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Aug 6, 2026, 05:38 PM
आईएमडी ने पूरे भारत में भारी बारिश के लिए विस्तारित रेंज का पूर्वानुमान जारी किया

आईएमडी ने पूरे भारत में भारी बारिश के लिए विस्तारित रेंज का पूर्वानुमान जारी किया

अगस्त का दूसरा हफ्ता शुरू होते ही मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है. कहीं झमाझम बारिश होगी तो कहीं उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 से 19 अगस्त तक का एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो हफ्तों में देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है. हालांकि राहत की बात यह है कि इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव चलने की आशंका नहीं है. IMD के मुताबिक 6 से 12 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके, मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होगी. कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि हफ्ते की शुरुआत में देशभर में बारिश सामान्य रहेगी, लेकिन दूसरे हिस्से में बारिश सामान्य से कुछ कम रह सकती है. IMD के अनुसार 12 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में ऊपरी हवा में बनने वाला चक्रवाती सिस्टम बनने की संभावना है. इसके असर से 14 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. इसके चलते 13 से 19 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, पश्चिम बंगाल-सिक्किम, ओडिशा, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में कई दिनों तक हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो हफ्तों में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, उससे सटे पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है. बाकी देश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है. IMD ने साफ किया है कि इस दौरान देश में कहीं भी हीटवेव या गर्म रात की संभावना नहीं है. IMD के मुताबिक 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच पूरे देश में सामान्य से 7 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई. हालांकि 1 जून से 5 अगस्त तक के पूरे मानसून सीजन पर नजर डालें तो देश में अब भी सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है. क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 12 फीसदी, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 27 फीसदी तथा दक्षिण प्रायद्वीप में 18 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है. वहीं मध्य भारत में सामान्य से 2 फीसदी अधिक बारिश हुई है. IMD ने बताया कि फिलहाल प्रशांत महासागर में मॉडरेट एल नीनो की स्थिति बनी हुई है और मानसून के बाकी सीजन में इसके और मजबूत होने की संभावना है. IMD के मुताबिक फिलहाल हिंद महासागर में न्यूट्रल IOD की स्थिति बनी हुई है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडलों के अनुसार सितंबर के दौरान पॉजिटिव IOD बनने के भी संकेत हैं. उज्ज्वल कुमार, पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट, एक दशक से खबरों की दुनिया में सक्रिय. राजनीति और सामाजिक मुद्दों को गहराई से समझकर देश तक सटीकता से पहुँचाने में माहिर. ABP न्यूज और डिजिटल के लिए निष्पक्ष, प्रभावशाली पत्रकारिता मेरा मकसद. खाली समय में अनछुई जगहों की सैर, संगीत का आनंद और परिवार के साथ यादगार पल बिताना पसंद.
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Aug 6, 2026, 04:22 PM
बद्रीनाथ धामः भगवान बद्री विशाल तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु मौसम की स्थिति को दरकिनार करते हैं

बद्रीनाथ धामः भगवान बद्री विशाल तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु मौसम की स्थिति को दरकिनार करते हैं

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जहां जनजीवन और चारधाम यात्रा को प्रभावित किया है, वहीं बदरीनाथ धाम से सामने आई तस्वीरें आस्था की एक अलग ही मिसाल पेश कर रही हैं.चमोली जिले में अलकनंदा नदी पूरे उफान पर है और हेलंग के पास भूस्खलन के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित हुआ है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बारिश और ठंड की परवाह किए बिना भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं. बदरीनाथ धाम में लगातार बारिश हो रही है. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु रेनकोट, छाते और गर्म कपड़ों के सहारे दर्शन के लिए कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं. लगातार खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है. हर कोई भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर अपनी यात्रा को सफल बनाने की इच्छा के साथ आगे बढ़ रहा है. लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी तेज वेग से बह रही है. वहीं हेलंग क्षेत्र में भूस्खलन के चलते यात्रा मार्ग पर भी असर पड़ा है. ऐसे में प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. प्रशासन ने चारधाम यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें. खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल प्रशासन की सलाह के अनुसार ही आगे बढ़ें. यात्रियों से संवेदनशील क्षेत्रों में रुकने से बचने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है. बदरीनाथ धाम से सामने आ रही तस्वीरें यह संदेश दे रही हैं कि मौसम की कठिन परिस्थितियां भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पा रही हैं. एक ओर उफनती अलकनंदा, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और चुनौतीपूर्ण हालात हैं, तो दूसरी ओर भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब. उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में आस्था और विश्वास की यही तस्वीरें हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को हिमालय की गोद तक खींच लाती हैं. अतुल चौहान को पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 35 वर्षों का अनुभव है. एबीपी न्यूज़ के साथ 17 सालों से जुड़े हैं और उत्तराखंड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले एएनआई समेत अन्य बड़े संस्थानों से जुड़े रहे हैं. वे कुमाऊं रीजन, उत्तराखंड के ब्यूरो चीफ रहे और क्षेत्रीय पत्रकारिता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतुल चौहान ने तीन दशक से अधिक के पत्रकारिता जीवन में राजनीति, प्रशासन, आपदा, विकास, सामाजिक सरोकार, चुनाव, अपराध और जनहित के अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की है. मेल आईडी- atul.media@gmail.com
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 03:14 PM
ग्रेटर नोएडा के हबीबपुर गांव में व्यक्ति ने की आत्महत्या

ग्रेटर नोएडा के हबीबपुर गांव में व्यक्ति ने की आत्महत्या

ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में 31 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक बीते मंगलवार को पीआरवी के माध्यम से सूचना मिली कि मुनेन्द्र पाल पुत्र सुरेश पाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मुनेंद्र मूलरूप से गांव खरगपुर कला थाना बीसलपुर पीलीभीत का रहने वाला था। वर्तमान में ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के हबीबपुर में रह रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फील्ड यूनिट को भी घटनास्थल पर बुलाया और टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। कोतवाली प्रभारी रंजीत कुमार सिंह का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 02:38 PM
मानसून की वजह से दक्षिण भारत के जिलों में भारी बारिश

मानसून की वजह से दक्षिण भारत के जिलों में भारी बारिश

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले तीन-चार दिन मानसून का असर मुख्य रूप से दक्षिणी जिलों सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली में रहेगा। शुक्रवार के लिए इन तीनों जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने आसार हैं।विज्ञापनबृहस्पतिवार को यूपी में सबसे अधिक 126 मिमी बारिश इटावा में दर्ज की गई। बहराइच में 95 मिमी, मिर्जापुर में 90 मिमी, वाराणसी में 85.6 मिमी और हमीरपुर में 71 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।विज्ञापन
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 02:35 PM
दिल्ली में देर से शुरू हुई मानसून की बारिश, लोगों को मिली राहत

दिल्ली में देर से शुरू हुई मानसून की बारिश, लोगों को मिली राहत

दिल्ली समेत एनसीआर में मानसून जमकर बरस रहा है। ऐसे में बुधवार देर रात से शुरू हुई सावन की पहली अच्छी बारिश का दौर बृहस्पतिवार शाम तक भी चला। सुबह से ही झमाझम बारिश हुई। सप्ताह बाद दिल्ली में इस तरह की बारिश हुई। बारिश से गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन यही बारिश आफत भी लेकर आई। कुछ देर की बारिश ने दिल्ली को ''स्विमिंग पूल'' सा बना दिया था। बाजारों में घुटनों तक पानी भर गया था। सदर बाजार में संकरी गलियों में घुटनों तक पानी भर गया था। गंदे पानी और तैरते कचरे के बीच लोगों, बच्चों और खरीदारों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। कई दुकानों में पानी भी घुस गया।
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Dainik Jagran
Aug 6, 2026, 02:28 PM
बिहार मौसम अपडेटः अगले 9 दिनों में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना

बिहार मौसम अपडेटः अगले 9 दिनों में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना

7 अगस्त को बिहार के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों के एक्टिव रहने की संभावना है। बिहार के दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-मध्य जिलों में बारिश का अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा, जबकि कई इलाकों में वज्रपात (ठनका) और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य के चार जिलों के लिए भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। औरंगाबाद, भभुआ (कैमूर), गया और रोहतास में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। राज्य के उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य भागों के जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। बिहार में अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। विभिन्न हिस्सों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। राज्य का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। Bihar Weather Update: बिहार के 9 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, 4 दिनों तक बरसेंगे बादल
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ABP News
Aug 6, 2026, 02:28 PM
लद्दाख में भारत की पहली उच्च ऊंचाई वाली वन्यजीव सफारी का शुभारंभः पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव

लद्दाख में भारत की पहली उच्च ऊंचाई वाली वन्यजीव सफारी का शुभारंभः पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव

पहाड़ों की खूबसूरती, बर्फ से ढके पहाड़ और वन्यजीवों के लिए मशहूर लद्दाख अब टूरिस्ट को एक बिल्कुल नया एक्सपीरियंस देने की तैयारी में है. यहां आने वाले समय में लोग सिर्फ प्राकृतिक नजारों का ही नहीं, बल्कि स्नो लेपर्ड और रेयर पक्षियों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखने का भी मौका पा सकेंगे. इस पहल का उद्देश्य सिर्फ टूरिज्म बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ना भी है. इसी दिशा में प्रशासन ने भारत की पहली हाई-एल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ सफारी शुरू करने का फैसला लिया है. तो आइए जानते हैं कि लद्दाख में शुरू होने वाली भारत की पहली हाई-एल्टीट्यूड सफारी में क्या खास है. लद्दाख प्रशासन ने ऊंचाई वाले संवेदनशील इलाकों में हो रही गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग और वन्यजीवों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए गाइडेड वाइल्डलाइफ सफारी शुरू करने का फैसला लिया है. इसके तहत उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने स्नो लेपर्ड और बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स पर गाइडेड जीप सफारी को मंजूरी दी है. इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल टूरिज्म को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को संरक्षण और रोजगार से जोड़ना है. अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला हाल ही में गठित स्नो लेपर्ड एंड हाई-एल्टीट्यूड नेचर (SHAN) कंजर्वेशन सोसाइटी की पहली गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिया गया. इस बैठक की अध्यक्षता उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने की. वन विभाग को काजीरंगा और रणथंभौर जैसे राष्ट्रीय उद्यानों की तर्ज पर गाइडेड जीप सफारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए खास डिजाइन वाली ओपन-बैक जीपों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें प्रशिक्षित स्थानीय ड्राइवर और गाइड संचालित करेंगे. सफारी के लिए वन विभाग को हेमिस नेशनल पार्क, चांगथांग, काराकोरम वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, नुब्रा, ज़ंस्कार, शाम, करगिल और द्रास जैसे वन्यजीवों से भरपूर इलाकों में संभावित रूट चिन्हित करने के लिए कहा गया है. ये क्षेत्र स्नो लेपर्ड और कई टेरय पक्षियों के लिए फेमस हैं. इस गाइडेड सफारी का मुख्य उद्देश्य गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग पर रोक लगाना और वन्यजीवों को होने वाली परेशानी को कम करना है. इसके साथ ही टूरिस्ट्स को सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल टूरिज्म का एक्सपीरियंस देना भी इस योजना का जरूरी लक्ष्य है. इस पहल के तहत ऐसा मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसमें स्थानीय समुदाय लद्दाख के नाजुक इकोसिस्टम की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे. साथ ही संरक्षण से जुड़े टूरिज्म के जरिए उन्हें आर्थिक लाभ भी मिलेगा. उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि लद्दाख की अनोखी वन्यजीव संपदा और ऊंचाई वाले नाजुक प्राकृतिक क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं. संरक्षण तभी सफल होगा, जब स्थानीय लोग इसमें बराबर की भागीदारी निभाएं और उन्हें इससे आर्थिक फायदा भी मिले. सोनम वांगचुक ने दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत में किया सफर, बोले- इंडियन रेलवे पर गर्व इस योजना के तहत 20 स्थानीय युवाओं का चयन किया जाएगा. उन्हें बर्ड वॉचिंग, पक्षियों की पहचान और उन्हें खोजने से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा उन्हें दूरबीन भी उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख क्षेत्रों में 10 बर्ड वॉचिंग हाइड्स भी बनाई जाएंगी. लद्दाख भारत में स्नो लेपर्ड का सबसे बड़ा आवास है, जहां देश के अनुमानित 718 में से 477 हिम तेंदुए पाए जाते हैं. यहां 38 से ज्यादा स्तनधारी, करीब 340 पक्षियों और लगभग 1,800 पौधों की प्रजातियां भी मौजूद हैं, इसलिए इसे जरूरी जैव-विविधता क्षेत्र माना जाता है. इस योजना के तहत स्थानीय युवाओं को गाइड की ट्रेनिंग दी जाएगी, महिला कारीगरों को बढ़ावा मिलेगा और 40 गांवों में 300 रंग-कोड वाले कूड़ेदान, पोर्टेबल डस्टबिन और प्लास्टिक-मुक्त टूरिज्म अभियान जैसे संरक्षण उपाय भी शुरू किए जाएंगे. UNESCO की लिस्ट में सारनाथ शामिल, जानें भारत की 10 खास जगहें
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Dainik Jagran
Aug 6, 2026, 02:09 PM
मानसून राहत देता है, लेकिन आंखों की समस्याएं भीः रोकथाम महत्वपूर्ण है

मानसून राहत देता है, लेकिन आंखों की समस्याएं भीः रोकथाम महत्वपूर्ण है

मानसून की पहली बौछारें तीव्र गर्मी से राहत तो लाती हैं, लेकिन अपने साथ आंखों की परेशानियां भी बढ़ा देती हैं। हर साल चिकित्सालयों में यह क्लिनिकल पैटर्न दोहराया जाता है- जैसे ही पहली बारिश होती है, क्लीनिकों में आंखों का लाल होना, खुजली और संक्रमण के मामले अचानक बढ़ने लगते हैं। एक अनुभवी चिकित्सक के रूप में मेरा मानना है कि इनमें से अधिकांश समस्याओं को केवल सही बचाव से रोका जा सकता है। जब तक आप यह जानते हैं कि किन लक्षणों पर नजर रखनी है, तब तक आपको भयभीत होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। इस मौसम की अत्यधिक उमस भरी हवा बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल तैयार करती है। रास्तों पर जमा पानी, जलभराव वाली सड़कें और नम सतहें इन कीटाणुओं की मुख्य वाहक बन जाती हैं। कई लोग बारिश में भीगने के बाद अनजाने में बिना धुले गंदे हाथों से अपनी आंखें मल लेते हैं। आपकी यही एक आदत मानसून में फैलने वाले कंजंक्टिवाइटिस के अधिकांश मामलों के लिए ज़िम्मेदार होती है। सेहत के लिए आपकी कुंडली क्या कहती है — जानें बिल्कुल मुफ्त कंजंक्टिवाइटिस को आम बोलचाल में अक्सर "पिंक आई", "मद्रास आई" या "जोया बांग्ला" भी कहा जाता है। इसके क्लिनिकल लक्षणों में आंखों का अत्यधिक लाल होना, किरकिरापन महसूस होना, आंखों से डिस्चार्ज होना और कभी-कभी पलकों में सूजन आना शामिल है। यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है। स्कूल, कार्यालय और भीड़भाड़ वाले घर इसके मुख्य हॉटस्पॉट होते हैं, क्योंकि यह संक्रमित हाथों, साझा तौलियों और यहां तक कि दरवाजे के हैंडल के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित होती है। यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते हैं, तो यह मौसम स्वच्छता के मामले में अत्यधिक कड़ाई बरतने का है। अपने लेंस को भूलकर भी नल के पानी या बारिश के पानी से न धोएं। यदि आंखों में थोड़ी सी भी जलन या असहजता महसूस हो, तो उस दिन लेंस न पहनें और आँखों को आराम दें। लेंस को छूने से पहले हमेशा अपने हाथों को अच्छी तरह साफ करें। मानसून में कॉर्निया का संक्रमण, जिसे फंगल और बैक्टीरियल केराटाइटिस कहते हैं, अत्यधिक आम हो जाता है। यदि आप इसे नजरअंदाज करते हैं, तो यह बहुत तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। इनमें से किसी भी चिकित्सकीय परिस्थिति से आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। दैनिक जीवन में लगातार अपनाई जाने वाली कुछ आदतें बहुत बड़ा अंतर ला सकती हैं। अपने हाथों को बार-बार धोएं। जब तक हाथ पूरी तरह साफ न हों, आंखों को छूने से बचें। यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो अपनी आंखों को कमीज की आस्तीन या किसी अन्य व्यक्ति के तौलिये से कभी न पोंछें। इसके स्थान पर केवल साफ डिस्पोजेबल टिश्यू का ही उपयोग करें। यदि एयर कंडीशनिंग और बाहर की उमस के कारण आंखें ड्राई महसूस हों , तो लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स अपने पास रखें। इस मौसम में काजल, आईलाइनर या आंखों का कोई भी मेकअप दूसरों के साथ साझा न करें, क्योंकि ये संक्रमण के प्रमुख वाहक होते हैं। यदि आप दृष्टि दोष के लिए चश्मा पहनते हैं, तो अपने साथ हमेशा एक साफ माइक्रोफाइबर कपड़ा रखें। लेंस पर गिरने वाली बारिश की बूंदें दृष्टि को पूरी तरह धुंधला कर देती हैं, और धुंधलापन आपको आंखें मलने के लिए उकसाता है। एक चिकित्सक के रूप में मैं आपको यही सलाह दूंगा कि आपको ठीक इसी परिस्थिति से बचना है। मानसून में होने वाली आंखों की अधिकांश सामान्य जलन बुनियादी स्वच्छता और पर्याप्त आराम से दो-चार दिनों में स्वतः ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ विशेष लक्षण दिखने पर आपको घर पर इंतजार करने के बजाय तुरंत एक नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए- जैसे आंखों से गाढ़ा पीला या हरा स्राव होना, मामूली जलन के स्थान पर तीव्र दर्द होना, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता होना, या दृष्टि का धुंधला हो जाना। यदि लक्षणों में 48 घंटों के बाद भी कोई सुधार न दिखे, तो बिल्कुल प्रतीक्षा न करें। मरीजों को एक और महत्वपूर्ण बात हमेशा याद रखनी चाहिए। पिछले किसी संक्रमण के समय बची हुई पुरानी आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल इस समय बिल्कुल न करें। विशेष रूप से स्टेरॉयड युक्त ड्रॉप्स बिना डॉक्टरी सलाह के डालने से फंगल इन्फेक्शन सहित कुछ विशिष्ट संक्रमण और अधिक बिगड़ सकते हैं। इस मौसम में किसी भी ड्रॉप का उपयोग करने से पहले हमेशा एक डॉक्टर से उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करवा लें। वयस्कों की तुलना में बच्चे इन संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। वे बार-बार अपनी आंखों को छूते हैं और स्वच्छता के निर्देशों का स्वयं पालन करने में पूरी तरह सक्षम नहीं होते। यदि आपके बच्चे के विद्यालय से कंजंक्टिवाइटिस फैलने की कोई भी सूचना मिलती है, तो लक्षण प्रकट होने से पहले ही उन्हें एहतियात के तौर पर एक या दो दिन के लिए घर पर ही रखें। बच्चों में हाथ धोने की प्रक्रिया को कभी-कभार याद दिलाना न बनाएं, बल्कि इसे उनकी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बनाएं। चिकित्सीय दृष्टिकोण से, मानसून में नेत्र सुरक्षा केवल कुछ बुनियादी आदतों पर निर्भर करती है- साफ हाथ, स्वच्छ तौलिए, आंखों के संपर्क में आने वाला शुद्ध पानी, और बीमारी बढ़ने का इंतजार करने के बजाय समय पर डॉक्टर को दिखाने की तत्परता। यदि आप ऐसा करते हैं, तो बारिश का यह मौसम वैसा ही बना रहेगा जैसा इसे होना चाहिए। एक सुखद अनुभव जिसका आप आनंद ले सकें, न कि कोई ऐसी आपदा जिससे आपकी आंखों को उबरने की आवश्यकता पड़े। मानसून में नहीं रखा 7 बातों का ध्यान, तो आसानी से हो जाएंगे Eye Infection का शिकार मानसून में बढ़ जाता है Eye Infection का खतरा, बचाव के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी टिप्स
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Aaj Tak
Aug 6, 2026, 01:57 PM
E3 Electric.Ai ने एक्सेसिबल फैमिली ईवीः E3 ट्रियन इलेक्ट्रिक स्कूटर का अनावरण किया

E3 Electric.Ai ने एक्सेसिबल फैमिली ईवीः E3 ट्रियन इलेक्ट्रिक स्कूटर का अनावरण किया

बेंगलुरु बेस्ड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्टार्टअप ई3 इलेक्ट्रिक.एआई (E3 Electric.Ai) ने अपना नया स्कूटर लॉन्च किया है. ब्रांड ने ई3 ट्रिऑन को पेश किया है, जिसे कंपनी एक्सेसेबल फैमिली ईवी बता रही है. ये इलेक्ट्रिक स्कूटर तीन वेरिएंट में आता है. इनमें अलग-अलग बैटरी और दूसरे फीचर्स मिलेंगे. कंपनी की मानें, तो इस स्कूटर में एआई बेस्ड प्रीडेक्टिव फीचर्स मिलेंगे. इसके अलावा स्कूटर मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है, जो इसे दूसरों से अलग बनाता है. आइए जानते हैं इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत और दूसरी खास बातें. ई3 इलेक्ट्रिक.एआई ट्रिऑन की कीमत 1 लाख रुपये एक्स शोरूम बेंगलुरु से शुरू होती है. ये स्कूटर तीन वेरिएंट्स- सी1, सी1 एक्स और सी2 में आता है. इसे 6 कलर ऑप्शन- सोलर रेड, मिस्ट ग्रीन, ग्रेफाइट ग्रे, नोवा ब्लू, टील ब्लू और लूना वॉइट में खरीदा जा सकता है. सी1 की कीमत 99,999 रुपये एक्स शोरूम है. वहीं सी1 एक्स की कीमत 1.10 लाख रुपये एक्स शोरूम है, जबकि टॉप वेरिएंट सी2 की कीमत 1.20 लाख रुपये एक्स शोरूम है. इनकी प्रीबुकिंग बेंगलुरु में शुरू हो चुकी है. कंपनी इस पर एक्सटेंटेड वारंटी भी ऑफर कर रही है. ये वारंटी 8 साल या 1 लाख किलोमीटर तक के लिए होगी. बेस वेरिएंट यानी सी1 में रिमूवेबल 2.3kWh की एलएफपी (लिथियम आयरन फॉस्फेट) बैटरी मिलती है. वहीं सी1 एक्स और सी2 में 3kWh की बड़ी बैटरी मिलती है, जो फिक्स यूनिट होगी. यानी इस बैटरी को आप स्कूटर से रिमूव नहीं कर पाएंगे. तीनों ही वेरिएंट्स में पीएमएसएम (परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर) हब मोटर मिलती है. हालांकि, कंपनी ने मोटर की परफॉर्मेंस की जानकारी नहीं दी है. ब्रांड की मानें, तो सी1 एक्स की आईडीसी क्लेम्ड रेंज 165 किलोमीटर है. कंपनी ने सी1 की रेंज का खुलासा नहीं किया है. वहीं टॉप वेरिएंट सी2 की टॉप स्पीड 82 किलोमीटर प्रति घंटे की है. ये सिर्फ 6 सेकंड में 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है. सी1 और सी1 एक्स में इको और पावर मोड मिलता है. वहीं सी2 में कंपनी ने स्पोर्ट मोड भी दिया है. स्कूटर में 14 इंच के वील्स मिलते हैं. फीचर्स की बात करें, तो ये स्कूटर एआई इंटेलिजेंस के साथ आता है. कंपनी इसे भारत में पहला एआई पावर्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर बता रही है. इसमें ई3 कमांड सेंटर फीचर मिलेगा, जो व्हीकल और क्लाउड डेटा का इस्तेमाल स्कूटर को मॉनिटर करने के लिए करेगा. इसके आधार पर स्कूटर सर्विस और डायग्नॉसिस अलर्ट जारी करेगा. इसमें 5 इंच का एलसीडी डिस्प्ले मिलता है. इसमें ट्रिपसेंस सिस्टम दिया गया है, जो राइडर के फोन से कनेक्ट होकर कई जानकारी देगा. इसमें नेविगेशन, चार्जर लोकेशन के साथ ट्रिप प्लानर, रिमोट बैटरी मॉनिटरिंग, व्हीकल कंट्रोल, जियोफेंसिंग, एसओएस असिस्टेंट और डैशकैम जैसे फीचर्स मिलेंगे. ये स्कूटर सिर्फ 10 सेकंड में व्हीकल को डायग्नॉसिस कर सकता है.
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 01:51 PM
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रेवाड़ी में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रेवाड़ी में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

रेवाड़ी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुढ़पुर में पर्यावरण जागरूक अभियान समिति के तत्वावधान में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के जिला महासचिव हरेन्द्र यादव ने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ मानव जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से मानसून के दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में वन विभाग अधिकारी दीपक नंदा, सरपंच मोनिका यादव, वन दरोगा अजय यादव, महेश फौजी, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण का संकल्प लिया। संवाद
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Aug 6, 2026, 01:39 PM
भारतीय डाक विभाग ने'धरती माता को एक पत्र'लेखन प्रतियोगिता शुरू की

भारतीय डाक विभाग ने'धरती माता को एक पत्र'लेखन प्रतियोगिता शुरू की

डाक अधीक्षक गंगा सिंह राणा ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय एक चिट्ठी धरती मां के नाम : प्रकृति की रक्षा मेरा वादा निर्धारित किया गया है। प्रतियोगिता दो आयु वर्ग 18 तक और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बीच आयोजित की जा रही है। प्रतिभागी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में अंतर्देशीय पत्र कार्ड वर्ग पर अधिकतम 500 शब्द और लिफाफा वर्ग ए-4 साइज के कागज पर अधिकतम 1000 शब्द में अपने विचार केवल हस्तलिखित पत्र के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं।प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को परिमंडलीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 25 हजार, द्वितीय 10 हजार और तृतीय पुरस्कार पांच हजार रुपये और राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार, द्वितीय पुरस्कार 25 हजार और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये नकद प्रदान किए जाएंगे। प्रतिभागी अपनी हस्तलिखित प्रविष्टियां अंतर्देशीय पत्र और सादे लिफाफे में किसी भी डाकघर या कार्यालय अधीक्षक डाकघर टिहरी मंडल नई टिहरी को भेज सकते हैं। संवाद
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Aug 6, 2026, 01:36 PM
दोईवाला में नगरपालिका ने एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर नकेल कसी, सात दुकानदारों पर जुर्माना लगाया

दोईवाला में नगरपालिका ने एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर नकेल कसी, सात दुकानदारों पर जुर्माना लगाया

डोईवाला। नगर पालिका की ओर से बृहस्पतिवार को चलाए गए विशेष अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सघन अभियान चलाकर सात दुकानदारों पर कार्रवाई कर 12 हजार 800 का जुर्माना वसूला गया। बृहस्पतिवार को नगर पालिका की टीम ने डोईवाला में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करते पाए गए सात दुकानदारों के विरुद्ध 12800 का जुर्माना वसूला गया। पालिका प्रशासन को सूचना मिल रही थी कि प्रतिबंध के बावजूद सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग हो रहे है। ऐसे में नगर पालिका ने यह कार्रवाई की। व्यापारियों और आम नागरिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की गई है। नगर पालिकाो मुख्य सफाई निरीक्षक सचिन सिंह रावत ने बताया कि सात दुकानदारों से 12,800 जुर्माना वसूला गया है। भविष्य में इस्तेमाल नहीं करने को लेकर सख्त निर्देश दिए गए है। बताया कि पालिका प्रशासन ऐसे अभियान चलातार जारी रखेगा।
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Aug 6, 2026, 01:28 PM
रेवाड़ी जिला अचानक बारिश से प्रभावित, यातायात जाम की सूचना मिली

रेवाड़ी जिला अचानक बारिश से प्रभावित, यातायात जाम की सूचना मिली

रेवाड़ी। जिले में वीरवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई बारिश लगभग 11 बजे तक जारी रही। शहर के कई हिस्सों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी हुई। मुख्य सड़कों, बाजारों और निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई और आवागमन में दिक्कतें आईं।दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कार्यालय, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को भी अतिरिक्त समय लगा। दोपहर बाद सड़कों से पानी निकल गया। मौसम विभाग के अनुसार, वीरवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान कम होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।विज्ञापनजिले में अलग-अलग स्थानों पर वर्षा रिकॉर्ड की गई। नाहड़ क्षेत्र में सबसे अधिक 20 मिलीमीटर बारिश हुई। धारूहेड़ा में 16 मिमी, बावल में 15 मिमी, दहिना और कोसली में 14-14 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रेवाड़ी में 12 मिमी, पल्हावास में 11 मिमी और मनेठी में 7 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। आगामी दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
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Aug 6, 2026, 12:34 PM
एनजीटी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध वाहन धुलाई केंद्रों पर नकेल कसी

एनजीटी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध वाहन धुलाई केंद्रों पर नकेल कसी

-रिपोर्ट में नोएडा के वॉशिंग सेंटरों में बड़े पैमाने पर पानी की बर्बादी का मुद्दा उठाया गया थाअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली।नोएडा और ग्रेटर नोएडा में चल रहे अवैध वाहन धुलाई केंद्रों पर कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। साथ ही उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और उत्तर प्रदेश भूजल विभाग से इन केंद्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामले की सुनवाई एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने की। यह मामला एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें नोएडा के वॉशिंग सेंटरों में बड़े पैमाने पर पानी की बर्बादी का मुद्दा उठाया गया था।एनजीटी के पहले आदेश के बाद गौतमबुद्ध नगर जिले में वाहन धुलाई केंद्रों की जांच की गई। भूजल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 193 वाहन धुलाई केंद्र मिले। इनमें 55 केंद्र औद्योगिक क्षेत्रों में और 138 केंद्र गैर-औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित मिले। रिपोर्ट में बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों के 55 केंद्रों में से 14 के पास जरूरी अनुमति मिली हुई है, जबकि 12 ने अनुमति के लिए आवेदन किया है। वहीं, 23 केंद्र ऐसे पाए गए जिन्होंने न तो अनुमति ली और न ही आवेदन किया। इन केंद्रों पर उत्तर प्रदेश भूजल कानून के तहत दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाने का फैसला किया है।विज्ञापनगैर-औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे 138 वाहन धुलाई केंद्रों पर भी कार्रवाई की गई है। यूपीपीसीबी ने बिजली कनेक्शन काटने के लिए बिजली विभाग को पत्र भेजे थे। सुनवाई के दौरान बोर्ड ने बताया कि इनमें से 100 केंद्रों के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। हालांकि, एनजीटी ने पाया कि रिपोर्ट में कुछ केंद्रों की जानकारी अधूरी है। यूपीपीसीबी के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वाहन धुलाई केंद्रों की संख्या 204 है, जबकि रिपोर्ट में केवल 193 केंद्रों का विवरण दिया गया है। इस अंतर पर एनजीटी ने पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने दोनों विभागों को चार सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर 2026 को होगी।
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Aug 6, 2026, 12:19 PM
रेवाड़ी नगर परिषद ने उच्च न्यायालय की सुनवाई से पहले आवासीय क्षेत्र में वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया

रेवाड़ी नगर परिषद ने उच्च न्यायालय की सुनवाई से पहले आवासीय क्षेत्र में वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया

रेवाड़ी। हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले रेवाड़ी नगर परिषद ने टीपी स्कीम कॉलोनी के रिहायशी क्षेत्रों में चल रही सात व्यावसायिक दुकानों और गोदामों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध रूप से कारोबार करने वालों में अफरा-तफरी मच गई।नगर परिषद ने सील किए गए प्रतिष्ठानों पर नोटिस भी चस्पा किए हैं। इसमें सील तोड़ने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। टीपी स्कीम के तहत विकसित रिहायशी कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है। इन नियमों का उद्देश्य निवासियों को किसी भी परेशानी से बचाना है। इसके बावजूद कई स्थानों पर दुकानें और गोदाम संचालित हो रहे थे।विज्ञापनटीपी स्कीम कॉलोनी निवासी प्रेमलता ने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। हाईकोर्ट ने प्रेमलता बनाम हरियाणा सरकार मामले में सुनवाई करते हुए नगर परिषद को 10 अगस्त को स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इन निर्देशों के बाद नगर परिषद के अधिकारी सक्रिय हुए और टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। सील किए गए प्रतिष्ठानों में एक बिजली की दुकान और गोदाम भी शामिल हैं।
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Aug 6, 2026, 12:14 PM
नीलकंठ कांवड़ यात्रा के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी

नीलकंठ कांवड़ यात्रा के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी

-मौसम विभाग के अलर्ट से दहशत, कांवड़ यात्रा के चलते प्रशासन अलर्ट-नीलकंठ कांवड़ यात्रा के बीच प्रशासन अलर्ट, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी- मानसून की मार जारी, बारिश से राहत भी और चिंता भी- बैरागढ़, जुलेड़ी, बिंजाखेत समेत कई संवेदनशील गांवों में बढ़ी चिंता, यात्रा मार्ग पर जेसीबी तैनात कर निगरानी तेज- 25 जून के बाद से लगातार बारिश, अगस्त में भी नहीं थमा सिलसिलायमकेश्वर। लगातार हो रही बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 25 जून के बाद जुलाई में लगभग हर दिन हुई बारिश के बाद अब अगस्त में भी लगातार बरसात जारी है। मौसम विभाग की ओर से मोबाइल पर भेजे जा रहे भारी बारिश के सतर्कता संदेशों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।लगातार हो रही बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं, पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के कारण चट्टान खिसकने और मार्ग प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोग भी सतर्कता बरत रहे हैं। नीलकंठ कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन यात्रा मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है। नीलकंठ यात्रा मार्ग पर संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मलबा हटाकर मार्ग सुचारु किया जा सके। पुलिस और प्रशासन की टीमें भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लगातार नजर बनाए हुए हैं।विज्ञापनइन गांवों में सबसे ज्यादा डरबीते कई वर्षों में हुए भूस्खलन व बादल फटने जैसी घटनाओं से बैरागढ़, जुलेड़ी, बिंजाखेत, देवराना, भूमिया की सार, कसान, बिरकाटल आदि गांवों में नुकसान हुआ है। अब फिर लगातार हो रही बारिश ने इन गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जुलेड़ी, बिंजाखेत, देवराना आदि गांवों में पिछले 3 वर्षों मं हुई बारिश में कई जगहों पर भू-धंसाव हुआ है। वर्ष 2023 की बरसात में जुलेड़ी में तीन मकान जमींदोज हुए थे।विज्ञापनबैरागढ़ गांव सबसे संवेदनशीलबैरागढ़ गांव ने सबसे ज्यादा दंश झेले हैं। 15 जून 2014 की बरसात में गांव को भारी नुकसान हुआ था। तब आधे दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए थे और कई पशु मलबे में दब कर मर गए थे। बैरागढ़ गांव के ठीक ऊपर स्थित कुत्ता काटली गदेरे में बरसात के दौरान भारी मात्रा में मलबा और पानी आता है, जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। बैरागढ़ गांव में वर्ष 2019 में आए मलबे में मकान दबे थे। वर्ष 2023, 2024 और 2025 की बरसात में कुत्ता काटली गदेरे में आए मलबे और पानी से गांव में स्थित रिजॉर्टों को भी नुकसान पहुंचा था। बाढ़ की दृष्टि से इसे अति संवेदनशील गांवों में गिना जाता है।- संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। भारी बारिश के दौरान आपदा राहत टीमों को सतर्क मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ एवं आपदा प्रभावित गांवों में अधिक सतर्कता रखने की अपील करते हैं।- चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर
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Aug 6, 2026, 12:11 PM
एनजीटी ने अवैध कारखानों पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

एनजीटी ने अवैध कारखानों पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

अमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली।राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में कथित अवैध और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के निरीक्षण को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा है। एनजीटी अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव और विशेष सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने पुलिस आयुक्त को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही, सवाल किया कि यदि किसी फैक्ट्री या परिसर पर बाहर से ताला लगा हो और अंदर अवैध गतिविधियां चलने की आशंका हो, तो ऐसे स्थान का निरीक्षण किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर 2026 को होगी। यह निर्देश वरुण गुलाटी बनाम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान दिए।सुनवाई में जाफराबाद थाना प्रभारी (एसएचओ) की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया कि 31 अक्तूबर 2025 को एमसीडी, डीपीसीसी, बीएसईएस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने घोंडा और अरविंद नगर इलाके में तीन स्थानों का निरीक्षण करने की कोशिश की थी, लेकिन सभी जगहों पर ताले लगे होने के कारण जांच नहीं हो सकी। हलफनामे में यह भी कहा गया कि कई बार फैक्ट्री मालिक जानबूझकर परिसर बंद कर देते हैं और निरीक्षण टीम को अंदर नहीं जाने देते। कई मामलों में लोग विरोध करते हैं, भीड़ इकट्ठा कर लेते हैं और अधिकारियों के काम में बाधा डालते हैं। एसएचओ ने बताया कि कुछ मामलों में ताला तोड़कर अंदर जाने पर विचार किया गया, लेकिन स्पष्ट कानूनी अनुमति या दिशा-निर्देश नहीं होने के कारण ऐसा नहीं किया गया।विज्ञापनसुनवाई के दौरान पीठ ने दिल्ली पुलिस के वकील से पूछा कि ऐसी स्थिति में ताला तोड़कर निरीक्षण करने की अनुमति किस अधिकारी से ली जाती है। वकील इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया कि बाहर से बंद परिसरों में, जहां अवैध गतिविधियां होने का संदेह हो, वहां निरीक्षण और कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया क्या है। एसएचओ ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने संयुक्त निरीक्षण में पूरा सहयोग किया था। पुलिस अधिकारियों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से इन्कार करने का आरोप गलत है। साथ ही, बताया गया कि दिसंबर 2025 में बीएसईएस की टीम के निरीक्षण के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में एक एफआईआर भी दर्ज की गई थी, जिसकी जांच जारी है।
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Aug 6, 2026, 11:53 AM
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 7 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने की भविष्यवाणी की है

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 7 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने की भविष्यवाणी की है

राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में जारी हल्की से मध्यम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. 7 अगस्त के लिए जारी किए गए मौसम के पूर्वानुमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि इस दिन भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और पूरे दिन अलग-अलग समय पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. IMD ने शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है. कल के लिए किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को नोएडा में आसमान में काले बादल छाए रहेंगे. आंधी-तूफान की भी संभावना है. 7 अगस्त 2026 को नोएडा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हवा में नमी करीब 90 रहेगी जिससे भयंकर उमस महसूस हो सकती है. नोएडा के लिए मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है. 7 अगस्त 2026 को गाजियाबाद का मौसम खुशनुमा रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को गाजियाबाद में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. हवा में नमी 90 प्रतिशत के उच्च स्तर पर रहेगी, जिससे बारिश के बावजूद उमस महसूस हो सकती है. IMD के अपडेट के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को गुरुग्राम के आसमान में घने बादल छाए रहेंगे. शुक्रवार को गुरुग्राम में रात में बारिश की संभावना है. गुरुग्राम प्रशासन ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. कल अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. फरीदाबाद के मौसम के बारे में अपडेट देते हुए IMD ने बताया है कि कल, शुक्रवार को आसमान बादलों से घिरा रहेगा और मूसलाधार बारिश की भी संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दोपहर और रात में बारिश होने की संभावना सबसे ज्यादा है. शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को मेरठ में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हवा में नमी लगभग 88 प्रतिशत रहेगी जिससे उमस महसूस हो सकती है. बारिश की संभावना 90 प्रतिशत तक है.
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Aug 6, 2026, 11:39 AM
भारी बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा, घाट जलमग्न

भारी बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा, घाट जलमग्न

श्रीनगर। बुधवार रात और ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बृहस्पतिवार को अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया और अल्केश्वर घाट जलमग्न हो गया। वहीं धारी देवी मंदिर से नीचे के पिलर भी जलमग्न हो गए। पुलिस, प्रशासन, सिंचाई विभाग और श्रीनगर बांध प्रबंधन ने नदी किनारे सतर्कता बढ़ा दी है।बृहस्पतिवार सुबह अलकनंदा नदी का जलस्तर 534.80 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि नदी अभी 535 मीटर के चेतावनी स्तर और 536 मीटर के खतरे के निशान से नीचे बह रही है। सिंचाई विभाग की ओर से नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। वहीं श्रीनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से नदी किनारे और घाटों पर निगरानी रखी जा रही है। लोगों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोका जा रहा है। संवाद
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Aug 6, 2026, 10:51 AM
रुपी बावा वन्यजीव अभयारण्य में तीसरी बार हिमालयी सेरो देखा गया

रुपी बावा वन्यजीव अभयारण्य में तीसरी बार हिमालयी सेरो देखा गया

हिमालयन सीरो बेहद शर्मीला और एकांतप्रिय वन्यजीव माना जाता है। यह सामान्यतः घने जंगलों और खड़ी पहाड़ी ढलानों में रहता है, इसलिए इसका खुले में दिखाई देना काफी दुर्लभ होता है। वन विभाग का मानना है कि इस रिकॉर्डिंग से रूपी भावा वन्यजीव अभयारण्य में समृद्ध जैव विविधता की एक बार फिर पुष्टि हुई है।विज्ञापनवन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, रूपी भावा वन्यजीव अभयारण्य में हिमालयन सीरो की मौजूदगी वर्ष 2019 में दर्ज की गई थी। इसके बाद वर्ष 2021-22 में रक्छम-चितकुल वन्यजीव अभयारण्य के रक्छम बीट क्षेत्र में भी इस दुर्लभ प्रजाति की रिकॉर्डिंग हुई थी। अब छोटा कम्बा क्षेत्र से मिली नई रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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Aug 6, 2026, 10:35 AM
उत्तर मध्य प्रदेश में मानसून ने मचाई भारी बारिश

उत्तर मध्य प्रदेश में मानसून ने मचाई भारी बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ रहा है. मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में तमाम सिनोप्टिक सिस्टम एक्टिव होने के कारण अगले 5 दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के उत्तरी जिलों में गर्जन, वज्रपात और भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटों में पश्चिम मध्य प्रदेश में बारिश छिटपुट रही. सबसे अधिक 60.0 मिलीमीटर (mm) बारिश मुरैना जिले में दर्ज की गई. सीहोर में सबसे तेज झोंकेदार हवाएं (37 किमी/घंटा) दर्ज की गईं. सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजगढ़ में 33.0°C दर्ज किया गया. वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश 'फेयरली वाइडस्प्रेड' यानी व्यापक रही. सबसे अधिक 75.0 mm भारी बारिश सीधी जिले में दर्ज की गई. इसके अलावा सिंगरौली और मैहर में भी भारी बारिश हुई. जबलपुर में सबसे तेज हवाएं 37 किमी प्रति घंटा और अधिकतम तापमान 32.7°C रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, वर्तमान में कई मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं. मीन सी लेवल ट्रफ फिरोजपुर, रोहतक, शाहजहांपुर, कानपुर और डाल्टनगंज से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली है. वहीं, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 5.8 किमी की ऊंचाई पर 73 डिग्री ईस्ट और 31 डिग्री नॉर्थ पर ट्रफ के रूप में बना हुआ है. इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और उत्तर ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं. मुरैना जिले के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' यानी अति भारी बारिश जारी किया गया है. वहीं भिंड, दतिया, ग्वालियर , टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली चमकने की उम्मीद है. श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़, छतरपुर और गुना जैसे जिलों में भारी वर्षा, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. ग्वालियर-चंबल संभाग और उज्जैन संभाग के उत्तरी जिलों में वर्षा होगी. गुना, राजगढ़, नीमच और मुरैना-भिंड में भारी बारिश की संभावना है. छतरपुर, पन्ना और नीमच जैसे जिलों में एक बार फिर भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा. विभाग ने आम जनता को आंधी, तूफान और भारी बारिश के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.
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Dainik Bhaskar
Aug 6, 2026, 10:31 AM
भारतीय शेयर बाजार में 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार में 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

शेयर बाजार में आज यानी 6 अगस्त को तेजी रही। सेंसेक्स 374 अंक चढ़कर 78,955 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंकों की बढ़त रही, ये 24,636 पर आ गया है। आज के कारोबार में बैंकिंग शेयरों में खरीदारी और रियल्टी शेयरों में गिरावट रही। रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी जूनिपर ग्रीन एनर्जी का शेयर NSE पर ₹245 और BSE पर ₹242 के भाव पर लिस्ट हुआ है। ये इसके ₹225 के इश्यू प्राइस से करीब 9% ज्यादा है। आईपीओ बोली लगाने के लिए 30 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक खुला था। इसके लिए प्राइस बैंड ₹214 से ₹225 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया था। इसे 7.97 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
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Aug 6, 2026, 10:24 AM
6 अगस्त को बारिश का पूर्वानुमानः राज्य भर में हल्की से भारी बारिश की संभावना

6 अगस्त को बारिश का पूर्वानुमानः राज्य भर में हल्की से भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 6 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है। 7 और 8 अगस्त को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। इसके बाद 9 से 11 अगस्त के बीच फिर से अधिकांश इलाकों में व्यापक वर्षा हो सकती है। इस अवधि में कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की आशंका भी जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी लगातार वर्षा का दौर बना रह सकता है।विज्ञापनलगातार बारिश के कारण भूस्खलन, मलबा गिरने और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। नदियों, खड्डों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। वहीं, पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने और दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
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Aug 6, 2026, 09:55 AM
भारी बारिश के कारण मरैया मल्हान में दीवार गिरने से घर ढह गए

भारी बारिश के कारण मरैया मल्हान में दीवार गिरने से घर ढह गए

बकेवर थाना क्षेत्र में गुरुवार भोर से चल रही बारिश के कारण मड़ैया मल्हन में ओमकार व संत कुमार निषाद के घरों के पिछेल भाग के कमरों की दीवार गिर गई। इससे कमरें में बैठी दोनों की बालिकाएं मलबे में दब गईं। मकान में काफी दरार भी आ गई। दोनों मकान अगल-बगल आसपास के लोगों ने पहुंचकर मलबे में दबी बालिकाओं जयंती (13 ), कल्पना (8) पुत्री ओमकार व रोहिती (17) पुत्री संत कुमार को सुरक्षित निकाल लिया।
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Aug 6, 2026, 09:41 AM
आदमी मवेशियों को चराने के लिए जंगल गया, विवरण अस्पष्ट

आदमी मवेशियों को चराने के लिए जंगल गया, विवरण अस्पष्ट

जानकारी के मुताबिक, रिगुनिया गांव के बांस तोक निवासी आन सिंह सामंत(52) बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे पशुओं को चराने जंगल जा रहे थे। घस से 200 मीटर दूर झाड़ियों से निकलकर भालू ने उन पर हमला कर दिया। दोनों में आपसी संघर्ष शुरू हो गया। भालू ने आन सिंह के बांये हाथ को मुंह में दबोच लिया। आन सिंह ने इसके बाद भी हौसला नहीं हारा। दांये हाथ में थामी दरातीं से उन्होंने भालू पर तीन वार किए। तीन मिनट तक चले संघर्ष में आन सिंह की जीत हुई और दराती के वार से घायल होकर भालू भाग खड़ा हुआ। ऐसे में आन सिंह की जान बच गई। हालांकि भालू ने तब तक उनके हाथ, पीठ और चेहरे पर गहरे घाव कर दिए।विज्ञापनसूचना पर ग्रामीणों ने उन्हें पीएचसी गोचर पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां उनका इलाज चल रहा है। पीएमस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि उनके शरीर पर भालू ने गहरे घाव किए हैं। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं दिनदहाड़े आबादी के नजदीक भालू के हमले की इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है।
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Aug 6, 2026, 09:31 AM
लुधियाना में बारिश के कारण सड़क की गुफाएं ढह गईं; राज्य के लिए मौसम का अलर्ट जारी

लुधियाना में बारिश के कारण सड़क की गुफाएं ढह गईं; राज्य के लिए मौसम का अलर्ट जारी

लुधियाना में लायंस भवन रोड पर बारिश के कारण सड़क धंसने से बीस फीट गहरा एवं तीस फीट चौड़ा गड्ढा बन गया। सड़क पर ईंटों से भरी ट्राली जा रही थी। ड्राइवर पानी पीने के लिए रुका तो सड़क धंसने लगी और ट्राली उसके बीच फंस गई।अब सड़क को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। निगम की टीमों ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया, ताकि इसे जल्द दुरुस्त किया जाए। यह गड्ढा इतना चौड़ा है कि सड़क के किनारे बनी मकान की बाउंड्री वाल तक पहुंच गया।विज्ञापनमानसून के कमजोर पड़ने से बुधवार को तापमान में 2.1 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने वीरवार से अगले छह दिन तक राज्य के अधिकतर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है।विज्ञापनराज्य में सबसे अधिक 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। बुधवार को दिन में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, लेकिन अधिकतर जगहों पर मौसम शुष्क बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी 0.3 डिग्री की वृद्धि हुई, जो सामान्य के करीब है। पठानकोट में सबसे कम 23.5 डिग्री न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जिलों में अगले दो दिन भारी बारिश भी हो सकती है। फिलहाल तापमान सामान्य के नजदीक बना हुआ है।अमृतसर का अधिकतम पारा 32.8 डिग्री और न्यूनतम 25.7 डिग्री रहा। लुधियाना में अधिकतम 34.0 डिग्री और न्यूनतम 27.0 डिग्री दर्ज किया गया। पटियाला का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री और न्यूनतम 26.8 डिग्री रहा। फाजिल्का में अधिकतम 37.1 डिग्री और फिरोजपुर में 36.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
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Aug 6, 2026, 09:27 AM
आपदा राहतः ई. आर. ओ. संतुष्टि संपत्ति के मामलों में प्राथमिकता लेती है

आपदा राहतः ई. आर. ओ. संतुष्टि संपत्ति के मामलों में प्राथमिकता लेती है

डॉ. पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में ईआरओ की संतुष्टि सबसे महत्वपूर्ण होगी। यदि किसी व्यक्ति का घर आपदा में बह गया है और बीएलओ व ईआरओ संतुष्ट हैं, तो नोटिस का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
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Aug 6, 2026, 09:25 AM
चाय की खेती के लिए आदर्श जलवायु स्थितियाँः रांची से एक अध्ययन

चाय की खेती के लिए आदर्श जलवायु स्थितियाँः रांची से एक अध्ययन

बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी रांची के डिपार्टमेंट ऑफ हार्टिकल्चर के हेड डॉ. संयत मिश्रा कहते हैं कि चाय की खेती के लिए गर्म और आर्द्र मौसम सबसे उपयुक्त होता है। इसके लिए मुख्य रूप से 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान, 150 से 250 सेमी वार्षिक वर्षा और मानसून का समय (जून से सितंबर) सबसे अच्छा माना जाता है। पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच सबसे अच्छा रहता है। वर्ष भर 150 से 250 सेंटीमीटर तक की भारी वर्षा आदर्श है। पानी का जमाव नुकसानदेह होता है, इसलिए ढलान वाली भूमि आवश्यक है। हवा में उच्च नमी (आर्द्रता) और सुबह का कोहरा या बादल चाय की पत्तियों के विकास में मदद करते हैं। जून से सितंबर माह के बीच मिट्टी में पर्याप्त नमी होती है, जिससे चाय के नए पौधों या कटिंग को लगाने के लिए यह सबसे सही समय माना जाता है। नियमित अंतराल में वर्षापात हो ताकि मिट्टी और वातावरण में पर्याप्त नमी बनी रहे। ये सारी विशेषताएं पूर्व में रांची और आसपास के जिलों में थी, जिस कारण चाय की खेती यहां अच्छी होती थी। जैसे-जैसे मौसम और वातावरण में बदलाव हुआ किसान चाय की खेती से मुंह मोड़ने लगे। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद कहते हैं कि आज से 30 से 35 वर्ष पूर्व तक रांची का मौसम सुहाना रहता था। यहां का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से कभी बढ़ा नहीं, यही कारण है कि यहां के वातावरण में पर्याप्त नमी, हरियाली के कारण बादल का संघनन होता था और प्रतिदिन थोड़ी बहुत वर्षा होती थी। उस समय तक शहरीकरण का दौर रफ्तार नहीं पकड़ा था तो मिट्टी में भी पर्याप्त नमी रहती थी। जैसे-जैसे कांक्रीट शहर बनने लगा वैसे वैसे तपिश भी बढ़ी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार होने लगा। यद्यपि, आज भी स्थिति उतनी विषम नहीं है, आप देख सकते हैं कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षापात कम हुआ है लेकिन रांची और आसपास के जिलों में नियमित अंतराल में वर्षा हो रही है। यहां का इकोसिस्टम ही कुछ ऐसा है कि थोड़ी बहुत वर्षापात हाेने के बाद तापमान गिर जाता है और वातावरण में नमी घुल जाती है। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और सिमटती हरियाली के कारण पिछले 15 से 20 वर्षों में रांची के मौसम में बदलाव अवश्य आया है।
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Aug 6, 2026, 09:18 AM
बिहार का बेतिया-गोपालगंज मार्ग भारी बारिश के कारण खतरनाक हो गया है।

बिहार का बेतिया-गोपालगंज मार्ग भारी बारिश के कारण खतरनाक हो गया है।

बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बेतिया-गोपालगंज मुख्य सड़क मार्ग पर आवागमन बेहद खतरनाक हो गया है। नौतन के मच्छरगांवा के पास बारिश के कारण दो अलग-अलग जगहों पर पुलिया का एप्रोच धंस गया है। सड़क के ठीक बीचों-बीच बड़े और गहरे गड्ढे बन जाने से वाहन चालकों और यात्रियों के लिए बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद पुलिया का संपर्क पथ अचानक धंस गया। एप्रोच रोड धंसने की वजह से सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे बाइक सवारों के गिरने और चोटिल होने की आशंका बढ़ गई है। बेतिया-गोपालगंज मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, जिन्हें अब काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की स्थिति जर्जर होने के कारण चालकों को गाड़ियां निकालते समय बेहद सतर्कता बरतनी पड़ रही है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने की वजह से रात के समय यह धंसा हुआ हिस्सा चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन से इस खतरनाक गड्ढे को भरने और मरम्मत की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी गिरधारी लाल ने बताया कि पुलिया धंसने की सूचना मिल चुकी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित कार्यपालक विभाग को पत्र भेजकर एप्रोच रोड की तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया जा रहा है।प्रशासन की ओर से टीम भेजकर जल्द से जल्द मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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Aug 6, 2026, 09:04 AM
वित्तीय समृद्धि के लिए वास्तु युक्तियाँः फर्नीचर को सही तरीके से रखना

वित्तीय समृद्धि के लिए वास्तु युक्तियाँः फर्नीचर को सही तरीके से रखना

वास्तु शास्त्र में घर की हर एक चीज और उसकी सही दिशा का सीधा असर हमारी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.अक्सर हम सुविधा या खूबसूरती के चक्कर में घर में सोफा, टीवी और फ्रिज जैसी भारी चीजें गलत दिशा में रख देते हैं.वास्तु के जानकारों के अनुसार, जब ये चीजें गलत जगह पर रखी जाती हैं, तो घर में वास्तु दोष उत्पन्न होता है, जो धीरे-धीरे बरकत रोक देता है और व्यक्ति को कर्ज या पैसों की तंगी का सामना करना पड़ सकता है.अगर आप भी चाहते हैं कि माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहने के साथ घर में पैसों की आवक बढ़ती रहे, तो इन चीजों को रखने की सही दिशा जरूर जान लें: घर के लिविंग रूम में रखा जाने वाला सोफा या भारी फर्नीचर हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए.वास्तु में इसे भारी सामान के लिए सबसे स्थिर और शुभ स्थान माना गया है.इसके अलावा, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जब घर के मुखिया या मेहमान सोफे पर बैठें, तो उनका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.उत्तर और पूर्व दिशा को धन और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, जिससे आय के नए रास्ते खुलते हैं और आर्थिक संपन्नता आती है. मनोरंजन का साधन माना जाने वाला टीवी भी आपके घर की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है.वास्तु के अनुसार, टीवी को हमेशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) या दक्षिण दिशा में रखना सबसे उत्तम माना जाता है.आग्नेय कोण ऊर्जा का केंद्र होता है.वहीं, भूलकर भी टीवी को उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या उत्तर दिशा में न रखें.उत्तर दिशा में इलेक्ट्रॉनिक सामान का भारी दबाव होने से धन का आगमन रुक जाता है और बेवजह के खर्च बढ़ने लगते हैं. किचन या डाइनिंग एरिया में रखा जाने वाला फ्रिज हमारे खान-पान और सुख-समृद्धि से जुड़ा होता है.फ्रिज को हमेशा दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) या दक्षिण दिशा में रखना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे घर में स्थिरता आती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है.वहीं, फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में नहीं रखना चाहिए.ईशान कोण में फ्रिज रखने से घर का वास्तु दोष गहराता है, जिससे पैसों की तंगी, कर्ज और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है.
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Aug 6, 2026, 08:35 AM
वन अधिकारी बाराचवार में घटना स्थल पर पहुंचे

वन अधिकारी बाराचवार में घटना स्थल पर पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही बाराचवर क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी अवधेश सिंह के निर्देशन में वनरक्षक अरविंद यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाते हुए करीब ढाई फीट लंबे चितर प्रजाति के सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान कार्यालय परिसर में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।विज्ञापनवनरक्षक अरविंद यादव ने बताया कि पकड़े गए सांप को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ने के लिए वनदेवी वन क्षेत्र में ले जाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। सांप के रेस्क्यू के दौरान कुछ समय के लिए भूलेख कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद कार्यालय में कार्य फिर से शुरू हो गया।
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Aug 6, 2026, 08:33 AM
मॉनसून जारी रहने से यूपी में भारी बारिश की संभावना

मॉनसून जारी रहने से यूपी में भारी बारिश की संभावना

UP Weather Update: यूपी में मानसून का असर लगातार बना हुआ है. पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र ने 7 अगस्त के मौसम को लेकर नया पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके चलते लोगों को जलभराव, फिसलन और बिजली गिरने जैसी परिस्थितियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है. आईएमडी के डे-5 फोरकास्ट (7 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 8 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक) के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश होगी. हालांकि सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और उससे लगे इलाकों में देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान में कुछ जिलों को भारी बारिश वाले क्षेत्र में रखा गया है. आईएमडी के मुताबिक प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, अमेठी और सुल्तानपुर में भारी बारिश की संभावना सबसे अधिक है. इन जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश होने की स्थिति बन सकती है. ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. जारी वर्षा पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां पश्चिमी जिलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है. वाराणसी मंडल, प्रयागराज मंडल और विंध्य क्षेत्र में बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है. प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और वाराणसी में कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. वहीं जौनपुर, अमेठी, सुल्तानपुर और संत रविदास नगर में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं. आईएमडी के वर्षा पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि भारी बारिश का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वांचल के चुनिंदा जिलों में रहने का अनुमान है. मानसून की सक्रियता के कारण पूरे प्रदेश में मौसम सुहावना बना रह सकता है. लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से तापमान में भी राहत महसूस होगी. आईएमडी के चेतावनी मानचित्र में पूर्वांचल के जिन जिलों को येलो अलर्ट श्रेणी में रखा गया है, वहां लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी. विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए. यदि कहीं जलभराव हो तो उसमें वाहन ले जाने से बचें. मानसून की यह बारिश धान और खरीफ की अन्य फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है. हालांकि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी, वहां खेतों में पानी भरने की आशंका भी रहेगी. ऐसे में किसानों को जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत होगी ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे. भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें. बिजली चमकने पर खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों. जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. वाहन धीमी गति से चलाएं और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें. आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान से साफ है कि उत्तर प्रदेश में मानसून अभी कमजोर पड़ने वाला नहीं है. अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है, जबकि बाकी जिलों में रुक-रुककर बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है.
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Aug 6, 2026, 08:29 AM
गंगा नदी के पास नदी में डूबने से किशोर की मौत

गंगा नदी के पास नदी में डूबने से किशोर की मौत

इसी दौरान शेखर उर्फ पेटू (17) पुत्र दिनेश धरीकर, निवासी मनौरी, गंगा किनारे कटान वाले हिस्से में बने नाले के तेज बहाव में बहकर डूब गया। सूचना मिलते ही पूरामुफ्ती पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से जाल डालकर काफी देर तक किशोर की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। पूरामुफ्ती थाना अविनाश सिंह ने बताया कि किशोर की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। उसके मिलने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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Aug 6, 2026, 08:05 AM
मौसम सुहावना होने से घाटमपुर में यातायात प्रभावित

मौसम सुहावना होने से घाटमपुर में यातायात प्रभावित

ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों के दौर ने पूरे इलाके का मौसम सुहाना कर दिया है। लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर भी साफ दिखने लगा है। घाटमपुर कस्बे की मुख्य सर्विस रोड पर भारी जलभराव हो गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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Aug 6, 2026, 07:58 AM
गंभीर रूप से लुप्तप्राय तेंदुए को सुरक्षा के लिए रानीपुर बाघ अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया

गंभीर रूप से लुप्तप्राय तेंदुए को सुरक्षा के लिए रानीपुर बाघ अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया

लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क (गौरीफंटा बफर जोन) के बेलराया वन रेंज से पकड़ी गई एक बेहद खूंखार मादा तेंदुआ को सुरक्षित चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर दिया गया है। लखीमपुर नेपाल बॉर्डर से पिकअप गाड़ी के जरिए पिंजरे में कैद कर लाई गई मादा तेंदुआ को गुरुवार सुबह रानीपुर टाइगर रिजर्व के मानिकपुर प्रथम स्थित कल्याणपुर बीट (चवरी बॉर्डर) के जंगलों में स्वछंद विचरण के लिए छोड़ दिया गया।
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Aug 6, 2026, 07:08 AM
मानसून के सक्रिय होने से दिल्ली में बारिश की संभावना

मानसून के सक्रिय होने से दिल्ली में बारिश की संभावना

-NCR के कुछ इलाकों में गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। झमाझम हुई इस बारिश से पिछले कुछ दिनों से महसूस हो रही उमस से भी राहत मिली और मौसम में थोड़ी ठंडक आई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अभी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिल्ली के कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। IMD के अनुसार, उत्तर भारत में मॉनसून सक्रिय है और अनुकूल स्थितियों के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होते रहने की उम्मीद है। IMD के अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गरज-चमक और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें, खासकर उन इलाकों में जहां जलजमाव की समस्या हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। IMD ने कहा कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-NCR में मॉनसून की सक्रिय स्थिति बनी रहने की संभावना है। सुबह-सुबह शहर के कई हिस्सों में बारिश की खबर मिली। रफी मार्ग, रायसीना रोड, फिरोजशाह रोड, कौटिल्य मार्ग और आरके पुरम में अच्छी बारिश देखी गई। बारिश के साथ आसमान में बादल छाए रहे और काम पर जाने वाले लोगों के कारण कुछ रास्तों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आमतौर पर जून के आखिर से सितंबर के बीच राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक बारिश लाता है। मौसम विभाग के अधिकारी मॉनसून की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और मौजूदा मौसमी हालात के आधार पर पूर्वानुमान जारी कर रहे हैं। इस बीच, सुबह की बारिश के बाद लोगों के दिन की शुरुआत काफी सुखद रही। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं। साथ ही अधिकारियों ने लोगों से बारिश के दौरान यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
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Aug 6, 2026, 06:53 AM
छत्तीसगढ़ में मानसून प्रणाली जारी, हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं

छत्तीसगढ़ में मानसून प्रणाली जारी, हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही लगातार बनी रहेगी। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।विज्ञापनपिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून सामान्य स्थिति में सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक इसका असर बना रहेगा।विज्ञापन5 से 7 अगस्त के बीच प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में रुक-रुककर तेज बारिश हो सकती है। हालांकि 8 अगस्त के बाद वर्षा की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। फिलहाल 10 और 11 अगस्त के लिए किसी बड़े मौसमीय खतरे का संकेत नहीं दिया गया है।राजधानी रायपुर में भी बादलों का डेरा बना रहेगा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
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Aug 6, 2026, 06:42 AM
भारी बारिश के कारण व्यापक व्यवधान के कारण उत्तराखंड आपदा के लिए तैयार

भारी बारिश के कारण व्यापक व्यवधान के कारण उत्तराखंड आपदा के लिए तैयार

मुख्यमंत्री ने संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एजेंसियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी का निर्देश दिया। नदी-नालों के जलस्तर पर सतत दृष्टि रखने को भी कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में भूस्खलन के चलते 85 मार्ग बंद है। इसमें अल्मोड़ा दो, बागेश्वर 10, चमोली 20, देहरादून सात, नैनीताल में आठ मार्ग बंद है। पौड़ी पांच, पिथौरागढ़ 13, रुद्रप्रयाग छह, टिहरी आठ और उत्तरकाशी में छह मार्ग बंद है। हरिद्वार में गुरुवार सुबह से हो रही तेज बारिश के कारण शहर के मध्य क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। लगातार बारिश के चलते लोग सावधानी के साथ आवागमन करने को मजबूर हैं।
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Aug 6, 2026, 06:12 AM
हिमाचल प्रदेश में 12 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी

हिमाचल प्रदेश में 12 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी

हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अगले सात दिन 12 अगस्त तक कई इलाकों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के प्रभाव से राज्य में आगामी दिनों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पर्यटकों व अन्य लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। धर्मशाला में सबसे अधिक 81.5 मिलीमीटर, मनाली में 63 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। नाहन में 41.2, कसोल में 32 और सराहन में 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। लाहुल-स्पीति का कुकुमसेरी 12.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि ऊना 34.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म दर्ज किया गया। प्रदेश में 189 सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कें बंद होने से लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल में भारी भूस्खलन से खतरे में कुल्लू का गांव, SDRF ने निरीक्षण के बाद जारी किया अलर्ट; मच सकत है तबाही कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार: मांझी खड्ड पर बनेगा देश का दूसरा रनवे ब्रिज, पुणे के विशेषज्ञों ने फाइनल किया प्रोजेक्ट शराब के नशे में स्कूल में दुर्व्यवहार करने वाले शिक्षक पर कड़ा एक्शन, हिमाचल शिक्षा विभाग ने नौकरी से की छुट्टी महिला कर्मचारी ने मरीज बनकर दवाएं खरीदी तो पता चला क्लीनिक अवैध, हिमाचल में झोलाछाप डॉक्टर पकड़ा हिमाचल सरकार ने किया प्रशासनिक फेरबदल, पांच IAS अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा हिमाचल में नशा तस्करी में संलिप्त शिक्षा विभाग का कर्मचारी नौकरी से बर्खास्त, लाखों के लेनदेन का भी खुला राज हिमाचल के चंबा में दर्दनाक हादसा, बेकाबू होकर खाई में गिरी कार; दो युवकों की मौत
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Aug 6, 2026, 05:59 AM
मूसलाधार बारिश और जलभराव के बीच कौशांबी और प्रयागराज जिले के स्कूलों में एक दिन की छुट्टी घोषित

मूसलाधार बारिश और जलभराव के बीच कौशांबी और प्रयागराज जिले के स्कूलों में एक दिन की छुट्टी घोषित

मूसलाधार बारिश और जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए कौशांबी और प्रयागराज ज़िले में आज कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया गया है. मौसम के मिजाज और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) ने इस संबंध में देर रात/तड़के आधिकारिक आदेश जारी किए. कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोष‍ित किया गया है. परिषदीय (सरकारी), सहायता प्राप्त, निजी मान्यता प्राप्त और सीबीएसई/आईसीएसई समेत सभी बोर्ड्स के स्कूलों पर ये आदेश लागू होगा. कौशांबी में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेन्द्र कुशवाहा ने जलभराव की स्थिति को देखते हुए आज का अवकाश घोषित किया है. शहर और ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए 1 से 8वीं तक के स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है. नोट: सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें. स्कूल प्रबंधन को भी आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश में मानसून की तूफानी वापसी ने पूरे प्रदेश को पानी-पानी कर दिया है. पिछले 24-48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के दर्जनों जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. सड़कों पर नावें चलने जैसी नौबत आ गई है, तो वहीं निचले इलाकों में बसे घरों और दुकानों में कई-कई फीट पानी भर गया है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. प्रयागराज और कौशांबी: संगम नगरी के तटीय और निचले इलाकों में भीषण जलभराव है. सड़कों पर जलजमाव के कारण यातायात ठप पड़ गया है, जिसके चलते कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद करने पड़े. वाराणसी और चंदौली: घाटों पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. शहर की अंदरूनी गलियों और मुख्य चौराहों पर 2 फीट तक पानी जमा हो गया है. गोरखपुर और बस्ती मंडल: तराई वाले इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं. ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है. लखनऊ और कानपुर: राजधानी लखनऊ के पोश इलाकों से लेकर पुराने लखनऊ की बस्तियों तक पानी भर गया है. कानपुर में हाईवे पर पानी आ जाने से ट्रैफिक बेहद धीमा हो गया है.
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Aug 6, 2026, 05:59 AM
एन. जी. टी. ने नदी बहाली पर एन. एम. सी. जी. के महानिदेशक को तलब किया

एन. जी. टी. ने नदी बहाली पर एन. एम. सी. जी. के महानिदेशक को तलब किया

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के जवाब से असंतुष्ट एनजीटी ने मिशन के महानिदेशक को आगामी 13 अक्तूबर को तलब किया है। एनजीटी ने उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। याचिकाकर्ता सौरभ तिवारी की ओर से असि और वरुणा नदी के जीर्णोद्धार को लेकर दायर याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण की प्रधान पीठ, नई दिल्ली में सुनवाई हुई।विज्ञापनCough Syrup Case: दुबई में पार्टनरशिप पर होटल का संचालन कर रहा है शुभम जायसवाल, गिरफ्तारी की तैयारी तेजविज्ञापनमामले की सुनवाई चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव एवं विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि गंगा नदी प्राधिकरण आदेश, 2016 के प्रावधानों के अनुसार असि नदी गंगा नदी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि असि नदी की टैपिंग सीधे तौर पर नदी की प्राकृतिक धारा में हस्तक्षेप है और यह सर्वोच्च न्यायालय के कमलनाथ मामले में दिए गए निर्णय की भावना के विपरीत है।
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Aug 6, 2026, 05:58 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने भारी बारिश और बिजली गिरने के बाद अलर्ट मोड का आदेश दिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने भारी बारिश और बिजली गिरने के बाद अलर्ट मोड का आदेश दिया है।

यूपी में भारी बारिश और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि का सीएम योगी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने शासन-प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अतिवृष्टि या आकाशीय बिजली के कारण हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का त्वरित आकलन कर प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अधिकारी प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखें और राहत व बचाव कार्यों में कोई ढिलाई न बरतें। सीएम योगी ने जनता से अपील किया है कि आकाशीय बिजली चमकने या खराब मौसम के दौरान लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। नदियों, तालाबों और जलाशयों के आसपास स्नान करते समय विशेष सतर्कता बरतें। मौसम विभाग ने निम्नलिखित जिलों में अत्यधिक वर्षा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है- आज दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार में बदलेगा मौसम, उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी; 19 राज्यों में IMD का अलर्ट
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Aug 6, 2026, 05:53 AM
जी. बी. यू. ने सेंटर फॉर ए. आई., ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड इमर्जिंग डिजिटल टेक्नोलॉजीज ट्रेनिंग का शुभारंभ किया

जी. बी. यू. ने सेंटर फॉर ए. आई., ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड इमर्जिंग डिजिटल टेक्नोलॉजीज ट्रेनिंग का शुभारंभ किया

जीबीयू के कुलसचिव प्रो चंदर कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र में छात्रों को एआई, ग्रीन टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी और उभरती डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह केंद्र पर्यावरण विभाग के अंतर्गत संचालित होगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थी वास्तविक समस्याओं पर आधारित परियोजनाओं पर काम करेंगे और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एआई आधारित समाधान तथा प्रोटोटाइप विकसित करेंगे। इस पहल के तहत चयनित विद्यार्थियों को संरचित इंटर्नशिप, एआई आधारित लर्निंग, करियर रेडीनेस कार्यक्रम और उद्योगों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा रोजगार मेले, प्लेसमेंट ड्राइव, इनोवेशन शोकेस और उद्योग सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को नौकरी और स्टार्टअप दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिल सकें। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन स्किल्स और भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाना है ताकि वे वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।विज्ञापनएआई और ग्रीन टेक्नोलॉजी आधारित कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और नवाचार का मंच भी उपलब्ध होगा। उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा युवा राज्य मानते हुए इस पहल को विशेष महत्व दिया गया है। तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों को देखते हुए यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने मेंभूमिका निभाएगा। साथ ही शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच मजबूत साझेदारी विकसित होगी। छात्रों के कौशल विकास को नई दिशा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को एआई आधारित नवाचार, हरित प्रौद्योगिकी और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी मजबूत आधार प्रदान करेगी।विज्ञापनअभी तक यह केंद्र देश में केवल कर्नाटक में संचालित हो रहा है। दूसरे नंबर पर लखनऊ में केंद्र स्थापित हो गया है। जल्द इसका शुभारंभ होने वाला है। वहीं तेलंगाना व मेघालय में भी इसे शुरु किया जाना है। लखनऊ के बाद केवल जीबीयू को ही चुना गया है। इस केंद्र के बन जाने के बाद दिल्ली एनसीआर के हजारों युवाओं को इसका फायदा मिलेगा।कार्यक्रम के फायदेविद्यार्थियों को माइक्रोसॉफ्ट समर्थित एआई और ग्रीन स्किल्स का प्रशिक्षण मिलेगा।पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप और उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।रोजगार मेले और प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे।छात्र वास्तविक समस्याओं पर एआई आधारित समाधान और नवाचार विकसित कर सकेंगे।स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे।प्रदेश में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार होगा।राष्ट्रीय स्तर पर एआई और ग्रीन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
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Aug 6, 2026, 05:30 AM
बारिश के दिन दिल्ली और एन. सी. आर. के लिए राहत और चुनौती लेकर आए

बारिश के दिन दिल्ली और एन. सी. आर. के लिए राहत और चुनौती लेकर आए

राजधानी दिल्ली और NCR में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है. इसके कारण जहां एक ओर लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली है तो वहीं मौसम भी सुहाना हो गया है. लेकिन इस लगातार बारिश के कारण लोगों को कुछ परेशानियां भी झेलनी पड़ रही हैं. देर तक हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव की समस्या हो गई है तो कई जगहों पर पेड़ आदि भी गिरे हैं. इसके अलावा सुबह-सुबह ऑफिस ऑवर में हुई बारिश की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह की शुरुआत सावन की बौछार से हुई और तकरीबन 10 बजे तक कई इलाकों में बारिश की झड़ी लगी रही. आसमान में काले बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई. ऑफिस आवर्स के दौरान बारिश तेज हो गई. कई इलाकों और सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार थम गई. जाम के कारण दफ्तर जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं प्रीत विहार (दिल्ली) में एक विशालकाय बरगद का पेड़ गिर गया. बारिश के कारण गिरे इस पेड़ के नीचे तीन कारें दब गई हैं. इसका वीडियो भी सामने आया है. बरगद गिरने से किसी तरह की जान की हानि की खबर सामने नहीं आई है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला अगले दो-तीन दिन तक जारी रहने का पूर्वानुमान है. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जबकि गुरुवार सुबह से भी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने 5 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है. इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहेंगी. हालांकि, आईएमडी ने दिल्ली के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है. गुरुग्राम में लगातार बारिश जारी है. मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस बीच गुरुग्राम पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आज यानी 6 अगस्त को सभी कॉर्पोरेट दफ्तरों और निजी प्रतिष्ठानों से अपने कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' की व्यवस्था करने का आग्रह किया है. भारी बारिश के कारण प्रमुख सड़कों और चौराहों पर जलभराव और गंभीर यातायात जाम की आशंका है, जिससे निपटने और आपातकालीन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना बेहद जरूरी है. 🚨 गुरुग्राम पुलिस परामर्श | यातायात एवं मौसम अपडेट 🌧️ लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण गुरुग्राम की कई सड़कों एवं चौराहों पर जलभराव और यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। 📢 गुरुग्राम पुलिस सभी कॉर्पोरेट संस्थानों एवं निजी प्रतिष्ठानों से आग्रह करती है कि दिनांक 06… pic.twitter.com/Th0CLLjxma गुरुग्राम पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अनावश्यक वाहनों की आवाजाही कम होने से यातायात सुचारू रहेगा और एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड व अन्य आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी. बता दें, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश जारी है. ऑफिस आवर्स के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिली है. सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार थम गई. जाम के कारण दफ्तर जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा है. स्काईमेट वेदर के मुताबिक ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. 7 से 9 अगस्त के बीच मौसम की सबसे ज्यादा सक्रियता ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की सीमा से जुड़े इलाकों में केंद्रित रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने उत्तराखंड, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार, ओडिशा, झारखंड, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच 5 जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कल भारी वर्षा दर्ज की गई और 6 अगस्त को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी यूपी के 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी है. प्रयागराज में लगातार बारिश के चलते कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल आज बंद कर दिए गए. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया. बिहार में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 से 8 अगस्त के बीच कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूर्वी हवाओं और ऊपरी वायुमंडल में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण लगातार बादल बन रहे हैं. उत्तराखंड में लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, नदियों और नालों के जलस्तर पर नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा. बिजली गिरने, तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों और पर्यटकों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है. भारी बारिश के मद्देनजर चमोली और बागेश्वर में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है.
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ABP News
Aug 6, 2026, 04:55 AM
टॉयलेट बाउल के दागः सिर्फ गंदगी ही नहीं, बल्कि कठोर पानी से मिलने वाले खनिज भी

टॉयलेट बाउल के दागः सिर्फ गंदगी ही नहीं, बल्कि कठोर पानी से मिलने वाले खनिज भी

घर की सफाई में टॉयलेट की सफाई सबसे जरूरी कामों में से एक है. कई लोग टॉयलेट को नियमित रूप से साफ करते हैं और ब्रश से अच्छी तरह रगड़ते भी हैं, लेकिन इसके बावजूद टॉयलेट बाउल पर पीले निशान या पीली रिंग दिखाई देती रहती है. कई बार बार-बार रगड़ने के बाद भी ये निशान पूरी तरह साफ नहीं होते. ऐसे में सिर्फ गंदगी को इसकी वजह मानना सही नहीं है. टॉयलेट पर बनने वाले पीले निशानों के पीछे पानी में मौजूद मिनरल्स भी जिम्मेदार हो सकते हैं. टॉयलेट बाउल में आमतौर पर मिनरल्स, जंग, कॉपर और फफूंद के कारण अलग-अलग रंग के दाग बन सकते हैं. दाग का रंग देखकर काफी हद तक अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके पीछे वजह क्या है. इसलिए किसी भी दाग को हटाने से पहले उसकी वजह समझना जरूरी है. अगर टॉयलेट बाउल पर सफेद, पीले या भूरे रंग की रिंग दिखाई दे रही है तो इसकी एक बड़ी वजह हार्ड वॉटर हो सकता है. हार्ड वॉटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम और लाइमस्केल जैसे मिनरल्स अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं. पानी लगातार टॉयलेट बाउल के संपर्क में रहता है. समय के साथ ये मिनरल्स सतह पर जमा होने लगते हैं और पीले या भूरे निशान का रूप ले सकते हैं. यही वजह है कि कई बार टॉयलेट ब्रश से अच्छी तरह रगड़ने के बाद भी पीले निशान नहीं जाते. लंबे समय तक जमा रहने पर मिनरल्स की परत और सख्त हो सकती है. ऐसे में केवल सामान्य सफाई से इसे हटाना मुश्किल हो जाता है. How To Prevent Lizards: क्या दीवार पर छिपकली देखकर लगता है डर? किचन और कमरों से भगाने का 1 पक्का इलाज टॉयलेट में हर दाग हार्ड वॉटर की वजह से नहीं बनता. अगर बाउल पर गहरे नारंगी या लाल रंग के निशान दिखाई दे रहे हैं तो इसकी वजह जंग हो सकती है. पुराने या खराब होते पाइप से पानी में जंग मिल सकती है, जो धीरे-धीरे टॉयलेट की सफेद सतह पर निशान छोड़ देती है. वहीं, नीले या हरे रंग के दाग पानी में कॉपर की अधिक मात्रा या कॉपर पाइप में हो रहे क्षरण के कारण दिखाई दे सकते हैं. अगर टॉयलेट में काले या हरे छोटे-छोटे धब्बे दिखाई दे रहे हैं और साथ में सीलन जैसी गंध भी आ रही है तो इसकी वजह फफूंद हो सकती है. बाथरूम में ज्यादा नमी और नियमित सफाई न होने पर ऐसी समस्या बढ़ सकती है. अगर टॉयलेट में पीले निशान अभी बनने शुरू हुए हैं तो उन्हें साफ करने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी हल्की खुरदरी बनावट सतह पर जमा गंदगी और मिनरल्स की शुरुआती परत को हटाने में मदद कर सकती है. साथ ही यह बदबू कम करने में भी उपयोगी हो सकता है. इसके लिए टॉयलेट बाउल में लगभग एक कप बेकिंग सोडा डालें. इसके बाद करीब डेढ़ कप सफेद सिरका डाल सकते हैं. दोनों के मिलने पर झाग बनने लगेगा. इसे कुछ देर तक रहने दें. हल्के निशान होने पर कुछ समय बाद टॉयलेट को फ्लश किया जा सकता है. अगर निशान पुराने हैं तो मिश्रण को ज्यादा देर तक छोड़ने के बाद ब्रश से साफ किया जा सकता है. कई महीनों से जमा पीले या भूरे निशानों को हटाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. लंबे समय तक जमा रहने के कारण मिनरल्स की मोटी परत बन जाती है. ऐसी स्थिति में सफाई से पहले टॉयलेट बाउल में मौजूद पानी कम करने से क्लीनिंग प्रोडक्ट सीधे दाग के संपर्क में आ सकता है. इसके बाद टॉयलेट के लिए बने क्लीनर का इस्तेमाल उसके लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार किया जा सकता है. क्लीनर को कुछ समय तक दाग पर रहने देने के बाद टॉयलेट ब्रश से रगड़ें. बहुत ज्यादा जिद्दी मिनरल जमा होने पर पोर्सिलेन के लिए सुरक्षित प्यूमिक स्टोन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. इसे पहले पानी से अच्छी तरह गीला करना जरूरी है और बहुत हल्के हाथ से इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि टॉयलेट की सतह को नुकसान न पहुंचे. दो अलग-अलग क्लीनिंग केमिकल्स को आपस में मिलाने से बचें. खासकर ब्लीच और एसिड वाले टॉयलेट क्लीनर को कभी एक साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे खतरनाक गैस बन सकती है. पीले निशानों से बचने का सबसे आसान तरीका नियमित सफाई है. टॉयलेट को सप्ताह में कम से कम एक बार अच्छी तरह साफ करने से मिनरल्स की मोटी परत बनने की संभावना कम हो सकती है. अगर आपके घर में हार्ड वॉटर आता है तो सफाई के बीच लंबा अंतर रखने से पीले निशान जल्दी वापस दिखाई दे सकते हैं. Silver Cleaning Tips: काले पड़ गए चांदी के बर्तन? घर पर ही ऐसे लौटेगी चमक जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.
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ABP News
Aug 6, 2026, 04:50 AM
वैश्विक आशावाद के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को मजबूती के साथ खुला

वैश्विक आशावाद के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को मजबूती के साथ खुला

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 24,600 के स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया. बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर तिमाही नतीजे और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत रहे. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 78,780 अंक और निफ्टी 24,640 अंक के आसपास कारोबार करता दिखा. आईटी, बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेतों ने भी वैश्विक बाजार का माहौल बेहतर किया है. दूसरी ओर, भारत में कई बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिससे बाजार को समर्थन मिला. आज निवेशकों की नजर उन कंपनियों पर रहेगी जो अपने जून तिमाही के नतीजे जारी कर रही हैं. इसके अलावा IPO बाजार और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी. फिलहाल बाजार का रुख पॉजिटिव बना हुआ है. हालांकि, दिन के दौरान वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों के आधार पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए. 'एबीपी नेटवर्क' में सीनियर कॉपी-एडिटर के तौर पर काम कर रहीं सृष्टि का डिजिटल मीडिया में 4 सालों से अधिक का अनुभव है.बिजनेस, एंटरटेनमेंट, धर्म, लाइफस्टाइल और यात्रा सेक्शन में लेखन, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है.सीसीएसयू से मास कम्युनिकेशन में स्नातक कर चुकीं सृष्टि ने अपने करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स के साथ की थी, जिसके बाद वो 2.5 साल तक टाइम्स नाउ नवभारत का हिस्सा भी रहीं.फाइनेंस के साथ फिल्मी कीड़ा होना न केवल इनका पेशा बल्कि हिस्सा है.
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Aug 6, 2026, 04:46 AM
दिल्ली-एन. सी. आर. में मानसून की बारिश से अफरा-तफरी, बरगद का पेड़ गिरा

दिल्ली-एन. सी. आर. में मानसून की बारिश से अफरा-तफरी, बरगद का पेड़ गिरा

राजधानी दिल्ली समेत देशभर मे मॉनसून जमकर बरस रहा है. दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह की शुरुआत सावन की बौछार से हुई और तकरीबन 10 बजे तक कई इलाकों में बारिश की झड़ी लगी रही. आसमान में काले बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई. ऑफिस आवर्स के दौरान बारिश तेज हो गई. कई इलाकों और सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार थम गई. जाम के कारण दफ्तर जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं प्रीत विहार (दिल्ली) में एक विशालकाय बरगद का पेड़ गिर गया. बारिश के कारण गिरे इस पेड़ के नीचे तीन कारें दब गई हैं. इसका वीडियो भी सामने आया है. बरगद गिरने से किसी तरह की जान की हानि की खबर सामने नहीं आई है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला अगले दो-तीन दिन तक जारी रहने का पूर्वानुमान है. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जबकि गुरुवार सुबह से भी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने 5 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है. इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहेंगी. हालांकि, आईएमडी ने दिल्ली के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है.
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Aug 6, 2026, 04:43 AM
मानसून की वजह से उत्तर भारत में भारी बारिश, दिल्ली-एन. सी. आर. में यातायात बाधित

मानसून की वजह से उत्तर भारत में भारी बारिश, दिल्ली-एन. सी. आर. में यातायात बाधित

देश के कई हिस्सों में मॉनसून अपने पूरे शबाब पर है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार की सुबह भी फुहारों के साथ हुई. आसमान में काले बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई. ऑफिस आवर्स के दौरान बारिश तेज हो गई. कई इलाकों और सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार थम गई. जाम के कारण दफ्तर जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला अगले दो-तीन दिन तक जारी रहने का पूर्वानुमान है. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई, जबकि गुरुवार सुबह से भी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने 5 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है. इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहेंगी. हालांकि, आईएमडी ने दिल्ली के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने देश के 17 राज्यों में अगले कुछ दिन तक मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ राज्यों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान मौसम विभाग ने जताया है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारी बारिश से पेड़ गिरने, जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है. मौसम विभाग ने उत्तराखंड, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार, ओडिशा, झारखंड, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. ​ उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच 5 जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कल भारी वर्षा दर्ज की गई और 6 अगस्त को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी यूपी के 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी है. प्रयागराज में लगातार बारिश के चलते कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल आज बंद कर दिए गए. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया. बिहार में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 से 8 अगस्त के बीच कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूर्वी हवाओं और ऊपरी वायुमंडल में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण लगातार बादल बन रहे हैं. उत्तराखंड में लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, नदियों और नालों के जलस्तर पर नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा. बिजली गिरने, तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों और पर्यटकों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है. भारी बारिश के मद्देनजर चमोली और बागेश्वर में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है. जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. उरी के बोनियार इलाके के लाचीपुरा में तेज बारिश के बाद स्थानीय नालों में अचानक पानी बढ़ गया, जिससे फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन गई और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है. वहीं कुलगाम के नंदीमार्ग इलाके में क्लाउडबर्स्ट के बाद नामलान नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया. कई जल स्रोत उफान पर आ गए और तेज बहाव गांवों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. गुजरात के नवसारी जिले में इस मॉनसून सीजन में अब तक करीब 2200 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 115 प्रतिशत अधिक है. अत्यधिक बारिश से किसानों, पोहा उद्योग और डायमंड इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है. जलालपुर तालुका के तवडी गांव में 23 और 24 जुलाई को 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी. दस दिन बाद भी खेतों में पानी भरा है और धान व गन्ने की फसल लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है. किसानों का कहना है कि प्रति बीघा 8 से 10 हजार रुपये खर्च करने के बावजूद पूरी मेहनत बर्बाद हो गई. अब वे सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं. बारिश का असर नवसारी के पोहा उद्योग पर भी पड़ा है. जिले की करीब 50 पोहा मिलों में रोजाना 500 टन उत्पादन होता है, लेकिन धान की फसल बर्बाद होने से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. उद्योग से जुड़े करीब दो हजार मजदूरों के रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा है. पोहा कारोबारियों का कहना है कि सप्लाई में देरी के कारण उत्पादन प्रभावित होगा और पोहे की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं. डायमंड उद्योग को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है. कई फैक्ट्रियों में पांच से सात फीट तक पानी भरने से लेजर मशीन, माइक्रो मशीन और अन्य महंगी मशीनरी खराब हो गई. उद्योग से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक लाखों रुपये की मशीनों की मरम्मत पर भी भारी खर्च आ रहा है और हजारों कारीगरों के सामने काम का संकट पैदा हो गया है. केरल में भी मॉनसून का असर गंभीर बना हुआ है. राज्य सरकार के मुताबिक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोग घायल और चार अब भी लापता हैं. राज्यभर में 462 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 27,048 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है. सबसे अधिक राहत शिविर पथानामथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों में बनाए गए हैं. सरकार के अनुसार 1,882 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है और 23,537 किसानों को नुकसान पहुंचा है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक कृषि क्षेत्र को 67.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को कुल 8 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है. इसमें राज्य आपदा मोचन कोष, मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से राशि दी जाएगी. पूर्वोत्तर में भी बाढ़ का संकट गहराया हुआ है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित असम का दौरा किया और कहा कि तबाही का पैमाना इतना बड़ा है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लगेगा. नड्डा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ असम-नागालैंड सीमा पर स्थित नेपालीखुटी इलाके का दौरा किया, जो 19 जुलाई को आई बाढ़ के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है. प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद नड्डा ने कहा कि उन्होंने इलाके में बाढ़ से हुई भारी तबाही को करीब से देखा है. उन्होंने कहा कि नुकसान इतना व्यापक है कि हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी. उनके मुताबिक वित्तीय मदद, पुनर्वास, मुआवजा और संपत्ति के नुकसान की भरपाई समेत हर स्तर पर प्रभावित लोगों को सहयोग दिया जाएगा. असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. लगातार बारिश के बीच राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है, जबकि पांच जिलों में अब भी 1.22 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. रातभर हुई बारिश के बाद कई इलाकों में फिर से जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 04:25 AM
पंजाब का मौसमः बठिंडा में सबसे अधिक तापमान, भारी बारिश का अनुमान

पंजाब का मौसमः बठिंडा में सबसे अधिक तापमान, भारी बारिश का अनुमान

राज्य में सबसे अधिक 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। बुधवार को दिन में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, लेकिन अधिकतर जगहों पर मौसम शुष्क बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी 0.3 डिग्री की वृद्धि हुई, जो सामान्य के करीब है। पठानकोट में सबसे कम 23.5 डिग्री न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जिलों में अगले दो दिन भारी बारिश भी हो सकती है। फिलहाल तापमान सामान्य के नजदीक बना हुआ है।विज्ञापनअमृतसर का अधिकतम पारा 32.8 डिग्री और न्यूनतम 25.7 डिग्री रहा। लुधियाना में अधिकतम 34.0 डिग्री और न्यूनतम 27.0 डिग्री दर्ज किया गया। पटियाला का अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री और न्यूनतम 26.8 डिग्री रहा। फाजिल्का में अधिकतम 37.1 डिग्री और फिरोजपुर में 36.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 03:58 AM
भारतीय अधिकारियों ने पवित्र यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक की छोटी बोतलों और तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

भारतीय अधिकारियों ने पवित्र यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक की छोटी बोतलों और तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर छोटी क्षमता वाली पानी की बोतलों और नमकीन सहित अन्य छोटे प्लास्टिक पैकेटों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने दुकानदारों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा। प्रशासन का मानना है कि छोटी प्लास्टिक बोतलें और पैकेजिंग सामग्री यात्रा के दौरान सबसे अधिक कचरा पैदा करती हैं, जिससे मणिमहेश घाटी के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक सुंदरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस निर्णय का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को कम करना और यात्रा मार्ग को स्वच्छ बनाए रखना है।विज्ञापनडीसी ने यात्रा मार्ग पर बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह कदम आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान धन्छौ के समीप दुनाली में पैदल पुल और सड़क की मरम्मत तथा सुंदरासी से ऊपर ग्लेशियर प्वाइंट पर चल रहे मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। लोक निर्माण विभाग को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
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