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Navbharat Times
May 6, 2026, 06:50 AM
दिल्ली सरकार ने शिक्षकों के वेतन में वृद्धि की घोषणा की

दिल्ली सरकार ने शिक्षकों के वेतन में वृद्धि की घोषणा की

Delhi Teacher's Salary Hike 2026:दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में राज्य के शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। मीटिंग के बाद शिक्षकों की सैलरी 18000 तक बढ़ाने पर मुहर लगा दी गई है। अब खास शिक्षकों के बैंक अकाउंट में बढ़ी हुई नई सैलरी आएगी।दिल्ली में करीब 1,131 वोकेशनल टीचर्स को अलग-अलग विधाओं की ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं समग्र शिक्षा अभियान के तहत वर्तमान में कुल 784 सेंटर्स चल रहे हैं। इन शिक्षकों को लंबे समय से अपनी सैलरी बढ़ने का इंतजार था।दिल्ली के किन शिक्षकों की सैलरी बढ़ी है ?दिल्ली सरकार ने वोकेशनल और समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने का फैसला लिया है। दिल्ली में वोकेशन टीचर्स को अब तक 20 से 23 हजार रुपये महीना सैलरी मिल रही थी। वहीं समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षक 21,000 रुपये महीने की सैलरी पर काम कर रहे थे।वोकेशनल और समग्र शिक्षा अभियान शिक्षक कौन हैं?छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने और एजुकेशन सिस्टम को मजबूत करने में इनकी अहम भूमिका रहती है। वोकेशनल टीचर्स किसी खास प्रैक्टिल स्किल में माहिर होते हैं, जो सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 9वीं से 12वीं क्लास तक के छात्रों को पढ़ाते हैं। इसके अलावा ITI में भी इनकी अहम भूमिका रहती है। वहीं समग्र शिक्षा अभियान (SSA) शिक्षक स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर्स में उन बच्चों को सामान्य विषय पढ़ाते हैं, जो स्कूल नहीं जा पाते। इन केंद्रों का उद्देश्य ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इन शिक्षकों की भर्ती कॉन्ट्रेक्ट बेसिस पर होती है। इसलिए इन्हें गेस्ट टीचर भी कहा जाता है।शिक्षकों के अकाउंट में कितनी सैलरी आएगी?कैबिनेट मीटिंग में इन शिक्षकों की सैलरी 18000 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। वोकेशन टीचर्स को पहले 20 से 23000 रुपये महीना सैलरी मिल रही थी। इनके बैंक अकाउंट में अब 38,100 रुपये सैलरी आएगी। यानी कुल बढ़ोतरी 15,100 से 18,100 रुपये तक की गई है। इसका सीधा असर दिल्ली के 1,131 वोकेशनल शिक्षकों पर पड़ेगा।इसी तरह समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षकों को पहले 21,000 रुपये सैलरी मिलती थी। अब इनके अकाउंट में 35,420 रुपये यानी 14,240 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नई सैलरी आएगी। इस फैसले से 784 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर्स में पढ़ाने वाले शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा।
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Dainik Jagran
May 6, 2026, 06:02 AM
बोर्ड अंकों की पुनः गणना और उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच की अनुमति देता है

बोर्ड अंकों की पुनः गणना और उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच की अनुमति देता है

बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, छात्र विषयात्मक और वस्तुनिष्ठ दोनों प्रकार के प्रश्नपत्रों में अंकों के पुनः योग की जांच के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही, वे अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी भी प्राप्त कर सकेंगे।
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TV9 Hindi
May 6, 2026, 05:51 AM
सी. यू. ई. टी. यू. जी. 2026: मई में आयोजित होने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में से एक

सी. यू. ई. टी. यू. जी. 2026: मई में आयोजित होने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में से एक

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 सबसे बड़ी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में शामिल होने जा रहा है, जिसकी तैयारी इस बार और भी बड़े स्तर पर की गई है. परीक्षा 11 से 31 मई 2026 तक आयोजित होगी और इसके एडमिट कार्ड 5 मई को जारी कर दिए गए हैं. इस बार रिकॉर्ड संख्या में स्टूडेंट्स ने आवेदन किया है, जिससे परीक्षा केंद्र आवंटन की प्रक्रिया काफी जटिल हो गई है. लाखों छात्रों की पसंद, विषय संयोजन (subject combination) और शिफ्ट को ध्यान में रखते हुए सेंटर तय करना एक बड़ी चुनौती बन गया है, फिर भी अधिकांश छात्रों को उनकी पसंद के शहर मिले हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार CUET UG 2026 इस साल दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में से एक मानी जा रही है. इस बार करीब 15.68 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. हर छात्र को अधिकतम 5 विषय चुनने का विकल्प मिला, जिससे कुल परीक्षा सत्रों की संख्या बढ़कर लगभग 67.56 लाख तक पहुंच गई. इसके अलावा, छात्रों ने 12,906 अलग-अलग विषय संयोजन (subject combination) चुने हैं, जो एग्जाम मैनेजमेंट को और जटिल बनाते हैं. परीक्षा देशभर में 35 शिफ्ट में आयोजित की जाएगी, ताकि सभी छात्रों को समायोजित (accommodated) किया जा सके. CUET-UG 2026 — the logistics behind centre allocation 🧵 This year’s exam is among the largest computer-based tests conducted anywhere in the world: • 15,68,866 candidates registered• Up to 5 subjects each → 67,56,321 test instances• 12,906 distinct subject combinations — National Testing Agency (@NTA_Exams)May 5, 2026 इस बार करीब 43% छात्र केवल तीन राज्यों, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में केंद्रित हैं. इन राज्यों में लगभग 6.74 लाख उम्मीदवार हैं जिनके लिए 9,922 सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन बने हैं. ऐसे में इन क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों पर दबाव काफी ज्यादा है. परीक्षा केंद्र तय करना केवल शहर चुनने तक सीमित नहीं है. इसके लिए तीन अहम बातों को एक साथ देखना होता है अगर किसी शहर में किसी विशेष विषय और शिफ्ट के लिए सीटें कम पड़ जाती हैं तो छात्रों को दूसरे शहर में केंद्र दिया जाता है. इतनी जटिल प्रक्रिया के बावजूद 79% छात्रों को उनकी पहली पसंद का शहर मिला है. वहीं 96.6% छात्रों को उनकी पसंद के शहरों में से ही केंद्र आवंटित किया गया है. हालांकि 3.4% छात्रों को उनकी पसंद से अलग शहर मिला है, जिससे उन्हें असुविधा हो सकती है. इसके लिए संबंधित एजेंसी ने खेद जताया है और समाधान देने की बात कही है. टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल TV9 नेटवर्क का प्रमुख हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है. इस वेबसाइट पर देश-विदेश की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग से पाठकों को रूबरू कराया जाता है. टीवी9 की वेबसाइट tv9hindi.com प्रमुख हिंदी वेबसाइटों में अपना स्थान रखती है. टीवी9 हिंदी का अपना मोबाइल ऐप भी है, जहां टेक्स्ट और वीडियो दोनों माध्यम से खबरें पढ़ीं और देखी जा सकती हैं. टीवी9 वेबसाइट पर राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य, टेक और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसी विविध श्रेणियों में खबरें कवर की जाती हैं. यहां एक्सप्लेनर्स, एक्सक्लूसिव स्टोरीज, वीडियो रिपोर्ट्स और लाइव अपडेट्स मिलते हैं. TV9 नेटवर्क का डिजिटल सेगमेंट तेजी से बढ़ा है और मिलियंस की संख्या में यूनिक यूजर्स तक पहुंचता है.
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Amar Ujala
May 6, 2026, 05:27 AM
आगरा परिषद के स्कूल शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए डिजिटल शिक्षा को लागू करेंगे

आगरा परिषद के स्कूल शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए डिजिटल शिक्षा को लागू करेंगे

विस्तारAdd as a preferredsource on googleआगरा के परिषदीय विद्यालयों में अब पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है। किताबों के साथ-साथ तकनीक के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा, जिससे उनकी समझ, कौशल और आत्मविश्वास को मजबूत किया जा सके।और पढ़ेंTrending Videosपरिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने मौजूदा शैक्षिक सत्र से डिजिटल लर्निंग को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। अब कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में कम से कम एक पीरियड डिजिटल लर्निंग का होगा, जिसमें बच्चों को तकनीक के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।विज्ञापनविज्ञापनबीएसए जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि बदलते समय में बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें तकनीक के साथ जोड़ना जरूरी है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। डिजिटल लर्निंग क्लास का उद्देश्य बच्चों को स्मार्ट तरीके से सीखने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि इन कक्षाओं में बच्चों को ई-कंटेंट, वीडियो लेक्चर, इंटरएक्टिव क्विज, स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल टूल्स के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इससे पढ़ाई रोचक बनेगी और बच्चे विषयों को आसानी से समझ सकेंगे।कहा कि डिजिटल लर्निंग से बच्चों की समझने की क्षमता बढ़ेगी। इसमें विजुअल और ऑडियो माध्यम का उपयोग होने से बच्चों की रुचि पढ़ाई में बढ़ेगी और वे ज्यादा सक्रिय होकर सीखेंगे। इन कक्षाओं में बच्चों को बेसिक कंप्यूटर ज्ञान, इंटरनेट का सही उपयोग, ऑनलाइन लर्निंग टूल्स, डिजिटल कंटेंट की समझ और प्रेजेंटेशन स्किल्स सिखाई जाएंगी।साथ ही विषयों को एनिमेशन और वीडियो के माध्यम से समझाया जाएगा। बताया कि आज के दौर में हर क्षेत्र में तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों को शुरुआती स्तर से ही डिजिटल शिक्षा देना जरूरी हो गया है। इससे वे न केवल पढ़ाई में बेहतर होंगे, बल्कि भविष्य में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार रहेंगे।
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May 6, 2026, 04:58 AM
दिल्ली विश्वविद्यालय की एस. ओ. एल. परीक्षाओं के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन

दिल्ली विश्वविद्यालय की एस. ओ. एल. परीक्षाओं के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के एग्जाम अगले महीने से प्रस्तावित है. इसको लेकर एसओएल स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स को अभी तक स्टडी मटेरियल नहीं मिल पाया है. तो वहीं सिलेबस भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है. इसके विरोध में सोमवार को क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के बैनर तले एसओएल स्टूडेंट्स ने कैंपस में प्रदर्शन किया. इस दौरान स्टूडेंट्स ने डीयू कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें स्टूडेंट्स ने अपनी मांगे रखी हैं. आइए जानते हैं कि डीयू एसओएल स्टूडेंट्स ने किन मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. साथ ही जानते हैं कि स्टूडेंट्स ने किन मांगों को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा है. आइए विस्तार से जानते हैं. केवाईसी के बैनर तले एसओएल के स्टूडेंट्स ने सोमवार को प्रदर्शन किया. इस संबंध में केवाईसी ने बयान जारी कर रहा है किएसओएल के बीए प्रोग्राम और बीए-बीकॉम ऑनर्स जैसे कई पाठ्यक्रमों की कक्षाएं या तो हो चुकी हैं, या फिर अगले सप्ताह ही समाप्त होने वाली हैं. इस सेमेस्टर में भी सिर्फ 1015 कक्षाए ही स्टूडेंट्स को दी जा रही हैं, इसलिए इतनी कम कक्षाओं में सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है. ऐसे में एसओएल प्रशासन बिना सिलेबस पूरा किए ही कक्षाएं समाप्त कर रहा है. इससे छात्रों की परीक्षा की तैयारी भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने का खतरा बना हुआ है. केवाईसी ने जारी बयान में आरोप लगाया है किएसओएल स्टूडेंट्स को अभी तक पूरा स्टडी मटेरियल उपलब्ध नहीं कराय गया है. इस वजह से स्टूडेंट्स की परेशानी बढ़ी हुई है. जारी बयान में कहा गया है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार, सेमेस्टर प्रारंभ होने के दो सप्ताह के भीतर छात्रों को स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य हैै, लेकिन, दुर्भाग्यवश, महीने भर बाद परीक्षा होने के बावजूद, अधिकांश एसओएल स्टूडेंट्स को अब तक उनका पूरा स्टडी मटेरियल नहीं मिला है.स्टूडेंट्स के लगातार दबाव के चलते प्रशासन ने बीते सेमेस्टर में कुछ स्टूडेंट्स को किताबें जरूर भेजी हैं, लेकिन जिन स्टूडेंट्स को किताबें मिली भी हैं, वे अधूरी हैं. साथ ही केवाईसी ने कहा है कि चौथे वर्ष के एसओएल रिसर्च स्टूडेंट्स से संबंधित एक गंभीर समस्या भी सामने आई है. सातवें सेमेस्टर के रिसर्च पेपर में, अधिकांश स्टूडेंट्स को उनके समय पर सबमिशन के बावजूद ईआर (Essential Repeat) दे दी गई है, जिसे अब तक ठीक नहीं किया गया है. साथ ही, सातवें सेमेस्टर में भी स्टूडेंट्स को स्टडी मटेरियल (किताबें) उपलब्ध नहीं कराया गया था और इस सेमेस्टर में भी यह समस्या बनी हुई है. टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल TV9 नेटवर्क का प्रमुख हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है. इस वेबसाइट पर देश-विदेश की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग से पाठकों को रूबरू कराया जाता है. टीवी9 की वेबसाइट tv9hindi.com प्रमुख हिंदी वेबसाइटों में अपना स्थान रखती है. टीवी9 हिंदी का अपना मोबाइल ऐप भी है, जहां टेक्स्ट और वीडियो दोनों माध्यम से खबरें पढ़ीं और देखी जा सकती हैं. टीवी9 वेबसाइट पर राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य, टेक और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसी विविध श्रेणियों में खबरें कवर की जाती हैं. यहां एक्सप्लेनर्स, एक्सक्लूसिव स्टोरीज, वीडियो रिपोर्ट्स और लाइव अपडेट्स मिलते हैं. TV9 नेटवर्क का डिजिटल सेगमेंट तेजी से बढ़ा है और मिलियंस की संख्या में यूनिक यूजर्स तक पहुंचता है.
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Navbharat Times
May 6, 2026, 04:06 AM
राजस्थान के सरकारी स्कूलः बच्चों के जीवन के लिए खतरा

राजस्थान के सरकारी स्कूलः बच्चों के जीवन के लिए खतरा

झुंझुनूं:शेखावाटी अंचल सहित राजस्थान में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बड़े-बड़े दावे भले ही कागजों में चमक रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत डराने वाली है। करोड़ों के बजट के बावजूद सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे मासूम बच्चों के सिर पर हर पल मौत मंडरा रही है। हालात ऐसे हैं कि पढ़ाई अब ज्ञान नहीं, बल्कि जोखिम बन चुकी है।44 संस्कृत विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जरदअसल, एक मीडिया रिपोटर्स में ताजा खुलासे में सामने आया है कि राजस्थान प्रदेश के 44 संस्कृत विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन स्कूलों में बैठकर पढ़ाई करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। इतना ही नहीं, 245 स्कूलों के 776 कमरे इतने खराब हैं कि उनमें बैठना भी खतरे से खाली नहीं, जबकि 3239 कमरों को तत्काल भारी मरम्मत की जरूरत है।एक बार फिर सिस्टम की पोल खुलीआपको बताते चले कि पिछले साल मानसून के दौरान राजस्थान केझालावाड़ इलाके की एक सरकारी स्कूल का भवनलंबे समय कमजोर स्थिति होने के चलते अचानक स्कूल टाइम में भरभराकर गिरा और मौत कई बच्चों की जिंदगी शिकार करके ले गई। तब शिक्षा मंत्री से लेकर मौजूदा सरकार तमाम प्रभारी मंत्रियों ने अपने अपने जिले में सरकारी स्कूलों के भवनों की स्थिति अवगत कराने के निर्देश दिए थे। यहीं नहीं मरम्मत के लिए लाखों करोड़ों का बजट भी जारी किया। अब कितनी स्कूलों की मरम्मत हकीकत में हुई यह तो जांच का विषय है लेकिन एक बार फिर सिस्टम की पोल खुलती हुई सामने आई है।हर दिन मंडरा रहा हादसे का खतरारिपोटर्स पर भरोसा की जाएं तो स्थिति इतनी भयावह है कि किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा पूरे सिस्टम की पोल खोल सकता है। सवाल वही है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?शिक्षा के मंदिर बन गए खतरे के अड्डे, अब भी नहीं जागे जिम्मेदार तो अगली खबर किसी हादसे की हो सकती है।झुंझुनूं में भी हालत बदतर, हर दिन बढ़ रहा खतराबात अगर राजस्थान में शेखावाटी अंचल के झुंझुनूं जिले की जाए तो यहा भी तस्वीर और भी चिंताजनक है। यहां 28 संस्कृत विद्यालयों के 144 कक्षा-कक्ष जर्जर हालत में हैं। इनमें से 4 स्कूलों के 25 कमरे इतने खतरनाक हो चुके हैं कि उन्हें कभी भी गिराया जा सकता है। सवाल यह है कि इन कमरों में बैठकर पढ़ रहे बच्चों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?बजट आया, लेकिन काम अभी भी फाइलों में कैदजानकारी के अनुसार, भाजपा शासनकाल में मौजूदा सरकार ने बजट 2026-27 में जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण और मरम्मत की घोषणाएं जरूर कीं। 24 मार्च 2026 को प्रस्ताव भी शासन तक भेजे गए, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के चलते अभी तक जमीन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ।3 दिन का अल्टीमेटम, लेकिन खतरा बरकरारअब जानकारी यह भी मिल रही है कि संस्कृत शिक्षा निदेशालय ने मामले को गंभीर मानते हुए सख्ती दिखाई है। उपनिदेशक डॉ. महेन्द्र कुमार शर्मा ने संभागीय अधिकारियों को जर्जर भवनों को तत्काल गिराने के निर्देश दिए हैं और 3 दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि रिपोर्ट आने तक बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा कौन उठाएगा?
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Navbharat Times
May 6, 2026, 02:54 AM
GSEB गुजरात बोर्ड एसएससी कक्षा 10 वीं परिणाम 2026: डाउनलोड लिंक अब उपलब्ध है

GSEB गुजरात बोर्ड एसएससी कक्षा 10 वीं परिणाम 2026: डाउनलोड लिंक अब उपलब्ध है

GSEB Gujarat Board SSC Class 10th Result 2026 Download Link:गुजरात सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (GSEB) ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। जीएसईबी ने सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (SSC) कक्षा 10वीं के लाखों छात्र-छात्राओं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। अब स्टूडेंट्स गुजरात बोर्ड SSC परिणाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट gseb.org पर रिजल्ट देखने का लिंक एक्टिव कर दिया गया है। सीट नंबर की मदद से छात्र और उनके अभिभावक आसानी से परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।गुजरात बोर्ड 10वीं क्लास का रिजल्ट लाइवहो गया है। देखने के लिए आपको सीट नंबर (Seat Number) की जरूरत होगी। इसी के माध्यम से आप अपनी प्रोविजनल मार्कशीट भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। यह विकल्प आपको digilocker.gov.in पर भी मिल सकता है।गुजरात बोर्ड 10वीं रजिल्ट WhatsApp से भी देखेंबोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए एक आधिकारिक व्हॉट्सएप (WhatsApp) नंबर 6357300971 भी जारी किया है। अगर वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक हो तो छात्र आसानी से यहां से रिजल्ट पा सकते हैं।gseb.org पर ऑनलाइन कैसे देखें गुजरात बोर्ड 10वीं रिजल्ट?गुजरात बोर्ड 10वीं का रिजल्टजारी होने के बाद छात्र इसे ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें-छात्र सबसे पहले GSEB की आधिकारिक वेबसाइट gseb.org पर जाएं।अब विंडो ओपन होने पर होमपेज पर ‘ GSEB SSC Result 2026 ’ लिंक पर क्लिक करें।अब अपना सीट नंबर और जरूरी जानकारी दर्ज करें।सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।रिजल्ट को ध्यान से चेक करें और डाउनलोड बटन पर क्लिक करके मार्कशीट सेव कर लें।छात्र चाहें तो इसका प्रिंटआउट भी भविष्य के उपयोग के लिए निकाल सकते हैं।GSEB SSC Result 2026 DigiLocker पर कैसे देखें?गुजरात बोर्ड 10वीं (SSC) का रिजल्ट छात्र DigiLocker के जरिए भी आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें-सबसे पहले DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in वेबसाइट पर जाएं।अपने मोबाइल नंबर या आधार नंबर से लॉगिन करें।होमपेज पर जाकर ‘Education’ या ‘Boards’ सेक्शन खोलें।अब Gujarat Board (GSEB) को चुनें।इसके बाद SSC Marksheet 2026 लिंक पर क्लिक करें।अपना सीट नंबर या रोल नंबर दर्ज करें।सबमिट करते ही आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर दिख जाएगी, जिसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं।GSEB SSC Result 2026 डायरेक्ट लिंक (Direct Link) से देखें
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Amar Ujala
May 6, 2026, 02:26 AM
उत्तराखंड बोर्ड विषयों के शिक्षकों को 100% अंक प्रदान करेगा

उत्तराखंड बोर्ड विषयों के शिक्षकों को 100% अंक प्रदान करेगा

विस्तारAdd as a preferredsource on googleउत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में छात्रों के शत प्रतिशत अंक वाले विषयों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। शिक्षकों को सम्मान में स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। अभी तक केवल मेधावी छात्र सम्मानित किए जाते रहे हैं, जबकि पहली बार शिक्षक भी सम्मानित होंगे।और पढ़ेंTrending Videosउत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में इस साल हाईस्कूल में 28.20 प्रतिशत छात्र-छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। जबकि 42.86 द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण है। इसके अलावा इंटरमीडिएट में 41.32 प्रतिशत छात्र-छात्राएं प्रथम श्रेणी और 34.82 प्रतिशत द्वितीय श्रेणी वाले हैं। वहीं, कई छात्र-छात्राओं के विभिन्न विषयों में शत प्रतिशत अंक हैं। उत्तराखंड बोर्ड की ओर से पहली बार इस तरह के शिक्षकों को चिह्नित कर उन्हें पुरस्कृत किए जाने की तैयारी है।विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें...जरूरी खबर: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए मांगे आवेदन, यहां करें अप्लाईउत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी ने बताया कि शानदार रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को विभाग की ओर से चिह्नित किया जा रहा है। इस तरह के शिक्षकों की संख्या दो सौ या इससे अधिक हो सकती है। शिक्षकों को सम्मानित किए जाने से निश्चित रूप से शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा।
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Amar Ujala
May 6, 2026, 02:17 AM
भारतीय पुलिस ने एन. ई. ई. टी. परीक्षा धोखाधड़ी गिरोह में चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया

भारतीय पुलिस ने एन. ई. ई. टी. परीक्षा धोखाधड़ी गिरोह में चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया

विस्तारAdd as a preferredsource on googleनीट परीक्षा में फर्जी सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के मामले में नालंदा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपितों ने नीट परीक्षा पास कराने के लिए गिरोह के मुख्य सरगनाओं के साथ 50 से 60 लाख रुपये में डील पक्की की थी और एडवांस के तौर पर डेढ़ से दो लाख रुपये भी दे चुके थे। पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही और मोबाइल साक्ष्यों के आधार पर इन्हें विभिन्न जिलों के परीक्षा केंद्रों से दबोचा है। इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।और पढ़ेंTrending Videos50-60 लाख में हुई थी डीलविज्ञापनविज्ञापनपुलिस की पूछताछ में पकड़े गए चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि नीट परीक्षा पास कराने के लिए गैंग के मुख्य सरगना उज्जवल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह के साथ उनकी 50 से 60 लाख रुपये में डील तय हुई थी। इसके एवज में उन्होंने परीक्षा से पहले ही 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस के रूप में दे दिए थे। सरगना अवधेश कुमार की गिरफ्तारी के कारण वे परीक्षा में अपनी जगह सॉल्वर को नहीं बैठा सके।चारों आरोपियों की पहचानगिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सीतामढ़ी जिले के टाउन थाना क्षेत्र के साउथ गेट सदर अस्पताल निवासी डॉ. नरेश कुमार दास के पुत्र हर्षराज, मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के शेखपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र मनोज कुमार, मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक रंजन के पुत्र गौरव कुमार तथा मुजफ्फरपुर जिले के हथौड़ी थाना क्षेत्र के बलुआ निवासी कुशेश्वर साह के पुत्र सुभाष कुमार के रूप में हुई है।मोबाइल जांच से खुला बड़ा नेटवर्कराजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने पावापुरी चौक पर 2-3 मई की रात वाहन चेकिंग के दौरान विम्स के एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार को उसके दो अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने जब अवधेश का मोबाइल खंगाला, तो इस बड़े नेक्सस से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस की विशेष टीमों ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर परीक्षा केंद्रों से चार आरोपितों को हिरासत में लिया।ये भी पढ़ें:बेकाबू स्कॉर्पियो ने 4 लोगों को रौंदा, मौके पर अफरा-तफरी; भाग रहे चालक को ग्रामीणों ने खदेड़कर पकड़ाअब तक 7 आरोपी जेल मेंपुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। इस मामले में अब तक कुल सात अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है। अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में गिरियक अंचल निरीक्षक सुमंत कुमार, पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह, छबीलापुर थानाध्यक्ष अनोज कुमार पाठक, कतरीसराय थाने के मुकुंद भारती, पावापुरी थाने के प्रमोद कुमार सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।विज्ञापनविज्ञापनरहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें AndroidHindi News App, iOSHindi News AppऔरAmarujala Hindi News APPअपने मोबाइल पे|Get allIndia Newsin Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and morenews in Hindi.
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May 6, 2026, 01:49 AM
सी. बी. एस. ई. ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों में तीसरी भाषा की शुरुआत में तेजी लाई

सी. बी. एस. ई. ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों में तीसरी भाषा की शुरुआत में तेजी लाई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में तीसरी भाषा लागू करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है. बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वो कक्षा 6 के लिए तीसरी भाषा (आर3) का चयन जल्द से जल्द पूरा करें और इसकी जानकारी ओसिस पोर्टल पर अपडेट करें. सीबीएसई ने साफ किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यह व्यवस्था अनिवार्य होगी. इसके लिए स्कूलों को 31 मई 2026 तक का अंतिम मौका दिया गया है. तय समय सीमा के बाद नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई भी की जा सकती है. यह फैसला राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-स्कूली शिक्षा (NCF-SE) 2023 के आधार पर लिया गया है. अप्रैल 2026 में जारी सर्कुलर के बाद सीबीएसई ने इस दिशा में तेजी दिखाई है. कई स्कूलों ने पहले ही अपनी तीसरी भाषा का विकल्प अपलोड कर दिया है, लेकिन कुछ स्कूल अभी पीछे हैं या उन्होंने नियमों के अनुसार भाषा का चयन नहीं किया है. बोर्ड के अनुसार संविधान की लिस्ट में शामिल भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें 1 जुलाई 2026 से पहले एनसीईआरटी और सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएंगी. अगर कोई स्कूल लिस्ट से बाहर की भाषा चुनता है, तो वह राज्य स्तर पर स्वीकृत किताबों का उपयोग कर सकता है, लेकिन उसे नेशनल करिकुलम के तय लर्निंग आउटकम का पालन करना होगा. सीबीएसई ने तीन-भाषा फॉर्मूला (आर1, आर2, आर3) को सभी स्कूलों के लिए जरूरी बताया है. इसमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होना अनिवार्य है. जिन स्कूलों में यह व्यवस्था अभी तक लागू नहीं है, उन्हें 1 जुलाई 2026 से इसे शुरू करना होगा. बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और जरूरत पड़ने पर स्कूलों की मदद भी करेंगे. टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल TV9 नेटवर्क का प्रमुख हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है. इस वेबसाइट पर देश-विदेश की ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग से पाठकों को रूबरू कराया जाता है. टीवी9 की वेबसाइट tv9hindi.com प्रमुख हिंदी वेबसाइटों में अपना स्थान रखती है. टीवी9 हिंदी का अपना मोबाइल ऐप भी है, जहां टेक्स्ट और वीडियो दोनों माध्यम से खबरें पढ़ीं और देखी जा सकती हैं. टीवी9 वेबसाइट पर राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य, टेक और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसी विविध श्रेणियों में खबरें कवर की जाती हैं. यहां एक्सप्लेनर्स, एक्सक्लूसिव स्टोरीज, वीडियो रिपोर्ट्स और लाइव अपडेट्स मिलते हैं. TV9 नेटवर्क का डिजिटल सेगमेंट तेजी से बढ़ा है और मिलियंस की संख्या में यूनिक यूजर्स तक पहुंचता है.
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May 6, 2026, 12:26 AM
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के साथ प्राथमिक विद्यालयों को रोशन करने की योजना की घोषणा की

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के साथ प्राथमिक विद्यालयों को रोशन करने की योजना की घोषणा की

उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूल पीएम सूर्य घर योजना से रोशन किए जाएंगे। इससे स्मार्ट क्लासों को पंख लग सकेंगे। इससे गर्मियों में पंखे भी चलेंगे एवं एलईडी की रोशनी से क्लास रूप भी जगमगाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में किए गए अनुरोध पर राज्य सरकार इसके लिए केन्द्र सरकार को पत्र भेजने जा रही है। इस योजना में प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के लिए छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी दिए जाने की व्यवस्था है, लिहाजा घरों के साथ-साथ प्राइमरी स्कूलों को भी इस योजना में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र से सहमति मिलते ही प्राइमरी स्कूल भी अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन कर सकेंगे। इससे पहले योगी सरकार के निर्देश पर बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अब सभी प्रीपेड मीटर पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के रूप में कार्य करेंगे। सोमवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। पहले की तरह ही बिजली बिल में बिल जमा करने की तिथि उल्लिखित रहेगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को अपना बकाया भुगतान 10 किस्तों में करने की बड़ी राहत भी दी गई है। यूपी के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री एके शर्मा ने इस संबंध में बैठक के बाद विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलिंग साइकिल वैसे ही रहेगा जैसे पहले पोस्टपेड मीटर में होता था। पूर्व की तरह एक तारीख से माह के अन्त तक बिल की खपत का एक महीने का बिल एसएमएस और व्हाट्सएप पर दिया जायेगा। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर बदला है, वे अपना नंबर अपडेट करवा सकते हैं। इस फैसले से प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बिलिंग प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी, भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल मिल जायेंगे। बिल मिलने की तिथि से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जायेगा। चैटबॉट्स पर संयोजन संख्या सूचित कर अपना बिल व बकाया बिल प्राप्त कर सकेंगे। यह बिल 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर भी प्राप्त किए जा सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं के परिसर में पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी वापस कर दी गई थी, अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर उनसे सिक्योरिटी एकमुश्त न लेकर चार किस्तों में ली जाएगी।
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May 5, 2026, 11:30 PM
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने समूह प्रशिक्षकों की संशोधित वरिष्ठता सूची पर अंतरिम रोक लगाई

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने समूह प्रशिक्षकों की संशोधित वरिष्ठता सूची पर अंतरिम रोक लगाई

विस्तारAdd as a preferredsource on googleहिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तकनीकी शिक्षा विभाग में ग्रुप इंस्ट्रक्टरों की संशोधित वरिष्ठता सूची के कार्यान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने यह आदेश तारा चंद धीमान और अन्य मामले की सुनवाई के दौरान दिए हैं। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई अब 18 मई को होगी। याचिकाकर्ता आईटीआई में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने सरकार की ओर से 8 अप्रैल 2026 को जारी उस कार्यालय ज्ञापन को चुनौती दी है, जिसके माध्यम से ग्रुप इंस्ट्रक्टरों की अंतिम वरिष्ठता सूची को संशोधित किया गया था।और पढ़ेंTrending Videosयह सूची 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति के आधार पर तैयार की गई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सरकार ने 8 अप्रैल का आदेश पुराने मामले (जितेंद्र सिंह बनाम राज्य) में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जारी किया है, लेकिन वर्तमान याचिकाकर्ताओं को उस मामले में प्रतिवादी नहीं बनाया गया था। तर्क दिया गया कि अदालत ने जो आदेश दिए हैं, वे याचिकाकर्ताओं की अनुपस्थिति में लिए गए, जिससे उनके हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस आदेश से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो वर्तमान में प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं और जिन्हें डर था कि नई वरिष्ठता सूची उनके कॅरिअर और पदोन्नति की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है।विज्ञापनविज्ञापनगौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ ने एक अन्य मामले में ग्रुप इंस्ट्रक्टरों को नियुक्ति की पात्रता वाली पुरानी तारीख से पदोन्नति का लाभ देने के आदेश दिए हैं। लेकिन इस मामले में याचिकाकर्ताओं को पार्टी नहीं बनाया गया। इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि पद खाली थे और उम्मीदवार पात्र थे, तो उन्हें डीपीसी की देरी का नुकसान नहीं होना चाहिए। अदालत ने सरकार को 4 महीने के भीतर रिव्यू डीपीसी आयोजित करने के निर्देश दिए थे। सरकार ने अदालत के आदेशों की अनुपालन करते हुए इस वरिष्ठता सूची को जारी किया है, जिसे याचिकाकर्ता प्रिंसिपलों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।पूर्णकालिक आकस्मिक सेवाओं को पारिवारिक पेंशन में जोड़ने पर रोकप्रदेश हाईकोर्ट ने एकल न्यायाधीश की ओर से 27 जून 2025 को पारित उस आदेश के निष्पादन और संचालन पर रोक लगा दी है, जिसमें एक कर्मचारी की पूर्णकालिक आकस्मिक सेवा को पारिवारिक पेंशन के लिए अर्हक सेवा (क्वालीफाइंग सर्विस) के रूप में गणना करने के निर्देश दिए थे। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने इस मामले में प्रतिवादी को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 29 जून को होगी। राज्य सरकार की ओर से दायर अपील में खंडपीठ अब कानूनी स्थिति स्पष्ट करेगी कि क्या नियमितीकरण से पूर्व की आकस्मिक सेवा को पेंशन लाभ के लिए जोड़ा जा सकता है या नहीं। खंडपीठ ने यह आदेश प्रदेश राज्य बनाम बिंबला देवी में दिया है। कर्मचारी रणबीर सिंह की नियुक्ति 1997 में अंशकालिक आधार पर हुई थी, जिसे 2002 में पूर्णकालिक आकस्मिक सेवा में बदला गया। विभाग ने 2003 में उनकी सेवाओं को नियमित किया। साल 2013 में उनकी मृत्यु हो गई थी। सरकार ने एकल जज के फैसले के खिलाफ डबल बेंच में अपील दाखिल की है। सरकार ने तर्क दिया कि सीसीएस पेंशन नियम 1972 के नियम 2 में आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पेंशन लाभ से स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।
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May 5, 2026, 10:58 PM
हिमाचल बोर्ड परीक्षा परिणामः पीएम श्री राजकीय बाल उत्कृष्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र ने 7वां स्थान हासिल किया

हिमाचल बोर्ड परीक्षा परिणामः पीएम श्री राजकीय बाल उत्कृष्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र ने 7वां स्थान हासिल किया

चंबा। पीएम श्री राजकीय बाल उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के हिमाचल बोर्ड जमा दो के परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कला संकाय के नितिन राणा ने मेरिट सूची में 7वां स्थान प्राप्त किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित कक्षा जमा दो के वार्षिक परीक्षा परिणाम में पीएम श्री राजकीय बाल उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के बच्चों ने 72 प्रतिशत अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन किया है। कला संकाय के छात्र नितिन राणा ने 500 में से 490 अंक लेकर 98 प्रतिशत के साथ प्रदेश की मेरिट सूची में 7वां स्थान हासिल किया है। कला संकाय में परिणाम 78 रहा। इसमे टॉपर नितिन राणा ने 98 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश में 7वां स्थान प्राप्त किया। वाणिज्य संकाय परिणाम 70 प्रतिशत रहा। मुकेश कुमार ने 88.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। विज्ञान संकाय में परिणाम 66 प्रतिशत रहा। मोहित कपूर औप नैतिक ने 94.4 प्रतिशत अंक लिए। विद्यालय की प्रधानाचार्य रचना ठाकुर ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और अध्यापकों को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से नितिन राणा की मेहनत की सराहना की और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन के लिए सराहा। उन्होंने कहा कि पीएम श्री योजना के तहत विद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। स्कूल प्रबंधन की ओर से नितिन राणा सहित अन्य टॉपर्स के सम्मान में विद्यालय प्रांगण में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें नितिन राणा सहित उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त प्रवक्ता सतिंद्र सिंह और दीपक कुमार विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।और पढ़ेंTrending Videos
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May 5, 2026, 09:37 PM
हरियाणा के सरकारी स्कूलों को छात्रों के बीच समाचार पत्र पढ़ने को बढ़ावा देने का निर्देश

हरियाणा के सरकारी स्कूलों को छात्रों के बीच समाचार पत्र पढ़ने को बढ़ावा देने का निर्देश

पानीपत। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के बीच समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अखबार पढ़ना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और आलोचनात्मक सोच का विकास होता है।और पढ़ेंTrending Videosनिदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के विद्यालयों में समाचार पत्र पठन को अनिवार्य या प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही स्कूलों में नियमित रूप से विभिन्न शैक्षिक गतिविधियां आयोजित कराई जाएं, ताकि विद्यार्थी वर्तमान घटनाओं से जुड़ सकें। निर्देश के अनुसार विद्यालयों में दैनिक या साप्ताहिक समाचार पत्र पठन सत्र, करंट अफेयर्स क्विज, वाद-विवाद प्रतियोगिता, समाचार विश्लेषण, निबंध लेखन प्रतियोगिता और हेडलाइन लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा आज का समाचार प्रस्तुति, न्यूज बोर्ड या वॉल मैगजीन और पत्रकारिता या मीडिया क्लब के गठन पर भी जोर दिया गया है।विज्ञापनविज्ञापनशिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक स्कूल की लाइब्रेरी में कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी समाचार पत्र की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए साथ ही महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर चर्चा सत्र भी आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों में जागरूकता और समझ बढ़ सके। विभाग का मानना है कि इन प्रयास से विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित होगी और वे सामाजिक, आर्थिक व वैज्ञानिक मुद्दों के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे। इससे उनका शैक्षणिक स्तर सुधरेगा और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं व कॅरिअर के लिए भी बेहतर तैयारी हो सकेगी।
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May 5, 2026, 09:28 PM
प्राचार्य द्वारा डांटे जाने के बाद शिक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया गया

प्राचार्य द्वारा डांटे जाने के बाद शिक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया गया

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के एबीके स्कूल (ब्वायज) में मंगलवार को प्रधानाचार्य के डांटने से शिक्षिका आयशा खान की तबीयत बिगड़ गई। बेहोशी की हालत में उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।और पढ़ेंTrending Videosआयशा खान सुबह नौ बजे प्रधानाचार्य मोहम्मद इसराइल के कक्ष में पहुंचीं। ड्यूटी को लेकर प्रधानाचार्य ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई। इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। कक्ष से बाहर निकलते ही वह बेहोश हो गईं। स्कूल के सहकर्मियों ने उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में भर्ती कराया।विज्ञापनविज्ञापनस्कूल की सहायक निदेशक और सहकर्मियों ने उनसे मिलकर उनका हालचाल जाना। आयशा ने बताया कि वह दो दिन से अवसाद में हैं। सोमवार को स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिता को लेकर बैठक हो रही थी। वह एक हाउस की तीन साल से एसोसिएट इंचार्ज भी हैं। प्रधानाचार्य ने पूछा कि कौन-कौन प्रतियोगिता में योगदान देना चाहता है।कई लोगों ने मना कर दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि वह में योगदान देना चाहती हैं, जिस पर प्रधानाचार्य बड़े सख्त लहजे में बोले वह योगदान नहीं दे सकतीं। साथ ही उनके साथ अभद्रता की और धमकाया भी। प्रधानाचार्य मोहम्मद इसराइल ने बताया कि शिक्षिका आयशा खान को डांटा-फटाकरा नहीं है। जिनकी दो ड्यूटी थी, उन्हें भी बुलाया गया था, जिससे एक ड्यूटी काटी जाए। कक्ष से बाहर निकलने के बाद क्या हुआ, उसके बारे में जानकारी नहीं है।
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May 5, 2026, 09:24 PM
जे. के. बी. ओ. एस. ई. ने कक्षा 10 और कक्षा 12 की छमाही परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की घोषणा की

जे. के. बी. ओ. एस. ई. ने कक्षा 10 और कक्षा 12 की छमाही परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की घोषणा की

उधमपुर। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भरने की अधिसूचना जारी कर दी है। छात्र 9 मई तक सामान्य फीस के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद लेट फीस जमा करानी पड़ सकती है।और पढ़ेंTrending Videosवार्षिक परीक्षाओं में किसी कारणवश असफल रहने या परीक्षा में हिस्सा न ले पाने वाले छात्रों के लिए यह खास मौका है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विंटर और समर जोन के छात्र परीक्षा दे सकेंगे। फार्म भरने की प्रक्रिया 27 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। शिक्षकों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम दिन का इंतजार न करें क्योंकि इसके बाद आवेदन करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।विज्ञापनविज्ञापनलेट फीस के साथ फार्म भरने की तिथि 11 से 16 मई तक निर्धारित है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 12वीं के प्रैक्टिकल के लिए प्रति विषय 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। साथ ही परीक्षा नए सिलेबस के आधार पर होगी।
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May 5, 2026, 09:20 PM
रोहतक कार्यशाला संपन्न, छात्रों के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन की घोषणा

रोहतक कार्यशाला संपन्न, छात्रों के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन की घोषणा

रोहतक। जिले के 19 विद्यालयों में तीसरी कक्षा पास विद्यार्थी बुधवार से फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी (एफएलएस ) परीक्षा देंगे। एनसीईआरटी और एससीईआरटी की ओर से निर्देशित इस परीक्षा में बच्चों के लर्निंग स्तर का आंकलन किया जाएगा।और पढ़ेंTrending Videosरोहतक के ब्लॉक संसाधन केंद्र में डायट मदीना की ओर से मंगलवार को दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में एफएलएस कार्यक्रम के तहत 20 फाउंडेशनल इन्वेस्टिगेटर को जिले स्तर की कोऑर्डिनेटर इला धमीजा व टेक्निकल एक्सपर्ट अनिल कौशिक ने ट्रेनिंग दी।विज्ञापनविज्ञापनजिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दलजीत सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 के तीसरी कक्षा पास विद्यार्थियों का छह, सात व आठ मई को अंग्रेजी, हिंदी व गणित विषय का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा।कार्यक्रम में रोहतक जिले से 10 प्राइवेट स्कूल व नौ सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण संस्थान इंचार्ज रोमी कुमार ने बताया कि बच्चों की परीक्षा की रिपोर्ट टेबलेट के माध्यम से भरी जाएगी। रोजाना छह बच्चों का आंकलन किया जाएगा।
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May 5, 2026, 09:14 PM
महाराजगंज माध्यमिक विद्यालयों ने छात्रों के विकास के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षा की शुरुआत की

महाराजगंज माध्यमिक विद्यालयों ने छात्रों के विकास के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षा की शुरुआत की

प्रत्येक शनिवार को गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था लागूऔर पढ़ेंTrending Videosविद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूलों को दिए गए निर्देशमहराजगंज। परिषदीय स्कूलों की तर्ज पर अब माध्यमिक स्कूलों में भी गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था के जरिये विद्यार्थियों की दक्षता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए डीआईओएस स्तर से सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है।जनपद में संचालित 278 माध्यमिक स्कूलों में 1.17 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद अपने विद्यार्थियों को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। राजकीय माध्यमिक स्कूल बरवां राजा के प्रवक्ता रामजी प्रसाद ने बताया कि मौजूदा शिक्षा सत्र से माध्यमिक विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग गतिविधियां आयोजित कराई जाएंगी। माह के पहले शनिवार को नृत्य, गायन, वादन, चित्रकला, रंगोली और सांस्कृतिक कार्यक्रम, दूसरे शनिवार खेल प्रतियोगिताएं, योग और शारीरिक गतिविधियां कराई जाएंगी। तीसरे शनिवार को भाषण, वाद-विवाद, क्विज, सामान्य ज्ञान और कॅरिअर संबंधित गतिविधि आयोजित होंगी। चौथे शनिवार स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम और रचनात्मक कार्य कराए जाएंगे। किसी माह में पांचवां शनिवार पड़ता है तो विद्यालय स्वेच्छा के मुताबिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों का मानसिक, शारीरिक और रचनात्मकता में विकास होगा।विज्ञापनविज्ञापनवर्जनजनपद के सभी माध्यमिक स्कूल प्रधानाचार्य को गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई है। गतिविधियों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश है। इस व्यवस्था से विद्यालयों का माहौल अधिक सक्रिय और रचनात्मक बनेगा।-प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस, महराजगंज
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May 5, 2026, 09:14 PM
विश्वकर्मा एजुकेशन सोसाइटी कॉलेजियम चुनाव नामांकनों में तेजी आई

विश्वकर्मा एजुकेशन सोसाइटी कॉलेजियम चुनाव नामांकनों में तेजी आई

रोहतक। विश्वकर्मा एजुकेशन सोसायटी कॉलेजियम के त्रिवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया ने तेज हो गई है। सोमवार से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन मंगलवार को 20 आवेदन आने के बाद कुल आवदकों की संख्या 39 हो गई।और पढ़ेंTrending Videosचुनाव अधिकारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि सोमवार को पहले दिन 19 नामांकन पत्र आए थे। बुधवार को नामांकन का अंतिम दिन होने के चलते काफी संख्या में आवेदन आने की संभावना है। सुबह नौ से दोपहर बाद तीन बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।विज्ञापनविज्ञापनसोसायटी के 120 काॅलेजियम सदस्यों के लिए 3777 मतदाता 31 मई को मतदान होना है। 14-15 मई को प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं। 18 से 20 मई तक प्रत्याशियों को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। 31 मई को मतदान के बाद मतगणना होगी व चुनाव परिणाम भी शाम तक घोषित किए जाएंगे। विजेताओं को एक जून को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।1-विश्वकर्मा एजुकेशन सोसायटी में कॉलेजियम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते आवेदक। संवाद
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May 5, 2026, 09:00 PM
भारत के शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया

भारत के शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया

चंडीगढ़। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान स्कूल, कॉलेज और तकनीकी शिक्षा की स्थिति का जायजा लिया गया और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।और पढ़ेंTrending Videosबैठक में शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी और अन्य अधिकारियों ने विभाग की उपलब्धियों और चल रही योजनाओं की जानकारी दी। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत हो रहे काम, स्कूलों में सुधार और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि चंडीगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। यहां विद्यार्थियों का दाखिला अनुपात और लड़कियों की भागीदारी बेहतर है। इसके साथ ही स्कूलों की राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी रैंकिंग भी सामने आई है।विज्ञापनविज्ञापनबैठक में उड़ान और शिखर जैसी मुफ्त कोचिंग योजनाओं, साथी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और एडॉप्ट-ए-स्कूल जैसी पहलों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी सरकारी स्कूलों में कौशल आधारित शिक्षा शुरू करने और स्मार्ट क्लासरूम बनाने के निर्देश दिए, ताकि पढ़ाई को आधुनिक और रोजगार से जुड़ा बनाया जा सके। शिक्षकों की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुख्य सचिव ने खाली पदों को जल्द भरने के आदेश दिए। साथ ही 3 से 18 साल के बच्चों का डेटा तैयार करने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की बात कही, ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे।आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने पर जोरतकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने पर जोर दिया गया। हर संस्थान को 2-3 कंपनियों के साथ साझेदारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे नए विषयों को पढ़ाई में शामिल करने की भी बात कही गई। मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सभी योजनाओं को समय पर लागू करना जरूरी है, ताकि चंडीगढ़ में बेहतर और आधुनिक शिक्षा प्रणाली विकसित की जा सके।
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May 5, 2026, 08:59 PM
हट के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याताओं की कमी से छात्र प्रभावित

हट के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याताओं की कमी से छात्र प्रभावित

प्राणी विज्ञान और गणित विषयों के विद्यार्थियों के लिए न स्थायी और न ही सीआरसी लेक्चरर की व्यवस्थाऔर पढ़ेंTrending Videosसंवाद न्यूज एजेंसीकठुआ। राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल हट्ट लंबे समय से स्थायी लेक्चरर की कमी से जूझ रहा है। इससे वहां पढ़ने वाले 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूलों में लेक्चरर के 11 स्वीकृत में से 8 पद खाली हैं। प्राणी विज्ञान और गणित विषय पढ़ाने की अभी भी कोई व्यवस्था नहीं है।शिक्षा विभाग ने विभिन्न विषयों को पढ़ाने के लिए क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (सीआरसी) की व्यवस्था की है। जिले में यह पहला हायर सेकेंडरी है जहां सबसे ज्यादा छह अस्थायी लेक्चरर (सीआरसी) तैनात किए गए हैं। दो विषयों को पढ़ाने की अभी कोई व्यवस्था नहीं है। शिक्षा विभाग ने 12वीं के विद्यार्थियों का प्रोविजनल दाखिला कर कक्षाएं रिजल्ट आने से पहले तो शुरू कर दी लेकिन प्राणी विज्ञान और गठित लेक्चरर की तैनाती अब तक नहीं हुई है।विज्ञापनविज्ञापनस्कूल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में वनस्पति विज्ञान, हिंदी, शिक्षा शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी विषयों के लिए स्थायी लेक्चरर नहीं हैं। इन विषयों की कक्षाएं पिछले दो साल से तैनात सीआरसी के सहारे संचालित की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी और दूरदराज के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में इलाके में निजी ट्यूशन लेने में भी असमर्थ होते हैं। अगर लंबे समय से स्कूलों में विषय विशेष के लेक्चरर ही उपलब्ध नहीं होंगे तो विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम कैसे पूरा होगा। इसका सीधा असर विद्यार्थियों के अंतिम बोर्ड परीक्षाओं पर दिखाई देता है जब उनके परिणाम बेहतर नहीं आता है।स्कूल में लेक्चरर की स्थितिविषय स्वीकृत रिक्त1.अंग्रेज़ी 112. वनस्पति विज्ञान 113. प्राणी विज्ञान1 14. गणित115. हिंदी1 16. शिक्षा शास्त्र1 17. अर्थशास्त्र1 18. राजनीति विज्ञान 11-----------------------------------------------लेक्चरर के खाली पद शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। इसी कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (सीआरसी) को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने में मदद मिलेगी। प्राणी विज्ञान और गणित विषयों के लेक्चरर की जल्द व्यवस्था कर ली जाएगी।-बृज भूषण पाधा, प्रभारी जोनल शिक्षा अधिकारी बसोहली
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May 5, 2026, 08:41 PM
रामपुर में Rs.8.75 करोड़ की लागत से नए पॉलिटेक्निक भवन का उद्घाटन किया गया

रामपुर में Rs.8.75 करोड़ की लागत से नए पॉलिटेक्निक भवन का उद्घाटन किया गया

रामपुर। रामपुर के चमरौआ में 8.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पॉलीटेक्निक भवन तैयार हो गया है। नए शैक्षिक सत्र से यहां कक्षाएं शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।और पढ़ेंTrending Videosअभी तक कॉलेज की पढ़ाई शहर स्थित अस्थायी भवन में संचालित हो रही थी। इससे छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। नवनिर्मित परिसर में प्रशासनिक भवन, मुख्य शैक्षणिक भवन, वर्कशॉप, ओवरहेड टैंक और पंप हाउस का निर्माण पूरा कर लिया गया है।विज्ञापनविज्ञापनयह कॉलेज आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। कॉलेज शुरू होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर लाभ मिलेगा।छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल, गार्ड रूम और जनरेटर रूम का निर्माण अभी शेष है। इन कार्यों के लिए करीब छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रधानाचार्य राजबहादुर सिंह ने बताया कि स्वीकृति मिलते ही शेष निर्माण कार्य भी जल्द शुरू कराए जाएंगे।
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May 5, 2026, 08:31 PM
गबन के आरोपी की पत्नी चोरी के पैसे जमा करने के आरोप में गिरफ्तार

गबन के आरोपी की पत्नी चोरी के पैसे जमा करने के आरोप में गिरफ्तार

संभल। पीलीभीत जिले में शिक्षा विभाग का करोड़ों रुपये गबन करने का आरोपी इल्हाम शम्सी ने संभल के बेगम सराय निवासी लुबना से पांच वर्ष पहले शादी की थी। लुबना आरोपी की तीसरी पत्नी है और फिलहाल विभाग के गबन किए गए 2.37 करोड़ रुपये खाते में जमा करने के मामले में जेल में बंद है। लुबना की छोटी बहन फातिमा भी पुलिस ने जेल भेजी है। उसके खाते में भी गबन के 1.03 करोड़ रुपये भेजे गए थे। इस कार्रवाई की जानकारी जब मोहल्ले के लोगों को हुई तो वह हैरान हो गए। लोगों ने बताया कि इल्हाम ने लुबना को बेगम सराय में ही घर खरीद कर दिया था। एक कार भी दिलाई थी। वह तो कभी-कभी आता था लेकिन लुबना तो ज्यादातर संभल के घर पर ही रहती थी।और पढ़ेंTrending Videosजेल भेजी गई लुबना के परिवार में तीन बहन और तीन भाई हैं। पिता की मौत हो चुकी है। दो भाई दिल्ली और एक भाई विदेश रहता है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि लुबना की शादी करीब 8 वर्ष पहले सरायतरीन निवासी युवक के साथ हुई थी लेकिन वह शादी कुछ ही समय में टूट गई थी। इसके बाद दूसरी शादी इल्हाम के साथ हुई थी। इस समय लुबना अपनी छोटी बहन फातिमा के साथ रहती थी। लोगों ने बताया कि लुबना की जिंदगी में पिछले कुछ महीने से बदलाव काफी देखने को मिला था। पति ने एक घर मोहल्ले में ही खरीदा था और एक कार भी खरीदकर दी थी। पूरे मोहल्ले में चर्चा थी कि लुबना का पति शिक्षा विभाग में अधिकारी है। वह कभी-कभी आता था तो लग्जरी कार से आता था।विज्ञापनविज्ञापन00000000000फातिमा की होने वाली थी शादी, उससे पहले ही चली गई जेलमोहल्ले के लोगों ने बताया कि लुबना और फातिमा ही घर पर रहती थीं उनके भाई रहते नहीं हैं। लुबना ही फातिमा ही बहन की शादी करने वाली थी। रिश्ता तय हो गया था। जल्द ही शादी के लिए तिथि तय होनी थी लेकिन इससे पहले ही कार्रवाई हो गई और फातिमा जेल चली गई। अब रिश्ते पर संकट मंडराया हुआ है।0000000000संभल में बेशकीमती जमीनें खरीदने की भी चर्चामोहल्ले के लोगों ने बताया कि जब भी इल्हाम शम्सी आता था वह जमीनों की जानकारी करता था। चर्चा है कि उसने संभल में मुरादाबाद मार्ग पर बेशकीमती जमीनें भी खरीदी हैं। हालांकि किस स्थान पर खरीदी हैं यह कोई स्पष्ट नहीं कर सका। लेकिन लोगों का मानना है कि जब वह आता था तो जमीन देखने के लिए भी जाता था। इससे माना जा रहा है कि उसने गबन का धन संभल में जमीनों को खरीद कर भी खपाया है। इसमें अन्य रिश्तेदार भी शामिल हो सकते हैं।हमें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। यदि हमें इसकी जानकारी दी जाएगी तो जांच पड़ताल कराएंगे और जो भी सहयोग पीलीभीत पुलिस का होगा वह किया जाएगा।कृष्ण कुमार बिश्नोई, पुलिस अधीक्षक, संभल।
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May 5, 2026, 08:27 PM
सरकारी स्कूलों को लोकप्रियता मिली क्योंकि माता-पिता किफायती शिक्षा विकल्पों की तलाश कर रहे हैं

सरकारी स्कूलों को लोकप्रियता मिली क्योंकि माता-पिता किफायती शिक्षा विकल्पों की तलाश कर रहे हैं

सिद्धार्थनगर। सरकारी विद्यालयों में मजबूत हो रहे शिक्षा के ढांचा और निजी स्कूलों में बढ़ती फीस और महंगी होती किताबों के बोझ से अभिभावकों का रुझान सरकारी विद्यालयों की ओर बढ़ रहा है। लोग अब परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। 33,985 हजार बच्चों ने इस सत्र में प्रवेश लिया है, जो इस बात की पुष्टि कर रहा है।और पढ़ेंTrending Videosजिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2266 विद्यालय संचालित हैं, जिनकी व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। बड़ी संख्या में स्कूलों को स्मार्ट क्लास से जोड़ा गया है, जहां डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, अलग-अलग शौचालय, मिड-डे मील की बेहतर गुणवत्ता, यूनिफॉर्म, किताबें और बैग जैसी सुविधाएं भी समय से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन व्यवस्थाओं ने सरकारी स्कूलों की छवि को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। सरकार सुविधाओं में इजाफा करने के साथ ही आउट ऑफ बच्चों को जोड़ने पर जोर दे रही है।विज्ञापनविज्ञापनकोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में चले जागरूकता कार्यक्रम में 30 अप्रैल तक 33,985 हजार नए बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है। जानकारों के मुताबिक बढ़े हुए नामांकन के पीछे कई वजह है। इसमें निजी विद्यालयों की लगातार बढ़ती फीस और अन्य खर्चों ने भी अभिभावकों को पुनर्विचार के लिए मजबूर किया है। जहां एक ओर निजी स्कूलों में पढ़ाई महंगी होती जा रही है। वहीं, सरकारी विद्यालय मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकल्प बनकर उभर रहे हैं। यही कारण है कि मध्यम वर्गीय परिवार भी अब सरकारी स्कूलों पर भरोसा जताने लगे हैं। इससे नामांकन बढ़े हैं।इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की गई। अधिक से अधिक बच्चों के प्रवेश पर जोर था। अभी नामांकन चल रहा है।
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May 5, 2026, 08:23 PM
गाजियाबाद में हिंसक संपत्ति विवाद के बीच निजी स्कूल बंद

गाजियाबाद में हिंसक संपत्ति विवाद के बीच निजी स्कूल बंद

संवाद न्यूज एजेंसीऔर पढ़ेंTrending Videosकुपवाड़ा। काजियाबाद में मंगलवार को एक निजी स्कूल में संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जिससे अधिकारियों को स्कूल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि यह विवाद कुछ लोगों के बीच था लेकिन इसका असर छात्रों पर पड़ा। शिक्षा विभाग ने इसकी कड़ी निंदा की।जिला शिक्षा योजना अधिकारी मोहम्मद इकबाल शाह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मासूम बच्चे निजी संपत्ति संघर्ष के शिकार बन गए। उन्होंने इसमें शामिल लोगों की आलोचना की कि उन्होंने विवाद को स्कूल के वातावरण में फैलने दिया और कहा कि ऐसे मामले कैंपस के बाहर सुलझाए जाने चाहिए थे। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों सहित डिप्टी सीईओ, जोनल शिक्षा अधिकारी, ज़ोनल शिक्षा योजना अधिकारी और क्लस्टर प्रमुख ने साइट का दौरा किया। अधिकारियों ने स्कूल के रिकॉर्ड सुरक्षित किए और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि जब तक राजस्व रिकॉर्ड की जांच नहीं हो जाती और विवाद का समाधान नहीं हो जाता स्कूल बंद रहेगा।विज्ञापनविज्ञापनविभाग ने पढ़ाई में बाधा न आए इसके लिए छात्रों को पास के सरकारी या निजी स्कूलों में अस्थायी प्रवेश लेने की अनुमति दी है। उन्होंने बच्चों के माता-पिता को इस अवधि के दौरान अपने बच्चों के लिए किसी भी स्कूल को चुनने की पूरी आजादी दी है। अधिकारियों ने कहा कि घटना के बाद छात्रों में संकट के संकेत दिखाई दिए। उन्हें परामर्श दिया गया और आश्वासन दिया गया कि उनकी शिक्षा बिना रुकावट जारी रहेगी। विभाग ने सभी पास के स्कूलों को निर्देश दिया है कि प्रभावित छात्रों को तुरंत शामिल किया जाए। परीक्षण प्रक्रिया में माता-पिता की सहायता के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।अधिकारियों ने कहा कि प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल सहित सभी कक्षाओं के छात्र अपने नजदीकी संस्थानों में शामिल हो सकते हैं और अगले दिन से नियमित कक्षाओं में भाग ले सकते हैं। अधिकारी ने जोर दिया कि छात्रों की शिक्षा का एक भी पल बर्बाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने उन्हें समाज की नींव बताते हुए कहा कि विभाग बच्चों के अकादमिक भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने यह भी बताया कि जिले के कई छात्रों ने इंजीनियरिंग और सिविल सर्विसेज सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है और माता-पिता से शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने की अपील की। अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया कि अंतिम निर्णय लेने से पहले उच्च अधिकारियों से दिशा-निर्देश का पालन किया जाएगा जब विवाद सुलझ जाएगा।
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May 5, 2026, 08:21 PM
जनगणना शुल्क लागू करने के खिलाफ शोहरतगढ़ के शिक्षकों ने किया विरोध प्रदर्शन

जनगणना शुल्क लागू करने के खिलाफ शोहरतगढ़ के शिक्षकों ने किया विरोध प्रदर्शन

शोहरतगढ़। जनगणना कार्य में अपने ब्लाॅक को छोड़कर दूसरे ब्लाॅक क्षेत्र में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर शिक्षकों ने विरोध जताया है। शोहरतगढ़ ब्लाॅक के शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे ब्लॉक में नहीं लगाई गई है।और पढ़ेंTrending Videosशिक्षक राजू चौबे, अरविंद कुमार आर्य, उमेश कुमार गुप्ता, राजेश कुमार, जुबैदा खां, ज्योति वर्मा, अर्पणा सिंह सहित दर्जनों शिक्षकों ने कहा कि जनगणना इंचार्ज अधिकारी ने मनमाने तरीके से 30 किमी दूर बढ़नी ब्लाॅक क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी नगर पंचायत शोहरतगढ़ जनगणना कार्य में लगा दी है। शिक्षकों ने कहा कि 30 किमी दूरी तय करके नगर पंचायत शोहरतगढ़ में जनगणना कार्य करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादा दूरी तय करने पर विलंब होने पर जनगणना कार्य प्रभावित होगी। कहा कि बढ़नी ब्लाॅक के शिक्षकों की ड्यूटी बढ़नी में ही लगाया जाए। अधिशासी अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने कहा कि सभी शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया गया है। इस पर अधिकारियों से सलाह लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 08:15 PM
बरहानी विकास खंड के परिषद स्कूलों ने 17,000 से अधिक छात्रों को पुस्तकें वितरित कीं

बरहानी विकास खंड के परिषद स्कूलों ने 17,000 से अधिक छात्रों को पुस्तकें वितरित कीं

कंदवा। बरहनी विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की किताबें बीआरसी बरहनी से स्कूलों तक पहुंच गई है। उनका वितरण शुरू कर दिया गया है। बरहनी विकास खंड में 82 प्राथमिक, 27 उच्च प्राथमिक और 27 कंपोजिट विद्यालय सहित कुल 136 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। बीआरसी बरहनी से प्राप्त आकड़ों के अनुसार कक्षा एक से आठ तक के 17,780 बच्चों की किताबें स्कूलों तक पहुंच चुकी हैं। उनका वितरण भी पूरा कर लिया गया है। इनमें कक्षा एक के 1915, कक्षा दो के 1912, कक्षा तीन के 1854, कक्षा चार के 1962, कक्षा पांच 2897, कक्षा छह के 2300, कक्षा सात के 2310 और कक्षा आठ के 2625 छात्र शामिल हैं। विद्यालयों में वितरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अब केवल वही छात्र शेष रह गए हैं जो पारिवारिक कार्यक्रमों, विशेषकर शादियों के चलते विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं।और पढ़ेंTrending Videosकक्षा एक से आठ तक के बच्चों की किताबें स्कूलों तक पहुंच चुकी हैं। उनका वितरण किया जा रहा है। जल्द ही सभी बच्चों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी।अजीत पाल, बीईओ, बरहनी
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May 5, 2026, 08:03 PM
तुर्की विश्वविद्यालय ने भारतीय प्रोफेसर रितेश कुमार शुक्ला को व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया

तुर्की विश्वविद्यालय ने भारतीय प्रोफेसर रितेश कुमार शुक्ला को व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया

बनकटी। विकास खंड बनकटी के कनेहटी गांव निवासी रितेश कुमार शुक्ल का चयन तुर्की के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में व्याख्यान के लिए हुआ है। जिससे क्षेत्र के लोगों में में खुशी है। कनेहटी गांव निवासी आत्मा राम शुक्ल के पुत्र रितेश कुमार शुक्ल वर्तमान में रतनसेन डिग्री कॉलेज बांसी में मनोविज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्टाफ वीक कार्यक्रम 11 से 15 मई के बीच तुर्की में आयोजित होगा। जिसमें विभिन्न देशों के शिक्षाविद भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में उद्घाटन व्याख्यान देने का विशेष अवसर प्राप्त हुआ है। ग्रामीण कक्षाओं में सकारात्मक मनोविज्ञान और प्रथम पीढ़ी के विद्यार्थियों में मानसिक दृढ़ता विकसित करने विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करना है। रितेश के पिता आत्मा राम शुक्ल ने बताया कि बेटे के व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह रतन सेन डिग्री कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्ता का भी प्रतीक है। रितेश की इस उपलब्धि पर मुरली धर शुक्ला, बबलू दूबे, नंदेश्वर शुक्ला, बबलू तिवारी, प्रभात मिश्रा, पट्टू तिवारी, अजीत शुक्ला, चंदन तिवारी, अतुल शुक्ला, दुर्गेश शुक्ला, राजेंद्र चौधरी, दिलीप चौधरी आदि ने खुशी जाहिर की है।और पढ़ेंTrending Videos
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May 5, 2026, 07:44 PM
दिल्ली पब्लिक स्कूल ने सीबीएसई की दसवीं कक्षा के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया

दिल्ली पब्लिक स्कूल ने सीबीएसई की दसवीं कक्षा के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया

रुद्रपुर (वि)। दिल्ली पब्लिक स्कूल में सीबीएसई 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में समारोह हुआ। मुख्य अतिथि जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन ने 10वीं में सौ फीसदी अंकों के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त करने वाली हर्षा अरिप्रसाथ को विद्यालय की ओर से 1.21 लाख रुपये का चेक दिया। चेयरमैन सुरजीत सिंह ग्रोवर, वाइस चेयरमैन हरमन सिंह ग्रोवर ने वंश कौशिक (98.8 प्रतिशत), अनमोल बर्तवाल (98.6 प्रतिशत), मान्या गोयल (98.2 प्रतिशत), स्वस्तिका पटेल (98.2 प्रतिशत) को 51-51 हजार रुपये का चेक दिया। इस दाैरान 14 शिक्षकों को 11-11 हजार और प्राचार्य को 51,000 रुपये का चेक दिया गया।और पढ़ेंTrending Videos
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May 5, 2026, 07:41 PM
उत्तर प्रदेश ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों से बिजली की तारें हटाईं

उत्तर प्रदेश ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों से बिजली की तारें हटाईं

पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल परिसर से ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन को हटाने का कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। विभाग के अनुसार 115 स्कूलों के उपर से तार को शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि शेष 20 पर काम जारी है।और पढ़ेंTrending Videosजिले में बेसिक शिक्षा विभाग के कुल 1508 विद्यालय संचालित हैं। इनमें नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी शामिल हैं। विभागीय सर्वे में 135 ऐसे स्कूल चिह्नित किए गए थे, जिनके भवन या खेल मैदान के ऊपर से हाईटेंशन और लो-टेंशन बिजली की लाइनें गुजर रही थीं। खासकर बरसात के मौसम में इन तारों से करंट उतरने या टूटकर गिरने का खतरा बना रहता था। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी। इसी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग और बिजली विभाग ने संयुक्त रूप से इन लाइनों को हटाने का अभियान शुरू किया। अब तक 115 स्कूलों से बिजली की लाइनों को सफलतापूर्वक शिफ्ट कर दिया है, जबकि शेष 20 विद्यालयों में कार्य तेजी से जारी है, जिसे मानसून शुरू होने से पहले शिफ्ट करने पर जोर दिया जा रहा है।विज्ञापनविज्ञापनडीसी (निर्माण) पंकज कुमार ने बताया कि शेष स्कूलों में भी पोल और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर ली गई है और जल्द ही वहां का काम पूरा कर लिया जाएगा। संवाद
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May 5, 2026, 07:28 PM
मिर्जापुर जिले में मई 9-10 के लिए निर्धारित पीजीटी परीक्षा

मिर्जापुर जिले में मई 9-10 के लिए निर्धारित पीजीटी परीक्षा

संवाद न्यूज एजेंसीऔर पढ़ेंTrending Videosमिर्जापुर। जिले में नौ और 10 मई को दो पालियों में होने वाली पीजीटी की परीक्षा में करीब 5000 परीक्षार्थी शामिल होंगे।इस संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्राध्यक्षों की बैठक में उनको परीक्षा संबंधी निर्देश दिया गया। दो दिनों तक चलने वाली परीक्षा के लिए 12 केंद्र बनाए गए हैं।जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में परीक्षा के लिए पूर्ण विवरण दिया गया। एडीएम अजय कुमार सिंह ने कहा कि नौ और 10 मई को जिले के 12 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया है।विज्ञापनविज्ञापनसुबह की पाली सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 बजे और दूसरी पाली दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े चार बजे तक होगी। प्रत्येक केंद्र के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। परीक्षा सीसीटीवी कैमरा की निगरानी में होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मायाराम ने अन्य जानकारी दी।इस अवसर पर जीडी बिनानी के प्राचार्य प्रो. एके सिंह, जीआईसी के जयसिंह, राजस्थान इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कनौजिया, एएसजे के प्रधानाचार्य राधाकांत तिवारी, आर्यकन्या पाठशाला की प्रधानाचार्य रीता वर्मा सहित अन्य केंद्राध्यक्ष और अधिकारी मौजूद रहे।
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May 5, 2026, 07:23 PM
सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल ने रवींद्रनाथ टैगोर का जन्मदिन कविता पाठ कार्यक्रम के साथ मनाया

सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल ने रवींद्रनाथ टैगोर का जन्मदिन कविता पाठ कार्यक्रम के साथ मनाया

जगाधरी। संत थॉमस कॉन्वेंट स्कूल में मंगलवार को रविंद्रनाथ टैगोर के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग की ओर से काव्य पाठ कराया गया। इस ओपन माइक कार्यक्रम में 110 विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया।और पढ़ेंTrending Videosप्राचार्या डॉ. चंदना लाल ने हिंदी साहित्य में गुरु रविंद्रनाथ टैगोर के योगदान के बारे में बताया। समन्वयक सुनीता ज्ञान व अनु बेदी ने विद्यार्थियों को हिंदी के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वरचित व प्रसिद्ध कवियों की रचनाओं पर भावपूर्ण व प्रभावशाली प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन 12वीं की दिव्यांशी व याना कपूर ने किया। व्यवस्था का दायित्व बिमला व अंजना लाल ने निभाया। कार्यक्रम की मेजबानी हिंदी विभागाध्यक्ष वंदना मसीह ने की। संवादविज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 07:22 PM
नादौन के माता-पिता ने स्कूल के विलय का विरोध किया, वापस लेने की मांग की

नादौन के माता-पिता ने स्कूल के विलय का विरोध किया, वापस लेने की मांग की

नादौन(हमीरपुर)। सीबीएसई बोर्ड से जुड़े कन्या विद्यालय को बाल स्कूल में मर्ज किए जाने के फैसले का अभिभावकों ने विरोध किया है। मंगलवार को अभिभावकों ने राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार से मुलाकात कर निर्णय को वापस लेने की मांग की।और पढ़ेंTrending Videosइस पर सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस विलय को तुरंत रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, जहां वर्तमान में लगभग 500 छात्राएं अध्ययनरत हैं।विज्ञापनविज्ञापनवहीं, अभिभावकों का कहना है कि सह-शिक्षा प्रणाली लागू होने से छात्राओं को असहजता का सामना करना पड़ सकता है, जिससे कई परिवार बेटियों को विद्यालय से हटाने पर मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि विद्यालय में हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड का सिलेबस जारी रखा जाए, ताकि पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।इस दौरान सांसद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित में निर्णय वापस नहीं लिया, तो भारतीय जनता पार्टी इसके विरोध में बड़ा आंदोलन करेगी। इस दौरान सुनील शर्मा, जोगिंद्र ठाकुर, जितेंद्र जिंदू सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
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May 5, 2026, 07:08 PM
शिक्षामित्रों को बुनियादी शिक्षा विकास में उनकी भूमिका के लिए सराहा गया

शिक्षामित्रों को बुनियादी शिक्षा विकास में उनकी भूमिका के लिए सराहा गया

ज्ञानपुर। विकास भवन स्थित जिला पंचायत संसाधन केंद्र पर मंगलवार को शिक्षामित्रों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बेसिक शिक्षा के विकास में शिक्षामित्रों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। अंत में ब्लॉकवार चार-चार शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मानदेय का प्रतीकात्मक चेक दिया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा की अहम कड़ी हैं।और पढ़ेंTrending Videosउन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किया गया है। भविष्य में उनको कई लाभ भी मिल सकते हैं। उन्होंने शिक्षामित्रों को ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाने की अपील की। ज्ञानपुर के निषाद पार्टी के विधायक विपुल दूबे ने शिक्षामित्रों के समर्पण एवं योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा की नींव को मजबूत बनाने में शिक्षामित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। औराई के भाजपा विधायक दीनानाथ भाष्कर ने शिक्षा मित्रों को आश्वस्त किया कि सरकार भविष्य में भी उनके साथ खड़ी रहेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न सुधारात्मक प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीएम शैलेष कुमार ने कहा कि शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा की रीढ़ हैं। उनका योगदान सराहनीय है। सीडीओ बाल गोविंद शुक्ला ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, नियमित उपस्थिति एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाकर शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाया जा सकता है। इसके पूर्व बीएसए शिवम पांडेय ने अतिथियों का पुष्प्गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गान एवं सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा गोरखपुर में आयोजित सम्मान कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया। अंत में सभी छह ब्लॉकों के दो महिला और दो पुरुष शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक दिया गया। इस दौरान डीआईओएस अंशुमान, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार राजाराम, डीडीओ ज्ञान प्रकाश, डीसी नवीन मिश्रा आदि मौजूद रहे।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 06:57 PM
हिसार सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना में रसोइये-सह-सहायकों के लिए नई प्रणाली शुरू की

हिसार सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना में रसोइये-सह-सहायकों के लिए नई प्रणाली शुरू की

हिसार। प्रदेश सरकार ने मिड-डे मील योजना से जुड़े कुक-कम-हेल्परों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब इन कर्मचारियों से केवल भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने का ही काम लिया जाएगा, और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, उनकी सेहत का ध्यान रखते हुए साल में दो बार मुफ्त हेल्थ चेकअप अनिवार्य कर दिया गया है।और पढ़ेंTrending Videosशिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार यदि किसी स्कूल में कुक-कम-हेल्परों से सफाई, कार्यालयीन कार्य या अन्य अतिरिक्त कार्य कराया जाता है, तो उसे तुरंत बंद कराया जाएगा। नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।विज्ञापनविज्ञापनजिले में कुल 863 सरकारी स्कूल हैं जिनमें 6 आरोही स्कूल शामिल हैं। इनमें से 857 स्कूलों में मिड-डे मील योजना नियमित रूप से लागू है। योजना को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिले में लगभग 1960 कुक-कम-हेल्पर कार्यरत हैं।हिसार-2 के बीईओ राकेश चराया ने कहा कि भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, ताकि बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन मिल सके। नियमित स्वास्थ्य जांच से कर्मचारियों की सेहत पर निगरानी बनी रहेगी और समय पर उपचार संभव होगा। इस कदम से कर्मचारियों का कार्य दबाव कम होगा और वे अपने मुख्य कर्तव्यों पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे जिससे बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
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May 5, 2026, 06:51 PM
देवरिया में बीएड परीक्षा के पहले दिन छात्र धोखाधड़ी करते पकड़ा गया

देवरिया में बीएड परीक्षा के पहले दिन छात्र धोखाधड़ी करते पकड़ा गया

देवरिया। बाबा राघवदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय पुरवा में बीएड द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2025-26 की परीक्षा के पहले दिन मंगलवार को एक छात्र को नकल करते हुए पकड़ा गया। बीआरडीपीजी काॅलेज में जिले के नौ महाविद्यालयों का बीएड का सेंटर आया है। दोपहर एक से चार बजे तक बीएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा के पहले दिन स्कूल मैनेजमेंट एंड लीडरशिप विषय की परीक्षा चल रही थी।और पढ़ेंTrending Videosपरीक्षा में शुचिता का कड़ाई से पालन करते हुए महाविद्यालय के आंतरिक उड़ाका दल में शामिल प्रो. रजनीश कुमार और प्रो. हरिशंकर गोविंद राव ने सघन जांच किया।इस दौरान बाबू कैलाश प्रसाद महाविद्यालय के एक छात्र को अनुचित साधन का प्रयोग करते रंगे हाथों पकड़ लिया।इस छात्र को महाविद्यालय के प्राचार्य और केंद्राध्यक्ष प्रो. प्रताप नारायण सिंह रस्टिकेट कर दिया। परीक्षा के पहले दिन हुई इस कार्रवाई से परीक्षार्थियों में हड़कंप मचा हुआ है।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 03:59 PM
भारत के शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति वितरण में तेजी लाई

भारत के शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति वितरण में तेजी लाई

संवाद न्यूज एजेंसीऔर पढ़ेंTrending Videosसोनीपत। विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति, वर्दी, स्कूल बैग और स्टेशनरी की प्रोत्साहन राशि अब सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों को विद्यार्थियों का पूरा और सही डेटा समय पर अपडेट करने के लिए कहा है।शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से दिया जाएगा। इसके लिए वन स्कूल एप पोर्टल पर विद्यार्थियों की पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी। इस प्रक्रिया में परिवार पहचान पत्र का सत्यापन, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड सहित अन्य आवश्यक विवरण शामिल हैं।विज्ञापनविज्ञापननए विद्यार्थियों पर विशेष ध्यानविभाग ने खासतौर पर पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को कहा गया है कि वे ऐसे बच्चों के बैंक खाते प्राथमिकता के आधार पर खुलवाएं ताकि उन्हें समय पर योजना का लाभ मिल सके।गलत या अधूरे डेटा पर होगी जवाबदेहीअधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यार्थी की जानकारी अधूरी या त्रुटिपूर्ण पाई जाती है और वह योजना से वंचित रह जाता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल व प्रशासन की होगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को भी इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।वर्जनविभिन्न योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को सीधा लाभ देने के लिए डेटा अपडेट करना जरूरी है। सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी योजना से वंचित न रहे। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी सोनीपत
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May 5, 2026, 03:11 PM
दिल्ली सरकार ने व्यावसायिक और समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षकों के वेतन में वृद्धि को मंजूरी दी

दिल्ली सरकार ने व्यावसायिक और समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षकों के वेतन में वृद्धि को मंजूरी दी

- कैबिनेट की मंजूरी के बाद वेतन बढ़ा, अब प्राइमरी शिक्षकों के बराबर मिलेगा मानदेयऔर पढ़ेंTrending Videosअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए वोकेशनल और समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। नए निर्णय के तहत वोकेशनल शिक्षकों को अब 38,100 रुपये प्रतिमाह और समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षकों को 35,420 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इससे पहले वोकेशनल शिक्षकों को 20,000 से 23,000 रुपये के बीच मानदेय मिलता था, जबकि समग्र शिक्षा के शिक्षकों को करीब 21,000 रुपये मिलते थे। इस बढ़ोतरी के बाद दोनों वर्गों को प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के बराबर वेतन मिलेगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में करीब 1,131 वोकेशनल शिक्षक विभिन्न क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं समग्र शिक्षा अभियान के तहत 784 विशेष प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां ऐसे बच्चों को पढ़ाया जाता है जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पाए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को फिर से मुख्यधारा में जोड़ना है। सरकार के अनुसार यह फैसला शिक्षकों के समर्पण और मेहनत का सम्मान है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और मनोबल भी बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 02:46 PM
दिल्ली सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों के वेतन में वृद्धि की

दिल्ली सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों के वेतन में वृद्धि की

खुशखबरी, खुशखबरी, खुशखबरी! दिल्ली के शिक्षकों के लिए खुशी की खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने जा रही है। कैबिनेट मीटिंग में ये फैसला लिया गया है। अब हर महीने 14000 से ज्यादा रुपये बढ़कर आपके खाते में आया करेंगे। लेकिन रुक जाइए, ये लाभ हर टीचर को नहीं मिलेगा। अब आप सोच रहे होंगे, आखिर फिर किसे मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी? दरअसल ये बढ़ी हुई सैलरी समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूल न जाने वाले बच्चों को शिक्षा देने वाले 784 सेंटर्स के सभी टीचर्स को मिलेगी। कैबिनेट मीटिंग में लिये गए फैसले के मुताबिक, टीचरों की सैलरी 21,000 से बढ़ाकर 35,420 रुपये कर दी गई है। दिल्ली सचिवालय में आयोजित कैबिनेट में हुए इस निर्णय की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में करीब 1,131 वोकेशनल शिक्षक कई विधाओं की ट्रेनिंग देते हैं। इनका वेतन बढ़ाकर 38,100 रुपये किया जा रहा है। पहले इन्हें 20,000 से लेकर 23,000 रुपये ही मिलते थे। वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के तहत वर्तमान में संचालित कुल 784 केंद्रों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के वेतन में भी वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षकों को प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के बराबर वेतन मिलेगा। यह निर्णय केवल वेतन वृद्धि नहीं है, बल्कि उन शिक्षकों के समर्पण और मेहनत का सम्मान है, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का काम कर रहे हैं। इन सभी शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी होने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ेगा। जब शिक्षक संतुष्ट और प्रेरित होंगे, तभी वे बच्चों को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा दे पाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि राजधानी का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। विशेष प्रशिक्षण केंद्र उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण हैं, जो कभी स्कूल नहीं गए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इन बच्चों को मुख्यधारा में लाना हमारी प्राथमिकता है और इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार इन केंद्रों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमित मॉनिटरिंग, अभिभावकों की काउंसलिंग और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचे। सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों को स्कूल में लाना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है। दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है। हम चाहते हैं कि हर बच्चा पढ़े, आगे बढ़े और अपने सपनों को साकार करे। यह वेतन वृद्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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May 5, 2026, 02:13 PM
बिहार सरकार ने नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों की बहाली को मंजूरी दी

बिहार सरकार ने नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों की बहाली को मंजूरी दी

Bihar Government Jobs:बिहार की सम्राट सरकार ने नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षक और नॉन टीचिंग स्टाफ की बहाली की हरी झंडी दे दी है। चयनित कॉलेजों में 16 विषयों की पढ़ाई होगी। इनमें 15 विषयों में दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जबकि एक विषय में एक ही शिक्षक होंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इस पर 938 करोड़ रुपये का सालाना आर्थिक बोझ सरकार के खजाने पर पड़ेगा। जल्द ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस समय बिहार के 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है। इन प्रखंडों में फिलहाल कोई डिग्री कॉलेज नहीं है। राज्य सरकार ने डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में कॉलेज खोलने का निर्णय लिया था। इसके बाद इन कॉलेजों में नए सिरे से शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य कैबिनेट से पहले ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत नए डिग्री कॉलेजों में 9152 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी दोनों शामिल हैं। विभागीय सूचना के अनुसार इन 208 नए डिग्री कॉलेजों में 6656 शिक्षकों की नियुक्ति होगी। हर कॉलेज में 32-32 शिक्षक नियुक्त होंगे। इनमें एक प्रधानाचार्य के अलावा 16 अलग-अलग विषयों के 31 शिक्षक होंगे। इनमें हिन्दी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, भूगोल, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, समाजशास्त्र, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, प्राणी विज्ञान, वाणिज्य में दो-दो जबकि पर्यावरण विज्ञान विषय में एक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह सभी कॉलेजों में 2496 शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्त की जाएगी। प्रत्येक कॉलेज में 12-12 शिक्षकेतर कर्मी होंगे। इनमें उच्च वर्गीय लिपिक के एक पद, निम्न वर्गीय लिपिक के तीन पद, सहायक पुस्तकाध्यक्ष के एक पद के अलावा सात लैब इंचार्ज के पद हैं। भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, मनोविज्ञान, भूगोल और गृह विज्ञान में एक-एक लैब इंचार्ज नियुक्त होंगे। दरअसल, पिछले दिनों समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं। वहां के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता है। ऐसे में उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि सूबे में 534 में से 326 प्रखंडों में तो डिग्री कॉलेज हैं, शेष में नहीं हैं। ऐसे में शेष 208 प्रखंडों में भी उनकी स्थापना का निर्णय लेकर काम प्रारंभ किया गया है। (हिन्दुस्तान ब्यूरो की रिपोर्ट)
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May 5, 2026, 02:01 PM
विधायक ने पीरागढ़ी गांव में छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं

विधायक ने पीरागढ़ी गांव में छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं

संवाद न्यूज एजेंसीऔर पढ़ेंTrending Videosगन्नौर। यमुना तलहटी में बसे पीरगढ़ी गांव की बेटियों के लिए शिक्षा की राह अब आसान हो गई है। मंगलवार को विधायक देवेंद्र कादियान ने प्रदेश के पूर्व सीएम एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के जन्मदिन पर गांव की 9वीं से 12वीं कक्षा की 70 छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं।विधायक ने कहा कि इस गांव की बेटियां अब तक उच्च शिक्षा के लिए बेगा गांव स्थित राजकीय स्कूल तक करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर जाती थी जिससे उन्हें समय और कठिनाई दोनों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि साइकिल मिलने से छात्राएं समय पर स्कूल पहुंच सकेंगी। उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। कादियान ने कहा कि इसी तरह बिलंदा गढ़ी गांव की बेटियों की भी मदद की जाएगी।विज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 01:12 PM
भारत सरकार ने ज्ञान और कौशल को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में समाचार पत्रों को अनिवार्य किया

भारत सरकार ने ज्ञान और कौशल को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में समाचार पत्रों को अनिवार्य किया

हर सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी में कम से कम एक हिंदी व एक अंग्रेजी अखबार रखना जरूरी होगाऔर पढ़ेंTrending Videosअमर उजाला ब्यूरोचंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब सभी 14,267 सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से अखबार पढ़ाया जाएगा। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा के सहायक निदेशक की ओर से जारी किया गया है।यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि लंबे समय से महसूस किया जा रहा था कि कई विद्यार्थी पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रह जाते हैं और देश-दुनिया की ताजा जानकारी, करंट अफेयर्स और भाषा की व्यावहारिक समझ में पीछे रह जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत हर सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी में कम से कम एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार रखना जरूरी होगा।विज्ञापनविज्ञापनइस आदेश की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि बदलते दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं, इंटरव्यू और करिअर के लिए केवल किताबों की पढ़ाई काफी नहीं मानी जा रही है। विद्यार्थियों को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक घटनाओं की जानकारी होना भी जरूरी है। खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को इससे बड़ा फायदा मिलेगा।शब्दावली, आत्मविश्वास व समझ बढ़ेगीइस पहल का असर बच्चों की शब्दावली, पढ़ने की आदत, आत्मविश्वास और संवाद क्षमता पर पड़ेगा। साथ ही वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को बेहतर समझ पाएंगे। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इससे सरकारी स्कूलों के छात्र निजी स्कूलों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और उनका समग्र विकास होगा।स्कूलों में ये गतिविधियां होंगी अनिवार्यस्कूलों में न्यूज रीडिंग सेशन, करंट अफेयर्स क्विज, डिबेट, न्यूज एनालिसिस, निबंध लेखन, हेडलाइन लेखन, वॉल मैगजीन और आज का समाचार जैसी गतिविधियां नियमित रूप से करवाई जाएंगी।
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May 5, 2026, 01:01 PM
हरियाणा बोर्ड बारहवीं कक्षा के परिणाम मई के मध्य तक आने की उम्मीद, छात्रों को लॉग इन क्रेडेंशियल्स को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई

हरियाणा बोर्ड बारहवीं कक्षा के परिणाम मई के मध्य तक आने की उम्मीद, छात्रों को लॉग इन क्रेडेंशियल्स को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई

ऐसे में परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट जारी होने से पहले अपने लॉगिन क्रेडेंशियल को पहले ही संभालकर रखें, ताकि परिणाम चेक करते समय कोई परेशानी न हो। हरियाणा बोर्ड कक्षा बारहवीं परीक्षा का रिजल्ट मई माह के दूसरे सप्ताह तक जारी होने की संभावना है। इसलिए छात्रों एवं अभिभावकों की मदद के लिए यहां रिजल्ट चेक करने के आसान स्टेप्स बताए गए हैं, जिसे फॉलो करके छात्र अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं।
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May 5, 2026, 12:57 PM
मध्य प्रदेश सरकार ने लैपटॉप योजना के लिए नियम सख्त किए, केवल योग्य छात्र ही पात्र

मध्य प्रदेश सरकार ने लैपटॉप योजना के लिए नियम सख्त किए, केवल योग्य छात्र ही पात्र

विस्तारAdd as a preferredsource on googleमध्य प्रदेश में मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की तैयारी तेज हो गई है, लेकिन इस बार नियम सख्त कर दिए गए हैं। साफ कर दिया गया है कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में पहली बार में ही 75% या उससे ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों को ही योजना का लाभ मिलेगा। जो छात्र दूसरी परीक्षा देकर बेहतर अंक लाते हैं, वे इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। सरकार के इस फैसले से उन छात्रों को झटका लग सकता है जो पहली परीक्षा में कम अंक आने के बाद दोबारा परीक्षा देकर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लैपटॉप योजना सिर्फ प्रथम प्रयास में सफल मेधावियों के लिए ही लागू होगी।और पढ़ेंTrending Videosजून-जुलाई में खाते में आएंगे पैसेराज्य सरकार इस साल करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार की राशि देगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से पात्र छात्रों की सूची मंगाई है। सत्यापन के बाद सीधे बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना पर सरकार करीब 302 करोड़ खर्च करने जा रही है।विज्ञापनविज्ञापनयह भी पढ़ें-पहले 90° ब्रिज, अब बंद रास्ते वाला शौचालय, राजधानी भोपाल में प्लानिंग का एक और फेल मॉडलपिछले साल से 26 हजार ज्यादा छात्रइस साल 75% से अधिक अंक पाने वाले छात्रों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। पिछले साल की तुलना में करीब 26 हजार ज्यादा छात्र इस बार पात्र हुए हैं। इससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी बढ़ा है, लेकिन योजना जारी रखी गई है।हर साल बढ़ रहा आंकड़ा2023 - 78,0002024 - 90,0002025 - 94,5002026 - 1.21 लाख (अनुमानित)यह भी पढ़ें-MP में मौसम का यू-टर्न, गर्मी पर ब्रेक, 4 दिन आंधी-बारिश का असर, आज 39 जिलों में अलर्ट7 मई से फिर परीक्षा, लेकिन फायदा नहींएमपी बोर्ड 10वीं-12वीं में फेल या कम अंक पाने वाले छात्रों की 7 मई से दोबारा परीक्षा होगी। हालांकि, इसमें अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें लैपटॉप योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसे लेकर पहले छात्रों में भ्रम था, जिसे अब साफ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत 2009-10 में हुई थी। शुरुआत में 85% अंक जरूरी थे, बाद में इसे 70% किया गया अब 75% का स्थायी मानक लागू है।टॉपर्स को स्कूटी भीसरकार मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए अन्य योजनाएं भी चला रही है। सरकारी स्कूलों के 12वीं टॉपर्स को स्कूटी दी जाती है, जिसमें स्कूल स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाला छात्र या छात्रा पात्र होता है।
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May 5, 2026, 12:44 PM
सी. ई. ओ. ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं में कम परिणाम वाले स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा

सी. ई. ओ. ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं में कम परिणाम वाले स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा

सीईओ ने बोर्ड परीक्षा में कम परीक्षाफल वाले विद्यालयों से मांगा स्पष्टीकरणऔर पढ़ेंTrending Videosऑनलाइन बैठक कर परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देशसंवाद न्यूज एजेंसीगोपेश्वर। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का कम परीक्षा परिणाम दर्शाता है कि अध्यापकों की ओर से शिक्षण कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि के प्रयास भी कम ही दिख रहे हैं।मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने जिले के हाईस्कूल व माध्यमिक बोर्ड के परिणाम को लेकर ऑनलाइन बैठक की। कम परीक्षा परिणाम पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले के कुल परीक्षा परिणाम से कम परीक्षाफल आना अत्यंत खेद का विषय है। कम परीक्षा परिणाम से यह लगता है कि अध्यापक विद्यालयों के शिक्षण कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इसका असर परीक्षा परिणाम और छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। उन्होंने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि परीक्षा परिणाम कम होने के संबंध में सभी प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक और संबंधित विषयों के शिक्षक स्पष्टीकरण दें और भविष्य में परीक्षाफल सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करें। विद्यालयों में अधिक से अधिक उपचारात्मक कक्षाएं भी चलाई जाएं। जिले में 44 इंटर कॉलेज ऐसे हैं जिनका 12वीं का परीक्षा परिणाम जिले के कुल परीक्षा परिणाम 89.75 प्रतिशत से कम है। वहीं दसवीं में 66 इंटर कॉलेज व हाईस्कूल ऐसे हैं जिनका परिणाम जिले के कुल परिणाम 92.42 प्रतिशत से कम है।विज्ञापनविज्ञापन-------------जिले में हाईस्कूल के फिसड्डी विद्यालय- जीआईसी ज्योतिर्मठ 30.77, देवभूमि पब्लिक स्कूल ज्योतिर्मठ चमोली 60 प्रतिशत- राउमावि लांजी पोखनी 33.33, जीआईसी मैठाणा दसवीं 52.17, जीआईसी चौनघाट 62.16- जीआईसी आदिबदरी- 65.79, राउमावि उमट्टा 66.67, पीएमश्री जीआईसी गौचर 66.67,- जीआईसी नंदानगर 66.67.69, जीआईसी कुराड़ 69.23, जीआईसी मालसी 69.57।---------इंटरमीडिएट के फिसड्डी विद्यालयजीआईसी ज्योतिर्मठ इंटर 56.67, जीआईसी चौनघाट 63.64, जीआईसी ईराणी 65.38, जीआईसी मरोड़ा -66.67, जीआईसी भराड़ीसैंण- 68.00।
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May 5, 2026, 12:37 PM
बनीखेत यातायात पुलिस ने निजी स्कूल वाहनों पर विशेष अभियान चलाया

बनीखेत यातायात पुलिस ने निजी स्कूल वाहनों पर विशेष अभियान चलाया

बनीखेत (पार्थ):जिला चम्बा के डल्हौजी पुलिस थाना अंतर्गत स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। नशे के खिलाफ जारी अभियान और ड्रिंक एंड ड्राइव के साथ-साथ वाहनों के दस्तावेजों की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत डीएसपी मयंक शर्मा के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस ने बनीखेत क्षेत्र में निजी स्कूल वाहनों की सघन जांच की।पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहन पूरी तरह सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हों। इस दौरान पुलिस टीम ने स्कूल बस चालकों के रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।जांच अभियान के दौरान पुलिस को एक निजी स्कूल बस में खामियां मिलीं। आवश्यक दस्तावेज न पाए जाने पर पुलिस ने मौके पर ही उस वाहन को कब्जे में ले लिया। डीएसपी मयंक शर्मा ने स्कूल वाहन चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना वैध दस्तावेजों के वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बच्चों की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता है।डीएसपी मयंक शर्मा ने स्पष्ट किया कि डल्हौजी और बनीखेत क्षेत्र में इस तरह की नियमित और औचक जांच भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे केवल वैध दस्तावेजों वाले सुरक्षित वाहनों में ही स्कूल जाएं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्कूल वाहन संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।और ये भी पढ़ेChamba: घर से स्कूल के लिए निकला दसवीं का छात्र लापताChamba: चुराह के विधायक डा. हंसराज से जुड़े पोक्सो मामले में अदालत में हुई सुनवाईChamba : मामलों को आपसी सहमति से निपटाने का मौका, समाधान समारोह के तहत होगी लोक अदालतहिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारेWhatsApp groupको Join करें
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May 5, 2026, 12:28 PM
उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना में शिक्षक की मौत

उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना में शिक्षक की मौत

कानपुर-इटावा हाईवे पर गांव जनेतपुर के पास मंगलवार सुबह लखनऊ निवासी एक शिक्षक को हाईवे पार करते समय तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। जिला अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल पहुंचे परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आरोपी चालक को कार समेत हिरासत में ले लिया गया है।और पढ़ेंTrending Videosलखनऊ के आलमबाग बहादुर खेड़ा निवासी कौशल दुबे (43) शहर के मोहल्ला तिलक नगर में रहकर एक निजी स्कूल में शिक्षण कार्य करते थे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वह जनेतपुर स्थित जेपी इंटरनेशनल स्कूल के सामने हाईवे का डिवाइडर क्रॉस कर दूसरी तरफ जा रहे थे, इसी दौरान कानपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस लहूलुहान हालत में शिक्षक को जिला अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।विज्ञापनविज्ञापनहादसे के बाद मौके से भागी कार को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। चालक को हिरासत में लेकर पुलिस कोतवाली ले गई। शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही पत्नी कामिनी दुबे व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हो गया। कोतवाल राजकुमार सिंह बताया कि चालक और कार को पकड़ लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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May 5, 2026, 12:26 PM
आलम सिंह फरसवान सरकारी कॉलेज तलवारी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की

आलम सिंह फरसवान सरकारी कॉलेज तलवारी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की

थराली। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आलम सिंह फर्स्वाण राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्राचार्य सेराज मोहम्मद ने बताया कि विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 1 मई 2026 से शुरू हो गए हैं।और पढ़ेंTrending Videosस्नातक के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी समर्थ पोर्टल की वेबसाइट https://ukadmission.samarth.ac.in के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण शुल्क 50 रुपये है। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थी स्नातक पारंपरिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, बादशाहीथौल, टिहरी गढ़वाल से संबद्ध इन कक्षाओं में पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 मई है। विस्तृत जानकारी समर्थ पोर्टल की वेबसाइट पर उपलब्ध है। संवादविज्ञापनविज्ञापन
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May 5, 2026, 12:20 PM
जयपुरिया संस्थान की डीन (शिक्षाविद) डॉ. सुषमा विष्णानी को दो दशकों की समर्पित सेवा के लिए याद किया गया

जयपुरिया संस्थान की डीन (शिक्षाविद) डॉ. सुषमा विष्णानी को दो दशकों की समर्पित सेवा के लिए याद किया गया

डॉ. सुषमा विश्नानी ने 2005 में जयपुरिया के साथ जुड़कर अपने सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने टीचर से लेकर संस्थान की लीडर के रूप में दो दशकों तक काम किया है। टीचिंग, रिसर्च और मैनेजमेंट में उनका योगदान काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने फाइनेंस और अकाउंटिंग प्रोफेसर, फाइनेंस विभाग की हेड और हाल ही में डीन (एकेडमिक्स) के रूप में काम किया है। संस्थान में करिकुलम डिजाइन करने, मान्यता दिलाने और पढ़ाने के नए तरीकों को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका प्रमुख रही है। उनकी लीडरशिप में संस्थान को NAAC A+ ग्रेड मिला, जो संस्थान की बेहतर क्वालिटी और शिक्षा के बेहतर स्तर को दर्शाता है।
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May 5, 2026, 12:08 PM
चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए नई एन. सी. ई. आर. टी. पुस्तकें वितरित करने में देरी

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए नई एन. सी. ई. आर. टी. पुस्तकें वितरित करने में देरी

चंडीगढ़ (आशीष):चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में नया एकेडमिक सेशन शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है पर नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अभी भी NCERT की नई किताबों का इंतजार है। सबसे अधिक परेशानी नौवीं कक्षा के बदले हुए सिलेबस के कारण आ रही है जिस कारण स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किताबों की कमी के कारण अध्यापक पुराने नोट्स और रेफरेंस मटीरियल की मदद से बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं।छुट्टियों के दौरान होमवर्क की चिंताशहर के स्कूलों में 23 मई से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां रहने वाली हैं। पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को डर है कि अगर छुट्टियां शुरू होने तक किताबें नहीं मिलीं, तो 'हॉलिडे होमवर्क' कैसे पूरा होगा।शिक्षा विभाग और NCERT का पक्षडायरेक्टर स्कूल एजुकेशन नीतीश सिंगला के मुताबिक, जैसे-जैसे NCERT से किबातें प्राप्त हो रही हैं वह स्कूलों को मुहैया करवाई जा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सभी सब्जेक्ट्स की सप्लाई नॉर्मल हो जाएगी। दूसरी ओर NCERT का कहना है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 पर आधारित नई पाठ्य-पुस्तकों की भारी मांग के कारण सप्लाई और डिमांड में कुछ समय के लिए गैप आया है। हालांकि किताबों की प्रिंटिंग युद्ध स्तर पर की जा रही है और स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है।डिजिटल ऑप्शन उपलब्धविद्यार्थियों की सुविधा के लिए NCERT ने दो हफ्ते पहले अपनी वेबसाइट पर क्लास नौवीं की नई किताबों के डिजिटल वर्शन मुफ्त में उपलब्ध करा दिए हैं। इसके अलावा नई दिल्ली में NCERT हेडक्वार्टर का सेल्स काउंटर वीकेंड पर भी खुला रखा जा रहा है ताकि पेरेंट्स और स्टूडेंट्स वहां से किताबें ले सकें।और ये भी पढ़ेपंजाब में शुक्रवार को सरकारी छुट्टी का ऐलान, स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंदChandigarh: गर्मी की छुट्टियों का ऐलान, नया शेड्यूल जारी, PGI प्रशासन ने जारी किया आदेशHC की फटकार: बिजली की हाईटेंशन तारों के नीचे कैसे बने मकान? हरियाणा सरकार से मांगा जवाबअपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिएClick Here
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