाद उनकी पूरी संपत्ति बेटे की ही होगी. शिवचरण रतन गुप्ता की कहानी ने जिस तरह लोगों को भावुक किया, उसी तरह वृद्धाश्रम में रह रहे दूसरे बुजुर्गों की बातें भी रिश्तों के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करती हैं. कोई अपनों से दूर होकर आश्रम में रहने को मजबूर है तो कोई अपने ही परिवार के व्यवहार से आहत होकर यहां पहुंचा है. इन कहानियों में एक बात समान दिखाई देती है कि उम्र के आखिरी पड़ाव में कई बुजुर्ग अपने परिवार के बजाय वृद्धाश्रम में जीवन बिताने को मजबूर हैं.
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Aug 6, 2026, 03:53 PM
विधानसभा ने सुरक्षा उपायों के साथ मानसून सत्र की तैयारी की

विधानसभा ने सुरक्षा उपायों के साथ मानसून सत्र की तैयारी की

अमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली। विधानसभा में 7 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले बृहस्पतिवार को विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई। इसमें सत्र की कार्यवाही को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।सत्र से पहले आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी परखने के लिए विधानसभा परिसर में दिल्ली पुलिस ने व्यापक मॉक ड्रिल भी की। अधिकारियों ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान करीब 130 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ जवान तैनात रहेंगे।विज्ञापनसुरक्षा बढ़ाने के लिए परिसर की परिधि पर व्यू कटर लगाए जाएंगे। सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं। प्रवेश नियंत्रण प्रणाली मजबूत की गई है और संशोधित व्यवस्था के तहत प्रवेश केवल गेट नंबर-1 से ही होगा। अन्य गेट नियंत्रित रहेंगे। अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि मानसून सत्र के लिए विधानसभा पूरी तरह तैयार है और सभी एजेंसियां पूरे सत्र आपसी समन्वय से काम करें।विज्ञापनदिल्ली पुलिस का समर्पित कार्यालय भी बनाया जाएगासुरक्षा समन्वय के लिए विधानसभा में एसीपी स्तर के अधिकारी की स्थायी तैनाती और दिल्ली पुलिस का समर्पित कार्यालय भी बनाया जाएगा। सीआरपीएफ की क्विक रिस्पॉन्स टीम पहले से तैनात कर दी गई है। बैठक में निगरानी, संचार, आगंतुक प्रबंधन, तलाशी, यातायात, चिकित्सा और अग्निशमन जैसी आपात व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई।
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Aug 6, 2026, 03:52 PM
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए मॉप-अप राउंड की पेशकश की

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए मॉप-अप राउंड की पेशकश की

विश्वविद्यालय ने बताया कि मॉपअप राउंड में आवेदन के दौरान गलत भरी गई जानकारी को अभ्यर्थी 250 रुपये अतिरिक्त शुल्क जमा कर ठीक कर सकेंगे। इसके अलावा पहले के राउंड में कॉलेज आवंटित होने के बावजूद कॉलेज न पहुंचने वाले या कॉलेज बदलने के इच्छुक अभ्यर्थी भी इस राउंड में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें 1500 रुपये अतिरिक्त शुल्क जमा करना होगा। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को प्रवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आवश्यक निर्देशों के लिए एचपीयू की आधिकारिक वेबसाइट और प्रवेश पोर्टल देखने की सलाह दी है।
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Aug 6, 2026, 03:51 PM
'वायरल बॉय'धूम ने रांची में छात्र आंदोलन का समर्थन करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया

'वायरल बॉय'धूम ने रांची में छात्र आंदोलन का समर्थन करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया

कृष का गाना सुनेगा... इन शब्दों ने किसी समय 'धूम' नाम के एक लड़के को सोशल मीडिया सनसनी बना दिया था. अपने अंदाज में दिल ना दिया... गाना गाकर लाखों लोगों का ध्यान इसने अपनी तरफ खींचा था. वॉयरल बॉय की जिंदगी इसके इसी गाने की वजह से बदल गई. आज सोशल मीडिया पर यह लड़का जाना- पहचाना चेहरा बन चुका है. इन दिनों झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन को सपोर्ट करने 'धूम' भी पहुंचा हुआ था. यह लड़का मूल रूप से जमशेदपुर का रहने वाला है. इन दिनों सोशल मीडिया पर इस वायरल लड़के का एक वीडियो फिर से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों के बीच हाथ में माइक लिए दिखाई दे रहा है. धूम माइक पर अपने अपने चिर-परिचित अंदाज में आंदोलन कर रहे छात्रों से से पूछता है - कृष का गाना सुनेगा. उसके मुंह से इतने शब्द निकलते ही वहां मौजूद भीड़ का जोश दोगुना हो जाता है और सब धूम-धूम चिल्लाने लग जाते हैं. इसके बाद धूम अपने अंदाज में दिल ना दिया... गाना गाने लग जाता है. जयपाल सिंह स्टेडियम में जहां लोग जेपीएससी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहां धूम के पहुंचने से कुछ देर के लिए माहौल एकदम हल्का हो गया. अनशन और धरना पर बैठे छात्रों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई. धूम ने अपने सभी वायरल डायलॉग और गाने लोगों को सुनाएं और उनके आंदोलन को सपोर्ट किया. उसने वहां मौजूद लोगों से यह भी कहा कि उसकी जिंदगी में ऐसे हालात बन गए कि वह पढ़ नहीं पाया, लेकिन छात्रों के अधिकार के लिए यहां आया हुआ है. धूम भी वहां छात्रों के बीच झारखंड सरकार और जेपीएससी के खिलाफ धरना- प्रदर्शन में बैठा रहा. धरना स्थल से धूम से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वह इन दिनों जयपाल सिंह स्टेडियम में सेंटर ऑफ एट्रेक्शन बना हुआ है.
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Aug 6, 2026, 03:50 PM
जिला मजिस्ट्रेट ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी और मनकापुर तहसील में राशन कार्ड जारी किए

जिला मजिस्ट्रेट ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी और मनकापुर तहसील में राशन कार्ड जारी किए

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को बताया कि मां वाराही देवी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन घाट के अभाव में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी ने घाट निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि घाट बनने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।विज्ञापनडीएम ने मनकापुर तहसील परिसर में बड़े सरकारी कार्यक्रमों, बैठकों और जनसभाओं के लिए लगभग चार हजार वर्गफीट में आधुनिक शासकीय हाल के निर्माण को भी मंजूरी दी। जनता दर्शन के दौरान मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल दो नए शिक्षण कक्ष और एक बरामदे के निर्माण के लिए धनराशि जारी कराने के निर्देश दिए। आगणन तैयार होने के बाद कार्यदायी संस्था को धनराशि उपलब्ध करा दी गई है और निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा भी की जा रही है।विज्ञापनजनता दर्शन में शिकायत पर तत्काल बना राशन कार्डजनता दर्शन में राशन कार्ड न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश के बाद करनैलगंज तहसील के सकरौरा गांव निवासी शबनम जहां के परिवार का पात्र गृहस्थी राशन कार्ड तत्काल बना दिया गया। जिला पूर्ति अधिकारी ने पात्रता का परीक्षण कर पांच यूनिट का राशन कार्ड तैयार कराया। जिलाधिकारी ने स्वयं शिकायतकर्ता को राशन कार्ड सौंपते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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Aug 6, 2026, 03:50 PM
कापसड़ के घर में गैस सिलेंडर में लगी आग

कापसड़ के घर में गैस सिलेंडर में लगी आग

सरधना। कपसाड़ में बृहस्पतिवार को एक मकान में घरेलू गैस सिलिंडर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें उठती देख परिजनों और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझ जाने से बड़ा हादसा टल गया।कपसाड़ निवासी देवव्रत पुत्र सूरजपाल सिंह के घर में अचानक गैस सिलिंडर में आग लग गई। घटना की सूचना तत्काल दमकल विभाग को दी गई। दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाते हुए कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन की ओर से लोगों से गैस सिलिंडर और रसोई गैस उपकरणों का उपयोग सावधानीपूर्वक करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देने की अपील की गई है।विज्ञापन
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Aug 6, 2026, 03:49 PM
जिले भर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्देश

जिले भर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्देश

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए गए कि जनपद मुख्यालय, सभी तहसीलों, विकासखंड मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों, पंचायत भवनों, शासकीय कार्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों में निर्धारित समय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रगान, वंदेमातरम् और देशभक्ति गीतों के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत हो।विज्ञापनडीएम ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में जहां-जहां महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां 15 अगस्त पर अनिवार्य रूप से पौधरोपण कराया जाए। बैठक में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम संजय कुमार सिंह, सीआरओ रिंकी जायसवाल, सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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Aug 6, 2026, 03:48 PM
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने युवा पीढ़ी में विश्वास व्यक्त किया, शिक्षा प्रणाली में संवाद और सुधार का आह्वान किया

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने युवा पीढ़ी में विश्वास व्यक्त किया, शिक्षा प्रणाली में संवाद और सुधार का आह्वान किया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को भारत की युवा पीढ़ी पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि वे "जेन Z पर आंख मूंद करके भरोसा करेंगे." उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि छात्रों को बेहतर सिस्टम के लिए विरोध करने का पूरा अधिकार है. एक कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने कहा कि उन्हें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हालिया टकराव के सही जानकारी नहीं पता हैं, लेकिन युवाओं पर उनका भरोसा अटूट है। भागवत ने कहा, उन्होंने कहा कि उन्हें देश के युवाओं की नीयत और उम्मीदों पर भरोसा है. एंटी पेपर लीक प्रोटेस्ट पर युवाओं के विरोध और लोकतांत्रिक बातचीत का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध बातचीत का एक ज़रिया है. उन्होंने कहा, "लोकतंत्र बातचीत के बाद आम सहमति बनाने का एक तरीका है. शिकायतें जायज़ हैं, और हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में बहुत कुछ सुधारने की ज़रूरत है. इसलिए बातचीत ज़रूरी है." भागवत ने कहा कि पहले की पीढ़ियां शायद ही कभी अधिकारियों से सवाल पूछती थीं, लेकिन जेन Z और जेन अल्फा सवाल पूछते हैं और सहानुभूति के साथ तार्किक जवाब चाहते हैं. उन्होंने कहा, "हम कभी अधिकारियों से सवाल नहीं पूछते थे, लेकिन जेन Z और जेन अल्फा अधिकारियों से सवाल पूछते हैं और तार्किक जवाब चाहते हैं, वह भी प्यार के साथ." RSS प्रमुख ने कहा कि वह कभी भी जेन Z से विरोध न करने के लिए नहीं कहेंगे. हालांकि उन्होंने ज़ोर दिया कि लोकतंत्र में ऐसी अभिव्यक्ति के लिए सही रास्ता होना चाहिए. भागवत ने कहा, उन्होंने कहा कि सिस्टम में कमियां हैं जिन्हें ठीक करने की जरूरत है और छात्रों को अपनी आवाज उठाने और सुधार की मांग करने का लोकतांत्रिक अधिकार है. उन्होंने जोर दिया कि सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से किए गए विरोध को लोकतांत्रिक भागीदारी की जायज़ अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए. सवाल उठाने वाले युवाओं को अक्सर 'एंटी नेशनल' करार दिए जाने के आरोपों पर टिप्पणी करते हुए भागवत ने ज़्यादा सहानुभूति और समझ रखने की बात कही. उन्होंने कहा, "सहानुभूति और समझ की भावना होनी चाहिए. आज की पीढ़ी सबसे ईमानदार पीढ़ी है. उनकी बात सुनी जानी चाहिए और उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि उनकी बात सुनी जा रही है." मोहन भागवत ने कहा कि विरोध करने वाले एंटी नेशनल नहीं हो जाते, वे हमारे अपने लोग हैं. मोहन भागवत ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल की खबरों पर भी बात की और कहा कि उनके पास इन घटनाओं के बारे में पक्की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, भागवत ने कहा कि उन्हें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हालिया टकराव के सही हालात नहीं पता, लेकिन उन्होंने कहा कि पक्की जानकारी न होने के बावजूद युवाओं पर उनका भरोसा अटूट है. आरएसएस प्रमुख ने शिक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की और कहा कि शिक्षा को व्यावसायिक गतिविधि नहीं बनना चाहिए. उन्होंने कहा, "शिक्षा कोई व्यावसायिक धंधा नहीं है. समुदाय की मदद से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है. शिक्षा का आर्थिक बोझ बहुत ज़्यादा है. हमें सतर्क और सक्रिय रहने की ज़रूरत है और सिस्टम का नियमित रूप से आकलन करना होगा. हमें अपने शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने की ज़रूरत है. शिक्षा देना सिर्फ सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है." मोहन भागवत ने युवाओं पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर कहा कि नजरिया बदलना ज़रूरी है. सिर्फ कानून लागू करना काफ़ी नहीं है. हमें रोल मॉडल बदलने की जरूरत है. अगर किसी इन्फ़्लुएंसर के 10 लाख फ़ॉलोअर्स हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि वे लोगों को गुमराह न करें. सही और भरोसेमंद सोर्स की पुष्टि करना भी ज़रूरी है. अगर किसी चीज़ पर रोक लगाई जाती है, तो उसमें कमियां या रास्ते निकल ही आते हैं. इसलिए सिर्फ़ रोक लगाना ही समाधान नहीं हो सकता.
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Aug 6, 2026, 03:47 PM
भारी बारिश के बाद ग्रेनो वेस्ट में कृष्णा के कुलीन घरों में जलभराव

भारी बारिश के बाद ग्रेनो वेस्ट में कृष्णा के कुलीन घरों में जलभराव

ग्रेनो वेस्ट स्थित कृष्ण एलीट होम्स के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बारिश के बाद जलभराव। स्रोत नि ग्रेनो वेस्ट स्थित कृष्ण एलीट होम्स के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बारिश के बाद जलभराव। स्रोत नि ग्रेनो वेस्ट स्थित कृष्ण एलीट होम्स के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बारिश के बाद जलभराव। स्रोत नि ग्रेनो वेस्ट स्थित कृष्ण एलीट होम्स के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बारिश के बाद जलभराव। स्रोत नि
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Aug 6, 2026, 03:47 PM
अचानक मौसम में बदलाव से निवासियों को मिली राहत, किसानों को हुआ फायदा

अचानक मौसम में बदलाव से निवासियों को मिली राहत, किसानों को हुआ फायदा

अधिकतम तापमान घटकर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में अचानक आए इस बदलाव को देखते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया। बारिश का असर शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। सड़कों पर पानी भर जाने से वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। हालांकि, ठंडी हवाएं चलने से मौसम खुशनुमा हो गया। लोगों ने इस बदले हुए मौसम में राहत की सांस ली। परसपुर क्षेत्र में हुई बारिश किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई। लंबे समय से पर्याप्त वर्षा न होने के कारण धान और गन्ने की फसलें सूखने लगी थीं। खेतों की सिंचाई डीजल इंजन से करनी पड़ रही थी। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। बारिश के बाद खेतों में नमी लौट आई और फसलों को नई संजीवनी मिली।विज्ञापनसिंचाई का खर्च बचेगाकिसान बलराम, खुशीराम, जीवन, राजेंद्र और घल्लर ने बताया कि लगातार सिंचाई के कारण डीजल पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। समय पर हुई बारिश से न केवल सिंचाई का खर्च बचेगा। बल्कि धान और गन्ने की फसल को भी काफी फायदा मिलेगा। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 24 घंटे में जिले में करीब 100 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।विज्ञापन
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Aug 6, 2026, 03:47 PM
रेडियोलॉजिस्ट की कमी क्षेत्रीय निदान केंद्र और स्त्री रोग विभाग में चिकित्सा सेवाओं में बाधा डालती है

रेडियोलॉजिस्ट की कमी क्षेत्रीय निदान केंद्र और स्त्री रोग विभाग में चिकित्सा सेवाओं में बाधा डालती है

क्षेत्रीय निदान केंद्र और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में मशीनें स्थापित हैं। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में इनका उपयोग नहीं हो रहा है। मरीजों को समय पर जांच न मिलने से इलाज में देरी होती है। निजी केंद्रों पर 600 से 1200 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है।विज्ञापनइससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अधिक परेशानी होती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनिल तिवारी ने उच्च अधिकारियों को कमी की जानकारी दी है। नियुक्तियां होने पर अल्ट्रासाउंड सेवाएं पूरी क्षमता से शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि मेडिकोलीगल मामलों की जांच के लिए श्रावस्ती के डॉ. इंद्रदेव चौधरी को संबद्ध किया गया है, जो प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड जांच करते हैं।विज्ञापन
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Aug 6, 2026, 03:46 PM
बारिश की वजह से हजारों इलाकों में बिजली गुल

बारिश की वजह से हजारों इलाकों में बिजली गुल

शहर में सिंचाई विभाग के सामने बिजली लाइन में फाल्ट आने से करीब तीन घंटे तक आपूर्ति ठप रही। इससे आसपास के मोहल्लों के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। विभागीय कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल की। इटियाथोक क्षेत्र में रात करीब एक बजे हुई बारिश के कारण उपकेंद्र से जुड़े साउथ, ईस्ट, खरगूपुर और बलरामपुर फीडरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इससे करीब 40 गांवों के उपभोक्ता छह घंटे तक बिजली से वंचित रहे। बारिश थमने के बाद मरम्मत कार्य पूरा होने पर आपूर्ति बहाल की जा सकी।विज्ञापनउपभोक्ता आकाश श्रीवास्तव, आशीष मिश्र और आशीष पांडेय ने बताया कि लंबे समय तक बिजली न रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता विद्यासागर ने बताया कि लाइन पर बांस गिरने से लोकल फाल्ट हुआ था। इसे तत्काल हटाकर आपूर्ति बहाल कर दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य फीडरों पर ओवरलोड के कारण रोस्टिंग के माध्यम से बिजली आपूर्ति की गई।विज्ञापनपरसपुर फीडर से आपूर्ति हुई बाधितपरसपुर में तेज बारिश के दौरान बिजली लाइन पर बांस गिर गया। इससे परसपुर फीडर ब्रेकडाउन हो गया। रात करीब एक बजे बिजली आपूर्ति बंद हो गई। हजारों उपभोक्ताओं को पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:15 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
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