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Mar 20, 2026, 08:31 AM
साइबोर्ग तिलचट्टेः भूमिगत पाइपलाइन निरीक्षण के लिए एक नया उपकरण

साइबोर्ग तिलचट्टेः भूमिगत पाइपलाइन निरीक्षण के लिए एक नया उपकरण

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।कॉकरोच एक बहुत ही छोटा जीव है। ये जीव धरती पर करीब 30 करोड़ साल से मौजूद हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कॉकरोच में भी कोई मशीन फिट की जा सकती है। जिंदा कॉकरोच में मशीन फिट करके साइबोर्ग कॉकरोच बनाए जाते हैं। इन्हीं साइबोर्ग कॉकरोच का इस्तेमाल अब अंडरग्राउंड पाइपलाइनों की जांच के लिए किया जाएगा। कॉकरोच बेहद तंग जगहों में घुस सकते हैं, लंबे समय तक बिना भोजन के रह सकते हैं। इसके साथ ही ये जीव बदलते पर्यावरण के साथ ही खुद को ढाल लेते हैं। कॉकरोच की इसी जीवन-शैली को देखते हुए वैज्ञानिक कॉकरोच को तकनीक के साथ जोड़कर नए उपयोग तलाश रहे हैं।
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Mar 19, 2026, 03:48 PM
बिहार के नालंदा में कार दुर्घटना में तीन इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

बिहार के नालंदा में कार दुर्घटना में तीन इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

Nalanda Accident:बिहार के नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र स्थित एसएच 78, सरमेरा-बिहटा मार्ग पर तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराने के बाद पानी भरे गड्ढे में गिर गई। हादसे में कार में सवार इंजीनियरिंग के तीन छात्रों की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। गौढ़ापर और सालेहपुर गांव के बीच हुए इस सड़क हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। सभी चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे। मृतकों की पहचान 2024 बैच इलेक्ट्रिकल ब्रांच के छात्र कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र के टेना गांव निवासी अखिलेश सिंह के 25 वर्षीय पुत्र राहुल रंजन, जमुई जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के सोलाहपुर गांव निवासी संजय कुमार के 24 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार और समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शम्भुपट्टी गांव निवासी निवासी राजीव कुमार सिंह के 25 वर्षीय पुत्र उत्सव कुमार सिंह के रूप में की गई। वहीं, घायलों में गयाजी जिले के खिजरसराय थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी परमानन्द सिंह के पुत्र धीरज कश्यप तथा रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के भलुनी गांव निवासी प्रमोद राय के पुत्र शशिकांत कुमार शामिल हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो तेज रफ्तार कार चंडी से नूरसराय की ओर जा रही थी। अचानक कार सड़क पर दायें-बायें लहराते हुए फिल्मी अंदाज में हवा में उड़कर सड़क किनारे बबूल के पेड़ से टकरा गयी। टक्कर के बाद कार पानी भरे गड्ढे में गिर गयी। टक्कर की जोरदार आवाज सुनकर लोग दौड़े और घायलों की मदद शुरू की। हादसे के बाद वहां से गुजर रहे ट्रक चालकों ने काफी तत्परता दिखाई। अपनी गाड़ी रोककर पानी में डूबे कार सवारों को बचाने का प्रयास करने लगे। किसी तरह उन्हें पानी में डूबी कार से बाहर निकाला। इनमें एक की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस की मदद से बाकी चारों घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही दर्जनों छात्र अस्पताल में जमा हो गए। इस दौरान एक अन्य छात्र की मौत हो गई। बाकी बचे तीन घायलों को सदर अस्पताल रेफर किया गया। सदर अस्पताल से भी तीनों को आगे रेफर कर दिया गया। पटना ले जाने के दौरान तीसरे छात्र की भी मौत हो गई। लोगों की मानें तो ट्रक चालक तत्परता नहीं दिखाते तो मौत का आंकड़ा बढ़ सकता था। यह पता नहीं चल पाया है कि कार किसकी थी और सभी छात्र कहां जा रहे थे। घायलों की हालत अभी ऐसी नहीं है कि कुछ बता सकें। सभी के परिजनों को सूचना दे दी गयी है। कॉलेज परिसर में मातम पसरा है। थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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Mar 19, 2026, 02:57 PM
महाराष्ट्र में सड़क दुर्घटना में आई. आई. टी. के तीन छात्रों की मौत

महाराष्ट्र में सड़क दुर्घटना में आई. आई. टी. के तीन छात्रों की मौत

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. जिसमें तीन IIT स्टूडेंट्स की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसा खोपोली के पास मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुआ. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. वहीं, घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया. जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 10 बजे पनवेल एग्जिट के पास हुआ. बताया जा रहा है कि एक ट्रक को ओवरटेक करने के चक्कर में छात्रों की SUV पलट गई. सभी छात्र खंडाला घाट ट्रिप से वापस पवई के आईआईटी-बी कैंपस लौट रहे थे. छात्रों की पोलो कार की स्पीड इतनी तेज थी कि ट्रक से टकराने के बाद कई बार पलटी मारी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हादसे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें कार का कचूमर बन गया. LATEST Attention passengers! Mumbai train services to be affected b GST 2.0 boosts big Navratri sales for Hyundai, Maruti Suzuki Kartik Aaryan makes HUGE investment in Mumbai, buys property PM Modi dials Russian PM Putin over Ukraine strategy amid Tr BAD news for India Pharma, US President Donald Trump slaps 1 Attention passengers! Mumbai train services to be affected b GST 2.0 boosts big Navratri sales for Hyundai, Maruti Suzuki Kartik Aaryan makes HUGE investment in Mumbai, buys property PM Modi dials Russian PM Putin over Ukraine strategy amid Tr BAD news for India Pharma, US President Donald Trump slaps 1 पुलिस को जांच में पता चला है कि कार में कुल 4 स्टूडेंट्स सवार थे. हादसे में तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल छात्र का खालापुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है. उसकी हालत भी नाजुक बताई जा रही है. हादसे में मारे गए छात्रों की पहचान जयपुर के श्रेयांश शर्मा (22), नासिक के ओमकार बोरसे (22) और नागपुर के लय भट्ट (23) के रूप में हुई है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चार छात्रों का एक ग्रुप खंडाला घाट सूर्योदय देखने के लिए सुबह करीब 5 बजे पवई के IIT कैंपस से निकला था, लेकिन वापसी के दौरान उनकी कार हादसे का शिकार हो गई. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारेगूगल,फेसबुक,x,इंस्टाग्राम,यूट्यूबऔरवॉट्सऐपकम्युनिटी से
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Mar 19, 2026, 01:07 PM
भारतीय वन विभाग ने अवैध कटाई और अतिक्रमण से निपटने के लिए उच्च तकनीक प्रणाली तैनात की

भारतीय वन विभाग ने अवैध कटाई और अतिक्रमण से निपटने के लिए उच्च तकनीक प्रणाली तैनात की

निगरानी अब हुई हाईटेक, ई-नेत्र एप से अवैध कटाई और अतिक्रमण पर लगेगी लगामऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसौम्या गुप्तागुरुग्राम। जिले के वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण के बढ़ते मामलों पर अब सख्ती से लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग हाईटेक होते हुए डिजिटल प्रणाली अपनाने जा रहा है, जिससे जंगलों की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी। विभाग जल्द ही ई-नेत्र एप को अरावली क्षेत्र से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। इसके बाद डिजिटल निगाहें अरावली का सुरक्षा करेंगी।अवैध कब्जा की मिलेगी तुरंत जानकारीइस एप के माध्यम से जंगल में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि जैसे पेड़ों की कटाई, अवैध कब्जा या निर्माण की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि यह सूचना लाइव लोकेशन और समय के साथ मिलेगी, जिससे मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। ताकि अरावली की सुरक्षा अधिक मजबूत हो पाएगी।विज्ञापनविज्ञापनयह प्रणाली सेटेलाइट तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होगी, जो किसी भी असामान्य हलचल को पहचानकर गूगल मैप या फोटो के जरिये वन विभाग की टीम उस जगह पर कार्रवाई करेगी। अलर्ट मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी। इस नई व्यवस्था से वन संपदा की सुरक्षा मजबूत होगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। कई बार पता ही नहीं चल पाता है अरावली क्षेत्र में अवैध कब्जा या निर्माण होने लगता है, एप की मदद से ऐसी गतिविधि पर रोक लग सकेगी।---वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए ई-नेत्र एप लागू किया जा रहा है। अरावली क्षेत्र में बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। एप के जरिये संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी अधिकारियों तक पहुंचेगी, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी। - राजकुमार, जिला वन अधिकारी
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Mar 19, 2026, 12:54 PM
बिड़ला प्रौद्योगिकी संस्थान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित नवाचार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

बिड़ला प्रौद्योगिकी संस्थान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित नवाचार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

नोएडा। बिरला प्रौद्याेगिकी संस्थान में बृहस्पतिवार को ‘एआई और सस्टेनेबल डिजिटल फ्यूचर के लिए हरित नवाचार’ पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीआईईएम आयोजित किया गया। अधिवेशन के मुख्य सचिव प्रो. एसएल गुप्ता ने कहा, तकनीक का उद्देश्य केवल प्रगति नहीं जिम्मेदारी समावेशन और सतत भविष्य का निर्माण भी होना चाहिए। इस मौके पर प्रो. विकास त्रिपाठी, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के दिल्ली और हरियाणा स्टेट इंस्टीट्यूशनल बिजनेस हेड कपिल भट्ट, विशिष्ट अतिथि डॉ. ऋषि मोहन भटनागर और सीपिका सिंघल आदि मौजूद रहे। ब्यूरोऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Mar 19, 2026, 12:21 PM
भारतीय वैज्ञानिक को कैंसर कैचेक्सिया का अध्ययन करने के लिए प्रतिष्ठित अनुदान मिला

भारतीय वैज्ञानिक को कैंसर कैचेक्सिया का अध्ययन करने के लिए प्रतिष्ठित अनुदान मिला

कैंसर से जुड़ी यह शोध भारतीय विज्ञान संस्थान के सहयोग से की जाएगीऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली । जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रो. मो. इम्तियाज़ हसन को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) से 8.05 करोड़ रुपये का प्रतिष्ठित शोध अनुदान मिला है। यह परियोजना भारतीय मरीजों में सिर और गर्दन से जुड़ी गंभीर स्थिति कैंसर कैकेक्सिया की प्रक्रियाओं को समझने में अभूतपूर्व सहयोगी परियोजना का समर्थन करती है। यह शोध भारतीय विज्ञान संस्थान सहित कई प्रमुख संस्थानों के सहयोग से की जाएगी। अध्ययन में मल्टी-ओमिक्स तकनीकों जैसे ट्रांसक्रिप्टोमिक्स, मेटाबोलोमिक्स और माइक्रोबायोम विश्लेषण का उपयोग कर नए बायोमार्कर और उपचार विकल्प खोजे जाएंगे। वैज्ञानिक रोग के जैविक और मनो-सामाजिक पहलुओं को भी समझेंगे।प्रो. हसन को यह परियोजना कैंसर जीव विज्ञान और दवा खोज के क्षेत्र में विश्व स्तरीय विशेषज्ञता के कारण प्रदान की गई है। उनके 600 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रिसिजन मेडिसिन के जरिए मरीजों के इलाज के नतीजों में सुधार लाने में मदद करेगी।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 19, 2026, 12:03 PM
भाजपा नेता ने रुद्रप्रयाग के फाटा क्षेत्र में आई. टी. आई. खोलने की मांग की

भाजपा नेता ने रुद्रप्रयाग के फाटा क्षेत्र में आई. टी. आई. खोलने की मांग की

रुद्रप्रयाग। फाटा क्षेत्र में आईटीआई खोलने की मांग के लिए भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि फाटा और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा तकनीकी शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं लेकिन आईटीआई न होने के कारण उन्हें दूर जाना पड़ता है। क्षेत्र में आईटीआई खुलने से युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने मामले में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। संवादऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Mar 19, 2026, 12:00 PM
स्पीड हैवोक ने नालंदा में दो इंजीनियरिंग छात्रों की जान ले ली

स्पीड हैवोक ने नालंदा में दो इंजीनियरिंग छात्रों की जान ले ली

Speed Havoc in Nalanda:बिहार के नालंदा में एक कार गड्ढे में गिर गई जिसमें दो इंजीनियरिंग के छात्रों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना चंडी थाना क्षेत्र के सालेहपुर मोड़ और गौढ़ापर के बीच की है। भीषण सड़क हादसे में कार बुरी तरस से डैमेज हो गयी। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र आशीष कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में घायल छात्रों में धीरज कश्यप, उत्सव सिंह और शशिकांत शामिल हैं, जिन्हें गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सभी छात्र एक ही कॉलेज के बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चंडी की ओर से काफी तेज गति में आ रही थी। गौढ़ापर के पास पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद कार सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को कार से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए चंडी रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने आशीष कुमार और राहुल कुमार को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। चंडी थाना अध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन का अनियंत्रित होना सामने आया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है । मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद इलाके में चीख पुकार मच गयी। मृत छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई। स्थानीय परिजनों ने पहुंचकर जानकारी ली। मरने वाले छात्र साधारण परिवारों के बताए जा रहे हैं। पुलिस पता लगा रही है कि सभी छात्र कहां जा रहे थे। दुर्घटनाग्रस्त कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है। क्रेन की मदद से गाड़ी को गड्ढे से बाहर निकाला गया। गाड़ी की हालत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भीषण था।
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Mar 19, 2026, 12:00 PM
चेरी ने 1500 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली शक्तिशाली राइनो बैटरी का अनावरण किया

चेरी ने 1500 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली शक्तिशाली राइनो बैटरी का अनावरण किया

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली।चीन की कंपनी Chery ने एक बहुत ही पावरफुल Rhino बैटरी बनाई है। कंपनी का दावा है कि इस बैटरी वाली कार को एक बार फुल चार्ज करने पर आप इसे 1500 किमी तक ड्राइव कर सकते हैं। इसमें ऑल सॉलिड स्टेट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। Chery ने 18 मार्च क बैटरी नाइट कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की।
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Mar 19, 2026, 11:45 AM
एंजाइम कैस्पेज़-2 को अवरुद्ध करने से लीवर कैंसर का खतरा बढ़ सकता हैः अध्ययन

एंजाइम कैस्पेज़-2 को अवरुद्ध करने से लीवर कैंसर का खतरा बढ़ सकता हैः अध्ययन

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के शोधकर्ताओं ने पाया कि फैटी लिवर का एक संभावित इलाज असल में कैंसर का कारण बन सकता है। अभी तक नॉन-ऐल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज को रिवर्स करने के लिए कैस्पेस-2 एंजाइम को ब्लॉक करना फायदेमंद माना जा रहा था। लेकिनसाइंस एडवांसेज पर छपी नई रिसर्चमें देखा गया कि इस एंजाइम को ब्लॉक करके रखने पर उम्र बढ़ने के साथ क्रोनिक लिवर इंजरी, स्कारिंग और कैंसर के खतरे में भी बढ़ोतरी होती है।दिल्ली स्थित श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी के डायरेक्टर डॉक्टर गुरवंत एस लांबा ने कैस्पेस-2 एंजाइम की जरूरत और इसकी कमी से होने वाले खतरे के बारे में विस्तार से समझाया है। उन्होंने फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज में रिवर्स करने के कुछ नेचुरल उपाय भी शेयर किए हैं।स्टडी से क्यों बढ़ी चिंता?कैस्पेस-2 एंजाइम की कमी से खतरा (सांकेतिक तस्वीर)रिसर्चर्स की टीम ने कुछ चूहों को जेनेटिकली मोडिफाई करके अध्ययन किया ताकि यह समझा जा सके कि शरीर में कैस्पेस-2 एंजाइम के ना रहने या काम ना करने से क्या फर्क पड़ता है। वक्त बीतने के साथ इन चूहों में लिवर इंफ्लामेशन, हेपेटाइटिस जैसी लिवर डिजीज, स्कारिंग, ऑक्सीडेटिव डैमेज और इंफ्लामेशन से जुड़ी एक तरह के सेल की डेथ देखी गई। उम्र बढ़ने पर इन चूहों के अंदर लिवर कैंसर की ज्यादा संभावना भी दिखी।जवानी से ज्यादा बुढ़ापे में खतराशोधकर्ताओं ने इस एंजाइम के काम ना करने से जवान चूहों के मुकाबले बूढ़े चूहों में लिवर ट्यूमर के मामले 4 गुना तक देखे। यह दिखाता है कि कम उम्र में फैटी लिवर का यह इलाज प्रभावी जरूर हो सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने पर इसके संभावित खतरों का सामना भी करना पड़ सकता है। यह ट्यूमर हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा से मिलता-जुलता था, जो कि इंसानों में लिवरकैंसर का सबसे आम प्रकारहै। इस रिसर्च ने कैस्पेस-2 एंजाइम की गैरहाजिरी से लिवर सेल्स को पहुंचने वाले नुकसान पर जोर दिया है।क्या हो सकता है कारण?रिसर्च की लीड रिसर्चर Dr. Loretta Dorstyn ने बताया कि लिवर सेल्स के अंदर पोलिप्लोइडी नाम के जेनेटिक मटेरियल की एक अतिरिक्त कॉपी होती है, जो लिवर को तनाव से उबरने में मदद करती है। कैस्पेस-2 एंजाइम की गैर-मौजूदगी में पोलिप्लोइडी का बढ़ा हुआ लेवल लिवर को डैमेज कर सकता है। क्योंकि यह एंजाइम-2 लिवर की हेल्दी सेल्स के बने रहने और डैमेज सेल्स के हटने वाले बैलेंस के लिए जरूरी है।फैटी लिवर ट्रीटमेंट में कैस्पेस-2 का रोलहेपेटोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर गुरवंत एस लांबा ने समझाया कि कैस्पेस-2 लिवर के अंदर फैट बनने और स्टोर होने के प्रोसेस से जुड़ा होता है। इसलिए कुछ रिसर्च में इस एंजाइम की एक्टिविटी को कम करने से लिवर में अतिरिक्त फैट जमने और फैटी लिवर की बीमारी में कमी देखी गई है। लेकिन इस एंजाइम का काम लिवर में केवल फैट स्टोरेज से जुड़ा नहीं होता।कैस्पेस-2 एंजाइम का काम क्या है?कैस्पेस-2 एंजाइम का फंक्शन (सांकेतिक तस्वीर)डॉक्टर लांबा के अनुसार, कैस्पेस-2 एक जरूरी एंजाइम है, जो शरीर में सेल्स की क्लीनिंग और कंट्रोलिंग में मदद करता है। यह पुरानी या डैमेज्ड सेल्स को पहचानकर उसे खत्म कर देता है ताकि वह आगे चलकर नुकसान ना पहुंचा सकें। लिवर के मामले में इसका रोल काफी अहम है, क्योंकि यह अंग लगातार शरीर के टॉक्सिन और फैट को मेटाबॉलाइज करता है। ऐसे में अगर इसके अंदर डैमेज सेल्स जमा होने लगें तो शरीर में विषाक्त पदार्थ और वसा बढ़ने का खतरा रहता है। यह एंजाइम शरीर के लिए खतरनाक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने, मेटाबॉलिज्म को बैलेंस रखने और सेल्स को स्टेबलाइज रखने में महत्वपूर्ण होता है।कैस्पेस-2 की कमी और लिवर कैंसर में कनेक्शनजब कैस्पेस-2 की कमी से लिवर की डैमेज्ड सेल्स के हटने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है तो यह खराब कोशिका खत्म होने की जगह लिवर में जमा होने लगती हैं। डॉक्टर गुरवंत लांबा ने बताया कि धीरे-धीरे ये कोशिकाएं ट्यूमर या कैंसर का रूप ले लेती हैं। इससे आसपास के टिश्यू में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और डैमेज बढ़ने लगती है और धीरे-धीरे लिवर डैमेज होने लगता है। मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं के मरीजों में कैस्पेस-2 की कमी के ज्यादा गंभीर परिणाम दिख सकते हैं।फैटी लिवर को रिवर्स करने के नेचुरल तरीकेडॉक्टर एस लांबा के मुताबिक, खासकर शुरुआती स्टेज में दवा के बिना भी निम्नलिखित नेचुरल तरीकों से फैटी लिवर रिवर्स किया जा सकता है।पेट के आसपास फैट जमने से लिवर पर फैट का खतरा बढ़ता है, इसलिए वजन को कंट्रोल रखें।कम तेल-मीठा, ताजे फल-सब्जियां और फाइबर वाली संतुलित डाइट लें।प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और ज्यादा शुगर से दूरी बनाकर रखें।हर दिन कम से कम 30 से 40 मिनट फिजीकल एक्सरसाइज करें। इसके लिए वॉकिंग, योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर सकते हैं।शराब को पूरी तरह से बंद करें।अच्छी नींद लें और तनाव कम करें।कैस्पेस-2 एंजाइम को पूरी तरह से दबाने वाली किसी भी थेरेपी से दूर रहना स्वस्थ विकल्प है। क्योंकि यह फैटी लिवर के मामले में कुछ फायदा जरूर दे सकती है, लेकिन लंबे समय में कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है। इसके अलावा, लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को जरूर अपनाएं। यह फैटी लिवर से बचने का सबसे बढ़िया तरीका है।
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Mar 19, 2026, 11:30 AM
नई साइबर धोखाधड़ी चेतावनीः नकली एल. पी. जी. गैस बुकिंग एस. एम. एस. से सावधान रहें

नई साइबर धोखाधड़ी चेतावनीः नकली एल. पी. जी. गैस बुकिंग एस. एम. एस. से सावधान रहें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।इन दिनों अगर आपके मोबाइल पर भी LPG गैस बुकिंग या बिल अपडेट से जुड़ा कोई SMS आया है, तो उसे बिलकुल भी हल्के में न लें। जी हां ये एक खतरनाक साइबर फ्रॉड का हिस्सा हो सकता है। दरअसल हाल ही में पुलिस ने ऐसे मामलों को लेकर एक अलर्ट भी जारी किया है, जहां ठग गैस बुकिंग के नाम पर लोगों के मोबाइल और बैंक अकाउंट तक एक्सेस बना रहे हैं। चलिए इस नए फ्रॉड के बारे में विस्तार से जानते हैं...
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Mar 19, 2026, 11:25 AM
आई. आई. टी. दिल्ली ने स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए ग्रीष्मकालीन अनुसंधान अध्येतावृत्ति 2026 की घोषणा की

आई. आई. टी. दिल्ली ने स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए ग्रीष्मकालीन अनुसंधान अध्येतावृत्ति 2026 की घोषणा की

IIT Delhi Summer Research Fellowship 2026 :रिसर्च और आगे की पढ़ाई के लिए फेलोशिप अपॉर्चुनिटी तलाश रहे स्टूडेंट्स के लिए आईआईटी दिल्ली बढ़िया मौका लाया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली अंडर ग्रेजुएट और एमटेक, एमई स्टूडेंट्स को रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए 2 महीने की फेलोशिप दे रहा है। इस दौरान आपको आईआईटी दिल्ली की फैकल्टी के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलेगा।काम के साथ फेलोशिप पाने वाले स्टूडेंट्स को वित्तीय सहायता देने के लिए हफ्ते के हिसाब से स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। साथ में रहने और ट्रैवल का खर्चा भी आईआईटी दिल्ली ही उठाएगा।IIT दिल्ली समर रिसर्च फेलोशिप 2026 डिटेल्सइंस्टीट्यूटइंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT)फेलोशिपआईआईटी दिल्ली समर रिसर्च फेलोशिप 2026ऑफिशियल वेबसाइटhome.iitd.ac.inफेलोशिप की अवधि8 हफ्ते, 13 मई 2026 से 13 जुलाई 2026 तकरजिस्ट्रेशन शुरू होने की डेट16 मार्च 2026आवेदन करने की लास्ट डेट3 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तकसेलेक्शन लिस्ट कब आएगी?मई 2026 के पहले हफ्ते मेंफेलोशिप का नोटिफिकेशनIIT Delhi Summer Research Fellowship 2026 Notificationअप्लाई करने का डायरेक्ट लिंकIIT Delhi Summer Research Fellowship 2026 Apply Linkआईआईटी दिल्ली फेलोशिप के लिए योग्यताऐसे अंडरग्रेजुएटस्टूडेंट्स जिन्होंने इंजनियरिंग डिग्री में कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी कर ली हो।अपने कोर्स/प्रोग्राम में टॉप 10 रैंक में नाम शामिल हो।आईआईटी दिल्ली के स्टूडेंट्स आवेदन के योग्य नहीं होंगे।कोई भी एमटेक/एम.ई (आईआईटी दिल्ली को छोड़कर) स्टूडेंट जिसने पहले सेमेस्टर की पढ़ाई न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक या 7 CGPA के साथ पूरी को और वो टॉप 10 रैंक करने वाले कैंडिडेट्स में शामिल हो।फेलोशिप में स्टाइपेंड कितना मिलेगा?फेलोशिप की अवधि 13 मई से 13 जुलाई 2026 तक हर हफ्ते स्टूडेंट्स को 2000 रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। यानी 8 हफ्ते में 16000 रुपये चयनित उम्मीदवारों को मिलेंगे। इसके आलावा अपने घर से आईआईटी दिल्ली आने जाने के लिए स्लीपर क्लास ट्रेन का किराया भी मिलेगा। चयनित स्टूडेंट्स के लिए आईआईटी दिल्ली में रुकने की व्यवस्था भी होगी। ऐसे में आपको इसके लिए अलग से रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।आईआईटी दिल्ली फेलोशिप में अप्लाई कैसे करें?इसफेलोशिप में अप्लाईजो भी स्टूडेंट्स अप्लाई करना चाहते हैं, वो नीचे बताए स्टेप्स के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।सबसे पहले आईआईटी दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट oldacademics.iitd.ac.in पर जाएं।यहां आपको Application For Summer Research Fellowship 2026 at IIT Delhi का लिंक नजर आएगा।अगर आप पहले से वेबसाइट पर रजिस्टर्ड हैं, तो यूजरनेम और पासवर्ड के जरिए लॉगइन करें। अगर नहीं तो Register Now पर क्लिक करें।अब अपना यूजरनेम, पासवर्ड, ईमेल आईडी, सिक्योरिटी क्वेश्चन, सिक्योरी आंसर, भरकर सिक्योरिटी की डालकर Register Me पर क्लिक करें।अब अपना यूजरनेम और पासवर्ड की डिटेल भरकर लॉगइन करें।ऑनलाइन एप्लिकेशन फॉर्म में अपना पूरा नाम, जन्मतिथि, जेंडर की डिटेल भरें। इसके बाद अपना वैलिड पोस्टल एड्रेस, टेलीफोन नंबर, मोबाइल नंबर की जानकारी दें।कॉलेज एजुकेशन इनफॉर्मेशन में अपने इंस्टीट्यूट का नाम, प्रोग्राम टाइप, डिग्री प्रोग्राम, डिसीप्लीन/स्पेशलाइजेशन, मार्क्स, रैंक भरें।अपनी रुचि के हिसाब से डिपार्टमेंट, सेंटर, स्कूल लिस्ट में से सेलेक्ट कर लें।इसके बारे में 1000 शब्दों में लिख भी दें।अगर आपकी कोई अन्य अचीवमेंट हैं, तो वो भी लिख दें।अपना फोटोग्राफ jpg फॉर्मेट में 50kb में अपलोड करें। इसके बाद NOC, रैंक सर्टिफिकेट 2MB में अपलोड करें।फॉर्म पूरा भरने के बाद इसे ऑनलाइन सब्मिट कर दें।इस फेलोशिप से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिए आपको आईआईटी दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करने की सलाह दी जाती है।
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Mar 19, 2026, 11:14 AM
बिहार के नालंदा जिले में सड़क दुर्घटना में दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

बिहार के नालंदा जिले में सड़क दुर्घटना में दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

नालंदा:बिहार के नालंदा जिले में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। इसके चलते हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई। जबकि उनके तीन दोस्तों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। तीनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना जिले के चंडी थाना क्षेत्र के सालेहपुर मोड़ और गौढ़ापर के बीच आज शुक्रवार की दोपहर हुई है। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई।नालंदा में कार गड्ढे में पलटी, दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौतमिली जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार के कहर ने दो होनहार इंजीनियरिंग छात्रों की जान ले ली, जबकि उनके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा इतना भयावह था कि सड़क किनारे गड्ढे में गिरते ही कार के परखच्चे उड़ गए। देखते ही देखते 'खुशियों का सफर' मातम में बदल गया।चंडी की ओर से आ रही थी तेज रफ्तार कार, सवार थे पांच छात्रकार में सवार सभी पांचों युवकनालंदाइंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चंडी की ओर से आ रही कार की गति इतनी अधिक थी कि गौढ़ापर के पास पहुंचते ही ड्राइवर ने कार पर से अपना नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित कार सड़क के किनारे बने एक गहरे गड्ढे में जा पलटी। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।हादसे के बाद कार में फंस गए थे सभी छात्रस्थानीय लोगों और पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे छात्रों को बाहर निकाला गया। एंबुलेंस की मदद से सभी को चंडी रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आशीष कुमार और राहुल कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं, धीरज कश्यप, उत्सव सिंह और शशिकांत की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।हादसे की मुख्य वजह कार की तेज गति और गाड़ी का अनियंत्रित होना: थानाध्यक्षचंडी थाना अध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में हादसे की मुख्य वजह वाहन की अत्यधिक गति और अनियंत्रित होना सामने आई है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। हादसे की खबर जैसे ही कॉलेज कैंपस में पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया और छात्रों व शिक्षकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
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Amar Ujala
Mar 19, 2026, 10:42 AM
नालंदा में सड़क हादसे में दो छात्रों की मौत

नालंदा में सड़क हादसे में दो छात्रों की मौत

विस्तारAdd as a preferredsource on googleनालन्दा के चंडी थाना क्षेत्र के सालेहपुर मोड़ और गौढ़ापर के बीच गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे में नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज के दो छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब छात्रों से भरी एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरी।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंतेज रफ्तार बनी कालमिली जानकारी के अनुसार, पांचों छात्र कार में सवार होकर चंडी की ओर से आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार की रफ्तार काफी अधिक थी। गौढ़ापर के समीप चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और कार सड़क से उतरकर सीधे गड्ढे में पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और छात्र अंदर ही फंस गए।विज्ञापनविज्ञापनमदद को दौड़े स्थानीय लोगचीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही चंडी पुलिस भी दल-बल के साथ पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे छात्रों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के जरिए तुरंत रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया।मृतक और घायलों की पहचानअस्पताल में डॉक्टरों ने दो छात्रों को मृत घोषित कर दिया, जिनकी पहचान आशीष कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। वहीं, गंभीर रूप से घायल तीन अन्य छात्रों धीरज कश्यप, उत्सव सिंह और शशिकांत का प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। सभी छात्र नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज के बताए जा रहे हैं।ये भी पढ़ें:कोचिंग के बहाने भागे प्रेमी युगल, मंदिर में रचाई शादी, पुलिस पहुंची तो हुआ बड़ा खुलासापुलिस ने क्या बताया?चण्डी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि कार की गति काफी तेज थी, जिसके कारण सालेहपुर-गौढ़ापर के बीच वाहन अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा गिरा। दो छात्रों की मौत की पुष्टि हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे की खबर मिलते ही कॉलेज परिसर और छात्रों के परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।विज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News App, iOSHindi News AppऔरAmarujala Hindi News APPअपने मोबाइल पे|Get allIndia Newsin Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and morenews in Hindi.
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Mar 19, 2026, 08:58 AM
नासा के दृढ़ता रोवर ने मंगल ग्रह पर प्राचीन नदी डेल्टा का पता लगाया

नासा के दृढ़ता रोवर ने मंगल ग्रह पर प्राचीन नदी डेल्टा का पता लगाया

Ancient River Delta Mars:जरा सोचिए हमारी पृथ्वी के सबसे नजदीकी ग्रह मंगल पर कभी आज की तरह सन्नाटा नहीं बल्कि नदियों का शोर था और विशाल झीलें लहरें मारती थीं. सुनने में आपको यह हैरान कर देने वाला लग रहा हो लेकिन आज से अरबों साल पहले का यह नजारा अब वैज्ञानिकों को सच होता दिखाई दे रहा है. नासा के परसेवरेंस रोवर ने RIMFAX तकनीक का इस्तेमाल कर मंगल की सतह के नीचे दबी उन परतों को खोज लिया है जो करोड़ों साल पहले वॉटर सिस्टम की गवाही दे रहे हैं. 3.7 से 4.2 अरब साल पुराने इस दफन डेल्टा की खोज ने वैज्ञानिकों को उस बायोसिग्नेचर के पास पहुंचा दिया है जिसकी तलाश दशकों से थी. नासा के परसेवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह के नीचे एक प्राचीन नदी के डेल्टा के अवशेष खोज लिए हैं. यह खोज इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह करीब 4 अरब साल पुरानी है जो मंगल पर पानी के अस्तित्व का अब तक का सबसे बड़ा सबूत है. जमीन के 115 फीट नीचे छिपा था राजयह खोज नासा के रोवर में लगे RIMFAX नाम के ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार की सहायता से की गई है. रिसर्चर्स के मुताबिक जब रोवर जेजेरो क्रेटर के 6.1 किलोमीटर के दायरे में चक्कर लगा रहा था तब रडार ने सतह से 115 फीट यानी करीब 35 मीटर नीचे कुछ खास भूगर्भीय आकृतियां पकड़ीं. ये परतदार तलछट और कटाव बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे पृथ्वी पर किसी नदी के झील में मिलने वाली जगह पर बनते हैं. जीवन के संकेतों की बढ़ी उम्मीदवैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह डेल्टा आज से लगभग 3.7 से 4.2 अरब साल पुराना है. UCLA की प्लैनेटरी साइंटिस्ट एमिली कार्डरेली के मुताबिक यह खोज बताती है कि जेजेरो क्रेटर कभी पानी से भरा था. जहां पानी होता है वहीं जीवन की भी संभावना होती है. इसीलिए वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इन प्राचीन परतों के नीचे बायोसिग्नेचर यानी प्राचीन सूक्ष्मजीवों भी दफन हो सकते हैं. ये भी पढे़ंःकाई ने तोड़ा था चट्टानों का सीना, इंसान तो बाद में आए; इस नन्हे 'जादूगर' ने धरती... मंगल का इतिहासभले ही आज मंगल ग्रह ठंडा और वीरान दिखाई देता हो लेकिन आज से अरबों साल पहले यहां का वातावरण ऐसा नहीं था, बल्कि घना और गर्म तापमान था, जिससे सतह पर पानी का बहना संभव था. पिछले साल भी परसेवरेंस ने एक चट्टान का नमूना लिया था जिसमें संभावित बायोसिग्नेचर भी मिले थे. नासा की इस खोज ने यह भी साबित कर दिया है कि मंगल ग्रह पर कभी नदियां बहती थीं और वहां झीलें भी मौजूद थीं. अब वैज्ञानिक इस डेटा का इस्तेमाल यह समझने के लिए करेंगे कि मंगल ग्रह एक रहने योग्य ग्रह से बंजर रेगिस्तान में कैसे बदल गया. ये भी पढे़ंःSpace में छिड़ेगा महायुद्ध? 'आकाश' मिसाइल के जनक डॉ. प्रह्लाद का बड़ा खुलासा
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Mar 19, 2026, 08:09 AM
गेट स्कोर भर्तीः मास्टर और डॉक्टरेट डिग्री के अवसरों को खोलना

गेट स्कोर भर्तीः मास्टर और डॉक्टरेट डिग्री के अवसरों को खोलना

GATE Score Recruitment:गेट का एग्जाम दिया या आपके पास पहले से गेट का स्कोरकार्ड है, तो आप कई तरह कीजॉबपा सकते हैं। ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा पास करके आप इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स और अन्य विषयों में मास्टर्स और डॉक्टरेट प्रोग्राम में एडमिशन तो ले ही सकते हैं। लेकिन इसके साथ आपके लिए कई पीएसयू कंपनियों में जॉब के रास्ते भी खुलते हैं।GATE के बाद नौकरियांबीएचईएल, बीएसएनएल, गेल, एचएएल समेत कई नामी सरकारी और नवरत्न कंपनियांगेट एग्जामपास करने वाले कैंडिडेट्स को नौकरी पर रखती हैं। इसके लिए कई पदों पर परीक्षा भी नहीं ली जाती। केवल गेट के स्कोरकार्ड पर ही शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन आदि के जरिए भी उम्मीदवारों को जॉब के लिए चुना जाता है। हालांकि यह पूरी तरह कंपनी पर निर्भर करता है कि वह जिस पद पर नियुक्ति कर रही है, उसपर एग्जाम लेती है या नहीं। लेकिन ज्यादातर जगह एग्जाम नहीं लिया जाता।आप यहां उन कंपनियों की लिस्ट देख सकते हैं, जहां गेट वालों के लिए समय-समय पर नौकरियां आती रहती हैं। यह लिस्ट खुद आईआईटी गुवाहाटी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट gate2026.iitg.ac.in पर शेयर की है।GATE Jobs: 25 कंपनियों की लिस्टएयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI)भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL)भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL)कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS)चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (CVPPL)दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC)इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL)इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL)गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL)हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL)माजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDSL)नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO)नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI)एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL)नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NMDC)न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL)नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC)ओडिशा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (OPGC)ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC)पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID)ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड (GRID-INDIA) (पूर्व में POSOCO के नाम से जाना जाता था)राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL)स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)नौकरियों के अलावा गेट क्वालीफाई करने पर एमटेक, पीएचडी प्रोग्राम में स्कॉलरशिप भी मिल सकती है।
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Mar 19, 2026, 07:25 AM
एच. पी. सी. एल. अधिकारी के परिवार ने हत्या के मामले में संदिग्धों के नाम बताए; पुलिस ने कई अभियुक्तों की जांच की

एच. पी. सी. एल. अधिकारी के परिवार ने हत्या के मामले में संदिग्धों के नाम बताए; पुलिस ने कई अभियुक्तों की जांच की

विस्तारAdd as a preferredsource on googleबदायूं में एचपीसीएल के अधिकारी हर्षित मिश्रा के परिजनों का एसएसपी से मिलना और बंद लिफाफे में आरोपियों के नाम देने के अलावा सभी सुबूत पुलिस के हाथ लगने के बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार से लेकर प्लांट में काम करने व आरोपी का साथ देने वाले लोगों में खलबली मची हुई है। सूत्र बता रहे हैं कि पुलिस हत्या के मामले में आठ से दस नाम विवेचना में शामिल कर सकती है। इसको लेकर क्षेत्र में तमाम चर्चाओं का बाजार गर्म है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमंगलवार को जिस तरह से हर्षित मिश्रा के परिजन डीएम अवनीश राय व एसएसपी अंकिता शर्मा से मिले और आश्वासन के बाद संतुष्ट दिखे उससे साफ हो गया है कि उन्होंने जो भी नाम विवेचना में शामिल होने को दिए हैं उन सबके नाम जल्द ही शामिल कर लिए जाएंगे। विवेचक ने इस ओर जांच शुरू कर दी है। इसमें आठ से दस नाम बताए जा रहे हैं।विज्ञापनविज्ञापनसंबंधित खबर-UP: 'देखो... अजय का रसूख टूट रहा है', सफेदपोश आका भी न बचा सके बुलडोजर के पंजे से, 40 और दुकानों टूटेंगी!गौरतलब है कि मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह को जेल भेजा चुका है। उसके परिवारवाले भागे हुए हैं। मंगलवार को आरोपी और उसके ताऊ की 11 दुकानों को बुलडोजर से ढहा दिया गया था।एसआईटी ने शुरू किया फोन कॉल डिटेल का विश्लेषणदोहरे हत्याकांड में रसूखदारों की संलिप्तता और किसी के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव का पता लगाने की कवायद एसआईटी ने तेज कर दी है। पहले चरण में कॉल डिटेल का विश्लेषण किया जा रहा है, इसके बाद जुड़ाव वाले लोगों को चिह्नित करके नोटिस भेजे जाएंगे। दोहरे हत्याकांड की विवेचना मूसाझाग थाने के नए प्रभारी वीरेंद्र तोमर कर रहे हैं।वहीं मंडलायुक्त, डीआईजी व अपर आयुक्त (खाद्य) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले में अन्य संभावित बिंदुओं की जांच पड़ताल कर रही है। सोमवार को आई एसआईटी ने मुआयना किया था। अब डीआईजी के स्तर से आरोपी, उनके करीबियों व मृतकों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल व लोकेशन आदि निकलवाई गई है।कॉल डिटेल के आधार पर चिह्नित किए जा रहे लोगडीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि कॉल डिटेल के आधार पर वह लोग चिह्नित किए जा रहे हैं, जो दोनों पक्षों के संपर्क में थे। साथ ही गेट पर तैनात रहे गार्ड, घटनास्थल के पास मौजूद रहे कर्मचारियों, मृतकों के परिजनों व कंपनी के अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे।डीआईजी अजय साहनी ने बताया कि मृतक जिन जिलों के निवासी हैं, वहां के डीएम और एसपी उनके परिजनों के संपर्क में हैं। पीलीभीत में हर्षित मिश्रा के परिवार ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, इसके लिए वहां के जिला प्रशासन के जरिये कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
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Dainik Jagran
Mar 19, 2026, 04:47 AM
राजपूताना स्टेनलेस ने सफल आई. पी. ओ. के साथ शेयर बाजार में प्रवेश किया

राजपूताना स्टेनलेस ने सफल आई. पी. ओ. के साथ शेयर बाजार में प्रवेश किया

IPO News: राजपुताना स्टेनलेस (Rajputana Stainelss Share Price) की फाइनली शेयर बाजार में एंट्री ही हो गई। इसके तगड़े जीएमपी (IPO GMP) को देखते हुए निवेशकों ने इस आईपीओ से काफी उम्मीदें लगाई थी। हालांकि उनकी इन उम्मीदों पर पानी फिर गया। राजपुताना स्टेनलेस की लिस्टिंग (Rajputana Staineless Listing Price) न ही मुनाफे और न ही गिरावट के साथ हुई।
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Dainik Jagran
Mar 19, 2026, 04:30 AM
गर्मी को मात देंः मौसमी कीमतों में वृद्धि से पहले अपनी एयर कंडीशनर सेवा ऑनलाइन बुक करें

गर्मी को मात देंः मौसमी कीमतों में वृद्धि से पहले अपनी एयर कंडीशनर सेवा ऑनलाइन बुक करें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।तेज गर्मी और उमस का मौसम आने ही वाला है। जैसे-जैसे मौसम गर्म होने लगता है, एयर कंडीशनर आपके घर की सबसे जरूरी मशीन बन जाएगी। ज्यादातर लोग आमतौर पर अपने AC की सर्विसिंग के बारे में सोचने के लिए पहले गर्म दिन का इंतजार करते हैं, लेकिन इससे अक्सर ज्टयादा खर्च हो सकता है और लंबा इंतजार करना पड़ता है। जैसे-जैसे पीक सीजन नजदीक आता है, भारत के कई शहरों में AC सर्विसिंग की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है। डिमांड में इस उछाल के कारण अक्सर कीमतें बढ़ जाती हैं और ब्रांड और टेक्नीशियन, सर्विस चार्ज 5% से 15% तक बढ़ा देते हैं। सीजनल रश से पहले अपनी AC सर्विस ऑनलाइन बुक करना इन समस्याओं से बचने का एक आसान तरीका है। यहां एक पूरी गाइड दी गई है जो आपको सीजनल कीमतों में बढ़ोतरी से पहले अपनी AC सर्विस ऑनलाइन बुक करने में मदद करेगी।
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Dainik Jagran
Mar 19, 2026, 04:00 AM
स्मार्ट वॉच ने उपयोगकर्ताओं को तीन घंटे पहले दिल का दौरा पड़ने की चेतावनी दी

स्मार्ट वॉच ने उपयोगकर्ताओं को तीन घंटे पहले दिल का दौरा पड़ने की चेतावनी दी

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।अब मरीजों को तीन घंटे पहले ही हार्ट अटैक का संकेत मिल जाएगा। ऐसा संभव होगा एक विशेष प्रकार की स्मार्ट वॉच से। रायपुर के मेकाहारा स्थित एडवांस्ड कार्डियक इंस्टिट्यूट के प्रमुख चिकित्सक डा. स्मित श्रीवास्तव और उनकी टीम ने इस स्मार्ट वॉच पर क्लिनिकल ट्रायल किया है। यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। यह दुनिया की पहली ऐसी वॉच होगी जो हार्ट अटैक आने से तीन घंटे पहले ही यूजर को खतरे का अलर्ट दे देगी।
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Amar Ujala
Mar 19, 2026, 03:17 AM
कॉलेज कैंटीन मुठभेड़ के बीच पुलिस आईएस भर्ती संदिग्धों की जांच कर रही है

कॉलेज कैंटीन मुठभेड़ के बीच पुलिस आईएस भर्ती संदिग्धों की जांच कर रही है

विस्तारAdd as a preferredsource on googleआईएस के लिए ऑनलाइन भर्ती कराने के आरोप में एटीएस ने गिरफ्तार किए बीडीएस छात्र हारिश के मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही हैं वैसे वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीम ने अन्य छात्रों से पूछताछ की तो पता चला कि करीब एक सप्ताह पहले हारिश से मिलने तीन युवक आए थे। हारिश ने उनसे कॉलेज के बाहर ही कांठ रोड पर कैंटीन पर बैठकर बातचीत की थी।विज्ञापनविज्ञापनतीन युवक उसके रिश्तेदार थे या फिर आईएस के लिए काम करने संदिग्ध युवक, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। सहारनपुर के मानकमऊ निवासी रियासत अली आईटीसी में टेक्नीशियन के पद कार्यरत हैं।रियासत अली का बड़ा बेटा डॉ. आकिफ एमबीबीएस, एमडी डॉक्टर है और लखनऊ में कार्यरत है। जबकि बेटी अरफा महाराष्ट्र में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। रियासत अली ने दो साल पहले छोटे बेटे हारिश का मुरादाबाद के निजी कॉलेज में बीडीएस में दाखिल कराया था।हारिश यहां शामली निवासी छात्र के साथ हॉस्टल में एक ही रूम में रह रहा था था लेकिन वह धीरे-धीरे कुख्यात आतंकी संगठन से जुड़ गया था। उसने अपने साथ 50 से ज्यादा छात्र जोड़ लिए थे। दो दिन पहले एटीएस हारिश को गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई थी।छात्रों पर निगरानी कर रही एटीएसइसके बाद भी एटीएस उससे जुड़े छात्रों पर निगरानी कर रही है। अब पता चला कि एक सप्ताह पहले भी तीन युवक उससे मिलने कॉलेज तक पहुंचे थे। कॉलेज आने पर वह अपने साथी और अन्य छात्रों से बोलकर निकला था कि वह कॉलेज से बाहर जा रहा है।एक छात्र ने उससे साथ चलने के लिए कहा तो उसे रोक दिया था और कहा कि वह अभी वापस आ रहा है लेकिन एक घंटे से ज्यादा समय तक उसने कॉलेज के बाहर प्रेम नगर चौराहे के पास एक कैंटीन में बैठ कर बात की थी। कुछ अन्य छात्रों ने इन्हें यहां बैठे हुए देखा था। अब टीमें इन तीन युवकों की तलाश में जुट गई हैं। इनके बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई जा रही है।15 पहले भी हारिश की तलाश में मुरादाबाद पहुंची थी टीमबीडीएस का छात्र सोशल मीडिया के जरिए लंबे समय से आईएस से जुड़ा हुआ था और उसने अन्य छात्रों को अपने साथ शामिल कर लिया था। एटीएस और अन्य एजेंसियां उसे वॉच कर रही थीं। बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले भी टीम उसकी तलाश में आई थी।टीम के सदस्यों ने कभी मरीज बनकर तो कभी तीमारदार बनकर कॉलेज में रेकी की थी लेकिन उस वक्त हारिश अपने घर चला गया था। जिस कारण टीम को सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके बाद टीम लौट गई थी लेकिन दोबारा टीम पूरी तैयारी के साथ आई और हारिश को दबोच लिया था।संदिग्ध आतंकी हारिश अली की गिरफ्तारी के बाद परिवार पर निगरानी बढ़ाईमुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी हारिश अली का घर दूसरे दिन भी बंद रहा। उसके परिवार का कोई अता पता नहीं है। ऐसे में एटीएस, एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और एलआईयू ने परिवार की निगरानी बढ़ा दी है। इसके अलावा डॉ. आदिल से भी कनेक्शन की जांच तेज कर दी है।थाना कुतुबशेर क्षेत्र के मानकमऊ की ट्रांसफार्मर वाली गली में संदिग्ध आतंकी हारिश अली का परिवार रहता है। मुरादाबाद में गिरफ्तारी के बाद बुधवार को उसके घर के आसपास कोई परिचित या रिश्तेदार नजर नहीं आया। गली में सामान्य आवाजाही जरूर रही, लेकिन लोगों ने उसके घर की ओर रुख करने से परहेज किया।हारिश अली के पिता रियासत अली क्षेत्र में एक साधारण व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे, लेकिन बेटे का नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आने के बाद परिवार अचानक घर पर ताला लगाकर कहीं चला गया है। परिवार कहां गया, इसका अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है।पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी और तेज कर दी है। घर के आसपास लगातार पुलिस की नजर बनी हुई है, वहीं खुफिया तंत्र परिवार के ठिकाने का पता लगाने में जुटा है। आशंका जताई जा रही है कि परिवार के सदस्य पूछताछ से बचने के लिए कहीं अन्य स्थान पर चले गए हैं।जांच एजेंसियां इस मामले को व्यापक आतंकी नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। खासतौर पर नवंबर 2025 में पकड़े गए आतंकी डाॅ. आदिल अहमद राथर और हारिश अली के बीच संभावित कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में सहारनपुर से आतंकी कनेक्शन के मामले सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से अधिक सतर्क हो गई हैं।
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Dainik Jagran
Mar 19, 2026, 03:14 AM
हिज़्बुल्लाह के साथ तनाव के बीच इज़राइल ने लेजर-आधारित वायु रक्षा प्रणाली, आयरन बीम तैनात किया

हिज़्बुल्लाह के साथ तनाव के बीच इज़राइल ने लेजर-आधारित वायु रक्षा प्रणाली, आयरन बीम तैनात किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद अब जवाबी हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है। इस तनाव भरे माहौल में इजरायल ने हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों को रोकने के लिए अपना लेजर आधारित एयर डिफेंस सिस्टम आयरन बीम तैनात कर दिया है।
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Amar Ujala
Mar 18, 2026, 08:56 PM
उद्योग-शिक्षा तालमेल को मजबूत करनाः उद्यमिता और नवाचार पर एक व्याख्यान

उद्योग-शिक्षा तालमेल को मजबूत करनाः उद्यमिता और नवाचार पर एक व्याख्यान

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव रसायन विभाग में उद्योग-शिक्षा समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंकार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र (एलुमनाई) एवं शेखर आनंद, सह-संस्थापक, हीथॉक्स-के प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली ने सहभागिता की।विज्ञापनविज्ञापनआनंद ने छात्रों को केवल रोजगार तक सीमित न रहकर उद्यमिता की दिशा में सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से ग्रसित नवजात शिशुओं के लिए डायग्नोस्टिक किट विकसित की, जिससे समय पर पहचान कर बेहतर उपचार एवं प्रबंधन संभव हो सके और रोगियों के जीवन की गुणवत्ता एवं अवधि में सुधार किया जा सके।उन्होंने विचार (आइडिया) से उत्पाद (प्रोडक्ट) तक की पूरी यात्रा, अनुसंधान, नवाचार तथा विभिन्न फंडिंग स्रोतों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. राजेश शर्मा के निर्देशन में किया गया। अंत में डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने मुख्य वक्ता, उपस्थित प्राध्यापकों एवं छात्रों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव कुमार मौर्य द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. एस. पी. तिवारी, डॉ. सिपाही लाल, डॉ. दिनेश कुमार सहित शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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Amar Ujala
Mar 18, 2026, 08:50 PM
भाजपा सरकार जाति आधारित नौकरियों पर योग्यता को प्राथमिकता देती हैः मंत्री

भाजपा सरकार जाति आधारित नौकरियों पर योग्यता को प्राथमिकता देती हैः मंत्री

बाराबंकी। राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने पहले की सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि पहले जाति धर्म देखकर नौकरियां दी जाती थी लेकिन भाजपा सरकार में ऐसा नहीं हो रहा है। यहां सभी वर्ग के लोग एक सामान हैं और हर वर्ग के लोगों को बिना भेदभाव के नौकरी दी जा रही है। यह बातें उन्होंने बुधवार को प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर डीआरडीओ सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कही।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंराज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं लेकिन विपक्ष को यह नहीं दिख रहा है। घरेलू गैस सिलिंडर का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक एजेंसियों पर उपलब्ध है लेकिन विपक्ष गैस की कमी का राग अलाप रहा है। कहा कि यूपीए सरकार के समय केवल 15 दिनों का स्टॉक रहता था, जबकि वर्तमान सरकार के पास दो माह का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि जहां कहीं भी कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, वहां सख्त कार्रवाई की जा रही है और एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह वर्मा, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, डीडीओ भूषण कुमार, पीडी राकेश सिंह मौजूद रहे।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 18, 2026, 08:18 PM
एम्स के डॉक्टरों ने दुर्लभ जेली-बेली कैंसर से पीड़ित रोगी को नया जीवन दिया

एम्स के डॉक्टरों ने दुर्लभ जेली-बेली कैंसर से पीड़ित रोगी को नया जीवन दिया

रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की टीम ने जानलेवा जेली-बेली कैंसर से पीड़ित मरीज को नया जीवन दिया है। चिकित्सकों की टीम ने अत्याधुनिक एचआईपीईसी (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) तकनीक के प्रयोग से इस जटिल सर्जरी को सफलता से अंजाम दिया। ऑपरेशन के 13 दिन बाद अब मरीज की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। एम्स की निदेशक डॉ. अमिता जैन और अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने कैंसर से छुटकारा दिलवाने की सफल सर्जरी करने वाली टीम को बधाई दी है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंकुछ दिन पहले सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की ओपीडी में पेट की तकलीफ से पीड़ित एक मरीज आया था। जांच कराने पर मरीज के जानलेवा कैंसर जेली-बेली से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। दुर्लभ श्रेणी की इस खतरनाक बीमारी में मरीज के पेट में बलगम जैसा पदार्थ भर गया था। चिकित्सकीय भाषा में इसे स्यूडोमिक्सोमा पेरिटोनाई (जेली-बेली) कैंसर कहा जाता है। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए मुख्य सर्जन डॉ. अविनाश चंद्र सिंह की अगुवाई में टीम ने मरीज की तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया। टीम में शामिल डॉ. अक्षय, डॉ. अनुष्का, डॉ. अभय राज यादव, डॉ. प्रवीण आदि ने अत्याधुनिक एचआईपीईसी (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) तकनीक का उपयोग करके मरीज के पेट में फैले कैंसर की सफल सर्जरी की।विज्ञापनविज्ञापनपेट के अंदर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस पर दी कीमोथेरेपीचिकित्सक डॉ. अविनाश चंद्र सिंह ने बताया कि इस तकनीक से ऑपरेशन के दौरान पेट के अंदर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस पर कीमोथेरेपी देने के साथ ही माइटोमाइसिन-सी नामक दवा का प्रयोग किया गया। एचआईपीईसी एक उन्नत चिकित्सा प्रक्रिया है। इसमें कैंसर कोशिकाओं को सीधे लक्षित किया जाता है। यह तकनीक पेट के अंदर उच्च तापमान पर कीमोथेरेपी दवा पहुंचाती है। इससे दवा की प्रभावशीलता बढ़ जाती है।ऑपरेशन के बाद संक्रमण का जोखिम कई गुनाचिकित्सकों ने बताया कि इलाज की यह तकनीक जेली-बेली जैसे दुर्लभ कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऑपरेशन के बाद संक्रमण का जोखिम भी कई गुना रहता है। मतली और उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए सर्जरी के बाद 13 दिन तक मरीज को पूरी तरह चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। मरीज की हालत में आए सुधार के बाद अब वह स्वस्थ है।
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Mar 18, 2026, 07:56 PM
एस. के. आई. एम. एस. ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित कीं और उन्नत कैंसर निदान सुविधा शुरू की

एस. के. आई. एम. एस. ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित कीं और उन्नत कैंसर निदान सुविधा शुरू की

श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) में अलग-वार्डों में हाई रेजोल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई है। डायरेक्टर, प्रो. एम अशरफ गनई ने बुधवार को संस्थान में कई हाई-एंड मेडिकल उपकरणों और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाओं का उद्घाटन किया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअलग-अलग वार्डों में हाई-रिजॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थापना से भर्ती मरीजों के लिए उनके बिस्तर पर ही डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करेंगी। यह सुविधा डॉक्टरों को मरीज के बिस्तर पर ही जांच करने और तेजी से क्लिनिकल आकलन करने में मदद करेगी। इससे मरीजों का प्रबंधन और इलाज के परिणाम बेहतर होंगे।विज्ञापनविज्ञापनइसके अलावा पैथोलॉजी विभाग ने एक उन्नत इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री पैनल शुरू किया है। इसमें 174 मार्कर शामिल हैं। इससे संस्थान की कैंसर डायग्नोस्टिक्स और सटीक पैथोलॉजी सेवाएं काफी मजबूत होंगी। यह सुविधा ट्यूमर का ज्यादा सटीक वर्गीकरण करने और कैंसर के मरीजों के लिए व्यक्तिगत इलाज की रणनीतियों में मदद करेगी।डायग्नोस्टिक क्षमताओं को और बढ़ाते हुए माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक मशीनें (ऑटोमेटेड माइकोबैक्टीरियल डिटेक्शन) भी लगाई गई हैं। ये मशीनें संक्रामक रोगों और एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के पैटर्न की तेजी से और सटीक पहचान करने में मदद करेंगी। इससे संक्रमण का निदान और मरीजों की देखभाल बेहतर होगी।
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Mar 18, 2026, 07:31 PM
निजी कंपनी ने रिक्तियों को भरने के लिए हमीरपुर में साक्षात्कार आयोजित किए

निजी कंपनी ने रिक्तियों को भरने के लिए हमीरपुर में साक्षात्कार आयोजित किए

हमीरपुर। जिला रोजगार कार्यालय हमीरपुर में नालागढ़ की निजी कंपनी 23 मार्च को साक्षात्कार लेगी। साक्षात्कार ट्रेनी कैमिस्ट और ट्रेनी माइक्रो बायोलॉजिस्ट के 4-4 पद और ट्रेनी ऑॅपरेटर के 6 पद भरे जाएंगे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंजिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रेनी केमिस्ट के पदों के लिए केमिस्ट्री में बीएससी या एमएससी, डी फार्मा या बी फार्मा, एम फार्मा पास महिला-पुरुष उम्मीदवार पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को 15 हजार से 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा।विज्ञापनविज्ञापनट्रेनी माइक्रो बायोलॉजिस्ट के लिए महिला एवं पुरुष उम्मीदवार माइक्रो बायोलॉजी में एमएससी या बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी अथवा बीटेक होने चाहिएं। चयनित उम्मीदवारों को 16 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा। ट्रेनी ऑपरेटर के पदों के लिए पुरुष उम्मीदवार मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमाधारक होना चाहिए।चयनित उम्मीदवारों को 13 हजार से 22 हजार रुपए तक मासिक वेतन मिलेगा। इन सभी पदों के लिए आयु सीमा 18 से 30 वर्ष तक रखी गई है।
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Mar 18, 2026, 07:25 PM
जलालपुर के आबिहा डायग्नोस्टिक सेंटर में आधिकारिक निरीक्षण किया गया

जलालपुर के आबिहा डायग्नोस्टिक सेंटर में आधिकारिक निरीक्षण किया गया

जलालपुर। क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को नगर के यादव चौक स्थित अबीहा डायग्नोस्टिक सेंटर पर एसडीएम राहुल गुप्ता व सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीके बादल की संयुक्त टीम ने जांच की। कोई दस्तावेज न मिलने पर सील कर दिया गया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअबीहा डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन पिछले करीब दो साल से हो रहा था। जांच के दौरान डायग्नोस्टिक सेंटर पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। मौके पर केवल एक महिला कर्मचारी मिली जो केंद्र से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। टीम ने वहां मौजूद चिकित्सा उपकरणों के साथ ही सभी आवश्यक अभिलेखों को जब्त कर लिया।विज्ञापनविज्ञापनकार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि उसी परिसर के बगल में एक पैथोलॉजी सेंटर भी संचालित हो रहा था जिसकी जांच की जा रही है। प्रशासन ने पूरे परिसर को सील कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम राहुल गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस केंद्र पर पहले भी दो बार छापा मारा गया लेकिन हर बार यह बंद मिला।बुधवार को संचालन की सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान नायब तहसीलदार हरिराम, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल त्रिपाठी व फार्मासिस्ट मनोज कुमार मौजूद रहे।अकबरपुर में पांच पैथोलॉजी सेंटर हो चुके हैं सीलपिछले तीन दिनों में अकबरपुर सीएचसी के तहत आने वाले सेंटरों की जांच की गई थी। पांच सेंटरों को अधीक्षक डॉ. मो. नूर ने सील कर दिया था, जबकि 10 संचालकों को नोटिस देकर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया था। जिलेभर में चल रही इस कार्रवाई से संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।तीन दिन बीते, नहीं आया कोई संचालकबीते दिनों सीएचसी अधीक्षक की ओर से जिन पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच की गई थी, उनका पंजीकरण नहीं मिला था, उन्हें सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण कराने के लिए नोटिस दिया गया था। इसमें उन्हें तीन दिनों में पंजीकरण कराने के निर्देश दिया गया था। बुधवार तक इनमें से कोई संचालक नहीं आया था। ऐसे में अब इनके विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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Mar 18, 2026, 02:59 PM
छात्रा की पढ़ाई को लेकर रहस्यमय पुलिस शिकायत दर्ज

छात्रा की पढ़ाई को लेकर रहस्यमय पुलिस शिकायत दर्ज

दनकौर। यमुना एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर कार से ओवरटेक कर बाइक सवार एक छात्र को रोककर जानलेवा हमला कर दिया है। चचूला गांव निवासी अनिल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भतीजा विकास नोएडा इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी में रेडियोलॉजी की पढ़ाई कर रहा है। जुनेदपुर गांव के कुछ लोग उसके परिवार से रंजिश मानते हैं। आरोप है कि बीते मंगलवार को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे(केजीपी) अंडरपास के नीचे जुनेदपुर गांव के रहने वाले रिंकू उर्फ सुबोध, आलोक और कुलदीप व अन्य अज्ञात ने कार और कई बाइकों से पीड़ित की बाइक को ओवरटेक किया। आरोप है कि इस दौरान पीड़ित पर जानलेवा हमला करते हुए जमकर मारपीट की गई। घटना में पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए निम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने रिंकू उर्फ सुबोध, आलोक और कुलदीप समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Mar 18, 2026, 02:01 PM
114 करोड़ रुपये का रोबोटिक्स लैब अनुबंध हासिल करने के बाद मफतलाल इंडस्ट्रीज के शेयरों में 7 प्रतिशत की तेजी आई

114 करोड़ रुपये का रोबोटिक्स लैब अनुबंध हासिल करने के बाद मफतलाल इंडस्ट्रीज के शेयरों में 7 प्रतिशत की तेजी आई

Mafatlal industries share price:शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी- मफतलाल इंडस्ट्रीज को ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (ओसीएसी) से राज्य में 500 'रोबोटिक्स लैब' स्थापित करने के लिए 114 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर रॉकेट की तरह बढ़े। सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को कंपनी के शेयर में 7 पर्सेंट की तेजी आई और यह 123 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। शेयर का ट्रेडिंग रेंज 132.95 रुपये से 119 रुपये के बीच रहा। इस तरह, ट्रेडिंग के दौरान शेयर में 11.72% तक की तेजी आई। शेयर के 52 हफ्ते का हाई और लो रेंज 204.90 रुपये से 112 रुपये के बीच है। मफतलाल इंडस्ट्रीज ने एक बयान में कहा कि इस ठेके को पांच साल की अवधि में पूरा किया जाएगा। कंपनी स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के तहत ओडिशा के 16 जिलों में 500 रोबोटिक्स लैब स्थापित करेगी। शेयर बाजार में दाखिल किए गए दस्तावेज़ के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को मजबूत करना और छात्रों के लिए व्यावहारिक रोबोटिक्स प्रशिक्षण के माध्यम से एक्सपीरियंस एजुकेशन को बढ़ावा देना है। कंपनी ने कहा कि ओडिशा सरकार के साथ यह सहयोग भारत में रोबोटिक्स शिक्षा की सबसे बड़ी पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों में भविष्य के लिए तैयार कौशल विकसित करना है। माफतलाल इंडस्ट्रीज ने आगे कहा कि यह ऑर्डर डिजिटल इंफ्रा और एडुटेक पहलों के विस्तार की उसकी रणनीति के अनुरूप भी है। बता दें कि ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (ओसीएसी), ओडिशा के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नामित तकनीकी निदेशालय है। कभी मशहूर कपड़ा ब्रांड रहा अरविंद मफतलाल समूह अब शिक्षा क्षेत्र में बड़ा दांव लगाने जा रहा है। समूह का इरादा यूनिफॉर्म (स्कूलों, अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली वर्दी) से लेकर एआई तक की पेशकश करने का है। बीते दिनों समूह के वाइस-चेयरमैन प्रियव्रत मफतलाल ने यह जानकारी दी। समूह की प्रमुख कंपनी मफतलाल इंडस्ट्रीज कपड़ा, विशेषरूप से यूनिफॉर्म क्षेत्र पर खास ध्यान देगी। इसके साथ ही कंपनी टेक्नोलॉजी, भविष्य के स्किल, उद्यमिता और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता क्षेत्र पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। मफतलाल इंडस्ट्रीज जिसकी 120 साल से ज्यादा की विरासत है, स्कूल, कॉरपोरेट और अस्पतालों के लिए यूनिफॉर्म या वर्दी बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है। समूह की दूसरी कंपनियों में रबड़ केमिकल बनाने वाली एनओसीआईएल लिमिटेड, भविष्य के कौशल पर केंद्रित लर्निंग स्टार्टअप ' गेट सेट लर्न' और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी व्रत टेक साल्यूशंस शामिल हैं।
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Mar 18, 2026, 12:12 PM
देवेंदर सिंह चैप्लॉट एलन मस्क की कंपनियों स्पेसएक्स और एक्सएआई के साथ सेना में शामिल हुए

देवेंदर सिंह चैप्लॉट एलन मस्क की कंपनियों स्पेसएक्स और एक्सएआई के साथ सेना में शामिल हुए

Devendra Singh Chaplot Elon Musk AI:संगमनगरी प्रयागराज के एक होनहार युवा ने वैश्विक तकनीकी जगत में अपनी पहचान और मजबूत कर ली है। गंगा गुरुकुलम, फाफामऊ से 2008 में 10वीं पास करने वाले एआई के शोधकर्ता देवेंद्र सिंह चैपलॉट अब दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में से एक एलन मस्क के साथ काम करेंगे। देवेंद्र ने हाल ही में मस्क की कंपनियों स्पेसएक्स और एक्सएआई से जुड़ने की घोषणा की है। देवेंद्र के पिता का नाम गौतम प्रकाश चैपलॉट और मां का नाम सरल चैपलॉट है। स्कूल की प्रधानाचार्य माधुरी श्रीवास्तव ने बताया कि देवेंद्र ने 2008 में 10वीं की सीबीएसई की परीक्षा में पूरे जिले में टॉप किया था। वह पढ़ने में बहुत मेधावी था। देवेंद्र सिंह चैपलॉट को स्कूली शिक्षा के दौरान पढ़ा चुके गणित के शिक्षक संजय सिंह ने बताया कि उसे नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम (एनटीएसई) की छात्रवृत्ति भी मिली थी। उन्होंने बताया कि राजस्थान के रहने वाले देवेंद्र सिंह चैपलॉट के पिता गौतम प्रकाश चैपलॉट प्रयागराज में एक सीमेंट कंपनी में सीनियर अकाउंटेंट थे। चैपलॉट परिवार मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है, जो उस समय यहां नौकरी के सिलसिले में रहता था। अब उनका परिवार राजस्थान में है या देवेंद्र के साथ अमेरिका में शिफ्ट हो गया है, यह पता नहीं चला। क्या AI से नौकरियां जाने का खतरा? ओपनएआई के CEO का बड़ा बयान, एलन मस्क पर भी बोले आईआईटी-जेईई में 2010 में 25वीं रैंक लाने के बाद देवेंद्र ने आईआईटी, मुंबई में दाखिला लिया और 2014 में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया। उन्होंने एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में माइनर भी किया। उच्च शिक्षा के लिए चैपलॉट अमेरिका गए और कार्नेगी मेलॉन विश्वविद्यालय के मशीन लर्निंग विभाग से पीएचडी की। यहां उनका शोध मुख्य रूप से ऐसा एआई सिस्टम विकसित करने पर केंद्रित रहा, जो वास्तविक दुनिया में स्वतः नेविगेट कर सकें। अपने करियर में उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया में सैमसंग और बाद में फेसबुक एआई रिसर्च में साइंटिस्ट के रूप में पांच वर्षों से अधिक समय तक सेवाएं दीं। मुकेश अंबानी, एलन मस्क जैसे सफल लोग सुबह अपनाते हैं ये 5 आदतें! आप भी जानें और बांध लें गांठ इसके बाद वे यूरोप की प्रमुख एआई स्टार्टअप मिस्ट्रल एआई से जुड़े, जहां उन्होंने बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) के विकास पर काम किया। हाल में देवेंद्र थिंकिंग मशीन लैब्स की फाउंडिंग टीम का हिस्सा भी रहे। चैपलॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एलन मस्क के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए बताया है कि वे स्पेसएक्स और एक्सएआई के साथ ‘सुपरइंटेलिजेंस’ विकसित करने के लक्ष्य पर काम करेंगे। एलन मस्क ने भी सार्वजनिक रूप से स्वागत संदेश देते हुए देवेंद्र के लिए ‘वेलकम टू एआई’ लिखा है।
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Mar 18, 2026, 11:29 AM
आई. आई. आई. टी. दिल्ली एम. टेक और पी. एच. डी. में शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले शुरू

आई. आई. आई. टी. दिल्ली एम. टेक और पी. एच. डी. में शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले शुरू

IIIT Delhi MTech and PhD admission 2026:इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी दिल्ली (IIIT दिल्ली) ने 2026-27 के एकेडमिक सेशन के लिए अपने पोस्टग्रेजुएट और PhD प्रोग्राम्स के लिए एडमिशन प्रोसेस शुरू कर दिया है। जो छात्र टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, वे इन कोर्सेस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।MTech और PhD कोर्स के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस अभी ओपन हो गया है। एमटेक प्रोग्राम्स के लिए अप्लाई करने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल 2026 है और पीएचडी कोर्सेस के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 8 अप्रैल 2026 है। आवेदन संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट iiitd.ac.in पर जाकर कर सकते हैं।इन MTech प्रोग्राम्स में एडमिशनइंस्टीट्यूट ने बताया किMTechप्रोग्राम्स को मौजूदा इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टेक्निकल जानकारी और रिसर्च स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। संस्थान ने इन कोर्स के लिए एडमिशन शुरू किए हैं-कोर्सस्पेशलाइजेशनM Tech (CSE)आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एंड मोबाइल कंप्यूटिंगM Tech (CSE – Research)रिसर्च आधारित प्रोग्रामM Tech (ECE)VLSI & एम्बेडेड सिस्टम्स, कम्युनिकेशन, मशीन लर्निंगM Tech (CB)कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी।किन PhD प्रोग्राम्स में ले सकते हैं दाखिला?IIIT दिल्ली के PhD प्रोग्राम कई फील्ड में हैं जिनमें कैंडिडेट्स दाखिला ले सकते हैं। इनमेंकंप्यूटर साइंसऔर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, ह्यूमन-सेंटर्ड डिजाइन, मैथ और सोशल साइंसेज व ह्यूमैनिटीज। जो छात्र इसमें आवेदन करना चाहते हैं, वे आधिकारिक एडमिशन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।MTech के लिए योग्यता, GATE स्कोर से एडमिशनएमटेक के लिए उम्मीदवार के पास CSE, IT, ECE या EE में BE/BTech डिग्री।अपने कोर्स में कैंडिडेट के न्यूनतम 75 प्रतिशत या उसके बराबर अंक होना जरूरी है।CS, EC, EE, Mathematics, Statistics और डेटा साइंस कोर्स के लिएGATE का स्कोरजरूरी है।PhD प्रोग्राम्स के लिए योग्यता क्या है?IIIT दिल्ली का PhD प्रोग्राम छात्रों को ग्लोबल रिसर्च से जोड़ने और शीर्ष संस्थानों में योगदान के लिए तैयार करता है। JRF, INSPIRE, DBT फेलोशिप वाले और रिसर्च रुचि रखने वाले BTech छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए गेट स्कोर जरूरी नहीं है। प्रो. सुमित जे. दरक ने कहा कि IIIT-Delhi के PG और PhD प्रोग्राम छात्रों को नाॅलेज, प्रैक्टिकल अनुभव और इंडस्ट्री अवसर देकर टेक्नोलाॅजी में सक्षम बनाते हैं।
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Mar 18, 2026, 10:56 AM
मोटोरोला ने पेश किया पावरफुल बैटरी और आकर्षक डिजाइन वाला एज 70 फ्यूजन फोन

मोटोरोला ने पेश किया पावरफुल बैटरी और आकर्षक डिजाइन वाला एज 70 फ्यूजन फोन

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।मोटारोला एज 70 फ्यूजन मोटोरोला द्वारा पेश यह फोन उन यूजर्स के लिए है, जो आकर्षक डिजाइन, परफॉर्मेंस के साथ पावरफुल बैटरी चाहते हैं। इस फोन में विश्वसनीय स्नैपड्रैगन परफार्मेंस, ड्यूरेबल बिल्ड क्वॉलिटी, बेहतर कैमरा, 7000 एमएएच की बैटरी और 144 हर्ट्ज का डिस्प्ले दिया गया है।
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Mar 18, 2026, 10:48 AM
उत्तर प्रदेश डी. एस. पी. ने फ्लाईव्हील प्रौद्योगिकी का उपयोग करके'बैल-चालित'बिजली समाधान विकसित किया

उत्तर प्रदेश डी. एस. पी. ने फ्लाईव्हील प्रौद्योगिकी का उपयोग करके'बैल-चालित'बिजली समाधान विकसित किया

लखनऊ:वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक मारामारी ऊर्जा को लेकर मची हुई है। ईरान, इस्राइल-अमेरिका के बीच जंग के पीछे भी ऊर्जा ही महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है। वहीं, देश में ग्रीन एनर्जी के विकास को लेकर लगातार काम हो रहा है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी सोलर एनर्जी को लेकर लगातार काम किया है। इन सबके बीच यूपी के डीएसपी शैलेंद्र सिंह 'बैल-चालित' बिजली समाधान विकसित करने में कामयाब रहे हैं। बैल की ताकत से चक्की चलाकर बिजली उत्पादन की नई तकनीक उन्होंने विकसित की है। फ्लाईव्हील तकनीक के जरिए वे एक बैल से हर माह पांच हजार रुपये तक की कमाई का दावा कर रहे हैं।पूर्व डीएसपी शैलेंद्र सिंह कहते हैं कि मैं लखनऊ के सिधपुरा में मई 2017 से 'श्री ग्राम धाम गौशाला' चला रहा हूं। वे बताते हैं कि हमने पारंपरिक ज्ञान को नई तकनीक के साथ मिलाकर 'फ्लाईव्हील' कॉन्सेप्ट बनाया है। यह गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल करता है। वे कहते हैं कि ऊर्जा के क्षेत्र में हमें यह मॉडल आत्मनिर्भर बना सकता है। वे कहते हैं कि इस मॉडल को 7000 सरकारी गौशालाओं में लागू किया जाना चाहिए। यह आय पैदा करने के साथ-साथ एक प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर भी काम कर सकता है।गोवंश के लिए बनाई तकनीकशैलेंद्र सिंह कहते हैं कि हमने 2017 में गोवंश की रक्षा को लेकर योजना तैयार की। दरअसल, गोवंश सड़कों पर घूमते रहते हैं। ट्रैफिक सिस्टम को प्रभावित करते हैं। किसानों के खेत में घुसकर फसल खराब करते हैं। पहले बैलों से खेती में काम लिया जाता था। लेकिन, बाद के समय में इसे छोड़ दिया गया। ऐसे में सड़कों निराश्रित घूमने वाले बैल के लिए नई योजना बनाई। इसके लिए हमने वैदिक तरीके में नई टेक्नोलॉजी को मिलाकर काम लेने का निर्णय लिया। फ्लाईव्हील तकनीक इसी का परिणाम है।क्या है फ्लाईव्हील तकनीक?पूर्व डीएसपी शैलेंद्र सिंह ने फ्लाईव्हील के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इसमें एक बड़ा व्हील लगा हुआ है। इससे मैकेनिकल डायनेमो लगा है। व्हील एक कोन पर लगा है। इसमें बैल को खड़ा किया जाता है। उनके आगे चारा रखा होता है। बैल व्हील पर रखे चारा को खाने के लिए आगे बढ़ते हैं तो व्हील भी चलता है। बैल जैसे ही रुकते हैं, पीछे खिसक जाते हैं। इससे चारा दूर होता है। वे फिर उसे खाने के लिए बढ़ते हैं। बैल इस व्हील पर आराम से चलता रहता है। इससे व्हील भी गतिमान रहता है और बिजली बनती रहती है। एक घंटे में 5 यूनिट तक बिजली ये बैल बना देते हैं।हमने वैदिक रीति से जोड़कर नई तकनीक तैयार की है। इससे बैलों के जरिए बिजली बनाया जा रहा है। फ्लाईव्हील तकनीक के जरिए हम बैलों को प्रयोग में लाकर बिजली बना सकते हैं। इससे किसान बैलों को बेकार समझना बंद करेंगे। आवारा पशुओं की समस्या का भी समाधान होगा।शैलेंद्र सिंह, पूर्व डीएसपीशैलेंद्र सिंह समझाते हैं कि अगर दो-दो घंटे की शिफ्ट में अगर आप एक बैल से 8 घंटे का काम लें तो वे 40 यूनिट बिजली बनाते हैं। इस बिजली को अगर सरकार 7 रुपये प्रति यूनिट की दर से भी खरीदती है तो किसान को 280 रुपये मिल जाएंगे। बैल को इस दौरान 100 रुपये का खाना देना होगा। इस प्रकार किसान को 180 रुपये की बचत आसानी से हो जाएगी। इस प्रकार महीने में वह 5 हजार रुपये तक कमा सकता है।सरकार से की अपीलशैलेंद्र सिंह ने सरकार से अपील की कि प्रदेश के 7000 गो-आश्रय केंद्रों में इस प्रकार के मॉडल को अपनाया जाए। इससे बैल से आय होगी। साथ ही साथ, वह ट्रेनिंग सेंटर भी बन जाएंगे। लोग वहां जाकर देखेंगे। इस प्रकार के फ्लाईव्हील मॉडल का प्रोडक्ट भी बेहतर है। वोल्टेज भी 200 वॉट तक होता है। इसके अलावा बैल के गोबर को गोबर गैस के प्लांट में रखकर गैस निकालने में उपयोग में लाया सकेगा। वैकल्पिक ऊर्जा और कार्बन रहित ऊर्जा के स्रोत के तौर पर हम इसका उपयोग कर सकते हैं। बैलों की समस्या का भी समाधान होगा।
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Mar 18, 2026, 10:30 AM
इस गर्मी में अपने कूलर को कुशलता से चलाने के लिए 5 तकनीकी युक्तियाँ

इस गर्मी में अपने कूलर को कुशलता से चलाने के लिए 5 तकनीकी युक्तियाँ

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।गर्मियां आने वाली हैं और अभी से दिन में बहुत ज्यादा गर्मी महसूस होने लगी है। ऐसे में अगर अब आप भी अपने कूलर को ऑन करने की सोच रहे हैं और चाहते हैं कि आपका कूलर AC जैसी ठंडी हवा दे और बिजली की खपत भी कम हो, तो सिर्फ पानी भरना काफी नहीं है। कूलर भी एक इलेक्ट्रिकल डिवाइस है। इसलिए इसकी भी सही से टेक्निकल मेंटेनेंस काफी ज्यादा जरूरी है। चलिए ऐसे 5 टेक टिप्स जान लेते हैं जो कूलर चालू करने से पहले आपको जरूर अपनानी चाहिए...
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Mar 18, 2026, 09:50 AM
संभावित फैटी लिवर उपचार कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है

संभावित फैटी लिवर उपचार कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के शोधकर्ताओं ने पाया कि फैटी लिवर का एक संभावित इलाज असल में कैंसर का कारण बन सकता है। अभी तक नॉन-ऐल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज को रिवर्स करने के लिए कैस्पेस-2 एंजाइम को ब्लॉक करना फायदेमंद माना जा रहा था। लेकिनसाइंस एडवांसेज पर छपी नई रिसर्चमें देखा गया कि इस एंजाइम को ब्लॉक करके रखने पर उम्र बढ़ने के साथ क्रोनिक लिवर इंजरी, स्कारिंग और कैंसर के खतरे में भी बढ़ोतरी होती है।दिल्ली स्थित श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी के डायरेक्टर डॉक्टर गुरवंत एस लांबा ने कैस्पेस-2 एंजाइम की जरूरत और इसकी कमी से होने वाले खतरे के बारे में विस्तार से समझाया है। उन्होंने फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज में रिवर्स करने के कुछ नेचुरल उपाय भी शेयर किए हैं।स्टडी से क्यों बढ़ी चिंता?कैस्पेस-2 एंजाइम की कमी से खतरा (सांकेतिक तस्वीर)रिसर्चर्स की टीम ने कुछ चूहों को जेनेटिकली मोडिफाई करके अध्ययन किया ताकि यह समझा जा सके कि शरीर में कैस्पेस-2 एंजाइम के ना रहने या काम ना करने से क्या फर्क पड़ता है। वक्त बीतने के साथ इन चूहों में लिवर इंफ्लामेशन, हेपेटाइटिस जैसी लिवर डिजीज, स्कारिंग, ऑक्सीडेटिव डैमेज और इंफ्लामेशन से जुड़ी एक तरह के सेल की डेथ देखी गई। उम्र बढ़ने पर इन चूहों के अंदर लिवर कैंसर की ज्यादा संभावना भी दिखी।जवानी से ज्यादा बुढ़ापे में खतराशोधकर्ताओं ने इस एंजाइम के काम ना करने से जवान चूहों के मुकाबले बूढ़े चूहों में लिवर ट्यूमर के मामले 4 गुना तक देखे। यह दिखाता है कि कम उम्र में फैटी लिवर का यह इलाज प्रभावी जरूर हो सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने पर इसके संभावित खतरों का सामना भी करना पड़ सकता है। यह ट्यूमर हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा से मिलता-जुलता था, जो कि इंसानों में लिवरकैंसर का सबसे आम प्रकारहै। इस रिसर्च ने कैस्पेस-2 एंजाइम की गैरहाजिरी से लिवर सेल्स को पहुंचने वाले नुकसान पर जोर दिया है।क्या हो सकता है कारण?रिसर्च की लीड रिसर्चर Dr. Loretta Dorstyn ने बताया कि लिवर सेल्स के अंदर पोलिप्लोइडी नाम के जेनेटिक मटेरियल की एक अतिरिक्त कॉपी होती है, जो लिवर को तनाव से उबरने में मदद करती है। कैस्पेस-2 एंजाइम की गैर-मौजूदगी में पोलिप्लोइडी का बढ़ा हुआ लेवल लिवर को डैमेज कर सकता है। क्योंकि यह एंजाइम-2 लिवर की हेल्दी सेल्स के बने रहने और डैमेज सेल्स के हटने वाले बैलेंस के लिए जरूरी है।फैटी लिवर ट्रीटमेंट में कैस्पेस-2 का रोलहेपेटोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर गुरवंत एस लांबा ने समझाया कि कैस्पेस-2 लिवर के अंदर फैट बनने और स्टोर होने के प्रोसेस से जुड़ा होता है। इसलिए कुछ रिसर्च में इस एंजाइम की एक्टिविटी को कम करने से लिवर में अतिरिक्त फैट जमने और फैटी लिवर की बीमारी में कमी देखी गई है। लेकिन इस एंजाइम का काम लिवर में केवल फैट स्टोरेज से जुड़ा नहीं होता।कैस्पेस-2 एंजाइम का काम क्या है?कैस्पेस-2 एंजाइम का फंक्शन (सांकेतिक तस्वीर)डॉक्टर लांबा के अनुसार, कैस्पेस-2 एक जरूरी एंजाइम है, जो शरीर में सेल्स की क्लीनिंग और कंट्रोलिंग में मदद करता है। यह पुरानी या डैमेज्ड सेल्स को पहचानकर उसे खत्म कर देता है ताकि वह आगे चलकर नुकसान ना पहुंचा सकें। लिवर के मामले में इसका रोल काफी अहम है, क्योंकि यह अंग लगातार शरीर के टॉक्सिन और फैट को मेटाबॉलाइज करता है। ऐसे में अगर इसके अंदर डैमेज सेल्स जमा होने लगें तो शरीर में विषाक्त पदार्थ और वसा बढ़ने का खतरा रहता है। यह एंजाइम शरीर के लिए खतरनाक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने, मेटाबॉलिज्म को बैलेंस रखने और सेल्स को स्टेबलाइज रखने में महत्वपूर्ण होता है।कैस्पेस-2 की कमी और लिवर कैंसर में कनेक्शनजब कैस्पेस-2 की कमी से लिवर की डैमेज्ड सेल्स के हटने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है तो यह खराब कोशिका खत्म होने की जगह लिवर में जमा होने लगती हैं। डॉक्टर गुरवंत लांबा ने बताया कि धीरे-धीरे ये कोशिकाएं ट्यूमर या कैंसर का रूप ले लेती हैं। इससे आसपास के टिश्यू में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और डैमेज बढ़ने लगती है और धीरे-धीरे लिवर डैमेज होने लगता है। मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं के मरीजों में कैस्पेस-2 की कमी के ज्यादा गंभीर परिणाम दिख सकते हैं।फैटी लिवर को रिवर्स करने के नेचुरल तरीकेडॉक्टर एस लांबा के मुताबिक, खासकर शुरुआती स्टेज में दवा के बिना भी निम्नलिखित नेचुरल तरीकों से फैटी लिवर रिवर्स किया जा सकता है।पेट के आसपास फैट जमने से लिवर पर फैट का खतरा बढ़ता है, इसलिए वजन को कंट्रोल रखें।कम तेल-मीठा, ताजे फल-सब्जियां और फाइबर वाली संतुलित डाइट लें।प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड और ज्यादा शुगर से दूरी बनाकर रखें।हर दिन कम से कम 30 से 40 मिनट फिजीकल एक्सरसाइज करें। इसके लिए वॉकिंग, योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर सकते हैं।शराब को पूरी तरह से बंद करें।अच्छी नींद लें और तनाव कम करें।कैस्पेस-2 एंजाइम को पूरी तरह से दबाने वाली किसी भी थेरेपी से दूर रहना स्वस्थ विकल्प है। क्योंकि यह फैटी लिवर के मामले में कुछ फायदा जरूर दे सकती है, लेकिन लंबे समय में कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है। इसके अलावा, लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को जरूर अपनाएं। यह फैटी लिवर से बचने का सबसे बढ़िया तरीका है।
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Mar 18, 2026, 09:30 AM
वॉट्सऐप ने वॉयस और वीडियो कॉल के लिए नॉइज़ कैंसिलेशन फीचर पेश किया

वॉट्सऐप ने वॉयस और वीडियो कॉल के लिए नॉइज़ कैंसिलेशन फीचर पेश किया

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी रोजाना WhatsApp का इस्तेमाल मैसेज के साथ-साथ सबसे ज्यादा कॉलिंग के लिए करते हैं, तो आपके लिए गुड न्यूज है। जी हां, Meta के इस पॉपुलर इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अब जल्द ही एक नया फीचर आ रहा है, जिससे यूजर्स वॉइस और वीडियो कॉल के दौरान नॉइज कैंसलेशन ऑन कर सकेंगे। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ये नया फीचर अपने आप बैकग्राउंड की नॉइज को फिल्टर कर देगा और वॉइस कॉल को ज्यादा क्लियर बना देगा। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
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Mar 18, 2026, 06:40 AM
पतंजलि के वैज्ञानिकों ने आंवले के बीजों के स्वास्थ्य लाभों का पता लगाया

पतंजलि के वैज्ञानिकों ने आंवले के बीजों के स्वास्थ्य लाभों का पता लगाया

भारत में आंवला लंबे समय से सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फल माना जाता रहा है. आयुर्वेद में इसे शरीर को मजबूत करने वाला प्राकृतिक खजाना बताया गया है. आमतौर पर लोग आंवले का जूस, मुरब्बा या चूर्ण इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके बीज को हमेशा बेकार समझकर फेंक दिया जाता था. अब यही बीज एक बड़ी खोज की वजह से चर्चा में आ गया है. पतंजलि के वैज्ञानिकों ने आचार्य बालकृष्ण के मार्गदर्शन में आंवले के बीज पर गहन अध्ययन किया. आधुनिक तकनीक से जांच करने पर पता चला कि यह बीज कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा फैटी एसिड, लिनोलिक एसिड, फ्लेवोनॉयड्स और अन्य फायदेमंद तत्व पाए गए हैं, जो दिल, त्वचा, बाल और इम्यूनिटी के लिए लाभकारी हो सकते हैं. इस खोज के बाद आंवले के बीज से कई हर्बल उत्पाद तैयार किए गए हैं. इनमें दिल की सेहत के लिए कैप्सूल, त्वचा और बालों के लिए ऑयल, तनाव कम करने वाली दवाएं और डायबिटीज मैनेजमेंट से जुड़े सप्लीमेंट शामिल हैं. इनका मकसद प्राकृतिक तरीके से स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है. इस रिसर्च को भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है. आयुष मंत्रालय और वैज्ञानिक संस्थाओं ने इसे आयुर्वेद के क्षेत्र में अहम उपलब्धि बताया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत हर्बल और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है. इस खोज का फायदा किसानों को भी मिला है. पहले जो बीज बेकार समझे जाते थे, अब वही आय का नया स्रोत बन गए हैं. पतंजलि द्वारा इन बीजों की खरीद से हजारों किसानों को अतिरिक्त कमाई का मौका मिला है. आंवले के बीज के उपयोग से खेती में जीरो-वेस्ट मॉडल को भी मजबूती मिली है. अब फल का कोई हिस्सा बेकार नहीं जाता, जिससे कचरा कम होता है और पर्यावरण को भी फायदा मिलता है. आंवले के बीज से बने उत्पाद अब विदेशों में भी भेजे जा रहे हैं. इससे भारत के आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों की मांग बढ़ी है और नए व्यापारिक अवसर खुल रहे हैं. इस रिसर्च के जरिए यह साबित हुआ है कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को मिलाकर नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं. आंवले का वही बीज, जिसे कभी बेकार माना जाता था, अब हेल्थ इंडस्ट्री और किसानों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है.
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Mar 18, 2026, 06:00 AM
ओपनएआई ने त्वरित कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रदर्शन के लिए GPT-5.4 मिनी और नैनो मॉडल का अनावरण किया

ओपनएआई ने त्वरित कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रदर्शन के लिए GPT-5.4 मिनी और नैनो मॉडल का अनावरण किया

एआई की दुनिया में एक धमाका करत हुए OpenAI ने अपने नए GPT-5.4 Mini और Nano मॉडल को लॉन्च कर दिया है. ये मॉडल खासतौर पर तेज स्पीड और कम लागत में बेहतर परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किए गए हैं. कंपनी का दावा है कि ये छोटे मॉडल भी बड़े मॉडल जैसी ताकत लेकर आते हैं, लेकिन ज्यादा तेजी से काम करते हैं. कोडिंग, डेटा प्रोसेसिंग और मल्टीमॉडल टास्क में इनका इस्तेमाल बेहद प्रभावी माना जा रहा है. OpenAI के नए GPT-5.4 Mini और Nano मॉडल को इस तरह तैयार किया गया है कि ये कम समय में ज्यादा काम कर सकें. GPT-5.4 Mini, पुराने GPT-5 Mini के मुकाबले कोडिंग, लॉजिक समझने और टूल इस्तेमाल करने में काफी बेहतर है और दो गुना से ज्यादा तेज काम करता है. वहीं GPT-5.4 Nano सबसे छोटा और सस्ता मॉडल है, जो सिंपल टास्क जैसे डेटा निकालना, क्लासिफिकेशन और बेसिक कोडिंग के लिए बनाया गया है. इन नए मॉडल्स का सबसे बड़ा फायदा कोडिंग और प्रोफेशनल वर्कफ्लो में देखने को मिलेगा. अब डेवलपर्स एक ही सिस्टम में बड़े और छोटे मॉडल को साथ इस्तेमाल कर सकते हैं, जहां बड़ा मॉडल प्लानिंग करेगा और छोटा मॉडल छोटे-छोटे काम तेजी से पूरा करेगा. इस तरह काम की स्पीड भी बढ़ेगी और लागत भी कम होगी. यह सिस्टम खासतौर पर उन एप्लिकेशन के लिए फायदेमंद है जहां तेजी और सटीकता दोनों जरूरी होती है. GPT-5.4 Mini को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह कम समय में बेहतर रिजल्ट दे सके. बेंचमार्क में यह पुराने मॉडल से बेहतर प्रदर्शन करता है और बड़े GPT-5.4 के करीब पहुंच जाता है, लेकिन काफी कम समय में. वहीं Nano मॉडल उन जगहों पर उपयोगी है जहां लागत और स्पीड सबसे ज्यादा मायने रखती है. इसका मतलब है कि अब कंपनियां कम खर्च में ज्यादा काम कर सकेंगी और एआई का इस्तेमाल बड़े स्तर पर आसान हो जाएगा. OpenAI ने इन मॉडल्स को API, Codex और ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है. GPT-5.4 Mini टेक्स्ट और इमेज दोनों इनपुट को समझ सकता है और वेब सर्च, फाइल सर्च जैसे टूल्स का भी इस्तेमाल कर सकता है. ChatGPT में यह Thinking फीचर के जरिए यूजर्स को मिलेगा, जिससे वे ज्यादा स्मार्ट और तेज जवाब पा सकेंगे. आने वाले समय में इन मॉडल्स का इस्तेमाल और भी ज्यादा एप्लिकेशन में देखने को मिलेगा. ये भी पढ़ें:WhatsApp के अलावा ये 5 ऐप्स मचा रहे धमाल, फीचर्स जानकर तुरंत कर लेंगे डाउनलोड
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Mar 18, 2026, 05:00 AM
स्मार्टफोन की बैटरी के बारे में मिथकः क्या शून्य प्रतिशत तक कम होने से आपके फोन को नुकसान हो सकता है?

स्मार्टफोन की बैटरी के बारे में मिथकः क्या शून्य प्रतिशत तक कम होने से आपके फोन को नुकसान हो सकता है?

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।स्मार्टफोन आज हमारी लाइफ का एक अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन इसकी बैटरी को लेकर कई तरह की गलतफहमियां आज भी बनी हुई हैं। कुछ लोग मानते हैं कि फोन की बैटरी को 0% तक खत्म करने के बाद ही फोन को चार्ज करना सही रहता है, लेकिन क्या ये सच है? क्या बैटरी 0% तक ड्रेन करना सही है या इससे बैटरी खराब हो सकती है, आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं...
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Mar 18, 2026, 03:21 AM
लीडेनफ्रॉस्ट प्रभावः क्रिस्पी डोसा बनाने के पीछे एक भौतिकी रहस्य

लीडेनफ्रॉस्ट प्रभावः क्रिस्पी डोसा बनाने के पीछे एक भौतिकी रहस्य

The Physics Of Crispy Dosa:सुबह या शाम को अधिकतर लोग जो हल्का स्नैक्स खाना चाहते हैं, डोसा अक्सर उन लोगों की पहली पसंद होता है. अब या तो वो मार्केट में डोसा खाते हैं या फिर घर पर ही डोसा बनवाते हैं. यदि आपको घर में आप या आपकी मां-दादी डोसा बनाती होंगी तो आपने देखा होगा कि वो तवे पर पानी की कुछ बूंदें छिड़कती हैं और वे इससे पता लगा लेती हैं कि तवा डोसा बनाने के लिए तैयार है या नहीं. IIT मद्रास के प्रोफेसर महेश पंचग्नूला के मुताबिक, यह कोई साधारण परंपरा नहीं बल्कि फिजिक्स है.18वीं शताब्दी में जर्मनी में खोजा गया 'लिडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट' सदियों से भारतीय रसोइयों में इस्तेमाल हो रहा है जो यह बताता है कि आपका डोसा परफेक्ट और क्रिस्पी बनेगा या नहीं. प्रोफेसर महेश पंचग्नूला का कहना है जब किसी सतह (जैसे लोहे का तवा) को एक निश्चित तापमान से बहुत अधिक गर्म किया जाता है तो उस पर गिरने वाला लिक्विड तुरंत नहीं गर्म होगा. पहले पानी की बूंद के नीचे भाप की एक बहुत पतली सेफ्टी लेयर बनती है. यह भाप की परत पानी को गर्म सतह के सीधे संपर्क में आने से रोकती है. यही कारण है कि पानी की बूंदें भाप बनकर उड़ने के बजाय तवे पर डांस करने लगती हैं. आसान शब्दों में समझें तो किसी भी लिक्विड और तवे के बीच भाप की परत बन जाती है. Ever wondered why a dosa turns out perfectly crispy on the outside and soft inside? The secret goes far beyond culinary instinct driven by physics.In an authored article for@dt_next@iitmadras, Prof. Mahesh Panchagnula unpacks the science behind this everyday magic. The…pic.twitter.com/ZaiyFjJ6o6 डोसा बनाने का सही तरीका पूरी तरह तवे के सही तापमान पर निर्भर करता है. प्रोफेसर महेश का कहना है अगर तवा बहुत ठंडा है तो घोल तवे पर चिपक जाएगा और डोसा टूट जाएगा. वहीं अगर तवा जरूरत से ज्यादा गर्म है तो घोल सतह को पकड़ ही नहीं पाएगा और डोसे में जले हुए निशान या छेद हो जाएंगे. जब पानी की बूंदें छिड़कते हैं तो पानी की बूंदों का 'वाटर डांस टेस्ट' हमें वह सटीक 'स्वीट स्पॉट' बताता है जहां तवा इतना गर्म होता है कि घोल चिपके नहीं, लेकिन इतना भी गर्म नहीं कि वह जल जाए.
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Mar 18, 2026, 02:12 AM
एन. आई. टी. जमशेदपुर ने अपशिष्ट ऊष्मा को विद्युत ऊर्जा में बदलने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित की

एन. आई. टी. जमशेदपुर ने अपशिष्ट ऊष्मा को विद्युत ऊर्जा में बदलने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित की

जमशेदपुर, वेंकटेश्वरराव।राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर ने ऊर्जा संरक्षण और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। संस्थान केधातुकर्मएवं सामग्री अभियांत्रिकी विभाग(MetallurgicalandMaterialsEngineering)के शोधकर्ता डॉ. चंद्रशेखर चौधरी ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली बेकारऊष्मा(WasteHeat)को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर सकती है।
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Mar 18, 2026, 01:31 AM
हिसार विश्वविद्यालय का लक्ष्य ड्रोन प्रौद्योगिकी में अग्रणी योगदान देना है

हिसार विश्वविद्यालय का लक्ष्य ड्रोन प्रौद्योगिकी में अग्रणी योगदान देना है

जागरण संवाददाता हिसार।हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में राष्ट्र के लिए अग्रणी योगदान देगा। विश्वविद्यालय पूर्णतया स्वदेशी तकनीक से ड्रोन विकसित करेगा।गुजविप्रौवि का यह योगदान न केवल देश के रक्षा क्षेत्र में बल्कि कृषि, उद्योग, चिकित्सा, यातायात, निगरानी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी भारत की अभूतपूर्व सफलता का आधार बनेगा।
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Mar 18, 2026, 01:17 AM
एनवीडिया ने पीसी गेम्स के लिए डीएलएसएस 5: एआई-संचालित ग्राफिक्स क्रांति का अनावरण किया

एनवीडिया ने पीसी गेम्स के लिए डीएलएसएस 5: एआई-संचालित ग्राफिक्स क्रांति का अनावरण किया

Nvidia ने 16 मार्च 2026 को अपने GTC इवेंट में DLSS 5 (Deep Learning Super Sampling 5) लॉन्च किया. यह एक नई टेक्नोलॉजी है जो PC गेम्स में ग्राफिक्स बनाने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है. पहले DLSS का फोकस गेम की स्पीड (frame rate) बढ़ाने या रिजॉल्यूशन सुधारने पर था, लेकिन DLSS 5 इससे एक कदम आगे जाता है. अब यह AI की मदद से गेम के अंदर लाइटिंग, शैडो और मटेरियल को रियल टाइम में खुद जनरेट करता है. यानी गेम के हर फ्रेम में क्या दिखेगा, यह तय करने में AI बड़ी भूमिका निभाता है. DLSS 5 कैसे काम करता है?DLSS 5 का सबसे बड़ा बदलाव है “Neural Rendering” यानी AI के जरिए ग्राफिक्स बनाना. पहले गेम इंजन खुद लाइट, शैडो और रिफ्लेक्शन की गणना करता था, जो काफी भारी प्रोसेस होता है. अब DLSS 5 में गेम सिर्फ बेसिक डेटा जैसे सीन का ढांचा, रंग और मूवमेंट जानकारी GPU को भेजता है. इसके बाद RTX GPU के अंदर मौजूद Tensor Cores AI मॉडल को चलाते हैं, जो तय करता है कि लाइट किस तरह ऑब्जेक्ट्स पर पड़ेगी. AI अलग-अलग चीजों को पहचान भी सकता है- जैसे स्किन, बाल, पानी, धातु या कपड़ा. फिर उसी हिसाब से वह रिफ्लेक्शन, शैडो और लाइटिंग इफेक्ट्स बनाता है. इससे गेम ज्यादा रियलिस्टिक दिखता है, लेकिन परफॉर्मेंस पर ज्यादा असर नहीं पड़ता. DLSS 4.5 से कितना अलग है DLSS 5?DLSS 4.5 और DLSS 5 दोनों अलग-अलग काम करते हैं. DLSS 4.5 का मुख्य काम था गेम को स्मूद बनाना. इसमें AI के जरिए एक्स्ट्रा फ्रेम्स बनाए जाते थे, जिससे गेम ज्यादा स्मूद चलता है. वहीं DLSS 5 का फोकस फ्रेम की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि हर फ्रेम की क्वालिटी सुधारने पर है. यह हर फ्रेम के अंदर लाइटिंग और डिटेल्स को AI से बेहतर बनाता है. सीधे शब्दों में कहें तो DLSS 4.5 गेम को स्मूद बनाता है, जबकि DLSS 5 गेम को ज्यादा खूबसूरत और रियल बनाता है. गेमर्स और डेवलपर्स के लिए क्यों है बड़ा बदलाव?DLSS 5 को गेम-चेंजर इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह पारंपरिक ग्राफिक्स टेक्नोलॉजी को बदल सकता है. अभी तक रियलिस्टिक लाइटिंग के लिए Ray Tracing जैसी भारी तकनीक का इस्तेमाल होता था, जो बहुत ज्यादा GPU पावर लेती है. लेकिन DLSS 5 में AI यह काम आसान तरीके से करता है. इससे गेम में स्किन की ट्रांसपेरेंसी, पानी या मेटल पर रिफ्लेक्शन, और कपड़ों पर लाइट का असर ज्यादा असली जैसा दिखता है. इसका मतलब है कि अब गेम्स का विजुअल क्वालिटी फिल्मों के करीब पहुंच सकती है, वो भी रियल टाइम में. किन गेम्स और GPU में मिलेगा सपोर्ट?DLSS 5 GeForce RTX GPU पर काम करेगा और 2026 के अंत तक लॉन्च होने की उम्मीद है. यह Streamline फ्रेमवर्क के जरिए गेम इंजनों में जोड़ा जाएगा, जिससे डेवलपर्स इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे. कई बड़े गेम स्टूडियो और पब्लिशर्स ने इसे अपनाने की पुष्टि भी की है. आने वाले समय में Starfield, Hogwarts Legacy और Resident Evil Requiem जैसे गेम्स में इसका सपोर्ट देखने को मिल सकता है. क्या यह गेमिंग का भविष्य है?DLSS 5 दिखाता है कि गेमिंग इंडस्ट्री अब AI-ड्रिवन ग्राफिक्स की ओर बढ़ रही है. जहां पहले हर चीज को गणना करके बनाया जाता था, अब AI उसे समझकर और बेहतर तरीके से बना सकता है. अगर यह टेक्नोलॉजी सफल होती है, तो आने वाले सालों में गेमिंग का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है- जहां ग्राफिक्स ज्यादा रियल, स्मूद और सिनेमैटिक होंगे.
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Mar 18, 2026, 12:50 AM
ए. एम. यू. के छात्र मोहम्मद उमैर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आई. एस. आर. ओ.) द्वारा वैज्ञानिक नियुक्त किया गया है।

ए. एम. यू. के छात्र मोहम्मद उमैर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आई. एस. आर. ओ.) द्वारा वैज्ञानिक नियुक्त किया गया है।

एएमयू के छात्र मोहम्मद उमैर का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक के पद पर हुआ है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अब्दुल्ला स्कूल से प्राप्त की है। इसके बाद एसटीएस स्कूल (मिंटो सर्किल) में अध्ययन किया और फिर सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल से इंटर पूरा किया। उन्होंने एएमयू से बी.आर्क और मास्टर ऑफ प्लानिंग (एम.प्लान) की डिग्री प्राप्त की। ब्यूरोऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Mar 18, 2026, 12:38 AM
समालखा में पाईट कॉलेज में सुरक्षा अधिकारी का पर्स चोरी

समालखा में पाईट कॉलेज में सुरक्षा अधिकारी का पर्स चोरी

समालखा। पाइट कॉलेज में सुरक्षा अधिकारी का पर्स, डेबिट और क्रेडिट कार्ड समेत अन्य जरूरी कागज चोरी लिए गए। उन्होंने एक अनजान लड़के पर इसके आरोप लगाए हैं। थाना समालखा पुलिस ने इसमें प्राथमिकी दर्ज कर ली है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसोनीपत की भगत सिंह कॉलोनी के सुखबीर सिंह की सूचना पर हलदाना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पाइट कॉलेज में सुरक्षा अधिकारी के पद पर तैनात है। उनका बैग कॉलेज के आईटी स्टाफ रूम में रखा था। एक अनजान लड़का उनके बैग से पर्स और डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड वोटर आईडी व अन्य जरूरी कागजात निकाल ले गया। पुलिस ने स्टाफ रूम के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, इसके आधार पर आगामी कार्रवाई शुरू की। समालखा थाना पुलिस के प्रभारी गुलशन ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपी की तलाश की जा रही है।विज्ञापनविज्ञापन
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Mar 18, 2026, 12:30 AM
बिहार की महिला पारंपरिक कैरियर मार्गों को दरकिनार करते हुए भोजपुरी एग्रीटेक स्टार्टअप शुरू करेगी

बिहार की महिला पारंपरिक कैरियर मार्गों को दरकिनार करते हुए भोजपुरी एग्रीटेक स्टार्टअप शुरू करेगी

पटनाःबिहार में स्टार्टअप योजना के लाभ से प्रदेश में उभरते उद्यमियों को अपनी पहचान कायम करने में बहुत बड़ा योगदान कायम किया है। इसकी कड़ी में राज्य के सारण जिले के महमदपुर गांव में रहने वाली महिला गुड़िया कुमारी होम साइंस विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के बजाय भोजपट्टा एग्रीटेक स्टार्टअप लांच करने की योजना बनायी।किसानों की परेशानी के किया दूरगुड़िया कुमारी ने बताया कि 2012 मेंकेला रेसा यानी फाइबरको खरीदने के लिए किसानों के पास जाया करती थी। एक बार हाजीपुर और सारण का इलाका बाढ़ से ग्रसित हो गया। जिससे केला पैदा करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। तभी उन्होंने फल-सब्जी को सुखाने और हल्का रखने के लिए अपने गांव में ही पहला ड्रायर बनाया और एक किसान को इस्तेमाल करने के लिए दिया। जो बिल्कुल सफल साबित रहा।स्टार्टअप से बदली दुनियावहीं भोजपट्टा के को-फाउंडर और गुड़िया कुमारी के पति नीतीश कुमार ने बताया कि 2023 में उद्योग विभाग की स्टार्टअप योजना के लाभ से 9 लाख का ऋण प्राप्त हुआ। योजना ने हमारेस्टार्टअप को देश-दुनिया के बड़े प्लेटफॉर्मपर प्रमोट करने में भी अहम भूमिका निभाई। भोजपट्टा एग्रीटेक के ड्राइयर को उन्होंने खुद ही डिजाइन किया है। जिसका उन्हें पेटेंट भी मिल चुका है।बाढ़ग्रस्त हजारों किसानों के वरदान बना प्रोडक्टभोजपट्टा एग्रीटेक के 250 ड्रायर अबतक बिक चुके है। जिससे बिहार के बाढ़ ग्रसित इलाके में खेती करने वाले किसान इसके लाभ से अपने फल और सब्जियों को तैयार करके दोगुनी आय अर्जित कर रहे है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अपने प्रोडक्ट के दम पर उन्हें कई अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है। जिसमें महारथी अवार्ड, ग्रीन इनर्जी चैलेंज अवार्ड में 10 लाख रुपये और आइआइटी कानपुर से 12 लाख का प्रोत्साहन फंडिंग दिया जा चुका है। बिहार अब शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ उद्योग-उद्यम की भूमि बनकर उभर रहा है।
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Mar 17, 2026, 07:55 PM
भारतीय किसानों के अभिनव वर्मी-कम्पोस्ट व्यवसाय ने 10 लाख रुपये की वार्षिक आय देखी

भारतीय किसानों के अभिनव वर्मी-कम्पोस्ट व्यवसाय ने 10 लाख रुपये की वार्षिक आय देखी

अजय कसानऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंकैथल। सजूमा गांव के प्रगतिशील किसान बलदेव सिंह ने यह साबित कर दिया है कि नई सोच और सही तकनीक से साधारण संसाधनों को भी आय का बड़ा जरिया बनाया जा सकता है। जिस गोबर को आमतौर पर बेकार समझा जाता है, उसी से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर उन्होंने सालाना करीब 10 लाख रुपये की कमाई का सफल मॉडल खड़ा किया है।पिछले तीन वर्षों से बलदेव सिंह अपनी करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर वर्मी कंपोस्ट यूनिट संचालित कर रहे हैं। वह आसपास के गांवों से गोबर खरीदकर केंचुओं की मदद से उसे जैविक खाद में बदलते हैं। उनकी तैयार खाद ‘डीबी वर्मी कंपोस्ट’ के नाम से बाजार में पहचान बना चुकी है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। बलदेव सिंह ने बताया कि उनकी खाद की गुणवत्ता के कारण किसान खुद उनके फार्म पर पहुंचकर इसे खरीदते हैं। एक बैग की कीमत करीब 250 रुपये है। उनका मानना है कि वर्मी कंपोस्ट न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी की सेहत को भी सुधारती है। उन्होंने इस कार्य का प्रशिक्षण करनाल से लिया और वहीं से केंचुए लाकर इसकी शुरुआत की। संवादविज्ञापनविज्ञापनमेहनत और सही जानकारी से संभव है लाखों की कमाईबलदेव सिंह का कहना है कि यदि किसान मेहनत और सही जानकारी के साथ काम करें तो गोबर से भी लाखों रुपये की आय अर्जित की जा सकती है। जैविक खेती अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उनका यह मॉडल न केवल उनकी आय का मजबूत साधन बना है, बल्कि आसपास के किसानों को भी जैविक खेती की ओर प्रेरित कर रहा है।
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Mar 17, 2026, 06:49 PM
बाजपुर पीजी कॉलेज निर्माण प्रगति का एस. डी. एम. और समिति सदस्य द्वारा निरीक्षण किया गया

बाजपुर पीजी कॉलेज निर्माण प्रगति का एस. डी. एम. और समिति सदस्य द्वारा निरीक्षण किया गया

और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंबाजपुर। बाजपुर पीजी कॉलेज में निर्माणाधीन साइंस और कॉमर्स ब्लाक, परीक्षा हाल, आईटी लैब कार्यों का एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा और जिला निगरानी समिति सदस्य राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।राजेश कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 19 करोड़ छह लाख में पीजी साइंस भवन, कॉमर्स भवन और राज्य सरकार की ओर से पांच करोड़ 73 लाख में परीक्षा भवन और एक करोड़ नौ लाख में आईटी लैब का निर्माण होना है। इसका जिम्मा पेयजल निर्माण निगम और मंडी समिति को सौंपा गया है।विज्ञापनविज्ञापनमंगलवार शाम एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने अधिकारियों के साथ पीजी कॉलेज जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मानकों की अनदेखी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।मौके पर प्राचार्य डॉ. बीके सिंह, डॉ. आदर्श चौधरी, डॉ. अनिल सैनी, छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र बोरा, निर्माण संस्था के एई मनोज जोशी, जेई गौरव मेहरा, हिमांशु आदि थे।
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