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Aaj Tak
Nov 5, 2026, 03:56 PM
भारत में जहरीली हवाः खराब वायु गुणवत्ता के कारण नागरिक जीवन के वर्षों से चूक जाते हैं

भारत में जहरीली हवाः खराब वायु गुणवत्ता के कारण नागरिक जीवन के वर्षों से चूक जाते हैं

देश की हवा कितनी जहरीली है और इसका हमारी उम्र पर कितना असर पड़ रहा है, इस पर इंडिया टुडे ग्रुप की डेटा इंटेलिजेंस यूनिट ने नया विश्लेषण पेश किया है. एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स 2025 के मुताबिक अगर 2023 में भारत की हवा WHO की तय सीमा पर होती, तो दिल्ली के लोगों की उम्र औसतन 8.2 साल ज्यादा होती. कोलकाता में यह फायदा 4.1 साल, हैदराबाद में 3.2 साल, मुंबई में 3.1 साल, चेन्नई में 2.2 साल और बेंगलुरु में 2.1 साल होता. वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़े बताते हैं कि 2022 से 2026 के बीच इन छह शहरों में 'अच्छी' हवा वाले दिन संख्या में काफी अंतर रहा है. दिल्ली में 2024 और 2025 में एक भी दिन हवा 'अच्छी' नहीं रही. 2026 के आंकड़े 4 नवंबर तक के हैं. सबसे पहले समझिए कि यह आंकड़ा क्या कहता है. WHO के मुताबिक हवा में महीन कण PM2.5 की सालाना औसत मात्रा 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. भारत के ज्यादातर हिस्सों में हवा इस सीमा से कहीं ज्यादा प्रदूषित है. नक्शे में गहरे रंग का मतलब है कि वहां के लोग हवा साफ होने पर ज्यादा साल जी सकते हैं. उत्तर भारत के गंगा के मैदानी इलाके और दिल्ली के आसपास का हिस्सा सबसे गहरे रंग में दिखता है, यानी वहां असर सबसे ज्यादा है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बड़े हिस्से का रंग सबसे हल्का है. नक्शे में ग्रे रंग का मतलब है कि वहां का डेटा उपलब्ध नहीं है. अब दिल्ली की बात करें. राजधानी में हालत सबसे खराब है. 2022 में सिर्फ 3 दिन हवा 'अच्छी' रही. 2023 में सिर्फ 1 दिन, 2024 और 2025 में शून्य दिन. 2026 में अब तक 1 दिन ही हवा 'अच्छी' दर्ज हुई है. सर्दियों के महीनों में हर साल हवा 'बहुत खराब' और 'गंभीर' श्रेणी तक पहुंच जाती है, जबकि जुलाई और अगस्त में थोड़ी राहत मिलती है. कोलकाता में तस्वीर कुछ अलग है. यहां 'अच्छे' दिन 2022 में 94, 2023 में 93, 2024 में 93 और 2025 में 97 रहे. 2026 में अब तक 83 दिन हवा अच्छी रही है. मानसून के महीनों में हवा साफ रहती है, लेकिन सर्दियों में प्रदूषण बढ़ जाता है. फिर भी लंबी उम्र के नुकसान के मामले में कोलकाता दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर है. मुंबई में 'अच्छे' दिनों की संख्या हर साल काफी बदलती रही. 2022 में 21 दिन, 2023 में सिर्फ 5 दिन, 2024 में 82 दिन और 2025 में 55 दिन. 2026 में अब तक 87 दिन हवा अच्छी रही है. 2023 में एक दिन का बुलेटिन जारी नहीं हुआ था. हैदराबाद में भी उतार-चढ़ाव दिखता है. यहां 2022 में 48 दिन, 2023 में 5 दिन, 2024 में 29 दिन और 2025 में एक भी दिन हवा 'अच्छी' नहीं रही. लेकिन 2026 में अब तक 50 दिन हवा अच्छी दर्ज हुई है. बेंगलुरु में 2022 में 36 दिन, 2023 में 69 दिन, 2024 में 65 दिन और 2025 में 41 दिन हवा 'अच्छी' रही. 2026 में अब तक सिर्फ 14 दिन ऐसे रहे हैं. यानी इस साल यहां हालत पिछले सालों से कमजोर दिखती है. चेन्नई में 2022 में 70 दिन, 2023 में 32 दिन, 2024 में 52 दिन और 2025 में 36 दिन हवा 'अच्छी' रही. 2026 में अब तक 38 दिन हवा अच्छी रही है. 2023 में एक दिन का बुलेटिन नहीं आया था. ध्यान रहे कि CPCB के मुताबिक AQI 0 से 50 के बीच होने पर हवा 'अच्छी' मानी जाती है. 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में आती है.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:41 PM
दिवाली समारोह और प्रदर्शन आज के लिए निर्धारित हैं

दिवाली समारोह और प्रदर्शन आज के लिए निर्धारित हैं

आदर्श स्कूल : बौंद आदर्श स्कूल में दीवाली महोत्सव सुबह 10 बजे।स्कूल : कैप्टन जिले सिंह स्कूल में दीया सज्जा प्रतियोगिता सुबह 10 बजे।प्रदर्शन :एक्सईएन कार्यालय : पीडब्ल्यूडी कर्मचारी यूनियन का एक्सईएन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन सुबह 11 बजे।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:33 PM
आनंद विहार बस स्टैंड ने प्रदूषण कम करने के लिए आधुनिक धूल पकड़ने वाली मशीन लगाई

आनंद विहार बस स्टैंड ने प्रदूषण कम करने के लिए आधुनिक धूल पकड़ने वाली मशीन लगाई

आनंद विहार बस अड्डे पर त्योहार के दौरान यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। बसों की लगातार आवाजाही और आसपास के यातायात के कारण यहां धूल उड़ने की समस्या निरंतर बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों को राहत देने और प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए मशीन लगाई गई है। सर्विस इंजीनियर नितेश कुमार ने बताया कि आधुनिक डस्ट कैचर मशीन पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषक कणों को कम करने में कारगर है। उनके अनुसार, यह मशीन हवा में ऐसे कणों में करीब 70 फीसदी तक कमी ला सकती है। संवाद
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:23 PM
एच. एस. पी. सी. बी. ने गुरुग्राम में तीन निर्माण स्थलों को गैर-अनुपालन के लिए बंद करने का आदेश दिया

एच. एस. पी. सी. बी. ने गुरुग्राम में तीन निर्माण स्थलों को गैर-अनुपालन के लिए बंद करने का आदेश दिया

संवाद न्यूज एजेंसीगुरुग्राम। ग्रेप के नियमों के तहत भवन निर्माण में नियमों की अनदेखी करने पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने बृहस्पतिवार को तीन साइट को बंद करने का आदेश दे दिया है। अब इन तीनों साइट पर निर्माण कार्य पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत लगा जुर्माना भरने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। एचएसपीसीबी की चार टीमें शहर में लगातार जांच कर रही है। विभाग की तरफ से मंगलवार को 10 साइट को सील कर दी गई थी। यह तीनों साइट उद्योग विहार क्षेत्र की है।------चार टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रैप के नियमों को लेकर निरीक्षण कर रही है। तीन साइट को बंद करने के आदेश दिए गए है। तीनों के खिलाफ पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही सभी के खिलाफ अदालत में भी केस भी दिया किया जाएगा। -हरीश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (गुरुग्राम उत्तर)
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ABP News✓
Nov 5, 2026, 01:44 PM
दिल्ली ने शीतकालीन प्रदूषण से निपटने के लिए जी. आर. ए. पी. प्रतिबंध लागू किए

दिल्ली ने शीतकालीन प्रदूषण से निपटने के लिए जी. आर. ए. पी. प्रतिबंध लागू किए

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम की आहट के साथ ही प्रदूषण भी गहराने लगा है, जिससे निपटने के लिए सरकार की तरफ से GRAP की पाबंदियों समेत तमाम तरह की कवायदें की जा रही हैं. इसी क्रम में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए 5 नवंबर यानी आज से विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं. ये पाबंदियां 20 नवंबर तक प्रभावी रहेंगी. इसके तहत धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक रहेगी, जबकि दिल्ली से सटे छह प्रमुख शहरों के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे. इन पाबंदियों का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है. कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 30 अक्टूबर को ही इन उपायों की जानकारी दी थी. यह फैसला दिवाली और पराली जलाने की घटनाओं के दौरान प्रदूषण में होने वाली बढ़ोतरी के पुराने अनुभवों को ध्यान में रखकर लिया गया है. आयोग के मुताबिक, 5 से 20 नवंबर के बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. इस अवधि में पराली जलाने की घटनाएं चरम पर होती हैं और दिवाली के कारण भी हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है. दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों से लगाया जा सकता है. बुधवार को राजधानी का AQI 377 दर्ज किया गया, जबकि चार दिन पहले यह 117 था. यानी चंद रोज में ही हवा की गुणवत्ता में तेज गिरावट आई है. एनसीआर के दूसरे शहरों में भी प्रदूषण का स्तर अलग-अलग रहा. फरीदाबाद में AQI 160, गाजियाबाद में 257, ग्रेटर नोएडा में 309, गुरुग्राम में 322 और नोएडा में 330 दर्ज किया गया. विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव, हवा की धीमी रफ्तार और बढ़ती नमी ने हालात बिगाड़े हैं. हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषण के कण दूर तक फैल नहीं पा रहे और जमीन के आसपास जमा हो रहे हैं. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की अनुमिता राय चौधरी के मुताबिक, दिवाली के आसपास भी मौसम की परिस्थितियों में सुधार के संकेत नहीं हैं. प्रदूषण नियंत्रण के लिए गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा , फरीदाबाद, गाजियाबाद और सोनीपत के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा. हालांकि, राज्य सरकारों को ऐसे कार्यालयों को छूट देने का अधिकार दिया गया है, जहां आधे कर्मचारियों के साथ कामकाज चलाना संभव नहीं है. इस व्यवस्था के पीछे सीधा मकसद सड़कों पर वाहनों का दबाव घटाना है. कर्मचारियों की आवाजाही कम होने से ट्रैफिक जाम में राहत मिलने और गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगने की उम्मीद है. निर्माण गतिविधियों पर रोक के बावजूद कुछ जरूरी परियोजनाओं को छूट दी गई है. मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट और अस्पतालों से जुड़े निर्माण कार्य जारी रह सकेंगे. घरों के भीतर प्लंबर, बिजली और अन्य छोटी-मोटी मरम्मत का काम भी किया जा सकेगा, बशर्ते उससे धूल न फैले. हालांकि, छूट का मतलब नियमों से पूरी आजादी नहीं है. इन परियोजनाओं को भी प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी निर्देशों का पालन करना होगा. किसी तरह की तोड़फोड़ की अनुमति नहीं होगी. निर्माण सामग्री खुले में रखने पर भी रोक रहेगी. बाहरी इलाकों में धूल पैदा करने वाली गतिविधियां बंद रहेंगी. प्रदूषण नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरतने की अपील की गई है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से प्रतिबंधों का पालन करने को कहा है. पुलिस के मुताबिक, किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी में जारी डायवर्जन और ताजा ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें. प्रतिबंधों के दौरान सड़क पर निकलने वाले वाहन चालकों को बदले हुए यातायात इंतजामों का ध्यान रखना होगा. अभिषेक नयन का पत्रकारिता में लंबा अनुभव है. साल 2011 से ABP News से जुड़े हैं. दिल्ली-NCR की राजनीतिक, सामाजिक और नागरिक समस्याओं की जमीनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग करते हैं.
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ABP News✓
Nov 5, 2026, 01:31 PM
दिल्ली का शीतकालीन प्रदूषणः सरकार ने उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबंध लागू किए

दिल्ली का शीतकालीन प्रदूषणः सरकार ने उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबंध लागू किए

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम की आहट के साथ ही प्रदूषण भी गहराने लगा है, जिससे निपटने के लिए सरकार की तरफ से GRAP की पाबंदियों समेत तमाम तरह की कवायदें की जा रही हैं. इसी क्रम में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए 5 नवंबर यानी आज से विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं. ये पाबंदियां 20 नवंबर तक प्रभावी रहेंगी. इसके तहत धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक रहेगी, जबकि दिल्ली से सटे छह प्रमुख शहरों के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे. इन पाबंदियों का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है. कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 30 अक्टूबर को ही इन उपायों की जानकारी दी थी. यह फैसला दिवाली और पराली जलाने की घटनाओं के दौरान प्रदूषण में होने वाली बढ़ोतरी के पुराने अनुभवों को ध्यान में रखकर लिया गया है. आयोग के मुताबिक, 5 से 20 नवंबर के बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. इस अवधि में पराली जलाने की घटनाएं चरम पर होती हैं और दिवाली के कारण भी हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है. दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों से लगाया जा सकता है. बुधवार को राजधानी का AQI 377 दर्ज किया गया, जबकि चार दिन पहले यह 117 था. यानी चंद रोज में ही हवा की गुणवत्ता में तेज गिरावट आई है. एनसीआर के दूसरे शहरों में भी प्रदूषण का स्तर अलग-अलग रहा. फरीदाबाद में AQI 160, गाजियाबाद में 257, ग्रेटर नोएडा में 309, गुरुग्राम में 322 और नोएडा में 330 दर्ज किया गया. विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव, हवा की धीमी रफ्तार और बढ़ती नमी ने हालात बिगाड़े हैं. हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषण के कण दूर तक फैल नहीं पा रहे और जमीन के आसपास जमा हो रहे हैं. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की अनुमिता राय चौधरी के मुताबिक, दिवाली के आसपास भी मौसम की परिस्थितियों में सुधार के संकेत नहीं हैं. प्रदूषण नियंत्रण के लिए गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा , फरीदाबाद, गाजियाबाद और सोनीपत के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा. हालांकि, राज्य सरकारों को ऐसे कार्यालयों को छूट देने का अधिकार दिया गया है, जहां आधे कर्मचारियों के साथ कामकाज चलाना संभव नहीं है. इस व्यवस्था के पीछे सीधा मकसद सड़कों पर वाहनों का दबाव घटाना है. कर्मचारियों की आवाजाही कम होने से ट्रैफिक जाम में राहत मिलने और गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगने की उम्मीद है. निर्माण गतिविधियों पर रोक के बावजूद कुछ जरूरी परियोजनाओं को छूट दी गई है. मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट और अस्पतालों से जुड़े निर्माण कार्य जारी रह सकेंगे. घरों के भीतर प्लंबर, बिजली और अन्य छोटी-मोटी मरम्मत का काम भी किया जा सकेगा, बशर्ते उससे धूल न फैले. हालांकि, छूट का मतलब नियमों से पूरी आजादी नहीं है. इन परियोजनाओं को भी प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी निर्देशों का पालन करना होगा. किसी तरह की तोड़फोड़ की अनुमति नहीं होगी. निर्माण सामग्री खुले में रखने पर भी रोक रहेगी. बाहरी इलाकों में धूल पैदा करने वाली गतिविधियां बंद रहेंगी. प्रदूषण नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरतने की अपील की गई है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से प्रतिबंधों का पालन करने को कहा है. पुलिस के मुताबिक, किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी में जारी डायवर्जन और ताजा ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें. प्रतिबंधों के दौरान सड़क पर निकलने वाले वाहन चालकों को बदले हुए यातायात इंतजामों का ध्यान रखना होगा. अभिषेक नयन का पत्रकारिता में लंबा अनुभव है. साल 2011 से ABP News से जुड़े हैं. दिल्ली-NCR की राजनीतिक, सामाजिक और नागरिक समस्याओं की जमीनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग करते हैं.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:07 PM
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकारी कार्यक्रमों के लिए छोटी पी. ई. टी. प्लास्टिक की बोतलों पर प्रतिबंध को स्पष्ट किया

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकारी कार्यक्रमों के लिए छोटी पी. ई. टी. प्लास्टिक की बोतलों पर प्रतिबंध को स्पष्ट किया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य में 500 मिलीलीटर तक की पानी की पीईटी प्लास्टिक की बोतलों पर प्रतिबंध केवल सरकारी कार्यक्रमों और सरकारी होटलों तक ही सीमित है, निजी आयोजनों पर नहीं। अदालत ने कहा कि निजी होटलों में आम जनता या गैर सरकारी कार्यक्रमों के लिए इन बोतलों के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने यह स्पष्टीकरण मैसर्स साई मेट्रो सेल्स की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए दिया।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:54 PM
दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ हैः कई निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 400 के पार

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ हैः कई निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 400 के पार

अमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के 59 निगरानी केंद्रों में से 20 पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार दर्ज किया गया। सबसे खराब स्थिति जहांगीरपुरी की रही। यहां का एक्यूआई 454 तक पहुंच गया। वहीं, पंजाबी बाग में 448 और रोहिणी व आईआईटी दिल्ली में यह आंकड़ा 442 रहा।दूसरी तरफ 35 निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 301 से 400 के बीच दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में आता है। वहीं, चार केंद्रों पर एक्यूआई 201 से 300 के बीच दर्ज किया गया। इसका मतलब है कि दिल्ली के किसी भी निगरानी केंद्र पर हवा की गुणवत्ता मध्यम या इससे बेहतर श्रेणी में नहीं रही। सबसे कम एक्यूआई आईएमडी लोदी रोड पर 277 दर्ज किया गया। दिल्ली कैंट में यह 281, टिकरी कलां में 294 और एनएसआईटी द्वारका में 297 रहा।विज्ञापनजहांगीरपुरी के अलावा कई दूसरे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। नरेला में एक्यूआई 430, विवेक विहार में 429, अलीपुर में 424, मुंडका में 415 और बवाना में 407 रहा। आईटीओ में भी एक्यूआई 402 दर्ज किया गया। वहीं, आनंद विहार में 334 और चांदनी चौक में 354 एक्यूआई रहा।विज्ञापनकई निगरानी केंद्रों पर पीएम 2.5 मिलाकई निगरानी केंद्रों पर पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक के रूप में दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग में भी पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा। वहीं, आईआईटी दिल्ली और दिल्ली कैंट समेत कुछ केंद्रों पर पीएम 10 का स्तर प्रमुख रहा। सीपीसीबी के मुताबिक, 301 से 400 के बीच एक्यूआई रहने पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से कई बीमारियां हो सकती हैं। वहीं, 401 से 500 के बीच का स्तर स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। फेफड़े और दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह ज्यादा गंभीर हो सकता है।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 11:53 AM
बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज की वापसी

बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज की वापसी

आमिर जांगू और केविन विकम की शानदार साझेदारी के दम पर वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में शुरुआती झटकों के बाद जबरदस्त वापसी की। जांगू ने शानदार शतकीय पारी खेली और अपनी टीम की मुकाबले में वापसी कराई। विंडीज की टीम सीरीज में 1-0 से आगे है और अब दूसरे मैच में भी वापसी कर चुकी है। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने शुरुआत में कमाल की गेंदबाजी की और विंडीज को मुश्किल में डाल दिया। उन्होंने 27 रनों के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए थे। मैच के दौरान बारिश का भी साया रहा और इसी वजह से तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी। पहले दिन 70 ओवर ही खेल हो सका और वेस्टइंडीज ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट के नुकसान पर 235 रन बना लिए हैं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी मेहमान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सिलहट में खेले जा रहे मुकाबले में गेंदबाजों का मौसम ने भी साथ दिया और इस वजह कैरेबियाई टीम ने पहला विकेट 13 रनों के स्कोर पर गंवा दिया। इसके बाद तीसरे नंबर पर बैटिंग करने के लिए आए कावेम हॉज भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और एक रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद तस्कीन अहमद ने जोशुआ डा सिल्वा को भी 12 रनों के निजी स्कोर पर मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया। इसी के साथ विंडीज का स्कोर 27/3 हो गया। मुश्किल शुरुआत के बाद केविन विकम और आमिर जांगू ने मोर्चा संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी की और टीम के स्कोर को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 131 रनों की साझेदारी की और टीम की मैच में वापसी कराई। विकम ने 145 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 61 रनों की पारी खेली। वे अर्धशतक लगाने के बाद आउट हो गए। उन्हें हसन मदमूद ने पवेलियन भेजा। केविन के आउट होने के बाद जांगू क्रीज पर डटे रहे और शतक लगाया। विकम के आउट होने के बाद जस्टिन ग्रीव्स ने जांगू का साथ दिया। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक विंडीज टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 235 रन बना लिए हैं। जांगू 111 रन बनाकर नाबाद हैं। दूसरे छोर पर ग्रीव्स 35 रन बनाकर खेल रहे हैं। IND vs NZ: सिर्फ एक रन बनाते ही विराट कोहली दूसरे वनडे में तोड़ेंगे बड़ा रिकॉर्ड, रिकी पोंटिंग को छोड़ेंगे पीछे सूर्यकुमार यादव की बतौर कप्तान होगी वापसी, टीम से ड्रॉप किए जाने के बाद सेलेक्टर्स फिर से सौंपेंगे कमान
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:45 AM
उत्तराखंडः वन भूमि पर अतिक्रमण के लिए मवेशी चरवाहे पर कार्रवाई

उत्तराखंडः वन भूमि पर अतिक्रमण के लिए मवेशी चरवाहे पर कार्रवाई

सीमा विवाद के चलते मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद जसवंत प्रसाद ने ईमेल के जरिए लैंसडौन वन प्रभाग, कोटद्वार के डीएफओ से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। बुधवार को लैंसडौन रेंज के वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और पशुपालक से अन्य दस्तावेज जमा करने को कहा।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:41 AM
अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान ने स्कूली छात्रों के बीच पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया

अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान ने स्कूली छात्रों के बीच पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान की ओर से सतत जीवनशैली सप्ताह के तहत बुधवार को चिनहट स्थित डिवाइन ग्लोरी पब्लिक स्कूल में निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। ‘पर्यावरण की रक्षा-हमारा कर्तव्य’ विषय पर विद्यार्थियों ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व को चित्रों और लेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया।संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। बौद्ध दर्शन प्रकृति के प्रति करुणा, मैत्री और सह-अस्तित्व का संदेश देता है। उन्होंने प्लास्टिक का कम उपयोग, कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण और पौधरोपण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।विज्ञापनप्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार दिए गए। पांच-पांच प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार मिला। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक विक्रम सिंह और प्रधानाचार्य राजेश्वर दयाल पांडेय मौजूद रहे।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:37 AM
इंदौर में नवंबर के तापमान का रिकॉर्ड टूटा, शहर में अचानक आई ठंड

इंदौर में नवंबर के तापमान का रिकॉर्ड टूटा, शहर में अचानक आई ठंड

तापमान में आई इस अचानक गिरावट के साथ ही नवंबर के पिछले 10 साल में से 3 साल का न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड भी टूट गया है। वर्ष 2019 में नवंबर का न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री, 2021 में 13.5 डिग्री और 2023 में 14.6 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार तापमान इन तीनों वर्षों के मुकाबले काफी नीचे पहुंच गया है। हालांकि पिछले दशक में 2025 में नवंबर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री तक गिरा था, जो इस पूरी अवधि का सबसे कम तापमान रहा था।विज्ञापनमौसम वैज्ञानिकों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस समय इंदौर में उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में अचानक यह भारी गिरावट दर्ज की गई है। हवाओं का रुख बदलने से आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी भी हो सकती है, या यदि हवाएं इसी तरह लगातार बनी रहती हैं तो ठंड का यह दौर और अधिक जारी रह सकता है।विज्ञापनइस मौसम की सबसे खास बात यह है कि आमतौर पर 15 से 20 नवंबर के बाद ही ठंड का ऐसा असर देखने को मिलता है, लेकिन इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज कर ली गई है। मौसम में अचानक आई इस ठंडक के कारण शहर में ठिठुरन भी काफी बढ़ गई है, जिससे लोगों ने अब गर्म कपड़ों का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 11:22 AM
नकली बम के खतरों से यूरोपीय आकाश बाधितः कई विमानों को मोड़ दिया गया या आपातकालीन लैंडिंग की गई

नकली बम के खतरों से यूरोपीय आकाश बाधितः कई विमानों को मोड़ दिया गया या आपातकालीन लैंडिंग की गई

गुरुवार को यूरोप के आसमान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कई यात्री विमानों को बम से उड़ाने की झूठी धमकियों के बाद बीच रास्ते में ही डायवर्ट करना पड़ा या उनकी आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। पिछले एक हफ्ते में इस तरह की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने यूरोपीय देशों की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। बता दें कि डबलिन से रोम जा रही एयरलिंगस की उड़ान संख्या EI402 को सुरक्षा कारणों से फ्रांस के एव्रेक्स एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारना पड़ा। यह जगह पेरिस से करीब 100 किलोमीटर पश्चिम में है। इसके अलावा हेलसिंकी से रोम आ रहे फिनएयर के एक विमान को इटली की वायु सेना के फाइटर जेट्स ने अपनी निगरानी में लिया और रोम के फिमिसिनो एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया। जांच के बाद पुलिस को विमान में कुछ नहीं मिला। इसके साथ ही बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स के जविएंतेम एयरपोर्ट पर पोलैंड की 'LOT' एयरलाइंस का विमान उतारा गया, जहां बाद में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। वहीं, बुल्गारिया में तीन विमानों को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जिनमें से दो सोफिया और एक प्लोवदिभ में उतरा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चेक गणराज्य की राजधानी प्राग जा रहे चार विमानों को बम की धमकी मिली, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने जोखिम को कम आंका। इसके अलावा, मिलान से बुखारेस्ट जा रही 'विज एयर' की एक उड़ान से लगभग 200 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रोमानियाई अधिकारियों ने बम निरोधक दस्ते के साथ विमान की जांच की। गौरतलब है कि महज दो दिन पहले भी कम से कम 7 उड़ानों और एक क्रूज जहाज को ऐसी ही धमकियां मिली थीं। गनीमत यह रही कि इन सभी घटनाओं में जांच के बाद कोई भी विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई, यानी ये सभी धमकियां महज अफवाह या डर फैलाने की साजिश साबित हुईं। हालांकि अभी तक किसी भी देश या संगठन ने इन धमकियों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे रूस और ईरान से जुड़े हाइब्रिड हमलों और तोड़फोड़ की साजिशों का हाथ हो सकता है। ऐसा अनुमान इसलिए जताया जा रहा है, क्योंकि इसी हफ्ते अज्ञात हैकर्स ने यूरोप के कई देशों में सुपरमार्केट्स और फ्रांसीसी ब्लड बैंकों की कूलिंग सिस्टम को भी बाधित कर दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फर्जी बम धमकियां और साइबर हमले कम खर्च में बड़े पैमाने पर दहशत और व्यवधान फैलाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
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Nov 5, 2026, 11:01 AM
भारत ने चुनौतीपूर्ण वातावरण के लिए आधुनिक बख्तरबंद वाहन मॉड्यूल 4x4 का अनावरण किया

भारत ने चुनौतीपूर्ण वातावरण के लिए आधुनिक बख्तरबंद वाहन मॉड्यूल 4x4 का अनावरण किया

यह बख्तरबंद वाहन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और शहरी युद्ध के मैदानों में तैनात होकर सैन्य अभियानों को नई गति देगा। फैक्टरी ने इस वाहन को आत्मनिर्भर भारत अभियान की सोच के अनुरूप तैयार किया है, जिसके अधिकांश कलपुर्जे देश के भीतर ही निर्मित हो रहे हैं। वीएफजे ने इस वाहन का मॉडल तैयार करते समय आधुनिक युद्ध की जरूरतों के साथ-साथ जवानों की सुरक्षा, तेज रफ्तार, भारी सामान ले जाने की क्षमता और कठिन रास्तों पर सहज आवाजाही का विशेष ध्यान रखा है।विज्ञापनफैक्टरी ने वाहन की कार्यक्षमता और मजबूती को परखने के लिए देश के बेहद चुनौतीपूर्ण और दुर्गम क्षेत्रों का चयन किया। सूत्रों के अनुसार फैक्टरी ने इस वाहन का मैदानी परीक्षण लेह-लद्दाख के अत्यधिक ठंडे और दुर्गम इलाकों में किया। विशेषज्ञों ने शून्य से नीचे के तापमान, कम ऑक्सीजन वाली पतली हवा, बर्फ से ढकी सड़कों तथा पथरीली चढ़ाइयों के बीच वाहन की क्षमता को परखा।विज्ञापनइन परीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों में भी यह वाहन सेना की सभी आवश्यकताओं पर खरा उतरे। सैनिकों की तीव्र आवाजाही, दुश्मन की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और शहरी युद्ध में यह 4x4 हाई-मोबिलिटी आर्मर्ड प्लेटफॉर्म विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।इंजीनियरों ने इस वाहन में कई आधुनिक तकनीकी विशेषताएं जोड़ी हैं जो इसे पारंपरिक सैन्य वाहनों से अधिक सक्षम बनाती हैं। इस वाहन में 450 बीएचपी की क्षमता वाला शक्तिशाली इंजन और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन प्रणाली लगी है, जिससे यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकता है। यह वाहन 1,500 किलोग्राम तक का भार उठाने में सक्षम है। वाहन के भीतर चालक समेत कुल चार जवानों के बैठने का स्थान मौजूद है। सैन्य अभियान के दौरान सैनिकों के तेजी से बाहर निकलने और अंदर आने की सुविधा के लिए इसमें पांच दरवाजे दिए गए हैं। इसके सस्पेंशन सिस्टम में आगे और पीछे डबल विशबोन इंडिपेंडेंट सस्पेंशन शामिल है। वहीं ब्रेकिंग सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए एबीएस के साथ डुअल फेल-सेफ ब्रेक दिए गए हैं।मध्य प्रदेश: स्कूली वाहनों में बच्चों को भूसे की तरह भरा जा रहा, हाईकोर्ट ने ओवरलोडिंग पर प्रशासन को फटकारासैनिकों की सुरक्षा के लिए इस वाहन में उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है। वाहन में मॉड्यूलर बैलिस्टिक प्रोटेक्शन के साथ-साथ अंडर-हल ब्लास्ट रेजिस्टेंस तकनीक दी गई है। यह प्रणाली गोलियों के वार के साथ भूमिगत बारूदी सुरंगों और आईईडी धमाकों से जवानों की रक्षा करती है। वाहन को लेवल-1 सुरक्षा स्तर प्राप्त है, जो 7.62 मिलीमीटर तक की गोलियों के प्रभाव को रोक सकता है। इसके अलावा वाहन के भीतर रेडियो सेट, गोला-बारूद, रॉकेट लॉन्चर और इंसास राइफल रखने के लिए पर्याप्त स्थान मौजूद है। इससे सैन्य दल आवश्यक हथियारों के साथ लंबे समय तक अभियानों का संचालन कर सकेंगे।इस वाहन का विकास जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्टरी के लंबे अनुभव का परिणाम है। इस निर्माण इकाई की स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी। अपने शुरुआती दौर में फैक्टरी ने शक्तिमान ट्रक, जोंगा और एक टन भार क्षमता वाले वाहनों का निर्माण शुरू किया था। समय के साथ अपनी क्षमताओं का विस्तार करते हुए इस इकाई ने स्टालियन ट्रक, माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल और बुलेटप्रूफ वाहन बनाए। अब इसी शृंखला में स्वदेशी एलएएमवी का विकास फैक्टरी की तकनीकी प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ता है।
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Nov 5, 2026, 10:31 AM
तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक अनिश्चितता में कमी के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी गई

तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक अनिश्चितता में कमी के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी गई

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शेयरों में व्यापक मजबूती से निफ्टी ने पिछले तीन महीनों के नुकसान की भरपाई की है। यह सूचकांक को अगस्त के उच्च स्तर 24,800 के करीब फिर से परीक्षण करने के लिए तैयार कर रहा है। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में नई गति एक अतिरिक्त सकारात्मक संकेत है। बाजार विश्लेषक विपिन डिक्सना ने कहा कि यह रैली कई कारकों से समर्थित है। कच्चे तेल की कम कीमतें, विदेशी निवेशकों का बढ़ता प्रवाह और भू-राजनीतिक अनिश्चितता में कमी की उम्मीदें बाजार की धारणा को मजबूत कर रही हैं। भारत के लिए बेहतर व्यापक आर्थिक माहौल भी सकारात्मक है। अजीत मिश्रा ने अनुशासित स्टॉक चयन और विवेकपूर्ण रातोंरात जोखिम प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने आगे संभावित अस्थिरता की आशंका जताई है। विपिन डिक्सना ने बताया कि निफ्टी 24,200 के स्तर से ऊपर निकल गया है। इससे इसकी अल्पकालिक तकनीकी संरचना में सुधार हुआ है। अब 24,200-24,100 का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र है। वहीं, 24,400-24,500 तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र है। 24,500 से ऊपर की निरंतर चाल रिकवरी को और बढ़ा सकती है। निवेशकों को बीच-बीच में मुनाफावसूली के लिए भी तैयार रहना चाहिए। एनएसई पर बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, मारुति, एम एंड एम, आईसीआईसीआई बैंक, बीएसई, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, एसबीआईएन, ग्रासिम, एलटी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज-ऑटो, टाइटन और हिंडाल्को प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं, अपोलो हॉस्पिटल, ओएनजीसी, एनटीपीसी, बीईएल, अदानी एयरपोर्ट्स, सिप्ला और ट्रेंट प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में रहे। बीएसई पर बजाज फाइनेंस, इंडिगो, मारुति, एम एंड एम, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, एलटी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, रिलायंस, कोटक बैंक, टाइटन, टाटा स्टील और हिंदुस्तान यूनिलीवर शीर्ष लाभ पाने वाले थे। एनटीपीसी, बीईएल, अदानी एयरपोर्ट्स, आईटीसी, पावर ग्रिड और भारती एयरटेल शीर्ष नुकसान वाले शेयरों में शामिल थे।
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Nov 5, 2026, 09:45 AM
पराली जलाने से वायु प्रदूषण से सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा

पराली जलाने से वायु प्रदूषण से सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा

पराली जलने से निकलने वाले पीएम 2.5, पीएम 10, कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य जहरीली गैसें सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों और हृदय को प्रभावित करती हैं। इसका सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से सांस या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को है।विज्ञापनइस बार पराली जलाने रोकने के लिए वायु गुणवत्ता आयोग की सख्ती के साथ हरियाणा ने भी पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष शेखर विद्यार्थी ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी को मजबूत करने के लिए राज्य के चिह्नित रेड जोन वाले गांवों में पीएम 2.5 के 79 सेंसर लगाए गए हैं।
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Nov 5, 2026, 09:30 AM
तमिलनाडु सरकार ने दिवाली के लिए किफायती सब्जी पैकेज की शुरुआत की

तमिलनाडु सरकार ने दिवाली के लिए किफायती सब्जी पैकेज की शुरुआत की

तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय की लीडरशिप वाली तमिलनाडु की सरकार ने दिवाली के लिए सब्जियों का एक स्पेशल पैकेज का ऐलान किया है। इसमें 10 जरूरी चीजें शामिल हैं और इसका दाम महज 100 रुपये है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिन्हें त्योहारों के इस मौसम में खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दाम का सामना करना पड़ रहा है। 'वेट्री स्पेशल वेजिटेबल पैकेज' नाम की इस पहल को तमिलनाडु के सहकारिता विभाग के जरिए लागू किया जा रहा है। यह ऑफर 5 से 7 नवंबर तक तमिलनाडु भर के 218 चुनिंदा को-ऑपरेटिव सेंटर्स पर उपलब्ध रहेगा। बता दें कि इस स्कीम की औपचारिक तरीके से शुरुआत चेन्नई में पूंगा नगर कोऑपरेटिव होलसेल स्टोर के 15वें मेन रोड आउटलेट पर की गई। चेन्नई में सब्जी की 4 गाड़ियां भी तैनात की गई हैं, ताकि इस पैकेज का लाभ ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सके। हर पैकेज में करीब 2.55 से 2.60 किलोग्राम सब्जियां और खाना पकाने की अन्य जरूरी सामग्री है। इन्हें इस प्रकार चुना गया है कि एक आम परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो सकें। अफसरों ने बताया कि ताजगी और क्वालिटी बनाए रखने के लिए सब्जियों को साफ-सुथरे माहौल में खरीदा और पैक किया जा रहा है। हमारा मकसद जरूरी सब्जियां लोगों को कम दाम पर उपलब्ध कराना है। सभी को इस स्कीम का लाभ मिले, इसके लिए सरकार ने प्रति व्यक्ति सिर्फ एक पैकेज खरीदने की सीमा तय की है। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रोग्राम के दौरान को-ऑपरेटिव सेंटर्स के सामान्य कामकाज के वक्त में ये किट उपलब्ध रहेंगी। भाग लेने वाले सेंटर्स पर पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था की गई है। डिपार्टमेंट ने अफसरों से ये भी कहा है कि वे खरीद केंद्रों और खुदरा बिक्री केंद्रों के बीच अच्छा तालमेल रखें, ताकि त्योहारों की खरीदारी के दौरान सब्जियों की कोई कमी न हो। इस खास पहल का मकसद दिवाली से पहले खाना पकाने की जरूरी चीजों पर होने वाले घरेलू खर्च को कम करना है क्योंकि इस दौरान सब्जियों और अन्य खाने-पीने की चीजों की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। सहकारिता विभाग ने तमिलनाडु के सभी लोगों से अपील की है कि वे 7 नवंबर को इस खास बिक्री के खत्म होने से पहले, सब्सिडी वाले इन पैकेजों का लाभ उठाएं। इससे पहले, हाल में तमिलनाडु के CM विजय ने 12वीं की टॉपर स्टूडेंट को सोने का हार दिया था।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 09:23 AM
सेक्टर-143 में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र ने परिचालन शुरू किया

सेक्टर-143 में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र ने परिचालन शुरू किया

शहर के हर हिस्से में एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) की जांच होगी। सीपीसीबी (सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड) की ओर से सेक्टर-143 में लगाए गए मानीटरिंग स्टेशन से इसी सप्ताह निगरानी शुरू होगी। बिजली कनेक्शन को लेकर यहां आ रहीं बाधाएं दूर हो चुकीं हैं। ट्रांसफार्मर और मीटर लगाने का कार्य हो चुका है। इसी सप्ताह यह मानीटरिंग स्टेशन शुरू होने का दावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से किया गया है। बता दें शहर में निगरानी के लिए आठ मॉनीटिंग स्टेशन की जरूरत थी। पूर्व में चार स्टेशन यहां संचालित होते थे। सीपीसीबी की ओर से लगाए तीन स्टेशन इसी वर्ष शुरू हुए। सेक्टर-143 स्थित आठवां मानीटरिंग अक्टूबर में बनकर तैयार हो चुका था। बिजली कनेक्शन मिलने में यहां देरी हुई। अब कनेक्शन की प्रक्रिया यहां पूरी हो चुकी है। इसी सप्ताह यह मानीटिरिंग स्टेशन शुरू होगा। यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के क्षेत्राधिकारी रीतेश तिवारी ने बताया कि शहर के क्षेत्रफल के अनुसार आठ स्टेशन की यहां जरूरत थी। सात स्टेशन संचालित हो रहे हैं। आठवां स्टेशन भी तीन से चार दिन में शुरू हो जाएगा। बिजली कनेक्शन से संबंधित सभी प्रक्रिया यहां पूरी हाे चुकीं हैं। दिल्ली के चावड़ी बाजार में इमारत ढहने से दो लोगों की मौत, मौके पर पहुंचीं CM रेखा गुप्ता; JE और AE सस्पेंड नोएडा में धनतेरस-दीवाली पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू, 5 से 8 नवंबर तक इन रास्तों पर जाने से बचें; देखें रूट प्लान
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Nov 5, 2026, 09:03 AM
चुनाव आयोग ने 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची में विशेष सारांश संशोधन का आदेश दिया

चुनाव आयोग ने 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची में विशेष सारांश संशोधन का आदेश दिया

भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision- SSR) का आदेश जारी किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, निम्नलिखित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी- इस प्रक्रिया के तहत 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम रूप से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या पूरी हो चुकी है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए SSR की तारीखें बाद में तय की जाएंगी।
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Nov 5, 2026, 08:49 AM
लहसुन की जड़ों का प्रचार कैसे करेंः सफलता के लिए सुझाव

लहसुन की जड़ों का प्रचार कैसे करेंः सफलता के लिए सुझाव

1/5Image Source : India Tvलहसुन की जड़ों को फैलने के लिए गहराई की जरूरत होती है, इसलिए कम से कम 8-10 इंच गहरा और नीचे ड्रेनेज होल वाला गमला लें। अब इसमें 50% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट और 20% कोकोपीट/बालू रेत मिलाकर एक हल्की और उपजाऊ मिट्टी तैयार करें।2/5Image Source : magnificइसके बाद बड़े आकार की लहसुन की गांठ लें। लहसुन की कलियों को ध्यान से अलग करें, लेकिन छिलका न उतारें। केवल मोटी कलियों का ही इस्तेमाल करें।3/5Image Source : magnificगमले की मिट्टी में 2 से 3 इंच की दूरी पर 1 से 2 इंच गहरे छेद बनाएं। लहसुन की कली का नुकीला हिस्सा ऊपर की तरफ और चपटा हिस्सा नीचे की तरफ रखते हुए गड्ढे में दबाएं।4/5Image Source : magnificगमले को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप आती हो। मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें। ज्यादा पानी देने से कलियां सड़ सकती हैं।5/5Image Source : magnificआप देखेंगे कि 15-20 दिनों में हरी पत्तियां निकलने लगेंगी, जिन्हें आप सब्जी या चटनी के लिए काट सकते हैं। अगर आप पूरी गांठ उगाना चाहते हैं, तो 4-5 महीने का इंतजार करना होगा।
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Nov 5, 2026, 08:21 AM
तमिलनाडु की टीम ने रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपात स्थितियों पर प्रतियोगिता जीती

तमिलनाडु की टीम ने रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपात स्थितियों पर प्रतियोगिता जीती

प्रतियोगिता में तमिलनाडु की टीम ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया। महानिदेशक पीयूष आनंद ने बताया कि पिछली प्रतियोगिता में भी तमिलनाडु की टीम प्रथम रही थी। उत्तराखंड की टीम ने इस बार दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि बिहार की टीम पहली बार तीसरे स्थान पर रही।विज्ञापनमहानिदेशक ने विजेता टीमों को सम्मानित किया। तमिलनाडु की टीम को एक लाख रुपये के चेक के साथ प्रत्येक सदस्य को मेडल, प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, उत्तराखंड की टीम को प्रमाणपत्र के साथ 75 हजार रुपये और बिहार की टीम को प्रमाणपत्र के साथ 50 हजार रुपये की राशि दी गई।विज्ञापनदो से पांच नवंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में राजस्थान, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लिया। इस वर्ष कुल 19 टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लिया, जिनमें से आठ टीमें अंतिम चरण तक पहुंचीं। महानिदेशक ने बताया कि सीबीआरएन का अर्थ रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु आपात स्थितियों से है। प्रतियोगिता का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में एसडीआरएफ जवानों की तकनीकी दक्षता, त्वरित कार्रवाई और आपसी समन्वय को मजबूत करना था, ताकि जनजीवन और संपत्ति की सुरक्षा की जा सके।पीयूष आनंद ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का उद्देश्य आपदा के समय लोगों की जान बचाना है। सीबीआरएन जैसी आपात स्थितियों में प्रशिक्षित बचाव दल की तत्परता बेहद जरूरी होती है। इसके साथ ही आपदा के शुरुआती समय में स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों, पूर्व सैनिकों, शिक्षकों, बच्चों और महिलाओं को भी आपदा के दौरान शुरुआती मदद के लिए जागरूक और प्रशिक्षित किया जा सकता है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें हर जगह तत्काल नहीं पहुंच सकतीं, ऐसे में स्थानीय लोगों की तैयारी प्रभावितों को शुरुआती सहायता देने में मददगार हो सकती है।उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त शिविरों के माध्यम से भी प्रशिक्षण ले रही हैं। मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल और कर्नाटक में ऐसे शिविर शुरू किए जा चुके हैं। इनमें दोनों बलों के जवान एक-दूसरे के अनुभव और कार्यप्रणाली को समझते हैं, जिससे आपदा के दौरान बेहतर तालमेल बनाया जा सके। इस व्यवस्था को अन्य राज्यों में भी विस्तार देने की योजना है। एनडीआरएफ सभी राज्यों की एसडीआरएफ टीमों को सीबीआरएन आपात स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगा। महानिदेशक ने प्रतियोगिता में शामिल टीमों से प्रशिक्षण और व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव भी लिए।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 08:02 AM
टाटा मोटर्स आई. आर. ए. और एंड्रायड ओएस अनुप्रयोगों में कई कमजोरियां पाई गईं, सी. ई. आर. टी.-इन वार्न्स

टाटा मोटर्स आई. आर. ए. और एंड्रायड ओएस अनुप्रयोगों में कई कमजोरियां पाई गईं, सी. ई. आर. टी.-इन वार्न्स

CERT-In has published Vulnerability Notes on its website. Multiple Vulnerabilities in Tata Motors iRA and iRA.ev Application https://t.co/QTIsWhMjV8 Multiple Vulnerabilities in Android OS https://t.co/lAlTeMlVU7 यानी अगर यूजर अभी भी प्रभावित वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द संबंधित नए वर्जन पर अपग्रेड करना चाहिए। CERT-In ने इन एप्स में चार तरह की सुरक्षा खामियों की पहचान की है। इनका इस्तेमाल करके हमलावर यूजर की जानकारी और एप की सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। दूसरी कमजोरी एप के वेबव्यू कंपोनेंट में है। इसमें यूआरएल और ओरिजिन्स की पर्याप्त जांच नहीं की गई है। इसका फायदा उठाकर हमलावर मैलिशियस वेब कंटेंट भेज सकता है। इससे लाइव बेयरर ऑथेंटिकेशन टोकन्स हासिल किए जा सकते हैं। इन टोकन्स का इस्तेमाल यूजर की पहचान बनाकर व्हीकल सर्विसेज तक पहुंचने के लिए किया जा सकता है। तीसरी खामी डेवलपमेंट और डिबगिंग लॉग्स से जुड़ी है। इन लॉग्स में यूजर्स के ऑथेंटिकेशन टोकन्स रिकॉर्ड हो रहे हैं। अगर किसी लोकल अटैकर की इन लॉग्स तक पहुंच हो जाती है, तो वह उनमें से सेशन टोकन्स निकाल सकता है। इसके बाद इनका इस्तेमाल यूजर की पहचान का गलत तरीके से इस्तेमाल करने के लिए किया जा सकता है। टाटा मोटर्स के ये दोनों एप कनेक्टेड व्हीकल टेक्नोलॉजी का हिस्सा हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल अलग-अलग तरह की कारों के लिए होता है। इन एप्स के जरिए यूजर्स को रिमोट कमांड्स, व्हीकल स्टेटस, हेल्थ मॉनिटरिंग और ट्रिप से जुड़ी जानकारी जैसी कनेक्टेड सर्विसेज मिलती हैं। CERT-In ने प्रभावित एप्स के लिए नए वर्जन पर अपग्रेड करने की सलाह दी है। iRA 2.0 इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को वर्जन 26.8.2 और iRA.ev इस्तेमाल करने वालों को वर्जन 26.9.1 पर अपडेट करना चाहिए। पुराने प्रभावित वर्जन इस्तेमाल करने से बचें। एप को अपडेट रखने से इन पहचानी गई सुरक्षा कमजोरियों से जुड़े जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 07:50 AM
झारखंड में अगले कुछ दिनों में शीत लहर की स्थिति बढ़ने की उम्मीद है

झारखंड में अगले कुछ दिनों में शीत लहर की स्थिति बढ़ने की उम्मीद है

झारखंड में धीरे-धीरे ठंड का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान जताया है। इससे सुबह और देर रात ठिठुरन बढ़ सकती है। आसमान साफ रहने के कारण रात में धरती की गर्मी तेजी से बाहर निकलेगी, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि, दिन में धूप निकलने से मौसम सुहावना बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। बुधवार को रांची के न्यूनतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ा। विभाग ने सुबह घर से बाहर निकलने वाले लोगों को हल्के गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी है। राज्य के ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। सुबह के समय रांची, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, पलामू और जमशेदपुर में हल्की धुंध या कुहासा देखने को मिल सकता है। खूंटी, गुमला और लोहरदगा में भी सुबह के समय दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ होगा और धूप निकलने से मौसम सामान्य हो जाएगा। पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और गुमला में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं, रांची, पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, लातेहार, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, राज्य के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। रांची में अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। पलामू में 29 और 17 डिग्री, हजारीबाग में 29 और 19 डिग्री, जबकि रामगढ़ में 29 और 18 डिग्री तापमान रह सकता है। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 22 डिग्री, जबकि बोकारो में अधिकतम 29 और न्यूनतम 20 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 6, 7 और 8 नवंबर को राज्य में आसमान साफ रहेगा। इसके बाद 9 नवंबर से उत्तर-पूर्वी जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है। इस दौरान संताल परगना के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। 10 नवंबर को भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। रांची में भी मौसम में बदलाव का आंशिक असर दिख सकता है।
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Aaj Tak
Nov 5, 2026, 07:49 AM
दिल्ली में वायु गुणवत्ता संकटः दिवाली से पहले एक्यूआई बढ़ा

दिल्ली में वायु गुणवत्ता संकटः दिवाली से पहले एक्यूआई बढ़ा

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR में इन दिनों हवा की गुणवत्ता बेहद चिंताजनक बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI सुबह के समय 367 से 482 के बीच दर्ज किया जा रहा है. यह बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में आता है. दिवाली के करीब आने से स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. शहर पर घना धुंध छाया हुआ है. लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं. मुख्य प्रदूषण का कारण पीएम 2.5 है जो फेफड़ों और दिल के लिए खतरनाक माना जाता है. दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI में काफी अंतर दिख रहा है. सबसे खराब स्थिति जहांगीरपुरी में है जहां AQI 450 से 459 तक पहुंच गया. पंजाबी बाग में 446, आईआईटी दिल्ली में 447, अलीपुर में 437, विवेक विहार में 434, नरेला और रोहिणी में भी 400 के पार की स्थिति है. आरके पुरम, बवाना, मुंडका और नॉर्थ कैंपस जैसे इलाके भी गंभीर श्रेणी में हैं. इन क्षेत्रों में वाहनों का घनत्व, निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां ज्यादा हैं जिससे प्रदूषण बढ़ता है. इसके विपरीत कुछ इलाके अपेक्षाकृत बेहतर हैं. आनंद विहार में AQI करीब 293 रहा जो खराब श्रेणी में है. लोधी रोड में 268 और कुछ दक्षिणी इलाकों जैसे वासुंधरा एन्क्लेव में 330 के आसपास दर्ज किया गया. इंडिया गेट और ओखला फेस-2 में भी 399 के करीब है जो बहुत खराब है लेकिन गंभीर से कम. कुल मिलाकर दिल्ली के 50 से ज्यादा मॉनिटरिंग स्टेशनों में से अधिकांश बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवा और कम हवा की गति प्रदूषण को फैलने नहीं दे रही. नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी हवा खराब है. नोएडा का AQI 300 से ऊपर बहुत खराब श्रेणी में है. गुरुग्राम में भी 300 से अधिक दर्ज हो रहा है. गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में खराब से बहुत खराब की स्थिति है. फरीदाबाद कुछ बेहतर है लेकिन फिर भी मध्यम से खराब श्रेणी में बना हुआ है. पूरे NCR में पराली जलाने, वाहनों के धुएं और मौसम का असर साफ दिख रहा है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रदूषण चरम पर है लेकिन दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में स्थिति काफी बेहतर है. लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड , सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और केरल जैसे राज्यों में AQI अक्सर अच्छी या संतोषजनक श्रेणी में रहता है. लेह, आइजोल, गंगटोक, शिमला, नैनीताल , लैन्सडाउन और ऊटी जैसे पहाड़ी स्थानों में AQI 50 से नीचे या 100 के आसपास रहता है. ये क्षेत्र ऊंचाई पर होने, हरियाली ज्यादा होने और कम औद्योगिक गतिविधियों के कारण साफ हवा का आनंद देते हैं. तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के कई शहरों में भी AQI संतोषजनक या मध्यम श्रेणी में है. समुद्र तटीय क्षेत्रों में हवा का बहाव प्रदूषण को फैलाने में मदद करता है. मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों के छोटे शहर भी अपेक्षाकृत साफ हैं. भारत के बड़े मेट्रो शहरों में दिल्ली सबसे खराब स्थिति में है. मुंबई का AQI 150 के आसपास अस्वास्थ्यकर या मध्यम श्रेणी में है. कोलकाता भी मध्यम से अस्वास्थ्यकर श्रेणी में घूम रहा है. बेंगलुरु का AQI 100 के आसपास मध्यम श्रेणी में है जो अपेक्षाकृत बेहतर है. चेन्नई और हैदराबाद में स्थिति सबसे अच्छी है जहां AQI 70 से 100 के बीच संतोषजनक श्रेणी में दर्ज हो रहा है. दक्षिण के मेट्रो शहर समुद्र की नजदीकी और बेहतर हवा के बहाव से लाभान्वित होते हैं जबकि उत्तर के शहर इंडो-गैंगेटिक मैदान में होने के कारण प्रदूषण का शिकार ज्यादा होते हैं. इस प्रदूषण का मुख्य कारण पराली जलाना, वाहनों का धुआं, निर्माण धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसमी कारक हैं. सर्दियों में तापमान कम होने से प्रदूषण जमीन के पास जमा हो जाता है. स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ता है. आंखों में जलन, सांस की तकलीफ, अस्थमा और दिल की बीमारियां बढ़ सकती हैं. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. घर के अंदर रहें, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और बाहर जाते समय मास्क पहनें. सरकार ने जीआरएपी के तहत कुछ प्रतिबंध लगाए हैं लेकिन विशेषज्ञ लंबे समय के समाधान जैसे स्वच्छ ऊर्जा, सार्वजनिक परिवहन बढ़ावा और पराली प्रबंधन पर जोर देते हैं. पहाड़ी और दक्षिणी राज्यों की साफ हवा हमें याद दिलाती है कि सही नीतियों से प्रदूषण नियंत्रित किया जा सकता है. फिलहाल दिल्ली-NCR के लोग मुश्किल दिनों से गुजर रहे हैं और राहत की उम्मीद मौसम परिवर्तन पर टिकी है.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 07:30 AM
पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी राज्यों में बारिश और बर्फबारी, दिल्ली-एन. सी. आर. में वायु प्रदूषण बढ़ा

पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी राज्यों में बारिश और बर्फबारी, दिल्ली-एन. सी. आर. में वायु प्रदूषण बढ़ा

यह मौसम प्रणाली कई उत्तरी राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकती है, हालांकि मैदानी इलाकों पर इसका असर सीमित रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।विज्ञापनहालांकि, मैदानी क्षेत्रों में 8 नवंबर तक बारिश की संभावना नहीं है और अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बने रहने की उम्मीद है। इस बीच, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कई शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।विज्ञापनदिल्ली में एक्यूआई 463 दर्ज किया गया जबकि नोएडा में यह 456 और ग्रेटर नोएडा में 426 रहा। गुरुग्राम और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य प्रमुख शहरों में भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है।मौसम से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश तट को पार करने के बाद कमजोर पड़ गया है। हालांकि, इसके कमजोर होने के बावजूद दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में 8 नवंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। आईएमडी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर का मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा और हवाएं चलती रहेंगी।दिल्ली में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अगले सप्ताह तापमान में और गिरावट आने के साथ ठंड बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही सुबह के समय कोहरे में भी वृद्धि हो सकती है।वहीं, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी तमिलनाडु के ऊपर सक्रिय चक्रवाती प्रणाली के कारण दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल, माहे और कराईकल में 8 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जहां दक्षिणी राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, वहीं दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में 8 नवंबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने की उम्मीद है।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 06:01 AM
उत्तराखंड का मौसमः अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहने की उम्मीद

उत्तराखंड का मौसमः अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहने की उम्मीद

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। उत्तराखंड में आने वाले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना है। दिन में तो मौसम शुष्क हैं। सुबह और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। गुरुवार को देहरादून और हल्द्वानी में दिन में मौसम साफ और धूप वाला है। वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों तथा चारों धामों (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) में सुबह का तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। दीपावली में भी मौसम शुष्क बना रहने के आसार हैं। आने वाले सप्ताह में मौसम साफ रहने की संभावना है। जीबी पंत विवि रुद्रपुर में मौसम विभाग के प्रभारी डा. एएस नैन ने बताया कि गुरुवार को मौसम साफ रहेगा। तापमान में बढ़ोतरी रहेगी। बुधवार को सुबह हवा में नमी 90 प्रतिशत और दोपहर बाद 43 प्रतिशत आंकी गई। दीपावली तक बदल जाएगा झारखंड में मौसम का मिजाज, रांची में अगले पांच दिनों में गिरेगा तापमान; ठंड बढ़ेगी सुबह धुंध, दोपहर धूप के साथ रात में ठंडक... यूपी के अलीगढ़ में बदल रहा मौसम का मिजाज
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 05:32 AM
महिंद्रा ने विशिष्ट डिजाइन तत्वों के साथ स्कॉर्पियो एन संस्करण का अनावरण किया

महिंद्रा ने विशिष्ट डिजाइन तत्वों के साथ स्कॉर्पियो एन संस्करण का अनावरण किया

Mahindra एक नए Scorpio N Edition One की तैयारी कर रही है जिसके लॉन्च से पहले एक बिना कवर की हुई गाड़ी को देखा गया है। सामने आई तस्वीरों में इसके बाहरी डिजाइन और वाइन रेड इंटिरियर की डिटल सामने आई है जो इस SUV को रेगुलर रेंज से एक अलग लुक देता है। यह अगस्त 2026 के Scorpio N अपडेट के तीन महीने बाद आया है जिसमें बड़े डिस्प्ले और पैनोरमिक सनरूफ को शामिल किया गया था। सबसे ध्यान देने वाली बात है इसके एक्सटीरियर में अपडेटेड ग्रिल डिजाइन जो रेगुलर Scorpio N के वर्टिकल एलिमेंट्स की जगह एक लेयर्ड हॉरिजॉन्टल पैटर्न लेता है। डार्क ग्रिल के अंदर इल्युमिनेटेड रेक्टेंगुलर इंसर्ट्स दिए गए हैं और Mahindra का ट्विन-पीक्स लोगो बीच में है। ग्रिल में किए गए बदलाव इसके फ्रंट लुक को बदलते हैं जबकि हेडलाइट का शेप, बोनट और फॉग-लैंप हाउसिंग पहले जैसे ही हैं। देखी गई इस SUV में ब्लैक एक्सटीरियर फिनिश दिया गया है जिसे ब्राइट या चमकीले विंडो ट्रिम, रूफ रेल्स, डोर-हैंडल एसेंट्स और साइड स्टेप्स से और अट्रैक्टिव बनाने का काम किया गया है। इस खास वर्जन की पहचान कराने के लिए इसके फ्रंट डोर और रियर क्वार्टर पैनल पर Edition One बैज है। हालांकि, अभी तक इसके कलर विकल्पों की जानकारी सामने नहीं आई है। गाड़ी के अंदर Edition One में डैशबोर्ड, डोर पैड्स और सीट अपहोल्स्ट्री पर Wine Red थीम दी गई है। यह डार्क अपर डैशबोर्ड और लोअर केबिन प्लास्टिक के साथ कंट्रास्ट बनाती है जबकि एयर वेंट, डोर पुल और सेंटर कंसोल के चारों तरफ मेटालिक-फिनिश ट्रिम दिया गया है। तस्वीरों में सेकंड-रो की बेंच सीट दिखाई देती है और साथ ही फ्रंट सेंटर आर्मरेस्ट के पीछे रियर एसी वेंट भी दिए गए हैं। स्पाई की गई Edition One में पैनोरमिक सनरूफ, फ्लोटिंग टचस्क्रीन, पुश-बटन स्टार्ट और अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। इसके अलावा, इसमें लेवल-2 ADAS, सराउंड-व्यू कैमरा सिस्टम, सीट वेंटिलेशन और Sony ऑडियो सेटअप मिलने की संभावना है। Mahindra के अगस्त 2026 के अपडेट में Z8S वेरिएंट को जोड़ा गया था जो इस रेंज में 12.3 इंच की टचस्क्रीन, 10.25 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड फीचर्स के साथ आता है। इसके अलावा हायर ट्रिम्स में नए डिजाइन वाले अलॉय व्हील्स, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और पावर्ड ड्राइवर सीट जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। वहीं, Z8L वेरिएंट में पैनोरमिक सनरूफ, ब्लाइंड व्यू मॉनिटर के साथ 540-डिग्री सराउंड-व्यू सिस्टम और लेवल-2 ADAS दिए गए हैं। Mahindra Scorpio Edition One में Scorpio N के पेट्रोल और डीजल विकल्प मिलने की उम्मीद है। बता दें कि, अगस्त में लॉन्च हुए अपडेटेड स्कॉर्पियो N की एक्स-शोरूम कीमत 13.69 लाख रुपए से 25.49 लाख रुपए के बीच है। हालांकि, आने वाली अपेडेटेड मॉडल की कीमत और लॉन्चिंग डेट की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। Mahindra Scorpio से लेकर TATA Safari तक; दीवाली पर इन 7-सीटर SUVs पर मिल रहा है 1.65 लाख तक का डिस्काउंट
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 05:29 AM
5 नवंबर को रायपुर और आसपास के जिलों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है

5 नवंबर को रायपुर और आसपास के जिलों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है

पांच नवंबर को रायपुर में आकाश में बादल छाये रहेंगे। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 32 डिग्री सेल्सियस और 23 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की संभावना है।विज्ञापनपखांजूर-8, सुकमा -7, कोंटा -5, माना-रायपुर-एपी -4, लोहाांडीगुडा, रायपुर, गादीरास, पिथौरा -2, लाभाांडी-2, छिंदगढ़, जगरगुांडा, मोहला -1।दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में बने प्रचंड चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के दक्षिण भागों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।विज्ञापनछत्तीसगढ़ में बुधवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश हुई। दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक दो जगहों पर भारी से भारी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।प्रदेश के जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें, तो माना एयरपोर्ट रायपुर में अधिकतम तापमान 31.0 और न्यूनतम 22.8 रहा। इसी तरह बिलासपुर में अधिकतम 29.8 और न्यूनतम 22.6, पेंड्रा रोड में अधिकतम 29.6 और न्यूनतम 18.4, अंबिकापुर में अधिकतम 24.6 और न्यूनतम 19.7 दर्ज किया गया। जगदलपुर में अधिकतम 26.4 और न्यूनतम 21.6, दुर्ग में अधिकतम 28.2 और न्यूनतम 20.2 दर्ज किया गया।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 05:15 AM
बी. एच. यू. अस्पताल के पास महिला ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली

बी. एच. यू. अस्पताल के पास महिला ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली

बीएचयू अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के बगल में 35 वर्षीय महिला ने फंदे से लटककर जान दे दी। मौके पर बीएचयू पुलिस चौकी प्रभारी सौरभ तिवारी फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। मृतका अपनी साड़ी का फंदा बनाकर लटक गई। पुलिस महिला की शिनाख्त करवाने में जुटी है। साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 05:01 AM
संजय प्लेस एयर क्वालिटी तेजी से बिगड़ती है, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का कारण बनती है

संजय प्लेस एयर क्वालिटी तेजी से बिगड़ती है, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का कारण बनती है

यूपीपीसीबी की लैब के अनुसार संजय प्लेस क्षेत्र की हवा सबसे ज्यादा खराब रही है। 24 घंटे में ही दोगुना एक्यूआई हो गया। 3 नवंबर को संजय प्लेस का एक्यूआई 169 था, जो बुधवार को 236 एक्यूआई हो गया है। यहां पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 323 रहा। ये पांच गुना अधिक दर्ज किए गए। वहीं पीएम-10 का स्तर चार गुना अधिक 409 पर पहुंच गया।विज्ञापनफतेहपुर सीकरी के एक्यूआई में सुधार हुआ है। यहां का एक्यूआई 163 रहा। मंगलवार को 213 एक्यूआई था। दूसरी ओर आगरा स्मार्ट सिटी की रिपोर्ट में शहीद नगर के बाद टेढ़ी बगिया में एक्यूआई सबसे खराब रहा, जो 406 दर्ज किया गया। दोनों जगह हवा की गुणवत्ता बेहद गंभीर स्थिति में रही, जहां सूक्ष्म कणों पीएम-10 की मात्रा 800 तक पहुंच गई।विज्ञापनएसएन मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. डॉ. स्निग्धा सेन बताया कि धूल के अतिसूक्ष्म कण आंखों में जाने से तेज खुजली होना, पानी आना, जलन, किरकिराहट की शिकायतें सामने आ रही हैं। वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि धूल-कार्बन तत्व सांस नली में जाने से संक्रमण हो रहा है। इससे सीने में जकड़न और भारीपन हो रहा है। अस्थमा-सांस के मरीजों को धूल-धुआं से तेज खांसी हो रही है। अस्थमा अटैक का खतरा है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।स्थान एक्यूआईशहीद नगर 410टेढ़ी बगिया 406मीरा हुसैनी चौराहा 350राजेश्वर मंदिर 332छीपीटोला 327राजामंडी 325तेज नगर 322सिकंदरा चौराहा 321धूलियागंज 318बाग फरजाना 317
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Aaj Tak
Nov 5, 2026, 04:47 AM
वैश्विक बाजारों में उथल-पुथलः शेयर लाभ, वायु प्रदूषण और तेल की कीमतों में गिरावट

वैश्विक बाजारों में उथल-पुथलः शेयर लाभ, वायु प्रदूषण और तेल की कीमतों में गिरावट

शेयर बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, 5 नवंबर की सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 371 दर्ज किया गया. इन खबरों के अलावा, यूक्रेन में राहत सामग्री बांटने वाले एक स्कूल पर रूसी हवाई हमले में 40 लोगों की मौत हो गई. Trump Impact Stock Market: ट्रंप की हार-तेल कीमतें क्रैश... इंडियन शेयर बाजार में अभी से फूटने लगे दिवाली के पटाखे शेयर बाजार में गुरुवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 1600 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 400 अंक से ज्यादा उछल गया. वहीं, ट्रंप के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी क्रैश हो गई हैं. पंजाब में पराली जलाने के 2,347 मामले आए सामने, 40.37 लाख रुपये का जुर्माना, 647 FIR दर्ज पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की घटनाएं भी बढ़ रही है. खेतों में फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद घटनाएं सामने आ रही हैं. 4 नवंबर तक राज्य में पराली जलाने की कुल 2,347 घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन मामलों में 40.37 लाख रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया है दिवाली से पहले योगी सरकार का राजस्व कर्मियों को तोहफा, 206 लेखपाल और 79 संग्रह अमीन बने रेवेन्यू इंस्पेक्टर उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के 285 कर्मचारियों को दीपावली से पहले योगी सरकार ने पदोन्नति का तोहफा दिया है. 206 लेखपाल और 79 संग्रह अमीन अब रेवेन्यू इंस्पेक्टर बन गए हैं. ये वे कर्मचारी हैं, जो पदोन्नति के लिए तय पात्रता पूरी करते थे और लंबे समय से इसके इंतजार में थे. राजस्व परिषद के चेयरमैन बीएल मीणा ने इसकी जानकारी दी. दिवाली-छठ पर घर जाने और लौटने का नहीं हो पाया इंतजाम? ये रही 150+ स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली, मुंबई, पुणे, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के कई शहरों से बिहार और पूर्वांचल के लिए पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं. इन ट्रेनों के जरिए पटना, दानापुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधुबनी, जयनगर, पूर्णिया, बरौनी और दूसरे शहरों तक पहुंचा जा सकता है. जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग... दिल्ली के ये 5 इलाके हैं सबसे प्रदूषित, AQI फिर डेंजर जोन में देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. आज 5 नवंबर की सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 371 दर्ज किया गया. यह 'बहुत खराब' कैटेगरी में आता है. लेकिन दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है. जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में शामिल हैं. विराट कोहली ने रच दिया नया इतिहास... SENA कंट्रीज में बनाया 'महारिकॉर्ड', ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) कंट्रीज में 50 या उससे से ज्यादा की ODI औसत रखने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. कोहली ने बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में 74 रनों की शानदार पारी खेलकर ये उपलब्धि हासिल की. यूक्रेन में रूसी हमले से 40 की मौत, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी यूक्रेन में राहत सामग्री बांटने वाले एक स्कूल पर रूसी हवाई हमले में 40 लोगों की मौत हो गई. कई लोग अब भी लापता हैं. मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है. यह हमला यूक्रेन के जापोरिज्जिया इलाके के कोमिशुवाखा गांव में 2 नवंबर को हुआ था. इस हमले पर इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी दुख जताया है. साथ ही घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है. यौन शोषण मामलों की सुनवाई के लिए बढ़ेंगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी केंद्र सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को रेप और बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. योजना अब मार्च 2031 तक लागू रहेगी. 14 जनवरी को RCB और MI के बीच होगी पहली टक्कर, WPL 2027 के लिए शेड्यूल का ऐलान BCCI ने विमेंस प्रीमियर लीग के पांचवें सीजन के पूरे शेड्यूल का ऐलान कर दिया है. टूर्नामेंट की शुरुआत 14 जनवरी 2027 से होगी, जबकि खिताबी मुकाबला 7 फरवरी 2027 को खेला जाएगा. सभी 22 मुकाबले भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे. RCB और MI के बीच 14 जनवरी को वडोदरा में टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला खेला जाएगा. गुजरात कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, 3% DA में बढ़ोतरी का ऐलान गुजरात सरकार ने राज्य के 9.69 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में 3% का इजाफा करने की मंजूरी दे दी गई है. यह फैसला ऐसे वक्‍त में आया है, जब केंद्र सरकार ने हाल ही में अपने सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 3% महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी का ऐलान किया था. बढ़ाया गया महंगाई भत्ता 1 जुलाई से प्रभावी माना जाएगा.
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Nov 5, 2026, 04:38 AM
दिल्ली-एन. सी. आर. में कड़ाके की ठंड, वायु गुणवत्ता खराब

दिल्ली-एन. सी. आर. में कड़ाके की ठंड, वायु गुणवत्ता खराब

दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह हल्का कोहरा दिखाई दे रहा है, जिससे विजिबिलिटी में थोड़ी कमी आई है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का स्तर बढ़ने वाला है. वहीं, पिछले कुछ दिनों से लगातार कुल वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), बुधवार (4 नवंबर) को 377 रहा, जोकि बहुत खराब श्रेणी में आता है. कई इलाकों में तो ये 400 के पार बना हुआ है. बुधवार (4 नवंबर) को शहर का अधिकतम तापमान 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि सामान्य से 0.7 डिग्री कम है. वहीं, न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि 0.8 डिग्री अधिक है. शहर में नमी का स्तर 61 से 98 प्रतिशत के बीच रहा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज गुरुवार (5 नवंबर) को आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क रहने वाला है. सुबह से ही हल्का कोहरा दिखाई दे रहा है, लेकिन दोपहर में धूप रहेगी. विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 27-29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री के बीच रहेगा. दिन दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलेंगी. विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखने को मिलेगा. CPCB के रियल टाइम डेटा के अनुसार, आज सुबह 6 बजे दिल्ली में सबसे अधिक AQI जहांगीरपुरी का है, जोकि 459 है. इसके बाद पंजाबी बाग का 448 IIT दिल्ली का AQI 450, DTU में AQI 437, विवेक विहार में AQI 436, अलीपुर में AQI 433, मुंडका 423, आईटीओ में AQI 414, बवाना में AQI 413, और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का AQI 393 है. 400 ऊपर का AQI गंभीर श्रेणी में आता है. वायु प्रदूषण का ये खराब स्तर स्वस्थ लोगों को भी बिमार कर सकता है, जबकि पहले से बीमार लोगों की परेशानियां बढ़ाने वाला है. ऐसे में लोगों के लिए खुद का बचाव बहुत जरूरी है, बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और मास्क जरूर पहनें. पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिला है. इस दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान 16-17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 27-30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज रहा. पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में पश्चिमी हवाएं चलीं, जिनकी गति 10-20 किमी प्रति घंटा तक रही. महिमा पांडेय एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. महिमा ने साल 2017 से अपने पत्रकारिता की शुरूआत की. ABP से जुड़ने से पहले महिमा राजस्थान पत्रिका, Myth Media, TFI और न्यूजबाइट जैसे मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय कवरेज, राष्ट्रीय खबरें, अंतर्राष्ट्रीय, खेल, क्राइम, अर्थव्यवस्था, खेल, हेल्थ खबरों को कवर करने का अनुभव है. पत्रकारिता के करियर के दौरान महिमा ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं को कवर किया है जिनमें, कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 ('ऑपरेशन लोटस'), लोकसभा चुनाव 2019, बालाकोट एयर स्ट्राइक 2019, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021, केरल विधानसभा चुनाव 2021, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021, लोकसभा चुनाव 2024, एंटीलिया केस, किसान आंदोलन 2024, रूस यूक्रेन युद्ध 2022, इजरायल हमास युद्ध 2023, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024, पाकिस्तान आम चुनाव 2024, ब्राजील और इजरायल का राजनयिक विवाद 2024, मालदीव भारत विवाद 2024 शामिल हैं. खबरों के अलावा महिमा की खेलों में भी विशेष रूचि रही है. वो एथलेटिक्स में सक्रिय रूप से हिस्सा ले चुकी हैं. इसके अलावा इंटर कॉलेज, इंटर स्टेट हॉकी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है. महिमा ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीएस्सी (ऑनर्स) बॉटनी में स्नातक किया है. इसके बाद मास कम्युनिकेशन में एमए की पढ़ाई पूरी की.
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Dainik Bhaskar
Nov 5, 2026, 04:36 AM
उत्तराखंड में तापमान गिरा, बारिश का पूर्वानुमान और दिल्ली में वायु गुणवत्ता चिंता का विषय

उत्तराखंड में तापमान गिरा, बारिश का पूर्वानुमान और दिल्ली में वायु गुणवत्ता चिंता का विषय

उत्तराखंड के चारों धामों में आज सुबह तापमान माइनस में दर्ज किया गया। केदारनाथ में न्यूनतम तापमान -8°C, बद्रीनाथ में -9°C, गंगोत्री में -13°C और यमुनोत्री में -6°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं, केदारनाथ में चार दिन पहले हुई बर्फबारी के बाद अब तक बर्फ नहीं पिघली है। मौसम विभाग ने 5 नवंबर से दक्षिण, मध्य और पूर्वी भारत के 6 राज्यों में बारिश का अनुमान जताया है। इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। आज तमिलनाडु के तूतीकोरिन में भी भारी बारिश हो रही है। दिल्ली में गुरुवार सुबह हवा बेहद खराब रही। सुबह 8:01 बजे राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 दर्ज किया गया। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 7 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सुबह और शाम हल्की ठिठुरन महसूस होने लगी है, जबकि कई जिलों में कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। गुरुवार सुबह भी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ समेत 10 शहरों में कोहरा छाया हुआ है। हिमाचल प्रदेश में अगले 6 दिन मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 10 नवंबर तक प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में धूप खिली रहेगी। इससे लोगों को ठंड से राहत मिलेगी। खासकर दिन के समय धूप निकलने से पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना रहेगा। इस दौरान तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। उत्तराखंड के सभी जिलों में आज मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में धुंध छाई रह सकती है। वहीं, केदारनाथ में चार दिन पहले हुई बर्फबारी के बाद अब तक बर्फ नहीं पिघली है। बिहार में आज मौसम शुष्क रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के मासिक पूर्वानुमान में भी नवंबर के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है। इस बार दीपावली और धनतेरस के दिन मौसम साफ रहेगा। 5 से 8 नवंबर तक मध्य प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल-इंदौर में धूप खिलेगी। राजस्थान में आसमान साफ रहने और उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से दिन में वापस हल्की गर्मी शुरू हो गई है। दिवाली से पहले दिन का तापमान एक बार फिर 37 डिग्री को पार कर गया है।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 04:08 AM
दिवाली से पहले NCR में वायु प्रदूषण बढ़ा

दिवाली से पहले NCR में वायु प्रदूषण बढ़ा

दिवाली से पहले एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मेरठ के शताब्दीनगर क्षेत्र में गुरुवार को एक्यूआई 439 दर्ज किया गया। यह बेहद गंभीर स्तर है। वहीं, पूरे शहर का औसत एक्यूआई 271 रहा। आसपास के जिलों में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। बागपत का एक्यूआई 280, गाजियाबाद का 265 और मुजफ्फरनगर का 222 दर्ज किया गया।विज्ञापनप्रदूषण बढ़ने से लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें हो रही हैं। सुबह और शाम के समय इसका असर अधिक महसूस किया जा रहा है। सड़कों पर निकलने वाले लोगों को धूल और धुएं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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India TV
Nov 5, 2026, 03:13 AM
मौसम में बदलाव के लिए तैयार भारतः बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान

मौसम में बदलाव के लिए तैयार भारतः बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान

देशभर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ने के बाद उसका बचा हुआ हिस्सा डिप्रेशन के रूप में पूर्वी तेलंगाना और आस-पास के तटीय आंध्र प्रदेश में बना हुआ है। इसके कारण दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी और उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) ने 5 नवंबर को ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश समेत करीब 15 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दिल्ली और आस-पास के इलाकों में 5 नवंबर को बादल छाए रह सकते हैं। हल्की बारिश के साथ 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। राजधानी में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम बदलने से सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस होगी। के गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर, मुरादाबाद, मथुरा और सोनभद्र समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। इस दौरान 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 17 डिग्री रह सकता है। बिहार में पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्णिया, अररिया और भागलपुर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट है। यहां 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झारखंड में 5 और 6 नवंबर को बारिश हो सकती है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और देवघर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, मालदा, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में बारिश और आंधी का असर दिख सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। और मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश की संभावना है। जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, भोपाल, विदिशा, बैतूल और बालाघाट में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, बठिंडा, गुरदासपुर और कपूरथला में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ जगहों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और आकाशीय बिजली से बचने की सलाह दी है।
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Nov 5, 2026, 02:58 AM
भारत का मौसम नियंत्रण से बाहरः रिपोर्ट ने खतरनाक जलवायु संकट का खुलासा किया

भारत का मौसम नियंत्रण से बाहरः रिपोर्ट ने खतरनाक जलवायु संकट का खुलासा किया

दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित थिंक-टैंक 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट' (CSE) और साइंस-पर्यावरण पत्रिका 'डाउन टू अर्थ' की नई रिपोर्ट ने भारत की धड़कनें बढ़ा दी हैं. 'क्लाइमेट इंडिया 2026: एन असेसमेंट ऑफ एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स' शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट ने देश के सामने एक भयावह सच ला खड़ा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों (जनवरी से सितंबर के बीच के 273 दिनों) में से 92 प्रतिशत दिन (यानी 251 दिन) देश के किसी न किसी हिस्से में चरम मौसमी घटनाओं की चपेट में रहे. यह आंकड़ा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि भारत में मौसम अब सामान्य चक्र से बाहर निकलकर पूरी तरह से बेकाबू हो चुका है. आइए जानते हैं इस रिपोर्ट के वे खौफनाक पहलू जो यह बताते हैं कि आखिर भारत में मौसम इतना खतरनाक क्यों होता जा रहा है. इस रिपोर्ट में जिन आंकड़ों का खुलासा हुआ है, वे यह दिखाने के लिए काफी हैं कि जलवायु संकट अब किताबों या बहसों का मुद्दा नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगियों पर सीधा प्रहार है. देश के अलग-अलग राज्यों में हीटवेव (लू), कड़ाके की ठंड, आकाशीय बिजली (वज्रपात), मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं के कारण कुल 3,220 लोगों की जान चली गई. कृषि-प्रधान देश भारत के किसानों के लिए यह रिपोर्ट किसी आफत से कम नहीं है. देश भर में 42.5 लाख हेक्टेयर से अधिक की उपजाऊ फसलें या तो जल गईं या बर्बाद हो गईं. अचानक आई बाढ़ और तूफानों के कारण 1,28,334 मकान मलबे में तब्दील हो गए, जिससे हज़ारों परिवार बेघर हो गए. इंसानों के साथ-साथ मूक पशुओं पर भी इस आपदा का कहर बरपा, और कुल 47,244 मवेशियों की जान चली गई. CSE की रिपोर्ट और मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, भारत में मौसम के इस अनियंत्रित होने के पीछे कई बड़े कारण छिपे हैं. वर्ष 2026 की शुरुआत ही चरम बदलावों के साथ हुई. फरवरी 2026, 1901 के बाद से देश का सबसे सूखा और पिछले 125 वर्षों का चौथा सबसे गर्म फरवरी दर्ज किया गया. इस भयंकर गर्मी ने सर्दियों के पारंपरिक पैटर्न को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) से 13 प्रतिशत कम दर्ज की गई. इसके बावजूद, मानसून के पूरे 122 दिनों के दौरान देश के किसी न किसी हिस्से में भारी बारिश, बादल फटने या बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार बनी रहीं. इसका मतलब है कि कम दिनों में बहुत अधिक और विनाशकारी बारिश हुई. रिपोर्ट बताती है कि संकट हर साल गहराता जा रहा है. चरम मौसम के दिनों की हिस्सेदारी 2022-23 के 86-88% से बढ़कर 2024 में 93% और 2025 में रिकॉर्ड 99% तक पहुँच गई थी. पिछले 5 वर्षों में कुल 16,000 से अधिक मौतें और 20.6 मिलियन हेक्टेयर फसल का नुकसान यह चीख-चीख कर कह रहा है कि मौसमी चक्र अपनी स्थिरता खो चुका है. उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश उन राज्यों में सबसे आगे रहे, जहां 273 दिनों में से लगभग 64% दिनों में चरम मौसम देखा गया. अकेले उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 811 मौतें दर्ज की गईं. इसके बाद महाराष्ट्र (286 मौतें) और बिहार (245 मौतें) का स्थान रहा. कृषि को सबसे बड़ा आघात महाराष्ट्र में लगा, जहां 2.83 मिलियन हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई. इसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार का नंबर आता है. उत्तर-पश्चिम भारत में सबसे अधिक 235 दिनों तक चरम मौसम दर्ज किया गया, जबकि पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में यह आँकड़ा 218 दिनों का रहा. CSE की महानिदेशक सुनीता नारायण ने इस स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि "यह जलवायु परिवर्तन का मानवीय चेहरा है, जो अब देश के लगभग हर कोने को अपनी गिरफ्त में ले रहा है. संकल्प ठाकुर पिछले 10 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत न्यूज़ 24 से की, इसके बाद न्यूज़ नेशन में कार्य किया. वर्तमान में वह एबीपी हिंदी डिजिटल में डिप्टी प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले सात वर्षों से संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें खेल, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और चुनावी राजनीति से जुड़ी खबरों की गहरी समझ है. इसके अलावा साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता का क्षेत्र है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है.
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Aaj Tak
Nov 5, 2026, 02:54 AM
सर्दियों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता'बहुत खराब "स्तर पर पहुंची

सर्दियों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता'बहुत खराब "स्तर पर पहुंची

दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा की हालत बिगड़ने लगी है. देश की राजधानी में प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. आज 5 नवंबर की सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 371 दर्ज किया गया. यह 'बहुत खराब' कैटेगरी में आता है. लेकिन दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है. कुछ इलाकों में हवा और भी ज्यादा जहरीली हो गई है. जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में शामिल हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 5 नवंबर को सुबह 7 बजे जहांगीरपुरी का AQI 444 दर्ज किया गया. यह दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में पहले नंबर पर रहा. यहां हवा में PM2.5 कणों का स्तर सबसे ज्यादा असर डाल रहा था. वहीं, पंजाबी बाग में AQI 437 दर्ज किया गया. यहां भी PM2.5 प्रदूषण का मुख्य कारण रहा. इन दोनों इलाकों में हवा की गुणवत्ता दिल्ली के औसत स्तर से काफी खराब रही. प्रदूषण के मामले में IIT दिल्ली का इलाका तीसरे नंबर पर रहा. यहां AQI 430 दर्ज किया गया. इस इलाके में PM10 कणों का स्तर प्रदूषण की बड़ी वजह रहा. इसके बाद DTU का नंबर आया. यहां सुबह 7 बजे AQI 428 दर्ज किया गया. यहां भी PM2.5 प्रदूषण का मुख्य कारण रहा. नरेला पांचवें सबसे प्रदूषित इलाके के रूप में सामने आया. यहां AQI 426 रिकॉर्ड किया गया. इस तरह दिल्ली के इन पांच इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार रहा. दिल्ली में प्रदूषण का असर अलग-अलग इलाकों में अलग स्तर पर दिख रहा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, इंडिया गेट के आसपास गुरुवार सुबह AQI 399 दर्ज किया गया. यह 'बहुत खराब' कैटेगरी में है. वहीं, आनंद विहार में AQI 296 रहा, जो 'खराब' श्रेणी में आता है. #WATCH | Delhi: Air Quality Index (AQI) in the area around Anand Vihar is 296, categorised as 'Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board). (Visuals shot at 6:20 am) https://t.co/1Mzaeg3knt AQI के साथ प्रदूषण फैलाने वाले कणों का स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है. PM2.5 बेहद छोटे कण होते हैं. ये सांस के साथ शरीर के अंदर तक पहुंच सकते हैं. वहीं, PM10 आकार में इनसे बड़े कण होते हैं. इनका स्तर बढ़ने से भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है. सुबह 6:45 बजे के मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस था. हवा की रफ्तार सिर्फ 1 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई. कम हवा चलने पर प्रदूषक कण आसानी से फैल नहीं पाते. ऐसे में वे आसपास जमा हो सकते हैं. दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है. खासकर उन इलाकों में जहां AQI 400 के पार पहुंच चुका है. CPCB के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रदूषण का असर अलग-अलग स्तर पर झेलना पड़ रहा है.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:47 AM
भारतः खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापे में दूषित सामान जब्त कर नष्ट किया

भारतः खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापे में दूषित सामान जब्त कर नष्ट किया

ये भी पढ़ें-सालभर रेड जोन से दूर रही शहर की हवा, मानसून में सबसे ज्यादा साफ; दिवाली पर फिर बढ़ेगा प्रदूषण का खतराविज्ञापनखाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बूढ़ी बावल के मुख्य बाजार में मैसर्स लीलाराम एवं विकास के गोदाम पर छापा मारा। गोदाम में साफ-सफाई की भारी कमी पाई गई। अधिकारियों ने पाया कि वहां कलाकंद में मरी हुई मक्खियां और फफूंद लगी थी। गोदाम में रखी 50 किलोग्राम क्रीम पर फफूंद पाई गई तथा 150 किलोग्राम मिश्रित दूध खट्टा व दूषित मिला। अधिकारियों ने संदिग्ध सामग्री के विधिक नमूने लिए। टीम ने 425 किलोग्राम कलाकंद, 150 किलोग्राम मिश्रित दूध और 50 किलोग्राम क्रीम को नष्ट करवा दिया।विज्ञापनवहीं, बहरोड़ में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सोहन सिंह नरूका के नेतृत्व में टीम ने मिलावट के संदेह पर 510 किलोग्राम गुलाब जामुन व रसगुल्ला और 200 किलोग्राम क्रीम सीज की। भारी मात्रा में दूषित दूध, क्रीम व कृत्रिम रंगों से बनी मिठाइयां नष्ट करवाई गईं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेहा शर्मा ने सबसे पहले सांवरिया मिल्क फूड्स से गुलाब जामुन, रसगुल्ला, मिक्स्ड मिल्क, क्रीम तथा मिल्क केक के नमूने लिए। वहां सिंथेटिक कलर से निर्मित 10 किलो रसगुल्ला, 80 किलो मिल्क केक, 550 लीटर दूषित दूध और 50 किलो दूषित क्रीम नष्ट कराई। इसके बाद टीम ने कृष्णा रसगुल्ला भंडार से राजभोग का नमूना लिया। यहां 65 लीटर दूषित दूध और सिंथेटिक रंग से बना 65 किलो रसगुल्ला नष्ट करवाया। खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को इम्प्रूवमेंट नोटिस दिया गया। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
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Nov 5, 2026, 02:44 AM
दिवाली से पहले पराली जलाने और पटाखों के कारण भारत की वायु गुणवत्ता में गिरावट

दिवाली से पहले पराली जलाने और पटाखों के कारण भारत की वायु गुणवत्ता में गिरावट

दिवाली से पहले दिन प्रतिदिन देश की हवा खराब होती जा रही है है. पराली और पटाखों की वजह से वातावरण में धुएं का ठहराव बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से हवा की गुणवत्ता और खराब हो हई है. एक्यूआई बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को सबसे ज्यादा खराब एक्यूआई उत्तर प्रदेश का रहा है. उत्तर प्रदेश में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है. गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 987 है. मेरठ देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है. आइए आपको टॉप 10 शहरों के बारे में बताते हैं. देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित 10 शहरों की बात करें तो इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के शहर आते हैं. सबसे ज्यादा एक्यूआई की लिस्ट में दिल्ली किस नंबर पर आती है. सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर की लिस्ट में सबसे ऊपर मेरठ (987) है. दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश का हापुड़ 877 एक्यूआई के साथ है. तीसरे नंबर पर हरियाणा का पानीपत का एक्यूआई 842 है.चौथे नंबर पर उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर है. मुजफ्फरनगर का एक्यूआी 786 है. पांचवें नंबर पर हरियाणा का सोनीपत है. सोनीपत का एक्यूआई 781 है. छठे नंबर पर हरियाणा का रोहतक है. यहां का एक्यूआई 740 है. सातवें नंबर पर हरियाणा का कैथल 702 एक्यूआई के साथ है. आठवें नंबर पर उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद 700 एक्यूआई और नौवें नंबर पर हरियाणा का करनाल 699 के साथ है. दसवें नंबर पर हरियाणा का फरीदाबाद है. फरीदाबाद का एक्यूआई 663 है. दिल्ली की बात करें तो गुरुवार को यहां का एक्यूआई 554 है और नोएडा का 637 है. दोनों ही जगह पर सांस लेने में लोगों को दिक्कत हो रही है. प्रदूषण की वजह से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है. दिवाली के पास आते-आते देशभर में प्रदूषण से बुरा हाल होता जा रहा है. दीक्षा छाबड़ा ABP live.Com में सीनियर कॉपी एडिटर हैं. यहां ये न्यूज डेस्क का हिस्सा हैं. दीक्षा को देश, विदेश और एंटरटेनमेंट की दुनिया में काफी दिलचस्पी है. वो इन सभी के बारे में लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के जगत में 9 साल पूरे हो चुके हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ की थी. इसके बाद से ये इंडिया टीवी, टीवी9 जैसी संस्थाओं में एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर चुकी हैं. दीक्षा ने अपनी पढ़ाई इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट से की है. संपर्क करें- Mail Id- dikshac@abpnetwork.com, X-https://x.com/Diksha29chhabra
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:21 AM
दिल्ली का इंडिया गेट क्षेत्र'बहुत खराब'वायु गुणवत्ता से पीड़ित है

दिल्ली का इंडिया गेट क्षेत्र'बहुत खराब'वायु गुणवत्ता से पीड़ित है

#WATCH | Delhi: The Air Quality Index (AQI) in the area around India Gate is at 399, categorised as 'Very Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board). (Visuals shot at 06:40 am) https://t.co/mcqfDV9SQK #WATCH | Delhi: The Air Quality Index (AQI) in the area around India Gate is at 399, categorised as 'Very Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board). (Visuals shot at 06:40 am) https://t.co/mcqfDV9SQK
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 02:12 AM
पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता और खराब हुई

पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता और खराब हुई

दिल्ली की हवा बुधवार को और भी ज्यादा खराब दर्ज की गई। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से बढ़कर 377 पर पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। मौसम विभाग और प्रदूषण निगरानी एजेंसियों का कहना है कि शुक्रवार तक हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है और करीब 6 दिन तक ऐसी ही बनी रहने की संभावना है। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय कारणों का हिस्सा 31 फीसदी रहा, जबकि बाहरी कारणों का हिस्सा 69 फीसदी रहा। सबसे ज्यादा चिंता पराली जलाने को लेकर है। मंगलवार को पराली का हिस्सा 8.2 फीसदी था, जो बुधवार को बढ़कर 16.2 फीसदी हो गया। IITM के अनुमान के मुताबिक, शुक्रवार तक यह हिस्सा 20 फीसदी तक पहुंच सकता है, जो गाड़ियों के धुएं से भी ज्यादा होगा। इसको देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पंजाब के 5 जिलों - बरनाला, बठिंडा, फाजिल्का, जालंधर और फरीदकोट के डीसी और एसएसपी को पराली जलाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले मंगलवार को गुरदासपुर और कपूरथला के अधिकारियों को नोटिस दिया गया था। (ANI Image) दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से सर्दियों के लिए नया प्रदूषण रोकने वाला प्लान लागू किया है। इसके तहत 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निजी निर्माण पर रोक लगाई गई है। जबकि, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूरी तरह पाबंदी रहेगी। GRAP-II के तहत दिल्ली से बाहर के BS-IV या उससे पुराने वाहनों की एंट्री भी बंद कर दी गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में हवा गंभीर हो गई है। बुधवार को IIT दिल्ली में AQI 455, जहांगीरपुरी में 449, पंजाबी बाग में 446, मुंडका में 439, विवेक विहार में 436, रोहिणी में 432, नरेला और अलीपुर में 429, सोनिया विहार में 427 और ITO में 411 दर्ज किया गया। पर्यावरण विशेषज्ञ अनुमिता रॉयचौधरी का कहना है कि गाड़ियां अब भी सबसे बड़ा स्थानीय प्रदूषक हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पराली के धुएं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। मौसम की नमी और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषण जमीन के पास ही फंसा हुआ है। बता दें कि बुधवार को दिल्ली का आसमान बेहद धुंधला नजर आया। गुरुवार सुबह हल्की धुंध और कोहरा बना हुआ है। अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री दर्ज किया गया। #WATCH | Delhi: The Air Quality Index (AQI) in the area around India Gate is at 399, categorised as 'Very Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board). (Visuals shot at 06:40 am) https://t.co/mcqfDV9SQK
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 02:05 AM
नवंबर से लखनऊ और आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट

नवंबर से लखनऊ और आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट

नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। सुबह घरों से निकलने वाले लोगों को हल्की धुंध और ठंडी हवाओं का एहसास हो रहा है। वहीं, पेड़-पौधों और घास पर ओस की बूंदें भी दिखाई देने लगी हैं। मौसम में आए इस बदलाव ने गुलाबी ठंड की दस्तक का अहसास करा दिया है। बुधवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। प्रादेशिक मौसम केंद्र के अनुसार, सुबह के समय कई इलाकों में हल्की धुंध छाई रही। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान झांसी में 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान हरदोई में 14.0 डिग्री सेल्सियस और मुजफ्फरनगर में 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे सुबह और रात के वक्त हल्की ठंड महसूस हो रही है। वहीं, कुछ जिलों में सुबह के समय हवा में नमी का स्तर 98 प्रतिशत तक दर्ज किया गया। बिहार के 'जंगलराज' की तर्ज पर यूपी में भाजपा का 'गुंडाराज' दांव, सपा के पुराने दौर को मुद्दा बनाने की रणनीति इसके चलते सुबह हल्की सिहरन महसूस हो रही है। आने वाले सात दिनों में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है। 10 नवंबर तक प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। यूपी में पंचायत वोटर लिस्ट के सहारे विधानसभा मतदाता सूची में जुड़ेंगे छूटे हुए नाम, चुनाव आयोग ने तैयार किया प्लान
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 01:47 AM
रांची क्षेत्र में अगले पांच दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की उम्मीद है

रांची क्षेत्र में अगले पांच दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की उम्मीद है

राजधानी रांची समेत आसपास के जिलों में अगले पांच दिनों में 3 से 4 डिग्री तक तापमान गिरने की संभावनाएं जताई जा रही है। जिससे सुबह और देर रात ठंड का असर बढ़ेगा। पूरे राज्य में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। रांची के आसपास घाटी क्षेत्रों में कुहासे और धुंध का असर भी दिखने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची से जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगले पांच दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे सुबह और रात के समय ठंड बढ़ेगी। मौसम केंद्र रांची के अनुसार, 6 से 8 नवंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह हल्का कोहरा या धुंध छाने के बाद आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। पिछले 24 घंटे की बात करें तो राजधानी रांची में 5 नवंबर को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री रहा, जबकि 6 से 8 नवंबर तक न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री के बीच रह सकता है। पिछले 24 घंटे के दौरान जगन्नाथपुर में सबसे अधिक 31.7 डिग्री और लातेहार में सबसे कम 15.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रांची में अधिकतम तापमान 27.6 और न्यूनतम 19.4 डिग्री, जबकि जमशेदपुर में अधिकतम 31.6 और न्यूनतम 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में सर्वाधिक 29.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में 16.6 मिमी, डुमरिया में 16.4 मिमी और पोटका में 2.8 मिमी वर्षा हुई। वहीं, रांची और जमशेदपुर में वर्षा नहीं होने के बाद मौसम सामान्य बना हुआ है।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:41 AM
राजस्थान में बेमौसम गर्मी, आसमान साफ रहने की उम्मीद

राजस्थान में बेमौसम गर्मी, आसमान साफ रहने की उम्मीद

प्रदेश में सर्दी की शुरुआत के बावजूद ज्यादातर शहरों में रात का तापमान अभी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। टोंक, भीलवाड़ा, सीकर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, नागौर, करौली, फतेहपुर और माउंट आबू को छोड़कर बाकी शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान दिनभर धूप निकलेगी और कुछ शहरों में अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में दीपावली तक दिन में हल्की गर्मी और रात में सर्दी का असर बना रहने का अनुमान है। राजधानी जयपुर में बुधवार को दिनभर आसमान साफ रहा और तेज धूप निकली। इसके चलते अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और यह 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रात को हल्की ठंडक रही और न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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Nov 5, 2026, 01:22 AM
दिल्ली-एन. सी. आर. में हल्की धुंध, वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है

दिल्ली-एन. सी. आर. में हल्की धुंध, वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है

दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह हल्का कोहरा दिखाई दे रहा है, जिससे विजिबिलिटी में थोड़ी कमी आई है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का स्तर बढ़ने वाला है. वहीं, पिछले कुछ दिनों से लगातार कुल वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), बुधवार (4 नवंबर) को 377 रहा, जोकि बहुत खराब श्रेणी में आता है. कई इलाकों में तो ये 400 के पार बना हुआ है. बुधवार (4 नवंबर) को शहर का अधिकतम तापमान 0.7 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि सामान्य से 0.7 डिग्री कम है. वहीं, न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि 0.8 डिग्री अधिक है. शहर में नमी का स्तर 61 से 98 प्रतिशत के बीच रहा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज गुरुवार (5 नवंबर) को आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क रहने वाला है. सुबह से ही हल्का कोहरा दिखाई दे रहा है, लेकिन दोपहर में धूप रहेगी. विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 27-29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री के बीच रहेगा. दिन दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलेंगी. विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखने को मिलेगा. CPCB के रियल टाइम डेटा के अनुसार, आज सुबह 6 बजे दिल्ली में सबसे अधिक AQI जहांगीरपुरी का है, जोकि 459 है. इसके बाद पंजाबी बाग का 448 IIT दिल्ली का AQI 450, DTU में AQI 437, विवेक विहार में AQI 436, अलीपुर में AQI 433, मुंडका 423, आईटीओ में AQI 414, बवाना में AQI 413, और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का AQI 393 है. 400 ऊपर का AQI गंभीर श्रेणी में आता है. वायु प्रदूषण का ये खराब स्तर स्वस्थ लोगों को भी बिमार कर सकता है, जबकि पहले से बीमार लोगों की परेशानियां बढ़ाने वाला है. ऐसे में लोगों के लिए खुद का बचाव बहुत जरूरी है, बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और मास्क जरूर पहनें. पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिला है. इस दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान 16-17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 27-30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज रहा. पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में पश्चिमी हवाएं चलीं, जिनकी गति 10-20 किमी प्रति घंटा तक रही. महिमा पांडेय एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. महिमा ने साल 2017 से अपने पत्रकारिता की शुरूआत की. ABP से जुड़ने से पहले महिमा राजस्थान पत्रिका, Myth Media, TFI और न्यूजबाइट जैसे मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय कवरेज, राष्ट्रीय खबरें, अंतर्राष्ट्रीय, खेल, क्राइम, अर्थव्यवस्था, खेल, हेल्थ खबरों को कवर करने का अनुभव है. पत्रकारिता के करियर के दौरान महिमा ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं को कवर किया है जिनमें, कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 ('ऑपरेशन लोटस'), लोकसभा चुनाव 2019, बालाकोट एयर स्ट्राइक 2019, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021, केरल विधानसभा चुनाव 2021, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021, लोकसभा चुनाव 2024, एंटीलिया केस, किसान आंदोलन 2024, रूस यूक्रेन युद्ध 2022, इजरायल हमास युद्ध 2023, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024, पाकिस्तान आम चुनाव 2024, ब्राजील और इजरायल का राजनयिक विवाद 2024, मालदीव भारत विवाद 2024 शामिल हैं. खबरों के अलावा महिमा की खेलों में भी विशेष रूचि रही है. वो एथलेटिक्स में सक्रिय रूप से हिस्सा ले चुकी हैं. इसके अलावा इंटर कॉलेज, इंटर स्टेट हॉकी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है. महिमा ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीएस्सी (ऑनर्स) बॉटनी में स्नातक किया है. इसके बाद मास कम्युनिकेशन में एमए की पढ़ाई पूरी की.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:06 AM
जयपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार, लेकिन दिवाली से पहले बढ़ता प्रदूषण चिंता पैदा करता है

जयपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार, लेकिन दिवाली से पहले बढ़ता प्रदूषण चिंता पैदा करता है

हालांकि, जनवरी से तीन नवंबर 2026 तक जयपुर का AQI एक भी दिन बहुत खराब या गंभीर श्रेणी तक नहीं पहुंचा। साल की शुरुआत में हवा की स्थिति खराब रही थी, लेकिन इसके बाद सुधार हुआ। मानसून के दौरान सबसे ज्यादा राहत मिली। जुलाई में 31 में से 20 दिन और अगस्त में 28 दिन हवा संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। अब दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ना शहर के लिए नई चुनौती है। साल की शुरुआत में जयपुर की हवा सबसे ज्यादा प्रभावित रही। जनवरी में छह दिन AQI 200 के पार रहा और सात जनवरी को अधिकतम 257 दर्ज किया गया। फरवरी में 26 दिन हवा मध्यम श्रेणी में रही, जबकि केवल दो दिन AQI संतोषजनक स्तर पर दर्ज हुआ। मार्च में भी 31 में से 28 दिन हवा मध्यम श्रेणी में रही। अप्रैल में 27 दिन AQI मध्यम स्तर पर दर्ज किया गया। मई से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ। इस महीने छह दिन AQI संतोषजनक श्रेणी में रहा, जबकि जून में ऐसे दिनों की संख्या बढ़कर 16 हो गई। मानसून के दौरान स्थिति और बेहतर हुई। जुलाई में 31 में से 20 दिन और अगस्त में 31 में से 28 दिन हवा संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। दो अगस्त को AQI 49 रहा, जो इस महीने का सबसे बेहतर स्तर था। सितंबर में भी 18 दिन हवा संतोषजनक श्रेणी में रही, हालांकि पांच दिन AQI खराब श्रेणी में पहुंचा। अक्टूबर में 24 दिन हवा मध्यम और सात दिन संतोषजनक श्रेणी में रही। इस महीने 22 अक्टूबर को अधिकतम AQI 146 दर्ज किया गया। तीन नवंबर को जयपुर के छह सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में अलग-अलग इलाकों की हवा की गुणवत्ता में अंतर दिखा। आदर्श नगर में AQI 52 दर्ज किया गया, जबकि मानसरोवर सेक्टर-12 में यह 180 और रीको सीतापुरा में 165 रहा। इससे साफ है कि शहर के सभी इलाकों में हवा की गुणवत्ता एक जैसी नहीं है। सालभर के आंकड़ों में राहत जरूर है, लेकिन प्रदूषण का खतरा खत्म नहीं हुआ है। जनवरी में AQI का 257 तक पहुंचना और सितंबर में पांच दिन खराब श्रेणी में रहना बताता है कि मौसम और स्थानीय गतिविधियों का असर हवा पर पड़ता है। दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण प्रदूषण बढ़ा सकते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार AQI को छह श्रेणियों में बांटा गया है। शून्य से 50 तक अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर श्रेणी मानी जाती है। AQI जितना अधिक होता है, हवा में प्रदूषण का स्तर और उससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाला संभावित असर उतना ही ज्यादा होता है।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:54 AM
भारत का वन विभाग दशकों से सैकड़ों आइवरी टस्क का भंडारण करता है

भारत का वन विभाग दशकों से सैकड़ों आइवरी टस्क का भंडारण करता है

वन विभाग तस्करों से बरामद वन्यजीव अंगों को अपने कार्यालयों में सुरक्षित रखता है। इसके अलावा आपसी संघर्ष में मरने वाले वन्यजीवों, मृत मिले पशुओं और पेड़ आदि से टकराने या अन्य कारणों से टूटकर गिरे हाथी दांतों को भी कार्यालयों में रखा जाता है। स्थिति यह है कि वन विभाग के विभिन्न कार्यालयों में सैकड़ों हाथी दांत जमा हैं। इनमें कुछ मामले करीब ढाई दशक पुराने भी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राजाजी टाइगर रिजर्व के विभिन्न कार्यालयों में करीब 215 हाथी दांत रखे हैं। वहीं, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में भी 140 से अधिक हाथी दांत होने की बात कही जा रही है।विज्ञापनलैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज में 15 हाथी दांत रखे थे, जिनमें से पांच चोरी हो गए। इसी तरह अन्य वन प्रभागों में भी हाथी दांत रखे होने की संभावना है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन्यपशु वस्तु का वन्यजीव निपटान नियम-2023 में कमेटी गठित कर वन्यजीव अंगों के निपटान की प्रक्रिया तय की थी। इसके बावजूद तीन साल तक नियमों पर अमल नहीं हुआ। अब चोरी की घटना के बाद वन महकमे ने इस दिशा में कार्रवाई तेज की है।विज्ञापनप्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव कार्यालय ने प्रभागों और टाइगर रिजर्व में दो प्रारूपों में हाथी दांत की जानकारी मांगी है। इसमें एक मामले में हाथी दांत के उन मामलों की जानकारी देनी है, जो प्रकरण कोर्ट से जुड़े नहीं हैं। दूसरे प्रारूप में कोर्ट से जुड़े मामले की जानकारी देनी है। यह जानकारी मिलने के बाद मौके पर टीम को भेजकर सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद निपटान से जुड़ी आगे की कार्रवाई तय कमेटी बनाते हुए की जाएगी।इस कमेटी में राजस्व विभाग व अन्य लोग भी शामिल होंगे। इस संबंध में अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव विवेक पांडे ने बताया कि वनाधिकारियों से उनके कार्यालयों में कितने हाथी दांत हैं, उसकी सूचना दो प्रारूपों में मांगी गई है। सूचना आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:30 AM
मनाली-लेह रेल लाइन निर्माण प्रकृति की चुनौतियों का सामना कर रहा है

मनाली-लेह रेल लाइन निर्माण प्रकृति की चुनौतियों का सामना कर रहा है

मनाली-लेह रेललाइन हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ने के साथ सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, लेकिन इसके निर्माण के रास्ते में प्रकृति की चुनौतियां भी कम नहीं हैं। ऊंचे पहाड़, ग्लेशियर, बर्फ से जमी रहने वाली जमीन और बदलती जलवायु इस परियोजना की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं। आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में रेललाइन के आसपास ऐसे कई क्षेत्रों की पहचान की है, जहां प्राकृतिक खतरों के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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Dainik Bhaskar
Nov 4, 2026, 11:19 PM
चक्रवात मुरासु ने दक्षिण भारत में भारी बारिश और बाढ़ ला दी है

चक्रवात मुरासु ने दक्षिण भारत में भारी बारिश और बाढ़ ला दी है

तूफान मुरासु के असर से आंध्रप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। पेड्डा वागु नदी खतरे के निशान को पार गई है, जिससे एलुरु जिले में बाढ़ के हालात हैं। करीब एक दर्जन गांवों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। तमिलनाडु के चेन्नई में भी बाढ़ के हालात हैं। पहाड़ियों से आ रहे बाढ़ के पानी से सड़कों पर नदियां बहने जैसा नजारा है। कई गांवों के हजारों एकड़ खेत डूब गए हैं। वहीं, चेन्नई के गोपालपुरम में भारी बारिश से निचले इलाकें डूब गए हैं। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर है। मंगलवार को कई जिलों में बादल छाए रहे। अगले 24 घंटे के दौरान 5 जिले- सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में ही आंधी-बारिश का अलर्ट है। तूफान मुरासु के असर से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है। मंगलवार रात को तेज बारिश के बाद बुधवार को भी दिन भर रिमझिम बारिश होती रही। इससे धान की फसल खराब होने होने की आशंका बढ़ गई है।
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