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Aug 6, 2026, 05:37 PM
जोधपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन

जोधपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन

जोधपुर में लूणी क्षेत्र के बालाजी नगर स्थित अरणी नाड़ी (मंगल नगर) के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर गुरुवार (6 अगस्त) को छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. नाराज लोगों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया और वहीं धरने पर बैठकर शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में कला संकाय की 11वीं और 12वीं कक्षा में 30 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए एक भी व्याख्याता (प्रथम श्रेणी शिक्षक) नियुक्त नहीं है. वहीं गणित विषय के द्वितीय श्रेणी शिक्षक का पद भी काफी समय से खाली पड़ा है. ऐसे में छात्रों को नियमित पढ़ाई नहीं मिल पा रही है और परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो रही है. प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षकों की भारी कमी के चलते स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. उनका कहना है कि विषय के शिक्षकों के अभाव में कई बार बच्चों की कक्षाएं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौजूदगी में संचालित हो रही हैं. इसे उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताया. स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा राजलक्ष्मी बताया, "स्कूल में शिक्षक नहीं होने से हमारी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है. कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लगतीं. सरकार जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करे ताकि हमारा भविष्य खराब न हो." ग्रामीणों ने कहा कि लूणी क्षेत्र से राजस्थान सरकार में दो मंत्री जोगाराम पटेल और जसवंत बिश्नोई का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया. प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से सभी रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की. उनका कहना है कि अगर जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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Aug 6, 2026, 05:24 PM
राहुल गांधी ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को'पूरी तरह से ध्वस्त'बताया

राहुल गांधी ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को'पूरी तरह से ध्वस्त'बताया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश का शिक्षा तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त (कोलैप्स) हो चुका है. इंस्टाग्राम पर Zen G और छात्रों की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में छात्रों का आंदोलन मौजूदा शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि वह यह बात पहले देहरादून और कोटा में कह चुके हैं और अब प्रयागराज में भी यही मुद्दा उठाने वाले हैं. राहुल गांधी ने कहा कि देश का शिक्षा तंत्र पूरी तरह से कोलैप्स हो चुका है और शिक्षा बेहद महंगी हो गई है. उनका कहना था कि हर सरकार को छात्रों की बात गंभीरता से सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि चाहे कांग्रेस की सरकार हो, राष्ट्रीय स्तर की सरकार हो या झारखंड की सरकार, सभी को छात्रों की समस्याओं को सुनना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव करने चाहिए. एक दिन पहले यानी बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर युवाओं का इस्तेमाल कर अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने और "झूठा नैरेटिव" गढ़ने का आरोप लगाया. भाजपा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करना चाहते हैं और समाज में विभाजन के बीज बो रहे हैं. राहुल गांधी ने हाल ही में छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया था कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा के मामले में वह संसद में जवाब देने का साहस नहीं दिखा रहे हैं. यह टिप्पणी उन छात्रों से मुलाकात के बाद आई थी, जिन्होंने पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का सामना किया था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संबित पात्रा ने कहा कि 20 जुलाई के "संसद चलो" मार्च के दौरान किसी भी तरह की गोलीबारी नहीं हुई थी. उन्होंने कहा, "मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ दोबारा स्पष्ट करना चाहता हूं कि उस दिन कोई गोली नहीं चली." ये भी पढ़ें: Gen Z से मोहन भागवत बोले, 'आवाज नहीं सुनी गई तो प्रोटेस्ट कर सकते हैं'
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Aug 6, 2026, 03:48 PM
महाविद्यालय ने रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षुता-अंतःस्थापित डिग्री कार्यक्रम शुरू किया

महाविद्यालय ने रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षुता-अंतःस्थापित डिग्री कार्यक्रम शुरू किया

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किया गया यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगा। इसके तहत छात्र-छात्राओं को बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठानों में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा। इससे वे पढ़ाई के दौरान ही कार्य का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे और रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी दक्षता विकसित कर पाएंगे।विज्ञापनउन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी रोजगार के लिए आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे रोजगार के लिए तैयार हों। महाविद्यालय प्रशासन ने पाठ्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए वाणिज्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुण प्रताप सिंह को नोडल एवं कोर्स समन्वयक नियुक्त किया है।
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Aug 6, 2026, 03:45 PM
विश्वविद्यालय ने 534 महाविद्यालयों के 79,000 से अधिक छात्रों के लिए मार्कशीट जारी की

विश्वविद्यालय ने 534 महाविद्यालयों के 79,000 से अधिक छात्रों के लिए मार्कशीट जारी की

विश्वविद्यालय में 2025-26 सत्र में 534 कॉलेजों के स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के 79,662 छात्रों की अंकतालिकाएं तैयार हैं। इसमें स्नातक की 55,686, परास्नातक की 9,150 और व्यावसायिक कोर्स की 14,826 अंकतालिकाएं हैं। दीक्षांत समारोह से पहले इनका वितरण शुरू कर दिया गया था। अभी करीब 10 हजार अंकतालिकाएं बची हैं, ये 80 कॉलेजों की हैं।विज्ञापनइन कॉलेजों के विद्यार्थी अंकतालिका के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि डिग्री डिजी लॉकर से प्राप्त हो रही हैं। अंकतालिकाएं कॉलेज प्रबंधन को ले जाकर अपने विद्यार्थियों को वितरित करनी थी। मगर 10-15 फीसदी कॉलेज के लोग अंकतालिका लेने नहीं आए हैं, नोटिस देकर उन्हें निर्देश दिए गए हैं। उधर, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी कृपाल सिंह आर्य का कहना है कि संस्था के व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रबंधन को इसके लिए खुद भी प्रेरित करेंगे, जिससे छात्रों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।विज्ञापन
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Aug 6, 2026, 03:36 PM
उत्तर प्रदेश एन. ई. ई. टी. यू. जी. 2026: छात्र पंजीकरण और परामर्श अद्यतन

उत्तर प्रदेश एन. ई. ई. टी. यू. जी. 2026: छात्र पंजीकरण और परामर्श अद्यतन

प्रदेश में एमबीबीएस की सरकारी क्षेत्र की 5350 और निजी क्षेत्र की 6700 सीटें हैं। इसी तरह बीडीएस की सरकारी क्षेत्र में 70 और निजी क्षेत्र में 2250 सीटें हैं। नीट यूजी 2026 में उत्तर प्रदेश के 3.56 लाख छात्रों ने पंजीयन किया था, जिसमें 3.28 लाख ने परीक्षा दी। इस परीक्षा में 1.70 लाख छात्र उतीर्ण हुए हैं। वर्ष 2025 की अपेक्षा वर्ष 2026 में करीब 1900 अतिरिक्त छात्रों ने पंजीयन किया, लेकिन परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या में करीब 15 हजार की कमी रही।विज्ञापनयही वजह है कि उत्तीर्ण होने वाले छात्रों में वर्ष 2025 की अपेक्षा वर्ष 2026 में सिर्फ 86 छात्र अधिक हैं। इस वर्ष एमबीबीएस की सरकारी क्षेत्र में सीटें भी नहीं बढ़ी हैं। फिलहाल अब पहले चरण की आनलाइन काउंसिलिंग शुरू हो रही है। पंजीयन के बाद उसी दिन से धरोहर राशि जमा की जा सकेगी। छात्र 12 अगस्त को दोपहर बाद पांच बजे तक धरोहर राशि जमा कर सकेंगे। इसके बाद प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी। फिर कॉलेज आवंटित किया जाएगा।विज्ञापनपंजीयन के वक्त किसी तरह की असुविधा होने पर डीजीएमई कार्यालय में बनाए गए हेल्पलाइन से सहायता ली जा सकती है। हेल्पलाइन नंबर 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699 और 8189011700 है।
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Aug 6, 2026, 03:29 PM
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग ने दो वर्षीय पीजी कार्यक्रमों के लिए प्रवेश कार्यक्रम की घोषणा की

दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग ने दो वर्षीय पीजी कार्यक्रमों के लिए प्रवेश कार्यक्रम की घोषणा की

-दाखिले के लिए पंजीकरण 24 अगस्त तक किया जा सकता है, पहली मेरिट सूची 25 अगस्त को जारी होगीअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दो वर्षीय पीजी प्रोग्राम में दाखिला दो मेरिट के आधार पर होगा। पहले दाखिला सीयूईटी पीजी स्कोर के आधार पर तैयार मेरिट से होगा, जबकि बाद में सीटें बचने पर दाखिला यूजी स्कोर से होगा। दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और आवेदन 24 अगस्त तक किया जा सकता है, पहली मेरिट सूची 25 अगस्त को जारी होगी।स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि एसओएल के दो वर्षीय स्नातकोत्तर प्रोग्राम में सीयूईटी स्कोर के माध्यम से दाखिले का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। एमए हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, संस्कृत तथा एमकॉम में दाखिले के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 14 जुलाई से शुरू हो चुका है, जो 24 अगस्त 2026 तक चलेगा। उन्होंने बताया कि दो वर्षीय पीजी प्रोग्राम की 1500 सीटों पर दाखिले के लिए पहली मेरिट सूची 25 अगस्त को जारी की जाएगी।विज्ञापनपहली मेरिट सूची में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज का ऑनलाइन सत्यापन और प्रवेश शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 26 अगस्त से 1 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे तक पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीटें बचने की स्थिति में दाखिला स्नातक के स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। स्नातक के स्कोर के आधार पर मेरिट सूची जारी की जाएगी। वहीं नियमित कॉलेजों में एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम में दाखिला नहीं होने पर एसओएल में आवेदन किया जा सकता है। प्रो. मागो ने बताया कि हमारे यहां एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम के लिए 2900 सीटें हैं, ऐसे में दाखिले की काफी संभावना है।
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Aug 6, 2026, 03:07 PM
हिमाचल प्रदेश सरकार का लक्ष्य नई शिक्षक भर्ती के साथ व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करना है

हिमाचल प्रदेश सरकार का लक्ष्य नई शिक्षक भर्ती के साथ व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करना है

हिमाचल प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार स्कूलों में व्यावसायिक और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए 1200 नए शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि बदलते दौर में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है। गुरुवार को शिमला में अमर उजाला स्कूल एक्सीलेंस अवाॅर्ड-2026 समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी और निजी स्कूलों के प्राचार्यों को सम्मानित करने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने साढ़े तीन वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में कई कड़े फैसले लिए हैं।
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Aug 6, 2026, 02:59 PM
उत्तर प्रदेश के शिक्षकों ने प्रश्नों के बीच नियुक्तियों पर त्वरित निर्णय की मांग की

उत्तर प्रदेश के शिक्षकों ने प्रश्नों के बीच नियुक्तियों पर त्वरित निर्णय की मांग की

उत्तराखंड में प्राथमिक सहायक अध्यापक भर्ती (सत्र 2020-21, 2021-22, 2024-25 एवं 2025-26) के तहत चयनित उत्तर प्रदेश से डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षित शिक्षकों ने अपनी नियुक्तियों को लेकर उठ रहे सवालों पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। शिक्षकों ने कहा कि उत्तराखंड समूह ग सीधी भर्ती नियमावली-2019 के अनुसार अभ्यर्थी के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों में से किसी एक को पूरा करना पर्याप्त है। इनमें उत्तराखंड से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की शिक्षा, राज्य के सेवायोजन कार्यालय में वैध पंजीकरण, उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाण पत्र, राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत अभिभावकों से संबंधित प्रावधान अथवा उत्तराखंड के ऐसे स्थायी निवासी शामिल हैं जो रोजगार या अध्ययन के कारण राज्य से बाहर रह रहे हों। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में डीएलएड प्रशिक्षण वहां के सामान्य निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्राप्त किया था। उनका कहना है कि सामान्य निवास प्रमाण पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र से पूरी तरह अलग है और दोनों को समान मानकर नियुक्तियों पर सवाल उठाना कानूनी एवं तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं है। नवनियुक्त शिक्षकों का आरोप है कि कुछ लोग भ्रामक तथ्यों के आधार पर शिक्षा विभाग, न्यायालय और आमजन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षकों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि नियमावली के तहत हुई नियुक्तियों के हितों की रक्षा करते हुए मामले के सभी तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। मांग रखने वालों में रविंद्र बिष्ट, रोहित, महेश, काजल रावत सहित अन्य शिक्षक शामिल हैं।
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Aug 6, 2026, 02:56 PM
शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को नए सचिव के नेतृत्व पर भरोसा

शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को नए सचिव के नेतृत्व पर भरोसा

समारोह में नए सचिव अंकुश शर्मा के प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई गई कि वह शिक्षा बोर्ड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहलें कीं। इनका लाभ विद्यार्थियों और पूरी शिक्षा व्यवस्था को मिला। अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूर्व सचिव को स्मृति चिह्न भेंटकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संवाद
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Aug 6, 2026, 02:54 PM
अमर उजाला स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड्स-2026 ने हिमाचल प्रदेश के शीर्ष स्कूलों को सम्मानित किया

अमर उजाला स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड्स-2026 ने हिमाचल प्रदेश के शीर्ष स्कूलों को सम्मानित किया

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के होटल होलीडे होम में गुरुवार को अमर उजाला स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अवाॅर्ड-2026 में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के सरकारी और निजी क्षेत्र के 116 स्कूलों को सम्मानित किया गया। इसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के स्कूल शामिल रहे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र प्रदान किए। शैक्षणिक परिणाम, नवाचार, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, खेल, अनुशासन और समग्र प्रदर्शन के लिए यह सम्मान दिया गया। शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, किन्नौर समेत कई जिलों के विभिन्न स्कूलों और संस्थानों के प्रतिनिधि इस दौरान मौजूद रहे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ।
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Aug 6, 2026, 02:51 PM
आई. टी. आई. बैजनाथ ने एन. सी. वी. टी. के तहत रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए स्पॉट राउंड की घोषणा की

आई. टी. आई. बैजनाथ ने एन. सी. वी. टी. के तहत रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए स्पॉट राउंड की घोषणा की

बैजनाथ (कांगड़ा)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बैजनाथ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एनसीवीटी के तहत रिक्त सीटें भरी जाएंगी। प्रवेश के लिए आठ से 14 अगस्त तक स्पॉट राउंड का आयोजन किया जाएगा। प्रधानाचार्य रीता शर्मा ने बताया कि इसमें प्रदेश के नए अभ्यर्थियों के अलावा अन्य राज्यों के अभ्यर्थी और पूर्व में पंजीकृत अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। नए व अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को आठ से 10 अगस्त तक ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण और शुल्क जमा करवाना होगा। सभी अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र का प्रिंटआउट और आवश्यक दस्तावेज 11 अगस्त को सुबह 11 बजे तक संस्थान में जमा कराने होंगे। इसके बाद मेरिट सूची तैयार कर 12 से 14 अगस्त तक काउंसलिंग के जरिये सीटें आवंटित की जाएंगी। सीट मिलने पर अभ्यर्थियों को तुरंत शुल्क जमा कराना होगा। ऐसा न करने पर सीट अगले पात्र अभ्यर्थी को आवंटित कर दी जाएगी। संवाद
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Aug 6, 2026, 02:27 PM
बिहार सरकार ने शनिवार को सरकारी स्कूलों के लिए आधे दिन का कार्यक्रम शुरू किया

बिहार सरकार ने शनिवार को सरकारी स्कूलों के लिए आधे दिन का कार्यक्रम शुरू किया

बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के संचालन समय में आंशिक बदलाव करते हुए शनिवार को सभी सरकारी स्कूलों में हाफ डे लागू करने का निर्णय लिया है। नए आदेश के तहत अब शनिवार को दोपहर एक बजे तक ही विद्यालय संचालित होंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार तक पूर्व निर्धारित समय के अनुसार पढ़ाई होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. की ओर से जारी आदेश के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक सभी सरकारी विद्यालय सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे। वहीं शनिवार को विद्यालय सुबह 9:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 1:00 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां शनिवार को दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी। इसके बाद 12:00 बजे से 12:40 बजे तक मध्याह्न भोजन कराया जाएगा। भोजन के बाद विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी जाएगी। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को दोपहर 1:00 बजे तक कक्षाएं और अन्य निर्धारित गतिविधियां संचालित होंगी। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को घर भेज दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की छुट्टी के बाद भी शिक्षकों का कार्य समाप्त नहीं होगा। प्रतिदिन कक्षा संचालन के बाद शिक्षकों को अगले दिन और आगामी सप्ताह की पाठ योजना तैयार करनी होगी। इसके अलावा कॉपियों का मूल्यांकन, शिक्षक डायरी अपडेट करना, गृहकार्य की जांच, प्रयोगशाला प्रबंधन और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल कक्षाएं भी संचालित करनी होंगी। विभाग ने कहा है कि विद्यालय संचालन से संबंधित अन्य सभी निर्देश और व्यवस्थाएं पहले की तरह प्रभावी रहेंगी। नए आदेश का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करना और शिक्षकों को शैक्षणिक तैयारी के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है।
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Aug 6, 2026, 02:13 PM
उत्तर प्रदेश सरकार 14 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करेगी

उत्तर प्रदेश सरकार 14 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करेगी

प्राथमिक स्तर पर करीब 64 हजार से अधिक शिक्षक हैं। उच्च प्राथमिक स्तर के करीब 76 हजार से अधिक शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। चयन आयोग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। शासन के निर्देश पर आयोग परीक्षा के प्रस्ताव बनाने में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने परीक्षा की तैयारियों का पूरा खाका खींच लिया है। आयोग के अध्यक्ष डा. प्रशांत कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर विशेष टीईटी कराने का निर्णय लिया गया है।विज्ञापनउत्तर प्रदेश में करीब 1.42 लाख शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं हैं। इन शिक्षकों में वर्ष 2010 से पहले भर्ती हुए प्राथमिक स्तर के शिक्षक भी शामिल हैं। प्राथमिक स्तर पर इनकी संख्या लगभग 64 हजार से अधिक है। उच्च प्राथमिक स्तर पर करीब 76 हजार 256 से अधिक शिक्षक हैं। इन सभी शिक्षकों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा देनी होगी।विज्ञापनउ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विशेष टीईटी के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। यह प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि तैयारियां पूरी हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने परीक्षा का पूरा खाका तैयार कर लिया है।
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Aug 6, 2026, 02:06 PM
सी. बी. एस. ई. ने व्यावहारिक शिक्षण अनुभवों के लिए नई प्रयोगशाला शुरू की

सी. बी. एस. ई. ने व्यावहारिक शिक्षण अनुभवों के लिए नई प्रयोगशाला शुरू की

सीबीएसई की कौशल बोध और कौशल विकास पहल के तहत तैयार की गई इस लैब का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा उपलब्ध कराना है। लैब के माध्यम से छात्रों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, नवाचार और समालोचनात्मक चिंतन जैसे आधुनिक कौशलों का विकास किया जाएगा।विज्ञापनविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के उद्देश्यों के अनुरूप है। ब्यूरो
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Aug 6, 2026, 02:05 PM
सी. बी. एस. ई. ने स्कूलों में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और ए. आई. के लिए नया पाठ्यक्रम ढांचा पेश किया

सी. बी. एस. ई. ने स्कूलों में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और ए. आई. के लिए नया पाठ्यक्रम ढांचा पेश किया

सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा में एआई और नई तकनीक को शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने कक्षा 3 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई का नया करिकुलम फ्रेमवर्क जारी किया है. इसका उद्देश्य शुरुआती कक्षाओं से ही छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान और डिजिटल तकनीक की समझ विकसित करना है. सीबीएसई का कहना है कि नया फ्रेमवर्क स्कूलों को आयु के अनुसार उपयुक्त गतिविधियों के माध्यम से कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की अवधारणाओं को पढ़ाने का एक व्यवस्थित तरीका उपलब्ध कराएगा. नए फ्रेमवर्क की तहत छात्रों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं, बल्कि उसके पीछे की सोच और कार्य प्रणाली को भी समझाया जाएगा. इसमें तार्किक सोच, पैटर्न पहचान, एल्गोरिथमिक सोच, क्रिएटिविटी और व्यवस्थित तरीके से समस्याओं का समाधान जैसे कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके साथ ही छात्रों को एआई की मूल अवधारणाओं और रोजाना की जिंदगी में इसके उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वह तकनीक के जिम्मेदारी से उपयोगकर्ता और निर्माता बन सके. सीबीएसई ने सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से 3030 एकलव्य कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑनलाइन सीरीज भी शुरू की है. इस ऑनलाइन सीरीज के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की एक्टिविटी आधारित अध्ययन सामग्री, इंटरएक्टिव सेशन और एसटीईएम शिक्षा से जुड़े इनोवेशन को समझने का अवसर मिलेगा. इसका उद्देश्य कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की अवधारणा को आसान और व्यावहारिक तरीके से सीखने में मदद करना है. इस कार्यक्रम के लिए इच्छुक छात्र और शिक्षक eklavya.iit gandhinagar.ac.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. लाइव सेशन 15 अगस्त से शुरू होगा. कुल आठ ऑनलाइन सेशन आयोजित किए जाएंगे, जो हर रविवार शाम 4:00 बजे होंगे. सीबीएसई से संबंधित स्कूलों के शिक्षकों के लिए प्रत्येक एपिसोड को स्कूल आधारित प्रशिक्षण के तहत 3सीपीडी हावर्स के रूप में भी मान्यता दी जाएगी. इसके लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा. इस ऑनलाइन सीरीज में भाग लेने के लिए छात्रों और शिक्षकों को 8 एपिसोड के लिए 200 रुपये की फीस देनी होगी. वहीं सीबीएस ने यह भी बताया है कि एनसीईआरटी और सीबीएसई मिलकर ऐसा पाठ्यक्रम तैयार कर रहे हैं, जिससे छात्रा अपनी मातृभाषा में भी आसानी से पढ़ सके और समझ सके. कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Aug 6, 2026, 01:32 PM
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक एसटीईएम नवाचार प्रयोगशाला का उद्घाटन किया

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक एसटीईएम नवाचार प्रयोगशाला का उद्घाटन किया

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लगातार आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाए जा रहे हैं. 6 अगस्त 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीतमपुरा के सर्वोदय विद्यालय नई STEM इनोवेशन लैब का उद्घाटन किया. इस अत्याधुनिक लैब के माध्यम से छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा, रचनात्मक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली का हर विद्यार्थी बड़े सपने देखे और उन्हें साकार करने के लिए आधुनिक अवसर हासिल करे, यही दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता है. उन्होंने कहा- 'सरकारी विद्यालयों में विश्वस्तरीय शिक्षण सुविधाओं का विस्तार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, ताकि प्रत्येक छात्र भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार हो सके.' दिल्ली का हर विद्यार्थी बड़े सपने देखे और उन्हें साकार करने के लिए आधुनिक अवसर पाए, यही हमारी प्रतिबद्धता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विकसित भारत के विज़न के अनुरूप, दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में विश्वस्तरीय शिक्षण सुविधाओं का विस्तार निरंतर किया जा रहा है।… pic.twitter.com/nlE02blWF0 वहीं, Da One Group के चेयरमैन और शिखर धवन फाउंडेशन के फाउंडर शिखर धवन ने कहा- 'कल के चैंपियन आज की कक्षाओं में आकार लेते हैं. शिखर धवन फाउंडेशन में हम हमेशा से यह मानते आए हैं कि समाज को कुछ वापस देने की शुरुआत हमारे बच्चों और उनके फ्यूचर में निवेश करने से होती है.' पीतमपुरा के सर्वोदय विद्यालय में इस अत्याधुनिक STEM इनोवेशन लैब की स्थापना भारत के जाने-माने क्रिकेटर और Da One Group के चेयरमैन की पहल, शिखर धवन फाउंडेशन की संचालिका सोफी धवन और HMD ग्लोबल के CEO और साउथ एशिया हेड रवि कुंवर और HMD ग्लोबल के सहयोग से स्थापित की गई है.
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Aug 6, 2026, 01:14 PM
हरियाणा बोर्ड ने माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए

हरियाणा बोर्ड ने माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE), भिवानी ने सेकेंडरी (शैक्षिक) परीक्षा जुलाई 2026 और सीनियर सेकेंडरी (एक दिवसीय) कंपार्टमेंट/अतिरिक्त विषय परीक्षा जुलाई 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।
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Aug 6, 2026, 01:09 PM
स्थानांतरण में देरी के कारण भारतीय शिक्षकों को अन्याय का सामना करना पड़ रहा है

स्थानांतरण में देरी के कारण भारतीय शिक्षकों को अन्याय का सामना करना पड़ रहा है

शिक्षा विभाग में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरोथा चकराता में सहायक अध्यापक सोहन लाल भी 22 साल की दुर्गम की सेवा के बावजूद सुगम में आने के लिए तरस गए हैं। सोहन लाल बताते हैं कि उनकी पहली नियुक्ति 2003 में जीआईसी मोतियापाथर अल्मोड़ा में हुई। इस स्कूल में 11 साल की सेवा के बाद मंडल परिवर्तन कर गढ़वाल मंडल के बरोथा स्कूल में आ गए। जब सभी विभागों में हर साल कर्मचारियों के अनिवार्य तबादले किए जा रहे हैं, तो केवल शिक्षकों के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है। तय समय पर तबादले न होने से कई शिक्षक 25 से 30 साल से दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्र में हैं। जो सुगम में नहीं आ पा रहे हैं, इसका कही न कही उनके मनोबल पर असर पड़ रहा है। रमेश पैन्यूली, पूर्व प्रांतीय महामंत्री राजकीय शिक्षक संघ प्रदेश में इस साल शिक्षकों के तबादला एक्ट के तहत अनिवार्य तबादले नहीं होंगे, लेकिन अनुरोध के आधार पर विभाग की ओर से तबादलों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। ऐसे में पात्र शिक्षक तबादलों की आस लगाए हैं।
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Aug 6, 2026, 12:54 PM
मरांडी ने छात्रों के विरोध के बीच परीक्षा में धांधली को लेकर झारखंड सरकार की आलोचना की

मरांडी ने छात्रों के विरोध के बीच परीक्षा में धांधली को लेकर झारखंड सरकार की आलोचना की

झारखंड में परीक्षा धांधली को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि नीट पेपर लीक मामले में लगातार बोलने वाले राहुल गांधी झारखंड की परीक्षा धांधली पर चुप क्यों हैं, जबकि राज्य में कांग्रेस सरकार का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस छात्रों के साथ है तो उसे हेमंत सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन के कार्यकाल में हुई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की CBI जांच कराई जानी चाहिए. उनका आरोप है कि लगभग हर भर्ती परीक्षा में धांधली हुई और लाखों रुपये लेकर पद बेचे गए. उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है. मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन राज्य के शिक्षा और कार्मिक मंत्री भी हैं, इसलिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने मांग की कि JPSC के सभी सदस्यों को बर्खास्त कर नई नियुक्तियां की जाएं, ताकि भर्ती प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा फिर से कायम हो सके. उन्होंने कहा कि JPSC, JSSC-CGL समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की ED और CBI से जांच होनी चाहिए. उनके मुताबिक, केवल CID जांच के नाम पर सरकार लीपापोती कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े लोगों के नाम सामने आने के डर से CBI और ED जांच नहीं कराना चाहती. बाबूलाल मरांडी ने सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित वार्ता का स्वागत करते हुए कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में होनी चाहिए और सरकार छात्रों की बात गंभीरता से सुने. उन्होंने कहा कि बीजेपी पूरी मजबूती से छात्रों के साथ खड़ी है और परीक्षा धांधली का पर्दाफाश कराकर छात्रों को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेगी.
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Aug 6, 2026, 12:42 PM
एन. ई. ई. टी. यू. जी. परामर्श 2026: महाराष्ट्र में एम. बी. बी. एस. और बी. डी. एस. प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू

एन. ई. ई. टी. यू. जी. परामर्श 2026: महाराष्ट्र में एम. बी. बी. एस. और बी. डी. एस. प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू

महाराष्ट्र में MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट यूजी काउंसलिंग 2026 की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल ने 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। योग्य उम्मीदवार आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
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Aug 6, 2026, 12:34 PM
गुरुग्रामः सरकारी कॉलेजों में स्नातक प्रवेश के लिए दूसरी मेरिट सूची जारी

गुरुग्रामः सरकारी कॉलेजों में स्नातक प्रवेश के लिए दूसरी मेरिट सूची जारी

संवाद न्यूज एजेंसीगुरुग्राम। जिले के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से दूसरी मेरिट सूची जारी कर दी गई है। सूची में चयनित विद्यार्थियों को 7 अगस्त तक ऑनलाइन फीस जमा कर अपना प्रवेश सुनिश्चित करना होगा। निर्धारित समय तक फीस जमा नहीं करने पर संबंधित सीट रिक्त मानी जाएगी।दूसरी मेरिट सूची के बाद जिन कॉलेजों में सीटें खाली रहेंगी, वहां 8 अगस्त से फिजिकल काउंसिलिंग शुरू होगी। इसमें वे विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने प्रवेश पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, लेकिन अब तक सीट आवंटित नहीं हुई या जो रिक्त सीटों पर दाखिला लेना चाहते हैं। काउंसिलिंग के दौरान मूल दस्तावेजों का सत्यापन कर उपलब्ध सीटों पर मौके पर ही प्रवेश दिया जाएगा। उच्चतर शिक्षा विभाग के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया 23 अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से चलेगी। कॉलेजों को रिक्त सीटों का विवरण नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करने और विद्यार्थियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने अभ्यर्थियों से समय सीमा के भीतर फीस जमा करने और काउंसिलिंग की तिथियों पर नजर रखने की अपील की है।
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Aug 6, 2026, 12:34 PM
हरियाणा ने कक्षा 9-12 में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ाई

हरियाणा ने कक्षा 9-12 में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ाई

चंडीगढ़। हरियाणा में 9वीं से 12वीं कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को राहत देते हुए महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा ने दाखिले की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबद्ध सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में यह आदेश लागू होगा। पहले यह तिथि 30 जुलाई थी।राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इस विषय में सीबीएसई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही फैसला लेंगे। शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी केवल प्रवेश की समय सीमा समाप्त होने के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
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Aug 6, 2026, 12:30 PM
राहुल गांधी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए सरकार की निंदा की

राहुल गांधी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए सरकार की निंदा की

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी और सीटों में कटौती के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने का काम कर रही है. राहुल गांधी ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस बढ़ोतरी और सीटों में कमी के खिलाफ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं. लेकिन प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रहा है. उनके अनुसार, छात्रों की मांगों पर बातचीत करने की जगह उन पर कार्रवाई की जा रही है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस वृद्धि और सीट कटौती के खिलाफ़ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन प्रशासन छात्रों को सुनने के बजाय उन पर FIR कर रहा है। मोदी सरकार की नीति ही युवाओं की आवाज़ दबाना है। सवाल पूछो तो लाठी, विरोध करो तो मुक़दमे, और आवाज़ उठाओ तो पेलेट गन।… कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीति युवाओं की आवाज दबाने की है. राहुल गांधी ने कहा कि जब कोई सवाल पूछता है तो लाठी चलाई जाती है, विरोध करने पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और आवाज उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है. राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए प्रयागराज जाने का फैसला किया था, लेकिन उसके बाद से प्रशासन उनके कार्यक्रम को रोकने की हर संभव कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि इससे साफ़ है कि सरकार और प्रशासन छात्रों की आवाज से भी डर रहे हैं. 4 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. साल 2022 से एबीपी न्यूज़ से जुड़े हुए हैं. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय डेस्क की भी जिम्मेदारी संभालते हैं. सेंट्रल यूनिर्वसिटी ऑफ साउथ बिहार से 2022 में पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल की. राजनीति, चुनाव, सामाजिक विषयों और साहित्य में रुचि है. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर जोर देते हैं. राजनीति से जुड़ी खबरों पर लगातार लिख रहे हैं
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Aug 6, 2026, 12:19 PM
बिहार शिक्षा गतिविधियाँ और शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया अद्यतन

बिहार शिक्षा गतिविधियाँ और शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया अद्यतन

विभागीय आदेश के अनुसार शनिवार को कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की पढ़ाई और अन्य निर्धारित गतिविधियां दोपहर 12 बजे तक चलेंगी। इसके बाद 12 बजे से 12:40 बजे तक मध्याह्न भोजन कराया जाएगा और भोजन के बाद छात्रों की छुट्टी कर दी जाएगी। वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को दोपहर 1 बजे तक अध्यापन कार्य और अन्य निर्धारित गतिविधियां संचालित होंगी। इसके बाद छात्रों को छुट्टी दे दी जाएगी। शिक्षकों को पाठ्य योजना तैयार करने, कॉपियों की जांच, मूल्यांकन, शिक्षक डायरी अपडेट, प्रयोगशाला प्रबंधन और रिमेडियल क्लास जैसे कार्य पूरे करने के बाद ही विद्यालय से प्रस्थान करना होगा।विज्ञापनप्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत चल रही स्थानांतरण प्रक्रिया की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समायोजन और समानुपातीकरण के लिए 29 जुलाई से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए, जिनमें राज्यभर से 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किया है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी तथा 9 सितंबर तक समायोजन और समानुपातीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।विज्ञापनमंत्री ने बताया कि पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण के लिए 4,259 आवेदन मिले हैं। यह प्रक्रिया 10 से 14 सितंबर के बीच पूरी होगी। वहीं सामान्य स्थानांतरण के लिए 16 सितंबर को संशोधित रिक्तियों की सूची जारी की जाएगी और 17 से 23 सितंबर तक शिक्षक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच स्थानांतरण सूची जारी करने, अपीलों का निस्तारण और अंतिम आदेश जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जो शिक्षक पहले आवेदन नहीं कर सके या सरप्लस सूची में थे, उन्हें भी सामान्य स्थानांतरण के दौरान आवेदन का अवसर मिलेगा।Bihar: बिहार में SC-ST एक्ट मामलों के लिए 19 नए विशेष कोर्ट मंजूर, 171 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृतिबीपीएससी को भेजी गई शिक्षक नियुक्ति अधियाचना को लेकर उठ रहे सवालों पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि अधियाचना में तकनीकी खामी होने या उसे वापस किए जाने की बातें पूरी तरह अफवाह हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग अधियाचना बीपीएससी को भेज चुका है और इसे वापस लेने जैसी कोई स्थिति नहीं है। जिन्होंने इस तरह का बयान दिया है, उन्हें सही जानकारी नहीं है।
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Aug 6, 2026, 12:17 PM
चौकुटिया में कार पलट कर खाई में गिरने से शिक्षक घायल

चौकुटिया में कार पलट कर खाई में गिरने से शिक्षक घायल

राजकीय इंटर कॉलेज धामदेवल में छुट्टी होने के बाद शिक्षक और शिक्षिकाएं प्रतिदिन की तरह कार से चौखुटिया लौट रहे थे। उडलीखान के समीप पहुंचने पर कार चालक कार पर नियंत्रण खो बैठा और कार दो बार पलटने के बाद खाई में जा गिरी। बृहस्पतिवार को धामदेवल से शिक्षक कार यूके-07 एफएच-1287 में सवार होकर चौखुटिया लौट रहे थे। उड़ली खान के समीप पहुंचते ही चालक वाहन पर संतुलन खो बैठा, जिससे कार पलटते हुए सड़क छोड़कर खाई में जा गिरी। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और 112 से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौखुटिया थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
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Aug 6, 2026, 11:23 AM
रेवाड़ीः स्नातक प्रवेश के लिए दूसरी मेरिट सूची जारी

रेवाड़ीः स्नातक प्रवेश के लिए दूसरी मेरिट सूची जारी

रेवाड़ी। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने स्नातक प्रथम वर्ष के दाखिले के लिए दूसरी मेरिट सूची जारी की है। इसके बाद महाविद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया तेज हो गई है। यह सूची उन विद्यार्थियों के लिए है जिनका नाम पहली सूची में नहीं आया था। प्रवेश शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 7 अगस्त शाम 5 बजे तक है।शहर के राजकीय कन्या महाविद्यालय, केएलपी कॉलेज और आरडीएस पब्लिक गर्ल्स कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया में तेजी आई है। कुछ पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई है। हालांकि, कुछ पाठ्यक्रमों में सीटों की तुलना में आवेदन कम प्राप्त हुए हैं। बुधवार को विद्यार्थी और अभिभावक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराने पहुंचे। कॉलेज प्रशासन ने दस्तावेज की जांच और शुल्क जमा किया।विज्ञापनउच्चतर शिक्षा निदेशालय 9 अगस्त को दोबारा ऑनलाइन पोर्टल खोलेगा। यह उन विद्यार्थियों के लिए है जिनका परिणाम देरी से आया या जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। ऐसे विद्यार्थी 10 से 16 अगस्त तक 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ दाखिला ले सकेंगे। इस नए अवसर से समय पर आवेदन न कर पाने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। अन्य संस्थानों में प्रवेश न पाने वाले भी दाखिले का प्रयास कर सकेंगे।विज्ञापनस्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में भी दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। स्नातक अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम में रिअपीयर आने से परेशानी बढ़ी है। रिअपीयर वाले विद्यार्थी पीजी पाठ्यक्रमों में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। स्नातक की तरह पीजी प्रथम वर्ष के लिए 7 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक अधिकांश कॉलेजों में निर्धारित सीटों की तुलना में आवेदन संख्या कम है।इंसेटराजकीय कन्या महाविद्यालय में पीजी आवेदनसेक्टर-18 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में एमएससी भूगोल की 40 सीटों के लिए 56 आवेदन आए हैं। एमएससी वनस्पति विज्ञान की 40 सीटों पर 40 छात्राओं ने आवेदन किया है। एमकॉम की 60 सीटों पर भी 60 आवेदन प्राप्त हुए हैं। एमए योगासन की 40 सीटों के लिए 26 आवेदन मिले हैं। एमए इतिहास की 40 सीटों के लिए 64 और एमए अंग्रेजी की 40 सीटों के लिए 30 छात्राओं ने आवेदन किया है।आरडीएस पब्लिक गर्ल्स कॉलेज में एमए हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान और एमकॉम में 40-40 सीटें निर्धारित हैं। इनमें क्रमशः 14, 18, 20 और 19 छात्राओं के आवेदन आए हैं। केएलपी कॉलेज में पीजी पाठ्यक्रमों के लिए करीब 50 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन कॉलेजों में भी कई पीजी पाठ्यक्रमों में सीटों के मुकाबले आवेदन कम हैं। यह स्थिति विद्यार्थियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
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Aug 6, 2026, 11:15 AM
उच्च न्यायालय ने एम. पी. चिकित्सा विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम के खिलाफ याचिका पर आगे की सुनवाई की अनुसूची बनाई

उच्च न्यायालय ने एम. पी. चिकित्सा विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम के खिलाफ याचिका पर आगे की सुनवाई की अनुसूची बनाई

हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने सरकार की तरफ से पेश की गई जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका पर अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी। जबलपुर के सुखसागर मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. पंकज कमल धरडे की तरफ से दायर की गई याचिका में एमपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, संशोधन अधिनियम, 2023 को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि संशोधन के तहत कुलपति पद के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में 10 वर्ष का अनुभव अनिवार्य किया गया था। इस शर्त से निजी मेडिकल कॉलेजों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत अनुभवी प्रोफेसरों व शिक्षाविदों के लिए कुलपति पद के अवसर बंद हो गए। सिर्फ सरकार मेडिकल कॉलेज में कार्य करने का अनुभव की शर्त मनमानी और भेदभावपूर्ण बताया है।विज्ञापनये भी पढ़ें-नए स्पीड ब्रेकर्स से हो रहे हादसे, गाड़ियां हो रहीं पंचर, शहर से फिर खिलवाड़ कर रहा नगर निगमविज्ञापनएडिशनल एडवोकेट जनरल ब्रह्मदत्त सिंह ने सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया कि 20 जुलाई 2026 बिल तैयार किया गया है, जिसे अगले सत्र में विधानसभा के सामने पेश किया जाएगा। इससे उस स्थिति को बहाल किया जा सकेगा जो विवादित गजट नोटिफिकेशन जारी होने से पहले थी। विज्ञापन के तहत वाइस चांसलर के पद पर नियुक्ति व चयन की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी जाएगी।
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Aug 6, 2026, 11:10 AM
कझेरी सरकारी विद्यालयः शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों का नामांकन

कझेरी सरकारी विद्यालयः शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों का नामांकन

कजहेड़ी के सरकारी स्कूल में कुल 1100 बच्चे हैं। सुबह और शाम की शिफ्ट में यह बच्चे स्कूल आते हैं। इनको पढ़ाने के लिए कुल 31 टीचर हैं। इनमें से 5 की ड्यूटी ब्लॉक लेवल ऑफिसर यानि बीएलओ के रूप में लगी है। एक टीचर मेटरनिटी लीव पर है। एक टीचर अगले महीने रिटायर होने वाले हैं। इस मामले को देखा जाएगा। बच्चों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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Aug 6, 2026, 11:09 AM
भारत सरकार ने जुलाई 2025 से जारी किए गए शैक्षिक कोष पर पारदर्शिता की मांग की

भारत सरकार ने जुलाई 2025 से जारी किए गए शैक्षिक कोष पर पारदर्शिता की मांग की

अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) रोहित कुमार सिंह की ओर से जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जुलाई 2025 से अब तक एसएमपी-एसएमएलएडी फंड से जारी राशि, स्वीकृत कार्यों, व्यय की स्थिति और शेष कार्यों का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाए।विज्ञापनयह कार्रवाई स्कूल भवनों की बदहाल स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के बीच की जा रही है। अदालत में सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी है, जिसके लिए सभी जिलों से तथ्य जुटाए जा रहे हैं।विज्ञापनयह भी पढें-Rajasthan Politics: दिल्ली में सीएम भजनलाल शर्मा की अमित शाह से मुलाकात, मानसून सत्र से पहले रणनीति पर मंथनपिछले दिनों झालावाड़ के पिपलोदी में स्कूल भवन हादसे के बाद राज्य सरकार ने जर्जर विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए एसएमपी-एसएमएलएडी फंड से 20 प्रतिशत राशि जारी करने के निर्देश दिए थे। अब हाईकोर्ट ने इस राशि के उपयोग और जमीनी स्तर पर हुए कार्यों का पूरा हिसाब तलब किया है।शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी जिला परिषदों को निर्धारित प्रारूप में सात दिन के भीतर रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि उसे संकलित कर हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जा सके। सरकार की इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों पर अब तक कितना काम हुआ और कितनी राशि खर्च की गई है।
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Aug 6, 2026, 11:03 AM
सी. बी. एस. ई. ने कक्षा 10 की परीक्षाओं के लिए नई परिणाम-पश्चात प्रक्रिया शुरू की

सी. बी. एस. ई. ने कक्षा 10 की परीक्षाओं के लिए नई परिणाम-पश्चात प्रक्रिया शुरू की

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 की मुख्य बोर्ड परीक्षा और सेकंड बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए के छात्रों के लिए पोस्ट रिजल्ट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब जो छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है, उन्हें सबसे पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करनी होगी. इसके बाद ही वे अंकों के वेरिफिकेशन या उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे. बोर्ड ने 5 अगस्त को जारी नोटिस में बताया कि पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी. आपको बता दें कि मुख्य बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल 2026 को घोषित किया था, जबकि सेकंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 18 जुलाई 2026 को जारी हुआ था. पोस्ट रिजल्ट सुविधाओं के लिए सभी आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे. सीबीएसई ने इस बार भी पोस्ट रिजल्ट प्रक्रिया को तीन चरणों में रखा है. सबसे पहले छात्र अपने मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करेंगे. इसके बाद अगर उन्हें किसी प्रकार की गलती दिखाई देती है, तो वह अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकेंगे. वेरिफिकेशन के बाद भी अगर किसी उत्तर के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति रहती है तो संबंधित प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया जा सकेगा. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कैन कॉपी लिए बिना छात्र सीधे वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं. छात्र 5 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक अपने मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए प्रति विषय 300 रुपये फीस निर्धारित की गई है. सीबीएसई ने छात्रों को सलाह दी है कि स्कैन कॉपी प्राप्त करने के बाद उसे ध्यान से देखें और उसके बाद ही यह तय करें कि उन्हें वेरिफिकेशन या री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करना है या नहीं. उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देखने के बाद छात्र 16 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स और री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे. वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स के लिए 300 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका और री-इवैल्युएशन के लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न जमा करना होगा. अगर कोई छात्र दोनों सुविधाओं का लाभ लेना चाहता है, तो उसे दोनों प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग फीस देनी होगी. सीबीएसई के अनुसार वेरिफिकेशन के दौरान यह देखा जाएगा कि कहीं किसी उत्तर का मूल्यांकन छूट तो नहीं गया, अंकों का कुल जोड़ सही किया गया है या नहीं और उत्तर पुस्तिका से अंतिम अंक दर्ज करते समय कोई गलती तो नहीं हुई है. अगर वेरिफिकेशन के बाद भी छात्र संतुष्ट नहीं होता तो वह केवल उन्हीं प्रश्नों के मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेगा, जिन्हें उसने चुना होगा. इसके अलावा बोर्ड ने साफ किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद अगर अंक बढ़ते हैं, घटते हैं या पहले जैसे ही रहते हैं, तो वहीं अंतिम माने जाएंगे. अगर री-इवैल्युएशन के बाद अंकों में बदलाव होता है, तो छात्र को पहले जारी की गई मार्कशीट और सर्टिफिकेट वापस जमा करने होंगे. इसके बाद सीबीएसई नई मार्कशीट और प्रमाण पत्र जारी करेगा. कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Aug 6, 2026, 10:52 AM
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कहा, यूपीटीईटी के परिणाम अगस्त की शुरुआत में जारी किए जाएंगे

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कहा, यूपीटीईटी के परिणाम अगस्त की शुरुआत में जारी किए जाएंगे

उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPESSC) जल्द ही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के नतीजे जारी करने वाला है. बताया जा रहा है कि यूपीटेट के नतीजे अगस्त के पहले हफ्ते में जारी कर दिए जाएंगे. इससे पहले ये अनुमान लगाया जा रहा था कि जुलाई के आखिरी हफ्ते में रिजल्ट जारी होगा लेकिन नतीजे आने में देरी हो रही है. एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार ऑफिशियल UPESSC पोर्टल पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. यूपीटेट 2026 का एग्जाम 2 से 4 जुलाई के बीच ऑफलाइन मोड में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित किया गया था. इसकी प्रोविजनल आंसर की 8 जुलाई को जारी की जा चुकी है जिसके बाद 14 जुलाई तक उम्मीदवारों से आपत्तियां मांगी गई थीं. अब फाइनल आंसर की रिजल्ट के साथ या उसके एक दिन पहले जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है. एक बार रिजल्ट लिंक एक्टिव हो जाने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन आईडी और पासवर्ड या जन्मतिथि की मदद से अपने स्कोरकार्ड को एक्सेस कर पाएंगे. जो उम्मीदवार क्वॉलिफाई करेंगे, उनका सर्टिफिकेट लाइफटाइम वैलिड रहेगा. यूपीटेट का सर्टिफिकेट सितंबर या अक्तूबर 2026 से DIET सेंटर में बंटना शुरू हो जाएगा. यूपीटेट एग्जाम में इस साल रिकॉर्ड स्टूडेंट्स बैठे थे. कुल 19,94,661 कैंडिडेट्स ने इस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था और 17,70,714 उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे. इस तरह से इस एग्जाम में पास परसेंट 88.77 फीसदी रहा. यूपीटेट के पेपर 1 में 91.12 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई थी जबकि पेपर 2 में 87.25 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई थी. यूपीटेट एक क्वॉलिफाइंग एग्जाम है जिसमें उम्मीदवारों को पास होने के लिए मिनिमम क्वॉलिफाइंग मार्क्स लाने होते हैं जिनकी जानकारी नीचे दी गई है- दोनों ही पेपर में 150 ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे गए थे. इस एग्जाम में किसी तरह की कोई निगेटिव मार्किंग नहीं थी. जो उम्मीदवार यूपीटेट क्वॉलिफाई करेंगे वे भविष्य में उत्तर प्रदेश के शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में आवेदन करने के पात्र होंगे. अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट को विजिट करने की सलाह दी जाती है.
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Aug 6, 2026, 10:35 AM
बिहार शिक्षा विभाग ने शनिवार को सरकारी स्कूलों के लिए आधे दिन की प्रणाली को फिर से लागू किया

बिहार शिक्षा विभाग ने शनिवार को सरकारी स्कूलों के लिए आधे दिन की प्रणाली को फिर से लागू किया

बिहार के सरकारी स्कूलों की समय-सारणी को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए शनिवार को विद्यालयों में 'हाफ-डे' (Half-Day) व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया है. निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) सज्जन आर० द्वारा जारी पत्र (ज्ञापांक: 1409, दिनांक: 06/08/2026) के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 के उस पुराने आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है, जिसके तहत सोमवार से शनिवार तक सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक स्कूल चलाने का नियम था. सोमवार से शुक्रवार: सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक कक्षाएं और गतिविधियां संचालित होंगी. शनिवार (हाफ-डे): केवल सुबह 9:30 बजे से दोपहर1:00 बजे तक ही विद्यालय खुलेंगे. कक्षा 1 से 8 के लिए: शनिवार को पूर्व निर्धारित गतिविधियां और कक्षाएं दोपहर 12:00 बजे तक ही चलेंगी. मिड-डे मील (PM POSHAN) का समय: दोपहर 12:00 बजे से 12:40 बजे तक मध्याह्न भोजन (MDM) दिया जाएगा. भोजन के तुरंत बाद छात्रों को छुट्टी दे दी जाएगी. माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय: कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए अध्यापन कार्य और शनिवार की गतिविधियां दोपहर 01:00 बजे तक संचालित होंगी, जिसके बाद उनकी छुट्टी होगी. शिक्षकों के लिए प्रतिदिन 1 घंटे का अतिरिक्त समय अनिवार्य आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिदिन नियमित कक्षा अवधि समाप्त होने के बाद शिक्षकों को 01 घंटा विद्यालय में ही रुकना होगा. इस दौरान शिक्षक/शिक्षिकाएं अगले दिन और अगले सप्ताह की लेशन प्लान तैयार करेंगे. मूल्यांकन कार्य और शिक्षक डायरी को अपडेट करेंगे. छात्रों के होम वर्क की जांच करेंगे. प्रयोगशाला प्रबंधन और रिमेडियल क्लासेज का संचालन करेंगे. यह कार्य पूरा करने के बाद ही शिक्षकों को विद्यालय से जाने की अनुमति होगी. विभागीय आदेश में कहा गया है कि शेष अन्य सभी शर्तें पहले जैसी रहेंगी.
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Aug 6, 2026, 10:34 AM
विश्वविद्यालय गतिरोधः छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों के साथ पुलिस की झड़प

विश्वविद्यालय गतिरोधः छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों के साथ पुलिस की झड़प

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गेट खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद एबीवीपी कार्यकर्ता मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कुलपति को मौके पर बुलाकर सीधे वार्ता की मांग की। जब कार्यवाहक रजिस्ट्रार छात्रों से बातचीत के लिए पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उनसे चर्चा करने से इनकार कर दिया। एबीवीपी ने छात्रसंघ चुनावों की तत्काल बहाली की मांग करते हुए कहा कि चुनाव स्थगित रहने से लोकतांत्रिक परंपराएं प्रभावित हो रही हैं और छात्र अपने प्रतिनिधियों के चयन के अधिकार से वंचित हो रहे हैं। परिषद ने प्रत्येक वर्ष नियमित छात्रसंघ चुनाव कराने, सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के लिए समान अकादमिक कैलेंडर लागू करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ शैक्षणिक सत्र, परीक्षाएं और परिणाम समय पर कराने की मांग उठाई। इसके अलावा, विश्वविद्यालयों में रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां, सभी राजकीय महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति तथा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के स्वतंत्र विभाग स्थापित कर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती की मांग भी रखी गई।
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Aug 6, 2026, 10:22 AM
बिहार सरकार ने शनिवार को स्कूलों के लिए'हाफ-डे'प्रणाली शुरू की

बिहार सरकार ने शनिवार को स्कूलों के लिए'हाफ-डे'प्रणाली शुरू की

बिहार के सरकारी स्कूलों की समय-सारणी में बड़ा बदलाव किया गया है. शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा कार्यालय ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में आंशिक संशोधन करते हुए शनिवार को 'हाफ डे' (आधे दिन की पढ़ाई) की व्यवस्था लागू कर दी है. इस संबंध में आज (गुरुवार) माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन आर के हस्ताक्षर से आदेश जारी हो गया है. ​विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार 12 दिसंबर 2025 को निर्गत पूर्व आदेश में संशोधन किया गया है. नए नियम के तहत अब सोमवार से शुक्रवार तक विद्यालय पूर्व की भांति सुबह 9:30 बजे से अपराह्न 4 बजे तक संचालित होंगे, जबकि शनिवार को सुबह 9:30 बजे से केवल दोपहर 1 बजे तक ही कक्षाएं चलेंगी. प्राथमिक व मध्य विद्यालयों (वर्ग 1 से 8) में शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक कक्षाएं और पूर्व निर्धारित गतिविधियां होंगी. इसके बाद 12 बजे से 12:40 बजे तक बच्चों को मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) दिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दी जाएगी. वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 9 से 12) में दोपहर 1 बजे तक अध्यापन एवं अन्य गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिसके बाद विद्यार्थियों को छुट्टी दी जाएगी. ​शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. आदेश के तहत शिक्षकों को प्रतिदिन कक्षा अवधि के क्रम में एक घंटा अतिरिक्त कार्य करना होगा. इस दौरान शिक्षक अगले दिन एवं पूरे सप्ताह के लिए पाठ योजना (Lesson Plan) तैयार करेंगे, मूल्यांकन कार्य निपटाएंगे, शिक्षक डायरी अद्यतन करेंगे, छात्रों के गृह कार्य (Homework) की जांच करेंगे तथा प्रयोगशाला प्रबंधन जैसे कार्य संभालेंगे. यह शैक्षणिक कार्य या रेमेडियल क्लासेस पूरी करने के बाद ही शिक्षक विद्यालय से प्रस्थान कर सकेंगे. विभाग ने स्पष्ट किया है कि शेष शर्तें यथावत रहेंगी. बिहार शिक्षा विभाग के इस फैसले से शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में काफी उत्साह और खुशी का माहौल है. ​शनिवार को 'हाफ डे' होने से एक ओर जहां छोटे बच्चों और छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से राहत मिलेगी और सप्ताह के अंत में खुद को तरोताजा करने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को भी अगले सप्ताह के अध्यापन और मूल्यांकन (Lesson Plan & Homework) से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित करने का बेहतर समय मिल सकेगा.
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Aug 6, 2026, 10:20 AM
इंडियन स्कूल में स्तंभ गिरने से छात्र की मौत, चौकीदार घायल

इंडियन स्कूल में स्तंभ गिरने से छात्र की मौत, चौकीदार घायल

जानकारी के अनुसार, घटना के समय शिक्षक के साथ मिलकर मुख्य द्वार के पिलर पर चढ़ी पौधे की बेल को हटाया जा रहा था। इसी दौरान पिलर अचानक भरभराकर गिर गया। पिलर के मलबे की चपेट में आने से छात्र यश और स्कूल का चौकीदार उदय गंभीर रूप से घायल हो गए।विज्ञापनघटना के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल छात्र यश को तत्काल खानपुर स्थित भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल चौकीदार उदय को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।विज्ञापनघटना की सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। गन्नौर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस और शिक्षा विभाग की टीमें हादसे के कारणों की गहनता से जाँच कर रही हैं।
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Aug 6, 2026, 09:49 AM
दिल्ली विश्वविद्यालय ने सी. एस. ए. एस.-पी. जी. प्रक्रिया के लिए समय सीमा बढ़ाई, मध्य-प्रवेश आवंटन सूची जारी की

दिल्ली विश्वविद्यालय ने सी. एस. ए. एस.-पी. जी. प्रक्रिया के लिए समय सीमा बढ़ाई, मध्य-प्रवेश आवंटन सूची जारी की

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पोस्ट ग्रेजुएट एडमिशन 2026-27 के तहत चल रही कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS-PG) प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है. यूनिवर्सिटी ने स्पॉट राउंड-1 की समय सीमा बढ़ा दी है, जिससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जिनकी आवेदन प्रक्रिया विभागीय स्तर पर लंबित थी. इसके साथ ही यूनिवर्सिटी में चिल्ड्रन विंडो कोटा के तहत दूसरे राउंड की मिड एंट्री एलोकेशन लिस्ट भी जारी कर दी है. यूनिवर्सिटी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि कुछ विभाग निर्धारित समय में सभी आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे. इसी वजह से आवेदन वेरिफिकेशन और फीस जमा करने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी एलिजिबल उम्मीदवार का एडमिशन प्रभावित न हो. नए शेड्यूल के अनुसार विभाग 7 अगस्त 2026 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन का वेरिफिकेशन और अनुमोदन कर सकेंगे. जिन उम्मीदवारों को सीट आवंटित की गई, वह 8 अगस्त 2026 तक रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन एडमिशन फीस जमा कर सकेंगे. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सलाह दी है कि वह CSAS-PG पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहे और तय समय के अंदर सभी औपचारिकताएं पूरी करें. डीयू ने दो वर्षीय पीजी प्रोग्राम में चिल्ड्रन विंडो कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए दूसरे राउंड की मिड एंट्री एलोकेशन लिस्ट भी जारी कर दी है. यह लिस्ट यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल पर पीडीएफ फॉर्म में उपलब्ध है. जिन उम्मीदवारों का नाम लिस्ट में शामिल है, उन्हें यूनिवर्सिटी के निर्देशों के अनुसार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सीट एक्सेप्ट करने और फीस पेमेंट करने की प्रक्रिया निर्धारित समय के अंदर पूरी करनी होगी. यूनिवर्सिटी के इस फैसले से खासतौर पर उन छात्रों को राहत मिलेगी, जिनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन विभागीय अनुमोदन, तकनीकी दिक्कतों या बैंकिंग कारणों से एडमिशन प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी थी. संशोधित शेड्यूल के बाद अब ऐसे उम्मीदवारों को अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का एक्स्ट्रा समय मिलेगा. सीट आवंटित होने के बाद उम्मीदवार दिल्ली यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल पर लॉगिन कर अपने CSAS-PG डैशबोर्ड में जाए. अगर संबंधित डिपार्टमेंट की ओर से आवेदन स्वीकृत कर दिया गया है, तो मेक पेमेंट ऑप्शन के जरिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई से ऑनलाइन फीस जमा कर सकते हैं. पेमेंट के बाद रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखना जरूरी है. कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Aug 6, 2026, 09:38 AM
भाजपा विधायक ने भर्ती परीक्षा में कदाचार के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया

भाजपा विधायक ने भर्ती परीक्षा में कदाचार के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया

विधानसभा परिसर के बाहर भाजपा विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पार्टी जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार हुआ है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।विज्ञापनभाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने विपक्ष पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर भाजपा शासित राज्यों में विपक्ष आक्रामक रहता है, उन्हीं छात्र हितों के मुद्दों पर झारखंड में वह गंभीर नजर नहीं आता।विज्ञापनऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के विधायक निर्मल महतो ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। उनका आरोप है कि झारखंड में शासन व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर व्यापक असंतोष है।आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 10 अगस्त को हजारों छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे। छात्र नेता राधे कुमार ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और टीडीपीएल के माध्यम से कराई गई अन्य भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना है।यह भी पढ़ें:झारखंड विधानसभा मानसून सत्र आज से: JPSC-JSSC, NEET और छात्र आंदोलन पर सदन में घमासानछात्रों ने मांग की है कि कथित अनियमितताओं की सीबीआई और ईडी से जांच कराई जाए। साथ ही जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा सामने न आएं।
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Dainik Jagran
Aug 6, 2026, 09:27 AM
भारतीय शिक्षा विभाग ने विरोध के बीच शिक्षक मूल्यांकन प्रणाली का बचाव किया

भारतीय शिक्षा विभाग ने विरोध के बीच शिक्षक मूल्यांकन प्रणाली का बचाव किया

स्कूल काम्प्लेक्स प्रणाली में संशोधन पर मंथन शुरू हो गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ (पीटीएफ) कांम्प्लेक्स प्रणाली को खत्म करने पर अड़ा रहा तो विभाग ने इसकी खूबियां बताई। अन्य शिक्षक संगठनों ने काम्प्लेक्स प्रणाली को बेहतर बताते हुए खाली पद भरने पर जोर दिया। शिक्षा निदेशालय में बुधवार को स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक करीब सवा चार घंटे तक चली। शिक्षा विभाग ने काम्प्लेक्स प्रणाली की खूबियां बताई। कहा कि इस प्रणाली के लागू होने के बाद न तो शिक्षकों की पदोन्नति प्रभावित होगी और न ही कोई पद समाप्त किया जाएगा। सीएचटी, बीईईओ की शक्तियां पहले की तरह ही रहेंगी। काम्प्लेक्स प्रणाली में प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है। सीएचटी, बीईईओ के स्कूलों के निरीक्षण की शक्तियों में कोई बदलाव नहीं होगा। प्राथमिक शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) बीईईओ के माध्यम से ही आएगी। लीव सेंक्शन करने की शक्तियां भी बरकरार रहेंगी। पीटीएफ काम्प्लेक्स प्रणाली का विरोध कर अधिसूचना वापस लेने की मांग पर अड़ा रहा। अन्य संगठनों ने काम्प्लेक्स प्रणाली की सराहना की। राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार खाली पदों को भरे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी काम्प्लेक्स प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। शिक्षा में सुधार टीम वर्क से आएगा, जिसके लिए काम्प्लेक्स प्रणाली बेहतर है। शिमला में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन तेज करने का एलान किया है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि 11 जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन लगातार जारी है और न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस होने तक संघ पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन जारी रहेगा और 5 सितंबर तक सरकार ने न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस लेने का फैसला नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा। समिति में शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, अतिरिक्त निदेशक बीआर शर्मा, जीवन नेगी के अलावा शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। पीटीएफ के सात पदाधिकारी, जबकि अन्य शिक्षक संगठनों के नौ पदाधिकारी शामिल हैं। बैठक में हिमाचल प्रदेश न्यू टीचर्स एसोसिएशन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, प्रिंसिपल एसोसिएशन, स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, राजकीय अध्यापक संघ, टीजीटी (साइंस), टीजीटी (आर्ट्स) और सीएंडवी फेडरेशन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। समिति ने सभी शिक्षक संगठनों से सुझाव ले लिए हैं। अब समिति विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। सरकार तय करेगी कि काम्प्लेक्स प्रणाली को समाप्त करना है या इसमें संशोधन करना है। काम्प्लेक्स प्रणाली लागू करने का उद्देश्य यही है कि हम बच्चों के लिए कैसे बेहतर कर सकते हैं। स्कूलों में संसाधनों को साझा करने के मकसद से ही निर्णय लिया है, इससे उनका इस्तेमाल बच्चों के हित के लिए किया जा सकेगा। महिला कर्मचारी ने मरीज बनकर दवाएं खरीदी तो पता चला क्लीनिक अवैध, हिमाचल में झोलाछाप डॉक्टर पकड़ा
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 09:23 AM
हरियाणा सरकार ने स्कूलों में प्रवेश की समय सीमा 31 अगस्त, 2026 तक बढ़ाई

हरियाणा सरकार ने स्कूलों में प्रवेश की समय सीमा 31 अगस्त, 2026 तक बढ़ाई

पांच अगस्त को जारी आदेश के अनुसार, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी से संबद्ध सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में अब 31 अगस्त 2026 तक प्रवेश लिए जा सकेंगे। इससे पहले निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी थी।विज्ञापनमहानिदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को इस संबंध में तत्काल सूचित करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जो विद्यार्थी अब तक किसी कारणवश प्रवेश नहीं ले सके हैं, उनका 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से दाखिला किया जाए।विज्ञापनआदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इस विषय में सीबीएसई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई करेंगे। शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी केवल समय सीमा समाप्त होने के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और सभी को प्रवेश का पूरा अवसर मिल सके।
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Dainik Jagran
Aug 6, 2026, 09:19 AM
तरैया बाजार स्कूल सीमित संसाधनों के साथ संघर्ष कर रहा है

तरैया बाजार स्कूल सीमित संसाधनों के साथ संघर्ष कर रहा है

तरैया बाजार स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सह उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में भवन की कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय में कक्षा नौ से 12 तक कुल 641 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए केवल दो कक्ष ही उपलब्ध हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में कमरों की भारी कमी होने से नियमित और व्यवस्थित पठन-पाठन कराना चुनौती बना हुआ है। विद्यालय में कक्षा नौ के 269, कक्षा 10 के 255, कक्षा 11 के 74 तथा कक्षा 12 के 50 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वहीं, 18 शिक्षक-शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं, जिन्हें सीमित संसाधनों के बीच कक्षाओं का संचालन करना पड़ रहा है। पर्याप्त कमरे नहीं होने से कई कक्षाओं की पढ़ाई वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कराई जा रही है, जिसका असर शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। विद्यालय परिसर में चार नए कमरों का भवन तैयार हो चुका है, लेकिन फर्श निर्माण, विद्युत कार्य और रंगाई-पुताई अधूरी रहने के कारण अब तक इनका उपयोग शुरू नहीं हो सका है। इससे एक ओर छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है तो दूसरी ओर शिक्षकों को भी सीमित व्यवस्था में पढ़ाई संचालित करनी पड़ रही है। प्रधानाध्यापक पप्पू कुमार ने बताया कि विद्यालय की समस्या से विभाग के वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। संवेदक से बातचीत में यह जानकारी मिली है कि राशि के अभाव में शेष कार्य पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य पूरा होते ही नए कमरों में कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। 107 साल बाद बदहाली से बाहर निकला शीतलपुर विद्यालय, भूमिदान से खुला नए भवन का रास्ता सारण में बन रही स्कूल की दीवार गिरी, दो छात्राएं गंभीर रूप से घायल स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भवन बनकर तैयार है तो केवल फर्श, बिजली और रंगाई जैसे अधूरे कार्यों के कारण सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होना चिंता का विषय है। उन्होंने शिक्षा विभाग से शीघ्र राशि उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य पूरा कराने और नए कमरों को जल्द छात्रों के लिए चालू करने की मांग की है। छपरा सदर अस्पताल में 15 अगस्त से शुरू होंगी 70 प्रकार की सर्जरी, अब मरीजों को बाहर जाने की नहीं होगी जरूरत
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 09:08 AM
बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों के लिए संशोधित मार्कशीट जारी की

बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों के लिए संशोधित मार्कशीट जारी की

बोर्ड ने संशोधित मार्कशीट भी जारी कर दी है। छात्र अपने रोल नंबर की मदद से लॉगिन कर रीवैल्यूएशन या री-चेकिंग के बाद अपडेट हुए अंक देख और मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर इस संशोधित मार्कशीट का इस्तेमाल आगे की प्रवेश प्रक्रिया या अन्य शैक्षणिक कार्यों में किया जा सकता है।
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 07:43 AM
रायपुर में 19 वर्षीय छात्र की अचानक मौत ने उठाए सवाल

रायपुर में 19 वर्षीय छात्र की अचानक मौत ने उठाए सवाल

राजधानी रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र स्थित बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाली 19 वर्षीय बीएड छात्रा की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती के शरीर पर मिले चोट के निशानों के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका के तहत जांच तेज कर दी है। मामले में उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।विज्ञापनपुलिस के अनुसार, मृतका ग्राम कोकपुर, जिला कांकेर की निवासी थी। वह रायपुर के विकास महाविद्यालय में बीएड की छात्रा थी। पिछले करीब छह से सात महीनों से वह कोंडागांव निवासी और रावतपुरा सरकार महाविद्यालय के डीएलएड का छात्र सावंत बघेल के साथ बोरियाकला स्थित किराए के मकान में रह रही थी।विज्ञापनजांच के दौरान मृतका की बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि सावंत को अपनी पार्टनर (मृतका) के चरित्र पर संदेह रहता था, जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि युवक कई बार उसके साथ मारपीट भी करता था। परिजनों के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले मृतका ने फोन कर बताया था कि उसके साथ फिर मारपीट हुई है और वह रायपुर छोड़कर अपने गांव लौटना चाहती है। उसने घर आने के लिए पैसों की जरूरत बताई, जिसके बाद उसकी बहन ने ऑनलाइन तीन हजार रुपये भेजे थे।इसके बाद 4 अगस्त की रात परिवार को सूचना मिली कि मृतका को गंभीर हालत में मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया है, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन अगले दिन रायपुर पहुंचे। पुलिस जांच में मृतका की बाईं आंख के नीचे, गर्दन के पीछे और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में गला दबाने और मारपीट की आशंका जताई जा रही है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।फिलहाल मुख्य संदेही सावंत बघेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर मामले की सभी पहलुओं से पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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ABP News
Aug 6, 2026, 07:31 AM
पंजाब मंत्रिमंडल ने शिक्षा सुधार और शुल्क विनियमन विधेयक को मंजूरी दी

पंजाब मंत्रिमंडल ने शिक्षा सुधार और शुल्क विनियमन विधेयक को मंजूरी दी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन एवं सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और राज्य में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक फैसले लिए. मंत्रिमंडल ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026' पारित किया. इसके अलावा 'पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026', तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को मंजूरी दी गई. इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026' लाने की स्वीकृति दी है. यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि कुछ गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान मनमाने ढंग से और अनुचित तरीके से अपनी वार्षिक फीस बढ़ा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था. इसलिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा फीस में अवैध वृद्धि को रोकने के लिए 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट-2016', 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) एक्ट-2019' और इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी. मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्षों की सेवा पूरी करने वाले योग्य आउटसोर्सड कर्मचारियों या धारा 2(1) के तहत सूचीबद्ध जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के मामले में तीन वर्षों की सेवा के बाद उन्हें सीधे ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाने के लिए 'पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026' को भी मंजूरी दे दी है. ठेके पर लाए गए कर्मचारियों का पारिश्रमिक वित्त विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और यह 'कोड ऑन वेजेज-2019' या न्यूनतम मजदूरी से संबंधित किसी अन्य लागू कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम नहीं होगा. यह विधेयक लागू होने की तिथि से 'पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्सड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016' को रद्द करता है. पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य भर के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में सेवाएं दे रहे 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने की स्वीकृति भी दी है. मंत्रिमंडल ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृतसर जिले के ब्लॉक जंडियाला गुरु में से ब्लॉक तरसिक्का बनाने की स्वीकृति दी है. ब्लॉक जंडियाला गुरु में से 64 ग्राम पंचायतों को निकालकर अमृतसर जिले में ब्लॉक तरसिक्का बनाया जाएगा. इस नए तरसिक्का ब्लॉक में जंडियाला गुरु ब्लॉक की 121 ग्राम पंचायतों में से 64 पंचायतें शामिल होंगी. तरसिक्का ब्लॉक के बनने से इन 64 गांवों के विकास कार्यों को गति मिलेगी. पंजाब में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार ने 'पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026' तैयार की है. इस नीति के अनुसार कैबिनेट ने बोहण (होशियारपुर) में क्लाउड यूनिवर्सिटी, फतेहपुर (पटियाला) में एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और नंदपुर केशो (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है. इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलने की उम्मीद है. कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी भर्ती के माध्यम से ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी है. ड्राफ्ट्समैन कैडर में काफी समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े थे, जिससे परियोजना निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था. योग्य तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती से विभाग की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी. कैबिनेट ने पंजाब में हरित वातावरण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करने और मिट्टी की रक्षा करने के लिए 'पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026' को भी अपनी स्वीकृति दे दी है. उल्लेखनीय है कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसका लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के अधीन है. पंजाब का वन एवं वृक्षों के अधीन कुल क्षेत्र लगभग 5.92 प्रतिशत है और पंजाब सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. कैबिनेट ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और जी.एस.टी. प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए 'पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026' में संशोधन करने की स्वीकृति भी दे दी है, जिससे राज्य भर के व्यापार और उद्योग को लाभ होगा. इस संशोधन से पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी करके आपूर्ति की कीमत में से बिक्री के बाद की छूट को बाहर रखने की अनुमति मिलेगी. इसके अलावा यह किसी भी व्यावसायिक कारण से बिक्री के बाद की छूट के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की अनुमति देगा, जिससे व्यावसायिक छूट के प्रबंधन को सरल बनाया जा सकेगा और अनुपालन का बोझ कम किया जा सकेगा. इसी प्रकार इसका उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में आई.टी.सी. के 90 प्रतिशत अंतरिम रिफंड के लाभ को बढ़ाना और वस्तुओं के निर्यात पर भुगतान किए गए आई.जी.एस.टी. के रिफंड, भले ही रिफंड राशि 1,000 से कम हो, की अनुमति देना है, जिससे तरलता में सुधार होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और पंचायत सचिवों तथा ग्राम सेवकों के कैडरों का नए पद 'पंचायत विकास सचिव' में विलय करने के लिए 'पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994' में संशोधन करने की भी सहमति दे दी है. वर्तमान पंचायत सचिवों को एक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने पर ग्राम सेवकों (वी.डी.ओज़.) की वर्तमान वरिष्ठता सूची के अंत में रखा जाएगा. जो वर्तमान पंचायत सचिव अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर आवश्यक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने में विफल रहेंगे, वे पंचायत सचिवों के कैडर में ही रहेंगे, जिसे डाइंग कैडर (समाप्त हो रहा कैडर) घोषित किया गया है.
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 07:17 AM
शिक्षा विभाग ने शिक्षक मोहिंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की

शिक्षा विभाग ने शिक्षक मोहिंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की

जारी आदेशों के अनुसार, मोहिंदर सिंह, जो पहले चंबा जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालय रांभो में टीजीटी (नॉन मेडिकल) के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में राजकीय उच्च विद्यालय कंड, जिला कांगड़ा में तैनात थे, के खिलाफ 20 मार्च 2025 को विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। आरोप था कि वह कई बार शराब के नशे में स्कूल पहुंचे, अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन नहीं किया, बिना अनुमति अनुपस्थित रहे तथा छात्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट भी की।
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ABP News
Aug 6, 2026, 06:53 AM
भारत की प्रधान मंत्री विद्यालक्ष्मी योजनाः योग्य छात्रों के लिए शिक्षा ऋण

भारत की प्रधान मंत्री विद्यालक्ष्मी योजनाः योग्य छात्रों के लिए शिक्षा ऋण

अगर आर्थिक तंगी की वजह से किसी छात्र की पढ़ाई रुक रही है, तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना (PM Vidyalaxmi Scheme) उसके लिए बड़ी मददगार साबित हो सकती है. इस योजना के तहत योग्य छात्रों को बिना किसी गारंटी और बिना कोई संपत्ति गिरवी रखें एजुकेशन लोन दिया जाता है. इतना ही नहीं सरकार लोन पर ब्याज में छूट और बैंकों को क्रेडिट गारंटी जैसे सुविधा भी देती है, जिससे छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना आसान हो सके. यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप शुरू की गई है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति किसी भी मेधावी छात्र की उच्च शिक्षा में बाधा न बने. इस योजना के तहत पूरी आवेदन प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है और छात्र एक ही पोर्टल के माध्यम से अलग-अलग बैंकों में लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं. प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना केंद्र सरकार की एजुकेशन लोन योजना है. इसके तहत देश के मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को बिना गारंटी और बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे एजुकेशन लोन उपलब्ध कराया जाता है. इस योजना का उद्देश्य ऐसे छात्रों को आर्थिक सहायता देना है, जिन्हें योग्यता के आधार पर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन तो मिल जाता है, लेकिन फीस और दूसरे खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को लोन लेने के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होती और न ही बैंक के पास कोई जमीन, मकान या दूसरी संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हो जाता है. इस योजना के तहत 7.5 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर केंद्र सरकार 75 प्रतिशत तक की क्रेडिट गारंटी देता है. इसका मतलब है कि अगर किसी कारणवश छात्र लोन चुकाने में असमर्थ रहता है, तो सरकार निर्धारित नियमों के तहत बैंक के खतरों का बड़ा हिस्सा वहन करती है. इससे बैंक के लिए बिना गारंटी लोन देना आसान हो जाता है. इस योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ब्याज सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है. जिन परिवारों की सालाना आय 8 लाख तक है, उन्हें 10 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी. वहीं जिन परिवारों की वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये या उससे कम है, उन्हें निर्धारित शर्तों के अनुसार पूरी ब्याज सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य हर साल बड़ी संख्या में पात्र छात्रों को इस सुविधा का लाभ देना है. इस योजना का लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जिन्हें राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) के तहत चयनित गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर एडमिशन मिला है. इसके अलावा योजना के तहत देश के टॉप NIRF रैंक वाले संस्थान, 101-200 रैंक वाले राज्य सरकारी संस्थाओं और केंद्र सरकार के संस्थानों में पढ़ने वाले पात्र छात्र भी आवेदन कर सकते हैं. हालांकि एजुकेशन लोन लेने के लिए परिवार की आय की कोई सीमा नहीं है, लेकिन ब्याज सब्सिडी का लाभ केवल निश्चित आय सीमा वाले परिवारों को मिलेगा. कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 06:21 AM
भारतीय पॉलिटेक्निक ने बदलते प्रौद्योगिकी और उद्योगों के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए संशोधित पाठ्यक्रम शुरू किया

भारतीय पॉलिटेक्निक ने बदलते प्रौद्योगिकी और उद्योगों के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए संशोधित पाठ्यक्रम शुरू किया

प्रदेश में वर्तमान में 17 सरकारी और आठ निजी बहुतकनीकी संस्थान संचालित हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किए गए संशोधित पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती तकनीक, उद्योगों की जरूरतों और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना है। नए सिलेबस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी सिद्धांत, इसके व्यावहारिक उपयोग और रोजगार की संभावनाओं को शामिल किया गया है। वहीं स्टार्टअप विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को नया व्यवसाय शुरू करने, नवाचार और फंडिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा तनाव प्रबंधन विषय में विद्यार्थियों को पढ़ाई और करियर के दबाव से निपटने के तरीके सिखाए जाएंगे, जबकि आपदा प्रबंधन के तहत भूकंप, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। संशोधित पाठ्यक्रम प्रदेश के विभिन्न बहुतकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों और विषय विशेषज्ञों की समिति ने तैयार किया है। तकनीकी शिक्षा बोर्ड की मंजूरी के बाद सभी संस्थानों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इसे लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि नए सिलेबस से विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व और व्यावहारिक कौशल का भी विकास होगा।
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Aug 6, 2026, 06:07 AM
भारतीय बिजनेस स्कूलों ने भविष्य की उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए ए. आई.-संचालित शिक्षा को अपनाया

भारतीय बिजनेस स्कूलों ने भविष्य की उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए ए. आई.-संचालित शिक्षा को अपनाया

एआई, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन अब केवल बिजनेस को सपोर्ट करने वाले टूल नहीं रह गए हैं, बल्कि आज के दौर में यही तकनीक कंपनियों के काम करने के तरीके, अर्थव्यवस्था की दिशा और करियर की जरूरतों को तय कर रही है. ऐसे में मैनेजमेंट एजुकेशन भी तेजी से बदल रहा है. बिजनेस स्कूल अब पहले की तरह होने वाली पढ़ाई से आगे बढ़ते हुए एआई, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल स्किल पर आधारित कोर्स तैयार कर रहे हैं, ताकि छात्र भविष्य की इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार खुद को तैयार कर सके. भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शामिल है, देश में एआई अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है. स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है और फिनटेक से लेकर लगभग हर सेक्टर में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसके साथ ही भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की संख्या भी बढ़ रही है, जहां ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग है जो तकनीकी और मैनेजमेंट दोनों की समझ रखते हो. इसके अलावा EY GCC Pulse Survey 2025 के अनुसार, भारत के 83 प्रतिशत GCCs जेनरेटिव एआई में निवेश कर रहे हैं. इनमें कस्टमर सर्विस, फाइनेंस ऑपरेशंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे प्रमुख क्षेत्र प्रमुख है. वहीं 58 प्रतिशत संस्थान एजेंटिक एआई पर भी काम कर रहे हैं. दूसरी और इंडीड और NASSCOM की रिपोर्ट बताती है कि 32 प्रतिशत कंपनियां भर्ती के दौरान एआई स्किल्स, सर्टिफिकेट और डिग्री को समान महत्व देती है, जबकि 40 प्रतिशत नियोक्ता डिग्री से ज्यादा व्यावहारिक एआई स्किल वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल क्लासरूम, लेक्चर और किताबों पर आधारित पढ़ाई अब छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार नहीं कर सकती. इस वजह से कई यूनिवर्सिटी और बिजनेस स्कूल अपने कोर्स में डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स और जेनरेटिव एआई जैसे विषयों को शामिल करना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही छात्रों को लाइव इंटर्नशिप, एआई आधारित सिमुलेशन, एक्सपीरियंशियल लर्निंग और स्टार्टअप लैब्स के जरिए वास्तविक कारोबारी चुनौतियों से परिचित कराया जा रहा है, ताकि वह पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर सके. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई का बढ़ता उपयोग केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि इसका असर रोजगार, गोपनीयता और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी पड़ता है. ऐसे में बिजनेस स्कूल के लिए यह जरूरी है कि वह छात्रों को केवल एआई का इस्तेमाल करना न सिखाए, बल्कि उन्हें तकनीक के सामाजिक और नैतिक पहलुओं से भी परीक्षित कराएं. कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Amar Ujala
Aug 6, 2026, 05:32 AM
उत्तर प्रदेश का तकनीकी शिक्षा विभाग लखनऊ में एकीकृत कार्यालय स्थापित करेगा

उत्तर प्रदेश का तकनीकी शिक्षा विभाग लखनऊ में एकीकृत कार्यालय स्थापित करेगा

प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत डिप्लोमा और डिग्री स्तर की तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्य संचालित होते हैं। वर्तमान में प्राविधिक शिक्षा परिषद का निदेशालय कानपुर में है, जबकि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक), प्राविधिक शिक्षा परिषद और फीस व नियमन समिति के कार्यालय लखनऊ के चारबाग क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। महानिदेशक का कार्यालय इंदिरा भवन में है। वहीं शोध, विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान का कार्यालय भी कानपुर में स्थित है। कानपुर में ही स्थित निदेशालय की कुछ भूमि मेट्रो परियोजना में अधिग्रहित हो चुकी है।विज्ञापनप्रदेश में तकनीकी डिग्री संस्थानों की बढ़ती संख्या के साथ विभागीय गतिविधियां भी बढ़ी हैं। प्रवेश, परीक्षा, परिणाम और अन्य महत्वपूर्ण कार्य अलग-अलग कार्यालयों से संचालित होने के कारण समन्वय में कठिनाई आती है। अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और शिक्षकों को भी विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इन समस्याओं को देखते हुए विभाग ने लखनऊ के राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में एकीकृत कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। यहां प्रमुख सचिव, महानिदेशक, निदेशक, जीकेपी सचिव, परिषद सचिव सहित सभी प्रमुख विभागीय अधिकारियों के कार्यालय होंगे। इससे विभागीय कार्यों का बेहतर समन्वय होगा और छात्रों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों का समय और श्रम बचेगा।विज्ञापनएकीकृत कार्यालय में विभाग की योजनाओं, एमओयू और विभिन्न परियोजनाओं की निगरानी के लिए प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी। कंपनियों के कार्यों की समीक्षा और परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के लिए अलग मॉनीटरिंग सेल बनाया जाएगा, जिससे योजनाओं, कार्यों व प्रोजेक्ट की निगरानी की जा सकेगी।प्राविधिक शिक्षा विभाग के मंत्री आशीष पटेल का कहना है कि एकीकृत कार्यालय बनने से छात्रों और शिक्षकों को छोटी-छोटी जानकारी या कार्य के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभागीय कामकाज में आसानी होगी। इससे समय, श्रम और पैसों की बचत होगी।
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Dainik Jagran
Aug 6, 2026, 05:19 AM
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एच. टी. ई. टी.) परिणाम 2026 जारीः स्कोरकार्ड की जांच करने के लिए सीधा लिंक

हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एच. टी. ई. टी.) परिणाम 2026 जारीः स्कोरकार्ड की जांच करने के लिए सीधा लिंक

हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। नतीजों का डायरेक्ट लिंक (HTET Result 2026 Link) हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) की ऑफिशियल वेबसाइट htet.eapplynow.com पर एक्टिव है। परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी तुरंत ही साइट पर जाकर या इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक से परिणाम चेक करने के साथ ही स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। हरियाणा बोर्ड की ओर से राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन 4 एवं 5 जुलाई को करवाया गया था। परीक्षा लेवल I (प्राइमरी टीचर/ PRT), लेवल II (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर/ TGT) और लेवल III (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर/ PGT) के लिए आयोजित हुई थी। HTET Result 2026 Link पढ़ाई और एग्जाम के लिए फ्री पर्सनल कुंडली मार्गदर्शन — अभी जानें हरियाणा बोर्ड की ओर से सफल उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन 10 अगस्त से लेकर 12 अगस्त 2026 तक करवाया जायेगा। जिला के अनुसार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए सेंटर के नाम निम्नलिखित हैं- सभी उम्मीदवारों को बता दें कि सेंटर पर रिपोर्टिंग का टाइम सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक रहेगा। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार helpdeskhtet7@gmail.com पर या +91-9942875178 पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।
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Aug 6, 2026, 05:02 AM
पंजाब मंत्रिमंडल ने शिक्षा, शासन और लोक सेवाओं पर महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी

पंजाब मंत्रिमंडल ने शिक्षा, शासन और लोक सेवाओं पर महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन व सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और राज्य में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक फैसले लिए. मंत्रिमंडल ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026' पारित किया. इसके अलावा ' पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026', तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को मंजूरी दी गई. यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया. इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026' लाने की स्वीकृति दी है. यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि कुछ गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान मनमाने ढंग से और अनुचित तरीके से अपनी वार्षिक फीस बढ़ा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था. इसलिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा फीस में अवैध वृद्धि को रोकने के लिए 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट-2016', 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) एक्ट-2019' और इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी. मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्षों की सेवा पूरी करने वाले योग्य आउटसोर्सड कर्मचारियों या धारा 2(1) के तहत सूचीबद्ध जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के मामले में तीन वर्षों की सेवा के बाद उन्हें सीधे ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाने के लिए 'पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026' को भी मंजूरी दे दी है. ठेके पर लाए गए कर्मचारियों का पारिश्रमिक वित्त विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और यह 'कोड ऑन वेजेज-2019' या न्यूनतम मजदूरी से संबंधित किसी अन्य लागू कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम नहीं होगा. यह विधेयक लागू होने की तिथि से 'पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्सड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016' को रद्द करता है. पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य भर के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में सेवाएं दे रहे 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने की स्वीकृति भी दी है. मंत्रिमंडल ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृतसर जिले के ब्लॉक जंडियाला गुरु में से ब्लॉक तरसिक्का बनाने की स्वीकृति दी है. ब्लॉक जंडियाला गुरु में से 64 ग्राम पंचायतों को निकालकर अमृतसर जिले में ब्लॉक तरसिक्का बनाया जाएगा. इस नए तरसिक्का ब्लॉक में जंडियाला गुरु ब्लॉक की 121 ग्राम पंचायतों में से 64 पंचायतें शामिल होंगी. तरसिक्का ब्लॉक के बनने से इन 64 गांवों के विकास कार्यों को गति मिलेगी. पंजाब में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार ने 'पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026' तैयार की है. इस नीति के अनुसार कैबिनेट ने बोहण (होशियारपुर) में क्लाउड यूनिवर्सिटी, फतेहपुर (पटियाला) में एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और नंदपुर केशो (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है. इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलने की उम्मीद है. कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी भर्ती के माध्यम से ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी है. ड्राफ्ट्समैन कैडर में काफी समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े थे, जिससे परियोजना निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था. योग्य तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती से विभाग की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी. कैबिनेट ने पंजाब में हरित वातावरण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करने और मिट्टी की रक्षा करने के लिए 'पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026' को भी अपनी स्वीकृति दे दी है. उल्लेखनीय है कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसका लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के अधीन है. पंजाब का वन एवं वृक्षों के अधीन कुल क्षेत्र लगभग 5.92 प्रतिशत है और पंजाब सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. कैबिनेट ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और जी.एस.टी. प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए 'पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026' में संशोधन करने की स्वीकृति भी दे दी है, जिससे राज्य भर के व्यापार और उद्योग को लाभ होगा. इस संशोधन से पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी करके आपूर्ति की कीमत में से बिक्री के बाद की छूट को बाहर रखने की अनुमति मिलेगी. इसके अलावा यह किसी भी व्यावसायिक कारण से बिक्री के बाद की छूट के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की अनुमति देगा, जिससे व्यावसायिक छूट के प्रबंधन को सरल बनाया जा सकेगा और अनुपालन का बोझ कम किया जा सकेगा. इसी प्रकार इसका उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में आई.टी.सी. के 90 प्रतिशत अंतरिम रिफंड के लाभ को बढ़ाना और वस्तुओं के निर्यात पर भुगतान किए गए आई.जी.एस.टी. के रिफंड, भले ही रिफंड राशि 1,000 से कम हो, की अनुमति देना है, जिससे तरलता में सुधार होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और पंचायत सचिवों व ग्राम सेवकों के कैडरों का नए पद 'पंचायत विकास सचिव' में विलय करने के लिए 'पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994' में संशोधन करने की भी सहमति दे दी है. वर्तमान पंचायत सचिवों को एक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने पर ग्राम सेवकों (वी.डी.ओज़.) की वर्तमान वरिष्ठता सूची के अंत में रखा जाएगा. जो वर्तमान पंचायत सचिव अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर आवश्यक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने में विफल रहेंगे, वे पंचायत सचिवों के कैडर में ही रहेंगे, जिसे डाइंग कैडर (समाप्त हो रहा कैडर) घोषित किया गया है.
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