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Feb 4, 2026, 05:23 AM
यू. जी. सी. एन. ई. टी. दिसंबर 2025 के परिणाम आज आने की उम्मीदः यहां देखें अपने अंक

यू. जी. सी. एन. ई. टी. दिसंबर 2025 के परिणाम आज आने की उम्मीदः यहां देखें अपने अंक

UGC NET December परीक्षा में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों का इंतजार आज खत्म हो सकता है. बताया जा रहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से UGC NET दिसंबर 2025 के नतीजे जारी किए जा सकते हैं. एजेंसी की ओर से आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे. यूजीसी नेट दिसंबर परीक्षा का आयोजन 31 दिसंबर से 7 जनवरी 2026 के बीच किया गया था. एजेंसी ने कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कई शिफ्ट में 85 विषयों के लिए परीक्षा का आयोजन किया था. हालांकि, अभी एनटीए की ओर से रिजल्ट जारी होने के टाइम की जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में माना जा रहा है कि बुधवार को कभी भी परीक्षा के रिजल्ट जारी किए जा सकते हैं. परीक्षा के नतीजे जारी होने के बाद उम्मीदवार Application Number और डेट ऑफ बर्थ के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं. रिजल्ट के बाद क्या करना होगा? बता दें कि जो उम्मीदवार जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए क्वालिफाई करते हैं, उन्हें फेलोशिप का फायदा उठाने के लिए तीन साल के अंदर PhD प्रोग्राम में एडमिशन लेना होगा. एक बार एनरोल होने के बाद, वे UGC के नियमों के अनुसार फाइनेंशियल सपोर्ट के लिए एलिजिबल होंगे. जो लोग असिस्टेंट प्रोफेसर एलिजिबिलिटी के लिए NET क्लियर करते हैं, वे उन यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में टीचिंग पोजीशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं जो NET को क्वालिफाइंग क्राइटेरिया मानते हैं.
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Feb 4, 2026, 03:52 AM
राजस्थान के रेगिस्तानी जिलों में पढ़ाई छोड़ने की दर खतरनाकः शिक्षा में संकट

राजस्थान के रेगिस्तानी जिलों में पढ़ाई छोड़ने की दर खतरनाकः शिक्षा में संकट

जयपुर:राजस्थान के धोरों से एक ऐसी खबर आई है जो राज्य के विकास पर सवालिया निशान लगा रही है। जैसलमेर और बाड़मेर के रेगिस्तानी जिलों में पिछले पांच सालों में स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की दर में भारी उछाल आया है। यह खुलासा हाल ही में संसद में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों से हुआ है, जिसने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। यूपीएससी टॉपर और चर्चित आईएएस टीना डाबी पिछले कई सालों से रेगिस्तानी जिलों की कमान संभाल रही हैं। वह बाड़मेर जिले की कलेक्टर हैं और इससे पहले जैसलमेर में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, लेकिन उसके बाद भी मौजूदा स्थिति चौंकाने वाली है।प्राइमरी से आगे नहीं बढ़ पा रहे कदमलोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों जिलों में प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर के बीच 26.4% छात्रों ने स्कूल को अलविदा कह दिया। सबसे चिंताजनक स्थिति जैसलमेर की है, जहां कुल ड्रॉपआउट दर 30.9% तक पहुंच गई है। इसमें सेकेंडरी लेवल पर शिक्षा छोड़ने वालों का प्रतिशत 15.3% है। वहीं, बाड़मेर में यह दर 21.3% दर्ज की गई है।सिर्फ गरीबी नहीं, सुविधाओं का 'अकाल' है जिम्मेदारबाड़मेर के सांसद ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ गरीबी को दोष देना गलत होगा। असल समस्या खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की भारी कमी है। कई स्कूलों के पास न तो अपनी इमारत है, न शौचालय और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था। इसके अलावा, रेगिस्तानी इलाकों में स्कूलों की दूरी और ट्रांसपोर्ट सुविधा का न होना भी बड़े कारण हैं। जब छात्र प्राइमरी से मिडिल या सेकेंडरी स्कूल की ओर बढ़ता है, तो स्कूल की दूरी बढ़ जाती है, और पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण वह बीच में ही पढ़ाई छोड़ देता है।उजड़ते भविष्य की चुनौतीउच्च स्तर पर ड्रॉपआउट दर का तेजी से बढ़ना यह दिखाता है कि सीमावर्ती इलाकों में शिक्षा का सपोर्ट सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है। अगर समय रहते बुनियादी ढांचा नहीं सुधारा गया, तो रेगिस्तान के इन बच्चों का भविष्य अंधेरे में डूब सकता है।
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Feb 4, 2026, 03:41 AM
दिल्ली सरकार ने गतिविधि-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए'10 बैगलेस डेज़'पहल शुरू की

दिल्ली सरकार ने गतिविधि-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए'10 बैगलेस डेज़'पहल शुरू की

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पढ़ाई का अंदाज अब थोड़ा बदला हुआ दिखेगा. स्कूली बच्चों को किताबों और भारी-भरकम बैग से कुछ दिनों की छुट्टी मिलने वाली है क्योंकि दिल्ली सरकार ने स्कूल एजुकेशन सिस्टम में 10 बैगलेस डे की पहल शुरू की है. यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के छात्रों के लिए लागू की गई है. 10 बैगलेस डे सिस्टम को लेकरएजुकेशनडिपार्टमेंट की ओर से सर्कुलर जारी किया गया है. बैगलेस डे को जनवरी से फरवरी 2026 के बीच पूरा किया जाएगा. हर हफ्ते दो दिन बच्चों को बिना किताब-बैग के स्कूल आना होगा. इन दिनों का मकसद बच्चों को सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित न रखकर एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग से जोड़ना है ताकि वे चीजों को देखकर, समझकर और करके सीख सकें. स्कूलों में इन खास दिनों के दौरान तरह-तरह की गतिविधियां कराई जाएंगी. कहीं नुक्कड़ नाटक होंगे, तो कहीं क्विज, साइंस एक्सपेरिमेंट, कुकिंग कॉम्पिटिशन, गार्डनिंग और ग्रुप एक्टिविटीज. बच्चों को खेल-खेल में टीमवर्क, कम्युनिकेशन और प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसे लाइफ स्किल्स सिखाने पर भी जोर रहेगा. अधिकारियों का कहना है कि यह कॉन्सेप्ट नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत शुरू किया गया था. पिछले साल इसकी शुरुआत हुई थी. इस बार स्कूलों को पहले से बेहतर प्लानिंग के साथ इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. समग्र शिक्षा, दिल्ली की तरफ से हर स्कूल को 13,500 रुपये की फाइनेंशियल मदद भी दी जा रही है जिससे स्टेशनरी, फोटोकॉपी, बैनर और जरूरी मैटीरियल खरीदा जा सके. सीएम श्री स्कूल जुड़े प्रिंसिपल अवधेश झा बताते हैं कि इस बार स्कूल ने बच्चों को दो ग्रुप में बांटा है. जूनियर ग्रुप में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे हैं जिनके लिए फैंसी ड्रेस, नुक्कड़ नाटक और फिजिकल एक्टिविटीज रखी गई हैं. वहीं सीनियर ग्रुप यानी कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए सब्जेक्ट से जुड़ी क्विज, लैब प्रैक्टिकल और लाइब्रेरी रीडिंग सेशन रखे गए हैं. मंगोलपुरी स्थित गवर्नमेंट सर्वोदय बाल विद्यालय के प्रिंसिपल रणवीर सिंह दलाल का कहना है कि उनके स्कूल में एक बैगलेस डे पूरा हो चुका है. जूनियर बच्चों को स्कूल कैंपस में पेड़-पौधों के बारे में जानने और गार्डनिंग का मौका मिल रहा है. जबकि सीनियर छात्रों को लाइब्रेरी समेत स्कूल की अलग-अलग जगहों को एक्सप्लोर करने के लिए प्रेरित किया गया. कुल मिलाकर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में यह पहल बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि एक दिलचस्प अनुभव बनाने की कोशिश मानी जा रही है. और पढ़ें: BPSC ने जारी किया 2026 का एग्जाम कैलेंडर, जुलाई में होगा CCE; जानें दूसरे एग्जाम्स की डेट्स
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Feb 4, 2026, 01:58 AM
उत्तराखंड सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त किया, राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की

उत्तराखंड सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त किया, राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की

उत्तराखंड सरकार आगामी जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म करने जा रही है। सरकार ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित कर दिया है। शासन की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, प्राधिकरण में अध्यक्ष सहित कुल 11 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। डॉ. सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष बनाया गया है। विशेष सचिव डॉ.पराग मधुकर धकाते ने बताया कि पिछले विधानसभा सत्र में मदरसा बोर्ड खत्म करने का विधेयक पारित हुआ था। आगामी एक जुलाई से अल्पसंख्यक संस्थाओं को राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अधीन किया जाना है। उनकी मान्यता की प्रक्रिया उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से होगी। डॉ.पराग ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार, बोर्ड में डॉ.सुरजीत सिंह गांधी अध्यक्ष, प्रो. राकेश जैन,डॉ.सैयद अली, प्रो. पेमा तेनजिन, डॉ.एल्बा मेड्रिले, प्रो. रोबिना अमन, प्रो.गुरमीत सिंह, राजेंद्र बिष्ट व रिटायर्ड आईएएस अधिकारी चंद्रशेखर भट्ट को सदस्य बनाया गया है। इसके साथ ही महानिदेशक-विद्यालयी शिक्षा, निदेशक-राज्य शैक्षिक अनुसंधान और निदेशक-अल्पसंख्यक कल्याण भी प्राधिकरण में सदस्य होंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण तय करेगा कि अल्पसंख्यक बच्चों को कैसी शिक्षा दी जाएगी। सिलेबस भी ये प्राधिकरण ही तय करेगा।
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Feb 3, 2026, 09:31 PM
न्यूजीलैंड इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयः विदेश में अध्ययन करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए एक उभरता हुआ सितारा

न्यूजीलैंड इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयः विदेश में अध्ययन करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए एक उभरता हुआ सितारा

New Zealand Engineering Universities:अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे पारंपरिक स्टडी अब्रॉड डेस्टिनेशन में पढ़ाई करना मुश्किल हो चुका है। इन देशों में वीजा के नियम कड़े किए गए हैं और इमिग्रेशन पॉलिसी भी सख्त की जा रही हैं। इस बीच स्टडी अब्रॉड क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिल रहा है। इन दिनों भारतीयों के बीच एक ऐसा देश पढ़ाई के लिए पॉपुलर हो रहा है, जो उससे हजारों किलोमीटर दूर है। यहां जिस देश की बात हो रही है, वह न्यूजीलैंड है।₹23 लाख में UK का फर्जी वर्क वीज़ा? Skilled Worker और Global Talent Visa Scam का पूरा सचएजुकेशन न्यूजीलैंड और इमिग्रेशनन्यूजीलैंडके हालिया आंकड़ों से एक अलग तरह के ट्रेंड के बारे में मालूम चलता है। यहां 2024-25 के दौरान भारतीय छात्रों के एडमिशन में 34% का इजाफा देखने को मिला है। साल 2026 की शुरुआत तक न्यूजीलैंड में लगभग 12,000 भारतीय छात्र डिग्री हासिल कर रहे हैं। भारतीय छात्रों की संख्या का अंदाजा कुछ ऐसे लगाया जा सकता है कि न्यूजीलैंड मेंविदेशी स्टूडेंट्सका दूसरा सबसे बड़ा ग्रुप भारतीयों का ही है। यहां के लगभग 14% छात्र भारतीय हैं।इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बेस्ट न्यूजीलैंडन्यूजीलैंड में पढ़ाई की एक बड़ी वजह यहां मिलने वाली हाई-क्वालिटी एजुकेशन है। न्यूजीलैंडइंजीनियरिंग की पढ़ाईके लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। यहां की आठों यूनिवर्सिटी को दुनिया की टॉप 3% संस्थानों में जगह मिली है। यहां पढ़ाए जाने वाले कोर्स इंडस्ट्री के मुताबिक हैं। ज्यादा फोकस प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर रहता है और क्लास में इनोवेशन पर जोर दिया जाता है। सिविल, सॉफ्टवेयर, मैकेनिकल, केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए न्यूजीलैंड एक बेहतरीन देश बनकर उभरा है।टॉप इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटीहाल ही में जारी हुई टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) की सब्जेक्ट रैंकिंग में भी न्यूजीलैंड की कई सारी यूनिवर्सिटीज को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बेस्ट माना गया है। नीचे टॉप इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के नाम बताए गए हैं।ऑकलैंड यूनिवर्सिटीविक्टोरिया यूनिवर्सिटी ऑफ वेलिंगटनवाइकाटो यूनिवर्सिटीओटागो यूनिवर्सिटीऑकलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजीमैसी यूनिवर्सिटीयूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरीअगर आप 2026 में विदेश में इंजीनियरिंग करने का प्लान कर रहे हैं, तो फिर न्यूजीलैंड आपके लिए बेस्ट रहेगा। यहां आपको बड़ी संख्या में भारतीय भी मिल जाएंगे, जो जॉब और पढ़ाई के सिलसिले से आए हैं। यहां पर 2.70 लाख के करीब भारतीय रहते हैं। न्यूजीलैंड में स्टूडेंट्स को जल्दी स्टूडेंट वीजा भी मिल रहा है, जहां अन्य देशों में जहां रिजेक्शन बढ़ रहे हैं, वहीं 2026 में न्यूजीलैंड की वीजा अप्रूवल दर लगभग 75.4% रहा है।
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Feb 3, 2026, 09:27 PM
आगरा में महिला ने ऑटो चालक के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

आगरा में महिला ने ऑटो चालक के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

आगरा। थाना जगदीशपुरा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही युवती ने मोहल्ले के ऑटो चालक अमर सिंह के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को बताया कि वह 27 जनवरी को आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर चार पुलिस चौकी के पास कोचिंग जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी। तभी वहां आरोपी ऑटो लेकर आया। उन्होंने गुरुद्वारा गुरु का ताल चलने के लिए पूछा तो आरोपी तैयार हो गया। कुछ दूर जाने पर उसने ऑटो किनारे खड़ाकर अश्लीलता की। उन्होंने विरोध किया और उतर गईं। इंस्पेक्टर जगदीशपुरा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कार्रवाई की जा रही है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Feb 3, 2026, 08:48 PM
विधायक ने विधानसभा में लोक कल्याण, समावेशी विकास पर चिंता जताई

विधायक ने विधानसभा में लोक कल्याण, समावेशी विकास पर चिंता जताई

संवाद न्यूज एजेंसीऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसांबा। विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेते हुए रामगढ़ के विधायक डॉ. देविंदर कुमार मन्याल ने जनकल्याण, समावेशी विकास, बिजली, रोजगार और क्षेत्र-विशेष की जरूरतों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। डॉ. मन्याल ने अभिभाषण में केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर अत्यधिक निर्भरता और प्रदेश से जुड़े विशेष मुद्दों की अनदेखी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, बिजली की कमी, पेयजल संकट, ग्रामीण बुनियादी ढांचे की खामियां और किसानों की समस्याएं जैसे ज्वलंत मुद्दों का समुचित उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा अस्पतालों में डॉक्टरों, शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ की भारी कमी है। सीमित जांच सुविधाओं, डायलिसिस यूनिट और एमआरआई मशीनों की अपर्याप्त संख्या का मुद्दा उठाया। सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. मन्याल ने केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को बहाल एवं सुदृढ़ करने, स्टाफ की कमी दूर करने तथा लंबित नियमितीकरण और समय पर वेतन भुगतान के मुद्दों के समाधान की मांग की। शहरी विकास के संदर्भ में उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन की समस्याओं, सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण और समय पर वेतन की मांग की। बिजली बिलिंग, राजस्व वसूली तथा सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राहत उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने सरकार से क्षेत्र-विशेष और रोजगारोन्मुख विकास योजनाएं, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आगे लाने की मांग की।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 08:44 PM
गहराई से सीखने की रणनीतियों के साथ बोर्ड परीक्षा के परिणामों को बढ़ावा दें

गहराई से सीखने की रणनीतियों के साथ बोर्ड परीक्षा के परिणामों को बढ़ावा दें

संतकबीरनगर। बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए छात्रों को रटने की प्रवृत्ति छोड़कर विषय को गहराई से पढ़ाई करनी चाहिए। यह सलाह एएच एग्री इंटर काॅलेज दुधारा के प्रधानाचार्य संजय कुमार त्रिवेदी ने छात्र-छात्राओं को दी। उन्होंने कहा कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और शांत मन से की गई तैयारी से विज्ञान जैसे विषय में भी अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। छात्रों को चाहिए कि वे पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और सैंपल पेपर हल कर परीक्षा पैटर्न को समझें। साथ ही सूत्रों औरपरिभाषाओं की अलग सूची तैयार करें जिससे परीक्षा से पहले रिवीजन आसान हो सके। ताया कि भौतिकी में संख्यात्मक प्रश्न, रसायन विज्ञान में अभिक्रियाएं और जीव विज्ञान में आरेख अधिक अंक दिलाने में सहायक होते हैं। फ्लो चार्ट और मानचित्र का उपयोग करने से कम समय में पूरे पाठ्यक्रम का दोहराव किया जा सकता है। अभ्यास के दौरान होने वाली गलतियों को पहचान कर उन्हें सुधारना सबसे प्रभावी प्रक्रिया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं0जीव विज्ञान में आरेख और प्रक्रियाएं समझेंमानव हृदय, मस्तिष्क, पाचन तंत्र, पौधों के अंग और प्रजनन तंत्र जैसे महत्वपूर्ण आरेखों का अभ्यास करें। साथ ही प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, प्रजनन और आनुवांशिकी जैसी प्रक्रियाओं को समझकर पढ़ें।विज्ञापनविज्ञापन0भौतिकी में आंकिक पर दें विशेष ध्यानप्रकाश और विद्युत जैसे अध्यायों से आने वाले संख्यात्मक प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें। सूत्रों को याद रखने के लिए उनकी सूची बनाकर बार-बार दोहराएं जिससे परीक्षा के समय भ्रम की स्थिति न बने।रासायनिक अभिक्रियाओं की रखें पक्की जानकारीसंयोजन, विस्थापन और उदासीनीकरण जैसी विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं के उदाहरण याद रखें। तत्वों के गुणधर्म, यौगिकों के नाम और उनके सूत्रों को याद रखने के लिए स्मृति सहायक तरीकों का प्रयोग करें।
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Feb 3, 2026, 08:35 PM
फिरोजाबाद के डी. आई. ई. टी. ने परिषद स्कूलों में प्रवीणता सर्वेक्षण किया

फिरोजाबाद के डी. आई. ई. टी. ने परिषद स्कूलों में प्रवीणता सर्वेक्षण किया

फिरोजाबाद। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की टीमों की ओर से मंगलवार को सातवें दिन 74 परिषदीय विद्यालयों में निपुण सर्वे का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण मूल्यांकन के माध्यम से कक्षा एक और दो के बच्चों की भाषा और गणित में दक्षता को परखा गया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंनिपुण लक्ष्य एप का उपयोग करते हुए, डीएलएड प्रशिक्षुओं की टीमों ने बच्चों से सवाल पूछे और उनकी शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया।जिले में कुल 1357 विद्यालयों में निपुण आंकलन किया जाना है, जिसमें से अब तक 1114 विद्यालयों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निपुण सर्वे का मुख्य उद्देश्य बच्चों में गणित और भाषा की समझ को परखना है। डायट की ओर से डीएलएड प्रशिक्षुओं की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें सर्वे कार्य के लिए विद्यालयों में भेजा जा रहा है।विज्ञापनविज्ञापनइस सर्वे प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी के लिए वीडियो कॉल के माध्यम से अनुश्रवण किया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशीष पांडेय ने बताया कि सर्वे के दौरान टीमों को आने वाली किसी भी प्रकार की दिक्कत को दूर करने के लिए डायट में तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम भी तैनात की गई है। यह सुनिश्चित करता है कि सर्वे कार्य सुचारू रूप से चलता रहे और बच्चों के मूल्यांकन में कोई बाधा न आए। यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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Feb 3, 2026, 08:31 PM
मदरसा अरबिया मकसूद-उल-इस्लाम ने शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए जलसा का आयोजन किया

मदरसा अरबिया मकसूद-उल-इस्लाम ने शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए जलसा का आयोजन किया

सेमरियावां। ब्लाॅक के भाटपारा (बलईपुर) स्थित मदरसा अरबिया मकसूद-उल-इस्लाम में रविवार की रात जलसे का आयोजन किया गया।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंइस दौरान हजरत मौलाना साजिद रामपुरी ने कहा कि बच्चों को दीनी तालीम बेहद जरूरी है। तालीम से जिंदगी संवरती है। बच्चों को नशाखोरी से बचाना मां बाप की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बिगड़ते हालात को बचाने की जिम्मेदारी के लिए आगे आना होगा तथा समाज और मुल्क का नेतृत्व करना होगा ताकि बेहतर समाज की स्थापना हो। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों से लोगों को बचाएं।इस दौरान मदरसा के बच्चों ने विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट्स बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अध्यक्षता मौलाना जहीर अनवर कासमी तथा संचालन मुफ्ती अब्दुल वाहिद कासमी ने किया। तीन बच्चों को कुरान कंठस्थ करने पर सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ मंसूर अहमद, वरिष्ठ नेता मोहम्मद अहमद, मुफ्ती असदुल्लाह, डॉ अरशद कासमी, मुफ्ती मोहम्मद सईद मजाहिरी, मौलाना निजामुद्दीन कासमी, मौलाना तौसीफ, मौलाना अजीज, कारी अहमद, औमेर बलरामपुरी तथा मौलाना मोहम्मद ओसामा मौजूद रहे।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 08:13 PM
इग्नू ने जनवरी 2026 सत्र के लिए प्रवेश की समय सीमा बढ़ाई; नया डेटा विज्ञान कार्यक्रम शुरू किया

इग्नू ने जनवरी 2026 सत्र के लिए प्रवेश की समय सीमा बढ़ाई; नया डेटा विज्ञान कार्यक्रम शुरू किया

उरई। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जनवरी 2026 सत्र के लिए स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 फरवरी कर दी है। साथ ही, जनवरी 2025 सत्र के स्नातक और परास्नातक छात्रों के लिए अगले सत्र में पुनः पंजीकरण की समय सीमा भी 15 फरवरी तक बढ़ा दी है। यह निर्णय उन अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है जो उच्च शिक्षा के माध्यम से अपने ज्ञान और कौशल का संवर्धन करना चाहते हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंइग्नू ने जनवरी 2026 सत्र के लिए ''डेटा साइंस एवं एनालिटिक्स में विज्ञान परास्नातक (एमएससीडीसीए)'' का एक नया कार्यक्रम भी शुरू किया है। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि इग्नू में प्रवेश लेकर अभ्यर्थी अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।विज्ञापनविज्ञापनडीवी कॉलेज उरई स्थित इग्नू अध्ययन केंद्र की समन्वयक प्रोफेसर शैलजा गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, इग्नू 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, तीन वर्षीय ऑनर्स स्नातक कार्यक्रम और कला, विज्ञान व वाणिज्य में तीन वर्षीय बहुविषयक स्नातक उपाधि जैसे विभिन्न पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इग्नू में प्रवेश के लिए किसी टीसी या माइग्रेशन प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती है।अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन के लिए अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधी मूल प्रमाण पत्र, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। इग्नू द्वारा विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है और अध्ययन केंद्रों के माध्यम से सहायता भी प्रदान की जाती है। इच्छुक अभ्यर्थी 15 फरवरी तक आधिकारिक ऑनलाइन लिंक https://ignouadmission.samarth.edu.in/ के माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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Feb 3, 2026, 08:01 PM
कैथल का शिक्षा विभाग बच्चों के लिए सीखने को मजेदार बनाता है

कैथल का शिक्षा विभाग बच्चों के लिए सीखने को मजेदार बनाता है

कैथल। प्रशासन और शिक्षा विभाग जमीनी स्तर पर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को रोचक और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को उपायुक्त अपराजिता ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शेरगढ़ का दौरा किया और वहां आयोजित जॉयफुल एक्टिविटी में भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को आयतन और घनत्व के आधार पर बड़ी संख्याओं का अनुमान लगाना सिखाया गया। डीसी अपराजिता ने बच्चों के साथ खेल-खेल में जॉयफुल एक्टिविटी के जरिए विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं पर संवाद किया। डीसी के साथ संवाद कर नन्हे-मुन्ने बच्चे काफी उत्साहित और खुश नजर आए। संवादऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Feb 3, 2026, 07:30 PM
सरकारी कॉलेज अलेवा ने स्कूली छात्रों के लिए शैक्षिक यात्रा का आयोजन किया

सरकारी कॉलेज अलेवा ने स्कूली छात्रों के लिए शैक्षिक यात्रा का आयोजन किया

अलेवा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाहरी के विद्यार्थियों ने मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय अलेवा का शैक्षणिक भ्रमण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने की जबकि प्राचार्य मुनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमहाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने गाइड की भूमिका निभाई। उन्होंने कॉलेज की विज्ञान प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम और विशाल पुस्तकालय का भ्रमण कराया। इस दौरान स्कूली बच्चों की उच्च शिक्षा से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। भ्रमण के विशेष सत्र में एनएसएस इकाई के विद्यार्थियों और स्कूली बच्चों ने मिलकर एक संयुक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।विज्ञापनविज्ञापनइसमें हरियाणवी लोकगीतों और नृत्य से प्रदेश की समृद्ध संस्कृति की शानदार झलक पेश की गई। प्राचार्य मुनीष कुमार ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण स्कूली बच्चों के मन से कॉलेज को लेकर हिचकिचाहट दूर करते हैं और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करते हैं।
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Feb 3, 2026, 07:21 PM
देरी और निराशा के बीच मुजफ्फरनगर का एस. आई. आर. नोटिस निपटान प्रक्रिया जारी

देरी और निराशा के बीच मुजफ्फरनगर का एस. आई. आर. नोटिस निपटान प्रक्रिया जारी

मुजफ्फरनगर। जिला बेसिक शिक्षा विभाग में एसआईआर नोटिस निस्तारण प्रक्रिया जारी है। मंगलवार को नोटिस धारक दिए गए समय पर दोपहर 12 बजे पहुंचे और लाइन लगाकर खड़े हो गए। अतिरिक्त सहायक निर्वाचक अधिकारी की खाली पड़ी कुर्सी के सामने लाइन लगाकर दोपहर एक बजे तक खड़े रहे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंलोगों ने दीवार पर अंकित अधिकारी पंकज कुमार के मोबाइल नंबर पर कई बार फोन मिलाया लेकिन उठा नहीं। दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर अधिकारी के आने पर सभी ने राहत की सांस की कि अब काम हो जाएगा तो अपने काम पर भी जा सकेंगे।विज्ञापनविज्ञापनएसआईआर के बाद जारी पुनरीक्षित अनंतिम मतदाता सूची में नाम कट जाने के बाद पुरकाजी विधानसभा के निवासियों को नोटिस दिए गए थे। बीएसए कार्यालय परिसर पर लगभग 20 बूथ के नोटिस निस्तारण का काम चल रहा है। रोजाना 250 से 300 लोग नोटिस पर सुनवाई के लिए आ रहे हैं। इसके लिए कुछ अधिकारी तन्मयता से जुटे हैं तो कुछ की लेटलतीफी लोगों को परेशानी में डाल रही है।रामपुरी से आए कंवलपाल ने बताया कि राजमिस्त्री हैं। रोजाना काम करते हैं तो कमाते हैं। चार दिन से लगातार आ रहे हैं। अधिकारी खुद लेट आते हैं तो काम देर से शुरू होता है। 12 बजे का समय नोटिस पर दिया गया था तो समय पर आ गए थे।मेडिकल स्टोर पर नौकरी करने वाले विक्की ने बताया कि महीने में दस हजार रुपये की तनख्वाह मिलती है। छुट्टी के पैसे भी कटते हैं। परिवार में मेरे सहित मां, पत्नी और भाभी का नाम सूची से कट गया है। लगातार चार दिन से आ रहे हैं। हमारे बूथ के अधिकारी कभी आधा तो कभी डेढ़ घंटा लेट ही रहते हैं।जानसठ एसडीएम राहुल भट्ट का कहना है कि पंकज कुमार विभागीय कार्यों के चलते लेट हुए थे। जैसे ही मेरे संज्ञान में आया कि नोटिस धारक इंतजार कर रहे हैं। तत्काल पहुंचने के निर्देश दिए।
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Feb 3, 2026, 07:04 PM
उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों के लिए आर. टी. ई. प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा की

उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों के लिए आर. टी. ई. प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा की

अमेठी सिटी। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए पहले चरण में 16 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। 18 फरवरी को लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन करने के बाद 20 फरवरी को स्कूल आंवटन होगा। यह प्रक्रिया भी दो चरणों में पूरी होगी। बच्चों की आठवीं तक पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इसके लिए वेबसाइट https://rte25.upsdc.gov.in पर जाकर 16 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंआरटीई के तहत पोर्टल पर 628 स्कूल पंजीकृत हैं, जिनमें 3817 सीटों पर प्रवेश होने हैं। सभी सीटों पर बच्चों का प्रवेश हो सके, इसके लिए अधिक से अधिक आवेदन लिए जाएंगे। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्राइवेट स्कूलों में प्री-प्राइमरी और कक्षा एक में 25 फीसदी सीटों पर जरूरतमंद बच्चों को दाखिला मिलेगा। इसके लिए आरटीआई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसका सत्यापन करने के बाद लॉटरी होगी। इस बार नर्सरी में तीन या चार साल से कम, एलकेजी के लिए चार साल, यूकेजी पांच साल व कक्षा एक के लिए छह साल की आयु तय की गई है। आयु की गणना शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने की तिथि एक अप्रैल से की जाएगी।विज्ञापनविज्ञापनएक किमी परिधि में विद्यालय चयन की व्यवस्था खत्मआरटीई के तहत प्रवेश के लिए पूर्व में लागू एक किलोमीटर की परिधि में विद्यालय चयन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब जिस गांव या मोहल्ले में बच्चे का घर होगा, उसी क्षेत्र में स्थित विद्यालय में उसे प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, बच्चों के आधार कार्ड की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। अब प्रवेश के लिए सिर्फ अभिभावकों का आधार कार्ड ही मान्य होगा। अभी तक आवेदक एक वार्ड के ही स्कूलों का चयन करते थे। इस बार अभिभावकों को अपने वार्ड के नजदीकी 10 स्कूलों के चयन का विकल्प दिया जाएगा।तीन चरणों में पूरी होगी प्रवेश प्रक्रियादूसरे चरण में आवेदन 21 फरवरी से सात मार्च तक होंगे। लाटरी नौ मार्च को निकलेगी। 11 मार्च को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। तीसरे चरण के आवेदन 12 मार्च से 25 मार्च तक लिए जाएंगे। लाटरी 27 मार्च को निकलेगी। 29 मार्च को स्कूल आवंटित किया जाएगा।प्रवेश नहीं देने पर होगी कार्रवाईबीएसए संजय तिवारी ने बताया कि पहले चरण के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया दो फरवरी से शुरू हो गई है। जो 16 फरवरी तक चलेगी। योजना में पात्र पाए जाने के बाद अगर कोई स्कूल संचालक विद्यार्थी का प्रवेश नहीं लेता है तो इसके लिए निजी विद्यालयों को कारण बताना होगा। सही कारण नहीं बता पाने पर विद्यालय संचालक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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Feb 3, 2026, 06:41 PM
रखरखाव के काम के कारण पिथौरागढ़ के निवासियों को 10 दिनों के लिए बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है

रखरखाव के काम के कारण पिथौरागढ़ के निवासियों को 10 दिनों के लिए बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है

पिथौरागढ़। नगर के लोगों को आज से बिजली कटौती का सामना करना होगा। 11 केवीए बिजली लाइन के कार्य के चलते नगर के अलग-अलग हिस्सों में अगले 10 दिन बिजली कटौती होगी। यूपीसीएल के ईई नितिन गर्खाल ने बताया कि बिजली लाइन के अनुरक्षण कार्य के चलते बिजली कटौती का निर्णय लिया गया है। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। कार्य पूरा होने पर व्यवस्था सुचारू होगी। संवादऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं--चंपावत में गुल रहेगी बत्तीटनकपुर (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में खुली एलटी लाइन को एबी लाइन में बदलने का कार्य जारी है। बुधवार को नगर के शास्त्री चौक में एबी लाइन कार्य के चलते सात घंटे बिजली गुल रहेगी। यूपीसीएल के जेई नरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को भी शास्त्री चौक के एक हिस्से में कार्य होगा। इससे सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक संबंधित क्षेत्र में आपूर्ति बंद रहेगी। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से नगर और ग्रामीण क्षेत्र में एबी लाइन का कार्य चल रहा है। संवादविज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 06:32 PM
चित्रकूट में आर. टी. ई. आवेदन प्रक्रिया सर्वर की समस्याओं के कारण बाधित हुई

चित्रकूट में आर. टी. ई. आवेदन प्रक्रिया सर्वर की समस्याओं के कारण बाधित हुई

चित्रकूट। राष्ट्रीय शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत दो फरवरी से शुरू होने वाले गरीब और वंचित बच्चों के लिए निजी स्कूलों में प्रवेश के आवेदन की प्रक्रिया वेबसाइट में आ रही सर्वर की समस्या के कारण धीमी गति से चल रही है। पहले चरण के आवेदन 16 फरवरी तक ही स्वीकार किए जाएंगे, ऐसे में यदि यही हाल रहा तो निर्धारित समय सीमा तक आवेदन न के बराबर ही हो पाएंगे। आवेदन न हो पाने से लोग खासे परेशान हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंआरटीई के तहत असंगठित मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती है। जिले के 257 निजी स्कूलों में लगभग 1683 सीटों पर प्रवेश दिया जाना है। आवेदन के लिए बच्चे के अभिभावक का आधार कार्ड पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है, जिसके बिना आवेदन संभव नहीं होगा। आरटीई के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता सीधे आधार सीडिंग वाले बैंक खातों में ही भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सभी विकास खंड स्तरों पर एक-एक सहायता डेस्क स्थापित की गई है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी सहयोग के लिए कहा गया है।विज्ञापनविज्ञापनदो फरवरी को सुबह 10 बजे से आवेदन शुरू होने थे लेकिन पहले दिन वेबसाइट में तकनीकी खराबी के कारण आवेदन शुरू ही नहीं हो सके। दूसरे दिन भी सर्वर की समस्या के कारण मात्र तीन ही आवेदन हो पाए। आवेदन करने के इच्छुक अभिभावक सीएचसी केंद्रों के बाहर परेशान दिखाई दिए। शहर के सुनील सिंह और जानकी शरण जैसे अभिभावकों ने बताया कि वे अपने बच्चों का आरटीई के तहत आवेदन कराना चाहते थे, लेकिन वेबसाइट की समस्या के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बीके शर्मा ने स्वीकार किया कि दो से 16 फरवरी तक आवेदन होने हैं और सर्वर में कुछ समस्या के कारण परेशानी हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान जल्द कर दिया जाएगा।
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Feb 3, 2026, 06:31 PM
लखीमपुर खीरी में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही आर. टी. ई. में दाखिले बढ़े

लखीमपुर खीरी में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही आर. टी. ई. में दाखिले बढ़े

लखीमपुर खीरी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही आय व जाति प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। सामान्य दिनों की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत अधिक आवेदन इसके लिए दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकिए प्रतिदिन के सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंआरटीई के अंतर्गत पहले चरण के आवेदन 17 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे, जबकि 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। चयनित बच्चों का प्रवेश 20 फरवरी से शुरू होगा। दूसरा चरण 21 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगा, जिसकी लॉटरी 9 मार्च को होगी और 11 मार्च से आदेश वितरण किया जाएगा। तीसरे और अंतिम चरण में 12 से 25 मार्च तक आवेदन होंगे और 27 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी।विज्ञापनविज्ञापनजिले में आरटीई के तहत 848 निजी विद्यालयों के सापेक्ष 5 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश होना है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का अवसर दिया जाता है। चयनित बच्चों को निशुल्क पढ़ाई के साथ ड्रेस और पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया कुछ विलंब से शुरू हुई है लेकिन विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र अभिभावक योजना का लाभ उठा सकें।-----------10 विद्यालयों को चुनने का मिलेगा मौकाएलकेजी में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र चार साल व यूकेजी पांच साल होनी चाहिए, जबकि कक्षा एक के लिए छह साल की आयु तय की गई है। अभिभावक अपने वार्ड और गांव के आसपास के 10 विद्यालयों का विकल्प चुन सकते हैं।
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Feb 3, 2026, 04:12 PM
उत्तर भारत में मौसम का कहरः भीषण मौसम की स्थिति के बीच स्कूल बंद

उत्तर भारत में मौसम का कहरः भीषण मौसम की स्थिति के बीच स्कूल बंद

SchoolClosed,4February2026:उत्तरभारतमेंमौसमकामिजाजफिरसेबदलनेवालाहै।पश्चिमीविक्षोभ(WesternDisturbance)केप्रभावसेपहाड़ीइलाकोंमेंबर्फबारीऔरमैदानीराज्योंमेंबारिश-ओलावृष्टिजारीरहसकतीहै।IMDनेकईराज्योंमेंयेलोऔरऑरेंजअलर्टजारीकियाहै,जबकिघनाकोहरायात्राकोप्रभावितकरेगा। इसबीच,स्कूलोंकोलेकरछात्रोंऔरअभिभावकोंकेबीचकाफीकन्फ्यूजनबनाहुआहै।इसकीसबसेबड़ीवजहमौसमकाबिगड़तामिजाजऔरबोर्डपरीक्षाओंकीशुरुआतहै।ऐसेमेंसवालउठरहाहैकिक्याउत्तरप्रदेशसमेतदूसरेराज्योंमें4फरवरी(बुधवार)कोस्कूलबंदरहेंगेयासामान्यरूपसेखुलेरहेंगे।आइएजानतेहैंकहांबंदऔरकहांखुले? उत्तरप्रदेशमें4फरवरीकोसामान्यरूपसेस्कूलखुलेरहेंगे,क्योंकिराज्यकैलेंडरमेंकोईसार्वजनिकअवकाशनहींहैऔरबोर्डपरीक्षाएंचलरहीहैं।हालांकि,अलीगढ़जिलेमेंबेसिकशिक्षाअधिकारी(BSA)डॉ.राकेशकुमारसिंहनेठंडकोदेखतेहुएजिलाबेसिकशिक्षापरिषदकेसभीस्कूलोंमेंछात्र-छात्राओंकेलिएछुट्टीघोषितकीहै। शिक्षकस्कूलपहुंचकरकामकरेंगे।जिलाधिकारीकेआदेशकेअनुसारजनपदकेबेसिकशिक्षापरिषद,CBSE,ICSEऔरअन्यबोर्डकेसभीस्कूलोंमेंछात्र-छात्राओंकाअवकाशघोषितकियाहै।जिनस्कूलोंमेंनिपुणअसेसमेंटयाप्रैक्टिकलपरीक्षाएंहैं,वहांछात्रउपस्थितरहेंगे।अन्यजिलों(जैसेप्रयागराज,लखनऊ,कानपुरआदि)मेंकोईव्यापकबंदीनहींहै,लेकिनस्थानीयDMयाBSAआदेशसेकुछस्कूलप्रभावितहोसकतेहैं।
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Feb 3, 2026, 03:54 PM
भारतीय विद्यालयों में धोखाधड़ी वाली नियुक्तियों का पता चला

भारतीय विद्यालयों में धोखाधड़ी वाली नियुक्तियों का पता चला

विस्तारFollow Usजयराम जनता जूनियर हाईस्कूल और जयराम वर्मा बाल विद्या मंदिर में नियुक्तियों से जुड़े एक फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पटेल द्वारा की गई जांच में पूर्व प्रधानाध्यापक की पत्नी चंद्रपति यादव और सहायक शिक्षक जगदंबा वर्मा की नियुक्ति से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला है। जांच में पाया गया कि जिन नियुक्तियों के आधार पर वेतन और भत्तों की मांग की जा रही थी, उनसे संबंधित मूल अभिलेख, उपस्थिति पंजिका और यू-डायस प्रपत्रों में इन दोनों के नाम कहीं भी दर्ज नहीं हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंविभागीय स्तर पर हुए सत्यापन में यह भी सामने आया कि संबंधित अवधि की डिस्पैच पंजिका न होने के कारण नियुक्ति अनुमोदन की पुष्टि नहीं हो सकी। विद्यालय प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्तियों के समय न तो न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पूरी की गई और न ही भर्ती के लिए तय सरकारी नियमों का पालन किया गया। प्रबंधन ने यह गंभीर आपत्ति भी जताई कि चंद्रपति यादव की नियुक्ति के समय उनके पति ही विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध हो जाती है। इसके अतिरिक्त, प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेजों को कूटरचित (फर्जी) बताते हुए विधिक जांच की सिफारिश की गई है।विज्ञापनविज्ञापनये भी पढ़ें -वोटरों की मदद के लिए हर बूथ पर रोज दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ, फॉर्म भरने में करेंगे मदद; उपलब्ध रहेंगे जरूरी प्रपत्रये भी पढ़ें -कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को फेसबुक पर दी गई धमकी, सबक सिखाने की कही बात; FIR दर्जइन्हीं साक्ष्यों के आधार पर बीएसए ने दोनों नियुक्तियों को नियम विरुद्ध व अवैध मानते हुए 37 वर्ष बाद दिए गए प्रत्यावेदन को खारिज कर दिया है। साथ ही, वेतन और सेवानिवृत्ति लाभों के दावों को भी अस्वीकृत कर दिया गया है। विद्यालय की प्रबंधक मीरा देवी ने बताया कि बीएसए के निर्देशों के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
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Feb 3, 2026, 03:33 PM
फतेहाबाद शिक्षक संसद मार्च के लिए एकजुट हुए और शिक्षा सुधारों के खिलाफ हड़ताल की

फतेहाबाद शिक्षक संसद मार्च के लिए एकजुट हुए और शिक्षा सुधारों के खिलाफ हड़ताल की

फतेहाबाद। स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया और अन्य शैक्षणिक संगठनों के आह्वान पर 5 फरवरी को होने वाले संसद कूच में जिले से सैंकड़ों अध्यापक भाग लेंगे। इस कूच के लिए संघ ने पांच टीमों का गठन किया है। इसके साथ ही 12 फरवरी को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने वाली हड़ताल को सफल बनाने के लिए भी अध्यापक संघ ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंहरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की बैठक खंड प्रधान दलवंती नैन की अध्यक्षता में हुई, जिसमें जिला प्रधान राजपाल मिताथल, वरिष्ठ उपप्रधान डॉ. नीतू डुडेजा, सचिव मुरारी लाल और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में स्कूलों के लिए मिड-डे मील की खाद्य सामग्री को समय पर भेजने और खर्च विवरण की सूची प्रदान करने की मांग उठाई गई, ताकि अध्यापकों को महीने के अंत में समस्याओं का सामना न करना पड़े।विज्ञापनविज्ञापनसंसद कूच में प्रमुख रूप से टीईटी परीक्षा के विरोध, पुरानी पेंशन नीति की बहाली, शिक्षा नीति 2020 को निरस्त करने, स्कूलों का निजीकरण रोकने और आठवें वेतन आयोग की घोषणा जैसी महत्वपूर्ण मांगें उठाई जाएंगी। इस कूच को लेकर संघ ने पांच टीमों का गठन किया है। दरियापुर रूट पर राधेश्याम, भिरड़ाना रूट पर योगेन्द्र सिंह व राजेश कुमार, अयालकी रूट पर डॉ. नीतू डुडेजा, दलवन्ती, पूजा नागपाल, नागपुर रूट पर मुरारी लाल व बीघड़ रूट पर राजपाल मिताथल, हिजरावां रूट पर सुरजीत दुसाद राज्य आडिटर के नेतृत्व में टीमें बनाई गईं।राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बारे में जिला वरिष्ठ उपप्रधान डॉ. नीतू डुडेजा और जिला कार्यालय सचिव राधेश्याम ने बताया कि इस हड़ताल में कई प्रमुख मांगें उठाई जाएंगी, जिनमें कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन नीति की बहाली, किसानों के लिए फसल का न्यूनतम मूल्य लागू करने, मनरेगा को बहाल करने, सरकारी संस्थानों को बनाए रखने और सबके लिए शिक्षा व्यवस्था की मांग शामिल है।
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Feb 3, 2026, 03:14 PM
छह महीने से वेतन न मिलने से खरखौदा कर्मचारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं

छह महीने से वेतन न मिलने से खरखौदा कर्मचारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं

खरखौदा। कन्या महाविद्यालय में कार्यरत अस्थायी एवं स्ववित्त पोषित नियमित (विश्वविद्यालय से स्वीकृत) शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अब तक न तो सरकारी व्यवस्था में समायोजित किया है और न ही छह माह से वेतन का भुगतान किया है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक संकट के साथ मानसिक परेशानी हो रही है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअपनी समस्याओं को लेकर महाविद्यालय का स्टाफ पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मिला और पूरे मामले से अवगत कराया। महाविद्यालय को 6 जून 2025 को सरकारी घोषित किया गया था। बताया कि लगातार छह माह से वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।विज्ञापनविज्ञापनशिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कर्मचारियों की बात को गंभीरता से लेते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का लंबित वेतन शीघ्र जारी किया जाए और नियमितीकरण की प्रक्रिया को जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद आगे बढ़ाया जाए।शिक्षा मंत्री के निर्देशों के बाद कर्मचारियों में राहत की उम्मीद जगी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं हुआ तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।
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Feb 3, 2026, 03:09 PM
सी. सी. एस. यू. ने बी. एड. और विशेष बी. एड. पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा प्रपत्र भरने की तारीखों की घोषणा की

सी. सी. एस. यू. ने बी. एड. और विशेष बी. एड. पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा प्रपत्र भरने की तारीखों की घोषणा की

विस्तारFollow Usचौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने बीएड और स्पेशल बीएड (द्विवर्षीय पाठ्यक्रम) के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा फार्म भरने से तिथियां जारी कर दी हैं। यह व्यवस्था बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी की ओर से आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से काउंसलिंग में सम्मिलित होकर और विश्वविद्यालय पोर्टल पर पंजीकृत अल्पसंख्यक संस्थानों के माध्यम से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंयह प्रक्रिया विश्वविद्यालय से संबंधित राजकीय, अनुदानित और स्ववित्त पोषित कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फार्म केवल विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पोर्टल https://annual.ccsuniversityweb.in के माध्यम से ही भरे जाएंगे। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर विद्यार्थी helpdeskccsuweb@gmail.com ई-मेल आइडी या हेल्पलाइन नंबरों 9259089985 और 9560014163 पर संपर्क कर सकते हैं।विज्ञापनविज्ञापनये विद्यार्थी भर सकेंगे परीक्षा फार्मविश्वविद्यालय ने विभिन्न सत्रों और श्रेणियों के विद्यार्थियों को परीक्षा फार्म भरने की अनुमति दी है। इनमें बीएड/स्पेशल बीएड सत्र 2024–2026 के द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षा (अनुक्रमांक 25 से शुरू), बीएड/स्पेशल बीएड सत्र 2023–2025 के द्वितीय वर्ष की बैक व पूर्व परीक्षा (अनुक्रमांक 24 से शुरू), बीएड/स्पेशल बीएड सत्र 2024–2026 के प्रथम वर्ष की बैक और पूर्व परीक्षा (अनुक्रमांक 25 से शुरू), बीएड/स्पेशल बीएड सत्र 2023–2025 के प्रथम वर्ष की केवल पूर्व परीक्षा (अनुक्रमांक 24 से शुरू) के छात्र परीक्षा फार्म भर सकते हैं।अन्य सत्र का वर्ष का फार्म भरा तो होगा निरस्तविवि ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई विद्यार्थी उपरोक्त के अतिरिक्त किसी अन्य सत्र या वर्ष का परीक्षा फार्म भरता है तो उसका फार्म स्वतः ही निरस्त मान लिया जाएगा। आनलाइन फार्म भरने और शुल्क जमा करने के बाद विद्यार्थियों को परीक्षा फार्म की हार्ड कापी अपने संबंधित महाविद्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। कालेजों को छात्रों के सत्यापित परीक्षा फार्म (एनआर), बीएड प्रथम वर्ष के शैक्षिक और जाति प्रमाण पत्र सहित विश्वविद्यालय में जमा कराने होंगे।परीक्षा फार्म भरने की ये हैं तिथियां...- ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने और शुल्क जमा करने की प्रारम्भिक तिथि पांच फरवरी- बिना विलंब शुल्क के अंतिम तिथि 28 फरवरी- 250 रुपये विलंब शुल्क के साथ एक और दो मार्च- 500 रुपये विलंब शुल्क के साथ तीन और चार मार्च- कॉलेज में हार्ड कापी जमा करने की अवधि पांच फरवरी से छह मार्च- कॉलेजों की ओर से परीक्षा फार्म का सत्यापन पांच फरवरी से नौ मार्चजिलेवार फार्म जमा करने की तिथि- बागपत और गाजियाबाद के लिए 10 मार्च- बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर के लिए 11 मार्च- हापुड़ और मेरठ के लिए 12 मार्च
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Feb 3, 2026, 02:59 PM
सी. बी. एस. ई. ने दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए सख्त अनुभाग-वार मूल्यांकन प्रणाली शुरू की

सी. बी. एस. ई. ने दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए सख्त अनुभाग-वार मूल्यांकन प्रणाली शुरू की

विस्तारFollow Usकेंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में उत्तर-पुस्तिका के लेखन पैटर्न में सख्त सेक्शन-वाइज मूल्यांकन प्रणाली लागू की है। अब सही उत्तर भी अगर गलत सेक्शन में लिखा गया तो उसे अटेंप्ट नॉट डन मानते हुए शून्य अंक दिए जाएंगे, जिससे उत्तर लेखन में योजना और अनुशासन पहले से ज्यादा अहम हो गया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअब सिर्फ सही जवाब लिखना काफी नहीं, बल्कि जवाब सही सेक्शन में लिखा गया है या नहीं यह सबसे महत्वपूर्ण होगा। यदि छात्र सही उत्तर भी गलत सेक्शन में लिख देगा तो वह उत्तर पूरी तरह मूल्यांकन से बाहर हो जाएगा और शून्य अंक मिलेंगे। यह नियम इतना सख्त है कि पुनर्मूल्यांकन या री-चेकिंग में भी कोई सुधार संभव नहीं होगा।विज्ञापनविज्ञापनसीबीएसई ने मूल्यांकन को अधिक व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाने के लिए अनुशासन-आधारित सेक्शन-वाइज मूल्यांकन प्रणाली शुरू की है। प्रश्न-पत्र और उत्तर-पुस्तिका दोनों को अब स्पष्ट सेक्शनों में बांटा गया है, ताकि अलग-अलग परीक्षक (सब्जेक्ट स्पेशलिस्ट) अलग-अलग हिस्सों की जांच कर सकें। गलत सेक्शन में लिखा उत्तर संबंधित परीक्षक तक पहुंचेगा ही नहीं और उसे अटेंप्ट नॉट डन मान लिया जाएगा।विज्ञान विषय की नई संरचना (तीन अनिवार्य सेक्शन)सेक्शन ए: जीवविज्ञानसेक्शन बी: रसायन विज्ञानसेक्शन सी: भौतिक विज्ञानसामाजिक विज्ञान विषय की नई संरचना (चार अनिवार्य सेक्शन)सेक्शन ए: इतिहाससेक्शन बी: भूगोलसेक्शन सी: राजनीति विज्ञानसेक्शन डी: अर्थशास्त्रदीवान स्कूल के प्रधानाचार्य डा. वीके मिश्रा ने बताया कि छात्रों को परीक्षा शुरू होने से पहले उत्तर-पुस्तिका में इन सेक्शनों की स्पष्ट हेडिंग लिखना अनिवार्य है। उत्तरों को ठीक उसी क्रम और सेक्शन में रखना होगा। किसी भी हाल में अलग-अलग विषयों के उत्तर एक सेक्शन में मिक्स नहीं होने चाहिए।सीबीएसई द्वारा प्रदान किए गए 15 मिनट के रीडिंग टाइम का उपयोग अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। छात्रों को इस दौरान पूरी उत्तर-पुस्तिका की पेज प्लानिंग करनी चाहिएप्रत्येक सेक्शन की हेडिंग लिखनी चाहिएजरूरत पड़ने पर सप्लीमेंटरी शीट लेनी चाहिए और उस पर भी विषय व सेक्शन का नाम स्पष्ट लिखना चाहिए। सबसे बड़ा खतरा अटेम्प्ट नॉट डन का नियम है।उदाहरण के लिए यदि कोई छात्र इतिहास का उत्तर भूगोल सेक्शन में या जीव विज्ञान का उत्तर रसायन विज्ञान सेक्शन में लिख देता है, तो वह उत्तर बिल्कुल नहीं चेक होगा। ऐसे में छात्र को उस प्रश्न के पूरे अंक गंवाने पड़ सकते हैं, जो कुल मिलाकर बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। यह बदलाव मूल्यांकन में अनुशासन, स्पष्टता और प्रस्तुति को बढ़ावा देने के लिए है। अब सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि सही जगह पर सही तरीके से लिखना भी अंकों का आधार बनेगा। समय रहते अभ्यास करने वाले छात्र ही इस चुनौती से पार पा सकेंगे।अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह- घर पर असली उत्तर-पुस्तिका की तरह अभ्यास कराएं- विज्ञान को तीन और सामाजिक विज्ञान को चार सेक्शनों में बांटने का नियमित प्रैक्टिस कराएं- बच्चों को समझाएं कि अब स्पीड से ज्यादा सही प्लानिंग महत्वपूर्ण है- सीबीएसई के आधिकारिक नमूना प्रश्न-पत्र और गाइडलाइंस को जरूर देखेंपरीक्षा के दिन के लिए टिप्स- गलती से गलत सेक्शन में शुरू हो जाए तो घबराएं नहीं उसे साफ-साफ काटकर सही सेक्शन में दोबारा लिखें- हर सप्लीमेंटरी शीट पर विषय और सेक्शन का नाम जरूर लिखेंये भी देखें...डायमंड शोरूम में चोरी: मां, भाई-भाभी को मिलाकर बना दिया गिरोह, शोरूम की छत पर बिताया दिन, रात में काट दी दीवार
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Feb 3, 2026, 02:49 PM
मुस्तफाबाद के प्राथमिक विद्यालय में नए भवन के निर्माण में देरी

मुस्तफाबाद के प्राथमिक विद्यालय में नए भवन के निर्माण में देरी

विस्तारFollow Usग्राम पंचायत मुस्तफाबाद में सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे का समय... बिल्डिंग में घुसते ही एक चटाई पर 12 बच्चे बैठे नजर आए। सभी के हाथ में किताबें थीं। कुछ दूरी पर दो अन्य चटाई पर अलग-अलग दिशा में मुंह किए बच्चे बैठे थे और शिक्षिकाएं उन्हें पढ़ा रहीं थीं।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंयह दृश्य था प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद का, जो पिछले आठ साल से पंचायत भवन में चल रहा है। जबकि विद्यालय के अधबने भवन में कूड़ा भरा हुआ है। प्रधानाध्यापिका का कहना है कि विद्यालय निर्माण के लिए लगातार बेसिक शिक्षा और अल्पसंख्यक विभाग के चक्कर लगा रही हैं।विज्ञापनविज्ञापन150 छात्र संख्या वाला प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद पिछले आठ साल से अपने दिन बदलने की बाट जोह रहा है। जर्जर भवन हो जाने के बाद स्कूल को ग्राम पंचायत के एक हॉल में स्थानांतरित कर दिया गया था, जबकि विद्यालय का नया भवन तैयार नहीं है।बाउंड्री के अंदर तीन कमरे बने हुए हैं, जिन पर लिंटर है और एक बरामदा है। प्रधानाध्यापिका मुकेश कुमारी ने बताया कि विद्यालय निर्माण की जिम्मेदारी अल्पसंख्यक विभाग को दी गई थी। बजट की एक किस्त मिलने के बाद निर्माण कार्य कराया गया। दूसरी किस्त में नौ लाख रुपये आने हैं, जिनके इंतजार में काम रुका हुआ है।मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल- फोटो : अमर उजालाएक हॉल में पांच कक्षाओं के बच्चेशिक्षिकाओं का कहना है कि सर्दी के समय में बाहर धूप में अलग-अलग जगह बच्चों को बैठा देते हैं, लेकिन गर्मियों में ज्यादा परेशानी होती है। पंचायत भवन के हॉल में पांच कक्षाएं एक साथ चलानी पड़ती हैं। शिक्षिकाओं के अनुसार चारों दिशाओं की ओर मुंह करके बच्चों को बैठाते हैं। फिर भी एक कक्षा के बराबर में दूसरी कक्षा लगानी पड़ती है। बरामदे या गैलरी में रसोइया खाना बनाती है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पढ़ाई नहीं हो पाती।मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल- फोटो : अमर उजालाएक शौचालय...नल का पानी गंदाकक्षा पांच की छात्रा सोनाक्षी ने बताया कि एक ही शौचालय होने से कई बार इंतजार करना पड़ता है। छात्र अनस ने बताया कि एक साथ बैठने की वजह से कुछ समझ में नहीं आता कि कौन सा विषय पढ़ रहे हैं। छात्रा आफरीन ने बताया कि जब शिक्षिकाएं पढ़ाती हैं तो दूसरे बच्चों की इतनी ज्यादा आवाज आती है कि शिक्षकों का बोला सुनाई नहीं देता है। शिक्षिकाओं ने बताया कि पानी की भी समस्या है। एक नल लगा है उससे भी गंदा पानी आता है।मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल- फोटो : अमर उजालाअधूरा भवन बना कूड़ाघरअधूरे भवन के एक कमरे में गली की ओर से कूड़े का ढेर लगा हुआ था। शिक्षकों का कहना है कि कई बार असामाजिक तत्व भी यहां बैठते हैं। जुआ और शराब जैसी अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं।मुस्तफाबाद का प्राइमरी स्कूल- फोटो : अमर उजालाशासन से निर्देश मिले हैं कि जितने भी प्राथमिक विद्यालय में निर्माण कार्य की जिम्मेदारी विभाग की थी, उनको वैसी ही स्थिति में शिक्षा विभाग को सौंपना है। अगला काम आवश्यकतानुसार संबंधित विभाग करवाएगा। इसमें जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग को विद्यालय सौंप दिए जाएंगे।तूलिका शर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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Feb 3, 2026, 02:41 PM
यू. जी. सी. के नए नियमों में जाति आधारित भेदभाव को लेकर निलंबित अधिकारी ने केंद्र सरकार की आलोचना की

यू. जी. सी. के नए नियमों में जाति आधारित भेदभाव को लेकर निलंबित अधिकारी ने केंद्र सरकार की आलोचना की

विस्तारFollow Usपीलीभीत के यशवंतरी देवी मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे जाति आधारित भेदभाव को बढ़ावा देने वाला कानून बताया। कहा कि यूजीसी के नए नियम लागू होने से विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसी के विरोध में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया था। बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमंगलवार को पीलीभीत पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि 15 जनवरी को जब यह मामला उनके संज्ञान में आया और उन्होंने यूजीसी कानून का अध्ययन किया, तो उन्हें इसमें गहरा जातिगत भेदभाव नजर आया। उन्होंने आशंका जताई कि नए नियमों के लागू होने के बाद सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ शिकायतों के नाम पर उनका शोषण करना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियमों के आगामी परिणाम देश के लिए बेहद खतरनाक साबित होंगे और यह सिविल वॉर जैसी स्थिति पैदा कर सकता है।विज्ञापनविज्ञापनसरकार पर लगाया बड़ा आरोपउन्होंने दावा किया कि वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्र भी नए नियमों को असंवैधानिक बता चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सामान्य वर्ग के अन्य नेताओं ने खुलकर इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को केंद्र सरकार की सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि सरकार ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति के तहत देश पर शासन करना चाहती है। उनका कहना था कि सामान्य वर्ग पहले से ही एससी-एसटी एक्ट से जूझ रहा है और अब यूजीसी के नए नियम थोपने की तैयारी की जा रही है।प्रधानमंत्री को बताया सीईओ, गृहमंत्री को एमडीअलंकार अग्निहोत्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा में शामिल होने के बाद बड़े-बड़े घोटाले माफ हो जाते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की परियोजनाओं को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए प्रधानमंत्री को सीईओ और गृहमंत्री को एमडी बताने वाली टिप्पणी भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी के नए नियमों को वापस नहीं लिया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और देशभर में इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दिए गए आरोपपत्र की निंदा करते हुए जिले के सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद पर भी निशाना साधा। साथ ही यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आपसी मतभेद के चलते कई मनोनीत पद खाली पड़े हैं।पांच थानों की फोर्स और खुफिया विभाग रहा अलर्टनिलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कोतवाली, सुनगढ़ी, गजरौला, न्यूरिया और महिला थाना की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही। इसके साथ ही खुफिया विभाग की टीम पूरे कार्यक्रम के दौरान निगरानी करती रही। वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे।शाहजहांपुर में बोले- सवर्ण समाज के लिए बड़ा त्याग कियाअलंकार अग्निहोत्री का मंगलवार को बीसलपुर जाते समय शाहजहांपुर में युवाओं ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सवर्ण समाज की लड़ाई के लिए बड़ा त्याग किया है। इस लड़ाई को लड़ते रहेंगे। यूजीसी के नए नियमों के विरोध के बाद चर्चा में आए अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार को जिले से होकर बीसलपुर जा रहे थे।सूचना मिलने पर युवाओं ने राजकीय इंटर कॉलेज के चौराहे पर उनकी गाड़ी को रोककर फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। वह कुछ देर ही यहां पर रुके। इस बीच अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सवर्ण समाज की लड़ाई के लिए वह हमेशा तैयार हैं। शिक्षा के मंदिर को जातीय संघर्ष का अखाड़ा नहीं बनने देंगे। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सराहनीय है।
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Feb 3, 2026, 02:36 PM
यूपी बीएड जे. ई. ई. 2026: उत्तर प्रदेश में प्रवेश के लिए पंजीकरण तिथि घोषित

यूपी बीएड जे. ई. ई. 2026: उत्तर प्रदेश में प्रवेश के लिए पंजीकरण तिथि घोषित

Uttar Pradesh BEd Exam 2026 Registration Date:यूपी में बीएड में एडमिशन की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी ने यूपी बीएड जेईई 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 10 फरवरी 2026 से शुरू होगी। परीक्षा का आयोजन अप्रैल में होगा। जो भी कैंडिडेट्स यूपी बीएड में एडमिशन लेना चाहते हैं तो वे यहां सभी डिटेल्स देख सकते हैं।10 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक कर सकेंगे आवेदनऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, 2 साल केबीएड कोर्स में एडमिशनके लिए आवेदन प्रक्रिया 10 फरवरी 2026 से शुरू होकर 10 मार्च 2026 तक चलेगी। यानी अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट्स को लगभग एक महीने का समय मिलेगा। आवेदन के लिए कैंडिडेट्स को ऑफिशियल वेबसाइट bujhansi.ac.in पर विजिट करना होगा।यूपी बीएड एडमिशन 2026 के लिए योग्यताउत्तर प्रदेश बीएडएडमिशनके लिए योग्यता में कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर या मास्टर्स की डिग्री होना जरूरी है। अलग-अलग कैटेगरी के लिए मिनिमम पासिंग मार्क्स क्राइटेरिया भी है। ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन में Gen और OBC के लिए न्यूनतम अंक 50 प्रतिशत और SC/ST के लिए 45 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। वहीं, BE/BTech या इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक का क्राइटेरिया है।UP BEd JEE 2026 के लिए डिटेल्सयहां कैंडिडेट्स यूपी बीएड जेईई 2026 नोटिफिकेशन जारी होने के बाद महत्वपूर्ण तिथियां देख सकते हैं-UP BEd JEE 2026महत्वपूर्ण तिथियांनोटिफिकेशन जारी होने की तिथि1 फरवरी 2026ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत10 फरवरी 2026ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि10 मार्च 2026प्रवेश परीक्षा20-25 अप्रैल 2026परिणाम की घोषणा25-30 मई 2026काउंसलिंग की शुरुआत और समापन1-25 जून 2026प्रवेश की अंतिम तिथि28 जून 2026शैक्षणिक सत्र की शुरुआत1 जुलाई 2026यूपी बीएड जेईई के लिए आवेदन फीसयूपी बीएड जेईई के लिए आवेदन फीस कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग है। जनरल, ओबीसी और दूसरे राज्यों के कैंडिडेट्स को 1400 रुपये एप्लीकेशन फीस देनी होगी। वहीं, SC और ST कैटेगरी के कैंडिडेट्स को 700 रुपये फीस देनी होगी।UP BEd Admission 2026 Notification चेक करेंकैसे करें रजिस्ट्रेशन?यूपी बीएड एडमिशन के लिए एप्लीकेशन फाॅर्म इन स्टेप्स से भर सकते हैं-स्टेप 1- कैंडिडेट्स सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट bujhansi.ac.in पर जाएंस्टेप 2- विंडो ओपन होने पर UP BEd Admission 2026 के लिंक पर क्लिक करेंस्टेप 3- अब नया रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन डिटेल्स भरेंस्टेप 4- अब आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी को फिल करेंस्टेप 5- मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और एप्लीकेशन फीस सबमिट करेंस्टेप 6- अंत में फाॅर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट ले सकते हैं।UP BEd Entrance परीक्षा तिथि और रिजल्ट डेटयूपी बीएड एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन 20 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 के बीच किया जाएगा। परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित हो सकती है। परीक्षा का रिजल्ट 25 मई से 30 मई 2026 के बीच जारी किया जाएगा। रिजल्ट के बाद मेरिट के आधार काउंसलिंग शुरू होगी, जिसके लिए 1 से 25 जून 2026 तक का समय निर्धारित है।
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Feb 3, 2026, 02:24 PM
बिहार के शिक्षा के दावे विरोधाभासीः बुनियादी ढांचे के लिए एक स्कूल का संघर्ष

बिहार के शिक्षा के दावे विरोधाभासीः बुनियादी ढांचे के लिए एक स्कूल का संघर्ष

विस्तारFollow Usएक ओर बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं गया शहर के बक्शु बीघा स्थित एक प्राथमिक मध्य विद्यालय की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। वर्ष 1998 से संचालित यह विद्यालय आज तक अपने स्थायी भवन से वंचित है और मजबूरी में एक मंदिर परिसर में चल रहा है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंविद्यालय के पास न तो पक्की इमारत है और न ही बच्चों के बैठने के लिए बेंच-डेस्क की व्यवस्था। छोटे-छोटे बच्चे खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। मंदिर परिसर ही इन नौनिहालों का विद्यालय बन गया है, जहां पढ़ाई के साथ-साथ मौसम की मार भी झेलनी पड़ती है।विज्ञापनविज्ञापनबरसात में मंदिर के अंदर लगती हैं कक्षाएंबरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। खुले में पढ़ाई संभव नहीं होने पर बच्चों को मंदिर के अंदर बैठाकर कक्षाएं संचालित की जाती हैं। वहीं गर्मी के मौसम में मंदिर परिसर में लगे पेड़ों की छांव में बच्चों को पढ़ाया जाता है। ऐसे माहौल में न तो शोर से बचाव है और न ही पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।शिक्षा विभाग की उदासीनताविद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि वे हाल ही में इस विद्यालय में पदस्थापित हुए हैं। इससे पहले भी वर्ष 1998 से अब तक जितने भी प्रधानाध्यापक रहे, सभी ने विद्यालय भवन निर्माण को लेकर शिक्षा विभाग से पत्राचार किया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।शौचालय तक नहीं, सड़क पार करने को मजबूर बच्चेप्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि विद्यालय में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चों को शौच के लिए सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति विशेष रूप से छोटे बच्चों और छात्राओं के लिए बेहद चिंताजनक है।ये भी पढ़ें-Bihar Budget 2026: बिहार सरकार ने पेश किया 3.47 लाख करोड़ का बजट, एक करोड़ नौकरी; किसानों-कलाकारों को अलग मददस्थानीय लोगों में रोषस्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर इस तरह की लापरवाही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। एक ओर सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताती है, तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालात इसके ठीक उलट हैं। स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा की बातें केवल कागजों और भाषणों तक ही सीमित होकर रह गई हैं।मंदिर में पढ़ाई कर रहे इन बच्चों की स्थिति यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या यही वह शिक्षा व्यवस्था है, जिसका सपना दिखाया जा रहा है। बिना भवन, बिना बुनियादी सुविधाओं और असुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर रहे बच्चों का भविष्य भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।अब जरूरत है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लें और प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय भवन, शौचालय और अन्य बुनियादी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि शिक्षा वास्तव में नारों और फाइलों से निकलकर कक्षाओं तक पहुंच सके।
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Feb 3, 2026, 02:23 PM
देहरादून में शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन भर्ती के माध्यम से 2364 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की मांग की

देहरादून में शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन भर्ती के माध्यम से 2364 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की मांग की

रोजगार प्रयाग पोर्टल पर अभ्यर्थियों को करना होगा पंजीकरणऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंआउटसोर्स के माध्यम से विद्यालयों में होंगी तैनातअमर उजाला ब्यूरोदेहरादून। शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्यालयों में लंबे समय से खाली 2364 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों पर भर्ती शुरू कर दी गई है। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को कौशल विकास विभाग के रोजगार प्रयाग पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि पांच मार्च 2026 निर्धारित की गई है। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विभाग के विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में सृजित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 2364 खाली पदों (मृत संवर्ग) पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी। जिसके तहत कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट रोजगार प्रयाग पोर्टल पर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती आउटसोर्स के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर चतुर्थ श्रेणी केे जिलेवार पदों की पदों की संख्या प्रकाशित कर दी है। जिसमें उत्तरकाशी जिले में 135 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इसी तरह रुद्रप्रयाग में 106, टिहरी-268, ऊधमसिंह नगर-182, पिथौरागढ़-197, पौड़ी-340, बागेश्वर-89, अल्मोड़ा-254, चमोली-179, चंपावत-120, देहरादून-195, हरिद्वार-91 एवं नैनीताल में 208 पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को महानिदेशालय कार्यालय, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा एवं अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सहित एससीईआरटी, बोर्ड कार्यालय रामनगर, मंडलीय अपर निदेशक कार्यालय माध्यमिक, प्राथमिक (गढ़वाल व कुमाऊं), समस्त डायट, मुख्य शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक व बेसिक कार्यालय सहित इंटर काॅलेज व हाईस्कूलों में खाली पदों के सापेक्ष तैनाती दी जाएगी। आउटसोर्स से तैनात कार्मिकों को हर महीने 15,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा।विज्ञापनविज्ञापन----------शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही चयनित अभ्यर्थियों को आउटसोर्स के माध्यम से विद्यालयों में तैनाती दी जाएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। डॉ धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री
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Feb 3, 2026, 02:19 PM
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने 9वीं और 11वीं कक्षा के लिए प्रवेश तिथियों की घोषणा की

हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने 9वीं और 11वीं कक्षा के लिए प्रवेश तिथियों की घोषणा की

- शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्रऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअमर उजाला ब्यूरोचंडीगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राजकीय और अराजकीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं के दाखिले की तिथियां निर्धारित कर दी हैं। इस संबंध में महानिदेशक विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी को पत्र जारी किया गया है ताकि वार्षिक परिपत्र में यह जानकारी शामिल की जा सके।जारी निर्देशों के अनुसार कक्षा 9वीं में सामान्य दाखिले 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक होंगे। इसके बाद संस्था प्रमुख की अनुमति से बिना विलंब शुल्क के दाखिले 1 मई से 16 मई 2026 तक किए जा सकेंगे। 17 मई से 31 मई 2026 तक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की अनुमति लेकर संस्था प्रमुख बिना विलंब शुल्क दाखिला कर सकेंगे।विज्ञापनविज्ञापनकक्षा 11वीं के लिए नए सत्र की शुरुआत पर 1 अप्रैल 2026 से प्रोविजनल दाखिले किए जाएंगे। सामान्य दाखिले बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित होने के दस दिनों के भीतर होंगे। इसके बाद अगले दस विद्यालयी दिनों तक संस्था प्रमुख की अनुमति से बिना विलंब शुल्क दाखिले संभव होंगे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति लेकर भी इससे अगले दस विद्यालयी दिनों तक दाखिले किए जा सकेंगे। इसके बाद दाखिला केवल महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा हरियाणा की अनुमति से ही होगा। इस आदेश की प्रति सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित शैक्षिक शाखा को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
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Feb 3, 2026, 02:09 PM
हरियाणा सरकार ने शिक्षा सहायता और वित्तीय सहायता सहित 29 योजनाओं के लिए समय सीमा निर्धारित की

हरियाणा सरकार ने शिक्षा सहायता और वित्तीय सहायता सहित 29 योजनाओं के लिए समय सीमा निर्धारित की

- हरियाणा सरकार ने तय की 29 योजनाओं की समय-सीमा, प्राधिकारी भी किए नियुक्तऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंअमर उजाला ब्यूरोचंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों और श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सेवाओं और आर्थिक सहायता के लिए समय सीमा तय कर दी है। 3 फरवरी 2026 को हरियाणा राजपत्र (अतिरिक्त) में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार सरकार ने कुल 29 सेवाओं और योजनाओं के लिए यह तय कर दिया है कि आवेदन के बाद कितने दिनों में लाभ मिलेगा, कौन अधिकारी जिम्मेदार होगा और शिकायत की स्थिति में किस स्तर पर समाधान होगा।अधिसूचना के अनुसार हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड से जुड़ी अधिकांश योजनाओं में 60 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। इनमें श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा सहायता, खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर सहायता, औद्योगिक प्रशिक्षण, कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, स्कूटी सहायता, औजार व उपकरण खरीद सहायता, बेटियों की शादी के लिए कन्यादान सहायता, बेटों की शादी के लिए सहायता, पारिवारिक पेंशन और सिलिकोसिस पीड़ितों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।विज्ञापनविज्ञापनकुछ विशेष मामलों में सरकार ने 15 दिनों की त्वरित समय सीमा तय की है। मृतक श्रमिकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना, मृत्यु उपरांत सहायता और अंतिम संस्कार सहायता जैसे मामलों में आवेदन के 15 दिनों के भीतर लाभ देना अनिवार्य किया गया है।अंतिम फैसला श्रम आयुक्त लेंगेसरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी योजनाओं में प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी श्रम कल्याण अधिकारी होंगे। अगर यहां समाधान नहीं होता है तो उप श्रम आयुक्त (कल्याण) को द्वितीय शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है। अंतिम स्तर पर श्रम आयुक्त हरियाणा के पास फैसले का अधिकार होगा। सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिकों के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं। सिलिकोसिस पुनर्वास सहायता, पुनर्वास पेंशन और मृत्यु उपरांत सहायता के मामलों में भी 60 और 15 दिनों की समय सीमा तय की गई है जिसमें सहायक निदेशक और संबंधित संयुक्त निदेशक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समय-सीमा का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
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Feb 3, 2026, 01:55 PM
छत्तीसगढ़ ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 5,000 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी

छत्तीसगढ़ ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 5,000 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी

विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए कुल 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की अनुमति प्रदान कर दी है। इस संबंध में डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन (DPI) को औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंदरअसल, इससे पहले 28 अक्टूबर 2025 को सरकार ने 4,708 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी थी। अब विभागीय स्तर पर 292 अतिरिक्त सहायक शिक्षक पदों के सृजन को भी मंजूरी मिल गई है। इन नए पदों के जुड़ने के बाद कुल स्वीकृत पदों की संख्या 5,000 हो गई है, जिन पर भर्ती की जाएगी।विज्ञापनविज्ञापनशिक्षा विभाग के इस फैसले को सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वहीं, भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए भी यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन और आगे की कार्रवाई को लेकर निर्देश जल्द ही जारी किए जा सकते हैं।यहां देखें आदेश की कॉपी
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Feb 3, 2026, 01:30 PM
बिहार बोर्ड ने मार्कशीट और प्रमाणपत्रों में फोटो अपडेट की अनुमति दी

बिहार बोर्ड ने मार्कशीट और प्रमाणपत्रों में फोटो अपडेट की अनुमति दी

Bihar Board:बिहार बोर्ड यानी बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) से 10वीं और 12वीं कर चुके सभी पूर्व स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है. BSEB से 10वीं और 12वीं कर चुके स्टूडेंट्स अब अपनी बोर्ड एग्जाम की मार्कशीट और सर्टिफिकेट में आसानी से फोटो बदलवा सकते हैं. इसके लिए BSEB ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है. BSEB ने पूर्व स्टूडेंट्स को इस संबंध में आ रही परेशानियों को देखते हुए ये फैसला लिया है. इस संबंध में BSEB ने निर्देश जारी कर दिए हैं. आइए जानते हैं कि BSEB से 10वीं और 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए मार्कशीट और सर्टिफिकेट में फोटो बदलवाने के लिए अभी तक क्या प्रोसेस था? जानेंगे कि अभी किस नियम के आधार पर फोटो बदला जा सकेगा. BSEB अभी तक 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व सर्टिफिकेट में पूर्व स्टूडेंट्स की फोटो बदलने के लिए एक निर्धारित नियम का पालन करता था. इस नियम के तहत पूर्व स्टूडेंट्स के फोटो में बदलाव के लिए BSEB की तरफ से जारी रजिस्ट्रेशन कार्ड, एडमिड कार्ड, मार्कशीट, सर्टिफिकेट में से किसी भी दो दस्तावेजों में फोटो सही होना चाहिए था. इसके बाद डाटाबेस में फोटो बदला जाता था, लेकिन BSEB का कहना है कि ये संज्ञान में आया है कि कई पूर्व स्टूडेंट्स के किसी भी दस्तावेज में फोटो सही नहीं पाए गए हैं. इस वजह से ऐसे पूर्व स्टूडेंट्स कोई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. BSEB ने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व सर्टिफिकेट में फोटो बदलवाने के नियमों में बदलाव किया है. BSEB ने कहा है कि फोटो सुधार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. नए नियम के तहत अब स्कूल प्रिंसिपल के लेटर हेड के माध्मय से फोटो बदलवाया जा सकेगा, जिसके तहत स्कूल प्रिंसिपल के लेटर हेड पर वर्तमान फोटा, परीक्षा के साल वाला फोटाे संबंधवितजिला शिक्षा पदाधिकारी से प्रतिहस्ताक्षर कराने के बाद BSEB को भेजना होगा, जिसके बाद BSEB फोटो बदलने की प्रक्रिया शुरू करेगा. ये भी फोटो:Scholarship For Students: 10वीं और 12वीं पास कर चुके स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप, 15 फरवरी तक ऑनलाइन करें आवेदन
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Feb 3, 2026, 01:21 PM
एन. सी. टी. ई. मान्यता सुनवाई करघों के रूप में छात्रों की डिग्री शेष राशि में लटकी हुई है।

एन. सी. टी. ई. मान्यता सुनवाई करघों के रूप में छात्रों की डिग्री शेष राशि में लटकी हुई है।

पांच फरवरी को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई, छात्रों की मांग जल्द एनसीटीई से अनुमति दिलाई जाएऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंसंवाद न्यूज एजेंसीगुरुग्राम। स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन में अध्ययनरत 350 से अधिक छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। बीए-बीएड और बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले ये छात्र पिछले पांच वर्षों से अपनी डिग्री को लेकर असमंजस में हैं। अब तक इन पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता नहीं मिल सकी है। इस मामले को लेकर पांच फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।देश के विभिन्न राज्यों से आए छात्रों का कहना है कि दाखिले के समय उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई थी कि पाठ्यक्रम एनसीटीई से स्वीकृत नहीं है। छात्रों ने यह सोचकर संस्थान में प्रवेश लिया था कि मान्यता प्राप्त डिग्री मिलने के बाद नौकरी अपना भविष्य बना पाएंगे।विज्ञापनविज्ञापनअधिकारियों के अनुसार, एनसीटीई ने विनियम 2014 के परिशिष्ट-13 के 22 अक्तूबर 2021 को विलोपन का हवाला देते हुए हरियाणा के दो संस्थानों को मान्यता देने से इंकार कर दिया। जबकि इसी के आधार पर हरियाणा सहित देश के कई निजी संस्थानों को बाद में मान्यता दी गई। मान्यता के लिए पूर्व अनुरोध और निरीक्षण दल गठन के बावजूद 2023 में एनसीटीई ने मान्यता देने से मना कर दिया है।---------------------------------------एनसीटीई से मान्यता दिलवाई जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। सरकारी संस्थान है जब दाखिला लिया था उस दौरान बोला गया था कि एक से डेढ़ साल में मान्यता मिल जाएगी। ऐसे देखते-देखते पांच वर्ष बीत गए लेकिन अब तक मान्यता नहीं मिल पाई है।--सुधीर, विद्यार्थीमान्यता न मिलने से नौकरी मिलना मुश्किल है कहीं भी नौकरी लेने जाएंगे डिग्री की जरूरत होती है। इसके लिए हम सभी मिलकर फंड इकट्ठा कर रहे हैं जिससे समस्या का समाधान मिल पाए। -स्वपनल सिंह, विद्यार्थी---------------------------------------मामले में कोर्ट के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। पांच फरवरी को अदालत में सुनवाई प्रस्तावित है। उम्मीद है कि उस दिन स्थिति स्पष्ट होगी और आगे की कार्यवाही पर दिशा-निर्देश मिलेंगे, जिससे सभी पक्षों को राहत मिले। -राकेश के शियोरन, एचओडी, एनसीटीई, गुरुग्राम
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Feb 3, 2026, 01:05 PM
जिला संदर्भ समूह की बैठक में विज्ञान शिक्षण में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया

जिला संदर्भ समूह की बैठक में विज्ञान शिक्षण में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में वार्षिक कार्ययोजना के तहत मंगलवार को विज्ञान विषय की जिला संदर्भ समूह बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य जनपद में विज्ञान शिक्षण के दौरान आने वाली कठिनाइयों की पहचान करना, उनके समाधान तलाशना, विद्यालयों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ शैक्षिक प्रथाओं को साझा करना और विज्ञान विषय में नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंकार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बैठक में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन (एआईएफ) के विशेषज्ञ सदस्यों की ओर से भी शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग एवं मार्गदर्शन किया गया।विज्ञापनविज्ञापनइस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–2023 में विज्ञान शिक्षण से संबंधित अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें नीतिगत सुझावों को कक्षा शिक्षण में व्यावहारिक रूप से कैसे लागू किया जाए जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन एवं प्रयोग आधारित अधिगम को बढ़ावा मिल सके।बैठक में इंस्पायर अवार्ड–मानक योजना की उपयोगिता पर चर्चा की गई। डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने कहा कि विज्ञान शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना विकसित करना है।बैठक में कार्यक्रम समन्वयक प्रेरणा बहुगुणा, विज्ञान संकाय सदस्य डॉ. अनीता नेगी, वैष्णव कुमार, अनिल कुमार, डॉ. गरिमा डागर, शिप्रा राजपूत, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से अर्चना द्विवेदी और अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन से अमित भंडारी एवं पंकज नेगी उपस्थित रहे।
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Feb 3, 2026, 12:53 PM
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में नकल करने पर रोक लगाई

हिमाचल प्रदेश सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में नकल करने पर रोक लगाई

विस्तारFollow Usहिमाचल प्रदेश में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त कराने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सख्ती बरतने का फैसला लिया है। निदेशालय ने परीक्षाओं के संचालन की सीधी निगरानी करने का फैसला लेते हुए नकल के मामलों में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंमंगलवार को जारी निर्देशों में स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकल और अनुचित साधनों के प्रयोग के प्रति सरकार ने शून्य सहनशीलता नीति अपनाई है। यदि कोई शिक्षक, कर्मचारी या विद्यार्थी नकल करते या इसमें सहयोग करते पाया गया तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव की ओर से दोनों कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी की लाइव स्ट्रीमिंग को स्कूल शिक्षा विभाग के साथ साझा करने की अनुमति दी गई है। इसके तहत शिक्षा निदेशालय की गठित टीमें परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखेंगी।विज्ञापनविज्ञापननिदेशालय ने सभी परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा अवधि की रिकॉर्ड की गई वीडियो फुटेज सुरक्षित रखी जाए और जरूरत पड़ने पर शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की जाए। इससे किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
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Feb 3, 2026, 12:43 PM
नारायणनगर के शिक्षकों और अभिभावकों ने परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा की

नारायणनगर के शिक्षकों और अभिभावकों ने परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा की

नारायणबगड़। जनता इंटर कालेज बूंगा-नैणी में आयोजित शिक्षक-अभिभावकों की बैठक में वार्षिक गृह परीक्षा, परिषदीय परीक्षा की तैयारियों पर परिचर्चा की गई। प्रधानाचार्य संतोष नैनवाल ने सभी अभिभावकों से बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में जुटे पाल्यों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देने का सुझाव दिया। बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के उपरांत गृह परीक्षा का कार्यक्रम तय है। इसलिए गृह परीक्षा के परीक्षार्थियों को भी परीक्षा की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय की दोनों परीक्षाओं का परीक्षाफल शत प्रतिशत प्राप्त करने के लिए अभिभावकों से विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सीएम देवराड़ी, रघुवीर सिंह, कुंवर सिंह, नारायण सिंह, कमला देवी, देवकी देवी, बिमला देवी आदि अभिभावक मौजूद रहे। संवादऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Feb 3, 2026, 12:39 PM
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए संशोधित तिथि पत्रक जारी किया

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए संशोधित तिथि पत्रक जारी किया

पंजाब डेस्क :पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 12वीं के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षा ओपन स्कूल सहित की डेटशीट रिवाइज की गई है। यह परीक्षा सुबह के सैशन में करवाई जाएगी। इसकी रिवाइज डेटशीट निम्न है।और ये भी पढ़ेPunjab Top-5: पढ़ें 1 बजे तक की 5 बड़ी खबरेंHCS परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर, डेटशीट जारी...इस महीने में होगा इंटरव्यूपंजाब के स्टूडेंट्स को AI से जोड़ रहा रिलायंस जियो, नई पहल से छात्रों को बड़ा फायदाअपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिएClick Here
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Feb 3, 2026, 12:25 PM
भारी मांग के बीच सी. बी. एस. ई. ने सी. टी. ई. टी. फरवरी 2026 परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की घोषणा की

भारी मांग के बीच सी. बी. एस. ई. ने सी. टी. ई. टी. फरवरी 2026 परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की घोषणा की

नेशनल डेस्क:केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने CTET फरवरी 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। पहले यह परीक्षा केवल 8 फरवरी 2026 को एक ही दिन आयोजित की जानी थी, लेकिन आवेदकों की संख्या ज्यादा होने के कारण बोर्ड ने अब इसे दो दिनों – 7 और 8 फरवरी 2026 को कराने का फैसला किया है।यह परीक्षा CTET का 21वां संस्करण है, जिसे देशभर के 140 शहरों में आयोजित किया जाएगा। दोनों दिन परीक्षा दो शिफ्ट में होगी, जिससे परीक्षा केंद्रों पर भीड़ कम रहे और उम्मीदवारों को बेहतर व्यवस्था मिल सके।पूरा एग्जाम टाइम टेबलहर पेपर की अवधि 2 घंटे 30 मिनट रहेगी।7 फरवरी 2026 (शनिवार)और ये भी पढ़ेBihar Board Exam 2026: परीक्षा में लेट आने वालों को नहीं मिलेगी एंट्री, जबरन घुसने पर होगी FIR!UP Board, Intermediate Exam: यूपी बोर्ड ने इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर जारी किया नाया...School Closed: 30 जनवरी को इन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल, यहां देखें पूरी लिस्टPaper II: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तकPaper I: दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक8 फरवरी 2026 (रविवार)Paper II: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तकPaper I: दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तकजिन उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड पर जो तारीख और शिफ्ट दी गई होगी, उन्हें उसी के अनुसार परीक्षा में शामिल होना होगा।CBSE ने क्यों बदला एग्जाम शेड्यूल?सीबीएसई के अनुसार, इस बार CTET के लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऐसे में परीक्षा को दो दिनों में कराने से एग्जाम सेंटर्स पर बेहतर मैनेजमेंट होगा। उम्मीदवारों की भीड़ कम रहेगी, सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक व्यवस्था मजबूत होगी और परीक्षार्थियों को कम परेशानी होगी।CTET Candidates के लिए जरूरी निर्देशपरीक्षा में किसी भी तरह की दिक्कत से बचने के लिए उम्मीदवार इन बातों का विशेष ध्यान रखें—एग्जाम सेंटर पर कम से कम 1 घंटा पहले पहुंचना अनिवार्यपरीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी हाल में एंट्री नहीं मिलेगीएडमिट कार्ड पर लिखी तारीख, शिफ्ट और सेंटर की जानकारी ध्यान से चेक करेंकिसी भी अफवाह पर भरोसा न करेंकेवल ctet.nic.in और एडमिट कार्ड में दी गई सूचना को ही सही मानेंCTET Exam क्यों है जरूरी?CTET (Central Teacher Eligibility Test) उन उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है जो—कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनना चाहते हैंसरकारी स्कूलों में टीचिंग जॉब पाना चाहते हैंकई प्राइवेट और केंद्रीय विद्यालयों में आवेदन करना चाहते हैंCTET सर्टिफिकेट की लाइफटाइम वैलिडिटी होती है, जिससे यह परीक्षा उम्मीदवारों के करियर के लिए बेहद अहम बन जाती है।
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Feb 3, 2026, 12:03 PM
हिमाचल में सर्दियों की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर से खुलेः सरकार ने पहले दिन से नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के आदेश दिए

हिमाचल में सर्दियों की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर से खुलेः सरकार ने पहले दिन से नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के आदेश दिए

Himachal School Reopen:हिमाचल प्रदेश में शीतकालीन अवकाश के बाद दोबारा खुलने वाले स्कूलों को लेकर शिक्षा निदेशालय ने सख्त रुख अपनाया है। 42 दिन की विंटर वेकेशन के बाद 12 फरवरी 2026 से खुलने वाले स्कूलों में पहले ही दिन से नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने सभी डिप्टी डायरेक्टर (प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा) को निर्देश जारी किए हैं।लापरवाही पर होगी सख्तीजारी आदेशों के अनुसार, जिन स्कूलों में विंटर वेकेशन के चलते अवकाश चल रहा था, वहां किसी भी स्थिति में पढ़ाई शुरू करने में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूल खुलते ही पहले दिन से नियमित कक्षाएं लगाना अनिवार्य होगा, ताकि विद्यार्थियों को पूरे शैक्षणिक सत्र का लाभ मिल सके। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आदेशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए फरवरी माह के दौरान डिप्टी डायरेक्टर (एलिमेंटरी व हायर), कॉम्प्लेक्स स्कूलों के प्रधानाचार्य और संबंधित ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। शिक्षा निदेशालय ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि किसी स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने में लापरवाही पाई गई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।12 फरवरी को खुलेंगे स्कूलगौरतलब है कि शिमला, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, चंबा और मंडी के कुछ स्कूल विंटर क्लोजिंग के अंतर्गत आते हैं। इन स्कूलों में एक जनवरी से अवकाश चल रहा है और 12 फरवरी को स्कूल पुनः खुलेंगे। वहीं, समर क्लोजिंग वाले स्कूलों में इस समय नियमित रूप से कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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Feb 3, 2026, 12:03 PM
बिगड़ती खाद्य श्रृंखला पर शिक्षाविदों ने चेतावनी दी, पर्यावरण को बचाने के लिए एकता का आह्वान किया

बिगड़ती खाद्य श्रृंखला पर शिक्षाविदों ने चेतावनी दी, पर्यावरण को बचाने के लिए एकता का आह्वान किया

बिगड़ती खाद्य श्रृंखला पर शिक्षाविदों ने चिंता जताईऔर पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंपौड़ी। जैव विविधता संवर्द्धन एवं पर्यावरण जागरूकता पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) चड़ीगांव की ओर से गतिविधि पुस्तिका तैयार की जाएगी। पुस्तिका बनाए जाने की तैयारियों को लेकर डाइट परिसर में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। मंगलवार को संपन्न हुई कार्यशाला में प्रभारी प्राचार्य डॉ. डीएस लिंगवाल ने बताया कि जैव विविधता पार्क की स्थापना के लिए संस्थान की ओर से चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने वर्तमान समय में बिगड़ती खाद्य श्रृंखला पर चिंता जताई। कहा कि इसी के चलते मानव - वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहे हैं। राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष जयदीप रावत ने खाद्य श्रृंखला व पर्यावरणीय को बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। वन दरोगा अरविंद रावत ने वनों के संरक्षण की वैज्ञानिक जानकारियां दी। वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. एनपी उनियाल ने लगातार कम हो रहे जंगलों की स्थिति पर चिंता जताई। इस मौके पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रमोद नौडियाल, लक्ष्मी प्रसाद मैठाणी, वीरेंद्र खांकरियल, विलेश्वर सिंह, दीवान सिंह रावत आदि शामिल रहे।
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Feb 3, 2026, 11:56 AM
कड़ाके की ठंड के कारण अलीगढ़ के स्कूल बंद

कड़ाके की ठंड के कारण अलीगढ़ के स्कूल बंद

विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंअलीगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ठंड को लेकर जनपद के सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए 4 फरवरी का अवकाश घोषित किया है। साथ ही शिक्षकों को पहुंचने की बात कही है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंजिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राकेश कुमार सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि जिलाधिकारी के आदेशानुसार जनपद के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड में 4 फरवरी का छात्र-छात्राओं का अवकाश रहेगा। सभी शिक्षक-शिक्षिका, अनुदेशक, शिक्षा मित्र स्कूल में रहकर काम करेंगे। जिन विद्यालयों में निपुण असेसमेंट एवं प्रयोगात्मक परीक्ष हैं, उनमें सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहेंगे। आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।विज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 11:51 AM
बिहार सरकार ने शिक्षा सुधारों पर केंद्रित बजट पेश किया

बिहार सरकार ने शिक्षा सुधारों पर केंद्रित बजट पेश किया

विस्तारFollow Usबिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। विधानसभा चुनाव के बाद यह नीतीश कुमार सरकार का पहला पूर्ण बजट है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों को सुविधाएं बढ़ाने को लेकर खास उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। बजट में शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं, नियुक्तियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियांराज्य के सरकारी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों में तीन चरणों में कुल 2,27,195 विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके साथ ही 28,748 प्रधान शिक्षक और 4,699 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति भी पूरी की गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालयों में 672 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है। दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से प्रारंभिक विद्यालयों के लिए 7,279 विशेष विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा 10 पंचायतों पर एक सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी के प्रावधान के तहत 935 पदों पर नियुक्ति और चौथे चरण में विद्यालय अध्यापकों की बहाली की प्रक्रिया भी जारी है।विज्ञापनविज्ञापनशिक्षा से जुड़े कर्मियों के मानदेय में वृद्धिबजट में शिक्षा से जुड़े कर्मियों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का मानदेय 8,000 रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये कर दिया गया है और उनकी वार्षिक वृद्धि 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये की गई है। रात्रि प्रहरियों का मानदेय 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया है। मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत रसोइयों का मानदेय अगस्त 2025 से 1,650 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।छात्रों को निःशुल्क पुस्तकें और योजनाओं का लाभशैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 1 से 8 तक के 1.19 करोड़ छात्र-छात्राओं के लिए 11.50 करोड़ पाठ्य पुस्तकों को मुद्रित कर राज्य के सभी प्रखंडों में निःशुल्क वितरित किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक और स्कूल डायरी सहित लगभग 12.50 करोड़ पुस्तकों को निःशुल्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, साइकिल योजना और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत अब तक 2.20 करोड़ लाभार्थियों को कुल 4,755.21 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है।मध्याह्न भोजन और पोषण पर जोरपीएम पोषण योजना के तहत राज्य के 68,813 आच्छादित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले औसतन 1.04 करोड़ बच्चों को प्रतिदिन मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पोषणयुक्त भोजन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025-26 में 40 हजार विद्यालयों में पोषण वाटिका निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरुद्ध अब तक 18,669 विद्यालयों में पोषण वाटिका का निर्माण किया जा चुका है।डिजिटल शिक्षा और शिक्षा सेवकों को सहयोगराज्य में कार्यरत 30,000 शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज से जुड़े शिक्षा सेवकों को डिजिटल गतिविधियों के लिए स्मार्ट फोन खरीदने हेतु 10 हजार रुपये की दर से राशि देने की स्वीकृति दी गई है। महादलित, दलित और अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना के तहत शिक्षण सामग्री के लिए दी जाने वाली वार्षिक राशि को 3,405 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रति केंद्र कर दिया गया है।केंद्रीय विद्यालय और पीएम श्री स्कूलों का विस्तारभारत सरकार ने बिहार के असैन्य क्षेत्र में 17 और अर्द्धसैन्य क्षेत्र में 2 केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही राज्य में 836 पीएम श्री विद्यालयों का चयन किया गया है, जिनमें 47 मध्य विद्यालय और 789 उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में आईसीटी, स्मार्ट क्लास, ड्रोन प्रशिक्षण और भाषा लैब जैसी आधुनिक सुविधाओं के जरिए छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।मॉडल विद्यालय और परीक्षा व्यवस्था में सुधारप्रत्येक जिले में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित कुल 85 विद्यालयों को अनुकरणीय मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा परीक्षा प्रणाली में आईटी, सॉफ्टवेयर और नवाचारों के माध्यम से किए गए सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और इसके लिए प्रधानमंत्री लोक प्रशासन उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्रदान किया गया है।पिछले बजट में शिक्षा विभाग की स्थिति- फोटो : अमर उजालापिछले बजट में शिक्षा विभाग के लिए सरकार ने कई बड़े एलान किए थे। इनमें राज्य के सरकारी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों में 66,800 अध्यापकों की नियुक्ति का कार्य प्रक्रियाधीन, 36,947 प्रधान शिक्षक तथा 5,971 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति संबंधी कार्य प्रक्रियाधीन और राज्य सरकार द्वारा 20 अन्य अनुमंडल मुख्यालयों अथवा प्रखंडों में नए महाविद्यालय खोलने का निर्णय आदि शामिल हैं।
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Feb 3, 2026, 11:39 AM
एन. सी. ई. आर. टी. प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर भर्ती 2026: शिक्षण नौकरियों के लिए अभी आवेदन करें

एन. सी. ई. आर. टी. प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर भर्ती 2026: शिक्षण नौकरियों के लिए अभी आवेदन करें

NCERT Professor, Assistant Professor Recruitment 2026:टीचिंग जॉब ढूंढ रहे हैं, तो आपके लिए गुडन्यूज है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने मैथ्स, आर्ट एजुकेशन, इकोनॉमिक्स, हिन्दी, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस, इंग्लिश, उर्दू समेत विभिन्न विषयों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती निकाली है। जो अभ्यर्थी इच्छुक हैं, वो इस भर्ती आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 31 जनवरी 2026 से ऑफिशियल वेबसाइट ncert.nic.in पर शुरू हो गए हैं।NCERT वैकेंसी 2026 की जरूरी डिटेल्सभर्ती निकायनेशनल काउंसिल एजुकेशनल रिसर्च एंट ट्रेनिंग (NCERT)पद का नामप्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसरविषयमैथिमेटिक्स, आर्ट एजुकेशन, बायो-साइंस/बायो-टेक्नोलॉजी/हेल्थ साइंस/फार्मेसी, इकोनॉमिक्स, ज्यूलॉजी, एजुकेशन, हिन्दी, एजुकेशन (साइंस एजुकेशन), एजुकेशन (टीचर एजुकेशन), एजुकेशन (एलीमेंट्री एजुकेशन), साइकोलॉजी (एजुकेशनल साइकोलॉजी), जियोग्राफी, पॉपुलेशन स्टडीज, पॉलिटकल साइंस, एजुकेशन, इंग्लिश, उर्दू, सोशियोलॉजी, बॉटनी, होम साइंस, कंप्यूटर एजुकेशन, फिजिक्स, फिजिकल एजुकेशन, केमिस्ट्री आदिविज्ञापन संख्या177/2026वैकेंसी117आवेदन शुरू होने की तारीख31 जनवरी 2026 सुबह 10 बजे सेआवेदन करने की आखिरी तारीख20 फरवरी 2026 शाम 5 बजे तकसैलरीप्रोफेसर- एकेडमिक लेवल 14 1,44,200/-एसोसिएट प्रोफेसर/डिप्टी लाइब्रेरियन- 1,31,400/-असिस्टेंट प्रोफेसर/असिस्टेंट लाइब्रेरियन- 57,700/-चयन प्रक्रियाशॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू (कोई लिखित परीक्षा नहीं ली जाएगी)भर्ती का नोटिफिकेशन​ NCERT Teaching Recuitment 2026 Notification PDF​आवेदन करने का लिंकNCERT Teaching Vacancy 2026 Apply Onlineआवेदन शुल्कअनारक्षित/ओबीसी/ईडबल्यूएस-1000 रुपयेएससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/महिला- निशुल्कएनसीईआरटी असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्यता?प्रोफेसर:संबंधित विषय, क्षेत्र में पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए। साथ में पीयर रिव्यू या यूजीसी सूचीबद्ध पत्रिकाओं में कम से कम 10 रिसर्च पब्लिकेशन कुल 120 शोध स्कोर के साथ होने चाहिए। इसके आलावा कैंडिडेट्स को कम से कम 10 साल का टीचिंग एक्सपीरियंस बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर/एसोसिएट प्रोफेसर/प्रोफेसर होना चाहिए।एसोसिएट प्रोफसर:अच्छे एकेडमिक रिकॉर्ड के साथ संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए। साथ में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर्स की डिग्री की हो। कम से कम 8 सालों का टिचिंग/रिसर्च एकेडमिक/रिसर्च पोजीशन या समकक्ष का अनुभव होना चाहिए।असिस्टेंट प्रोफेसर:अच्छे रिकॉर्ड के साथ पीएचडी की डिग्री संबंधित विषय में की हो। न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर्स की डिग्री और कम से कम 8 सालों का टीचिंग/रिसर्च एकेडमिक/रिसर्च पोजीशन या असिस्टेंट प्रोफेसर के समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। पीयर रिव्यू या यूजीसी लिस्टेड जर्नल्स में कुल 75 रिसर्च स्कोर होना चाहिए।एनसीईआरटी भर्ती में अप्लाई कैसे करें?एनसीईआरटी की इस भर्ती में अप्लाई करने के लिए अभ्यर्थियों को सबसे पहले NCERT की आधिकारिक वेबसाइट ncert.nic.in पर जाना होगा।इसके बाद होमपेज पर अनाउंसमेंट सेक्शन में जाना होगा।अब वैकेंसी सेलेक्ट करें। इसके बाद एकेडमिक कॉलम में जाएं।आप चाहें तो भर्ती का विज्ञापन चेक कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए Apply Online या रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पर क्लिक करें।अपनी पर्सनल और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन भरने के बाद फोटो और हस्ताक्षर स्कैन करके डॉक्यूमेंट्स फॉर्मेट में अपलोड करें।अब अपनी श्रेणी के मुताबिक आवेदन शुल्क का भुगतान करें और आवेदन पत्र का प्रिंट आउट निकाल लें।इस भर्ती से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थी एनसीईआरी की आधिकारिक वेबसाइट विजिट कर सकते हैं।
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Feb 3, 2026, 11:39 AM
देवप्रयाग में संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए उत्तराखंड के संस्थान एकजुट हुए

देवप्रयाग में संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए उत्तराखंड के संस्थान एकजुट हुए

देवप्रयाग। उत्तराखंड की देवभूमि में संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को नई ऊंचाई देने के लिए दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों ने हाथ मिलाया है। श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने हाल ही में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय से भेंट की।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंप्रो. सुब्रह्मण्यम ने चर्चा के दौरान उत्तराखंड को भारतीय ज्ञान परंपरा का जन्मस्थान बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संस्कृति में क्षेत्र की भूमिका ऐतिहासिक रही है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में देवप्रयाग में शिक्षकों के एक संयुक्त उपवेशन (सम्मेलन) के आयोजन पर सहमति जताई है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व तक दोनों संस्थानों की ओर से साझा विजन डॉक्यूमेंट जारी करने की योजना है जो राज्य में संस्कृत शिक्षा के भविष्य की रूपरेखा तय करेगा। संवादविज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 11:21 AM
शिक्षा पर ए. आई. का प्रभावः मूल्यांकन रणनीतियों पर पुनर्विचार

शिक्षा पर ए. आई. का प्रभावः मूल्यांकन रणनीतियों पर पुनर्विचार

विस्तारFollow Usआजकल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में जेनेरेटिव एआई (जैसे चैटजीपीटी) का इस्तेमाल आम बात हो गई है। छात्र अपनी पढ़ाई के लिए और प्रोफेसर्स पढ़ाने के लिए इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन यह सिर्फ एक नई टेक्नोलॉजी भर नहीं है, बल्कि इसने हमारे सीखने और परीक्षा लेने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंकनाडा के 28 प्रोफेसर्स और जानकारों के साथ किए गए हमारे रिसर्च से पता चला है कि शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा बदलाव आ गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कंप्यूटर का प्रोग्राम (एआई) इंसानों की तरह सोच सकता है और काम कर सकता है, तो हमें छात्रों की किस काबिलियत को परखना चाहिए? क्या हमें उनकी याददाश्त देखनी चाहिए या यह कि वे इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे करते हैं?विज्ञापनविज्ञापनएआई और शैक्षणिक अखंडता पर शोधपिछले 15 वर्षों की रिसर्च से यह साफ हो गया है कि पढ़ाई में एआई एक दोधारी तलवार की तरह है, जिसके अपने फायदे और नुकसान हैं। एक तरफ जहां एआई इंसानों जैसी भाषा लिखने में इतना माहिर हो चुका है कि नकल पकड़ना मुश्किल हो गया है और यह कभी-कभी गलत जानकारी या भेदभाव वाली बातें भी फैला देता है, वहीं दूसरी तरफ यह विकलांग छात्रों और नई भाषा सीखने वालों के लिए एक बेहतरीन मददगार भी साबित हो रहा है। चूंकि अब हर एआई टूल को ब्लॉक करना नामुमकिन है, इसलिए स्कूलों को अपना सारा ध्यान सिर्फ नकल पकड़ने पर खर्च करने के बजाय अपने नियमों को सुधारना चाहिए और छात्रों व शिक्षकों को यह सिखाना चाहिए कि वे इस टेक्नोलॉजी का सही और जिम्मेदारी से इस्तेमाल कैसे करें।मूल्यांकन के तीन प्रमुख क्षेत्रहमारे रिसर्च में शामिल शिक्षकों का मानना है कि उनका काम सिर्फ नकल पकड़ना नहीं, बल्कि ईमानदारी से पढ़ाई को बढ़ावा देना है। उन्होंने ऐसे तीन मुख्य तरीके बताए हैं जहां हम देख सकते हैं कि छात्र अपनी बुद्धि का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं।सही आदेश देना (प्रॉम्ट) भी एक कलापहला है प्रॉम्प्टिंग, यानी एआई को सही निर्देश देना। अब इसे भी एक हुनर माना जा रहा है क्योंकि एआई से सही काम करवाने के लिए छात्र को अपनी बात साफ-साफ कहनी पड़ती है और बड़े काम को छोटे हिस्सों में बांटना पड़ता है। लेकिन यह तभी सही है जब छात्र इसे छुपकर नहीं बल्कि ईमानदारी से अपने ज्ञान के आधार पर करे। दूसरा तरीका है आलोचनात्मक सोच (क्रिटिकल थिंकिंग)। चूंकि एआई कई बार गलत या मनगढ़ंत बातें भी सच बोलकर बता देता है, इसलिए छात्रों को अब यह सिखाना जरूरी है कि वे एआई की बातों पर आंख बंद करके भरोसा न करें, बल्कि उसमें कमियां और गलतियां ढूंढें। आने वाले समय में दफ्तरों में भी इसकी बहुत जरूरत पड़ेगी।ब्रेनस्टॉर्मिंग में एआई की मदद लेना ठीक लेकिन विचार खुद के होंसबसे ज्यादा बहस लिखने (राइटिग) को लेकर है। यहां शिक्षकों ने साफ लक्ष्मण रेखा खींची है। लिखने के लिए नए विचार जुटाने (ब्रेनस्टॉर्मिंग) में एआई की मदद लेना ठीक है, बशर्ते विचार छात्र के अपने हों। अपनी लिखी हुई बात की ग्रामर सुधारने (एडिटिंग) के लिए भी एआई का इस्तेमाल तब सही है जब छात्र ने मूल बात खुद लिखी हो। लेकिन एआई से पूरा का पूरा लेख या ड्राफ्ट लिखवाना (ड्राफ्टिंग) बिल्कुल गलत माना गया है, क्योंकि शिक्षकों का मानना है कि जब छात्र खुद लिखने के लिए संघर्ष करता है, तभी उसका दिमाग असली मायने में विकसित होता है।'पोस्ट-प्लैजिरिज्म' युग क्या है?अब हम एक ऐसे दौर में पहुंच गए हैं जहां इंसान और एआई मिलकर लिख रहे हैं, और इस वजह से 'असली लेखकीय काम' की पुरानी परिभाषा बदल रही है। इसे 'पोस्ट-प्लैजिरिज्म' का नाम दिया गया है, जिसका मतलब यह कतई नहीं है कि अब चोरी या बेईमानी करना सही है। इसका असली मतलब यह है कि अगर कोई इंसान एआई की मदद लेकर कुछ नया बना रहा है, तो उसे सीधे तौर पर नकल या चोरी नहीं कहा जा सकता। आज की जरूरत यह है कि हम छात्रों को यह सिखाएं कि वे एआई को अपना दुश्मन नहीं, बल्कि एक साथी बनाकर उसके साथ मिलकर नई चीजें बनाना (को-क्रिएट) सीखें।भविष्य के लिए पांच डिजाइन सिद्धांतएआई के दौर में छात्रों की योग्यता को सही ढंग से परखने के लिए हमने 5 मुख्य बातें (सिद्धांत) सुझाई हैं:सबसे पहले, नियम बिल्कुल साफ होने चाहिए। टीचर को पहले ही बता देना चाहिए कि किसी होमवर्क या प्रोजेक्ट में एआई की मदद लेनी है या नहीं, और अगर लेनी है तो कितनी। दूसरा, हमें सिर्फ अंतिम रिजल्ट नहीं, बल्कि काम करने के तरीके को देखना चाहिए। यानी छात्र ने शुरुआत कैसे की, नोट्स कैसे बनाए और खुद कितनी मेहनत की। तीसरा, छात्रों को ऐसे काम देने चाहिए जिनमें दिमाग ज्यादा लगे, जैसे कि किसी गंभीर समस्या पर अपनी राय देना या अपने आसपास के माहौल के हिसाब से फैसला लेना, जो एआई आसानी से नहीं कर सकता।चौथी बात यह कि छात्रों को एआई की कमियां पहचानना सिखाना होगा, ताकि वे जान सकें कि एआई कहां गलती कर रहा है या कहां पक्षपात कर रहा है। और आखिरी सबसे जरूरी बात- छात्र की अपनी सोच को अहमियत देना। परीक्षा इस बात की होनी चाहिए कि छात्र ने कोई चीज कैसे सीखी और उसके बारे में उसकी अपनी क्या राय है, न कि सिर्फ इस बात की कि उसे कितनी जानकारी याद है।
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Feb 3, 2026, 11:19 AM
यूपी बीएड जे. ई. ई. 2026: बैचलर ऑफ एजुकेशन में दाखिले के लिए अधिसूचना जारी

यूपी बीएड जे. ई. ई. 2026: बैचलर ऑफ एजुकेशन में दाखिले के लिए अधिसूचना जारी

विस्तारFollow UsUP BEd JEE 2026 Registration Date:उत्तर प्रदेश सरकार ने दो वर्षीय बैचलर ऑफ एजुकेशन (BEd) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा (UP BEd JEE 2026) की अधिसूचना जारी कर दी है। यह प्रवेश परीक्षा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए आयोजित की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने पर इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bujhansi.ac.in/upbedjee.html के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंउत्तर प्रदेश के बीएड कॉलेजों में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च, 2026 है। परीक्षा 20 से 25 अप्रैल, 2026 तक आयोजित की जाएगी। परिणाम 25 से 30 मई, 2026 के बीच प्रकाशित किया जाएगा।विज्ञापनविज्ञापनयूपी बीएड जेईई से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तिथियांजो भी अभ्यर्थी इस प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें यहां बताई सभी महत्वपूर्ण तिथियां नोट कर लेनी चाहिए।आयोजनतिथिआवेदन शुरू10 फरवरी 2026आवेदन की अंतिम तिथि10 मार्च 2026परीक्षा तिथि20-25 अप्रैल, 2026एडमिट कार्ड जारीबाद में घोषित किया जाएगापरिणाम घोषणा25-30 मई, 2026काउंसलिंग प्रक्रिया1 से 25 जून, 2026प्रवेश की अंतिम तिथि28 जून, 2026सत्र की शुरुआत1 जुलाई, 2026यूपी में बीएड पाठ्यक्रम प्रदान करने वाले सरकारी, सहायता प्राप्त, संबद्ध और घटक कॉलेजों में प्रवेश केवल इसी परीक्षा के आधार पर होगा। परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी और प्रवेश प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार होगी।परीक्षा से संबंधित जानकारीउम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सभी जरूरी सूचनाओं की जांच कर सकते हैं और पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने पर आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपने आवेदन पत्र जमा कर सकेंगे। परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है।परीक्षा संचालक संस्थानबुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसीप्रस्तावित पाठ्यक्रमबीएड (दो वर्षीय)शैक्षणिक सत्र2026-2028परीक्षा स्तरराज्य स्तरआधिकारिक वेबसाइटbujhansi.ac.inपात्रता और प्रवेश प्रक्रियाउम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश सरकार और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता नियमों को पूरा करना होगा। प्रवेश यूपी बीएड जेईई 2026 परीक्षा में उम्मीदवार के प्रदर्शन, उनकी मेरिट रैंक और उसके बाद होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया पर निर्भर करता है। प्रवेश निम्नलिखित बातों पर निर्भर करेगा:यूपी बीएड जेईई 2026 में प्रदर्शनयोग्यता-आधारित रैंकिंगकाउंसलिंग प्रक्रिया में भागीदारीशिक्षकों के लिए एक पारदर्शी और योग्यता-आधारित प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा हर साल आयोजित की जाती है। शिक्षण में करियर बनाने के लिए हर साल कई छात्र यह परीक्षा देते हैं।
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Feb 3, 2026, 11:09 AM
टिहरी जिले के छात्रों ने हैदराबाद की शैक्षिक यात्रा शुरू की

टिहरी जिले के छात्रों ने हैदराबाद की शैक्षिक यात्रा शुरू की

नई टिहरी। पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का एक दल शैक्षिक भ्रमण के लिए हैदराबाद के टूर पर रवाना किया गया है। सीडीओ वरुणा अग्रवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत ने छात्रों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। छह शिक्षक-शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में 70 छात्र-छात्राओं को भ्रमण पर भेजा गया है।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएंछात्र-छात्राओं को प्रसिद्ध संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराने के लिए मंगलवार को टिहरी जिले के विभिन्न स्कूलों में कक्षा नौ और 11वीं में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को उनके शैक्षिक और सामाजिक विकास के लिए सात दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर हैदराबाद भेजा गया है। इस दौरान मौके पर पहुंची डीएम नितिका खंडेलवाल ने भी छात्रों से बातचीत की। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल, सभासद विजय कठैत, डीईओ माध्यमिक वीपी सिंह और सुरेंद्र सिंह नकोटी आदि मौजूद थे। संवादविज्ञापनविज्ञापन
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Feb 3, 2026, 10:58 AM
गढ़वाल क्षत्रिय समिति ने उच्च शिक्षा में जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से यू. जी. सी. के नियम का विरोध किया

गढ़वाल क्षत्रिय समिति ने उच्च शिक्षा में जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से यू. जी. सी. के नियम का विरोध किया

पौड़ी। गढ़वाल क्षत्रिय समिति ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के बनाए गए नियम-2026 का विरोध किया है। मंच ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस नए नियम को शीघ्र वापस लेने की मांग उठाई है। समिति के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में कहा कि इस नए नियम के लागू होने से सामान्य वर्ग के छात्र विवि में प्रवेश लेने में संकोच करेंगे। कहा कि यह नियम केवल सामान्य वर्ग के छात्रों के ही विरुद्ध कार्रवाई करेगा। साथ ही इस नियम के लागू होने से सामान्य वर्ग के छात्रों को झूठे केस में फंसाए जाने की भी पूरी आशंका बनी हुई है। कहा कि इस नियम को तुरंत वापस लिया जाना जरूरी है। इस मौके पर सभापति जगदीश सिंह बिष्ट, मंत्री मोहन सिंह रावत आदि शामिल रहे।और पढ़ेंTrending Videosयह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
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Feb 3, 2026, 10:55 AM
छात्र शिक्षा पर चिंताओं के बीच बिहार ने शिक्षक स्थानांतरण नीति में सुधार पर विचार किया

छात्र शिक्षा पर चिंताओं के बीच बिहार ने शिक्षक स्थानांतरण नीति में सुधार पर विचार किया

बिहार में सरकारी शिक्षकों के तबादला नीति में संशोधन हो सकता है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इसके संकेत दिए हैं। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि नीतीश सरकार शिक्षकों के परस्पर स्थानांतरण (म्युचुअल ट्रांसफर) सहित सामान्य स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया पर दोबारा विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीआर-1 और टीआर-2 के तहत बहाल शिक्षकों के लिए ट्रांसफर का विकल्प पहले से ही खुला है। साथ ही टीआरई-3 के अंतर्गत बहाल शिक्षकों का ट्रांसफर निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के इस बयान को शिक्षकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से यह संकेत मिला है कि बंद किया गया परस्पर स्थानांतरण पोर्टल दोबारा खोला जा सकता है। साथ ही मंत्री ने पुनर्विचार की बात कही है तो स्थानांतरण नीति में कुछ संशोधन भी हो सकता है। विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण में पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ वही शिक्षक हैं जो गांवों और कस्बों में बच्चों को भविष्य की दिशा देते हैं। विपक्ष ने यह भी कहा कि अगर शिक्षक मानसिक और पारिवारिक तनाव में रहेंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ेगा, तथा ऐसे में मनचाही जगह पर तबादले की सुविधा देना सरकार की जिम्मेदारी है। दरअसल, बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर उठा। इस दौरान माले विधायक संदीप सौरव ने सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि म्युचुअल ट्रांसफर पोर्टल अचानक क्यों बंद किया गया और दूरदराज के जिलों में तैनात शिक्षकों को अब तक राहत क्यों नहीं मिल पाई है? सदन में यह भी कहा गया कि टीआर-3 के तहत बहाल कई शिक्षक अपने गृह जिले से 300 से 500 किलोमीटर दूर तैनात हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिला टीचर भी हैं। उनके लिए पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण इतनी दूर सेवा देना कठिन हो रहा है। संदीप सौरव ने इसे प्रशासनिक असंवेदनशीलता करार देते हुए कहा कि सरकार को तुरंत स्थानांतरण प्रक्रिया बहाल करनी चाहिए और परस्पर स्थानांतरण का विकल्प फिर से खोलना चाहिए, ताकि शिक्षक आपसी सहमति से अपना तबादला बदल सकें।
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