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May 5, 2026, 05:29 PM
सार्वजनिक भविष्य निधिः भारत में एक सुरक्षित और गारंटीकृत सेवानिवृत्ति निवेश विकल्प

सार्वजनिक भविष्य निधिः भारत में एक सुरक्षित और गारंटीकृत सेवानिवृत्ति निवेश विकल्प

रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित और गारंटीड फंड तैयार करने के मामले में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश की गई राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी(Maturity)पर मिलने वाला पूरा पैसा पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है। अगर आप हर वित्तीय वर्ष में पीपीएफ में अधिकतम ₹1.50 लाख (यानी करीब ₹12,500 प्रति महीना) का निवेश करते हैं, तो अगले 20 सालों में आप अपने लिए ₹66 लाख से अधिक का बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। अगर कोई निवेशक हर साल 1 से 5 अप्रैल के बीच पीपीएफ खाते में ₹1.50 लाख जमा करता है, तो 20 सालों में कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की ताकत से एक बड़ा फंड तैयार होता है। वर्तमान में पीपीएफ पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। इस गणित से साफ है कि 20 साल बाद आपके द्वारा जमा की गई मूल राशि से भी अधिक पैसा आपको केवल ब्याज के रूप में वापस मिलता है। पीपीएफ खाते की मूल मैच्योरिटी अवधि 15 साल की होती है। लेकिन, अगर आप अपने निवेश को जारी रखना चाहते हैं, तो आप इसे 5-5 साल के ब्लॉक में अनगिनत बार बढ़ा सकते हैं। इसके लिए आपको खाता मैच्योर होने के एक साल के अंदर बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म जमा करना होता है। अगर आप बिना नया पैसा जमा किए भी इसे आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो आप बिना योगदान के भी इसे 5 साल के लिए एक्सटेंड कर सकते हैं, जिस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा। पीपीएफ खाता देश के किसी भी प्रमुख बैंक (जैसे SBI) या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। आप एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.50 लाख का निवेश कर सकते हैं। खाता खोलने के लिए मुख्य पहचान पत्र के रूप में सरकारी नियमों के अनुसार वैलिड दस्तावेज देना अनिवार्य है। अगर खाता खोलते समय मुख्य दस्तावेज उपलब्ध न हो, तो पंजीकरण की रसीद दी जा सकती है, लेकिन खाता चालू रखने के लिए निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर 6 महीने) के अंदर इसे लिंक कराना जरूरी होता है, अन्यथा खाता ब्लॉक किया जा सकता है। सुरक्षित निवेश और बिना किसी टैक्स की चिंता के करोड़पति बनने का सफर शुरू करने के लिए पीपीएफ एक बेहतरीन और भरोसेमंद जरिया है।
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May 5, 2026, 05:23 PM
मट्ठा प्रोटीनः अपशिष्ट उत्पाद से लेकर फिटनेस उद्योग के सुपरस्टार तक

मट्ठा प्रोटीनः अपशिष्ट उत्पाद से लेकर फिटनेस उद्योग के सुपरस्टार तक

आज की हाई स्पीड लाइफ में फिट रहना सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है. लोग अब सिर्फ पतले दिखने के बजाय अंदर से मजबूत और हेल्दी रहना चाहते हैं, जिसके लिए सोशल मीडिया, फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार प्रोटीन के महत्व पर जोर दे रहे हैं. इसी बीच वजन घटाने वाली नई दवाएं खासकर GLP-1 ने इस सोच को और तेज कर दिया है. इन दवाओं से वजन तो कम होता है, लेकिन साथ ही मसल्स के घटने का खतरा भी रहता है, यही वजह है कि अब लोग अपनी डाइट में प्रोटीन को पहले से कहीं ज्यादा अहमियत देने लगे हैं. इसका नतीजा यह हुआ कि जो चीज कभी सिर्फ एक बाय प्रोडक्ट मानी जाती थी. व्हे प्रोटीन आज हेल्थ इंडस्ट्री की अधिक डिमांड वाली चीज बन चुकी है. जिम जाने वाले युवाओं से लेकर आम महिलाएं और बुजुर्ग तक हर कोई अब हाई-प्रोटीन फूड्स की तलाश में है. व्हे प्रोटीन दूध से चीज बनाने के दौरान निकलने वाला एक पोषक तत्व है. एक समय था जब इसे बेकार समझाकर फेंक दिया जाता था, या जानवरों के चारे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था. लेकिन आज वही व्हे फिटनेस और हेल्थ इंडस्ट्री का सुपरस्टार बन चुका है. अब यह दही, प्रोटीन ड्रिंक्स, स्नैक्स और यहां तक कि रोजाना के खाने में भी शामिल हो रहा है. हाल ही में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हे प्रोटीन कॉन्संट्रेट(WPC 80) की कीमत पिछले एक साल में करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसकी कीमत लगभग 20,000 यूरो प्रति टन तक पहुंच गई है. यह बढ़ोतरी अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध पाउडर और चीज की तुलना में काफी ज्यादा है, इससे साफ है कि बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि GLP-1 जैसी वजन घटाने वाली दवाओं का इस बढ़ती मांग में बड़ा योगदान है. ये दवाएं भूख को कम करती हैं, जिससे लोग कम खाना खाते हैं. लेकिन इसके साथ एक समस्या यह भी होती है कि शरीर में मसल्स कम होने लगते हैं, ऐसे में लोग ज्यादा प्रोटीन लेने लगते हैं ताकि मसल्स को नुकसान न हो. यही वजह है कि व्हे प्रोटीन की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. हाल के समय में जीएलपी-1 जैसी वजन घटाने वाली दवाओं के कारण व्हे प्रोटीन की मांग तेजी से बढ़ी है। अर्ला फूड्स इंग्रेडिएंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर लुइस क्यूबल के अनुसार, अब इंडस्ट्री के सामने चुनौती यह है कि क्या प्रोडक्शन को और बढ़ाया जा सकता है. अर्ला फूड्स (जो लुरपाक बटर बनाती है) और फ्राइसलैंडकैम्पिना जैसी डेयरी कंपनियां अपनी ताकत बढ़ा रही हैं. वहीं, डैनोन का ओइकोस योगर्ट और बेल ग्रुप का बेबीबेल प्रोटीन जैसे प्रोडक्ट भी बाजार में आ रहे हैं. कुल मिलाकर, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनियां तेजी से काम कर रही हैं. बड़ी डेयरी कंपनियां अब इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने प्रोडक्शन को बढ़ा रही हैं, कई कंपनियां नए प्लांट लगा रही हैं और मॉर्डन तकनीक में निवेश कर रही हैं. इसके साथ ही फूड कंपनियां हाई-प्रोटीन प्रोडक्ट्स जैसे दही, ड्रिंक्स, स्नैक्स और चीज बाजार में ला रही हैं, ताकि हेल्थ कॉन्शियस लोगों को अट्रैक्ट किया जा सके. व्हे प्रोटीन की बढ़ती कीमतों के चलते अब कंपनियां इसके ऑप्शन भी तलाश रही हैं, इसकी वजह से ही मटर, दाल और अन्य प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की मांग भी बढ़ रही है. इसके अलावा, कुछ स्टार्टअप्स नई तकनीक जैसे प्रिसिजन फर्मेंटेशन के जरिए प्रोटीन बनाने पर काम कर रहे हैं. डिमांड के मुकाबले सप्लाई अभी भी कम है, इंडस्ट्री के पास इतनी शक्ति नहीं है कि वह तुरंत ज्यादा मात्रा में हाई-क्वालिटी व्हे प्रोटीन बना सके. यही कारण है कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा प्रोटीन वाले प्रोडक्ट्स बनाते समय टेस्ट को बरकरार रखना मुश्किल हो जाता है. अगर स्वाद अच्छा न हो तो ग्राहक उन्हें पसंद नहीं करते. कुल मिलाकर, वेट लॉस दवाओं और हेल्दी लाइफस्टाइल के बढ़ते ट्रेंड ने व्हे प्रोटीन की मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. इससे डेयरी और फूड इंडस्ट्री में नए मौके पैदा हुए हैं, लेकिन साथ ही सप्लाई, कीमत और टेस्ट जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं. आने वाले समय में इस सेक्टर में और तेजी से बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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May 5, 2026, 05:00 PM
रिद्धिमा कपूर साहनी ने 45 साल की उम्र में'दादी की शादी'से अभिनय की शुरुआत की

रिद्धिमा कपूर साहनी ने 45 साल की उम्र में'दादी की शादी'से अभिनय की शुरुआत की

ऋषि कपूर और नीतू कपूर की लाडली बेटी 45 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं. कपूर परिवार की बड़ी बेटी अब फिल्म दादी की शादी से अपना एक्टिंग डेब्यू करने वाली हैं. खास बात ये है कि 45 साल की उम्र में कैमरे के सामने पहली बार खड़ी होने को लेकर रिद्धिमा काफी इमोशनल हैं. रिद्धिमा ने एक लंबा समय अपने परिवार के लिए बिताया है. वो बिजनेसमैन भरत साहनी की पत्नी हैं और बेटी समायरा की मां हैं. इतना ही नहीं वो एक ज्वेलरी डिजाइनर भी हैं. लेकिन अब रिद्धिमा अपना फिल्म डेब्यू कर रही हैं. इस पर बात करते हुए कहा- ये एहसास मेरे लिए बहुत अलग और भावुक करने वाला है. ऐसा लग रहा है जैसे जिंदगी एक पूरा चक्र पूरा कर चुकी है. मुझे पता है कि पापा जहां भी हैं, मुझे आशीर्वाद दे रहे हैं. यही सोच मुझे ताकत देती है. उन्होंने बताया कि इस नई शुरुआत में सबसे बड़ा चैलेंज खुद को एक नई दुनिया में ढालना था. रिद्धिमा बोलीं- इस उम्र में बिल्कुल नई शुरुआत करना आसान नहीं होता. इसमें एक डर भी होता है, लेकिन साथ ही बहुत एक्साइटमेंट भी है. रिद्धिमा ने ये भी खुलासा किया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें पहली बार अपनी बेटी को दिल्ली में अकेला छोड़ना पड़ा. उन्होंने कहा- 2019 में पापा के इलाज के बाद ये पहली बार था जब मैं अपनी बेटी से इतने समय दूर रही. अपनी मां नीतू कपूर के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने बेहद खास बताया. रिद्धिमा ने कहा- मां के साथ काम करना बहुत स्पेशल था. मैंने देखा कि वो कितनी सहज और नेचुरल एक्ट्रेस हैं. रिद्धिमा ने बताया कि कैमरे के सामने आने से पहले उन्हें भाई रणबीर कपूर ने भी खास सलाह दी थी. उन्होंने कहा- रणबीर ने मुझसे कहा था कि नैचुरल रहो और ज्यादा मत सोचो. बस उस पल को महसूस करो. उसकी ये बात मेरे बहुत काम आई. अपने परिवार के बारे में बात करते हुए रिद्धिमा ने आलिया भट्ट और रणबीर की भी तारीफ की. उन्होंने कहा- ये हमारे परिवार के लिए बहुत एक्साइटिंग समय है. मुझे रणबीर और आलिया दोनों पर बहुत गर्व है. दोनों शानदार काम कर रहे हैं. कपूर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने पर रिद्धिमा ने कहा- हमारे परिवार की महिलाओं ने हमेशा अपनी अलग पहचान बनाई है. मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मैं भी उस विरासत का छोटा सा हिस्सा बन रही हूं.
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May 5, 2026, 04:52 PM
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत चचेरे भाई की शादी को अवैध घोषित किया

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत चचेरे भाई की शादी को अवैध घोषित किया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सगे भाई-बहनों के बच्चों के बीच शादी को अवैध करार दिया है. हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की चचेरी बहन से हुई शादी को अमान्य घोषित करने की अपील को स्वीकार कर लिया है. क्योंकि यह शादी हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत निषिद्ध संबंध के अंतर्गत आता है. दो जजों की पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही थी. कोर्ट में फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी. जिसमें पाया गया था कि उसकी शादी निषिद्ध वैवाहिक संबंध की कैटेगरी में आती है. इस शादी को सिर्फ इसलिए बरकरार रखा गया था क्योंकि पटेल समाज में एक प्रथा ऐसी शादियों को मंजूरी देती है. इसी वजह से इस शादी को अवैध और शून्य घोषित करने से इनकार कर दिया था. याचिकाकर्ता की ओर से यह दलील दी गई थी कि पटेल समाज में भाई-बहन, बहन-बेटी और मामा-मामी के बीच शादी की प्रथा प्रचलित है. इसको ब्रह्म विवाह कहा जाता है. इसमें यह साबित करना जरूरी है कि निषिद्ध संबंध के अलग-अलग स्तरों के बीच शादी की यह प्रथा जारी है. वे लोग लंबे समय से लगातार इस प्रथा का पालन कर रहे हैं. एक युवक का विवाह 20 अप्रैल 2018 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था. युवक की मां और उसकी पत्नी की मां दोनों सगी बहने थीं. मार्च 2020 के बाद उसकी पत्नी ने अपनी ससुराल छोड़ दी और पिता के साथ रहना शुरू कर दिया. जनवरी 2022 में सामाजिक बैठक में दोनों का तलाक हो गया. साथ ही 75000 रुपये और सोने चांदी के जेवरात दे दिए गए. इस पर पति ने कोर्ट में मामला दर्ज कराया. जिसमें उसने तर्क दिया कि उसकी मां उसकी पत्नी की मां की सगी बहन थी और हिंदू विवाह अधिनियम के तहत उनकी शादी निषिद्ध थी. 3 जनवरी 2024 को फैमिली कोर्ट ने निष्कर्ष पर पहुंचते हुए कहा कि पटेल समाज में एक प्रथा थी जिसमें ऐसी शादी करने की अनुमति थी. इसके बाद पति की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया था. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट द्वारा पक्षों के बीच विवाह को शून्य और अमान्य घोषित करने की मांग वाली याचिका को यह देखते हुए खारिज करना बिल्कुल अनुचित था कि उनका विवाह 1955 के अधिनियम की धारा 5(iv) के तहत निषिद्ध संबंध की कैटेगरी में आता है. न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि उनके समाज में दोनों के बीच इस तरह के विवाह की अनुमति देने वाली ऐसी कोई प्रथा या रीति-रिवाज निषिद्ध संबंध की श्रेणी में आता है, जिसका न तो कोई तर्क दिया गया और न ही उसे साबित किया गया. जिसकी वजह से विवाह की वैधता से संबंधित फैसले को रद्द कर दिया गया और स्थायी गुजारा भत्ते का मुद्दा पत्नी द्वारा उठाए जाने के लिए खुला रखा गया.
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May 5, 2026, 04:35 PM
बलात्कार का संदेह दूरः राजस्थान में 4 वर्षीय लड़की को गंभीर मधुमेह का पता चला

बलात्कार का संदेह दूरः राजस्थान में 4 वर्षीय लड़की को गंभीर मधुमेह का पता चला

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक चौंकाने वाला मामला आया है। एक माता-पिता ने अपनी 4 साल की बेटी के अंगों में सूजन देखकर रेप की आशंका जताई। पुलिस और अस्पताल में हड़कंप मच गया लेकिन मेडिकल जांच और CCTV फुटेज के बाद सच्चाई कुछ और निकली। डॉक्टरों ने साफ किया कि बच्ची के साथ कोई गलत हरकत नहीं हुई थी। वह गंभीर डायबिटीज से पीड़ित थी। रक्त जांच में इसकी पुष्टि हुई कि सूजन का असली कारण बीमारी थी। यह जानकर परिवार और पुलिस ने राहत तो ली लेकिन इतनी छोटी उम्र में डायबिटीज का पता चलना हैरान कर गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रविवार की है। जवाहरनगर थाना क्षेत्र के मौसम विभाग रोड स्थित एक कॉलोनी में रहने वाले एक युवा दंपती अपनी 4 साल की बेटी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। दंपती ने आशंका व्यक्त की कि उनकी बेटी के साथ किसी ने गलत हरकत की है। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दे दी। जवाहरनगर थाना से जांच अधिकारी दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे और छानबीन की। दंपती ने अस्पताल में भी यही बयान दिया कि उनकी बच्ची के साथ गलत काम हुआ है। इस पर पुलिस का एक दल तुरंत दंपती के घर पहुंच गया। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो उसमें कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। उधर, श्रीगंगानगर जिला अस्पताल में बच्ची की मेडिकल जांच शुरू हुई। मेडिकल ने पूरी तरह जांच के बाद खुलासा किया कि बच्ची के साथ कोई रेप नहीं हुआ है। उसके अंग में जो सूजन दिखाई दे रही थी। वह किसी गलत हरकत के कारण नहीं वरन डायबिटीज की वजह से हुई है। बच्ची के रक्त की जांच में डायबिटीज की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि डायबिटीज के कारण ही बच्ची के प्राइवेट पार्ट में सूजन हो गई थी। यह पता चलने पर परिवार और पुलिस दोनों ने राहत की सांस ली। लेकिन 4 वर्षीय बच्ची में डायबिटीज का पता चलना सबको हैरान कर गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब दंपती से विस्तार से पूछताछ की गई तो पता चला कि उनके परिवार में कई सदस्य डायबिटीज से पीड़ित हैं। यह बीमारी उनके परिवार में अनुवांशिक रूप से चल रही है।
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May 5, 2026, 04:34 PM
वेदांता समूह ने अब तक का सबसे अधिक लाभ, शेयर लाभांश दर्ज किया

वेदांता समूह ने अब तक का सबसे अधिक लाभ, शेयर लाभांश दर्ज किया

माइनिंग की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड के एल्युमीनियम, बिजली, तेल और गैस के अलावा लौह अयस्क कारोबार का डीमर्जर हो गया है। इस डीमर्जर के बाद वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने शेयरधारकों को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ना सिर्फ डीमर्जर के बाद का रोडमैप बताया है बल्कि उन सेक्टर्स का जिक्र किया है जिसपर फोकस रहने वाला है। शेयरधारकों को लिखे पत्र में वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने लिखा- हमारे लिए वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए बहुत खास रहा। इस साल कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक प्रॉफिट कमाया। हमें टैक्स के बाद ₹25,096 करोड़ का प्रॉफिट और ₹1,74,075 करोड़ की कुल आय हुई। यह सब संभव हुआ क्योंकि सभी व्यवसायों ने मिलकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। हमें खुशी है कि इसका सीधा लाभ शेयरधारकों को मिला। कुल शेयरधारक रिटर्न लगभग 50% रहा। इसके साथ वेदांता शेयर पर ₹334 तक डिविडेंड्स दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कर्ज की स्थिति भी पहले से बेहतर हुई है, जिससे कंपनी आगे और अच्छे से बढ़ सकती है। अनिल अग्रवाल ने डीमर्जर का जिक्र करते हुए कहा कि अब सभी कारोबार की अपनी स्वतंत्र कंपनियां होंगी। हर कंपनी अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करेगी और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों पर खरा उतरेगी। इससे हर कारोबार अपने आप में एक अलग वेदांता बनेगा। अनिल अग्रवाल ने बताया कि वेदांता एल्युमीनियम यूरोप, एशिया, मिडिल ईस्ट, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक बने रहने की मजबूत स्थिति में है। हमारा लक्ष्य है कि उत्पादन क्षमता को दोगुना कर 60 लाख टन प्रति वर्ष किया जाए। हम इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिफिकेशन, एयरोस्पेस और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों की जरूरतों को लगातार पूरा कर रहे हैं। अनिल अग्रवाल ने वेदांता ऑयल एंड गैस को लेकर कहा कि हमारा लक्ष्य है उत्पादन को 3,00,000 से 5,00,000 बैरल प्रति दिन तक ले जाना। पिछले 10 सालों में करीब $14.5 बिलियन का निवेश किया गया है। आज कंपनी की वैल्यू बढ़ चुकी है और उसने नए रिजर्व्स के साथ अपना नेचुरल गैस पोर्टफोलियो भी मजबूत किया है। अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता पावर भारत की तेजी से बढ़ती पावर कंपनियों में से एक बन रही है। अभी 4.2 GW ऑपरेशनल कैपेसिटी है और 12 GW का एक्सपेंशन पाइपलाइन में है। वहीं, वेदांता आयरन एंड स्टील भविष्य के लिए तैयार ग्रीन स्टील और सस्टेनेबल स्टील कंपनी के रूप में विकसित हो रही है। इसका ध्यान कच्चे माल की उपलब्धता, इंटीग्रेशन और विकास पर है। अभी इस्पात उत्पादन क्षमता 40 लाख टन प्रति वर्ष है, जिसे बढ़ाकर 100 लाख टन प्रति वर्ष किया जाएगा। अनिल अग्रवाल ने पत्र में लिखा है-कंपनी भविष्य के लिए निवेश कर रही है। ₹15,000 करोड़ ग्रोथ कैपेक्स में लगाए गए हैं, जिससे एल्युमीनियम, जिंक, ऑयल एंड गैस और नए व्यवसायों में क्षमता बढ़ रही है और आने वाले वर्षों के लिए मजबूत आधार तैयार हो रहा है। हम बड़े स्तर पर कम लागत बनाए रखने, संपत्तियों में निवेश जोड़ने और लगातार आमदनी बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल हर स्तर पर कर रहे हैं।
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May 5, 2026, 04:33 PM
जालंधर में स्कूटर में अचानक विस्फोट और आग, कोई हताहत नहीं

जालंधर में स्कूटर में अचानक विस्फोट और आग, कोई हताहत नहीं

जालंधर में बीएसएफ चौक के पास एक्टिवा में अचानक धमाका होने की घटना सामने आई है. इस घटना के बाद वाहन में आग लग गई. घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका होते ही एक्टिवा में आग भड़क उठी, जिसे देखकर आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया. फिलहाल धमाके के कारणों का पता नहीं चल पाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. आग पर काबू पा लिया गया है. Jalandhar, Punjab: An Activa scooter exploded near BSF Chowk, triggering a fire and panic. Police and fire teams responded promptly; no casualties were reported. The cause of the blast is under investigation pic.twitter.com/ZOI9Vqcn8A जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा, "लगभग 8 बजे हमारी गश्ती टीम यहां मौजूद थी। गेट के पास एक स्कूटी खड़ी थी। अचानक उसमें आग लग गई. हम बीएसएफ से जानकारी जुटा रहे हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्कूटी यहां काम करने वाले एक शख्स की है और जब वह यहां आया तो उसमें आग लग गई. हम इस घटना की हर पहलू से जांच करना चाहते हैं." पुलिस कमिश्नर ने बताया कि हमने बीएसएफ के साथ सारे फैक्ट्स शेयर किए हैं. अभी हम अपनी आगे की जांच कर रहे हैं. अभी हम किसी तरह की बात को वेरिफाई नहीं कर सकते. क्या किसी साजिश के तहत धमाका हुआ है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर कुछ कहना बहुत जल्दबाजी होगी.
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May 5, 2026, 04:30 PM
वायरल ट्रिकः आइसक्रीम के स्वाद को बनाए रखने के लिए इसे कैसे स्टोर करें

वायरल ट्रिकः आइसक्रीम के स्वाद को बनाए रखने के लिए इसे कैसे स्टोर करें

गर्मी के मौसम में आइसक्रीम खाना सभी पसंद करते हैं। कुछ लोग तो इसे घर पर बनाते हैं लेकिन कुछ बाजार से लाकर खाना पसंद करते हैं। अगर आप घर पर बनी आइसक्रीम या फिर डिब्बे में आने वाली आइसक्रीम को सही तरह से स्टोर नहीं करते हैं तो इसके ऊपर बर्फ की एक परत जम जाती है। जिसकी वजह से स्वाद बिगड़ जाता है। ऐसे में आइसक्रीम के स्वाद को बनाए रखने के लिए आपको इसे सही तरह से स्टोर करने का तरीका सीखना चाहिए। इंस्टाग्राम पर शशांक अलशी ने 4 तरीकों से आइसक्रीम को स्टोर किया और उन्हें दो तरीकों से इसे स्टोर करना सबसे ज्यादा पसंद आया। जो आपको जरूर जानना चाहिए। ज्यादातर लोग आइसक्रीम को खाने से बाद बॉक्स को सामान्य रूप से रख देते हैं। जिसकी वजह से इसे हर बार खोलने पर हवा अंदर चली जाती है। ऐसे में आइसक्रीम के ऊपर बर्फ की परत जम जाती है और पानी जैसा स्वाद आने लगता है। यह एक वायरल ट्रिक है, जिसमें आइसक्रीम के डिब्बे को लोग उल्टा रखते हैं। शशांक अलशी ने जब इस तरीके को अपनाकर आइसक्रीम फ्रीजर में स्टोर की को तो इससे उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। बल्कि, इससे बर्फ और भी ज्यादा जम गई और स्वाद भी वैसा ही पतला रहा। आइसक्रीम को स्टोर करने के लिए उन्होंने बटर पेपर का इस्तेमाल किया। इसके लिए उन्होंने आइसक्रीम की सतह पर सीधे बटर पेपर रखा ऐसा करके आइसक्रीम और हवा के बीच एक आड़ बन जाती है। इससे बर्फ के क्रिस्टल बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। जिसकी वजह से बर्फ की परत नहीं बनती और आइसक्रीम का स्वाद एकदम क्रीमी रहता है। शशांक इसे सबसे असरदार तरीका मानते हैं। इस तरह से आइस्क्रीम स्टोर करने के लिए वह डिब्बे को जिपलॉक बैग में रखते हैं और पानी में डुबोकर हवा निकालकर इसे बंद करते हैं इससे लगभग एयरटाइट पैकिंग होती है। हवा न होने से फ्रीजर बर्न नहीं होता। जिसकी वजह से मुलायम बनावट बनी रहती है। इस तरीके से बर्फ की परत नहीं बनती और असली स्वाद बरकरार रहता है। टिप- आइसक्रीम जमने से नहीं, बल्कि हवा के संपर्क में आने से खराब होती है। इसलिए अगली बार या तो बटर पेपर का इस्तेमाल करें या जिपलॉक बैग से हवा पूरी तरह निकालकर इसे स्टोर करें।
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May 5, 2026, 04:30 PM
पाकिस्तानी अभिनेत्री मेहरीन पीरजादा ने खुलासा किया कि कैसे वह एक अप्रत्याशित मुठभेड़ में अपने पति अर्श औलख से मिलीं

पाकिस्तानी अभिनेत्री मेहरीन पीरजादा ने खुलासा किया कि कैसे वह एक अप्रत्याशित मुठभेड़ में अपने पति अर्श औलख से मिलीं

एक्ट्रेस मेहरीन पीरजादा ने 26 अप्रैल को बिजनेसमैन अर्श औलख से शादी कर सभी को चौंका दिया. इंटीमेट सेरेमनी में हुई इस शादी की जानकारी तब सामने आई जब एक्ट्रेस ने खुद जश्न की कुछ झलकियां इंस्टाग्राम पर शेयर कीं. अब मेहरीन ने बताया कि पति अर्श से उनकी पहली मुलाकात कैसे हुई थी. शुरुआत में दोनों को एक दूसरे से कोई खास उम्मीद नहीं थी. हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में मेहरीन पीरजादा ने कहा, 'हम दोनों को लगा था कि मुलाकात बस 30 मिनट चलेगी. उसके लिए यह था कि 'वो एक एक्ट्रेस है, चलो मिल लेते हैं,' और मुझे लगा कि यह काम नहीं करेगा. मैंने खुद से कहा था कि अगर कुछ भी अजीब लगा तो मैं तुरंत निकल जाऊंगी.' लेकिन मेहरीन और अर्श की मुलाकात छह घंटे तक चली. एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'अंत तक एक खामोश 'हां' थी. हमने कहा नहीं, लेकिन हम दोनों ने महसूस किया. सच कहूं तो, अर्श ने अब तक मेरा कोई काम नहीं देखा है.' यह रिश्ता पिछले साल जुलाई में शुरू हुआ था और इसे जानबूझकर प्राइवेट रखा गया. सिर्फ परिवार के करीबी सदस्यों और दोस्तों को ही इसकी जानकारी थी. मेहरीन के लिए शादी का ख्याल प्यार के साथ-साथ वैल्यूज पर भी आधारित था. उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा प्यार में विश्वास करती थी, लेकिन परिवार की सोच, परवरिश, जिंदगी को देखने का नजरिया, ये सब भी बहुत मायने रखते हैं. इनका मेल होना जरूरी है.' साथ ही मेहरीन ने कहा कि उनके भाई और एक्टर गुरफतेह पीरजादा ने उनके फैसले में अहम भूमिका निभाई. A post shared by MEHREEN 🌟🧿 (@mehreenpirzadaa) एक्ट्रेस ने कहा, 'ज्यादातर लड़कियों के लिए उनके पिता आदर्श होते हैं. लेकिन मेरे लिए मेरा भाई है. जब मैं अर्श से मिली, तो मुझे लगा कि वह मुझे, मेरी खामोशी तक, ऐसे समझते हैं जैसे कोई और नहीं समझ पाया.' वह बताती हैं कि गुरफतेह शुरुआत में काफी सतर्क थे. 'उन्होंने काफी जांच-पड़ताल की, उम्मीद थी कि कुछ न कुछ मिल जाएगा. लेकिन जब वे मिले, तो दोनों भाई जैसे बन गए. अब उनके बीच अपनी अलग ही बॉन्डिंग है.' अपनी इंटिमेट शादी के फैसले के बारे में मेहरीन कहती हैं, 'अगर पूरी तरह से मुझ पर होता, तो मैं 120 की जगह सिर्फ 20 लोगों को बुलाती. शादी बहुत पर्सनल होती है. जो भी वहां हो, उसे सच में आपके लिए कुछ महसूस होना चाहिए. मेरे दोस्तों ने सब कुछ परिवार की तरह संभाला. यह कभी भी औपचारिक इवेंट जैसा नहीं लगा.' एक खास पल को याद करते हुए एक्ट्रेस ने कहा, 'फेरों के दौरान मेरा भाई बच्चे की तरह रो रहा था. उसने सबको रुला दिया. अर्श भी उसे देखकर भावुक हो गए. लेकिन जश्न का अंत एक शानदार आफ्टर-पार्टी के साथ हुआ. हमने दिल खोलकर डांस किया. यह किसी भी म्यूजिक फेस्टिवल से बेहतर लगा.' उनकी शादी की एक और खास बात थी उनका लहंगा, जो उनकी मां के शादी के जोड़े का नया रूप था. मेहरीन पीरजादा ने अपने वेडिंग आउटफिट को लेकर कहा, 'यह कुछ ऐसा था जो मैं हमेशा से करना चाहती थी. ये इमोशनल था, लेकिन मैं इसे अपनी शादी का हिस्सा बनाना चाहती थी. इतना ही नहीं, मेरे कलीरों में मेरी मां और भाई के संदेश, परिवार की तस्वीरें, यहां तक कि मेरे दादा-दादी के प्रतीक भी थे. इसमें बहुत सोच और भावना जुड़ी थी.' A post shared by MEHREEN 🌟🧿 (@mehreenpirzadaa) यह इंटीमेसी इस बात में भी झलकती है कि शादी को कितनी सावधानी से सीक्रेट रखा गया. मेहरीन कहती हैं कि वह इस पल की सच्चाई को बनाए रखना चाहती थीं. वो नहीं चाहती थीं कि ये शादी पब्लिक के लिए तमाशा बने. एक्ट्रेस ने कहा, 'मुझे लगता है कि शुरुआत में बहुत ज्यादा चीजों का ऐलान करने से उसका असली सार खो जाता है. हमने तो पीआर भी नहीं रखा. यहां तक कि वेंडर्स को भी नहीं पता था कि यह किसकी शादी है. मैंने बस अपनी खुशी शेयर करने के लिए तस्वीरें पोस्ट कीं और फिर जश्न में वापस लग गई. बाद में मुझे एहसास हुआ कि उसे कितना प्यार मिला.' आगे के प्लान के बारे में मेहरीन ने बताया, 'अभी हम एक छोटी हनीमून ट्रिप के लिए अफ्रीका जा रहे हैं. यह एक ऐसी जगह है जहां हम दोनों कभी नहीं गए. उसके बाद मैं काम पर लौटने का प्लान कर रही हूं. किसी ने मुझसे कहा था कि मेरी शादी के बाद मेरा सबसे बिजी समय शुरू होगा.'
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News 18
May 5, 2026, 04:23 PM
पश्चिमी घाट की कीटों की संख्या में गिरावट आवास विनाश और पर्यावरणीय कारकों से जुड़ी हुई है

पश्चिमी घाट की कीटों की संख्या में गिरावट आवास विनाश और पर्यावरणीय कारकों से जुड़ी हुई है

ये कीट अपने प्रजनन के लिए मीठे पानी के इकोसिस्टम पर पूरी तरह निर्भर रहते हैं. इसका मतलब है कि इनका जीवन चक्र छोटा होता है और ये पर्यावरण में आने वाले किसी भी बदलाव पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं. अगर ये पश्चिमी घाट से गायब हो रहे हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि वहां के जल निकायों की सेहत बहुत खराब हो चुकी है. 2 साल के गहन सर्वे में क्या चौंकाने वाले सच आए सामने? पश्चिमी घाट में प्रजातियों की कमी के पीछे क्या हैं मुख्य कारण? पश्चिमी घाट 1600 किलोमीटर लंबी पर्वत श्रृंखला है, जहां अब प्रजातियों की भारी गिरावट और आवास विनाश देखा जा रहा है. इकोलॉजिस्ट पंकज कोपार्डे के अनुसार, सर्वे में केवल 65 प्रतिशत प्रजातियों का मिलना आवासों के नुकसान की ओर इशारा करता है. इसके पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें बुनियादी ढांचे का विकास और जलविद्युत परियोजनाएं शामिल हैं. नदियों में बढ़ता प्रदूषण और जमीन के इस्तेमाल में बदलाव ने इन कीटों के घरों को उजाड़ दिया है. इसके अलावा, बेकाबू टूरिज्म, जंगलों में बार-बार लगने वाली आग और क्लाइमेट चेंज इस संकट को और गहरा बना रहे हैं. ग्लोबल लेवल पर कीटों की घटती आबादी का भारत पर क्या होगा असर? हालिया स्टडीज बताती हैं कि पश्चिमी घाट में मीठे पानी के जानवरों की संख्या लगातार कम हो रही है. बाहरी हमलावर प्रजातियां भी स्थानीय जीवों के लिए खतरा बन गई हैं. दुनिया भर में कीटों की आबादी हर साल 1 से 2 प्रतिशत की दर से घट रही है. लगभग 40 प्रतिशत कीट प्रजातियां आज विलुप्त होने की कगार पर हैं. अगर पश्चिमी घाट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र से ड्रैगनफ्लाई जैसी प्रजातियां गायब होती हैं, तो यह पूरे फूड चेन को बिगाड़ सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पश्चिमी घाट की ये रंगीन दुनिया हमेशा के लिए खत्म हो सकती है. QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें
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TV9 Hindi
May 5, 2026, 04:16 PM
रियलमी पी4 लाइट 5जीः एक बजट-अनुकूल 5जी मोबाइल फोन विकल्प

रियलमी पी4 लाइट 5जीः एक बजट-अनुकूल 5जी मोबाइल फोन विकल्प

कम बजट में नया 5जी मोबाइल फोन खरीदना है तो 15 हजार से कम कीमत में आने वाला Realme P4 Lite 5G आपको पसंद आ सकता है. इस फोन में न केवल 7000 एमएएच की बड़ी बैटरी है बल्कि ये फोन 5जी कनेक्टिविटी सपोर्ट, वर्चुअल रैम सपोर्ट, 3 साल सिक्योरिटी अपडेट्स और ढेर सारे एआई फीचर्स से लैस है. इस फोन के लिए आपको कितने पैसे खर्च करने होंगे और ये फोन आप कहां से खरीद सकते हैं, चलिए जानते हैं. इस फोन के 4GB/64GB वेरिएंट की कीमत 13, 499 रुपए है. 4GB/128GB वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपए है. 6GB/128GB वाले टॉप वेरिएंट के लिए 16,499 रुपए खर्च करने होंगे. इस प्राइस रेंज में ये फोन पोको एम7 प्लस 5जी, मोटोरोला जी57 पावर 5जी और ओप्पो के14एक्स 5जी जैसे स्मार्टफोन्स को कांटे की टक्कर देता है. ये फोन Mosaic Blue और Mosaic Green, दो कलर ऑप्शन्स में आप लोगों को फ्लिपकार्ट पर मिल जाएगा. (फोटो- फ्लिपकार्ट) ये भी पढ़ें-कौन सी दीवार पर नहीं लगाना चाहिए AC? एक गलती से हो जाएगा जल्दी खराब टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल TV9 नेटवर्क का प्रमुख हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है. इस वेबसाइट पर देश-विदेश की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग से पाठकों को रूबरू कराया जाता है. टीवी9 की वेबसाइट tv9hindi.com प्रमुख हिंदी वेबसाइटों में अपना स्थान रखती है. टीवी9 हिंदी का अपना मोबाइल ऐप भी है, जहां टेक्स्ट और वीडियो दोनों माध्यम से खबरें पढ़ीं और देखी जा सकती हैं. टीवी9 वेबसाइट पर राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य, टेक और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसी विविध श्रेणियों में खबरें कवर की जाती हैं. यहां एक्सप्लेनर्स, एक्सक्लूसिव स्टोरीज, वीडियो रिपोर्ट्स और लाइव अपडेट्स मिलते हैं. TV9 नेटवर्क का डिजिटल सेगमेंट तेजी से बढ़ा है और मिलियंस की संख्या में यूनिक यूजर्स तक पहुंचता है.
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May 5, 2026, 04:15 PM
एल एंड टी ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए लाभ में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की

एल एंड टी ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए लाभ में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की

L&T result:इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट साल-दर-साल (YoY) आधार पर 3% घटकर 5325.60 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹5497.26 करोड़ था। मार्च तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू YoY आधार पर 11.25% बढ़कर ₹82762.16 करोड़ हो गया। एक साल पहले की इसी तिमाही में रेवेन्यू ₹74392.28 करोड़ था। कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड भी देने का ऐलान किया है। लार्सन एंड टुब्रो के बोर्ड ने मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹2 की फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹38 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। कंपनी यह डिविडेंड 10 जून, 2026 को होने वाली अगली सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद देगी। फाइनल डिविडेंड के लिए पेमेंट पाने के हकदार शेयरहोल्डर्स को तय करने की रिकॉर्ड डेट 22 मई, 2026 तय की गई है। लार्सन एंड टुब्रो ने बताया कि इस तिमाही के दौरान कुल ऑर्डर इनफ्लो ₹89,772 करोड़ रहा। कंपनी ने कहा कि इस तिमाही में कई सेक्टरों में बड़े प्राइस के ऑर्डर मिले, जिनमें कमर्शियल और रेजिडेंशियल बिल्डिंग शामिल हैं। इसके अलावा, सड़क और रनवे, शहरी परिवहन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के अलावा हाइड्रोकार्बन ऑनशोर बिजनेस शामिल हैं। कंपनी के पास इंटरनेशनल ऑर्डर ₹59,994 करोड़ के हैं। FY26 तक लार्सन एंड टुब्रो की कुल ऑर्डर बुक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर ₹7,40,327 करोड़ पर पहुंच गई। लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एसएन सुब्रमण्यन ने कहा- यह साल बहुत मजबूत तरीके से खत्म हुआ, जिसमें सभी सेगमेंट्स में अच्छे फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का साथ मिला। इस साल ऑर्डर का इनफ्लो रिकॉर्ड ₹4 लाख करोड़ से अधिक रहा। यह हमारी रणनीति का साफ सबूत है। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा कि भारत की GDP ग्रोथ को लगातार बनी घरेलू मांग और सरकारी पूंजी खर्च का साथ मिल रहा है। प्राइवेट सेक्टर के निवेश में भी सुधार हुआ है। कंपनी को आगे भी मजबूत आर्थिक ग्रोथ की उम्मीद है। मंगलवार को बीएसई पर लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड के शेयर 1.07% की गिरावट के साथ ₹4,056.15 पर बंद हुए जबकि बेंचमार्क सेंसेक्स में 0.33% की गिरावट दर्ज की गई। अब बुधवार को कंपनी के शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। बता दें कि लार्सन एंड टुब्रो ने नतीजों की घोषणा बाजार बंद होने के बाद की है।
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Live Hindustan
May 5, 2026, 04:10 PM
उत्तर प्रदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए मां और बेटा

उत्तर प्रदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए मां और बेटा

UP News:उत्तर प्रदेश के देवरिया के मेहड़ा पुरवां मोहल्ले में मंगलवार की शाम को संदिग्ध हालत में एक महिला और उसके आठ वर्षीय बेटे की मौत हो गई जबकि छोटे बेटे की भी हालत गंभीर बनी हुई है। पति से विवाद में महिला के खुद जहर खाने और बच्चों को भी खिलाने की बात कही जा रही है जबकि महिला के भाई ने पति पर जहर खिलाने का आरोप लगाया है। पुलिस महिला के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य एकत्रित किया। एसपी अभिजीत आर शंकर ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। कोतवाली क्षेत्र के खोराराम के बसडिला निवासी निराला विश्वकर्मा शहर के मेहड़ा पुरवा में मकान बनवाकर रहते हैं। परिवार में उनके तीन भाई भी हैं जो अलग रहते हैं। निराला बढ़ई का काम करते हैं। निराला मकान पर पत्नी अंजली (30) और दो बेटों कृष्णा (8) और नागेंद्र उर्फ कान्हा (7) के साथ रहते थे। दोनों बच्चे मूक बधिर थे। मंगलवार की शाम को अचानक अंजली और दोनों बेटों की तबीयत बिगड़ गई। आनन-आनन फानन में परिजनों ने सभी को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जहां जांच-पड़ताल के बाद डॉक्टरों ने अंजली और कृष्णा को मृत घोषित कर दिया। छोटे बेटे कान्हा की भी हालत गंभीर बनी हुई है। उसका पीआईसीयू में इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी अभिजीत आर शंकर, एएसपी आनंद कुमार पाण्डेय और सीओ सीटी संजय कुमार रेड्डी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल की। पुलिस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दो दिन पहले निराला और पत्नी अंजली में मायके जाने को लेकर विवाद हुआ था। अंजली मायके जाना चाहती थी। पति निराला उसे कुछ दिन रूककर जाने को कह रहे थे। इसे लेकर दोनों लोगों में कहासुनी हुई। उसके बाद अंजली उदास रहने लगी। उसने दो दिन से खाना भी नहीं खाया था। आस-पास के लोगों ने बताया कि मंगलवार को अंजली घर पर अकेली थी। तीसरे पहर अंजली और उसके दोनों बेटों की तबीयत बिगड़ गई। देवर आकाश किसी काम से अंजली के घर गया था। कई बार आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो देवर कमरे में गया। कमरे में बेड पर अंजली और उसके दोनों बेटे बेसुध पड़े थे। घटना की जानकारी होने पर स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और सभी को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। मृतका के भाई ने पति निराला पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस को दिए तहरीर में उसने कहा है कि निराला काफी दिनों से उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे। इसे लेकर कई बार पंचायत भी हुई थी। उसके बावजूद निराला के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया और मंगलवार को यह घटना हो गई। एएसपी उत्तरी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि मेहड़ा-पुरवा मोहल्ले में एक महिला और उसके बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई जबकि उसका एक बेटा गंभीर है। अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार पति से दो दिन पूर्व विवाद हुआ था उसी से नाराज होकर महिला के अपने साथ ही बच्चों को भी जहर खिलाने की बात कही जा रही है। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
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May 5, 2026, 04:00 PM
करिश्मा तन्ना की बीचसाइड प्रेग्नेंसी ग्लोः अभिनेत्री ने बेबी बम्प के साथ गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लिया

करिश्मा तन्ना की बीचसाइड प्रेग्नेंसी ग्लोः अभिनेत्री ने बेबी बम्प के साथ गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लिया

करिश्मा तन्ना इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी को जमकर एन्जॉय कर रही हैं. वो जितना मौज-मस्ती से घूम रही हैं, उससे कहीं ज्यादा अपनी फिटनेस का भी ख्याल रख रही हैं. एक्ट्रेस 42 की उम्र में अपने पहले बेबी को जन्म देने वाली हैं. हाल ही में उनकी गोदभराई की रस्म भी हुई थी. जहां वो ग्लैम डॉल बनी दिखी थीं. अब करिश्मा वेकेशन मोड में जा चुकी हैं. वो घूमने निकल चुकी हैं और समंदर किनारे गर्मी के मौसम का पूरा मजा ले रही हैं. करिश्मा ने इसकी तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जहां वो जेबरा स्ट्राइप स्टाइल मोनोकिनी में अपने बेबी बंप को छुपाया हुआ था. करिश्मा ने अपने लुक को पूरा कैजुअल रखा था. हाई बन, ब्लैक शेड्स के साथ फ्लिप फ्लॉप्स और नो-मेकअप लुक में एक्ट्रेस बेहद सुंदर लगीं. करिश्मा ने मोनोकिनी में कहर ढा रही थीं. एक्ट्रेस ने एक से एक स्टाइलिश पोज दिए. वो बेहद एलिगेंट और कम्फर्टेबल लगीं. करिश्मा की इन किलर फोटोज पर फैंस भी दिल हार बैठे हैं. यूजर्स कमेंट कर लिख रहे हैं कि- आप कुदरत का करिश्मा हो. प्रेग्नेंसी ग्लो रियल में किसे कहते हैं, आप पर दिखता है.
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Amar Ujala
May 5, 2026, 03:54 PM
कोटा छात्रावास में'आत्महत्या-रोकथाम'जाली संरचना का वायरल वीडियो अधिकारियों द्वारा खारिज किया गया

कोटा छात्रावास में'आत्महत्या-रोकथाम'जाली संरचना का वायरल वीडियो अधिकारियों द्वारा खारिज किया गया

विस्तारAdd as a preferredsource on googleकोटा में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पंखों के आसपास जालीदार पिंजरे जैसी संरचना दिखाई दे रही है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा था कि यह कोटा के किसी हॉस्टल का है, जहां छात्रों को आत्महत्या से रोकने के लिए इस तरह की व्यवस्था की गई है। वीडियो के साथ अलग-अलग तरह के कैप्शन भी साझा किए जा रहे थे, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई।और पढ़ेंTrending Videosप्रशासन ने दावे को बताया गलतइस मामले में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो का कोटा से कोई संबंध नहीं है। अधिकारियों ने इसे पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि शहर की छवि खराब करने के उद्देश्य से इस तरह का वीडियो प्रसारित किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के इस तरह की सामग्री पर विश्वास न करें।विज्ञापनविज्ञापनहॉस्टल एसोसिएशन ने भी किया खंडनकोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने भी इस वीडियो को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो कोटा के किसी भी हॉस्टल या पीजी का नहीं है। शहर में कहीं भी पंखों के आसपास इस तरह की जालियां नहीं लगाई गई हैं। उनके अनुसार, यह वीडियो किसी बड़े हॉल का प्रतीत होता है, जिसे गलत तरीके से कोटा से जोड़कर प्रसारित किया जा रहा है।पढ़ें-कोटा में भरभरा कर गिरा तीन मंजिला मकान: वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर, इमारत की मरम्मत के बाद क्यों हुआ हादसा?छात्रों और अभिभावकों में फैला भ्रमवीडियो के वायरल होने के बाद कोटा में पढ़ाई कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। कई लोगों ने इस वीडियो को देखकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए, हालांकि प्रशासन और संबंधित संगठनों के स्पष्टीकरण के बाद स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है।प्रवेश सत्र के बीच छवि प्रभावित करने की आशंकायह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए नए छात्र प्रवेश ले रहे हैं। ऐसे में इस तरह के भ्रामक वीडियो से शहर की छवि पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और हॉस्टल संचालकों ने स्पष्ट किया है कि कोटा में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।विज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News App, iOSHindi News AppऔरAmarujala Hindi News APPअपने मोबाइल पे|Get allIndia Newsin Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and morenews in Hindi.
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May 5, 2026, 03:49 PM
लोनी के विधायक ने एम. बी. ए. की छात्रा को हलाला के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया

लोनी के विधायक ने एम. बी. ए. की छात्रा को हलाला के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया

फेसबुक के जरिए एमबीए छात्रा से दोस्ती कर, धर्म परिवर्तन कराने, दो लाख लेकर निकाह कराने और फिर हलाला कराने के गंभीर आरोप लगाते हुए लोनी विधायक ने पुलिस आयुक्त को एक पत्र भेजा है। पीड़िता सोमवार को उनसे मिली थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता इंदौर की रहने वाली है। वह साल 2013 में फेसबुक के जरिए एक युवक के संपर्क में आई थी। लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बताया कि आरोपी ने धर्म छिपाकर पीड़िता को प्रेम जाल में फंसाया और मुजफ्फरनगर ले जाकर दीनी तालीम के नाम पर छोड़कर फरार हो गया। आरोप है कि यहां दो लाख रुपये लेकर पीड़िता का एक व्यक्ति से निकाह करा दिया।कुछ समय बाद तीन तलाक और हलाला के बाद एक धर्मगुरु ने उससे निकाह कर लिया। साल 2021 में वह पीड़िता को लेकर लोनी में आकर रहने लगा। करीब डेढ़ साल पहले उसने भी तीन तलाक दे दिया और फिर से हालाल का दबाव बनाने लगा। आरोप है कि इंकार करने पर पीड़िता से मारपीट कर उसके हाथ तोड़ दिया। वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटी और अंकुर विहार थानाक्षेत्र में अकेले रहने लगी। आरोप है कि वह अलग-अलग जिलों में शिकायत लेकर भटकती रही, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। सोमवार को वह विधायक कार्यालय पहुंची और शिकायत दी। लोनी विधायक ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के साथ उन्होंने पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा है। यह बड़ा गिरोह है, जिसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही एसआईटी गठित कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाना जरूरी है। सहायक पुलिस आयुक्त लोनी सिद्धार्थ गौतम का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आते हैं, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इसमें संगठित गिरोह/नेटवर्क की संलिप्तता की गहन जांच की आवश्यक है। विधायक ने कहा है कि सभी नामित आरोपियों के विरुद्ध तत्काल सख्त धाराओं में FIR दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच के लिए SIT का गठन किया जाए। विधायक ने पीड़िता और उसके परिवार को मिल रही धमकियों को देखते हुए तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। विधायक ने अपर सचिव उत्तर प्रदेश को भी पत्र भेजा है।
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TV9 Hindi
May 5, 2026, 03:49 PM
लार्सन एंड टुब्रो ने चौथी तिमाही के परिणाम घोषित किएः शुद्ध लाभ में गिरावट, कुल आय में वृद्धि

लार्सन एंड टुब्रो ने चौथी तिमाही के परिणाम घोषित किएः शुद्ध लाभ में गिरावट, कुल आय में वृद्धि

इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) ने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 3% घटकर ₹5,326 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹5,497 करोड़ था. हालांकि, कंपनी ने निवेशकों को राहत देते हुए ₹38 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 22 मई तय की गई है. मुनाफे में हल्की गिरावट के बावजूद कंपनी की कुल आय में अच्छा इजाफा हुआ है. मार्च 2026 तिमाही में L&T की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹82,762 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 11% ज्यादा है. इसमें अंतरराष्ट्रीय कारोबार का बड़ा योगदान रहा, जो ₹43,747 करोड़ (कुल का 53%) रहा. कंपनी का EBITDA 5% बढ़कर ₹8,610 करोड़ पहुंच गया. इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स और सर्विस बिजनेस के बेहतर प्रदर्शन ने इस ग्रोथ को सपोर्ट किया. इससे साफ है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है. इस तिमाही में कंपनी को ₹89,772 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जिनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, ट्रांसमिशन और हाइड्रोकार्बन सेक्टर शामिल हैं. इनमें से 67% ऑर्डर विदेशों से आए. मार्च 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹7.4 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले साल से 28% ज्यादा है. इसमें 52% हिस्सेदारी इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स की है. इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट ने ₹43,477 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए, जो 26% की बढ़त है. आईटी और टेक्नोलॉजी सर्विसेज से ₹14,078 करोड़ (13% ग्रोथ) की आय हुई, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज ने ₹4,669 करोड़ (22% ग्रोथ) दर्ज की. हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस ने 45% की तेज बढ़त के साथ ₹4,861 करोड़ का रेवेन्यू दिया. कंपनी के चेयरमैन S N Subrahmanyan ने कहा कि पूरा साल मजबूत रहा और कंपनी को ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर मिले. L&T अब अपने अगले पांच साल के प्लान Lakshya31 पर काम करेगी, जिसमें AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर पर खास फोकस रहेगा. टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल TV9 नेटवर्क का प्रमुख हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है. इस वेबसाइट पर देश-विदेश की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग से पाठकों को रूबरू कराया जाता है. टीवी9 की वेबसाइट tv9hindi.com प्रमुख हिंदी वेबसाइटों में अपना स्थान रखती है. टीवी9 हिंदी का अपना मोबाइल ऐप भी है, जहां टेक्स्ट और वीडियो दोनों माध्यम से खबरें पढ़ीं और देखी जा सकती हैं. टीवी9 वेबसाइट पर राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य, टेक और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसी विविध श्रेणियों में खबरें कवर की जाती हैं. यहां एक्सप्लेनर्स, एक्सक्लूसिव स्टोरीज, वीडियो रिपोर्ट्स और लाइव अपडेट्स मिलते हैं. TV9 नेटवर्क का डिजिटल सेगमेंट तेजी से बढ़ा है और मिलियंस की संख्या में यूनिक यूजर्स तक पहुंचता है.
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May 5, 2026, 03:49 PM
आई. पी. एल. 2026 में जसप्रित बुमरा के खराब प्रदर्शन पर रवि शास्त्री ने जताई चिंता

आई. पी. एल. 2026 में जसप्रित बुमरा के खराब प्रदर्शन पर रवि शास्त्री ने जताई चिंता

विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंआईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अपनी फॉर्म से जूझते नजर आए हैं। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और हेड कोच रवि शास्त्री ने देश के शीर्ष तेज गेंदबाज की फॉर्म में आई गिरावट पर गहरी चिंता जताते हुए इसकी वजह शारीरिक तनाव के साथ-साथ मानसिक थकान को भी बताया है। शास्त्री ने मुंबई इंडियंस (एमआई) से आग्रह किया है कि वे आगामी व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को देखते हुए अपने इस प्रमुख तेज गेंदबाज का ध्यान से प्रबंधन करें।और पढ़ेंTrending Videosशास्त्री ने वर्कलोड प्रबंधन का किया आग्रहशास्त्री ने कहा, बुमराह पिछले 12 महीनों में भारतीय टीम के साथ भारी वर्कलोड के बाद इस आईपीएल में उतरे हैं। उनका संघर्ष सिर्फ शारीरिक नहीं है। मानसिक थकान इसकी एक बड़ी वजह है। मुंबई इंडियंस को उनका ख्याल रखने की जरूरत है। अगले दो वर्षों में, एक व्यस्त कार्यक्रम है। भविष्य में कई टेस्ट सीरीज और वनडे विश्व कप है, इसलिए, उनकी फिटनेस और वर्कलोड का प्रबंधन बहुत सावधानी से करना होगा।विज्ञापनविज्ञापनमौजूदा सीजन में अच्छा नहीं रहा बुमराह का प्रदर्शनइस सीजन में बुमराह का प्रदर्शन चिंताजनक रहा है, जहां 10 मुकाबलों में उन्हें सिर्फ तीन विकेट मिले हैं। वह एमआई के सबसे किफायती विकल्पों में से एक रहे हैं और उन्होंने कसी हुई गेंदबाजी की है, लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिले। एक चिंताजनक दौर ऐसा भी आया, जब वह लगातार 5 मुकाबलों में एक भी विकेट अपने नाम नहीं कर सके थे। बुमराह ने 20 अप्रैल को गुजरात टाइंट्स के विरुद्ध 15 रन देकर एक विकेट निकाला था। यह इस सीजन उनका पहला विकेट था। अगले मुकाबले में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के विरुद्ध एक विकेट निकाला। सीएसके के खिलाफ अगले मैच में भी बुमराह को एक विकेट हाथ लगा था।शास्त्री का मानसिक थकान पर जोर क्रिकेटर्स के सामने आने वाली एक व्यापक समस्या पर रोशनी डालता है। सभी फॉर्मेट में भारत के लगातार व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए, बुमराह टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट में ही टीम की योजनाओं का केंद्र रहे हैं।
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May 5, 2026, 03:49 PM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आंधी-तूफान के बाद लोगों की जान लेने के बाद राहत कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आंधी-तूफान के बाद लोगों की जान लेने के बाद राहत कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में आंधी, वर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है. मंगलवार (5 मई) को सीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के त्वरित व समुचित इलाज और सभी प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं. साथ ही जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने को कहा गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों का समुचित और तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जाए. साथ ही जनहानि, पशुहानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और आवश्यक संसाधनों के लिए शासन से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. वहीं प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें लगातार सक्रिय हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
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May 5, 2026, 03:48 PM
ग्रेनो वेस्ट का जल संकट बना हुआ हैः मरम्मत के प्रयासों के बीच आपूर्ति लाइन बाधित

ग्रेनो वेस्ट का जल संकट बना हुआ हैः मरम्मत के प्रयासों के बीच आपूर्ति लाइन बाधित

माई सिटी रिपोर्टरऔर पढ़ेंTrending Videosग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में सोसाइटियों और सेक्टरों तक गंगाजल पहुंचने में रिसाव की समस्या खत्म नहीं हो पा रही हैं। अब ग्रेटर नोएडा में बने हुए जलाशय से ग्रेनो वेस्ट को आपूर्ति लाइन में दिक्कत आ गई है। यहां हुए लीकेज को ठीक करने का काम भी प्राधिकरण ने शुरू करा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि लाइनों के पुराना होने की वजह से प्रेशर से आपूर्ति करने पर लीकेज की समस्या खड़ी हो रही है। इन लाइनों को प्राथमिकता पर दुरुस्त कराने का काम किया जा रहा है। 105 मीटर रोड पर बने जलाशय से ग्रेनो वेस्ट को जाने वाली इस लाइन पर भी काम शुरू हो गया है। इन लीकेज की वजह से हर बार प्राधिकरण को ग्रेनो वेस्ट में गंगाजल की आपूर्ति हर सोसाइटी और सेक्टर तक करने की डेडलाइन को भी आगे बढ़ाना पड़ रहा है। अभी कुल आबादी का करीब 10 प्रतिशत ही गंगाजल से जुड़ पाया है।
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May 5, 2026, 03:47 PM
कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रकोप से बाघों की मौत

कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के प्रकोप से बाघों की मौत

विस्तारAdd as a preferredsource on googleमध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों में केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। एक बाघिन और उसके चार शावकों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में निगरानी और रोकथाम के उपाय तेज कर दिए गए हैं। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघिन T-141 और उसके चार शावकों में असामान्य गतिविधियां दिखाई देने पर तत्काल रेस्क्यू कर उपचार शुरू किया गया। सैंपल को स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक हेल्थ जबलपुर भेजा गया, जहां जांच में केनाइन डिस्टेंपर वायरस की पुष्टि हुई। इलाज के प्रयासों के बावजूद बाघिन और शावकों को बचाया नहीं जा सका। सीडीवी वायरस की पुष्टि के बाद वन्यजीव चिकित्सकों ने प्रोटोकाल के अनुसार उनका भस्मीकरण किया गया। वहीं, जिस क्षेत्र में बाघिन एव शाव को रेस्क्यू किया गया था, वहां अन्य बाघों की उपस्थिति को देखने के लिए हाथी दल से सतत गश्ती कराई जा रही है। वन विभाग ने वायरस के संक्रमण से दूसरे बाघों और वन्यजीवों को बचाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं, मुक्की स्थित क्वारेंटाइन एंड ट्रीटमेंट सेंटर, परिवहन पिंजरे एवं परिवहन वाहनों का सीडी वायरस प्रोटोकॉल अनुसार सेनेटाइजेशन किया गया।और पढ़ेंTrending Videosये भी पढ़ें-भोपाल में हाई अलर्ट ड्रिल: एनएसजी ने ‘आतंकी हमले’ का किया सजीव अभ्यास, रानी कमलापति स्टेशन के पास दिखाया दमखमविज्ञापनविज्ञापनक्या है केनाइन डिस्टेंपर वायरसकेनाइन डिस्टेंपर वायरस एक संक्रामक बीमारी है, जो आमतौर पर कुत्तों, बाघ, शेर, लोमड़ी जैसे मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करता है। यह संक्रमित जानवर की लार से तेजी से फैलता है। वहीं, यदि इससे संक्रमित कुत्ते को बाघ काट ले तो भी वह संक्रमित हो सकता है। यह वायरस श्वसन, पाचन और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है और कई मामलों में जानलेवा साबित होता है। हालांकि यह वायरस मनुष्यों को संक्रमित नहीं करता है। यह वायरस धीरे धीरे शरीर के अंगों को प्रभावित करता है। इसके शुरुआत लक्ष्य तेज बुखार, आंख और नाक से पानी आना, सुस्ती और कमजोरी जैसे लक्षण शुरुआत में दिखाई देते है।ये भी पढ़ें-Bhopal News: झीलों में बिना परमिट चल रहीं नाव, पर्यटकों की जान से खिलवाड़,50 से ज्यादा बोट, BMC रिकॉर्ड में 30वन विभाग ने निगरानी तेज कीघटना के बाद पूरे इलाके में वन विभाग ने सघन निगरानी शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने 40 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए हैं और हाथी दल के जरिए लगातार गश्त कराई जा रही है, ताकि अन्य बाघों की स्थिति पर नजर रखी जा सके। संक्रमित बाघिन और उसके शावकों ने जिन जल स्रोतों से पानी पीते थे, उसके सैंपल भी जांच के लिए भेजे है। वन्यजीवों के नमूनों की जांच भी कराई जा रही है। वहीं, पर्यटक और कर्मचारियों को वन्यजीवों में असमान्य लक्षण दिखने पर तुरंत सूचना देने को कहा गया है। वहीं, टाइगर रिजर्व के सभी प्रवेश द्वारों पर पर्यटक वाहनों को डिसइंफेक्टेंट साल्यूशन से सेनीटाईजेशन के बाद ही ही प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं।ये भी पढ़ें-MP News: पहली परीक्षा में 75% या अधिक वालों को ही मिलेगा लैपटॉप, छात्रोंं की बढ़ी संख्या,जाने कब मिलेगा लैपटॉपसंक्रमण रोकने के लिए विशेष अभियानवायरस के फैलाव को रोकने के लिए आसपास के गांवों में आवारा और पालतू कुत्तों का टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। पशु चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय कर कुत्तों की स्वास्थ्य जांच और उनकी संख्या नियंत्रण के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कान्हा टाइगर रिजर्व की तरफ से खापा एवं खटिया परिक्षेत्रों के 404 कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा क्षेत्र के आसपास के गांवों का भी टीकारण किया जा रहा है।ये भी पढ़ें-दीवार में कैद शौचालय: पहले 90° ब्रिज, अब बंद रास्ते वाला शौचालय, राजधानी भोपाल में प्लानिंग का एक और फेल मॉडलवैक्सीनेशन पहले होना था, समय रहते ठोस कदम नहीं उठाएवन्यजीव विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा कि बाघों की मौत केनाइन डिस्टेंपर वायरस के कारण हुई है। घटना के बाद अब वन विभाग ने टाइगर रिजर्व के आसपास पालतू पशुओं का वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है, जबकि यह काम पहले ही किया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि एनटीसीए के स्पष्ट निर्देश हैं कि टाइगर रिजर्व के आसपास नियमित रूप से वैक्सीनेशन होना चाहिए, लेकिन इस दिशा में पहले पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।ये भी पढ़ें-नए एसपी देहात का एक्शन मोड: पदभार संभालते ही रात में थानों का औचक निरीक्षण, भोपाल ग्रामीण में सख्ती के संकेतसंक्रमण रोकने हर संभव प्रयास किए जा रहे हैंवन विभाग के अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि उनके द्वारा वायरस से दूसरे वन्यजीवों को संक्रमित होने से रोकने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। वहीं, कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास डोमेस्टिक एनीमल का टीकाकरण कराया जा रहा है। विभाग की तरफ से हर संभव प्रयास और वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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May 5, 2026, 03:47 PM
अयोध्या में मनाया गया पहला बड़ा मंगलः आस्था और भक्ति से भरा शहर

अयोध्या में मनाया गया पहला बड़ा मंगलः आस्था और भक्ति से भरा शहर

अयोध्या। ज्येष्ठ मास के पहले बड़ा मंगल पर रामनगरी की गलियों में एक अलग ही उजास फैल रहा था, आस्था का, भक्ति का और सेवा का। पहले बड़े मंगल ने अयोध्या को मानो एक जीवंत आध्यात्मिक काव्य में बदल दिया, जहां हर धड़कन में जय श्रीराम और जय बजरंगबली का स्वर गूंज रहा था।और पढ़ेंTrending Videosसुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों की घंटियों ने जैसे पूरे नगर को जगा दिया। रामधुन और हनुमान चालीसा के सस्वर पाठ से वातावरण सुरमयी हो उठा। सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक शांति की तलाश में थी। हनुमानगढ़ी में सजी-धजी भव्य झांकी, आभूषणों से अलंकृत हनुमान जी और लंबी कतारों में खड़े भक्त यह दृश्य भक्ति की पराकाष्ठा का साक्षात रूप प्रतीत हो रहा था।विज्ञापनविज्ञापनकनक भवन और राम जन्मभूमि सहित नगर के सभी प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।गली-गली में सजे भंडारे इस बात के साक्षी बने कि अयोध्या की परंपरा केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा में भी उतनी ही गहरी है। कहीं पूड़ी-सब्जी का प्रसाद वितरित हो रहा था, तो कहीं शीतल जल और शर्बत से राहगीरों की प्यास बुझाई जा रही थी। तनगर के विभिन्न हनुमान मंदिरों नाका, रिकाबगंज, सहादतगंज, देवकाली और विद्या कुंड स्थित मंदिरों में दिनभर अनुष्ठानों की धूम रही। हर ओर हनुमान चालीसा के स्वर गूंजते रहे, जैसे पूरा नगर एक ही लय में बंध गया हो।इनसेटनाका हनुमानगढ़ी में लगा सवामन लड्डुओं का भोग- बड़े मंगल के अवसर पर कई स्थानों पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए। रामनगरी की प्राचीन पीठ नाका हनुमानगढ़ी में महंत रामदास के संयोजन में बजरंगबली को सवा मन लड्डुओं और फलों का भोग अर्पित किया गया। 101 दर्जन कदली फल, लड्डू, खीर और अन्य प्रसाद अर्पित कर भव्य श्रृंगार आरती की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए निशुल्क ओआरएस और शीतल जल का वितरण भी किया गया।
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May 5, 2026, 03:46 PM
यूपी सरकार ने बच्चों की देखभाल के लिए राज्य कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति पेश की

यूपी सरकार ने बच्चों की देखभाल के लिए राज्य कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति पेश की

UP News: यूपी में योगी सरकार ने बच्चों की देखभाल के लिए राज्यकर्मियों को म्यूचुअल यानी एक-दूसरे की सहमति से तबादले की सुविधा दी है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने मंगलवार को नई तबादला नीति जारी कर दी है। इसके आधार पर 31 मई तक तबादले किए जा सकेंगे। शासनादेश के मुताबिक, किसी अधिकारी कर्मचारी के व्यक्तिगत कारणों जैसे चिकित्सा या बच्चों की शिक्षा, शासकीय सेवा के दौरान मृत माता-पिता के अवस्यक बच्चों के पालन पोषण, देखभाल आदि के लिए स्थान रिक्त होने पर एक-दूसरे कार्मिकों की सहमति से स्थानांतरण या समायोजन किया जा सकेगा। बशर्ते उस पर कोई प्रशासनिक आपत्ति न हो। पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने पर उन्हें यथासंभव एक ही जिले, शहर स्थान पर स्थानांतिरत किया जाएगा। मंदित बच्चों या पूरी तरह से निशक्त बच्चों के माता-पिता की तैनाती उनके अनुरोध के आधार पर की जाएगी। स्थानांतरण नीति के दायरे में जिले में तीन और मंडल में सात साल तक नौकरी करने वाले आएंगे। स्थानांतरण नीति के मुताबिक 31 मई की अवधि समाप्त होने के बाद भी प्रशासनिक दृष्टि से जरूरत के अनुसार सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर कभी भी तबादले किए जा सकेंगे। पदोन्नति, सेवा समाप्ति, सेवानिवृत्ति आदि स्थितियों में पद रिक्त होने के बाद उस पर तबादले किए जा सकेंगे। दिव्यांग कार्मिकों को उनके अनुरोध के आधार पर स्थानांतरित किया जाएगा। स्थानांतरित कार्मिकों को तय अवधि में कार्यभार ग्रहण करना होगा, वरना स्वत: कार्यमुक्त मान लिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। तबादला नीति के दायरे में नौ लाख से अधिक राज्य कर्मचारी आएंगे। तबादला नीति सचिवालय कर्मियों पर लागू नहीं होगा। एक ही जिले में तीन साल और मंडल में सात साल की सेवा करने वाले समूह ‘क’ व ‘ख’ के अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। इस नीति के आधार पर समूह ‘क’ व ‘ ख’ के अधिकारियों का स्थानांतरण अधिकतम 20% और समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कार्मिकों का 10% की सीमा तक किया जाएगा। समूह ‘ख’ व ‘ग’ के कार्मिकों का स्थानांतरण यथा संभव मेरिट बेस्ड ऑनलाइन सिस्टम के आधार पर किए जाने की व्यवस्था है। विभागों द्वारा प्रशासनिक दृष्टि से पदोन्नति, सीधी भर्ती से नवनियुक्त पत्नी के सरकारी सेवा में होने, मंदित बच्चों, चलने में लाचार, दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की स्थानांतरण विकल्प के आधार पर मनचाहे स्थानों पर किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा घोषित प्रदेश के आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में तैनात कार्मिकों को उनके नियंत्रक अधिकारी द्वारा तब तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक उनके स्थान पर किसी दूसरे ने ज्वाइन न कर लिया हो। आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में प्राथमिकता के आधार पर रिक्त पदों को भरा जाएगा। संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले कार्मिकों का तबादला संवेदनशील पदों पर नहीं किया जाएगा। समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। समूह ‘क’ ऐसे अधिकारियों जिनके पद केवल मंडल स्तर पर हैं उन्हें उनके गृह मंडल में तैनात नहीं किया जाएगा।
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May 5, 2026, 03:45 PM
माताएँः परम शक्ति और बलिदान

माताएँः परम शक्ति और बलिदान

कहते हैं कि इस दुनिया में मां से कोई बड़ी ताकत नहीं है. अपनी जिंदगी को पूरी तरह बच्चों के लिए त्याग देने वाली महिला का त्याग अपने आप में एक बड़ी मिसाल है. बच्चा जब जिंदगी में आता है तो अमूमन हर माता-पिता अपना पूरा जीवन उसकी लाइफ को बेहतर करने में खर्च कर देते हैं. लेकिन मां के लिए कहा जाता है कि बच्चे को जन्म देने से पालने तक में उसका योगदान कहीं ज्यादा होता है. निस्वार्थ अपने बच्चों की हर जरूरत पूरी करने का जज्बा रखने वाली महिला किसी बड़ी ताकत से कम नहीं है. खुद की लाइफ को पूरी तरह से बच्चों के लिए समर्पित करने वाली वो महिला खुद की हेल्थ पर ठीक से फोकस नहीं कर पाती है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई दिक्कतें आने लगती हैं. क्या आप अपनी मदर की केयर के लिए उन्हें कुछ देने की सोच रहे हैं. आने वाली 10 मई को मदर्स डे मनाया जाएगा. ये बेहतरीन मौका भी है और इसके जरिए आप अपनी मदर को हेल्थ केयर से जुड़ा कोई गिफ्ट भी दे सकते हैं. ये रहे मदर्स डे के लिए बेस्ट गिफ्ट आइडिया…. साल 2026 की आने वाली 10 मई को मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाएगा. ये दिन हमें याद दिलाता है कि मां ने हमारे लिए कितनी मेहनत और त्याग दिए हैं. मदर्स डे को सेलिब्रेट करने का मोटिव हमें एक मां की वैल्यू को समझाने का बेहतरीन मौका है. लोग मदर को गिफ्ट देते हैं लेकिन उनकी हेल्थ की देखभाल में कमी छोड़ देते हैं. वैसे आजकल गिफ्ट देने का ट्रेंड बदल रहा है. अब लोग इमोशनल गिफ्ट्स के साथ-साथ हेल्थ केयर से जुड़ी चीजें भी तोहफे में देते हैं. दरअसल, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर माएं अपनी सेहद की देखभाल में कमी छोड़ देती हैं. इसलिए आप उन्हें हेल्दी रहने के लिए ये बेस्ट चीजें गिफ्ट कर सकते हैं. हेल्थ केयर के लिए स्मार्ट गिफ्ट- आज के समय में फिटनेस ट्रैकिंग डिवाइस को काफी पसंद किया जा रहा है. आप अपनी मदर को फिटनेस बैंड, स्मार्ट वॉच, स्टेप काउंटर या एक्टिविटी ट्रैकर दे सकते हैं. इस तरह के गैजेट्स से हार्ट रेट, नींद और रोजाना की एक्टिविटी पर नजर रखने में बेस्ट हैं. इनके जरिए आपकी मम्मी अपनी हेल्थ को और बेहतर तरीके से मैनेज कर सकती हैं. मदर्स डे के मौके पर आप अपनी मदर को इलेक्ट्रिक मसाजर, फुट मसाज मशीन या हीटिंग पैड जैसी चीजें गिफ्ट कर सकते हैं. ये ऑनलाइन या ऑफलाइन आसानी से मिल जाती हैं. घर और बाहरी जिम्मेदारियों की वजह से मां और पापा के कमर, कंधे और पैरों में दर्द होता है. इस तरह के टूल्स चुटकियों में बॉडी को रिलैक्स फील करा सकते हैं. भारत में ज्यादातर महिलाएं 35 की उम्र के बाद हड्डियों में दर्द या दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स का शिकार बनने लगती हैं. पोषण की कमी के चलते ऐसा होता है और इम्यूनिटी भी कमजोर होती है. इसलिए इस मदर्स डे पर उन्हें न्यूट्रिशन वाले फूड्स गिफ्ट करें. ड्राई फ्रूट पैक, हर्बल टी सेट और दूसरे हेल्दी फूड्स के पैक आप अपनी मम्मी को गिफ्ट कर सकते हैं. भारतीयों में अधिकतर माएं सैर या घर पर ही छोटी-मोटी एक्सरसाइज करके खुद को फिट रखने की कोशिश करती हैं. इसलिए आप अपनी मदर को होम वर्कआउट या योग से जुड़ी कुछ जरूरी चीजें गिफ्ट कर सकते हैं. योगा मैट, रेजिस्टेंस बैंड और ऑनलाइन योगा सब्सक्रिप्शन… गिफ्ट देने के लिए बेस्ट आइडिया हैं. मनीष रायसवाल वर्तमान में टीवी9 डिजिटल में लाइफस्टाइल बीट पर बतौर टीम लीड काम कर रहे हैं. मनीष के करियर की शुरुआत साल 2015 से इंडिया न्यूज के डिजिटल प्लेटफार्म Inkhabar के साथ बतौर सब एडिटर हुई थी.अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए इन्होंने इंडिया न्यूज, अमर उजाला और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है. 2009 से 2012 के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया से बीए ऑनर्स मास मीडिया में ग्रेजुएशन और 2012-13 के बीच देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (दिल्ली) से डिप्लोमा करने के बाद मनीष पत्रकारिता से जुड़े हैं.मनीष लाइफस्टाइल के अलावा, हेल्थ, सोशल, वुमेन और बाल विकास और ट्रैवलिंग जैसे विषयों पर लिखना पसंद करते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़े ज्यादातर टॉपिक्स पर इन्हें नई चीजें सीखने का शौक है.
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Amar Ujala
May 5, 2026, 03:43 PM
अयोध्या में 2027 की जनगणना की तैयारीः स्व-गणना कार्यक्रम शुरू

अयोध्या में 2027 की जनगणना की तैयारीः स्व-गणना कार्यक्रम शुरू

अयोध्या। जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस चरण में नागरिकों को स्व-गणना के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए सात से 21 मई तक विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।और पढ़ेंTrending Videosजिलाधिकारी और प्रमुख जनगणना अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि सात मई को सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट मुख्यालय में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में स्व-गणना कार्यक्रम शुरू होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मकानों के सूचीकरण और गणना को प्रभावी ढंग से पूरा करना है। इसके लिए रेजिडेंट मजिस्ट्रेट को नामित अधिकारी बनाया गया है। सिविल कोर्ट और जिला बार एसोसिएशन के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट (प्रथम) को नामित किया गया है। सुबह 11 बजे नगर निगम के लिए अपर नगर आयुक्त और तहसील सदर के लिए तहसीलदार सदर नामित किए गए हैं। दोपहर 12 बजे तहसील सदर के अंतर्गत आने वाले विकासखंडों के लिए खंड विकास अधिकारी और दोपहर एक बजे नगर पंचायतों के लिए अधिशासी अधिकारी नामित किए गए हैं। मकान सूचीकरण और मकानों की गणना 22 मई से 20 जून तक चलेगा।विज्ञापनविज्ञापनचार तहसीलों में स्व गणना आठ मई सेआठ से 21 मई तक तहसील सोहावल, बीकापुर, मिल्कीपुर और रुदौली में भी स्व-गणना अभियान चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी विकासखंडों, नगर पंचायतों, पुलिस, शिक्षा, विकास, व्यापारिक संगठन, स्वास्थ्य, निबंधन और औद्योगिक इकाइयों के लिए भी नामित अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रसिद्ध खिलाड़ी, गैर-सरकारी संगठन और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट सहित अन्य ट्रस्ट भी इस अभियान का हिस्सा होंगे। इन सभी नामित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्व-गणना को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है।सीडीओ बने नोडल अधिकारीइस वृहद कार्य के लिए मुख्य विकास अधिकारी अयोध्या को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिला विकास अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी और नामित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे समन्वय स्थापित कर इस कार्य को संपन्न कराना सुनिश्चित करें।
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May 5, 2026, 03:42 PM
मीठा आश्चर्यः बची हुई रोटी से गुलाब जामुन बनाना

मीठा आश्चर्यः बची हुई रोटी से गुलाब जामुन बनाना

चाहे कोई त्योहार हो, शादी-ब्याह हो या बस कुछ मीठा खाने का मन हो, गरमा-गरम गुलाब जामुन का कोई मुकाबला नहीं है। ये एक ऐसी इंडियन स्वीट डिश है जिसे दूध से बने खोया से तैयार किया जाता है। सॉफ्ट और छोटे साइज के गुलाब जामुन मिल जाते हैं तो लोग एक बार में 2 या फिर चार तो खा ही लेते हैं। वैसे तो ऑथेंटिक गुलाब जामुन खोया, सूजी और मिल्क पाउडर से तैयार किया जात है। लेकिन यहां हम आपको एक ऐसी रेसिपी के बारे में बता रहे हैं जिसमें गुलाब जामुन आप बची हुई रोटी से बना सकते हैं। इस तरह से बने गुलाब जामुन की बनावट बिल्कुल हलवाई वालों की तरह दिखती है। सीखिए, बची रोटी से गुलाब जामुन बनाने का तरीका। बची रोटी से गुलाब जामुन बनाने के लिए आपको चाहिए 4-5 रोटियां, एक कप गर्म दूध, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर, दो बड़े चम्मच घी, 12 से 15 किशमिश एक छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर, एक चुटकी नमक, डेढ़ कप मिल्क पाउडर, चीनी की चाशनी। सजावट के लिए पिस्ता और सिल्वर वर्क (ऑप्शनल)। बची हुई रोटी से गुलाब जामुन बनाने के लिए रोटियों को अच्छी तरह से पीसकर पाउडर बना लें। फिर इस पाउडर में धीरे-धीरे करके गर्म दूध मिलाएं और अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब इस मिक्स में आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए रख दें। कुछ देर बाद जब ये फूल जाए तो अच्छी तरह से मिलाएं और फिर दो बड़े चम्मच घी डाल दें। अब एक छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर, एक चुटकी नमक और डेढ़ कप मिल्क पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और आटा गूंथ लें। अब आटे को अच्छी तरह से हथेली से मथ लें। फिर अपनी पसंद से गुलाब जामुन की शेप दें और बीच में एक किशमिश रख दें। सभी एक सी शेप में बना लें और फिर घी गर्म करें। जब तक घी गर्म हो रहा है तब तक चाशनी तैयार कर लें। इसके लिए पानी और चीनी बराबर मात्रा में मिलाएं और फिर पकने दें। गुलाब जामुन की चाशनी बिना तार वाली बनती है इसलिए चीनी पिघलते ही आंच बंद कर दें। चाशनी में रंगत के लिए केसर मिला सकते हैं। अब गर्म घी में सभी बनाए हुए गोले सेक लें। अब गुलाब जामुन को चाशनी में डालें और फिर निकाल कर। पिस्ता और सिल्वर वर्क से सजाएं।
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May 5, 2026, 03:41 PM
चलने पर सांपः गर्मी की गर्मी से दृश्य और घातक परिणाम बढ़ते हैं

चलने पर सांपः गर्मी की गर्मी से दृश्य और घातक परिणाम बढ़ते हैं

गर्मियां तेज होते ही जगह-जगह सांपों के दिखने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। दरअसल तेज गर्मी और पानी की कमी की वजह से सांप ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में लोगों की घरों की ओर रुख करना शुरू कर देते हैं। खासकर खेतों और तालाब के आसपास बने मकान या पुराने घरों में ये समस्या काफी ज्यादा रहती है। कई इलाकों में तो सांप काटने से हुई मौतों का आंकड़ा भी डरा देने वाला होता है। ऐसे में घबराने की नहीं बल्कि समझदारी से काम लेने की जरूरत है। अगर पहले से कुछ बातें ध्यान रखी जाएं, तो घर में सांप घुसने के चांस काफी कम हो जाते हैं। साथ ही इसके लिए भी तैयार रहना जरूरी है कि अगर सांप दिख जाए तो पहला कदम क्या होना चाहिए और कौन सी गलतियां अवॉइड करनी चाहिए। आइए सब विस्तार में जानते हैं। सांप के काटने पर तुरंत मरीज को अस्पताल ले जाएं। उसे पैदल बिल्कुल ना चलने दें। कुछ लोग सांप को पहचानने और पकड़ने जैसी चीजों में वक्त बर्बाद कर देते हैं, जो मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डिस्क्लेमर:इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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May 5, 2026, 03:39 PM
सरकार ने त्रासदी के बाद सहायता का संकल्प लिया, अग्नि सुरक्षा उपायों पर जोर दिया

सरकार ने त्रासदी के बाद सहायता का संकल्प लिया, अग्नि सुरक्षा उपायों पर जोर दिया

सीएम ने कहा, इस कठिन समय सरकार आपके साथ खड़ी, मिलेगी हरसंभव सहायताऔर पढ़ेंTrending Videosअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली।विवेक विहार में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रासदी को एक गंभीर चेतावनी के रूप में लिया है। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। खासतौर पर फायर सेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजधानी में सभी इमारतों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और जहां भी कमी पाई जाए, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि फायर सेफ्टी के नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि न केवल पीड़ितों को राहत दी जाए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 03:38 PM
बकरियाँ चराते समय लापता होने के बाद महिला और बेटी मृत पाए गए

बकरियाँ चराते समय लापता होने के बाद महिला और बेटी मृत पाए गए

विस्तारAdd as a preferredsource on googleमंगलवार शाम करीब छह बजे आई तेज आंधी और बारिश के दौरान एक हादसे में महिला की मौत हो गई जबकि उसकी बेटी घायल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाली क्षेत्र के पढ़ोरी गांव के मजरा बजरंगी डेरा निवासी सावित्री (38) पत्नी रामबाबू अपनी बेटी आकांक्षा (14) के साथ बकरी चराने खेतों पर गई थी। शाम को मौसम खराब होने पर दोनों मंदिर के टिन शेड के नीचे आंधी-बारिश से बचने के लिए बैठ गईं। अचानक तेज आंधी से टिन की चादर उड़कर मां-बेटी पर गिर पड़ी। सावित्री के सिर पर चादर लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आकांक्षा गंभीर रूप से घायल हो गई। बेटी किसी तरह भागकर घर गई और परिजनों को सूचना दी।और पढ़ेंTrending Videosकोतवाली प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि परिजनों ने आंधी-पानी से बचने के लिए मंदिर में बैठी थीं। तभी टिनशेड उड़कर उनके ऊपर गिरने से महिला की मौत हो गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मंगलवार दोपहर बाद अचानक आसमान का रंग पीला पड़ गया और कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया और चक्रवाती तूफान ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।विज्ञापनविज्ञापनतेज हवाओं के चलते बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि कई मकानों और दुकानों की दीवारें, छज्जे और टीनशेड उड़ गए। तहसील परिसर में सीओ कार्यालय के पीछे की दीवार गिर गई, वहीं परिसर में लगा पुराना नीम का पेड़ भी धराशायी हो गया। वकीलों के चेंबरों में लगे टीनशेड और बोर्ड उड़ गए। उपरौस में पानी की टंकी के पास भारी पेड़ गिरने से बिजली के पोल और तार टूट गए। वहीं, तहसील मार्ग, पुरानी टॉकीज के सामने और रहमानिया सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया।उधर ब्लॉक परिसर में नीम का पेड़ गिरने से एडीओ पंचायत की कार समेत कई बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। उरदना गांव निवासी रामकुमार का ट्रैक्टर गेहूं लेकर मंडी आया था। इसमें भी पेड़ गिरने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टेवन बाबा मोहल्ले में पेड़ गिरने से एक भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। चक्रवाती तूफान की चपेट में आकर गांधी इंटर कॉलेज की बाउंड्रीवॉल ढह गई, जबकि पालीवाल पेट्रोल पंप का सोलर प्लांट उड़ गया। सरकारी अस्पताल परिसर में लगा प्लास्टिक शेड भी तहस-नहस हो गया। बृजेंद्र गौतम के मकान पर पेड़ गिरने से घर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।उधर कृषि मंडी समिति में खुले में रखा हजारों क्विंटल गेहूं बारिश और ओलावृष्टि के कारण भीग गया। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, पढ़ोरी गांव स्थित मंदिर परिसर में पेड़ गिरने से मां दुर्गा की मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई। सिसोलर, अरतरा, रीवन, करहिया, खंडेह, भटुरी, भैंसमरी और छिमौली सहित दर्जनों गांवों में भी तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इससे ब्लॉक क्षेत्र के 50 गांवों सहित नगर की करीब तीन लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।प्रशासन ने मुख्य मार्गों से हटाए पेड़मुख्य सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने और यातायात बहाल करने के लिए एसडीएम करनवीर सिंह, सीओ राजकुमार पांडेय, तहसीलदार, कोतवाली प्रभारी, नगरपालिका, सहित बिजली विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ राहत और बचाव कार्य में देर रात तक जुटी रहीं। हालांकि प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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May 5, 2026, 03:31 PM
साइबर ठग ने बैंकर्स स्ट्रीट निवासी को ₹1 लाख का भुगतान न करने की धमकी दी

साइबर ठग ने बैंकर्स स्ट्रीट निवासी को ₹1 लाख का भुगतान न करने की धमकी दी

निवेश कर मुनाफे का दिए झांसा और रुपये न देने पर दे रहे धमकीऔर पढ़ेंTrending Videosमाई सिटी रिपोर्टरमेरठ। साइबर ठग ने फेसबुक पर दोस्ती कर बैंकर्स स्ट्रीट निवासी आशुतोष गर्ग ने लगभग 11.95 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने अपने एक अन्य साथी से संपर्क कराकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश और मुनाफे का झांसा दिया। आरोपियों ने रुपये कुछ बैंक खातों में स्थानांतरित करा लिए। आरोपी पीड़ित से और रुपये निवेश न करने पर धमकी दे रहे हैं। साइबर थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सदर बाजार थाना क्षेत्र के बैंकर्स स्ट्रीट निवासी आशुतोष गर्ग ने साइबर थाने में दी गई। शिकायत में कहा है कि कोमल सिंह नाम से फेसबुक अकाउंट चलाने वाले शख्स ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उनसे दोस्ती की। इसके बाद वह चैटिंग कर बात करने लगा। आरोपी ने विक्रम सिंह नाम के अपने एक साथी से भी आशुतोष गर्ग की बात कराई। उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर मोटे मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बैंक अकाउंट नंबर देकर उनसे रुपये हस्तांतरित कराने शुरू कर दिए।विज्ञापनविज्ञापनशुरुआत में आरोपियों ने मुनाफा दर्शाया लेकिन रुपये उनके खाते में नहीं लौटाए गए। आरोपियों ने कहा कि कुछ और रुपये निवेश करना होगा। तब एक साथ निवेश और मुनाफे की रकम हस्तांतरित कर दी जाएगी। उनके लगभग 11.95 लाख रुपये निवेश करने के बावजूद रुपये नहीं लौटाए गए। इसके बाद आरोपी और अधिक रुपये निवेश करने का दबाव बनाने लगे। ठगी की जानकारी होने पर आशुतोष गर्ग ने साइबर थाना पुलिस से कार्रवाई की मांग की। एसपी साइबर अपराध अवनीश कुमार का कहना है कि अज्ञात आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।-------------------
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May 5, 2026, 03:30 PM
'धुरंधर'की सफलता के बाद रणवीर सिंह ने पारिवारिक जीवन में की वापसी

'धुरंधर'की सफलता के बाद रणवीर सिंह ने पारिवारिक जीवन में की वापसी

बीते कुछ महीनों में फिल्म इंडस्ट्री में जिस एक नाम ने सबसे ज्यादा चर्चे हैं, वह है एक्टर रणवीर सिंह. आदित्य धर की स्पाई फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' की जबरदस्त सफलता के बाद, रणवीर इंडस्ट्री समेत फैंस से सराहना पा रहे हैं. इस बीच वो दर्शकों की दिलचस्पी का केंद्र भी बने हुए हैं. लेकिन इसके साथ ही उनकी सुर्खियों से दूरी ने भी लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी है. अपने करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक देने के बावजूद, रणवीर सिंह ने हाल के हफ्तों में काफी लो प्रोफाइल बनाया हुआ है. उनके पैपराजी की नजरों से गायब रहने के चलते फैंस के मन में सवाल है कि आखिर एक्टर कहां हैं और फिल्म की सफलता के बाद किस किस प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, रणवीर सिंह ने फिलहाल सोच-समझकर थोड़ा पीछे हटने का फैसला किया है. वो अपना समय परिवार को, खासकर अपनी बेटी दुआ और पत्नी दीपिका पादुकोण को दे रहे हैं. दीपिका पादुकोण , इन दिनों केप टाउन में शाहरुख खान के साथ फिल्म 'किंग' की शूटिंग कर रही हैं. प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने बताया, 'यह देखना अच्छा लगता है कि रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण एक-दूसरे को कितना सपोर्ट करते हैं. दीपिका साउथ अफ्रीका में किंग की शूटिंग में व्यस्त हैं. तो रणवीर, धुरंधर की बड़ी सफलता और प्रलय की तैयारी के बावजूद, अपनी बेटी दुआ के साथ समय बिता रहे हैं. जब दुआ की मम्मी शूटिंग कर रही हैं, तब वह उसकी देखभाल कर रहे हैं.' सूत्र ने आगे कहा, 'वह पूरी तरह से मौजूद रहते हैं और खुद जिम्मेदारी निभा रहे हैं. दुआ उनके लिए लकी चार्म साबित हुई है. 3 डी (दीपिका, दुआ, धुरंधर ) ने उनकी जिंदगी बदल दी है. शूट के कुछ दिन अभी बाकी हैं, लेकिन धुरंधर की सफलता के बाद रणवीर का इस तरह सुर्खियों से दूर रहना हैरान करता है.' A post shared by दीपिका पादुकोण (@deepikapadukone) करीबी लोगों का कहना है कि दुआ के आने के बाद रणवीर सिंह की प्राथमिकताओं में साफ बदलाव आया है. 'धुरंधर' की सफलता, दीपिका पादुकोण के साथ उनका सफर और अब पिता बनने का अनुभव, ये सब उनके जीवन को एक स्थिरता दे रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'धुरंधर' की शूटिंग के दौरान रणवीर कभी-कभी सिर्फ कुछ घंटों के लिए अपनी पत्नी और बेटी से मिलने के लिए वापस आते थे और फिर सेट पर लौट जाते थे. दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने बताया था कि वे अपने दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं. एक्ट्रेस दूसरी बार प्रेग्नेंट हैं. इस ऐलान में एक इमोशनल फोटो थी, जिसमें उनकी बेटी दुआ एक पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट पकड़े हुए नजर आ रही थीं. पोस्ट ने फैंस और इंडस्ट्री के सितारों से ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएं पाया था. पिछले एक साल में दीपिका वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर भी चर्चा में रही हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने मां बनने के बाद आठ घंटे की शिफ्ट की वकालत की, जिसका असर उनके कुछ प्रोजेक्ट्स पर पड़ा. 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल से उन्हें काम को लेकर रखी गई शर्तों के चलते बाहर होना पड़ा. रणवीर सिंह के आने वाले प्रोजेक्ट्स की बात करें तो पहले वो फरहान अख्तर की फिल्म 'डॉन 3' की शूटिंग शुरू करने वाले थे. मगर दोनों के बीच अनबन के चलते उन्हें इस प्रोजेक्ट से बाहर होना पड़ा. फिलहाल वो जॉम्बी एक्शन फिल्म 'प्रलय' में काम कर रहे हैं. ये पिक्चर फिलहाल प्री-प्रोडक्शन में है.
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May 5, 2026, 03:28 PM
सी. आर. पी. एफ. डी. जी. की पहलः निम्न श्रेणी के कार्मिकों के लिए जीवन स्थितियों में सुधार

सी. आर. पी. एफ. डी. जी. की पहलः निम्न श्रेणी के कार्मिकों के लिए जीवन स्थितियों में सुधार

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ में डीजी का आदेश चर्चा का केंद्र बन गया है। अब सीआरपीएफ डीजी और दूसरे अफसर, फील्ड विजिट के दौरान सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के साथ खाना खाएँगे। इतना ही नहीं, डीजी व दूसरे सीनियर अफसर, उन्हीं की बैरक में रात्रि विश्राम भी करेंगे। राजपत्रित अधिकारियों के साथ-साथ वरिष्ठ अफसर, अब अपने ग्राउंड दौरे में निचले रैंक के मेस, बैरक, किचन, बाथरूम, क्वार्टर को सुधारने पर सबसे ज्यादा ध्यान देंगे।और पढ़ेंTrending Videosसीआरपीएफ डीजी की इस मुहिम का मकसद अधीनस्थ अधिकारियों (एसओएस) के मेस और ओआर बैरकों के अवसंरचना विकास को प्राथमिकता देना है। यह देखा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान प्रमुख निर्माण मद के अंतर्गत बजट व्यय की बेहतर निगरानी और नियंत्रण के कारण निर्माण कार्यों की समग्र गुणवत्ता और निष्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। चूंकि व्यय में वृद्धि की गई है, जिसका अर्थ है कि अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध है। ऐसे में यह अनिवार्य है कि हम सरकारी बजट के अतिरिक्त एसओएस और ओआर के अवसंरचना में सुधार के लिए अतिरिक्त संसाधन निवेश करें।विज्ञापनविज्ञापनयह जरूरी है कि सरकारी अधिकारियों के लिए बुनियादी ढांचे के अतिरिक्त, अधीनस्थ अधिकारियों (एसओएस) से संबंधित बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के सुधार और उन्नयन को प्राथमिकता दी जाए।(i) एसओएस के भोजनालय(ii) एसओएस के भोजन कक्ष/रसोइया(iii) एसओएस के छात्रावास(iv) एसओएस के स्नानघर(v) परिवार के सदस्यों के लिए एसओएस के अतिथि कक्ष(vi) एसओएस के आवासीय क्वार्टर(vii) एसओएस के कार्यस्थलयह भी निर्देश दिया जाता है कि प्रतिष्ठानों/इकाइयों/कंपनियों का दौरा करने वाले सभी वरिष्ठ अधिकारी, जहाँ तक संभव हो, एसओ के अतिथि कक्षों/छात्रावासों में रात्रि प्रवास करें। उन्हें भोजन कक्ष में एसओ के साथ कम से कम एक बार भोजन (नाश्ता/दोपहर का भोजन या रात का भोजन) करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।इस पहल का उद्देश्य एसओ के रहने की स्थिति और भोजन की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन और सुधार करना है।ऐसे दौरों के दौरान, वरिष्ठ अधिकारी एसओ मेस में अपने प्रवास के संबंध में विस्तृत अवलोकन दर्ज करेंगे, जिसमें विशेष रूप से कमियों, खामियों और तत्काल ध्यान देने योग्य क्षेत्रों को उजागर किया जाएगा। ये अवलोकन आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजे जाएंगे, और इनकी एक प्रति निर्माण निदेशालय को भी भेजी जाएगी। अन्य रैंकों (ओआर) की सुविधाओं में सुधार के लिए भी इसी प्रकार के प्रयास किए जाएंगे, जिनमें ओआर बैरक, ओआर भोजन कक्ष/रसोइया, ओआर स्नानघर/शौचालय, ओआर क्वार्टर और परिवार के सदस्यों के लिए अतिथि कक्ष शामिल हैं।एस्टेट अधिकारी/यूनिट कमांडर चरणबद्ध तरीके से, आगंतुक या तैनात अधिकारियों के लिए ओआर के साथ रहने की व्यवस्था करेंगे, ताकि बुनियादी ढांचे और कार्यात्मक कमियों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन और पहचान की जा सके और उन्हें दूर किया जा सके। यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि सीआरपीएफ के महानिदेशक ने स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के मेस में ठहरने के अलावा, प्रतिष्ठानों/इकाइयों/कंपनियों के अपने क्षेत्र दौरों के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के मेस/ वरिष्ठ अधिकारियों के कमरों/ सैन्य कर्मियों की बैरकों में ठहरने और इन वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य कर्मियों के मेस में भोजन करने की इच्छा व्यक्त की है।सभी सेक्टर आईजी, जीसी, प्रशिक्षण संस्थान, यूनिट कमांडर और सभी एस्टेट अधिकारियों से अनुरोध है कि वे इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। कार्यों की प्रगति और अवलोकनों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। इस आदेश को सीआरपीएफ महानिदेशक की स्वीकृति से जारी किया गया है।
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May 5, 2026, 03:26 PM
चौरा रघुनाथपुर में दंपति ने इमारत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया

चौरा रघुनाथपुर में दंपति ने इमारत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया

चौड़ा रघुनाथपुर में युवक-युवती ने तीसरी मंजिल से लगाई थी छलांगऔर पढ़ेंTrending Videosमाई सिटी रिपोर्टरनोएडा। चौड़ा रघुनाथपुर गांव में सोमवार सुबह तीन मंजिला बिल्डिंग की छत से युवक-युवती के कूदने के मामले में पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल की व सीसीटीवी फुटेज की जांच की और युवती के बयान लिए। पुलिस की जांच में मकान मालिक के बेटे-बहू की भूमिका संदिग्ध मिली है। चौड़ा रघुनाथपुर गांव में एक मकान की छत से युवक-युवती संदिग्ध हालात में नीचे गिर गए थे। इसमें युवक की मौत हो गई थी और युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। युवती का इलाज सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है।कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस को दोनों के मोबाइल से कुछ संदिग्ध नंबर मिले। इसके बाद उनलोगों से पुलिस ने पूछताछ की तब मकान मालिक के बेटे और बहू की संदिग्ध भूमिका सामने आई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है। एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि मामले में गहनता से जांच कराई जा रही है।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 03:24 PM
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 में प्रदूषित जलापूर्ति की समस्या से लोग परेशान

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 में प्रदूषित जलापूर्ति की समस्या से लोग परेशान

ग्रेटर नोएडा। सेक्टर बीटा-2 में पिछले कई दिनों से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई होने से स्थानीय लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पानी इतना प्रदूषित है कि उसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। दूूषित पानी पीने के कारण लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी नीलम यादव का कहना है कि सेक्टर में कई दिनों से दूषित पानी की सप्लाई आ रही हैं। इसको पीने से कई घरों में लोग बीमार पड़ रहे हैं और लूज मोशन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। ब्यूरोऔर पढ़ेंTrending Videos
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May 5, 2026, 03:24 PM
पटना यातायात पुलिस को त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस की मदद मिली

पटना यातायात पुलिस को त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस की मदद मिली

विस्तारAdd as a preferredsource on googleपटना में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस को बड़ी राहत मिली है। अब पटना ट्रैफिक पुलिस के पास अपनी दो एंबुलेंस होंगी, जो आपात स्थिति में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद करेंगी।और पढ़ेंTrending Videosनिजी कंपनी ने उपलब्ध कराई एंबुलेंसइन एंबुलेंस को चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के तहत उपलब्ध कराया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में डीजीपी विनय कुमार और कंपनी के एमडी वी. सूर्यनारायणन के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।विज्ञापनविज्ञापनप्रमुख सड़कों पर रहेगी तैनातीएडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि दोनों एंबुलेंस 24 घंटे अटल पथ, पाटलि पथ और जेपी गंगा पथ जैसी प्रमुख सड़कों पर तैनात रहेंगी। जरूरत के अनुसार अन्य इलाकों में भी इन्हें भेजा जाएगा।24 घंटे रहेगी उपलब्धइन एंबुलेंस में ट्रैफिक पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित कर्मी भी मौजूद रहेंगे, ताकि दुर्घटना के तुरंत बाद घायलों को प्राथमिक उपचार मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि सड़क हादसों में शुरुआती ‘गोल्डन ऑवर’ बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।ये भी पढ़ें-Bihar News: CM सम्राट चौधरी ने सड़क-पुल परियोजनाओं का जायजा लिया, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देशडायल-112 से जोड़ी जाएगी सेवाप्रशासन की योजना है कि जल्द ही इस एंबुलेंस सेवा को डायल-112 से जोड़ दिया जाएगा, जिससे एक कॉल पर पुलिस के साथ-साथ चिकित्सा सहायता भी तुरंत उपलब्ध हो सके।
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May 5, 2026, 03:23 PM
तूफान से संबंधित दुर्घटना में पिकअप ट्रक पलट गया, 13 यात्री घायल

तूफान से संबंधित दुर्घटना में पिकअप ट्रक पलट गया, 13 यात्री घायल

पहाड़ी थाना क्षेत्र के जमहिल पुल के पास ऑटो से बचने के चक्कर में पिकअप पपलट गई। इससे 13 सवारियां घायल हो गईं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर शाम एक पिकअप कर्वी से राजापुर की ओर रही थी। जमहिल पुल के पास पहुंचते ही सामने से आया ऑटो तेज आंधी की वजह से अचानक लहरा गया, इससे बचने के चक्कर में पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई।और पढ़ेंTrending Videosइससे पिकअप सवार कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाना के मनकापुर निवासी शुभम (35), भरतकूप के मुकुंदपुर निवासी खुशबू (4), उसका पिता श्रीचंद (30), पत्नी संतोषिया (25), सुखेंद्र (13), कसहाई निवासी ज्योती देवी (25), पहाड़ी थाना क्षेत्र के विनोद कुमार (49), बांदा जिले के मर्का निवासी बदमिया (60), पहाड़ी निवासी लवलेश (30), सरधुवा निवासी शोभा देवी (35), राजापुर निवासी काजल देवी (25), भंभई निवासी रज्जू देवी (6), शीनू (8) घायल हो गए।विज्ञापनविज्ञापनघटना की सूचना पर थाना प्रभारी निशीकांत राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी में भर्ती कराया, वहां डॉक्टर दीपक यादव, डॉ शिवम सिंह ने मरीजों का इलाज शुरू किया गया। वहां हालत गंभीर होने पर संतोषिया, काजल व ज्योति को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है।
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May 5, 2026, 03:22 PM
राजस्थान पुलिस ने नकली ई-चालान और आरटीओ से संबंधित धोखाधड़ी की चेतावनी दी

राजस्थान पुलिस ने नकली ई-चालान और आरटीओ से संबंधित धोखाधड़ी की चेतावनी दी

विस्तारAdd as a preferredsource on googleडिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता भी तेजी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आरटीओ और ई-चालान के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को लेकर आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में फर्जी ई-चालान से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।और पढ़ेंTrending Videosउन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों को “RTO Challan.apk”, “eChallan.apk” या “mParivahan.apk” जैसे नामों वाली फर्जी एपीके फाइलें भेजते हैं। इन फाइलों को डाउनलोड या इंस्टॉल करने पर मोबाइल फोन में मैलवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और अन्य निजी डेटा चोरी होने का खतरा रहता है। कई मामलों में ठग खुद को आरटीओ अधिकारी बताकर कॉल करते हैं और चालान भरने, ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल या वाहन परमिट के नाम पर पैसे मांगते हैं।विज्ञापनविज्ञापनपुलिस के अनुसार, अपराधी लोगों में डर पैदा करने के लिए मैसेज में कोर्ट केस, वाहन ब्लैकलिस्ट या जेल जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि व्यक्ति घबराकर तुरंत भुगतान कर दे। इसके अलावा, सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटों के लिंक भी भेजे जाते हैं, जो असली वेबसाइट से काफी मिलते-जुलते होते हैं।पुलिस ने असली और नकली चालान की पहचान के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। असली चालान वाले मैसेज में वाहन नंबर के साथ इंजन और चेसिस नंबर के अंतिम पांच अंक जरूर शामिल होते हैं, जबकि फर्जी संदेशों में यह जानकारी नहीं होती। साथ ही, असली मैसेज हमेशा अधिकृत हेडर जैसे AD-TRFFC से आते हैं, जबकि सामान्य मोबाइल नंबर से भेजे गए मैसेज संदिग्ध माने जाने चाहिए।पढ़ें-Jaipur News: फर्जी फैक्ट्री दिखाकर 5 लाख ठगे, नकली चांदी बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तारएडवाइजरी में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक एप जैसे NextGen mParivahan का ही उपयोग करें और किसी भी अनजान लिंक या क्यूआर कोड को स्कैन न करें। किसी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक की तुरंत रिपोर्ट संचार साथी पोर्टल पर करें।यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा, नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी सहायता उपलब्ध है।विज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News App, iOSHindi News AppऔरAmarujala Hindi News APPअपने मोबाइल पे|Get allIndia Newsin Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and morenews in Hindi.
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May 5, 2026, 03:20 PM
नोएडा प्राधिकरण ने छोटे औद्योगिक भूखंडों के लिए योजना का अनावरण किया

नोएडा प्राधिकरण ने छोटे औद्योगिक भूखंडों के लिए योजना का अनावरण किया

नोएडा। औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए नोएडा प्राधिकरण 25 औद्योगिक प्लॉट की योजना लाने की तैयारी में है। प्लॉट 8 हजार वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाले होंगे। आवंटन ई-नीलामी के जरिये होगा। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि किसानों के साथ जमीन से जुड़े विवादों और कब्जे की समस्याओं के कारण फिलहाल योजना में प्लॉट की संख्या सीमित रखी गई है। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि विभाग की पूरी कोशिश है कि इस महीने के आखिर तक औद्योगिक प्लॉट की योजना विधिवत रूप से लांच कर दी जाए। ब्यूरोऔर पढ़ेंTrending Videos
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May 5, 2026, 03:20 PM
अरुण विहार के निवासियों ने सीवर मैनहोल और वर्षा जल निकासी की सफाई का प्रभार संभाला

अरुण विहार के निवासियों ने सीवर मैनहोल और वर्षा जल निकासी की सफाई का प्रभार संभाला

फोटो है (कृपया फोटो ले लें)और पढ़ेंTrending Videos------बरसाती नालियां भी खुद कर रहे साफ, ताकि न हो जलभराव-अरूण विहार की वार्षिक आम बैठक संपन्न, अध्यक्ष बोले-दो सेक्टरों की सफाई पूरी, एक बाकी-3 हजार सीवर मेनहोल की खुद आरडब्ल्यूए ने कराई सफाईमाई सिटी रिपोर्टरनोएडा। अरुण विहार के करीब 3000 मेनहोल की सफाई लंबे समय से न होने से निवासियों ने खुद मोर्चा संभाला। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने यह बात अपनी वार्षिक आम बैठक के दौरान बताई। उन्होंने कहा कि अरूण विहार के अंतर्गत सेक्टर 28, 29, 37 के हजारों मेनहोल खुद आरडब्ल्यूए साफ करवा रही है, साथ ही बरसाती नालियों को भी साफ कराया जा रहा है, ऐसे में सालों से चली आ रही जलभराव की समस्या इस बार दूर हो सकेगी।अरुण विहार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की ओर से वार्षिक आम सभा आयोजित की गई। अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत) प्रशांत गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में 300 से अधिक स्थायी सदस्यों ने भाग लिया। गौरतलब है कि तकनीकी कारणों से वर्ष 2025-26 में चुनाव नहीं हो सके थे, जिससे पिछले 18 महीनों से आम सभा आयोजित नहीं हो पाई थी। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।विज्ञापनविज्ञापनअध्यक्ष प्रशांत गुप्ता ने सुरक्षा दीवार, सीवर, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए चल रही परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से नहीं हुई मेनहोल की सफाई पर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें दी गईं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर खुद नई टीम ने बीड़ा उठाते हुए सफाई शुरू कर दी है। अब तक दो सेक्टरों के मेनहोल साफ कर लिए गए हैं। वित्त समिति के सदस्य मेजर जनरल देवेंद्र कपूर द्वारा प्रस्तुत बजट को बहुमत से पारित किया गया।
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May 5, 2026, 03:11 PM
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच फारस की खाड़ी में अमेरिकी मरीन फंसे

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच फारस की खाड़ी में अमेरिकी मरीन फंसे

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच फारस की खाड़ी से बड़ी खबर सामने आई है। हॉर्मुज स्ट्रेट में आवागमन बाधित होने के कारण 22000 से अधिक मरीन सैनिक फंस गए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने से मरीन सैनिक खाड़ी में फंसे हुए हैं और हॉर्मुज मार्ग से गुजरने में असमर्थ हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि फारस की खाड़ी में तैनात 22500 से अधिक मरीन सैनिक ईरान द्वारा हॉर्मुज पर कड़ी पकड़ मजबूत करने के कारण फंस गए हैं। ईरान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और होर्मुज में नौसैनिक आवाजाही पर सख्त नियंत्रण के चलते अमेरिकी मरीन बलों की वापसी और रसद आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में हमारे सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। दूसरी ओर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जोर देकर कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट में दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी की घटनाओं के बावजूद युद्धविराम समाप्त नहीं हुआ है। हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम अभी भी बरकरार है। उन्होंने बताया कि ईरानी सेना ने प्रोजेक्ट फ्रीडम घोषणा के बाद अमेरिकी ठिकानों पर 10 से अधिक हमले किए हैं, जिन्हें अधिकारी पूर्ण पैमाने पर युद्ध की शुरुआत से नीचे की कार्रवाई बता रहे हैं। हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि हॉर्मुज में चल रहे समुद्री मिशन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' ईरानी आक्रामकता से वाणिज्यिक जहाजों की रक्षा के लिए एक रक्षात्मक और अस्थायी प्रयास है। ईरान के छोटे नौका बेड़े को लेकर पूछे गए सवाल पर हेगसेथ ने कहा कि “इस खतरे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।” उन्होंने चेतावनी दी कि छोटे पैमाने की समुद्री कार्रवाइयां भी इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ जारी तनाव के बीच वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हॉर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में सुरक्षा क्षेत्र का विस्तार किया है। केन ने कहा कि प्रोजेक्ट फ्रीडम का उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा करना और होर्मुज से होकर व्यापार के सुचारू प्रवाह को बहाल करना है। इस सुरक्षित क्षेत्र की सुरक्षा अमेरिकी थलसेना, नौसेना और वायुसेना संयुक्त रूप से कर रही है।
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May 5, 2026, 03:11 PM
रोहित शर्मा की शानदार वापसीः मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराया

रोहित शर्मा की शानदार वापसीः मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराया

रोहित शर्मा ने आईपीएल 2026 में शानदार वापसी की और लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस की जीत में अहम भूमिका निभाई। चोट के चलते कुछ समय के लिए प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने के बाद वापसी करते हुए अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने दमदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को 229 रनों के लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। रोहित ने मैच में सर्वाधिक 44 गेंदों में 84 रन बनाए, जिसमें उनकी आक्रामकता और संयम एक साथ देखने को मिला। छह चौकों और सात गगनचुंबी छक्कों से सजी उनकी पारी ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में ही बढ़त दिला दी। रयान रिकेल्टन के साथ मिलकर उन्होंने 143 रनों की महत्वपूर्ण सलामी साझेदारी की, जिसने सीधे तौर पर लखनऊ सुपर जायंट्स से मैच छीन लिया। सोमवार को खेले गए मुकाबले के बाद रोहित का प्रदर्शन ही चर्चा का विषय नहीं था। उनके और एलएसजी के मालिक संजीव गोयनका के बीच हुई एक बेबाक बातचीत ने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींचा। मैच के बाद में गोयनका ने मुलाकात की एक तस्वीर साझा की, जिसके साथ उन्होंने रोहित शर्मा के व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए एक भावपूर्ण कैप्शन लिखा। उन्होंने लिखा- " रोहित शर्मा की गर्मजोशी हर बातचीत में झलकती है। उनके साथ बिताए हर पल में उनकी विनम्रता स्पष्ट होती है। यही बात उन्हें चैंपियन और एक जीवंत महापुरुष बनाती है।" इस जीत से मुंबई इंडियंस के 6 अंक हो गए हैं और वह अंक तालिका में अब ऊपर की ओर जाने के लिए रास्ता खोल चुकी है। हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण कुछ मैच न खेल पाने के बाद वापसी करते हुए रोहित शर्मा शुरू से ही पूरी तरह से नियंत्रण में दिखे। शीर्ष क्रम पर स्थिरता बनाए रखते हुए तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता ने मुंबई को एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने के लिए एक आदर्श आधार प्रदान किया। ओपनिंग पार्टनरशिप निर्णायक साबित हुई, क्योंकि रिकेल्टन ने रोहित की आक्रामक बल्लेबाजी का अपने आक्रामक स्ट्रोकप्ले से भरपूर साथ दिया। दोनों ने मिलकर शुरुआत से ही एलएसजी के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर दिया। दूसरी ओर, इस हार ने लखनऊ के निराशाजनक अभियान को और भी बदतर बना दिया, जिससे वे अंतिम स्थान पर बने रहे। हालांकि दोनों टीमों को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, लेकिन रोहित शर्मा की वापसी से मुंबई के अभियान में नई उम्मीद जगी है।
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May 5, 2026, 03:09 PM
भारत सरकार ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 38 करने को मंजूरी दी

भारत सरकार ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 38 करने को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या को लेकर मंगलवार को अहम फैसला लिया। कैबिनेट ने SC में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने की मंजूरी दे दी। यह फैसला छह साल बाद लिया गया है, जब 2019 में इसे 31 से बढ़ाकर 33 किया गया था। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद सुप्रीम कोर्ट को और मजबूत करना व न्याय प्रक्रिया को तेज करना है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि फिलहाल अदालत में 33 न्यायाधीश और एक मुख्य न्यायाधीश हैं। संसद के आगामी सत्र में इस संबंध में एक विधेयक पेश किया जाएगा। विधेयक के पारित होने के बाद मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के जजों की कुल संख्या 38 हो जाएगी। यह फैसला न्यायालय में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम 1956 में मूल रूप से मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर 10 न्यायाधीशों का प्रावधान था। 1960 में इसे 13 और बाद में 17 किया गया। 1986 के संशोधन से संख्या 25 हो गई और 2009 में इसे 30 कर दिया गया। फिलहाल ताजा प्रस्ताव के बाद न्यायपालिका को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उठाया गया है, जो देश के न्यायिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित होगा। भारत के संविधान में सुप्रीम कोर्ट की कुल संख्या तय नहीं है। अनुच्छेद 124(1) के तहत चीफ जस्टिस के अलावा अन्य जजों की संख्या संसद तय करती है। समय-समय पर बढ़ती मुकदमों की संख्या को देखते हुए इसमें बदलाव किया जाता है। इस बढ़ोतरी का मकसद लंबित मामलों के बोझ को कम करना है। हालांकि, कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ जजों की संख्या बढ़ाने से ही न्याय में देरी पूरी तरह दूर नहीं हो सकती।
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May 5, 2026, 03:09 PM
मेरठ में गाय और कार की चपेट में आने से सड़क दुर्घटना में वास्तुकार की मौत

मेरठ में गाय और कार की चपेट में आने से सड़क दुर्घटना में वास्तुकार की मौत

मेरठ के ध्यानार्थऔर पढ़ेंTrending Videosसेक्टर-49 चौराहे के पास हुआ हादसा, सेक्टर-100 में रहते थे अरजेश कुमारमूल रूप से सरधना मेरठ के रहने वाले थेमाई सिटी रिपोर्टरनोएडा। सेक्टर-49 चौराहे के पास सोमवार की रात सड़क हादसे में स्कूटी सवार आर्किटेक्ट की मौत हो गई। गाय से टकराकर वह सड़क पर गिर गए थे, जिसके बाद पीछे से आ रही कार ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मूल रूप से सरधना मेरठ के रहने वाले 55 वर्षीय अरजेश कुमार सेक्टर-100 में परिवार के साथ रहते थे। वह पेशे से आर्किटेक्ट थे। सोमवार की रात वह सेक्टर-100 की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सेक्टर-49 रेड लाइट के पास अचानक एक गाय सामने आ गई, जिससे अनियंत्रित होकर स्कूटी टकरा गई। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें कुचल दिया।विज्ञापनविज्ञापनहादसे के बाद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची सेक्टर-49 थाना की पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया।मृतक के भाई अर्जुन ने बताया कि हादसे से परिवार सदमे में हैं। कोतवाली प्रभारी सुनील भारद्वाज ने बताया कि पुलिस ने कार की पहचान कर ली है। कार एक टूरिज्म कंपनी से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर कोई हेलमेट नहीं मिला है।
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May 5, 2026, 03:07 PM
गैस सिलेंडर की कमी से अयोध्या में रामनगर महोत्सव बाधित

गैस सिलेंडर की कमी से अयोध्या में रामनगर महोत्सव बाधित

अयोध्या। ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगल पर रामनगरी में आस्था तो दिखी, लेकिन भंडारों की रौनक पहले जैसी नहीं रही। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गैस सिलिंडर की कमी का सीधा असर भंडारों की संख्या और व्यवस्थाओं पर देखने को मिला। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार करीब 60 प्रतिशत तक भंडारे कम आयोजित हुए। मंगलवार सुबह से ही रिकाबगंज, सिविल लाइंस, नाका, चौक, अमानीगंज और रामपथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, लेकिन भंडारे सीमित स्थानों तक ही सिमटे नजर आए। जहां पहले हर गली-मोहल्ले में पूड़ी-सब्जी, खीर और हलवा का वितरण होता था, वहीं इस बार अधिकतर स्थानों पर चावल-छोला, कढ़ी-चावल और शरबत से ही श्रद्धालुओं की सेवा की गई। कुछ स्थानों पर ही पारंपरिक पूड़ी-सब्जी का भंडारा देखने को मिला।और पढ़ेंTrending Videosदेवकाली हनुमानगढ़ी के पास कढ़ी-चावल का वितरण किया गया, जबकि नाका हनुमानगढ़ी के निकट मरी माता मंदिर के पास वर्षों से भंडारा कराने वाले पुजारी चंचल सोनकर को इस बार गैस सिलिंडर न मिलने के कारण केवल लड्डू वितरण तक ही सीमित रहना पड़ा। उन्होंने बताया कि हर वर्ष भंडारा होता था, लेकिन इस बार संसाधनों की कमी ने आयोजन को छोटा कर दिया। नाका के सौरभ शुक्ला, देवकाली के तुषार श्रीवास्तव ने कहा कि विवाह जैसे आयोजनों के लिए तो किसी तरह दो व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध हो जा रहे हैं, लेकिन धार्मिक आयोजनों के लिए गैस की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। अश्वनीपुरम निवासी विजय यादव ने बताया कि उन्होंने भंडारा कराने का संकल्प लिया था, लेकिन सिलिंडर न मिलने के कारण इसे पूरा नहीं कर सके। वहीं, रीडगंज तिराहे पर व्यापारी राकेश तिवारी ने भी स्वीकार किया कि गैस संकट के चलते उन्होने शरबत का वितरण करवाया। मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा, लेकिन भंडारों की कम संख्या ने इस बड़े मंगल की पारंपरिक रौनक को कुछ हद तक फीका जरूर कर दिया।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 03:07 PM
लैंडिंग के दौरान पावर बैंक फटने से इंडिगो का विमान बड़ा हादसा होने से बचा

लैंडिंग के दौरान पावर बैंक फटने से इंडिगो का विमान बड़ा हादसा होने से बचा

विस्तारAdd as a preferredsource on googleइंडिगो की एक फ्लाइट में मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, हैदराबाद से चंडीगढ़ आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई108 में लैंडिंग के दौरान अंदर ही पावर बैंक फट गया। यह घटना मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दोपहर के बाद हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं। हालांकि, घायलों की संख्या अभी बढ़ने की संभावना है।और पढ़ेंTrending Videosमोहाली में पावर बैंक के फटने की इस घटना के बाद से ही देशभर में इस बात को लेकर हलचल है कि आखिर विमान में इस तरह का हादसा कैसे और क्यों हो सकता है? क्या इसे लेकर विमानन सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों ने कुछ नियम बनाए हैं? भारत में लोगों के पावर बैंक साथ ले जाने के क्या नियम बनाए गए हैं?आइये जानते हैं...विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें:चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर धमाका: गोवा से आ रही थी फ्लाइट, कई यात्री घायल; मची अफरा-तफरीक्या पावर बैंक फ्लाइट के लिए खतरा है?विमानों में पावर बैंक को विस्फोटक नहीं माना जाता। हालांकि, इन्हें एक संभावित खतरे के तौर पर देखा जाता है। दरअसल, पावर बैंक में ऊर्जा को सुरक्षित स्टोर करने के लिए आम मोबाइल फोन की बैटरी क्षमता से भी बड़ी एक बैटरी होती है। यही बैटरी अपनी क्षमता के मुताबिक इतनी ज्यादा ऊर्जा को स्टोर करती है, जो कि मोबाइल को दो से चार बार तक चार्ज कर सकता है। जैसे 10 हजार एमएएच क्षमता वाले पावर बैंक आम 4000-6000 एमएएच बैटरी क्षमता वाले फोन को एक से दो बार चार्ज कर देते हैं। वहीं 20,000 एमएएच क्षमता वाले पावर बैंक यह काम ज्यादा बार कर सकते हैं।हालांकि, इनमें इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी असल चिंता का कारण बनती है। इसी वजह से विमानन अधिकारियों और एयरलाइंस द्वारा इन पर बहुत कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। दरअसल, पावर बैंक की लिथियम-आयन बैटरी में ऐसे तरल पदार्थ और हिस्से होते हैं जो जबरदस्त रूप से सक्रिय और ज्वलनशील होते हैं।बैटरी के बहुत अधिक गर्म होने, ओवरचार्ज होने, निर्माण में कुछ गड़बड़ी, पुराने होने या दबने/टूटने के कारण थर्मल रनअवे नाम की एक चेन रिएक्शन शुरू हो सकती है, जिससे बैटरी का तापमान अनियंत्रित रूप से बढ़ता है और उसमें विस्फोट या आग लग सकती है। सस्ते पावर बैंकों में ओवरचार्जिंग को रोकने के लिए कोई आंतरिक सुरक्षा प्रणाली (जैसे ट्रिकल सिस्टम) नहीं होती, जिससे इनका जोखिम और बढ़ जाता है।क्यों विमान के अंदर बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं पावर बैंक?लिथियम बैटरी से लगने वाली आग बेहद तीव्र और सेल्फ-सस्टेनिंग यानी खुद से ही जलती रहने वाली होती है, जिसे सामान्य तरीकों से बुझाना बहुत मुश्किल होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस आग पर पानी डालना खतरनाक हो सकता है।इतना ही नहीं, विमान के केबिन जैसी बंद जगह में यह आग विशेष रूप से खतरनाक होती है, क्योंकि इसके जलने से अत्यधिक जहरीली गैसें निकलती हैं। हवा में उड़ते हुए विमान को तुरंत खाली करना असंभव हो सकता है, इसलिए यह स्थिति यात्रियों और चालक दल के लिए जानलेवा बन सकती है।फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने के क्या हैं अंतरराष्ट्रीय नियम?विमानन सुरक्षा से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने पावर बैंकों से होने वाले आग और थर्मल रनअवे के खतरों को देखते हुए कई सख्त नियम बनाए हैं।दक्षिण कोरिया के नए नियमों के तहत यात्रियों को पावर बैंक अपनी सीट की जेब में या सीट के नीचे रखना होगा और शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए इसके सॉकेट्स (टर्मिनल्स) को टेप या प्लास्टिक पाउच से कवर करके रखना होगा।क्या भारत में भी पावर बैंक को लेकर कोई नियम?भारत में विमानन नियामक संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पावर बैंक और लिथियम बैटरी वाले अन्य उपकरणों को लेकर कड़े सुरक्षा नियम लागू किए हैं।1. केवल हैंड लगेज में ले जाने की अनुमतिपावर बैंक और अतिरिक्त (स्पेयर) लिथियम बैटरी को आप केवल अपने हैंड लगेज (कैरी-ऑन बैग) में ही ले जा सकते हैं। इन्हें चेक-इन लगेज यानी कार्गो में जाने वाले बड़े बैग में रखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।2. ओवरहेड कंपार्टमेंट में रखने पर सख्त रोकपावर बैंक को विमान में यात्रियों की सीट के ऊपर बने ओवरहेड कंपार्टमेंट में नहीं रखा जा सकता। डीजीसीए का मानना है कि वहां रखे बैग के अंदर अगर बैटरी में आग लगती है या धुआं उठता है, तो क्रू सदस्यों और यात्रियों को इसका तुरंत पता लगाने में देरी हो सकती है, जिससे स्थिति जानलेवा बन सकती है।3. उड़ान के दौरान चार्जिंग और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंधउड़ान के दौरान पावर बैंक का उपयोग करके मोबाइल या कोई भी अन्य गैजेट चार्ज करना पूरी तरह से मना है। इसके अलावा, विमान की सीट में दिए गए पावर आउटलेट (प्लग) का इस्तेमाल करके भी डिवाइस चार्ज करने पर रोक है।4. यात्रियों के लिए तत्काल रिपोर्टिंग का नियमनियमों के अनुसार, अगर यात्री के पावर बैंक या किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से अत्यधिक गर्मी, धुआं या कोई अजीब गंध आती है, तो यात्री को तुरंत केबिन क्रू को इसकी सूचना देनी होगी।5. एयरलाइंस और हवाई अड्डों के लिए अनिवार्य निर्देशएयरलाइंस के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे उड़ान के दौरान यात्रियों को इन सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए घोषणाएं लगातार करें।हवाई अड्डों को निर्देश दिए गए हैं कि वे टर्मिनल एंट्री, चेक-इन काउंटर, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग गेट पर लिथियम बैटरी के आग के खतरों के बारे में स्पष्ट संदेश और वीडियो दिखाएं।हवाई अड्डों और एयरलाइंस को यह भी कहा गया है कि वे यात्रियों को विमान में बोर्डिंग से ठीक पहले पावर बैंक से डिवाइस चार्ज करने से रोकें।क्या पहले भी हुई हैं फ्लाइट्स में पावर बैंक फटने की घटनाएं?पिछले साल अक्तूबर में दिल्ली एयरपोर्ट पर दीमापुर जाने के लिए उड़ान भरने की तैयारी (टैक्सीइंग) कर रही इंडिगो की एक फ्लाइट में भी यात्री के पावर बैंक में आग लग गई थी, हालांकि इसमें सभी यात्री सुरक्षित रहे थे।दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पावर बैंक के फ्लाइट में फटने से जुड़ी कई घटनाएं दर्ज हुई हैं।जनवरी 2025:दक्षिण कोरिया के गिमहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर बुसान के एक विमान में टेकऑफ के इंतजार के दौरान आग लग गई थी। जांच से पता चला कि यह आग संभवतः पावर बैंक की बैटरी के अंदर इंसुलेशन के टूटने के कारण लगी थी।जुलाई 2025:सिडनी से उड़ान भरने वाली 'वर्जिन ऑस्ट्रेलिया' की एक फ्लाइट में यात्री के 'कैरी-ऑन' लगेज (हैंड बैग) में रखे पावर बैंक के कारण आग लग गई थी।इसके अलावा चीन के हांगझोऊ से हांगकांग एयरलाइंस की एक उड़ान को अपना रास्ता बदलना पड़ा था, क्योंकि विमान के 'ओवरहेड कम्पार्टमेंट' में रखे एक पोर्टेबल चार्जिंग डिवाइस के कारण आग लग गई थी।अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दशकों में विमानों के अंदर लिथियम बैटरी से जुड़े धुएं, आग या अत्यधिक गर्मी के 500 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।संबंधित वीडियो
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May 5, 2026, 03:04 PM
शाहपुर जिले में सरकारी जमीन को लेकर हिंसक झड़प के बाद तनाव बढ़ा

शाहपुर जिले में सरकारी जमीन को लेकर हिंसक झड़प के बाद तनाव बढ़ा

विस्तारAdd as a preferredsource on googleश्योपुर जिले के बीरपुर थाना क्षेत्र के हारकुई बड़ागांव में मंगलवार को पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर रावत और जाटव समाज के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हुई झड़प में 24 लोग घायल हो गए, जिनमें 8 की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीरपुर से जिला अस्पताल श्योपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।और पढ़ेंTrending Videosग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सरकारी जमीन के एक टुकड़े को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था। पंचायत स्तर पर कई बार समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। मंगलवार सुबह उसी जमीन पर निर्माण को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गई।विज्ञापनविज्ञापनप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक पक्ष से करीब 20 और दूसरे पक्ष से 4 लोग इस झड़प में शामिल थे। दोनों ओर से लाठी, डंडे और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। तब तक 24 लोग घायल हो चुके थे। घायलों को ग्रामीणों ने निजी वाहनों से बीरपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।पढ़ें:भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का नया बयान, कहा- दिल्ली तक करेंगे लोधी-मोदी जोड़ो यात्रास्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद 8 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि 16 का इलाज बीरपुर में जारी है। जिला अस्पताल में भर्ती घायलों में रावत समाज के 6 और जाटव समाज के 2 लोग शामिल हैं।सूचना मिलते ही बीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद की जड़ सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर है। मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।पुलिस के अनुसार, घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर जमीन के दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है।
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May 5, 2026, 03:01 PM
अमेरिका में भारत का रिकॉर्ड तोड़ निवेशः चुनिंदा अमेरिकी शिखर सम्मेलन में 16 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दर्ज किया गया

अमेरिका में भारत का रिकॉर्ड तोड़ निवेशः चुनिंदा अमेरिकी शिखर सम्मेलन में 16 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दर्ज किया गया

नई दिल्‍ली:भारत ने अमेरिका को चौंका दिया है। भारतीय उद्योगों ने वहां इतना पैसा झोंका है कि अमेरिकियों की आंखें फटी की फटी रह गई हैं। 2026 सेलेक्‍ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट (SelectUSA Investment Summit) में ऐसा हुआ। इस पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर की जोरदार प्रतिक्रिया आई है। उन्‍होंने इसे 'बड़ी खबर' करार दिया। साथ ही और डिटेल्‍स शेयर करने को भी कहा।सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर सर्जियो गोर ने लिखा, 'बड़ी खबर आ रही है! 2026 सेलेक्‍ट यूएसए समिट ( Select USA Summit ) में भारत से अमेरिका में भारी-भरकम नए निवेश आ रहे हैं जो हमने अब तक का सबसे बड़ा निवेश देखा है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक सच्ची जीत ऐसी ही दिखती है। पूरी जानकारी जल्द ही!'एक और अधिकारी ने दी अमेरिका में भारतीय FDI की डिटेलइसके पहले अमेरिकी वाणिज्य विभाग में उप-अवर सचिव (नीति और अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार प्रशासन) ब्रैंडन रेमिंगटन ने बताया कि भारत से अमेरिका में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) लगभग 16.4 अरब डॉलर था। इससे लगभग 70,800 नौकरियों को सहारा मिला।सोमवार मैरीलैंड के नेशनल हार्बर में सेलेक्‍ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान आयोजित सीआईआई इंडिया रिसेप्शन को संबोधित करते हुए रेमिंगटन बोले कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी 33 करोड़ डॉलर खर्च किए।भारतीय निवेश का किया स्वागतरेमिंगटन ने समीक्षाधीन अवधि का कोई जिक्र किए बिना कहा, 'हमें भारत से आपके निवेश का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत से अमेरिका में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का कुल स्टॉक लगभग 16.4 अरब डॉलर था। इससे लगभग 70,800 नौकरियों, रिसर्च और डेवलपमेंट पर 31.3 करोड़ डॉलर के खर्च और 1.5 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात को सहारा मिला।'2023 में जारी सीआईआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में भारतीय निवेश लगभग 40 अरब डॉलर रहा। इससे 4.25 लाख नौकरियों का सृजन हुआ।2023 में सीआईआई की ओर से जारी 'इंडियन रूट्स, अमेरिकन सॉयल' रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियों ने अमेरिका स्थित अनुसंधान और विकास परियोजनाओं में $1 बिलियन का निवेश किया, और साथ ही कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) परियोजनाओं में भी $195 मिलियन का योगदान दिया।
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May 5, 2026, 02:59 PM
ग्रीष्मकालीन कार देखभालः सुरक्षित सवारी के लिए 5 स्थानों से बचें

ग्रीष्मकालीन कार देखभालः सुरक्षित सवारी के लिए 5 स्थानों से बचें

देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और भीषण गर्मी का असर अब हमारी गाड़ियों पर भी साफ दिखने लगा है. तेज धूप और गर्म हवा कार के इंजन से लेकर उसके इंटीरियर तक को नुकसान पहुंचा सकती है. कई लोग अनजाने में अपनी कार गलत जगह पार्क कर देते हैं, जिससे बाद में बड़ा खर्च उठाना पड़ सकता है. अगर आप भी अपनी कार को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन 5 जगहों पर गर्मी के दौरान कभी भी पार्क करने की गलती न करें। गर्मी में सबसे बड़ी गलती होती है कार को खुले मैदान या सड़क किनारे सीधी धूप में पार्क करना. ऐसा करने से कार का तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है. डैशबोर्ड, सीट और स्टीयरिंग बेहद गर्म हो जाते हैं, जिससे अंदर बैठना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, लंबे समय तक धूप में रहने से कार का पेंट भी फीका पड़ सकता है और प्लास्टिक पार्ट्स खराब हो सकते हैं. बहुत लोग सोचते हैं कि पेड़ के नीचे कार पार्क करना सही है, लेकिन गर्मियों में यह भी नुकसानदायक हो सकता है. पेड़ों से गिरने वाली चिपचिपी रेजिन , पत्ते या पक्षियों की बीट कार की बॉडी और पेंट को नुकसान पहुंचा सकती है. इसके अलावा, तेज गर्मी में यह गंदगी पेंट पर चिपक जाती है, जिससे साफ करना मुश्किल हो जाता है. कार को ऐसी जगह पार्क करना जहां चारों तरफ दीवार हो या हवा न आती हो. ऐसा करना बहुत खतरनाक हो सकता है. ऐसी जगहों पर गर्मी और ज्यादा फंस जाती है, जिससे कार का इंजन और बैटरी जल्दी गर्म हो सकते हैं. इससे बैटरी की लाइफ कम हो सकती है और इंजन पर भी असर पड़ता है. गर्मी में सड़क किनारे पड़े कचरे के ढेर पास या किसी भी कचरे वाली जगह कार को पार्क करने से बचना चाहिए. क्योंकि कभी-कभी तेज गर्मी की वजह से कचरे में आग लग जाती है. अगर कार भी वहीं खड़ी होगी तो उसे नुकसान हो सकता है. कभी भी कार को बिजली के ट्रांसफॉर्मर या तारों के नीचे पार्क न करें, खासकर गर्मी के मौसम में. गर्मी में बिजली उपकरणों के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर कोई स्पार्क या खराबी होती है, तो आपकी कार को नुकसान हो सकता है. टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल TV9 नेटवर्क का प्रमुख हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है. इस वेबसाइट पर देश-विदेश की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग से पाठकों को रूबरू कराया जाता है. टीवी9 की वेबसाइट tv9hindi.com प्रमुख हिंदी वेबसाइटों में अपना स्थान रखती है. टीवी9 हिंदी का अपना मोबाइल ऐप भी है, जहां टेक्स्ट और वीडियो दोनों माध्यम से खबरें पढ़ीं और देखी जा सकती हैं. टीवी9 वेबसाइट पर राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य, टेक और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसी विविध श्रेणियों में खबरें कवर की जाती हैं. यहां एक्सप्लेनर्स, एक्सक्लूसिव स्टोरीज, वीडियो रिपोर्ट्स और लाइव अपडेट्स मिलते हैं. TV9 नेटवर्क का डिजिटल सेगमेंट तेजी से बढ़ा है और मिलियंस की संख्या में यूनिक यूजर्स तक पहुंचता है.
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May 5, 2026, 02:59 PM
अनुपलब्धता और गुजारा भत्ता की मांग के कारण पवन सिंह का तलाक मामला रुका

अनुपलब्धता और गुजारा भत्ता की मांग के कारण पवन सिंह का तलाक मामला रुका

भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह की निजी जिंदगी अक्सर ही चर्चा में रहती है. पत्नी ज्योति सिंह से उनके तलाक का मामला कोर्ट में पेंडिंग है. तारीख पर तारीख मिल रही है लेकिन फैसला नहीं आ पा रहा है. इसकी बड़ी वजह है- पहले पवन और अब ज्योति की कोर्ट में गैरमौजूदगी. साथ ही एलिमनी के तौर पर मांगी गई करोड़ों की रकम. पहले कहा गया था कि ज्योति ने पवन को तलाक देने के लिए 10 करोड़ एलिमनी की मांग की थी. हालांकि ज्योति ने इससे साफ इनकार किया था. लेकिन अब 5 मई को आरा कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद ज्योति के वकील विष्णुधर पांडे ने बड़ा खुलासा कर दिया. एक्स्ट्रा एडवेंचर हब से बातचीत में वकील ने बताया कि दोनों ही कोर्ट में अपने बिजी शेड्यूल की वजह से नहीं आ पाए. इसलिए कोर्ट ने अगली तारीख दी है. पूछे जाने पर कि अगर अगली बार भी नहीं आ पाए तो क्या कोर्ट क्या करेगा? तो वकील ने कहा कि ये मामला ऐसे ही लटका रहेगा. कोर्ट से तारीख मिलती रहेगी. आगे वकील ने बताया कि ज्योति की ओर से क्या-क्या मांगे रखी गई हैं. उन्होंने बताया कि पवन सिंह ने तलाक की अर्जी डाली हुई है. वो चाहते हैं कि ये शादी अब खत्म हो जाए. ज्योति नहीं चाहतीं कि तलाक हो, 7 साल हो चुके हैं शादी के, ऐसे में कौन चाहेगा कि ये पूरा समय बर्बाद हो. हमारी ओर से 12 करोड़ रुपये का डिमांड भी रखा गया है. जबकि ज्योति ने पैसों की मांग रखने की बात को नकारा है ऐसे में वकील का कहना कि 12 करोड़ की मांग की है- सनसनीखेज बयान है. इस पर आगे और डिटेल में बात करते हुए वकील ने कहा कि- हम बता रहे हैं ना, ज्योति सिंह जो कहती हैं, उसे छोड़िए. हम बता देते हैं कि 12 करोड़ का डिमांड किया गया है. इसके बाद जाकर फैसला होगा कि तलाक होगा या नहीं. क्योंकि पवन ने अभी तक पिछले पिटीशन के पैसे भी नहीं चुकाए हैं. उसे एंट्री मेंटेनेंस कहा जाता है. वकील ने पवन सिंह से की डिमांड पर आगे अपनी राय रखते हुए कहा कि- उनको 12 करोड़ दे देने चाहिए. इतना पैसा है उनके पास, पैसावाला पार्टी हैं. मेहनत की कमाई है तो शादी भी मेहनत से ही की थी ना. यूं ही छोड़ दिया जाता है क्या? रोड़ पर तो थी नहीं. जो पवन सिंह का स्टेटस है उस हिसाब से ज्योति सिंह को गुजाराभत्ता देना चाहिए. बाकी तो फैसला कोर्ट करेगा. अगर आगे दोनों कोर्ट नहीं आए तो कुछ तारीखों के बाद कोर्ट इस मामले को खारिज कर देगा. मालूम हो कि, पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 2019 में हुई थी. ये पवन सिंह की दूसरी शादी है, इससे पहले उन्होंने नीलम सिंह संग सात फेरे लिए थे. उन्होंने शादी के तीन महीने बाद ही आत्महत्या कर अपनी जान ले ली थी.
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May 5, 2026, 02:58 PM
डिजिटल उपस्थिति को लेकर बीएसए ने गैर-अनुपालन प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

डिजिटल उपस्थिति को लेकर बीएसए ने गैर-अनुपालन प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

विस्तारAdd as a preferredsource on googleशासन के आदेश के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की डिजिटल हाजिरी प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से न भरे जाने पर बीएसए ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जनपद के सभी 840 परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। बीएसए की इस कार्रवाई से लापरवाह शिक्षकों में खलबली मची है।और पढ़ेंTrending Videosशासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन हाजिरी लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए प्रधानाध्यापकों को टैबलेट और सिम भी मुहैया कराई गई हैं। इसके बाद भी प्रधानाध्यापक ऑनलाइन डिजिटल हाजिरी लगाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में कुल 840 विद्यालय संचालित हैं। इसमें परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। बीएसए राहुल मिश्रा ने बताया कि 17 दिसंबर 2025 को जनपद के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की डिजिटल हाजिरी प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से भरने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी कई बार सभी को डिजिटल हाजिरी को लेकर सचेत किया गया और 20 अप्रैल को भी पत्र जारी कर सभी प्रधानाध्यापकों को इस कार्य को पूरा करने के लिए कहा गया।विज्ञापनविज्ञापनबावजूद इसके अब तक किसी भी प्रधानाध्यापक की ओर से बच्चों की डिजिटल हाजिरी का काम नहीं किया गया है। ऐसे में जनपद की स्थिति शासन की नजर में शून्य बनी हुई है। बार-बार निर्देश देने के बाद भी डिजिटल हाजिरी में रुचि न लेकर प्रधानाध्यापक उच्चाधिकारियों के आदेश का उल्लंघन भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार चेतावनी के बाद भी बच्चों की डिजिटल हाजिरी न लगाने वाले जिले के सभी 840 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि जब अग्रिम आदेश नहीं दिए जाते हैं तब तक वेतन नहीं दिया जाएगा।
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