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ABP News✓
Nov 5, 2026, 05:32 PM
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक प्रौद्योगिकी से सशक्त बनाया

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक प्रौद्योगिकी से सशक्त बनाया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है. इसी क्रम में समग्र शिक्षा के अंतर्गत उच्च प्राथमिक, कंपोजिट एवं पीएम श्री विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इन संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए राज्य परियोजना कार्यालय ने चार गाइड वीडियो तैयार कर विभागीय यूट्यूब चैनल ‘निपुण भारत उत्तर प्रदेश’ पर उपलब्ध कराए हैं. इधर, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल के उपयोग संबंधी गाइड वीडियो सभी शिक्षक देखें और उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का कक्षा-शिक्षण में दैनिक उपयोग सुनिश्चित करें. ज्ञात हो कि इस पहल से तकनीक आधारित शिक्षण को गति देने और विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज, रोचक एवं प्रभावी बनाने का लक्ष्य है. राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संयुक्त निदेशक, सहायक निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी एवं एआरपी को निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षक जारी किए गए चारों गाइड वीडियो देखें. जिन विद्यालयों में आईसीटी संसाधन उपलब्ध हैं, वहां उनका कक्षा-शिक्षण में दैनिक उपयोग सुनिश्चित कराया जाए. इस कार्य की समीक्षा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से की जाएगी. इन वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को स्मार्ट क्लास के फीचर्स एवं उपयोग, आईसीटी लैब के जरिए कक्षा-शिक्षण, डिजिटल पुस्तकालय से सीखने के अवसर और आईएफपी पैनल के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी. इसका उद्देश्य डिजिटल संसाधनों के उपयोग को प्रोत्साहित कर कक्षा-शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाना है. स्मार्ट क्लास: https://youtu.be/gxxqr79-mds?feature=shared⁠ आईसीटी लैब: https://youtu.be/L-k9ils5opA?feature=shared⁠ डिजिटल पुस्तकालय: https://youtu.be/Bt6JVv42HsY?feature=shared⁠ आईएफपी पैनल का सफल उपयोग: https://youtu.be/0ADaSMjVOXM?feature=shared
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:43 PM
हिमाचल प्रदेश के स्कूल प्री-प्राइमरी दाखिले के लिए साक्षात्कार रद्द करेंगे

हिमाचल प्रदेश के स्कूल प्री-प्राइमरी दाखिले के लिए साक्षात्कार रद्द करेंगे

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य शिक्षा बोर्डों में चल रहे स्कूल प्री प्राइमरी कक्षाओं में प्रवेश के लिए साक्षात्कार नहीं ले पाएंगे। छोटे बच्चों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परीक्षा, साक्षात्कार या मानसिक दबाव से गुजरना नहीं पड़ेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में प्रदेश में हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा केंद्र (रेगुलेशन और पंजीकरण) अधिनियम में अधिसूचना जारी की है। इन निर्देशों से अभिभावकों को अपने बच्चों का दाखिला पसंदीदा स्कूल में करवाने के लिए परेशान रहते हैं।
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Aaj Tak
Nov 5, 2026, 03:14 PM
उत्तर प्रदेश के प्रिंसिपल को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के लिए बर्खास्त किया गया

उत्तर प्रदेश के प्रिंसिपल को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के लिए बर्खास्त किया गया

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात सुनैना गौड़ को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में सेवा से बर्खास्त कर दिया है. उसका ब्लॉक क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय उटिया की शिक्षिका ने 30 जुलाई 2010 को फर्जी एसटी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी हासिल की थी, जिसे जिलाधिकारी की समिति ने जुलाई 2026 में निरस्त कर दिया था. हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर बीएसए शैलेश कुमार ने नियुक्ति तिथि से अब तक मिले संपूर्ण वेतन की रिकवरी और खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का सख्त आदेश दिया है. जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ कि बर्खास्त शिक्षिका सुनैना गौड़ मूल रूप से अन्य जाति से ताल्लुक रखती हैं और उत्तर प्रदेश में इनकी जाति ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में आती है. इसके बावजूद उन्होंने अनुसूचित जनजाति (ST) का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी. एक शिकायत के आधार पर यह पूरा मामला संज्ञान में आया था, जिसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर इसकी आधिकारिक जांच कराई गई और प्रमाण पत्र के फर्जी होने की पुष्टि हुई. जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी की समिति ने जुलाई 2026 में इस फर्जी प्रमाण पत्र को आधिकारिक तौर पर निरस्त कर दिया था. इस कार्रवाई के खिलाफ शिक्षिका सुनैना गौड़ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील भी की थी, लेकिन अदालत से उन्हें किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिल सकी. इसके बाद बीएसए शैलेश कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी. साथ ही, 30 जुलाई 2010 से लेकर अब तक विभाग द्वारा दिए गए संपूर्ण वेतन की रिकवरी करने और खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:12 PM
घुनपाई गाँव का 13 वर्षीय छात्र रोहित

घुनपाई गाँव का 13 वर्षीय छात्र रोहित

थाना क्षेत्र के गांव घुनपई निवासी धर्मेंद्र सिंह का 13 वर्षीय बेटा रोहित कक्षा 10 का छात्र था। बृहस्पतिवार को उसके चाचा राजकुमार का बेटा अनीत खेत पर ट्रैक्टर से पानी लगा रहा था। इसी दौरान रोहित ट्रैक्टर के पास बैठकर कुरकुरे खा रहा था। तभी अचानक उसकी बनियान घूमती हुई ट्रैक्टर की पुली में जा फंसी। बनियान फंसते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया।विज्ञापन
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 03:04 PM
सी. बी. एस. ई. ने शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों के लिए विशेष व्यवस्था की

सी. बी. एस. ई. ने शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों के लिए विशेष व्यवस्था की

सीबीएसई ने शीतकालीन क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के लिए विशेष व्यवस्था की है। ऐसे स्कूलों में जनवरी के दौरान सर्दी के कारण छुट्टियां रहने की संभावना है। इसलिए 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं और आंतरिक मूल्यांकन 9 नवंबर से 19 दिसंबर 2026 के बीच पूरे कराए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि मौसम के कारण परीक्षा और मूल्यांकन का काम प्रभावित न हो। स्कूलों को निर्धारित समय के भीतर सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। बोर्ड ने 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन को लेकर विशेष निर्देश दिया है। सीबीएसई के अनुसार, 10वीं के अभ्यर्थियों का आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार आयोजित किया जाएगा। इसलिए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्धारित समय के भीतर प्रत्येक विद्यार्थी के आंतरिक मूल्यांकन के अंक भरने होंगे। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी विद्यार्थी का मूल्यांकन छूटने न पाए और सभी अंक तय समय पर अपलोड कर दिए जाएं। सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्कूल प्रशासन से कहा है कि वे परीक्षा का कार्यक्रम इस तरह तैयार करें, जिससे दोनों कक्षाओं का मूल्यांकन निर्धारित समय के भीतर पूरा हो सके। स्कूलों को मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान रखना होगा: बोर्ड ने साफ किया है कि स्कूलों को प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन की योजना पहले से तैयार करनी चाहिए। इससे दोनों कक्षाओं का मूल्यांकन समय पर पूरा होगा और अंकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपलोड किया जा सकेगा।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:54 PM
हिमाचल प्रदेश ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत रसोई-सह-सहायकों को अतिरिक्त मानदेय के लिए बजट आवंटित किया

हिमाचल प्रदेश ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत रसोई-सह-सहायकों को अतिरिक्त मानदेय के लिए बजट आवंटित किया

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत कुक कम हेल्पर्स के लिए राहत भरी बात है। शिक्षा विभाग ने इन्हें राज्य सरकार के संसाधनों से अतिरिक्त मानदेय देने के लिए बजट आवंटित कर दिया है। इसके तहत प्रत्येक कुक कम हेल्पर को 4500 रुपये प्रतिमाह की दर से मानदेय दिया जाएगा। यह भुगतान वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 10 शैक्षणिक महीनों के लिए होगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा के सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए हैं।
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Nov 5, 2026, 02:24 PM
प्रजनन दर में गिरावट के कारण भारत के प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र में नामांकन में गिरावट आई है

प्रजनन दर में गिरावट के कारण भारत के प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र में नामांकन में गिरावट आई है

आने वाले समय में भारत में प्राइमरी एजुकेशन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की ओर से जारी एक नए वर्किंग पेपर के अनुसार देश में 5 से 9 वर्ष की आयु वर्ग के प्राइमरी स्कूली बच्चों की आबादी में 2011 से 2036 के बीच लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. हाउ इंडिया इज ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन कैपेसिटी अंडर द न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 की इस रिसर्च को एसबीआई के मुख्य आर्थिक सलाहकार व EAC-PM के सदस्य सौम्य कांति घोष और अर्थशास्त्री शशिधरण शर्मा ने तैयार किया है. इस रिसर्च के अनुसार प्राथमिक शिक्षा की उम्र में एडमिशन करने वाले बच्चों की यह घटती संख्या भारत में घटती कुल फर्टिलिटी रेट का पहला डेमोग्राफिक प्रमाण है. जनगणना 2011 के आंकड़ों को आधार बनाकर राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग की ओर से तैयार किए गए अनुमानों से पता चलता है कि 2011 में 5 से 9 साल की आयु वाले बच्चों की संख्या 12.53 करोड़ थी. वहीं 2026 तक यह संख्या घटकर 11.27 करोड़ होने का अनुमान है, जो 2011 की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम है. वहीं 2036 तक यह आंकड़ा और गिरकर 10.02 करोड़ पर आ जाएगा, जो 2011 के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत की गिरावट को दिखा रहा है. इस रिसर्च में रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि देश की फर्टिलिटी रेट 2019 में 2.1 थी, जो 2024 में घटकर 1.9 पर आ गई है. रिपोर्ट यह भी बताती है कि राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों की जनसंख्या कम होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में स्कूलों की मांग एक समान रूप से घट रही है. दरअसल ग्रामीण इलाकों से शहरी क्षेत्र की ओर एनरोलमेंट का एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. 2012-13 से 2021-22 के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक का कुल एनरोलमेंट लगभग 78 लाख घटकर 18.71 करोड़ से 17.93 करोड़ हो गया. वहीं इसी समय के दौरान शहरी क्षेत्र के स्कूलों में लगभग 93 लाख नए छात्र जुड़े, जिससे वहां एनरोलमेंट बढ़कर 7.64 करोड़ हो गया. वहीं कुल एनरोलमेंट में शहरों की हिस्सेदारी 26.4 प्रतिशत से बढ़कर 29.9 प्रतिशत पहुंच गई. इस रिपोर्ट में राज्यवार आंकड़ों में भी बड़ा अंतर देखने को मिला है. उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में कुल नामांकन लगभग स्थिर रहा, लेकिन आंतरिक रूप से ग्रामीण नामांकन में 19.46 लाख की कमी आई, जबकि शहरी नामांकन में 17.6 लाख की बढ़ोतरी हुई. बिहार में नामांकन और स्कूलों की संख्या दोनों में वृद्धि हुई, जबकि तमिलनाडु में स्कूलों की संख्या बढ़ने के बावजूद कुल नामांकन में गिरावट दर्ज की गई. जनसंख्या के इस बदलाव का सीधा असर देश के स्कूल नेटवर्क पर भी दिख रहा है. यूडीआईएसई प्लस आंकड़ों के अनुसार 2018-19 में देश में कुल 15.51 लाख स्कूल रिपोर्ट किए गए थे, जो 2025-26 तक 5.4 प्रतिशत घटकर 14.67 लाख रह गए. वहीं केवल कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई कराने वाले प्राथमिक स्कूलों की संख्या में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई. यह 8.27 लाख से 12.6 प्रतिशत घटकर 7.22 लाख रह गए. इसके विपरीत कक्षा 12वीं तक की शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या में 29.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह 1.30 लाख से बढ़कर 1.69 लाख हो गए. वहीं इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केवल डेटा में स्कूलों की संख्या कम होने का अर्थ सीधे तौर पर स्कूलों का बंद होना नहीं है. कई मामलों में प्राथमिक स्कूलों को अपग्रेड करके उच्च कक्षाएं जोड़ी गई या उनका उन्हें मर्ज भी किया गया है. छोटे और कम बच्चों वाले स्कूलों में संसाधनों की कमी से निपटने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्कूल कॉम्पलेक्स और क्लस्टर मॉडल का सुझाव दिया गया है .इसके तहत आसपास के छोटे स्कूलों और आंगनबाड़ी आपस में शिक्षकों, लैबोरेट्री, खेल के मैदानों और नेतृत्व का साझा उपयोग कर सकते हैं. बिना किसी स्कूल भवन को बंद किए. रिसर्च में लेखकों ने सलाह दी है कि केवल राष्ट्रीय आंकड़ों के आधार पर बिना सोचे-समझे दूर-दराज या ग्रामीण इलाकों के स्कूलों को बंद नहीं किया जाना चाहिए. भविष्य की योजनाएं, स्थानीय मांग, बच्चों के लिए स्कूल की दूरी और पड़ोसी स्कूलों की क्षमता को ध्यान में रखकर योजना बनाई जानी चाहिए. कविता एबीपी नेटवर्क नोएडा के साथ बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही है. वर्तमान में कविता का मुख्य फोकस शिक्षा, करियर और नौकरी से जुड़ी खबरों पर रहता है. करीब 3.5 साल से पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी कव‍िता एबीपी नेटवर्क से पहले राजस्थान पत्रिका में काम कर चुकी है. यहां उन्होंने नेशनल एडिशन और अलग-अलग सप्लीमेंट्स के लिए काम किया. राजस्थान पत्रिका में करियर की उड़ान और सी न्यूज जैसे कॉलम वह कवर करती थी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन की बारीकियों को समझने का अनुभव दिया. वहीं पत्रकारिता के अलावा कविता की खास रुचि खेल, विशेष रूप से क्रिकेट में है. राजस्थान पत्रिका में रहते हुए कविता ने मदर्स डे स्पेशल स्पोर्ट्स एडिशन में भी काम किया है. पढ़ाई की बात करें तो कविता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की.
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 02:20 PM
राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र और बैंक खाते अनिवार्य किए

राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र और बैंक खाते अनिवार्य किए

प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र विद्यालय के अभिलेख में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक बच्चे का सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में एकल अथवा संयुक्त बैंक खाता खुलवाने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के पास पत्र भेजा है। शिक्षा विभाग के पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार वर्ष 2014 से वित्तीय समावेशन के तहत सभी लोगों का सरकारी बैंकों में बैंक खाता खोलने पर जोर दे रही है। बैंक खाता खुलवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। विद्यालयों में नामांकन के दौरान भी इसकी जरूरत पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों के सभी बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र विद्यालय अभिलेख में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। यह निर्देश दिया गया है कि सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नजदीकी सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा के प्रबंधकों से संपर्क स्थापित करेंगे और विद्यालय में नामांकित सभी बच्चों का बैंक खाता खुलवाना सुनिश्चित करेंगे। इसमें विशेष रूप से उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें छात्रवृत्ति की राशि दी जानी है। बच्चों के बैंक खाते रहने से डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से सरकारी योजनाओं की राशि भेजने में सहूलियत होगी। वहीं, जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रधानाध्यापकों को अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुखिया से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुखिया अथवा पंचायत सेवक तथा शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगर निकायों द्वारा जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है। शिक्षा विभाग ने इन दोनों कार्यों को 31 दिसंबर तक अभियान चलाकर पूरा करने का निर्देश दिया है। BPSC TRE-4 में 10 लाख से अधिक आवेदन में एक अभ्यर्थी को कितनों से करना होगा कंपटीशन? यहां जाने गणित बिहार में शिक्षकों के तबादले के लिए 30 से खुलेगा पोर्टल, सात दिसंबर तक आवेदन
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:16 PM
हिमांशी गिरि ने दौलतपुर में वाइफ कॉलेज का दौरा किया

हिमांशी गिरि ने दौलतपुर में वाइफ कॉलेज का दौरा किया

जानकारी के अनुसार, दौलतपुर निवासी हिमांशी गिरी पत्नी चंद्रमोहन धनौरी के कॉलेज जाती है। आरोप है कि वह कॉलेज की पढ़ाई संबंधित फाइल बनवाने के लिए कुछ कागजों की फोटो स्टेट कराने के लिए बाजार में आई थी। इसी दौरान पहले से ही मौजूद दौलतपुर गांव की दो और जसवावाला गांव की एक व धनौरी गांव की एक युवती ने विवाहिता को घेर लिया। उसके साथ कॉलेज के पास पकड़कर मारपीट शुरू कर दी।विज्ञापनविज्ञापनआसपास के लोगों ने किसी तरह से विवाहिता को युवतियों से छुड़ाया, मगर जाते-जाते आरोपि युवतियां विवाहिता को जान से मारने की धमकी दे गईं। पीड़ित विवाहिता ने पुलिस चौकी धनौरी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि आरोपित युवतियों से उसे जान का खतरा है, इसलिए, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि, वह कॉलेज में अपनी पढ़ाई कर सके। सीओ बहादराबाद देवव्रत जोशी का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:11 PM
लखनऊ के श्री जय नारायण मिश्रा कॉलेज में नए प्राचार्य ने कार्यभार संभाला

लखनऊ के श्री जय नारायण मिश्रा कॉलेज में नए प्राचार्य ने कार्यभार संभाला

लखनऊ। श्री जय नारायण मिश्र महाविद्यालय (केकेसी) में बृहस्पतिवार को प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय ने नए प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। पूर्व प्राचार्य प्रो. केके शुक्ल ने उन्हें कार्यभार सौंपा। प्रो. शुक्ल अब पूर्व की भांति महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय में प्रोफेसर के पद पर कार्य करते रहेंगे। प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय इससे पहले आयोग से चयनित प्राचार्य के रूप में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पट्टी, प्रतापगढ़ में कार्यरत थे। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:56 PM
आदमी की यात्रा बाधितः घटना गाँव के रास्ते में होती है

आदमी की यात्रा बाधितः घटना गाँव के रास्ते में होती है

जानकारी के अनुसार, ग्राम हिटारा निवासी 52 वर्षीय गंभीर सिंह पंवार पुत्र स्व. प्रेम सिंह पंवार इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ से अपने गांव जा रहे थे। इस दौरान वह बड़ेथी में अपनी स्कूटी पर बैठकर किसी व्यक्ति का इंतजार कर रहे थे। तभी उत्तरकाशी की ओर से आ रही सफेद रंग की इनोवा कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर सिंह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। उनके बाएं पैर के टखने में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर देहरादून रेफर किया गया है। घटना के समय उनके चाचा सुंदर सिंह पंवार भी साथ मौजूद रहे। हादसे के बाद क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के संचालन को लेकर लोगों में चिंता है। सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र रांगड़ ने कहा कि क्षेत्र में ओवरस्पीड से वाहन चलाना आम हो गया है। उन्होंने आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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Nov 5, 2026, 01:31 PM
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन औवैसी ने हैदराबाद में उर्दू माध्यम के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन औवैसी ने हैदराबाद में उर्दू माध्यम के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की

अल्पसंख्यक शिक्षा के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार (5 नवंबर) को हैदराबाद के सरकारी उर्दू माध्यम स्कूलों के लगभग 1,600 छात्रों को SSC परीक्षा शुल्क के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की. पार्टी मुख्यालय 'दारुस्सलाम' में आयोजित इस कार्यक्रम को 'मजलिस चैरिटीज एजुकेशनल एंड रिलीफ ट्रस्ट' की तरफ से आयोजित किया गया था. परीक्षा शुल्क के लिए चेक संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों को सौंपे गए, ताकि उर्दू माध्यम के छात्रों की महत्वपूर्ण बोर्ड परीक्षाओं में आर्थिक तंगी कोई बाधा न बने. इस मंच का उपयोग करते हुए ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला भी बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों से मुस्लिम छात्रों के लिए 'प्री-मैट्रिक', 'पोस्ट-मैट्रिक' और 'मेरिट-कम-मीन्स' स्कॉलरशिप बंद कर दी गई हैं. असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस तर्क पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि मुख्तार अब्बास नकवी के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और CBI की चल रही जांच के कारण स्कॉलरशिप रोकी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि CBI ने कभी भी सरकार को स्कॉलरशिप रोकने का निर्देश नहीं दिया था. उन्होंने इसे 'संस्थागत उपेक्षा' करार देते हुए कहा, ‘पिछले चार साल से स्कॉलरशिप रोककर आप छात्रों के साथ अन्याय कर रहे हैं. मैं केंद्र सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं.’ मुस्लिम समुदाय के सामने आने वाली शैक्षिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए, ओवैसी ने आंकड़ों के जरिए बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर मुसलमानों का 'ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो' (सकल नामांकन अनुपात) काफी कम है. तेलंगाना में यह आंकड़ा थोड़ा बेहतर है, लेकिन फिर भी पर्याप्त नहीं है. उन्होंने 'नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे' के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्तर पर छात्रों के पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दरों की ओर इशारा किया. साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया आंकड़ों का जिक्र किया, जो मुस्लिम छात्रों के बीच ड्रॉपआउट दर को दर्शाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सैकड़ों गांवों में एक भी स्कूल नहीं है, जो शैक्षिक बुनियादी ढांचे में मौजूद बड़ी कमियों को उजागर करता है. AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने स्कूल के प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों से आग्रह किया कि वे छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें, इंटरमीडिएट और आगे की पढ़ाई के लिए सही स्ट्रीम चुनने में उनका मार्गदर्शन करें और उनके शैक्षणिक भविष्य के बारे में सोच-समझकर निर्णय लेने में उनकी मदद करें. उन्होंने कहा कि यह धारणा कि मुस्लिम बच्चे पढ़ना नहीं चाहते, नफरत का एक उदाहरण है. बल्कि सच तो यह है कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कई तरह की व्यवस्थागत बाधाओं का सामना करना पड़ता है. उन्होंने लोगों से नरेंद्र मोदी सरकार को सौंपी गई 'कुंदू समिति की रिपोर्ट' पढ़ने को कहा, जिसमें शिक्षा हासिल करने में मुसलमानों के सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र है. कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रमुखों को चेक बांटे गए. यह तेलंगाना में उर्दू माध्यम की शिक्षा को समर्थन देने के लिए ट्रस्ट की तरफ से लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों की दिशा में एक और कदम है.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:06 PM
शिक्षा अधिकारी ने सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आकस्मिक निरीक्षण किया

शिक्षा अधिकारी ने सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आकस्मिक निरीक्षण किया

थानाकलां(ऊना)। शिक्षा उपनिदेशक माध्यमिक अनिल कुमार तक्खी ने वीरवार को अपनी टीम के साथ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलोला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की तथा स्कूल भवन और परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय भवन की आवश्यक मरम्मत को लेकर संबंधित दस्तावेज और विभागीय औपचारिकताएं पूरी कर जल्द से जल्द उपनिदेशक कार्यालय में जमा करवाने के निर्देश दिए ताकि मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया जा सके। निरीक्षण के उपरांत अनिल कुमार तक्खी ने विद्यालय की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अशोक कुमार बैंस सहित विद्यालय के समस्त अध्यापक, गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान उपस्थित रहे।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:33 PM
11वीं और 12वीं की व्यावहारिक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित

11वीं और 12वीं की व्यावहारिक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित

कार्यक्रम कक्षा 11वीं कक्षा 12वीं प्रैक्टिकल परीक्षा का संभावित कार्यक्रम और विषयवार आंतरिक परीक्षकों की सूची जमा करना 2 से 23 दिसंबर 2026 16 नवंबर से 18 दिसंबर 2026 आंतरिक मूल्यांकन के अंक जमा करना 21 दिसंबर 2026 21 दिसंबर 2026 प्रैक्टिकल परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र लेना परीक्षा से 3 दिन पहले परीक्षा से 3 दिन पहले प्रैक्टिकल परीक्षाएं 6 जनवरी से 6 फरवरी 2027 2 जनवरी से 30 जनवरी 2027 प्रैक्टिकल के अंक भरना और अपलोड करना अलग से तारीख नहीं दी गई 5 जनवरी से 3 फरवरी 2027 प्रैक्टिकल के अंक अपलोड करने की आखिरी तारीख 12 फरवरी 2027 4 फरवरी 2027 प्रैक्टिकल उत्तर पुस्तिकाएं और अंकों की पर्चियों की हार्ड कॉपी जमा करना 19 फरवरी 2027 5 फरवरी 2027
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ABP News✓
Nov 5, 2026, 12:27 PM
बिहार में अत्यधिक प्रतिस्पर्धी शिक्षक भर्ती परीक्षा बी. पी. एस. सी. टी. आर. ई.-4 देखी गई

बिहार में अत्यधिक प्रतिस्पर्धी शिक्षक भर्ती परीक्षा बी. पी. एस. सी. टी. आर. ई.-4 देखी गई

बिहार में सरकारी टीचर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा BPSC TRE-4 को लेकर तगड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की इस बड़ी शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस बार रजिस्ट्रेशन के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं. आयोग के आंकड़ों के अनुसार टीआरई 4 के तहत कुल 33,320 खाली पदों के लिए करीब 10 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से इस बार एक पद के लिए लगभग 30 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा. वहीं इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने और दूसरे राज्यों के युवाओं की बड़ी भागीदारी ने इस परीक्षा को और ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना दिया है. 2 साल के लंबे अंतराल के बाद आई इस भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं और एसटीईटी पास कर चुके नए उम्मीदवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. इसके अलावा आवेदन की अंतिम तारीख को 26 अक्टूबर से बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 किए जाने का असर यह रहा कि अंतिम घंटे में रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा तेजी से बढ़ा था. TRE-4 के माध्यम से राज्य के सरकारी स्कूलों में विभिन्न कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. इसमें कुल 33,320 पदों को भर जाना है. इसमें कक्षा 1 से 5 के लिए 3,847 पद, कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563 पद, कक्षा 9 से 10 के लिए 4,370 पद और कक्षा 11 से 12 के लिए 16,540 पद है. इस भर्ती में खासतौर पर प्राथमिक स्तर के पदों पर उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली और हरियाणा समेत दूसरे बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों ने भी बड़ी संख्या में आवेदन किया है. जिससे इस कैटेगरी में कंपटीशन और ज्यादा बढ़ गया. ज्यादा कंपटीशन के बीच इस बार चयन प्रक्रिया में भी कुछ बड़े बदलाव लागू किए गए हैं, जिनका उम्मीदवारों को ध्यान रखना बहुत जरूरी है. इस बार परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे. प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक की कटौती की जाएगी. इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा में तुक्का लगाने से बचना होगा. वहीं ओएमआर पैटर्न में बदलाव करते हुए अब चार ऑप्शन के अलावा पांचवा ऑप्शन भी दिया जाएगा. यह विकल्प उन सवालों के लिए होगा, जिनका उत्तर उम्मीदवार नहीं देना चाहते हैं. अगर कोई उम्मीदवार सवाल छोड़ना चाहता है, तो उसे पांचवें विकल्प पर गोला भरना अनिवार्य होगा, नहीं तो उस पर भी नेगेटिव मार्किंग का नियम लागू हो सकता है. कविता एबीपी नेटवर्क नोएडा के साथ बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही है. वर्तमान में कविता का मुख्य फोकस शिक्षा, करियर और नौकरी से जुड़ी खबरों पर रहता है. करीब 3.5 साल से पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी कव‍िता एबीपी नेटवर्क से पहले राजस्थान पत्रिका में काम कर चुकी है. यहां उन्होंने नेशनल एडिशन और अलग-अलग सप्लीमेंट्स के लिए काम किया. राजस्थान पत्रिका में करियर की उड़ान और सी न्यूज जैसे कॉलम वह कवर करती थी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन की बारीकियों को समझने का अनुभव दिया. वहीं पत्रकारिता के अलावा कविता की खास रुचि खेल, विशेष रूप से क्रिकेट में है. राजस्थान पत्रिका में रहते हुए कविता ने मदर्स डे स्पेशल स्पोर्ट्स एडिशन में भी काम किया है. पढ़ाई की बात करें तो कविता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:25 PM
राज्य स्तरीय रत्नवली महोत्सव में एस. डी. पी. जी. कॉलेज के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया

राज्य स्तरीय रत्नवली महोत्सव में एस. डी. पी. जी. कॉलेज के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया

तीन विधाओं में प्रथम स्थान, सांग और हरियाणवी कविता में द्वितीय तथा तीन नृत्य विधाओं में तृतीय स्थान हासिल कियासंवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। एसडी पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय राज्यस्तरीय रत्नावली महोत्सव में आठ पुरस्कार जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं पर आधारित महोत्सव में विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में शानदार प्रदर्शन किया।विद्यार्थियों ने रिचुअल्स प्रतियोगिता, हरियाणवी स्किट और स्किट में सर्वश्रेष्ठ पुरुष अभिनेता का खिताब हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सांग और हरियाणवी कविता में द्वितीय स्थान मिला। वहीं, रसिया नृत्य, हरियाणवी पुरुष एकल नृत्य और हरियाणवी महिला एकल नृत्य में तृतीय स्थान हासिल किया।विज्ञापनकॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और प्राध्यापकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। रत्नावली जैसे आयोजन युवाओं को लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।विज्ञापनप्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि कॉलेज शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा निखारने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए भी प्रयासरत है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित करेगी।9, 110
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:08 PM
देहरादून के छात्र रामलीला में अपने अभिनय कौशल से चमकते हैं

देहरादून के छात्र रामलीला में अपने अभिनय कौशल से चमकते हैं

-रामलीला के मंचन में सीता, कैकेयी सहित सुपर्णखा जैसे दमदार भूमिकाओं में दिख रही छात्राएंलक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ीकर्णप्रयाग।नगर सहित आस-पास के गांवों की छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ अभिनय के क्षेत्र में भी नाम कमा रही हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर ही छात्राओं ने रामलीला में विभिन्न भूमिकाओं में दमदार अभिनय किया। कालेज में दिन में पढ़ाई कर रही छात्राएं रात में रामलीला में बेहतर अभिनय कर रही हैं।मुख्य बाजार में सामाजिक सदभाव रामलीला समिति की ओर से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सीता की भूमिका में महाविद्यालय में पढ़ रही छात्रा उष्मिता नेगी है, जबकि कौशल्य और शबरी की भूमिका में प्रियंका भी महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं। कक्षा नौ में पढ़ने वाली महक भी विभिन्न महिला भूमिकाओं में हैं, जबकि इससे पहले 12 अक्तूबर से 22 अक्तूबर तक आयोजित रामलीला में देहरादून में पढ़ रही निकिता खंडूड़ी ने सीता का दमदार अभिनय किया था। नाकोट गांव निवासी निकिता पढ़ाई के साथ ही अभिनय में भी चमक बिखेर रही है। उत्तराखंड आइडियल में सीजन सेकंड में भी उनका चयन हुआ है। शबरी की भूमिका निभाने वाली प्रज्ञा दिल्ली विवि से पढ़ाई कर रही है। यही नहीं प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रही गौचर की गीता ने कैकेयी का दमदार अभिनय कर अपनी छाप छोड़ी। रंगकर्मी और सदाशिव रामलीला समिति के अध्यक्ष कांति प्रसाद डिमरी के अनुसार पहले जहां पुरुष कलाकार ही रामलीला में महिला पात्रों की भूमिका में होते थे, वहीं अब बालिकाएं भी रामलीला के मंच पर बेहतर अभिनय की चमक बिखेर रही हैं।विज्ञापनसंवाद
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 12:00 PM
विश्वविद्यालय ने छात्रों की आपत्तियों को संबोधित करने के बाद परीक्षा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया

विश्वविद्यालय ने छात्रों की आपत्तियों को संबोधित करने के बाद परीक्षा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया

परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार 30 अक्तूबर को जारी किए गए अनंतिम कार्यक्रम पर छात्र-छात्राओं और प्राचार्यों से दो नवंबर तक आपत्तियां मांगी गई थीं। एक ही पाली में दो पेपर फंसने या किसी प्रश्नपत्र के छूटने संबंधी आपत्तियों का परीक्षण कर उनका पूरी तरह निस्तारण कर दिया गया है।विज्ञापनइसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति के निर्देशानुसार अंतिम परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। जिले के प्रमुख महाविद्यालयों पीसी बागला डिग्री कॉलेज, आरडी गर्ल्स पीजी कॉलेज, सरस्वती डिग्री कॉलेज सहित 85 से अधिक संबद्ध कॉलेजों के करीब 40 हजार से अधिक पंजीकृत छात्र-छात्राएं इन परीक्षाओं में शामिल होंगे।विज्ञापनपरीक्षा की समय सारिणी जारी होते ही महाविद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन, प्रायोगिक परीक्षाओं को पूरा कराने और प्रवेश पत्र वितरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। पीसी बागला कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. प्रो. महावीर सिंह छौंकर ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी संशोधित व अंतिम परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट अथवा कॉलेज के नोटिस बोर्ड से अपने विषय व कोड के अनुसार समय सारिणी नोट कर लें। प्रवेश पत्र वितरण के लिए विश्वविद्यालय से निर्देश मिलते ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।सुबह आठ बजे से 10:30 बजे तक (यूजी व पीजी प्रथम सेमेस्टर व बीएड)।सुबह 11:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक (यूजी व पीजी तृतीय सेमेस्टर व एमएड)।तृतीय पाली : दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00/05:30 बजे तक (यूजी पंचम सेमेस्टर, एलएलबी व बीए-एलएलबी)।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 11:32 AM
उत्तर प्रदेश पी. आर. टी. सहायक शिक्षक परीक्षाः सामान्य ज्ञान प्रश्न और उत्तर

उत्तर प्रदेश पी. आर. टी. सहायक शिक्षक परीक्षाः सामान्य ज्ञान प्रश्न और उत्तर

उत्तर प्रदेश पीआरटी असिस्टेंट टीचर परीक्षा का आयोजन निर्धारित एग्जाम सेंटर में 03 और 04 दिसंबर, 2026 को किया जाना है। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग लेने वाले हैं। उनसे सामान्य ज्ञान के भी सवाल पूछे जाएंगे। ऐसे में इस परीक्षा में पास होने के लिए सामान्य ज्ञान के सवाल भी महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों की सहायता के लिए यहां सामान्य ज्ञान से जुड़े कुछ जरूरी सवाल दिए गए हैं। ये सवाल UPESSC PRT Assistant Teacher Bharti 2026 के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण हो सकते हैं। 1. अतरंजी खेड़ा किस जिले में स्थित है? 2. उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा जिला कौन-सा है? 3. यूपी के किस जिले में लाल मिट्टी पाई जाती है? 4. लखनऊ विश्वविद्यालय की स्थापना किस वर्ष हुई थी? 5. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना उत्तर प्रदेश में कब शुरू हुई थी? 6. महामाया आवास योजना उत्तर प्रदेश राज्य में किस वर्ष शुरू की गई थी? 7. अमृतलाल नागर का जन्म किस शहर में हुआ था? 8. यूपी में हिंदी संस्थान का गठन किस वर्ष किया गया था? 9. ‘विश्व भारती पुरस्कार’ में कितनी धनराशि दी जाती है? 1 लाख 51 हजार रुपए 10. कालिदास का पहला नाटक कौन-सा था? 11. दुनिया की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि का क्या नाम है? 12. साइयोक राष्ट्रीय उद्यान कौन-से देश में स्थित है? 13. सुल्तान अजलान शाह कप का संबंध किस खेल से है? 14. विश्व हिंदी दिवस किस दिन मनाया जाता है? 15. सबसे बड़ा ग्रह कौन-सा है? 16. टेनिस के सबसे बड़े टूर्नामेंट का नाम क्या है? 17. भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान कौन सा है? 18. भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य कौन-से राज्य में स्थित है? Haryana Board Date Sheet 2027: हरियाणा बोर्ड क्लास 10th-12th डेटशीट जल्द होगी जारी, यहां मिलेगा डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:32 AM
सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में नई कार्यकारी समिति के साथ पी. टी. ए. का गठन किया गया

सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में नई कार्यकारी समिति के साथ पी. टी. ए. का गठन किया गया

गोपेश्वर।राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) का गठन कर नई कार्यकारिणी का चुनाव किया गया। विपिन फरस्वाण को अध्यक्ष, ममता भट्ट को उपाध्यक्ष, अनीता नेगी को उपमंत्री और गब्बर सिंह नेगी को कोषाध्यक्ष चुना गया। प्राचार्य प्रो.एमपी नगवाल की उपस्थिति में हुए चुनाव में वाणिज्य संकाय के प्राध्यापक डॉ. अनुराग शर्मा को मंत्री बनाया गया। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति टम्टा ने पीटीए के गठन और उसकी आवश्यकता की जानकारी दी। संवाद
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:09 AM
मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निडर और आत्मविश्वास से काम लेने का आग्रह किया

मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निडर और आत्मविश्वास से काम लेने का आग्रह किया

इस दौरान 12वीं कक्षा की छात्रा तमन्ना ने मुख्यमंत्री से भविष्य में आगे बढ़ने और लक्ष्य हासिल करने को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए बिना किसी डर के फैसले लेने चाहिए। चुनौतियों का सामना करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।विज्ञापनविज्ञापनमुख्यमंत्री ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने से डरना नहीं चाहिए। शिक्षा, खेल और राजनीति सहित हर क्षेत्र में बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियां हर मोड़ पर आएंगी, लेकिन जो व्यक्ति सही समय पर सही फैसला लेने का साहस रखता है, वही इतिहास रचता है।संवाद के दौरान चौथी कक्षा की अपेक्षा भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से उनके पसंदीदा विषय के बारे में पूछा। वहीं, 12वीं कक्षा के प्रज्वलन ने तीसा स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।12वीं कक्षा की छात्रा मोनिका ने नशे की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। छात्रा मुस्कान ने सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाने से जुड़ा विषय उठाया। एक अन्य छात्रा जीवनी ने मुख्यमंत्री की दिनचर्या के बारे में सवाल किया।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:09 AM
झारखंड के मुख्यमंत्री ने व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शी शिक्षा नीति का आह्वान किया

झारखंड के मुख्यमंत्री ने व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शी शिक्षा नीति का आह्वान किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति विद्यार्थियों की मातृभाषा का सम्मान करे और उनके ज्ञान, कौशल व अभिव्यक्ति क्षमता को मजबूत बनाए। शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना भी है।विज्ञापनमुख्यमंत्री ने एक व्यावहारिक और दूरदर्शी शिक्षा नीति बनाने पर जोर दिया। इसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों, कौशल विकास और डिजिटल दक्षता का ध्यान रखा जाए। उन्होंने बताया कि झारखंड में भाषाई विविधता बहुत व्यापक है। बच्चे घर में मातृभाषा और स्थानीय भाषाएं बोलते हैं। विद्यालयों में शिक्षण हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से होता है। इस अंतर से प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की समझ प्रभावित नहीं होनी चाहिए। झारखंड की भाषाई विविधता राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान है। इसे शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर नई पद्धतियां विकसित की जाएं। इससे विद्यार्थी अपनी भाषा में सहजता से सीख सकें।विज्ञापनमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने पर बल दिया। शिक्षा के साथ रुचि, प्रतिभा और व्यावहारिक कौशल भी विकसित हों। उन्होंने कौशल आधारित शिक्षा में हॉकी को शामिल करने पर विचार करने को कहा। झारखंड के बच्चे हॉकी के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अंग्रेजी स्पोकन की कक्षाएं संचालित करने पर भी जोर दिया। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने से पहले इसकी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इससे विद्यार्थी भाषाई रूप से दक्ष और आत्मविश्वासी बनेंगे।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से भी दक्ष बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। शिक्षा नीति ऐसी हो जिससे उन्हें भविष्य में कोई परेशानी न हो। कक्षाओं में शिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि नीति संवर्धनात्मक बहुभाषिकता के सिद्धांत पर आधारित हो। इसमें पहली भाषा को हटाए बिना दूसरी और तीसरी भाषा जोड़ी जाए। मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी को परस्पर सहयोगी भाषा समूह के रूप में देखा जाए।अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में भाषा शिक्षा नीति निर्माण समिति का गठन हुआ था। समिति ने झारखंड और अन्य राज्यों की शिक्षा पद्धतियों का अध्ययन कर प्रारूप तैयार किया है। इस नीति में तीन प्रमुख शैक्षणिक चरण शामिल हैं। इनमें पूर्व बाल्यावस्था शिक्षा से कक्षा 2 तक, कक्षा 3 से कक्षा 5 तक और कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के चरण हैं। इन चरणों में मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं को स्कूली शिक्षा में समाहित करने पर ध्यान दिया गया है। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, टीआरआई के निदेशक आलोक शिकारी कच्छप और जैक के सचिव एस.डी. तिग्गा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 11:07 AM
पौड़ीः कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बुझाई गईं

पौड़ीः कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बुझाई गईं

पौड़ी। जिला मुख्यालय के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से कई मोहल्लों के मुख्य रास्तों पर अंधेरा पसरा हुआ है। सर्किट हाउस, शिक्षा विभाग, डिप्टी धारा, न्यू विकास कॉलोनी, कंडोलिया रोड, छतरी धार, अपर चोपड़ा और लोअर गडोली के कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। इससे स्थानीय लोगों को रात के समय आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है।शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था होने के बावजूद इनके बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम ढलते ही रास्तों पर अंधेरा पसर रहा है। इससे मोहल्लों में वन्य जीवों का खतरा बना हुआ है। अपर चोपड़ा निवासी गुलशन कुमार ने बताया कि घर के बीचे जंगल है, जबकि लाइट बरसात से बंद पड़ी हुई है। पालिका को कहने के बाद भी लाइट नहीं लगी। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक कराने की मांग की है। वहीं ईओ पालिका संजय कुमार ने बताया कि लाइट की डिमांड भेजी है। विद्युत पंजीका में दर्ज सभी लाइटों को जल्द बदल दिया जाएगा।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 10:28 AM
संस्थान में अनुसंधान पद के लिए पात्रता मानदंड

संस्थान में अनुसंधान पद के लिए पात्रता मानदंड

पात्रता का आधार जरूरी योग्यता / शर्त शैक्षणिक योग्यता विज्ञान या इंजीनियरिंग में पीएचडी मेडिकल डिग्री MD, MS, MDS या MVSc डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं नौकरी की शर्त किसी मान्यता प्राप्त संस्थान, राष्ट्रीय प्रयोगशाला या शोध एवं विकास संस्थान में नियमित शैक्षणिक या शोध पद होना चाहिए संस्थान से जुड़ने की तारीख उम्मीदवार ने तय समय के भीतर संस्थान में काम शुरू किया हो विशेष छूट इस आवेदन चक्र में एक बार की छूट दी गई है छूट के तहत पात्रता 1 फरवरी 2023 या उसके बाद संस्थान से जुड़े उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं पात्रता का आधार शर्त अधिकतम उम्र 42 साल उम्र में छूट SC, ST, OBC, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों को 3 साल भारतीय शोधकर्ता आवेदन कर सकते हैं PIO और OCI उम्मीदवार तय शर्तों के साथ आवेदन कर सकते हैं सह-प्रधान शोधकर्ता (Co-PI) PIO और OCI उम्मीदवारों के साथ भारत के किसी संस्थान से जुड़ा Co-PI होना जरूरी है तीन साल के लिए मिलने वाली 60 लाख रुपये तक की सहायता में ओवरहेड खर्च शामिल नहीं है। इस राशि का इस्तेमाल शोध उपकरण खरीदने, परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों, जरूरी सामग्री, यात्रा और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए किया जा सकता है। योजना के तहत ओपन-एक्सेस शोध प्रकाशन और पेटेंट दाखिल करने के खर्च में भी मदद मिल सकती है। परियोजना से जुड़े काम के लिए विदेश यात्रा की अनुमति भी है। हालांकि, अनुदान का इस्तेमाल योजना के नियमों के अनुसार ही किया जा सकेगा। उम्मीदवारों का चयन विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा। आवेदन के साथ जमा किए गए शोध प्रस्ताव में उम्मीदवार को अपने काम की योजना और उद्देश्य बताने होंगे। समिति प्रस्तावों की समीक्षा कर चयन के लिए सिफारिश करेगी। यह योजना एक बार मिलने वाला करियर अनुदान है और इसके तहत शोध परियोजना की अवधि बढ़ाई नहीं जा सकती। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने से पहले पात्रता, दस्तावेज और अनुदान से जुड़े नियमों को ध्यान से पढ़ लें। आवेदन की अंतिम तारीख 2 दिसंबर 2026 शाम 5 बजे है।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 10:00 AM
पिया दांडिया का जयपुर से संबंधः पारिवारिक संबंधों और शिक्षा की कहानी

पिया दांडिया का जयपुर से संबंधः पारिवारिक संबंधों और शिक्षा की कहानी

पिया डांडिया का परिवार मूल रूप से जयपुर का रहने वाला है। उनके माता-पिता वर्ष 1980 के दशक में जयपुर से अमेरिका जाकर बस गए थे। पिया का जन्म अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित पाम बीच काउंटी में हुआ। हालांकि, अमेरिका में पली-बढ़ी पिया का जयपुर से जुड़ाव हमेशा बना रहा। वह बचपन से ही छुट्टियों के दौरान अपने रिश्तेदारों से मिलने जयपुर आती रही हैं। उनके पिता डॉ. रोहित डांडिया पेशे से चिकित्सक हैं। उन्होंने जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। पिया का परिवार लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देता रहा है। उनके दादा तेजकरण डांडिया को लोग मास्टरजी के नाम से जानते थे। वह राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव रहे थे। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान बोर्ड की गणित की पुस्तकों के लेखन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी लिखी किताबों से राज्य के हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद मिली। पिया की मां ने भी शिक्षा के क्षेत्र में काम किया और फ्लोरिडा के जुपीटर शहर में एक मोंटेसरी स्कूल की स्थापना की। पिया ने अपनी शुरुआती शिक्षा इसी स्कूल से हासिल की। पिया ने अपनी उच्च शिक्षा अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की है। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से गवर्नमेंट विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद बोस्टन यूनिवर्सिटी से शिक्षा के क्षेत्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े पारिवारिक माहौल ने भी उनके व्यक्तित्व और करियर को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीति में आने से पहले पिया ने प्रशासनिक और कॉरपोरेट क्षेत्र में काम किया। वह प्रतिष्ठित व्हाइट हाउस फेलो के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने तकनीक कंपनी एप्पल में पब्लिक सेक्टर इनिशिएटिव्स का नेतृत्व भी किया। स्कूल का संचालन करने के दौरान ही उनका जुड़ाव डेमोक्रेटिक पार्टी से हुआ और उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। अपने चुनाव अभियान के दौरान पिया ने आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने महंगाई कम करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का वादा किया। इन मुद्दों के साथ उन्होंने मतदाताओं के बीच अपनी जगह बनाई और चुनाव में जीत हासिल की। उनकी इस सफलता ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी नई पहचान दी है।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 09:27 AM
यूपीएसएसएससी लेखपाल भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करेगा, 2765 रिक्तियों को भरेगा

यूपीएसएसएससी लेखपाल भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करेगा, 2765 रिक्तियों को भरेगा

यूपी लेखपाल भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। कार्यालय चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से लेखपाल भर्ती के लिए जल्द ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को अधियाचना भेजी जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधियाचना भेजने के लिए कार्यवाही लगातार जारी है और जल्द ही इसको लेकर जानकारी सामने आने वाले है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यभर में लेखपाल के कुल 2765 रिक्त पदों को भरा जायेगा। अन्य जानकारी विस्तृत नोटिफिकेशन जारी होने के साथ आएगी। कार्यालय चकबंदी आयुक्त द्वारा अधियाचना मिलने के बाद यूपीएसएसएससी द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन लिए जायेंगे। उम्मीद है कि इसी महीने में भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी हो सकता है। राजस्व लेखपाल पदों पर उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से क्या जाएगा। मुख्य परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रकार के 100 प्रश्न पूछे जायेंगे जिनको हल करने के लिए उम्मीदवारों को 2 घंटे का समय प्रदान किया जाएगा। एग्जाम में सामान्य हिंदी विषय से 25 प्रश्न, गणित विषय से 25 प्रश्न, सामान्य ज्ञान से 25 प्रश्न और ग्राम्य समाज एवं विकास से 25 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक सही उत्तर के लिए अभ्यर्थी को 1 अंक प्रदान किया जाएगा। अभ्यर्थी ध्यान रखें कि इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान है। प्रत्येक गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक की कटौती की जाएगी। भर्ती से जुड़ी अधिक डिटेल यूपीएसएसएससी की ओर से अधिसूचना जारी होने के साथ जारी कर दी जाएगी। पढ़ाई और एग्जाम के लिए फ्री पर्सनल कुंडली मार्गदर्शन — अभी जानें यह भी पढ़ें- रेलवे में स्काउट्स और गाइड्स कोटा के तहत ग्रुप-C एवं D पदों पर निकली भर्ती, 6 दिसंबर तक ऑनलाइन भर सकते हैं फॉर्म
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 09:22 AM
बांका स्कूल में कक्षा में बंद छात्रः बाल सुरक्षा और शिक्षक जवाबदेही पर चिंता

बांका स्कूल में कक्षा में बंद छात्रः बाल सुरक्षा और शिक्षक जवाबदेही पर चिंता

Banka School Negligence Student Locked :सरकारी विद्यालयों में बच्चों की हिफाजत और शिक्षकों की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने वाली एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बौंसी प्रखंड अंतर्गत नवसृजित प्राथमिक विद्यालय घोरेला कैरी में बुधवार को शिक्षकों की घोर लापरवाही उजागर हुई। स्कूल की छुट्टी होने के बाद शिक्षक कमरों की तलाशी लिए बिना ही मुख्य गेट और क्लासरूम पर ताला जड़कर अपने-अपने घर चले गए, जबकि तीसरी कक्षा का छह वर्षीय मासूम छात्र करण कुमार अंदर ही छूट गया। बच्चा लगभग दो घंटे तक बंद स्कूल में भय के साए में बिलखता रहा। मिली जानकारी के अनुसार, पीलुआ गांव निवासी निरंजन महतो का पुत्र करण कुमार घोरेला कैरी में अपने फूफा विकास चौधरी के घर रहकर पढ़ाई करता है। बुधवार को पढ़ाई के दौरान वह कक्षा के बेंच पर ही सो गया था। छुट्टी की घंटी बजते ही बाकी बच्चे निकल गए और शिक्षकों ने कक्षाओं की समुचित जांच किए बिना बाहर से ताला लगा दिया। छुट्टी का समय बीत जाने के बाद भी जब करण घर नहीं पहुंचा, तो परिजन अनहोनी की आशंका से कांप उठे और उसकी तलाश में जुट गए। बिहार में शिक्षकों के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी, अनुमति लेकर खास मौकों पर ही बना सकेंगे रील्स बिहार में शिक्षकों के तबादले के लिए 30 से खुलेगा पोर्टल, सात दिसंबर तक आवेदन बिहार के सरकारी स्कूलों में अब रील नहीं बना सकेंगे शिक्षक, बाहरी लोगों की एंट्री पर भी बैन मुजफ्फरपुर के MIT में मारपीट मामले की सुनवाई, बुआ और भाभी को साथ लेकर पहुंचे छात्र बिहार के शिक्षकों और कर्मियों को छठ से पहले मिलेगी पेंडिंग सैलरी, शिक्षा मंत्री का निर्देश डिजिटल हाजिरी : ई-शिक्षाकोष पर हाजिरी नहीं बनाने वाले 48 हजार शिक्षक रडार पर; भागलपुर में 1038 और बांका में 629 गायब 40 मिनट के निरीक्षण में ढहा 'गुरुकुल' का तिलस्म; सिमुलतला स्कूल में शिक्षकों की कमी पर भड़के ACS, 5 नवंबर को इंटरव्यू बिहार की धनकुबेर DPO: 3 करोड़ के 10 प्लॉट, 5 मंजिला मकान और लाखों के गहने-कैश बरामद, रेलवे में हैं पति परिजनों की खोजबीन के दौरान ही स्कूल की दिशा से एक बच्चे की सिसकियों और चीखने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करते हुए ग्रामीण जब विद्यालय पहुंचे और खिड़की से अंदर झांका, तो करण रोता हुआ दिखाई दिया। यह देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ स्कूल परिसर में जुट गई। स्थानीय ग्रामीण विकास कुमार, शंकर कापरी, पवन चौधरी, रजनीश कुमार और मित्तल मंडल सहित अन्य लोगों ने विद्यालय प्रशासन पर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ का खुला आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना फोन पर तत्काल एक शिक्षिका को दी गई थी, लेकिन त्वरित स्तर पर कोई पहल नहीं हुई। इसके उपरांत जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) गौरव कुमार को पूरे वाकये से अवगत कराया गया, तब जाकर सहायक शिक्षक श्रवण सिन्हा विद्यालय पहुंचे। घटना के करीब दो घंटे बाद ताला खोलकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का दोटूक कहना था कि यदि समय पर बच्चे की आवाज बाहर न आती, तो भीषण गर्मी और घुटन में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। बांका SP का कड़ा एक्शन! शराब पीने और अनुशासनहीनता में हवलदार व महिला सिपाही बर्खास्त, स्पष्टीकरण मिला असंतोषजनक "मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। विद्यालय प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों की इस लापरवाही की उच्चस्तरीय पड़ताल कराई जा रही है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।" "प्रधानाध्यापक अवकाश पर थे। विद्यालय में छुट्टी होने के बाद कमरा बंद कर घर चला गया था। मासूम छात्र बेंच पर सोया हुआ था, जिस कारण उस पर नजर नहीं पड़ सकी। यह अनजाने में हुई चूक है।"
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Nov 5, 2026, 08:46 AM
भारत सरकार ने उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए यू. जी. सी. के नियमों पर पुनर्विचार किया

भारत सरकार ने उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए यू. जी. सी. के नियमों पर पुनर्विचार किया

उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए लाए गए UGC के विवादित नियमों पर केंद्र सरकार एक बार फिर विचार करेगी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह UGC के विवादित नियमों पर दोबारा विचार कर रही है। सरकार इन नियमों की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाने जा रही है। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सभी वर्ग के छात्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा, ताकि किसी भी वर्ग के छात्र खुद को असंतुष्ट या डरा हुआ महसूस न करें। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी कहा कि हर छात्र के हितों की रक्षा करना जरूरी है। नियम बनाते वक्त देश की युवा पीढ़ी का ध्यान रखा जाना चाहिए। CJI ने कहा कि हर छात्र के हितों की रक्षा की जाएगी। युवा पीढ़ी के भविष्य और उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा गया है कि यह नियम भेदभावपूर्ण और सामान्य वर्ग के लोगों को मौलिक अधिकार का हनन करने वाले है। पिछली सुनवाई में कोर्ट का मानना था कि इन नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं है और इन नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। कोर्ट ने सरकार को सुझाव दिया था कि वह इन नियमों पर विचार के लिए एक नई कमेटी का गठन करें। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पहले रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर भेदभाव को समाप्त करने के लिए नियम-कानून बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद यूजीसी ने नए नियम लाए। इन नियमों के तहत सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज में समता कमेटी बनाना अनिवार्य किया गया। SC ST और OBC छात्र इस कमेटी के सामने जातिगत भेदभाव के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। SC ST वर्ग के छात्रों को पहले भी शिकायत का अधिकार था, लेकिन नए नियम में OBC वर्ग को भी शामिल किया गया। वहीं, कमेटी होगी उसमें SC ST और OBC वर्ग के प्रतिनिधि होने चाहिए। हालांकि, इस कमेटी में सवर्ण वर्ग का प्रतिनिधि हो ऐसा जरूरी नहीं है। विवाद का दूसरा कारण है कि पहले ऐसा प्रावधान था कि अगर कोई झूठी शिकायत करता है तो उसके खिलाफ एक्शन होगा। हालांकि, नए नियमों में यूजीसी ने ऐसा प्रावधान खत्म कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने UGC एक्ट में बदलाव किए थे। यूजीसी की ओर से नए नियम बीते 13 जनवरी को जारी किए गए थे। हालांकि, इन नियमों को लेकर सवर्ण वर्ग के छात्रों में जबरदस्त नाराजगी फैल गई। विरोध करने वालों का तर्क है कि यूजीसी के एक्ट में भेदभाव की जो परिभाषा दी गई है, उससे ऐसा लगता जैसे जातिगत भेदभाव सिर्फ SC, ST और OBC के साथ ही होता है। सामान्य वर्ग के छात्रों को कोई संस्थागत संरक्षण नहीं दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने ने मामले की सुनवाई करते हुए यूजीसी के नियमों पर फिलहाल रोक लगाई है।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 08:12 AM
भारत ने कर्मचारियों के लिए महँगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की

भारत ने कर्मचारियों के लिए महँगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की

भारत सरकार ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अंतर्गत वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर में तीन प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे एक जुलाई, 2026 से 63 प्रतिशत किया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता दिए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।विज्ञापनइस निर्णय का लाभ राज्य सरकार के कार्मिकों के साथ ही स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राजकीय विश्वविद्यालयों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों तथा यूजीसी वेतनमान में कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी मिलेगा।विज्ञापनमुख्यमंत्री की स्वीकृति के अनुसार पात्र कर्मचारियों को एक जुलाई, 2026 से 31 अक्तूबर 2026 तक की अवधि के महंगाई भत्ते के अंतर का भुगतान एरियर के रूप में नकद किया जाएगा।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 07:47 AM
जनगणना प्रशिक्षण के लिए जाते समय बाइक दुर्घटना में प्रधानाध्यापक घायल

जनगणना प्रशिक्षण के लिए जाते समय बाइक दुर्घटना में प्रधानाध्यापक घायल

वहीं, सूचना मिलने पर परिजन एवं बड़ी संख्या में शिक्षक अस्पताल पहुंच गए। जिला मुख्यालय के रमेडी मोहल्ला निवासी रामप्रकाश निषाद (57) मौजूदा समय में अतरैया के कंपोजिट विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक के रूप में तैनात थे। उनकी ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है। इसी के चलते गुरुवार को सुबह करीब 10:30 बजे वह बाइक से कस्बे के पॉलिटेक्निक कॉलेज में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए आ रहे थे।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 06:50 AM
एन. टी. ए. ने ए. आई. एस. एस. ई. ई. 2026 आवेदन प्रक्रिया शुरू की, अंतिम तिथि 2 दिसंबर है

एन. टी. ए. ने ए. आई. एस. एस. ई. ई. 2026 आवेदन प्रक्रिया शुरू की, अंतिम तिथि 2 दिसंबर है

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से ऑल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE 2026) के लिए आवेदन प्रक्रिया स्टार्ट कर दी गई है जो निर्धारित अंतिम तिथि 2 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी। जो भी माता-पिता अपने बच्चों को कक्षा 6 और कक्षा 9 में सैनिक स्कूलों में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे तय तिथि के अंदर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। एनटीए की ओर से लेट फीस के साथ एप्लीकेशन विंडो 3 से 6 दिसंबर 2026 तक ओपन की जाएगी। इस दौरान आवेदन करने पर 500 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से पहले ही जानकारी दे दी गई है कि फॉर्म भरने के समय किन डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में अविभावक फॉर्म भरने से पहले ही नीचे दिए जा रहे दस्तावेजों को तैयार कर लें उसके बाद फॉर्म भरें। इससे आपको आवेदन के समय किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। ध्यान रखें कि यदि दी गई जानकारी या अपलोड किए गए दस्तावेज सही नहीं हैं, अधूरे हैं, या प्रवेश के समय जरूरी मूल प्रमाण पत्रों से उनका मिलान नहीं हो पाता है, तो छात्र का आवेदन रद्द किया जा सकता है और उसे प्रवेश देने से मना किया जा सकता है। पढ़ाई और एग्जाम के लिए फ्री पर्सनल कुंडली मार्गदर्शन — अभी जानें एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए exams.nta.nic.in/sainik-school-society/ पर जाकर AISSEE-2027 Application Form पर क्लिक करके आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। आवेदन के साथ निर्धारित फीस जमा करें। कैटेगरी के अनुसार जनरल, ओबीसी (एनसीएल), डिफेंस/ एक्स सर्विसमैन वर्ग से आने वाले छात्रों के लिए 850 रुपये वहीं एससी/ एसटी वर्ग के स्टूडेंट्स को 700 रुपये का भुगतान करना होगा। एप्लीकेशन फीस ऑनलाइन माध्यम से जमा की जा सकती है। सैनिक स्कूल कक्षा 6 में आवेदन करने के लिए छात्र की आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए अर्थात बच्चे का जन्म 1 अप्रैल 2015 से पहले और 31 मार्च 2017 से पहले न हुआ हो। कक्षा 9 में एडमिशन के लिए स्टूडेंट की उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए अर्थात बच्चे का जन्म 1 अप्रैल 2012 से पहले और 31 मार्च 2014 से पहले न हुआ हो। आयु की गणना 31 मार्च 2027 को ध्यान में रखकर होगी। यह भी पढ़ें- 4 साल के अथर्व ने बनाया अद्भुत रिकॉर्ड, इस कारनामे के चलते इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम हुआ दर्ज
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 06:19 AM
यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परिणाम 2026 घोषित, 2526 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया

यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परिणाम 2026 घोषित, 2526 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया

संघ लोक सेवा की सिविल सर्विस मुख्य परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। दरअसल यूपीएससी की ओर से UPSC Mains Result 2026 का एलान कर दिया गया है। बता दें, यूपीएससी मुख्य परीक्षा का आयोजन 21, 22, 23, 29 और 30 अगस्त, 2026 को किया गया था। जो उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे। वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पीडीएफ फॉर्मेट में रिजल्ट चेक कर सकते हैं। यूपीएससी की ओर से जारी रिजल्ट के मुताबिक मुख्य परीक्षा में कुल 2526 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। यूपीएससी मुख्य परीक्षा का रिजल्ट यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया है। यहां उम्मीदवारों की मदद के लिए रिजल्ट चेक करने के निम्नलिखित स्टेप्स बताए जा रहे हैं। उम्मीदवार इन स्टेप्स की मदद से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। जो उम्मीदवार यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। उन्हें इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा। बता दें, इंटरव्यू कुल 275 अंकों के लिए आयोजित कराया जाएगा। पढ़ाई और एग्जाम के लिए फ्री पर्सनल कुंडली मार्गदर्शन — अभी जानें CBSE 10th 12th Datesheet 2027: अगले वीक तक जारी हो सकती है 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा की डेटशीट, यहां से डाउनलोड करें सैंपल पेपर
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 06:16 AM
सी. एस. आई. आर. यू. जी. सी. एन. ई. टी. दिसंबर 2026 परीक्षाः अंतिम-मिनट आवेदन दाखिल करने के निर्देश

सी. एस. आई. आर. यू. जी. सी. एन. ई. टी. दिसंबर 2026 परीक्षाः अंतिम-मिनट आवेदन दाखिल करने के निर्देश

जो उम्मीदवार 5 नवंबर तक आवेदन नहीं कर पाएंगे, वे 6 नवंबर से 9 नवंबर 2026 के बीच विलंब शुल्क देकर फॉर्म जमा कर सकते हैं। इसके लिए 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। विलंब शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख भी 9 नवंबर 2026 है। उम्मीदवार डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई के जरिए ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। ध्यान रखें कि बिना अतिरिक्त शुल्क के आवेदन करने की समयसीमा आज खत्म हो रही है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह है कि आखिरी समय का इंतजार किए बिना अपना फॉर्म पूरा कर लें।विज्ञापनसीएसआईआर यूजीसी नेट दिसंबर 2026 परीक्षा का आयोजन 19, 22 और 27 दिसंबर को किया जाएगा।परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।विज्ञापनहालांकि, दी गई जानकारी में दूसरी पाली की अवधि दो घंटे बताई गई है, जबकि परीक्षा की कुल अवधि 180 मिनट लिखी गई है।इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा की सही अवधि और पाली से जुड़ी जानकारी आधिकारिक सूचना में जरूर जांच लेनी चाहिए।1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट csirnet.nta.nic.in पर जाएं।2. होमपेज पर सीएसआईआर यूजीसी नेट दिसंबर 2026 पंजीकरण लिंक पर क्लिक करें।3. मांगी गई जानकारी भरकर अपना पंजीकरण पूरा करें।4. पंजीकरण के बाद मिलने वाले नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।5. आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।6. जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।7. अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करें।8. फॉर्म सबमिट करने के बाद उसकी प्रति डाउनलोड कर लें और प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें।सीएसआईआर यूजीसी नेट परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में आयोजित की जाएगी। इसमें विज्ञान से जुड़े पांच प्रमुख विषय शामिल हैं। इनमें रासायनिक विज्ञान, पृथ्वी, वायुमंडलीय, महासागर और ग्रह विज्ञान, जीवन विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी, गणितीय विज्ञान और भौतिक विज्ञान शामिल हैं। उम्मीदवार आवेदन करते समय अपनी योग्यता और पसंद के अनुसार विषय का चयन करें। परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित विषय के पाठ्यक्रम और परीक्षा से जुड़े नियमों को भी ध्यान से देखना चाहिए।सीएसआईआर यूजीसी नेट दिसंबर परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को तय शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।अगर कोई उम्मीदवार 5 नवंबर के बाद आवेदन करता है, तो उसे सामान्य आवेदन शुल्क के अलावा 500 रुपये विलंब शुल्क भी देना होगा।भुगतान के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और यूपीआई जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।भुगतान पूरा होने के बाद उसकी रसीद और आवेदन फॉर्म की प्रति सुरक्षित रख लें।किसी तकनीकी परेशानी या भुगतान से जुड़ी दिक्कत होने पर उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।आवेदन करने से पहले उम्मीदवार अपनी शैक्षणिक जानकारी, व्यक्तिगत विवरण और अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों को अच्छी तरह जांच लें। फॉर्म जमा करने के बाद उसकी प्रति डाउनलोड करना न भूलें। आवेदन की अंतिम तारीख आज 5 नवंबर है, जबकि विलंब शुल्क के साथ आवेदन 9 नवंबर तक किया जा सकता है। परीक्षा 19, 22 और 27 दिसंबर को आयोजित होगी। परीक्षा केंद्र, प्रवेश पत्र और अन्य जरूरी निर्देशों से जुड़ी जानकारी के लिए उम्मीदवार नियमित रूप से एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 06:07 AM
ई-मेल से स्कूलों और मंदिरों में बम विस्फोटों की चेतावनी

ई-मेल से स्कूलों और मंदिरों में बम विस्फोटों की चेतावनी

नगर निगम के अधिकारिक मेल पर धमकी भरे ई-मेल में 8 नवंबर को स्कूलों और मंदिरों में बम धमाके की चेतावनी दी गई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया बीएचयू के केंद्रीय विद्यालय पहुंचे। प्रधानाचार्य से बातचीत की और सुरक्षा बढ़ाई। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय और सीएचएस के बारे में जानकारी मिली है। इसके बाद दोनों जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसकी सूचना लंका थाने पर भी दी गई है।विज्ञापननगर निगम को उड़ाने की धमकी के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पुलिस उच्चाधिकारियों के साथ ही सिगरा पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद निगम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, थानों की पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 05:58 AM
पश्चिम बंगाल सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और ड्रॉप सिंगूर अध्याय को शामिल करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में संशोधन किया

पश्चिम बंगाल सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और ड्रॉप सिंगूर अध्याय को शामिल करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में संशोधन किया

पश्चिम बंगाल की सरकार स्कूल के पाठ्यक्रम में बदलाव करने जा रही है। इसमें भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और उनके योगदान से जुड़े पाठ शामिल किया जाएगा। वहीं सिंगुर के अध्याय को हटाया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने बताया कि जनसंघ से जुड़े श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नए पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा, जबकि सिंगुर में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े अध्याय को हटाया जाएगा। बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि एक समिति द्वारा तैयार किए गए संशोधित पाठ्यक्रम में राज्य के इतिहास और यहां की प्रमुख हस्तियों पर अधिक जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर पाठ्यपुस्तक में श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र होगा, जिसमें उनके जीवन और योगदान का संक्षिप्त परिचय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कक्षा आठ के पाठ्यक्रम में शामिल सिंगुर आंदोलन वाले चैप्टर को हटा दिया गया है। इसके अलावा समिति ने कक्षा छह की पाठ्यपुस्तकों से 'कन्याश्री योजना' वाले अध्याय को भी हटाने की सिफारिश की है। यह योजना पिछली टीएमसी सरकार की एक प्रमुख 'कंडीशनल कैश ट्रांसफर' (शर्तों के साथ नकद हस्तांतरण) योजना थी। कक्षा पांच से कक्षा आठ तक के छात्रों के लिए 'सूचना और संचार प्रौद्योगिकी' को एक व्यवस्थित विषय के तौर पर शामिल किया जाएगा। इसका एक तय पाठ्यक्रम होगा। साथ ही, कक्षा सात और कक्षा आठ तक के लिए तीसरी भाषा की पाठ्यपुस्तकें भी शुरू की जाएंगी। मंत्री ने बताया कि हर पाठ्यपुस्तक की शुरुआत में 'वंदे मातरम' का पूरा पाठ छापा जाएगा। साथ ही, पाठ्यपुस्तकों में इस्तेमाल होने वाले कागज की गुणवत्ता में भी सुधार किया गया है। कक्षा नौ तक लागू 'नो-डिटेंशन' नीति को हटाने के सवाल पर बर्मन ने कहा कि इस पर चर्चा चल रही है और जल्द ही कोई फैसला आने की उम्मीद है। सरकार 2027 की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव करने पर भी विचार कर रही है, ताकि ये परीक्षाएं जनगणना के काम के साथ न टकराएं, जिसमें स्कूली शिक्षकों की तैनाती की जानी है। पश्चिम बंगाल: IT पार्क के बाद अब अपार्टमेंट के कमरे में कॉल सेंटर का खुलासा, 8 गिरफ्तार
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 05:40 AM
सी. एस. आई. आर. एन. ई. टी. जून (दिसंबर 2026) पंजीकरण की अंतिम तिथि आज; विलंब शुल्क विकल्प उपलब्ध

सी. एस. आई. आर. एन. ई. टी. जून (दिसंबर 2026) पंजीकरण की अंतिम तिथि आज; विलंब शुल्क विकल्प उपलब्ध

सीएसआईआर नेट जून (CSIR NET Dec 2026) एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन एवं फीस जमा करने की लास्ट डेट आज यानी 5 नवंबर 2026 निर्धारित है। ऐसे में जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं और किसी कारणवश अभी तक फॉर्म नहीं भर सके हैं वे बिना देरी करते हुए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। जो अभ्यर्थी आज रजिस्ट्रेशन एवं फीस जमा कर लेंगे वे फॉर्म को 6 नवंबर 2026 तक सबमिट कर पाएंगे। जो उम्मीदवार आज फीस जमा करके कल तक फॉर्म सबमिट नहीं कर पाएंगे उनको आवेदन का एक और मौका मिलेगा लेकिन इसके लिए उन्हें लेट फीस जमा करनी होगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से 7 से लेकर 9 नवंबर तक विंडो ओपन की जाएगी। इस दौरान आवेदन करने पर अभ्यर्थियों को 500 रुपये अतिरिक्त फीस जमा करनी होगी। सीएसआईआर नेट फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे भरा जा सकता है। आपकी सहूलियत के लिए आवेदन का लिंक एवं स्टेप्स नीचे दी जा रही हैं- CSIR NET December 2026 Application Form ब्रोशर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। पढ़ाई और एग्जाम के लिए फ्री पर्सनल कुंडली मार्गदर्शन — अभी जानें सीएसआईआर नेट दिसंबर एग्जाम में आवेदन के साथ जनरल श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों को 1150 रुपये, जनरल ईडब्ल्यूएस, ओबीसी (NCL) वर्ग को फीस 600 रुपये जमा करना होगा। एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी एवं थर्ड जेंडर वर्ग के लिए एप्लीकेशन फीस 325 रुपये निर्धारित है। सभी वर्ग के अभ्यर्थी जो लेट फीस के साथ आवेदन करेंगे उनको 500 अतिरिक्त का भुगतान करना होगा। दिसंबर सेशन में परीक्षा 5 विषयों के लिए आयोजित की जाएगी। यह विषय 1- रासायनिक विज्ञान, 2- पृथ्वी, वायुमंडलीय, महासागर और ग्रहीय विज्ञान 3. जीवन विज्ञान और जैव-प्रौद्योगिकी 4. गणितीय विज्ञान 5. भौतिक विज्ञान हैं। एग्जाम से जुड़ी अधिक डिटेल के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। यह भी पढ़ें- Agniveer: 75 फीसदी अग्निवीर सैनिकों को 2 साल का सेवा विस्तार, अब 6 साल होगा कार्यकाल
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Dainik Jagran
Nov 5, 2026, 05:28 AM
सीबीएसई 10वीं और 12वीं परीक्षा की डेटशीट 2027 जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है

सीबीएसई 10वीं और 12वीं परीक्षा की डेटशीट 2027 जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है

सीबीएससी बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र एवं छात्राओं की नजरे केवल बोर्ड परीक्षा की डेटशीट पर टिकी हुई है। तमाम मीडिया रिपोर्ट्रस की मानें तो बोर्ड द्वारा CBSE 10th 12th Datesheet 2027 का एलान इस सप्ताह या अगले सप्ताह तक किया जा सकता है। जो उम्मीदवार बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले हैं। वे जल्द ही CBSE की आधिकारिक पोर्टल के जरिये डेटशीट देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे। सीबीएसई की ओर से बहुत जल्द ही कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा डेटशीट का एलान किया जाएगा। छात्रों एवं अभिभावकों की मदद के लिए यहां सिर्फ 4 स्टेप्स में डेटशीट डाउनलोड करने के स्टेप्स बताए जा रहे हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी को बेहतर एवं आसान बनाने के लिए सीबीएसई ने अपने पोर्टल पर सैंपल पेपर की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है। ऐसे में जो छात्र एवं छात्राएं बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले हैं। वे सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर हर विषय के सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। सैंपल पेपर को हल करने से छात्रों को परीक्षा के स्वरूप को समझने में मदद मिलेगी। साथ ही वह परीक्षा के लिए समय प्रबंधन भी कर सकेंगे। पढ़ाई और एग्जाम के लिए फ्री पर्सनल कुंडली मार्गदर्शन — अभी जानें सीबीएसई की ओर से प्रैक्टिकल और बोर्ड परीक्षा तिथि से संबंधित फिलहाल कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। लेकिन पिछले कुछ सालों के ट्रेंड को देखें तो प्रैक्टिकल परीक्षा जनवरी माह से शुरू हो सकती है। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षा फरवरी माह से लेकर अप्रैल माह तक आयोजित कराई जाएगी। RBSE Board Date sheet 2027: राजस्थान बोर्ड और प्रैक्टिकल परीक्षा कब होगी शुरू? क्लास 10th-12th के लिए डेटशीट जल्द आने की उम्मीद
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Nov 5, 2026, 05:20 AM
उत्तर प्रदेश ने सरकारी शिक्षक भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता में ढील दी

उत्तर प्रदेश ने सरकारी शिक्षक भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता में ढील दी

उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं और बीएड-डीएलएड उम्मीदवारों के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने एक बहुत बड़ी राहत दी है. आयोग ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित ग्रेजुएट टीजीटी-सहायक अध्यापक के पदों पर होने वाली भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता में बड़ा बदलाव किया है. नए आदेश के तहत आयोग ने कुछ खास कैटेगरी के उम्मीदवारों को स्नातक स्तर पर न्यूनतम अंकों की अनिवार्य शर्त जैसे ग्रेजुएशन में 50% या पोस्ट ग्रेजुएशन में 45% अंक से पूरी तरह छूट दे दी है. इस फैसले से उन उम्मीदवारों को विशेष फायदा मिलेगा जो न्यूनतम अंकों की बाध्यता के कारण आवेदन को लेकर कन्फ्यूजन में थे. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव डॉ. संजय कुमार सिंह की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह विशेष छूट हर उम्मीदवार पर लागू नहीं होगी. बल्कि इसके लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है. जिन उम्मीदवारों ने 29 जुलाई 2011 या उससे पहले बीएड, डीएलएड या प्रारंभिक शिक्षा में स्नातक जैसे शिक्षक-प्रशिक्षण प्रोग्राम में एडमिशन लिया था, उन्हें इस नियम से छूट दी जाएगी. वहीं ऐसे पुराने ट्रेनी उम्मीदवारों को ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएशन में अगर निर्धारित न्यूनतम प्रतिशत से कम भी है, तब भी उन्हें केवल इस आधार पर अपात्र नहीं माना जाएगा. वह टीजीटी भर्ती के लिए पूरी तरह योग्य माने जाएंगे. आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल न्यूनतम अंकों के संदर्भ में है. इसके अलावा भर्ती के लिए दूसरी सभी जरूरी शैक्षणिक और पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज की ओर से विज्ञापन संख्या 07/2026 के अंतर्गत प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के कुल 17,735 पदों पर भर्तियां निकाली गई है. इन कुल पदों में 16,193 पद बालक विद्यालयों के हैं, जबकि 1542 पद बालिका विद्यालयों के लिए आरक्षित है. इस भर्ती के तहत हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक-विज्ञान, संस्कृत और दूसरे प्रमुख विषयों के शिक्षकों का चयन किया जाएगा. विषयवार रिक्तियों का ब्यौरा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध विज्ञापन में दिया गया है. कविता एबीपी नेटवर्क नोएडा के साथ बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही है. वर्तमान में कविता का मुख्य फोकस शिक्षा, करियर और नौकरी से जुड़ी खबरों पर रहता है. करीब 3.5 साल से पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी कव‍िता एबीपी नेटवर्क से पहले राजस्थान पत्रिका में काम कर चुकी है. यहां उन्होंने नेशनल एडिशन और अलग-अलग सप्लीमेंट्स के लिए काम किया. राजस्थान पत्रिका में करियर की उड़ान और सी न्यूज जैसे कॉलम वह कवर करती थी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन की बारीकियों को समझने का अनुभव दिया. वहीं पत्रकारिता के अलावा कविता की खास रुचि खेल, विशेष रूप से क्रिकेट में है. राजस्थान पत्रिका में रहते हुए कविता ने मदर्स डे स्पेशल स्पोर्ट्स एडिशन में भी काम किया है. पढ़ाई की बात करें तो कविता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की.
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Nov 5, 2026, 05:03 AM
भारत की संविदात्मक भर्ती परीक्षा संपन्न; प्रतिक्रिया पत्रक और उत्तर कुंजी जारी

भारत की संविदात्मक भर्ती परीक्षा संपन्न; प्रतिक्रिया पत्रक और उत्तर कुंजी जारी

उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, संविदा भर्ती परीक्षा 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक विभिन्न पालियों में आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 34 हजार 604 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 28 हजार 535 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार परीक्षा में 82.46 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी अनुसार 4 नवंबर को दोपहर 2.30 बजे परीक्षा संपन्न होने के बाद सभी विषयों के परीक्षार्थियों की रिस्पॉन्स शीट 5 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://eduportal.cg.nic.in पर अपलोड कर दी जाएगी।विज्ञापनहर अभ्यर्थी अपने लॉग इन आईडी से अपने दिए गए उत्तर और उस प्रश्न पत्र के सही का मिलान वेबसाइट पर उपलब्ध रिस्पॉन्स शीट एवं उत्तर कुंजी का मिलान कर सकेंगे। परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक प्रदान किया जाएगा, जबकि गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की कटौती की जाएगी।यदि अनुत्तरित प्रश्न होने पर शून्य अंक प्रदान किया जाएगा ।विज्ञापनलोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, उत्तर पुस्तिका में किसी प्रश्न के सही उत्तर से असहमति होने पर अभ्यर्थी 5 नवंबर को दोपहर 12 बजे से 8 नवंबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन दावा-आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://eduportal.cg.nic.in पर उपलब्ध विकल्प का उपयोग करना होगा। उत्तर पुस्तिका देखने और उत्तर कुंजी पर आपत्ति के विकल्प की सूचना सभी परीक्षार्थियों को ई-मेल, एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि अभ्यर्थी की आपत्ति सही पाई जाती है, तो संबंधित प्रश्न का आपत्ति शुल्क वापस कर दिया जाएगा, अन्यथा जमा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि सभी परीक्षार्थी यदि वह पोर्टल में दिए गए सही उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं तो निर्धारित समय में उत्तर कुंजी पर आपत्ति का विकल्प दर्ज करें। उत्तर कुंजी की आपत्ति का समाधान करने के बाद संबंधित परीक्षार्थियों के प्राप्तांक को सुधारा जाएगा। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन किसी भी माध्यम से प्राप्त दावा-आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 04:38 AM
उच्च न्यायालय ने स्कूल प्रबंधन को दस्तावेज उपलब्ध कराने या देरी के बारे में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया

उच्च न्यायालय ने स्कूल प्रबंधन को दस्तावेज उपलब्ध कराने या देरी के बारे में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया

उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने यह भी आदेश दिया है कि यदि स्कूल प्रबंधन निर्धारित समय में दस्तावेज प्रदान करने में असमर्थ रहता है, तो उसे इसी समय-सीमा के अंदर इसके पीछे के ठोस कारणों की विस्तृत जानकारी भी छात्र को देनी होगी।विज्ञापनये भी पढ़ें-मध्य प्रदेश: स्कूली वाहनों में बच्चों को भूसे की तरह भरा जा रहा, हाईकोर्ट ने ओवरलोडिंग पर प्रशासन को फटकाराविज्ञापनयह महत्वपूर्ण निर्देश न्यायालय के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ द्वारा आनंद कॉलोनी, बलदेवबाग निवासी छात्र शिवराज त्रिपाठी की ओर से प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए गए। याचिका में छात्र ने स्कूल प्रबंधन के उदासीन रवैये को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने छात्र के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और विस्तृत सुनवाई के लिए अदालत ने 19 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता छात्र का पक्ष अधिवक्ता राजेश चंद और अधिवक्ता रोहित नानेपाग ने प्रभावी ढंग से रखा। वकीलों ने अदालत के समक्ष दलील दी कि छात्र ने कक्षा सातवीं तथा आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद स्कूल प्रशासन से अपनी दोनों वर्षों की अंकसूचियों और स्थानांतरण प्रमाणपत्र की मांग की थी। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने उसे आवश्यक दस्तावेज प्रदान नहीं किए।दस्तावेज न मिलने के कारण छात्र को विवश होकर न्याय के लिए न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। इसके अतिरिक्त याचिका में स्कूल की मान्यता और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से उसकी संबद्धता से जुड़े दस्तावेज पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रारंभिक पक्षों को सुनने के बाद एकलपीठ ने समयबद्ध निर्देश जारी कर दिए।
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Nov 5, 2026, 04:24 AM
क्यू. एस. विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग एशिया 2027 में भारत दूसरे स्थान पर

क्यू. एस. विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग एशिया 2027 में भारत दूसरे स्थान पर

भारत ने उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. 3 नवंबर 2026 को जारी QS वर्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2027 में भारत के कुल 325 विश्वविद्यालयों को जगह मिली है. इस मामले में भारत एशिया में दूसरे स्थान पर है. पिछले साल इस रैंकिंग में भारत के 294 संस्थान शामिल थे. इस बार 34 नए संस्थानों ने जगह बनाई है. खास बात यह है कि रिसर्च पेपर प्रकाशित करने और पीएचडी डिग्री वाले शिक्षकों के मामले में भारतीय विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है. रिसर्च पेपर प्रति फैकल्टी के मामले में भारत एशिया में सबसे आगे है. इस कैटेगरी में भारत के 27 विश्वविद्यालय एशिया के टॉप 50 में शामिल हैं. वहीं, पांच भारतीय संस्थानों ने टॉप 10 में जगह बनाई है. इसमें IISc बेंगलुरु पहले, IIT मद्रास तीसरे, IIT दिल्ली सातवें, IIT रुड़की आठवें और IIT रोपड़ नौवें स्थान पर है. खास बात यह है कि IISc बेंगलुरु ने इस कैटेगरी में पूरे एशिया में पहला स्थान हासिल किया है. यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय संस्थानों में रिसर्च और नए विषयों पर काम करने की क्षमता लगातार मजबूत हो रही है. रिसर्च के साथ-साथ पीएचडी डिग्री रखने वाले शिक्षकों के मामले में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है. QS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कैटेगरी में भारत के 15 विश्वविद्यालय एशिया में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं. वहीं, 47 भारतीय संस्थानों को इस इंडिकेटर के टॉप 100 में जगह मिली है. किसी विश्वविद्यालय में योग्य और अनुभवी शिक्षकों की मौजूदगी पढ़ाई के स्तर के साथ रिसर्च को भी बेहतर बनाने में मदद करती है. ऐसे में इस कैटेगरी में भारत का प्रदर्शन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है. ओवरऑल रैंकिंग में IIT दिल्ली भारत का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला संस्थान है. इसे एशिया में 66वां स्थान मिला है. इसके बाद IISc बेंगलुरु 79वें, IIT बॉम्बे 83वें, IIT मद्रास 85वें, IIT खड़गपुर 90वें और IIT कानपुर 97वें स्थान पर है. यानी रिसर्च के कुछ मानकों पर भारत आगे है. दीनदयाल पाटीदार एबीपी लाइव में कार्यरत हैं. एजुकेशन बीट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह स्कूल और यूनिवर्सिटी एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजों, सरकारी भर्तियों, स्कॉलरशिप और शिक्षा से जुड़ी नीतियों पर नियमित तौर पर खबरें लिखते हैं, ताकि छात्रों और अभिभावकों तक सही, सटीक और समय पर जानकारी पहुंच सके. उनकी कोशिश रहती है कि जटिल से जटिल सरकारी नियम और शैक्षणिक अपडेट भी पाठकों तक आसान और समझने लायक भाषा में पहुंचे. एबीपी लाइव में आने से पहले दीनदयाल पाटीदार अपनी यूनिवर्सिटी की मीडिया टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जहां उन्होंने कैंपस से जुड़ी खबरों, इवेंट्स और एकेडमिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग और कवरेज की जिम्मेदारी निभाई. इसी दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, न्यूज राइटिंग की बारीकियां और खबरों को सही फॉर्मेट व भाषा में पेश करने का हुनर सीखा, जो आज उनकी पत्रकारिता का अहम हिस्सा हैं. पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने मंदसौर यूनिवर्सिटी, मंदसौर से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीए-जेएमसी) में स्नातक की पढ़ाई की है. वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले हैं.
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Aaj Tak
Nov 5, 2026, 04:12 AM
पश्चिम बंगाल के स्कूल पाठ्यक्रम परिवर्तनों में राज्य के इतिहास और व्यक्तित्व पर जोर देंगे

पश्चिम बंगाल के स्कूल पाठ्यक्रम परिवर्तनों में राज्य के इतिहास और व्यक्तित्व पर जोर देंगे

पश्चिम बंगाल के स्कूलों में अब राज्य के इतिहास और प्रमुख हस्तियों से जुड़े पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा. राज्य सरकार ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान को स्कूली किताबों में शामिल करने का फैसला किया है. वहीं, आठवीं कक्षा की किताब से सिंगूर भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़ा अध्याय को हटा दिया जाएगा. इसे लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने जानकारी दी है. इस मामले पर जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने बताया कि पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए गठित समिति ने नई सिफारिशें दी हैं. इसके तहत श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान का संक्षिप्त परिचय हर पाठ्यपुस्तक में शामिल किया जाएगा. सरकार का कहना है कि नए पाठ्यक्रम में पश्चिम बंगाल के इतिहास और राज्य की प्रमुख हस्तियों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा. पाठ्यक्रम में बदलाव के तहत आठवीं कक्षा की किताब से सिंगूर भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़ा अध्याय हटाया जाएगा. इसके अलावा छठी कक्षा की पाठ्यपुस्तक से कन्याश्री योजना पर आधारित अध्याय हटाने की भी सिफारिश की गई है. कन्याश्री योजना पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल रही है. इसके तहत लड़कियों की शिक्षा जारी रखने और कम उम्र में शादी रोकने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता दी जाती है. नई व्यवस्था के तहत 5वीं से 8वीं कक्षा तक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) को एक व्यवस्थित विषय के रूप में छात्रों को पढ़ाया जाएगा. इसके लिए अलग पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा. इसके अलावा सातवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तीसरी भाषा की पाठ्यपुस्तकें भी शुरू की जाएंगी. शिक्षा मंत्री के मुताबिक, सभी पाठ्यपुस्तकों की शुरुआत में 'वंदे मातरम्' के पूरे पाठ को भी छापा जाएगा. किताबों में इस्तेमाल होने वाले कागज की गुणवत्ता में भी सुधार किया गया है. कक्षा नौ तक लागू नो-डिटेंशन पॉलिसी को खत्म करने के प्रस्ताव पर भी सरकार विचार कर रही है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर चर्चा जारी है और जल्द फैसला लिया जा सकता है. पश्चिम बंगाल सरकार 2027 की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव पर भी खास विचार कर रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि जनगणना की प्रक्रिया है, जिसमें स्कूल शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है. पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) ने दसवीं की माध्यमिक परीक्षा 2 से 16 मार्च 2027 के बीच कराने का प्रस्ताव दिया है. पहले ये परीक्षाएं 15 से 25 फरवरी के बीच होनी थीं. वहीं, पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (WBCHSE) चौथे सेमेस्टर की उच्च माध्यमिक परीक्षा 16 मार्च के बाद कराने का प्रस्ताव दे सकती है. पहले इसके 22 जनवरी से 23 फरवरी के बीच आयोजित होने की संभावना जताई गई थी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार को दोनों बोर्डों के प्रस्ताव मिल गए हैं. संशोधित परीक्षा तारीखों की घोषणा अगले सप्ताह तक की जा सकती है.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:24 AM
भारत सरकार ने विभिन्न विभागों में अधिकारियों को नियुक्त किया

भारत सरकार ने विभिन्न विभागों में अधिकारियों को नियुक्त किया

अधिसूचना के अनुसार, संयुक्त सचिव भवन निर्माण विभाग के पद पर अनुप गर्ग को पदस्थापित किया गया है। वहीं, अवर सचिव वित्त विभाग के रूप में सिद्धांत कुमार की तैनाती की गई है। अवर सचिव कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग का प्रभार आनंद शर्मा को मिला है।विज्ञापनविज्ञापनइसके अतिरिक्त, अवर सचिव अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पद पर नाजिश उमर अंसारी को नियुक्त किया गया है। अवर सचिव ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी हिमांशु लाल को मिली है। अवर सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के पद पर दीप्ति रोहिला की तैनाती हुई है, जबकि अवर सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के रूप में कृति कामना को पदस्थापित किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन तैनातियों से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 02:22 AM
डी. ए. डी. उम्मीदवारों ने नियुक्ति की तारीखों की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री के बंगले पर कब्जा कर लिया

डी. ए. डी. उम्मीदवारों ने नियुक्ति की तारीखों की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री के बंगले पर कब्जा कर लिया

मामले में पुलिस अभ्यर्थियों को बंगले से जाने के लिये समझाइश देती रही। उनका कहना है कि आप बिना अनुमति के सुबह-सुबह किसी के घर में घुसकर प्रदर्शन नहीं कर सकते। दूसरी ओर डीएड अभ्यर्थी बंगले से नहीं जाने के लिये अड़े हुए हैं। डीएड अभ्यर्थी मूरली चंद्रवंशी और भूपेंद्र ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर शिक्षा मंत्री से फरियाद लगाने के लिये आये हैं। जब तक सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक वे बंगले से नहीं उठेंगे। सुबह छह से डीएड अभ्यर्थी मंत्री के बंगले पर बैठे हुए हैं।विज्ञापनबता दें कि 2300 पदों पर सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी पिछले दस महीने से तूता धरना स्थल नवा रायपुर में आमरण अनशन कर रहे हैं। आज इसी क्रम में शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव किया है। पिछले 321 दिनों से आंदोलनरत डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक वे बंगले से नहीं उठेंगे।विज्ञापनहाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन, महिला सशक्तिकरण के दावों और दीपावली के पर्व पर भी धरने में बैठी छत्तीसगढ़ की बेटियों के संघर्ष से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।सहायक शिक्षक के 2316 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ डीएड अभ्यर्थी 316 दिन से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक नियुक्ति नहीं हुई है। जबकि इन पदों के लिये काउंसिलिंग भी हो चुकी है। इसके बाद भी अभी तक इन पदों पर सहायक शिक्षकों को पदस्थ नहीं किया गया है।अमर उजाला से खास चर्चा में इन अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रदर्शन करते हुए दस महीने हो गये हैं। रायपुर में आत्मदाह के प्रयास के दौरान उन्हें 'शातिर' कैदियों के साथ चार दिनों तक रायपुर सेंट्रल जेल में रखा गया। इस पुलिसिया कार्रवाई से समाज के लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कानाफूसी और तानों से जीना दूभर हो गया है। सामाजिक तानें-बानें सुनने पड़ रहे हैं। पड़ोसी चुटकी ले रहे हैं। टिका टिप्पणी कर रहे हैं। जेल में रहने की वजह से हमारी शादी नहीं हो पा रही है। लगन लगकर कट जा रहे हैं। शादी की उम्र हो गई पर शादी नहीं हो रही है। ये पीड़ा है छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के तूता धरना स्थल में आमरण अनशन पर बैठे हुए डीएड अभ्यर्थियों का।
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Nov 5, 2026, 01:59 AM
उत्तर प्रदेश के मंत्री संदीप सिंह की शादी स्कूल की प्रेमिका मेघना चौधरी से होगी

उत्तर प्रदेश के मंत्री संदीप सिंह की शादी स्कूल की प्रेमिका मेघना चौधरी से होगी

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह 14 नवंबर को अपनी मंगेतर मेघना चौधरी के साथ सगाई करेंगे. सगाई अलीगढ़ में होगी. इसको लेकर नाते रिश्तेदारों और करीबियों में निमंत्रण बाटे जा रहे है. खास बात यह है कि संदीप सिंह के छोटे भाई सौरभ सिंह की भी इसी दिन सगाई होगी. संदीप सिंह और उनकी होने वाली मंगेतर मेघना चौधरी की पहली मुलाकात स्कूल में हुई थी. दोनों अलीगढ़ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में पढ़ते थे. स्कूल में संदीप सिंह मेघना के सीनियर थे. स्कूल से शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. इसके बाद संदीप सिंह ने 2012 में 12वीं पास करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था. वहीं, मेघना आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चली गईं और कानून की पढ़ाई की. दोनों के बीच दूरी जरूर बढ़ी, लेकिन संपर्क नहीं टूटा. फोन और मैसेज के जरिए बातचीत जारी रही. पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक 2024 में संदीप सिंह के परिवार को इस रिश्ते की जानकारी हुई. इसके बाद परिवार मेघना के परिजनों से मिलने गाजियाबाद पहुंचा. रिश्ता तय होने से पहले परिवार के एक सदस्य के विरोध के कारण बात अटक गई. संदीप सिंह ने परिवार को मनाने की कोशिश जारी रखी. आखिरकार दोनों परिवार शादी के लिए राजी हो गए. मेघना का पैतृक गांव अलीगढ़ की इगलास विधानसभा क्षेत्र के गोंडा ब्लॉक का तारापुर है. उनका परिवार पिछले करीब 15 साल से गाजियाबाद के लाजपत नगर में रह रहा है. मेघना के पिता अरुण चौधरी ठेकेदारी के साथ जूते का कारोबार करते हैं. गाजियाबाद में उनकी दुकान भी है. उनकी मां का नाम विजय चौधरी है। मेघना के एक छोटे भाई करन चौधरी हैं. सगाई के कार्ड के मुताबिक, संदीप सिंह की सगाई मेघना चौधरी से होगी. वहीं छोटे भाई सौरभ सिंह की रिंग सेरेमनी अंतरा त्यागी के साथ होगी. अंतरा, अनुराधा और देवेश त्यागी की बेटी हैं. दोनों भाइयों की सगाई का कार्यक्रम अलीगढ़ के तालानगरी में संत फिदेलिस स्कूल के पास मैदान में आयोजित किया जाएगा. फिलहाल शादी की तारीख तय नहीं हुई है. निखिल साहू (Nikhil sahu) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीते 8 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं. पत्रकारिता में स्नातक किया है. 6 वर्षों का प्रिंट मीडिया का अनुभव है. जिसमें दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम, 4पीएम और स्वतंत्र प्रिंट शामिल है. डिजिटल मीडिया में गहरी पकड़ है, राजनीति, क्राइम, डेवलपमेंट और स्वास्थ की खबरों पर खास पकड़ है. ग्राउंड-जीरो रिपोर्टिंग का अनुभव है.
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Nov 5, 2026, 01:29 AM
एन. टी. ए. ने अखिल भारतीय सैनिक विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की

एन. टी. ए. ने अखिल भारतीय सैनिक विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की

अगर आप भी अपने बच्चों को सैनिक स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, तो आपके लिए एक काम की खबर आई है. दरअसल एनटीए ने शैक्षणिक सत्र 2027 के लिए ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जामिनेशन की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. देश भर के 33 मौजूदा सैनिक स्कूलों के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय की ओर से अनुमोदित नए सैनिक स्कूलों की कक्षा 6 और 9वीं में एडमिशन पाने के लिए योग्य छात्र के माता-पिता एनटीए के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. बिना किसी लेट फीस के ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 2 दिसंबर 2026 रात 11:50 बजे तक निर्धारित की गई है. सैनिक स्कूलों में एडमिशन के लिए छात्रों की उम्र की गणना 31 मार्च 2027 के आधार पर की जाएगी. कक्षा 6 के लिए छात्र का जन्म 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2017 के बीच होना चाहिए. वही छात्र का कक्षा 5 में अध्ययन या पास होना अनिवार्य है. वहीं कक्षा 9 के लिए उम्मीदवार का जन्म 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2014 के बीच होना चाहिए. प्रवेश के समय छात्र किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से कक्षा 8वीं में पास होना चाहिए. नए सैनिक स्कूल में एडमिशन के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई है. इसमें पहली कैटेगरी ए है. इस कोटे के तहत देश भर के किसी भी स्कूल के योग्य छात्र आवेदन कर सकते हैं. वहीं इसमें एडमिशन ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर होगा. इस कैटेगरी में 40% सीटों का नियम है. कैटेगरी बी में 60% सीटों का नियम है. इस कोटे का लाभ केवल उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जो पहले से ही उस नए शैक्षणिक स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. अगर यह सीटें खाली रहती है, तो इन्हें कैटेगरी ए के तहत भरा जाएगा. AISSEE सैनिक स्कूल में आवेदन करने के लिए जनरल, ओबीसी, एनसीएल, डिफेंस और एक्स सर्विस मैन कैटेगरी की उम्मीदवारों को 850 रुपये जमा करने होंगे. वहीं एससी और एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए यह फीस 700 रुपये रखी गई है. वहीं तय समय के बाद आवेदन करने पर 500 रुपये की एक्स्ट्रा लेट फीस लगेगी. कक्षा 6 की परीक्षा पेन पेपर मोड में होगी. वहीं इसमें कुल 125 एमसीक्यू सवाल पूछे जाएंगे. यह परीक्षा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी, जबकि कक्षा 9 की परीक्षा 180 मिनट की होगी. जिसमें 150 सवाल पूछे जाएंगे. कक्षा 9 की प्रवेश परीक्षा केवल अंग्रेजी माध्यम में ही आयोजित होगी. कविता एबीपी नेटवर्क नोएडा के साथ बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही है. वर्तमान में कविता का मुख्य फोकस शिक्षा, करियर और नौकरी से जुड़ी खबरों पर रहता है. करीब 3.5 साल से पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी कव‍िता एबीपी नेटवर्क से पहले राजस्थान पत्रिका में काम कर चुकी है. यहां उन्होंने नेशनल एडिशन और अलग-अलग सप्लीमेंट्स के लिए काम किया. राजस्थान पत्रिका में करियर की उड़ान और सी न्यूज जैसे कॉलम वह कवर करती थी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन की बारीकियों को समझने का अनुभव दिया. वहीं पत्रकारिता के अलावा कविता की खास रुचि खेल, विशेष रूप से क्रिकेट में है. राजस्थान पत्रिका में रहते हुए कविता ने मदर्स डे स्पेशल स्पोर्ट्स एडिशन में भी काम किया है. पढ़ाई की बात करें तो कविता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की.
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:16 AM
जॉर्जिया में सिख उम्मीदवार जोट सिंह ने चुनाव जीता, समुदाय ने मनाया जश्न

जॉर्जिया में सिख उम्मीदवार जोट सिंह ने चुनाव जीता, समुदाय ने मनाया जश्न

जॉर्जिया के नॉरक्रॉस में एक मेहनती प्रवासी सिख परिवार में पले-बढ़े जोत सिंह का यह सफर भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार यासीन मोगाजी को पराजित किया। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार जोत सिंह को 68 प्रतिशत, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 32 प्रतिशत मत मिले। उनकी जीत के बाद नॉरक्रॉस स्थित गुरु नानक मिशन सोसाइटी में सिख समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों के साथ खुशी मनाई।विज्ञापनजोत सिंह ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान सिख इतिहास और परंपराओं का उल्लेख करते हुए अत्याचार, अन्याय और दमन के खिलाफ आवाज उठाने की भावना को सार्वजनिक जीवन का मार्गदर्शक बताया था। उनका चुनावी एजेंडा स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, शिक्षा, महंगाई और प्रवासी तथा कामकाजी परिवारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा।विज्ञापनइस ऐतिहासिक जीत पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने भी जोत सिंह को बधाई दी है। जत्थेदार ने उन्हें अमृतसर स्थित सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष निमंत्रण भेजा है। इससे सिख समुदाय में उनकी उपलब्धि को लेकर खुशी और उत्साह है।येल विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके जोत सिंह की सफलता अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। उनकी जीत इस बात का संकेत है कि प्रवासी भारतीय अपनी मेहनत, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी के दम पर अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण स्थान बना रहे हैं। अब विधानसभा में उनकी भूमिका पर सभी की निगाहें रहेंगी और उम्मीद की जा रही है कि वह अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उठाने के साथ सभी समुदायों के हितों के लिए काम करेंगे।
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Amar Ujala
Nov 5, 2026, 01:13 AM
दो उच्च पदस्थ अधिकारियों ने प्रशासनिक भूमिकाएँ छोड़ दींः रोमन सैनी और अभिषेक तिवारी के आश्चर्यजनक निर्णय

दो उच्च पदस्थ अधिकारियों ने प्रशासनिक भूमिकाएँ छोड़ दींः रोमन सैनी और अभिषेक तिवारी के आश्चर्यजनक निर्णय

ये भी पढ़ें-कौन हैं IPS अनुराग सुजानिया?: नौकरी छोड़कर चर्चा में आए, मुरैना-सागर शराब कांड से क्या है नाता?विज्ञापनइस सूची में सबसे चर्चित नाम रोमन सैनी का है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल की थी। मध्यप्रदेश कैडर मिलने के बाद उनकी जबलपुर में सहायक कलेक्टर के रूप में पहली पोस्टिंग हुई। हालांकि, उन्होंने शुरुआती कार्यकाल में ही आईएएस की नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद दिसंबर 2015 में अपने मित्र गौरव मुंजाल और हिमेश सिंह के साथ मिलकर ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म अनएकेडमी को आगे बढ़ाया। आज वे इसके सह-संस्थापक के रूप में पहचाने जाते हैं। यानी जिस प्रशासनिक सेवा में पहुंचने के लिए लाखों युवा प्रयास करते हैं, उसे छोड़कर सैनी ने शिक्षा के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम बनाया।विज्ञापनये भी पढ़ें-त्विषा शर्मा केस: पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को झटका, हाईकोर्ट ने जमानत याचिका कर दी खारिजमध्यप्रदेश कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने भी जनवरी 2026 में सरकारी सेवा से अलग होने का फैसला किया। उस समय वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) में पदस्थ थे। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगी थी। तिवारी का नाम नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय काम के लिए भी चर्चा में रहा है। बालाघाट में एसपी रहते हुए उनकी भूमिका के लिए उन्हें दो बार राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक मिला था। तिवारी ने साइबर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने के लिए वीआरएस लिया।ये भी पढ़ें-निवाड़ी की जैरोन खालसा नगर परिषद अध्यक्ष को हटाने के लिए 61.52% मतदान, 6 नवंबर को आएगा फैसलाअभिषेक तिवारी और अनुराग सुजानिया के मामलों में एक समानता सागर जिले से जुड़ी है। दोनों वहां एसपी रह चुके हैं। तिवारी के कार्यकाल के दौरान स्कूल की दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत की घटना के बाद उन्हें सागर से हटाया गया था। वहीं, सुजानिया के कार्यकाल में सितंबर 2026 में बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया। इसके बाद 27 अक्टूबर को उन्हें सागर एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में एआईजी बनाया गया। महज चार दिन बाद 2 नवंबर को उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। उनका इस्तीफा अभी शासन की स्वीकृति की प्रक्रिया में है। डीजीपी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर गृह विभाग को भेज दिया है। अब गृह विभाग इस मामले में अपनी अनुशंसा तैयार कर मुख्य सचिव के सामने रखेगा। इसके बाद इस्तीफे से जुड़ी फाइल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाएगा। बता दें कि सरकार ने 27 अक्टूबर को सुजानिया को सागर पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी से हटाकर पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया था। इस तबादले के कुछ दिन बाद ही उन्होंने निजी कारण से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल इस्तीफे पर सरकार की अंतिम मुहर लगना बाकी है।
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Amar Ujala
Nov 4, 2026, 09:10 PM
अंबाला ने छात्रों के लिए विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया

अंबाला ने छात्रों के लिए विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया

अंबाला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबाला के तत्वावधान में बुधवार को सेसिल कॉन्वेंट जूनियर स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को बाल सुरक्षा कानूनों और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करना था। शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव गीतांजलि गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। पैनल अधिवक्ता सारू जस्सी ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, गुड टच और बेड ट के अंतर तथा आपात स्थिति में चुप न रहने के उपायों की जानकारी दी। साथ ही, नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी शंकाओं का समाधान भी किया। संवाद
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Amar Ujala
Nov 4, 2026, 09:09 PM
हरियाणा ने छात्रों और अभिभावकों के लिए'एक दीप विद्यालय के नाम'कार्यक्रम शुरू किया

हरियाणा ने छात्रों और अभिभावकों के लिए'एक दीप विद्यालय के नाम'कार्यक्रम शुरू किया

अंबाला। हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में दिवाली के अवसर पर एक अनूठी पहल शुरू की जा रही है।हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने ‘’एक दीप विद्यालय के नाम’’ कार्यक्रम की घोषणा की है। इसके तहत 7 नवंबर को शाम 5 बजे छात्र और उनके अभिभावक अपने स्थानीय स्कूलों में दीप प्रज्वलित करेंगे। स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालय परिसर में दीप जलाने के लिए सुरक्षित स्थान का चयन करें। उन्हें बच्चों और अभिभावकों को कार्यक्रम के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए प्रेरित करना होगा।
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